गरीबी (Poverty) पर आधारित UPSC Prelims +130 MCQ Quiz हिंदी में Solve करें। गरीबी की अवधारणा, मापन, समितियों, सूचकांकों और योजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों की Practice करें।

This quiz contains 130 carefully selected multiple-choice questions (MCQ) with detailed explanations for each answer. Questions cover important topics from Economics.

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गरीबी UPSC +130 MCQ Quiz in Hindi | Prelims के प्रश्न Solve करें

गरीबी (Poverty) पर आधारित UPSC Prelims +130 MCQ Quiz हिंदी में Solve करें। गरीबी की अवधारणा, मापन, समितियों, सूचकांकों और योजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों की Practice करें।

📊
Difficulty
Expert
❓
Num Questions
130
❓
Points Per Question
1
⏱️
Time Limit
100 minutes

All MCQ Questions with Answers and Explanations

प्रश्न 1: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गरीबी उन्मूलन के क्षमता दृष्टिकोण का सर्वोत्तम सार प्रस्तुत करता है?

  • A. गरीबी केवल आय की कमी है।
  • B. गरीबी केवल उपभोग व्यय का प्रश्न है।
  • C. गरीबी का वास्तविक समाधान लोगों की क्षमताओं, विकल्पों और अवसरों का विस्तार करना है। ✓
  • D. गरीबी केवल सरकारी सहायता से समाप्त की जा सकती है।
सही उत्तर: C — गरीबी का वास्तविक समाधान लोगों की क्षमताओं, विकल्पों और अवसरों का विस्तार करना है।
व्याख्या (Explanation):
क्षमता दृष्टिकोण के अनुसार विकास का उद्देश्य लोगों को ऐसे अवसर प्रदान करना है जिनसे वे अपनी पसंद का सम्मानजनक जीवन जी सकें। शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल, स्वतंत्रता और सामाजिक अवसर इस दृष्टिकोण के मुख्य आधार हैं। यही अवधारणा आधुनिक बहुआयामी गरीबी विश्लेषण को भी प्रभावित करती है।

प्रश्न 2: गरीबी उन्मूलन की नीति के मूल्यांकन में सबसे महत्वपूर्ण अंतिम परिणाम क्या माना जाएगा?

  • A. योजना पर सरकारी व्यय।
  • B. लोगों की वास्तविक जीवन-गुणवत्ता, अवसरों और उत्पादक क्षमता में स्थायी सुधार। ✓
  • C. लाभार्थियों की संख्या।
  • D. योजना की अवधि।
सही उत्तर: B — लोगों की वास्तविक जीवन-गुणवत्ता, अवसरों और उत्पादक क्षमता में स्थायी सुधार।
व्याख्या (Explanation):
किसी भी गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम का उद्देश्य केवल व्यय करना या लाभार्थियों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि लोगों के जीवन-स्तर, शिक्षा, स्वास्थ्य, आय क्षमता और सामाजिक अवसरों में स्थायी सुधार लाना है। यही परिणाम-आधारित नीति मूल्यांकन का आधार है।

प्रश्न 3: यदि किसी देश में बहुआयामी गरीबी सूचकांक में उल्लेखनीय सुधार हो, किंतु रोजगार का बड़ा भाग अभी भी अनौपचारिक क्षेत्र में हो, तो सबसे उपयुक्त निष्कर्ष क्या होगा?

  • A. रोजगार की गुणवत्ता अप्रासंगिक है।
  • B. गरीबी पूरी तरह समाप्त हो चुकी है।
  • C. मानव विकास सूचकांक अवश्य घटा होगा।
  • D. सामाजिक विकास में सुधार हुआ है, पर गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित रोजगार की चुनौती बनी हुई है। ✓
सही उत्तर: D — सामाजिक विकास में सुधार हुआ है, पर गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित रोजगार की चुनौती बनी हुई है।
व्याख्या (Explanation):
बहुआयामी गरीबी में सुधार शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन-स्तर में प्रगति का संकेत है, लेकिन यदि रोजगार असंगठित एवं असुरक्षित बना रहता है, तो आय की स्थिरता और सामाजिक सुरक्षा सीमित रह सकती है। इसलिए सामाजिक विकास और श्रम बाजार सुधार दोनों आवश्यक हैं।

प्रश्न 4: यदि किसी नीति का उद्देश्य अंतरपीढ़ी गरीबी चक्र को तोड़ना हो, तो निम्नलिखित में से किसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए?

  • A. प्रारम्भिक बाल्यावस्था पोषण, गुणवत्तापूर्ण विद्यालयी शिक्षा और किशोर स्वास्थ्य। ✓
  • B. केवल खाद्यान्न वितरण।
  • C. केवल वृद्धावस्था पेंशन।
  • D. केवल प्रत्यक्ष लाभ अंतरण।
सही उत्तर: A — प्रारम्भिक बाल्यावस्था पोषण, गुणवत्तापूर्ण विद्यालयी शिक्षा और किशोर स्वास्थ्य।
व्याख्या (Explanation):
अंतरपीढ़ी गरीबी तब टूटती है जब बच्चों को जीवन के प्रारम्भिक वर्षों से बेहतर पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य प्राप्त होता है। इससे उनकी उत्पादकता, कौशल और आय अर्जित करने की क्षमता बढ़ती है, जो अगली पीढ़ियों तक सकारात्मक प्रभाव डालती है।

प्रश्न 5: यदि किसी देश में अत्यधिक गरीबी समाप्त हो जाए, परंतु गरीबी के प्रति संवेदनशील परिवारों का अनुपात बहुत अधिक बना रहे, तो सबसे उपयुक्त निष्कर्ष क्या होगा?

  • A. गरीबी उन्मूलन पूर्णतः सफल हो चुका है।
  • B. बहुआयामी गरीबी अवश्य समाप्त हो गई है।
  • C. अनेक परिवार अभी भी किसी आर्थिक, स्वास्थ्य अथवा प्राकृतिक झटके के कारण पुनः गरीबी में जा सकते हैं। ✓
  • D. सामाजिक सुरक्षा की अब आवश्यकता नहीं है।
सही उत्तर: C — अनेक परिवार अभी भी किसी आर्थिक, स्वास्थ्य अथवा प्राकृतिक झटके के कारण पुनः गरीबी में जा सकते हैं।
व्याख्या (Explanation):
अत्यधिक गरीबी समाप्त होने का अर्थ यह नहीं कि सभी परिवार आर्थिक रूप से सुरक्षित हो गए हैं। यदि बड़ी संख्या में परिवार किसी बीमारी, रोजगार हानि, प्राकृतिक आपदा या मूल्य-वृद्धि जैसे झटकों से पुनः गरीबी में जा सकते हैं, तो वे अभी भी संवेदनशील माने जाते हैं। आधुनिक गरीबी विश्लेषण केवल वर्तमान गरीबी नहीं, बल्कि भविष्य के जोखिम को भी महत्व देता है।

प्रश्न 6: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गरीबी उन्मूलन की आधुनिक अवधारणा को सर्वाधिक उपयुक्त रूप से व्यक्त करता है?

  • A. गरीबी केवल आय की कमी का प्रश्न है।
  • B. गरीबी अवसरों, क्षमताओं, सामाजिक सुरक्षा तथा सम्मानजनक जीवन तक पहुँच से भी संबंधित है। ✓
  • C. गरीबी केवल बेरोजगारी का परिणाम है।
  • D. गरीबी केवल ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित है।
सही उत्तर: B — गरीबी अवसरों, क्षमताओं, सामाजिक सुरक्षा तथा सम्मानजनक जीवन तक पहुँच से भी संबंधित है।
व्याख्या (Explanation):
आधुनिक विकास दृष्टिकोण गरीबी को केवल आय की कमी नहीं मानता, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सामाजिक सुरक्षा, वित्तीय समावेशन, गरिमापूर्ण जीवन तथा अवसरों की उपलब्धता से भी जोड़ता है। यही बहुआयामी एवं क्षमता-आधारित दृष्टिकोण का मूल है।

प्रश्न 7: यदि किसी राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास तथा सूक्ष्म उद्यमों को एकीकृत रूप से प्रोत्साहित किया जाए, तो निम्नलिखित में से किस प्रकार की गरीबी पर सबसे अधिक दीर्घकालिक प्रभाव पड़ने की संभावना है?

  • A. संरचनात्मक गरीबी ✓
  • B. केवल अस्थायी गरीबी
  • C. केवल मौसमी गरीबी
  • D. केवल आय-आधारित गरीबी
सही उत्तर: A — संरचनात्मक गरीबी
व्याख्या (Explanation):
संरचनात्मक गरीबी शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल, वित्तीय अवसरों तथा उत्पादक रोजगार जैसी दीर्घकालिक कमियों से उत्पन्न होती है। इन सभी क्षेत्रों में एकीकृत निवेश गरीबी के मूल कारणों को संबोधित करता है, जिससे स्थायी गरीबी उन्मूलन की संभावना बढ़ती है।

प्रश्न 8: गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों के मूल्यांकन में निम्नलिखित में से कौन-सा दृष्टिकोण सबसे अधिक उपयुक्त होगा?

  • A. केवल लाभार्थियों की संख्या।
  • B. केवल सरकारी व्यय।
  • C. परिणाम, प्रभाव, स्थायित्व तथा समानता—इन सभी का संयुक्त मूल्यांकन। ✓
  • D. केवल योजना की अवधि।
सही उत्तर: C — परिणाम, प्रभाव, स्थायित्व तथा समानता—इन सभी का संयुक्त मूल्यांकन।
व्याख्या (Explanation):
किसी भी कार्यक्रम का वास्तविक मूल्यांकन केवल व्यय अथवा लाभार्थियों की संख्या से नहीं किया जा सकता। यह देखना आवश्यक है कि कार्यक्रम ने गरीबी, पोषण, शिक्षा, रोजगार, समान अवसर तथा दीर्घकालिक आत्मनिर्भरता पर कितना प्रभाव डाला।

प्रश्न 9: यदि किसी देश में अत्यधिक गरीबी समाप्त हो जाए, किंतु बहुआयामी गरीबी बनी रहे, तो इसका सबसे उपयुक्त कारण क्या हो सकता है?

  • A. राष्ट्रीय आय में कमी।
  • B. कृषि उत्पादन में कमी।
  • C. विदेशी निवेश का अभाव।
  • D. शिक्षा, स्वास्थ्य अथवा जीवन-स्तर संबंधी वंचनाएँ अभी भी व्यापक हैं। ✓
सही उत्तर: D — शिक्षा, स्वास्थ्य अथवा जीवन-स्तर संबंधी वंचनाएँ अभी भी व्यापक हैं।
व्याख्या (Explanation):
अत्यधिक गरीबी समाप्त होने का अर्थ यह नहीं कि सभी लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, ऊर्जा और आवास उपलब्ध हो गए हैं। बहुआयामी गरीबी इन वंचनाओं का अलग से मूल्यांकन करती है। इसलिए आय में सुधार के बावजूद सामाजिक सेवाओं की कमी बहुआयामी गरीबी को बनाए रख सकती है।

प्रश्न 10: यदि किसी क्षेत्र में महिलाओं की शिक्षा, डिजिटल वित्तीय समावेशन तथा स्वयं सहायता समूहों की सक्रियता बढ़ती है, तो गरीबी उन्मूलन पर सबसे व्यापक प्रभाव किसके माध्यम से पड़ेगा?

  • A. आय, बचत, उद्यमिता तथा सामाजिक निर्णय क्षमता में संयुक्त सुधार के माध्यम से। ✓
  • B. केवल कर संग्रह में वृद्धि के माध्यम से।
  • C. केवल विदेशी निवेश आकर्षित होने के माध्यम से।
  • D. केवल निर्यात वृद्धि के माध्यम से।
सही उत्तर: A — आय, बचत, उद्यमिता तथा सामाजिक निर्णय क्षमता में संयुक्त सुधार के माध्यम से।
व्याख्या (Explanation):
महिला शिक्षा, वित्तीय समावेशन और स्वयं सहायता समूह महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हैं। इससे आय, बचत, ऋण तक पहुँच, उद्यमिता, बच्चों की शिक्षा और पोषण में सुधार होता है। परिणामस्वरूप गरीबी के अनेक आयामों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

प्रश्न 11: निम्नलिखित में से कौन-सा नीति संयोजन जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में गरीबी उन्मूलन के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है?

  • A. केवल फसल बीमा।
  • B. जलवायु-सहनशील कृषि, सामाजिक सुरक्षा, आजीविका विविधीकरण तथा जोखिम बीमा का समन्वय। ✓
  • C. केवल प्रत्यक्ष लाभ अंतरण।
  • D. केवल सार्वजनिक वितरण प्रणाली।
सही उत्तर: B — जलवायु-सहनशील कृषि, सामाजिक सुरक्षा, आजीविका विविधीकरण तथा जोखिम बीमा का समन्वय।
व्याख्या (Explanation):
जलवायु परिवर्तन का प्रभाव विशेष रूप से गरीब एवं कृषि-निर्भर परिवारों पर पड़ता है। केवल एक उपाय पर्याप्त नहीं होता। जलवायु-सहनशील कृषि, जोखिम बीमा, सामाजिक सुरक्षा तथा आय के विविध स्रोत मिलकर आजीविका को अधिक सुरक्षित बनाते हैं।

प्रश्न 12: यदि किसी नीति के परिणामस्वरूप गरीबी अनुपात घटे, किंतु गरीबी अंतराल में बहुत कम परिवर्तन हो, तो सबसे उपयुक्त निष्कर्ष क्या होगा?

  • A. गरीबी समाप्त हो चुकी है।
  • B. अत्यंत गरीब लोगों की संख्या समाप्त हो गई है।
  • C. कुछ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं, पर सबसे गरीब वर्ग की स्थिति में सीमित सुधार हुआ है। ✓
  • D. आय असमानता अवश्य घट गई है।
सही उत्तर: C — कुछ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं, पर सबसे गरीब वर्ग की स्थिति में सीमित सुधार हुआ है।
व्याख्या (Explanation):
गरीबी अनुपात में कमी यह दर्शाती है कि कुछ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं, जबकि गरीबी अंतराल में सीमित परिवर्तन का अर्थ है कि जो लोग अभी भी गरीब हैं, वे गरीबी रेखा से काफी नीचे बने हुए हैं। यह प्रश्न गरीबी की व्यापकता और गहराई के बीच अंतर को समझने की क्षमता का परीक्षण करता है।

प्रश्न 13: निम्नलिखित में से कौन-सा परिवर्तन बहुआयामी गरीबी सूचकांक में सुधार का सबसे प्रत्यक्ष कारण होगा?

  • A. सुरक्षित पेयजल, स्वच्छता, विद्यालयी शिक्षा तथा पोषण में सुधार। ✓
  • B. केवल निर्यात में वृद्धि।
  • C. केवल शेयर बाज़ार सूचकांक में वृद्धि।
  • D. केवल विदेशी निवेश में वृद्धि।
सही उत्तर: A — सुरक्षित पेयजल, स्वच्छता, विद्यालयी शिक्षा तथा पोषण में सुधार।
व्याख्या (Explanation):
बहुआयामी गरीबी सूचकांक शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन-स्तर से संबंधित वंचनाओं को मापता है। सुरक्षित पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा और पोषण में सुधार सीधे इन आयामों को प्रभावित करते हैं। इसके विपरीत निर्यात, विदेशी निवेश अथवा शेयर बाज़ार का प्रभाव अप्रत्यक्ष हो सकता है।

प्रश्न 14: यदि किसी देश में आर्थिक वृद्धि मुख्यतः उच्च-कौशल क्षेत्रों तक सीमित रहे और निम्न-कौशल श्रमिकों की वास्तविक आय लगभग स्थिर बनी रहे, तो सबसे संभावित परिणाम क्या होगा?

  • A. बहुआयामी गरीबी स्वतः समाप्त हो जाएगी।
  • B. सभी वर्गों का समान विकास होगा।
  • C. गरीबी अनुपात अनिवार्य रूप से बढ़ेगा।
  • D. आय असमानता बढ़ सकती है तथा समावेशी विकास की चुनौती उत्पन्न हो सकती है। ✓
सही उत्तर: D — आय असमानता बढ़ सकती है तथा समावेशी विकास की चुनौती उत्पन्न हो सकती है।
व्याख्या (Explanation):
यदि विकास का लाभ मुख्यतः उच्च-कौशल वर्ग तक सीमित रहता है, तो आय वितरण अधिक असमान हो सकता है। निम्न-कौशल श्रमिकों की स्थिर आय के कारण समावेशी विकास प्रभावित होता है। आर्थिक वृद्धि और समान अवसर दोनों का संतुलन आवश्यक है।

प्रश्न 15: किसी राज्य में अत्यधिक गरीबी में कमी आई, बहुआयामी गरीबी में उल्लेखनीय कमी आई तथा बाल कुपोषण में केवल सीमित सुधार हुआ। इन तथ्यों के आधार पर सबसे उपयुक्त निष्कर्ष क्या होगा?

  • A. गरीबी पूरी तरह समाप्त हो गई है।
  • B. आय एवं जीवन-स्तर में सुधार हुआ है, किंतु पोषण संबंधी चुनौतियाँ अभी भी बनी हुई हैं। ✓
  • C. मानव विकास सूचकांक अवश्य घट गया है।
  • D. सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ पूरी तरह विफल रही हैं।
सही उत्तर: B — आय एवं जीवन-स्तर में सुधार हुआ है, किंतु पोषण संबंधी चुनौतियाँ अभी भी बनी हुई हैं।
व्याख्या (Explanation):
अत्यधिक तथा बहुआयामी गरीबी में कमी यह दर्शाती है कि आय, शिक्षा, स्वास्थ्य अथवा जीवन-स्तर के अनेक पहलुओं में सुधार हुआ है। किंतु यदि बाल कुपोषण में सीमित सुधार हुआ है, तो यह संकेत है कि पोषण, मातृ स्वास्थ्य, भोजन की गुणवत्ता अथवा व्यवहारगत कारण अभी भी चुनौती बने हुए हैं।

प्रश्न 16: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सतत गरीबी उन्मूलन की अवधारणा को सर्वाधिक उपयुक्त रूप से व्यक्त करता है?

  • A. केवल आय बढ़ाना पर्याप्त है।
  • B. केवल सामाजिक सुरक्षा पर्याप्त है।
  • C. आर्थिक अवसर, मानव पूंजी, पर्यावरणीय सहनशीलता और सामाजिक सुरक्षा का संतुलित समन्वय आवश्यक है। ✓
  • D. केवल राजकोषीय व्यय बढ़ाना पर्याप्त है।
सही उत्तर: C — आर्थिक अवसर, मानव पूंजी, पर्यावरणीय सहनशीलता और सामाजिक सुरक्षा का संतुलित समन्वय आवश्यक है।
व्याख्या (Explanation):
सतत गरीबी उन्मूलन का उद्देश्य केवल वर्तमान गरीबी को कम करना नहीं, बल्कि भविष्य में आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय झटकों के बावजूद लोगों को गरीबी में पुनः जाने से रोकना है। इसके लिए उत्पादक रोजगार, मानव पूंजी निर्माण, सामाजिक सुरक्षा, प्राकृतिक संसाधनों का सतत उपयोग और जलवायु सहनशील विकास आवश्यक हैं।

प्रश्न 17: यदि किसी क्षेत्र में महिला श्रम भागीदारी, महिला शिक्षा और वित्तीय समावेशन तीनों बढ़ते हैं, तो गरीबी उन्मूलन पर सबसे व्यापक प्रभाव किस माध्यम से पड़ेगा?

  • A. परिवार की आय, मानव पूंजी और निर्णय क्षमता—तीनों में सुधार के माध्यम से। ✓
  • B. केवल सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि के माध्यम से।
  • C. केवल जनसंख्या वृद्धि में कमी के माध्यम से।
  • D. केवल कर संग्रह में वृद्धि के माध्यम से।
सही उत्तर: A — परिवार की आय, मानव पूंजी और निर्णय क्षमता—तीनों में सुधार के माध्यम से।
व्याख्या (Explanation):
महिला शिक्षा और वित्तीय समावेशन से महिलाओं की आर्थिक एवं सामाजिक भागीदारी बढ़ती है। इससे परिवार की आय, बच्चों की शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और संसाधनों के उपयोग में सुधार होता है। परिणामस्वरूप गरीबी उन्मूलन का प्रभाव कई आयामों में दिखाई देता है।

प्रश्न 18: यदि किसी नीति का उद्देश्य गरीबी के प्रति संवेदनशीलता को कम करना हो, तो निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण होगा?

  • A. केवल प्रत्यक्ष लाभ अंतरण।
  • B. जोखिम प्रबंधन, बीमा, सामाजिक सुरक्षा और विविध आजीविका के अवसर। ✓
  • C. केवल निर्यात वृद्धि।
  • D. केवल ब्याज दर में कमी।
सही उत्तर: B — जोखिम प्रबंधन, बीमा, सामाजिक सुरक्षा और विविध आजीविका के अवसर।
व्याख्या (Explanation):
गरीबी के प्रति संवेदनशीलता का अर्थ है कि कोई परिवार छोटे आर्थिक या प्राकृतिक झटके से पुनः गरीबी में जा सकता है। बीमा, सामाजिक सुरक्षा, विविध आय स्रोत और जोखिम प्रबंधन इस संभावना को कम करते हैं।

प्रश्न 19: निम्नलिखित में से कौन-सा नीति विकल्प गरीबी के पीढ़ीगत संचरण को तोड़ने में सर्वाधिक प्रभावी होगा?

  • A. केवल खाद्यान्न वितरण।
  • B. केवल नकद अंतरण।
  • C. केवल रोजगार गारंटी।
  • D. प्रारम्भिक बाल विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पोषण एवं कौशल विकास का एकीकृत निवेश। ✓
सही उत्तर: D — प्रारम्भिक बाल विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पोषण एवं कौशल विकास का एकीकृत निवेश।
व्याख्या (Explanation):
गरीबी का पीढ़ीगत संचरण तब टूटता है जब बच्चों को बेहतर पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल प्राप्त होते हैं। इससे भविष्य में उनकी आय अर्जन क्षमता बढ़ती है और वे अपने परिवारों को स्थायी रूप से गरीबी से बाहर निकाल सकते हैं।

प्रश्न 20: यदि किसी देश में बहुआयामी गरीबी घटती है, पर आय असमानता बढ़ती है, तो सबसे उपयुक्त निष्कर्ष क्या होगा?

  • A. सामाजिक विकास और आय वितरण अलग-अलग दिशाओं में परिवर्तित हो सकते हैं। ✓
  • B. बहुआयामी गरीबी का मापन गलत है।
  • C. गरीबी अनुपात अवश्य बढ़ा होगा।
  • D. मानव विकास सूचकांक अवश्य घटा होगा।
सही उत्तर: A — सामाजिक विकास और आय वितरण अलग-अलग दिशाओं में परिवर्तित हो सकते हैं।
व्याख्या (Explanation):
शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन-स्तर में सुधार होने से बहुआयामी गरीबी घट सकती है, जबकि आर्थिक लाभ अपेक्षाकृत अधिक उच्च आय वर्ग को मिलने से आय असमानता बढ़ सकती है। इसलिए दोनों संकेतक समान दिशा में बदलना आवश्यक नहीं है।

प्रश्न 21: यदि किसी देश में बाल कुपोषण, विद्यालय छोड़ने की दर तथा मातृ मृत्यु अनुपात तीनों में उल्लेखनीय कमी आती है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा परिणाम सर्वाधिक संभावित होगा?

  • A. चालू खाते का घाटा समाप्त हो जाएगा।
  • B. राजकोषीय घाटा घट जाएगा।
  • C. मानव पूंजी की गुणवत्ता तथा दीर्घकालिक उत्पादकता में वृद्धि होगी। ✓
  • D. विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ जाएगा।
सही उत्तर: C — मानव पूंजी की गुणवत्ता तथा दीर्घकालिक उत्पादकता में वृद्धि होगी।
व्याख्या (Explanation):
पोषण, शिक्षा और मातृ स्वास्थ्य में सुधार से मानव पूंजी मजबूत होती है। स्वस्थ और शिक्षित जनसंख्या अधिक उत्पादक होती है, जिससे दीर्घकाल में आय, नवाचार और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलता है।

प्रश्न 22: गरीबी उन्मूलन की किसी नीति का समग्र मूल्यांकन करते समय निम्नलिखित में से किस एक संकेतक को अकेले प्रयोग करना सबसे कम पर्याप्त माना जाएगा?

  • A. बहुआयामी गरीबी सूचकांक
  • B. केवल गरीबी अनुपात ✓
  • C. पोषण एवं शिक्षा संबंधी संकेतक
  • D. रोजगार की गुणवत्ता
सही उत्तर: B — केवल गरीबी अनुपात
व्याख्या (Explanation):
गरीबी अनुपात केवल यह बताता है कि कितने लोग गरीबी रेखा के नीचे हैं। यह गरीबी की गहराई, तीव्रता, बहुआयामी वंचनाओं तथा रोजगार की गुणवत्ता जैसी बातों को नहीं दर्शाता। इसलिए किसी नीति के समग्र मूल्यांकन हेतु केवल गरीबी अनुपात पर्याप्त नहीं माना जाता।

प्रश्न 23: किसी अर्थव्यवस्था में तीव्र आर्थिक वृद्धि, सीमित रोजगार वृद्धि, असंगठित रोजगार का उच्च अनुपात तथा बहुआयामी गरीबी में धीमी कमी देखी जाती है। सबसे उपयुक्त निष्कर्ष क्या होगा?

  • A. आर्थिक वृद्धि निष्प्रभावी है।
  • B. गरीबी का मापन गलत है।
  • C. विदेशी निवेश अपर्याप्त है।
  • D. वृद्धि का रोजगार तथा मानव विकास में पर्याप्त रूपांतरण नहीं हो रहा है। ✓
सही उत्तर: D — वृद्धि का रोजगार तथा मानव विकास में पर्याप्त रूपांतरण नहीं हो रहा है।
व्याख्या (Explanation):
यदि आर्थिक वृद्धि रोजगार सृजन, विशेषकर गुणवत्तापूर्ण रोजगार, में परिवर्तित नहीं होती, तो उसके लाभ व्यापक समाज तक सीमित गति से पहुँचते हैं। परिणामस्वरूप बहुआयामी गरीबी में कमी अपेक्षाकृत धीमी रह सकती है। यही "रोजगार-विहीन वृद्धि" जैसी अवधारणाओं का मूल संकेत है।

प्रश्न 24: यदि किसी राज्य में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का व्यापक विस्तार किया जाए, किंतु विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार न हो, तो दीर्घकाल में सबसे संभावित परिणाम क्या होगा?

  • A. अल्पकालिक राहत मिलेगी, पर संरचनात्मक गरीबी का पूर्ण समाधान नहीं होगा। ✓
  • B. बहुआयामी गरीबी स्वतः समाप्त हो जाएगी।
  • C. मानव पूंजी अनिवार्य रूप से उच्च हो जाएगी।
  • D. उत्पादकता स्वतः बढ़ जाएगी।
सही उत्तर: A — अल्पकालिक राहत मिलेगी, पर संरचनात्मक गरीबी का पूर्ण समाधान नहीं होगा।
व्याख्या (Explanation):
सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ तत्काल राहत प्रदान करती हैं, परंतु दीर्घकालिक गरीबी उन्मूलन के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और कौशल विकास अनिवार्य हैं। यदि मानव पूंजी का निर्माण नहीं होता, तो उत्पादक आय और सामाजिक गतिशीलता सीमित रह सकती है।

प्रश्न 25: किसी देश में अत्यधिक गरीबी में तीव्र कमी आई, आय असमानता लगभग अपरिवर्तित रही तथा बहुआयामी गरीबी में उल्लेखनीय कमी आई—उपर्युक्त के आधार पर निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सर्वाधिक उपयुक्त है?

  • A. आय वितरण पूर्णतः समान हो गया है।
  • B. गरीबी समाप्त हो चुकी है।
  • C. सबसे वंचित वर्गों की जीवन-स्थितियों में सुधार हुआ है, यद्यपि आय वितरण की चुनौती बनी रह सकती है। ✓
  • D. मानव विकास सूचकांक अवश्य 1 के बराबर हो गया है।
सही उत्तर: C — सबसे वंचित वर्गों की जीवन-स्थितियों में सुधार हुआ है, यद्यपि आय वितरण की चुनौती बनी रह सकती है।
व्याख्या (Explanation):
अत्यधिक गरीबी तथा बहुआयामी गरीबी में कमी यह दर्शाती है कि सबसे वंचित वर्गों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण अथवा जीवन-स्तर में सुधार हुआ है। किंतु आय असमानता का अपरिवर्तित रहना बताता है कि आय का वितरण अभी भी असमान हो सकता है। इसलिए गरीबी में कमी और समानता में वृद्धि को समानार्थी नहीं माना जा सकता।

प्रश्न 26: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गरीबी उन्मूलन के लिए साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण के संदर्भ में सर्वाधिक उपयुक्त है?

  • A. केवल आय संबंधी आँकड़ों के आधार पर नीति बनानी चाहिए।
  • B. केवल गरीबी अनुपात पर्याप्त है।
  • C. आय, बहुआयामी वंचनाओं, पोषण, रोजगार तथा क्षेत्रीय असमानताओं के संयुक्त विश्लेषण के आधार पर नीति बनानी चाहिए। ✓
  • D. केवल जनसंख्या वृद्धि के आँकड़ों पर आधारित नीति पर्याप्त है।
सही उत्तर: C — आय, बहुआयामी वंचनाओं, पोषण, रोजगार तथा क्षेत्रीय असमानताओं के संयुक्त विश्लेषण के आधार पर नीति बनानी चाहिए।
व्याख्या (Explanation):
गरीबी बहुआयामी समस्या है, इसलिए नीति निर्माण भी बहुआयामी आँकड़ों पर आधारित होना चाहिए। आय, पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा तथा क्षेत्रीय असमानताओं का संयुक्त विश्लेषण नीति को अधिक प्रभावी बनाता है।

प्रश्न 27: गरीबी उन्मूलन की दृष्टि से निम्नलिखित में से कौन-सा निवेश सर्वाधिक गुणक प्रभाव उत्पन्न कर सकता है?

  • A. बाल पोषण, प्राथमिक शिक्षा और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश। ✓
  • B. केवल प्रशासनिक भवनों का निर्माण।
  • C. केवल आयात शुल्क में परिवर्तन।
  • D. केवल सरकारी कार्यालयों का विस्तार।
सही उत्तर: A — बाल पोषण, प्राथमिक शिक्षा और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश।
व्याख्या (Explanation):
प्रारम्भिक पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य में निवेश से मानव पूंजी मजबूत होती है, जिससे भविष्य में उत्पादकता, आय, स्वास्थ्य और सामाजिक गतिशीलता में सुधार होता है। इसका प्रभाव एक पीढ़ी तक सीमित न रहकर अगली पीढ़ियों तक भी पहुँच सकता है। इसलिए इसे उच्च गुणक प्रभाव वाला निवेश माना जाता है।

प्रश्न 28: यदि किसी राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता में उल्लेखनीय सुधार हो, परंतु रोजगार सृजन कमजोर बना रहे, तो निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सबसे अधिक उपयुक्त होगा?

  • A. मानव पूंजी निर्माण का कोई महत्व नहीं है।
  • B. गरीबी समाप्त हो जाएगी।
  • C. रोजगार का गरीबी से कोई संबंध नहीं है।
  • D. मानव पूंजी में सुधार हुआ है, परंतु उसके आर्थिक लाभों का पूर्ण उपयोग नहीं हो पा रहा है। ✓
सही उत्तर: D — मानव पूंजी में सुधार हुआ है, परंतु उसके आर्थिक लाभों का पूर्ण उपयोग नहीं हो पा रहा है।
व्याख्या (Explanation):
शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता मानव पूंजी को मजबूत बनाते हैं, लेकिन यदि पर्याप्त उत्पादक रोजगार उपलब्ध न हों तो यह क्षमता आय में पूर्ण रूप से परिवर्तित नहीं हो पाती। इसलिए मानव पूंजी निर्माण और रोजगार सृजन दोनों का साथ-साथ होना आवश्यक है।

प्रश्न 29: निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति बहिष्करण आधारित गरीबी का सर्वाधिक उपयुक्त उदाहरण है?

  • A. बाढ़ के कारण अस्थायी आय हानि।
  • B. सामाजिक भेदभाव के कारण शिक्षा, ऋण और रोजगार तक सीमित पहुँच। ✓
  • C. मौसमी बेरोजगारी।
  • D. अल्पकालिक मुद्रास्फीति।
सही उत्तर: B — सामाजिक भेदभाव के कारण शिक्षा, ऋण और रोजगार तक सीमित पहुँच।
व्याख्या (Explanation):
जब किसी समूह को सामाजिक, आर्थिक या संस्थागत कारणों से शिक्षा, ऋण, रोजगार, भूमि अथवा अन्य अवसरों तक समान पहुँच नहीं मिलती, तो यह बहिष्करण आधारित गरीबी का उदाहरण है। यह गरीबी का संरचनात्मक एवं दीर्घकालिक स्वरूप है।

प्रश्न 30: किसी अर्थव्यवस्था में यदि रोजगार बढ़ता है, परंतु अधिकांश नए रोजगार कम उत्पादक और असंगठित क्षेत्र में हों, तो सबसे संभावित परिणाम क्या होगा?

  • A. गरीबी में कमी की गति अपेक्षाकृत सीमित रह सकती है। ✓
  • B. बहुआयामी गरीबी तुरंत समाप्त हो जाएगी।
  • C. गरीबी अनुपात अनिवार्य रूप से बढ़ जाएगा।
  • D. आय असमानता स्वतः समाप्त हो जाएगी।
सही उत्तर: A — गरीबी में कमी की गति अपेक्षाकृत सीमित रह सकती है।
व्याख्या (Explanation):
रोजगार की संख्या के साथ उसकी गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण होती है। कम उत्पादक, अस्थिर और कम वेतन वाले रोजगार लोगों की आय में सीमित सुधार करते हैं। इसलिए ऐसे रोजगार गरीबी उन्मूलन में योगदान तो देते हैं, परंतु उसका प्रभाव अपेक्षाकृत सीमित हो सकता है।

प्रश्न 31: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन बहुआयामी गरीबी सूचकांक की एक प्रमुख विशेषता को सबसे सही रूप में व्यक्त करता है?

  • A. यह केवल आय के वितरण को मापता है।
  • B. यह केवल उपभोग व्यय का मापन करता है।
  • C. यह शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन-स्तर से संबंधित वंचनाओं का संयुक्त आकलन करता है। ✓
  • D. यह केवल ग्रामीण क्षेत्रों पर लागू होता है।
सही उत्तर: C — यह शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन-स्तर से संबंधित वंचनाओं का संयुक्त आकलन करता है।
व्याख्या (Explanation):
बहुआयामी गरीबी सूचकांक विभिन्न प्रकार की वंचनाओं का समेकित आकलन करता है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन-स्तर के अनेक संकेतकों को सम्मिलित किया जाता है। इसका उद्देश्य केवल आय-आधारित गरीबी से आगे बढ़कर वास्तविक जीवन परिस्थितियों का मूल्यांकन करना है।

प्रश्न 32: निम्नलिखित में से कौन-सी नीति गरीबी की गहराई कम करने में अपेक्षाकृत अधिक प्रभावी होगी?

  • A. केवल नए औद्योगिक नगर स्थापित करना।
  • B. सबसे गरीब परिवारों पर लक्षित आय एवं सामाजिक सुरक्षा सहायता। ✓
  • C. केवल निर्यात प्रोत्साहन।
  • D. केवल अप्रत्यक्ष करों में कमी।
सही उत्तर: B — सबसे गरीब परिवारों पर लक्षित आय एवं सामाजिक सुरक्षा सहायता।
व्याख्या (Explanation):
गरीबी की गहराई उन लोगों की स्थिति दर्शाती है जो गरीबी रेखा से काफी नीचे हैं। ऐसे परिवारों पर लक्षित सामाजिक सुरक्षा, आय सहायता, पोषण, स्वास्थ्य और आजीविका कार्यक्रम उनकी वास्तविक आय और जीवन-स्तर में सुधार ला सकते हैं।

प्रश्न 33: यदि किसी राज्य में गरीबी अनुपात घट रहा हो, परंतु बाल बौनापन और रक्ताल्पता की दर लगभग अपरिवर्तित बनी रहे, तो निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सर्वाधिक उपयुक्त होगा?

  • A. गरीबी मापन पूरी तरह गलत है।
  • B. राज्य में खाद्यान्न उपलब्ध नहीं है।
  • C. आर्थिक वृद्धि नहीं हुई है।
  • D. आय में सुधार के साथ पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियाँ अभी भी बनी हुई हैं। ✓
सही उत्तर: D — आय में सुधार के साथ पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियाँ अभी भी बनी हुई हैं।
व्याख्या (Explanation):
आय में वृद्धि आवश्यक है, परंतु पोषण परिणाम केवल आय पर निर्भर नहीं करते। मातृ स्वास्थ्य, पोषण संबंधी व्यवहार, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएँ और महिला शिक्षा भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए आय-आधारित गरीबी घटने के बावजूद बौनापन और रक्ताल्पता जैसी समस्याएँ बनी रह सकती हैं।

प्रश्न 34: गरीबी उन्मूलन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा उपाय क्षमता दृष्टिकोण के सर्वाधिक निकट है?

  • A. शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल के माध्यम से व्यक्तियों की वास्तविक अवसर-क्षमता का विस्तार। ✓
  • B. केवल आय हस्तांतरण।
  • C. केवल सार्वजनिक वितरण प्रणाली।
  • D. केवल रोजगार गारंटी।
सही उत्तर: A — शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल के माध्यम से व्यक्तियों की वास्तविक अवसर-क्षमता का विस्तार।
व्याख्या (Explanation):
क्षमता दृष्टिकोण के अनुसार विकास का उद्देश्य केवल आय बढ़ाना नहीं, बल्कि व्यक्तियों की वास्तविक क्षमताओं और विकल्पों का विस्तार करना है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और कौशल व्यक्ति को अधिक स्वतंत्र एवं उत्पादक बनाते हैं। इसलिए यह दृष्टिकोण बहुआयामी गरीबी की अवधारणा का भी वैचारिक आधार है।

प्रश्न 35: किसी देश में सकल घरेलू उत्पाद में तीव्र वृद्धि, गरीबी अनुपात में कमी, बहुआयामी गरीबी में सीमित कमी तथा क्षेत्रीय असमानता में वृद्धि देखी जाती है। इन तथ्यों के आधार पर सर्वाधिक उपयुक्त निष्कर्ष क्या होगा?

  • A. आर्थिक वृद्धि पूरी तरह समावेशी है।
  • B. गरीबी का पूर्ण उन्मूलन हो चुका है।
  • C. आर्थिक वृद्धि के लाभ सभी क्षेत्रों एवं सामाजिक समूहों तक समान रूप से नहीं पहुँचे हैं। ✓
  • D. मानव विकास सूचकांक अवश्य घटा है।
सही उत्तर: C — आर्थिक वृद्धि के लाभ सभी क्षेत्रों एवं सामाजिक समूहों तक समान रूप से नहीं पहुँचे हैं।
व्याख्या (Explanation):
सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि और गरीबी अनुपात में कमी सकारात्मक संकेत हैं। किंतु यदि बहुआयामी गरीबी में सीमित सुधार हो तथा क्षेत्रीय असमानता बढ़ रही हो, तो यह दर्शाता है कि आर्थिक वृद्धि के लाभ सभी क्षेत्रों एवं सामाजिक समूहों तक समान रूप से नहीं पहुँचे हैं। यह समावेशी विकास की प्रमुख चुनौती है।

प्रश्न 36: यदि किसी राज्य में बाल कुपोषण में उल्लेखनीय कमी आती है, तो दीर्घकाल में निम्नलिखित में से कौन-सा प्रभाव सबसे अधिक संभावित है?

  • A. मानव पूंजी और श्रम उत्पादकता में वृद्धि। ✓
  • B. विदेशी ऋण स्वतः कम हो जाएगा।
  • C. चालू खाते का घाटा समाप्त हो जाएगा।
  • D. विनिमय दर स्थिर हो जाएगी।
सही उत्तर: A — मानव पूंजी और श्रम उत्पादकता में वृद्धि।
व्याख्या (Explanation):
बेहतर पोषण बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास को प्रोत्साहित करता है, जिससे उनकी शिक्षा, कौशल और भविष्य की कार्यक्षमता में सुधार होता है। इसका दीर्घकालिक परिणाम मानव पूंजी और श्रम उत्पादकता में वृद्धि के रूप में सामने आता है।

प्रश्न 37: यदि किसी क्षेत्र में कृषि उत्पादकता बढ़ती है, ग्रामीण सड़कें विकसित होती हैं, डिजिटल बैंकिंग का विस्तार होता है और महिलाओं की श्रम भागीदारी बढ़ती है, तो सबसे उपयुक्त निष्कर्ष क्या होगा?

  • A. गरीबी के अनेक संरचनात्मक कारणों पर एक साथ कार्य किया जा रहा है। ✓
  • B. गरीबी स्वतः समाप्त हो जाएगी।
  • C. मुद्रास्फीति समाप्त हो जाएगी।
  • D. राष्ट्रीय आय में कमी आएगी।
सही उत्तर: A — गरीबी के अनेक संरचनात्मक कारणों पर एक साथ कार्य किया जा रहा है।
व्याख्या (Explanation):
कृषि उत्पादकता, अवसंरचना, वित्तीय समावेशन और महिला श्रम भागीदारी—ये सभी गरीबी के दीर्घकालिक संरचनात्मक कारणों को प्रभावित करते हैं। इनका संयुक्त प्रभाव आय, उत्पादकता और अवसरों में वृद्धि के रूप में सामने आता है।

प्रश्न 38: किसी देश में गरीबी अनुपात में कमी आई है, गरीबी अंतराल में बहुत कम कमी आई है तथा बहुआयामी गरीबी में मध्यम स्तर का सुधार हुआ है। उपर्युक्त के आधार पर निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सर्वाधिक उपयुक्त है?

  • A. गरीबी पूरी तरह समाप्त हो चुकी है।
  • B. कुछ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं, परंतु जो लोग अभी भी गरीब हैं, उनमें से अनेक की गरीबी की गहराई में अपेक्षाकृत कम सुधार हुआ है। ✓
  • C. सभी गरीबों की आय समान रूप से बढ़ी है।
  • D. आय असमानता अवश्य कम हुई है।
सही उत्तर: B — कुछ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं, परंतु जो लोग अभी भी गरीब हैं, उनमें से अनेक की गरीबी की गहराई में अपेक्षाकृत कम सुधार हुआ है।
व्याख्या (Explanation):
गरीबी अनुपात में कमी दर्शाती है कि कुछ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं। किंतु गरीबी अंतराल में सीमित कमी का अर्थ है कि जो लोग अभी भी गरीबी रेखा के नीचे हैं, उनमें से अनेक अभी भी उससे काफी नीचे हैं। बहुआयामी गरीबी में मध्यम सुधार शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन-स्तर में कुछ प्रगति का संकेत देता है, परंतु सबसे वंचित समूहों तक इसका लाभ अपेक्षाकृत कम पहुँचा है।

प्रश्न 39: यदि किसी क्षेत्र में कृषि उत्पादकता बढ़ती है, परंतु भूमिहीन श्रमिकों की वास्तविक आय में सुधार नहीं होता, तो इसका सबसे उपयुक्त कारण क्या हो सकता है?

  • A. कृषि उत्पादकता और आय का कोई संबंध नहीं है।
  • B. उत्पादकता के लाभों का वितरण समान नहीं हुआ। ✓
  • C. गरीबी अनुपात मापना असंभव है।
  • D. बहुआयामी गरीबी समाप्त हो गई।
सही उत्तर: B — उत्पादकता के लाभों का वितरण समान नहीं हुआ।
व्याख्या (Explanation):
कृषि उत्पादकता में वृद्धि का लाभ तभी व्यापक होगा जब उसका वितरण भूमिहीन श्रमिकों, छोटे किसानों और अन्य कमजोर वर्गों तक पहुँचे। यदि लाभ केवल भूमि स्वामियों तक सीमित रह जाए, तो उत्पादकता बढ़ने के बावजूद गरीबी और असमानता बनी रह सकती है।

प्रश्न 40: यदि किसी नीति का प्रमुख उद्देश्य गरीबी के अंतःपीढ़ी संचरण को रोकना हो, तो निम्नलिखित में से कौन-सा नीति-पैकेज सबसे उपयुक्त होगा?

  • A. केवल खाद्यान्न वितरण।
  • B. केवल नकद अंतरण।
  • C. केवल कर में छूट।
  • D. पोषण, प्रारम्भिक शिक्षा, मातृ स्वास्थ्य तथा कौशल विकास का समेकित निवेश। ✓
सही उत्तर: D — पोषण, प्रारम्भिक शिक्षा, मातृ स्वास्थ्य तथा कौशल विकास का समेकित निवेश।
व्याख्या (Explanation):
गरीबी का अंतःपीढ़ी संचरण तब रुकता है जब बच्चों और परिवारों को जीवन के प्रारम्भिक चरण से ही पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल के अवसर मिलते हैं। इससे मानव पूंजी का विकास होता है और अगली पीढ़ी की उत्पादकता तथा आय क्षमता बढ़ती है।

प्रश्न 41: निम्नलिखित में से कौन-सा उपाय गरीबी के पीढ़ीगत चक्र को तोड़ने में सबसे अधिक प्रभावी माना जाएगा?

  • A. प्रारम्भिक बाल्यावस्था पोषण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल विकास में निवेश। ✓
  • B. केवल अल्पकालिक खाद्यान्न सहायता।
  • C. केवल मूल्य नियंत्रण।
  • D. केवल ऋण माफी।
सही उत्तर: A — प्रारम्भिक बाल्यावस्था पोषण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल विकास में निवेश।
व्याख्या (Explanation):
गरीबी का पीढ़ीगत चक्र तब टूटता है जब बच्चों को बेहतर पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल उपलब्ध होते हैं। इससे भविष्य में उनकी उत्पादकता, रोजगार क्षमता और आय बढ़ती है। केवल राहत आधारित उपाय तत्काल सहायता देते हैं, परंतु दीर्घकालिक मानव पूंजी निर्माण नहीं करते।

प्रश्न 42: यदि किसी राज्य में खाद्यान्न उपलब्धता पर्याप्त हो, फिर भी व्यापक कुपोषण बना रहे, तो इसका सबसे उपयुक्त कारण क्या हो सकता है?

  • A. केवल कृषि उत्पादन कम होना।
  • B. केवल जनसंख्या वृद्धि।
  • C. केवल खाद्यान्न आयात में कमी।
  • D. पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता और देखभाल संबंधी कमियाँ। ✓
सही उत्तर: D — पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता और देखभाल संबंधी कमियाँ।
व्याख्या (Explanation):
कुपोषण केवल भोजन की उपलब्धता का प्रश्न नहीं है। संतुलित आहार, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण तथा पोषण संबंधी जागरूकता भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। इसलिए पर्याप्त खाद्यान्न उपलब्ध होने के बावजूद कुपोषण बना रह सकता है।

प्रश्न 43: निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति यह संकेत देती है कि किसी क्षेत्र में गरीबी मुख्यतः संरचनात्मक प्रकृति की है?

  • A. एक वर्ष के सूखे से कृषि उत्पादन में अस्थायी कमी।
  • B. कई दशकों से निम्न उत्पादकता, सीमित शिक्षा, कमजोर अवसंरचना और सीमित रोजगार अवसर। ✓
  • C. किसी वस्तु के मूल्य में अल्पकालिक वृद्धि।
  • D. त्योहारों के कारण अस्थायी बेरोज़गारी।
सही उत्तर: B — कई दशकों से निम्न उत्पादकता, सीमित शिक्षा, कमजोर अवसंरचना और सीमित रोजगार अवसर।
व्याख्या (Explanation):
संरचनात्मक गरीबी अल्पकालिक आर्थिक झटकों के कारण नहीं बल्कि अर्थव्यवस्था की दीर्घकालिक संस्थागत एवं संरचनात्मक कमजोरियों के कारण उत्पन्न होती है। निम्न उत्पादकता, शिक्षा का अभाव, अवसंरचना की कमी, वित्तीय बहिष्करण तथा सीमित रोजगार अवसर इसके प्रमुख कारण हैं। ऐसे कारण पीढ़ी-दर-पीढ़ी गरीबी को बनाए रख सकते हैं।

प्रश्न 44: यदि किसी राज्य में गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक विस्तार किया जाए, तो इसका सबसे प्रत्यक्ष दीर्घकालिक प्रभाव क्या होगा?

  • A. मानव पूंजी में वृद्धि तथा गरीबी उन्मूलन की संभावना बढ़ेगी। ✓
  • B. गरीबी रेखा स्वतः समाप्त हो जाएगी।
  • C. मुद्रास्फीति समाप्त हो जाएगी।
  • D. आय असमानता अनिवार्य रूप से समाप्त हो जाएगी।
सही उत्तर: A — मानव पूंजी में वृद्धि तथा गरीबी उन्मूलन की संभावना बढ़ेगी।
व्याख्या (Explanation):
बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ श्रमिकों की उत्पादकता, कार्यक्षमता तथा आय अर्जित करने की क्षमता को बढ़ाती हैं। स्वस्थ मानव संसाधन मानव पूंजी का महत्वपूर्ण घटक है, जो दीर्घकाल में गरीबी कम करने में सहायक होता है।

प्रश्न 45: निम्नलिखित में से कौन-सा उदाहरण सामाजिक असमानता के कारण उत्पन्न गरीबी को सर्वाधिक स्पष्ट करता है?

  • A. सूखे के कारण कृषि उत्पादन में कमी।
  • B. वैश्विक आर्थिक मंदी।
  • C. शिक्षा, रोजगार एवं संसाधनों तक पहुँच में सामाजिक भेदभाव। ✓
  • D. पेट्रोलियम मूल्यों में वृद्धि।
सही उत्तर: C — शिक्षा, रोजगार एवं संसाधनों तक पहुँच में सामाजिक भेदभाव।
व्याख्या (Explanation):
सामाजिक असमानता तब उत्पन्न होती है जब समाज के कुछ वर्गों को शिक्षा, रोजगार, भूमि, ऋण, स्वास्थ्य या अन्य अवसरों तक समान पहुँच नहीं मिलती। इससे उनकी आय अर्जित करने की क्षमता सीमित होती है और गरीबी स्थायी रूप ले सकती है।

प्रश्न 46: यदि किसी अर्थव्यवस्था में कृषि से गैर-कृषि क्षेत्रों की ओर श्रमिकों का उत्पादक स्थानांतरण होता है, तो इसका सबसे संभावित प्रभाव क्या होगा?

  • A. संरचनात्मक गरीबी में कमी आ सकती है। ✓
  • B. बहुआयामी गरीबी अनिवार्य रूप से समाप्त हो जाएगी।
  • C. आय असमानता अवश्य समाप्त हो जाएगी।
  • D. गरीबी रेखा अप्रासंगिक हो जाएगी।
सही उत्तर: A — संरचनात्मक गरीबी में कमी आ सकती है।
व्याख्या (Explanation):
जब श्रमिक कम उत्पादक कृषि क्षेत्र से अधिक उत्पादक उद्योग और सेवा क्षेत्रों में स्थानांतरित होते हैं, तो उनकी आय एवं उत्पादकता में वृद्धि की संभावना होती है। इससे दीर्घकाल में संरचनात्मक गरीबी कम हो सकती है। हालांकि इससे बहुआयामी गरीबी या आय असमानता का स्वतः समाधान नहीं होता।

प्रश्न 47: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गरीबी उन्मूलन के संदर्भ में सर्वाधिक उपयुक्त है?

  • A. केवल आर्थिक वृद्धि पर्याप्त है।
  • B. केवल आय पुनर्वितरण पर्याप्त है।
  • C. आर्थिक वृद्धि, मानव पूंजी निर्माण और सामाजिक सुरक्षा—तीनों का संतुलित संयोजन आवश्यक है। ✓
  • D. केवल प्रत्यक्ष लाभ अंतरण ही स्थायी समाधान है।
सही उत्तर: C — आर्थिक वृद्धि, मानव पूंजी निर्माण और सामाजिक सुरक्षा—तीनों का संतुलित संयोजन आवश्यक है।
व्याख्या (Explanation):
गरीबी एक बहुआयामी समस्या है, इसलिए इसका समाधान भी बहुआयामी होना चाहिए। आर्थिक वृद्धि रोजगार के अवसर बढ़ाती है, मानव पूंजी निर्माण उत्पादकता बढ़ाता है और सामाजिक सुरक्षा कमजोर वर्गों को संरक्षण प्रदान करती है। इन तीनों के संतुलित संयोजन से ही स्थायी गरीबी उन्मूलन संभव है।

प्रश्न 48: निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति यह संकेत देती है कि किसी देश में समावेशी विकास अपेक्षाकृत अधिक सफल रहा है?

  • A. आर्थिक वृद्धि के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों में भी व्यापक सुधार। ✓
  • B. केवल सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि।
  • C. केवल विदेशी निवेश में वृद्धि।
  • D. केवल शेयर बाज़ार सूचकांक में वृद्धि।
सही उत्तर: A — आर्थिक वृद्धि के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों में भी व्यापक सुधार।
व्याख्या (Explanation):
समावेशी विकास का उद्देश्य आर्थिक वृद्धि के लाभों को समाज के सभी वर्गों तक पहुँचाना है। इसलिए केवल उत्पादन या निवेश में वृद्धि पर्याप्त नहीं मानी जाती। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और अवसरों की समानता में सुधार इसके प्रमुख संकेतक हैं।

प्रश्न 49: यदि किसी देश में गरीबी अनुपात कम हो रहा हो, परंतु आय असमानता बढ़ रही हो, तो निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सबसे उपयुक्त होगा?

  • A. सापेक्ष गरीबी का महत्व समाप्त हो गया है।
  • B. बहुआयामी गरीबी अवश्य समाप्त हो गई है।
  • C. गरीबी अनुपात और आय असमानता सदैव समान दिशा में बदलते हैं।
  • D. आय-आधारित गरीबी और सापेक्ष वंचना अलग-अलग अवधारणाएँ हैं। ✓
सही उत्तर: D — आय-आधारित गरीबी और सापेक्ष वंचना अलग-अलग अवधारणाएँ हैं।
व्याख्या (Explanation):
गरीबी अनुपात में कमी का अर्थ यह नहीं कि आय का वितरण अधिक समान हो गया है। यदि आय असमानता बढ़ रही है, तो सापेक्ष गरीबी या सामाजिक वंचना की समस्या बनी रह सकती है। इसलिए गरीबी और असमानता दो अलग, यद्यपि परस्पर संबंधित, अवधारणाएँ हैं।

प्रश्न 50: निम्नलिखित में से किस योजना का प्रमुख उद्देश्य गरीब परिवारों की आजीविका सुदृढ़ करना है, न कि केवल प्रत्यक्ष आय अथवा खाद्य सहायता प्रदान करना?

  • A. अंत्योदय अन्न योजना
  • B. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ✓
  • C. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना
  • D. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम
सही उत्तर: B — राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन
व्याख्या (Explanation):
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य गरीब परिवारों को स्व-सहायता समूहों, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास और उद्यमिता के माध्यम से स्थायी आजीविका उपलब्ध कराना है। इसके विपरीत अन्य योजनाएँ मुख्यतः खाद्य या सामाजिक सुरक्षा पर केंद्रित हैं।

प्रश्न 51: निम्नलिखित में से कौन-सा कारक गरीबी और कुपोषण के बीच दुष्चक्र को सबसे अच्छी तरह स्पष्ट करता है?

  • A. गरीबी से पोषण घटता है, जिससे उत्पादकता कम होती है और आय भी कम बनी रहती है। ✓
  • B. गरीबी से निर्यात बढ़ता है।
  • C. कुपोषण से विदेशी निवेश बढ़ता है।
  • D. उत्पादकता बढ़ने से कुपोषण बढ़ता है।
सही उत्तर: A — गरीबी से पोषण घटता है, जिससे उत्पादकता कम होती है और आय भी कम बनी रहती है।
व्याख्या (Explanation):
गरीबी के कारण पर्याप्त एवं संतुलित भोजन उपलब्ध नहीं हो पाता, जिससे कुपोषण होता है। कुपोषण से कार्यक्षमता और उत्पादकता घटती है, परिणामस्वरूप आय कम रहती है और गरीबी बनी रहती है। यह एक दुष्चक्र का निर्माण करता है।

प्रश्न 52: निम्नलिखित में से कौन-सा उपाय गरीबी के लक्षण को कम करता है, परंतु उसके मूल कारण को आवश्यक रूप से समाप्त नहीं करता?

  • A. कौशल विकास कार्यक्रम।
  • B. गुणवत्तापूर्ण विद्यालयी शिक्षा।
  • C. उत्पादक रोजगार सृजन।
  • D. निःशुल्क खाद्यान्न वितरण। ✓
सही उत्तर: D — निःशुल्क खाद्यान्न वितरण।
व्याख्या (Explanation):
निःशुल्क या रियायती खाद्यान्न वितरण भूख और खाद्य असुरक्षा को कम करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है, किंतु यह स्वयं रोजगार, उत्पादकता या आय अर्जन की क्षमता नहीं बढ़ाता। इसलिए यह गरीबी के प्रभावों को कम करता है, जबकि उसके मूल संरचनात्मक कारणों का समाधान अन्य नीतियों से होता है।

प्रश्न 53: यदि दो राज्यों में गरीबी अनुपात समान हो, परंतु एक राज्य का गरीबी अंतराल अधिक हो, तो इसका सबसे उपयुक्त अर्थ क्या होगा?

  • A. उस राज्य के गरीब औसतन गरीबी रेखा से अधिक नीचे हैं। ✓
  • B. उस राज्य की कुल जनसंख्या अधिक है।
  • C. उस राज्य में बेरोजगारी नहीं है।
  • D. उस राज्य का मानव विकास सूचकांक कम होना अनिवार्य है।
सही उत्तर: A — उस राज्य के गरीब औसतन गरीबी रेखा से अधिक नीचे हैं।
व्याख्या (Explanation):
समान गरीबी अनुपात होने का अर्थ है कि दोनों राज्यों में गरीबों का अनुपात समान है, किंतु अधिक गरीबी अंतराल यह दर्शाता है कि एक राज्य में गरीब लोग औसतन गरीबी रेखा से अधिक नीचे स्थित हैं। अर्थात वहाँ गरीबी अधिक गहरी है।

प्रश्न 54: यदि किसी नीति का उद्देश्य "सबसे गरीब व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना" हो, तो वह मुख्यतः किस सिद्धांत को प्रतिबिंबित करती है?

  • A. मुक्त बाज़ार का सिद्धांत।
  • B. समावेशी विकास का सिद्धांत। ✓
  • C. संरक्षणवाद का सिद्धांत।
  • D. उदारीकरण का सिद्धांत।
सही उत्तर: B — समावेशी विकास का सिद्धांत।
व्याख्या (Explanation):
समावेशी विकास का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक वृद्धि का लाभ समाज के सभी वर्गों, विशेषकर गरीब और वंचित वर्गों तक पहुँचे। इसमें केवल सकल उत्पादन वृद्धि नहीं बल्कि अवसरों की समानता, सामाजिक सुरक्षा और मानव विकास पर भी बल दिया जाता है।

प्रश्न 55: निम्नलिखित में से कौन-सा कार्यक्रम मानव पूंजी निर्माण के माध्यम से गरीबी उन्मूलन में सर्वाधिक योगदान देता है?

  • A. शिक्षा, कौशल विकास तथा स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश। ✓
  • B. केवल खाद्यान्न वितरण।
  • C. केवल मूल्य नियंत्रण।
  • D. केवल आयात शुल्क में कमी।
सही उत्तर: A — शिक्षा, कौशल विकास तथा स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश।
व्याख्या (Explanation):
मानव पूंजी निर्माण व्यक्ति की उत्पादकता और आय अर्जित करने की क्षमता बढ़ाता है। शिक्षा, कौशल और स्वास्थ्य में निवेश का प्रभाव दीर्घकालिक होता है और यह गरीबी के चक्र को तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

प्रश्न 56: यदि किसी देश में गरीबी अनुपात घट रहा हो, किंतु बहुआयामी गरीबी में अपेक्षित कमी न आ रही हो, तो इसका सबसे उपयुक्त कारण क्या हो सकता है?

  • A. राष्ट्रीय आय में कमी।
  • B. जनसंख्या वृद्धि का अभाव।
  • C. शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन-स्तर संबंधी वंचनाएँ अभी भी व्यापक हैं। ✓
  • D. कृषि उत्पादन में वृद्धि।
सही उत्तर: C — शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन-स्तर संबंधी वंचनाएँ अभी भी व्यापक हैं।
व्याख्या (Explanation):
आय-आधारित गरीबी कम होने के बावजूद यदि शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण और अन्य बुनियादी सुविधाओं में सुधार नहीं होता, तो बहुआयामी गरीबी अपेक्षाकृत अधिक बनी रह सकती है। यही कारण है कि आधुनिक नीति निर्माण में केवल आय वृद्धि को पर्याप्त नहीं माना जाता।

प्रश्न 57: निम्नलिखित में से कौन-सा उपाय ग्रामीण गरीबी को कम करने में सबसे कम प्रभावी होगा?

  • A. कृषि से जुड़े गैर-कृषि रोजगार के अवसर बढ़ाना।
  • B. ग्रामीण कौशल विकास को प्रोत्साहित करना।
  • C. सिंचाई एवं ग्रामीण अवसंरचना का विकास करना।
  • D. केवल अल्पकालिक उपभोग सहायता पर निर्भर रहना। ✓
सही उत्तर: D — केवल अल्पकालिक उपभोग सहायता पर निर्भर रहना।
व्याख्या (Explanation):
ग्रामीण गरीबी का स्थायी समाधान उत्पादक रोजगार, कौशल विकास, कृषि उत्पादकता तथा अवसंरचना सुधार से संभव है। केवल उपभोग सहायता तत्काल राहत तो दे सकती है, किंतु इससे आय सृजन की क्षमता नहीं बढ़ती।

प्रश्न 58: निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति सापेक्ष गरीबी का सर्वोत्तम उदाहरण है?

  • A. व्यक्ति की मूल आवश्यकताएँ पूरी हो जाती हैं, किंतु वह समाज के औसत जीवन-स्तर से काफी पीछे है। ✓
  • B. व्यक्ति को भोजन भी उपलब्ध नहीं है।
  • C. व्यक्ति के पास कोई आय नहीं है।
  • D. व्यक्ति प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुआ है।
सही उत्तर: A — व्यक्ति की मूल आवश्यकताएँ पूरी हो जाती हैं, किंतु वह समाज के औसत जीवन-स्तर से काफी पीछे है।
व्याख्या (Explanation):
सापेक्ष गरीबी का संबंध समाज के अन्य लोगों की तुलना में आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति से है। यदि किसी व्यक्ति की मूल आवश्यकताएँ पूरी हो रही हों, फिर भी वह समाज के औसत जीवन-स्तर से काफी पीछे हो, तो उसे सापेक्ष गरीबी की दृष्टि से गरीब माना जा सकता है।

प्रश्न 59: यदि किसी राज्य में प्रति व्यक्ति आय तेजी से बढ़ रही हो, किंतु बाल कुपोषण और विद्यालय छोड़ने की दर में कोई उल्लेखनीय कमी न आए, तो सबसे उपयुक्त निष्कर्ष क्या होगा?

  • A. गरीबी पूरी तरह समाप्त हो चुकी है।
  • B. आय वृद्धि के बावजूद मानव विकास संबंधी चुनौतियाँ बनी हुई हैं। ✓
  • C. राज्य में आर्थिक वृद्धि नहीं हुई है।
  • D. बहुआयामी गरीबी अवश्य समाप्त हो गई है।
सही उत्तर: B — आय वृद्धि के बावजूद मानव विकास संबंधी चुनौतियाँ बनी हुई हैं।
व्याख्या (Explanation):
प्रति व्यक्ति आय आर्थिक प्रगति का संकेत है, परंतु यदि स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे सामाजिक संकेतकों में सुधार नहीं हो रहा, तो विकास समावेशी नहीं माना जाएगा। यह स्थिति दर्शाती है कि आय वृद्धि का लाभ समाज के सभी वर्गों तक समान रूप से नहीं पहुँचा है।

प्रश्न 60: निम्नलिखित कथनों के आधार पर सही उत्तर चुनिए— (1) गरीबी अनुपात में कमी आने पर गरीबी की तीव्रता भी अनिवार्य रूप से कम हो जाती है। (2) गरीबी की तीव्रता का संबंध गरीबों के बीच गरीबी की गंभीरता से भी होता है।

  • A. केवल 1 सही है।
  • B. 1 और 2 दोनों सही हैं।
  • C. केवल 2 सही है। ✓
  • D. 1 और 2 दोनों गलत हैं।
सही उत्तर: C — केवल 2 सही है।
व्याख्या (Explanation):
गरीबी अनुपात केवल यह बताता है कि कितने लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं। इससे यह आवश्यक नहीं कि अत्यंत गरीब लोगों की स्थिति भी सुधर गई हो। गरीबी की तीव्रता गरीबों के बीच गरीबी के वितरण तथा असमानता को भी दर्शाती है। इसलिए दूसरा कथन सही है जबकि पहला कथन गलत है।

प्रश्न 61: निम्नलिखित में से कौन-सा परिवर्तन गरीबी में संरचनात्मक कमी का सबसे सशक्त संकेत माना जाएगा?

  • A. श्रम उत्पादकता, शिक्षा स्तर और कौशल में दीर्घकालिक वृद्धि। ✓
  • B. केवल खाद्यान्न वितरण में वृद्धि।
  • C. केवल अल्पकालिक नकद हस्तांतरण।
  • D. केवल उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में कमी।
सही उत्तर: A — श्रम उत्पादकता, शिक्षा स्तर और कौशल में दीर्घकालिक वृद्धि।
व्याख्या (Explanation):
संरचनात्मक गरीबी का समाधान उन परिवर्तनों से होता है जो आय अर्जित करने की क्षमता को स्थायी रूप से बढ़ाते हैं। शिक्षा, कौशल विकास, उत्पादक रोजगार और श्रम उत्पादकता में वृद्धि मानव पूंजी को मजबूत करते हैं तथा गरीबी के पीढ़ीगत चक्र को तोड़ने में सहायक होते हैं। इसके विपरीत राहत आधारित उपाय तत्काल सहायता तो देते हैं, परंतु संरचनात्मक परिवर्तन नहीं लाते।

प्रश्न 62: निम्नलिखित में से कौन-सा संकेतक गरीबी की गहराई का सबसे बेहतर आकलन करता है?

  • A. गरीबी अनुपात
  • B. मानव विकास सूचकांक
  • C. बहुआयामी गरीबी सूचकांक
  • D. गरीबी अंतराल ✓
सही उत्तर: D — गरीबी अंतराल
व्याख्या (Explanation):
गरीबी अनुपात केवल यह बताता है कि कितने लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं, जबकि गरीबी अंतराल यह मापता है कि वे औसतन गरीबी रेखा से कितनी दूरी पर हैं। अतः यह गरीबी की गहराई का अधिक उपयुक्त संकेतक है। यदि दो क्षेत्रों का गरीबी अनुपात समान हो, तब भी उनका गरीबी अंतराल अलग हो सकता है।

प्रश्न 63: निम्नलिखित कथनों के आधार पर सही उत्तर चुनिए— (1) बहुआयामी गरीबी सूचकांक किसी व्यक्ति की केवल आय संबंधी वंचना का आकलन नहीं करता। (2) यदि दो व्यक्तियों की आय समान हो, तो भी उनकी बहुआयामी गरीबी की स्थिति भिन्न हो सकती है।

  • A. केवल 1 सही है।
  • B. 1 और 2 दोनों सही हैं। ✓
  • C. केवल 2 सही है।
  • D. न तो 1, न ही 2 सही है।
सही उत्तर: B — 1 और 2 दोनों सही हैं।
व्याख्या (Explanation):
बहुआयामी गरीबी सूचकांक शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन-स्तर से संबंधित अनेक वंचनाओं का समेकित आकलन करता है। इसलिए केवल आय समान होने से दो व्यक्तियों का वास्तविक जीवन-स्तर समान नहीं माना जा सकता। यदि किसी व्यक्ति को स्वच्छ जल, शिक्षा या स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता नहीं है जबकि दूसरे को ये सुविधाएँ प्राप्त हैं, तो दोनों की बहुआयामी गरीबी अलग होगी।

प्रश्न 64: अंत्योदय अन्न योजना का प्रमुख लक्ष्य किस वर्ग को खाद्यान्न उपलब्ध कराना है?

  • A. समाज के सबसे निर्धन एवं अत्यंत वंचित परिवार। ✓
  • B. केवल सरकारी कर्मचारी।
  • C. केवल मध्यम आय वर्ग।
  • D. केवल शहरी उपभोक्ता।
सही उत्तर: A — समाज के सबसे निर्धन एवं अत्यंत वंचित परिवार।
व्याख्या (Explanation):
अंत्योदय अन्न योजना का उद्देश्य समाज के सबसे निर्धन एवं अत्यंत वंचित परिवारों को अत्यधिक रियायती दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना है। यह लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली का एक महत्वपूर्ण घटक है तथा खाद्य सुरक्षा के माध्यम से अत्यधिक गरीबी को कम करने का प्रयास करता है।

प्रश्न 65: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का प्रमुख उद्देश्य क्या है?

  • A. कृषि निर्यात को बढ़ावा देना।
  • B. खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का विस्तार करना।
  • C. पात्र परिवारों को सुलभ दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराकर खाद्य एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करना। ✓
  • D. केवल किसानों की आय बढ़ाना।
सही उत्तर: C — पात्र परिवारों को सुलभ दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराकर खाद्य एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करना।
व्याख्या (Explanation):
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का उद्देश्य पात्र परिवारों को रियायती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराकर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसका संबंध केवल खाद्यान्न वितरण से नहीं बल्कि पोषण एवं सामाजिक सुरक्षा से भी है।

प्रश्न 66: प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का प्रमुख उद्देश्य किस प्रकार की परिस्थितियों में विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है?

  • A. केवल सामान्य आर्थिक वृद्धि के समय।
  • B. केवल निर्यात बढ़ाने के लिए।
  • C. केवल औद्योगिक उत्पादन बढ़ाने के लिए।
  • D. संकट अथवा आपदा की स्थिति में कमजोर वर्गों को त्वरित सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना। ✓
सही उत्तर: D — संकट अथवा आपदा की स्थिति में कमजोर वर्गों को त्वरित सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना।
व्याख्या (Explanation):
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का उद्देश्य संकट अथवा आपदा जैसी परिस्थितियों में कमजोर एवं गरीब वर्गों को खाद्य, आय अथवा अन्य सामाजिक सुरक्षा सहायता प्रदान करना है। यह दीर्घकालिक गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम नहीं बल्कि तात्कालिक सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था का महत्त्वपूर्ण उपकरण है।

प्रश्न 67: राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का प्रमुख लक्ष्य क्या है?

  • A. केवल ग्रामीण आवास निर्माण।
  • B. गरीब परिवारों की आजीविका एवं स्व-सहायता समूहों को सशक्त बनाना। ✓
  • C. केवल सिंचाई सुविधाओं का विस्तार।
  • D. केवल सार्वजनिक वितरण प्रणाली का संचालन।
सही उत्तर: B — गरीब परिवारों की आजीविका एवं स्व-सहायता समूहों को सशक्त बनाना।
व्याख्या (Explanation):
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों, विशेषकर महिलाओं, को स्व-सहायता समूहों के माध्यम से संगठित कर वित्तीय समावेशन, कौशल विकास और स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है। यह गरीबी उन्मूलन में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देता है।

प्रश्न 68: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का मूल उद्देश्य क्या है?

  • A. प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रति वित्तीय वर्ष 100 दिनों तक अकुशल मजदूरी आधारित रोजगार का वैधानिक अधिकार उपलब्ध कराना। ✓
  • B. केवल कृषि उत्पादन बढ़ाना।
  • C. केवल शहरी रोजगार उपलब्ध कराना।
  • D. केवल खाद्यान्न वितरण करना।
सही उत्तर: A — प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रति वित्तीय वर्ष 100 दिनों तक अकुशल मजदूरी आधारित रोजगार का वैधानिक अधिकार उपलब्ध कराना।
व्याख्या (Explanation):
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम का उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार के इच्छुक वयस्क सदस्यों को मांग पर प्रति वित्तीय वर्ष कम-से-कम 100 दिनों का अकुशल मजदूरी आधारित रोजगार उपलब्ध कराने का वैधानिक अधिकार प्रदान करना है। इसका उद्देश्य केवल आय बढ़ाना नहीं, बल्कि ग्रामीण आजीविका सुरक्षा, परिसंपत्ति निर्माण तथा सामाजिक सुरक्षा को भी सुदृढ़ करना है।

प्रश्न 69: निम्नलिखित में से कौन-सा उपाय गरीबी के पीढ़ीगत संचरण को रोकने में सर्वाधिक प्रभावी माना जाएगा?

  • A. केवल अल्पकालिक नकद सहायता।
  • B. केवल खाद्यान्न वितरण।
  • C. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं कौशल विकास में निवेश। ✓
  • D. केवल करों में कमी।
सही उत्तर: C — गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं कौशल विकास में निवेश।
व्याख्या (Explanation):
जब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और कौशल प्राप्त होता है, तो उनकी उत्पादकता तथा आय अर्जित करने की क्षमता बढ़ती है। इससे गरीबी का पीढ़ी-दर-पीढ़ी स्थानांतरण कम होता है। इसलिए मानव पूंजी में निवेश को दीर्घकालिक गरीबी उन्मूलन का सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है।

प्रश्न 70: यदि किसी अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति लगातार बढ़ती रहे और आय स्थिर बनी रहे, तो सबसे पहले किस वर्ग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना होगी?

  • A. केवल उच्च आय वर्ग।
  • B. निम्न आय वर्ग। ✓
  • C. केवल उद्योगपति।
  • D. केवल निर्यातक।
सही उत्तर: B — निम्न आय वर्ग।
व्याख्या (Explanation):
मुद्रास्फीति के कारण वस्तुओं एवं सेवाओं के मूल्य बढ़ते हैं। यदि आय उसी अनुपात में नहीं बढ़ती, तो वास्तविक क्रय-शक्ति घट जाती है। निम्न आय वर्ग अपनी आय का बड़ा भाग आवश्यक वस्तुओं पर व्यय करता है, इसलिए उस पर मुद्रास्फीति का प्रभाव अधिक पड़ता है और गरीबी बढ़ सकती है।

प्रश्न 71: गरीबी और बेरोजगारी के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त है?

  • A. बेरोजगारी का गरीबी से कोई संबंध नहीं है।
  • B. केवल शहरी बेरोजगारी ही गरीबी का कारण बनती है।
  • C. केवल मौसमी बेरोजगारी गरीबी उत्पन्न करती है।
  • D. बेरोजगारी आय अर्जन की क्षमता को कम करके गरीबी को बढ़ा सकती है। ✓
सही उत्तर: D — बेरोजगारी आय अर्जन की क्षमता को कम करके गरीबी को बढ़ा सकती है।
व्याख्या (Explanation):
बेरोजगारी अथवा अल्परोज़गार व्यक्ति की आय अर्जित करने की क्षमता को सीमित कर देता है, जिससे उपभोग, पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। यही कारण है कि रोजगार सृजन को गरीबी उन्मूलन की प्रमुख रणनीति माना जाता है।

प्रश्न 72: निम्नलिखित में से किस स्थिति में बहुआयामी गरीबी होने की संभावना सर्वाधिक होगी?

  • A. आय गरीबी रेखा से ऊपर है, किंतु शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जीवन-स्तर से संबंधित मूल सुविधाओं में वंचना है। ✓
  • B. आय अधिक है और सभी बुनियादी सेवाएँ उपलब्ध हैं।
  • C. आय कम है, किंतु सभी सामाजिक सेवाएँ पर्याप्त उपलब्ध हैं।
  • D. केवल उपभोग व्यय कम है, अन्य सभी सुविधाएँ पर्याप्त हैं।
सही उत्तर: A — आय गरीबी रेखा से ऊपर है, किंतु शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जीवन-स्तर से संबंधित मूल सुविधाओं में वंचना है।
व्याख्या (Explanation):
बहुआयामी गरीबी केवल आय की कमी नहीं, बल्कि विभिन्न बुनियादी सुविधाओं में वंचना को दर्शाती है। यदि किसी व्यक्ति की आय गरीबी रेखा से ऊपर हो, फिर भी उसे शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छ जल, स्वच्छता, बिजली, स्वच्छ ईंधन अथवा उचित आवास जैसी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध न हों, तो वह बहुआयामी गरीबी का शिकार माना जा सकता है।

प्रश्न 73: निम्नलिखित कथनों के आधार पर सही विकल्प चुनिए। (1) आर्थिक वृद्धि होने मात्र से गरीबी का स्वतः उन्मूलन हो जाता है। (2) यदि आर्थिक वृद्धि का लाभ समाज के सभी वर्गों तक न पहुँचे, तो गरीबी बनी रह सकती है।

  • A. केवल 1 सही है।
  • B. केवल 2 गलत है।
  • C. केवल 2 सही है। ✓
  • D. दोनों सही हैं।
सही उत्तर: C — केवल 2 सही है।
व्याख्या (Explanation):
आर्थिक वृद्धि और गरीबी उन्मूलन के बीच घनिष्ठ संबंध अवश्य है, किंतु दोनों समानार्थी नहीं हैं। यदि वृद्धि का लाभ सीमित वर्ग तक ही सीमित रह जाए और रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा सामाजिक सुरक्षा में सुधार न हो, तो गरीबी बनी रह सकती है। इसी कारण समावेशी विकास की अवधारणा विकसित हुई।

प्रश्न 74: यदि किसी सरकार का उद्देश्य गरीब परिवारों को न्यूनतम खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना हो, तो उसका प्रमुख लक्ष्य क्या होगा?

  • A. केवल निर्यात बढ़ाना।
  • B. कमजोर वर्गों को आवश्यक खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित करना। ✓
  • C. केवल कृषि निर्यात को प्रोत्साहित करना।
  • D. केवल खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का विस्तार करना।
सही उत्तर: B — कमजोर वर्गों को आवश्यक खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित करना।
व्याख्या (Explanation):
खाद्य सुरक्षा का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को पर्याप्त, सुरक्षित और आवश्यक खाद्यान्न उपलब्ध हो सके। यही कारण है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा संबंधी प्रावधान तथा लक्षित खाद्यान्न योजनाएँ गरीबी उन्मूलन रणनीति का महत्त्वपूर्ण भाग हैं।

प्रश्न 75: निम्नलिखित में से कौन-सा कारक ग्रामीण गरीबी को सर्वाधिक स्थायी बना सकता है?

  • A. कृषि पर अत्यधिक निर्भरता तथा उत्पादक अवसरों का अभाव। ✓
  • B. उच्च विदेशी निवेश।
  • C. उच्च निर्यात वृद्धि।
  • D. पूंजी बाजार का विस्तार।
सही उत्तर: A — कृषि पर अत्यधिक निर्भरता तथा उत्पादक अवसरों का अभाव।
व्याख्या (Explanation):
जब बड़ी आबादी कम उत्पादक कृषि पर निर्भर रहती है और गैर-कृषि रोजगार के अवसर सीमित होते हैं, तब आय का स्तर निम्न बना रहता है और गरीबी पीढ़ी-दर-पीढ़ी बनी रह सकती है। इसलिए ग्रामीण गरीबी केवल आय का प्रश्न नहीं बल्कि संरचनात्मक आर्थिक समस्या भी है।

प्रश्न 76: मानव विकास सूचकांक और बहुआयामी गरीबी सूचकांक के बीच प्रमुख अंतर क्या है?

  • A. दोनों केवल आय को मापते हैं।
  • B. दोनों केवल स्वास्थ्य संकेतकों पर आधारित हैं।
  • C. मानव विकास सूचकांक विकास का समग्र स्तर दर्शाता है, जबकि बहुआयामी गरीबी सूचकांक वंचनाओं का आकलन करता है। ✓
  • D. दोनों का उद्देश्य केवल गरीबी अनुपात ज्ञात करना है।
सही उत्तर: C — मानव विकास सूचकांक विकास का समग्र स्तर दर्शाता है, जबकि बहुआयामी गरीबी सूचकांक वंचनाओं का आकलन करता है।
व्याख्या (Explanation):
मानव विकास सूचकांक शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आय के आधार पर किसी देश की औसत उपलब्धियों को मापता है, जबकि बहुआयामी गरीबी सूचकांक शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जीवन-स्तर से संबंधित विभिन्न वंचनाओं का आकलन करता है। यद्यपि दोनों में कुछ संकेतक समान हो सकते हैं, परंतु उनका उद्देश्य और उपयोग अलग-अलग है।

प्रश्न 77: विश्व बैंक द्वारा प्रयुक्त अंतरराष्ट्रीय गरीबी रेखा का प्रमुख उद्देश्य क्या है?

  • A. प्रत्येक देश के लिए अलग-अलग राष्ट्रीय गरीबी रेखा निर्धारित करना।
  • B. केवल विकसित देशों का मूल्यांकन करना।
  • C. केवल आय असमानता मापना।
  • D. विभिन्न देशों में अत्यधिक गरीबी की तुलनात्मक तुलना संभव बनाना। ✓
सही उत्तर: D — विभिन्न देशों में अत्यधिक गरीबी की तुलनात्मक तुलना संभव बनाना।
व्याख्या (Explanation):
विश्व बैंक की अंतरराष्ट्रीय गरीबी रेखा का उद्देश्य विभिन्न देशों में अत्यधिक गरीबी की तुलना के लिए एक समान मानक उपलब्ध कराना है। यह प्रत्येक देश की राष्ट्रीय गरीबी रेखा का स्थानापन्न नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय तुलना का उपकरण है।

प्रश्न 78: रंगराजन समिति का गठन मुख्यतः किस उद्देश्य से किया गया था?

  • A. गरीबी रेखा निर्धारण की पद्धति की पुनर्समीक्षा करना। ✓
  • B. बहुआयामी गरीबी सूचकांक तैयार करना।
  • C. वैश्विक भूख सूचकांक विकसित करना।
  • D. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का मसौदा तैयार करना।
सही उत्तर: A — गरीबी रेखा निर्धारण की पद्धति की पुनर्समीक्षा करना।
व्याख्या (Explanation):
रंगराजन समिति का गठन तेंदुलकर समिति की पद्धति की समीक्षा करने तथा गरीबी रेखा के निर्धारण के लिए अधिक उपयुक्त मानदंड सुझाने के उद्देश्य से किया गया था। इसने उपभोग आवश्यकताओं के नए अनुमान प्रस्तुत किए।

प्रश्न 79: तेंदुलकर समिति के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त है?

  • A. इसने केवल ग्रामीण क्षेत्रों के लिए गरीबी रेखा निर्धारित की।
  • B. इसने गरीबी मापन में बदलते उपभोग स्वरूप और सामाजिक आवश्यकताओं को अधिक महत्त्व दिया। ✓
  • C. इसने केवल कैलोरी मानदंड को पर्याप्त माना।
  • D. इसने बहुआयामी गरीबी सूचकांक विकसित किया।
सही उत्तर: B — इसने गरीबी मापन में बदलते उपभोग स्वरूप और सामाजिक आवश्यकताओं को अधिक महत्त्व दिया।
व्याख्या (Explanation):
तेंदुलकर समिति ने गरीबी मापन को केवल कैलोरी आवश्यकता तक सीमित न रखते हुए बदलते उपभोग स्वरूप, शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर होने वाले निजी व्यय को ध्यान में रखने वाली उपभोग व्यय आधारित पद्धति का समर्थन किया। इसने केवल कैलोरी आधारित निर्धारण के स्थान पर वास्तविक उपभोग व्यय को गरीबी मापन का अधिक उपयुक्त आधार माना।

प्रश्न 80: भारत में गरीबी मापन से संबंधित लकड़ावाला समिति का प्रमुख आधार क्या था?

  • A. केवल आयकर अभिलेख।
  • B. केवल बहुआयामी वंचना।
  • C. उपभोग व्यय तथा न्यूनतम उपभोग आवश्यकताओं पर आधारित निर्धारण। ✓
  • D. केवल शिक्षा और स्वास्थ्य संकेतक।
सही उत्तर: C — उपभोग व्यय तथा न्यूनतम उपभोग आवश्यकताओं पर आधारित निर्धारण।
व्याख्या (Explanation):
लकड़ावाला समिति ने गरीबी रेखा के निर्धारण में उपभोग व्यय को प्रमुख आधार माना तथा न्यूनतम उपभोग आवश्यकताओं एवं कैलोरी-आधारित मानदंड को महत्व दिया। बाद की समितियों ने समय के साथ बदलते उपभोग स्वरूप और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस पद्धति में संशोधन सुझाए।

प्रश्न 81: गरीबी की तीव्रता का मापन मुख्यतः किस उद्देश्य से किया जाता है?

  • A. गरीबों के बीच भी गरीबी की असमानता का आकलन करने के लिए। ✓
  • B. केवल बेरोजगारी दर ज्ञात करने के लिए।
  • C. केवल जनसंख्या वृद्धि का प्रभाव मापने के लिए।
  • D. केवल खाद्यान्न उपलब्धता का आकलन करने के लिए।
सही उत्तर: A — गरीबों के बीच भी गरीबी की असमानता का आकलन करने के लिए।
व्याख्या (Explanation):
गरीबी की तीव्रता केवल यह नहीं देखती कि लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं, बल्कि यह भी मापती है कि गरीबों के बीच गरीबी कितनी असमान रूप से वितरित है। इसमें अत्यधिक गरीब व्यक्तियों को अपेक्षाकृत अधिक भार दिया जाता है। इसलिए यह संकेतक गरीबी अनुपात एवं गरीबी अंतराल की तुलना में गरीबी की गंभीरता का अधिक सूक्ष्म चित्र प्रस्तुत करता है।

प्रश्न 82: गरीबी अंतराल का प्रमुख उद्देश्य क्या है?

  • A. केवल गरीब व्यक्तियों की संख्या ज्ञात करना।
  • B. केवल राज्यों की तुलना करना।
  • C. केवल उपभोग व्यय का औसत निकालना।
  • D. यह मापना कि गरीब व्यक्ति गरीबी रेखा से औसतन कितनी दूर हैं। ✓
सही उत्तर: D — यह मापना कि गरीब व्यक्ति गरीबी रेखा से औसतन कितनी दूर हैं।
व्याख्या (Explanation):
गरीबी अंतराल यह दर्शाता है कि गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों की औसत आय या उपभोग गरीबी रेखा से कितनी कम है। यह केवल गरीबों की संख्या नहीं बताता बल्कि गरीबी की गहराई का संकेत देता है। यही कारण है कि दो देशों का गरीबी अनुपात समान होने पर भी उनका गरीबी अंतराल अलग हो सकता है।

प्रश्न 83: यदि किसी देश में गरीबी अनुपात में कमी आ जाए, तो इससे निश्चित रूप से क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है?

  • A. सभी गरीबों की आय समान रूप से बढ़ गई है।
  • B. गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली जनसंख्या का अनुपात घटा है। ✓
  • C. गरीबी की तीव्रता समाप्त हो गई है।
  • D. आय असमानता भी कम हो गई है।
सही उत्तर: B — गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली जनसंख्या का अनुपात घटा है।
व्याख्या (Explanation):
गरीबी अनुपात केवल यह बताता है कि कुल जनसंख्या का कितना भाग गरीबी रेखा से नीचे है। यह यह नहीं बताता कि गरीब कितने गरीब हैं, उनकी आय कितनी बढ़ी है या आय असमानता में क्या परिवर्तन हुआ है। इसलिए यदि गरीबी अनुपात घटता है तो केवल इतना निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों का अनुपात कम हुआ है।

प्रश्न 84: गरीबी उन्मूलन की दीर्घकालिक रणनीति का सबसे उपयुक्त आधार क्या माना जाएगा?

  • A. केवल निःशुल्क वस्तुओं का वितरण।
  • B. केवल अल्पकालिक नकद सहायता।
  • C. मानव पूंजी, कौशल विकास, उत्पादक रोजगार तथा सतत आजीविका का विकास। ✓
  • D. केवल आयात में वृद्धि।
सही उत्तर: C — मानव पूंजी, कौशल विकास, उत्पादक रोजगार तथा सतत आजीविका का विकास।
व्याख्या (Explanation):
दीर्घकालिक गरीबी उन्मूलन केवल सहायता वितरण से संभव नहीं है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, उत्पादक रोजगार तथा सतत आजीविका के अवसरों का विस्तार मानव पूंजी को मजबूत करता है, जिससे आय अर्जित करने की क्षमता बढ़ती है और गरीबी का स्थायी समाधान संभव होता है।

प्रश्न 85: निम्नलिखित में से कौन-सा कारक गरीबी और कुपोषण के बीच सबसे प्रत्यक्ष संबंध स्थापित करता है?

  • A. पर्याप्त एवं पौष्टिक भोजन तक सीमित पहुँच। ✓
  • B. उच्च निर्यात।
  • C. विदेशी निवेश में वृद्धि।
  • D. शेयर बाज़ार का विस्तार।
सही उत्तर: A — पर्याप्त एवं पौष्टिक भोजन तक सीमित पहुँच।
व्याख्या (Explanation):
गरीबी के कारण परिवारों की क्रय-शक्ति कम होती है, जिससे वे पर्याप्त और संतुलित भोजन प्राप्त नहीं कर पाते। इसका परिणाम अल्पपोषण, कुपोषण, कम वजन, बौनापन तथा एनीमिया जैसी समस्याओं के रूप में सामने आता है।

प्रश्न 86: यदि किसी देश में आर्थिक वृद्धि तो हो रही हो, किंतु शिक्षा, स्वास्थ्य तथा पोषण में सुधार न हो, तो कौन-सी अवधारणा इस स्थिति का बेहतर विश्लेषण करेगी?

  • A. निरपेक्ष गरीबी।
  • B. बहुआयामी गरीबी। ✓
  • C. केवल गरीबी अनुपात।
  • D. केवल प्रति व्यक्ति आय।
सही उत्तर: B — बहुआयामी गरीबी।
व्याख्या (Explanation):
आर्थिक वृद्धि अपने आप मानव कल्याण सुनिश्चित नहीं करती। यदि शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण तथा अन्य सामाजिक संकेतकों में सुधार नहीं हो रहा, तो बहुआयामी गरीबी का विश्लेषण अधिक उपयुक्त होगा। आधुनिक विकास अर्थशास्त्र केवल आय वृद्धि के बजाय मानव विकास और बहुआयामी वंचनाओं पर बल देता है। यही कारण है कि किसी देश में उच्च आर्थिक वृद्धि के बावजूद बहुआयामी गरीबी अपेक्षाकृत अधिक बनी रह सकती है।

प्रश्न 87: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन बहुआयामी गरीबी सूचकांक के संबंध में सही है?

  • A. यह केवल आय के आधार पर गरीबी मापता है।
  • B. यह केवल खाद्यान्न उपलब्धता को मापता है।
  • C. यह विभिन्न प्रकार की वंचनाओं को सम्मिलित करके गरीबी का आकलन करता है। ✓
  • D. यह केवल बेरोजगारी दर का मापन करता है।
सही उत्तर: C — यह विभिन्न प्रकार की वंचनाओं को सम्मिलित करके गरीबी का आकलन करता है।
व्याख्या (Explanation):
बहुआयामी गरीबी सूचकांक शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन-स्तर से संबंधित अनेक संकेतकों को सम्मिलित करता है। इसका उद्देश्य यह समझना है कि कोई व्यक्ति किन-किन बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। यह केवल आय पर आधारित मापन नहीं है।

प्रश्न 88: भारत में गरीबी के आकलन हेतु उपभोग व्यय आधारित पद्धति को अधिक उपयुक्त मानने का प्रमुख कारण क्या था?

  • A. आय के आँकड़े सदैव पूर्णतः उपलब्ध रहते हैं।
  • B. सभी व्यक्तियों की आय समान होती है।
  • C. उपभोग व्यय और उत्पादन में कोई संबंध नहीं होता।
  • D. विशेषकर असंगठित क्षेत्र में आय का सही आकलन कठिन होता है। ✓
सही उत्तर: D — विशेषकर असंगठित क्षेत्र में आय का सही आकलन कठिन होता है।
व्याख्या (Explanation):
भारत में बड़ी आबादी असंगठित क्षेत्र में कार्य करती है, जहाँ नियमित आय का विश्वसनीय अभिलेख उपलब्ध नहीं होता। इसलिए लंबे समय तक गरीबी के आकलन के लिए उपभोग व्यय को अपेक्षाकृत अधिक विश्वसनीय माना गया। इससे परिवार की वास्तविक जीवन-स्तर संबंधी जानकारी प्राप्त करना सरल होता है।

प्रश्न 89: अत्यधिक गरीबी का आशय सामान्यतः किस स्थिति से है?

  • A. ऐसी स्थिति जिसमें व्यक्ति न्यूनतम जीवन-निर्वाह की मूल आवश्यकताओं से भी वंचित हो। ✓
  • B. ऐसी स्थिति जिसमें व्यक्ति मध्यम वर्ग से नीचे हो।
  • C. केवल बेरोजगार होना।
  • D. केवल ग्रामीण क्षेत्र में निवास करना।
सही उत्तर: A — ऐसी स्थिति जिसमें व्यक्ति न्यूनतम जीवन-निर्वाह की मूल आवश्यकताओं से भी वंचित हो।
व्याख्या (Explanation):
अत्यधिक गरीबी गरीबी का सबसे गंभीर रूप है, जिसमें व्यक्ति भोजन, स्वच्छ जल, न्यूनतम स्वास्थ्य सेवाओं तथा अन्य आवश्यक जीवन-संसाधनों तक भी पर्याप्त पहुँच नहीं बना पाता। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्व बैंक अंतरराष्ट्रीय गरीबी रेखा का उपयोग विभिन्न देशों में अत्यधिक गरीबी की तुलना के लिए करता है। यह सामान्य गरीबी की तुलना में कहीं अधिक गंभीर सामाजिक एवं मानवीय चुनौती है।

प्रश्न 90: बहुआयामी गरीबी की अवधारणा का मूल आधार क्या है?

  • A. केवल आय का स्तर।
  • B. शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जीवन-स्तर सहित अनेक वंचनाओं का संयुक्त आकलन। ✓
  • C. केवल रोजगार की उपलब्धता।
  • D. केवल कृषि आय का स्तर।
सही उत्तर: B — शिक्षा, स्वास्थ्य एवं जीवन-स्तर सहित अनेक वंचनाओं का संयुक्त आकलन।
व्याख्या (Explanation):
बहुआयामी गरीबी इस विचार पर आधारित है कि गरीबी केवल आय की कमी नहीं है। यदि किसी व्यक्ति को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, आवास, स्वच्छ ईंधन, बिजली अथवा अन्य बुनियादी सुविधाओं में वंचना का सामना करना पड़ता है, तो वह बहुआयामी गरीबी का शिकार माना जा सकता है। यही कारण है कि आधुनिक नीति-निर्माण में केवल आय-वृद्धि पर्याप्त नहीं मानी जाती। वैश्विक स्तर पर संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम तथा ऑक्सफोर्ड पॉवर्टी एंड ह्यूमन डेवलपमेंट इनिशिएटिव द्वारा प्रयुक्त Multidimensional Poverty Index इसी अवधारणा पर आधारित है।

प्रश्न 91: सापेक्ष गरीबी की अवधारणा का प्रमुख उद्देश्य क्या है?

  • A. केवल कैलोरी आवश्यकता का निर्धारण।
  • B. केवल न्यूनतम मजदूरी का निर्धारण।
  • C. केवल खाद्यान्न उत्पादन का आकलन।
  • D. समाज में आय एवं जीवन-स्तर की असमानता का आकलन। ✓
सही उत्तर: D — समाज में आय एवं जीवन-स्तर की असमानता का आकलन।
व्याख्या (Explanation):
सापेक्ष गरीबी का संबंध इस बात से है कि किसी व्यक्ति या समूह की आर्थिक स्थिति समाज के अन्य लोगों की तुलना में कैसी है। इसमें न्यूनतम जीवन-निर्वाह की सीमा से अधिक आय होने पर भी व्यक्ति सापेक्ष रूप से गरीब माना जा सकता है यदि वह समाज के सामान्य जीवन-स्तर से बहुत पीछे हो। यह अवधारणा आय-वितरण और असमानता के अध्ययन में विशेष महत्त्व रखती है।

प्रश्न 92: निरपेक्ष गरीबी की अवधारणा मुख्यतः किस आधार पर निर्धारित की जाती है?

  • A. समाज में आय की असमानता के आधार पर।
  • B. किसी देश की औसत आय के आधार पर।
  • C. न्यूनतम जीवन-निर्वाह आवश्यकताओं की पूर्ति के आधार पर। ✓
  • D. विभिन्न देशों की प्रति व्यक्ति आय की तुलना के आधार पर।
सही उत्तर: C — न्यूनतम जीवन-निर्वाह आवश्यकताओं की पूर्ति के आधार पर।
व्याख्या (Explanation):
निरपेक्ष गरीबी उस स्थिति को दर्शाती है जिसमें व्यक्ति न्यूनतम जीवन-निर्वाह के लिए आवश्यक संसाधनों तक भी पहुँच नहीं बना पाता। इसका संबंध भोजन, वस्त्र, आवास तथा अन्य न्यूनतम आवश्यकताओं से है। यह समाज के अन्य व्यक्तियों की तुलना पर आधारित नहीं होती। इसके विपरीत सापेक्ष गरीबी आय अथवा उपभोग के वितरण और असमानता को दर्शाती है।

प्रश्न 93: निम्नलिखित में से गरीबी की पारंपरिक (आय-आधारित) अवधारणा का सर्वाधिक उपयुक्त वर्णन कौन-सा है?

  • A. केवल आय की न्यूनता के कारण न्यूनतम आवश्यकताओं की पूर्ति न हो पाना। ✓
  • B. केवल खाद्यान्न की उपलब्धता का अभाव।
  • C. केवल रोजगार का अभाव।
  • D. केवल आवासहीनता की स्थिति।
सही उत्तर: A — केवल आय की न्यूनता के कारण न्यूनतम आवश्यकताओं की पूर्ति न हो पाना।
व्याख्या (Explanation):
पारंपरिक आर्थिक दृष्टिकोण में गरीबी का अर्थ ऐसी आय अथवा उपभोग व्यय का अभाव है जिससे व्यक्ति भोजन, वस्त्र, आवास जैसी न्यूनतम आवश्यकताओं की पूर्ति न कर सके। इस दृष्टिकोण में गरीबी का मापन मुख्यतः आय अथवा उपभोग व्यय के आधार पर किया जाता था। आधुनिक दृष्टिकोण में इसके अतिरिक्त शिक्षा, स्वास्थ्य तथा जीवन-स्तर जैसी वंचनाओं को भी सम्मिलित किया जाता है, जिसे बहुआयामी गरीबी कहा जाता है।

प्रश्न 94: कथन (A): यदि किसी देश का गरीबी अनुपात कम हो जाए, तो बहुआयामी गरीबी भी अनिवार्य रूप से समाप्त हो जाती है। कारण (R): बहुआयामी गरीबी आय के अतिरिक्त शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन-स्तर की वंचनाओं का भी आकलन करती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं।
  • B. A सही है, पर R गलत है।
  • C. A और R दोनों गलत हैं।
  • D. A गलत है, पर R सही है। ✓
सही उत्तर: D — A गलत है, पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
आय-आधारित गरीबी में कमी आने के बाद भी शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आवास और स्वच्छता जैसी वंचनाएँ बनी रह सकती हैं। इसलिए बहुआयामी गरीबी स्वतः समाप्त नहीं होती। कारण इस अंतर को स्पष्ट करता है और यही आधुनिक गरीबी विश्लेषण की मूल अवधारणा है।

प्रश्न 95: कथन (A): गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएँ गरीबी उन्मूलन में योगदान देती हैं। कारण (R): स्वास्थ्य व्यय का बोझ कम होने से परिवारों के गरीबी में जाने का जोखिम घट सकता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
स्वास्थ्य पर अत्यधिक निजी व्यय अनेक परिवारों को गरीबी की ओर धकेल सकता है। गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाएँ इस वित्तीय बोझ को कम करती हैं और मानव पूंजी को भी मजबूत बनाती हैं। अतः कारण, कथन की उचित व्याख्या करता है।

प्रश्न 96: कथन (A): किसी देश में सकल घरेलू उत्पाद की उच्च वृद्धि अपने आप समावेशी विकास सुनिश्चित कर देती है। कारण (R): समावेशी विकास में अवसरों और लाभों का न्यायसंगत वितरण भी आवश्यक होता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं।
  • B. A सही है, पर R गलत है।
  • C. A गलत है, पर R सही है। ✓
  • D. A और R दोनों गलत हैं।
सही उत्तर: C — A गलत है, पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
उच्च आर्थिक वृद्धि आवश्यक हो सकती है, पर पर्याप्त नहीं। यदि उसके लाभ समाज के विभिन्न वर्गों, क्षेत्रों और कमजोर समूहों तक नहीं पहुँचते, तो समावेशी विकास प्राप्त नहीं होता। इसलिए कथन गलत तथा कारण सही है।

प्रश्न 97: कथन (A): जलवायु परिवर्तन के प्रभाव गरीब परिवारों पर अपेक्षाकृत अधिक पड़ सकते हैं। कारण (R): गरीब परिवारों के पास जोखिमों से निपटने के लिए संसाधन और अनुकूलन क्षमता अपेक्षाकृत कम होती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
गरीब परिवारों के पास बचत, बीमा, वैकल्पिक आजीविका तथा जलवायु अनुकूलन के संसाधन सीमित होते हैं। इसलिए सूखा, बाढ़, चक्रवात या फसल हानि जैसी घटनाओं का प्रभाव उन पर अपेक्षाकृत अधिक पड़ता है। कारण, कथन की उचित व्याख्या करता है।

प्रश्न 98: कथन (A): बहुआयामी गरीबी सूचकांक केवल आय के आधार पर निर्धारित किया जाता है। कारण (R): इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य तथा जीवन-स्तर से संबंधित अनेक संकेतकों का उपयोग किया जाता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं।
  • B. A सही है, पर R गलत है।
  • C. A और R दोनों गलत हैं।
  • D. A गलत है, पर R सही है। ✓
सही उत्तर: D — A गलत है, पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
बहुआयामी गरीबी सूचकांक का उद्देश्य आय से आगे बढ़कर शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन-स्तर की वास्तविक वंचनाओं का आकलन करना है। इसलिए कथन गलत तथा कारण सही है।

प्रश्न 99: कथन (A): गुणवत्तापूर्ण रोजगार सामाजिक सुरक्षा की आवश्यकता को पूर्णतः समाप्त नहीं करता। कारण (R): बीमारी, विकलांगता, प्राकृतिक आपदा अथवा आर्थिक संकट जैसे जोखिम रोजगार होने पर भी बने रह सकते हैं।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
रोजगार गरीबी कम करने का सबसे प्रभावी साधन है, परंतु जीवन में ऐसे जोखिम बने रहते हैं जिनसे आय अचानक प्रभावित हो सकती है। सामाजिक सुरक्षा इन जोखिमों के विरुद्ध सुरक्षा प्रदान करती है। इसलिए दोनों कथन सही हैं तथा कारण कथन की उपयुक्त व्याख्या करता है।

प्रश्न 100: कथन (A): केवल प्रत्यक्ष लाभ अंतरण से संरचनात्मक गरीबी का स्थायी समाधान संभव है। कारण (R): संरचनात्मक गरीबी शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल और अवसरों की कमी से भी जुड़ी होती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं।
  • B. A और R दोनों गलत हैं।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है। ✓
सही उत्तर: D — A गलत है, पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
प्रत्यक्ष लाभ अंतरण तात्कालिक राहत प्रदान कर सकता है, किंतु संरचनात्मक गरीबी के मूल कारणों जैसे निम्न शिक्षा, अपर्याप्त स्वास्थ्य, कौशल की कमी और सीमित आर्थिक अवसरों का समाधान नहीं करता। इसलिए कथन गलत है, जबकि कारण सही है।

प्रश्न 101: कथन (A): मानव विकास सूचकांक किसी देश में आय असमानता का प्रत्यक्ष मापन करता है। कारण (R): आय असमानता के विश्लेषण के लिए पृथक संकेतकों का उपयोग किया जाता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं।
  • B. A सही है, पर R गलत है।
  • C. A और R दोनों गलत हैं।
  • D. A गलत है, पर R सही है। ✓
सही उत्तर: D — A गलत है, पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
मानव विकास सूचकांक शिक्षा, स्वास्थ्य और आय की औसत उपलब्धियों का समेकित सूचक है, परंतु यह आय असमानता का प्रत्यक्ष मापन नहीं करता। आय असमानता के लिए पृथक मापदंडों का उपयोग किया जाता है।

प्रश्न 102: कथन (A): प्रारम्भिक बाल्यावस्था में कुपोषण कम करना दीर्घकालिक गरीबी उन्मूलन में सहायक है। कारण (R): प्रारम्भिक पोषण मानव पूंजी, संज्ञानात्मक विकास और भविष्य की उत्पादकता को प्रभावित करता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
जीवन के प्रारम्भिक वर्षों में पर्याप्त पोषण मस्तिष्क विकास, सीखने की क्षमता और शारीरिक वृद्धि के लिए अत्यंत आवश्यक है। इससे भविष्य की उत्पादकता, आय अर्जन क्षमता और मानव पूंजी में सुधार होता है। इस प्रकार कुपोषण में कमी दीर्घकालिक गरीबी उन्मूलन का आधार बनती है। कारण कथन की पूर्ण व्याख्या करता है।

प्रश्न 103: कथन (A): किसी देश में गरीबी अनुपात में कमी आने के बाद भी आय असमानता बढ़ सकती है। कारण (R): गरीबी अनुपात केवल गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली जनसंख्या का अनुपात दर्शाता है, जबकि आय असमानता संपूर्ण आय वितरण से संबंधित होती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
गरीबी अनुपात और आय असमानता अलग-अलग अवधारणाएँ हैं। गरीबी अनुपात केवल गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली जनसंख्या का अनुपात बताता है, जबकि आय असमानता पूरे समाज में आय के वितरण को मापती है। इसलिए गरीबी अनुपात घटने पर भी यदि आय वृद्धि का लाभ मुख्यतः उच्च आय वर्ग को मिले, तो आय असमानता बढ़ सकती है। अतः कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।

प्रश्न 104: कथन (A): गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में निवेश दीर्घकालिक गरीबी उन्मूलन का एक प्रभावी साधन है। कारण (R): शिक्षा मानव पूंजी, उत्पादकता और आय अर्जित करने की क्षमता को बढ़ाती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यक्ति के ज्ञान, कौशल, उत्पादकता और रोजगार क्षमता को बढ़ाती है। इससे आय में वृद्धि होती है और गरीबी का पीढ़ीगत चक्र टूट सकता है। यही कारण है कि शिक्षा को मानव पूंजी निर्माण का सबसे महत्त्वपूर्ण आधार माना जाता है। कारण कथन, कथन की पूर्ण व्याख्या करता है।

प्रश्न 105: कथन (A): समावेशी विकास का उद्देश्य केवल सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि सुनिश्चित करना है। कारण (R): समावेशी विकास अवसरों और विकास के लाभों को व्यापक समाज तक पहुँचाने पर बल देता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं।
  • B. A सही है, पर R गलत है।
  • C. A गलत है, पर R सही है। ✓
  • D. A और R दोनों गलत हैं।
सही उत्तर: C — A गलत है, पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
समावेशी विकास का लक्ष्य केवल आर्थिक वृद्धि नहीं, बल्कि उसके लाभों का समाज के विभिन्न वर्गों और क्षेत्रों तक न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित करना है। इसलिए कथन गलत है, जबकि कारण समावेशी विकास की वास्तविक अवधारणा को स्पष्ट करता है।

प्रश्न 106: कथन (A): केवल आय में वृद्धि होने से कुपोषण स्वतः समाप्त हो जाएगा। कारण (R): कुपोषण भोजन की गुणवत्ता, स्वास्थ्य, स्वच्छता और देखभाल से भी प्रभावित होता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं।
  • B. A गलत है, पर R सही है। ✓
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A और R दोनों गलत हैं।
सही उत्तर: B — A गलत है, पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
आय बढ़ने से पोषण में सुधार की संभावना अवश्य बढ़ती है, किंतु संतुलित भोजन, मातृ स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवाएँ भी समान रूप से महत्त्वपूर्ण हैं। इसलिए केवल आय वृद्धि कुपोषण समाप्त करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

प्रश्न 107: कथन (A): बहुआयामी गरीबी सूचकांक और मानव विकास सूचकांक समान उद्देश्य की पूर्ति करते हैं। कारण (R): दोनों में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे कुछ समान आयाम सम्मिलित हैं।

  • A. A और R दोनों सही हैं।
  • B. A सही है, पर R गलत है।
  • C. A और R दोनों गलत हैं।
  • D. A गलत है, पर R सही है। ✓
सही उत्तर: D — A गलत है, पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
यद्यपि दोनों सूचकांकों में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे समान आयाम पाए जाते हैं, फिर भी उनका उद्देश्य अलग है। मानव विकास सूचकांक औसत उपलब्धियों का मापन करता है, जबकि बहुआयामी गरीबी सूचकांक वंचनाओं का आकलन करता है। इसलिए कथन गलत और कारण सही है।

प्रश्न 108: कथन (A): सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ गरीबी के विरुद्ध सुरक्षा कवच प्रदान कर सकती हैं। कारण (R): वे आय के अस्थायी झटकों के प्रभाव को कम करने में सहायता करती हैं।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ बीमारी, बेरोजगारी, प्राकृतिक आपदा या अन्य संकटों के समय न्यूनतम आय अथवा आवश्यक सहायता प्रदान कर परिवारों को अत्यधिक गरीबी में गिरने से बचाती हैं। इस प्रकार वे आर्थिक झटकों के प्रभाव को कम करके गरीबी के विरुद्ध सुरक्षा कवच का कार्य करती हैं। कारण कथन, कथन की उपयुक्त व्याख्या करता है।

प्रश्न 109: निम्नलिखित में से कौन-सा नीति दृष्टिकोण "गरीबी उन्मूलन" से आगे बढ़कर "गरीबी-प्रतिरोधी समाज" के निर्माण की अवधारणा को सबसे बेहतर व्यक्त करता है?

  • A. केवल खाद्यान्न वितरण।
  • B. केवल नकद अंतरण।
  • C. केवल रोजगार गारंटी।
  • D. मानव पूंजी निर्माण, सामाजिक सुरक्षा, वित्तीय समावेशन, जलवायु सहनशील आजीविका तथा संस्थागत सुदृढ़ीकरण का समेकित मॉडल। ✓
सही उत्तर: D — मानव पूंजी निर्माण, सामाजिक सुरक्षा, वित्तीय समावेशन, जलवायु सहनशील आजीविका तथा संस्थागत सुदृढ़ीकरण का समेकित मॉडल।
व्याख्या (Explanation):
आधुनिक नीति दृष्टिकोण केवल वर्तमान गरीबी को कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य में आर्थिक, स्वास्थ्य, जलवायु अथवा सामाजिक झटकों के कारण लोगों के पुनः गरीबी में जाने की संभावना को भी कम करने पर बल देता है। मानव पूंजी, सामाजिक सुरक्षा, वित्तीय समावेशन, जलवायु सहनशील आजीविका और मजबूत संस्थाएँ मिलकर गरीबी-प्रतिरोधी समाज का निर्माण करती हैं।

प्रश्न 110: यदि किसी देश में उत्पादक रोजगार की अपेक्षा अनौपचारिक एवं अस्थिर रोजगार का अनुपात बढ़ता जाए, तो सबसे संभावित परिणाम क्या होगा?

  • A. आय-आधारित गरीबी में कमी की गति सीमित रह सकती है तथा सामाजिक सुरक्षा का अभाव बहुआयामी गरीबी को भी प्रभावित कर सकता है। ✓
  • B. गरीबी स्वतः समाप्त हो जाएगी।
  • C. मानव विकास सूचकांक अनिवार्य रूप से बढ़ जाएगा।
  • D. क्षेत्रीय असमानता समाप्त हो जाएगी।
सही उत्तर: A — आय-आधारित गरीबी में कमी की गति सीमित रह सकती है तथा सामाजिक सुरक्षा का अभाव बहुआयामी गरीबी को भी प्रभावित कर सकता है।
व्याख्या (Explanation):
अनौपचारिक रोजगार में आय की अनिश्चितता, सामाजिक सुरक्षा का अभाव तथा कम उत्पादकता जैसी समस्याएँ होती हैं। इससे परिवार शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण में पर्याप्त निवेश नहीं कर पाते, जिससे बहुआयामी गरीबी भी प्रभावित हो सकती है।

प्रश्न 111: किसी क्षेत्र में बाल बौनापन घटा, विद्यालय छोड़ने की दर घटी, मातृ मृत्यु अनुपात घटा तथा महिला श्रम भागीदारी बढ़ी इन परिवर्तनों का संयुक्त प्रभाव सर्वाधिक किस पर पड़ेगा?

  • A. केवल सकल घरेलू उत्पाद पर।
  • B. केवल गरीबी अनुपात पर।
  • C. मानव पूंजी तथा बहुआयामी गरीबी दोनों पर। ✓
  • D. केवल विदेशी निवेश पर।
सही उत्तर: C — मानव पूंजी तथा बहुआयामी गरीबी दोनों पर।
व्याख्या (Explanation):
ये सभी संकेतक शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सहभागिता से जुड़े हैं। इनका संयुक्त प्रभाव मानव पूंजी को मजबूत करता है तथा बहुआयामी गरीबी की विभिन्न वंचनाओं को कम करता है।

प्रश्न 112: यदि किसी नीति का मुख्य उद्देश्य दीर्घकाल में गरीबी की पुनरावृत्ति को रोकना हो, तो निम्नलिखित में से कौन-सा नीति-संयोजन सर्वाधिक उपयुक्त होगा?

  • A. केवल सार्वजनिक वितरण प्रणाली।
  • B. सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा, कौशल विकास और वित्तीय समावेशन का समेकित विस्तार। ✓
  • C. केवल न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि।
  • D. केवल प्रत्यक्ष लाभ अंतरण।
सही उत्तर: B — सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा, कौशल विकास और वित्तीय समावेशन का समेकित विस्तार।
व्याख्या (Explanation):
गरीबी से बाहर निकलने के बाद पुनः गरीबी में गिरने का प्रमुख कारण स्वास्थ्य संकट, आय का अस्थिर स्रोत, वित्तीय असुरक्षा और कौशल की कमी हो सकते हैं। सामाजिक सुरक्षा, बीमा, कौशल विकास और वित्तीय समावेशन इन जोखिमों को कम करते हैं।

प्रश्न 113: किसी देश में गरीबी अनुपात लगातार घट रहा है, बहुआयामी गरीबी में तीव्र कमी आई है, आय असमानता लगभग स्थिर है तथा मानव विकास सूचकांक में सुधार हुआ है—इन तथ्यों के आधार पर निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सर्वाधिक उपयुक्त है?

  • A. आर्थिक वृद्धि नहीं हुई है।
  • B. आय वितरण पूर्णतः समान हो गया है।
  • C. बहुआयामी गरीबी अवश्य समाप्त हो चुकी है।
  • D. सामाजिक विकास में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, किंतु आय वितरण की चुनौती अभी भी बनी रह सकती है। ✓
सही उत्तर: D — सामाजिक विकास में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, किंतु आय वितरण की चुनौती अभी भी बनी रह सकती है।
व्याख्या (Explanation):
गरीबी अनुपात और बहुआयामी गरीबी में सुधार तथा मानव विकास सूचकांक में वृद्धि सामाजिक विकास की दिशा में सकारात्मक संकेत हैं। किंतु आय असमानता का स्थिर रहना बताता है कि आय का वितरण अभी भी समान नहीं हुआ है। इसलिए विकास और वितरण को अलग-अलग समझना आवश्यक है।

प्रश्न 114: कथन (A): गुणवत्तापूर्ण रोजगार सृजन, दीर्घकालिक गरीबी उन्मूलन के सबसे महत्वपूर्ण साधनों में से एक है। कारण (R): उत्पादक एवं स्थिर रोजगार आय, मानव पूंजी में निवेश तथा सामाजिक गतिशीलता को बढ़ावा देता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
गुणवत्तापूर्ण रोजगार केवल आय ही नहीं बढ़ाता, बल्कि परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल में निवेश करने की क्षमता भी प्रदान करता है। इससे सामाजिक गतिशीलता बढ़ती है और गरीबी का पीढ़ीगत चक्र टूट सकता है। कारण कथन का पूर्ण आधार प्रस्तुत करता है।

प्रश्न 115: कथन (A): सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ गरीबी के सभी संरचनात्मक कारणों का स्थायी समाधान हैं। कारण (R): संरचनात्मक गरीबी के समाधान हेतु शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल, रोजगार और संस्थागत सुधार भी आवश्यक हैं।

  • A. A और R दोनों सही हैं।
  • B. A और R दोनों गलत हैं।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है। ✓
सही उत्तर: D — A गलत है, पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ तत्काल राहत और न्यूनतम संरक्षण प्रदान करती हैं, किंतु वे अकेले संरचनात्मक गरीबी का स्थायी समाधान नहीं हैं। दीर्घकालिक समाधान के लिए मानव पूंजी निर्माण, उत्पादक रोजगार, कौशल विकास, संस्थागत सुधार और समावेशी विकास आवश्यक हैं।

प्रश्न 116: कथन (A): वित्तीय समावेशन गरीबी उन्मूलन का एक महत्वपूर्ण साधन हो सकता है। कारण (R): औपचारिक वित्तीय सेवाओं तक पहुँच बचत, ऋण, बीमा और निवेश की संभावनाएँ बढ़ाती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
वित्तीय समावेशन लोगों को औपचारिक बैंकिंग, ऋण, बीमा तथा बचत जैसी सेवाओं तक पहुँच प्रदान करता है। इससे जोखिम कम होता है, उद्यमिता को बढ़ावा मिलता है तथा आय सृजन के अवसर बढ़ते हैं। इसलिए यह गरीबी उन्मूलन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कारण कथन की उचित व्याख्या करता है।

प्रश्न 117: कथन (A): केवल खाद्यान्न उपलब्ध करा देने से पोषण सुरक्षा पूर्णतः सुनिश्चित हो जाती है। कारण (R): पोषण सुरक्षा में भोजन की गुणवत्ता, विविधता तथा स्वास्थ्य की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A गलत है, पर R सही है। ✓
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A और R दोनों गलत हैं।
सही उत्तर: B — A गलत है, पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
खाद्यान्न उपलब्धता आवश्यक है, लेकिन पोषण सुरक्षा के लिए संतुलित आहार, सूक्ष्म पोषक तत्व, सुरक्षित पेयजल, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाएँ भी आवश्यक हैं। इसलिए केवल खाद्यान्न वितरण से पोषण सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती।

प्रश्न 118: कथन (A): केवल उच्च आर्थिक वृद्धि दर दीर्घकालिक गरीबी उन्मूलन की पर्याप्त शर्त नहीं है। कारण (R): यदि आर्थिक वृद्धि के लाभ सीमित वर्गों तक केंद्रित रहें, तो सामाजिक एवं क्षेत्रीय वंचनाएँ बनी रह सकती हैं।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
आर्थिक वृद्धि आवश्यक है, किंतु यदि उसके लाभ व्यापक रूप से वितरित न हों तो गरीबी और वंचना बनी रह सकती है। इसलिए R, A की उचित व्याख्या करता है।

प्रश्न 119: कथन (A): गरीबी अंतराल यह बताता है कि आय का वितरण समाज में कितना असमान है। कारण (R): गरीबी अंतराल मुख्यतः गरीब व्यक्तियों की औसत दूरी को गरीबी रेखा से मापता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है। ✓
सही उत्तर: D — A गलत है, पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
गरीबी अंतराल आय असमानता का सामान्य मापक नहीं है, बल्कि यह बताता है कि गरीब व्यक्ति औसतन गरीबी रेखा से कितनी नीचे स्थित हैं। समाज में समग्र आय असमानता को मापने के लिए अन्य संकेतकों का उपयोग किया जाता है। इसलिए कथन गलत है, जबकि कारण सही है।

प्रश्न 120: कथन (A): प्रारम्भिक बाल्यावस्था में पोषण सुधार दीर्घकालीन मानव पूंजी निर्माण में सहायक होता है। कारण (R): बाल्यावस्था में पोषण का प्रभाव संज्ञानात्मक विकास और भविष्य की उत्पादकता पर पड़ता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
प्रारम्भिक बाल्यावस्था में पर्याप्त पोषण बच्चों के मस्तिष्क विकास, सीखने की क्षमता, स्वास्थ्य और भविष्य की कार्यक्षमता को प्रभावित करता है। यही कारण है कि पोषण में निवेश को मानव पूंजी निर्माण का आधार माना जाता है। यह दीर्घकाल में गरीबी के पीढ़ीगत चक्र को तोड़ने में भी सहायक होता है। कारण कथन की पूर्ण व्याख्या करता है।

प्रश्न 121: कथन (A): रोजगार सृजन की प्रत्येक नीति स्वतः गुणवत्तापूर्ण रोजगार भी सुनिश्चित करती है। कारण (R): रोजगार की संख्या और रोजगार की गुणवत्ता दो अलग अवधारणाएँ हैं।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A गलत है, पर R सही है। ✓
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A और R दोनों गलत हैं।
सही उत्तर: B — A गलत है, पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
केवल रोजगारों की संख्या बढ़ना पर्याप्त नहीं है। यदि रोजगार अस्थायी, कम वेतन वाले या कम उत्पादक हों, तो वे गरीबी उन्मूलन में सीमित योगदान देंगे। इसलिए रोजगार की गुणवत्ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। कारण सही है और कथन गलत।

प्रश्न 122: कथन (A): महिलाओं का वित्तीय समावेशन दीर्घकाल में बहुआयामी गरीबी को कम करने में सहायक हो सकता है। कारण (R): वित्तीय सेवाओं तक पहुँच आय सृजन, बचत और आर्थिक सुरक्षा की संभावनाएँ बढ़ाती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
महिलाओं का वित्तीय समावेशन उन्हें औपचारिक बैंकिंग, ऋण, बचत और उद्यमिता के अवसर प्रदान करता है। इससे परिवार की आय, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य तथा पोषण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस प्रकार वित्तीय समावेशन बहुआयामी गरीबी को कम करने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। कारण कथन का उचित आधार प्रस्तुत करता है।

प्रश्न 123: कथन (A): राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का उद्देश्य कृषि उत्पादन बढ़ाना है। कारण (R): इसका प्रमुख उद्देश्य पात्र परिवारों को खाद्य सुरक्षा उपलब्ध कराना है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है। ✓
सही उत्तर: D — A गलत है, पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का उद्देश्य कृषि उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि पात्र परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराकर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है। कृषि उत्पादन बढ़ाना अन्य नीतियों का उद्देश्य हो सकता है। इसलिए कथन गलत तथा कारण सही है।

प्रश्न 124: कथन (A): बहुआयामी गरीबी सूचकांक में सुधार होने का अर्थ यह नहीं कि आय असमानता भी अवश्य कम हुई है। कारण (R): बहुआयामी गरीबी और आय असमानता अलग-अलग अवधारणाएँ हैं।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
बहुआयामी गरीबी सूचकांक शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन-स्तर से जुड़ी वंचनाओं को मापता है, जबकि आय असमानता आय के वितरण को दर्शाती है। किसी देश में सामाजिक सेवाओं में सुधार से बहुआयामी गरीबी घट सकती है, भले ही आय वितरण में बड़ा परिवर्तन न हुआ हो। इसलिए दोनों अवधारणाएँ भिन्न हैं और कारण, कथन की उचित व्याख्या करता है।

प्रश्न 125: कथन (A): वैश्विक भूख सूचकांक का उद्देश्य केवल कृषि उत्पादन का मापन करना है। कारण (R): इसमें पोषण एवं स्वास्थ्य से संबंधित संकेतकों का उपयोग किया जाता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A गलत है, पर R सही है। ✓
  • D. A सही है, पर R गलत है।
सही उत्तर: C — A गलत है, पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
वैश्विक भूख सूचकांक केवल कृषि उत्पादन का मापन नहीं करता। यह भूख और कुपोषण की गंभीरता का आकलन करता है। इसमें चार प्रमुख संकेतकों अल्पपोषण, बाल अविकसित वृद्धि, बाल क्षीणता तथा पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर का उपयोग किया जाता है। अतः कथन गलत है जबकि कारण सही है।

प्रश्न 126: कथन (A): शिक्षा में निवेश दीर्घकालिक गरीबी उन्मूलन का महत्वपूर्ण साधन है। कारण (R): शिक्षा मानव पूंजी का निर्माण करती है और आय अर्जित करने की क्षमता बढ़ाती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
शिक्षा व्यक्ति के कौशल, उत्पादकता और रोजगार क्षमता को बढ़ाती है, जिससे उसकी आय अर्जित करने की क्षमता में वृद्धि होती है। यही कारण है कि मानव पूंजी में निवेश को स्थायी गरीबी उन्मूलन का प्रमुख साधन माना जाता है। कारण सीधे कथन का आधार स्पष्ट करता है, इसलिए दोनों सही हैं और कारण सही व्याख्या है।

प्रश्न 127: कथन (A): अंत्योदय अन्न योजना सभी नागरिकों को समान मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराती है। कारण (R): यह योजना समाज के सबसे निर्धन परिवारों को लक्षित करती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है। ✓
सही उत्तर: D — A गलत है, पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
अंत्योदय अन्न योजना सार्वभौमिक योजना नहीं है। इसका उद्देश्य समाज के सबसे निर्धन एवं अत्यंत वंचित परिवारों को रियायती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना है। इसलिए कथन गलत है जबकि कारण सही है।

प्रश्न 128: कथन (A): मुद्रास्फीति का प्रभाव सभी आय वर्गों पर समान होता है। कारण (R): निम्न आय वर्ग अपनी आय का बड़ा भाग आवश्यक उपभोग पर व्यय करता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A गलत है, पर R सही है। ✓
  • D. A सही है, पर R गलत है।
सही उत्तर: C — A गलत है, पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
मुद्रास्फीति का प्रभाव सभी आय वर्गों पर समान नहीं होता। निम्न आय वर्ग अपनी अधिकांश आय आवश्यक वस्तुओं पर व्यय करता है, इसलिए मूल्य वृद्धि से उसकी वास्तविक क्रय-शक्ति अधिक प्रभावित होती है। इस प्रकार कथन गलत है जबकि कारण सही है।

प्रश्न 129: कथन (A): मनरेगा का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार सुरक्षा प्रदान करना है। कारण (R): नियमित मजदूरी आधारित रोजगार से आय की अनिश्चितता कम की जा सकती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
मनरेगा ग्रामीण परिवारों को मांग पर मजदूरी आधारित रोजगार उपलब्ध कराकर आजीविका सुरक्षा प्रदान करता है। रोजगार उपलब्ध होने से आय में स्थिरता आती है, जिससे गरीबी और असुरक्षा कम होती है। इसलिए कारण सीधे कथन की व्याख्या करता है।

प्रश्न 130: कथन (A): तेंदुलकर समिति ने भारत में गरीबी मापन की पद्धति में परिवर्तन का सुझाव दिया। कारण (R): समय के साथ लोगों की उपभोग आवश्यकताओं एवं व्यय संरचना में परिवर्तन होता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
तेंदुलकर समिति ने गरीबी मापन की पद्धति में संशोधन का सुझाव दिया ताकि बदलती उपभोग आवश्यकताओं, शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर बढ़ते व्यय तथा वर्तमान उपभोग पैटर्न को अधिक यथार्थ रूप से सम्मिलित किया जा सके। इसलिए कारण, कथन की उचित व्याख्या करता है।

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