प्रश्न 1: पुरापाषाण से मध्यपाषाण काल तक के प्राचीन शैलचित्रों (गुफा-चित्रों) के लिए प्रसिद्ध भीमबेटका के शैलाश्रय किस राज्य में स्थित हैं?
-
A.
राजस्थान
-
B.
मध्य प्रदेश
✓
-
C.
उत्तर प्रदेश
-
D.
झारखंड
सही उत्तर:
B
— मध्य प्रदेश
व्याख्या (Explanation):भीमबेटका के शैलाश्रय मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में भोपाल के पास स्थित हैं। यहाँ की गुफाओं में शिकार, नृत्य और पशुओं के चित्र मिलते हैं, जो आदिमानव के जीवन की झलक देते हैं; यह यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल है। राजस्थान का बागोर मध्यपाषाणकालीन स्थल है, जहाँ पशुपालन के आरंभिक संकेत मिलते हैं। उत्तर प्रदेश की बेलन घाटी में चोपानी मांडो जैसे प्रारंभिक स्थल हैं, भीमबेटका नहीं। झारखंड के हज़ारीबाग में इस्को के प्रसिद्ध शैलचित्र हैं, पर भीमबेटका वहाँ नहीं है।
प्रश्न 2: चंद्रगुप्त मौर्य ने किस यूनानी शासक को पराजित कर उससे पश्चिमोत्तर भारत के कई क्षेत्र प्राप्त किए?
-
A.
सिकंदर
-
B.
डेमेट्रियस
-
C.
सेल्यूकस निकेटर
✓
-
D.
मिनांडर
सही उत्तर:
C
— सेल्यूकस निकेटर
व्याख्या (Explanation):सिकंदर की मृत्यु के बाद उसके साम्राज्य के पूर्वी भाग के शासक सेल्यूकस निकेटर ने भारत पर आक्रमण किया, पर लगभग 305 ई.पू. में चंद्रगुप्त मौर्य से हारकर उसे संधि करनी पड़ी। उसने पश्चिमोत्तर के कुछ प्रदेश दिए और बदले में चंद्रगुप्त ने उसे 500 हाथी भेंट किए। सिकंदर तो 325 ई.पू. में ही भारत से लौट गया था; मौर्य साम्राज्य का निर्माण उसके बाद हुआ। डेमेट्रियस और मिनांडर बाद के इंडो-यूनानी शासक थे, जिनमें मिनांडर (मिलिंद) बौद्ध भिक्षु नागसेन से संवाद के लिए जाना जाता है।
प्रश्न 3: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन ‘सुलह-ए-कुल’ की अवधारणा के संदर्भ में सही है?
-
A.
यह केवल नक्शबंदी विचारधारा का अंग था।
-
B.
इसका उद्देश्य सभी धर्मों के प्रति सहिष्णुता स्थापित करना था।
✓
-
C.
यह शरीयत के कठोर पालन पर आधारित सिद्धांत था।
-
D.
इसे अहमद सरहिंदी ने प्रतिपादित किया था।
सही उत्तर:
B
— इसका उद्देश्य सभी धर्मों के प्रति सहिष्णुता स्थापित करना था।
व्याख्या (Explanation):‘सुलह-ए-कुल’ का अर्थ है “सर्वसमभाव” या सभी के साथ शांति। अकबर की धार्मिक नीति में इसका महत्वपूर्ण स्थान था और कई उदार सूफी विचारधाराएँ इससे प्रभावित थीं। अहमद सरहिंदी ने इसका विरोध किया था।
प्रश्न 4: बाबर की आत्मकथा 'बाबरनामा' (तुज़ुक-ए-बाबरी) मूल रूप से किस भाषा में लिखी गई थी?
-
A.
फ़ारसी
-
B.
संस्कृत
-
C.
तुर्की (चगताई तुर्की)
✓
-
D.
उर्दू
सही उत्तर:
C
— तुर्की (चगताई तुर्की)
व्याख्या (Explanation):बाबर की मातृभाषा तुर्की थी, इसलिए उसने अपनी आत्मकथा चगताई तुर्की में लिखी। अकबर के समय अब्दुर्रहीम खानखाना ने इसका फ़ारसी अनुवाद किया, इसी कारण कई लोग फ़ारसी को इसकी मूल भाषा समझ लेते हैं। संस्कृत इसकी भाषा नहीं थी। उर्दू का साहित्यिक रूप बाबर के समय तक विकसित नहीं हुआ था।
प्रश्न 5: मुगलकाल में भारत से मक्का जाने वाले हज यात्री अधिकतर किस बंदरगाह से जहाज़ पकड़ते थे, जिसके कारण उसे 'बाब-उल-मक्का' (मक्का का द्वार) कहा जाता था?
-
A.
मसूलीपट्टनम
-
B.
कालीकट (कोझिकोड)
-
C.
सूरत
✓
-
D.
कलकत्ता
सही उत्तर:
C
— सूरत
व्याख्या (Explanation):गुजरात का सूरत बंदरगाह पश्चिम एशिया से व्यापार और हज यात्रा का मुख्य केंद्र था। यहाँ सूती वस्त्र, रेशम और ज़री का बड़ा कारोबार होता था और यहीं से जहाज़ लाल सागर की ओर जाते थे। मसूलीपट्टनम पूर्वी (कोरोमंडल) तट का बंदरगाह था, जो गोलकुंडा के वस्त्रों के निर्यात के लिए प्रसिद्ध था। कालीकट मालाबार तट पर मसाला-व्यापार का केंद्र था, जहाँ 1498 में वास्को-डा-गामा पहुँचा। कलकत्ता का विकास 1690 के बाद अंग्रेज़ी कंपनी के समय हुआ, इसलिए यह नाम उसके लिए प्रचलित नहीं था।
प्रश्न 6: सिख धर्म के प्रथम गुरु कौन थे, जिन्होंने 'इक ओंकार' (ईश्वर एक है) का संदेश दिया?
-
A.
गुरु अंगद देव
-
B.
गुरु नानक देव
✓
-
C.
गुरु अर्जन देव
-
D.
गुरु गोविंद सिंह
सही उत्तर:
B
— गुरु नानक देव
व्याख्या (Explanation):गुरु नानक देव (जन्म 1469, तलवंडी, वर्तमान ननकाना साहिब) सिख धर्म के प्रथम गुरु थे। उन्होंने एक ईश्वर, समानता, ईमानदारी से कमाने और बाँटकर खाने का उपदेश दिया तथा कर्तारपुर में सामूहिक लंगर की परंपरा शुरू की। गुरु अंगद देव दूसरे गुरु थे, जिन्होंने गुरुमुखी लिपि को आगे बढ़ाया। गुरु अर्जन देव पाँचवें गुरु थे, जिन्होंने आदि ग्रंथ का संकलन कराया। गुरु गोविंद सिंह दसवें गुरु थे, जिन्होंने 1699 में खालसा पंथ की स्थापना की।
प्रश्न 7: 1799 में अंग्रेज़ों से लड़ते हुए वीरगति पाने वाले टीपू सुल्तान की राजधानी कौन-सी थी?
-
A.
श्रीरंगपट्टनम
✓
-
B.
पुणे
-
C.
हैदराबाद
-
D.
लखनऊ
सही उत्तर:
A
— श्रीरंगपट्टनम
व्याख्या (Explanation):टीपू सुल्तान मैसूर राज्य के शासक थे और उनकी राजधानी श्रीरंगपट्टनम थी, जहाँ चौथे आंग्ल-मैसूर युद्ध (1799) में अंग्रेज़ों से लड़ते हुए वे मारे गए। वे युद्ध में रॉकेटों के प्रयोग के लिए भी जाने जाते हैं। पुणे मराठा पेशवाओं की राजधानी थी। हैदराबाद निज़ाम का केंद्र था, जिसने अंग्रेज़ों से सहायक संधि कर ली थी। लखनऊ अवध के नवाबों की राजधानी बना।
प्रश्न 8: निम्नलिखित में से किस गवर्नर-जनरल ने “सहायक संधि” की नीति को व्यापक रूप से लागू किया?
-
A.
लॉर्ड विलियम बेंटिंक
-
B.
लॉर्ड डलहौजी
-
C.
वॉरेन हेस्टिंग्स
-
D.
लॉर्ड वेलेजली
✓
सही उत्तर:
D
— लॉर्ड वेलेजली
व्याख्या (Explanation):सहायक संधि की नीति को लॉर्ड वेलेजली ने आक्रामक रूप से लागू किया। इसके अंतर्गत भारतीय राज्यों को अंग्रेजी सेना अपने राज्य में रखनी पड़ती थी और उसके खर्च का भुगतान करना होता था। इससे भारतीय राज्यों की स्वतंत्र विदेश नीति समाप्त हो जाती थी। हैदराबाद पहला प्रमुख राज्य था जिसने इसे स्वीकार किया।
प्रश्न 9: डलहौज़ी के 'व्यपगत सिद्धांत' (हड़प नीति) के अंतर्गत 1848 में सबसे पहले किस रियासत को अंग्रेज़ी राज्य में मिलाया गया?
-
A.
सतारा
✓
-
B.
झाँसी
-
C.
नागपुर
-
D.
अवध
सही उत्तर:
A
— सतारा
व्याख्या (Explanation):व्यपगत सिद्धांत के अनुसार जिस रियासत के शासक का अपना उत्तराधिकारी न हो, उसका राज्य अंग्रेज़ों के अधीन हो जाता था और गोद लिए पुत्र को मान्यता नहीं मिलती थी। इस सिद्धांत से सबसे पहले 1848 में सतारा को मिलाया गया। झाँसी (1853) और नागपुर (1854) बाद में इसी नीति से मिलाए गए। अवध को 1856 में कुशासन का आरोप लगाकर मिलाया गया, व्यपगत सिद्धांत के आधार पर नहीं।
प्रश्न 10: रैयतवाड़ी व्यवस्था में भू-राजस्व (लगान) सीधे किससे वसूल किया जाता था?
-
A.
ज़मींदार से, जैसा स्थायी बंदोबस्त में होता था
-
B.
किसान (रैयत) से, जिसे भूमि का मालिक माना जाता था
✓
-
C.
महाजन से, जो किसानों को कर्ज़ देता था
-
D.
जागीरदार से, जो राजा का सामंत होता था
सही उत्तर:
B
— किसान (रैयत) से, जिसे भूमि का मालिक माना जाता था
व्याख्या (Explanation):रैयतवाड़ी व्यवस्था मुख्यतः मद्रास और बंबई प्रेसिडेंसी में लागू हुई। इसमें किसान को भूमि का मालिक माना गया और सरकार उससे सीधे लगान लेती थी; लगान की दर कुछ वर्षों बाद बदली जा सकती थी। बंगाल की स्थायी बंदोबस्त व्यवस्था में लगान ज़मींदारों के माध्यम से वसूला जाता था। महाजन कर्ज़ देते थे, वे सरकार की ओर से लगान वसूलने वाले नहीं थे। जागीरदार का इस व्यवस्था से सीधा संबंध नहीं था।
प्रश्न 11: 1857 के विद्रोह के दौरान झारखंड के पलामू क्षेत्र में अंग्रेज़ों के विरुद्ध संघर्ष का नेतृत्व किसने किया?
-
A.
नीलांबर और पीतांबर
✓
-
B.
सिदो और कान्हू
-
C.
बिरसा मुंडा
-
D.
जतरा भगत
सही उत्तर:
A
— नीलांबर और पीतांबर
व्याख्या (Explanation):नीलांबर और पीतांबर पलामू क्षेत्र के दो भाई थे, जिन्होंने 1857–58 में अंग्रेज़ों के विरुद्ध संघर्ष किया और अंततः 1859 में पकड़े जाकर उन्हें फाँसी दी गई। सिदो-कान्हू ने 1855–56 में संथाल परगना क्षेत्र में 'हूल' का नेतृत्व किया। बिरसा मुंडा का 'उलगुलान' 1895–1900 के बीच चला। जतरा भगत ने 1914 में टाना भगत आंदोलन शुरू किया।
प्रश्न 12: 1857 के विद्रोह में बिहार के जगदीशपुर (आरा) के किस वृद्ध ज़मींदार ने लगभग 80 वर्ष की आयु में विद्रोहियों का नेतृत्व किया?
-
A.
बाबू कुँवर सिंह
✓
-
B.
नाना साहब
-
C.
तात्या टोपे
-
D.
मंगल पांडे
सही उत्तर:
A
— बाबू कुँवर सिंह
व्याख्या (Explanation):बाबू कुँवर सिंह जगदीशपुर (भोजपुर, बिहार) के ज़मींदार थे। 1857 में उन्होंने बिहार और आसपास के क्षेत्रों में अंग्रेज़ों से कई लड़ाइयाँ लड़ीं और छापामार युद्ध-शैली अपनाई। अप्रैल 1858 में जगदीशपुर के पास अंग्रेज़ी सेना को हराने के कुछ ही दिन बाद उनकी मृत्यु हो गई। नाना साहब ने कानपुर (बिठूर) में विद्रोह का नेतृत्व किया। तात्या टोपे नाना साहब के सेनापति थे और मध्य भारत में लड़े। मंगल पांडे बैरकपुर के सैनिक थे, जिन्होंने मार्च 1857 में विद्रोह की शुरुआती चिंगारी भड़काई।
प्रश्न 13: 1854 के 'वुड के घोषणा-पत्र' (वुड्स डिस्पैच) की प्रमुख सिफ़ारिश क्या थी?
-
A.
सभी विद्यालयों में केवल संस्कृत को शिक्षा का माध्यम बनाना
-
B.
महिलाओं की शिक्षा पर रोक लगाना
-
C.
कलकत्ता, बंबई और मद्रास में विश्वविद्यालय स्थापित करना
✓
-
D.
शिक्षा से सरकार का नियंत्रण पूरी तरह हटा देना
सही उत्तर:
C
— कलकत्ता, बंबई और मद्रास में विश्वविद्यालय स्थापित करना
व्याख्या (Explanation):वुड के घोषणा-पत्र को 'भारतीय शिक्षा का मैग्ना कार्टा' कहा जाता है। इसमें कलकत्ता, बंबई और मद्रास में विश्वविद्यालय खोलने, हर ज़िले में स्कूल बनाने, शिक्षा विभाग गठित करने और सहायता-अनुदान (ग्रांट-इन-एड) की व्यवस्था की सिफ़ारिश थी; विश्वविद्यालय 1857 में खुले। उसमें स्त्री-शिक्षा और देशी भाषाओं के विकास का भी समर्थन था, इसलिए केवल संस्कृत माध्यम या महिला-शिक्षा पर रोक की बात गलत है। सरकार ने नियंत्रण हटाने की जगह निरीक्षण और शिक्षा विभाग की व्यवस्था की।
प्रश्न 14: ईश्वरचंद्र विद्यासागर के प्रयासों से 1856 में किस सामाजिक सुधार को कानूनी मान्यता मिली?
-
A.
बाल-विवाह पर पूर्ण प्रतिबंध
-
B.
सती प्रथा का निषेध
-
C.
विवाह की सहमति-आयु 12 वर्ष करना
-
D.
विधवा पुनर्विवाह
✓
सही उत्तर:
D
— विधवा पुनर्विवाह
व्याख्या (Explanation):विद्यासागर ने शास्त्रों के उदाहरण देकर विधवा-विवाह का समर्थन किया और उनके अभियान के फलस्वरूप 1856 का हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम बना। सती प्रथा पर रोक 1829 में बेंटिक के समय लगी, जिसमें राजा राममोहन राय की प्रमुख भूमिका थी। बाल-विवाह रोकने के लिए शारदा अधिनियम 1929 में बना, पर उसमें पूर्ण प्रतिबंध नहीं, बल्कि विवाह की न्यूनतम आयु तय की गई थी। सहमति-आयु अधिनियम 1891 में बना।
प्रश्न 15: 1905 में बंगाल का विभाजन किस वायसराय के कार्यकाल में हुआ, जिसके विरोध में स्वदेशी आंदोलन शुरू हुआ?
-
A.
लॉर्ड रिपन
-
B.
लॉर्ड डफ़रिन
-
C.
लॉर्ड मिंटो
-
D.
लॉर्ड कर्ज़न
✓
सही उत्तर:
D
— लॉर्ड कर्ज़न
व्याख्या (Explanation):बंगाल का विभाजन लॉर्ड कर्ज़न के समय 1905 में लागू हुआ। इसे 'बाँटो और राज करो' की नीति माना गया, और इसके विरोध में स्वदेशी तथा विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार का आंदोलन चला। लॉर्ड रिपन (1880–84) स्थानीय स्वशासन के लिए जाने जाते हैं। 1885 में कांग्रेस की स्थापना के समय वायसराय लॉर्ड डफ़रिन थे। लॉर्ड मिंटो (1905–10) के समय 1909 के मॉर्ले-मिंटो सुधार हुए।
प्रश्न 16: स्वतंत्रता के बाद देशी रियासतों को भारतीय संघ में मिलाने का कार्य मुख्य रूप से किसके नेतृत्व में हुआ?
-
A.
मौलाना अबुल कलाम आज़ाद
-
B.
सरदार वल्लभभाई पटेल
✓
-
C.
सी. राजगोपालाचारी
-
D.
डॉ. राजेंद्र प्रसाद
सही उत्तर:
B
— सरदार वल्लभभाई पटेल
व्याख्या (Explanation):सरदार पटेल स्वतंत्र भारत के पहले गृह मंत्री और उप-प्रधानमंत्री थे। वी.पी. मेनन की सहायता से उन्होंने समझाने-बुझाने और ज़रूरत पड़ने पर कार्रवाई (जैसे 1948 में हैदराबाद में 'ऑपरेशन पोलो') द्वारा सैकड़ों रियासतों को भारत में मिलाया; इसी कारण उन्हें 'लौह पुरुष' कहा जाता है। मौलाना आज़ाद पहले शिक्षा मंत्री थे। राजगोपालाचारी अंतिम गवर्नर-जनरल रहे। डॉ. राजेंद्र प्रसाद संविधान सभा के अध्यक्ष और बाद में पहले राष्ट्रपति बने।
प्रश्न 17: सौरमंडल का सबसे गर्म ग्रह कौन-सा है?
-
A.
बुध
-
B.
मंगल
-
C.
शुक्र
✓
-
D.
शनि
सही उत्तर:
C
— शुक्र
व्याख्या (Explanation):शुक्र सूर्य से दूसरा ग्रह है, पर इसका वायुमंडल बहुत घना है और कार्बन डाइऑक्साइड से भरा है। इससे ग्रीनहाउस प्रभाव बहुत अधिक होता है और सतह का तापमान लगभग 460–470 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच जाता है। बुध सूर्य के सबसे निकट है, पर उसका वायुमंडल बहुत पतला है, इसलिए वह गर्मी रोक नहीं पाता और उसकी रातें बहुत ठंडी होती हैं। मंगल सूर्य से दूर और ठंडा ग्रह है। शनि गैसीय विशाल ग्रह है, जिसकी पहचान उसके छल्लों से है और वह भी बहुत ठंडा है।
प्रश्न 18: वायुमंडल में सबसे अधिक मात्रा में कौन-सी गैस पाई जाती है?
-
A.
ऑक्सीजन
-
B.
कार्बन डाइऑक्साइड
-
C.
नाइट्रोजन
✓
-
D.
आर्गन
सही उत्तर:
C
— नाइट्रोजन
व्याख्या (Explanation):वायुमंडल में नाइट्रोजन लगभग 78 प्रतिशत है, ऑक्सीजन लगभग 21 प्रतिशत और शेष में आर्गन, कार्बन डाइऑक्साइड आदि गैसें हैं। ऑक्सीजन श्वसन के लिए आवश्यक है, पर मात्रा में दूसरे स्थान पर है। आर्गन 1 प्रतिशत से भी कम है। कार्बन डाइऑक्साइड बहुत कम (लगभग 0.04 प्रतिशत) है, पर ग्रीनहाउस प्रभाव में उसकी भूमिका महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 19: गल्फ स्ट्रीम किस प्रकार की महासागरीय धारा है?
-
A.
अटलांटिक महासागर की ठंडी धारा
-
B.
प्रशांत महासागर की गर्म धारा
-
C.
प्रशांत महासागर की ठंडी धारा
-
D.
अटलांटिक महासागर की गर्म धारा
✓
सही उत्तर:
D
— अटलांटिक महासागर की गर्म धारा
व्याख्या (Explanation):गल्फ स्ट्रीम अटलांटिक महासागर की गर्म जलधारा है, जो मैक्सिको की खाड़ी और फ्लोरिडा के पास से उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ती है। यह पश्चिमी यूरोप के तटों की सर्दी को अपेक्षाकृत हल्का रखती है। लैब्राडोर धारा अटलांटिक की ठंडी धारा है। कुरोशिवो जापान के पास की प्रशांत महासागर की गर्म धारा है। पेरू (हम्बोल्ट) धारा प्रशांत की ठंडी धारा है।
प्रश्न 20: पृथ्वी पर दिन और रात होने का मुख्य कारण क्या है?
-
A.
पृथ्वी का सूर्य के चारों ओर परिक्रमण
-
B.
पृथ्वी की धुरी का झुका होना
-
C.
चंद्रमा का पृथ्वी के चारों ओर घूमना
-
D.
पृथ्वी का अपनी धुरी पर घूर्णन
✓
सही उत्तर:
D
— पृथ्वी का अपनी धुरी पर घूर्णन
व्याख्या (Explanation):पृथ्वी अपनी धुरी पर पश्चिम से पूर्व की ओर लगभग 24 घंटे में एक चक्कर पूरा करती है। इस घूर्णन के कारण पृथ्वी का जो भाग सूर्य के सामने आता है वहाँ दिन और विपरीत भाग में रात होती है। परिक्रमण (लगभग 365 दिन में सूर्य की परिक्रमा) से वर्ष बनता है और धुरी के झुकाव के साथ मिलकर ऋतुएँ बदलती हैं। अकेले झुकाव से दिन-रात का क्रम नहीं बनता। चंद्रमा की गति से ज्वार-भाटा और चंद्र-कलाएँ प्रभावित होती हैं।
प्रश्न 21: मोहो असांतत्य (मोहोरोविचिच असांतत्य) पृथ्वी की किन दो परतों के बीच की सीमा है?
-
A.
मैंटल और बाह्य क्रोड
-
B.
बाह्य क्रोड और आंतरिक क्रोड
-
C.
भू-पर्पटी और मैंटल
✓
-
D.
वायुमंडल और स्थलमंडल
सही उत्तर:
C
— भू-पर्पटी और मैंटल
व्याख्या (Explanation):मोहो असांतत्य भू-पर्पटी और मैंटल की सीमा है। इसकी खोज 1909 में एंड्रिया मोहोरोविचिच ने भूकंपीय तरंगों की गति में अचानक बदलाव देखकर की थी। मैंटल और बाह्य क्रोड के बीच की सीमा गुटेनबर्ग असांतत्य कहलाती है। बाह्य और आंतरिक क्रोड के बीच की सीमा लेहमैन असांतत्य है। वायुमंडल और स्थलमंडल पृथ्वी के बाहरी आवरण हैं और उनकी सीमा को मोहो असांतत्य नहीं कहा जाता।
प्रश्न 22: मौसम (Weather) और जलवायु (Climate) में मुख्य अंतर क्या है?
-
A.
मौसम किसी स्थान की अल्पकालिक वायुमंडलीय दशा है, जबकि जलवायु लंबे समय (लगभग 30 वर्ष या अधिक) के मौसम का औसत है
✓
-
B.
मौसम और जलवायु में कोई अंतर नहीं है
-
C.
जलवायु प्रतिदिन बदलती है, जबकि मौसम कई वर्षों तक एक-सा रहता है
-
D.
मौसम केवल वर्षा को कहते हैं और जलवायु केवल तापमान को
सही उत्तर:
A
— मौसम किसी स्थान की अल्पकालिक वायुमंडलीय दशा है, जबकि जलवायु लंबे समय (लगभग 30 वर्ष या अधिक) के मौसम का औसत है
व्याख्या (Explanation):मौसम किसी स्थान पर किसी समय की तापमान, वर्षा, पवन और आर्द्रता जैसी वायुमंडलीय दशा है, जो घंटों या दिनों में बदल जाती है। जलवायु उन्हीं तत्वों का लंबे समय (सामान्यतः 30 वर्ष या अधिक) का औसत है, इसलिए वह धीरे-धीरे बदलती है। दोनों को एक मानना गलत है। यह कहना भी गलत है कि जलवायु रोज़ बदलती है, क्योंकि रोज़ बदलने वाली स्थिति मौसम है। मौसम और जलवायु में तापमान, वर्षा, पवन आदि सभी तत्व शामिल होते हैं, इन्हें केवल एक-एक तत्व तक सीमित नहीं किया जा सकता।
प्रश्न 23: उत्तरी कनाडा, ग्रीनलैंड और अलास्का जैसे आर्कटिक क्षेत्रों में रहने वाले इनुइट लोग शिकार के समय बर्फ़ से जो अस्थायी गुंबदनुमा घर बनाते हैं, उसे क्या कहते हैं?
-
A.
इग्लू
✓
-
B.
यर्ट
-
C.
वीगवाम
-
D.
शैले
सही उत्तर:
A
— इग्लू
व्याख्या (Explanation):इनुइट लोग ध्रुवीय क्षेत्र में शिकार (सील, मछली आदि) पर निर्भर रहते हैं। शिकार के दौरान वे बर्फ़ की ईंटों से गुंबदनुमा अस्थायी घर 'इग्लू' बनाते हैं, जो अंदर से अपेक्षाकृत गर्म रहता है। यर्ट मध्य एशिया के घास के मैदानों में घुमंतू पशुपालकों का तंबूनुमा घर है। वीगवाम उत्तर अमेरिका की कुछ मूल जनजातियों के घर का प्रकार है। शैले आल्प्स के पर्वतीय क्षेत्र में पाया जाने वाला ढलवाँ छत का लकड़ी का मकान है।
प्रश्न 24: झारखंड का कोडरमा क्षेत्र किस खनिज के लिए विश्व-प्रसिद्ध रहा है?
-
A.
बॉक्साइट
-
B.
तांबा
-
C.
अभ्रक (माइका)
✓
-
D.
चूना पत्थर
सही उत्तर:
C
— अभ्रक (माइका)
व्याख्या (Explanation):कोडरमा, गिरिडीह और हज़ारीबाग का क्षेत्र 'अभ्रक पट्टी' के रूप में जाना जाता है और कोडरमा अभ्रक के लिए विश्व-प्रसिद्ध रहा है। अभ्रक बिजली के उपकरणों में कुचालक (इन्सुलेटर) के रूप में काम आता है। बॉक्साइट मुख्यतः गुमला-लोहरदगा क्षेत्र में मिलता है। तांबा सिंहभूम (घाटशिला-मोसाबनी) क्षेत्र का प्रमुख खनिज है। चूना पत्थर सिंहभूम और पलामू के कुछ भागों में मिलता है और सीमेंट उद्योग में काम आता है।
प्रश्न 25: झूम (स्थानांतरी) कृषि में किसान क्या करते हैं?
-
A.
वन या झाड़ियाँ जलाकर भूमि साफ़ करते हैं, कुछ वर्ष खेती करते हैं और फिर स्थान बदल देते हैं
✓
-
B.
एक ही सिंचित खेत में साल भर कई फसलें उगाते हैं
-
C.
पहाड़ी ढालों पर सीढ़ीनुमा खेत बनाकर स्थायी खेती करते हैं
-
D.
बड़े पैमाने पर मशीनों से केवल बिक्री के लिए एक ही फसल उगाते हैं
सही उत्तर:
A
— वन या झाड़ियाँ जलाकर भूमि साफ़ करते हैं, कुछ वर्ष खेती करते हैं और फिर स्थान बदल देते हैं
व्याख्या (Explanation):झूम खेती में जंगल की वनस्पति काटकर या जलाकर ज़मीन साफ़ की जाती है, राख से मिट्टी को कुछ उर्वरता मिलती है और कुछ वर्ष खेती के बाद उर्वरता घटने पर किसान नई जगह चले जाते हैं। यह पूर्वोत्तर भारत में 'झूम' और अन्य क्षेत्रों में अलग-अलग नामों से जानी जाती है। साल भर कई फसलें उगाना गहन कृषि की विशेषता है। सीढ़ीनुमा खेती पहाड़ी ढालों पर स्थायी रूप से की जाती है। बड़े पैमाने पर मशीनों से एक ही फसल उगाना व्यापारिक (बागान) खेती की पहचान है।
प्रश्न 26: धनबाद जिले का सिंदरी किस उद्योग के लिए प्रसिद्ध है?
-
A.
भारी इंजीनियरिंग उपकरण
-
B.
रेल इंजन निर्माण
-
C.
लोहा-इस्पात
-
D.
उर्वरक (रासायनिक खाद)
✓
सही उत्तर:
D
— उर्वरक (रासायनिक खाद)
व्याख्या (Explanation):सिंदरी का उर्वरक कारखाना स्वतंत्रता के बाद 1951 में आरंभ हुआ और खेती में काम आने वाली खाद बनाने के लिए प्रसिद्ध है। भारी इंजीनियरिंग उपकरणों का प्रसिद्ध कारखाना रांची का एचईसी (हेवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन) है। रेल इंजन बनाने का प्रसिद्ध कारखाना चित्तरंजन (पश्चिम बंगाल) में है। लोहा-इस्पात के प्रमुख केंद्र झारखंड में बोकारो और जमशेदपुर हैं।
प्रश्न 27: क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का विश्व में कौन-सा स्थान है?
-
A.
तीसरा
-
B.
सातवाँ
✓
-
C.
पाँचवाँ
-
D.
दसवाँ
सही उत्तर:
B
— सातवाँ
व्याख्या (Explanation):भारत का क्षेत्रफल लगभग 32.87 लाख वर्ग किलोमीटर है और वह रूस, कनाडा, चीन, संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्राज़ील तथा ऑस्ट्रेलिया के बाद विश्व का सातवाँ सबसे बड़ा देश है। तीसरा स्थान चीन या अमेरिका जैसे बड़े देशों के आसपास आता है, भारत का नहीं। पाँचवाँ स्थान ब्राज़ील का है। दसवाँ स्थान क्षेत्रफल में भारत से छोटे देश का होगा।
प्रश्न 28: भारत में 'अनेकता में एकता' का क्या आशय है?
-
A.
सभी नागरिकों का एक ही भाषा और धर्म अपनाना
-
B.
विभिन्न राज्यों का अलग-अलग देश बन जाना
-
C.
भाषा, धर्म और संस्कृति की भिन्नता के बावजूद देश के लोगों में एकता की भावना
✓
-
D.
केवल बहुसंख्यक समुदाय की संस्कृति को मान्यता देना
सही उत्तर:
C
— भाषा, धर्म और संस्कृति की भिन्नता के बावजूद देश के लोगों में एकता की भावना
व्याख्या (Explanation):भारत में अनेक भाषाएँ, धर्म, पहनावे, त्योहार और खान-पान हैं, फिर भी लोग एक राष्ट्र के नागरिक के रूप में जुड़े हैं। 'अनेकता में एकता' का यही अर्थ है। सभी से एक ही भाषा या धर्म अपनाने की अपेक्षा करना विविधता का सम्मान नहीं है। राज्यों का अलग देश बन जाना राष्ट्रीय एकता के विपरीत है। केवल बहुसंख्यक की संस्कृति को मान्यता देना संविधान के समानता और पंथनिरपेक्षता के मूल्यों के विरुद्ध है।
प्रश्न 29: भारत की संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष कौन थे?
-
A.
डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा
-
B.
डॉ. राजेंद्र प्रसाद
✓
-
C.
जवाहरलाल नेहरू
-
D.
बी.एन. राव
सही उत्तर:
B
— डॉ. राजेंद्र प्रसाद
व्याख्या (Explanation):संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई, जिसके अस्थायी अध्यक्ष डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा थे। 11 दिसंबर 1946 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्थायी अध्यक्ष चुने गए, जो बाद में भारत के पहले राष्ट्रपति बने। जवाहरलाल नेहरू ने 'उद्देश्य प्रस्ताव' प्रस्तुत किया, पर वे अध्यक्ष नहीं थे। बी.एन. राव संविधान सभा के संवैधानिक सलाहकार थे।
प्रश्न 30: 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कारखानों एवं खानों में नियोजित करने पर प्रतिबंध किस अनुच्छेद में है?
-
A.
अनुच्छेद 24
✓
-
B.
अनुच्छेद 23
-
C.
अनुच्छेद 21A
-
D.
अनुच्छेद 39
सही उत्तर:
A
— अनुच्छेद 24
व्याख्या (Explanation):अनुच्छेद 24 के अनुसार 14 वर्ष से कम आयु के किसी भी बालक को कारखानों, खानों अथवा अन्य जोखिमपूर्ण कार्यों में नियोजित नहीं किया जा सकता। यह प्रावधान बाल श्रम के उन्मूलन और बाल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण संवैधानिक सुरक्षा प्रदान करता है। अनुच्छेद 21A शिक्षा के अधिकार से संबंधित है जबकि अनुच्छेद 39 नीति निर्देशक तत्वों का भाग है।
प्रश्न 31: नगर निगम का निर्वाचित प्रमुख कौन होता है?
-
A.
नगर परिषद का अध्यक्ष
-
B.
महापौर (मेयर)
✓
-
C.
मुखिया
-
D.
उपायुक्त (डिप्टी कमिश्नर)
सही उत्तर:
B
— महापौर (मेयर)
व्याख्या (Explanation):नगर निगम बड़े शहरों की स्थानीय सरकार है और उसका निर्वाचित प्रमुख महापौर (मेयर) कहलाता है। छोटे शहरों की नगर परिषद के निर्वाचित प्रमुख को अध्यक्ष कहा जाता है। मुखिया झारखंड में ग्राम पंचायत का निर्वाचित प्रमुख होता है। उपायुक्त ज़िले में राज्य सरकार का प्रशासनिक अधिकारी है, निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं।
प्रश्न 32: भारत में मतदान करने के लिए नागरिक की न्यूनतम आयु कितनी है?
-
A.
21 वर्ष
-
B.
25 वर्ष
-
C.
30 वर्ष
-
D.
18 वर्ष
✓
सही उत्तर:
D
— 18 वर्ष
व्याख्या (Explanation):61वें संविधान संशोधन (1988) द्वारा मताधिकार की आयु 21 से घटाकर 18 वर्ष की गई, जो 1989 से लागू हुई। 21 वर्ष पहले की सीमा थी। 25 वर्ष लोकसभा और विधानसभा का सदस्य बनने की न्यूनतम आयु है, मतदान की नहीं। 30 वर्ष राज्यसभा का सदस्य बनने की न्यूनतम आयु है।
प्रश्न 33: लोकसभा के अध्यक्ष (स्पीकर) का चुनाव कौन करता है?
-
A.
राष्ट्रपति
-
B.
लोकसभा के निर्वाचित सदस्य
✓
-
C.
प्रधानमंत्री
-
D.
देश की जनता प्रत्यक्ष मतदान द्वारा
सही उत्तर:
B
— लोकसभा के निर्वाचित सदस्य
व्याख्या (Explanation):आम चुनाव के बाद लोकसभा के सदस्य अपने बीच से अध्यक्ष (स्पीकर) का चुनाव करते हैं। अध्यक्ष सदन की कार्यवाही चलाता है और व्यवस्था बनाए रखता है। राष्ट्रपति संसद के अंग हैं, पर वे अध्यक्ष का चुनाव नहीं करते। प्रधानमंत्री सरकार के प्रमुख हैं, सदन के अध्यक्ष का चुनाव नहीं करते। जनता सांसदों को चुनती है, अध्यक्ष को सीधे नहीं। राज्यसभा के सभापति देश के उपराष्ट्रपति होते हैं।
प्रश्न 34: निम्नलिखित में से कौन-सा असंगठित क्षेत्रक के रोज़गार का उदाहरण है?
-
A.
सरकारी विद्यालय का स्थायी शिक्षक
-
B.
निर्माण-स्थल पर दिहाड़ी पर काम करने वाला मज़दूर
✓
-
C.
बैंक का नियमित कर्मचारी
-
D.
रेलवे का स्थायी कर्मचारी
सही उत्तर:
B
— निर्माण-स्थल पर दिहाड़ी पर काम करने वाला मज़दूर
व्याख्या (Explanation):असंगठित क्षेत्रक में रोज़गार की शर्तें तय नहीं होतीं; आय अनियमित होती है, पेंशन या छुट्टी जैसी सुविधाएँ प्रायः नहीं मिलतीं और नौकरी की सुरक्षा कम होती है। दिहाड़ी मज़दूर इसका सामान्य उदाहरण है। सरकारी शिक्षक, बैंक कर्मचारी और रेलवे कर्मचारी नियमित वेतन, भत्तों और सेवा-शर्तों वाले संगठित क्षेत्रक में आते हैं।
प्रश्न 35: थोक व्यापारी की भूमिका क्या होती है?
-
A.
सीधे उपभोक्ता को एक-एक वस्तु बेचना
-
B.
केवल वस्तुओं का निर्माण करना
-
C.
उत्पादक या निर्माता से बड़ी मात्रा में माल खरीदकर खुदरा व्यापारियों को बेचना
✓
-
D.
केवल माल ढोने का कार्य करना
सही उत्तर:
C
— उत्पादक या निर्माता से बड़ी मात्रा में माल खरीदकर खुदरा व्यापारियों को बेचना
व्याख्या (Explanation):थोक व्यापारी निर्माता और खुदरा व्यापारी के बीच की कड़ी होता है। वह बड़ी मात्रा में माल खरीदता है, भंडारण करता है और छोटी मात्रा में बेचने वाले खुदरा व्यापारियों तक पहुँचाता है। उपभोक्ता को एक-एक वस्तु बेचना खुदरा व्यापारी का कार्य है। वस्तुओं का निर्माण उत्पादक या कारखाना करता है। माल ढोना परिवहन सेवा का कार्य है, थोक व्यापार इतना ही नहीं है।
प्रश्न 36: विधिग्राह्य मुद्रा (Legal Tender) का क्या अर्थ है?
-
A.
ऐसी मुद्रा जिसे कानून के अनुसार भुगतान में स्वीकार करना अनिवार्य होता है
✓
-
B.
ऐसी मुद्रा जो केवल बैंक में जमा की जा सके
-
C.
ऐसा चेक जिसे केवल खाताधारक भुना सके
-
D.
ऐसी विदेशी मुद्रा जो केवल सरकार रख सकती हो
सही उत्तर:
A
— ऐसी मुद्रा जिसे कानून के अनुसार भुगतान में स्वीकार करना अनिवार्य होता है
व्याख्या (Explanation):विधिग्राह्य मुद्रा वह है जिसे लेने से कानूनन मना नहीं किया जा सकता। भारत में रिज़र्व बैंक द्वारा जारी रुपये के नोट और सरकार द्वारा जारी सिक्के (एक रुपये का नोट वित्त मंत्रालय जारी करता है) विधिग्राह्य हैं। जो मुद्रा केवल बैंक में जमा हो सके, वह इसकी परिभाषा नहीं है। चेक भुगतान का साधन है, पर उसे लेने से इनकार किया जा सकता है, इसलिए वह विधिग्राह्य मुद्रा नहीं है। विदेशी मुद्रा रखने का नियम इस अवधारणा से अलग है।
प्रश्न 37: लिंगानुपात (Sex Ratio) क्या दर्शाता है?
-
A.
प्रति 1000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या
✓
-
B.
प्रति 1000 महिलाओं पर बच्चों की संख्या
-
C.
प्रति वर्ग किलोमीटर में रहने वाले लोगों की संख्या
-
D.
प्रति 1000 जनसंख्या पर जन्मों की संख्या
सही उत्तर:
A
— प्रति 1000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या
व्याख्या (Explanation):लिंगानुपात प्रति 1000 पुरुषों पर महिलाओं की संख्या है। 2011 की जनगणना में भारत का लिंगानुपात 943 था। प्रति वर्ग किलोमीटर में रहने वाले लोगों की संख्या जनसंख्या घनत्व कहलाती है। प्रति 1000 जनसंख्या पर जन्मों की संख्या जन्म दर है। महिलाओं पर बच्चों की संख्या का अनुपात लिंगानुपात नहीं है।
प्रश्न 38: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) कब पारित हुआ?
-
A.
2005
-
B.
2009
-
C.
2019
-
D.
2013
✓
सही उत्तर:
D
— 2013
व्याख्या (Explanation):राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 में पारित हुआ। इसके अंतर्गत पात्र परिवारों को रियायती दर पर अनाज पाने का कानूनी अधिकार मिला, जिसका वितरण सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से होता है। 2005 में सूचना का अधिकार अधिनियम और मनरेगा कानून बने। 2009 में शिक्षा का अधिकार अधिनियम पारित हुआ। 2019 में नया उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम बना।
प्रश्न 39: एगमार्क चिह्न किस प्रकार की वस्तुओं की गुणवत्ता का प्रमाण है?
-
A.
कृषि और खाद्य उत्पाद
✓
-
B.
विद्युत उपकरण
-
C.
सोने-चाँदी के आभूषण
-
D.
बैंकों की जमा-योजनाएँ
सही उत्तर:
A
— कृषि और खाद्य उत्पाद
व्याख्या (Explanation):एगमार्क भारत सरकार का प्रमाणन चिह्न है, जो अनाज, दालें, मसाले, खाद्य तेल, शहद और घी जैसे कृषि उत्पादों की गुणवत्ता और ग्रेड बताता है। विद्युत और अन्य औद्योगिक उत्पादों के लिए आई.एस.आई. (बीआईएस) चिह्न होता है। सोने-चाँदी के आभूषणों की शुद्धता के लिए हॉलमार्क होता है। बैंकों की जमा-योजनाओं के लिए कोई गुणवत्ता-चिह्न नहीं होता; बैंक रिज़र्व बैंक के नियमों के अधीन काम करते हैं।
प्रश्न 40: प्रधानमंत्री जन धन योजना (2014) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
-
A.
गरीब परिवारों को मुफ़्त मकान देना
-
B.
प्रत्येक परिवार को बैंक खाते जैसी बुनियादी वित्तीय सेवाओं से जोड़ना (वित्तीय समावेशन)
✓
-
C.
गरीब परिवारों को मुफ़्त रसोई गैस कनेक्शन देना
-
D.
किसानों को सीधे सालाना सम्मान राशि देना
सही उत्तर:
B
— प्रत्येक परिवार को बैंक खाते जैसी बुनियादी वित्तीय सेवाओं से जोड़ना (वित्तीय समावेशन)
व्याख्या (Explanation):प्रधानमंत्री जन धन योजना 2014 में शुरू हुई। इसका लक्ष्य हर परिवार को बैंक खाता, रुपे डेबिट कार्ड और बीमा जैसी बुनियादी वित्तीय सेवाओं से जोड़ना है, जिसे वित्तीय समावेशन कहते हैं। मुफ़्त या सस्ते मकान से प्रधानमंत्री आवास योजना जुड़ी है। रसोई गैस कनेक्शन उज्ज्वला योजना के अंतर्गत दिए जाते हैं। किसानों को सीधी आर्थिक सहायता पीएम-किसान योजना में दी जाती है।
प्रश्न 41: प्राकृतिक विज्ञान की तुलना में सामाजिक विज्ञान की एक प्रमुख विशेषता क्या है?
-
A.
इसमें मानव व्यवहार और सामाजिक मूल्यों का अध्ययन होता है, इसलिए निष्कर्ष परिस्थिति और संदर्भ के अनुसार बदल सकते हैं
✓
-
B.
इसके प्रत्येक निष्कर्ष हर समय और हर स्थान पर समान रूप से सही सिद्ध होते हैं
-
C.
इसमें अवलोकन और तर्क की कोई भूमिका नहीं होती
-
D.
इसे केवल पुस्तकों से सीखा जा सकता है, समाज के अवलोकन से नहीं
सही उत्तर:
A
— इसमें मानव व्यवहार और सामाजिक मूल्यों का अध्ययन होता है, इसलिए निष्कर्ष परिस्थिति और संदर्भ के अनुसार बदल सकते हैं
व्याख्या (Explanation):सामाजिक विज्ञान मनुष्य, उसके व्यवहार, संबंधों और मूल्यों का अध्ययन करता है। मनुष्य और समाज बदलते रहते हैं, इसलिए यहाँ अनेक निष्कर्ष स्थान, समय और परिस्थिति के अनुसार बदल सकते हैं। यह कहना गलत है कि इसके निष्कर्ष सदा सर्वत्र एक-से रहते हैं। इसमें भी अवलोकन, आँकड़े, स्रोत-विश्लेषण और तर्क की बड़ी भूमिका होती है। इसे समाज के अवलोकन, सर्वेक्षण और अनुभवों से भी सीखा जाता है, केवल पुस्तकों से नहीं।
प्रश्न 42: 'लोकतंत्र' जैसी अमूर्त अवधारणा को कक्षा 7 के विद्यार्थियों को समझाने का सर्वाधिक प्रभावी तरीका कौन-सा है?
-
A.
परिभाषा लिखवाकर याद कराना
-
B.
केवल पाठ्यपुस्तक का अनुच्छेद पढ़कर सुनाना
-
C.
कक्षा-प्रतिनिधि का चुनाव कराना और उस अनुभव पर चर्चा करना
✓
-
D.
अवधारणा के दस प्रश्न-उत्तर रटवाना
सही उत्तर:
C
— कक्षा-प्रतिनिधि का चुनाव कराना और उस अनुभव पर चर्चा करना
व्याख्या (Explanation):अमूर्त अवधारणाएँ तब बेहतर समझ आती हैं जब उन्हें बच्चों के अपने अनुभवों से जोड़ा जाए। कक्षा-प्रतिनिधि के चुनाव में बच्चे मतदान, बहुमत, अपनी बात रखने और परिणाम स्वीकार करने की प्रक्रिया स्वयं जीते हैं, फिर चर्चा से अवधारणा स्पष्ट होती है। परिभाषा लिखवाने, अनुच्छेद पढ़कर सुनाने या प्रश्न-उत्तर रटवाने से शब्द याद हो जाते हैं, पर समझ और अनुभव विकसित नहीं होते।
प्रश्न 43: कक्षा में चर्चा (वाद-विवाद) विधि का सर्वाधिक महत्वपूर्ण लाभ क्या है?
-
A.
पाठ्यक्रम का बहुत जल्दी पूरा हो जाना
-
B.
शिक्षक को बिल्कुल तैयारी की आवश्यकता न होना
-
C.
विद्यार्थियों में तर्क-शक्ति, अभिव्यक्ति और दूसरों के विचार सुनने की क्षमता का विकास
✓
-
D.
सभी विद्यार्थियों द्वारा एक ही मत अपना लेना
सही उत्तर:
C
— विद्यार्थियों में तर्क-शक्ति, अभिव्यक्ति और दूसरों के विचार सुनने की क्षमता का विकास
व्याख्या (Explanation):चर्चा विधि में विद्यार्थी किसी विषय पर अपने विचार रखते हैं, दूसरों के तर्क सुनते हैं और अपनी राय को प्रमाण देकर पुष्ट करना सीखते हैं। इससे तर्क-शक्ति, अभिव्यक्ति, सहनशीलता और लोकतांत्रिक व्यवहार विकसित होते हैं। इस विधि में समय अपेक्षाकृत अधिक लगता है, इसलिए पाठ्यक्रम जल्दी पूरा करना इसका लाभ नहीं है। शिक्षक को प्रश्न और दिशा तय करने के लिए अच्छी तैयारी करनी पड़ती है। इसका उद्देश्य सबका एक मत बनाना नहीं, बल्कि अलग-अलग मतों का सम्मान करते हुए समझ बनाना है।
प्रश्न 44: अक्षांश-देशांतर और पृथ्वी की गतियाँ (दिन-रात) समझाने के लिए कौन-सा शिक्षण-साधन सर्वाधिक उपयुक्त है?
-
A.
अखबार की कतरन
-
B.
पाठों की समय-सारणी
-
C.
केवल श्यामपट्ट पर लिखे नोट्स
-
D.
ग्लोब
✓
सही उत्तर:
D
— ग्लोब
व्याख्या (Explanation):ग्लोब पृथ्वी का त्रिविमीय (तीन आयामों वाला) मॉडल है। उसमें अक्षांश-देशांतर रेखाएँ, धुरी का झुकाव और घूर्णन दिखाए जा सकते हैं; टॉर्च की रोशनी से दिन-रात का बनना भी प्रदर्शित किया जा सकता है। अखबार की कतरन समसामयिक घटनाओं के लिए उपयोगी है, पर इन अवधारणाओं के लिए नहीं। समय-सारणी पाठों की व्यवस्था बताती है। केवल श्यामपट्ट के नोट्स अमूर्त जानकारी देते हैं, पृथ्वी की गोलाकार संरचना और गतियों का अनुभव नहीं कराते।
प्रश्न 45: सामाजिक विज्ञान के प्रोजेक्ट कार्य में शिक्षक की सबसे उपयुक्त भूमिका क्या है?
-
A.
सारा प्रोजेक्ट स्वयं बनाकर देने वाले की
-
B.
केवल अंत में अंक देने वाले की, बीच में कोई सहयोग दिए बिना
-
C.
विद्यार्थियों को विषय चुनने से रोकने वाले की
-
D.
मार्गदर्शक और सहायक (सुविधादाता) की
✓
सही उत्तर:
D
— मार्गदर्शक और सहायक (सुविधादाता) की
व्याख्या (Explanation):प्रोजेक्ट कार्य का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वयं खोजबीन, योजना बनाने, आँकड़े जुटाने और निष्कर्ष निकालने का अवसर देना है। इसमें शिक्षक विषय चुनने, स्रोत खोजने और कठिनाइयों में दिशा देने वाले मार्गदर्शक और सुविधादाता की भूमिका निभाता है। प्रोजेक्ट स्वयं बनाकर देने से विद्यार्थी का सीखना रुक जाता है। केवल अंत में अंक देने और बीच में सहयोग न देने से भी सीखने की प्रक्रिया कमज़ोर होती है। विषय चुनने से रोकना रुचि और स्वायत्तता को घटाता है।
प्रश्न 46: यदि विद्यालय में मानचित्र, चार्ट और मॉडल जैसे शिक्षण-संसाधन कम हों, तो सामाजिक विज्ञान शिक्षक का सर्वाधिक उपयुक्त कदम क्या होगा?
-
A.
उस पाठ को पढ़ाना ही बंद कर देना
-
B.
विद्यार्थियों के साथ स्थानीय और कम लागत की सामग्री से सहायक सामग्री स्वयं तैयार करना
✓
-
C.
संसाधन न होने का कारण बताकर केवल रटवाना
-
D.
विद्यार्थियों से कहना कि इस विषय में सामग्री की ज़रूरत ही नहीं होती
सही उत्तर:
B
— विद्यार्थियों के साथ स्थानीय और कम लागत की सामग्री से सहायक सामग्री स्वयं तैयार करना
व्याख्या (Explanation):संसाधनों की कमी सामाजिक विज्ञान शिक्षण की एक व्यावहारिक समस्या है, पर शिक्षक रचनात्मक होकर इसे सुलझा सकता है। जैसे पुराने कैलेंडर, कतरनों और रंगों से चार्ट बनाना, मैदान में चूने से भारत का मानचित्र बनाना या मिट्टी से भू-आकृतियों के मॉडल बनवाना। इससे बच्चों की भागीदारी भी बढ़ती है। पाठ पढ़ाना बंद करना शिक्षक का दायित्व छोड़ना है। केवल रटवाना समझ विकसित नहीं करता। यह कहना भी गलत है कि इस विषय में सामग्री की ज़रूरत नहीं होती।
प्रश्न 47: योगात्मक (संकलनात्मक) मूल्यांकन सामान्यतः कब किया जाता है और उसका मुख्य उद्देश्य क्या होता है?
-
A.
पाठ शुरू करने से पहले, केवल पूर्व-ज्ञान जाँचने के लिए
-
B.
शिक्षण के दौरान प्रतिदिन, ताकि तुरंत प्रतिपुष्टि देकर सुधार कराया जा सके
-
C.
केवल कमज़ोर विद्यार्थियों को दंडित करने के लिए
-
D.
इकाई या सत्र के अंत में, सीखने की समग्र उपलब्धि का आकलन करने के लिए
✓
सही उत्तर:
D
— इकाई या सत्र के अंत में, सीखने की समग्र उपलब्धि का आकलन करने के लिए
व्याख्या (Explanation):योगात्मक मूल्यांकन इकाई, सत्र या वर्ष के अंत में किया जाता है और बताता है कि विद्यार्थी ने निर्धारित अवधि में कुल मिलाकर कितना सीखा। अर्धवार्षिक या वार्षिक परीक्षा इसके उदाहरण हैं। पाठ से पहले पूर्व-ज्ञान जाँचना प्रारंभिक (पूर्व) मूल्यांकन है। शिक्षण के दौरान लगातार प्रतिपुष्टि देकर सुधार कराना रचनात्मक (निर्माणात्मक) मूल्यांकन का काम है। मूल्यांकन का उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि उपलब्धि जानना और आगे की योजना बनाना है।
प्रश्न 48: सामाजिक विज्ञान में क्षमता-आधारित आकलन के संदर्भ में 'रूब्रिक' (Rubric) क्या है?
-
A.
विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करने का रजिस्टर
-
B.
केवल बहुविकल्पीय प्रश्नों की उत्तर-कुंजी
-
C.
पाठ्यपुस्तक का सारांश
-
D.
प्रदर्शन के अलग-अलग स्तरों के स्पष्ट मानदंडों वाली अंकन-सूची
✓
सही उत्तर:
D
— प्रदर्शन के अलग-अलग स्तरों के स्पष्ट मानदंडों वाली अंकन-सूची
व्याख्या (Explanation):रूब्रिक एक अंकन-मार्गदर्शिका है, जिसमें किसी कार्य (जैसे प्रोजेक्ट, मानचित्र-कार्य या प्रस्तुति) के लिए अपेक्षित मानदंड और प्रत्येक मानदंड पर प्रदर्शन के विभिन्न स्तरों का वर्णन होता है। इससे आकलन निष्पक्ष और पारदर्शी बनता है तथा विद्यार्थी जान पाते हैं कि उनसे क्या अपेक्षा है। उपस्थिति दर्ज करने का काम उपस्थिति रजिस्टर करता है। उत्तर-कुंजी केवल सही उत्तर बताती है, प्रदर्शन के स्तर नहीं। पाठ्यपुस्तक का सारांश अध्ययन-सामग्री है, आकलन का उपकरण नहीं।
प्रश्न 49: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार प्रारंभिक वर्षों में, कम-से-कम कक्षा 5 तक और यथासंभव कक्षा 8 तक, शिक्षा का माध्यम किसे बनाने पर बल दिया गया है?
-
A.
मातृभाषा, घर की भाषा या स्थानीय/क्षेत्रीय भाषा
✓
-
B.
केवल अंग्रेज़ी
-
C.
केवल संस्कृत
-
D.
कोई भी विदेशी भाषा
सही उत्तर:
A
— मातृभाषा, घर की भाषा या स्थानीय/क्षेत्रीय भाषा
व्याख्या (Explanation):राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 मानती है कि बच्चे अपनी मातृभाषा या घर की भाषा में अवधारणाएँ अधिक आसानी से समझते हैं। इसलिए कम-से-कम कक्षा 5 तक, और यथासंभव कक्षा 8 तथा उससे आगे तक, शिक्षा का माध्यम मातृभाषा, स्थानीय या क्षेत्रीय भाषा रखने पर बल दिया गया है। नीति में किसी एक भाषा को थोपने की बात नहीं है। केवल अंग्रेज़ी, केवल संस्कृत या कोई विदेशी भाषा माध्यम बनाने की सिफ़ारिश इस नीति में नहीं है।
प्रश्न 50: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में प्रस्तावित 'समग्र प्रगति कार्ड' (Holistic Progress Card) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
-
A.
केवल परीक्षा के अंकों की सूची रखना
-
B.
विद्यार्थियों की आपस में रैंकिंग तय करना
-
C.
केवल उपस्थिति दर्ज करना
-
D.
विद्यार्थी के संज्ञानात्मक, सामाजिक-भावनात्मक और व्यावहारिक विकास की बहुआयामी (360 डिग्री) तस्वीर देना
✓
सही उत्तर:
D
— विद्यार्थी के संज्ञानात्मक, सामाजिक-भावनात्मक और व्यावहारिक विकास की बहुआयामी (360 डिग्री) तस्वीर देना
व्याख्या (Explanation):राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 परंपरागत रिपोर्ट कार्ड की जगह ऐसे प्रगति कार्ड की बात करती है, जो केवल अंक नहीं, बल्कि विद्यार्थी की सीखने की क्षमताओं, कौशलों, रुचियों और सामाजिक-भावनात्मक विकास को भी दर्शाए। इसमें शिक्षक के साथ विद्यार्थी का स्वयं का और सहपाठियों का आकलन भी शामिल हो सकता है। केवल अंकों की सूची, आपसी रैंकिंग या उपस्थिति दर्ज करना इसका उद्देश्य नहीं है, क्योंकि ये बच्चे की समग्र प्रगति नहीं बतातीं।