प्रश्न 1: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन की historiography को सबसे उचित रूप में दर्शाता है?
-
A.
राष्ट्रीय आंदोलन केवल एक वर्ग का आंदोलन था
-
B.
भारतीय राष्ट्रवाद का विकास अनेक सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक कारकों से हुआ
✓
-
C.
स्वतंत्रता संघर्ष केवल कुछ नेताओं की व्यक्तिगत उपलब्धि था
-
D.
क्रांतिकारी आंदोलन का कोई वैचारिक आधार नहीं था
सही उत्तर:
B
— भारतीय राष्ट्रवाद का विकास अनेक सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक कारकों से हुआ
व्याख्या (Explanation):आधुनिक historiography भारतीय राष्ट्रवाद को बहुआयामी प्रक्रिया मानती है जिसमें सामाजिक परिवर्तन, आर्थिक शोषण, राजनीतिक चेतना और सांस्कृतिक पुनर्जागरण सभी का योगदान था।
प्रश्न 2: इन कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (1) गदर आंदोलन का मुख्य आधार विदेशों में बसे भारतीय थे। (2) हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन समाजवादी विचारधारा से प्रभावित था। (3) अनुषीलन समिति का संबंध उदारवादी राजनीति से था।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 2
✓
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
C
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):गदर आंदोलन प्रवासी भारतीयों से जुड़ा था और हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन समाजवादी विचारों से प्रभावित था। अनुषीलन समिति बंगाल के क्रांतिकारी आंदोलन का हिस्सा थी, न कि उदारवादी राजनीति का।
प्रश्न 3: भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे अधिक तार्किक है?
-
A.
उदारवादी और उग्रवादी विचारधाराएँ पूर्णतः असंबंधित थीं
-
B.
क्रांतिकारी आंदोलन केवल क्षेत्रीय असंतोष की अभिव्यक्ति था
-
C.
भारतीय राष्ट्रवाद समय के साथ अधिक व्यापक और जनाधारित होता गया
✓
-
D.
राष्ट्रीय आंदोलन का स्वरूप पूरे काल में एकसमान रहा
सही उत्तर:
C
— भारतीय राष्ट्रवाद समय के साथ अधिक व्यापक और जनाधारित होता गया
व्याख्या (Explanation):प्रारंभिक राष्ट्रवाद शिक्षित वर्ग तक सीमित था, लेकिन समय के साथ आंदोलन अधिक जनाधारित और व्यापक होता गया। यह भारतीय राष्ट्रवाद के विकास की प्रमुख विशेषता थी।
प्रश्न 4: इन कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (1) कराची अधिवेशन (1931) में मौलिक अधिकारों पर प्रस्ताव पारित किया गया। (2) फैयजपुर अधिवेशन कांग्रेस का पहला ग्रामीण अधिवेशन था। (3) लाहौर अधिवेशन (1929) में कांग्रेस और मुस्लिम लीग का समझौता हुआ।
-
A.
केवल 1 और 2
✓
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):कराची अधिवेशन मौलिक अधिकारों के प्रस्ताव के लिए प्रसिद्ध है और फैयजपुर अधिवेशन पहला ग्रामीण अधिवेशन था। कांग्रेस-लीग समझौता 1916 के लखनऊ अधिवेशन में हुआ था।
प्रश्न 5: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन “Safety Valve Theory” की आलोचना को सबसे बेहतर रूप में व्यक्त करता है?
-
A.
कांग्रेस केवल ब्रिटिश अधिकारियों की कठपुतली थी
-
B.
भारतीय राष्ट्रवाद का विकास केवल ब्रिटिश पहल के कारण हुआ
-
C.
कांग्रेस भारतीय राजनीतिक चेतना की वास्तविक अभिव्यक्ति भी थी
✓
-
D.
कांग्रेस का उद्देश्य केवल प्रशासनिक सुधार था
सही उत्तर:
C
— कांग्रेस भारतीय राजनीतिक चेतना की वास्तविक अभिव्यक्ति भी थी
व्याख्या (Explanation):आधुनिक इतिहासकारों के अनुसार कांग्रेस को केवल “Safety Valve” मानना उचित नहीं है। यह भारतीय समाज में विकसित हो रही राजनीतिक चेतना और राष्ट्रवादी आकांक्षाओं की भी अभिव्यक्ति थी।
प्रश्न 6: इन कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (1) काकोरी कांड का संबंध हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन से था। (2) केंद्रीय विधानसभा बम कांड में क्रांतिकारियों ने जानबूझकर आत्मसमर्पण किया। (3) चिटगांव शस्त्रागार कांड का नेतृत्व भगत सिंह ने किया था।
-
A.
केवल 1 और 2
✓
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):काकोरी कांड HRA से संबंधित था और विधानसभा बम कांड के बाद भगत सिंह व बटुकेश्वर दत्त ने आत्मसमर्पण किया। चिटगांव शस्त्रागार कांड का नेतृत्व सूर्य सेन ने किया था।
प्रश्न 7: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन उग्रवादी राष्ट्रवाद की प्रकृति को सबसे उचित रूप में स्पष्ट करता है?
-
A.
यह केवल याचिकाओं और प्रार्थनाओं तक सीमित था
-
B.
यह ब्रिटिश शासन के साथ पूर्ण सहयोग की नीति पर आधारित था
-
C.
यह राष्ट्रीय स्वाभिमान, स्वदेशी और बहिष्कार पर बल देता था
✓
-
D.
यह केवल क्रांतिकारी हिंसा पर आधारित था
सही उत्तर:
C
— यह राष्ट्रीय स्वाभिमान, स्वदेशी और बहिष्कार पर बल देता था
व्याख्या (Explanation):उग्रवादी राष्ट्रवाद ने स्वदेशी, बहिष्कार, राष्ट्रीय शिक्षा और स्वराज पर बल दिया। इसे केवल हिंसात्मक राष्ट्रवाद समझना गलत होगा।
प्रश्न 8: इन कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (1) ‘केसरी’ और ‘मराठा’ दोनों का संबंध बाल गंगाधर तिलक से था। (2) ‘गदर’ पत्र का उद्देश्य क्रांतिकारी विचारों का प्रचार करना था। (3) ‘New India’ का संबंध दादाभाई नौरोजी से था।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 1 और 2
✓
-
C.
केवल 2 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
B
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):‘केसरी’ और ‘मराठा’ दोनों तिलक से संबंधित थे। ‘गदर’ क्रांतिकारी विचारों के प्रचार का माध्यम था। ‘New India’ का संबंध एनी बेसेंट से था।
प्रश्न 9: भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सबसे उपयुक्त है?
-
A.
क्रांतिकारी आंदोलन का राष्ट्रीय चेतना पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा
-
B.
केवल कांग्रेस ने स्वतंत्रता संघर्ष को आगे बढ़ाया
-
C.
भारतीय राष्ट्रवाद विभिन्न विचारधाराओं और रणनीतियों के संयुक्त विकास का परिणाम था
✓
-
D.
उदारवादी चरण भारतीय राष्ट्रवाद के विकास में अप्रासंगिक था
सही उत्तर:
C
— भारतीय राष्ट्रवाद विभिन्न विचारधाराओं और रणनीतियों के संयुक्त विकास का परिणाम था
व्याख्या (Explanation):भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन बहुआयामी था। उदारवादी, उग्रवादी, क्रांतिकारी, समाजवादी और गांधीवादी सभी धाराओं ने विभिन्न समयों पर स्वतंत्रता संघर्ष को दिशा दी।
प्रश्न 10: इन कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (1) लखनऊ अधिवेशन (1916) कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच समझौते के लिए प्रसिद्ध है। (2) सूरत अधिवेशन (1907) में कांग्रेस का विभाजन हुआ। (3) लाहौर अधिवेशन (1929) में मौलिक अधिकारों का प्रस्ताव पारित हुआ।
-
A.
केवल 1 और 2
✓
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):लखनऊ अधिवेशन कांग्रेस-लीग समझौते के लिए प्रसिद्ध है और सूरत अधिवेशन में कांग्रेस विभाजित हुई थी। मौलिक अधिकारों का प्रस्ताव 1931 के कराची अधिवेशन में पारित हुआ था, न कि लाहौर अधिवेशन में।
प्रश्न 11: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन की विचारधारा को सबसे उचित रूप से व्यक्त करता है?
-
A.
केवल औपनिवेशिक शासन का अंत
-
B.
संवैधानिक सुधारों द्वारा स्वशासन
-
C.
समाजवादी आधार पर क्रांतिकारी परिवर्तन
✓
-
D.
धार्मिक राष्ट्रवाद की स्थापना
सही उत्तर:
C
— समाजवादी आधार पर क्रांतिकारी परिवर्तन
व्याख्या (Explanation):हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन का उद्देश्य केवल ब्रिटिश शासन को हटाना नहीं था, बल्कि समाजवादी सिद्धांतों पर आधारित नई व्यवस्था की स्थापना करना भी था।
प्रश्न 12: इन कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (1) स्वदेशी आंदोलन ने आर्थिक राष्ट्रवाद को बढ़ावा दिया। (2) स्वदेशी आंदोलन केवल बंगाल तक सीमित रहा। (3) राष्ट्रीय शिक्षा आंदोलन स्वदेशी आंदोलन से जुड़ा था।
-
A.
केवल 1 और 2
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
✓
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
C
— केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):स्वदेशी आंदोलन ने आर्थिक आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय शिक्षा को बढ़ावा दिया। यद्यपि इसका केंद्र बंगाल था, इसका प्रभाव अन्य क्षेत्रों तक भी फैला।
प्रश्न 13: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना के संदर्भ में सबसे उपयुक्त है?
-
A.
कांग्रेस केवल ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा निर्मित संस्था थी
-
B.
कांग्रेस भारतीय राजनीतिक चेतना और औपनिवेशिक परिस्थितियों दोनों का परिणाम थी
✓
-
C.
कांग्रेस प्रारंभ से ही पूर्ण स्वतंत्रता के लिए संघर्षरत थी
-
D.
कांग्रेस का गठन केवल सामाजिक सुधारों के लिए हुआ था
सही उत्तर:
B
— कांग्रेस भारतीय राजनीतिक चेतना और औपनिवेशिक परिस्थितियों दोनों का परिणाम थी
व्याख्या (Explanation):कांग्रेस की स्थापना में ए. ओ. ह्यूम की भूमिका महत्वपूर्ण थी, लेकिन यह केवल ब्रिटिश पहल का परिणाम नहीं थी। भारतीयों में बढ़ती राजनीतिक चेतना और राष्ट्रवादी विचारधारा भी इसके पीछे महत्वपूर्ण कारक थे।
प्रश्न 14: इन कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (1) उदारवादी नेताओं का मानना था कि ब्रिटिश शासन अंततः भारतीयों के हित में सुधार कर सकता है। (2) उग्रवादी नेताओं ने ब्रिटिश शासन की नैतिक वैधता को चुनौती दी। (3) क्रांतिकारी राष्ट्रवादियों ने पूर्णतः जनआधारित आंदोलन की रणनीति अपनाई।
-
A.
केवल 1 और 2
✓
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):उदारवादी नेता संवैधानिक सुधारों और ब्रिटिश न्यायप्रियता में आंशिक विश्वास रखते थे। उग्रवादी नेताओं ने ब्रिटिश शासन की वैधता को चुनौती दी। तीसरा कथन गलत है क्योंकि क्रांतिकारी संगठन मुख्यतः सीमित गुप्त समूहों पर आधारित थे।
प्रश्न 15: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
-
A.
एनी बेसेंट — होमरूल आंदोलन
-
B.
लाला हरदयाल — गदर आंदोलन
-
C.
भगत सिंह — हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन
-
D.
गोपाल कृष्ण गोखले — अनुषीलन समिति
✓
सही उत्तर:
D
— गोपाल कृष्ण गोखले — अनुषीलन समिति
व्याख्या (Explanation):गोपाल कृष्ण गोखले उदारवादी नेता थे और उनका अनुषीलन समिति से संबंध नहीं था। अनुषीलन समिति बंगाल के क्रांतिकारी आंदोलन से संबंधित थी।
प्रश्न 16: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?
-
A.
रामप्रसाद बिस्मिल — चिटगांव शस्त्रागार कांड
-
B.
सूर्य सेन — गदर आंदोलन
-
C.
भगत सिंह — केंद्रीय विधानसभा बम कांड
✓
-
D.
अशफाक उल्ला खाँ — लाहौर अधिवेशन
सही उत्तर:
C
— भगत सिंह — केंद्रीय विधानसभा बम कांड
व्याख्या (Explanation):भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने केंद्रीय विधानसभा बम कांड में भाग लिया था। रामप्रसाद बिस्मिल का संबंध काकोरी कांड से था और सूर्य सेन का संबंध चिटगांव शस्त्रागार कांड से था।
प्रश्न 17: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
-
A.
केसरी — मराठी समाचार पत्र
-
B.
मराठा — अंग्रेजी समाचार पत्र
-
C.
गदर — प्रवासी भारतीयों का पत्र
-
D.
Indian Mirror — बाल गंगाधर तिलक
✓
सही उत्तर:
D
— Indian Mirror — बाल गंगाधर तिलक
व्याख्या (Explanation):‘Indian Mirror’ का संबंध एन. एन. सेन से था, न कि बाल गंगाधर तिलक से। अन्य सभी युग्म सही हैं।
प्रश्न 18: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?
-
A.
सूर्य सेन — चिटगांव शस्त्रागार कांड
✓
-
B.
भगत सिंह — काकोरी कांड
-
C.
अरविंद घोष — गदर पार्टी
-
D.
बटुकेश्वर दत्त — होमरूल आंदोलन
सही उत्तर:
A
— सूर्य सेन — चिटगांव शस्त्रागार कांड
व्याख्या (Explanation):सूर्य सेन ने 1930 के चिटगांव शस्त्रागार कांड का नेतृत्व किया था। भगत सिंह का संबंध हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन और लाहौर षड्यंत्र केस से था, जबकि गदर पार्टी का संबंध लाला हरदयाल आदि से था।
प्रश्न 19: इन युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं? (1) स्वदेशी आंदोलन - विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार (2) होमरूल आंदोलन - स्वशासन की मांग (3) गदर आंदोलन - संवैधानिक सुधार
-
A.
केवल 1 और 2
✓
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):स्वदेशी आंदोलन विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार और आत्मनिर्भरता से संबंधित था। होमरूल आंदोलन स्वशासन की मांग पर आधारित था। गदर आंदोलन का उद्देश्य सशस्त्र क्रांति द्वारा ब्रिटिश शासन को समाप्त करना था, न कि संवैधानिक सुधार।
प्रश्न 20: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
-
A.
लाहौर अधिवेशन (1929) — पूर्ण स्वराज
-
B.
कराची अधिवेशन (1931) — मौलिक अधिकार प्रस्ताव
-
C.
लखनऊ अधिवेशन (1916) — कांग्रेस-मुस्लिम लीग समझौता
-
D.
सूरत अधिवेशन (1907) — पूर्ण स्वराज प्रस्ताव
✓
सही उत्तर:
D
— सूरत अधिवेशन (1907) — पूर्ण स्वराज प्रस्ताव
व्याख्या (Explanation):सूरत अधिवेशन 1907 कांग्रेस के विभाजन के लिए प्रसिद्ध है, न कि पूर्ण स्वराज प्रस्ताव के लिए। पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव 1929 के लाहौर अधिवेशन में पारित हुआ था।
प्रश्न 21: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?
-
A.
एनी बेसेंट — गदर आंदोलन
-
B.
लाला हरदयाल — गदर पार्टी
✓
-
C.
बाल गंगाधर तिलक — अनुषीलन समिति
-
D.
अरविंद घोष — होमरूल आंदोलन
सही उत्तर:
B
— लाला हरदयाल — गदर पार्टी
व्याख्या (Explanation):लाला हरदयाल गदर पार्टी के प्रमुख नेताओं में से थे। एनी बेसेंट का संबंध होमरूल आंदोलन से था, तिलक का अनुषीलन समिति से प्रत्यक्ष संबंध नहीं था और अरविंद घोष मुख्यतः उग्रवादी एवं क्रांतिकारी राष्ट्रवाद से जुड़े थे।
प्रश्न 22: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन क्रांतिकारी आंदोलनों की प्रकृति को सबसे उचित रूप में व्यक्त करता है?
-
A.
वे केवल व्यक्तिगत प्रतिशोध की घटनाएँ थीं
-
B.
वे पूर्णतः असंगठित गतिविधियाँ थीं
-
C.
वे औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध वैचारिक और राजनीतिक प्रतिरोध का एक रूप थे
✓
-
D.
उनका भारतीय राष्ट्रवाद से कोई संबंध नहीं था
सही उत्तर:
C
— वे औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध वैचारिक और राजनीतिक प्रतिरोध का एक रूप थे
व्याख्या (Explanation):क्रांतिकारी आंदोलन केवल हिंसात्मक गतिविधियाँ नहीं थे, बल्कि औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध राजनीतिक और वैचारिक प्रतिरोध का हिस्सा थे। इन आंदोलनों ने युवाओं में राष्ट्रवाद और बलिदान की भावना को मजबूत किया।
प्रश्न 23: इन कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (1) चिटगांव शस्त्रागार कांड का उद्देश्य ब्रिटिश सैन्य ढाँचे को चुनौती देना था। (2) केंद्रीय विधानसभा बम कांड में क्रांतिकारियों ने आत्मसमर्पण किया था।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 2
-
C.
1 और 2 दोनों
✓
-
D.
न तो 1, न ही 2
सही उत्तर:
C
— 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):चिटगांव शस्त्रागार कांड ब्रिटिश प्रशासनिक और सैन्य तंत्र पर प्रहार का प्रयास था। केंद्रीय विधानसभा बम कांड के बाद भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने जानबूझकर आत्मसमर्पण किया ताकि वे अपने विचारों का प्रचार कर सकें।
प्रश्न 24: भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के संदर्भ में क्रांतिकारी घटनाओं का सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव क्या था?
-
A.
उन्होंने केवल सीमित क्षेत्रीय प्रभाव डाला
-
B.
उन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध युवाओं में संघर्ष और बलिदान की भावना को प्रेरित किया
✓
-
C.
उन्होंने कांग्रेस को समाप्त कर दिया
-
D.
उन्होंने केवल सामाजिक सुधारों को बढ़ावा दिया
सही उत्तर:
B
— उन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध युवाओं में संघर्ष और बलिदान की भावना को प्रेरित किया
व्याख्या (Explanation):क्रांतिकारी घटनाओं ने भारतीय युवाओं में साहस, बलिदान और औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध संघर्ष की भावना को प्रोत्साहित किया। यद्यपि इन आंदोलनों का जनाधार सीमित था, फिर भी उनका प्रतीकात्मक प्रभाव अत्यंत व्यापक था।
प्रश्न 25: इन कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (1) हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन ने केंद्रीय विधानसभा बम कांड में भाग लिया था। (2) सांडर्स हत्या कांड का उद्देश्य ब्रिटिश शासन को प्रत्यक्ष चुनौती देना था। (3) काकोरी कांड का संबंध स्वदेशी आंदोलन से था।
-
A.
केवल 1 और 2
✓
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के क्रांतिकारियों ने केंद्रीय विधानसभा बम कांड में भाग लिया। सांडर्स हत्या ब्रिटिश दमन के विरोध का प्रतीक थी। तीसरा कथन गलत है क्योंकि काकोरी कांड का संबंध HRA की क्रांतिकारी गतिविधियों से था, न कि स्वदेशी आंदोलन से।
प्रश्न 26: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
-
A.
काकोरी कांड — रामप्रसाद बिस्मिल
-
B.
चिटगांव शस्त्रागार कांड — सूर्य सेन
-
C.
केंद्रीय विधानसभा बम कांड — बटुकेश्वर दत्त
-
D.
अलीपुर बम केस — लाला हरदयाल
✓
सही उत्तर:
D
— अलीपुर बम केस — लाला हरदयाल
व्याख्या (Explanation):अलीपुर बम केस का संबंध बंगाल के क्रांतिकारी आंदोलन और अरविंद घोष से था, न कि लाला हरदयाल से। अन्य सभी युग्म सही हैं।
प्रश्न 27: घटनाओं को कालानुक्रमिक क्रम में व्यवस्थित कीजिए: (1) काकोरी कांड (2) अलीपुर बम केस (3) केंद्रीय विधानसभा बम कांड (4) चिटगांव शस्त्रागार कांड
-
A.
2-1-3-4
✓
-
B.
1-2-3-4
-
C.
2-3-1-4
-
D.
1-3-2-4
सही उत्तर:
A
— 2-1-3-4
व्याख्या (Explanation):अलीपुर बम केस 1908 में हुआ, काकोरी कांड 1925 में, केंद्रीय विधानसभा बम कांड 1929 में और चिटगांव शस्त्रागार कांड 1930 में हुआ।
प्रश्न 28: चिटगांव शस्त्रागार कांड का नेतृत्व निम्नलिखित में से किसने किया था?
-
A.
सूर्य सेन
✓
-
B.
भगत सिंह
-
C.
चंद्रशेखर आजाद
-
D.
विनायक दामोदर सावरकर
सही उत्तर:
A
— सूर्य सेन
व्याख्या (Explanation):1930 के चिटगांव शस्त्रागार कांड का नेतृत्व सूर्य सेन (“मास्टर दा”) ने किया था। इसका उद्देश्य ब्रिटिश प्रशासनिक और सैन्य ढाँचे को चुनौती देना था। यह बंगाल के क्रांतिकारी आंदोलन की महत्वपूर्ण घटना थी।
प्रश्न 29: सांडर्स हत्या कांड का संबंध निम्नलिखित में से किस घटना से था?
-
A.
जलियांवाला बाग हत्याकांड का प्रतिशोध
-
B.
लाला लाजपत राय की मृत्यु का प्रतिशोध
✓
-
C.
बंगाल विभाजन का विरोध
-
D.
साइमन कमीशन का समर्थन
सही उत्तर:
B
— लाला लाजपत राय की मृत्यु का प्रतिशोध
व्याख्या (Explanation):1928 में लाला लाजपत राय पर हुए लाठीचार्ज में उनकी मृत्यु के बाद भगत सिंह और उनके साथियों ने पुलिस अधिकारी जे. पी. सांडर्स की हत्या की। यह घटना ब्रिटिश दमन के विरुद्ध प्रतिशोधात्मक कार्रवाई थी।
प्रश्न 30: केंद्रीय विधानसभा बम कांड के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
-
A.
इसका उद्देश्य बड़े पैमाने पर जनहानि करना था
-
B.
यह घटना बंगाल विभाजन के विरोध में हुई थी
-
C.
इसमें केवल ब्रिटिश अधिकारियों को निशाना बनाया गया था
-
D.
इसका उद्देश्य “बहरे कानों को सुनाना” था
✓
सही उत्तर:
D
— इसका उद्देश्य “बहरे कानों को सुनाना” था
व्याख्या (Explanation):1929 के केंद्रीय विधानसभा बम कांड में भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने जानबूझकर कम शक्ति वाले बम फेंके ताकि किसी की मृत्यु न हो। उनका उद्देश्य औपनिवेशिक सरकार के विरुद्ध संदेश देना था, जिसे भगत सिंह ने “बहरे कानों को सुनाने” का प्रयास कहा।
प्रश्न 31: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) लाहौर षड्यंत्र केस का संबंध भगत सिंह और उनके साथियों से था। (2) यह केस सांडर्स हत्या और क्रांतिकारी गतिविधियों से जुड़ा था।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 2
-
C.
1 और 2 दोनों
✓
-
D.
न तो 1, न ही 2
सही उत्तर:
C
— 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):लाहौर षड्यंत्र केस का संबंध भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु सहित हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के क्रांतिकारियों से था। यह सांडर्स हत्या तथा अन्य क्रांतिकारी गतिविधियों से जुड़ा हुआ था। इस केस के अंतर्गत भगत सिंह और उनके साथियों को फाँसी की सजा दी गई।
प्रश्न 32: अलीपुर बम केस का संबंध निम्नलिखित में से किससे था?
-
A.
गदर आंदोलन
-
B.
बंगाल के क्रांतिकारी आंदोलन
✓
-
C.
होमरूल आंदोलन
-
D.
खिलाफत आंदोलन
सही उत्तर:
B
— बंगाल के क्रांतिकारी आंदोलन
व्याख्या (Explanation):अलीपुर बम केस 1908 में बंगाल के क्रांतिकारी आंदोलन से संबंधित था। इसका संबंध अनुषीलन समिति और अरविंद घोष जैसे क्रांतिकारियों से था। यह ब्रिटिश शासन के विरुद्ध प्रारंभिक क्रांतिकारी गतिविधियों में से एक था।
प्रश्न 33: काकोरी षड्यंत्र का मुख्य उद्देश्य क्या था?
-
A.
ब्रिटिश अधिकारियों की हत्या करना
-
B.
क्रांतिकारी गतिविधियों के लिए सरकारी धन लूटना
✓
-
C.
बंगाल विभाजन का विरोध करना
-
D.
कांग्रेस के उग्रवादी गुट का समर्थन करना
सही उत्तर:
B
— क्रांतिकारी गतिविधियों के लिए सरकारी धन लूटना
व्याख्या (Explanation):काकोरी कांड 1925 में हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के क्रांतिकारियों द्वारा सरकारी खजाना लूटने की योजना थी। इसका उद्देश्य क्रांतिकारी गतिविधियों के लिए धन जुटाना था। रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खाँ और राजेंद्र लाहिड़ी इसके प्रमुख नेता थे।
प्रश्न 34: भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में समाचार पत्रों और पत्रिकाओं की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे उपयुक्त है?
-
A.
वे केवल सामाजिक सुधार आंदोलनों तक सीमित थे
-
B.
उनका प्रभाव केवल शिक्षित अभिजात वर्ग तक सीमित था
-
C.
उन्होंने राष्ट्रवादी विचारों, राजनीतिक चेतना और औपनिवेशिक विरोध को व्यापक बनाया
✓
-
D.
ब्रिटिश सरकार ने उन्हें पूर्ण स्वतंत्रता दी हुई थी
सही उत्तर:
C
— उन्होंने राष्ट्रवादी विचारों, राजनीतिक चेतना और औपनिवेशिक विरोध को व्यापक बनाया
व्याख्या (Explanation):समाचार पत्र और पत्रिकाएँ भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के महत्वपूर्ण उपकरण थे। उन्होंने राष्ट्रवादी विचारों का प्रसार किया, औपनिवेशिक नीतियों की आलोचना की और जनता में राजनीतिक चेतना विकसित की। इसी कारण ब्रिटिश सरकार ने कई बार प्रेस पर नियंत्रण लगाने का प्रयास किया।
प्रश्न 35: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) ‘केसरी’ मराठी भाषा में प्रकाशित होता था। (2) ‘मराठा’ अंग्रेजी भाषा का समाचार पत्र था। (3) दोनों का संबंध बाल गंगाधर तिलक से था।
-
A.
केवल 1 और 2
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
✓
सही उत्तर:
D
— 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):‘केसरी’ मराठी भाषा का और ‘मराठा’ अंग्रेजी भाषा का पत्र था। दोनों की स्थापना बाल गंगाधर तिलक ने की थी और दोनों ने राष्ट्रवादी विचारधारा को लोकप्रिय बनाने में बड़ी भूमिका निभाई।
प्रश्न 36: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
-
A.
केसरी — बाल गंगाधर तिलक
-
B.
वंदे मातरम् — अरविंद घोष
-
C.
New India — एनी बेसेंट
-
D.
युगांतर — गोपाल कृष्ण गोखले
✓
सही उत्तर:
D
— युगांतर — गोपाल कृष्ण गोखले
व्याख्या (Explanation):‘युगांतर’ का संबंध क्रांतिकारी राष्ट्रवाद और बंगाल के क्रांतिकारी समूहों से था, न कि गोपाल कृष्ण गोखले से। अन्य सभी युग्म सही हैं।
प्रश्न 37: ‘Indian Mirror’ समाचार पत्र का संबंध निम्नलिखित में से किससे था?
-
A.
अरविंद घोष
-
B.
एन. एन. सेन
✓
-
C.
बाल गंगाधर तिलक
-
D.
गणेश शंकर विद्यार्थी
सही उत्तर:
B
— एन. एन. सेन
व्याख्या (Explanation):‘Indian Mirror’ का संपादन एन. एन. सेन द्वारा किया गया था। यह समाचार पत्र सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर विचार प्रस्तुत करने के लिए प्रसिद्ध था।
प्रश्न 38: ‘New India’ समाचार पत्र का संबंध निम्नलिखित में से किससे था?
-
A.
एनी बेसेंट
✓
-
B.
लाला हरदयाल
-
C.
दादाभाई नौरोजी
-
D.
विपिन चंद्र पाल
सही उत्तर:
A
— एनी बेसेंट
व्याख्या (Explanation):‘New India’ का संबंध एनी बेसेंट से था। यह पत्र होमरूल आंदोलन और राष्ट्रवादी विचारों के प्रचार का महत्वपूर्ण माध्यम बना। एनी बेसेंट ने भारतीय स्वशासन की मांग को लोकप्रिय बनाने में प्रेस का प्रभावी उपयोग किया।
प्रश्न 39: ‘गदर’ समाचार पत्र के संदर्भ में कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) इसका प्रकाशन विदेश में रहने वाले भारतीयों द्वारा किया जाता था। (2) इसका उद्देश्य ब्रिटिश शासन के विरुद्ध क्रांतिकारी चेतना फैलाना था।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 2
-
C.
1 और 2 दोनों
✓
-
D.
न तो 1, न ही 2
सही उत्तर:
C
— 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):‘गदर’ समाचार पत्र गदर पार्टी द्वारा प्रकाशित किया जाता था। इसका मुख्य उद्देश्य विदेशों में बसे भारतीयों तथा भारतीय सैनिकों के बीच ब्रिटिश शासन के विरुद्ध विद्रोही चेतना उत्पन्न करना था।
प्रश्न 40: ‘युगांतर’ पत्रिका मुख्यतः किस प्रकार की विचारधारा से संबंधित थी?
-
A.
उदारवादी राष्ट्रवाद
-
B.
क्रांतिकारी राष्ट्रवाद
✓
-
C.
समाज सुधार आंदोलन
-
D.
संवैधानिक सुधारवाद
सही उत्तर:
B
— क्रांतिकारी राष्ट्रवाद
व्याख्या (Explanation):‘युगांतर’ बंगाल के क्रांतिकारी आंदोलन से जुड़ी पत्रिका थी। इसका संबंध अनुषीलन समिति और क्रांतिकारी राष्ट्रवाद से माना जाता है। इसने युवाओं में उग्र राष्ट्रवादी विचारों को प्रोत्साहित किया।
प्रश्न 41: ‘वंदे मातरम्’ समाचार पत्र का संबंध निम्नलिखित में से किससे था?
-
A.
अरविंद घोष
✓
-
B.
महात्मा गांधी
-
C.
सुरेन्द्रनाथ बनर्जी
-
D.
मदन मोहन मालवीय
सही उत्तर:
A
— अरविंद घोष
व्याख्या (Explanation):‘वंदे मातरम्’ राष्ट्रवादी पत्र का संपादन अरविंद घोष से जुड़ा था। इस पत्र ने उग्रवादी राष्ट्रवाद और स्वदेशी आंदोलन के विचारों को व्यापक रूप से प्रचारित किया।
प्रश्न 42: ‘मराठा’ (The Mahratta) के संदर्भ में कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) यह अंग्रेजी भाषा का समाचार पत्र था। (2) इसका संबंध बाल गंगाधर तिलक से था।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 2
-
C.
1 और 2 दोनों
✓
-
D.
न तो 1, न ही 2
सही उत्तर:
C
— 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):‘मराठा’ एक अंग्रेजी साप्ताहिक पत्र था जिसे बाल गंगाधर तिलक ने प्रारंभ किया था। ‘केसरी’ और ‘मराठा’ दोनों ने राष्ट्रवादी विचारों के प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रश्न 43: ‘केसरी’ समाचार पत्र का संबंध निम्नलिखित में से किस नेता से था?
-
A.
बिपिन चंद्र पाल
-
B.
बाल गंगाधर तिलक
✓
-
C.
गोपाल कृष्ण गोखले
-
D.
लाला लाजपत राय
सही उत्तर:
B
— बाल गंगाधर तिलक
व्याख्या (Explanation):‘केसरी’ मराठी भाषा का समाचार पत्र था जिसकी स्थापना बाल गंगाधर तिलक ने की थी। यह उग्रवादी राष्ट्रवाद और ब्रिटिश-विरोधी विचारों के प्रसार का महत्वपूर्ण माध्यम बना। तिलक ने अंग्रेजी में ‘मराठा’ नामक पत्र भी निकाला था।
प्रश्न 44: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशनों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे उपयुक्त है?
-
A.
कांग्रेस के सभी अधिवेशन केवल संगठनात्मक मुद्दों तक सीमित थे
-
B.
विभिन्न अधिवेशनों ने समय-समय पर राष्ट्रीय आंदोलन की दिशा और रणनीति निर्धारित की
✓
-
C.
कांग्रेस अधिवेशनों का राष्ट्रीय आंदोलन पर सीमित प्रभाव था
-
D.
अधिवेशनों में केवल उदारवादी नेताओं की भूमिका थी
सही उत्तर:
B
— विभिन्न अधिवेशनों ने समय-समय पर राष्ट्रीय आंदोलन की दिशा और रणनीति निर्धारित की
व्याख्या (Explanation):कांग्रेस के विभिन्न अधिवेशनों ने राष्ट्रीय आंदोलन के लक्ष्यों, रणनीतियों और वैचारिक दिशा को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कलकत्ता, लखनऊ, लाहौर और कराची जैसे अधिवेशन भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष के निर्णायक चरणों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
प्रश्न 45: इन कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? (1) लाहौर अधिवेशन, 1929 के बाद 26 जनवरी को स्वतंत्रता दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। (2) कराची अधिवेशन, 1931 में मौलिक अधिकारों से संबंधित प्रस्ताव पारित किए गए।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 2
-
C.
1 और 2 दोनों
✓
-
D.
न तो 1, न ही 2
सही उत्तर:
C
— 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):लाहौर अधिवेशन में पूर्ण स्वराज को लक्ष्य घोषित करने के बाद 26 जनवरी 1930 को स्वतंत्रता दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। कराची अधिवेशन में मौलिक अधिकारों और आर्थिक नीति से संबंधित महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित हुए।
प्रश्न 46: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
-
A.
कलकत्ता अधिवेशन (1906) — दादाभाई नौरोजी
-
B.
लाहौर अधिवेशन (1929) — जवाहरलाल नेहरू
-
C.
कराची अधिवेशन (1931) — सरदार पटेल
-
D.
फैयजपुर अधिवेशन (1936) — सुभाष चंद्र बोस
✓
सही उत्तर:
D
— फैयजपुर अधिवेशन (1936) — सुभाष चंद्र बोस
व्याख्या (Explanation):फैयजपुर अधिवेशन (1936) की अध्यक्षता जवाहरलाल नेहरू ने की थी, न कि सुभाष चंद्र बोस ने। अन्य सभी युग्म सही हैं।
प्रश्न 47: कांग्रेस अधिवेशनों को कालानुक्रमिक क्रम में व्यवस्थित कीजिए: (1) कराची अधिवेशन (2) लखनऊ अधिवेशन (3) लाहौर अधिवेशन (4) सूरत अधिवेशन
-
A.
4-2-3-1
✓
-
B.
2-4-1-3
-
C.
4-3-2-1
-
D.
2-4-3-1
सही उत्तर:
A
— 4-2-3-1
व्याख्या (Explanation):सूरत अधिवेशन 1907 में, लखनऊ अधिवेशन 1916 में, लाहौर अधिवेशन 1929 में और कराची अधिवेशन 1931 में हुआ।
प्रश्न 48: फैयजपुर अधिवेशन (1936) का महत्व निम्नलिखित में से किससे संबंधित है?
-
A.
यह कांग्रेस का पहला ग्रामीण अधिवेशन था
✓
-
B.
इसमें पूर्ण स्वराज की घोषणा हुई थी
-
C.
इसमें कांग्रेस का विभाजन हुआ था
-
D.
इसमें मुस्लिम लीग का गठन हुआ था
सही उत्तर:
A
— यह कांग्रेस का पहला ग्रामीण अधिवेशन था
व्याख्या (Explanation):1936 का फैयजपुर अधिवेशन कांग्रेस का पहला ग्रामीण अधिवेशन था। इसकी अध्यक्षता जवाहरलाल नेहरू ने की थी। इस अधिवेशन ने किसानों और ग्रामीण भारत के प्रश्नों को राष्ट्रीय आंदोलन के केंद्र में लाने का प्रयास किया।
प्रश्न 49: कराची अधिवेशन (1931) के संदर्भ में कौन-सा/से सही कथन है/हैं? (1) इस अधिवेशन में मौलिक अधिकारों और राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम पर प्रस्ताव पारित किया गया। (2) यह अधिवेशन गांधी-इरविन समझौते के बाद आयोजित हुआ था।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 2
-
C.
1 और 2 दोनों
✓
-
D.
न तो 1, न ही 2
सही उत्तर:
C
— 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):1931 का कराची अधिवेशन गांधी-इरविन समझौते के बाद आयोजित हुआ। इस अधिवेशन में मौलिक अधिकारों और राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम पर महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए, जिन्हें बाद के भारतीय संविधान की वैचारिक पृष्ठभूमि माना जाता है।
प्रश्न 50: निम्नलिखित में से किस कांग्रेस अधिवेशन में “पूर्ण स्वराज” को कांग्रेस का लक्ष्य घोषित किया गया था?
-
A.
कलकत्ता अधिवेशन, 1906
-
B.
लखनऊ अधिवेशन, 1916
-
C.
कराची अधिवेशन, 1931
-
D.
लाहौर अधिवेशन, 1929
✓
सही उत्तर:
D
— लाहौर अधिवेशन, 1929
व्याख्या (Explanation):1929 के लाहौर अधिवेशन में जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज को अपना लक्ष्य घोषित किया। इसी के बाद 26 जनवरी 1930 को स्वतंत्रता दिवस मनाने का निर्णय लिया गया।
प्रश्न 51: 1916 के लखनऊ अधिवेशन का महत्व निम्नलिखित में से किससे संबंधित है?
-
A.
कांग्रेस द्वारा पूर्ण स्वराज की घोषणा
-
B.
कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच समझौता तथा कांग्रेस के गुटों का पुनर्मिलन
✓
-
C.
स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत
-
D.
क्रांतिकारी आंदोलन के समर्थन की घोषणा
सही उत्तर:
B
— कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच समझौता तथा कांग्रेस के गुटों का पुनर्मिलन
व्याख्या (Explanation):1916 का लखनऊ अधिवेशन कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच लखनऊ समझौते तथा कांग्रेस के उदारवादी और उग्रवादी गुटों के पुनर्मिलन के लिए प्रसिद्ध है। यह राष्ट्रीय आंदोलन में व्यापक राजनीतिक सहयोग का महत्वपूर्ण चरण था।
प्रश्न 52: कांग्रेस के 1907 के सूरत अधिवेशन के संदर्भ में कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) यह अधिवेशन कांग्रेस के उदारवादी और उग्रवादी गुटों के संघर्ष के कारण प्रसिद्ध है। (2) इस अधिवेशन में कांग्रेस का विभाजन हो गया था।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 2
-
C.
1 और 2 दोनों
✓
-
D.
न तो 1, न ही 2
सही उत्तर:
C
— 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):1907 का सूरत अधिवेशन कांग्रेस के इतिहास में महत्वपूर्ण मोड़ था। उदारवादी और उग्रवादी नेताओं के बीच रणनीति और नेतृत्व को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि कांग्रेस का विभाजन हो गया।
प्रश्न 53: 1906 के कलकत्ता अधिवेशन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
-
A.
इस अधिवेशन में कांग्रेस ने पहली बार पूर्ण स्वराज को अपना लक्ष्य घोषित किया
-
B.
इस अधिवेशन की अध्यक्षता गोपाल कृष्ण गोखले ने की थी
-
C.
इस अधिवेशन में स्वराज, स्वदेशी, बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षा पर बल दिया गया
✓
-
D.
इस अधिवेशन में कांग्रेस का विभाजन हुआ था
सही उत्तर:
C
— इस अधिवेशन में स्वराज, स्वदेशी, बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षा पर बल दिया गया
व्याख्या (Explanation):1906 के कलकत्ता अधिवेशन की अध्यक्षता दादाभाई नौरोजी ने की थी। इस अधिवेशन में स्वराज, स्वदेशी, बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षा को कांग्रेस की नीति के रूप में स्वीकार किया गया। यह उग्रवादी प्रभाव के बढ़ने का महत्वपूर्ण संकेत था।
प्रश्न 54: इनमें से कौन-सा सही कालानुक्रमिक क्रम है? (1) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना (2) स्वदेशी आंदोलन (3) गदर आंदोलन (4) हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन का गठन
-
A.
2-1-3-4
-
B.
1-3-2-4
-
C.
1-2-3-4
✓
-
D.
2-3-1-4
सही उत्तर:
C
— 1-2-3-4
व्याख्या (Explanation):भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 1885 में स्थापित हुई। स्वदेशी आंदोलन 1905 में शुरू हुआ। गदर आंदोलन 1913 में सक्रिय हुआ और हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन का गठन 1928 में हुआ।
प्रश्न 55: इनमें से कौन-सा सही कालानुक्रमिक क्रम है? (1) अभिनव भारत की स्थापना (2) बंगाल विभाजन (3) गदर पार्टी की स्थापना (4) हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन का गठन
-
A.
1-2-3-4
✓
-
B.
2-1-3-4
-
C.
1-3-2-4
-
D.
2-3-1-4
सही उत्तर:
A
— 1-2-3-4
व्याख्या (Explanation):अभिनव भारत की स्थापना 1904 में हुई, बंगाल विभाजन 1905 में हुआ, गदर पार्टी 1913 में स्थापित हुई और हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन 1928 में गठित हुआ।
प्रश्न 56: इनमें से कौन-सा सही कालानुक्रमिक क्रम है? (1) कांग्रेस का लखनऊ अधिवेशन (2) सूरत विभाजन (3) बंगाल विभाजन (4) कांग्रेस की स्थापना
-
A.
4-2-3-1
-
B.
4-3-2-1
✓
-
C.
3-4-2-1
-
D.
2-4-3-1
सही उत्तर:
B
— 4-3-2-1
व्याख्या (Explanation):कांग्रेस की स्थापना 1885 में हुई। बंगाल विभाजन 1905 में हुआ, जिसके बाद 1907 में सूरत विभाजन हुआ। अंततः 1916 में लखनऊ अधिवेशन आयोजित हुआ। यह sequence राष्ट्रीय आंदोलन की राजनीतिक दिशा में बदलाव को दर्शाता है।
प्रश्न 57: इनमें से कौन-सा सही कालानुक्रमिक क्रम है? (1) हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (2) गदर पार्टी (3) अभिनव भारत (3) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
-
A.
4-3-2-1
✓
-
B.
3-4-2-1
-
C.
4-2-3-1
-
D.
3-2-4-1
सही उत्तर:
A
— 4-3-2-1
व्याख्या (Explanation):भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 1885 में स्थापित हुई। अभिनव भारत का गठन वी. डी. सावरकर द्वारा 1904 में किया गया। गदर पार्टी 1913 में और हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन 1928 में स्थापित हुई।
प्रश्न 58: इनमें से कौन-सा सही कालानुक्रमिक क्रम है? (1) गदर पार्टी की स्थापना (2) बंगाल विभाजन (3) कांग्रेस की स्थापना (4) लखनऊ अधिवेशन
-
A.
3-2-1-4
✓
-
B.
2-3-1-4
-
C.
3-1-2-4
-
D.
2-1-3-4
सही उत्तर:
A
— 3-2-1-4
व्याख्या (Explanation):कांग्रेस की स्थापना 1885 में हुई, बंगाल विभाजन 1905 में, गदर पार्टी 1913 में और लखनऊ अधिवेशन 1916 में हुआ।
प्रश्न 59: इनमें से कौन-सा सही कालानुक्रमिक क्रम है? (1) स्वदेशी आंदोलन (2) कांग्रेस का सूरत विभाजन (3) कांग्रेस का लखनऊ अधिवेशन (4) गदर आंदोलन की स्थापना
-
A.
1-2-4-3
✓
-
B.
2-1-3-4
-
C.
1-4-2-3
-
D.
4-1-2-3
सही उत्तर:
A
— 1-2-4-3
व्याख्या (Explanation):स्वदेशी आंदोलन 1905 से प्रारंभ हुआ, सूरत विभाजन 1907 में हुआ, गदर आंदोलन 1913 में संगठित हुआ और लखनऊ अधिवेशन 1916 में हुआ।
प्रश्न 60: इनमें से कौन-सा सही कालानुक्रमिक क्रम है? (1) गदर पार्टी (2) हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (3) अनुषीलन समिति (4) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
-
A.
4-3-1-2
✓
-
B.
3-4-1-2
-
C.
4-1-3-2
-
D.
3-1-4-2
सही उत्तर:
A
— 4-3-1-2
व्याख्या (Explanation):भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (1885) सबसे पहले स्थापित हुई। अनुषीलन समिति का गठन 20वीं सदी के प्रारंभ में बंगाल में हुआ। गदर पार्टी 1913 में बनी और हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन 1928 में स्थापित हुई।
प्रश्न 61: इनमें से कौन-सा सही कालानुक्रमिक क्रम है? (1) सूरत विभाजन (2) कांग्रेस की स्थापना (3) लखनऊ अधिवेशन (4) बंगाल विभाजन
-
A.
2-4-1-3
✓
-
B.
2-1-4-3
-
C.
4-2-1-3
-
D.
1-2-4-3
सही उत्तर:
A
— 2-4-1-3
व्याख्या (Explanation):कांग्रेस की स्थापना 1885 में हुई, बंगाल विभाजन 1905 में, सूरत विभाजन 1907 में और लखनऊ अधिवेशन 1916 में हुआ। यह sequence भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के वैचारिक विकास को भी दर्शाता है।
प्रश्न 62: इनमें से कौन-सा सही कालानुक्रमिक क्रम है? (1) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना (2) बंगाल विभाजन (3) गदर पार्टी की स्थापना (3) हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन की स्थापना
-
A.
1-2-3-4
✓
-
B.
2-1-3-4
-
C.
1-3-2-4
-
D.
2-3-1-4
सही उत्तर:
A
— 1-2-3-4
व्याख्या (Explanation):भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 1885 में हुई, बंगाल विभाजन 1905 में हुआ, गदर पार्टी की स्थापना 1913 में हुई और हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन का गठन 1928 में हुआ।
प्रश्न 63: घटनाओं को कालानुक्रमिक क्रम में व्यवस्थित कीजिए: (1) बंगाल विभाजन (2) सूरत विभाजन (3) लखनऊ अधिवेशन (4) स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत। दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
-
A.
1-4-2-3
✓
-
B.
4-1-2-3
-
C.
1-2-4-3
-
D.
4-2-1-3
सही उत्तर:
A
— 1-4-2-3
व्याख्या (Explanation):बंगाल विभाजन 1905 में हुआ, जिसके विरोध में स्वदेशी आंदोलन शुरू हुआ। इसके बाद 1907 में सूरत विभाजन हुआ और अंततः 1916 में लखनऊ अधिवेशन के दौरान कांग्रेस के दोनों गुटों का पुनर्मिलन हुआ।
प्रश्न 64: भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के अध्ययन से निम्नलिखित में से कौन-सा सबसे गहरा निष्कर्ष निकलता है?
-
A.
स्वतंत्रता संघर्ष केवल राजनीतिक सत्ता परिवर्तन का आंदोलन था
-
B.
भारतीय राष्ट्रवाद का विकास विभिन्न विचारधाराओं, रणनीतियों और सामाजिक शक्तियों के अंतःक्रिया से हुआ
✓
-
C.
क्रांतिकारी और उग्रवादी धाराओं का कोई स्थायी प्रभाव नहीं पड़ा
-
D.
उदारवादी चरण राष्ट्रीय आंदोलन की दृष्टि से अप्रासंगिक था
सही उत्तर:
B
— भारतीय राष्ट्रवाद का विकास विभिन्न विचारधाराओं, रणनीतियों और सामाजिक शक्तियों के अंतःक्रिया से हुआ
व्याख्या (Explanation):भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन एक बहुस्तरीय और गतिशील प्रक्रिया थी जिसमें उदारवादी, उग्रवादी, क्रांतिकारी, समाजवादी और जनआधारित धाराओं ने योगदान दिया। यह केवल सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि राजनीतिक चेतना, सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्रीय एकता के विकास की प्रक्रिया भी था।
प्रश्न 65: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) स्वदेशी आंदोलन ने भारतीय उद्योगों के संरक्षण की भावना को मजबूत किया। (2) गदर आंदोलन ने भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। (3) हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन ने समाजवादी क्रांति की अवधारणा को भारतीय संदर्भ में प्रस्तुत किया।
-
A.
केवल 1 और 2
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
✓
सही उत्तर:
D
— 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):स्वदेशी आंदोलन आर्थिक राष्ट्रवाद से जुड़ा था। गदर आंदोलन ने प्रवासी भारतीयों के माध्यम से स्वतंत्रता संघर्ष को अंतरराष्ट्रीय आयाम दिया। हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन ने समाजवादी गणराज्य और सामाजिक परिवर्तन की अवधारणा को भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष से जोड़ा।
प्रश्न 66: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के बहुआयामी स्वरूप को सबसे सही रूप में व्यक्त करता है?
-
A.
आंदोलन केवल शिक्षित वर्ग तक सीमित था
-
B.
केवल एक ही विचारधारा ने स्वतंत्रता संघर्ष का नेतृत्व किया
-
C.
विभिन्न क्षेत्रों, वर्गों और विचारधाराओं ने आंदोलन को अलग-अलग रूपों में आगे बढ़ाया
✓
-
D.
राष्ट्रीय आंदोलन का विकास पूरी तरह रैखिक और एकसमान था
सही उत्तर:
C
— विभिन्न क्षेत्रों, वर्गों और विचारधाराओं ने आंदोलन को अलग-अलग रूपों में आगे बढ़ाया
व्याख्या (Explanation):भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में उदारवादी, उग्रवादी, क्रांतिकारी, किसान, मजदूर और विभिन्न क्षेत्रीय शक्तियों का योगदान था। यही बहुआयामी स्वरूप इसे व्यापक राष्ट्रीय आंदोलन बनाता है।
प्रश्न 67: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) सूरत विभाजन ने कांग्रेस की संगठनात्मक एकता को प्रभावित किया। (2) लखनऊ अधिवेशन ने कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच सहयोग को बढ़ावा दिया। (3) लखनऊ अधिवेशन के बाद कांग्रेस में वैचारिक विविधता समाप्त हो गई।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 1 और 2
✓
-
C.
केवल 2 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
B
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):सूरत विभाजन कांग्रेस के भीतर गंभीर मतभेदों का परिणाम था। लखनऊ अधिवेशन (1916) ने कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच समझौते तथा कांग्रेस के पुनर्मिलन में भूमिका निभाई। तीसरा कथन गलत है क्योंकि वैचारिक विविधता आगे भी बनी रही।
प्रश्न 68: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन क्रांतिकारी राष्ट्रवाद की एक प्रमुख सीमा को दर्शाता है?
-
A.
इसका कोई वैचारिक आधार नहीं था
-
B.
यह पूर्णतः विदेशी समर्थन पर निर्भर था
-
C.
यह व्यापक जनआंदोलन में सीमित रूप से परिवर्तित हो पाया
✓
-
D.
इसने औपनिवेशिक शासन को कभी चुनौती नहीं दी
सही उत्तर:
C
— यह व्यापक जनआंदोलन में सीमित रूप से परिवर्तित हो पाया
व्याख्या (Explanation):क्रांतिकारी राष्ट्रवाद ने युवाओं को प्रेरित किया और औपनिवेशिक शासन को चुनौती दी, लेकिन यह व्यापक जनआंदोलन का रूप सीमित स्तर तक ही ले सका। इसकी गतिविधियाँ अक्सर गुप्त संगठनों और चुनिंदा समूहों तक केंद्रित रहीं।
प्रश्न 69: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) तिलक ने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को राजनीतिक आंदोलन से जोड़ा। (2) उग्रवादी नेताओं ने ब्रिटिश शासन की नैतिक वैधता को चुनौती दी। (3) उदारवादी नेताओं ने कभी भी ब्रिटिश प्रशासन की आलोचना नहीं की।
-
A.
केवल 1 और 2
✓
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):तिलक ने गणपति और शिवाजी उत्सवों के माध्यम से सांस्कृतिक प्रतीकों को राजनीतिक चेतना से जोड़ा। उग्रवादी नेताओं ने ब्रिटिश शासन की वैधता को चुनौती दी। तीसरा कथन गलत है क्योंकि उदारवादी नेताओं ने आर्थिक और प्रशासनिक नीतियों की आलोचना की थी।
प्रश्न 70: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे अधिक तार्किक है?
-
A.
कांग्रेस का प्रारंभिक चरण पूरी तरह निष्फल था
-
B.
कांग्रेस केवल ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा नियंत्रित संस्था थी
-
C.
कांग्रेस के विभिन्न चरण भारतीय राष्ट्रवाद के क्रमिक विकास को दर्शाते हैं
✓
-
D.
कांग्रेस ने प्रारंभ से ही पूर्ण स्वतंत्रता को अपना आधिकारिक लक्ष्य घोषित किया था
सही उत्तर:
C
— कांग्रेस के विभिन्न चरण भारतीय राष्ट्रवाद के क्रमिक विकास को दर्शाते हैं
व्याख्या (Explanation):कांग्रेस का विकास क्रमिक था। उदारवादी चरण ने राजनीतिक चेतना विकसित की, उग्रवादी चरण ने जनसक्रियता बढ़ाई और आगे चलकर आंदोलन अधिक व्यापक और जनोन्मुख हुआ। यही क्रमिक विकास भारतीय राष्ट्रवाद की प्रमुख विशेषता थी।
प्रश्न 71: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) गदर आंदोलन और हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन दोनों ने औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध क्रांतिकारी संघर्ष का समर्थन किया। (2) हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन का वैचारिक झुकाव समाजवाद की ओर था। (3) गदर आंदोलन का मुख्य आधार भारतीय विधायिकाओं में सुधार की मांग था।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 2
✓
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
C
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):गदर आंदोलन और हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन दोनों क्रांतिकारी संगठन थे। हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन समाजवादी विचारधारा से प्रभावित था। तीसरा कथन गलत है क्योंकि गदर आंदोलन संवैधानिक सुधारों के बजाय सशस्त्र विद्रोह के माध्यम से स्वतंत्रता चाहता था।
प्रश्न 72: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में स्वदेशी आंदोलन की भूमिका को सबसे उचित रूप में स्पष्ट करता है?
-
A.
यह केवल विदेशी वस्त्रों के बहिष्कार तक सीमित था
-
B.
इसने आर्थिक राष्ट्रवाद, राष्ट्रीय शिक्षा और जनसक्रियता को एक साथ जोड़ा
✓
-
C.
इसका प्रभाव केवल बंगाल के शहरी क्षेत्रों तक सीमित रहा
-
D.
यह मुख्यतः उदारवादी नेताओं का सीमित आंदोलन था
सही उत्तर:
B
— इसने आर्थिक राष्ट्रवाद, राष्ट्रीय शिक्षा और जनसक्रियता को एक साथ जोड़ा
व्याख्या (Explanation):स्वदेशी आंदोलन केवल आर्थिक बहिष्कार नहीं था; इसने राष्ट्रीय शिक्षा, स्वावलंबन और जनभागीदारी को भी प्रोत्साहित किया। यही कारण है कि इसे भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का बहुआयामी चरण माना जाता है।
प्रश्न 73: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) उदारवादी नेताओं की रणनीति ने भारतीयों को संवैधानिक राजनीति का प्रारंभिक प्रशिक्षण दिया। (2) उग्रवादी नेताओं ने राजनीतिक संघर्ष को केवल शिक्षित वर्ग तक सीमित रखा। (3) क्रांतिकारी संगठनों ने औपनिवेशिक शासन की अजेयता की धारणा को चुनौती दी।
-
A.
केवल 1 और 3
✓
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 2
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):उदारवादी नेताओं ने भारतीयों को प्रतिनिधित्व, विधायिका और संवैधानिक अधिकारों की राजनीति से परिचित कराया। उग्रवादी नेताओं ने आंदोलन को व्यापक जनाधार देने का प्रयास किया, इसलिए दूसरा कथन गलत है। क्रांतिकारी गतिविधियों ने ब्रिटिश शासन की अजेयता की छवि को कमजोर किया।
प्रश्न 74: भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के इतिहास का अध्ययन यह संकेत देता है कि:
-
A.
केवल क्रांतिकारी संगठनों ने औपनिवेशिक शासन को चुनौती दी
-
B.
भारतीय राष्ट्रवाद एकसमान विचारधारा पर आधारित था
-
C.
विभिन्न रणनीतियों और विचारधाराओं ने मिलकर स्वतंत्रता संघर्ष को विकसित किया
✓
-
D.
उदारवादी चरण का स्वतंत्रता संघर्ष में कोई स्थायी योगदान नहीं था
सही उत्तर:
C
— विभिन्न रणनीतियों और विचारधाराओं ने मिलकर स्वतंत्रता संघर्ष को विकसित किया
व्याख्या (Explanation):भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का स्वरूप बहुआयामी था। उदारवादी, उग्रवादी, क्रांतिकारी और बाद में गांधीवादी सभी धाराओं ने अलग-अलग तरीकों से राष्ट्रीय आंदोलन को मजबूत किया। यही विविधता इसकी सबसे बड़ी विशेषता थी।
प्रश्न 75: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) सूरत विभाजन ने कांग्रेस की संगठनात्मक कमजोरी को उजागर किया। (2) लखनऊ अधिवेशन ने कांग्रेस के भीतर वैचारिक सहयोग को पुनर्जीवित किया। (3) लखनऊ अधिवेशन के बाद उग्रवादी और उदारवादी मतभेद पूरी तरह समाप्त हो गए।
-
A.
केवल 1 और 2
✓
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):सूरत विभाजन ने कांग्रेस के भीतर रणनीतिक मतभेदों को उजागर किया। 1916 के लखनऊ अधिवेशन में पुनर्मिलन हुआ, लेकिन इससे सभी वैचारिक मतभेद पूरी तरह समाप्त नहीं हुए थे।
प्रश्न 76: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन स्वदेशी आंदोलन और गदर आंदोलन के बीच एक समानता को सबसे सही रूप में व्यक्त करता है?
-
A.
दोनों ने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध राष्ट्रीय चेतना को मजबूत किया
✓
-
B.
दोनों केवल संवैधानिक सुधारों तक सीमित थे
-
C.
दोनों का मुख्य आधार केवल बंगाल था
-
D.
दोनों पूरी तरह अहिंसक आंदोलन थे
सही उत्तर:
A
— दोनों ने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध राष्ट्रीय चेतना को मजबूत किया
व्याख्या (Explanation):स्वदेशी आंदोलन और गदर आंदोलन दोनों ने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध राष्ट्रीय चेतना को मजबूत किया। हालांकि उनकी रणनीतियाँ और सामाजिक आधार अलग थे, लेकिन दोनों भारतीय राष्ट्रवाद को विस्तार देने में महत्वपूर्ण थे।
प्रश्न 77: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) कांग्रेस के प्रारंभिक चरण में संवैधानिक सुधारों की मांग प्रमुख थी। (2) उग्रवादी राष्ट्रवाद ने राजनीतिक संघर्ष को भावनात्मक और सांस्कृतिक आधार भी दिया। (3) क्रांतिकारी आंदोलन पूरी तरह जनसमर्थन से विहीन था।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 1 और 2
✓
-
C.
केवल 2 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
B
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):प्रारंभिक कांग्रेस संवैधानिक सुधारों पर केंद्रित थी। उग्रवादी राष्ट्रवाद ने सांस्कृतिक प्रतीकों और ऐतिहासिक गौरव का उपयोग किया। तीसरा कथन गलत है क्योंकि क्रांतिकारियों को युवाओं और कुछ क्षेत्रों में पर्याप्त जनसहानुभूति प्राप्त थी।
प्रश्न 78: भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सबसे अधिक उपयुक्त है?
-
A.
उदारवादी और उग्रवादी चरणों के बीच केवल संघर्ष था, कोई निरंतरता नहीं
-
B.
भारतीय राष्ट्रवाद का विकास बहुस्तरीय और क्रमिक प्रक्रिया थी
✓
-
C.
क्रांतिकारी आंदोलन का राष्ट्रीय चेतना पर सीमित प्रभाव था
-
D.
स्वदेशी आंदोलन केवल आर्थिक मुद्दों तक सीमित रहा
सही उत्तर:
B
— भारतीय राष्ट्रवाद का विकास बहुस्तरीय और क्रमिक प्रक्रिया थी
व्याख्या (Explanation):भारतीय राष्ट्रवाद का विकास विभिन्न चरणों और विचारधाराओं के माध्यम से हुआ। उदारवादियों ने राजनीतिक चेतना विकसित की, उग्रवादियों ने जनसक्रियता बढ़ाई और क्रांतिकारियों ने औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध प्रतिरोध को तीव्र किया।
प्रश्न 79: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) गदर आंदोलन ने भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष को अंतरराष्ट्रीय आयाम प्रदान किया। (2) गदर पार्टी का साहित्य औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध विद्रोह के लिए प्रेरित करता था। (3) गदर आंदोलन केवल भारत के भीतर सीमित संगठन था।
-
A.
केवल 1 और 2
✓
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):गदर आंदोलन का मुख्य आधार विदेशों में बसे भारतीय थे और इसका साहित्य ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह को प्रेरित करता था। यह आंदोलन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय राष्ट्रवाद का महत्वपूर्ण प्रतीक था।
प्रश्न 80: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन की विचारधारा को सबसे बेहतर रूप में दर्शाता है?
-
A.
केवल ब्रिटिश अधिकारियों के विरुद्ध प्रतिशोधात्मक हिंसा
-
B.
डोमिनियन स्टेटस की प्राप्ति
-
C.
संवैधानिक सुधारों द्वारा क्रमिक परिवर्तन
-
D.
समाजवादी आधार पर क्रांतिकारी परिवर्तन
✓
सही उत्तर:
D
— समाजवादी आधार पर क्रांतिकारी परिवर्तन
व्याख्या (Explanation):हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन का लक्ष्य केवल औपनिवेशिक शासन को समाप्त करना नहीं था बल्कि समाजवादी सिद्धांतों पर आधारित नई राजनीतिक-सामाजिक व्यवस्था की स्थापना करना था। भगत सिंह की विचारधारा में वैचारिक क्रांति और सामाजिक न्याय दोनों महत्वपूर्ण थे।
प्रश्न 81: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) स्वदेशी आंदोलन ने “आत्मनिर्भरता” की अवधारणा को राजनीतिक महत्व प्रदान किया। (2) उग्रवादी नेताओं ने भारतीय संस्कृति और इतिहास को राष्ट्रवादी प्रेरणा के रूप में प्रस्तुत किया। (3) उदारवादी नेताओं ने भारतीय आर्थिक शोषण के प्रश्न को कभी नहीं उठाया।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 1 और 2
✓
-
C.
केवल 2 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
B
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):स्वदेशी आंदोलन ने आत्मनिर्भरता और आर्थिक राष्ट्रवाद को बल दिया। उग्रवादी नेताओं ने भारतीय इतिहास और सांस्कृतिक प्रतीकों को राजनीतिक चेतना के साधन के रूप में प्रयोग किया। तीसरा कथन गलत है क्योंकि दादाभाई नौरोजी और आर. सी. दत्त जैसे उदारवादियों ने आर्थिक शोषण की व्यापक आलोचना की थी।
प्रश्न 82: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन कांग्रेस और क्रांतिकारी आंदोलनों के संबंध को सबसे उचित रूप से व्यक्त करता है?
-
A.
दोनों के बीच कोई वैचारिक समानता नहीं थी
-
B.
क्रांतिकारी आंदोलन पूर्णतः कांग्रेस-विरोधी थे
-
C.
दोनों का अंतिम उद्देश्य औपनिवेशिक शासन का अंत था, यद्यपि रणनीतियाँ भिन्न थीं
✓
-
D.
कांग्रेस ने प्रारंभ से ही सशस्त्र क्रांति का समर्थन किया था
सही उत्तर:
C
— दोनों का अंतिम उद्देश्य औपनिवेशिक शासन का अंत था, यद्यपि रणनीतियाँ भिन्न थीं
व्याख्या (Explanation):कांग्रेस और क्रांतिकारी संगठनों की रणनीतियाँ अलग थीं, लेकिन दोनों का व्यापक उद्देश्य ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन का अंत था। कांग्रेस संवैधानिक और जन-आधारित आंदोलनों पर बल देती थी, जबकि क्रांतिकारी संगठन सशस्त्र संघर्ष में विश्वास रखते थे।
प्रश्न 83: भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के अध्ययन से निम्नलिखित में से कौन-सा व्यापक निष्कर्ष निकलता है?
-
A.
भारतीय राष्ट्रवाद केवल राजनीतिक अभिजात वर्ग की परियोजना था
-
B.
विभिन्न विचारधारात्मक धाराओं ने समय-समय पर आंदोलन को नई दिशा दी
✓
-
C.
क्रांतिकारी आंदोलनों का ऐतिहासिक महत्व नगण्य था
-
D.
राष्ट्रीय आंदोलन का विकास एकसमान और विवादरहित था
सही उत्तर:
B
— विभिन्न विचारधारात्मक धाराओं ने समय-समय पर आंदोलन को नई दिशा दी
व्याख्या (Explanation):भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में उदारवादी, उग्रवादी, गांधीवादी और क्रांतिकारी जैसी अनेक धाराएँ शामिल थीं। इन सभी ने अलग-अलग समय पर आंदोलन की दिशा और रणनीति को प्रभावित किया। यही बहुआयामी स्वरूप भारतीय राष्ट्रवाद की प्रमुख विशेषता था।
प्रश्न 84: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) क्रांतिकारी राष्ट्रवाद और उग्रवादी राष्ट्रवाद दोनों ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन से असंतुष्ट थे। (2) दोनों की रणनीतियाँ और कार्यप्रणालियाँ पूरी तरह समान थीं। (3) क्रांतिकारी राष्ट्रवाद में गुप्त संगठन और सशस्त्र कार्रवाई का महत्व अधिक था।
-
A.
केवल 1 और 2
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
✓
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
C
— केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):उग्रवादी और क्रांतिकारी दोनों ब्रिटिश शासन के विरोधी थे, लेकिन उनकी रणनीतियाँ भिन्न थीं। क्रांतिकारी संगठन गुप्त नेटवर्क और सशस्त्र कार्रवाई पर अधिक निर्भर थे, जबकि उग्रवादी जन-आंदोलन और बहिष्कार जैसे तरीकों का उपयोग करते थे।
प्रश्न 85: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन स्वदेशी आंदोलन के दीर्घकालिक प्रभाव को सबसे उचित रूप से व्यक्त करता है?
-
A.
इसने भारतीय राष्ट्रवाद को केवल सांस्कृतिक दिशा दी
-
B.
इसने केवल ब्रिटिश वस्तुओं के बहिष्कार तक सीमित प्रभाव डाला
-
C.
इसने आर्थिक आत्मनिर्भरता, राष्ट्रीय शिक्षा और जनभागीदारी को प्रोत्साहित किया
✓
-
D.
इसका प्रभाव केवल बंगाल तक सीमित रहा
सही उत्तर:
C
— इसने आर्थिक आत्मनिर्भरता, राष्ट्रीय शिक्षा और जनभागीदारी को प्रोत्साहित किया
व्याख्या (Explanation):स्वदेशी आंदोलन ने भारतीय उद्योगों, राष्ट्रीय शिक्षा और राजनीतिक जनसक्रियता को प्रोत्साहित किया। यह आधुनिक भारतीय राष्ट्रवाद के आर्थिक और सामाजिक आयामों को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण आंदोलन था। इसने स्वावलंबन और राष्ट्रीय चेतना दोनों को नई दिशा दी।
प्रश्न 86: भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे अधिक तार्किक है?
-
A.
उदारवादी और उग्रवादी चरणों के बीच पूर्ण वैचारिक निरंतरता थी
-
B.
उग्रवादी नेताओं ने उदारवादी राजनीतिक चेतना की विरासत को अधिक जनोन्मुख बनाया
✓
-
C.
क्रांतिकारी आंदोलन का राष्ट्रीय आंदोलन से कोई वैचारिक संबंध नहीं था
-
D.
स्वदेशी आंदोलन केवल बंगाल के शिक्षित वर्ग तक सीमित रहा
सही उत्तर:
B
— उग्रवादी नेताओं ने उदारवादी राजनीतिक चेतना की विरासत को अधिक जनोन्मुख बनाया
व्याख्या (Explanation):उग्रवादी नेताओं ने उदारवादियों द्वारा निर्मित राजनीतिक चेतना को अधिक जन-आधारित और आक्रामक स्वरूप दिया। राष्ट्रीय आंदोलन एक क्रमिक प्रक्रिया थी जिसमें विभिन्न चरणों के बीच निरंतरता और परिवर्तन दोनों मौजूद थे।
प्रश्न 87: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के क्रांतिकारी केवल व्यक्तिगत आतंकवाद में विश्वास नहीं रखते थे। (2) भगत सिंह ने जन-जागरण और वैचारिक क्रांति पर भी बल दिया। (3) हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन ने समाजवादी गणराज्य की अवधारणा को अपनाया।
-
A.
केवल 1 और 2
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
1, 2 और 3
✓
-
D.
केवल 1 और 3
सही उत्तर:
C
— 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन केवल हिंसात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं था। भगत सिंह और उनके साथियों ने समाजवादी विचारधारा, जन-जागरण और वैचारिक परिवर्तन को भी क्रांति का आवश्यक भाग माना। “इंकलाब” को उन्होंने व्यापक सामाजिक परिवर्तन के रूप में परिभाषित किया।
प्रश्न 88: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गदर आंदोलन को अन्य समकालीन राष्ट्रवादी आंदोलनों से अलग करता है?
-
A.
इसका आधार मुख्यतः प्रवासी भारतीय समुदाय था
✓
-
B.
यह केवल संवैधानिक सुधारों की मांग करता था
-
C.
यह पूरी तरह धार्मिक सुधार आंदोलन था
-
D.
इसका कोई अंतरराष्ट्रीय आयाम नहीं था
सही उत्तर:
A
— इसका आधार मुख्यतः प्रवासी भारतीय समुदाय था
व्याख्या (Explanation):गदर आंदोलन की विशेषता इसका अंतरराष्ट्रीय और प्रवासी भारतीय आधार था। अमेरिका और कनाडा में बसे भारतीयों ने इसे संगठित किया। यह औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध वैश्विक स्तर पर भारतीय प्रतिरोध का महत्वपूर्ण उदाहरण था।
प्रश्न 89: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) उग्रवादी राष्ट्रवाद में “स्वराज” की अवधारणा उदारवादियों की तुलना में अधिक आक्रामक और व्यापक थी। (2) तिलक के लिए स्वराज केवल प्रशासनिक सुधार नहीं बल्कि राजनीतिक अधिकार का प्रश्न था। (3) उग्रवादी राष्ट्रवाद पूरी तरह हिंसात्मक क्रांति पर आधारित था।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 1 और 2
✓
-
C.
केवल 2 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
B
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):उग्रवादी नेताओं के लिए स्वराज अधिक सक्रिय राजनीतिक अधिकार और आत्मनिर्णय का प्रतीक था। तिलक ने इसे जनता का जन्मसिद्ध अधिकार बताया। हालांकि उग्रवादी आंदोलन पूरी तरह हिंसात्मक नहीं था; वह बहिष्कार, स्वदेशी और निष्क्रिय प्रतिरोध जैसे तरीकों पर भी आधारित था।
प्रश्न 90: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना के ऐतिहासिक महत्व को सबसे बेहतर रूप में व्यक्त करता है?
-
A.
इसने तुरंत पूर्ण स्वतंत्रता आंदोलन शुरू कर दिया
-
B.
इसने पहली बार अखिल भारतीय राजनीतिक मंच उपलब्ध कराया
✓
-
C.
इसने केवल प्रांतीय राजनीति को बढ़ावा दिया
-
D.
इसका उद्देश्य केवल ब्रिटिश प्रशासन की सहायता करना था
सही उत्तर:
B
— इसने पहली बार अखिल भारतीय राजनीतिक मंच उपलब्ध कराया
व्याख्या (Explanation):कांग्रेस की स्थापना ने भारत के विभिन्न क्षेत्रों के शिक्षित भारतीयों को एक साझा राजनीतिक मंच प्रदान किया। इससे अखिल भारतीय राजनीतिक चेतना और राष्ट्रीय एकता की भावना को बल मिला। यही इसकी सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक भूमिका थी।
प्रश्न 91: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) उदारवादी नेताओं द्वारा प्रस्तुत आर्थिक आलोचनाओं ने आगे चलकर उग्रवादी राष्ट्रवाद की वैचारिक पृष्ठभूमि तैयार की। (2) दादाभाई नौरोजी और आर. सी. दत्त दोनों ने औपनिवेशिक आर्थिक शोषण की आलोचना की। (3) उग्रवादी नेताओं ने उदारवादियों द्वारा उठाए गए आर्थिक प्रश्नों को पूर्णतः अस्वीकार कर दिया था।
-
A.
केवल 1 और 2
✓
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):उदारवादी नेताओं ने ब्रिटिश आर्थिक नीतियों की आलोचना कर आर्थिक राष्ट्रवाद की नींव रखी। दादाभाई नौरोजी का Drain Theory और आर. सी. दत्त की आर्थिक आलोचनाएँ बाद के उग्रवादी राष्ट्रवाद को वैचारिक आधार प्रदान करती हैं। तीसरा कथन गलत है क्योंकि उग्रवादियों ने इन आलोचनाओं को आगे बढ़ाया।
प्रश्न 92: भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सबसे उपयुक्त है?
-
A.
राष्ट्रीय आंदोलन केवल एक विचारधारा द्वारा संचालित था
-
B.
क्रांतिकारी आंदोलन का जनमानस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा
-
C.
उदारवादी और उग्रवादी चरण एक-दूसरे के विरोधी होने के कारण असफल रहे
-
D.
विभिन्न विचारधाराओं और रणनीतियों ने मिलकर भारतीय राष्ट्रवाद को विकसित किया
✓
सही उत्तर:
D
— विभिन्न विचारधाराओं और रणनीतियों ने मिलकर भारतीय राष्ट्रवाद को विकसित किया
व्याख्या (Explanation):भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन बहुआयामी था जिसमें उदारवादी, उग्रवादी और क्रांतिकारी सभी धाराओं ने अलग-अलग प्रकार से योगदान दिया। राजनीतिक चेतना, जनसंगठन और औपनिवेशिक विरोध की विभिन्न रणनीतियों ने मिलकर भारतीय राष्ट्रवाद को मजबूत किया।
प्रश्न 93: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन क्रांतिकारी राष्ट्रवाद और उग्रवादी राष्ट्रवाद के बीच अंतर को सबसे सही रूप में व्यक्त करता है?
-
A.
दोनों पूर्णतः समान थे और उनके तरीके भी समान थे
-
B.
उग्रवादी राष्ट्रवाद मुख्यतः जनदबाव और बहिष्कार पर आधारित था, जबकि क्रांतिकारी राष्ट्रवाद सशस्त्र कार्रवाई से जुड़ा था
✓
-
C.
क्रांतिकारी राष्ट्रवाद केवल विदेशों में सक्रिय था
-
D.
उग्रवादी राष्ट्रवाद का कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं था
सही उत्तर:
B
— उग्रवादी राष्ट्रवाद मुख्यतः जनदबाव और बहिष्कार पर आधारित था, जबकि क्रांतिकारी राष्ट्रवाद सशस्त्र कार्रवाई से जुड़ा था
व्याख्या (Explanation):उग्रवादी राष्ट्रवाद ने बहिष्कार, स्वदेशी और निष्क्रिय प्रतिरोध जैसे तरीकों को अपनाया, जबकि क्रांतिकारी राष्ट्रवाद गुप्त संगठनों और सशस्त्र संघर्ष से जुड़ा था। दोनों का लक्ष्य ब्रिटिश शासन का विरोध था, परंतु रणनीतियाँ भिन्न थीं।
प्रश्न 94: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उदारवादी चरण के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे अधिक उपयुक्त है?
-
A.
उदारवादियों ने भारतीय राष्ट्रवाद की बौद्धिक और राजनीतिक नींव रखी
✓
-
B.
उदारवादी नेताओं का राष्ट्रीय आंदोलन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा
-
C.
उदारवादी नेताओं ने केवल ब्रिटिश हितों की रक्षा की
-
D.
उदारवादी नेताओं ने क्रांतिकारी संगठनों की स्थापना की
सही उत्तर:
A
— उदारवादियों ने भारतीय राष्ट्रवाद की बौद्धिक और राजनीतिक नींव रखी
व्याख्या (Explanation):उदारवादी नेताओं ने राजनीतिक चेतना, राष्ट्रीय एकता, प्रशासनिक आलोचना और आर्थिक शोषण के मुद्दों को व्यवस्थित रूप से उठाया। यद्यपि उनकी रणनीति सीमित थी, परंतु उन्होंने आगे के आंदोलनों के लिए वैचारिक आधार तैयार किया।
प्रश्न 95: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन ने क्रांति को केवल राजनीतिक सत्ता परिवर्तन तक सीमित नहीं माना। (2) भगत सिंह समाजवादी विचारों से प्रभावित थे। (3) हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन का अंतिम लक्ष्य ब्रिटिश शासन के भीतर डोमिनियन स्टेटस प्राप्त करना था।
-
A.
केवल 1 और 2
✓
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन का उद्देश्य केवल ब्रिटिश सत्ता हटाना नहीं बल्कि समाजवादी सिद्धांतों पर आधारित नई व्यवस्था स्थापित करना था। भगत सिंह मार्क्सवादी और समाजवादी विचारों से प्रभावित थे। संगठन डोमिनियन स्टेटस नहीं बल्कि क्रांतिकारी परिवर्तन चाहता था।
प्रश्न 96: निम्नलिखित में से कौन-सा विकास भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में “आर्थिक राष्ट्रवाद” के विस्तार का सबसे सटीक उदाहरण माना जा सकता है?
-
A.
भारतीय परिषद अधिनियम, 1892 की मांग
-
B.
स्वदेशी आंदोलन में विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार
✓
-
C.
कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन
-
D.
सूरत विभाजन
सही उत्तर:
B
— स्वदेशी आंदोलन में विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार
व्याख्या (Explanation):आर्थिक राष्ट्रवाद का अर्थ आर्थिक आत्मनिर्भरता और औपनिवेशिक आर्थिक शोषण का विरोध है। स्वदेशी आंदोलन के दौरान विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार और भारतीय उद्योगों के समर्थन ने इसे सबसे स्पष्ट रूप से अभिव्यक्त किया।
प्रश्न 97: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) गदर आंदोलन और अनुषीलन समिति दोनों सशस्त्र क्रांति में विश्वास रखते थे। (2) गदर आंदोलन का संगठनात्मक आधार मुख्यतः विदेशों में था, जबकि अनुषीलन समिति का केंद्र भारत में था। (3) दोनों आंदोलनों का वैचारिक आधार पूर्णतः उदारवादी संवैधानिक राजनीति था।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 1 और 2
✓
-
C.
केवल 2 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
B
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):गदर आंदोलन और अनुषीलन समिति दोनों क्रांतिकारी संगठन थे और सशस्त्र संघर्ष में विश्वास रखते थे। गदर आंदोलन विदेशों में बसे भारतीयों पर आधारित था, जबकि अनुषीलन समिति बंगाल में सक्रिय थी। तीसरा कथन गलत है क्योंकि दोनों संवैधानिक राजनीति के बजाय क्रांतिकारी संघर्ष से जुड़े थे।
प्रश्न 98: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन उग्रवादी राष्ट्रवाद की प्रकृति को सबसे बेहतर ढंग से व्यक्त करता है?
-
A.
यह केवल शिक्षित वर्ग तक सीमित राजनीतिक आंदोलन था
-
B.
यह ब्रिटिश संसद से सहयोग प्राप्त करने पर आधारित था
-
C.
यह सांस्कृतिक प्रतीकों, जनजागरण और राजनीतिक सक्रियता का मिश्रण था
✓
-
D.
यह मुख्यतः सामाजिक सुधार आंदोलन था
सही उत्तर:
C
— यह सांस्कृतिक प्रतीकों, जनजागरण और राजनीतिक सक्रियता का मिश्रण था
व्याख्या (Explanation):उग्रवादी राष्ट्रवाद ने भारतीय इतिहास, संस्कृति और धार्मिक प्रतीकों को राजनीतिक लामबंदी के साधन के रूप में उपयोग किया। तिलक द्वारा गणपति और शिवाजी उत्सवों का उपयोग इसका प्रमुख उदाहरण है। यह केवल संवैधानिक सुधारों तक सीमित नहीं था।
प्रश्न 99: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) “सेफ्टी वाल्व सिद्धांत” के अनुसार कांग्रेस की स्थापना ब्रिटिश शासन के विरुद्ध बढ़ते असंतोष को नियंत्रित करने के लिए की गई थी। (2) आधुनिक इतिहासकार पूरी तरह इस मत से सहमत हैं कि कांग्रेस केवल ब्रिटिशों की बनाई संस्था थी। (3) कांग्रेस की स्थापना भारतीय शिक्षित मध्यम वर्ग की राजनीतिक चेतना से भी जुड़ी थी।
-
A.
केवल 1 और 2
-
B.
केवल 1 और 3
✓
-
C.
केवल 2 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
B
— केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):“Safety Valve Theory” ए. ओ. ह्यूम की भूमिका को असंतोष नियंत्रित करने के संदर्भ में देखता है, लेकिन आधुनिक इतिहासकार मानते हैं कि कांग्रेस का उदय भारतीय राजनीतिक चेतना, प्रेस, शिक्षा और सामाजिक परिवर्तन का भी परिणाम था। अतः दूसरा कथन अतिरंजित और गलत है।
प्रश्न 100: भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे उपयुक्त है?
-
A.
उदारवादी और उग्रवादी चरण पूरी तरह एक-दूसरे से असंबंधित थे
-
B.
क्रांतिकारी आंदोलन का राष्ट्रीय आंदोलन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा
-
C.
स्वदेशी आंदोलन केवल आर्थिक आंदोलन था
-
D.
विभिन्न चरणों ने भारतीय राष्ट्रवाद के विकास में अलग-अलग प्रकार से योगदान दिया
✓
सही उत्तर:
D
— विभिन्न चरणों ने भारतीय राष्ट्रवाद के विकास में अलग-अलग प्रकार से योगदान दिया
व्याख्या (Explanation):भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन एक क्रमिक प्रक्रिया थी जिसमें उदारवादी, उग्रवादी और क्रांतिकारी सभी धाराओं ने योगदान दिया। उदारवादियों ने राजनीतिक चेतना विकसित की, उग्रवादियों ने जन-आंदोलन को गति दी और क्रांतिकारियों ने औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध संघर्ष की तीव्रता बढ़ाई।
प्रश्न 101: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गदर आंदोलन और हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन दोनों के लिए समान रूप से लागू होता है?
-
A.
दोनों केवल संवैधानिक सुधार चाहते थे
-
B.
दोनों ने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध क्रांतिकारी संघर्ष का समर्थन किया
✓
-
C.
दोनों का गठन बंगाल में हुआ था
-
D.
दोनों उदारवादी नेताओं के नेतृत्व में चले
सही उत्तर:
B
— दोनों ने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध क्रांतिकारी संघर्ष का समर्थन किया
व्याख्या (Explanation):गदर आंदोलन और हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन दोनों क्रांतिकारी संगठनों ने ब्रिटिश शासन को सशस्त्र संघर्ष के माध्यम से समाप्त करने का प्रयास किया। हालांकि दोनों की परिस्थितियाँ और संगठनात्मक संरचना अलग थीं, परंतु उनका लक्ष्य औपनिवेशिक शासन का अंत था।
प्रश्न 102: इनमें से कौन-सा/से सही है/हैं? (1) हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन का उद्देश्य केवल ब्रिटिश अधिकारियों की हत्या करना था। (2) भगत सिंह ने क्रांति को सामाजिक परिवर्तन से भी जोड़ा।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 2
✓
-
C.
1 और 2 दोनों
-
D.
न तो 1, न ही 2
सही उत्तर:
B
— केवल 2
व्याख्या (Explanation):हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन का उद्देश्य केवल हिंसात्मक कार्रवाई नहीं था; उसका व्यापक लक्ष्य समाजवादी गणराज्य की स्थापना था। भगत सिंह ने क्रांति को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिवर्तन की प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया।
प्रश्न 103: निम्नलिखित में से किस नेता ने गणपति उत्सव और शिवाजी उत्सव को राजनीतिक जागरूकता के साधन के रूप में उपयोग किया?
-
A.
लाला लाजपत राय
-
B.
बाल गंगाधर तिलक
✓
-
C.
अरविंद घोष
-
D.
बिपिन चंद्र पाल
सही उत्तर:
B
— बाल गंगाधर तिलक
व्याख्या (Explanation):बाल गंगाधर तिलक ने धार्मिक और ऐतिहासिक प्रतीकों का उपयोग कर जनता को राजनीतिक रूप से संगठित किया। गणपति और शिवाजी उत्सवों ने राष्ट्रवादी चेतना को जनसाधारण तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रश्न 104: इनमें से कौन-सा/से सही है/हैं? (1) कांग्रेस के प्रारंभिक नेताओं ने भारतीयों के लिए विधायिकाओं में प्रतिनिधित्व बढ़ाने की मांग की। (2) उग्रवादी नेताओं का मानना था कि राजनीतिक अधिकार याचिकाओं से नहीं मिलेंगे।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 2
-
C.
1 और 2 दोनों
✓
-
D.
न तो 1, न ही 2
सही उत्तर:
C
— 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):उदारवादी नेताओं ने विधायिकाओं में भारतीय प्रतिनिधित्व बढ़ाने की मांग की थी। उग्रवादी नेताओं का विश्वास था कि केवल प्रार्थना-पत्रों से राजनीतिक अधिकार प्राप्त नहीं किए जा सकते; इसके लिए जनदबाव और सक्रिय आंदोलन आवश्यक हैं।
प्रश्न 105: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
-
A.
गदर पार्टी — सैन फ्रांसिस्को
-
B.
अनुषीलन समिति — बंगाल
-
C.
अभिनव भारत — पंजाब
✓
-
D.
सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी — पुणे
सही उत्तर:
C
— अभिनव भारत — पंजाब
व्याख्या (Explanation):अभिनव भारत की स्थापना महाराष्ट्र में वी. डी. सावरकर द्वारा की गई थी, न कि पंजाब में। गदर पार्टी का मुख्यालय सैन फ्रांसिस्को में था, जबकि अनुषीलन समिति बंगाल की क्रांतिकारी संस्था थी। सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी का संबंध गोपाल कृष्ण गोखले और पुणे से था।
प्रश्न 106: इनमें से कौन-सा/से सही है/हैं? (1) उग्रवादी नेताओं ने “निष्क्रिय प्रतिरोध” की नीति को अपनाया। (2) स्वदेशी आंदोलन के दौरान विदेशी वस्तुओं की सार्वजनिक होली जलाई गई। (3) उदारवादी नेता ब्रिटिश आर्थिक नीतियों की आलोचना नहीं करते थे।
-
A.
केवल 1 और 2
✓
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):उग्रवादी नेताओं ने बहिष्कार, स्वदेशी और निष्क्रिय प्रतिरोध जैसी रणनीतियों को अपनाया। स्वदेशी आंदोलन के दौरान विदेशी वस्त्रों की होली जलाना प्रतीकात्मक विरोध का महत्वपूर्ण तरीका था। तीसरा कथन गलत है क्योंकि दादाभाई नौरोजी और आर. सी. दत्त जैसे उदारवादी नेताओं ने ब्रिटिश आर्थिक शोषण की तीखी आलोचना की थी।
प्रश्न 107: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उदारवादी चरण का सबसे महत्वपूर्ण योगदान निम्नलिखित में से क्या माना जाता है?
-
A.
सशस्त्र क्रांति का संगठन
-
B.
भारतीयों में राष्ट्रीय राजनीतिक चेतना का विकास
✓
-
C.
पूर्ण स्वराज की घोषणा
-
D.
समाजवादी आंदोलन की शुरुआत
सही उत्तर:
B
— भारतीयों में राष्ट्रीय राजनीतिक चेतना का विकास
व्याख्या (Explanation):उदारवादी नेताओं ने भारतीयों में राष्ट्रीयता, राजनीतिक जागरूकता और संगठन की भावना विकसित की। यद्यपि उनकी राजनीतिक उपलब्धियाँ सीमित थीं, परंतु उन्होंने आगे के जनआंदोलनों के लिए वैचारिक और राजनीतिक आधार तैयार किया। उदारवादी नेताओं को भारतीय राजनीतिक चेतना के प्रारंभिक शिक्षक के रूप में भी देखा जाता है।
प्रश्न 108: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के संबंध में सही नहीं है?
-
A.
यह समाजवादी विचारधारा से प्रभावित था
-
B.
इसका उद्देश्य क्रांतिकारी संघर्ष था
-
C.
इसका गठन 1928 में हुआ
-
D.
इसका मुख्य उद्देश्य संवैधानिक सुधार प्राप्त करना था
✓
सही उत्तर:
D
— इसका मुख्य उद्देश्य संवैधानिक सुधार प्राप्त करना था
व्याख्या (Explanation):हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन संवैधानिक सुधारों के बजाय सशस्त्र क्रांति और समाजवादी गणराज्य की स्थापना में विश्वास रखता था। भगत सिंह और उनके साथियों ने इसे व्यापक सामाजिक परिवर्तन के आंदोलन के रूप में देखा।
प्रश्न 109: इनमें से कौन-सा/से सही है/हैं? (1) स्वदेशी आंदोलन ने राष्ट्रीय शिक्षा संस्थानों की स्थापना को प्रोत्साहित किया। (2) उग्रवादी नेताओं ने धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों का राजनीतिक उपयोग किया।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 2
-
C.
1 और 2 दोनों
✓
-
D.
न तो 1, न ही 2
सही उत्तर:
C
— 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):स्वदेशी आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा आंदोलन को बल मिला और बंगाल नेशनल कॉलेज जैसे संस्थान स्थापित हुए। तिलक जैसे नेताओं ने गणपति उत्सव और शिवाजी उत्सव का उपयोग राजनीतिक जागरूकता फैलाने के लिए किया।
प्रश्न 110: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन “सुरक्षा वाल्व सिद्धांत” की आलोचना को सबसे उचित रूप से व्यक्त करता है?
-
A.
कांग्रेस केवल ब्रिटिश अधिकारियों का संगठन थी
-
B.
भारतीय राष्ट्रवाद का उदय केवल ए. ओ. ह्यूम के कारण हुआ
-
C.
कांग्रेस की स्थापना भारतीय राजनीतिक चेतना के विकास का भी परिणाम थी
✓
-
D.
कांग्रेस का उद्देश्य केवल सामाजिक सुधार था
सही उत्तर:
C
— कांग्रेस की स्थापना भारतीय राजनीतिक चेतना के विकास का भी परिणाम थी
व्याख्या (Explanation):आधुनिक इतिहासकारों का मानना है कि कांग्रेस की स्थापना को केवल “Safety Valve” सिद्धांत से नहीं समझा जा सकता। भारतीय समाज में बढ़ती राजनीतिक चेतना, शिक्षित मध्यम वर्ग का उदय और प्रशासनिक असंतोष भी इसके पीछे महत्वपूर्ण कारण थे।
प्रश्न 111: इनमें से कौन-से युग्म सही हैं? (1) सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी — गोपाल कृष्ण गोखले (2) अभिनव भारत — वी. डी. सावरकर (3) हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन — चंद्रशेखर आज़ाद उपरोक्त में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
-
A.
केवल 1 और 2
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
✓
सही उत्तर:
D
— 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):सर्वेंट्स ऑफ India Society की स्थापना गोपाल कृष्ण गोखले ने की थी। अभिनव भारत का संबंध वी. डी. सावरकर से था और हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन में चंद्रशेखर आज़ाद प्रमुख भूमिका में थे।
प्रश्न 112: इनमें से कौन-सा/से सही है/हैं? (1) उदारवादी नेताओं ने भारतीय परिषद अधिनियम, 1892 को पूर्णतः अस्वीकार कर दिया था। (2) उग्रवादी नेताओं का मानना था कि राजनीतिक अधिकार संघर्ष से प्राप्त किए जा सकते हैं। (3) स्वदेशी आंदोलन ने केवल आर्थिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया।
-
A.
केवल 2
✓
-
B.
केवल 1 और 3
-
C.
केवल 2 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 2
व्याख्या (Explanation):उदारवादी नेताओं ने भारतीय परिषद अधिनियम, 1892 को सीमित सुधार मानते हुए उसका स्वागत भी किया और आलोचना भी की; उन्होंने इसे पूर्णतः अस्वीकार नहीं किया। उग्रवादी नेताओं का विश्वास संघर्ष और जनदबाव में था। स्वदेशी आंदोलन केवल आर्थिक नहीं बल्कि शैक्षिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक आंदोलन भी था।
प्रश्न 113: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रारंभिक उद्देश्यों को सबसे उचित रूप से व्यक्त करता है?
-
A.
ब्रिटिश शासन को तत्काल समाप्त करना
-
B.
भारतीयों को प्रशासनिक अनुभव और राजनीतिक मंच प्रदान करना
✓
-
C.
समाजवादी गणराज्य की स्थापना करना
-
D.
केवल शिक्षित वर्ग के लिए पृथक निर्वाचन की मांग करना
सही उत्तर:
B
— भारतीयों को प्रशासनिक अनुभव और राजनीतिक मंच प्रदान करना
व्याख्या (Explanation):कांग्रेस के प्रारंभिक उद्देश्यों में भारतीयों को राजनीतिक चर्चा का मंच देना, राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना और प्रशासनिक सुधारों की मांग करना शामिल था। प्रारंभिक कांग्रेस तत्काल स्वतंत्रता की मांग नहीं कर रही थी।
प्रश्न 114: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन अनुषीलन समिति के संबंध में सही है?
-
A.
यह मुख्यतः संवैधानिक सुधारों की मांग करती थी
-
B.
इसका संबंध केवल पंजाब से था
-
C.
यह एक क्रांतिकारी गुप्त संगठन था
✓
-
D.
इसका गठन लखनऊ समझौते के बाद हुआ था
सही उत्तर:
C
— यह एक क्रांतिकारी गुप्त संगठन था
व्याख्या (Explanation):अनुषीलन समिति बंगाल का एक गुप्त क्रांतिकारी संगठन था जो सशस्त्र गतिविधियों और ब्रिटिश अधिकारियों पर हमलों से जुड़ा था। यह संवैधानिक सुधारों की बजाय क्रांतिकारी राष्ट्रवाद में विश्वास रखता था।
प्रश्न 115: निम्नलिखित में से कौन-सा नेता उग्रवादी विचारधारा और आध्यात्मिक राष्ट्रवाद दोनों से संबंधित था?
-
A.
गोपाल कृष्ण गोखले
-
B.
अरविंद घोष
✓
-
C.
फिरोजशाह मेहता
-
D.
बदरुद्दीन तैयबजी
सही उत्तर:
B
— अरविंद घोष
व्याख्या (Explanation):अरविंद घोष उग्रवादी आंदोलन के प्रमुख नेता थे और उन्होंने राष्ट्रवाद को आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी देखा। बाद में वे पांडिचेरी चले गए और आध्यात्मिक साधना में संलग्न हो गए।
प्रश्न 116: निम्नलिखित में से किस अधिवेशन में उदारवादी और उग्रवादी नेताओं के बीच समझौते का प्रयास सफल हुआ?
-
A.
सूरत अधिवेशन, 1907
-
B.
कलकत्ता अधिवेशन, 1906
-
C.
लखनऊ अधिवेशन, 1916
✓
-
D.
बंबई अधिवेशन, 1885
सही उत्तर:
C
— लखनऊ अधिवेशन, 1916
व्याख्या (Explanation):1916 के लखनऊ अधिवेशन में कांग्रेस के उदारवादी और उग्रवादी गुटों के बीच पुनः एकता स्थापित हुई। इसी अधिवेशन में कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच लखनऊ समझौता भी हुआ। यह राष्ट्रीय आंदोलन में राजनीतिक सहयोग का महत्वपूर्ण चरण था।
प्रश्न 117: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गदर आंदोलन के संबंध में सही नहीं है?
-
A.
इसका प्रमुख केंद्र उत्तर अमेरिका था
-
B.
इसका उद्देश्य ब्रिटिश शासन के विरुद्ध विद्रोह करना था
-
C.
यह मुख्यतः प्रवासी भारतीयों से जुड़ा आंदोलन था
-
D.
इसका नेतृत्व मुख्यतः उदारवादी कांग्रेस नेताओं ने किया था
✓
सही उत्तर:
D
— इसका नेतृत्व मुख्यतः उदारवादी कांग्रेस नेताओं ने किया था
व्याख्या (Explanation):गदर आंदोलन क्रांतिकारी और प्रवासी भारतीयों का आंदोलन था, जिसका नेतृत्व लाला हरदयाल जैसे क्रांतिकारी कर रहे थे। इसका कांग्रेस के उदारवादी नेतृत्व से कोई संबंध नहीं था। यह आंदोलन सशस्त्र विद्रोह के माध्यम से स्वतंत्रता प्राप्त करना चाहता था।
प्रश्न 118: कांग्रेस के उदारवादी चरण की आलोचना उग्रवादियों द्वारा मुख्यतः किस आधार पर की गई?
-
A.
उदारवादी नेताओं ने ब्रिटिश शासन का समर्थन किया
-
B.
उदारवादी नेताओं ने किसानों की समस्याओं की अनदेखी की
-
C.
उदारवादी नेताओं ने केवल धार्मिक सुधारों पर ध्यान दिया
-
D.
उदारवादी नेताओं की राजनीतिक पद्धति अत्यधिक धीमी और सीमित थी
✓
सही उत्तर:
D
— उदारवादी नेताओं की राजनीतिक पद्धति अत्यधिक धीमी और सीमित थी
व्याख्या (Explanation):उग्रवादी नेताओं का मानना था कि उदारवादी नेताओं की प्रार्थना-पत्र आधारित राजनीति अत्यधिक धीमी और अप्रभावी थी। वे अधिक सक्रिय जन-आंदोलन और दबाव की राजनीति के पक्षधर थे। यही मतभेद आगे चलकर सूरत विभाजन का कारण बना।
प्रश्न 119: कौन-से युग्म सही हैं: (1) केसरी — बाल गंगाधर तिलक (2) वंदे मातरम् — अरविंद घोष (3) गदर — लाला हरदयाल
-
A.
केवल 1 और 2
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
1, 2 और 3
✓
-
D.
केवल 1 और 3
सही उत्तर:
C
— 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):“केसरी” तिलक का समाचार पत्र था, “वंदे मातरम्” अरविंद घोष से संबंधित था और “गदर” पत्र लाला हरदयाल तथा गदर पार्टी से जुड़ा था।
प्रश्न 120: निम्नलिखित में से किस घटना ने भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में आर्थिक राष्ट्रवाद को सर्वाधिक गति दी?
-
A.
कांग्रेस की स्थापना
-
B.
बंगाल विभाजन और स्वदेशी आंदोलन
✓
-
C.
लखनऊ समझौता
-
D.
मॉर्ले-मिंटो सुधार
सही उत्तर:
B
— बंगाल विभाजन और स्वदेशी आंदोलन
व्याख्या (Explanation):बंगाल विभाजन (1905) के विरोध में शुरू हुआ स्वदेशी आंदोलन आर्थिक राष्ट्रवाद का महत्वपूर्ण चरण था। विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार और स्वदेशी उद्योगों के समर्थन ने आर्थिक आत्मनिर्भरता की भावना को मजबूत किया।
प्रश्न 121: इनमें से कौन-सा/से सही है/हैं? (1) उदारवादी नेताओं का मुख्य विश्वास ब्रिटिश संसद की न्यायप्रियता में था। (2) उग्रवादी नेताओं ने राष्ट्रीय शिक्षा, स्वदेशी और बहिष्कार को राजनीतिक हथियार के रूप में अपनाया। (3) उग्रवादी नेता प्रारंभ से ही पूर्ण स्वतंत्रता की औपचारिक मांग कर रहे थे।
-
A.
केवल 1 और 2
✓
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):उदारवादी नेताओं का विश्वास ब्रिटिश न्यायप्रियता और संवैधानिक सुधारों में था। उग्रवादी नेताओं ने स्वदेशी, बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षा को आंदोलन का आधार बनाया। हालांकि प्रारंभिक उग्रवादी सीधे “पूर्ण स्वतंत्रता” की औपचारिक मांग नहीं कर रहे थे; वे स्वराज की मांग कर रहे थे जिसका अर्थ तत्कालीन संदर्भ में स्वशासन था।
प्रश्न 122: हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
-
A.
इसका उद्देश्य केवल सामाजिक सुधार था
-
B.
यह उदारवादी नेताओं का संगठन था
-
C.
यह केवल विदेशों में कार्यरत संगठन था
-
D.
यह क्रांतिकारी समाजवादी विचारधारा से प्रेरित था
✓
सही उत्तर:
D
— यह क्रांतिकारी समाजवादी विचारधारा से प्रेरित था
व्याख्या (Explanation):हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन एक क्रांतिकारी संगठन था जो समाजवादी सिद्धांतों से प्रेरित था। भगत सिंह जैसे नेताओं ने इसे केवल राजनीतिक स्वतंत्रता तक सीमित न रखकर सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन से भी जोड़ा।
प्रश्न 123: कांग्रेस के उदारवादी चरण की एक प्रमुख विशेषता क्या थी?
-
A.
विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार
-
B.
संवैधानिक एवं शांतिपूर्ण उपायों का उपयोग
✓
-
C.
सशस्त्र संघर्ष का समर्थन
-
D.
समाजवादी क्रांति की मांग
सही उत्तर:
B
— संवैधानिक एवं शांतिपूर्ण उपायों का उपयोग
व्याख्या (Explanation):उदारवादी नेताओं ने संवैधानिक सुधारों, याचिकाओं और प्रतिनिधिमंडलों के माध्यम से राजनीतिक अधिकार प्राप्त करने का प्रयास किया। वे हिंसात्मक संघर्ष के विरोधी थे।
प्रश्न 124: इनमें से कौन-सा/से सही है/हैं? (1) अनुषीलन समिति मुख्यतः बंगाल में सक्रिय थी। (2) इसका उद्देश्य क्रांतिकारी गतिविधियों के माध्यम से ब्रिटिश शासन का विरोध करना था।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 2
-
C.
1 और 2 दोनों
✓
-
D.
न तो 1, न ही 2
सही उत्तर:
C
— 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):अनुषीलन समिति बंगाल की प्रमुख क्रांतिकारी संस्था थी। इसके सदस्य ब्रिटिश शासन के विरुद्ध गुप्त और सशस्त्र गतिविधियों में शामिल थे। बंगाल उस समय क्रांतिकारी राष्ट्रवाद का प्रमुख केंद्र बन चुका था।
प्रश्न 125: निम्नलिखित में से कौन-सा नेता “पंजाब केसरी” के नाम से प्रसिद्ध था?
-
A.
लाला लाजपत राय
✓
-
B.
भगत सिंह
-
C.
लाला हरदयाल
-
D.
बिपिन चंद्र पाल
सही उत्तर:
A
— लाला लाजपत राय
व्याख्या (Explanation):लाला लाजपत राय को “पंजाब केसरी” कहा जाता था। वे उग्रवादी आंदोलन के प्रमुख नेता थे और “लाल-बाल-पाल” त्रयी का हिस्सा थे। साइमन कमीशन विरोध के दौरान लगी चोटों के कारण उनकी मृत्यु हुई थी।
प्रश्न 126: निम्नलिखित में से कौन-सा संगठन भारत के बाहर स्थापित हुआ था?
-
A.
अभिनव भारत
-
B.
गदर पार्टी
✓
-
C.
अनुषीलन समिति
-
D.
हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन
सही उत्तर:
B
— गदर पार्टी
व्याख्या (Explanation):गदर पार्टी की स्थापना 1913 में सैन फ्रांसिस्को (अमेरिका) में हुई थी। यह प्रवासी भारतीयों का क्रांतिकारी संगठन था जिसका उद्देश्य ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह करना था। अन्य संगठन भारत में स्थापित हुए थे।
प्रश्न 127: निम्नलिखित में से किसे भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में “राजनीतिक गुरु” के रूप में महात्मा गांधी ने स्वीकार किया था?
-
A.
दादाभाई नौरोजी
-
B.
बाल गंगाधर तिलक
-
C.
बिपिन चंद्र पाल
-
D.
गोपाल कृष्ण गोखले
✓
सही उत्तर:
D
— गोपाल कृष्ण गोखले
व्याख्या (Explanation):महात्मा गांधी ने गोपाल कृष्ण गोखले को अपना राजनीतिक गुरु माना था। गोखले उदारवादी विचारधारा के प्रमुख नेता थे और उन्होंने “सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी” की स्थापना की थी।
प्रश्न 128: निम्नलिखित में से किस अधिवेशन में कांग्रेस ने पहली बार “स्वराज” शब्द को अपने राजनीतिक लक्ष्य के रूप में स्पष्ट रूप से अपनाया?
-
A.
बंबई अधिवेशन, 1885
-
B.
सूरत अधिवेशन, 1907
-
C.
कलकत्ता अधिवेशन, 1906
✓
-
D.
लखनऊ अधिवेशन, 1916
सही उत्तर:
C
— कलकत्ता अधिवेशन, 1906
व्याख्या (Explanation):1906 के कलकत्ता अधिवेशन में दादाभाई नौरोजी की अध्यक्षता में कांग्रेस ने पहली बार “स्वराज” को अपने लक्ष्य के रूप में स्वीकार किया। हालांकि उस समय “स्वराज” का अर्थ पूर्ण स्वतंत्रता नहीं बल्कि स्वशासन था।
प्रश्न 129: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन उदारवादी नेताओं के संबंध में सही है?
-
A.
वे पूर्ण स्वतंत्रता की मांग सबसे पहले कर रहे थे
-
B.
वे हिंसात्मक क्रांति के समर्थक थे
-
C.
वे ब्रिटिश शासन को तत्काल समाप्त करना चाहते थे
-
D.
वे क्रमिक सुधारों में विश्वास रखते थे
✓
सही उत्तर:
D
— वे क्रमिक सुधारों में विश्वास रखते थे
व्याख्या (Explanation):उदारवादी नेताओं का विश्वास क्रमिक सुधारों और संवैधानिक उपायों में था। वे ब्रिटिश संसद और प्रशासन को प्रभावित कर भारतीयों के लिए राजनीतिक अधिकार प्राप्त करना चाहते थे। यही कारण है कि उनकी रणनीति अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण रही।
प्रश्न 130: निम्नलिखित में से कौन-सा नेता हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन से संबंधित था?
-
A.
भगत सिंह
✓
-
B.
गोपाल कृष्ण गोखले
-
C.
दादाभाई नौरोजी
-
D.
सुरेन्द्रनाथ बनर्जी
सही उत्तर:
A
— भगत सिंह
व्याख्या (Explanation):भगत सिंह हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के प्रमुख क्रांतिकारी नेता थे। संगठन का उद्देश्य ब्रिटिश शासन को समाप्त कर समाजवादी सिद्धांतों पर आधारित गणराज्य की स्थापना करना था। “इंकलाब जिंदाबाद” का नारा इसी क्रांतिकारी धारा से लोकप्रिय हुआ।
प्रश्न 131: इनमें से कौन-सा/से सही है/हैं? (1) गदर आंदोलन का केंद्र विदेशों में बसे भारतीय थे। (2) गदर आंदोलन का उद्देश्य ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह था।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 2
-
C.
1 और 2 दोनों
✓
-
D.
न तो 1, न ही 2
सही उत्तर:
C
— 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):गदर आंदोलन मुख्यतः अमेरिका और कनाडा में बसे भारतीयों द्वारा संचालित था। इसका उद्देश्य भारत में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सशस्त्र क्रांति करना था। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान इस आंदोलन ने विद्रोह की योजना बनाई थी।
प्रश्न 132: निम्नलिखित में से किस संगठन की स्थापना विनायक दामोदर सावरकर से संबंधित है?
-
A.
गदर पार्टी
-
B.
अनुषीलन समिति
-
C.
हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन
-
D.
अभिनव भारत
✓
सही उत्तर:
D
— अभिनव भारत
व्याख्या (Explanation):अभिनव भारत की स्थापना वी. डी. सावरकर ने 1904 में महाराष्ट्र में की थी। यह एक गुप्त क्रांतिकारी संगठन था जिसका उद्देश्य ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष करना था।
प्रश्न 133: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन स्वदेशी आंदोलन के बारे में सही नहीं है?
-
A.
इसमें ब्रिटिश वस्तुओं के बहिष्कार पर बल दिया गया
-
B.
इसने राष्ट्रीय शिक्षा आंदोलन को प्रोत्साहित किया
-
C.
यह बंगाल विभाजन के विरोध से जुड़ा था
-
D.
इसका मुख्य नेतृत्व केवल उदारवादी नेताओं ने किया
✓
सही उत्तर:
D
— इसका मुख्य नेतृत्व केवल उदारवादी नेताओं ने किया
व्याख्या (Explanation):स्वदेशी आंदोलन में उग्रवादी नेताओं की प्रमुख भूमिका थी। तिलक, बिपिन चंद्र पाल और अरविंद घोष जैसे नेताओं ने इसे जन-आंदोलन का स्वरूप दिया। उदारवादी नेता भी आंदोलन में शामिल थे, परंतु नेतृत्व केवल उनके हाथ में नहीं था।
प्रश्न 134: कांग्रेस के उदारवादी नेताओं द्वारा भारतीय सिविल सेवा परीक्षा के संबंध में क्या मांग की गई थी?
-
A.
परीक्षा केवल इंग्लैंड में हो
-
B.
परीक्षा समाप्त कर दी जाए
-
C.
परीक्षा भारत और इंग्लैंड दोनों में आयोजित हो
✓
-
D.
परीक्षा केवल भारतीय भाषाओं में हो
सही उत्तर:
C
— परीक्षा भारत और इंग्लैंड दोनों में आयोजित हो
व्याख्या (Explanation):उदारवादी नेताओं की प्रमुख मांगों में से एक थी कि भारतीय सिविल सेवा (ICS) परीक्षा भारत और इंग्लैंड दोनों स्थानों पर आयोजित की जाए ताकि भारतीय अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके। यह प्रशासन में भारतीय भागीदारी बढ़ाने का प्रयास था।
प्रश्न 135: निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा सही सुमेलित है?
-
A.
गोपाल कृष्ण गोखले — अभिनव भारत
-
B.
अरविंद घोष — स्वदेशी आंदोलन
✓
-
C.
दादाभाई नौरोजी — गदर आंदोलन
-
D.
लाला हरदयाल — उदारवादी चरण
सही उत्तर:
B
— अरविंद घोष — स्वदेशी आंदोलन
व्याख्या (Explanation):अरविंद घोष स्वदेशी आंदोलन और उग्रवादी विचारधारा से जुड़े प्रमुख नेता थे। अभिनव भारत की स्थापना वी. डी. सावरकर ने की थी। लाला हरदयाल गदर आंदोलन से जुड़े थे, जबकि दादाभाई नौरोजी उदारवादी चरण के प्रमुख नेता थे।
प्रश्न 136: निम्नलिखित में से किस घटना ने उग्रवादी आंदोलन को सबसे अधिक बल प्रदान किया?
-
A.
कांग्रेस की स्थापना
-
B.
बंगाल विभाजन
✓
-
C.
भारत छोड़ो आंदोलन
-
D.
कैबिनेट मिशन योजना
सही उत्तर:
B
— बंगाल विभाजन
व्याख्या (Explanation):1905 का बंगाल विभाजन उग्रवादी आंदोलन के उदय का प्रमुख कारण बना। इससे स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन शुरू हुआ तथा कांग्रेस के भीतर उग्रवादी नेताओं का प्रभाव बढ़ा। यह भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में जनभागीदारी बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण मोड़ था।
प्रश्न 137: इनमें से कौन-सा/से सही है/हैं? (1) उदारवादी नेताओं का विश्वास संवैधानिक सुधारों में था। (2) उग्रवादी नेता ब्रिटिश शासन की न्यायप्रियता में पूर्ण विश्वास रखते थे।
-
A.
केवल 1
✓
-
B.
केवल 2
-
C.
1 और 2 दोनों
-
D.
न तो 1, न ही 2
सही उत्तर:
A
— केवल 1
व्याख्या (Explanation):उदारवादी नेता संवैधानिक सुधारों, प्रार्थना-पत्र और शांतिपूर्ण तरीकों में विश्वास रखते थे। दूसरी ओर उग्रवादी नेताओं का ब्रिटिश न्यायप्रियता में विश्वास कम था और वे अधिक आक्रामक राजनीतिक तरीकों के पक्षधर थे।
प्रश्न 138: निम्नलिखित में से कौन-सा नेता उदारवादी चरण से संबंधित था?
-
A.
बिपिन चंद्र पाल
-
B.
अरविंद घोष
-
C.
लाला हरदयाल
-
D.
गोपाल कृष्ण गोखले
✓
सही उत्तर:
D
— गोपाल कृष्ण गोखले
व्याख्या (Explanation):गोपाल कृष्ण गोखले उदारवादी विचारधारा के प्रमुख नेता थे। वे संवैधानिक सुधारों और क्रमिक प्रगति में विश्वास रखते थे। उन्होंने “सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी” की स्थापना की थी। महात्मा गांधी ने उन्हें अपना राजनीतिक गुरु माना था।
प्रश्न 139: बंगाल विभाजन को ब्रिटिश सरकार ने कब रद्द किया था?
-
A.
1909
-
B.
1911
✓
-
C.
1915
-
D.
1919
सही उत्तर:
B
— 1911
व्याख्या (Explanation):ब्रिटिश सरकार ने 1911 में बंगाल विभाजन को रद्द कर दिया। स्वदेशी आंदोलन के व्यापक विरोध और राजनीतिक दबाव के कारण यह निर्णय लिया गया। इसी वर्ष भारत की राजधानी कलकत्ता से दिल्ली स्थानांतरित की गई।
प्रश्न 140: स्वदेशी आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा आंदोलन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
-
A.
केवल अंग्रेज़ी शिक्षा को बढ़ावा देना
-
B.
भारतीय संस्कृति आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करना
✓
-
C.
मिशनरी शिक्षा का विस्तार करना
-
D.
सैन्य प्रशिक्षण देना
सही उत्तर:
B
— भारतीय संस्कृति आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करना
व्याख्या (Explanation):स्वदेशी आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा आंदोलन का उद्देश्य ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करना था जो भारतीय संस्कृति, स्वाभिमान और राष्ट्रवाद पर आधारित हो। बंगाल नेशनल कॉलेज इसकी प्रमुख उपलब्धियों में से एक था।
प्रश्न 141: “लाल-बाल-पाल” में “लाल” से अभिप्राय किससे है?
-
A.
लाला लाजपत राय
✓
-
B.
लाल बहादुर शास्त्री
-
C.
लाला हरदयाल
-
D.
लाला हंसराज
सही उत्तर:
A
— लाला लाजपत राय
व्याख्या (Explanation):“लाल” से अभिप्राय लाला लाजपत राय से है, जो पंजाब केसरी के नाम से प्रसिद्ध थे। वे उग्रवादी आंदोलन के प्रमुख नेता थे और स्वदेशी आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई।
प्रश्न 142: कांग्रेस के उदारवादी नेताओं का ब्रिटिश शासन के प्रति दृष्टिकोण क्या था?
-
A.
वे तत्काल सशस्त्र क्रांति चाहते थे
-
B.
वे ब्रिटिश शासन को पूर्णतः अवैध मानते थे
-
C.
वे ब्रिटिश शासन के साथ कोई सहयोग नहीं चाहते थे
-
D.
वे ब्रिटिश न्यायप्रियता में विश्वास रखते थे
✓
सही उत्तर:
D
— वे ब्रिटिश न्यायप्रियता में विश्वास रखते थे
व्याख्या (Explanation):उदारवादी नेताओं का मानना था कि ब्रिटिश शासन के भीतर संवैधानिक सुधारों के माध्यम से भारतीयों की स्थिति सुधारी जा सकती है। इसलिए वे प्रार्थना-पत्र और शांतिपूर्ण विरोध की नीति अपनाते थे।
प्रश्न 143: निम्नलिखित में से कौन-सा समाचार पत्र बाल गंगाधर तिलक द्वारा प्रकाशित किया गया था?
-
A.
यंग इंडिया
-
B.
बंगाली
-
C.
केसरी
✓
-
D.
अमृत बाजार पत्रिका
सही उत्तर:
C
— केसरी
व्याख्या (Explanation):बाल गंगाधर तिलक ने मराठी भाषा में “केसरी” और अंग्रेज़ी में “मराठा” समाचार पत्र प्रकाशित किए। इन पत्रों ने राष्ट्रीय चेतना और ब्रिटिश विरोधी विचारों को फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रश्न 144: निम्नलिखित में से किस नेता को “भारतीय अशांति का जनक” कहा गया?
-
A.
लाला लाजपत राय
-
B.
बाल गंगाधर तिलक
✓
-
C.
बिपिन चंद्र पाल
-
D.
अरविंद घोष
सही उत्तर:
B
— बाल गंगाधर तिलक
व्याख्या (Explanation):ब्रिटिश लेखक वेलेंटाइन चिरोल ने बाल गंगाधर तिलक को “भारतीय अशांति का जनक” कहा था। तिलक ने उग्र राष्ट्रवाद को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया और गणपति तथा शिवाजी उत्सवों के माध्यम से राजनीतिक जागरूकता फैलाई।
प्रश्न 145: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के दूसरे अधिवेशन का आयोजन कहाँ हुआ था?
-
A.
कलकत्ता
✓
-
B.
मद्रास
-
C.
बंबई
-
D.
इलाहाबाद
सही उत्तर:
A
— कलकत्ता
व्याख्या (Explanation):कांग्रेस का दूसरा अधिवेशन 1886 में कलकत्ता में आयोजित हुआ था जिसकी अध्यक्षता दादाभाई नौरोजी ने की थी।
प्रश्न 146: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?
-
A.
अनुषीलन समिति — पंजाब
-
B.
गदर आंदोलन — महाराष्ट्र
-
C.
अभिनव भारत — बंगाल
-
D.
अनुषीलन समिति — बंगाल
✓
सही उत्तर:
D
— अनुषीलन समिति — बंगाल
व्याख्या (Explanation):अनुषीलन समिति बंगाल की प्रमुख क्रांतिकारी संस्था थी। गदर आंदोलन का केंद्र मुख्यतः पंजाबियों से जुड़ा प्रवासी आंदोलन था, जबकि अभिनव भारत की स्थापना विनायक दामोदर सावरकर ने महाराष्ट्र में की थी।
प्रश्न 147: “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा” यह कथन किसने दिया था?
-
A.
बिपिन चंद्र पाल
-
B.
बाल गंगाधर तिलक
✓
-
C.
अरविंद घोष
-
D.
लाला लाजपत राय
सही उत्तर:
B
— बाल गंगाधर तिलक
व्याख्या (Explanation):यह प्रसिद्ध नारा बाल गंगाधर तिलक ने दिया था। इसने भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में नई ऊर्जा और उग्र राष्ट्रवाद को बढ़ावा दिया।
प्रश्न 148: निम्नलिखित में से कौन-सा नेता उग्रवादी विचारधारा से संबंधित था?
-
A.
फिरोजशाह मेहता
-
B.
बदरुद्दीन तैयबजी
-
C.
बाल गंगाधर तिलक
✓
-
D.
सुरेन्द्रनाथ बनर्जी
सही उत्तर:
C
— बाल गंगाधर तिलक
व्याख्या (Explanation):बाल गंगाधर तिलक उग्रवादी आंदोलन के सबसे प्रमुख नेता थे। वे स्वराज, स्वदेशी और राष्ट्रीय शिक्षा के प्रबल समर्थक थे। उदारवादी नेताओं की तुलना में वे अधिक आक्रामक राजनीतिक रणनीति अपनाने के पक्षधर थे।
प्रश्न 149: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के गठन के “सुरक्षा वाल्व सिद्धांत” का संबंध किससे है?
-
A.
दादाभाई नौरोजी
-
B.
लाला लाजपत राय
-
C.
आर. सी. दत्त
-
D.
ए. ओ. ह्यूम
✓
सही उत्तर:
D
— ए. ओ. ह्यूम
व्याख्या (Explanation):“सुरक्षा वाल्व सिद्धांत” के अनुसार ए. ओ. ह्यूम ने कांग्रेस की स्थापना इसलिए करवाई ताकि भारतीयों के बढ़ते असंतोष को शांतिपूर्ण मंच मिले और वह हिंसक रूप न ले। हालांकि आधुनिक इतिहासकार इस सिद्धांत को पूर्णतः स्वीकार नहीं करते।
प्रश्न 150: उदारवादी नेताओं की मांगों में निम्नलिखित में से क्या शामिल था?
-
A.
पूर्ण स्वतंत्रता
-
B.
भारतीयों की उच्च सेवाओं में भागीदारी
✓
-
C.
सशस्त्र विद्रोह
-
D.
ब्रिटिश वस्तुओं का पूर्ण बहिष्कार
सही उत्तर:
B
— भारतीयों की उच्च सेवाओं में भागीदारी
व्याख्या (Explanation):उदारवादी नेता प्रशासनिक सुधार, विधायिकाओं का विस्तार तथा भारतीयों को उच्च प्रशासनिक सेवाओं में अधिक अवसर देने की मांग करते थे। वे तत्काल पूर्ण स्वतंत्रता या हिंसात्मक संघर्ष के पक्षधर नहीं थे।
प्रश्न 151: निम्नलिखित में से किसे “भारत का ग्रैंड ओल्ड मैन” कहा जाता है?
-
A.
गोपाल कृष्ण गोखले
-
B.
बाल गंगाधर तिलक
-
C.
दादाभाई नौरोजी
✓
-
D.
फिरोजशाह मेहता
सही उत्तर:
C
— दादाभाई नौरोजी
व्याख्या (Explanation):दादाभाई नौरोजी को “भारत का ग्रैंड ओल्ड मैन” कहा जाता है। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के तीन बार अध्यक्ष रहे और ब्रिटिश संसद के लिए चुने जाने वाले पहले भारतीय भी थे।
प्रश्न 152: दादाभाई नौरोजी द्वारा प्रतिपादित “धन निकासी सिद्धांत” (Drain Theory) का संबंध किससे था?
-
A.
भारतीय कृषि संकट
-
B.
भारत से ब्रिटेन को आर्थिक संपत्ति के प्रवाह
✓
-
C.
बंगाल विभाजन
-
D.
स्वदेशी उद्योगों के विकास
सही उत्तर:
B
— भारत से ब्रिटेन को आर्थिक संपत्ति के प्रवाह
व्याख्या (Explanation):दादाभाई नौरोजी ने “Drain of Wealth Theory” के माध्यम से बताया कि किस प्रकार भारत की संपत्ति ब्रिटेन भेजी जा रही थी। यह ब्रिटिश आर्थिक शोषण की प्रारंभिक आलोचनाओं में से एक थी।
प्रश्न 153: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन में कुल कितने प्रतिनिधियों ने भाग लिया था?
-
A.
72
✓
-
B.
82
-
C.
92
-
D.
102
सही उत्तर:
A
— 72
व्याख्या (Explanation):1885 में बंबई में आयोजित कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन में कुल 72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। अधिवेशन का उद्देश्य शिक्षित भारतीयों को एक साझा राजनीतिक मंच प्रदान करना था।
प्रश्न 154: निम्नलिखित में से कौन-सा संगठन क्रांतिकारी गतिविधियों से संबंधित था?
-
A.
पूना सर्वजनिक सभा
-
B.
अनुषीलन समिति
✓
-
C.
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
-
D.
ब्रह्म समाज
सही उत्तर:
B
— अनुषीलन समिति
व्याख्या (Explanation):अनुषीलन समिति बंगाल की एक प्रमुख क्रांतिकारी संस्था थी जिसने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सशस्त्र गतिविधियाँ चलाईं। इसकी स्थापना प्रमथ मित्र के नेतृत्व में हुई थी। पूना सर्वजनिक सभा और ब्रह्म समाज सामाजिक-राजनीतिक सुधार संगठनों से जुड़े थे।
प्रश्न 155: स्वदेशी आंदोलन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
-
A.
ब्रिटिश वस्तुओं का बहिष्कार
✓
-
B.
भारत छोड़ो आंदोलन चलाना
-
C.
मुस्लिम लीग की स्थापना करना
-
D.
क्रांतिकारी गतिविधियों को रोकना
सही उत्तर:
A
— ब्रिटिश वस्तुओं का बहिष्कार
व्याख्या (Explanation):स्वदेशी आंदोलन का मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश वस्तुओं का बहिष्कार कर भारतीय उद्योगों और उत्पादों को बढ़ावा देना था। यह आंदोलन 1905 के बंगाल विभाजन के विरोध में शुरू हुआ। इसमें राष्ट्रीय शिक्षा और स्वावलंबन पर भी बल दिया गया।
प्रश्न 156: “लाल-बाल-पाल” में “पाल” से अभिप्राय किससे है?
-
A.
बिपिन चंद्र पाल
✓
-
B.
लाला हरदयाल
-
C.
अरविंद घोष
-
D.
सुरेन्द्रनाथ बनर्जी
सही उत्तर:
A
— बिपिन चंद्र पाल
व्याख्या (Explanation):“लाल-बाल-पाल” उग्रवादी राष्ट्रवाद के तीन प्रमुख नेताओं — लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक और बिपिन चंद्र पाल — के लिए प्रयुक्त प्रसिद्ध शब्द था। इन नेताओं ने स्वदेशी, बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षा जैसे आंदोलनों को प्रोत्साहित किया। बिपिन चंद्र पाल विशेष रूप से बंगाल में उग्रवादी राष्ट्रवाद के प्रमुख प्रवक्ता थे।
प्रश्न 157: बंगाल विभाजन किस वायसराय के समय हुआ था?
-
A.
लॉर्ड रिपन
-
B.
लॉर्ड डफरिन
-
C.
लॉर्ड कर्जन
✓
-
D.
लॉर्ड हार्डिंग
सही उत्तर:
C
— लॉर्ड कर्जन
व्याख्या (Explanation):1905 में लॉर्ड कर्जन ने बंगाल विभाजन किया। आधिकारिक कारण प्रशासनिक सुविधा बताया गया, लेकिन वास्तविक उद्देश्य ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति था। इसने स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन को जन्म दिया।
प्रश्न 158: उदारवादी नेताओं द्वारा अपनाई गई नीति को किस नाम से जाना जाता है?
-
A.
स्वदेशी और बहिष्कार
-
B.
प्रार्थना, निवेदन और विरोध
✓
-
C.
सशस्त्र क्रांति
-
D.
पूर्ण स्वतंत्रता आंदोलन
सही उत्तर:
B
— प्रार्थना, निवेदन और विरोध
व्याख्या (Explanation):उदारवादी नेताओं की कार्यप्रणाली को प्रार्थना, याचिका और विरोध (Prayer, Petition and Protest) कहा जाता है। वे ब्रिटिश शासन की न्यायप्रियता में विश्वास रखते थे और संवैधानिक माध्यमों से सुधार चाहते थे। स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन मुख्यतः उग्रवादी चरण से संबंधित थे।
प्रश्न 159: निम्नलिखित में से कौन उदारवादी नेता नहीं थे?
-
A.
गोपाल कृष्ण गोखले
-
B.
फिरोजशाह मेहता
-
C.
बाल गंगाधर तिलक
✓
-
D.
दादाभाई नौरोजी
सही उत्तर:
C
— बाल गंगाधर तिलक
व्याख्या (Explanation):बाल गंगाधर तिलक उग्रवादी विचारधारा के प्रमुख नेता थे, जबकि गोखले, मेहता और नौरोजी उदारवादी चरण से जुड़े थे।
प्रश्न 160: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रारंभिक नेताओं को सामान्यतः किस नाम से जाना जाता है?
-
A.
क्रांतिकारी
-
B.
उग्रवादी
-
C.
समाजवादी
-
D.
उदारवादी
✓
सही उत्तर:
D
— उदारवादी
व्याख्या (Explanation):1885 से 1905 तक कांग्रेस के नेताओं को उदारवादी कहा जाता है। वे संवैधानिक सुधारों, प्रार्थना-पत्र, प्रतिनिधिमंडल और शांतिपूर्ण तरीकों में विश्वास रखते थे। दादाभाई नौरोजी, गोपाल कृष्ण गोखले और फिरोजशाह मेहता इसके प्रमुख नेता थे।
प्रश्न 161: ए. ओ. ह्यूम के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
-
A.
वे कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष थे
-
B.
वे एक सेवानिवृत्त ब्रिटिश सिविल सेवक थे
✓
-
C.
उन्होंने बंगाल विभाजन किया
-
D.
वे गदर आंदोलन के नेता थे
सही उत्तर:
B
— वे एक सेवानिवृत्त ब्रिटिश सिविल सेवक थे
व्याख्या (Explanation):एलेन ऑक्टेवियन ह्यूम एक सेवानिवृत्त ब्रिटिश ICS अधिकारी थे जिन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हें कांग्रेस का संस्थापक माना जाता है। कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष W.C. बनर्जी थे, इसलिए विकल्प A गलत है।
प्रश्न 162: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन की अध्यक्षता किसने की थी?
-
A.
दादाभाई नौरोजी
-
B.
सुरेन्द्रनाथ बनर्जी
-
C.
डब्ल्यू. सी. बनर्जी
✓
-
D.
ए. ओ. ह्यूम
सही उत्तर:
C
— डब्ल्यू. सी. बनर्जी
व्याख्या (Explanation):कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन की अध्यक्षता व्योमेश चंद्र बनर्जी ने की थी। अधिवेशन बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में आयोजित हुआ था। कई बार
प्रश्न 163: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
-
A.
1885
✓
-
B.
1886
-
C.
1884
-
D.
1890
सही उत्तर:
A
— 1885
व्याख्या (Explanation):भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को बंबई (अब मुंबई) में हुई थी। इसके प्रथम अधिवेशन की अध्यक्षता डब्ल्यू. सी. बनर्जी ने की थी। प्रारंभिक कांग्रेस का उद्देश्य भारतीयों और ब्रिटिश सरकार के बीच संवाद स्थापित करना था।
प्रश्न 164: Assertion (A): क्रांतिकारी आंदोलन की सीमाओं में व्यापक जनसमर्थन का अभाव भी शामिल था। Reason (R): क्रांतिकारी संगठन प्रायः गुप्त ढाँचे में कार्य करते थे और उनकी गतिविधियाँ सीमित समूहों तक केंद्रित रहती थीं।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
✓
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
-
C.
A सही है पर R गलत है
-
D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):क्रांतिकारी संगठन गुप्त रूप से कार्य करते थे और उनका आधार अपेक्षाकृत सीमित था। इसी कारण वे व्यापक जनसमर्थन विकसित करने में सीमित रहे। इसलिए Reason, Assertion की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 165: Assertion (A): स्वदेशी आंदोलन के दौरान विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार केवल आर्थिक कदम था। Reason (R): विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध राजनीतिक प्रतिरोध का माध्यम भी था।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
-
C.
A सही है पर R गलत है
-
D.
A गलत है पर R सही है
✓
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार केवल आर्थिक नीति नहीं था; यह राजनीतिक प्रतिरोध का भी प्रतीक था। इसलिए Assertion गलत तथा Reason सही है।
प्रश्न 166: Assertion (A): उदारवादी नेताओं ने ब्रिटिश संसद में भारतीय प्रश्न उठाने को महत्व दिया। Reason (R): उदारवादी यह मानते थे कि ब्रिटिश जनमत और संसद पर प्रभाव डालकर सुधार प्राप्त किए जा सकते हैं।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
✓
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
-
C.
A सही है पर R गलत है
-
D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):उदारवादी नेताओं का विश्वास था कि ब्रिटिश संसद और जनमत को प्रभावित करके भारत में सुधार लाए जा सकते हैं। इसलिए वे संसदीय दबाव की रणनीति अपनाते थे। Reason, Assertion की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 167: Assertion (A): उग्रवादी नेताओं की रणनीति ने कांग्रेस के भीतर वैचारिक विभाजन को तेज किया। Reason (R): उग्रवादी तत्काल पूर्ण स्वतंत्रता और प्रत्यक्ष जनसंघर्ष पर अधिक बल दे रहे थे।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
✓
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
-
C.
A सही है पर R गलत है
-
D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):उग्रवादी नेताओं की अधिक आक्रामक रणनीति और जनसंघर्ष पर बल ने कांग्रेस के भीतर उदारवादियों से वैचारिक मतभेद बढ़ाए। इसलिए Reason, Assertion की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 168: Assertion (A): अनुषीलन समिति प्रारंभिक कांग्रेस की संवैधानिक कार्यप्रणाली से संतुष्ट थी। Reason (R): अनुषीलन समिति गुप्त क्रांतिकारी गतिविधियों और सशस्त्र प्रशिक्षण से जुड़ी हुई थी।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
-
C.
A सही है पर R गलत है
-
D.
A गलत है पर R सही है
✓
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):अनुषीलन समिति संवैधानिक और शांतिपूर्ण राजनीतिक कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं थी। वह गुप्त क्रांतिकारी गतिविधियों और सशस्त्र संघर्ष में विश्वास करती थी। इसलिए Assertion गलत है जबकि Reason सही है।
प्रश्न 169: Assertion (A): HSRA की विचारधारा पर समाजवादी प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। Reason (R): भगत सिंह और उनके सहयोगी आर्थिक शोषण के विरुद्ध भी संघर्ष को आवश्यक मानते थे।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
✓
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
-
C.
A सही है पर R गलत है
-
D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):HSRA केवल राजनीतिक स्वतंत्रता तक सीमित नहीं था; उसके नेता सामाजिक एवं आर्थिक शोषण के विरुद्ध भी संघर्ष को आवश्यक मानते थे। यही समाजवादी प्रभाव उसकी विचारधारा में दिखाई देता है। इसलिए Reason, Assertion की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 170: Assertion (A): उदारवादी नेताओं ने प्रशासन के भारतीयकरण की मांग की। Reason (R): उनका मानना था कि भारतीय अधिकारी भारतीय समस्याओं को बेहतर समझ सकते हैं।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
✓
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
-
C.
A सही है पर R गलत है
-
D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):उदारवादी नेताओं का मानना था कि प्रशासन में भारतीयों की भागीदारी बढ़ने से शासन अधिक उत्तरदायी और भारतीय आवश्यकताओं के अनुरूप बनेगा। भारतीय अधिकारी स्थानीय समस्याओं और जनता की परिस्थितियों को बेहतर समझ सकते थे। इसलिए Reason, Assertion की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 171: Assertion (A): क्रांतिकारी संगठनों ने व्यक्तिगत वीरता और गुप्त संगठनात्मक ढाँचे पर विशेष बल दिया। Reason (R): क्रांतिकारियों का मानना था कि सीमित लेकिन साहसिक कार्रवाइयाँ जनता को प्रेरित कर सकती हैं।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
✓
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
-
C.
A सही है पर R गलत है
-
D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):क्रांतिकारी संगठनों ने गुप्त ढाँचे और साहसिक कार्रवाइयों को अपनाया क्योंकि वे इन्हें जनता को प्रेरित करने और औपनिवेशिक शासन को चुनौती देने का प्रभावी माध्यम मानते थे। इसलिए Reason, Assertion की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 172: Assertion (A): गदर आंदोलन भारत के भीतर उत्पन्न किसान आंदोलन था। Reason (R): गदर आंदोलन का नेतृत्व मुख्यतः विदेशों में बसे भारतीयों ने किया।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
-
C.
A सही है पर R गलत है
-
D.
A गलत है पर R सही है
✓
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):गदर आंदोलन का उद्भव विदेशों, विशेषकर अमेरिका और कनाडा में बसे भारतीयों के बीच हुआ था। यह भारत के भीतर उत्पन्न किसान आंदोलन नहीं था। इसलिए Assertion गलत तथा Reason सही है।
प्रश्न 173: Assertion (A): सूरत विभाजन के बाद कांग्रेस संगठन कुछ समय के लिए कमजोर पड़ा। Reason (R): उदारवादी और उग्रवादी नेताओं के बीच संगठनात्मक नियंत्रण को लेकर संघर्ष था।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
✓
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
-
C.
A सही है पर R गलत है
-
D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):सूरत विभाजन ने कांग्रेस को दो गुटों में बाँट दिया, जिससे संगठनात्मक कमजोरी उत्पन्न हुई। इसके पीछे नेतृत्व, कार्यक्रम और संगठनात्मक नियंत्रण को लेकर संघर्ष था। इसलिए Reason, Assertion की प्रत्यक्ष व्याख्या करता है।
प्रश्न 174: Assertion (A): स्वदेशी आंदोलन ने भारतीय उद्योगों के विकास के साथ-साथ राष्ट्रीय शिक्षा को भी प्रोत्साहन दिया। Reason (R): स्वदेशी आंदोलन का उद्देश्य औपनिवेशिक आर्थिक और बौद्धिक प्रभुत्व को चुनौती देना था।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
✓
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
-
C.
A सही है पर R गलत है
-
D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):स्वदेशी आंदोलन केवल आर्थिक बहिष्कार तक सीमित नहीं था; इसका उद्देश्य औपनिवेशिक प्रभाव को व्यापक रूप से चुनौती देना था। इसी कारण राष्ट्रीय शिक्षा और स्वदेशी उद्योगों को बढ़ावा दिया गया। इसलिए Reason, Assertion की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 175: Assertion (A): 1905 का बंगाल विभाजन पूर्णतः प्रशासनिक सुविधा के उद्देश्य से किया गया था। Reason (R): ब्रिटिश सरकार बंगाल में बढ़ती राष्ट्रवादी गतिविधियों से चिंतित थी।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
-
C.
A सही है पर R गलत है
-
D.
A गलत है पर R सही है
✓
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):बंगाल विभाजन के पीछे केवल प्रशासनिक सुविधा नहीं थी; राष्ट्रवादी आंदोलन को कमजोर करना भी एक प्रमुख उद्देश्य था। ब्रिटिश सरकार बंगाल में बढ़ती राष्ट्रवादी गतिविधियों से चिंतित थी। इसलिए Assertion गलत तथा Reason सही है।
प्रश्न 176: Assertion (A): उग्रवादी नेताओं ने राष्ट्रीय आंदोलन को शिक्षित मध्यम वर्ग से आगे बढ़ाकर जनआधारित स्वरूप देने का प्रयास किया। Reason (R): उग्रवादी नेताओं ने धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रतीकों का उपयोग जनसमर्थन प्राप्त करने के लिए किया।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
✓
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
-
C.
A सही है पर R गलत है
-
D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):उग्रवादी नेताओं ने गणपति उत्सव, शिवाजी उत्सव आदि सांस्कृतिक प्रतीकों का उपयोग करके जनता को राजनीतिक रूप से संगठित किया। इससे आंदोलन शिक्षित वर्ग तक सीमित न रहकर जनआधारित बना। इसलिए Reason, Assertion की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 177: Assertion (A): उदारवादी नेताओं की आर्थिक आलोचना ने औपनिवेशिक शासन की वैधता को चुनौती दी। Reason (R): उदारवादी नेताओं ने भारत से धन के निष्कासन के मुद्दे को सार्वजनिक बहस का विषय बनाया।
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A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
✓
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
-
C.
A सही है पर R गलत है
-
D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):उदारवादी नेताओं ने ब्रिटिश शासन की आर्थिक नीतियों की आलोचना करते हुए भारत से धन के निष्कासन (Drain of Wealth) के मुद्दे को व्यापक सार्वजनिक चर्चा का विषय बनाया। इससे औपनिवेशिक शासन के आर्थिक शोषण का पर्दाफाश हुआ और उसकी वैधता पर प्रश्न उठे। इसलिए Reason, Assertion की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 178: Assertion (A): कांग्रेस की स्थापना ने भारतीय राजनीतिक नेतृत्व को एक अखिल भारतीय मंच प्रदान किया। Reason (R): 1885 से पूर्व विभिन्न प्रांतीय राजनीतिक संस्थाएँ क्षेत्रीय स्तर पर कार्य कर रही थीं।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
✓
-
C.
A सही है पर R गलत है
-
D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
B
— A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
व्याख्या (Explanation):1885 से पूर्व अनेक राजनीतिक संस्थाएँ प्रांतीय स्तर तक सीमित थीं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक नेतृत्व को एक साझा मंच प्रदान किया। Reason एक पृष्ठभूमि तथ्य है, लेकिन वह Assertion की प्रत्यक्ष व्याख्या नहीं करता। इसलिए उत्तर B सही है।
प्रश्न 179: Assertion (A): क्रांतिकारी संगठनों की गतिविधियाँ मुख्यतः युवाओं और विद्यार्थियों को आकर्षित करती थीं। Reason (R): क्रांतिकारी आंदोलन में गुप्त संगठन, साहसिक कार्रवाइयाँ और राष्ट्रवादी आदर्श प्रमुख थे।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
✓
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
-
C.
A सही है पर R गलत है
-
D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):क्रांतिकारी आंदोलनों की गुप्त गतिविधियाँ, साहसिक कार्यवाहियाँ और तीव्र राष्ट्रवाद युवाओं एवं विद्यार्थियों को आकर्षित करते थे। इसलिए Reason, Assertion की प्रत्यक्ष व्याख्या करता है।
प्रश्न 180: Assertion (A): उदारवादी नेताओं का मानना था कि ब्रिटिश शासन भारत में आधुनिक राजनीतिक संस्थाओं के विकास में सहायक रहा। Reason (R): उदारवादी नेता तत्काल सशस्त्र क्रांति के पक्षधर थे।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
-
C.
A सही है पर R गलत है
✓
-
D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
C
— A सही है पर R गलत है
व्याख्या (Explanation):उदारवादी नेताओं का मानना था कि ब्रिटिश शासन ने आधुनिक शिक्षा, कानून और राजनीतिक संस्थाओं के विकास में भूमिका निभाई। लेकिन वे सशस्त्र क्रांति के समर्थक नहीं थे।
प्रश्न 181: Assertion (A): भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रारंभिक अधिवेशनों में सामाजिक सुधार के मुद्दों को राजनीतिक प्रश्नों से अलग रखा गया। Reason (R): कांग्रेस प्रारंभिक दौर में अधिक व्यापक राजनीतिक एकता बनाए रखना चाहती थी।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
✓
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
-
C.
A सही है पर R गलत है
-
D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):कांग्रेस के प्रारंभिक नेताओं ने राजनीतिक एकता बनाए रखने के लिए सामाजिक विवादों से दूरी रखने की नीति अपनाई। इसलिए सामाजिक सुधारों को राजनीतिक मंच से अलग रखा गया। Reason, Assertion की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 182: Assertion (A): गदर आंदोलन का मुख्य केंद्र भारत के भीतर पंजाब था। Reason (R): गदर पार्टी की स्थापना सैन फ्रांसिस्को में हुई थी।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
-
C.
A सही है पर R गलत है
-
D.
A गलत है पर R सही है
✓
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):गदर आंदोलन का संगठनात्मक केंद्र विदेश, विशेषकर अमेरिका था; पंजाब इसका प्रमुख प्रभाव क्षेत्र अवश्य था। गदर पार्टी की स्थापना सैन फ्रांसिस्को में हुई थी। इसलिए Assertion गलत तथा Reason सही है।
प्रश्न 183: Assertion (A): उग्रवादी नेताओं ने ‘स्वराज’ को भारतीयों का जन्मसिद्ध अधिकार माना। Reason (R): बाल गंगाधर तिलक ने “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है” का नारा दिया था।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
✓
-
C.
A सही है पर R गलत है
-
D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
B
— A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
व्याख्या (Explanation):उग्रवादी नेताओं ने स्वराज की मांग को प्रमुखता दी। बाल गंगाधर तिलक का प्रसिद्ध नारा इस विचारधारा का उदाहरण है, लेकिन यह Assertion की पूर्ण व्याख्या नहीं करता। इसलिए उत्तर B है।
प्रश्न 184: Assertion (A): लाला लाजपत राय को ‘पंजाब केसरी’ कहा जाता था। Reason (R): वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन (1920) के अध्यक्ष थे।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
✓
-
C.
A सही है पर R गलत है
-
D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
B
— A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
व्याख्या (Explanation):लाला लाजपत राय को उनके राष्ट्रवादी योगदान और प्रभावशाली नेतृत्व के कारण ‘पंजाब केसरी’ कहा जाता था। वे 1920 के कलकत्ता अधिवेशन के अध्यक्ष भी थे, लेकिन यह तथ्य उनके उपनाम की प्रत्यक्ष व्याख्या नहीं करता। इसलिए दोनों कथन सही हैं, परंतु Reason, Assertion की सही व्याख्या नहीं है।
प्रश्न 185: Assertion (A): स्वदेशी आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा आंदोलन का विकास हुआ। Reason (R): राष्ट्रीय शिक्षा आंदोलन का उद्देश्य ब्रिटिश नियंत्रण से मुक्त शिक्षा प्रणाली विकसित करना था।
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A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
✓
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B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
-
C.
A सही है पर R गलत है
-
D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):स्वदेशी आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा संस्थानों की स्थापना की गई ताकि शिक्षा को औपनिवेशिक प्रभाव से मुक्त किया जा सके। इसलिए Reason सीधे Assertion की व्याख्या करता है।
प्रश्न 186: Assertion (A): उदारवादी नेताओं ने भारतीय परिषद अधिनियम, 1892 का पूर्णतः विरोध किया था। Reason (R): उदारवादी नेता विधायी परिषदों में भारतीय प्रतिनिधित्व बढ़ाने की मांग कर रहे थे।
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A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
-
C.
A सही है पर R गलत है
-
D.
A गलत है पर R सही है
✓
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):उदारवादी नेताओं ने भारतीय परिषद अधिनियम, 1892 की सीमाओं की आलोचना की थी, लेकिन उसका पूर्णतः विरोध नहीं किया था। वे परिषदों में भारतीय प्रतिनिधित्व बढ़ाने की मांग कर रहे थे। इसलिए Assertion गलत है जबकि Reason सही है।
प्रश्न 187: Assertion (A): HSRA का उद्देश्य केवल ब्रिटिश अधिकारियों की हत्या करना था। Reason (R): HSRA समाजवादी गणराज्य की स्थापना के विचार से प्रभावित था।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
-
C.
A सही है पर R गलत है
-
D.
A गलत है पर R सही है
✓
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):HSRA का उद्देश्य केवल हिंसात्मक कार्रवाई करना नहीं था; उसका व्यापक लक्ष्य समाजवादी गणराज्य की स्थापना और औपनिवेशिक शासन का अंत था। इसलिए Assertion गलत तथा Reason सही है।
प्रश्न 188: Assertion (A): गदर आंदोलन के नेताओं ने प्रथम विश्व युद्ध को ब्रिटिश शासन के विरुद्ध विद्रोह का अवसर माना। Reason (R): ब्रिटेन की युद्धकालीन व्यस्तता से भारत में क्रांति की संभावना बढ़ सकती थी।
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A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
✓
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B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
-
C.
A सही है पर R गलत है
-
D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):गदर आंदोलन के नेताओं ने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटेन की व्यस्तता को भारत में सशस्त्र विद्रोह के लिए अनुकूल अवसर माना। इसलिए Reason सीधे Assertion की व्याख्या करता है।
प्रश्न 189: Assertion (A): अनुषीलन समिति मुख्यतः संवैधानिक सुधारों के माध्यम से स्वतंत्रता प्राप्त करना चाहती थी। Reason (R): अनुषीलन समिति के सदस्य गुप्त क्रांतिकारी गतिविधियों में शामिल थे।
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A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
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B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
-
C.
A सही है पर R गलत है
-
D.
A गलत है पर R सही है
✓
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):अनुषीलन समिति संवैधानिक सुधारों की बजाय क्रांतिकारी और सशस्त्र गतिविधियों में विश्वास करती थी। इसके सदस्य गुप्त क्रांतिकारी कार्यों में सक्रिय थे। इसलिए Assertion गलत तथा Reason सही है।
प्रश्न 190: Assertion (A): उग्रवादी नेताओं ने भारतीयों को ब्रिटिश वस्तुओं के बहिष्कार के लिए प्रेरित किया। Reason (R): उग्रवादी नेताओं का मानना था कि आर्थिक दबाव राजनीतिक संघर्ष का प्रभावी साधन बन सकता है।
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A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
✓
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B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
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C.
A सही है पर R गलत है
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D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):उग्रवादी नेताओं ने बहिष्कार को राजनीतिक हथियार के रूप में अपनाया क्योंकि वे मानते थे कि आर्थिक हितों को प्रभावित करके ब्रिटिश शासन पर दबाव बनाया जा सकता है। इसलिए Reason, Assertion की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 191: Assertion (A): बंगाल विभाजन ने भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में आर्थिक राष्ट्रवाद को मजबूत किया। Reason (R): स्वदेशी आंदोलन के दौरान भारतीय उद्योगों और स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा दिया गया।
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A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
✓
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B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
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C.
A सही है पर R गलत है
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D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):बंगाल विभाजन के विरोध में शुरू हुए स्वदेशी आंदोलन ने विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार और स्वदेशी उद्योगों के समर्थन को बढ़ावा दिया। इससे आर्थिक राष्ट्रवाद को बल मिला। इसलिए Reason, Assertion की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 192: Assertion (A): भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रारंभिक वर्षों में उसकी मांगें मुख्यतः प्रशासनिक सुधारों तक सीमित थीं। Reason (R): उदारवादी नेताओं का विश्वास था कि ब्रिटिश शासन भारतीयों के हित में धीरे-धीरे राजनीतिक सुधार लागू करेगा।
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A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
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B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
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C.
A सही है पर R गलत है
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D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):उदारवादी नेताओं ने प्रारंभिक दौर में प्रशासनिक सुधार, विधायिकाओं में प्रतिनिधित्व और सिविल सेवाओं में अवसर जैसी सीमित मांगें रखीं। इसका कारण उनका ब्रिटिश न्यायप्रियता और क्रमिक सुधारों में विश्वास था। इसलिए Reason, Assertion की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 193: Assertion (A): उदारवादी चरण के नेता पूर्ण स्वतंत्रता की मांग कर रहे थे। Reason (R): उदारवादी नेता ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर संवैधानिक सुधार चाहते थे।
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A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
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B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
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C.
A सही है पर R गलत है
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D.
A गलत है पर R सही है
✓
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):उदारवादी नेता प्रारंभिक काल में पूर्ण स्वतंत्रता की मांग नहीं कर रहे थे। वे ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर संवैधानिक सुधार और प्रशासनिक भागीदारी चाहते थे। इसलिए Assertion गलत तथा Reason सही है।
प्रश्न 194: Assertion (A): HSRA ने समाजवादी आदर्शों से प्रेरित होकर क्रांतिकारी गतिविधियाँ चलाईं। Reason (R): HSRA का पूरा नाम हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन था।
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A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
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B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
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C.
A सही है पर R गलत है
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D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
B
— A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
व्याख्या (Explanation):HSRA समाजवादी विचारों से प्रभावित क्रांतिकारी संगठन था। उसका पूरा नाम हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन था, लेकिन केवल नाम संगठन की विचारधारा की पूर्ण व्याख्या नहीं करता।
प्रश्न 195: Assertion (A): गदर आंदोलन का उद्देश्य भारत में ब्रिटिश शासन को सशस्त्र विद्रोह द्वारा समाप्त करना था। Reason (R): गदर आंदोलन के अधिकांश कार्यकर्ता विदेशों में बसे भारतीय थे।
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A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
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B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
✓
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C.
A सही है पर R गलत है
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D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
B
— A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
व्याख्या (Explanation):गदर आंदोलन का उद्देश्य सशस्त्र क्रांति द्वारा ब्रिटिश शासन को समाप्त करना था। इसके अधिकांश कार्यकर्ता विदेशों, विशेषकर अमेरिका और कनाडा में बसे भारतीय थे। लेकिन यह तथ्य Assertion की प्रत्यक्ष व्याख्या नहीं करता।
प्रश्न 196: Assertion (A): अनुषीलन समिति का संबंध क्रांतिकारी राष्ट्रवाद से था। Reason (R): यह संगठन मुख्यतः सामाजिक सुधार आंदोलनों के लिए बनाया गया था।
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A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
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B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
-
C.
A सही है पर R गलत है
✓
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D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
C
— A सही है पर R गलत है
व्याख्या (Explanation):अनुषीलन समिति एक क्रांतिकारी संगठन था जिसका उद्देश्य ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष करना था। यह मुख्यतः सामाजिक सुधार हेतु स्थापित संगठन नहीं था।
प्रश्न 197: Assertion (A): लाल-बाल-पाल त्रयी उग्रवादी विचारधारा से संबंधित थी। Reason (R): इन नेताओं ने स्वराज प्राप्ति के लिए अधिक आक्रामक राजनीतिक उपायों का समर्थन किया।
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A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
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B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
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C.
A सही है पर R गलत है
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D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):लाल-बाल-पाल उग्रवादी नेताओं की प्रमुख त्रयी थी। उन्होंने स्वराज, बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षा जैसे अधिक सक्रिय राजनीतिक उपायों का समर्थन किया। इसलिए Reason, Assertion की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 198: Assertion (A): बंगाल विभाजन के विरोध ने भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन को जनआंदोलन का स्वरूप दिया। Reason (R): बंगाल विभाजन के बाद स्वदेशी आंदोलन केवल बंगाल तक सीमित रहा।
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A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
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B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
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C.
A सही है पर R गलत है
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D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
C
— A सही है पर R गलत है
व्याख्या (Explanation):बंगाल विभाजन विरोधी आंदोलन ने राष्ट्रीय आंदोलन को व्यापक जनाधार दिया। लेकिन स्वदेशी आंदोलन केवल बंगाल तक सीमित नहीं रहा; इसका प्रभाव भारत के अन्य भागों में भी फैला।
प्रश्न 199: Assertion (A): उग्रवादी नेताओं ने स्वदेशी और बहिष्कार को राजनीतिक संघर्ष का माध्यम बनाया। Reason (R): उग्रवादी नेताओं का विश्वास था कि जनभागीदारी के बिना राजनीतिक दबाव प्रभावी नहीं होगा।
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A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
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B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
-
C.
A सही है पर R गलत है
-
D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):उग्रवादी नेताओं ने जनआधारित आंदोलन, स्वदेशी और बहिष्कार को राजनीतिक संघर्ष का साधन बनाया क्योंकि वे मानते थे कि केवल सीमित संवैधानिक तरीकों से दबाव नहीं बनाया जा सकता। इसलिए Reason सीधे Assertion की व्याख्या करता है।
प्रश्न 200: Assertion (A): ए.ओ. ह्यूम ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। Reason (R): ए.ओ. ह्यूम भारत के वायसराय थे।
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A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
-
C.
A सही है पर R गलत है
✓
-
D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
C
— A सही है पर R गलत है
व्याख्या (Explanation):ए.ओ. ह्यूम ने कांग्रेस की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। लेकिन वे भारत के वायसराय नहीं थे; वे एक सेवानिवृत्त ब्रिटिश सिविल सेवक थे।
प्रश्न 201: Assertion (A): भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रारंभिक नेताओं का उद्देश्य भारतीयों को प्रशासन में अधिक प्रतिनिधित्व दिलाना था। Reason (R): उदारवादी नेता ब्रिटिश संसद और जनमत को प्रभावित करके सुधार प्राप्त करना चाहते थे।
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A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
✓
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B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
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C.
A सही है पर R गलत है
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D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):उदारवादी नेताओं की प्रमुख मांगों में प्रशासन में भारतीयों की भागीदारी बढ़ाना शामिल था। वे संवैधानिक तरीकों तथा ब्रिटिश जनमत को प्रभावित करके सुधार प्राप्त करना चाहते थे। इसलिए Reason, Assertion की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 202: Assertion (A): ए.ओ. ह्यूम भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष थे। Reason (R): डब्ल्यू.सी. बनर्जी कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष थे।
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A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
-
C.
A सही है पर R गलत है
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D.
A गलत है पर R सही है
✓
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):ए.ओ. ह्यूम कांग्रेस के संस्थापकों में थे, लेकिन वे प्रथम अध्यक्ष नहीं थे। कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष डब्ल्यू.सी. बनर्जी थे। इसलिए Assertion गलत तथा Reason सही है।
प्रश्न 203: Assertion (A): उग्रवादी नेताओं ने स्वराज की मांग को अधिक जोर से उठाया। Reason (R): उग्रवादी नेताओं का मानना था कि केवल याचिकाओं से स्वतंत्रता प्राप्त नहीं की जा सकती।
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A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
✓
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B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
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C.
A सही है पर R गलत है
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D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):उग्रवादी नेताओं का विश्वास था कि केवल प्रार्थना-पत्र और याचिकाओं से स्वतंत्रता प्राप्त नहीं होगी। इसलिए उन्होंने स्वराज, बहिष्कार और जनआंदोलन पर अधिक बल दिया। Reason सीधे Assertion की व्याख्या करता है।
प्रश्न 204: Assertion (A): हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) का संबंध क्रांतिकारी गतिविधियों से था। Reason (R): भगत सिंह HSRA के प्रमुख सदस्यों में थे।
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A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
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B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
✓
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C.
A सही है पर R गलत है
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D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
B
— A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
व्याख्या (Explanation):HSRA एक क्रांतिकारी संगठन था। भगत सिंह इसके प्रमुख सदस्यों में थे, लेकिन केवल उनका सदस्य होना इस संगठन के क्रांतिकारी स्वरूप की प्रत्यक्ष व्याख्या नहीं करता। इसलिए दोनों कथन सही हैं, पर Reason सही व्याख्या नहीं है।
प्रश्न 205: Assertion (A): अनुषीलन समिति एक क्रांतिकारी संगठन था। Reason (R): इस संगठन का मुख्य उद्देश्य सशस्त्र क्रांति द्वारा ब्रिटिश शासन को समाप्त करना था।
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A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
✓
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B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
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C.
A सही है पर R गलत है
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D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):अनुषीलन समिति एक क्रांतिकारी संगठन था और इसका उद्देश्य सशस्त्र संघर्ष के माध्यम से ब्रिटिश शासन को समाप्त करना था। इसलिए Reason, Assertion की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 206: Assertion (A): स्वदेशी आंदोलन का उद्देश्य विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करना था। Reason (R): स्वदेशी आंदोलन बंगाल विभाजन के विरोध से जुड़ा हुआ था।
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A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
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B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
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C.
A सही है पर R गलत है
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D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):स्वदेशी आंदोलन बंगाल विभाजन के विरोध में प्रारंभ हुआ था। इसी विरोध के तहत विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार और स्वदेशी वस्तुओं के प्रयोग पर बल दिया गया। अतः Reason, Assertion की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 207: Assertion (A): लाल-बाल-पाल त्रयी उदारवादी चरण के प्रमुख नेता थे। Reason (R): बाल गंगाधर तिलक उग्रवादी विचारधारा के प्रमुख समर्थक थे।
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A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
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B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
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C.
A सही है पर R गलत है
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D.
A गलत है पर R सही है
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सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):लाल-बाल-पाल (लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक और बिपिन चंद्र पाल) उग्रवादी चरण के नेता थे, उदारवादी चरण के नहीं। जबकि बाल गंगाधर तिलक वास्तव में उग्रवादी विचारधारा के प्रमुख समर्थक थे।
प्रश्न 208: Assertion (A): बंगाल विभाजन 1905 में लॉर्ड कर्जन द्वारा किया गया था। Reason (R): बंगाल विभाजन का मुख्य उद्देश्य भारतीयों को प्रशासनिक सुविधा प्रदान करना था।
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A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
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B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
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C.
A सही है पर R गलत है
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D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
C
— A सही है पर R गलत है
व्याख्या (Explanation):बंगाल विभाजन 1905 में लॉर्ड कर्जन द्वारा किया गया था, यह कथन सही है। लेकिन इसका वास्तविक उद्देश्य ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति को आगे बढ़ाना था, न कि केवल प्रशासनिक सुविधा।
प्रश्न 209: Assertion (A): उदारवादी नेताओं ने संवैधानिक एवं शांतिपूर्ण तरीकों को अपनाया। Reason (R): उदारवादी नेता ब्रिटिश शासन की न्यायप्रियता में विश्वास रखते थे।
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A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
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B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
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C.
A सही है पर R गलत है
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D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):उदारवादी नेताओं का विश्वास था कि ब्रिटिश शासन न्यायपूर्ण है और संवैधानिक माध्यमों से भारतीयों की मांगें पूरी की जा सकती हैं। इसी कारण उन्होंने प्रार्थना-पत्र, भाषण और प्रतिनिधिमंडल जैसे शांतिपूर्ण तरीकों को अपनाया।
प्रश्न 210: Assertion (A): भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 1885 में हुई थी। Reason (R): कांग्रेस की स्थापना ए.ओ. ह्यूम की पहल पर हुई थी।
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A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
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B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
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C.
A सही है पर R गलत है
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D.
A गलत है पर R सही है
सही उत्तर:
B
— A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
व्याख्या (Explanation):भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 1885 में हुई थी तथा ए.ओ. ह्यूम ने इसकी स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। लेकिन केवल ह्यूम की पहल कांग्रेस की स्थापना का प्रत्यक्ष कारण नहीं थी; इसके पीछे भारतीयों में राजनीतिक जागरूकता और संगठन की आवश्यकता भी थी। इसलिए Reason, Assertion की पूर्ण व्याख्या नहीं करता।