This quiz contains 115 carefully selected multiple-choice questions (MCQ) with detailed explanations for each answer. Questions cover important topics from Geography.
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UPSC भौतिक भूगोल MCQ हिंदी — पृथ्वी, स्थलरूप, जलवायु, महासागर धाराएँ
Difficulty
Expert
Num Questions
115
Points Per Question
1
Time Limit
100 minutes
All MCQ Questions with Answers and Explanations
प्रश्न 1: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) किसी क्षेत्र की भौतिक विशेषताएँ समय के साथ बदल सकती हैं। (2) अंतर्जात एवं बहिर्जात प्रक्रियाएँ एक-दूसरे से पूर्णतः स्वतंत्र होकर कार्य करती हैं। (3) वर्तमान स्थलरूपों को समझने के लिए उनकी उत्पत्ति एवं विकास दोनों का अध्ययन आवश्यक है।
सही उत्तर:
B
— केवल 1 और 3 सही हैं।
व्याख्या (Explanation):
पृथ्वी एक गतिशील ग्रह है, इसलिए उसकी भौतिक विशेषताएँ समय के साथ बदलती रहती हैं। अंतर्जात और बहिर्जात प्रक्रियाएँ परस्पर अंतःक्रिया करती हैं; वे पूर्णतः स्वतंत्र नहीं हैं। किसी स्थलरूप को सही प्रकार से समझने के लिए उसकी उत्पत्ति तथा विकास दोनों का अध्ययन आवश्यक है।
प्रश्न 2: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन भौतिक भूगोल की अध्ययन-पद्धति के संबंध में सर्वाधिक उपयुक्त है?
सही उत्तर:
A
— भौतिक भूगोल पृथ्वी की प्रक्रियाओं का अध्ययन पृथक-पृथक नहीं, बल्कि उनके परस्पर संबंधों के संदर्भ में भी करता है।
व्याख्या (Explanation):
आधुनिक भौतिक भूगोल एक समन्वित विज्ञान है जो स्थलमंडल, वायुमंडल, जलमंडल और जैवमंडल के बीच अंतर्संबंधों का अध्ययन करता है। यही कारण है कि जलवायु परिवर्तन, अपरदन, जैव विविधता और महासागरीय परिसंचरण को एकीकृत दृष्टिकोण से समझा जाता है।
प्रश्न 3: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) ऊर्जा का एकदिशीय प्रवाह पारितंत्र की मूल विशेषता है। (2) अपघटक पदार्थों के पुनर्चक्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। (3) यदि अपघटक न हों, तो पोषक तत्त्वों का चक्रण गंभीर रूप से बाधित होगा।
सही उत्तर:
C
— 1, 2 और 3 सभी सही हैं।
व्याख्या (Explanation):
ऊर्जा पारितंत्र में एक दिशा में प्रवाहित होती है, जबकि अपघटक मृत जैविक पदार्थों को सरल पदार्थों में बदलकर पोषक तत्त्वों का पुनर्चक्रण सुनिश्चित करते हैं। इनके अभाव में जैव-भूरासायनिक चक्र गंभीर रूप से बाधित हो जाएंगे।
प्रश्न 4: महासागरीय धाराओं के संबंध में निम्नलिखित में से सर्वाधिक उपयुक्त निष्कर्ष कौन-सा है?
सही उत्तर:
A
— महासागरीय धाराएँ वैश्विक जलवायु, तटीय पर्यावरण तथा समुद्री जैव उत्पादकता तीनों को प्रभावित कर सकती हैं।
व्याख्या (Explanation):
महासागरीय धाराएँ ऊष्मा के वैश्विक पुनर्वितरण, तटीय जलवायु, समुद्री जैव उत्पादकता तथा मत्स्य संसाधनों को प्रभावित करती हैं। उनका निर्माण एवं प्रवाह केवल पवनों से नहीं, बल्कि कोरिओलिस प्रभाव, तापमान एवं लवणता से उत्पन्न घनत्व भिन्नता तथा महासागरीय बेसिनों की संरचना से भी प्रभावित होता है। अन्य विकल्प अत्यधिक सामान्यीकृत हैं।
प्रश्न 5: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) समतापमंडल की स्थिरता का एक कारण वहाँ तापमान की प्रतिलोमन प्रवृत्ति है। (2) क्षोभमंडल की तुलना में समतापमंडल में ऊर्ध्वाधर संवहन सामान्यतः कम होता है। (3) इसी कारण अधिकांश वर्षा समतापमंडल में होती है।
सही उत्तर:
D
— केवल 1 और 2 सही हैं।
व्याख्या (Explanation):
समतापमंडल में तापमान ऊँचाई के साथ बढ़ता है, जिससे ऊर्ध्वाधर संवहन सीमित रहता है और यह परत अपेक्षाकृत स्थिर होती है। अधिकांश वर्षा एवं अन्य मौसमीय घटनाएँ क्षोभमंडल में घटित होती हैं, इसलिए तीसरा कथन गलत है।
प्रश्न 6: भारतीय मानसून के संबंध में निम्नलिखित कथनों में सही उत्तर चुनिए। (1) एल-नीनो जैसी महासागरीय-वायुमंडलीय घटनाएँ भारतीय मानसून को प्रभावित कर सकती हैं। (2) यदि किसी वर्ष एल-नीनो विकसित हो, तो भारत में सामान्य से कम वर्षा होना अनिवार्य है। (3) भारतीय मानसून का व्यवहार अनेक वैश्विक एवं क्षेत्रीय कारकों के संयुक्त प्रभाव का परिणाम होता है।
सही उत्तर:
B
— केवल 1 और 3 सही हैं।
व्याख्या (Explanation):
एल-नीनो भारतीय मानसून को प्रभावित कर सकता है, किंतु उसका प्रभाव प्रत्येक वर्ष समान नहीं होता। भारतीय मानसून पर हिंद महासागर की दशाएँ, हिमालय, जेट धाराएँ, मानसूनी परिसंचरण तथा अन्य महासागरीय-वायुमंडलीय प्रक्रियाएँ भी प्रभाव डालती हैं। इसलिए दूसरा कथन "अनिवार्य है" होने के कारण गलत है।
प्रश्न 7: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन ज्वालामुखीय गतिविधि के संबंध में सर्वाधिक उपयुक्त है?
सही उत्तर:
C
— किसी ज्वालामुखी का लंबे समय तक शांत रहना यह सिद्ध नहीं करता कि वह स्थायी रूप से निष्क्रिय हो चुका है।
व्याख्या (Explanation):
सुप्त ज्वालामुखी लंबे समय तक शांत रहने के बाद भी पुनः सक्रिय हो सकते हैं। इसलिए केवल लंबे अंतराल के आधार पर किसी ज्वालामुखी को स्थायी रूप से मृत नहीं माना जा सकता। अन्य विकल्प निरपेक्ष अथवा तथ्यात्मक रूप से गलत हैं।
प्रश्न 8: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) किसी नदी की वहन क्षमता और वहन योग्यता समान अवधारणाएँ हैं। (2) नदी के वेग में परिवर्तन से अपरदन तथा निक्षेपण दोनों प्रभावित हो सकते हैं। (3) आधार स्तर में परिवर्तन नदी के अनुदैर्ध्य प्रोफ़ाइल को प्रभावित कर सकता है।
सही उत्तर:
D
— केवल 2 और 3 सही हैं।
व्याख्या (Explanation):
वहन क्षमता से आशय नदी द्वारा एक निश्चित समय में परिवहन किए जा सकने वाले कुल अवसाद की मात्रा से है, जबकि वहन योग्यता से आशय नदी द्वारा परिवहन किए जा सकने वाले सबसे बड़े कण के आकार से है। अतः पहला कथन गलत है। नदी के वेग में परिवर्तन से अपरदन एवं निक्षेपण दोनों प्रभावित होते हैं तथा आधार स्तर में परिवर्तन नदी के अनुदैर्ध्य प्रोफ़ाइल के पुनर्संतुलन का कारण बन सकता है।
प्रश्न 9: प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सर्वाधिक उपयुक्त है?
सही उत्तर:
A
— पृथ्वी की सतह पर अनेक प्रमुख भू-आकृतिक घटनाओं की एकीकृत व्याख्या इस सिद्धांत द्वारा संभव होती है।
व्याख्या (Explanation):
प्लेट विवर्तनिकी आधुनिक भूविज्ञान का एकीकृत सिद्धांत है, जो महाद्वीपीय विस्थापन, समुद्री तली प्रसार, पर्वत निर्माण, ज्वालामुखिता और अधिकांश भूकंपों की समग्र व्याख्या करता है। अन्य विकल्प इसकी व्याख्यात्मक क्षमता को अनुचित रूप से सीमित करते हैं।
प्रश्न 10: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) किसी क्षेत्र में सक्रिय विवर्तनिक गतिविधि का अभाव होने पर भी भूकंप पूरी तरह असंभव नहीं हो जाते। (2) प्लेटों के आंतरिक भागों में आने वाले सभी भूकंप केवल प्राचीन भ्रंशों के पुनर्सक्रियण के कारण ही उत्पन्न होते हैं। (3) किसी क्षेत्र का वर्तमान भूकंपीय व्यवहार उसके भूवैज्ञानिक इतिहास से भी प्रभावित हो सकता है।
सही उत्तर:
B
— केवल 1 और 3 सही हैं।
व्याख्या (Explanation):
प्लेटों के भीतर भी भूकंप आ सकते हैं, इसलिए पहला कथन सही है। किसी क्षेत्र का भूवैज्ञानिक इतिहास, प्राचीन भ्रंश, तनाव का पुनर्वितरण तथा अन्य संरचनात्मक कारक वर्तमान भूकंपीयता को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए तीसरा कथन भी सही है। किंतु सभी अंतर्प्लेट भूकंप केवल प्राचीन भ्रंशों के पुनर्सक्रियण से ही उत्पन्न होते हैं, यह निष्कर्ष सही नहीं है।
प्रश्न 11: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) किसी क्षेत्र की जलवायु को समझने के लिए केवल औसत वर्षा पर्याप्त नहीं है। (2) तापमान, पवन, आर्द्रता तथा मौसमी परिवर्तन भी समान रूप से महत्त्वपूर्ण हैं। (3) यदि दो क्षेत्रों की औसत वार्षिक वर्षा समान हो, तो उनकी जलवायु भी अनिवार्य रूप से समान होगी।
सही उत्तर:
D
— केवल 1 और 2 सही हैं।
व्याख्या (Explanation):
जलवायु एक बहुआयामी अवधारणा है, जिसमें तापमान, वर्षा, आर्द्रता, पवन, मौसमी वितरण और चरम घटनाएँ सम्मिलित होती हैं। केवल औसत वर्षा से जलवायु का पूर्ण निर्धारण नहीं किया जा सकता। समान वार्षिक वर्षा वाले क्षेत्रों की तापीय एवं मौसमी दशाएँ भिन्न हो सकती हैं।
प्रश्न 12: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) जैवमंडल में पदार्थ का चक्रण होता है। (2) ऊर्जा का प्रवाह एकदिशीय होता है। (3) यदि उत्पादक न हों, तो दीर्घकाल में अधिकांश पारितंत्रों का अस्तित्व संकट में पड़ जाएगा।
सही उत्तर:
C
— 1, 2 और 3 सभी सही हैं।
व्याख्या (Explanation):
जैवमंडल में कार्बन, नाइट्रोजन एवं जल जैसे पदार्थ विभिन्न चक्रों के माध्यम से पुनर्चक्रित होते हैं, जबकि ऊर्जा उत्पादकों से उपभोक्ताओं की ओर एकदिशीय प्रवाहित होती है। उत्पादक अधिकांश पारितंत्रों का ऊर्जा आधार हैं; इनके अभाव में दीर्घकालिक पारितंत्रीय स्थिरता संभव नहीं होगी।
प्रश्न 13: निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष वायुमंडल की ऊर्ध्वाधर संरचना के आधार पर उचित नहीं है?
सही उत्तर:
D
— ऊँचाई बढ़ने पर प्रत्येक परत में तापमान अनिवार्य रूप से घटता है।
व्याख्या (Explanation):
वायुमंडल की प्रत्येक परत में तापमान परिवर्तन का पैटर्न अलग-अलग होता है। क्षोभमंडल में तापमान घटता है, समतापमंडल में बढ़ता है, मध्यमंडल में पुनः घटता है और तापमंडल में बढ़ता है। अतः "अनिवार्य रूप से घटता है" गलत निष्कर्ष है।
प्रश्न 14: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) सभी भूकंप विवर्तनिक प्लेटों की गति से उत्पन्न होते हैं। (2) ज्वालामुखीय गतिविधियों से भी भूकंप उत्पन्न हो सकते हैं। (3) बड़े जलाशयों, गहरी खनन गतिविधियों तथा अपशिष्ट द्रवों के गहरे इंजेक्शन जैसी मानवजनित प्रक्रियाएँ सीमित परिस्थितियों में भूकंपीय घटनाएँ उत्पन्न कर सकती हैं।
सही उत्तर:
C
— केवल 2 और 3 सही हैं।
व्याख्या (Explanation):
अधिकांश भूकंप विवर्तनिक प्लेटों की गति से उत्पन्न होते हैं, परंतु सभी नहीं। ज्वालामुखीय गतिविधियाँ तथा बड़े जलाशयों, गहरी खनन गतिविधियों एवं अपशिष्ट द्रवों के गहरे इंजेक्शन जैसी मानवजनित प्रक्रियाएँ भी प्रेरित भूकंपीयता उत्पन्न कर सकती हैं। इसलिए पहला कथन "सभी" शब्द के कारण गलत है।
प्रश्न 15: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) किसी नदी के मध्य प्रवाह में अपरदन एवं निक्षेपण दोनों प्रक्रियाएँ साथ-साथ सक्रिय हो सकती हैं। (2) विसर्पों का निर्माण केवल निक्षेपण से होता है। (3) नदी के आधार स्तर में परिवर्तन उसके अपरदन की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
सही उत्तर:
B
— केवल 1 और 3 सही हैं।
व्याख्या (Explanation):
नदी के मध्य प्रवाह में बाहरी तट पर अपरदन तथा भीतरी तट पर निक्षेपण साथ-साथ होता है। विसर्प केवल निक्षेपण का परिणाम नहीं बल्कि दोनों प्रक्रियाओं की संयुक्त क्रिया से विकसित होते हैं। आधार स्तर में परिवर्तन नदी की ऊर्जा एवं अपरदन क्षमता को प्रभावित करता है।
प्रश्न 16: निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत से अनिवार्य रूप से नहीं निकाला जा सकता?
सही उत्तर:
D
— सभी पर्वतों का निर्माण केवल प्लेटों के अभिसरण से हुआ है।
व्याख्या (Explanation):
प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत महासागरीय पर्पटी के निर्माण एवं विनाश, महाद्वीपीय विस्थापन, अधिकांश भूकंपों तथा अनेक पर्वत प्रणालियों की व्याख्या करता है। किंतु सभी पर्वत केवल प्लेटों के अभिसरण से ही नहीं बनते। कुछ पर्वत ज्वालामुखीय गतिविधि, भ्रंशन, गुंबदीकरण अथवा अन्य भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं के परिणामस्वरूप भी विकसित होते हैं। इसलिए विकल्प (D) प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत से अनिवार्य रूप से निकाला जाने वाला निष्कर्ष नहीं है।
प्रश्न 17: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) पृथ्वी की आंतरिक संरचना के बारे में अधिकांश जानकारी प्रत्यक्ष अवलोकन के बजाय अप्रत्यक्ष साक्ष्यों पर आधारित है। (2) भूकंपीय तरंगों के वेग में परिवर्तन केवल शैलों की रासायनिक संरचना के परिवर्तन को दर्शाता है। (3) भूकंपीय तरंगों के परावर्तन एवं अपवर्तन से पृथ्वी के भीतर विभिन्न असांततियों की पहचान की जा सकती है।
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 3 सही हैं।
व्याख्या (Explanation):
पृथ्वी की गहराइयों तक प्रत्यक्ष पहुँच अत्यंत सीमित होने के कारण उसकी आंतरिक संरचना का ज्ञान मुख्यतः भूकंपीय तरंगों, गुरुत्वीय तथा चुंबकीय साक्ष्यों जैसे अप्रत्यक्ष प्रमाणों पर आधारित है। भूकंपीय तरंगों के वेग में परिवर्तन केवल रासायनिक संरचना से नहीं, बल्कि घनत्व, प्रत्यास्थता तथा माध्यम की भौतिक अवस्था (ठोस/द्रव) से भी प्रभावित होता है। भूकंपीय तरंगों के परावर्तन एवं अपवर्तन के आधार पर मोहो, गुटेनबर्ग तथा लेहमैन जैसी असांततियों की पहचान की जाती है।
प्रश्न 18: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) अपवेलिंग सामान्यतः समुद्री जैव उत्पादकता में वृद्धि करती है। (2) सभी उष्ण महासागरीय धाराएँ उच्च मत्स्य उत्पादन वाले क्षेत्र बनाती हैं। (3) मत्स्य संसाधनों का वितरण महासागरीय परिसंचरण से प्रभावित हो सकता है।
सही उत्तर:
D
— केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):
अपवेलिंग के दौरान पोषक तत्त्वों से समृद्ध गहरा जल सतह पर आता है, जिससे प्राथमिक उत्पादकता एवं मत्स्य संसाधनों में वृद्धि होती है। महासागरीय परिसंचरण भी मत्स्य संसाधनों के वितरण को प्रभावित करता है। किंतु सभी उष्ण महासागरीय धाराएँ उच्च मत्स्य उत्पादन वाले क्षेत्र नहीं बनातीं; इसलिए दूसरा कथन गलत है।
प्रश्न 19: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) खाद्य शृंखला में प्रत्येक पोषण स्तर पर उपलब्ध ऊर्जा घटती जाती है। (2) अपघटक मृत जैविक पदार्थों को पुनः सरल पदार्थों में परिवर्तित करते हैं। (3) अपघटक ऊर्जा का पुनर्चक्रण करते हैं।
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
ऊर्जा प्रत्येक पोषण स्तर पर घटती जाती है तथा अपघटक मृत जैविक पदार्थों को सरल अकार्बनिक पदार्थों में परिवर्तित कर पोषक तत्त्वों के पुनर्चक्रण में सहायता करते हैं। ऊर्जा का पुनर्चक्रण नहीं होता; वह अंततः ऊष्मा के रूप में वातावरण में चली जाती है। इसलिए तीसरा कथन गलत है।
प्रश्न 20: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) महासागरीय धाराओं पर केवल प्रचलित पवनों का प्रभाव होता है। (2) पृथ्वी का घूर्णन महासागरीय धाराओं की दिशा को प्रभावित करता है। (3) तापमान एवं लवणता से उत्पन्न घनत्व का अंतर भी गहरे समुद्री परिसंचरण को प्रभावित करता है।
सही उत्तर:
B
— केवल 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
महासागरीय धाराओं पर प्रचलित पवनों के साथ-साथ कोरिओलिस प्रभाव, तापमान, लवणता तथा घनत्व के अंतर का भी प्रभाव पड़ता है। इसलिए पहला कथन "केवल" शब्द के कारण गलत है, जबकि दूसरा एवं तीसरा कथन सही हैं।
प्रश्न 21: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) क्षोभमंडल में वायु का ऊर्ध्वाधर मिश्रण अपेक्षाकृत अधिक होता है। (2) इसी कारण अधिकांश मौसमीय घटनाएँ इसी परत में घटित होती हैं। (3) समतापमंडल में संवहन क्षोभमंडल की तुलना में अधिक तीव्र होता है।
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
क्षोभमंडल में ऊर्ध्वाधर संवहन एवं वायु मिश्रण अधिक होता है, जिसके कारण बादल, वर्षा, आँधी और तूफान जैसी अधिकांश मौसमीय घटनाएँ इसी परत में विकसित होती हैं। इसके विपरीत समतापमंडल अपेक्षाकृत स्थिर परत है, जहाँ ऊर्ध्वाधर संवहन बहुत कम होता है। इसलिए तीसरा कथन गलत है।
प्रश्न 22: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) मानसूनी वर्षा का वितरण केवल समुद्र से दूरी पर निर्भर करता है। (2) पर्वतीय अवरोध वर्षा के वितरण को प्रभावित करते हैं। (3) पवन की दिशा में परिवर्तन भी वर्षा के क्षेत्रीय वितरण को प्रभावित कर सकता है।
सही उत्तर:
B
— केवल 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
वर्षा का वितरण अनेक कारकों स्थलाकृति, समुद्र से दूरी, पवन की दिशा तथा स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करता है। इसलिए पहला कथन "केवल" शब्द के कारण गलत है। हिमालय एवं पश्चिमी घाट इसके प्रमुख उदाहरण हैं।
प्रश्न 23: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) प्रत्येक ज्वालामुखीय क्षेत्र प्लेट सीमा पर ही स्थित होता है। (2) हॉटस्पॉट ज्वालामुखिता प्लेटों के मध्य भाग में भी विकसित हो सकती है। (3) हवाई द्वीपसमूह हॉटस्पॉट ज्वालामुखिता का उदाहरण माना जाता है।
सही उत्तर:
C
— केवल 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
अधिकांश ज्वालामुखी प्लेट सीमाओं से जुड़े होते हैं, किंतु सभी नहीं। हॉटस्पॉट ज्वालामुखिता प्लेटों के मध्य भाग में भी विकसित हो सकती है और हवाई द्वीप इसका प्रसिद्ध उदाहरण है। पहला कथन "प्रत्येक" शब्द के कारण गलत है।
प्रश्न 24: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
सही उत्तर:
D
— बालू का टीला — हिमानी अपरदन
व्याख्या (Explanation):
बालू के टीले मुख्यतः पवन द्वारा निक्षेपण से बनते हैं, न कि हिमानी अपरदन से। अन्य तीन युग्म सही हैं। विसर्प नदी की अपरदन एवं निक्षेपण दोनों प्रक्रियाओं के संयुक्त प्रभाव से विकसित होते हैं।
प्रश्न 25: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) महाद्वीपीय भूपर्पटी का औसत घनत्व महासागरीय भूपर्पटी से कम होता है। (2) महाद्वीपीय भूपर्पटी मुख्यतः ग्रेनाइटीय संघटन की होती है, जबकि महासागरीय भूपर्पटी मुख्यतः बेसाल्टिक होती है। (3) महाद्वीपीय एवं महासागरीय भूपर्पटी के घनत्व का अंतर अभिसारी प्लेट सीमाओं पर उपसरण की प्रकृति को प्रभावित करता है।
सही उत्तर:
B
— 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
महाद्वीपीय भूपर्पटी अपेक्षाकृत हल्की एवं मुख्यतः ग्रेनाइटीय होती है, जबकि महासागरीय भूपर्पटी अधिक सघन तथा मुख्यतः बेसाल्टिक होती है। इसी घनत्व के अंतर के कारण अभिसारी प्लेट सीमाओं पर सामान्यतः महासागरीय प्लेट महाद्वीपीय प्लेट के नीचे उपसरण करती है। तीनों कथन सही हैं।
प्रश्न 26: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) सभी शीत महासागरीय धाराएँ मत्स्य संसाधनों की दृष्टि से समान रूप से समृद्ध होती हैं। (2) अपवेलिंग वाले क्षेत्रों में सामान्यतः समुद्री जैव उत्पादकता अधिक होती है। (3) शीत धारा और अपवेलिंग का संबंध कई क्षेत्रों में उच्च मत्स्य उत्पादन से जुड़ा हो सकता है।
सही उत्तर:
C
— केवल 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
अपवेलिंग पोषक तत्त्वों से समृद्ध जल को सतह पर लाती है जिससे समुद्री उत्पादकता और मत्स्य संसाधन बढ़ते हैं। अनेक शीत धाराएँ अपवेलिंग से जुड़ी होती हैं, किंतु सभी शीत धाराएँ समान रूप से समृद्ध मत्स्य क्षेत्र नहीं बनातीं। पहला कथन इसी कारण गलत है।
प्रश्न 27: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन जैवमंडल के संबंध में सर्वाधिक उपयुक्त है?
सही उत्तर:
A
— जैवमंडल एक खुली प्रणाली है जहाँ ऊर्जा का निरंतर आगमन होता है तथा पदार्थ का चक्रण होता रहता है।
व्याख्या (Explanation):
जैवमंडल में ऊर्जा मुख्यतः सूर्य से प्राप्त होती है और उसका प्रवाह एकदिशीय होता है, जबकि पदार्थ विभिन्न जैव-भूरासायनिक चक्रों द्वारा पुनर्चक्रित होता है। अन्य विकल्प अवधारणात्मक रूप से गलत हैं।
प्रश्न 28: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) ऊर्जा का प्रवाह पारितंत्र में एकदिशीय होता है। (2) पोषक तत्त्वों का पुनर्चक्रण होता रहता है। (3) प्रत्येक पोषण स्तर पर उपलब्ध ऊर्जा का एक बड़ा भाग ऊष्मा के रूप में नष्ट हो जाता है।
सही उत्तर:
B
— 1, 2 और 3 सभी सही हैं।
व्याख्या (Explanation):
पारितंत्र में ऊर्जा का प्रवाह उत्पादकों से उपभोक्ताओं की ओर एक दिशा में होता है तथा प्रत्येक स्तर पर ऊर्जा का एक बड़ा भाग ऊष्मा के रूप में नष्ट होता है। इसके विपरीत पोषक तत्त्व जैव-भूरासायनिक चक्रों द्वारा पुनर्चक्रित होते रहते हैं।
प्रश्न 29: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन महासागरीय धाराओं के संबंध में सही नहीं है?
सही उत्तर:
D
— उनका निर्माण केवल पृथ्वी के घूर्णन के कारण होता है।
व्याख्या (Explanation):
महासागरीय धाराओं का निर्माण अनेक कारकों—प्रचलित पवनों, पृथ्वी के घूर्णन, तापमान, लवणता तथा तटीय संरचना—के संयुक्त प्रभाव से होता है। अतः "केवल" घूर्णन को कारण बताना गलत है। अन्य तीन कथन सही हैं।
प्रश्न 30: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) समतापमंडल में ऊर्ध्वाधर वायु मिश्रण अपेक्षाकृत कम होता है। (2) इसी कारण अधिकांश लंबी दूरी के वाणिज्यिक जेट विमान समतापमंडल के निचले भाग में उड़ान भरना पसंद करते हैं। (3) समतापमंडल में सभी प्रकार के बादल बनते हैं।
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
समतापमंडल अपेक्षाकृत स्थिर परत है, जहाँ ऊर्ध्वाधर संवहन एवं वायु मिश्रण कम होता है। इसी कारण अधिकांश लंबी दूरी के वाणिज्यिक जेट विमान समतापमंडल के निचले भाग में उड़ान भरना पसंद करते हैं, जहाँ मौसम संबंधी विक्षोभ अपेक्षाकृत कम होते हैं। सामान्यतः बादल एवं अन्य प्रमुख मौसमीय घटनाएँ क्षोभमंडल में घटित होती हैं; अतः तीसरा कथन गलत है।
प्रश्न 31: भारतीय मानसून के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से सही कथन चुने। (1) स्थल एवं समुद्र के भिन्न तापीय व्यवहार से दाब प्रवणता उत्पन्न होती है। (2) हिमालय मानसूनी पवनों के मार्ग एवं वितरण को प्रभावित करता है। (3) केवल हिंद महासागर का तापमान ही मानसून को नियंत्रित करता है।
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
भारतीय मानसून एक बहु-कारकीय प्रणाली है। इसमें स्थल-समुद्र तापांतर, दाब प्रवणता, हिमालय, तिब्बती पठार, जेट धाराएँ तथा महासागरीय दशाएँ सभी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए तीसरा कथन "केवल" शब्द के कारण गलत है।
प्रश्न 32: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) अधिकांश भूकंप प्लेट विवर्तनिक गतिविधियों से संबंधित होते हैं। (2) कुछ भूकंप ज्वालामुखीय गतिविधियों से भी संबंधित हो सकते हैं। (3) सभी ज्वालामुखीय विस्फोट विनाशकारी भूकंप उत्पन्न करते हैं।
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
विश्व के अधिकांश भूकंप प्लेट विवर्तनिकी के कारण उत्पन्न होते हैं। कुछ भूकंप ज्वालामुखीय गतिविधियों से भी जुड़े होते हैं, जिन्हें ज्वालामुखीय भूकंप कहा जाता है। किंतु सभी ज्वालामुखीय विस्फोट विनाशकारी भूकंप उत्पन्न नहीं करते, इसलिए तीसरा कथन गलत है।
प्रश्न 33: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन नदी द्वारा निर्मित स्थलरूपों के संबंध में सर्वाधिक उपयुक्त नहीं है?
सही उत्तर:
D
— वी-आकार की घाटियाँ मुख्यतः नदी के निक्षेपण कार्य का परिणाम हैं।
व्याख्या (Explanation):
वी-आकार की घाटियाँ नदी के ऊपरी प्रवाह में तीव्र ऊर्ध्वाधर अपरदन से बनती हैं, निक्षेपण से नहीं। जलप्रपात, प्राकृतिक तटबंध तथा विसर्प अपने-अपने संदर्भ में सही हैं।
प्रश्न 34: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) मध्य-महासागरीय पर्वतश्रेणियाँ अपसारी प्लेट सीमाओं पर विकसित होती हैं। (2) समुद्री तली प्रसार की प्रक्रिया नई महासागरीय पर्पटी का निर्माण करती है। (3) समुद्री तली प्रसार के सिद्धांत ने प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत के विकास को वैज्ञानिक आधार प्रदान किया।
सही उत्तर:
A
— 1, 2 और 3 सभी सही हैं।
व्याख्या (Explanation):
मध्य-महासागरीय पर्वतश्रेणियाँ अपसारी प्लेट सीमाओं पर विकसित होती हैं, जहाँ मैग्मा ऊपर उठकर ठंडा होकर नई महासागरीय पर्पटी का निर्माण करता है। इसी प्रक्रिया को समुद्री तली प्रसार कहा जाता है। इस अवधारणा ने वेगेनर के महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत को वैज्ञानिक आधार प्रदान किया और आगे चलकर प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रश्न 35: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) पृथ्वी के बाह्य क्रोड से होकर गुजरने पर पी-तरंगों के वेग में उल्लेखनीय कमी आती है। (2) एस-तरंगें बाह्य क्रोड से होकर नहीं गुजरतीं। (3) पृथ्वी के बाह्य क्रोड के द्रव होने का निष्कर्ष केवल एस-तरंगों के व्यवहार के आधार पर निकाला गया।
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
पी-तरंगें बाह्य क्रोड में प्रवेश करती हैं, किंतु द्रव माध्यम में उनका वेग कम हो जाता है तथा वे अपवर्तित होती हैं। एस-तरंगें द्रव माध्यम से नहीं गुजरतीं, इसलिए बाह्य क्रोड में प्रवेश नहीं करतीं। बाह्य क्रोड के द्रव होने का निष्कर्ष केवल एस-तरंगों के व्यवहार पर नहीं, बल्कि पी-तरंगों के वेग, अपवर्तन तथा भूकंपीय छाया क्षेत्र सहित अनेक साक्ष्यों पर आधारित है।
प्रश्न 36: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन जैवमंडल के संबंध में सर्वाधिक उपयुक्त है?
सही उत्तर:
A
— यह पृथ्वी की विभिन्न प्राकृतिक प्रणालियों के पारस्परिक संपर्क का जीवधारी क्षेत्र है।
व्याख्या (Explanation):
जैवमंडल वह क्षेत्र है जहाँ स्थलमंडल, जलमंडल और वायुमंडल की पारस्परिक क्रिया के बीच जीवन विद्यमान रहता है। इसे केवल वन, समुद्र या वायुमंडल तक सीमित नहीं किया जा सकता।
प्रश्न 37: निम्नलिखित में से किस स्थिति में अपवेलिंग की संभावना सर्वाधिक होती है?
सही उत्तर:
B
— जब गहराई का पोषक-तत्त्वयुक्त जल सतह पर ऊपर आता है।
व्याख्या (Explanation):
अपवेलिंग वह प्रक्रिया है जिसमें गहराई का ठंडा एवं पोषक-तत्त्वों से समृद्ध जल सतह पर आता है। इससे मत्स्य संसाधनों की प्रचुरता विकसित होती है। अन्य विकल्प अपवेलिंग की प्रक्रिया का वर्णन नहीं करते।
प्रश्न 38: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) अधिकांश पारितंत्रों में ऊर्जा का मूल स्रोत सूर्य है। (2) ऊर्जा का प्रवाह सामान्यतः एकदिशीय होता है, जबकि पोषक तत्त्वों का चक्रण होता रहता है।
सही उत्तर:
C
— 1 और 2 दोनों सही हैं।
व्याख्या (Explanation):
अधिकांश पारितंत्रों में ऊर्जा का प्राथमिक स्रोत सूर्य है, जिसे उत्पादक प्रकाश-संश्लेषण के माध्यम से रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित करते हैं। हालांकि, कुछ विशिष्ट पारितंत्रों, जैसे गहरे समुद्र के हाइड्रोथर्मल वेंट, में ऊर्जा का स्रोत सूर्य के बजाय रासायनिक ऊर्जा होती है। इसलिए कथन 1 में "अधिकांश" शब्द वैज्ञानिक दृष्टि से अधिक उपयुक्त है। कथन 2 भी सही है क्योंकि ऊर्जा पारितंत्र में उत्पादकों से विभिन्न उपभोक्ता स्तरों तथा अंततः अपघटकों तक एकदिशीय रूप से प्रवाहित होती है, जबकि पोषक तत्त्व जैव-भूरासायनिक चक्रों द्वारा निरंतर पुनर्चक्रित होते रहते हैं।
प्रश्न 39: निम्नलिखित में से कौन-सा महासागरीय धारा और उसका वर्गीकरण सही सुमेलित है?
सही उत्तर:
A
— कुरोशियो — उष्ण धारा
व्याख्या (Explanation):
कुरोशियो प्रशांत महासागर की प्रमुख उष्ण धारा है। पेरू, लैब्राडोर तथा बेंगुएला तीनों शीत धाराएँ हैं।
प्रश्न 40: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) ओज़ोन परत मुख्यतः समतापमंडल में स्थित है। (2) यह सूर्य की अधिकांश हानिकारक पराबैंगनी किरणों का अवशोषण करती है।
सही उत्तर:
B
— 1 और 2 दोनों सही हैं।
व्याख्या (Explanation):
ओज़ोन परत समतापमंडल में स्थित होती है और सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों का अधिकांश भाग अवशोषित कर पृथ्वी पर जीवन की रक्षा करती है। दोनों कथन सही हैं और परस्पर संबंधित हैं।
प्रश्न 41: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन जलवायु और मौसम के संबंध में सही है?
सही उत्तर:
D
— जलवायु किसी क्षेत्र की दीर्घकालीन औसत मौसमीय दशाओं का प्रतिनिधित्व करती है।
व्याख्या (Explanation):
मौसम किसी स्थान की अल्पकालिक वायुमंडलीय स्थिति है, जबकि जलवायु दीर्घकालीन (सामान्यतः 30 वर्ष या अधिक) औसत मौसमीय दशाओं का प्रतिनिधित्व करती है।
प्रश्न 42: भूकंप के उपकेंद्र के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
सही उत्तर:
C
— यह पृथ्वी की सतह पर वह बिंदु है जो उद्गम-केंद्र के ठीक ऊपर स्थित होता है।
व्याख्या (Explanation):
भूकंप का वास्तविक उद्गम पृथ्वी के भीतर स्थित फोकस पर होता है, जबकि उसके ठीक ऊपर पृथ्वी की सतह पर स्थित बिंदु उपकेंद्र कहलाता है। अन्य विकल्प अवधारणात्मक भ्रम उत्पन्न करते हैं।
प्रश्न 43: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) अपसारी प्लेट सीमाओं पर सामान्यतः नवीन महासागरीय पर्पटी का निर्माण होता है। (2) अभिसारी प्लेट सीमाओं पर पर्पटी का विनाश या पुनर्चक्रण हो सकता है।
सही उत्तर:
A
— 1 और 2 दोनों सही हैं।
व्याख्या (Explanation):
अपसारी सीमाओं पर मैग्मा ऊपर उठकर नई महासागरीय पर्पटी का निर्माण करता है, जबकि अभिसारी सीमाओं पर सबडक्शन के कारण पुरानी पर्पटी मैंटल में पुनर्चक्रित हो सकती है। दोनों कथन प्लेट विवर्तनिकी के मूल सिद्धांत हैं।
प्रश्न 44: निम्नलिखित में से कौन-सा स्थलरूप मुख्यतः भूमिगत जल की घुलन क्रिया से बनता है?
सही उत्तर:
B
— कार्स्ट स्थलाकृति
व्याख्या (Explanation):
कार्स्ट स्थलाकृति चूना पत्थर जैसे घुलनशील शैलों पर भूमिगत जल की रासायनिक घुलन क्रिया से विकसित होती है। डेल्टा और जलोढ़ पंखा नदी निक्षेपण से तथा मोरेन हिमनदों द्वारा निक्षेपित पदार्थों से बनते हैं। UPSC निर्माणकारी प्रक्रिया और स्थलरूप के सही मिलान की परीक्षा लेता है। स्मरण सूत्र: "चूना पत्थर + घुलन = कार्स्ट।"
प्रश्न 45: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) पृथ्वी का औसत घनत्व उसकी भूपर्पटी के औसत घनत्व से अधिक है। (2) यह अंतर मुख्यतः पृथ्वी के केंद्र की ओर भारी तत्वों की अधिकता के कारण है।
सही उत्तर:
D
— 1 और 2 दोनों सही हैं तथा 2, 1 की उचित व्याख्या करता है।
व्याख्या (Explanation):
पृथ्वी का औसत घनत्व लगभग 5.5 ग्राम/घन सेमी है, जबकि भूपर्पटी का औसत घनत्व इससे काफी कम है। इसका प्रमुख कारण यह है कि पृथ्वी के आंतरिक भाग, विशेषकर क्रोड में लौह एवं निकेल जैसे भारी तत्वों की प्रधानता है।
प्रश्न 46: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) महासागरीय धाराएँ वैश्विक ऊष्मा के पुनर्वितरण में योगदान देती हैं। (2) महासागरीय धाराओं का मत्स्य संसाधनों के वितरण पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
सही उत्तर:
B
— 1 और 2 दोनों सही हैं।
व्याख्या (Explanation):
महासागरीय धाराएँ उष्णता का वैश्विक पुनर्वितरण करती हैं और तटीय जलवायु को प्रभावित करती हैं। साथ ही, उथले जल एवं अपवेलिंग क्षेत्रों में पोषक तत्त्वों की उपलब्धता बढ़ाकर मत्स्य संसाधनों को भी प्रभावित करती हैं।
प्रश्न 47: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन ज्वालामुखीय क्षेत्रों के संबंध में सर्वाधिक उपयुक्त है?
सही उत्तर:
A
— ज्वालामुखीय क्षेत्रों में उपजाऊ मिट्टी विकसित हो सकती है।
व्याख्या (Explanation):
ज्वालामुखीय राख के अपक्षय से बनने वाली मिट्टी प्रायः अत्यंत उपजाऊ होती है, जिसके कारण अनेक ज्वालामुखीय क्षेत्रों में घनी कृषि एवं मानव बसावट विकसित हुई है। अन्य विकल्प "सभी", "केवल", "कभी नहीं" जैसे निरपेक्ष शब्दों के कारण गलत हैं।
प्रश्न 48: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) जैवमंडल का अस्तित्व स्थलमंडल, जलमंडल तथा वायुमंडल की पारस्परिक क्रिया पर निर्भर करता है। (2) जैवमंडल केवल स्थलीय जीवों तक सीमित है।
सही उत्तर:
A
— केवल 1 सही है।
व्याख्या (Explanation):
जैवमंडल वह क्षेत्र है जहाँ स्थलमंडल, जलमंडल तथा वायुमंडल की पारस्परिक क्रिया के बीच जीवन विद्यमान रहता है। इसमें स्थलीय, जलीय तथा वायुमंडलीय सभी प्रकार के जीव सम्मिलित होते हैं। अतः कथन 1 सही है, जबकि कथन 2 गलत है क्योंकि जैवमंडल केवल स्थलीय जीवों तक सीमित नहीं है।
प्रश्न 49: निम्नलिखित में से कौन-सा महासागरीय धारा और उसके प्रभाव का सही युग्म नहीं है?
सही उत्तर:
D
— लैब्राडोर धारा — उष्ण एवं आर्द्र तटीय प्रभाव
व्याख्या (Explanation):
लैब्राडोर धारा एक शीत महासागरीय धारा है, इसलिए उसे उष्ण प्रभाव वाली धारा बताना गलत है। पेरू धारा शीत धारा है, जबकि गल्फ स्ट्रीम और कुरोशियो उष्ण धाराएँ हैं।
प्रश्न 50: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) समतापमंडल में ऊँचाई के साथ तापमान बढ़ने की प्रवृत्ति होती है। (2) इसका प्रमुख कारण ओज़ोन द्वारा पराबैंगनी विकिरण का अवशोषण है।
सही उत्तर:
A
— 1 और 2 दोनों सही हैं।
व्याख्या (Explanation):
समतापमंडल में ओज़ोन परत सूर्य की पराबैंगनी किरणों का अवशोषण करती है, जिससे ऊँचाई के साथ तापमान बढ़ता है। यह क्षोभमंडल से भिन्न विशेषता है, जहाँ तापमान सामान्यतः ऊँचाई के साथ घटता है।
प्रश्न 51: मानसून के आगमन में निम्नलिखित में से कौन-सा कारक सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण है?
सही उत्तर:
B
— स्थल एवं जल के असमान तापीय ऊष्मीकरण से उत्पन्न दाब प्रवणता
व्याख्या (Explanation):
भारतीय मानसून का मूल कारण स्थल और समुद्र के भिन्न-भिन्न तापीय व्यवहार से उत्पन्न दाब प्रवणता है। हिमालय तथा जेट धाराएँ भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, परंतु अकेले इनमें से कोई भी मानसून की संपूर्ण व्याख्या नहीं करता।
प्रश्न 52: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) सभी भूकंप केवल प्लेट सीमाओं पर ही उत्पन्न होते हैं। (2) प्लेटों के भीतर भी भूकंप आ सकते हैं।
सही उत्तर:
C
— केवल 2 सही है।
व्याख्या (Explanation):
अधिकांश भूकंप प्लेट सीमाओं पर आते हैं, परंतु सभी नहीं। कुछ भूकंप प्लेटों के भीतर भी उत्पन्न होते हैं, जैसे भारत के कुछ आंतरिक भागों में। पहला कथन "सभी" शब्द के कारण गलत हो जाता है।
प्रश्न 53: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) नदी का अपरदन कार्य सामान्यतः ऊपरी प्रवाह में अधिक प्रभावी होता है। (2) नदी का निक्षेपण कार्य सामान्यतः निचले प्रवाह में अधिक प्रमुख होता है।
सही उत्तर:
A
— 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):
नदी के ऊपरी भाग में ढाल अधिक होने से अपरदन तीव्र होता है, जबकि निचले भाग में ढाल कम होने और वेग घटने से अवसादों का निक्षेपण प्रमुख हो जाता है। यद्यपि दोनों प्रक्रियाएँ पूरी नदी में होती हैं, उनका प्रभुत्व अलग-अलग भागों में बदलता है।
प्रश्न 54: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत का सर्वोत्तम वर्णन करता है?
सही उत्तर:
D
— स्थलमंडल अनेक प्लेटों में विभाजित है जो एस्थेनोस्फीयर पर गतिशील रहती हैं।
व्याख्या (Explanation):
प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत के अनुसार स्थलमंडल कई विवर्तनिक प्लेटों में विभाजित है जो नीचे स्थित अपेक्षाकृत लचीले एस्थेनोस्फीयर पर धीरे-धीरे गतिशील रहती हैं। महाद्वीपीय एवं महासागरीय दोनों प्रकार की पर्पटी इन प्लेटों का भाग हो सकती हैं।
प्रश्न 55: निम्नलिखित कथनों के संबंध में सही उत्तर चुनिए। (1) पृथ्वी के गहरे आंतरिक भाग के अध्ययन के लिए भूकंपीय तरंगें सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण अप्रत्यक्ष स्रोत मानी जाती हैं। (2) पी-तरंगों के वेग एवं उनके व्यवहार में परिवर्तन के आधार पर पृथ्वी की आंतरिक परतों की प्रकृति का अनुमान लगाया जाता है।
सही उत्तर:
B
— 1 और 2 दोनों सही हैं।
व्याख्या (Explanation):
पृथ्वी के आंतरिक भाग तक प्रत्यक्ष पहुँच अत्यंत सीमित है, इसलिए भूकंपीय तरंगों का अध्ययन उसकी आंतरिक संरचना जानने का सबसे विश्वसनीय साधन है। पी-तरंगों के वेग एवं अपवर्तन में परिवर्तन से विभिन्न परतों के घनत्व एवं अवस्था का अनुमान लगाया जाता है।
प्रश्न 56: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?
सही उत्तर:
C
— जलचक्र — वाष्पीकरण, संघनन और वर्षण
व्याख्या (Explanation):
जलचक्र में वाष्पीकरण, संघनन और वर्षण प्रमुख प्रक्रियाएँ हैं। अधिकांश मौसमीय घटनाएँ क्षोभमंडल में होती हैं, बाह्य क्रोड द्रव अवस्था में होता है तथा डेल्टा नदी के निक्षेपण से बनता है, हिमानी अपरदन से नहीं।
प्रश्न 57: निम्नलिखित में से सक्रिय ज्वालामुखी की सर्वाधिक उपयुक्त विशेषता कौन-सी है?
सही उत्तर:
A
— जिसमें ऐतिहासिक अथवा वर्तमान भूवैज्ञानिक काल में उद्गार हुआ हो तथा भविष्य में पुनः उद्गार की संभावना बनी रहती हो।
व्याख्या (Explanation):
सक्रिय ज्वालामुखी वे हैं जिनमें ऐतिहासिक अथवा वर्तमान भूवैज्ञानिक काल में उद्गार हुआ है या भविष्य में पुनः उद्गार की संभावना रहती है। सुप्त ज्वालामुखी लंबे समय तक शांत रह सकते हैं, जबकि मृत/विलुप्त ज्वालामुखियों में पुनः उद्गार की संभावना अत्यंत कम मानी जाती है।
प्रश्न 58: निम्नलिखित में से कौन-सा जैवमंडल का अजैविक घटक है?
सही उत्तर:
B
— मिट्टी
व्याख्या (Explanation):
मिट्टी जैवमंडल का अजैविक घटक है, जबकि सूक्ष्मजीव, वनस्पति और जन्तु जैविक घटक हैं। जैवमंडल में जीवित तथा निर्जीव दोनों घटकों की परस्पर क्रिया से पारितंत्र कार्य करता है।
प्रश्न 59: गल्फ स्ट्रीम महासागरीय धारा का एक प्रमुख प्रभाव क्या है?
सही उत्तर:
D
— पश्चिमी यूरोप के तटीय क्षेत्रों की जलवायु को अपेक्षाकृत गर्म बनाना।
व्याख्या (Explanation):
गल्फ स्ट्रीम एक उष्ण महासागरीय धारा है, जो उत्तर अटलांटिक की ओर ऊष्मा का परिवहन करती है। इसके कारण पश्चिमी यूरोप के तटीय क्षेत्रों की जलवायु समान अक्षांश वाले अन्य क्षेत्रों की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक गर्म एवं समशीतोष्ण बनी रहती है।
प्रश्न 60: क्षोभमंडल की एक प्रमुख विशेषता क्या है?
सही उत्तर:
A
— अधिकांश मौसम संबंधी घटनाएँ इसी परत में घटित होती हैं।
व्याख्या (Explanation):
क्षोभमंडल वायुमंडल की सबसे निचली परत है और बादल, वर्षा, तूफान जैसी अधिकांश मौसमीय घटनाएँ इसी में होती हैं। ओज़ोन परत मुख्यतः समतापमंडल में स्थित है तथा क्षोभमंडल में ऊँचाई बढ़ने पर तापमान घटता है।
प्रश्न 61: स्थानीय पवन "लू" सामान्यतः भारत के किस मौसम में चलती है?
सही उत्तर:
C
— ग्रीष्म ऋतु
व्याख्या (Explanation):
लू उत्तर-पश्चिमी एवं उत्तरी भारत में ग्रीष्म ऋतु के दौरान चलने वाली अत्यधिक गर्म और शुष्क स्थानीय पवन है। इसका संबंध मानसून या शीत ऋतु से नहीं है।
प्रश्न 62: रिक्टर पैमाना मुख्यतः किसका मापन करता है?
सही उत्तर:
B
— भूकंप की परिमाण का
व्याख्या (Explanation):
रिक्टर पैमाना भूकंप से मुक्त हुई ऊर्जा अर्थात उसकी परिमाण को दर्शाता है। क्षति की तीव्रता का आकलन सामान्यतः संशोधित मर्केली तीव्रता पैमाने से किया जाता है।
प्रश्न 63: निम्नलिखित में से कौन-सा स्थलरूप मुख्यतः हिमानी अपरदन का परिणाम है?
सही उत्तर:
D
— यू-आकार की घाटी
व्याख्या (Explanation):
यू-आकार की घाटी हिमनदों द्वारा व्यापक अपरदन से बनती है। डेल्टा नदी के निक्षेपण से, जलोढ़ पंखा पर्वतीय ढालों पर निक्षेपण से तथा बालू के टीले पवन द्वारा निर्मित होते हैं।
प्रश्न 64: निम्नलिखित में से कौन-सी शैल सीधे मैग्मा या लावा के ठंडा होने से बनती है?
सही उत्तर:
A
— आग्नेय शैल
व्याख्या (Explanation):
आग्नेय शैल मैग्मा अथवा लावा के ठंडा एवं ठोस होने से बनती हैं। अवसादी शैल अवसादों के निक्षेपण एवं संघनन से तथा कायांतरित शैल पूर्ववर्ती शैलों के ताप एवं दाब के प्रभाव से बनती हैं। "परतदार" कोई मूल शैल वर्ग नहीं है।
प्रश्न 65: निम्नलिखित कथनों के आधार पर सही उत्तर चुनिए। (1) पृथ्वी की आयु का निर्धारण मुख्यतः रेडियोमितीय विधि से किया गया है। (2) रेडियोधर्मी तत्वों के क्षय की दर समय के साथ स्थिर मानी जाती है।
सही उत्तर:
C
— 1 और 2 दोनों सही हैं।
व्याख्या (Explanation):
पृथ्वी की आयु (लगभग 4.54 अरब वर्ष) का निर्धारण मुख्यतः रेडियोमितीय डेटिंग द्वारा किया गया है। यह विधि रेडियोधर्मी समस्थानिकों की स्थिर क्षय दर पर आधारित है। इसलिए दोनों कथन सही हैं।
प्रश्न 66: निम्नलिखित में से किस बादल से सामान्यतः तीव्र गर्जन, बिजली तथा वर्षा जुड़ी होती है?
सही उत्तर:
D
— कपासी-वर्षी बादल
व्याख्या (Explanation):
कपासी-वर्षी बादल तीव्र संवहन के कारण गर्जन, बिजली, मूसलाधार वर्षा तथा कभी-कभी ओलावृष्टि से जुड़े होते हैं। पक्षाभ एवं स्तरी बादल सामान्यतः ऐसी तीव्र मौसमीय घटनाएँ उत्पन्न नहीं करते।
प्रश्न 67: जैवमंडल का सबसे उपयुक्त वर्णन निम्नलिखित में से कौन-सा है?
सही उत्तर:
A
— वह क्षेत्र जहाँ स्थल, जल और वायुमंडल परस्पर क्रिया करते हुए जीवन का समर्थन करते हैं।
व्याख्या (Explanation):
जैवमंडल पृथ्वी का वह क्षेत्र है जहाँ स्थल, जल तथा वायुमंडल मिलकर जीवन के लिए उपयुक्त परिस्थितियाँ प्रदान करते हैं। अन्य विकल्प इसकी सीमा को अनावश्यक रूप से सीमित कर देते हैं।
प्रश्न 68: निम्नलिखित में से कौन-सी महासागरीय धारा शीत धारा है?
सही उत्तर:
C
— लैब्राडोर धारा
व्याख्या (Explanation):
लैब्राडोर धारा आर्कटिक क्षेत्र से आने वाली शीत महासागरीय धारा है। गल्फ स्ट्रीम, कुरोशियो तथा ब्राज़ील धाराएँ उष्ण धाराएँ हैं।
प्रश्न 69: निम्नलिखित में से कौन-सी गैस वायुमंडल में सर्वाधिक मात्रा में पाई जाती है?
सही उत्तर:
D
— नाइट्रोजन
व्याख्या (Explanation):
वायुमंडल में लगभग 78% नाइट्रोजन, 21% ऑक्सीजन तथा शेष अन्य गैसें होती हैं। कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बहुत कम होते हुए भी जलवायु की दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।
प्रश्न 70: पृथ्वी पर ऋतुओं के परिवर्तन का प्रमुख कारण क्या है?
सही उत्तर:
A
— पृथ्वी की धुरी का झुकाव तथा सूर्य के चारों ओर परिक्रमण
व्याख्या (Explanation):
ऋतुओं का परिवर्तन पृथ्वी की लगभग 23½° झुकी हुई धुरी तथा सूर्य के चारों ओर उसकी परिक्रमण गति के संयुक्त प्रभाव से होता है। केवल दूरी या घूर्णन इसके लिए उत्तरदायी नहीं हैं।
प्रश्न 71: ज्वालामुखी से निकलने वाला द्रवित पदार्थ पृथ्वी की सतह पर पहुँचने के बाद क्या कहलाता है?
सही उत्तर:
B
— लावा
व्याख्या (Explanation):
पृथ्वी के भीतर द्रवित शैल पदार्थ को मैग्मा तथा सतह पर निकलने के बाद उसे लावा कहा जाता है। बेसाल्ट एक आग्नेय शैल है जो लावा के ठंडा होने से बन सकती है।
प्रश्न 72: निम्नलिखित स्थलरूपों में से कौन-सा मुख्यतः नदी के निक्षेपण से बनता है?
सही उत्तर:
C
— डेल्टा
व्याख्या (Explanation):
डेल्टा नदी द्वारा लाए गए अवसादों के निक्षेपण से समुद्र या झील के किनारे बनता है। वी-आकार की घाटी, जलप्रपात तथा गॉर्ज मुख्यतः अपरदनात्मक स्थलरूप हैं।
प्रश्न 73: महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत का प्रतिपादन किसने किया था?
सही उत्तर:
A
— अल्फ्रेड वेगेनर
व्याख्या (Explanation):
अल्फ्रेड वेगेनर ने महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत प्रस्तुत किया, जिसमें पैंजिया के विखंडन की अवधारणा दी गई। आर्थर होम्स ने मैंटल संवहन का विचार विकसित किया, हैरी हैस समुद्री तली प्रसार सिद्धांत से जुड़े हैं तथा जेम्स हट्टन आधुनिक भूविज्ञान के जनक माने जाते हैं।
प्रश्न 74: निम्नलिखित में से किस प्रकार की भूकंपीय तरंग द्रव माध्यम से होकर नहीं गुजरती?
सही उत्तर:
D
— एस (द्वितीयक) तरंग
व्याख्या (Explanation):
एस (S) तरंगें केवल ठोस माध्यम में संचरित होती हैं, जबकि पी (P) तरंगें ठोस, द्रव तथा गैस तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं। इसी आधार पर वैज्ञानिकों ने निष्कर्ष निकाला कि पृथ्वी का बाह्य क्रोड द्रव अवस्था में है। पृष्ठीय एवं लव तरंगें पृथ्वी की सतह के निकट संचरित होती हैं; प्रश्न में द्रव माध्यम से संचरण की बात पूछी गई है।
प्रश्न 75: पृथ्वी की आंतरिक संरचना के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
सही उत्तर:
B
— पृथ्वी का मैंटल भूपर्पटी और क्रोड के बीच स्थित होता है।
व्याख्या (Explanation):
मैंटल पृथ्वी की सबसे मोटी परत है तथा यह भूपर्पटी और क्रोड के बीच स्थित होती है। भूपर्पटी सबसे पतली परत है, बाह्य क्रोड द्रव तथा आंतरिक क्रोड अत्यधिक दाब के कारण ठोस अवस्था में होता है।
प्रश्न 76: कथन (A): पृथ्वी की सभी जलवायु विशेषताएँ केवल अक्षांश द्वारा निर्धारित होती हैं। कारण (R): ऊँचाई, महासागरीय धाराएँ, स्थलाकृति तथा दाब-पवन प्रणाली भी जलवायु को प्रभावित करती हैं।
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है क्योंकि अक्षांश जलवायु का एक महत्वपूर्ण नियंत्रक अवश्य है, परंतु यह अकेला निर्धारक नहीं है। ऊँचाई, महासागरीय धाराएँ, स्थलाकृति, प्रचलित पवनें और दाब प्रणाली भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। कारण सही है और कथन का खंडन करता है।
प्रश्न 77: कथन (A): महासागर पृथ्वी की जलवायु प्रणाली में ऊष्मा भंडार के रूप में कार्य करते हैं। कारण (R): जल की उच्च विशिष्ट ऊष्मा के कारण महासागर बड़ी मात्रा में ऊष्मा का अवशोषण तथा उत्सर्जन अपेक्षाकृत धीमी गति से कर सकते हैं।
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है क्योंकि महासागर पृथ्वी के ऊष्मीय संतुलन तथा वैश्विक जलवायु के नियमन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कारण भी सही है। जल की उच्च विशिष्ट ऊष्मा महासागरों को विशाल ऊष्मा भंडार बनाती है, जिससे वे धीरे-धीरे ऊष्मा ग्रहण एवं त्याग करते हैं और जलवायु को संतुलित रखते हैं। अतः कारण, कथन की सही व्याख्या है।
प्रश्न 78: कथन (A): भौतिक अपक्षय केवल शीत प्रदेशों में होता है। कारण (R): मरुस्थलों में तापीय प्रसार एवं संकुचन से भी भौतिक अपक्षय होता है।
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है क्योंकि भौतिक अपक्षय शीत क्षेत्रों के अतिरिक्त शुष्क एवं मरुस्थलीय क्षेत्रों में भी प्रभावी होता है। कारण सही है।
प्रश्न 79: कथन (A): प्रत्येक भूकंप विनाशकारी होता है। कारण (R): अनेक भूकंप मानव द्वारा अनुभव भी नहीं किए जाते।
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है क्योंकि अधिकांश सूक्ष्म भूकंप विनाशकारी नहीं होते और कई तो उपकरणों द्वारा ही दर्ज किए जाते हैं। कारण सही है।
प्रश्न 80: कथन (A): जैवमंडल में ऊर्जा का प्रवाह एकदिश होता है जबकि पोषक तत्वों का चक्रण होता है। कारण (R): ऊर्जा अंततः ऊष्मा के रूप में पर्यावरण में विसरित हो जाती है, जबकि पदार्थ जैव-भूरासायनिक चक्रों में पुनः प्रयुक्त होता है।
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है क्योंकि ऊर्जा सूर्य से उत्पादकों, उपभोक्ताओं तथा अपघटकों तक एक दिशा में प्रवाहित होती है और प्रत्येक पोषण स्तर पर उसका एक भाग ऊष्मा के रूप में वातावरण में विसरित हो जाता है। इसके विपरीत कार्बन, नाइट्रोजन, फॉस्फोरस तथा जल जैसे पदार्थ जैव-भूरासायनिक चक्रों के माध्यम से पुनः उपयोग में आते रहते हैं। अतः कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 81: कथन (A): सभी गर्म महासागरीय धाराएँ अपने प्रभाव क्षेत्र में वर्षा में वृद्धि करती हैं। कारण (R): वर्षा केवल महासागरीय धाराओं पर निर्भर नहीं करती।
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है क्योंकि गर्म महासागरीय धाराएँ सामान्यतः आर्द्रता बढ़ाने में सहायक होती हैं, किन्तु वर्षा की मात्रा एवं वितरण पर प्रचलित पवनें, स्थलाकृति, वायुदाब प्रणाली तथा नमी की उपलब्धता भी समान रूप से प्रभाव डालते हैं। इसलिए प्रत्येक स्थान पर गर्म धारा वर्षा में वृद्धि करे, यह आवश्यक नहीं है। कारण सही है।
प्रश्न 82: कथन (A): समतापमंडल में ऊर्ध्वाधर संवहन क्षोभमंडल की तुलना में अधिक तीव्र होता है। कारण (R): समतापमंडल में तापमान ऊँचाई के साथ बढ़ता है, जिससे वायुमंडलीय स्थिरता बढ़ती है।
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है क्योंकि समतापमंडल अत्यंत स्थिर परत है और वहाँ ऊर्ध्वाधर संवहन बहुत कम होता है। कारण सही है; तापमान वृद्धि वायुमंडलीय स्थिरता बढ़ाती है और संवहन को रोकती है।
प्रश्न 83: कथन (A): यदि किसी क्षेत्र का औसत तापमान बढ़े तो वहाँ वर्षा भी अनिवार्य रूप से बढ़ेगी। कारण (R): ऊँचे तापमान पर वायु अधिक जलवाष्प धारण कर सकती है।
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है क्योंकि केवल तापमान बढ़ने से वर्षा बढ़ना आवश्यक नहीं है। वर्षा के लिए पर्याप्त नमी की उपलब्धता, वायु का उत्थान, संघनन तथा उपयुक्त वायुमंडलीय परिसंचरण भी आवश्यक हैं। कारण सही है क्योंकि अधिक तापमान पर वायु की जलवाष्प धारण क्षमता बढ़ जाती है, परन्तु यह वर्षा होने की गारंटी नहीं है।
प्रश्न 84: कथन (A): किसी क्षेत्र में पर्वतनिर्माण और ज्वालामुखीय गतिविधि साथ-साथ हो सकती है। कारण (R): महासागरीय–महाद्वीपीय अभिसारी प्लेट सीमाओं पर सबडक्शन दोनों प्रक्रियाओं को प्रेरित कर सकता है।
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है क्योंकि अनेक अभिसारी प्लेट सीमाओं पर पर्वतनिर्माण तथा ज्वालामुखीय चाप साथ-साथ विकसित होते हैं। कारण भी सही है; सबडक्शन के कारण एक ओर मैग्मा बनता है और दूसरी ओर संपीड़न से पर्वतनिर्माण होता है। यही कथन की प्रत्यक्ष व्याख्या है।
प्रश्न 85: कथन (A): पृथ्वी की आंतरिक संरचना का वर्तमान मॉडल मुख्यतः भूकंपीय तरंगों के विश्लेषण पर आधारित है। कारण (R): भूकंपीय तरंगों के वेग में परिवर्तन केवल तापमान के कारण होता है।
सही उत्तर:
C
— A सही है पर R गलत है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है क्योंकि पृथ्वी की आंतरिक संरचना का अधिकांश ज्ञान भूकंपीय तरंगों के वेग, परावर्तन, अपवर्तन तथा उनके प्रसार के अध्ययन से प्राप्त हुआ है। कारण गलत है क्योंकि भूकंपीय तरंगों का वेग केवल तापमान पर निर्भर नहीं करता, बल्कि माध्यम की प्रत्यास्थता, घनत्व, दाब तथा ठोस–तरल अवस्था से भी प्रभावित होता है।
प्रश्न 86: कथन (A): महासागरीय धाराओं की दिशा केवल पृथ्वी के घूर्णन से निर्धारित होती है। कारण (R): प्रचलित पवनें, कोरिओलिस प्रभाव, महाद्वीपीय अवरोध तथा तापमान एवं लवणता के अंतर महासागरीय धाराओं को प्रभावित करते हैं।
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है क्योंकि महासागरीय धाराओं की दिशा केवल पृथ्वी के घूर्णन से निर्धारित नहीं होती। इन पर प्रचलित पवनों, कोरिओलिस प्रभाव, महाद्वीपीय अवरोध, तथा तापमान एवं लवणता के अंतर सहित अनेक कारकों का संयुक्त प्रभाव पड़ता है। कारण सही है और कथन का खंडन करता है।
प्रश्न 87: कथन (A): पृथ्वी पर ऊर्जा संतुलन जलवायु प्रणाली के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। कारण (R): यदि आने वाली एवं बाहर जाने वाली ऊर्जा में दीर्घकालिक असंतुलन हो, तो वैश्विक जलवायु में परिवर्तन हो सकता है।
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है क्योंकि पृथ्वी का ऊष्मा संतुलन वैश्विक तापमान एवं जलवायु को नियंत्रित करता है। कारण भी सही है; दीर्घकालिक ऊर्जा असंतुलन जलवायु परिवर्तन का प्रमुख आधार है। यही कथन की प्रत्यक्ष व्याख्या है।
प्रश्न 88: कथन (A): सभी प्रकार की अपक्षय प्रक्रियाओं के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है। कारण (R): तापीय प्रसार एवं संकुचन से भी चट्टानों का भौतिक विखंडन हो सकता है।
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है क्योंकि भौतिक अपक्षय शुष्क क्षेत्रों में तापीय प्रसार एवं संकुचन जैसी प्रक्रियाओं से भी हो सकता है। कारण सही है और कथन का खंडन करता है।
प्रश्न 89: कथन (A): सभी भूकंपों का अधिकेंद्र पृथ्वी की सतह के नीचे स्थित होता है। कारण (R): भूकंप का उद्गम-केंद्र पृथ्वी के भीतर स्थित होता है।
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है क्योंकि भूकंप का अधिकेंद्र पृथ्वी की सतह पर वह बिंदु होता है जो उद्गम-केंद्र के ठीक ऊपर स्थित होता है, जबकि उद्गम-केंद्र पृथ्वी के भीतर होता है। इसलिए कारण सही है।
प्रश्न 90: कथन (A): जैवमंडल एक खुली प्रणाली की भाँति कार्य करता है। कारण (R): जैवमंडल ऊर्जा का आदान-प्रदान सूर्य से तथा पदार्थ का आदान-प्रदान वायुमंडल, स्थलमंडल एवं जलमंडल के साथ करता है।
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है क्योंकि जैवमंडल निरंतर ऊर्जा एवं पदार्थ का आदान-प्रदान करता है। कारण भी सही है; सूर्य से ऊर्जा प्राप्त होती है तथा विभिन्न मंडलों के बीच जैव-भूरासायनिक चक्रों के माध्यम से पदार्थ का आदान-प्रदान होता है। यही कथन की उचित व्याख्या है।
प्रश्न 91: कथन (A): गर्म महासागरीय धाराएँ तटीय क्षेत्रों में अपेक्षाकृत अधिक आर्द्रता एवं वर्षा की संभावना बढ़ा सकती हैं। कारण (R): गर्म धाराएँ समुद्री जल के वाष्पीकरण की दर बढ़ाने में सहायक होती हैं।
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है क्योंकि गर्म महासागरीय धाराएँ वायुमंडल में अधिक नमी उपलब्ध कराकर वर्षा की संभावना बढ़ा सकती हैं। कारण भी सही है; अपेक्षाकृत गर्म जल से वाष्पीकरण अधिक होता है, जिससे आर्द्रता बढ़ती है। यही कथन की प्रत्यक्ष व्याख्या है।
प्रश्न 92: कथन (A): समतापमंडल में ऊँचाई के साथ तापमान घटता है। कारण (R): समतापमंडल में ओज़ोन परत पराबैंगनी विकिरण का अवशोषण करती है।
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है क्योंकि समतापमंडल में ऊँचाई के साथ तापमान बढ़ता है। इसका कारण ओज़ोन द्वारा पराबैंगनी विकिरण का अवशोषण है, इसलिए कारण सही है।
प्रश्न 93: कथन (A): किसी क्षेत्र में वर्षा की मात्रा केवल वहाँ उपलब्ध जलवाष्प पर निर्भर नहीं करती। कारण (R): पर्याप्त जलवाष्प होने पर भी यदि वायु का उत्थान एवं संघनन न हो तो वर्षा नहीं होगी।
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है क्योंकि वर्षा के लिए केवल जलवाष्प पर्याप्त नहीं होती; वायु का ऊपर उठना, शीतलन और संघनन भी आवश्यक है। कारण भी सही है और यह कथन की प्रत्यक्ष व्याख्या करता है।
प्रश्न 94: कथन (A): सभी अपसारी प्लेट सीमाओं पर केवल महासागरीय मध्य पर्वतमालाएँ ही बनती हैं। कारण (R): महाद्वीपीय रिफ्ट घाटियाँ भी अपसारी प्लेट सीमाओं पर विकसित हो सकती हैं।
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है क्योंकि अपसारी सीमाएँ केवल महासागरों तक सीमित नहीं हैं; महाद्वीपों में भी रिफ्ट घाटियाँ (जैसे पूर्वी अफ्रीकी रिफ्ट) विकसित होती हैं। कारण सही है और कथन को असत्य सिद्ध करता है।
प्रश्न 95: कथन (A): पृथ्वी के आंतरिक भाग में तापमान सामान्यतः गहराई के साथ बढ़ता है। कारण (R): भूतापीय प्रवणता सभी गहराइयों पर समान दर से बनी रहती है।
सही उत्तर:
C
— A सही है पर R गलत है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है क्योंकि पृथ्वी के आंतरिक भाग में तापमान सामान्यतः गहराई के साथ बढ़ता है। किंतु कारण गलत है, क्योंकि भूतापीय प्रवणता सभी गहराइयों पर समान नहीं रहती। भूपर्पटी के ऊपरी भाग में इसका औसत मान लगभग 25–30°C प्रति किमी होता है, जबकि मैंटल एवं क्रोड की ओर गहराई बढ़ने पर इसकी दर बदलती रहती है।
प्रश्न 96: कथन (A): मानसून की उत्पत्ति में स्थल एवं समुद्र के भिन्न तापीय व्यवहार की भूमिका होती है। कारण (R): मानसूनी पवनों की दिशा वर्ष में दो बार बदलती है।
सही उत्तर:
B
— A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
व्याख्या (Explanation):
कथन (A) सही है क्योंकि मानसून की उत्पत्ति का प्रमुख कारण स्थल एवं समुद्र का असमान ऊष्मीकरण है, जिससे मौसमी दाब प्रवणता विकसित होती है। कारण (R) भी सही है क्योंकि दक्षिण-पश्चिम एवं उत्तर-पूर्व मानसून के रूप में मानसूनी पवनों की दिशा वर्ष में दो बार बदलती है। किंतु यह मानसून की उत्पत्ति का कारण नहीं, बल्कि उसकी विशेषता है। इसलिए R, A की सही व्याख्या नहीं करता।
प्रश्न 97: कथन (A): सभी अपक्षय प्रक्रियाओं में चट्टानों का रासायनिक परिवर्तन अनिवार्य होता है। कारण (R): भौतिक अपक्षय में चट्टानों का केवल यांत्रिक विखंडन भी हो सकता है।
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है क्योंकि अपक्षय भौतिक, रासायनिक तथा जैविक तीनों प्रकार का हो सकता है; रासायनिक परिवर्तन हर बार आवश्यक नहीं। कारण सही है क्योंकि भौतिक अपक्षय में केवल यांत्रिक विखंडन होता है। इसलिए विकल्प D सही है।
प्रश्न 98: कथन (A): तापमान का ऊर्ध्वाधर वितरण वायुमंडल की विभिन्न परतों में समान नहीं होता। कारण (R): वायुमंडल का अधिकांश जलवाष्प क्षोभमंडल में पाया जाता है।
सही उत्तर:
B
— A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
व्याख्या (Explanation):
कथन (A) सही है क्योंकि क्षोभमंडल, समतापमंडल, मध्यमंडल तथा तापमंडल में तापमान का परिवर्तन अलग-अलग प्रकार से होता है। कारण (R) भी सही है क्योंकि वायुमंडल का लगभग समस्त जलवाष्प क्षोभमंडल में केंद्रित रहता है। किंतु जलवाष्प का मुख्यतः क्षोभमंडल में पाया जाना, विभिन्न वायुमंडलीय परतों में तापमान के ऊर्ध्वाधर वितरण के असमान होने का प्रत्यक्ष कारण नहीं है। तापमान का यह अंतर प्रत्येक परत में ऊर्जा अवशोषण एवं ऊष्मा संचरण की भिन्न प्रक्रियाओं के कारण होता है। इसलिए R, A की सही व्याख्या नहीं करता।
प्रश्न 99: कथन (A): जैवमंडल का विस्तार केवल स्थल एवं महासागरों तक सीमित है। कारण (R): सूक्ष्मजीव वायुमंडल के निचले भाग में भी पाए जा सकते हैं।
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है क्योंकि जैवमंडल में वायुमंडल का निचला भाग भी सम्मिलित है जहाँ जीवन संभव है। कारण सही है क्योंकि सूक्ष्मजीव निम्न वायुमंडल में पाए जा सकते हैं। अतः विकल्प D सही है।
प्रश्न 100: कथन (A): क्षोभमंडल की मोटाई भूमध्य रेखा पर ध्रुवों की अपेक्षा अधिक होती है। कारण (R): समतापमंडल में ओज़ोन परत सूर्य की पराबैंगनी किरणों का अधिकांश भाग अवशोषित करती है।
सही उत्तर:
B
— A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है क्योंकि भूमध्य क्षेत्र में क्षोभमंडल की मोटाई लगभग 16–18 किमी तथा ध्रुवों पर लगभग 8–10 किमी होती है। कारण (R) भी सही है क्योंकि समतापमंडल में स्थित ओज़ोन परत सूर्य की अधिकांश पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करती है। किंतु यह तथ्य क्षोभमंडल की मोटाई में भूमध्य एवं ध्रुवीय क्षेत्रों के बीच पाए जाने वाले अंतर की व्याख्या नहीं करता। क्षोभमंडल की अधिक मोटाई का मुख्य कारण भूमध्य क्षेत्र में तीव्र ऊर्ध्वाधर संवहन एवं अधिक ऊष्मीकरण है। इसलिए R, A की सही व्याख्या नहीं करता।
प्रश्न 101: कथन (A): ठंडी महासागरीय धाराएँ सामान्यतः समीपवर्ती तटीय क्षेत्रों के तापमान को कम करती हैं। कारण (R): वे निम्न अक्षांशों की तुलना में उच्च अक्षांशों से अपेक्षाकृत ठंडा जल लाती हैं।
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है क्योंकि ठंडी धाराएँ तटीय क्षेत्रों को अपेक्षाकृत शीतल बनाती हैं। कारण भी सही है; अधिकांश ठंडी धाराएँ उच्च अक्षांशों से निम्न अक्षांशों की ओर ठंडा जल लाती हैं, जिससे तटीय जलवायु प्रभावित होती है। यही कथन की उचित व्याख्या है।
प्रश्न 102: कथन (A): सभी भूकंपीय तरंगें पृथ्वी के तरल बाह्य क्रोड से होकर गुजरती हैं। कारण (R): एस-तरंगें तरल माध्यम से नहीं गुजरतीं।
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है क्योंकि केवल पी-तरंगें तरल बाह्य क्रोड से गुजरती हैं; एस-तरंगें नहीं गुजरतीं। कारण सही है और यही कथन को गलत सिद्ध करता है।
प्रश्न 103: कथन (A): तापमान में दैनिक परिवर्तन समुद्र की अपेक्षा स्थल पर अधिक होता है। कारण (R): जल की विशिष्ट ऊष्मा स्थल की अपेक्षा अधिक होती है।
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है क्योंकि स्थल शीघ्र गर्म और शीघ्र ठंडा होता है, जबकि समुद्र अपेक्षाकृत धीरे-धीरे तापमान बदलता है। कारण भी सही है; जल की उच्च विशिष्ट ऊष्मा इस अंतर का मूल कारण है। अतः कारण कथन की प्रत्यक्ष व्याख्या करता है। विकल्प B इसलिए गलत है क्योंकि संबंध प्रत्यक्ष कारणात्मक है।
प्रश्न 104: कथन (A): महाद्वीपीय–महाद्वीपीय अभिसरण पर विशाल वलित पर्वतों का निर्माण होता है। कारण (R): दोनों महाद्वीपीय प्लेटों का घनत्व अपेक्षाकृत कम होने के कारण एक प्लेट दूसरी के नीचे आसानी से अधोगमन नहीं करती।
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
कथन (A) सही है क्योंकि दो महाद्वीपीय प्लेटों के अभिसरण से तीव्र संपीड़न के कारण विशाल वलित पर्वतों का निर्माण होता है, जैसे हिमालय। कारण (R) भी सही है क्योंकि महाद्वीपीय प्लेटें अपेक्षाकृत कम घनत्व वाली होती हैं, इसलिए टकराव के समय एक प्लेट दूसरी के नीचे आसानी से अधोगमन नहीं करती। इसके परिणामस्वरूप चट्टानों में वलन और उत्थान होता है, जिससे वलित पर्वतों का निर्माण होता है। अतः कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 105: कथन (A): पृथ्वी का औसत घनत्व उसकी बाहरी परतों के घनत्व से अधिक है। कारण (R): पृथ्वी के केंद्र की ओर लौह एवं निकेल जैसे भारी तत्वों की प्रधानता होती है।
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है क्योंकि पृथ्वी का औसत घनत्व (लगभग 5.5 ग्राम/घन सेमी) भूपर्पटी के घनत्व से अधिक है। कारण भी सही है क्योंकि केंद्र की ओर भारी धातुओं, विशेषकर लौह एवं निकेल, की अधिकता पृथ्वी के औसत घनत्व को बढ़ाती है। कारण सीधे कथन की व्याख्या करता है। विकल्प B मुद्रण त्रुटि के कारण A जैसा ही दिखाई देता है; सही तर्कानुसार उत्तर A है।
प्रश्न 106: कथन (A): वर्षा के निर्माण में तापमान महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कारण (R): वर्षा के लिए जलवाष्प, संघनन तथा उपयुक्त वायुमंडलीय परिस्थितियाँ भी आवश्यक होती हैं।
सही उत्तर:
B
— A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है क्योंकि तापमान वाष्पीकरण एवं संघनन की प्रक्रियाओं को प्रभावित करता है और वर्षा निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कारण भी सही है क्योंकि केवल तापमान पर्याप्त नहीं होता; जलवाष्प, संघनन केंद्र तथा उपयुक्त वायुमंडलीय परिस्थितियाँ भी आवश्यक हैं। किंतु कारण यह नहीं बताता कि तापमान वर्षा में महत्वपूर्ण भूमिका क्यों निभाता है, बल्कि अन्य आवश्यक कारकों का उल्लेख करता है। इसलिए विकल्प B सही है।
प्रश्न 107: कथन (A): ओज़ोन परत सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों के बड़े भाग को अवशोषित करती है। कारण (R): ओज़ोन की सर्वाधिक सांद्रता समतापमंडल में पाई जाती है।
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है क्योंकि ओज़ोन परत हानिकारक पराबैंगनी किरणों का अधिकांश भाग अवशोषित करती है। कारण भी सही है क्योंकि ओज़ोन की सर्वाधिक सांद्रता समतापमंडल में होने से यह सुरक्षा संभव होती है। अतः कारण कथन की सही व्याख्या करता है। इसलिए विकल्प A सही है।
प्रश्न 108: कथन (A): वायुदाब का वितरण पवनों के निर्माण को प्रभावित करता है। कारण (R): पृथ्वी का घूर्णन भी पवनों की दिशा को प्रभावित करता है।
सही उत्तर:
B
— A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है क्योंकि पवन उच्च दाब से निम्न दाब की ओर बहती है। कारण भी सही है क्योंकि पृथ्वी का घूर्णन कोरिओलिस प्रभाव उत्पन्न करता है, जिससे पवनों की दिशा बदलती है। किंतु यह पवनों के निर्माण का प्रत्यक्ष कारण नहीं है। इसलिए विकल्प B सही है।
प्रश्न 109: कथन (A): जैवमंडल केवल स्थल भागों तक सीमित है। कारण (R): जीव महासागरों तथा वायुमंडल के निचले भाग में भी पाए जाते हैं।
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है क्योंकि जैवमंडल में स्थल, जल तथा वायुमंडल का निचला भाग शामिल होता है। कारण सही है। इसलिए विकल्प D सही है।
प्रश्न 110: कथन (A): अधिकांश भूकंप विवर्तनिक प्लेटों की गति के कारण उत्पन्न होते हैं। कारण (R): सभी भूकंप केवल ज्वालामुखीय गतिविधियों के कारण उत्पन्न होते हैं।
सही उत्तर:
C
— A सही है पर R गलत है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है क्योंकि अधिकांश बड़े भूकंप प्लेट विवर्तनिकी से संबंधित होते हैं। कारण गलत है क्योंकि सभी भूकंप ज्वालामुखीय गतिविधियों से उत्पन्न नहीं होते। इसलिए विकल्प C सही है।
प्रश्न 111: कथन (A): महासागरीय धाराएँ वैश्विक जलवायु को प्रभावित करती हैं। कारण (R): वे ऊष्मा का एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र तक पुनर्वितरण करती हैं।
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है क्योंकि महासागरीय धाराएँ तटीय क्षेत्रों के तापमान, वर्षा तथा जलवायु को प्रभावित करती हैं। कारण भी सही है क्योंकि गर्म और शीत धाराएँ ऊष्मा का पुनर्वितरण करती हैं। यही कथन की सही व्याख्या है। इसलिए विकल्प A सही है।
प्रश्न 112: कथन (A): समतापमंडल (स्ट्रैटोस्फीयर) में अधिकांश मौसम संबंधी घटनाएँ घटित होती हैं। कारण (R): क्षोभमंडल (ट्रोपोस्फीयर) में अधिकांश जलवाष्प तथा धूलकण पाए जाते हैं।
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है क्योंकि अधिकांश मौसमीय घटनाएँ क्षोभमंडल में होती हैं। कारण सही है क्योंकि जलवाष्प और धूलकणों की अधिकता इसी परत में मौसमीय प्रक्रियाओं को संभव बनाती है। इसलिए विकल्प D सही है।
प्रश्न 113: कथन (A): स्थलरूपों के निर्माण में अपक्षय तथा अपरदन दोनों की भूमिका होती है। कारण (R): अपक्षय चट्टानों को बिना स्थानांतरण के तोड़ता है जबकि अपरदन उनका परिवहन भी करता है।
सही उत्तर:
B
— A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है क्योंकि स्थलरूपों के विकास में अपक्षय, अपरदन, परिवहन एवं निक्षेपण सभी प्रक्रियाएँ योगदान देती हैं। कारण भी सही है क्योंकि अपक्षय चट्टानों को उसी स्थान पर विघटित करता है जबकि अपरदन उनका परिवहन भी करता है। किंतु यह केवल दोनों प्रक्रियाओं का अंतर बताता है, स्थलरूप निर्माण में दोनों की संयुक्त भूमिका की प्रत्यक्ष व्याख्या नहीं करता। इसलिए विकल्प B सही है।
प्रश्न 114: कथन (A): अधिकांश ज्वालामुखी विवर्तनिक प्लेटों की सीमाओं पर स्थित होते हैं। कारण (R): कुछ ज्वालामुखी हॉटस्पॉट (Hotspot) क्षेत्रों में भी विकसित होते हैं।
सही उत्तर:
B
— A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है.
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है क्योंकि विश्व के अधिकांश ज्वालामुखी अभिसारी तथा अपसारी प्लेट सीमाओं पर पाए जाते हैं। कारण भी सही है क्योंकि कुछ ज्वालामुखी प्लेट सीमाओं से दूर हॉटस्पॉट क्षेत्रों (जैसे हवाई द्वीप) में विकसित होते हैं। किंतु यह अधिकांश ज्वालामुखियों के प्लेट सीमाओं पर स्थित होने का कारण नहीं बताता, बल्कि एक अपवाद का उल्लेख करता है। इसलिए विकल्प B सही है।
प्रश्न 115: कथन (A): पृथ्वी की आंतरिक संरचना के अध्ययन में भूकंपीय तरंगें महत्वपूर्ण स्रोत मानी जाती हैं। कारण (R): भूकंपीय तरंगों के वेग एवं व्यवहार में परिवर्तन से पृथ्वी की विभिन्न आंतरिक परतों के गुणों का अनुमान लगाया जाता है।
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है क्योंकि पृथ्वी के आंतरिक भाग का प्रत्यक्ष अध्ययन अत्यंत सीमित है, इसलिए भूकंपीय तरंगें सबसे विश्वसनीय अप्रत्यक्ष साधन हैं। कारण भी सही है क्योंकि पी तथा एस तरंगों के वेग, अपवर्तन, परावर्तन एवं अवरोध के आधार पर भूपर्पटी, मैंटल और क्रोड जैसी परतों की प्रकृति ज्ञात होती है। यही कारण कथन की प्रत्यक्ष व्याख्या करता है। इसलिए विकल्प A सही है।
