UPSC Prelims के लिए क्रांतिकारी एवं किसान आंदोलन MCQ in Hindi पढ़ें। Important PYQ, objective questions और practice MCQ detailed answers के साथ। Modern History preparation को मजबूत बनाएं।

This quiz contains 174 carefully selected multiple-choice questions (MCQ) with detailed explanations for each answer. Questions cover important topics from History.

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क्रांतिकारी एवं किसान आंदोलन MCQ in Hindi for UPSC Prelims | Important PYQ & Practice Questions

UPSC Prelims के लिए क्रांतिकारी एवं किसान आंदोलन MCQ in Hindi पढ़ें। Important PYQ, objective questions और practice MCQ detailed answers के साथ। Modern History preparation को मजबूत बनाएं।

📊
Difficulty
Hard
❓
Num Questions
174
❓
Points Per Question
1
⏱️
Time Limit
120 minutes

All MCQ Questions with Answers and Explanations

प्रश्न 1: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) किसान और जनजातीय आंदोलनों ने औपनिवेशिक शासन की सामाजिक-आर्थिक नीतियों को चुनौती दी। (2) क्रांतिकारी आंदोलनों ने स्वतंत्रता संघर्ष में वैचारिक विविधता को बढ़ाया। (3) स्वतंत्रता आंदोलन केवल एक ही प्रकार की रणनीति पर आधारित था।

  • A. केवल 1 और 2 ✓
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन बहुआयामी था जिसमें संवैधानिक राजनीति, जनआंदोलन, किसान संघर्ष, जनजातीय प्रतिरोध और क्रांतिकारी गतिविधियाँ — सभी शामिल थीं। तीसरा कथन गलत है क्योंकि स्वतंत्रता आंदोलन में विविध रणनीतियाँ अपनाई गईं।

प्रश्न 2: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन क्रांतिकारी आंदोलनों की ऐतिहासिक भूमिका को सबसे बेहतर व्यक्त करता है?

  • A. उन्होंने केवल क्षेत्रीय राजनीतिक प्रश्न उठाए।
  • B. उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन को कमजोर किया।
  • C. उन्होंने औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध वैकल्पिक प्रतिरोध की परंपरा को मजबूत किया। ✓
  • D. उनका प्रभाव केवल सांस्कृतिक गतिविधियों तक सीमित था।
सही उत्तर: C — उन्होंने औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध वैकल्पिक प्रतिरोध की परंपरा को मजबूत किया।
व्याख्या (Explanation):
क्रांतिकारी आंदोलनों ने औपनिवेशिक शासन की वैधता को चुनौती दी और युवाओं में राष्ट्रवादी चेतना को प्रेरित किया। इनके प्रभाव से ब्रिटिश शासन की दमनकारी नीतियाँ भी तेज हुईं।

प्रश्न 3: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) भील आंदोलन में सामाजिक सुधार और राजनीतिक प्रतिरोध दोनों तत्व मौजूद थे। (2) गोविंद गुरु ने आदिवासी समुदाय में संगठनात्मक चेतना विकसित करने का प्रयास किया। (3) आंदोलन का उद्देश्य औपनिवेशिक कर व्यवस्था को मजबूत करना था।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 1 और 2 ✓
  • C. केवल 2 and 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: B — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
भील आंदोलन सामाजिक-सांस्कृतिक जागरण और औपनिवेशिक-विरोध दोनों से जुड़ा था। तीसरा कथन गलत है क्योंकि आंदोलन शोषण और कर-नीतियों के विरोध में था।

प्रश्न 4: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन तेभागा आंदोलन और मुंडा विद्रोह के बीच मूलभूत अंतर को दर्शाता है?

  • A. दोनों केवल धार्मिक पुनर्जागरण आंदोलन थे।
  • B. दोनों पूर्णतः शहरी आंदोलनों के उदाहरण थे।
  • C. दोनों का औपनिवेशिक भूमि प्रश्न से कोई संबंध नहीं था।
  • D. तेभागा आंदोलन कृषक हिस्सेदारी से संबंधित था, जबकि मुंडा विद्रोह जनजातीय भूमि-अधिकार और सांस्कृतिक अस्मिता से जुड़ा था। ✓
सही उत्तर: D — तेभागा आंदोलन कृषक हिस्सेदारी से संबंधित था, जबकि मुंडा विद्रोह जनजातीय भूमि-अधिकार और सांस्कृतिक अस्मिता से जुड़ा था।
व्याख्या (Explanation):
तेभागा आंदोलन का केंद्र बटाईदार किसानों के अधिकार थे, जबकि मुंडा विद्रोह भूमि, संस्कृति और जनजातीय पहचान से जुड़ा था। दोनों आंदोलनों की सामाजिक संरचना अलग थी।

प्रश्न 5: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) तेलंगाना आंदोलन में वर्गीय संघर्ष का तत्व स्पष्ट था। (2) इसमें ग्रामीण सत्ता-संबंधों को चुनौती दी गई। (3) आंदोलन का नेतृत्व मुख्यतः बड़े जमींदारों ने किया।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 2 ✓
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: C — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
तेलंगाना आंदोलन भूमिहीन किसानों और ग्रामीण गरीबों का संघर्ष था। तीसरा कथन गलत है क्योंकि जमींदार वर्ग आंदोलन का विरोधी था।

प्रश्न 6: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन संथाल विद्रोह के व्यापक प्रभाव को सही रूप में दर्शाता है?

  • A. इसने औपनिवेशिक प्रशासन को जनजातीय क्षेत्रों के लिए विशेष प्रशासनिक उपायों पर विचार करने को बाध्य किया। ✓
  • B. इसका प्रभाव केवल धार्मिक क्षेत्र तक सीमित रहा।
  • C. इससे स्थायी बंदोबस्त समाप्त हो गया।
  • D. यह पूर्णतः स्थानीय और अल्पकालिक घटना थी।
सही उत्तर: A — इसने औपनिवेशिक प्रशासन को जनजातीय क्षेत्रों के लिए विशेष प्रशासनिक उपायों पर विचार करने को बाध्य किया।
व्याख्या (Explanation):
संथाल विद्रोह के बाद ब्रिटिश प्रशासन को जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन पर पुनर्विचार करना पड़ा। बाद में संथाल परगना क्षेत्र का प्रशासनिक पुनर्गठन किया गया।

प्रश्न 7: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?

  • A. युगांतर आश्रम — गदर पार्टी
  • B. खूँटकट्टी — मुंडा भूमि व्यवस्था
  • C. वेट्टी — तेलंगाना क्षेत्र की बेगार प्रथा
  • D. सम्प सभा — तेभागा आंदोलन ✓
सही उत्तर: D — सम्प सभा — तेभागा आंदोलन
व्याख्या (Explanation):
सम्प सभा का संबंध गोविंद गुरु और भील आंदोलन से था, न कि तेभागा आंदोलन से। तेभागा आंदोलन बंगाल के बटाईदार किसानों से जुड़ा था।

प्रश्न 8: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) चंद्रशेखर आजाद व्यक्तिगत साहस के साथ संगठनात्मक पुनर्निर्माण पर भी बल देते थे। (2) वे HSRA के प्रमुख रणनीतिक नेताओं में थे। (3) उन्होंने पूर्णतः अहिंसक संघर्ष को अपनाया था।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 1 और 2 ✓
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: B — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
चंद्रशेखर आजाद HSRA के महत्वपूर्ण रणनीतिक नेता थे। तीसरा कथन गलत है क्योंकि वे सशस्त्र क्रांति के समर्थक थे।

प्रश्न 9: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गदर आंदोलन की ऐतिहासिक विरासत को सबसे बेहतर व्यक्त करता है?

  • A. इसने केवल सांस्कृतिक पुनर्जागरण को बढ़ावा दिया।
  • B. इसका प्रभाव केवल अमेरिका तक सीमित रहा।
  • C. इसने प्रवासी भारतीयों को औपनिवेशिक-विरोधी राजनीतिक संघर्ष से जोड़ा। ✓
  • D. इसने ब्रिटिश शासन के प्रति निष्ठा को मजबूत किया।
सही उत्तर: C — इसने प्रवासी भारतीयों को औपनिवेशिक-विरोधी राजनीतिक संघर्ष से जोड़ा।
व्याख्या (Explanation):
गदर आंदोलन ने विदेशों में बसे भारतीयों को राजनीतिक रूप से संगठित किया और स्वतंत्रता संघर्ष से जोड़ा। इसने भारतीय राष्ट्रवाद को वैश्विक स्वरूप प्रदान किया।

प्रश्न 10: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) भगत सिंह के लेखन में राष्ट्रवाद के साथ अंतरराष्ट्रीयतावादी दृष्टिकोण भी दिखाई देता है। (2) HSRA के कुछ क्रांतिकारी रूसी क्रांति से प्रभावित थे। (3) भगत सिंह औद्योगिक श्रमिक आंदोलनों के प्रति उदासीन थे।

  • A. केवल 1 और 2 ✓
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रांतिकारी आंदोलनों और समाजवादी विचारों से प्रभावित थे। तीसरा कथन गलत है क्योंकि वे मजदूर आंदोलनों और वर्गीय प्रश्नों में रुचि रखते थे।

प्रश्न 11: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) किसान आंदोलनों ने औपनिवेशिक ग्रामीण ढाँचे की आलोचना को तीव्र किया। (2) जनजातीय आंदोलनों ने सांस्कृतिक पहचान के प्रश्न को भी उठाया। (3) सभी क्रांतिकारी संगठन केवल क्षेत्रीय हितों तक सीमित रहे।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. केवल 1 और 2 ✓
सही उत्तर: D — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
कई क्रांतिकारी संगठन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वैचारिक प्रभावों से प्रेरित थे, इसलिए तीसरा कथन गलत है। किसान और जनजातीय आंदोलनों ने राष्ट्रीय आंदोलन के सामाजिक आधार को व्यापक बनाया।

प्रश्न 12: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन क्रांतिकारी आंदोलनों के वैचारिक प्रभाव को सही रूप में दर्शाता है?

  • A. उन्होंने स्वतंत्रता को सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन से जोड़ने की प्रवृत्ति को मजबूत किया। ✓
  • B. उन्होंने केवल धार्मिक सुधार पर बल दिया।
  • C. उनका प्रभाव केवल विदेशों में सीमित रहा।
  • D. वे जनसाधारण से पूर्णतः कटे हुए थे।
सही उत्तर: A — उन्होंने स्वतंत्रता को सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन से जोड़ने की प्रवृत्ति को मजबूत किया।
व्याख्या (Explanation):
विशेषकर HSRA जैसे संगठनों ने स्वतंत्रता को सामाजिक और आर्थिक न्याय से जोड़कर देखा। यह 1920–30 के दशक के वैचारिक परिवर्तन का संकेत है।

प्रश्न 13: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन संथाल और मुंडा आंदोलनों के बीच समानता को सबसे बेहतर दर्शाता है?

  • A. दोनों पूर्णतः शहरी आंदोलन थे।
  • B. दोनों केवल धार्मिक सुधार तक सीमित थे।
  • C. दोनों औपनिवेशिक भूमि नीतियों और बाहरी शोषण के विरुद्ध प्रतिक्रिया थे। ✓
  • D. दोनों का नेतृत्व अंग्रेज अधिकारियों ने किया।
सही उत्तर: C — दोनों औपनिवेशिक भूमि नीतियों और बाहरी शोषण के विरुद्ध प्रतिक्रिया थे।
व्याख्या (Explanation):
संथाल और मुंडा दोनों आंदोलन भूमि अधिकार, बाहरी शोषण और औपनिवेशिक हस्तक्षेप के विरुद्ध थे। दोनों आंदोलनों का ग्रामीण-जनजातीय आधार था।

प्रश्न 14: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) तेभागा आंदोलन ने कृषि उत्पादन संबंधों पर प्रश्न उठाए। (2) इसमें बटाईदार किसानों ने भंडारण पर नियंत्रण की मांग की। (3) आंदोलन का नेतृत्व मुख्यतः औपनिवेशिक अधिकारियों ने किया।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. केवल 1 और 2 ✓
सही उत्तर: D — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
तेभागा आंदोलन किसानों और बटाईदारों का आंदोलन था, औपनिवेशिक अधिकारियों का नहीं। यह आंदोलन बंगाल किसान सभा और वामपंथी संगठनों से प्रभावित था।

प्रश्न 15: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन तेलंगाना आंदोलन की सामाजिक संरचना को सही रूप में दर्शाता है?

  • A. इसमें भूमिहीन किसान, खेत मजदूर और निम्न ग्रामीण वर्ग सक्रिय थे। ✓
  • B. इसमें केवल जमींदार वर्ग शामिल था।
  • C. यह मुख्यतः व्यापारिक वर्ग का आंदोलन था।
  • D. इसका ग्रामीण समाज से कोई संबंध नहीं था।
सही उत्तर: A — इसमें भूमिहीन किसान, खेत मजदूर और निम्न ग्रामीण वर्ग सक्रिय थे।
व्याख्या (Explanation):
तेलंगाना आंदोलन में ग्रामीण गरीबों और भूमिहीन वर्गों की व्यापक भागीदारी थी। यह आंदोलन सामंती संरचना के विरुद्ध वर्गीय संघर्ष का उदाहरण माना जाता है।

प्रश्न 16: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?

  • A. “वेट्टी” — संथाल विद्रोह
  • B. “सम्प सभा” — भील आंदोलन ✓
  • C. “दिकू” — गदर आंदोलन
  • D. “तेभागा” — तीन-चौथाई हिस्सेदारी की मांग
सही उत्तर: B — “सम्प सभा” — भील आंदोलन
व्याख्या (Explanation):
“सम्प सभा” गोविंद गुरु द्वारा भील समुदाय में संगठन हेतु स्थापित संस्था थी।

प्रश्न 17: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) बिरसा मुंडा आंदोलन में धार्मिक पुनरुत्थान का तत्व था। (2) आंदोलन ने पारंपरिक भूमि अधिकारों की पुनर्स्थापना की मांग की। (3) आंदोलन का उद्देश्य औपनिवेशिक प्रशासन के साथ सहयोग बढ़ाना था।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 2 ✓
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: C — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
बिरसा मुंडा आंदोलन धार्मिक-सांस्कृतिक पुनर्जागरण और भूमि अधिकार दोनों से जुड़ा था। तीसरा कथन गलत है क्योंकि आंदोलन औपनिवेशिक-विरोधी था।

प्रश्न 18: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन चंद्रशेखर आजाद की कार्यशैली को सबसे बेहतर दर्शाता है?

  • A. वे विकेंद्रीकृत और गुप्त क्रांतिकारी नेटवर्क के संचालन में कुशल थे। ✓
  • B. वे केवल खुले राजनीतिक मंचों पर कार्य करते थे।
  • C. वे पूर्णतः संवैधानिक राजनीति में विश्वास करते थे।
  • D. वे केवल किसान आंदोलनों से जुड़े थे।
सही उत्तर: A — वे विकेंद्रीकृत और गुप्त क्रांतिकारी नेटवर्क के संचालन में कुशल थे।
व्याख्या (Explanation):
चंद्रशेखर आजाद ने भूमिगत नेटवर्क, गुप्त संपर्क और संगठनात्मक अनुशासन पर बल दिया। वे पुलिस गिरफ्तारी से जीवनभर बचे रहे।

प्रश्न 19: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गदर आंदोलन की सीमाओं को सबसे उपयुक्त रूप में दर्शाता है?

  • A. इसमें प्रवासी भारतीयों की कोई भूमिका नहीं थी।
  • B. यह केवल सांस्कृतिक जागरण तक सीमित था।
  • C. इसे ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक समर्थन प्राप्त था।
  • D. भारत के भीतर मजबूत संगठनात्मक समन्वय का अभाव इसकी प्रमुख कमजोरी थी। ✓
सही उत्तर: D — भारत के भीतर मजबूत संगठनात्मक समन्वय का अभाव इसकी प्रमुख कमजोरी थी।
व्याख्या (Explanation):
गदर आंदोलन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय था, परंतु भारत में मजबूत संगठनात्मक नेटवर्क और समन्वय की कमी इसके लिए चुनौती बनी। ब्रिटिश खुफिया तंत्र की सक्रियता भी इसकी विफलता का कारण बनी।

प्रश्न 20: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) भगत सिंह ने साम्राज्यवाद और पूँजीवाद दोनों की आलोचना की थी। (2) HSRA के घोषणापत्र में समाजवादी पुनर्निर्माण की झलक मिलती है। (3) भगत सिंह व्यक्तिगत वीरता को जनसंगठन से अधिक महत्वपूर्ण मानते थे।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 1 और 2 ✓
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: B — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
भगत सिंह के लेखन में साम्राज्यवाद और आर्थिक शोषण दोनों की आलोचना दिखाई देती है। HSRA समाजवादी पुनर्गठन की दिशा में उन्मुख था। तीसरा कथन गलत है क्योंकि वे जनआधारित क्रांति को आवश्यक मानते थे।

प्रश्न 21: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) किसान आंदोलनों ने औपनिवेशिक ग्रामीण अर्थव्यवस्था की विसंगतियों को उजागर किया। (2) जनजातीय आंदोलनों ने पारंपरिक सामुदायिक अधिकारों की रक्षा का प्रश्न उठाया। (3) सभी किसान आंदोलन केवल आर्थिक प्रश्नों तक सीमित थे।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 2 ✓
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: C — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
कई किसान आंदोलन राजनीतिक और सामाजिक चेतना से भी जुड़े थे। तीसरा कथन गलत है क्योंकि किसान आंदोलनों का प्रभाव व्यापक राष्ट्रीय राजनीति तक पहुँचा।

प्रश्न 22: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन क्रांतिकारी आंदोलनों के प्रभाव को सही रूप में दर्शाता है?

  • A. उन्होंने युवाओं में औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध साहस और राष्ट्रवादी चेतना उत्पन्न की। ✓
  • B. उनका प्रभाव केवल विदेशों तक सीमित रहा।
  • C. वे स्वतंत्रता आंदोलन से पूर्णतः पृथक थे।
  • D. उनका कोई वैचारिक प्रभाव नहीं पड़ा।
सही उत्तर: A — उन्होंने युवाओं में औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध साहस और राष्ट्रवादी चेतना उत्पन्न की।
व्याख्या (Explanation):
क्रांतिकारी आंदोलनों ने युवाओं में राष्ट्रीय चेतना और औपनिवेशिक-विरोधी भावना को प्रबल किया। इन आंदोलनों का सांस्कृतिक और साहित्यिक प्रभाव भी व्यापक था।

प्रश्न 23: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) संथाल विद्रोह में औपनिवेशिक न्याय और राजस्व व्यवस्था के प्रति असंतोष था। (2) संथाल विद्रोह पूर्णतः अलगाववादी राजनीतिक आंदोलन था। (3) महाजन और जमींदार विद्रोहियों के प्रमुख लक्ष्य थे।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 1 और 3 ✓
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: B — केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):
संथाल विद्रोह आर्थिक और प्रशासनिक शोषण के विरुद्ध था। दूसरा कथन गलत है क्योंकि आंदोलन का उद्देश्य अलग राष्ट्र बनाना नहीं था।

प्रश्न 24: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन तेभागा आंदोलन और तेलंगाना आंदोलन के बीच प्रमुख अंतर को दर्शाता है?

  • A. दोनों केवल धार्मिक आंदोलन थे।
  • B. दोनों का संबंध केवल शहरी मजदूरों से था।
  • C. दोनों का उद्देश्य औपनिवेशिक शासन को मजबूत करना था।
  • D. तेभागा आंदोलन मुख्यतः बटाईदार हिस्सेदारी से जुड़ा था, जबकि तेलंगाना आंदोलन व्यापक ग्रामीण सत्ता-संघर्ष से संबंधित था। ✓
सही उत्तर: D — तेभागा आंदोलन मुख्यतः बटाईदार हिस्सेदारी से जुड़ा था, जबकि तेलंगाना आंदोलन व्यापक ग्रामीण सत्ता-संघर्ष से संबंधित था।
व्याख्या (Explanation):
तेभागा आंदोलन का केंद्र बटाईदारों की हिस्सेदारी थी जबकि तेलंगाना आंदोलन भूमि, बेगार और सामंती सत्ता के व्यापक प्रश्नों से जुड़ा था। दोनों आंदोलनों में वामपंथी प्रभाव देखा जाता है।

प्रश्न 25: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) तेलंगाना आंदोलन में ग्रामीण सत्ता संरचना को चुनौती दी गई। (2) आंदोलन में भूमिहीन किसानों और खेत मजदूरों की भागीदारी थी। (3) आंदोलन का उद्देश्य जमींदारी प्रथा को और मजबूत करना था।

  • A. केवल 1 और 2 ✓
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
तेलंगाना आंदोलन सामंती और जमींदारी संरचना के विरुद्ध था तथा भूमिहीन किसानों की सक्रिय भागीदारी इसमें थी। तीसरा कथन आंदोलन की मूल प्रकृति के विपरीत है।

प्रश्न 26: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन जनजातीय आंदोलनों की प्रकृति को सबसे बेहतर व्यक्त करता है?

  • A. वे केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित थे।
  • B. उनका औपनिवेशिक भूमि नीतियों से कोई संबंध नहीं था।
  • C. वे सांस्कृतिक अस्मिता, भूमि अधिकार और आर्थिक शोषण के प्रश्नों से जुड़े थे। ✓
  • D. वे केवल शहरी शिक्षित वर्ग द्वारा संचालित थे।
सही उत्तर: C — वे सांस्कृतिक अस्मिता, भूमि अधिकार और आर्थिक शोषण के प्रश्नों से जुड़े थे।
व्याख्या (Explanation):
जनजातीय आंदोलनों का आधार भूमि अधिकार, सांस्कृतिक पहचान और औपनिवेशिक हस्तक्षेप का विरोध था। अधिकांश जनजातीय विद्रोहों में आर्थिक और सांस्कृतिक दोनों तत्व मिलते हैं।

प्रश्न 27: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?

  • A. सिद्धू-कान्हू — संथाल विद्रोह
  • B. गोविंद गुरु — भील आंदोलन
  • C. बिरसा मुंडा — उलगुलान
  • D. सूर्य सेन — काकोरी षड्यंत्र ✓
सही उत्तर: D — सूर्य सेन — काकोरी षड्यंत्र
व्याख्या (Explanation):
सूर्य सेन का संबंध चटगाँव शस्त्रागार कांड से था, न कि काकोरी षड्यंत्र से। काकोरी कांड के प्रमुख नेताओं में रामप्रसाद बिस्मिल और अशफाकउल्ला खान शामिल थे।

प्रश्न 28: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) चंद्रशेखर आजाद क्रांतिकारी अनुशासन और गोपनीयता पर विशेष बल देते थे। (2) HSRA के पुनर्गठन में उनकी केंद्रीय भूमिका थी। (3) वे संवैधानिक सुधारवादी राजनीति के प्रमुख प्रवक्ता थे।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 1 और 2 ✓
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: B — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
चंद्रशेखर आजाद ने भूमिगत क्रांतिकारी संगठन को पुनर्गठित किया और गोपनीय नेटवर्क बनाए रखा। तीसरा कथन गलत है क्योंकि वे सशस्त्र क्रांति के समर्थक थे।

प्रश्न 29: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गदर आंदोलन की अंतरराष्ट्रीय प्रकृति को सबसे बेहतर दर्शाता है?

  • A. इसका नेटवर्क उत्तर अमेरिका, एशिया और अन्य क्षेत्रों के प्रवासी भारतीयों तक फैला था। ✓
  • B. यह केवल पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित था।
  • C. इसका संबंध केवल भारतीय सैनिकों से था।
  • D. यह केवल सांस्कृतिक संगठन के रूप में कार्य करता था।
सही उत्तर: A — इसका नेटवर्क उत्तर अमेरिका, एशिया और अन्य क्षेत्रों के प्रवासी भारतीयों तक फैला था।
व्याख्या (Explanation):
गदर आंदोलन का वैश्विक नेटवर्क था और यह प्रवासी भारतीयों के माध्यम से संचालित हुआ। इसका साहित्य विभिन्न देशों में गुप्त रूप से पहुँचाया जाता था।

प्रश्न 30: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) भगत सिंह ने औपनिवेशिक दमन के साथ-साथ सांप्रदायिकता की भी आलोचना की थी। (2) HSRA की वैचारिक दिशा में समाजवाद का प्रभाव दिखाई देता है। (3) भगत सिंह ने क्रांति को केवल सत्ता परिवर्तन के रूप में परिभाषित किया था।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 2 ✓
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: C — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
भगत सिंह सांप्रदायिकता के आलोचक थे तथा सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन को भी आवश्यक मानते थे। तीसरा कथन गलत है क्योंकि वे व्यापक सामाजिक क्रांति की बात करते थे।

प्रश्न 31: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) क्रांतिकारी आंदोलनों ने औपनिवेशिक शासन की नैतिक वैधता को चुनौती दी। (2) किसान एवं जनजातीय आंदोलनों ने स्थानीय मुद्दों को व्यापक राजनीतिक संदर्भ से जोड़ा। (3) सभी क्रांतिकारी संगठन वैचारिक रूप से एकसमान थे।

  • A. केवल 1 और 2 ✓
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
क्रांतिकारी संगठनों की विचारधाराएँ अलग-अलग थीं — कुछ राष्ट्रवादी, कुछ समाजवादी और कुछ मिश्रित दृष्टिकोण रखते थे। तीसरा कथन “सभी” शब्द के कारण अतिशयोक्तिपूर्ण है।

प्रश्न 32: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन बिरसा मुंडा आंदोलन की विशिष्टता को सबसे बेहतर दर्शाता है?

  • A. यह केवल करों के विरुद्ध सीमित आंदोलन था।
  • B. इसमें किसी सांस्कृतिक पुनर्जागरण का तत्व नहीं था।
  • C. इसका उद्देश्य केवल प्रशासनिक सुधार प्राप्त करना था।
  • D. इसमें धार्मिक पुनरुत्थान, भूमि अधिकार और औपनिवेशिक-विरोध — तीनों तत्व सम्मिलित थे। ✓
सही उत्तर: D — इसमें धार्मिक पुनरुत्थान, भूमि अधिकार और औपनिवेशिक-विरोध — तीनों तत्व सम्मिलित थे।
व्याख्या (Explanation):
बिरसा मुंडा आंदोलन बहुआयामी था जिसमें धार्मिक पुनर्जागरण, सांस्कृतिक अस्मिता और राजनीतिक प्रतिरोध शामिल थे। बिरसा को कई अनुयायियों ने “मसीहा” के रूप में देखा।

प्रश्न 33: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) तेभागा आंदोलन में वर्गीय चेतना का तत्व स्पष्ट था। (2) इस आंदोलन ने कृषि उत्पादन संबंधों के प्रश्न को उठाया। (3) आंदोलन का उद्देश्य औपनिवेशिक शासन की पुनर्स्थापना था।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 1 और 2 ✓
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: B — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
तेभागा आंदोलन वर्ग-संघर्ष और कृषक अधिकारों से संबंधित था। तीसरा कथन स्पष्टतः गलत है क्योंकि आंदोलन औपनिवेशिक-विरोधी सामाजिक संघर्ष का हिस्सा था।

प्रश्न 34: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन क्रांतिकारी संगठनों के वैचारिक विकास को सही रूप में दर्शाता है?

  • A. सभी क्रांतिकारी संगठन केवल व्यक्तिगत प्रतिशोध पर आधारित थे।
  • B. वे केवल क्षेत्रीय मुद्दों तक सीमित रहे।
  • C. समय के साथ कई संगठनों ने समाजवादी और जनआधारित दृष्टिकोण अपनाया। ✓
  • D. वे पूर्णतः औपनिवेशिक प्रशासन के भीतर सुधार चाहते थे।
सही उत्तर: C — समय के साथ कई संगठनों ने समाजवादी और जनआधारित दृष्टिकोण अपनाया।
व्याख्या (Explanation):
HSRA जैसे संगठनों में समाजवादी विचारधारा और जनआधारित क्रांति की अवधारणा विकसित हुई। 1920 के दशक के उत्तरार्ध में वैचारिक परिवर्तन स्पष्ट दिखाई देता है।

प्रश्न 35: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) संथाल विद्रोह ने औपनिवेशिक प्रशासन को पृथक प्रशासनिक व्यवस्था पर विचार करने के लिए बाध्य किया। (2) संथाल विद्रोह पूर्णतः धार्मिक आंदोलन था। (3) विद्रोह का एक कारण महाजनी शोषण भी था।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 2
  • D. केवल 1 और 3 ✓
सही उत्तर: D — केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):
संथाल विद्रोह के बाद संथाल परगना जैसी प्रशासनिक व्यवस्थाएँ विकसित की गईं।

प्रश्न 36: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन तेलंगाना आंदोलन के ऐतिहासिक महत्व को सबसे उपयुक्त रूप में व्यक्त करता है?

  • A. इसने भूमि प्रश्न और ग्रामीण सत्ता संरचना को राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श में प्रमुखता दी। ✓
  • B. इसका प्रभाव केवल सांस्कृतिक पुनर्जागरण तक सीमित था।
  • C. यह केवल धार्मिक नेतृत्व का आंदोलन था।
  • D. इसमें कृषक वर्ग की कोई सक्रिय भूमिका नहीं थी।
सही उत्तर: A — इसने भूमि प्रश्न और ग्रामीण सत्ता संरचना को राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श में प्रमुखता दी।
व्याख्या (Explanation):
तेलंगाना आंदोलन ने भूमि, ग्रामीण शोषण और वर्ग-संघर्ष के प्रश्न को राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण बनाया। यह स्वतंत्रता के बाद भूमि सुधार बहसों से भी जुड़ा।

प्रश्न 37: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?

  • A. “द फिलॉसफी ऑफ द बॉम्ब” — क्रांतिकारी वैचारिक प्रतिवाद
  • B. “दिकू” — तेलंगाना आंदोलन में जमींदारों के लिए प्रयुक्त शब्द ✓
  • C. “वेट्टी” — बेगार प्रथा
  • D. “खूँटकट्टी” — पारंपरिक भूमि व्यवस्था
सही उत्तर: B — “दिकू” — तेलंगाना आंदोलन में जमींदारों के लिए प्रयुक्त शब्द
व्याख्या (Explanation):
“दिकू” शब्द मुख्यतः मुंडा और अन्य जनजातीय आंदोलनों में बाहरी शोषक तत्वों के लिए प्रयुक्त होता था। तेलंगाना आंदोलन में “वेट्टी” जैसी प्रथाएँ अधिक महत्वपूर्ण थीं।

प्रश्न 38: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) चटगाँव शस्त्रागार कांड में औपनिवेशिक संचार व्यवस्था को बाधित करना रणनीति का हिस्सा था। (2) सूर्य सेन ने गुरिल्ला पद्धति का प्रयोग किया। (3) यह आंदोलन दीर्घकालिक जनसंगठन से पूर्णतः पृथक था।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. केवल 1 और 2 ✓
सही उत्तर: D — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
सूर्य सेन ने गुरिल्ला रणनीति अपनाई तथा संचार तंत्र को बाधित करने का प्रयास किया। तीसरा कथन गलत है क्योंकि स्थानीय समर्थन और संगठनात्मक नेटवर्क मौजूद थे।

प्रश्न 39: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गदर आंदोलन और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रारंभिक चरण के बीच मूलभूत अंतर को दर्शाता है?

  • A. दोनों पूर्णतः समान रणनीति अपनाते थे।
  • B. दोनों केवल प्रवासी भारतीयों द्वारा संचालित थे।
  • C. गदर आंदोलन त्वरित सशस्त्र क्रांति चाहता था, जबकि कांग्रेस प्रारंभ में संवैधानिक उपायों पर बल देती थी। ✓
  • D. कांग्रेस का उद्देश्य औपनिवेशिक शासन को स्थायी बनाना था।
सही उत्तर: C — गदर आंदोलन त्वरित सशस्त्र क्रांति चाहता था, जबकि कांग्रेस प्रारंभ में संवैधानिक उपायों पर बल देती थी।
व्याख्या (Explanation):
प्रारंभिक कांग्रेस संवैधानिक सुधारों और याचिकाओं के माध्यम से परिवर्तन चाहती थी, जबकि गदर पार्टी सशस्त्र विद्रोह की पक्षधर थी। यह “उदारवादी बनाम क्रांतिकारी” रणनीति का प्रमुख अंतर है।

प्रश्न 40: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) भगत सिंह के वैचारिक लेखन में औपनिवेशिक सत्ता के साथ-साथ सामाजिक विषमता की भी आलोचना मिलती है। (2) HSRA के भीतर क्रांति की अवधारणा केवल राजनीतिक सत्ता परिवर्तन तक सीमित नहीं थी। (3) भगत सिंह ने वर्ग-संघर्ष की अवधारणा को पूर्णतः अस्वीकार किया था।

  • A. केवल 1 और 2 ✓
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
भगत सिंह समाजवादी विचारों से प्रभावित थे और आर्थिक-सामाजिक असमानता की आलोचना करते थे। HSRA राजनीतिक स्वतंत्रता के साथ सामाजिक पुनर्गठन भी चाहता था।

प्रश्न 41: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) किसान और जनजातीय आंदोलनों ने औपनिवेशिक राज्य की ग्रामीण नीतियों को चुनौती दी। (2) क्रांतिकारी संगठनों ने अंतरराष्ट्रीय घटनाओं से प्रेरणा प्राप्त की। (3) सभी जनजातीय आंदोलन पूर्णतः अलगाववादी प्रकृति के थे।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. केवल 1 और 2 ✓
सही उत्तर: D — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
कई क्रांतिकारी संगठन रूसी क्रांति, आयरिश संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं से प्रभावित थे। तीसरा कथन गलत है क्योंकि अधिकांश जनजातीय आंदोलन स्थानीय अधिकारों और शोषण के विरुद्ध थे, पूर्ण अलगाववाद के लिए नहीं।

प्रश्न 42: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन क्रांतिकारी आंदोलनों की सीमाओं को सबसे उपयुक्त रूप में दर्शाता है?

  • A. व्यापक जनाधार की कमी ने कई क्रांतिकारी प्रयासों को सीमित किया। ✓
  • B. वे केवल संवैधानिक सुधार चाहते थे।
  • C. वे औपनिवेशिक शासन के समर्थक थे।
  • D. उनमें वैचारिक स्पष्टता का पूर्ण अभाव था।
सही उत्तर: A — व्यापक जनाधार की कमी ने कई क्रांतिकारी प्रयासों को सीमित किया।
व्याख्या (Explanation):
क्रांतिकारी आंदोलनों ने युवाओं को प्रेरित किया, परंतु कई आंदोलनों में व्यापक जनसंगठन का अभाव था। HSRA जैसे संगठनों में वैचारिक स्पष्टता काफी विकसित थी।

प्रश्न 43: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन तेभागा आंदोलन के संदर्भ में सही है?

  • A. यह मुख्यतः औद्योगिक मजदूरों का आंदोलन था।
  • B. इसमें किसानों ने ब्रिटिश संसद में प्रतिनिधित्व की मांग की।
  • C. इसमें बटाईदारों ने फसल पर अधिक नियंत्रण और हिस्सेदारी की मांग की। ✓
  • D. इसका केंद्र पश्चिमी भारत था।
सही उत्तर: C — इसमें बटाईदारों ने फसल पर अधिक नियंत्रण और हिस्सेदारी की मांग की।
व्याख्या (Explanation):
तेभागा आंदोलन में बटाईदार किसान उत्पादन और भंडारण पर अधिक अधिकार चाहते थे। यह बंगाल के ग्रामीण वर्ग-संघर्ष का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

प्रश्न 44: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) संथाल विद्रोह औपनिवेशिक आर्थिक संरचना के विरुद्ध प्रतिक्रिया था। (2) इसमें पारंपरिक जनजातीय नेतृत्व ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। (3) विद्रोह का प्रभाव केवल सांस्कृतिक स्तर तक सीमित रहा।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 1 और 3
  • C. केवल 2 और 3
  • D. केवल 1 और 2 ✓
सही उत्तर: D — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
संथाल विद्रोह आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक शोषण के विरुद्ध व्यापक प्रतिरोध था। तीसरा कथन गलत है क्योंकि इसका प्रशासनिक और राजनीतिक प्रभाव भी पड़ा।

प्रश्न 45: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन तेलंगाना आंदोलन की विशिष्टता को दर्शाता है?

  • A. इसमें सामंती व्यवस्था के विरुद्ध सशस्त्र ग्रामीण प्रतिरोध विकसित हुआ। ✓
  • B. यह केवल शहरी बुद्धिजीवियों तक सीमित था।
  • C. इसका संबंध केवल धार्मिक सुधार से था।
  • D. इसमें भूमि प्रश्न का कोई महत्व नहीं था।
सही उत्तर: A — इसमें सामंती व्यवस्था के विरुद्ध सशस्त्र ग्रामीण प्रतिरोध विकसित हुआ।
व्याख्या (Explanation):
तेलंगाना आंदोलन ग्रामीण किसानों और खेत मजदूरों का सशस्त्र प्रतिरोध था जिसमें भूमि प्रश्न केंद्रीय मुद्दा था। आंदोलन में “ग्राम समितियाँ” भी विकसित हुईं।

प्रश्न 46: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?

  • A. कोमागाटा मारू — तेलंगाना आंदोलन
  • B. युगांतर आश्रम — गदर पार्टी ✓
  • C. सम्प सभा — HSRA
  • D. उलगुलान — तेभागा आंदोलन
सही उत्तर: B — युगांतर आश्रम — गदर पार्टी
व्याख्या (Explanation):
युगांतर आश्रम सैन फ्रांसिस्को स्थित गदर पार्टी का मुख्यालय था।

प्रश्न 47: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) भील आंदोलन में धार्मिक-सामाजिक सुधार के तत्व भी मौजूद थे। (2) गोविंद गुरु ने आदिवासी समुदाय में संगठनात्मक चेतना विकसित की। (3) भील आंदोलन का केंद्र मुख्यतः बंगाल था।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 2 ✓
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: C — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
भील आंदोलन राजस्थान-गुजरात क्षेत्र में सक्रिय था। गोविंद गुरु ने सामाजिक सुधार, संगठन और आत्मसम्मान पर बल दिया। इसे केवल जनजातीय विद्रोह नहीं बल्कि सामाजिक पुनर्गठन आंदोलन के रूप में भी देखा जाता है।

प्रश्न 48: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन चंद्रशेखर आजाद के संगठनात्मक योगदान को दर्शाता है?

  • A. उन्होंने काकोरी कांड के बाद क्रांतिकारी नेटवर्क को पुनर्गठित किया। ✓
  • B. उन्होंने खिलाफत आंदोलन का नेतृत्व किया।
  • C. उन्होंने स्थायी बंदोबस्त की नीति तैयार की।
  • D. उन्होंने तेभागा आंदोलन की शुरुआत की।
सही उत्तर: A — उन्होंने काकोरी कांड के बाद क्रांतिकारी नेटवर्क को पुनर्गठित किया।
व्याख्या (Explanation):
काकोरी षड्यंत्र के बाद कई नेताओं की गिरफ्तारी के बावजूद चंद्रशेखर आजाद ने क्रांतिकारी गतिविधियों को पुनर्गठित किया। वे भूमिगत संगठन संचालन में अत्यंत कुशल माने जाते थे।

प्रश्न 49: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गदर आंदोलन के संदर्भ में सही नहीं है?

  • A. इसका प्रमुख आधार प्रवासी भारतीय थे।
  • B. इसका उद्देश्य ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह था।
  • C. इसका प्रभाव पंजाब क्षेत्र तक भी पहुँचा।
  • D. यह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का आधिकारिक विदेश विभाग था। ✓
सही उत्तर: D — यह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का आधिकारिक विदेश विभाग था।
व्याख्या (Explanation):
गदर पार्टी स्वतंत्र क्रांतिकारी संगठन था, कांग्रेस का आधिकारिक अंग नहीं। गदर आंदोलन का स्वरूप स्पष्ट रूप से क्रांतिकारी और सशस्त्र था।

प्रश्न 50: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) भगत सिंह ने “क्रांति” को केवल हिंसात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं माना। (2) वे श्रमिक और किसान वर्ग की राजनीतिक भूमिका को महत्व देते थे। (3) उनका वैचारिक विकास केवल राष्ट्रवाद तक सीमित रहा।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 1 और 2 ✓
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: B — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
भगत सिंह का वैचारिक विकास राष्ट्रवाद से आगे बढ़कर समाजवाद और वर्ग-संघर्ष की अवधारणा तक पहुँचा। वे मजदूर आंदोलनों और अंतरराष्ट्रीय क्रांतिकारी साहित्य से प्रभावित थे।

प्रश्न 51: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) क्रांतिकारी आंदोलनों ने औपनिवेशिक शासन की वैधता को चुनौती दी। (2) किसान एवं जनजातीय आंदोलनों ने स्थानीय सामाजिक-आर्थिक मुद्दों को राष्ट्रीय संघर्ष से जोड़ा। (3) सभी किसान आंदोलन पूर्णतः कांग्रेस के नियंत्रण में थे।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 2 ✓
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: C — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
कई किसान और जनजातीय आंदोलन स्थानीय मुद्दों से जुड़े होने के बावजूद औपनिवेशिक विरोधी चेतना का हिस्सा बने।

प्रश्न 52: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन संथाल विद्रोह के संदर्भ में सही है?

  • A. इस विद्रोह ने औपनिवेशिक राजस्व और महाजनी व्यवस्था दोनों को चुनौती दी। ✓
  • B. इसका उद्देश्य भारतीय परिषद अधिनियम में संशोधन करवाना था।
  • C. यह केवल धार्मिक पुनर्जागरण आंदोलन था।
  • D. इसका केंद्र दक्कन क्षेत्र था।
सही उत्तर: A — इस विद्रोह ने औपनिवेशिक राजस्व और महाजनी व्यवस्था दोनों को चुनौती दी।
व्याख्या (Explanation):
संथाल विद्रोह आर्थिक शोषण, राजस्व नीतियों और महाजनी व्यवस्था के विरुद्ध था। विद्रोह के बाद संथाल परगना का प्रशासनिक पुनर्गठन किया गया।

प्रश्न 53: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गदर आंदोलन और HSRA के बीच प्रमुख अंतर को दर्शाता है?

  • A. दोनों केवल प्रवासी भारतीयों तक सीमित थे।
  • B. गदर आंदोलन का आधार मुख्यतः प्रवासी भारतीय थे, जबकि HSRA भारत के भीतर सक्रिय क्रांतिकारी संगठन था। ✓
  • C. दोनों पूर्णतः गांधीवादी रणनीति के समर्थक थे।
  • D. दोनों केवल किसान संगठनों के रूप में कार्य करते थे।
सही उत्तर: B — गदर आंदोलन का आधार मुख्यतः प्रवासी भारतीय थे, जबकि HSRA भारत के भीतर सक्रिय क्रांतिकारी संगठन था।
व्याख्या (Explanation):
गदर आंदोलन का प्रमुख आधार विदेशों में बसे भारतीय थे, जबकि HSRA भारत में कार्यरत क्रांतिकारी संगठन था। दोनों संगठन सशस्त्र क्रांति से जुड़े थे, गांधीवादी नहीं।

प्रश्न 54: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) तेलंगाना आंदोलन में कुछ क्षेत्रों में भूमिहीन किसानों को भूमि वितरण किया गया। (2) आंदोलन का संबंध सामंती शक्तियों के विरोध से था। (3) आंदोलन पूर्णतः गैर-राजनीतिक था।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 1 और 3
  • C. केवल 2 और 3
  • D. केवल 1 और 2 ✓
सही उत्तर: D — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
तेलंगाना आंदोलन राजनीतिक-सामाजिक दोनों प्रकृति का था। इसमें भूमि वितरण और सामंती विरोध महत्वपूर्ण पहलू थे। कम्युनिस्ट प्रभाव के कारण इसे वर्ग-संघर्ष आधारित आंदोलन भी माना जाता है।

प्रश्न 55: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन तेभागा आंदोलन की प्रकृति को सही रूप में दर्शाता है?

  • A. यह कृषक उत्पादन संबंधों में परिवर्तन की मांग वाला आंदोलन था। ✓
  • B. यह मुख्यतः सैनिक विद्रोह था।
  • C. यह केवल धार्मिक सुधार आंदोलन था।
  • D. यह औद्योगिक श्रमिकों का आंदोलन था।
सही उत्तर: A — यह कृषक उत्पादन संबंधों में परिवर्तन की मांग वाला आंदोलन था।
व्याख्या (Explanation):
तेभागा आंदोलन कृषक वर्ग और बटाईदारों के अधिकारों से संबंधित था तथा कृषि संबंधों में परिवर्तन की मांग करता था। इसमें वर्गीय चेतना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।

प्रश्न 56: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?

  • A. “दिकू” — गदर आंदोलन में प्रयुक्त शब्द
  • B. “वेट्टी” — तेभागा आंदोलन की फसल व्यवस्था
  • C. “उलगुलान” — मुंडा प्रतिरोध आंदोलन ✓
  • D. “तेभागा” — दो-तिहाई लगान की औपनिवेशिक नीति
सही उत्तर: C — “उलगुलान” — मुंडा प्रतिरोध आंदोलन
व्याख्या (Explanation):
“उलगुलान” बिरसा मुंडा के आंदोलन के लिए प्रयुक्त शब्द था।

प्रश्न 57: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) चटगाँव शस्त्रागार कांड में संचार तंत्र को बाधित करने का प्रयास किया गया। (2) क्रांतिकारियों ने पुलिस और सहायक बलों के हथियार कब्जाने की योजना बनाई। (3) यह घटना असहयोग आंदोलन के दौरान हुई थी।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 1 और 2 ✓
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: B — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
1930 में हुए चटगाँव कांड में शस्त्रागार, टेलीफोन और रेल संपर्क को निशाना बनाया गया। तीसरा कथन गलत है क्योंकि असहयोग आंदोलन 1922 में समाप्त हो चुका था।

प्रश्न 58: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन बिरसा मुंडा आंदोलन के संदर्भ में सही नहीं है?

  • A. इसमें पारंपरिक भूमि अधिकारों की पुनर्स्थापना की मांग थी।
  • B. आंदोलन का सांस्कृतिक आयाम भी था।
  • C. इसमें औपनिवेशिक प्रशासन विरोधी स्वर स्पष्ट था।
  • D. इसका मुख्य उद्देश्य पृथक निर्वाचन प्रणाली प्राप्त करना था। ✓
सही उत्तर: D — इसका मुख्य उद्देश्य पृथक निर्वाचन प्रणाली प्राप्त करना था।
व्याख्या (Explanation):
मुंडा आंदोलन भूमि, संस्कृति और औपनिवेशिक शोषण के विरुद्ध था। पृथक निर्वाचन की मांग बाद में मुस्लिम लीग आदि के संदर्भ में अधिक प्रमुख हुई। जनजातीय आंदोलनों का आधार सामाजिक-आर्थिक प्रश्न थे।

प्रश्न 59: निम्नलिखित में से किस घटना ने गदर आंदोलन को भारत में शीघ्र विद्रोह की दिशा में प्रेरित किया?

  • A. प्रथम विश्व युद्ध का आरंभ ✓
  • B. साइमन कमीशन का आगमन
  • C. पूना पैक्ट
  • D. बंग-भंग की समाप्ति
सही उत्तर: A — प्रथम विश्व युद्ध का आरंभ
व्याख्या (Explanation):
प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटेन की व्यस्तता को गदर नेताओं ने भारत में सशस्त्र विद्रोह के अवसर के रूप में देखा। गदरियों ने भारतीय सैनिकों को विद्रोह हेतु प्रेरित करने का प्रयास किया।

प्रश्न 60: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) HSRA के क्रांतिकारियों ने “प्रचार द्वारा कार्य” (Propaganda by Deed) की रणनीति अपनाई। (2) भगत सिंह व्यक्तिगत आतंकवाद को अंतिम लक्ष्य मानते थे। (3) HSRA के दस्तावेजों में समाजवादी पुनर्गठन की बात की गई थी।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 1 और 2
  • C. केवल 1 और 3 ✓
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: C — केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):
HSRA ने प्रतीकात्मक क्रांतिकारी कार्रवाइयों को जनचेतना जगाने का माध्यम माना। भगत सिंह व्यक्तिगत आतंकवाद को पर्याप्त नहीं मानते थे; वे व्यापक जनआधारित क्रांति चाहते थे। HSRA की विचारधारा पर रूसी क्रांति का प्रभाव देखा जाता है।

प्रश्न 61: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) क्रांतिकारी आंदोलनों ने युवाओं में राष्ट्रवादी भावना को तीव्र किया। (2) जनजातीय आंदोलनों ने औपनिवेशिक भूमि नीतियों की सीमाएँ उजागर कीं। (3) किसान आंदोलनों का स्वतंत्रता संघर्ष से कोई संबंध नहीं था।

  • A. केवल 1 और 2 ✓
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
क्रांतिकारी, किसान और जनजातीय आंदोलन सभी ने औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध प्रतिरोध को मजबूत किया। तीसरा कथन गलत है क्योंकि किसान आंदोलनों का राष्ट्रीय आंदोलन से गहरा संबंध था।

प्रश्न 62: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन तेभागा आंदोलन के संदर्भ में सही है?

  • A. यह पूर्णतः जनजातीय धार्मिक आंदोलन था।
  • B. इसमें किसानों ने लगान समाप्ति के बजाय स्थायी बंदोबस्त लागू करने की मांग की।
  • C. इसका नेतृत्व केवल जमींदार वर्ग ने किया।
  • D. यह कृषक वर्ग के भीतर उत्पादन संबंधों में परिवर्तन की मांग से जुड़ा था। ✓
सही उत्तर: D — यह कृषक वर्ग के भीतर उत्पादन संबंधों में परिवर्तन की मांग से जुड़ा था।
व्याख्या (Explanation):
तेभागा आंदोलन केवल हिस्सेदारी का प्रश्न नहीं था; यह कृषि उत्पादन संबंधों में बदलाव की मांग से भी जुड़ा था। यह आंदोलन वर्ग-संघर्ष की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

प्रश्न 63: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन चटगाँव शस्त्रागार कांड और काकोरी षड्यंत्र के बीच समानता को दर्शाता है?

  • A. दोनों आंदोलनों का नेतृत्व गांधीजी ने किया।
  • B. दोनों केवल किसान आंदोलनों तक सीमित थे।
  • C. दोनों का उद्देश्य औपनिवेशिक शासन की प्रशासनिक-सैन्य संरचना को चुनौती देना था। ✓
  • D. दोनों घटनाएँ प्रथम विश्व युद्ध के दौरान हुईं।
सही उत्तर: C — दोनों का उद्देश्य औपनिवेशिक शासन की प्रशासनिक-सैन्य संरचना को चुनौती देना था।
व्याख्या (Explanation):
काकोरी कांड और चटगाँव शस्त्रागार कांड दोनों का उद्देश्य ब्रिटिश शासन की शक्ति और संसाधनों को चुनौती देना था। दोनों आंदोलनों का गांधीजी से प्रत्यक्ष संबंध नहीं था।

प्रश्न 64: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) बिरसा मुंडा ने धार्मिक सुधार के साथ राजनीतिक प्रतिरोध को जोड़ा। (2) मुंडा विद्रोह में ईसाई मिशनरियों और औपनिवेशिक प्रशासन दोनों के प्रति असंतोष था। (3) मुंडा विद्रोह का प्रभाव केवल सैन्य क्षेत्र तक सीमित था।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 1 और 2 ✓
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: B — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
बिरसा मुंडा ने धार्मिक-सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राजनीतिक प्रतिरोध को जोड़ा।

प्रश्न 65: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन तेलंगाना आंदोलन के संदर्भ में सही नहीं है?

  • A. इसमें ग्रामीण वर्गों की व्यापक भागीदारी थी।
  • B. इसका संबंध जमींदारी शोषण से था।
  • C. इसमें कुछ क्षेत्रों में समानांतर ग्राम प्रशासन उभरे।
  • D. इसका प्रमुख उद्देश्य ब्रिटिश संसद में भारतीय प्रतिनिधित्व बढ़ाना था। ✓
सही उत्तर: D — इसका प्रमुख उद्देश्य ब्रिटिश संसद में भारतीय प्रतिनिधित्व बढ़ाना था।
व्याख्या (Explanation):
तेलंगाना आंदोलन का उद्देश्य सामंती शोषण और निजामशाही व्यवस्था का विरोध था, न कि ब्रिटिश संसद में प्रतिनिधित्व। कुछ क्षेत्रों में “ग्राम राज” जैसी समानांतर संरचनाएँ विकसित हुईं।

प्रश्न 66: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?

  • A. “द फिलॉसफी ऑफ द बॉम्ब” — HSRA से संबंधित क्रांतिकारी विचारधारा ✓
  • B. “सम्प सभा” — तेभागा आंदोलन
  • C. “खूँटकट्टी” — तेलंगाना आंदोलन
  • D. “युगांतर आश्रम” — अभिनव भारत
सही उत्तर: A — “द फिलॉसफी ऑफ द बॉम्ब” — HSRA से संबंधित क्रांतिकारी विचारधारा
व्याख्या (Explanation):
“The Philosophy of the Bomb” एक क्रांतिकारी वैचारिक दस्तावेज था, जिसे भगवती चरण वोहरा से संबंधित माना जाता है। यह गांधीजी की अहिंसात्मक रणनीति की आलोचना और क्रांतिकारी दृष्टिकोण के समर्थन में लिखा गया था।

प्रश्न 67: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) संथाल विद्रोह में रेलवे और डाक व्यवस्था को भी निशाना बनाया गया। (2) संथालों ने समानांतर प्रशासनिक संरचना स्थापित करने का प्रयास किया। (3) विद्रोह का मुख्य कारण औद्योगिक मजदूरी संबंधी विवाद था।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 2 ✓
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: C — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
संथाल विद्रोह में औपनिवेशिक संचार तंत्र को निशाना बनाया गया और विद्रोहियों ने वैकल्पिक नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास किया।

प्रश्न 68: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन भगत सिंह की वैचारिक विशेषता को सबसे उपयुक्त रूप में दर्शाता है?

  • A. वे केवल व्यक्तिगत वीरता पर बल देते थे।
  • B. वे जनआधारित क्रांतिकारी चेतना और वैचारिक संघर्ष दोनों को महत्व देते थे। ✓
  • C. वे राजशाही व्यवस्था के समर्थक थे।
  • D. वे औपनिवेशिक शासन के साथ चरणबद्ध समझौते के पक्षधर थे।
सही उत्तर: B — वे जनआधारित क्रांतिकारी चेतना और वैचारिक संघर्ष दोनों को महत्व देते थे।
व्याख्या (Explanation):
भगत सिंह केवल व्यक्तिगत हिंसात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं थे; वे जनचेतना, समाजवाद और वैचारिक संघर्ष को भी आवश्यक मानते थे। उनकी विचारधारा पर मार्क्सवाद का प्रभाव था।

प्रश्न 69: गदर आंदोलन के संदर्भ में “कोमागाटा मारू” घटना का महत्व क्या था?

  • A. इसने कांग्रेस और मुस्लिम लीग को एकजुट किया।
  • B. इससे खिलाफत आंदोलन प्रारंभ हुआ।
  • C. इससे स्थायी बंदोबस्त समाप्त हुआ।
  • D. इससे प्रवासी भारतीयों में ब्रिटिश विरोधी भावना और तीव्र हुई। ✓
सही उत्तर: D — इससे प्रवासी भारतीयों में ब्रिटिश विरोधी भावना और तीव्र हुई।
व्याख्या (Explanation):
1914 की कोमागाटा मारू घटना में भारतीय यात्रियों को कनाडा में प्रवेश से रोका गया। इससे प्रवासी भारतीयों में औपनिवेशिक भेदभाव के विरुद्ध असंतोष बढ़ा। यह घटना गदर आंदोलन के लिए प्रेरक बनी।

प्रश्न 70: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) ने समाजवादी गणराज्य की स्थापना का लक्ष्य रखा था। (2) HSRA का गठन काकोरी षड्यंत्र के बाद संगठनात्मक पुनर्गठन का परिणाम था। (3) HSRA पूर्णतः गांधीवादी रणनीति से प्रेरित था।

  • A. केवल 1 और 2 ✓
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
HSRA ने समाजवादी गणराज्य की स्थापना का उद्देश्य रखा। काकोरी कांड के बाद संगठन को पुनर्गठित किया गया।

प्रश्न 71: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन क्रांतिकारी आंदोलनों और गांधीवादी आंदोलनों के बीच प्रमुख अंतर को दर्शाता है?

  • A. दोनों केवल शहरी वर्ग तक सीमित थे।
  • B. दोनों का उद्देश्य केवल प्रशासनिक सुधार था।
  • C. दोनों पूर्णतः समान रणनीतियों का प्रयोग करते थे।
  • D. क्रांतिकारी आंदोलन सशस्त्र प्रतिरोध को वैध मानते थे, जबकि गांधीवादी आंदोलन अहिंसा पर आधारित थे। ✓
सही उत्तर: D — क्रांतिकारी आंदोलन सशस्त्र प्रतिरोध को वैध मानते थे, जबकि गांधीवादी आंदोलन अहिंसा पर आधारित थे।
व्याख्या (Explanation):
क्रांतिकारी संगठन ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष को उचित मानते थे, जबकि गांधीजी का दृष्टिकोण अहिंसक जनआंदोलन पर आधारित था। दोनों धाराओं का अंतिम लक्ष्य स्वतंत्रता था, परंतु रणनीतियाँ अलग थीं।

प्रश्न 72: निम्नलिखित में से किस आंदोलन में “दिकुओं” के विरुद्ध असंतोष प्रमुख था?

  • A. गदर आंदोलन
  • B. मुंडा विद्रोह ✓
  • C. काकोरी षड्यंत्र
  • D. HSRA आंदोलन
सही उत्तर: B — मुंडा विद्रोह
व्याख्या (Explanation):
मुंडा विद्रोह में “दिकू” शब्द बाहरी शोषक तत्वों जैसे महाजन, जमींदार और औपनिवेशिक अधिकारियों के लिए प्रयुक्त होता था।

प्रश्न 73: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) तेभागा आंदोलन में महिलाओं की भी भागीदारी थी। (2) यह आंदोलन बंगाल किसान सभा से प्रभावित था। (3) इसका उद्देश्य किसानों से लगान समाप्त करना नहीं बल्कि हिस्सेदारी बढ़ाना था।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. 1, 2 और 3 ✓
  • D. केवल 1 और 3
सही उत्तर: C — 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
तेभागा आंदोलन में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही। आंदोलन का मुख्य उद्देश्य बटाईदारों के हिस्से को बढ़ाना था। यह आंदोलन 1946–47 में अपने चरम पर था।

प्रश्न 74: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन मुंडा विद्रोह के संदर्भ में सही है?

  • A. बिरसा मुंडा ने धार्मिक-सामाजिक पुनर्जागरण का भी प्रयास किया। ✓
  • B. इसका मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश संसद में प्रतिनिधित्व प्राप्त करना था।
  • C. यह मुख्यतः समुद्री व्यापार से संबंधित आंदोलन था।
  • D. इसका संचालन केवल ईसाई मिशनरियों ने किया।
सही उत्तर: A — बिरसा मुंडा ने धार्मिक-सामाजिक पुनर्जागरण का भी प्रयास किया।
व्याख्या (Explanation):
बिरसा मुंडा ने सामाजिक सुधार, धार्मिक पुनर्जागरण और राजनीतिक प्रतिरोध — तीनों पहलुओं पर कार्य किया। आंदोलन का आधार भूमि, संस्कृति और राजनीतिक अधिकार थे।

प्रश्न 75: तेलंगाना आंदोलन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. यह केवल शहरी मजदूरों का आंदोलन था।
  • B. इसमें “वेट्टी” जैसी जबरन श्रम प्रथा का विरोध किया गया। ✓
  • C. इसका संचालन अंग्रेजी सेना द्वारा किया गया।
  • D. इसका केंद्र पंजाब क्षेत्र था।
सही उत्तर: B — इसमें “वेट्टी” जैसी जबरन श्रम प्रथा का विरोध किया गया।
व्याख्या (Explanation):
तेलंगाना आंदोलन में किसानों ने सामंती शोषण और “वेट्टी” (बेगार) जैसी प्रथाओं का विरोध किया। यह आंदोलन निजामशाही शासन के विरुद्ध भी था।

प्रश्न 76: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?

  • A. लाला हरदयाल — गदर आंदोलन
  • B. चंद्रशेखर आजाद — HSRA
  • C. बिरसा मुंडा — उलगुलान
  • D. रामप्रसाद बिस्मिल — चटगाँव शस्त्रागार कांड ✓
सही उत्तर: D — रामप्रसाद बिस्मिल — चटगाँव शस्त्रागार कांड
व्याख्या (Explanation):
रामप्रसाद बिस्मिल का संबंध काकोरी षड्यंत्र से था, न कि चटगाँव शस्त्रागार कांड से। चटगाँव कांड के नेता सूर्य सेन थे।

प्रश्न 77: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) भील आंदोलन का संबंध वन अधिकारों और सामाजिक शोषण से भी था। (2) गोविंद गुरु ने “सम्प सभा” का गठन किया था। (3) मानगढ़ हत्याकांड का संबंध मुंडा विद्रोह से था।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 2 ✓
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: C — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
भील आंदोलन वन अधिकारों, करों और सामाजिक शोषण के विरोध से जुड़ा था। गोविंद गुरु ने “सम्प सभा” बनाई थी।

प्रश्न 78: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन चटगाँव शस्त्रागार कांड के उद्देश्य को सर्वाधिक उपयुक्त रूप से व्यक्त करता है?

  • A. औपनिवेशिक प्रशासनिक और सैन्य संचार को बाधित करना ✓
  • B. स्थायी बंदोबस्त लागू करवाना
  • C. खिलाफत आंदोलन को समर्थन देना
  • D. कांग्रेस मंत्रिमंडलों की स्थापना करना
सही उत्तर: A — औपनिवेशिक प्रशासनिक और सैन्य संचार को बाधित करना
व्याख्या (Explanation):
सूर्य सेन और उनके साथियों ने शस्त्रागार, टेलीफोन तथा संचार तंत्र पर हमला कर ब्रिटिश प्रशासन को चुनौती देने का प्रयास किया। क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश प्रशासनिक नियंत्रण को अस्थायी रूप से चुनौती देने और हथियार कब्जाने का प्रयास किया।

प्रश्न 79: गदर आंदोलन की विफलता का एक प्रमुख कारण क्या था?

  • A. किसानों का पूर्ण विरोध
  • B. ब्रिटिश सरकार को योजनाओं की पूर्व जानकारी मिल जाना ✓
  • C. कांग्रेस द्वारा प्रत्यक्ष सैन्य दमन
  • D. प्रथम विश्व युद्ध का समाप्त होना
सही उत्तर: B — ब्रिटिश सरकार को योजनाओं की पूर्व जानकारी मिल जाना
व्याख्या (Explanation):
गदर आंदोलन की योजनाएँ ब्रिटिश प्रशासन को पहले ही ज्ञात हो गई थीं, जिसके कारण व्यापक गिरफ्तारियाँ हुईं और विद्रोह विफल हो गया। “किरपाल सिंह” नामक मुखबिर का उल्लेख कई स्रोतों में मिलता है।

प्रश्न 80: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) भगत सिंह ने अदालत को राजनीतिक मंच के रूप में उपयोग किया। (2) उन्होंने जेल में राजनीतिक कैदियों के अधिकारों हेतु भूख हड़ताल की। (3) वे पूर्णतः धार्मिक राष्ट्रवाद के समर्थक थे।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. केवल 1 और 2 ✓
सही उत्तर: D — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
भगत सिंह ने अदालत और मुकदमे का उपयोग औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध राजनीतिक प्रचार के लिए किया। उन्होंने जेल में कैदियों के अधिकारों के लिए भूख हड़ताल भी की। वे वैज्ञानिक और समाजवादी विचारों से प्रभावित थे, न कि केवल धार्मिक राष्ट्रवाद से।

प्रश्न 81: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन तेभागा आंदोलन के संदर्भ में सही है?

  • A. यह आंदोलन मुख्यतः उत्तर प्रदेश में हुआ।
  • B. इसका उद्देश्य जमींदारी उन्मूलन के बजाय सैनिक सुधार था।
  • C. इसमें फसल भंडारण पर बटाईदार किसानों के अधिकार की मांग की गई। ✓
  • D. यह केवल जनजातीय आंदोलन था।
सही उत्तर: C — इसमें फसल भंडारण पर बटाईदार किसानों के अधिकार की मांग की गई।
व्याख्या (Explanation):
तेभागा आंदोलन में बटाईदार किसान चाहते थे कि फसल का भंडारण उनके नियंत्रण में हो और उन्हें अधिक हिस्सा मिले। यह आंदोलन बंगाल किसान सभा से प्रभावित था।

प्रश्न 82: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन संथाल विद्रोह को 1857 के विद्रोह से अलग बनाता है?

  • A. इसका नेतृत्व मुख्यतः जनजातीय समुदाय ने किया। ✓
  • B. इसमें केवल सैनिक शामिल थे।
  • C. यह केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित था।
  • D. इसका उद्देश्य केवल प्रशासनिक सुधार था।
सही उत्तर: A — इसका नेतृत्व मुख्यतः जनजातीय समुदाय ने किया।
व्याख्या (Explanation):
संथाल विद्रोह एक प्रमुख जनजातीय विद्रोह था जबकि 1857 का विद्रोह व्यापक सैनिक-नागरिक स्वरूप का था। संथाल विद्रोह का सामाजिक-आर्थिक आधार अत्यंत महत्वपूर्ण है।

प्रश्न 83: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) तेलंगाना आंदोलन का संबंध कृषक वर्ग से था। (2) यह आंदोलन निजामशाही और सामंती शोषण के विरुद्ध था। (3) इसमें किसी भी वामपंथी संगठन की भूमिका नहीं थी।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 1 और 2 ✓
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: B — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
तेलंगाना आंदोलन किसानों का आंदोलन था जिसमें वामपंथी समूहों, विशेषकर कम्युनिस्टों की महत्वपूर्ण भूमिका थी।

प्रश्न 84: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन रामप्रसाद बिस्मिल के संदर्भ में सही है?

  • A. वे हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के प्रमुख नेताओं में थे। ✓
  • B. वे तेभागा आंदोलन के वैचारिक नेता थे।
  • C. उन्होंने संथाल विद्रोह का नेतृत्व किया।
  • D. वे गदर पार्टी के संस्थापक सदस्य थे।
सही उत्तर: A — वे हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के प्रमुख नेताओं में थे।
व्याख्या (Explanation):
रामप्रसाद बिस्मिल HRA के प्रमुख क्रांतिकारी थे और काकोरी कांड में शामिल थे। वे एक अच्छे कवि और लेखक भी थे।

प्रश्न 85: मुंडा विद्रोह के संदर्भ में “खूँटकट्टी” व्यवस्था का संबंध किससे था?

  • A. सैनिक भर्ती प्रणाली
  • B. औद्योगिक मजदूरी
  • C. धार्मिक सुधार
  • D. पारंपरिक सामुदायिक भूमि अधिकार ✓
सही उत्तर: D — पारंपरिक सामुदायिक भूमि अधिकार
व्याख्या (Explanation):
खूँटकट्टी व्यवस्था मुंडा समुदाय की पारंपरिक सामुदायिक भूमि व्यवस्था थी, जिसे औपनिवेशिक नीतियों से क्षति पहुँची। बिरसा मुंडा ने भूमि अधिकारों की पुनर्स्थापना पर बल दिया।

प्रश्न 86: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?

  • A. बिरसा मुंडा — तेलंगाना संघर्ष
  • B. सूर्य सेन — लाहौर षड्यंत्र केस
  • C. गोविंद गुरु — मानगढ़ आंदोलन ✓
  • D. सिद्धू-कान्हू — बारदोली सत्याग्रह
सही उत्तर: C — गोविंद गुरु — मानगढ़ आंदोलन
व्याख्या (Explanation):
गोविंद गुरु का संबंध मानगढ़ और भील आंदोलन से था।

प्रश्न 87: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) गदर आंदोलन का प्रभाव पंजाब के सैनिकों पर डालने का प्रयास किया गया। (2) प्रथम विश्व युद्ध ने गदर आंदोलन को अवसर प्रदान किया। (3) गदर पार्टी ने पूर्णतः अहिंसात्मक मार्ग अपनाया।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 1 और 2 ✓
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: B — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
गदर पार्टी ने सैनिक विद्रोह भड़काने का प्रयास किया तथा प्रथम विश्व युद्ध को ब्रिटिश शासन के विरुद्ध अवसर के रूप में देखा। गदर आंदोलन सशस्त्र क्रांति का समर्थक था, अहिंसात्मक नहीं।

प्रश्न 88: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन चंद्रशेखर आजाद के बारे में सही नहीं है?

  • A. वे HSRA से जुड़े थे।
  • B. उन्होंने क्रांतिकारी गतिविधियों को पुनर्गठित करने में भूमिका निभाई।
  • C. वे काकोरी षड्यंत्र से जुड़े थे।
  • D. उन्होंने “गदर” समाचार पत्र का संपादन किया। ✓
सही उत्तर: D — उन्होंने “गदर” समाचार पत्र का संपादन किया।
व्याख्या (Explanation):
“गदर” समाचार पत्र का संबंध गदर पार्टी और लाला हरदयाल जैसे नेताओं से था। चंद्रशेखर आजाद का इससे कोई संबंध नहीं था। आजाद ने भगत सिंह के साथ मिलकर HSRA को सक्रिय बनाया।

प्रश्न 89: निम्नलिखित में से किस घटना के बाद भगत सिंह और उनके साथियों ने जॉन सॉन्डर्स की हत्या की?

  • A. लाला लाजपत राय की मृत्यु ✓
  • B. बंग-भंग की घोषणा
  • C. काकोरी कांड
  • D. रॉलेट एक्ट पारित होना
सही उत्तर: A — लाला लाजपत राय की मृत्यु
व्याख्या (Explanation):
1928 में साइमन कमीशन विरोध प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज में घायल होने से लाला लाजपत राय की मृत्यु हुई। इसका बदला लेने हेतु सॉन्डर्स की हत्या की गई। मूल लक्ष्य पुलिस अधीक्षक स्कॉट था।

प्रश्न 90: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) भगत सिंह ने “नौजवान भारत सभा” की स्थापना में भूमिका निभाई थी। (2) नौजवान भारत सभा का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रवादी और वैज्ञानिक सोच विकसित करना था। (3) यह संगठन केवल पंजाब के किसानों तक सीमित था।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 2 ✓
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: C — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
नौजवान भारत सभा की स्थापना 1926 में लाहौर में हुई थी। भगत सिंह इससे जुड़े थे। इसका उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रवाद, समाजवाद और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना था।

प्रश्न 91: तेभागा आंदोलन के संबंध में कौन से कथन सही हैं: (1) यह आंदोलन बंगाल में हुआ था। (2) इसका संबंध बटाईदार किसानों से था। (3) इसमें किसानों ने उपज का आधा हिस्सा मांगने की मांग की।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. केवल 1 और 2 ✓
सही उत्तर: D — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
तेभागा आंदोलन बंगाल में बटाईदार किसानों द्वारा चलाया गया आंदोलन था। किसानों ने उपज का दो-तिहाई हिस्सा मांगने की मांग की थी, न कि आधा हिस्सा। “तेभागा” का अर्थ है “तीन में दो भाग”।

प्रश्न 92: निम्नलिखित में से किस क्रांतिकारी ने लाहौर षड्यंत्र केस में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई?

  • A. भगत सिंह ✓
  • B. दादाभाई नौरोजी
  • C. बिपिन चंद्र पाल
  • D. गोपाल कृष्ण गोखले
सही उत्तर: A — भगत सिंह
व्याख्या (Explanation):
लाहौर षड्यंत्र केस भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव से संबंधित था। इन्हें 23 मार्च 1931 को फाँसी दी गई।

प्रश्न 93: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गदर आंदोलन के संदर्भ में सही है?

  • A. इसका नेतृत्व केवल भारत में रहने वाले नेताओं ने किया।
  • B. यह केवल धार्मिक संगठन था।
  • C. प्रथम विश्व युद्ध के दौरान इसने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध विद्रोह की योजना बनाई। ✓
  • D. इसका उद्देश्य केवल शिक्षा सुधार था।
सही उत्तर: C — प्रथम विश्व युद्ध के दौरान इसने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध विद्रोह की योजना बनाई।
व्याख्या (Explanation):
गदर आंदोलन ने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान भारत में विद्रोह आयोजित करने का प्रयास किया। गदर आंदोलन राजनीतिक-सशस्त्र आंदोलन था, धार्मिक या शैक्षिक नहीं।

प्रश्न 94: तेलंगाना आंदोलन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  • A. इसका संबंध किसान संघर्ष से था।
  • B. यह हैदराबाद राज्य में हुआ।
  • C. इसमें सामंती शोषण का विरोध किया गया।
  • D. इसका नेतृत्व सिद्धू और कान्हू ने किया। ✓
सही उत्तर: D — इसका नेतृत्व सिद्धू और कान्हू ने किया।
व्याख्या (Explanation):
सिद्धू और कान्हू संथाल विद्रोह के नेता थे। तेलंगाना आंदोलन किसानों और खेत मजदूरों का सामंती शोषण के विरुद्ध आंदोलन था। तेलंगाना आंदोलन 1946 के आसपास विशेष रूप से उभरा।

प्रश्न 95: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?

  • A. सूर्य सेन — चटगाँव शस्त्रागार कांड ✓
  • B. बिरसा मुंडा — तेभागा आंदोलन
  • C. रामप्रसाद बिस्मिल — तेलंगाना आंदोलन
  • D. लाला हरदयाल — मुंडा विद्रोह
सही उत्तर: A — सूर्य सेन — चटगाँव शस्त्रागार कांड
व्याख्या (Explanation):
सूर्य सेन चटगाँव शस्त्रागार कांड के नेता थे।

प्रश्न 96: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) भील आंदोलन में आदिवासी समुदायों ने औपनिवेशिक नीतियों का विरोध किया। (2) गोविंद गुरु का संबंध भील समुदाय से था। (3) यह आंदोलन मुख्यतः बंगाल में केंद्रित था।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 1 और 2 ✓
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: B — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
भील आंदोलन पश्चिमी भारत में औपनिवेशिक शोषण और सामाजिक दमन के विरुद्ध था। गोविंद गुरु इसके प्रमुख नेताओं में थे। मानगढ़ पहाड़ी इस आंदोलन से संबंधित महत्वपूर्ण स्थल है।

प्रश्न 97: निम्नलिखित में से कौन-सा आंदोलन मुख्यतः छोटानागपुर क्षेत्र से संबंधित था?

  • A. तेभागा आंदोलन
  • B. तेलंगाना आंदोलन
  • C. मुंडा विद्रोह ✓
  • D. भील आंदोलन
सही उत्तर: C — मुंडा विद्रोह
व्याख्या (Explanation):
मुंडा विद्रोह छोटानागपुर क्षेत्र में हुआ था। इसका नेतृत्व बिरसा मुंडा ने किया।

प्रश्न 98: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन भगत सिंह के वैचारिक दृष्टिकोण को सबसे बेहतर व्यक्त करता है?

  • A. वे क्रांति को सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का माध्यम मानते थे। ✓
  • B. वे केवल धार्मिक सुधार में विश्वास करते थे।
  • C. वे ब्रिटिश शासन के साथ समझौते के पक्षधर थे।
  • D. वे केवल किसान आंदोलनों तक सीमित थे।
सही उत्तर: A — वे क्रांति को सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का माध्यम मानते थे।
व्याख्या (Explanation):
भगत सिंह की क्रांति की अवधारणा केवल राजनीतिक स्वतंत्रता तक सीमित नहीं थी; वे सामाजिक एवं आर्थिक समानता भी चाहते थे। “Why I am an Atheist” उनका प्रसिद्ध लेख है।

प्रश्न 99: निम्नलिखित में से किस क्रांतिकारी संगठन ने बाद में “हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA)” का रूप लिया?

  • A. गदर पार्टी
  • B. अभिनव भारत
  • C. अनुशीलन समिति
  • D. हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन ✓
सही उत्तर: D — हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन
व्याख्या (Explanation):
हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) को बाद में समाजवादी विचारधारा के प्रभाव में हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) बनाया गया। भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद HSRA से जुड़े प्रमुख नेता थे।

प्रश्न 100: अभिनव भारत के संबंध में कौन से कथन सही हैं: (1) इसका प्रारंभिक नाम “मित्र मेला” था। (2) इसका संबंध इंडिया हाउस, लंदन से था। (3) इसका उद्देश्य केवल सामाजिक सुधार करना था।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 1 और 2 ✓
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: B — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
अभिनव भारत का प्रारंभिक नाम “मित्र मेला” था। बाद में इसका संबंध लंदन स्थित इंडिया हाउस और क्रांतिकारी गतिविधियों से जुड़ा। इसका उद्देश्य सामाजिक सुधार तक सीमित नहीं था। इंडिया हाउस की स्थापना श्यामजी कृष्ण वर्मा ने की थी।

प्रश्न 101: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन संथाल विद्रोह के संदर्भ में सही है?

  • A. यह अंग्रेजों के विरुद्ध पहला सैनिक विद्रोह था।
  • B. यह केवल धार्मिक सुधार आंदोलन था।
  • C. इसमें महाजनों और जमींदारों के शोषण के विरुद्ध संघर्ष प्रमुख था। ✓
  • D. इसका नेतृत्व दयानंद सरस्वती ने किया था।
सही उत्तर: C — इसमें महाजनों और जमींदारों के शोषण के विरुद्ध संघर्ष प्रमुख था।
व्याख्या (Explanation):
संथाल विद्रोह का मुख्य कारण महाजनों, जमींदारों और ब्रिटिश प्रशासन का आर्थिक एवं सामाजिक शोषण था। यह सैनिक या धार्मिक सुधार आंदोलन नहीं था, बल्कि जनजातीय-आर्थिक विद्रोह था।

प्रश्न 102: निम्नलिखित में से किस क्रांतिकारी ने “मैं आजाद हूँ, आजाद रहूँगा” की प्रतिज्ञा ली थी?

  • A. चंद्रशेखर आजाद ✓
  • B. भगत सिंह
  • C. खुदीराम बोस
  • D. वीर सावरकर
सही उत्तर: A — चंद्रशेखर आजाद
व्याख्या (Explanation):
चंद्रशेखर तिवारी ने गिरफ्तारी के समय स्वयं को “आजाद” बताया था, जिसके बाद वे चंद्रशेखर आजाद कहलाए। वे कभी जीवित ब्रिटिश पुलिस के हाथ नहीं आए।

प्रश्न 103: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?

  • A. सिद्धू-कान्हू — तेभागा आंदोलन
  • B. गोविंद गुरु — तेलंगाना आंदोलन
  • C. सूर्य सेन — काकोरी कांड
  • D. बिरसा मुंडा — मुंडा विद्रोह ✓
सही उत्तर: D — बिरसा मुंडा — मुंडा विद्रोह
व्याख्या (Explanation):
बिरसा मुंडा मुंडा विद्रोह के नेता थे। सिद्धू-कान्हू → संथाल विद्रोह, गोविंद गुरु → भील आंदोलन, सूर्य सेन → चटगाँव शस्त्रागार कांड

प्रश्न 104: तेलंगाना आंदोलन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. यह ब्रिटिश शासन के विरुद्ध नौसैनिक विद्रोह था।
  • B. यह हैदराबाद राज्य में जमींदारी शोषण के विरुद्ध किसान आंदोलन था। ✓
  • C. इसका नेतृत्व केवल कांग्रेस ने किया था।
  • D. इसका मुख्य उद्देश्य बंगाल विभाजन का विरोध था।
सही उत्तर: B — यह हैदराबाद राज्य में जमींदारी शोषण के विरुद्ध किसान आंदोलन था।
व्याख्या (Explanation):
तेलंगाना आंदोलन हैदराबाद राज्य में किसानों द्वारा सामंती और जमींदारी शोषण के विरुद्ध चलाया गया आंदोलन था। इस आंदोलन में कम्युनिस्टों की महत्वपूर्ण भूमिका थी।

प्रश्न 105: निम्नलिखित में से कौन-सा आंदोलन मुख्यतः बटाईदार किसानों से संबंधित था?

  • A. तेभागा आंदोलन ✓
  • B. मुंडा विद्रोह
  • C. भील आंदोलन
  • D. संथाल विद्रोह
सही उत्तर: A — तेभागा आंदोलन
व्याख्या (Explanation):
तेभागा आंदोलन बंगाल के बटाईदार किसानों का आंदोलन था जिसमें वे उपज का दो-तिहाई हिस्सा मांग रहे थे। यह आंदोलन किसान सभा और वामपंथी समूहों से प्रभावित था।

प्रश्न 106: इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) चटगाँव शस्त्रागार कांड 1930 में हुआ था। (2) इसका उद्देश्य ब्रिटिश सैन्य संरचना को चुनौती देना था। (3) इसका नेतृत्व भगत सिंह ने किया था।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 2 ✓
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: C — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
चटगाँव शस्त्रागार कांड 1930 में हुआ था और इसका नेतृत्व सूर्य सेन ने किया था। इसका उद्देश्य ब्रिटिश प्रशासनिक और सैन्य ढांचे को चुनौती देना था।

प्रश्न 107: निम्नलिखित में से किस आंदोलन का संबंध बिरसा मुंडा से है?

  • A. तेभागा आंदोलन
  • B. उलगुलान ✓
  • C. बारदोली सत्याग्रह
  • D. पाबना आंदोलन
सही उत्तर: B — उलगुलान
व्याख्या (Explanation):
“उलगुलान” मुंडा विद्रोह का दूसरा नाम था जिसका नेतृत्व बिरसा मुंडा ने किया। यह छोटानागपुर क्षेत्र में जनजातीय असंतोष का महत्वपूर्ण आंदोलन था।

प्रश्न 108: भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त द्वारा केंद्रीय विधान सभा में बम फेंकने का मुख्य उद्देश्य क्या था?

  • A. ब्रिटिश अधिकारियों की हत्या करना
  • B. पंजाब में मार्शल लॉ लागू करवाना
  • C. सैनिक विद्रोह प्रारंभ करना
  • D. “बहरों को सुनाने” के लिए क्रांतिकारी संदेश देना ✓
सही उत्तर: D — “बहरों को सुनाने” के लिए क्रांतिकारी संदेश देना
व्याख्या (Explanation):
भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने केंद्रीय विधान सभा में गैर-घातक बम फेंककर “बहरों को सुनाने के लिए धमाके की जरूरत होती है” विचार को प्रतीकात्मक रूप से प्रस्तुत किया।

प्रश्न 109: निम्नलिखित में से कौन-सा क्रांतिकारी “हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन” से संबंधित था?

  • A. रामप्रसाद बिस्मिल ✓
  • B. दादाभाई नौरोजी
  • C. सुरेंद्रनाथ बनर्जी
  • D. फिरोजशाह मेहता
सही उत्तर: A — रामप्रसाद बिस्मिल
व्याख्या (Explanation):
रामप्रसाद बिस्मिल हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) के प्रमुख क्रांतिकारी थे। अन्य सभी नेता कांग्रेस के उदारवादी धड़े से जुड़े थे।

प्रश्न 110: गदर पार्टी के संबंध में कौन से कथन सही हैं: (1) इसका समाचार पत्र “गदर” कई भाषाओं में प्रकाशित होता था। (2) लाला हरदयाल इसका प्रमुख नेता था। (3) इसका मुख्य उद्देश्य भारत में संवैधानिक सुधार लाना था।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 2 ✓
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: C — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
गदर पार्टी का समाचार पत्र “गदर” विभिन्न भाषाओं में प्रकाशित होता था। लाला हरदयाल इसके प्रमुख नेताओं में थे। इसका उद्देश्य संवैधानिक सुधार नहीं बल्कि सशस्त्र क्रांति द्वारा ब्रिटिश शासन समाप्त करना था। गदर पार्टी का मुख्यालय “युगांतर आश्रम” कहलाता था।

प्रश्न 111: तेभागा आंदोलन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. इसमें बटाईदार किसानों ने उपज का दो-तिहाई हिस्सा मांगने की मांग की। ✓
  • B. यह मुख्यतः पंजाब में हुआ था।
  • C. इसका नेतृत्व दादाभाई नौरोजी ने किया।
  • D. इसका उद्देश्य नमक कर समाप्त करना था।
सही उत्तर: A — इसमें बटाईदार किसानों ने उपज का दो-तिहाई हिस्सा मांगने की मांग की।
व्याख्या (Explanation):
तेभागा आंदोलन 1946 में बंगाल में हुआ किसान आंदोलन था जिसमें बटाईदार किसानों ने उपज का दो-तिहाई हिस्सा अपने पास रखने की मांग की। नमक कर का संबंध सविनय अवज्ञा आंदोलन से है, तेभागा आंदोलन से नहीं।

प्रश्न 112: मुंडा विद्रोह के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. इसका नेतृत्व अल्लूरी सीताराम राजू ने किया।
  • B. यह मुख्यतः नील की खेती के विरोध में था।
  • C. यह बंगाल विभाजन के विरोध में प्रारंभ हुआ।
  • D. बिरसा मुंडा ने “उलगुलान” आंदोलन का नेतृत्व किया। ✓
सही उत्तर: D — बिरसा मुंडा ने “उलगुलान” आंदोलन का नेतृत्व किया।
व्याख्या (Explanation):
मुंडा विद्रोह का नेतृत्व बिरसा मुंडा ने किया था। इसे “उलगुलान” भी कहा जाता है। इसका उद्देश्य ब्रिटिश शासन, जमींदारी शोषण और मिशनरी प्रभाव का विरोध करना था। बिरसा मुंडा को “धरती आबा” कहा जाता है।

प्रश्न 113: भील आंदोलन के संबंध में कौन से कथन सही हैं: (1) यह मुख्यतः पश्चिमी भारत के जनजातीय क्षेत्रों में हुआ। (2) गोविंद गुरु का संबंध भील आंदोलन से था। (3) इसका प्रमुख उद्देश्य स्थायी बंदोबस्त लागू करवाना था।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 2 ✓
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: C — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
भील आंदोलन राजस्थान और गुजरात के आदिवासी क्षेत्रों में प्रमुख था। गोविंद गुरु इससे जुड़े थे। इसका उद्देश्य शोषण और दमन के विरुद्ध संघर्ष था, न कि स्थायी बंदोबस्त लागू करवाना। मानगढ़ हत्याकांड भील आंदोलन से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रसंग है।

प्रश्न 114: संथाल विद्रोह (1855-56) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. इसका नेतृत्व सिद्धू और कान्हू ने किया था। ✓
  • B. इसका मुख्य उद्देश्य बंग-भंग का विरोध था।
  • C. यह केवल सैनिकों का विद्रोह था।
  • D. यह मद्रास प्रेसीडेंसी तक सीमित था।
सही उत्तर: A — इसका नेतृत्व सिद्धू और कान्हू ने किया था।
व्याख्या (Explanation):
संथाल विद्रोह का नेतृत्व सिद्धू और कान्हू मुर्मू ने किया था। इसका कारण जमींदारों, महाजनों और ब्रिटिश प्रशासन का शोषण था। यह 1857 से पूर्व का एक महत्वपूर्ण जनजातीय विद्रोह था।

प्रश्न 115: सूर्य सेन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. वे तेलंगाना आंदोलन के नेता थे।
  • B. वे गदर आंदोलन से जुड़े थे।
  • C. उन्होंने संथाल विद्रोह का नेतृत्व किया।
  • D. वे चटगाँव शस्त्रागार कांड के प्रमुख नेता थे। ✓
सही उत्तर: D — वे चटगाँव शस्त्रागार कांड के प्रमुख नेता थे।
व्याख्या (Explanation):
सूर्य सेन, जिन्हें “मास्टर दा” भी कहा जाता है, 1930 के चटगाँव शस्त्रागार कांड के प्रमुख नेता थे। संथाल विद्रोह 1855 का था जबकि सूर्य सेन 20वीं शताब्दी के क्रांतिकारी थे।

प्रश्न 116: रामप्रसाद बिस्मिल के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. वे गदर पार्टी के संस्थापक थे।
  • B. वे काकोरी षड्यंत्र केस के प्रमुख अभियुक्तों में थे। ✓
  • C. उन्होंने तेभागा आंदोलन का नेतृत्व किया।
  • D. वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रथम अध्यक्ष थे।
सही उत्तर: B — वे काकोरी षड्यंत्र केस के प्रमुख अभियुक्तों में थे।
व्याख्या (Explanation):
रामप्रसाद बिस्मिल काकोरी षड्यंत्र (1925) के प्रमुख क्रांतिकारियों में थे। वे हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन से जुड़े थे। “सरफरोशी की तमन्ना” कविता उनसे व्यापक रूप से जुड़ी मानी जाती है।

प्रश्न 117: चंद्रशेखर आजाद के संबंध में कौन से कथन सही हैं: (1) वे काकोरी कांड से जुड़े थे। (2) उन्होंने इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में आत्मबलिदान दिया। (3) वे कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी के संस्थापक सदस्य थे।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 2 ✓
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: C — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
चंद्रशेखर आजाद काकोरी कांड से जुड़े प्रमुख क्रांतिकारी थे। 1931 में इलाहाबाद के अल्फ्रेड पार्क में उन्होंने स्वयं को गोली मारकर गिरफ्तारी से बचा लिया। वे कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी से संबंधित नहीं थे। अल्फ्रेड पार्क का वर्तमान नाम “चंद्रशेखर आजाद पार्क” है।

प्रश्न 118: गदर पार्टी के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. इसकी स्थापना बंगाल में हुई थी।
  • B. इसका प्रमुख उद्देश्य खिलाफत आंदोलन को समर्थन देना था।
  • C. यह मुख्यतः किसानों का संगठन था।
  • D. इसका गठन विदेशों में बसे भारतीयों द्वारा किया गया था। ✓
सही उत्तर: D — इसका गठन विदेशों में बसे भारतीयों द्वारा किया गया था।
व्याख्या (Explanation):
गदर पार्टी की स्थापना 1913 में सैन फ्रांसिस्को में भारतीय प्रवासियों द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य भारत में सशस्त्र क्रांति के माध्यम से ब्रिटिश शासन समाप्त करना था। खिलाफत आंदोलन और गदर पार्टी के उद्देश्य अलग-अलग थे।

प्रश्न 119: अभिनव भारत संगठन के संबंध में कौन से कथन सही हैं: (1) इसकी स्थापना विनायक दामोदर सावरकर ने की थी। (2) इसका उद्देश्य सशस्त्र क्रांति द्वारा ब्रिटिश शासन को समाप्त करना था। (3) इसका मुख्यालय प्रारंभ से ही कलकत्ता में था।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 1 और 2 ✓
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: B — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
अभिनव भारत की स्थापना 1904 में वी.डी. सावरकर ने महाराष्ट्र में की थी। इसका उद्देश्य क्रांतिकारी गतिविधियों द्वारा ब्रिटिश शासन को समाप्त करना था। इसका मुख्य केंद्र महाराष्ट्र क्षेत्र था, न कि कलकत्ता। अभिनव भारत का संबंध लंदन स्थित इंडिया हाउस से भी जोड़ा जाता है।

प्रश्न 120: Assertion (A): गदर पार्टी का प्रभाव केवल विदेशों तक सीमित रहा और भारत में उसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा। Reason (R): गदर आंदोलन से जुड़े अनेक कार्यकर्ता भारत लौटकर विद्रोह की योजनाओं से जुड़े थे।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):
गदर आंदोलन का प्रभाव भारत में भी पड़ा। कई कार्यकर्ता भारत लौटे और सैनिक विद्रोह की योजनाओं में शामिल हुए।

प्रश्न 121: Assertion (A): तेलंगाना विद्रोह स्वतंत्र भारत में भूमि सुधार संबंधी बहसों को प्रभावित करने वाले आंदोलनों में से एक था। Reason (R): इस आंदोलन ने ग्रामीण सत्ता-संरचना और भूमिसंबंधों की असमानताओं को उजागर किया।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
तेलंगाना संघर्ष ने भूमि सुधार, कृषक अधिकार और ग्रामीण असमानताओं पर राष्ट्रीय बहस को प्रभावित किया।

प्रश्न 122: Assertion (A): भगत सिंह ने अदालतों का उपयोग वैचारिक प्रचार के मंच के रूप में किया। Reason (R): वे औपनिवेशिक न्याय व्यवस्था की वैधता को चुनौती देना चाहते थे।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
भगत सिंह ने मुकदमों और अपने बयानों के माध्यम से औपनिवेशिक शासन की आलोचना की तथा जनमत निर्माण का प्रयास किया।

प्रश्न 123: Assertion (A): अभिनव भारत सोसाइटी ने गुप्त क्रांतिकारी संगठनों की बाद की परंपरा को प्रभावित किया। Reason (R): संगठन ने शपथ, गोपनीय नेटवर्क और वैचारिक प्रशिक्षण जैसी पद्धतियों का उपयोग किया।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
अभिनव भारत की संगठनात्मक शैली और गोपनीय ढाँचे ने बाद के कई क्रांतिकारी संगठनों को प्रभावित किया।

प्रश्न 124: Assertion (A): तेलंगाना विद्रोह केवल निज़ाम-विरोधी राजनीतिक आंदोलन था। Reason (R): आंदोलन में भूमि-संबंधी प्रश्न और ग्रामीण शोषण भी केंद्रीय मुद्दे थे।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):
तेलंगाना आंदोलन केवल राजनीतिक संघर्ष नहीं था; इसमें भूमि सुधार, बेगार विरोध और ग्रामीण वर्ग-संघर्ष भी शामिल थे।

प्रश्न 125: Assertion (A): तेभागा आंदोलन ने औपनिवेशिक भारत में कृषक वर्ग-संघर्ष को नई वैचारिक दिशा दी। Reason (R): आंदोलन में किसान सभाओं और वामपंथी संगठनों की सक्रिय भूमिका थी।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
तेभागा आंदोलन वर्गीय चेतना और कृषक राजनीति से जुड़ा था। किसान सभाओं और वामपंथी संगठनों की सक्रिय भूमिका ने इसे वैचारिक दिशा प्रदान की।

प्रश्न 126: Assertion (A): मुंडा विद्रोह में धार्मिक पुनरुत्थान और भूमि प्रश्न परस्पर जुड़े हुए थे। Reason (R): बिरसा मुंडा ने पारंपरिक सामाजिक संरचना की पुनर्स्थापना पर बल दिया था।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
बिरसा आंदोलन धार्मिक पुनरुत्थान, भूमि अधिकार और सामाजिक पुनर्गठन — तीनों से जुड़ा हुआ था।

प्रश्न 127: Assertion (A): भील आंदोलन के सभी चरणों में औपनिवेशिक विरोध समान रूप से संगठित और वैचारिक था। Reason (R): भील आंदोलनों का स्वरूप विभिन्न क्षेत्रों और समयों में अलग-अलग रहा।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):
भील आंदोलनों का स्वरूप समय, क्षेत्र और नेतृत्व के अनुसार भिन्न रहा; सभी चरण समान रूप से संगठित या वैचारिक नहीं थे।

प्रश्न 128: Assertion (A): संथाल विद्रोह औपनिवेशिक अर्थव्यवस्था के विरुद्ध जनजातीय प्रतिक्रिया का उदाहरण था। Reason (R): रेलवे, राजस्व व्यवस्था और साहूकारी तंत्र के विस्तार ने पारंपरिक जनजातीय जीवन को प्रभावित किया।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
औपनिवेशिक आर्थिक ढाँचे तथा साहूकारी शोषण ने जनजातीय समाज की पारंपरिक संरचना को कमजोर किया, जिससे संथाल विद्रोह उत्पन्न हुआ।

प्रश्न 129: Assertion (A): सूर्य सेन ने चिटगाँव विद्रोह में प्रतीकात्मक सत्ता-हस्तांतरण का प्रयास किया था। Reason (R): शस्त्रागार पर कब्ज़े के बाद क्रांतिकारियों ने औपनिवेशिक सत्ता को चुनौती देते हुए राष्ट्रीय ध्वज फहराया और क्रांतिकारी नियंत्रण की घोषणा की थी।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
चिटगाँव अभियान केवल सैन्य कार्रवाई नहीं था; इसका उद्देश्य औपनिवेशिक सत्ता को प्रतीकात्मक चुनौती देना भी था।

प्रश्न 130: Assertion (A): राम प्रसाद बिस्मिल की रचनाएँ केवल भावनात्मक राष्ट्रवाद तक सीमित थीं। Reason (R): उनकी अनेक रचनाओं में त्याग, क्रांति और राजनीतिक चेतना के तत्व मिलते हैं।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):
राम प्रसाद बिस्मिल की रचनाएँ केवल भावनात्मक राष्ट्रवाद तक सीमित नहीं थीं; उनमें वैचारिक चेतना, त्याग और क्रांतिकारी विचार भी स्पष्ट दिखाई देते हैं।

प्रश्न 131: Assertion (A): चन्द्रशेखर आज़ाद ने व्यक्तिगत वीरता की अपेक्षा संगठनात्मक निरंतरता को अधिक महत्व दिया। Reason (R): काकोरी षड्यंत्र के बाद क्रांतिकारी नेतृत्व में उत्पन्न रिक्तता ने संगठन की कमजोरी को उजागर कर दिया था।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
काकोरी घटना के बाद संगठन को नेतृत्व संकट का सामना करना पड़ा। इससे संगठनात्मक ढाँचे की आवश्यकता स्पष्ट हुई, जिसके कारण आज़ाद ने संगठन के पुनर्गठन और निरंतरता पर बल दिया।

प्रश्न 132: Assertion (A): भगत सिंह की राजनीतिक सोच केवल औपनिवेशिक शासन के विरोध तक सीमित नहीं थी। Reason (R): वे सामाजिक क्रांति को राजनीतिक स्वतंत्रता से अलग मानते थे।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है ✓
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: C — A सही है पर R गलत है
व्याख्या (Explanation):
भगत सिंह केवल राजनीतिक स्वतंत्रता को पर्याप्त नहीं मानते थे; वे सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन को भी आवश्यक समझते थे। किंतु वे सामाजिक क्रांति और राजनीतिक स्वतंत्रता को अलग नहीं, बल्कि परस्पर जुड़ा हुआ मानते थे।

प्रश्न 133: Assertion (A): गदर पार्टी ने प्रवासी भारतीयों को बड़े पैमाने पर राजनीतिक रूप से संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। Reason (R): गदर पार्टी ने विदेशों में बसे भारतीय मजदूरों और सैनिकों के बीच राजनीतिक प्रचार किया।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
गदर पार्टी ने विदेशों में बसे भारतीयों, विशेषकर मजदूरों और सैनिकों के बीच राष्ट्रवादी प्रचार कर उन्हें राजनीतिक रूप से संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

प्रश्न 134: Assertion (A): हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के वैचारिक विकास में राष्ट्रवाद से समाजवाद की ओर स्पष्ट संक्रमण देखा जा सकता है। Reason (R): संगठन के बाद के दस्तावेज़ों में वर्गहीन समाज और श्रमिक-किसान राज्य की अवधारणा दिखाई देती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन का प्रारंभिक राष्ट्रवादी दृष्टिकोण धीरे-धीरे समाजवादी विचारधारा से प्रभावित हुआ। उसके दस्तावेज़ों में वर्ग-संघर्ष तथा समाजवादी राज्य की अवधारणा स्पष्ट दिखाई देती है।

प्रश्न 135: Assertion (A): मुंडा विद्रोह के बाद औपनिवेशिक सरकार ने कुछ भूमि-सुधार संबंधी कदम उठाए। Reason (R): सरकार जनजातीय क्षेत्रों में निरंतर विद्रोह की संभावना से चिंतित थी।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
मुंडा विद्रोह के बाद सरकार ने छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम जैसे उपाय किए ताकि जनजातीय असंतोष को कम किया जा सके और भविष्य के विद्रोहों को रोका जा सके।

प्रश्न 136: Assertion (A): भगत सिंह ने जेल में राजनीतिक बंदियों के अधिकारों के लिए भूख हड़ताल की थी। Reason (R): वे भारतीय और यूरोपीय कैदियों के बीच किए जाने वाले भेदभाव का विरोध कर रहे थे।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
भगत सिंह की भूख हड़ताल राजनीतिक बंदियों के अधिकारों तथा जेलों में भारतीय और यूरोपीय कैदियों के बीच भेदभावपूर्ण व्यवहार के विरोध से संबंधित थी।

प्रश्न 137: Assertion (A): भील आंदोलनों का स्वरूप पूर्णतः हिंसक था। Reason (R): भील समुदाय ने अनेक क्षेत्रों में प्रशासनिक नीतियों का विरोध किया था।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):
भील आंदोलनों का स्वरूप विविध था; सभी आंदोलन पूर्णतः हिंसक नहीं थे। हालांकि भील समुदाय ने प्रशासनिक नीतियों और बाहरी हस्तक्षेप का विरोध अवश्य किया था।

प्रश्न 138: Assertion (A): गदर पार्टी ने भारतीय सैनिकों को ब्रिटिश सेना के विरुद्ध विद्रोह के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया। Reason (R): गदर नेताओं का मानना था कि औपनिवेशिक शासन की वास्तविक शक्ति सेना में निहित थी।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
गदर नेताओं ने सैनिक विद्रोह को स्वतंत्रता प्राप्ति का प्रभावी माध्यम माना क्योंकि ब्रिटिश शासन की प्रमुख शक्ति उसकी सेना थी।

प्रश्न 139: Assertion (A): अभिनव भारत संस्था ने युवाओं में राष्ट्रवादी चेतना फैलाने का प्रयास किया। Reason (R): यह संगठन एक गुप्त क्रांतिकारी नेटवर्क के रूप में कार्य करता था।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है ✓
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: B — A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
व्याख्या (Explanation):
अभिनव भारत संस्था राष्ट्रवादी चेतना फैलाने में सक्रिय थी तथा गुप्त क्रांतिकारी संगठन के रूप में कार्य करती थी। हालांकि दूसरा Assertion (A): पहले का प्रत्यक्ष कारण नहीं है।

प्रश्न 140: Assertion (A): तेलंगाना विद्रोह में साम्यवादी कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण थी। Reason (R): आंदोलन के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में सशस्त्र किसान समितियों का गठन किया गया था।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है ✓
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: B — A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
व्याख्या (Explanation):
तेलंगाना आंदोलन में साम्यवादी नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका थी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सशस्त्र किसान समितियाँ भी गठित की गईं। किंतु R, A की प्रत्यक्ष व्याख्या नहीं करता।

प्रश्न 141: Assertion (A): तेभागा आंदोलन का संबंध बंटाईदार किसानों की आर्थिक मांगों से था। Reason (R): आंदोलन में किसानों ने जमींदारों से लगान समाप्त करने की मांग की थी।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है ✓
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: C — A सही है पर R गलत है
व्याख्या (Explanation):
तेभागा आंदोलन बंटाईदार किसानों की उपज में हिस्सेदारी बढ़ाने (एक-तिहाई के स्थान पर दो-तिहाई) की मांग से संबंधित था, न कि लगान समाप्त करने की मांग से।

प्रश्न 142: Assertion (A): मुंडा विद्रोह केवल धार्मिक पुनरुत्थान का आंदोलन था। Reason (R): बिरसा मुंडा ने सामाजिक और आर्थिक शोषण के विरुद्ध भी संघर्ष किया था।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):
मुंडा विद्रोह केवल धार्मिक आंदोलन नहीं था। इसमें भूमि अधिकार, सामाजिक पुनर्गठन और आर्थिक शोषण के विरुद्ध संघर्ष भी शामिल था।

प्रश्न 143: Assertion (A): संथाल विद्रोह में पारंपरिक सामुदायिक भूमि व्यवस्था के विघटन ने असंतोष बढ़ाया। Reason (R): औपनिवेशिक भूमि नीतियों ने महाजनों और जमींदारों की भूमिका को सशक्त किया।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
औपनिवेशिक नीतियों ने पारंपरिक भूमि संरचना को कमजोर किया तथा महाजनों एवं जमींदारों के शोषण को बढ़ावा दिया, जिससे संथालों में असंतोष बढ़ा।

प्रश्न 144: Assertion (A): सूर्य सेन की रणनीति में स्थानीय युवाओं की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण थी। Reason (R): चिटगाँव विद्रोह पूर्णतः बाहरी क्रांतिकारियों द्वारा संचालित था।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है ✓
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: C — A सही है पर R गलत है
व्याख्या (Explanation):
सूर्य सेन ने स्थानीय विद्यार्थियों और युवाओं को संगठित किया था। चिटगाँव विद्रोह केवल बाहरी क्रांतिकारियों द्वारा संचालित नहीं था।

प्रश्न 145: Assertion (A): राम प्रसाद बिस्मिल का योगदान केवल सशस्त्र क्रांति तक सीमित था। Reason (R): वे साहित्य और वैचारिक लेखन से भी जुड़े हुए थे।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):
राम प्रसाद बिस्मिल केवल सशस्त्र क्रांतिकारी नहीं थे; वे लेखक, कवि और वैचारिक चिंतक भी थे। इसलिए A गलत और R सही है।

प्रश्न 146: Assertion (A): चंद्रशेखर आज़ाद ने क्रांतिकारी संगठनों में अनुशासन और गोपनीयता को अत्यधिक महत्व दिया। Reason (R): काकोरी षड्यंत्र के बाद ब्रिटिश खुफिया तंत्र अधिक सक्रिय हो गया था।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
काकोरी कांड के बाद ब्रिटिश निगरानी एवं दमन बढ़ गया था। इसी कारण चंद्रशेखर आज़ाद संगठनात्मक अनुशासन और गोपनीयता पर विशेष बल देते थे।

प्रश्न 147: Assertion (A): भगत सिंह ने केंद्रीय विधानसभा बम कांड में ऐसे बमों का प्रयोग किया था जिनसे बड़े पैमाने पर जनहानि हो सके। Reason (R): उनका उद्देश्य औपनिवेशिक शासन का ध्यान आकर्षित करना था।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):
भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने कम तीव्रता वाले बमों का प्रयोग किया था ताकि जनहानि न हो। उनका उद्देश्य प्रतीकात्मक विरोध के माध्यम से औपनिवेशिक शासन का ध्यान आकर्षित करना था।

प्रश्न 148: Assertion (A): गदर पार्टी प्रथम विश्व युद्ध को ब्रिटिश शासन के विरुद्ध विद्रोह के अवसर के रूप में देखती थी। Reason (R): युद्ध के दौरान ब्रिटिश साम्राज्य की सैन्य एवं प्रशासनिक क्षमता पर दबाव बढ़ गया था।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
गदर पार्टी ने युद्धकालीन परिस्थितियों को ब्रिटिश शासन की कमजोरी के अवसर के रूप में देखा और विद्रोह की योजना बनाई।

प्रश्न 149: Assertion (A): हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) ने ‘क्रांति’ को केवल राजनीतिक सत्ता परिवर्तन तक सीमित नहीं माना। Reason (R): एचएसआरए के अनेक नेताओं ने सामाजिक एवं आर्थिक असमानताओं को भी औपनिवेशिक व्यवस्था से जुड़ी समस्या माना।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
एचएसआरए की क्रांति की अवधारणा व्यापक सामाजिक परिवर्तन से जुड़ी थी। संगठन राजनीतिक स्वतंत्रता के साथ सामाजिक एवं आर्थिक समानता भी स्थापित करना चाहता था।

प्रश्न 150: Assertion (A): तेलंगाना विद्रोह स्वतंत्रता प्राप्ति के तुरंत बाद समाप्त हो गया था। Reason (R): भारतीय सेना के ‘पोलो अभियान’ के बाद भी कुछ क्षेत्रों में संघर्ष जारी रहा।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):
तेलंगाना आंदोलन स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भी कुछ समय तक जारी रहा। ‘पोलो अभियान’ के बाद भी कई क्षेत्रों में संघर्ष समाप्त होने में समय लगा।

प्रश्न 151: Assertion (A): संथाल विद्रोह रेल और डाक व्यवस्था पर हमलों से भी जुड़ा था। Reason (R): संथाल ब्रिटिश प्रशासनिक संपर्क तंत्र को बाधित करना चाहते थे।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
संथाल विद्रोहियों ने औपनिवेशिक संपर्क साधनों को निशाना बनाया ताकि प्रशासनिक नियंत्रण कमजोर किया जा सके।

प्रश्न 152: Assertion (A): हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन ने लाहौर षड्यंत्र केस के दौरान जनसमर्थन प्राप्त किया। Reason (R): मुकदमे के दौरान क्रांतिकारियों ने अदालत को राजनीतिक मंच के रूप में प्रयोग किया।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
भगत सिंह और उनके साथियों ने अदालत में अपने विचार प्रस्तुत किए, जिससे जनता में व्यापक सहानुभूति और समर्थन उत्पन्न हुआ।

प्रश्न 153: Assertion (A): अभिनव भारत सोसाइटी का संबंध भारत के बाहर की क्रांतिकारी गतिविधियों से भी था। Reason (R): विनायक दामोदर सावरकर लंदन स्थित इंडिया हाउस से जुड़े हुए थे।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
अभिनव भारत की गतिविधियाँ विदेशी नेटवर्क से भी जुड़ी थीं और सावरकर का इंडिया हाउस से संबंध इसका महत्वपूर्ण कारण था।

प्रश्न 154: Assertion (A): तेलंगाना विद्रोह का संघर्ष निज़ाम शासन और सामंती व्यवस्था दोनों के विरुद्ध था। Reason (R): आंदोलन में भूमिहीन किसानों और खेत मजदूरों की बड़ी भागीदारी थी।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है ✓
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: B — A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
व्याख्या (Explanation):
तेलंगाना आंदोलन सामंती शोषण और निज़ाम शासन के विरुद्ध था। भूमिहीन किसानों और खेत मजदूरों की भागीदारी महत्वपूर्ण थी, लेकिन यही पहला कथन सिद्ध नहीं करती।

प्रश्न 155: Assertion (A): तेभागा आंदोलन में किसानों ने फसल के भंडारण पर भी अधिकार की मांग की थी। Reason (R): बंटाईदार किसान चाहते थे कि उपज सीधे उनके गोदाम में रखी जाए।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
तेभागा आंदोलन केवल हिस्सेदारी तक सीमित नहीं था; किसान उपज के नियंत्रण और भंडारण पर भी अधिकार चाहते थे।

प्रश्न 156: Assertion (A): मुंडा विद्रोह का एक प्रमुख लक्ष्य ‘दिकुओं’ के प्रभाव को समाप्त करना था। Reason (R): ‘दिकू’ शब्द का प्रयोग बाहरी शोषक तत्वों के लिए किया जाता था।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
बिरसा आंदोलन का लक्ष्य बाहरी जमींदारों, महाजनों और ठेकेदारों के शोषण का विरोध करना था, जिन्हें ‘दिकू’ कहा जाता था।

प्रश्न 157: Assertion (A): संथाल विद्रोह ने औपनिवेशिक प्रशासन को जनजातीय क्षेत्रों की प्रशासनिक व्यवस्था पर पुनर्विचार करने के लिए बाध्य किया। Reason (R): विद्रोह के बाद संथाल परगना को अलग प्रशासनिक इकाई बनाया गया।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
संथाल विद्रोह के बाद ब्रिटिश सरकार ने प्रशासनिक बदलाव किए और संथाल परगना का गठन किया।

प्रश्न 158: Assertion (A): भील आंदोलन मुख्यतः औपनिवेशिक वन नीतियों और आर्थिक शोषण के विरुद्ध था। Reason (R): भील आंदोलन केवल धार्मिक सुधार आंदोलन था।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है ✓
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: C — A सही है पर R गलत है
व्याख्या (Explanation):
भील आंदोलन आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक शोषण के विरुद्ध था। इसे केवल धार्मिक सुधार आंदोलन नहीं कहा जा सकता।

प्रश्न 159: Assertion (A): सूर्य सेन ने चिटगाँव शस्त्रागार पर कब्ज़े के बाद संचार व्यवस्था को बाधित करने की योजना बनाई थी। Reason (R): क्रांतिकारियों का उद्देश्य कुछ समय के लिए औपनिवेशिक प्रशासन को पंगु बनाना था।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
चिटगाँव योजना में शस्त्रागार पर कब्ज़े के साथ टेलीफोन और रेल संपर्क काटना शामिल था ताकि प्रशासनिक नियंत्रण बाधित हो सके।

प्रश्न 160: Assertion (A): राम प्रसाद बिस्मिल हिन्दी और उर्दू दोनों भाषाओं में लेखन करते थे। Reason (R): वे क्रांतिकारी गतिविधियों के साथ-साथ वैचारिक प्रचार को भी महत्व देते थे।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है ✓
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: B — A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
व्याख्या (Explanation):
राम प्रसाद बिस्मिल साहित्यिक गतिविधियों में सक्रिय थे और वैचारिक प्रचार को महत्व देते थे, लेकिन दूसरा कथन पहले कथन का प्रत्यक्ष कारण नहीं है।

प्रश्न 161: Assertion (A): चन्द्रशेखर आज़ाद ने हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के पुनर्गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। Reason (R): काकोरी षड्यंत्र के बाद कई वरिष्ठ क्रांतिकारी गिरफ्तार हो गए थे या उन्हें मृत्युदंड दिया गया था।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
काकोरी कांड के बाद संगठन कमजोर पड़ गया था। ऐसे समय में चन्द्रशेखर आज़ाद ने नए नेतृत्व और संगठन के पुनर्गठन में केंद्रीय भूमिका निभाई।

प्रश्न 162: Assertion (A): भगत सिंह ने ‘मैं नास्तिक क्यों हूँ’ नामक लेख लिखा था। Reason (R): उन्होंने धार्मिक आस्था को औपनिवेशिक शासन का मुख्य कारण माना था।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है ✓
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: C — A सही है पर R गलत है
व्याख्या (Explanation):
भगत सिंह ने ‘मैं नास्तिक क्यों हूँ’ नामक लेख लिखा था, लेकिन उन्होंने धार्मिक आस्था को औपनिवेशिक शासन का मुख्य कारण नहीं बताया था। यह लेख उनके व्यक्तिगत वैचारिक दृष्टिकोण और तर्कवादी सोच पर आधारित था।

प्रश्न 163: Assertion (A): गदर पार्टी के अधिकांश सदस्य प्रवासी भारतीय थे। Reason (R): गदर आंदोलन के कई कार्यकर्ता भारतीय स्वतंत्रता के समर्थन में प्रचार सामग्री प्रकाशित करते थे।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है ✓
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: B — A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
व्याख्या (Explanation):
गदर पार्टी मुख्यतः विदेशों में बसे भारतीयों द्वारा संचालित थी। गदर आंदोलन के कार्यकर्ता प्रचार सामग्री और समाचार पत्रों के माध्यम से स्वतंत्रता का संदेश फैलाते थे, लेकिन यह तथ्य प्रवासी भारतीयों की बहुसंख्या का प्रत्यक्ष कारण नहीं बताता।

प्रश्न 164: Assertion (A): हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन ने 1928 के बाद अपने कार्यक्रम में समाजवादी विचारों को अधिक स्पष्ट रूप से अपनाया। Reason (R): संगठन के कई सदस्य युवा क्रांतिकारियों को वैचारिक रूप से शिक्षित करने के लिए साहित्यिक गतिविधियों में भी सक्रिय थे।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है ✓
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: B — A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
व्याख्या (Explanation):
1928 के बाद हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन की विचारधारा अधिक समाजवादी हो गई थी। संगठन के सदस्य वैचारिक प्रचार और साहित्यिक गतिविधियों में भी सक्रिय थे, लेकिन यही समाजवादी विचारों को अपनाने का प्रत्यक्ष कारण नहीं था।

प्रश्न 165: Assertion (A): तेभागा आंदोलन में बंटाईदार किसान उपज का दो-तिहाई हिस्सा अपने पास रखने की मांग कर रहे थे। Reason (R): यह आंदोलन मुख्यतः बंगाल में संगठित हुआ था।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है ✓
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: B — A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
व्याख्या (Explanation):
तेभागा आंदोलन में बंटाईदार किसानों ने उपज का दो-तिहाई हिस्सा अपने पास रखने की मांग की। यह मुख्यतः बंगाल में हुआ, परन्तु दूसरा कथन पहले का कारण नहीं है।

प्रश्न 166: Assertion (A): मुंडा विद्रोह में ‘उलगुलान’ शब्द का प्रयोग व्यापक सामाजिक-राजनीतिक विद्रोह के लिए किया गया था। Reason (R): मुंडा विद्रोह का उद्देश्य पारंपरिक भूमि अधिकारों की रक्षा करना भी था।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
‘उलगुलान’ व्यापक सामाजिक-राजनीतिक विद्रोह का प्रतीक था। बिरसा मुंडा का आंदोलन भूमि अधिकारों और ‘दिकुओं’ के शोषण के विरुद्ध था, इसलिए R, A की उचित व्याख्या करता है।

प्रश्न 167: Assertion (A): संथाल विद्रोह का प्रमुख कारण जमींदारों, महाजनों और औपनिवेशिक शोषण के विरुद्ध असंतोष था। Reason (R): संथाल विद्रोह का नेतृत्व सिद्धू और कान्हू ने किया था।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है ✓
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: B — A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
व्याख्या (Explanation):
संथाल विद्रोह का मुख्य कारण आर्थिक और सामाजिक शोषण था। इसका नेतृत्व सिद्धू और कान्हू ने किया था, परन्तु दूसरा कथन पहले का कारण नहीं है।

प्रश्न 168: Assertion (A): सूर्य सेन चिटगाँव शस्त्रागार कांड से जुड़े थे। Reason (R): उन्होंने आज़ाद हिंद फौज का नेतृत्व किया था।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है ✓
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: C — A सही है पर R गलत है
व्याख्या (Explanation):
सूर्य सेन चिटगाँव शस्त्रागार कांड के प्रमुख नेता थे। आज़ाद हिंद फौज का नेतृत्व सुभाष चंद्र बोस ने किया था।

प्रश्न 169: Assertion (A): राम प्रसाद बिस्मिल हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) से जुड़े थे। Reason (R): काकोरी षड्यंत्र में सरकारी खजाना लूटने का उद्देश्य संगठन के लिए धन जुटाना था।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है ✓
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: B — A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
व्याख्या (Explanation):
राम प्रसाद बिस्मिल HRA के प्रमुख सदस्य थे। काकोरी कांड का उद्देश्य संगठन के लिए धन जुटाना था, परन्तु यह सीधे पहले कथन की व्याख्या नहीं करता।

प्रश्न 170: Assertion (A): चंद्रशेखर आज़ाद ने काकोरी कांड के बाद भी क्रांतिकारी गतिविधियाँ जारी रखीं। Reason (R): वे ब्रिटिश पुलिस के हाथ जीवित न पकड़े जाने की प्रतिज्ञा कर चुके थे।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है ✓
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: B — A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
व्याख्या (Explanation):
काकोरी कांड के बाद आज़ाद ने संगठन को पुनर्गठित किया। जीवित न पकड़े जाने की उनकी प्रतिज्ञा सही है, लेकिन यह उनके सक्रिय बने रहने का प्रत्यक्ष कारण नहीं थी।

प्रश्न 171: Assertion (A): भगत सिंह ने केंद्रीय विधान सभा में बम फेंकने की घटना के बाद जानबूझकर आत्मसमर्पण किया था। Reason (R): उनका उद्देश्य ब्रिटिश शासन के विरुद्ध अपने क्रांतिकारी संदेश को जनसामान्य तक पहुँचाना था।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने ‘बहरों को सुनाने’ के उद्देश्य से बम फेंका और जानबूझकर गिरफ्तारी दी ताकि अपने विचारों का प्रचार कर सकें।

प्रश्न 172: Assertion (A): गदर पार्टी का गठन भारत में हुआ था। Reason (R): गदर पार्टी का मुख्यालय सैन फ्रांसिस्को में स्थित था।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):
गदर पार्टी का गठन अमेरिका में हुआ था, भारत में नहीं। इसका मुख्यालय सैन फ्रांसिस्को में था।

प्रश्न 173: Assertion (A): अभिनव भारत सोसायटी की स्थापना विनायक दामोदर सावरकर ने की थी। Reason (R): अभिनव भारत का प्रमुख उद्देश्य महाराष्ट्र में क्रांतिकारी राष्ट्रवाद और ब्रिटिश-विरोधी गतिविधियों का प्रसार करना था।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है ✓
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: B — A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
व्याख्या (Explanation):
अभिनव भारत की स्थापना वी. डी. सावरकर ने की थी। संगठन महाराष्ट्र में क्रांतिकारी राष्ट्रवाद के प्रसार से जुड़ा था, परन्तु दूसरा कथन पहले का प्रत्यक्ष कारण नहीं है।

प्रश्न 174: Assertion (A): हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) का उद्देश्य केवल ब्रिटिश अधिकारियों पर आक्रमण करना नहीं था, बल्कि समाजवादी गणराज्य की स्थापना करना भी था। Reason (R): HSRA के घोषणापत्र में समाजवादी पुनर्गठन और शोषणमुक्त व्यवस्था की स्थापना की बात की गई थी।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
HSRA का उद्देश्य केवल क्रांतिकारी हिंसा तक सीमित नहीं था, बल्कि समाजवादी भारत की स्थापना भी था। घोषणापत्र में समाजवादी पुनर्गठन का स्पष्ट उल्लेख मिलता है।

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