निर्वाचन प्रणाली पर आधारित UPSC Prelims MCQ in Hindi का प्रैक्टिस सेट। महत्वपूर्ण प्रश्न, क्विज और objective questions के साथ परीक्षा तैयारी मजबूत करें।

This quiz contains 100 carefully selected multiple-choice questions (MCQ) with detailed explanations for each answer. Questions cover important topics from Polity.

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निर्वाचन प्रणाली MCQ in Hindi | UPSC Polity Important MCQ, Objective Questions & Prelims Quiz

निर्वाचन प्रणाली पर आधारित UPSC Prelims MCQ in Hindi का प्रैक्टिस सेट। महत्वपूर्ण प्रश्न, क्विज और objective questions के साथ परीक्षा तैयारी मजबूत करें।

📊
Difficulty
Hard
❓
Num Questions
100
❓
Points Per Question
1
⏱️
Time Limit
100 minutes

All MCQ Questions with Answers and Explanations

प्रश्न 1: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) अनुच्छेद 324 निर्वाचन आयोग की संवैधानिक स्थापना का आधार है। (2) लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 एवं 1951 निर्वाचन प्रक्रिया का वैधानिक ढाँचा प्रदान करते हैं। (3) भारतीय निर्वाचन व्यवस्था संविधान और वैधानिक कानूनों दोनों पर आधारित है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. 1, 2 और 3 सभी ✓
  • D. केवल 1 और 3
सही उत्तर: C — 1, 2 और 3 सभी
व्याख्या (Explanation):
भारतीय निर्वाचन व्यवस्था का संवैधानिक आधार मुख्यतः अनुच्छेद 324 से 329 तक के प्रावधान हैं, जबकि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951, चुनाव चिन्ह (आरक्षण एवं आवंटन) आदेश, 1968 तथा अन्य अधीनस्थ विधिक प्रावधान निर्वाचन प्रक्रिया का विस्तृत वैधानिक ढाँचा प्रदान करते हैं। संविधान एवं वैधानिक कानूनों का यह समन्वय भारत में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करता है।

प्रश्न 2: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव संविधान की मूल संरचना से संबंधित माने जाते हैं। (2) निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने का संवैधानिक साधन है। (3) निर्वाचन आयोग कार्यपालिका का एक अधीनस्थ विभाग है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. केवल 1 और 2 ✓
सही उत्तर: D — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था का मूल तत्व हैं। निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक निकाय है, कार्यपालिका का अधीनस्थ विभाग नहीं।

प्रश्न 3: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) VVPAT का उद्देश्य मतदाता को उसके मत की पुष्टि उपलब्ध कराना है। (2) VVPAT पर्ची मतदाता अपने साथ घर ले जा सकता है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 1; कथन 2 गलत है। ✓
  • C. केवल 2
  • D. 1 और 2 दोनों
सही उत्तर: B — केवल 1; कथन 2 गलत है।
व्याख्या (Explanation):
VVPAT पर्ची कुछ सेकंड के लिए पारदर्शी विंडो में दिखाई देती है और फिर स्वतः सीलबंद बॉक्स में गिर जाती है। मतदाता इसे अपने साथ नहीं ले जा सकता।

प्रश्न 4: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. चुनाव याचिका केवल लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के प्रावधानों के अनुसार संबंधित उच्च न्यायालय में प्रस्तुत की जाती है। ✓
  • B. चुनाव याचिका निर्वाचन आयोग के समक्ष दायर की जाती है।
  • C. चुनाव याचिका केवल सर्वोच्च न्यायालय में दायर की जा सकती है।
  • D. चुनाव याचिका राज्यपाल के समक्ष प्रस्तुत की जाती है।
सही उत्तर: A — चुनाव याचिका केवल लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के प्रावधानों के अनुसार संबंधित उच्च न्यायालय में प्रस्तुत की जाती है।
व्याख्या (Explanation):
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 चुनाव याचिकाओं के प्रस्तुतिकरण एवं निस्तारण की प्रक्रिया निर्धारित करता है और इन्हें संबंधित उच्च न्यायालय में दायर किया जाता है।

प्रश्न 5: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) निर्वाचन आयोग किसी न्यायालय के निर्णय को निरस्त नहीं कर सकता। (2) निर्वाचन आयोग संसद द्वारा बनाए गए वैध कानून के विपरीत निर्देश जारी नहीं कर सकता। (3) निर्वाचन आयोग संविधान संशोधन नहीं कर सकता।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. 1, 2 और 3 सभी ✓
  • D. केवल 1 और 3
सही उत्तर: C — 1, 2 और 3 सभी
व्याख्या (Explanation):
निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक निकाय है, परंतु वह न्यायपालिका या संसद के संवैधानिक अधिकारों का स्थानापन्न नहीं है। उसकी शक्तियाँ संविधान और प्रचलित कानूनों की सीमाओं में ही प्रयोग की जाती हैं।

प्रश्न 6: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) चुनाव चिन्ह (आरक्षण एवं आवंटन) आदेश, 1968 संसद द्वारा पारित अधिनियम है। (2) निर्वाचन आयोग राजनीतिक दलों के विभाजन अथवा विलय की स्थिति में चुनाव चिन्ह संबंधी विवाद का निर्णय कर सकता है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. 1 और 2 दोनों
  • D. केवल 2; कथन 1 गलत है। ✓
सही उत्तर: D — केवल 2; कथन 1 गलत है।
व्याख्या (Explanation):
चुनाव चिन्ह (आरक्षण एवं आवंटन) आदेश, 1968 संसद द्वारा पारित अधिनियम नहीं है। इसके अंतर्गत निर्वाचन आयोग राजनीतिक दलों की मान्यता तथा दलों के विभाजन अथवा विलय की स्थिति में चुनाव चिन्ह संबंधी विवादों का निर्णय करता है।

प्रश्न 7: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. NOTA को सर्वाधिक मत मिलने पर पुनः चुनाव कराना अनिवार्य है।
  • B. वर्तमान व्यवस्था में NOTA का सर्वाधिक मत प्राप्त करना चुनाव परिणाम को निरस्त नहीं करता। ✓
  • C. NOTA केवल राष्ट्रपति चुनाव में उपलब्ध है।
  • D. NOTA केवल राज्यसभा चुनाव में प्रयुक्त होता है।
सही उत्तर: B — वर्तमान व्यवस्था में NOTA का सर्वाधिक मत प्राप्त करना चुनाव परिणाम को निरस्त नहीं करता।
व्याख्या (Explanation):
भारत में NOTA केवल असहमति व्यक्त करने का विकल्प है। इसके सर्वाधिक मत प्राप्त करने पर भी सर्वाधिक वैध मत पाने वाला उम्मीदवार निर्वाचित घोषित किया जाता है।

प्रश्न 8: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) दसवीं अनुसूची के अंतर्गत अध्यक्ष/सभापति का निर्णय न्यायिक समीक्षा से पूर्णतः बाहर है। (2) किहोतो होलोहन बनाम ज़ाचिल्हू (1992) में सर्वोच्च न्यायालय ने सीमित न्यायिक समीक्षा को स्वीकार किया।

  • A. केवल 1
  • B. 1 और 2 दोनों
  • C. केवल 2 ✓
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: C — केवल 2
व्याख्या (Explanation):
अध्यक्ष/सभापति का निर्णय अंतिम नहीं है। दुर्भावना, प्राकृतिक न्याय के उल्लंघन या संवैधानिक त्रुटि जैसे आधारों पर न्यायिक समीक्षा संभव है।

प्रश्न 9: निम्नलिखित में से किस निर्णय ने मतदाताओं के "जानने के अधिकार" को अनुच्छेद 19(1)(a) से जोड़ा?

  • A. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स बनाम भारत संघ (2002) ✓
  • B. केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य
  • C. इंद्रा साहनी बनाम भारत संघ
  • D. मिनर्वा मिल्स बनाम भारत संघ
सही उत्तर: A — एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स बनाम भारत संघ (2002)
व्याख्या (Explanation):
इस निर्णय में सर्वोच्च न्यायालय ने मतदाताओं के उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि, शैक्षिक योग्यता तथा संपत्ति एवं देनदारियों के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के अधिकार को अनुच्छेद 19(1)(a) के अंतर्गत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा माना।

प्रश्न 10: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) अनुच्छेद 324 के अंतर्गत निर्वाचन आयोग की शक्तियाँ पूर्णतः असीमित हैं। (2) निर्वाचन आयोग संसद द्वारा बनाए गए वैध चुनावी कानूनों के अधीन कार्य करता है। (3) जहाँ कानून मौन हो, वहाँ आयोग स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक निर्देश जारी कर सकता है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. केवल 2 और 3; कथन 1 गलत है। ✓
सही उत्तर: D — केवल 2 और 3; कथन 1 गलत है।
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 324 निर्वाचन आयोग को व्यापक संवैधानिक शक्तियाँ प्रदान करता है, परंतु ये शक्तियाँ असीमित नहीं हैं और संसद द्वारा बनाए गए वैध कानूनों के अधीन रहती हैं। मोहन सिंह गिल बनाम मुख्य निर्वाचन आयुक्त (1978) में सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि कानून के मौन रहने पर आयोग आवश्यक निर्देश जारी कर सकता है।

प्रश्न 11: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव संविधान की मूल संरचना से संबंधित लोकतांत्रिक व्यवस्था का अभिन्न अंग माने जाते हैं। (2) निर्वाचन आयोग की संवैधानिक स्वतंत्रता इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए है।

  • A. केवल 1
  • B. 1 और 2 दोनों ✓
  • C. केवल 2
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: B — 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):
सर्वोच्च न्यायालय ने अनेक निर्णयों में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनावों को लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था तथा संविधान की मूल संरचना का आवश्यक तत्व माना है। निर्वाचन आयोग की संवैधानिक स्वतंत्रता इसी उद्देश्य की प्रभावी पूर्ति सुनिश्चित करती है।

प्रश्न 12: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. मतदाता के "जानने के अधिकार" को सर्वोच्च न्यायालय ने अनुच्छेद 19(1)(a) के अंतर्गत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अंग माना है। ✓
  • B. मतदाता का जानने का अधिकार केवल लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 से प्राप्त होता है।
  • C. यह अधिकार केवल राष्ट्रपति चुनाव में लागू होता है।
  • D. सर्वोच्च न्यायालय ने ऐसे किसी अधिकार को मान्यता नहीं दी है।
सही उत्तर: A — मतदाता के "जानने के अधिकार" को सर्वोच्च न्यायालय ने अनुच्छेद 19(1)(a) के अंतर्गत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अंग माना है।
व्याख्या (Explanation):
लोकतांत्रिक सुधारों के लिए संघ बनाम भारत संघ (2002) तथा पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज बनाम भारत संघ (2003) के निर्णयों में सर्वोच्च न्यायालय ने यह माना कि मतदाता का उम्मीदवारों के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त करने का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 19(1)(क) के अंतर्गत प्रदत्त वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अभिन्न अंग है। इसलिए उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि, शैक्षिक योग्यता, संपत्ति तथा देनदारियों की जानकारी मतदाताओं के समक्ष उपलब्ध कराना आवश्यक है।

प्रश्न 13: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) राष्ट्रपति का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली द्वारा होता है। (2) राष्ट्रपति के चुनाव में एकल संक्रमणीय मत प्रणाली अपनाई जाती है। (3) राष्ट्रपति के चुनाव में निर्वाचकों के मतों का मूल्य निर्धारित किया जाता है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. 1, 2 और 3 सभी ✓
  • D. केवल 1 और 3
सही उत्तर: C — 1, 2 और 3 सभी
व्याख्या (Explanation):
राष्ट्रपति का चुनाव निर्वाचक मंडल द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अंतर्गत एकल संक्रमणीय मत प्रणाली से होता है। इस चुनाव में सांसदों तथा विधायकों के मतों का मूल्य संविधान एवं संबंधित विधिक प्रावधानों के अनुसार निर्धारित किया जाता है।

प्रश्न 14: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के अंतर्गत प्रत्येक चुनावी अनियमितता भ्रष्ट आचरण नहीं मानी जाती। (2) चुनाव याचिका में प्रत्येक अनियमितता स्वतः निर्वाचन को शून्य घोषित करने का आधार नहीं बनती; अनेक मामलों में यह भी देखा जाता है कि उसका चुनाव परिणाम पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा या नहीं।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. 1 और 2 दोनों ✓
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 केवल कुछ विशिष्ट कृत्यों को ही भ्रष्ट आचरण घोषित करता है। प्रत्येक चुनावी त्रुटि भ्रष्ट आचरण नहीं होती। चुनाव याचिका में कई आधारों पर यह भी परीक्षण किया जाता है कि संबंधित अनियमितता का निर्वाचन परिणाम पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा या नहीं।

प्रश्न 15: निम्नलिखित में से किस स्थिति में निर्वाचन आयोग अनुच्छेद 324 के अंतर्गत अपनी अवशिष्ट शक्तियों का प्रयोग कर सकता है?

  • A. जब किसी चुनावी परिस्थिति के संबंध में कानून मौन हो और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने हेतु निर्देश आवश्यक हों। ✓
  • B. संसद द्वारा बनाए गए कानून को निरस्त करने के लिए।
  • C. संविधान में संशोधन करने के लिए।
  • D. किसी न्यायालय के निर्णय को रद्द करने के लिए।
सही उत्तर: A — जब किसी चुनावी परिस्थिति के संबंध में कानून मौन हो और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने हेतु निर्देश आवश्यक हों।
व्याख्या (Explanation):
सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि आयोग कानून के अभाव में आवश्यक निर्देश दे सकता है, लेकिन वह कानून या संविधान के विपरीत कार्य नहीं कर सकता।

प्रश्न 16: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) चुनाव चिन्ह (आरक्षण एवं आवंटन) आदेश, 1968 संसद द्वारा पारित अधिनियम नहीं है। (2) यह आदेश निर्वाचन आयोग द्वारा अनुच्छेद 324 तथा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किया गया है।

  • A. केवल 1
  • B. 1 और 2 दोनों ✓
  • C. केवल 2
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: B — 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):
चुनाव चिन्ह (आरक्षण एवं आवंटन) आदेश, 1968 संसद द्वारा पारित अधिनियम नहीं है। इसे निर्वाचन आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 324 तथा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के अधीन प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किया है। इसी के आधार पर चुनाव चिन्हों का आरक्षण, आवंटन तथा राजनीतिक दलों की मान्यता से संबंधित विषयों का विनियमन किया जाता है।

प्रश्न 17: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) NOTA को सर्वाधिक मत मिलने पर चुनाव स्वतः निरस्त हो जाता है। (2) वर्तमान भारतीय विधि में NOTA केवल मतदाता की असहमति व्यक्त करने का विकल्प है।

  • A. केवल 1
  • B. 1 और 2 दोनों
  • C. केवल 2 ✓
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: C — केवल 2
व्याख्या (Explanation):
भारत में NOTA को सर्वाधिक मत मिलने पर भी चुनाव निरस्त नहीं होता। सर्वाधिक वैध मत प्राप्त उम्मीदवार निर्वाचित घोषित किया जाता है।

प्रश्न 18: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन दल-बदल विरोधी कानून के संबंध में सही है?

  • A. अध्यक्ष/सभापति का निर्णय न्यायिक समीक्षा के अधीन है। ✓
  • B. अध्यक्ष का निर्णय किसी भी न्यायालय में चुनौती नहीं दिया जा सकता।
  • C. दल-बदल संबंधी सभी विवाद निर्वाचन आयोग तय करता है।
  • D. दल-बदल संबंधी विवाद राष्ट्रपति तय करते हैं।
सही उत्तर: A — अध्यक्ष/सभापति का निर्णय न्यायिक समीक्षा के अधीन है।
व्याख्या (Explanation):
किहोटो होल्लोहन बनाम ज़ाचिल्हू (1992) में सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अध्यक्ष/सभापति का निर्णय अंतिम नहीं है और सीमित आधारों पर न्यायिक समीक्षा के अधीन है।

प्रश्न 19: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) किसी उम्मीदवार द्वारा नामांकन पत्र के साथ प्रस्तुत शपथपत्र में आवश्यक जानकारी जानबूझकर छिपाना उसके निर्वाचन को चुनौती देने का आधार बन सकता है। (2) उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि, शैक्षिक योग्यता तथा संपत्ति एवं देनदारियों के प्रकटीकरण की अनिवार्यता सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों के पश्चात स्थापित हुई।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. न तो 1, न ही 2
  • D. 1 और 2 दोनों ✓
सही उत्तर: D — 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):
लोकतांत्रिक सुधारों के लिए संघ बनाम भारत संघ (2002) तथा पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज बनाम भारत संघ (2003) के निर्णयों के पश्चात उम्मीदवारों के लिए शपथपत्र के माध्यम से अपने आपराधिक मामलों, शैक्षिक योग्यता, संपत्ति तथा देनदारियों का विवरण देना अनिवार्य किया गया। यदि कोई उम्मीदवार इस आवश्यक जानकारी को जानबूझकर छिपाता है या गलत जानकारी देता है, तो यह उसके निर्वाचन को निर्वाचन याचिका के माध्यम से चुनौती देने का आधार बन सकता है।

प्रश्न 20: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) अनुच्छेद 324 के अंतर्गत निर्वाचन आयोग अपनी अवशिष्ट शक्तियों का प्रयोग तब कर सकता है, जब किसी विषय पर संविधान अथवा प्रचलित विधि में स्पष्ट प्रावधान न हो। (2) निर्वाचन आयोग संसद द्वारा बनाए गए वैध कानून के विपरीत कोई निर्देश जारी नहीं कर सकता। (3) अनुच्छेद 324 निर्वाचन आयोग को असीमित विधायी शक्ति प्रदान करता है।

  • A. केवल 1 और 3
  • B. केवल 1 और 2 ✓
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: B — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 324 निर्वाचन आयोग को व्यापक संवैधानिक एवं प्रशासनिक शक्तियाँ प्रदान करता है, परन्तु ये शक्तियाँ संविधान तथा संसद द्वारा बनाए गए वैध कानूनों के अधीन हैं। जहाँ विधि मौन हो, वहाँ आयोग स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक निर्देश जारी कर सकता है। आयोग के पास स्वतंत्र विधायी शक्ति नहीं है; अतः कथन 3 गलत है।

प्रश्न 21: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे उपयुक्त है?

  • A. निर्वाचन आयोग संसद के प्रति उत्तरदायी विभाग है।
  • B. निर्वाचन आयोग केवल लोकसभा चुनाव कराता है।
  • C. निर्वाचन आयोग न्यायपालिका का भाग है।
  • D. निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक निकाय है, जिसकी शक्तियों का आधार संविधान तथा चुनाव संबंधी विधियाँ दोनों हैं। ✓
सही उत्तर: D — निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक निकाय है, जिसकी शक्तियों का आधार संविधान तथा चुनाव संबंधी विधियाँ दोनों हैं।
व्याख्या (Explanation):
निर्वाचन आयोग का संवैधानिक आधार अनुच्छेद 324 है। इसकी कार्यप्रणाली का विस्तृत विनियमन लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 एवं 1951 सहित अन्य चुनाव संबंधी विधियों द्वारा किया जाता है।

प्रश्न 22: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) निर्वाचन आयोग स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक प्रशासनिक निर्देश जारी कर सकता है। (2) यह शक्ति अनुच्छेद 324 की व्यापक व्याख्या से संबंधित है।

  • A. 1 और 2 दोनों ✓
  • B. केवल 1
  • C. केवल 2
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: A — 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):
सर्वोच्च न्यायालय ने अनेक निर्णयों में माना है कि अनुच्छेद 324 निर्वाचन आयोग को ऐसी परिस्थितियों में आवश्यक प्रशासनिक निर्देश जारी करने की शक्ति देता है जहाँ कानून मौन हो।

प्रश्न 23: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) चुनाव याचिका केवल उच्च न्यायालय में प्रस्तुत की जा सकती है। (2) चुनाव याचिकाओं का प्रावधान लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 में किया गया है।

  • A. केवल 1
  • B. 1 और 2 दोनों ✓
  • C. केवल 2
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: B — 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के अनुसार चुनाव याचिकाएँ संबंधित उच्च न्यायालय में दायर की जाती हैं। यही अधिनियम इनके निस्तारण की प्रक्रिया निर्धारित करता है।

प्रश्न 24: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है? (1) अनुच्छेद 324 - निर्वाचन आयोग (2) अनुच्छेद 325 - सामान्य निर्वाचक नामावली (3) अनुच्छेद 326 - वयस्क मताधिकार

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. 1, 2 और 3 सभी ✓
  • D. केवल 1 और 3
सही उत्तर: C — 1, 2 और 3 सभी
व्याख्या (Explanation):
तीनों युग्म सही हैं। ये अनुच्छेद भारतीय निर्वाचन व्यवस्था की संवैधानिक आधारशिला माने जाते हैं।

प्रश्न 25: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन होने पर प्रत्येक मामले में स्वतः उम्मीदवार की अयोग्यता हो जाती है। (2) आदर्श आचार संहिता स्वयं एक वैधानिक अधिनियम नहीं है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 ✓
  • C. 1 और 2 दोनों
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: B — केवल 2
व्याख्या (Explanation):
आदर्श आचार संहिता स्वयं कोई वैधानिक अधिनियम नहीं है। इसके उल्लंघन पर प्रत्येक मामले में स्वतः उम्मीदवार की अयोग्यता नहीं होती। तथापि, मामले के तथ्यों के अनुसार लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता या अन्य लागू विधियों के अंतर्गत कार्रवाई की जा सकती है। अतः कथन 1 गलत तथा कथन 2 सही है।

प्रश्न 26: निम्नलिखित में से किस स्थिति में निर्वाचन आयोग किसी राजनीतिक दल के चुनाव चिन्ह से संबंधित विवाद का निर्णय कर सकता है?

  • A. जब किसी मान्यता प्राप्त दल में विभाजन हो जाए। ✓
  • B. जब किसी उम्मीदवार का नामांकन अस्वीकार हो।
  • C. जब किसी निर्वाचन क्षेत्र का परिसीमन हो।
  • D. जब मतदाता सूची का पुनरीक्षण हो।
सही उत्तर: A — जब किसी मान्यता प्राप्त दल में विभाजन हो जाए।
व्याख्या (Explanation):
चुनाव चिन्ह (आरक्षण एवं आवंटन) आदेश, 1968 के अंतर्गत यदि किसी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल में विभाजन होता है, तो चुनाव चिन्ह पर दावा संबंधी विवाद का निर्णय निर्वाचन आयोग करता है।

प्रश्न 27: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) अनुच्छेद 324 निर्वाचन आयोग को संविधान से प्रत्यक्ष शक्ति प्रदान करता है। (2) संसद चुनाव संबंधी विषयों पर कानून बनाकर आयोग की कार्यप्रणाली का विनियमन कर सकती है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. 1 और 2 दोनों ✓
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 324 आयोग का संवैधानिक आधार है, जबकि अनुच्छेद 327 के अंतर्गत संसद चुनाव संबंधी कानून बना सकती है। दोनों प्रावधान परस्पर पूरक हैं।

प्रश्न 28: दल-बदल विरोधी कानून के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. अयोग्यता का निर्णय राष्ट्रपति करते हैं।
  • B. अयोग्यता का प्रारंभिक निर्णय संबंधित सदन के अध्यक्ष/सभापति करते हैं। ✓
  • C. अयोग्यता का निर्णय निर्वाचन आयोग करता है।
  • D. अयोग्यता का निर्णय सर्वोच्च न्यायालय सीधे करता है।
सही उत्तर: B — अयोग्यता का प्रारंभिक निर्णय संबंधित सदन के अध्यक्ष/सभापति करते हैं।
व्याख्या (Explanation):
दसवीं अनुसूची के अनुसार अयोग्यता का निर्णय संबंधित सदन के अध्यक्ष या सभापति करते हैं। किहोतो होलोहन बनाम ज़ाचिल्हू (1992) में सर्वोच्च न्यायालय ने ऐसे निर्णयों को न्यायिक समीक्षा के अधीन माना।

प्रश्न 29: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) वीवीपैट मतदाता को उसके मत की दृश्य पुष्टि उपलब्ध कराता है। (2) प्रत्येक मतदान केंद्र पर सभी वीवीपैट पर्चियों की अनिवार्य गणना की जाती है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. 1 और 2 दोनों
  • D. केवल 1; कथन 2 गलत है। ✓
सही उत्तर: D — केवल 1; कथन 2 गलत है।
व्याख्या (Explanation):
VVPAT (Voter Verifiable Paper Audit Trail) मतदाता को उसके द्वारा डाले गए मत का दृश्य सत्यापन उपलब्ध कराता है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के पाँच यादृच्छिक (Randomly Selected) मतदान केंद्रों के VVPAT पर्चियों का मिलान EVM के परिणामों से किया जाता है; सभी मतदान केंद्रों के VVPAT पर्चियों की अनिवार्य गणना नहीं की जाती। अतः कथन 1 सही तथा कथन 2 गलत है।

प्रश्न 30: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के अंतर्गत भ्रष्ट आचरण का प्रावधान किया गया है। (2) प्रत्येक चुनावी अनियमितता स्वतः चुनाव को शून्य घोषित कर देती है।

  • A. केवल 1 ✓
  • B. केवल 2
  • C. 1 और 2 दोनों
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: A — केवल 1
व्याख्या (Explanation):
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 भ्रष्ट आचरण का प्रावधान करता है। किंतु प्रत्येक अनियमितता चुनाव को स्वतः अमान्य नहीं बनाती; न्यायालय को यह संतुष्ट होना होता है कि परिणाम पर उसका भौतिक प्रभाव पड़ा।

प्रश्न 31: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन निर्वाचन आयोग की संवैधानिक स्थिति को सबसे उपयुक्त रूप से व्यक्त करता है?

  • A. यह संविधान द्वारा स्थापित एक स्वतंत्र संवैधानिक निकाय है, जिसकी शक्तियाँ संविधान तथा संसद द्वारा बनाए गए कानूनों दोनों से संचालित होती हैं। ✓
  • B. यह केवल संसद द्वारा स्थापित वैधानिक निकाय है।
  • C. यह न्यायपालिका का अंग है।
  • D. यह कार्यपालिका के अधीन विभाग है।
सही उत्तर: A — यह संविधान द्वारा स्थापित एक स्वतंत्र संवैधानिक निकाय है, जिसकी शक्तियाँ संविधान तथा संसद द्वारा बनाए गए कानूनों दोनों से संचालित होती हैं।
व्याख्या (Explanation):
निर्वाचन आयोग का गठन अनुच्छेद 324 के अंतर्गत हुआ है। इसकी मूल शक्तियाँ संविधान से प्राप्त होती हैं, जबकि चुनाव संबंधी अनेक विषयों का विस्तृत विनियमन लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 एवं 1951 जैसे कानूनों द्वारा किया जाता है।

प्रश्न 32: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) मतदान का अधिकार वैधानिक अधिकार है। (2) मतदाता को उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि की जानकारी प्राप्त करने का अधिकार सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मान्यता प्राप्त है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. 1 और 2 दोनों ✓
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):
मतदान का अधिकार एक वैधानिक अधिकार है, जो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 एवं 1951 के प्रावधानों से प्राप्त होता है। वहीं एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स बनाम भारत संघ (2002) तथा इसके बाद के न्यायिक निर्णयों में सर्वोच्च न्यायालय ने मतदाताओं के "जानने के अधिकार" को संविधान के अनुच्छेद 19(1)(क) के अंतर्गत प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का अभिन्न अंग माना। इसलिए मतदाताओं को उम्मीदवारों की शैक्षिक योग्यता, आपराधिक पृष्ठभूमि तथा संपत्ति एवं देनदारियों जैसी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है।

प्रश्न 33: निम्नलिखित में से कौन-सा चुनाव प्रथम-मत-पहले-पार (FPTP) प्रणाली से नहीं होता?

  • A. लोकसभा चुनाव
  • B. राष्ट्रपति चुनाव ✓
  • C. राज्य विधानसभा चुनाव
  • D. अधिकांश विधानसभा उपचुनाव
सही उत्तर: B — राष्ट्रपति चुनाव
व्याख्या (Explanation):
राष्ट्रपति का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली द्वारा एकल संक्रमणीय मत से होता है, जबकि लोकसभा एवं राज्य विधानसभा चुनाव FPTP प्रणाली से संपन्न होते हैं।

प्रश्न 34: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) निर्वाचन आयोग स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए आदर्श आचार संहिता के पालन की निगरानी करता है। (2) आदर्श आचार संहिता संसद द्वारा पारित अधिनियम है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. 1 और 2 दोनों
  • D. केवल 1; कथन 2 गलत है। ✓
सही उत्तर: D — केवल 1; कथन 2 गलत है।
व्याख्या (Explanation):
आदर्श आचार संहिता निर्वाचन आयोग द्वारा विकसित दिशानिर्देशों का एक समूह है। यह स्वयं कोई वैधानिक अधिनियम नहीं है, किंतु चुनावों के दौरान राजनीतिक दलों एवं उम्मीदवारों से इसके पालन की अपेक्षा की जाती है। इसके उल्लंघन की परिस्थितियों में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता (पूर्व में भारतीय दंड संहिता) अथवा अन्य लागू कानूनों के अंतर्गत कार्रवाई की जा सकती है। अतः कथन 1 सही तथा कथन 2 गलत है।

प्रश्न 35: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. चुनाव चिन्हों से संबंधित विवादों का अंतिम निर्णय भारत निर्वाचन आयोग करता है। ✓
  • B. चुनाव चिन्हों का आवंटन संसद करती है।
  • C. चुनाव चिन्ह केवल राष्ट्रीय दलों को दिए जाते हैं।
  • D. चुनाव चिन्हों से संबंधित सभी विवादों का निर्णय सर्वोच्च न्यायालय करता है।
सही उत्तर: A — चुनाव चिन्हों से संबंधित विवादों का अंतिम निर्णय भारत निर्वाचन आयोग करता है।
व्याख्या (Explanation):
चुनाव चिन्ह (आरक्षण एवं आवंटन) आदेश, 1968 के अंतर्गत चुनाव चिन्हों के आवंटन तथा दलों के बीच चिन्ह संबंधी विवादों का निर्णय निर्वाचन आयोग करता है।

प्रश्न 36: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) NOTA का विकल्प मतदाता की गोपनीयता को सुदृढ़ करता है। (2) NOTA को सर्वोच्च न्यायालय ने लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति के एक माध्यम के रूप में स्वीकार किया।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. 1 और 2 दोनों ✓
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):
पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज बनाम भारत संघ में सर्वोच्च न्यायालय ने NOTA विकल्प को मतदाता की अभिव्यक्ति तथा मतदान की गोपनीयता को मजबूत करने वाला माना।

प्रश्न 37: निम्नलिखित में से किस स्थिति में किसी निर्वाचित सदस्य को दल-बदल विरोधी कानून के अंतर्गत अयोग्य घोषित किया जा सकता है?

  • A. यदि वह सदन की किसी समिति से इस्तीफा दे दे।
  • B. यदि वह स्वेच्छा से अपनी राजनीतिक दल की सदस्यता छोड़ दे। ✓
  • C. यदि वह किसी संसदीय समिति का सदस्य बन जाए।
  • D. यदि वह सदन में अनुपस्थित रहे।
सही उत्तर: B — यदि वह स्वेच्छा से अपनी राजनीतिक दल की सदस्यता छोड़ दे।
व्याख्या (Explanation):
दसवीं अनुसूची के अनुसार यदि कोई सदस्य स्वेच्छा से अपनी पार्टी की सदस्यता छोड़ देता है या व्हिप के विरुद्ध मतदान करता है (और क्षमा प्राप्त नहीं करता), तो उसे अयोग्य घोषित किया जा सकता है।

प्रश्न 38: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) भारत निर्वाचन आयोग के सभी निर्णय मुख्य निर्वाचन आयुक्त अकेले लेते हैं। (2) बहुसदस्यीय निर्वाचन आयोग में निर्णय सामान्यतः बहुमत के आधार पर लिए जाते हैं।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. 1 और 2 दोनों
  • D. केवल 2; कथन 1 गलत है। ✓
सही उत्तर: D — केवल 2; कथन 1 गलत है।
व्याख्या (Explanation):
वर्ष 1993 से निर्वाचन आयोग एक बहुसदस्यीय निकाय है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त को "प्रथम समान (First among Equals)" माना जाता है, किंतु आयोग के निर्णय सामान्यतः बहुमत के आधार पर लिए जाते हैं। अतः कथन 1 गलत तथा कथन 2 सही है।

प्रश्न 39: निम्नलिखित में से किस सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय में यह प्रतिपादित किया गया कि निर्वाचन आयोग की शक्तियों का स्रोत केवल संसद द्वारा बनाए गए कानून नहीं, बल्कि संविधान का अनुच्छेद 324 भी है?

  • A. मोहन सिंह गिल बनाम मुख्य निर्वाचन आयुक्त ✓
  • B. इंद्रा साहनी बनाम भारत संघ
  • C. केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य
  • D. एस. आर. बोम्मई बनाम भारत संघ
सही उत्तर: A — मोहन सिंह गिल बनाम मुख्य निर्वाचन आयुक्त
व्याख्या (Explanation):
मोहन सिंह गिल बनाम मुख्य निर्वाचन आयुक्त (1978) में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि अनुच्छेद 324 निर्वाचन आयोग को व्यापक संवैधानिक शक्तियाँ प्रदान करता है, विशेषकर उन परिस्थितियों में जहाँ विधि मौन हो।

प्रश्न 40: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) अनुच्छेद 324 निर्वाचन आयोग को केवल संसद द्वारा बनाए गए कानूनों में वर्णित शक्तियाँ ही प्रदान करता है। (2) जहाँ किसी विषय पर विधि मौन हो, वहाँ निर्वाचन आयोग स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक निर्देश जारी कर सकता है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. केवल 2; कथन 1 गलत है। ✓
  • D. 1 और 2 दोनों
सही उत्तर: C — केवल 2; कथन 1 गलत है।
व्याख्या (Explanation):
सर्वोच्च न्यायालय ने मोहन सिंह गिल बनाम मुख्य निर्वाचन आयुक्त (1978) सहित अनेक निर्णयों में स्पष्ट किया है कि अनुच्छेद 324 निर्वाचन आयोग को केवल संसद द्वारा बनाए गए कानूनों तक सीमित नहीं करता, बल्कि जहाँ विधि मौन हो वहाँ स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक अवशिष्ट शक्तियाँ भी प्रदान करता है। अतः कथन 1 गलत तथा कथन 2 सही है।

प्रश्न 41: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव लोकतांत्रिक शासन की आधारशिला हैं। (2) निर्वाचन आयोग का प्रमुख उद्देश्य स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना है।

  • A. 1 और 2 दोनों ✓
  • B. केवल 1
  • C. केवल 2
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: A — 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):
निर्वाचन आयोग का संवैधानिक दायित्व स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव कराना है। यही लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था की वैधता और जनविश्वास का आधार है।

प्रश्न 42: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. मतदाता सूची केवल जनगणना के बाद संशोधित होती है।
  • B. मतदाता सूची का समय-समय पर पुनरीक्षण किया जाता है। ✓
  • C. मतदाता सूची तैयार करने का कार्य संसद करती है।
  • D. मतदाता सूची का कोई वैधानिक आधार नहीं है।
सही उत्तर: B — मतदाता सूची का समय-समय पर पुनरीक्षण किया जाता है।
व्याख्या (Explanation):
निर्वाचन आयोग समय-समय पर निर्वाचक नामावली का विशेष पुनरीक्षण तथा निरंतर अद्यतन कराता है, ताकि पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े, संशोधित अथवा हटाए जा सकें।

प्रश्न 43: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) निर्वाचन आयोग आवश्यकता पड़ने पर चुनाव कार्यक्रम में परिवर्तन कर सकता है। (2) यह शक्ति अनुच्छेद 324 के अंतर्गत उसकी व्यापक संवैधानिक शक्तियों का भाग मानी जाती है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. 1 और 2 दोनों ✓
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 324 निर्वाचन आयोग को चुनावों के अधीक्षण, निर्देशन एवं नियंत्रण की व्यापक शक्ति देता है। विशेष परिस्थितियों में वह चुनाव कार्यक्रम में परिवर्तन भी कर सकता है।

प्रश्न 44: पंचायतों के चुनावों के अधीक्षण, निर्देशन एवं नियंत्रण की शक्ति किसके पास है?

  • A. भारत निर्वाचन आयोग
  • B. राज्यपाल
  • C. राज्य सरकार
  • D. राज्य निर्वाचन आयोग ✓
सही उत्तर: D — राज्य निर्वाचन आयोग
व्याख्या (Explanation):
संविधान के अनुच्छेद 243K के अनुसार पंचायत चुनावों का संचालन राज्य निर्वाचन आयोग करता है।

प्रश्न 45: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. मतदान का अधिकार तथा चुनाव लड़ने का अधिकार दोनों वैधानिक अधिकार हैं। ✓
  • B. मतदान का अधिकार मौलिक अधिकार है।
  • C. चुनाव लड़ने का अधिकार मौलिक अधिकार है।
  • D. दोनों संवैधानिक मौलिक अधिकार हैं।
सही उत्तर: A — मतदान का अधिकार तथा चुनाव लड़ने का अधिकार दोनों वैधानिक अधिकार हैं।
व्याख्या (Explanation):
सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि मतदान का अधिकार तथा चुनाव लड़ने का अधिकार वैधानिक अधिकार हैं, जो मुख्यतः लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 एवं 1951 से प्राप्त होते हैं। ये मौलिक अधिकार नहीं हैं।

प्रश्न 46: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) चुनाव चिन्हों का आवंटन निर्वाचन आयोग करता है। (2) निर्दलीय उम्मीदवारों को भी उपलब्ध मुक्त चुनाव चिन्ह आवंटित किए जा सकते हैं।

  • A. केवल 1
  • B. 1 और 2 दोनों ✓
  • C. केवल 2
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: B — 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):
निर्वाचन आयोग मान्यता प्राप्त दलों को आरक्षित तथा अन्य उम्मीदवारों, जिनमें निर्दलीय भी शामिल हैं, को उपलब्ध मुक्त चुनाव चिन्ह आवंटित करता है।

प्रश्न 47: निम्नलिखित में से कौन-सा विषय लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के अंतर्गत आता है?

  • A. निर्वाचक नामावली तैयार करना
  • B. निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन
  • C. मतदाता पंजीकरण
  • D. चुनाव याचिकाएँ ✓
सही उत्तर: D — चुनाव याचिकाएँ
व्याख्या (Explanation):
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 चुनावों के संचालन, उम्मीदवारों की योग्यता-अयोग्यता, चुनाव याचिकाओं तथा चुनावी भ्रष्ट आचरण से संबंधित है।

प्रश्न 48: निम्नलिखित में से किसका चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली द्वारा एकल संक्रमणीय मत से होता है?

  • A. राष्ट्रपति ✓
  • B. लोकसभा
  • C. राज्य विधानसभा
  • D. ग्राम पंचायत
सही उत्तर: A — राष्ट्रपति
व्याख्या (Explanation):
राष्ट्रपति का चुनाव निर्वाचक मंडल द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अंतर्गत एकल संक्रमणीय मत तथा गुप्त मतदान के माध्यम से किया जाता है। लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं के चुनाव प्रथम-मत-पहले-पार प्रणाली से होते हैं।

प्रश्न 49: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) अनुच्छेद 325 पृथक निर्वाचक मंडलों का प्रावधान करता है। (2) धर्म, जाति, लिंग या मूलवंश के आधार पर किसी नागरिक को मतदाता सूची में सम्मिलित होने से वंचित नहीं किया जा सकता।

  • A. केवल 1
  • B. 1 और 2 दोनों
  • C. केवल 2 ✓
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: C — केवल 2
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 325 एक सामान्य निर्वाचक नामावली का प्रावधान करता है और पृथक निर्वाचक मंडलों को स्वीकार नहीं करता। साथ ही यह भेदभाव के आधार पर मतदाता सूची से वंचित करने पर रोक लगाता है।

प्रश्न 50: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) भारत निर्वाचन आयोग राजनीतिक दलों को राष्ट्रीय अथवा राज्य दल के रूप में मान्यता प्रदान करता है। (2) निर्वाचन आयोग निर्धारित मानदंड पूरे न होने पर किसी दल की मान्यता वापस भी ले सकता है।

  • A. केवल 1
  • B. 1 और 2 दोनों ✓
  • C. केवल 2
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: B — 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):
निर्वाचन आयोग निर्धारित मानदंडों के आधार पर राजनीतिक दलों को राष्ट्रीय अथवा राज्य दल के रूप में मान्यता प्रदान करता है तथा मानदंड पूरे न होने पर उनकी मान्यता वापस भी ले सकता है। यह व्यवस्था चुनाव चिन्ह (आरक्षण एवं आवंटन) आदेश, 2024 के अंतर्गत संचालित होती है।

प्रश्न 51: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. निर्वाचन आयोग का गठन लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 द्वारा हुआ है।
  • B. निर्वाचन आयोग संसद की समिति है।
  • C. निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक निकाय है, जबकि उसके अनेक कार्यों का विनियमन संसद द्वारा बनाए गए कानूनों से होता है। ✓
  • D. निर्वाचन आयोग सर्वोच्च न्यायालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करता है।
सही उत्तर: C — निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक निकाय है, जबकि उसके अनेक कार्यों का विनियमन संसद द्वारा बनाए गए कानूनों से होता है।
व्याख्या (Explanation):
निर्वाचन आयोग की स्थापना संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत हुई है। इसके चुनाव संबंधी अनेक कार्यों का संचालन लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 एवं 1951 सहित संसद द्वारा बनाए गए कानूनों के अनुसार किया जाता है।

प्रश्न 52: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) भारत में प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के लिए केवल एक मतदाता सूची होती है। (2) धर्म, जाति, लिंग या भाषा के आधार पर किसी व्यक्ति को मतदाता सूची से बाहर नहीं किया जा सकता।

  • A. 1 और 2 दोनों ✓
  • B. केवल 1
  • C. केवल 2
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: A — 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 325 के अनुसार किसी भी निर्वाचन क्षेत्र के लिए एक ही सामान्य मतदाता सूची होगी तथा धर्म, जाति, लिंग आदि के आधार पर किसी नागरिक को मतदाता सूची से वंचित नहीं किया जा सकता।

प्रश्न 53: लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 मुख्यतः किससे संबंधित है?

  • A. जनगणना
  • B. निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन
  • C. मतदाता सूची का निर्माण
  • D. चुनावों का संचालन एवं चुनाव याचिकाएँ ✓
सही उत्तर: D — चुनावों का संचालन एवं चुनाव याचिकाएँ
व्याख्या (Explanation):
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 चुनावों के संचालन, उम्मीदवारों की योग्यता-अयोग्यता, चुनाव याचिकाओं तथा चुनावी भ्रष्ट आचरण से संबंधित प्रमुख कानून है।

प्रश्न 54: निम्नलिखित में से कौन-सा चुनाव अप्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा संपन्न होता है?

  • A. लोकसभा
  • B. राष्ट्रपति ✓
  • C. राज्य विधानसभा
  • D. ग्राम पंचायत
सही उत्तर: B — राष्ट्रपति
व्याख्या (Explanation):
राष्ट्रपति का चुनाव निर्वाचक मंडल द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से किया जाता है, जबकि लोकसभा एवं राज्य विधानसभा के चुनाव प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा होते हैं।

प्रश्न 55: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. आदर्श आचार संहिता कोई विधिक रूप से पारित अधिनियम नहीं है। ✓
  • B. आदर्श आचार संहिता संविधान की दसवीं अनुसूची का भाग है।
  • C. आदर्श आचार संहिता लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 का अध्याय है।
  • D. आदर्श आचार संहिता संसद द्वारा पारित कानून है।
सही उत्तर: A — आदर्श आचार संहिता कोई विधिक रूप से पारित अधिनियम नहीं है।
व्याख्या (Explanation):
आदर्श आचार संहिता निर्वाचन आयोग द्वारा विकसित दिशानिर्देशों का संकलन है। यह संसद द्वारा पारित कानून नहीं है, फिर भी राजनीतिक दलों से इसके पालन की अपेक्षा की जाती है।

प्रश्न 56: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) राजनीतिक दलों की मान्यता भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दी जाती है। (2) चुनाव चिन्हों का आरक्षण एवं आवंटन निर्वाचन आयोग द्वारा किया जाता है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. 1 और 2 दोनों ✓
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):
राजनीतिक दलों की मान्यता तथा चुनाव चिन्हों का आरक्षण एवं आवंटन भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव चिन्ह (आरक्षण एवं आवंटन) आदेश, 1968 (अब चुनाव चिन्ह (आरक्षण एवं आवंटन) आदेश, 2024) के अनुसार किया जाता है।

प्रश्न 57: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है? (1) अनुच्छेद 324 - निर्वाचन आयोग (2) अनुच्छेद 326 - वयस्क मताधिकार (3) अनुच्छेद 327 - संसद की विधायी शक्ति

  • A. केवल 1 और 2
  • B. 1, 2 और 3 ✓
  • C. केवल 2 और 3
  • D. केवल 1 और 3
सही उत्तर: B — 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
तीनों युग्म सही हैं। अनुच्छेद 324 निर्वाचन आयोग, अनुच्छेद 326 वयस्क मताधिकार तथा अनुच्छेद 327 संसद की चुनाव संबंधी विधायी शक्ति से संबंधित है।

प्रश्न 58: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) प्रत्येक व्यक्ति जिसका नाम मतदाता सूची में है, चुनाव लड़ने का पात्र होता है। (2) मतदान का अधिकार एक वैधानिक अधिकार है। (3) चुनाव लड़ने का अधिकार भी वैधानिक अधिकार है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 1 और 3
  • C. केवल 2
  • D. केवल 2 और 3 ✓
सही उत्तर: D — केवल 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
मतदान और चुनाव लड़ना दोनों ही वैधानिक अधिकार हैं। केवल मतदाता सूची में नाम होना चुनाव लड़ने के लिए पर्याप्त नहीं है; अन्य वैधानिक योग्यताओं का पूरा होना भी आवश्यक है।

प्रश्न 59: निम्नलिखित में से किस अनुच्छेद के अंतर्गत संसद को चुनावों से संबंधित कानून बनाने की शक्ति प्राप्त है?

  • A. अनुच्छेद 327 ✓
  • B. अनुच्छेद 324
  • C. अनुच्छेद 326
  • D. अनुच्छेद 328
सही उत्तर: A — अनुच्छेद 327
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 327 संसद को संसद एवं राज्य विधानमंडलों के चुनावों से संबंधित विषयों पर कानून बनाने की शक्ति प्रदान करता है, जबकि अनुच्छेद 328 राज्य विधानमंडल को उन विषयों पर कानून बनाने की शक्ति देता है जिन पर संसद ने कानून न बनाया हो।

प्रश्न 60: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) भारत निर्वाचन आयोग एक बहुसदस्यीय निकाय हो सकता है। (2) मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की शक्तियाँ समान होती हैं। (3) किसी मामले का निर्णय आयोग में बहुमत के आधार पर किया जाता है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 1 और 2
  • C. 1, 2 और 3 ✓
  • D. केवल 2 और 3
सही उत्तर: C — 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
1993 से भारत निर्वाचन आयोग एक स्थायी बहुसदस्यीय निकाय है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त तथा अन्य निर्वाचन आयुक्त निर्णय लेने में समान मताधिकार रखते हैं तथा आयोग के निर्णय सामान्यतः बहुमत के आधार पर लिए जाते हैं।

प्रश्न 61: निम्नलिखित में से कौन-सा चुनाव भारत के संविधान के अंतर्गत प्रत्यक्ष चुनाव द्वारा संपन्न होता है?

  • A. राष्ट्रपति का चुनाव
  • B. उपराष्ट्रपति का चुनाव
  • C. राज्यसभा का चुनाव
  • D. लोकसभा का चुनाव ✓
सही उत्तर: D — लोकसभा का चुनाव
व्याख्या (Explanation):
लोकसभा के सदस्य सीधे जनता द्वारा चुने जाते हैं। इसके विपरीत राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव अप्रत्यक्ष निर्वाचन प्रणाली से होता है।

प्रश्न 62: भारत में किसी राजनीतिक दल को चुनाव चिन्ह आवंटित करने का अधिकार किसके पास है?

  • A. भारत निर्वाचन आयोग ✓
  • B. संसद
  • C. राष्ट्रपति
  • D. सर्वोच्च न्यायालय
सही उत्तर: A — भारत निर्वाचन आयोग
व्याख्या (Explanation):
चुनाव चिन्हों का आरक्षण एवं आवंटन भारत निर्वाचन आयोग द्वारा किया जाता है। यही आयोग राजनीतिक दलों की मान्यता से संबंधित निर्णय भी लेता है।

प्रश्न 63: निम्नलिखित में से कौन-सा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 का प्रमुख विषय है?

  • A. चुनाव याचिकाएँ
  • B. चुनावी भ्रष्ट आचरण
  • C. मतदाता सूची एवं निर्वाचन क्षेत्रों से संबंधित प्रावधान ✓
  • D. उम्मीदवारों की अयोग्यता
सही उत्तर: C — मतदाता सूची एवं निर्वाचन क्षेत्रों से संबंधित प्रावधान
व्याख्या (Explanation):
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 मुख्यतः निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन (जहाँ लागू हो), मतदाता सूची की तैयारी, निर्वाचकों के पंजीकरण तथा निर्वाचन नामावली से संबंधित प्रावधानों से संबंधित है।

प्रश्न 64: भारत में नगरपालिकाओं के चुनाव कराने का दायित्व किसके पास है?

  • A. भारत निर्वाचन आयोग
  • B. संसद
  • C. राज्य सरकार
  • D. राज्य निर्वाचन आयोग ✓
सही उत्तर: D — राज्य निर्वाचन आयोग
व्याख्या (Explanation):
संविधान के अनुच्छेद 243ZA के अनुसार नगरपालिकाओं के चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग कराता है।

प्रश्न 65: निर्वाचन आयोग के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. यह एक स्वतंत्र संवैधानिक निकाय है। ✓
  • B. यह संसद की एक समिति है।
  • C. यह गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
  • D. यह सर्वोच्च न्यायालय का अंग है।
सही उत्तर: A — यह एक स्वतंत्र संवैधानिक निकाय है।
व्याख्या (Explanation):
निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत स्थापित एक स्वतंत्र संवैधानिक निकाय है, जो चुनावों की निष्पक्षता सुनिश्चित करता है।

प्रश्न 66: निम्नलिखित में से कौन-सा चुनाव भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित किया जाता है?

  • A. ग्राम पंचायत चुनाव
  • B. राज्य विधानसभा चुनाव ✓
  • C. नगर निगम चुनाव
  • D. जिला परिषद चुनाव
सही उत्तर: B — राज्य विधानसभा चुनाव
व्याख्या (Explanation):
भारत निर्वाचन आयोग लोकसभा, राज्य विधानसभा, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव कराता है। स्थानीय निकायों के चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग कराता है।

प्रश्न 67: चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही सामान्यतः कौन-सी व्यवस्था प्रभावी हो जाती है?

  • A. राष्ट्रीय आपातकाल
  • B. राष्ट्रपति शासन
  • C. आदर्श आचार संहिता ✓
  • D. वित्तीय आपातकाल
सही उत्तर: C — आदर्श आचार संहिता
व्याख्या (Explanation):
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम घोषित किए जाने के साथ ही सामान्यतः आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो जाती है, जिसका उद्देश्य स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करना है।

प्रश्न 68: निम्नलिखित में से कौन-सा निकाय राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों को मान्यता प्रदान करता है?

  • A. भारत निर्वाचन आयोग ✓
  • B. संसद
  • C. विधि आयोग
  • D. गृह मंत्रालय
सही उत्तर: A — भारत निर्वाचन आयोग
व्याख्या (Explanation):
राजनीतिक दलों को राष्ट्रीय अथवा राज्य दल का दर्जा भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव चिन्ह (आरक्षण एवं आवंटन) आदेश, 1968 के अनुसार दिया जाता है।

प्रश्न 69: भारत में किसी निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए व्यक्ति का कौन-सा होना आवश्यक है?

  • A. उस क्षेत्र का स्थायी निवासी होना
  • B. आयकरदाता होना
  • C. स्नातक होना
  • D. उस निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी होना ✓
सही उत्तर: D — उस निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी होना
व्याख्या (Explanation):
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के अनुसार मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए व्यक्ति का संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी होना आवश्यक है।

प्रश्न 70: भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद लोकसभा तथा राज्य विधानसभाओं के चुनावों के लिए वयस्क मताधिकार का प्रावधान करता है?

  • A. अनुच्छेद 324
  • B. अनुच्छेद 326 ✓
  • C. अनुच्छेद 325
  • D. अनुच्छेद 327
सही उत्तर: B — अनुच्छेद 326
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 326 लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं के चुनावों के लिए सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार का प्रावधान करता है। वर्तमान में मतदान की न्यूनतम आयु 18 वर्ष है।

प्रश्न 71: भारत में निर्वाचन आयोग का स्वरूप क्या है?

  • A. स्वतंत्र संवैधानिक निकाय ✓
  • B. वैधानिक निकाय
  • C. संसदीय समिति
  • D. न्यायिक निकाय
सही उत्तर: A — स्वतंत्र संवैधानिक निकाय
व्याख्या (Explanation):
भारत निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक निकाय है, जिसकी स्थापना संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत की गई है और जिसका उद्देश्य स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना है।

प्रश्न 72: भारत में मतदान का अधिकार किस प्रकार का अधिकार है?

  • A. मौलिक अधिकार
  • B. प्राकृतिक अधिकार
  • C. वैधानिक अधिकार ✓
  • D. विधिक उपचार का अधिकार
सही उत्तर: C — वैधानिक अधिकार
व्याख्या (Explanation):
भारत में मतदान का अधिकार वैधानिक अधिकार है। यद्यपि अनुच्छेद 326 सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार का संवैधानिक आधार प्रदान करता है, किन्तु मतदान का अधिकार तथा उसका प्रयोग लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 एवं 1951 के अधीन विनियमित होता है। इसलिए इसे मौलिक अधिकार नहीं माना जाता।

प्रश्न 73: निम्नलिखित में से कौन-सा निर्वाचन आयोग का संवैधानिक कार्य नहीं है?

  • A. मतदाता सूची का अधीक्षण
  • B. लोकसभा चुनाव कराना
  • C. राष्ट्रपति चुनाव कराना
  • D. पंचायत चुनाव कराना ✓
सही उत्तर: D — पंचायत चुनाव कराना
व्याख्या (Explanation):
पंचायत एवं नगर निकायों के चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग कराता है। भारत निर्वाचन आयोग इन चुनावों का संचालन नहीं करता।

प्रश्न 74: चुनाव चिन्ह (आरक्षण एवं आवंटन) से संबंधित अधिकार किसके पास है?

  • A. संसद
  • B. भारत निर्वाचन आयोग ✓
  • C. सर्वोच्च न्यायालय
  • D. राष्ट्रपति
सही उत्तर: B — भारत निर्वाचन आयोग
व्याख्या (Explanation):
राजनीतिक दलों को चुनाव चिन्ह प्रदान करना तथा चुनाव चिन्हों से संबंधित विवादों का निर्णय भारत निर्वाचन आयोग करता है।

प्रश्न 75: निम्नलिखित में से कौन-सा अधिनियम चुनावों के संचालन, उम्मीदवारों की योग्यता एवं अयोग्यता आदि से संबंधित है?

  • A. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950
  • B. जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1949
  • C. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 ✓
  • D. भारतीय दंड संहिता, 1860
सही उत्तर: C — लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951
व्याख्या (Explanation):
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 चुनावों के संचालन, उम्मीदवारों की योग्यता एवं अयोग्यता, चुनावी अपराध एवं भ्रष्ट आचरण, चुनाव याचिकाओं तथा निर्वाचन संबंधी अन्य प्रक्रियाओं से संबंधित प्रमुख कानून है।

प्रश्न 76: सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार का अर्थ क्या है?

  • A. निर्धारित आयु प्राप्त प्रत्येक भारतीय नागरिक को, अन्य कानूनी योग्यताओं के अधीन, मतदान का अधिकार प्राप्त होना। ✓
  • B. केवल शिक्षित नागरिकों को मतदान का अधिकार होना।
  • C. केवल करदाताओं को मतदान का अधिकार होना।
  • D. केवल सरकारी कर्मचारियों को मतदान का अधिकार होना।
सही उत्तर: A — निर्धारित आयु प्राप्त प्रत्येक भारतीय नागरिक को, अन्य कानूनी योग्यताओं के अधीन, मतदान का अधिकार प्राप्त होना।
व्याख्या (Explanation):
भारत में मतदान का अधिकार धर्म, जाति, लिंग, संपत्ति या शिक्षा के आधार पर नहीं, बल्कि निर्धारित आयु और कानूनी पात्रता के आधार पर दिया जाता है।

प्रश्न 77: भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती है?

  • A. प्रधानमंत्री
  • B. राष्ट्रपति ✓
  • C. लोकसभा अध्यक्ष
  • D. भारत के मुख्य न्यायाधीश
सही उत्तर: B — राष्ट्रपति
व्याख्या (Explanation):
मुख्य निर्वाचन आयुक्त तथा अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त एवं अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें एवं पदावधि) अधिनियम, 2023 के अनुसार राष्ट्रपति, चयन समिति की अनुशंसा पर नियुक्ति करते हैं।

प्रश्न 78: निम्नलिखित में से किस चुनाव का संचालन भारत निर्वाचन आयोग नहीं करता?

  • A. लोकसभा चुनाव
  • B. राष्ट्रपति चुनाव
  • C. उपराष्ट्रपति चुनाव
  • D. पंचायत चुनाव ✓
सही उत्तर: D — पंचायत चुनाव
व्याख्या (Explanation):
पंचायत एवं नगर निकायों के चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग कराता है। भारत निर्वाचन आयोग लोकसभा, राज्य विधानसभा, राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति के चुनाव कराता है।

प्रश्न 79: भारत में मतदान की न्यूनतम आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष किस संविधान संशोधन द्वारा की गई?

  • A. 61वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1988 ✓
  • B. 42वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1976
  • C. 44वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1978
  • D. 52वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1985
सही उत्तर: A — 61वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1988
व्याख्या (Explanation):
61वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1988 द्वारा अनुच्छेद 326 में संशोधन कर मतदान की आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दी गई।

प्रश्न 80: भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना का प्रावधान किया गया है?

  • A. अनुच्छेद 325
  • B. अनुच्छेद 326
  • C. अनुच्छेद 324 ✓
  • D. अनुच्छेद 327
सही उत्तर: C — अनुच्छेद 324
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 324 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग की स्थापना की गई है। यह संसद, राज्य विधानमंडलों, राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति के चुनावों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण के लिए उत्तरदायी स्वतंत्र संवैधानिक निकाय है।

प्रश्न 81: कथन (A): निर्वाचन आयोग किसी भी राजनीतिक दल को बिना किसी वैधानिक मानदंड के केवल अपने विवेकाधिकार के आधार पर राष्ट्रीय दल घोषित कर सकता है। कारण (R): राष्ट्रीय अथवा राज्य दल के रूप में मान्यता निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित वस्तुनिष्ठ निर्वाचन-प्रदर्शन मानदंडों के आधार पर प्रदान की जाती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है। ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है क्योंकि निर्वाचन आयोग किसी राजनीतिक दल को केवल विवेकाधिकार के आधार पर राष्ट्रीय दल घोषित नहीं कर सकता। राष्ट्रीय या राज्य दल की मान्यता निर्वाचन चिह्न (आरक्षण एवं आवंटन) आदेश, 1968 के अंतर्गत निर्धारित वस्तुनिष्ठ मानदंडों—जैसे मत प्रतिशत और निर्वाचन प्रदर्शन—के आधार पर दी जाती है। कारण सही है और वर्तमान विधिक स्थिति को व्यक्त करता है। इसलिए विकल्प D सही है।

प्रश्न 82: कथन (A): मतदाता सूची में नाम दर्ज होना किसी व्यक्ति को मतदान का व्यावहारिक अधिकार देता है, परंतु वह अधिकार भी निर्वाचन संबंधी वैध विधिक प्रतिबंधों के अधीन रहता है। कारण (R): मतदान का अधिकार संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकार नहीं, बल्कि विधि द्वारा प्रदत्त वैधानिक अधिकार माना गया है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है क्योंकि मतदाता सूची में नाम दर्ज होने के बाद भी मतदान का अधिकार निर्वाचन कानूनों के अधीन रहता है और कुछ परिस्थितियों में उसका प्रयोग सीमित हो सकता है। कारण भी सही है क्योंकि उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि मतदान का अधिकार एक वैधानिक अधिकार है, जो मुख्यतः जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 एवं 1951 तथा संबंधित निर्वाचन नियमों से संचालित होता है; यह स्वयं में मौलिक अधिकार नहीं है। चूँकि मतदान का अधिकार वैधानिक है, इसलिए उसका प्रयोग भी विधि द्वारा निर्धारित शर्तों और प्रतिबंधों के अधीन रहता है। यही कारण कथन की प्रत्यक्ष व्याख्या करता है। इसलिए विकल्प A सही है।

प्रश्न 83: कथन (A): दल-बदल विरोधी कानून के अंतर्गत अध्यक्ष या सभापति द्वारा निर्णय लेने में अत्यधिक विलंब होने पर न्यायालय किसी भी परिस्थिति में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। कारण (R): उच्चतम न्यायालय ने माना है कि यद्यपि अध्यक्ष या सभापति दल-बदल मामलों के प्राथमिक निर्णयकर्ता हैं, किन्तु असाधारण परिस्थितियों में न्यायिक समीक्षा का अधिकार समाप्त नहीं होता।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है। ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है क्योंकि उच्चतम न्यायालय ने किहोटो होल्लोहन बनाम जाचिल्लू (1992) तथा बाद के निर्णयों में यह स्पष्ट किया कि अध्यक्ष या सभापति का निर्णय पूर्णतः न्यायिक समीक्षा से बाहर नहीं है। इसके अतिरिक्त, यदि दल-बदल याचिका पर अनुचित अथवा अत्यधिक विलंब हो और संवैधानिक शासन प्रभावित हो, तो न्यायालय उपयुक्त परिस्थितियों में हस्तक्षेप कर सकता है। कारण सही है क्योंकि यही वर्तमान न्यायिक स्थिति है। अतः विकल्प D सही है।

प्रश्न 84: कथन (A): राजनीतिक दल का पंजीकरण रद्द करने की शक्ति निर्वाचन आयोग को उसी प्रकार प्राप्त है, जिस प्रकार वह किसी मान्यता प्राप्त दल की मान्यता समाप्त कर सकता है। कारण (R): राजनीतिक दल का पंजीकरण और उसकी मान्यता दो पृथक विधिक अवधारणाएँ हैं तथा दोनों के संबंध में निर्वाचन आयोग की शक्तियों का स्रोत समान नहीं है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है। ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है क्योंकि निर्वाचन आयोग को मान्यता वापस लेने की शक्ति तो निर्वाचन चिह्न (आरक्षण एवं आवंटन) आदेश, 1968 के अंतर्गत प्राप्त है, किन्तु किसी राजनीतिक दल का पंजीकरण रद्द करने की शक्ति अत्यंत सीमित है और सामान्य परिस्थितियों में उसे वही व्यापक अधिकार प्राप्त नहीं हैं जो मान्यता समाप्त करने के संबंध में हैं। उच्चतम न्यायालय ने भी पंजीकरण और मान्यता को अलग-अलग विधिक अवधारणाएँ माना है। कारण सही है क्योंकि दोनों की विधिक प्रकृति तथा आयोग की शक्तियों का आधार अलग-अलग है। इसलिए विकल्प D सही है।

प्रश्न 85: कथन (A): संविधान का अनुच्छेद 324 निर्वाचन आयोग को केवल प्रशासनिक अधिकार ही नहीं, बल्कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक परिस्थितियों में पूरक शक्तियों के प्रयोग की भी अनुमति देता है। कारण (R): उच्चतम न्यायालय ने यह स्पष्ट किया है कि अनुच्छेद 324 के अंतर्गत निहित शक्तियाँ वहाँ प्रयुक्त की जा सकती हैं जहाँ प्रचलित निर्वाचन कानून किसी स्थिति का पूर्ण समाधान उपलब्ध नहीं कराते।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है क्योंकि अनुच्छेद 324 केवल चुनाव कराने का प्रशासनिक प्रावधान नहीं है, बल्कि निर्वाचन आयोग को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक पूरक शक्तियाँ भी प्रदान करता है। उच्चतम न्यायालय ने मोहन सिंह गिल बनाम मुख्य निर्वाचन आयुक्त (1978) तथा टी. एन. शेषन बनाम भारत संघ (1995) में स्पष्ट किया कि आयोग उन परिस्थितियों में आवश्यक निर्देश जारी कर सकता है जहाँ विधि अपूर्ण हो, किन्तु वह किसी विद्यमान वैधानिक प्रावधान के विपरीत कार्य नहीं कर सकता। कारण सही है और वही कथन का संवैधानिक एवं न्यायिक आधार प्रस्तुत करता है। अतः विकल्प A सही है।

प्रश्न 86: कथन (A): यदि कोई राजनीतिक दल वैधानिक रूप से पंजीकृत है, तो उसे प्रत्येक चुनाव में अनिवार्य रूप से आरक्षित चुनाव चिह्न ही प्राप्त होगा। कारण (R): आरक्षित चुनाव चिह्न का अधिकार केवल मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को प्राप्त होता है, जबकि पंजीकृत किन्तु अमान्यता प्राप्त दलों को सामान्यतः मुक्त चुनाव चिह्नों में से आवंटन किया जाता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है। ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है क्योंकि केवल पंजीकरण से किसी राजनीतिक दल को आरक्षित चुनाव चिह्न का अधिकार प्राप्त नहीं हो जाता। आरक्षित चुनाव चिह्न सामान्यतः मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय अथवा राज्य दल को मिलता है। पंजीकृत किन्तु अमान्यता प्राप्त दलों को निर्वाचन आयोग द्वारा उपलब्ध मुक्त चुनाव चिह्नों में से चुनाव चिह्न आवंटित किया जाता है। कारण सही है तथा निर्वाचन चिह्न (आरक्षण एवं आवंटन) आदेश, 1968 की विधिक व्यवस्था को व्यक्त करता है। इसलिए विकल्प D सही है।

प्रश्न 87: कथन (A): किसी उम्मीदवार द्वारा नामांकन पत्र के साथ आवश्यक सूचना का जानबूझकर अपूर्ण या भ्रामक प्रकटीकरण किया जाना निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता को प्रभावित कर सकता है। कारण (R): उम्मीदवारों द्वारा आपराधिक प्रकरणों, परिसंपत्तियों, देनदारियों तथा शैक्षणिक योग्यता का प्रकटीकरण मतदाताओं के जानने के अधिकार को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है क्योंकि प्रत्याशी द्वारा शपथपत्र में आवश्यक जानकारी का अपूर्ण अथवा भ्रामक प्रकटीकरण निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता एवं मतदाता के सूचित निर्णय को प्रभावित करता है। कारण भी सही है क्योंकि उच्चतम न्यायालय ने भारत संघ बनाम लोकतांत्रिक सुधार संघ (2002) तथा पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज बनाम भारत संघ (2003) में मतदाता के जानने के अधिकार को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण अंग माना, जिसके आधार पर प्रत्याशियों द्वारा आपराधिक मामलों, परिसंपत्तियों, देनदारियों तथा शैक्षणिक योग्यता का प्रकटीकरण अनिवार्य हुआ। यही कारण कथन की प्रत्यक्ष व्याख्या करता है। इसलिए विकल्प A सही है।

प्रश्न 88: कथन (A): दल-बदल विरोधी कानून के अंतर्गत किसी सदस्य द्वारा स्वेच्छा से दल की सदस्यता छोड़ना केवल लिखित त्यागपत्र देने से ही सिद्ध किया जा सकता है। कारण (R): उच्चतम न्यायालय ने माना है कि किसी सदस्य का आचरण भी परिस्थितियों के आधार पर यह सिद्ध कर सकता है कि उसने स्वेच्छा से अपनी दलगत सदस्यता छोड़ दी है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है। ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है क्योंकि दसवीं अनुसूची के अंतर्गत "स्वेच्छा से दल की सदस्यता छोड़ना" केवल औपचारिक त्यागपत्र तक सीमित नहीं है। उच्चतम न्यायालय ने रवि एस. नाइक बनाम भारत संघ (1994) सहित अनेक निर्णयों में स्पष्ट किया कि सदस्य के सार्वजनिक आचरण, वक्तव्यों अथवा व्यवहार से भी यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि उसने स्वेच्छा से अपनी राजनीतिक दल की सदस्यता छोड़ दी है। कारण सही है और यही वर्तमान विधिक स्थिति को व्यक्त करता है। इसलिए विकल्प D सही है।

प्रश्न 89: कथन (A): निर्वाचन याचिका पर निर्णय होने से पहले निर्वाचन आयोग स्वयं किसी निर्वाचित उम्मीदवार का निर्वाचन शून्य घोषित कर सकता है। कारण (R): जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के अंतर्गत निर्वाचन की वैधता को चुनौती देने का सामान्य वैधानिक माध्यम निर्वाचन याचिका है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है। ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है क्योंकि किसी निर्वाचित उम्मीदवार के निर्वाचन को शून्य घोषित करने का सामान्य अधिकार निर्वाचन आयोग को प्राप्त नहीं है। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के अनुसार चुनाव परिणाम को चुनौती केवल सक्षम उच्च न्यायालय में निर्वाचन याचिका के माध्यम से दी जाती है और निर्वाचन को अमान्य घोषित करने का निर्णय न्यायालय देता है। कारण सही है क्योंकि निर्वाचन की वैधता पर विवाद का वैधानिक उपाय वास्तव में निर्वाचन याचिका ही है। अतः विकल्प D सही है।

प्रश्न 90: कथन (A): यदि किसी विषय पर जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 अथवा निर्वाचन नियमों में स्पष्ट प्रावधान उपलब्ध हो, तो निर्वाचन आयोग अनुच्छेद 324 के आधार पर उनसे विपरीत निर्देश जारी नहीं कर सकता। कारण (R): अनुच्छेद 324 के अंतर्गत निर्वाचन आयोग की अवशिष्ट शक्तियों का प्रयोग केवल वहीं किया जा सकता है जहाँ विधि मौन हो और आयोग का निर्देश किसी विद्यमान विधिक प्रावधान से असंगत न हो।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है क्योंकि संविधान का अनुच्छेद 324 निर्वाचन आयोग को व्यापक संवैधानिक शक्तियाँ प्रदान करता है, किन्तु ये शक्तियाँ असीमित नहीं हैं। ए. सी. जोस बनाम शिवन पिल्लै (1984) में उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जहाँ संसद द्वारा बनाए गए कानून अथवा वैध निर्वाचन नियम किसी विषय को नियंत्रित करते हैं, वहाँ निर्वाचन आयोग उनके विपरीत निर्देश जारी नहीं कर सकता। कारण भी सही है क्योंकि आयोग की अवशिष्ट शक्तियाँ केवल उन क्षेत्रों में लागू होती हैं जहाँ विधि मौन हो तथा आयोग का निर्देश किसी वैधानिक प्रावधान से टकराता न हो। यही कथन का प्रत्यक्ष संवैधानिक आधार है, इसलिए विकल्प A सही है।

प्रश्न 91: कथन (A): निर्वाचन आयोग द्वारा किसी राजनीतिक दल को मान्यता प्रदान करना और उसे चुनाव चिह्न आवंटित करना एक ही विधिक अवधारणा नहीं है। कारण (R): किसी राजनीतिक दल का पंजीकरण, उसकी मान्यता तथा चुनाव चिह्न से संबंधित अधिकार अलग-अलग विधिक प्रावधानों और निर्धारित मानदंडों के अधीन होते हैं।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है.
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है क्योंकि पंजीकरण, मान्यता तथा चुनाव चिह्न का आरक्षण/आवंटन निर्वाचन कानून की तीन पृथक अवधारणाएँ हैं। किसी दल का पंजीकरण जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के अंतर्गत होता है, जबकि राष्ट्रीय अथवा राज्य दल के रूप में मान्यता निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित निर्वाचन प्रदर्शन संबंधी मानदंडों के आधार पर दी जाती है। चुनाव चिह्न का आरक्षण एवं आवंटन निर्वाचन चिह्न (आरक्षण एवं आवंटन) आदेश, 1968 के अनुसार होता है। कारण भी सही है और वही कथन की प्रत्यक्ष व्याख्या करता है। अतः विकल्प A सही है।

प्रश्न 92: कथन (A): किसी चुनाव में निर्वाचन आयोग किसी प्रत्याशी को सीधे अयोग्य घोषित कर उसके चुनाव लड़ने के अधिकार को समाप्त कर सकता है। कारण (R): निर्वाचन आयोग कुछ मामलों में राष्ट्रपति अथवा राज्यपाल को अयोग्यता संबंधी प्रश्नों पर अपनी राय देता है, जिसके आधार पर निर्णय लिया जाता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है. ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है.
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है क्योंकि निर्वाचन आयोग को प्रत्येक स्थिति में किसी प्रत्याशी को सीधे अयोग्य घोषित करने की शक्ति प्राप्त नहीं है। संविधान के अनुच्छेद 103 (सांसदों के लिए) तथा अनुच्छेद 192 (विधायकों के लिए) के अनुसार यदि अयोग्यता का प्रश्न उत्पन्न होता है, तो उसका अंतिम निर्णय क्रमशः राष्ट्रपति या राज्यपाल द्वारा लिया जाता है तथा वे निर्णय लेने से पूर्व निर्वाचन आयोग की राय प्राप्त करते हैं और व्यवहारतः उसी के अनुसार निर्णय करते हैं। इसलिए कारण सही है, जबकि कथन गलत है। अतः विकल्प D सही है।

प्रश्न 93: कथन (A): जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 मुख्यतः निर्वाचन क्षेत्रों तथा मतदाता सूचियों से संबंधित विषयों का विनियमन करता है। कारण (R): जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 केवल निर्वाचन अपराधों से संबंधित प्रावधानों तक सीमित है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है। ✓
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: C — A सही है पर R गलत है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है क्योंकि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 का प्रमुख विषय निर्वाचन क्षेत्रों, निर्वाचक नामावली तथा मतदाता पंजीकरण से संबंधित प्रावधान हैं। कारण गलत है क्योंकि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 केवल निर्वाचन अपराधों तक सीमित नहीं है; इसमें चुनाव संचालन, प्रत्याशियों की अयोग्यता, चुनाव याचिकाएँ, भ्रष्ट आचरण, निर्वाचन अपराध तथा अनेक अन्य महत्वपूर्ण प्रावधान सम्मिलित हैं। इसलिए विकल्प C सही है।

प्रश्न 94: कथन (A): लोकसभा या विधानसभा के किसी निर्वाचन में यदि किसी प्रत्याशी की मृत्यु नामांकन की वैधता स्वीकार होने के बाद, किन्तु मतदान से पूर्व हो जाती है, तो प्रत्येक स्थिति में चुनाव स्वतः निरस्त नहीं होता। कारण (R): जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के अंतर्गत प्रत्याशी की मृत्यु की स्थिति में चुनाव की कार्यवाही का प्रभाव संबंधित परिस्थितियों तथा प्रत्याशी की स्थिति पर निर्भर करता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है क्योंकि वर्तमान निर्वाचन कानूनों के अंतर्गत किसी प्रत्याशी की मृत्यु होने मात्र से प्रत्येक स्थिति में चुनाव स्वतः निरस्त नहीं होता। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 में समय-समय पर किए गए संशोधनों के परिणामस्वरूप चुनाव स्थगित या निरस्त किए जाने की व्यवस्था पहले जैसी नहीं रही और यह संबंधित विधिक परिस्थितियों पर निर्भर करती है। कारण भी सही है तथा वही कथन की व्याख्या करता है कि प्रत्याशी की मृत्यु का प्रभाव परिस्थितिनिष्ठ होता है, न कि स्वतः एवं सार्वभौमिक। अतः विकल्प A सही है।

प्रश्न 95: कथन (A): किसी निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम दर्ज होना, उस व्यक्ति को उस निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने का स्वतः अधिकार प्रदान नहीं करता। कारण (R): चुनाव लड़ने की पात्रता केवल मतदाता सूची में नाम होने से नहीं, बल्कि संविधान तथा जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 में निर्धारित अन्य विधिक योग्यताओं एवं अयोग्यताओं से भी निर्धारित होती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है। ✓
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: B — A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है क्योंकि किसी निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम होना चुनाव लड़ने के लिए आवश्यक शर्तों में से एक हो सकता है, किन्तु यह अपने-आप में पर्याप्त नहीं है। उम्मीदवार को संबंधित सदन के लिए निर्धारित आयु, नागरिकता तथा जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के अंतर्गत निर्धारित योग्यताओं एवं अयोग्यताओं का भी पालन करना होता है। कारण भी सही है क्योंकि चुनाव लड़ने की पात्रता वास्तव में संविधान तथा जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के संयुक्त प्रावधानों से निर्धारित होती है। तथापि कारण, कथन की प्रत्यक्ष व्याख्या नहीं करता, बल्कि पात्रता के व्यापक विधिक ढाँचे का उल्लेख करता है। इसलिए विकल्प B सही है।

प्रश्न 96: कथन (A): चुनाव सुधारों का उद्देश्य निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी तथा विश्वसनीय बनाना है। कारण (R): निर्वाचन प्रक्रिया में सुधार केवल संविधान संशोधन द्वारा ही किए जा सकते हैं।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है। ✓
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: C — A सही है पर R गलत है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है क्योंकि चुनाव सुधारों का उद्देश्य निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी, विश्वसनीय तथा प्रभावी बनाना है। कारण गलत है क्योंकि चुनाव सुधार केवल संविधान संशोधन के माध्यम से ही नहीं, बल्कि विधायी संशोधनों, निर्वाचन आयोग के प्रशासनिक उपायों तथा न्यायिक निर्णयों के माध्यम से भी किए जा सकते हैं। अतः विकल्प C सही है।

प्रश्न 97: कथन (A): वीवीपैट का उपयोग केवल राज्यसभा के चुनावों में किया जाता है। कारण (R): वीवीपैट मतदाता को यह सत्यापित करने की सुविधा देता है कि उसका मत इच्छित प्रत्याशी के पक्ष में दर्ज हुआ है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है। ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है क्योंकि वीवीपैट का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीन के साथ लोकसभा, विधानसभा तथा अन्य प्रत्यक्ष निर्वाचन वाले चुनावों में मतदाता सत्यापन के लिए किया जाता है। इसका उपयोग केवल राज्यसभा के चुनावों तक सीमित नहीं है। कारण सही है क्योंकि वीवीपैट का उद्देश्य मतदाता को यह सत्यापित करने का अवसर देना है कि उसका मत इच्छित प्रत्याशी के पक्ष में सही रूप से दर्ज हुआ है। अतः विकल्प D सही है।

प्रश्न 98: कथन (A): दल-बदल विरोधी कानून के अंतर्गत यदि कोई निर्वाचित सदस्य स्वेच्छा से अपनी राजनीतिक दल की सदस्यता छोड़ देता है, तो उसे अयोग्य घोषित किया जा सकता है। कारण (R): दल-बदल विरोधी कानून का मुख्य उद्देश्य निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा राजनीतिक अवसरवाद तथा अस्थिरता को रोकना है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है। ✓
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: B — A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है क्योंकि संविधान की दसवीं अनुसूची, जिसे 52वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1985 द्वारा जोड़ा गया था, के अनुसार यदि कोई सदस्य स्वेच्छा से अपने राजनीतिक दल की सदस्यता छोड़ देता है, तो उसे अयोग्य घोषित किया जा सकता है। कारण भी सही है क्योंकि दल-बदल विरोधी कानून का प्रमुख उद्देश्य राजनीतिक अवसरवाद, अनैतिक दल-बदल तथा उससे उत्पन्न राजनीतिक अस्थिरता को रोकना है। किन्तु कारण, कथन में वर्णित अयोग्यता के कानूनी प्रावधान का प्रत्यक्ष आधार नहीं बताता, बल्कि इस कानून के व्यापक उद्देश्य को स्पष्ट करता है। इसलिए विकल्प B सही है।

प्रश्न 99: कथन (A): भारत निर्वाचन आयोग राजनीतिक दलों का पंजीकरण करता है तथा निर्वाचन चिह्नों के आवंटन एवं उनसे संबंधित मामलों का विनियमन करता है। कारण (R): किसी राजनीतिक दल का पंजीकरण हो जाने मात्र से उसे स्वतः राष्ट्रीय दल का दर्जा प्राप्त हो जाता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है। ✓
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: C — A सही है पर R गलत है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है क्योंकि राजनीतिक दलों का पंजीकरण जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के अंतर्गत निर्वाचन आयोग द्वारा किया जाता है। साथ ही निर्वाचन चिह्नों का आवंटन एवं उनसे संबंधित विषय निर्वाचन चिह्न (आरक्षण एवं आवंटन) आदेश, 1968 के अनुसार निर्वाचन आयोग द्वारा विनियमित किए जाते हैं। कारण गलत है क्योंकि केवल पंजीकरण से किसी राजनीतिक दल को राष्ट्रीय या राज्य दल का दर्जा प्राप्त नहीं होता। इसके लिए निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित निर्वाचन प्रदर्शन संबंधी मानदंडों को पूरा करना आवश्यक होता है। अतः विकल्प C सही है।

प्रश्न 100: कथन (A): भारत निर्वाचन आयोग को लोकसभा तथा राज्य विधानसभाओं के चुनावों के साथ-साथ राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के निर्वाचन का अधीक्षण, निर्देशन एवं नियंत्रण प्राप्त है। कारण (R): संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत निर्वाचन आयोग को इन चुनावों के संचालन का संवैधानिक दायित्व प्रदान किया गया है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 324 के अनुसार भारत निर्वाचन आयोग को संसद, राज्य विधानमंडलों, राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति के निर्वाचन के अधीक्षण, निर्देशन एवं नियंत्रण की शक्ति प्राप्त है। कारण भी सही है क्योंकि यही अनुच्छेद निर्वाचन आयोग के संवैधानिक अधिकारों का आधार है। अतः कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।

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