प्रश्न 1: प्रमुख सामाजिक विकास सूचकांकों के समग्र अध्ययन के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) किसी देश के विकास का आकलन केवल एक सूचकांक से करना भ्रामक हो सकता है। (2) औसत उपलब्धि, असमानता और वंचना अलग-अलग विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण प्रदान करते हैं। (3) भूख और खाद्य सुरक्षा समान अवधारणाएँ हैं। (4) लैंगिक विकास और लैंगिक असमानता सूचकांक अलग-अलग अवधारणाओं को मापते हैं। (5) सतत विकास का आकलन सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय आयामों से जुड़ा है।
-
A.
1, 2, 4 और 5
✓
-
B.
1, 2 और 3
-
C.
2, 3, 4 और 5
-
D.
1, 2, 3, 4 और 5
सही उत्तर:
A
— 1, 2, 4 और 5
व्याख्या (Explanation):कथन 1 सही है क्योंकि कोई एक सूचकांक विकास की पूर्ण तस्वीर नहीं देता। कथन 2 सही है क्योंकि मानव विकास, असमानता और बहुआयामी गरीबी अलग-अलग दृष्टिकोण प्रदान करते हैं। कथन 3 गलत है; भूख और खाद्य सुरक्षा संबंधित लेकिन अलग अवधारणाएँ हैं। कथन 4 सही है क्योंकि लैंगिक विकास सूचकांक मानव विकास उपलब्धियों में महिला-पुरुष अंतर पर केंद्रित है, जबकि लैंगिक असमानता सूचकांक विशिष्ट लैंगिक नुकसान को मापता है। कथन 5 सही है क्योंकि सतत विकास बहु-आयामी है।
प्रश्न 2: यदि किसी सूचकांक की रैंकिंग में किसी देश की स्थिति सुधरती है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष स्वतः नहीं निकाला जा सकता?
-
A.
देश ने उस सूचकांक द्वारा मापे जाने वाले कुछ पहलुओं में अन्य देशों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया हो सकता है।
-
B.
उसकी पूर्ण सामाजिक स्थिति हर पहलू में सुधार गई है।
✓
-
C.
उसकी सापेक्ष स्थिति बदली हो सकती है।
-
D.
रैंक परिवर्तन की व्याख्या के लिए सूचकांक की पद्धति देखना आवश्यक है।
सही उत्तर:
B
— उसकी पूर्ण सामाजिक स्थिति हर पहलू में सुधार गई है।
व्याख्या (Explanation):रैंक एक सापेक्ष स्थिति बताती है। किसी देश की रैंक बढ़ने का अर्थ यह नहीं कि उसकी पूर्ण सामाजिक स्थिति के प्रत्येक पहलू में सुधार हुआ है। अन्य देशों के प्रदर्शन में बदलाव भी रैंक को प्रभावित कर सकता है। इसलिए रैंक की व्याख्या करते समय मूल मान, पद्धति और संदर्भ वर्ष देखना आवश्यक है।
प्रश्न 3: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म गलत सुमेलित है?
-
A.
वैश्विक भूख सूचकांक — अल्पपोषण, बाल अवरुद्ध वृद्धि, बाल दुर्बलता और बाल मृत्यु
-
B.
लैंगिक असमानता सूचकांक — स्वास्थ्य, सशक्तिकरण और श्रम बाजार
-
C.
मानव विकास सूचकांक — राजनीतिक प्रतिनिधित्व, नागरिक स्वतंत्रता और प्रेस स्वतंत्रता
✓
-
D.
सामाजिक प्रगति सूचकांक — मूलभूत आवश्यकताएँ, कल्याण की आधारशिलाएँ और अवसर
सही उत्तर:
C
— मानव विकास सूचकांक — राजनीतिक प्रतिनिधित्व, नागरिक स्वतंत्रता और प्रेस स्वतंत्रता
व्याख्या (Explanation):मानव विकास सूचकांक में स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर शामिल होते हैं। राजनीतिक प्रतिनिधित्व, नागरिक स्वतंत्रता और प्रेस स्वतंत्रता उसके मूल आयाम नहीं हैं। ऐसे व्यापक सामाजिक और संस्थागत पहलुओं को सामाजिक प्रगति जैसे अन्य ढाँचों में अधिक प्रत्यक्ष रूप से देखा जा सकता है।
प्रश्न 4: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सतत विकास लक्ष्य सूचकांक और मानव विकास सूचकांक के बीच सबसे उपयुक्त अंतर बताता है?
-
A.
मानव विकास सूचकांक केवल पर्यावरणीय विकास को मापता है।
-
B.
सतत विकास लक्ष्य सूचकांक केवल आय और स्वास्थ्य को मापता है।
-
C.
दोनों की अवधारणा पूरी तरह समान है।
-
D.
मानव विकास सूचकांक मूल मानव विकास उपलब्धियों पर केंद्रित है, जबकि सतत विकास लक्ष्य सूचकांक व्यापक सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में प्रगति को देखता है।
✓
सही उत्तर:
D
— मानव विकास सूचकांक मूल मानव विकास उपलब्धियों पर केंद्रित है, जबकि सतत विकास लक्ष्य सूचकांक व्यापक सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में प्रगति को देखता है।
व्याख्या (Explanation):मानव विकास सूचकांक तीन मूल आयामों—स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर—पर केंद्रित है। सतत विकास लक्ष्य सूचकांक अनेक सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय लक्ष्यों की दिशा में प्रगति को मापता है।
प्रश्न 5: किसी देश में बहुआयामी गरीबी की व्यापकता 30 प्रतिशत से घटकर 20 प्रतिशत हो जाती है, जबकि गरीबी की तीव्रता 40 प्रतिशत पर स्थिर रहती है। बहुआयामी गरीबी सूचकांक के संबंध में सबसे उपयुक्त निष्कर्ष क्या होगा?
-
A.
सूचकांक घटेगा।
✓
-
B.
सूचकांक बढ़ेगा।
-
C.
सूचकांक अपरिवर्तित रहेगा।
-
D.
केवल गरीबी की तीव्रता देखकर निष्कर्ष निकाला जा सकता है।
सही उत्तर:
A
— सूचकांक घटेगा।
व्याख्या (Explanation):बहुआयामी गरीबी सूचकांक को गरीबी की व्यापकता और तीव्रता के गुणनफल के रूप में समझा जाता है। यहाँ व्यापकता घट रही है जबकि तीव्रता समान है, इसलिए समग्र सूचकांक में कमी होगी।
प्रश्न 6: यदि किसी देश में महिला एवं पुरुष मानव विकास उपलब्धियों के बीच अंतर घटता है, लेकिन महिलाओं के संसदीय प्रतिनिधित्व और श्रम बाजार में भागीदारी में कोई सुधार नहीं होता, तो निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सबसे उचित है?
-
A.
लैंगिक विकास सूचकांक और लैंगिक असमानता सूचकांक अनिवार्य रूप से समान गति से सुधरेंगे।
-
B.
दोनों सूचकांकों में अनिवार्य रूप से कोई परिवर्तन नहीं होगा।
-
C.
लैंगिक विकास सूचकांक में सुधार संभव है, जबकि लैंगिक असमानता में सुधार सीमित रह सकता है।
✓
-
D.
लैंगिक असमानता सूचकांक में निश्चित रूप से बड़ी गिरावट होगी।
सही उत्तर:
C
— लैंगिक विकास सूचकांक में सुधार संभव है, जबकि लैंगिक असमानता में सुधार सीमित रह सकता है।
व्याख्या (Explanation):लैंगिक विकास सूचकांक महिला और पुरुष मानव विकास उपलब्धियों के अनुपात पर केंद्रित है। लैंगिक असमानता सूचकांक में सशक्तिकरण और श्रम बाजार भी शामिल हैं। इसलिए मानव विकास में लैंगिक अंतर घटने के बावजूद राजनीतिक प्रतिनिधित्व और श्रम भागीदारी में स्थिरता से लैंगिक असमानता का सुधार सीमित रह सकता है।
प्रश्न 7: निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प मानव विकास सूचकांक और बहुआयामी गरीबी सूचकांक के बीच संबंध को सबसे सही ढंग से दर्शाता है?
-
A.
दोनों केवल मौद्रिक गरीबी मापते हैं।
-
B.
पहला औसत उपलब्धियों का सारांश देता है, जबकि दूसरा वंचनाओं की पहचान करता है।
✓
-
C.
पहला केवल गरीब परिवारों की संख्या मापता है, दूसरा केवल प्रति व्यक्ति आय।
-
D.
दोनों की गणना समान संकेतकों से होती है।
सही उत्तर:
B
— पहला औसत उपलब्धियों का सारांश देता है, जबकि दूसरा वंचनाओं की पहचान करता है।
व्याख्या (Explanation):मानव विकास सूचकांक स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर की औसत उपलब्धियों को मापता है। बहुआयामी गरीबी सूचकांक स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर में वंचनाओं को पहचानता है। दोनों संबंधित हैं, लेकिन उनका दृष्टिकोण अलग है।
प्रश्न 8: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) किसी देश में उच्च मानव विकास और उच्च लैंगिक समानता एक साथ मौजूद हो सकते हैं। (2) उच्च मानव विकास का अर्थ यह नहीं कि देश में बहुआयामी गरीबी समाप्त हो गई है। (3) खाद्य उपलब्धता में वृद्धि से खाद्य सुरक्षा के सभी आयाम स्वतः सुधर जाते हैं। (4) सतत विकास लक्ष्य सूचकांक में समग्र सुधार के बावजूद कुछ लक्ष्य कमजोर रह सकते हैं।
-
A.
केवल 1 और 3
-
B.
केवल 2 और 4
-
C.
केवल 1, 2 और 3
-
D.
केवल 1, 2 और 4
✓
सही उत्तर:
D
— केवल 1, 2 और 4
व्याख्या (Explanation):कथन 1 सही है; उच्च मानव विकास और बेहतर लैंगिक स्थिति एक साथ संभव हैं। कथन 2 सही है; औसत मानव विकास और वंचनाएँ अलग अवधारणाएँ हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि खाद्य सुरक्षा में सामर्थ्य, पहुँच, गुणवत्ता एवं सुरक्षा तथा स्थिरता भी महत्वपूर्ण हैं। कथन 4 सही है क्योंकि संयुक्त सूचकांक में कुछ लक्ष्य-विशिष्ट कमजोरियाँ बनी रह सकती हैं।
प्रश्न 9: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
-
A.
मानव विकास सूचकांक में उच्च मान सामान्यतः बेहतर मानव विकास दर्शाता है।
✓
-
B.
वैश्विक भूख सूचकांक में उच्च मान बेहतर स्थिति दर्शाता है।
-
C.
लैंगिक असमानता सूचकांक में उच्च मान कम असमानता दर्शाता है।
-
D.
सभी सामाजिक विकास सूचकांकों में उच्च मान बेहतर स्थिति का सार्वभौमिक नियम है।
सही उत्तर:
A
— मानव विकास सूचकांक में उच्च मान सामान्यतः बेहतर मानव विकास दर्शाता है।
व्याख्या (Explanation):मानव विकास सूचकांक में उच्च मान बेहतर मानव विकास को दर्शाता है। इसके विपरीत वैश्विक भूख सूचकांक और लैंगिक असमानता सूचकांक में निम्न मान बेहतर स्थिति का संकेत देते हैं। इसलिए सूचकांक की दिशा को अलग-अलग समझना आवश्यक है।
प्रश्न 10: किसी देश में मानव विकास सूचकांक में वृद्धि हुई, लेकिन असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक में वृद्धि अपेक्षाकृत सीमित रही। साथ ही, बहुआयामी गरीबी में कमी दर्ज की गई। निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सर्वाधिक उचित है?
-
A.
औसत मानव विकास और वितरणात्मक समानता में समान गति से सुधार हुआ।
-
B.
बहुआयामी गरीबी में कमी से असमानता स्वतः समाप्त हो गई।
-
C.
औसत मानव विकास में सुधार और वंचनाओं में कमी के बावजूद उपलब्धियों के वितरण में असमानता बनी रह सकती है।
✓
-
D.
तीनों सूचकांक एक ही सामाजिक स्थिति को मापते हैं।
सही उत्तर:
C
— औसत मानव विकास में सुधार और वंचनाओं में कमी के बावजूद उपलब्धियों के वितरण में असमानता बनी रह सकती है।
व्याख्या (Explanation):मानव विकास सूचकांक औसत उपलब्धियों को दर्शाता है, असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक उपलब्धियों के वितरण को ध्यान में रखता है और बहुआयामी गरीबी वंचनाओं की पहचान करता है। इसलिए तीनों में सुधार होने के बावजूद उनके बीच परिवर्तन की गति अलग हो सकती है।
प्रश्न 11: किसी देश में मानव विकास सूचकांक में वृद्धि, असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक में सीमित वृद्धि, बहुआयामी गरीबी में कमी तथा महिला श्रम बल भागीदारी में सुधार हुआ है, लेकिन खाद्य सुरक्षा में अभी भी क्षेत्रीय असमानता बनी हुई है। इस स्थिति से सबसे उपयुक्त निष्कर्ष क्या निकाला जा सकता है?
-
A.
औसत मानव विकास में सुधार के बावजूद वितरणात्मक, लैंगिक और खाद्य-सुरक्षा संबंधी चुनौतियाँ अलग-अलग नीतिगत ध्यान की मांग कर सकती हैं।
✓
-
B.
सभी सामाजिक समस्याएँ समाप्त हो चुकी हैं।
-
C.
मानव विकास सूचकांक बढ़ने से अन्य सभी सूचकांक अप्रासंगिक हो जाते हैं।
-
D.
बहुआयामी गरीबी में कमी का अर्थ है कि खाद्य सुरक्षा भी पूर्ण हो गई।
सही उत्तर:
A
— औसत मानव विकास में सुधार के बावजूद वितरणात्मक, लैंगिक और खाद्य-सुरक्षा संबंधी चुनौतियाँ अलग-अलग नीतिगत ध्यान की मांग कर सकती हैं।
व्याख्या (Explanation):यह उदाहरण स्पष्ट करता है कि विभिन्न सूचकांक विकास के अलग-अलग पहलुओं को पकड़ते हैं। मानव विकास सूचकांक औसत उपलब्धियों, असमानता-समायोजित सूचकांक वितरण, बहुआयामी गरीबी वंचनाओं, लैंगिक सूचकांक लैंगिक अंतर और खाद्य सुरक्षा सूचकांक खाद्य प्रणाली के विशिष्ट आयामों को समझने में सहायता करते हैं। इसलिए एक सूचकांक में सुधार दूसरे सभी क्षेत्रों की समस्या समाप्त नहीं करता।
प्रश्न 12: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?
-
A.
मानव विकास सूचकांक — केवल आय असमानता
-
B.
लैंगिक असमानता सूचकांक — केवल महिला साक्षरता
-
C.
बहुआयामी गरीबी सूचकांक — विभिन्न आयामों में वंचना
✓
-
D.
वैश्विक भूख सूचकांक — केवल कृषि उत्पादन
सही उत्तर:
C
— बहुआयामी गरीबी सूचकांक — विभिन्न आयामों में वंचना
व्याख्या (Explanation):बहुआयामी गरीबी सूचकांक स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर जैसे अनेक आयामों में वंचनाओं को संयुक्त रूप से देखता है। अन्य तीन विकल्प संबंधित सूचकांकों को अत्यधिक संकीर्ण रूप में प्रस्तुत करते हैं।
प्रश्न 13: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) किसी सूचकांक का उच्च मान हमेशा बेहतर स्थिति का संकेत नहीं देता। (2) कुछ सूचकांकों में उच्च मान अधिक समस्या या अधिक असमानता का संकेत हो सकता है। (3) सूचकांक की दिशा जानने के लिए उसकी कार्यप्रणाली देखना आवश्यक है।
-
A.
केवल 1
-
B.
1, 2 और 3
✓
-
C.
केवल 1 और 2
-
D.
केवल 2 और 3
सही उत्तर:
B
— 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):विभिन्न सूचकांकों की दिशा अलग-अलग होती है। उदाहरण के लिए मानव विकास सूचकांक में उच्च मान बेहतर स्थिति का संकेत देता है, जबकि लैंगिक असमानता सूचकांक और वैश्विक भूख सूचकांक में निम्न मान बेहतर स्थिति का संकेत देता है। इसलिए कार्यप्रणाली का अध्ययन आवश्यक है।
प्रश्न 14: निम्नलिखित में से कौन-सा क्रम किसी सूचकांक के अध्ययन की दृष्टि से सबसे अधिक उपयुक्त है?
-
A.
रैंक → समाचार → निष्कर्ष → संकेतक
-
B.
मान → रैंक → संस्था → निष्कर्ष
-
C.
संस्था → रैंक → समाचार → नीति
-
D.
उद्देश्य → आयाम → संकेतक → मापन-पद्धति → मान की व्याख्या
✓
सही उत्तर:
D
— उद्देश्य → आयाम → संकेतक → मापन-पद्धति → मान की व्याख्या
व्याख्या (Explanation):यूपीएससी स्तर पर किसी सूचकांक का विश्लेषण केवल उसकी रैंक याद करने तक सीमित नहीं होना चाहिए। पहले उसका उद्देश्य, फिर आयाम, संकेतक, मापन पद्धति और अंततः उसके मान की दिशा तथा नीतिगत अर्थ समझना अधिक उपयोगी है।
प्रश्न 15: सामाजिक प्रगति सूचकांक और मानव विकास सूचकांक के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) दोनों आर्थिक वृद्धि से आगे सामाजिक परिणामों को समझने में उपयोगी हैं। (2) सामाजिक प्रगति सूचकांक में अधिकार और अवसर जैसे पक्ष शामिल किए जा सकते हैं। (3) मानव विकास सूचकांक और सामाजिक प्रगति सूचकांक की संरचना पूर्णतः समान है।
-
A.
केवल 1 और 2
✓
-
B.
केवल 2
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):मानव विकास सूचकांक स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर की औसत उपलब्धियों पर केंद्रित है, जबकि सामाजिक प्रगति सूचकांक व्यापक सामाजिक और पर्यावरणीय प्रगति को देखता है तथा अधिकार और अवसर जैसे पक्षों को भी सम्मिलित करता है। दोनों की संरचना समान नहीं है।
प्रश्न 16: यदि किसी परिवार में पोषण संबंधी वंचना, विद्यालयी शिक्षा संबंधी वंचना तथा स्वच्छता संबंधी वंचना हैं, तो बहुआयामी गरीबी की दृष्टि से सबसे उचित निष्कर्ष क्या होगा?
-
A.
केवल एक वंचना होने पर ही परिवार गरीब माना जाएगा।
-
B.
परिवार की स्थिति केवल आय से निर्धारित होगी।
-
C.
इन वंचनाओं का संयुक्त भार यह निर्धारित करने में महत्वपूर्ण होगा कि परिवार बहुआयामी रूप से गरीब है या नहीं।
✓
-
D.
किसी भी एक संकेतक की वंचना स्वतः बहुआयामी गरीबी सिद्ध करती है।
सही उत्तर:
C
— इन वंचनाओं का संयुक्त भार यह निर्धारित करने में महत्वपूर्ण होगा कि परिवार बहुआयामी रूप से गरीब है या नहीं।
व्याख्या (Explanation):बहुआयामी गरीबी की पहचान में विभिन्न संकेतकों में वंचनाओं को उनके भार के साथ जोड़ा जाता है। निर्धारित गरीबी सीमा के अनुसार यह तय किया जाता है कि परिवार बहुआयामी रूप से गरीब है या नहीं।
प्रश्न 17: बहुआयामी गरीबी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) गरीबी की व्यापकता गरीब जनसंख्या के अनुपात को दर्शाती है। (2) गरीबी की तीव्रता गरीब व्यक्तियों द्वारा अनुभव की जाने वाली औसत भारित वंचना को दर्शाती है। (3) समान व्यापकता वाले दो देशों की बहुआयामी गरीबी समान होना आवश्यक है।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 1 और 2
✓
-
C.
केवल 2 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
B
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):कथन 1 और 2 सही हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि समान व्यापकता होने के बावजूद वंचनाओं की तीव्रता अलग हो सकती है। परिणामस्वरूप बहुआयामी गरीबी सूचकांक भी अलग हो सकता है।
प्रश्न 18: लैंगिक असमानता सूचकांक के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं? (1) मातृ मृत्यु अनुपात — प्रजनन स्वास्थ्य (2) किशोर जन्मदर — प्रजनन स्वास्थ्य (3) संसद में महिलाओं का प्रतिनिधित्व — सशक्तिकरण (4) महिला एवं पुरुष श्रम बल भागीदारी — श्रम बाजार
-
A.
केवल एक
-
B.
केवल दो
-
C.
केवल तीन
-
D.
सभी चार
✓
सही उत्तर:
D
— सभी चार
व्याख्या (Explanation):चारों युग्म सही हैं। लैंगिक असमानता सूचकांक में प्रजनन स्वास्थ्य के अंतर्गत मातृ मृत्यु अनुपात और किशोर जन्मदर; सशक्तिकरण के अंतर्गत संसदीय प्रतिनिधित्व तथा शिक्षा; और श्रम बाजार के अंतर्गत महिला एवं पुरुष श्रम बल भागीदारी जैसे संकेतक आते हैं।
प्रश्न 19: लैंगिक विकास सूचकांक के संदर्भ में यदि किसी देश में महिला और पुरुषों की मानव विकास उपलब्धियाँ लगभग समान हो जाएँ, तो निम्नलिखित में से कौन-सा परिणाम सबसे अधिक संभावित है?
-
A.
लैंगिक विकास सूचकांक एक के निकट पहुँच सकता है।
✓
-
B.
लैंगिक विकास सूचकांक अनिवार्य रूप से शून्य हो जाएगा।
-
C.
लैंगिक असमानता सूचकांक भी अनिवार्य रूप से शून्य हो जाएगा।
-
D.
मानव विकास सूचकांक का उपयोग समाप्त हो जाएगा।
सही उत्तर:
A
— लैंगिक विकास सूचकांक एक के निकट पहुँच सकता है।
व्याख्या (Explanation):लैंगिक विकास सूचकांक महिला और पुरुष मानव विकास सूचकांकों के अनुपात पर आधारित है। जब दोनों की उपलब्धियाँ समान या लगभग समान हों, तो अनुपात एक के निकट पहुँचता है। इससे लैंगिक अंतर कम होने का संकेत मिलता है।
प्रश्न 20: लैंगिक विकास सूचकांक के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) यह महिला और पुरुषों के मानव विकास सूचकांकों के बीच अनुपात को व्यक्त करता है। (2) इसका उद्देश्य केवल महिलाओं और पुरुषों की आय के अंतर को मापना है। (3) इसका उपयोग महिला-पुरुष मानव विकास उपलब्धियों के बीच अंतर का आकलन करने के लिए किया जा सकता है।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 2
-
C.
केवल 1 और 3
✓
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
C
— केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):लैंगिक विकास सूचकांक महिला और पुरुषों के मानव विकास सूचकांकों के अनुपात पर आधारित है। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर से संबंधित मानव विकास आयाम आते हैं। इसलिए इसे केवल आय-अंतर का सूचक मानना गलत है।
प्रश्न 21: एक राज्य में बहुआयामी गरीबी में कमी, मानव विकास सूचकांक में वृद्धि तथा लैंगिक असमानता में कमी हुई है, लेकिन खाद्य सुरक्षा से संबंधित कुछ संरचनात्मक कमजोरियाँ बनी हुई हैं। इस स्थिति की सबसे उपयुक्त व्याख्या क्या होगी?
-
A.
राज्य में सभी सामाजिक समस्याएँ समाप्त हो गई हैं।
-
B.
विभिन्न सूचकांकों में सुधार के बावजूद खाद्य सुरक्षा के विशिष्ट आयामों की अलग से जाँच आवश्यक है, क्योंकि एक सूचकांक दूसरे की सभी समस्याओं को स्वतः नहीं पकड़ता।
✓
-
C.
मानव विकास में सुधार होने पर खाद्य सुरक्षा का अलग मापन अनावश्यक है।
-
D.
बहुआयामी गरीबी घटने का अर्थ खाद्य सुरक्षा का पूर्ण समाधान है।
सही उत्तर:
B
— विभिन्न सूचकांकों में सुधार के बावजूद खाद्य सुरक्षा के विशिष्ट आयामों की अलग से जाँच आवश्यक है, क्योंकि एक सूचकांक दूसरे की सभी समस्याओं को स्वतः नहीं पकड़ता।
व्याख्या (Explanation):विभिन्न सूचकांक विकास के अलग-अलग पहलुओं को मापते हैं। मानव विकास औसत उपलब्धियों, बहुआयामी गरीबी वंचनाओं और लैंगिक असमानता लैंगिक नुकसान से संबंधित है, जबकि खाद्य सुरक्षा में सामर्थ्य, उपलब्धता, गुणवत्ता एवं सुरक्षा और स्थिरता जैसे विशेष आयाम शामिल हैं। इसलिए एक क्षेत्र में सुधार से दूसरे क्षेत्र की कमजोरी स्वतः समाप्त नहीं होती।
प्रश्न 22: नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य भारत सूचकांक के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) यह प्रत्येक सतत विकास लक्ष्य के लिए अलग प्रदर्शन मापन कर सकता है। (2) यह सभी लक्ष्यों के संयुक्त प्रदर्शन का समग्र सूचकांक भी प्रदान करता है। (3) इसका उपयोग राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के बीच तुलनात्मक प्रदर्शन तथा क्षेत्रीय कमियों की पहचान में किया जा सकता है। (4) इसके प्रत्येक संकेतक में उच्च मान हमेशा बेहतर प्रदर्शन दर्शाता है।
-
A.
केवल 1 और 2
-
B.
केवल 2 और 4
-
C.
केवल 1, 2 और 3
✓
-
D.
1, 2, 3 और 4
सही उत्तर:
C
— केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):सतत विकास लक्ष्य भारत सूचकांक प्रत्येक लक्ष्य और संयुक्त रूप से सभी लक्ष्यों के प्रदर्शन को मापता है तथा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की तुलना और नीतिगत कमियों की पहचान में उपयोगी है। लेकिन प्रत्येक संकेतक में उच्च मान का अर्थ हमेशा बेहतर प्रदर्शन नहीं होता; कुछ संकेतकों में उच्च मान खराब स्थिति का संकेत हो सकता है। नीति आयोग के संकेतक ढाँचे में सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रकार की व्याख्या दिखाई जाती है।
प्रश्न 23: वैश्विक खाद्य सुरक्षा सूचकांक के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) खाद्य की सामर्थ्य खाद्य सुरक्षा का एक स्वतंत्र पक्ष है। (2) खाद्य उपलब्धता और खाद्य की गुणवत्ता एवं सुरक्षा अलग-अलग अवधारणाएँ हैं। (3) स्थिरता एवं अनुकूलन का आयाम खाद्य प्रणाली के दीर्घकालिक जोखिमों को समझने में सहायक है। (4) सूचकांक केवल खाद्य उत्पादन की मात्रा पर आधारित है।
-
A.
केवल 1 और 4
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1, 2 और 3
✓
-
D.
1, 2, 3 और 4
सही उत्तर:
C
— केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):वैश्विक खाद्य सुरक्षा सूचकांक में सामर्थ्य, उपलब्धता, गुणवत्ता एवं सुरक्षा तथा स्थिरता एवं अनुकूलन जैसे व्यापक आयाम शामिल हैं। इसलिए यह केवल खाद्य उत्पादन की मात्रा का सूचकांक नहीं है।
प्रश्न 24: सामाजिक प्रगति सूचकांक की संरचना के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा क्रम सही है?
-
A.
आयाम → घटक → संकेतक
✓
-
B.
घटक → आयाम → सकल घरेलू उत्पाद
-
C.
संकेतक → आय → घटक
-
D.
आवश्यकताएँ → आय → उत्पादकता
सही उत्तर:
A
— आयाम → घटक → संकेतक
व्याख्या (Explanation):सामाजिक प्रगति सूचकांक का ढाँचा आयामों, घटकों और विशिष्ट संकेतकों की संरचना पर आधारित है। वर्तमान पद्धति में तीन प्रमुख आयामों के अंतर्गत अनेक घटक और संकेतक शामिल हैं।
प्रश्न 25: मानव विकास सूचकांक और सामाजिक प्रगति सूचकांक के बीच सबसे महत्वपूर्ण वैचारिक अंतर क्या है?
-
A.
दोनों केवल आय को अलग-अलग तरीकों से मापते हैं।
-
B.
मानव विकास सूचकांक कुछ मूल मानव विकास उपलब्धियों का समग्र मापन करता है, जबकि सामाजिक प्रगति सूचकांक सामाजिक और पर्यावरणीय परिणामों को आर्थिक मापों से अलग रखते हुए व्यापक सामाजिक प्रगति का आकलन करता है।
✓
-
C.
सामाजिक प्रगति सूचकांक में शिक्षा और स्वास्थ्य का कोई स्थान नहीं है।
-
D.
मानव विकास सूचकांक केवल सामाजिक अधिकारों का मापन करता है।
सही उत्तर:
B
— मानव विकास सूचकांक कुछ मूल मानव विकास उपलब्धियों का समग्र मापन करता है, जबकि सामाजिक प्रगति सूचकांक सामाजिक और पर्यावरणीय परिणामों को आर्थिक मापों से अलग रखते हुए व्यापक सामाजिक प्रगति का आकलन करता है।
व्याख्या (Explanation):मानव विकास सूचकांक स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर की औसत उपलब्धियों का सारांश देता है। सामाजिक प्रगति सूचकांक सामाजिक और पर्यावरणीय प्रगति को आर्थिक मापों से आगे जाकर देखता है तथा मूलभूत आवश्यकताओं, कल्याण की आधारशिलाओं और अवसर को शामिल करता है।
प्रश्न 26: सामाजिक प्रगति सूचकांक के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) यह सकल घरेलू उत्पाद से आगे जाकर सामाजिक और पर्यावरणीय प्रदर्शन को मापने का प्रयास करता है। (2) इसके तीन प्रमुख आयाम हैं—मूलभूत आवश्यकताएँ, कल्याण की आधारशिलाएँ और अवसर। (3) इसका ढाँचा केवल स्वास्थ्य और शिक्षा संकेतकों तक सीमित है। (4) अवसर आयाम में अधिकार, स्वतंत्रता, चुनाव तथा उन्नत शिक्षा जैसे पक्ष शामिल किए जाते हैं।
-
A.
केवल 1 और 2
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1, 3 और 4
-
D.
केवल 1, 2 और 4
✓
सही उत्तर:
D
— केवल 1, 2 और 4
व्याख्या (Explanation):सामाजिक प्रगति सूचकांक आर्थिक मापों से आगे जाकर सामाजिक और पर्यावरणीय प्रगति का आकलन करता है। इसके तीन आयाम मूलभूत आवश्यकताएँ, कल्याण की आधारशिलाएँ और अवसर हैं। अवसर आयाम में अधिकार, स्वतंत्रता, समावेशन और उन्नत शिक्षा जैसे तत्व शामिल हैं। इसलिए कथन 3 गलत है।
प्रश्न 27: राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक में निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
-
A.
पोषण — स्वास्थ्य
-
B.
विद्यालयी उपस्थिति — शिक्षा
-
C.
बैंक खाता — शिक्षा
✓
-
D.
स्वच्छता — जीवन स्तर
सही उत्तर:
C
— बैंक खाता — शिक्षा
व्याख्या (Explanation):बैंक खाता जीवन स्तर आयाम के अंतर्गत आता है, शिक्षा के अंतर्गत नहीं। राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक में स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के तीन आयाम हैं और बारह संकेतकों के माध्यम से वंचना का आकलन किया जाता है।
प्रश्न 28: भारत के राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर तीनों को समान भार दिया गया है। (2) जीवन स्तर आयाम के सभी संकेतकों का भार समान है। (3) बैंक खाता राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक में सम्मिलित अतिरिक्त संकेतकों में से एक है। (4) किसी एक संकेतक में वंचना होने मात्र से व्यक्ति अनिवार्य रूप से बहुआयामी गरीब हो जाता है।
-
A.
केवल 1 और 3
✓
-
B.
केवल 2 और 4
-
C.
केवल 1, 2 और 3
-
D.
केवल 1, 3 और 4
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):तीनों आयामों को एक-तिहाई भार दिया गया है, जबकि जीवन स्तर के अंतर्गत व्यक्तिगत संकेतकों के भार समान नहीं हैं। बैंक खाता राष्ट्रीय सूचकांक का एक अतिरिक्त संकेतक है। किसी एक वंचना मात्र से बहुआयामी गरीबी निर्धारित नहीं होती; कुल भारित वंचना और निर्धारित सीमा महत्वपूर्ण होती है।
प्रश्न 29: किसी देश की सकल राष्ट्रीय आय प्रति व्यक्ति में बहुत तीव्र वृद्धि हुई, जबकि जीवन प्रत्याशा और शिक्षा संकेतकों में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। मानव विकास सूचकांक के संदर्भ में कौन-सा निष्कर्ष अधिक उचित है?
-
A.
मानव विकास सूचकांक में वृद्धि असंभव है।
-
B.
मानव विकास सूचकांक बढ़ सकता है, लेकिन आय में वृद्धि का प्रभाव लघुगणकीय रूपांतरण के कारण क्रमशः कम प्रभावी होता जाता है।
✓
-
C.
मानव विकास सूचकांक आय में वृद्धि के प्रति पूर्णतः असंवेदनशील है।
-
D.
मानव विकास सूचकांक केवल स्वास्थ्य और शिक्षा पर आधारित है।
सही उत्तर:
B
— मानव विकास सूचकांक बढ़ सकता है, लेकिन आय में वृद्धि का प्रभाव लघुगणकीय रूपांतरण के कारण क्रमशः कम प्रभावी होता जाता है।
व्याख्या (Explanation):मानव विकास सूचकांक में जीवन स्तर आयाम के लिए सकल राष्ट्रीय आय प्रति व्यक्ति का प्रयोग होता है तथा आय के लघुगणक का उपयोग किया जाता है। इसलिए आय में वृद्धि सूचकांक को बढ़ा सकती है, लेकिन आय में बहुत बड़ी अतिरिक्त वृद्धि का प्रभाव समान अनुपात में नहीं बढ़ता।
प्रश्न 30: मानव विकास सूचकांक की गणना-पद्धति के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) मानव विकास सूचकांक के तीन आयामों के सामान्यीकृत सूचकांकों का ज्यामितीय माध्य लिया जाता है। (2) आयामों के बीच अत्यधिक असमान उपलब्धियों के प्रभाव को अंकगणितीय माध्य की अपेक्षा ज्यामितीय माध्य अधिक प्रतिबिंबित कर सकता है। (3) आय आयाम में आय के बढ़ने के प्रभाव को बिना किसी समायोजन के रैखिक रूप से शामिल किया जाता है।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
केवल 1 और 2
✓
सही उत्तर:
D
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):मानव विकास सूचकांक तीन आयामों के सामान्यीकृत सूचकांकों का ज्यामितीय माध्य है। आय आयाम में सकल राष्ट्रीय आय प्रति व्यक्ति के लघुगणक का प्रयोग किया जाता है, जिससे आय बढ़ने के साथ अतिरिक्त आय की सीमांत उपयोगिता घटने का प्रभाव प्रतिबिंबित होता है। इसलिए कथन 3 गलत है।
प्रश्न 31: प्रमुख सामाजिक विकास सूचकांकों के समसामयिक विश्लेषण के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा दृष्टिकोण सबसे अधिक उपयुक्त है?
-
A.
केवल वैश्विक रैंक को देखकर विकास की स्थिति निर्धारित करना।
-
B.
केवल आर्थिक संकेतकों के आधार पर सामाजिक प्रगति मापना।
-
C.
सूचकांक की पद्धति, संकेतक, दिशा, वितरण और राष्ट्रीय संदर्भ को साथ पढ़कर निष्कर्ष निकालना।
✓
-
D.
सभी सूचकांकों में उच्च अंक को स्वतः बेहतर स्थिति मानना।
सही उत्तर:
C
— सूचकांक की पद्धति, संकेतक, दिशा, वितरण और राष्ट्रीय संदर्भ को साथ पढ़कर निष्कर्ष निकालना।
व्याख्या (Explanation):यूपीएससी के लिए सूचकांकों का महत्त्व केवल उनकी रैंक या अंक याद करने में नहीं है। प्रत्येक सूचकांक का उद्देश्य, संकेतक, भार, मान की दिशा तथा मापन-पद्धति अलग हो सकती है। इसलिए मानव विकास, असमानता, गरीबी, लैंगिक स्थिति, भूख, खाद्य सुरक्षा और सतत विकास से जुड़े सूचकांकों को उनके विशिष्ट संदर्भ में पढ़ना अधिक उपयुक्त है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम और नीति आयोग की वर्तमान सूचकांक सामग्री भी अलग-अलग आयामों पर केंद्रित है।
प्रश्न 32: मानव विकास सूचकांक, लैंगिक असमानता सूचकांक और असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक के समसामयिक उपयोग के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे अधिक उपयुक्त है?
-
A.
तीनों को साथ पढ़ने से औसत मानव विकास, वितरणात्मक असमानता और लैंगिक असमानता के अलग-अलग आयामों को समझने में सहायता मिल सकती है।
✓
-
B.
तीनों समान संकेतकों से निर्मित होते हैं।
-
C.
लैंगिक असमानता सूचकांक केवल आय असमानता को मापता है।
-
D.
असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक लैंगिक असमानता को पूरी तरह प्रतिस्थापित करता है।
सही उत्तर:
A
— तीनों को साथ पढ़ने से औसत मानव विकास, वितरणात्मक असमानता और लैंगिक असमानता के अलग-अलग आयामों को समझने में सहायता मिल सकती है।
व्याख्या (Explanation):मानव विकास सूचकांक औसत उपलब्धियों पर केंद्रित है, असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक उन उपलब्धियों के वितरण को समाहित करता है और लैंगिक असमानता सूचकांक लैंगिक नुकसान के विशिष्ट आयामों को मापता है। इसलिए इनका संयुक्त अध्ययन अधिक समग्र विश्लेषण प्रदान करता है।
प्रश्न 33: सतत विकास लक्ष्य सूचकांक में किसी राज्य के समग्र अंक में सुधार हुआ, लेकिन जलवायु कार्रवाई और लैंगिक समानता के लक्ष्य में उसकी स्थिति कमजोर बनी रही। निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष उचित है?
-
A.
राज्य ने सभी सतत विकास लक्ष्यों में समान सुधार किया है।
-
B.
समग्र सुधार के बावजूद कुछ लक्ष्य-विशिष्ट कमियाँ बनी रह सकती हैं।
✓
-
C.
समग्र अंक में वृद्धि का अर्थ है कि सभी लक्ष्यों में उच्च प्रदर्शन हो गया।
-
D.
लक्ष्य-विशिष्ट प्रदर्शन का अलग से परीक्षण आवश्यक नहीं है।
सही उत्तर:
B
— समग्र सुधार के बावजूद कुछ लक्ष्य-विशिष्ट कमियाँ बनी रह सकती हैं।
व्याख्या (Explanation):समग्र सूचकांक विभिन्न लक्ष्य-विशिष्ट प्रदर्शन को एक संयुक्त मान में संक्षेपित करता है। इसलिए कुल अंक में वृद्धि के साथ कुछ विशिष्ट लक्ष्य अपेक्षाकृत कमजोर रह सकते हैं। सतत विकास लक्ष्य भारत सूचकांक का उपयोग लक्ष्य-विशिष्ट कमियों की पहचान के लिए भी किया जाता है।
प्रश्न 34: भारत के लिए मानव विकास सूचकांक और असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सर्वाधिक उपयुक्त है?
-
A.
दोनों में अंतर केवल आय असमानता के कारण है।
-
B.
असमानता-समायोजित सूचकांक हमेशा सामान्य मानव विकास सूचकांक से अधिक होता है।
-
C.
सामान्य मानव विकास सूचकांक में सुधार होने पर वितरणात्मक असमानता अप्रासंगिक हो जाती है।
-
D.
भारत में असमानता को ध्यान में रखने पर मानव विकास उपलब्धि का समायोजित स्तर सामान्य मानव विकास सूचकांक से काफी कम हो सकता है।
✓
सही उत्तर:
D
— भारत में असमानता को ध्यान में रखने पर मानव विकास उपलब्धि का समायोजित स्तर सामान्य मानव विकास सूचकांक से काफी कम हो सकता है।
व्याख्या (Explanation):असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक स्वास्थ्य, शिक्षा और आय की उपलब्धियों में असमानता को समाहित करता है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के अनुसार भारत के मानव विकास में असमानता के कारण उल्लेखनीय हानि होती है; इसलिए औसत उपलब्धि का स्तर और वितरणात्मक उपलब्धि अलग-अलग देखना आवश्यक है।
प्रश्न 35: भारत के राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी और मानव विकास के समसामयिक संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सबसे अधिक उपयुक्त है?
-
A.
बहुआयामी गरीबी में कमी और मानव विकास में वृद्धि साथ-साथ हो सकती है, क्योंकि दोनों विकास के अलग लेकिन परस्पर जुड़े पहलुओं को दर्शाते हैं।
✓
-
B.
यदि बहुआयामी गरीबी घटती है, तो मानव विकास सूचकांक अनिवार्य रूप से उसी अनुपात में बढ़ेगा।
-
C.
बहुआयामी गरीबी और मानव विकास सूचकांक समान अवधारणाएँ हैं।
-
D.
मानव विकास सूचकांक बढ़ने पर बहुआयामी गरीबी का मापन अनावश्यक हो जाता है।
सही उत्तर:
A
— बहुआयामी गरीबी में कमी और मानव विकास में वृद्धि साथ-साथ हो सकती है, क्योंकि दोनों विकास के अलग लेकिन परस्पर जुड़े पहलुओं को दर्शाते हैं।
व्याख्या (Explanation):मानव विकास सूचकांक औसत उपलब्धियों को मापता है, जबकि बहुआयामी गरीबी वंचनाओं की पहचान करती है। इसलिए दोनों में सुधार एक साथ संभव है, लेकिन किसी एक में परिवर्तन दूसरे में समान अनुपात का परिवर्तन अनिवार्य नहीं करता। भारत में 2015–16 से 2019–21 के बीच 13.5 करोड़ लोगों के बहुआयामी गरीबी से बाहर आने का उल्लेख संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की 2025 रिपोर्ट में किया गया है।
प्रश्न 36: नीति आयोग द्वारा प्रकाशित सतत विकास लक्ष्य भारत सूचकांक 2023–24 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) सूचकांक में गरीबी उन्मूलन, भूख, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे अनेक लक्ष्य शामिल हैं। (2) लैंगिक समानता के लिए पृथक लक्ष्य है। (3) जलवायु कार्रवाई के लिए पृथक लक्ष्य है। (4) सतत विकास लक्ष्य भारत सूचकांक केवल आर्थिक वृद्धि के संकेतकों से निर्मित होता है।
-
A.
केवल 1 और 4
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1, 2 और 3
✓
-
D.
1, 2, 3 और 4
सही उत्तर:
C
— केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):सतत विकास लक्ष्य भारत सूचकांक में गरीबी, भूख, स्वास्थ्य, शिक्षा, लैंगिक समानता, जल, ऊर्जा, रोजगार, असमानता, जलवायु कार्रवाई सहित अनेक लक्ष्य शामिल हैं। इसलिए इसे केवल आर्थिक वृद्धि का सूचकांक नहीं माना जा सकता।
प्रश्न 37: नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य भारत सूचकांक के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) यह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में प्रगति का आकलन करता है। (2) यह केवल गरीबी से संबंधित लक्ष्य को मापता है। (3) इसके अंतर्गत लक्ष्य-विशिष्ट प्रदर्शन की तुलना की जा सकती है। (4) इसका उपयोग नीतिगत कमियों की पहचान में किया जा सकता है।
-
A.
केवल 1 और 2
-
B.
केवल 1, 3 और 4
✓
-
C.
केवल 2 और 3
-
D.
1, 2, 3 और 4
सही उत्तर:
B
— केवल 1, 3 और 4
व्याख्या (Explanation):नीति आयोग का सतत विकास लक्ष्य भारत सूचकांक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में प्रगति का संयुक्त तथा लक्ष्य-विशिष्ट आकलन करता है। इसका उद्देश्य तुलना के साथ-साथ कमजोर क्षेत्रों की पहचान और नीतिगत सुधार को सहायता देना भी है। यह केवल गरीबी तक सीमित नहीं है।
प्रश्न 38: 2025 की मानव विकास रिपोर्ट में भारत के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) जीवन प्रत्याशा में सुधार दर्ज हुआ। (2) औसत स्कूली शिक्षा के वर्षों में वृद्धि हुई। (3) अपेक्षित स्कूली शिक्षा के वर्षों में मामूली परिवर्तन हुआ। (4) प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय में वृद्धि हुई।
-
A.
केवल 1 और 4
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1, 2 और 4
-
D.
1, 2, 3 और 4
✓
सही उत्तर:
D
— 1, 2, 3 और 4
व्याख्या (Explanation):2025 की मानव विकास रिपोर्ट में भारत के लिए 2022 से 2023 के बीच जीवन प्रत्याशा 71.70 से 72.00 वर्ष, औसत स्कूली शिक्षा 6.57 से 6.88 वर्ष और प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय में वृद्धि दर्ज की गई। अपेक्षित स्कूली शिक्षा में बहुत मामूली परिवर्तन हुआ।
प्रश्न 39: भारत के मानव विकास के संबंध में 2025 की मानव विकास रिपोर्ट से निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सबसे अधिक उपयुक्त है?
-
A.
मानव विकास सूचकांक में सुधार के बावजूद असमानता मानव विकास उपलब्धियों को कम कर सकती है।
✓
-
B.
मानव विकास सूचकांक में सुधार का अर्थ है कि असमानता की समस्या समाप्त हो गई।
-
C.
भारत उच्च मानव विकास श्रेणी में पहुँच चुका है।
-
D.
भारत के मानव विकास में केवल आय वृद्धि का योगदान रहा है।
सही उत्तर:
A
— मानव विकास सूचकांक में सुधार के बावजूद असमानता मानव विकास उपलब्धियों को कम कर सकती है।
व्याख्या (Explanation):भारत का मानव विकास सूचकांक 2023 में 0.685 तक बढ़ा, लेकिन असमानता के कारण मानव विकास में 30.7 प्रतिशत की हानि दर्ज की गई। इससे स्पष्ट होता है कि समग्र मानव विकास में प्रगति और उपलब्धियों के वितरण को अलग-अलग देखना आवश्यक है।
प्रश्न 40: संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की 2025 की मानव विकास रिपोर्ट के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) भारत का मानव विकास सूचकांक मान 2022 की तुलना में 2023 में बढ़ा। (2) भारत मध्यम मानव विकास श्रेणी में बना रहा। (3) भारत के मानव विकास में असमानता के कारण उल्लेखनीय हानि होती है। (4) कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संबंधित परिवर्तन को मानव विकास की संभावनाओं से जोड़ा गया है।
-
A.
केवल 1 और 2
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
1, 2, 3 और 4
✓
-
D.
केवल 1, 3 और 4
सही उत्तर:
C
— 1, 2, 3 और 4
व्याख्या (Explanation):2025 की मानव विकास रिपोर्ट के अनुसार भारत का मानव विकास सूचकांक 2022 के 0.676 से बढ़कर 2023 में 0.685 हुआ और भारत मध्यम मानव विकास श्रेणी में रहा। रिपोर्ट में भारत के मानव विकास पर असमानता से होने वाली हानि तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के मानव विकास पर संभावित प्रभावों पर भी चर्चा की गई है।
प्रश्न 41: निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प प्रमुख सामाजिक-विकास सूचकांकों के उपयोग का सबसे व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है?
-
A.
केवल सबसे ऊँची रैंक वाले देशों की पहचान करना।
-
B.
केवल आर्थिक वृद्धि के साथ सूचकांकों की तुलना करना।
-
C.
किसी एक सूचकांक के आधार पर संपूर्ण विकास की अंतिम स्थिति निर्धारित करना।
-
D.
औसत उपलब्धि, असमानता, वंचना, लैंगिक स्थिति, भूख, खाद्य सुरक्षा और सतत विकास के विभिन्न आयामों को पूरक रूप से पढ़ना।
✓
सही उत्तर:
D
— औसत उपलब्धि, असमानता, वंचना, लैंगिक स्थिति, भूख, खाद्य सुरक्षा और सतत विकास के विभिन्न आयामों को पूरक रूप से पढ़ना।
व्याख्या (Explanation):कोई एक सूचकांक विकास की पूरी तस्वीर नहीं देता। मानव विकास सूचकांक औसत उपलब्धियों, असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक वितरणात्मक असमानता, बहुआयामी गरीबी सूचकांक वंचनाओं, लैंगिक सूचकांक लैंगिक अंतर, भूख सूचकांक पोषण परिणामों और सतत विकास लक्ष्य सूचकांक व्यापक विकास लक्ष्यों की दिशा में प्रगति को समझने में सहायता करते हैं। इनका पूरक उपयोग अधिक समग्र विश्लेषण देता है।
प्रश्न 42: सतत विकास लक्ष्य सूचकांक के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) यह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में प्रगति की तुलना करता है। (2) यह प्रत्येक लक्ष्य के साथ-साथ सभी लक्ष्यों के संयुक्त प्रदर्शन को भी दर्शा सकता है। (3) इसका उपयोग महत्वपूर्ण क्षेत्रीय कमियों की पहचान करने में किया जा सकता है। (4) उच्च समग्र अंक का अर्थ है कि प्रत्येक लक्ष्य में समान स्तर की उपलब्धि है।
-
A.
केवल 1, 2 और 3
✓
-
B.
केवल 1 और 4
-
C.
केवल 2 और 4
-
D.
1, 2, 3 और 4
सही उत्तर:
A
— केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):नीति आयोग का सतत विकास लक्ष्य सूचकांक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की विभिन्न लक्ष्यों के संदर्भ में तथा संयुक्त रूप से प्रगति को मापता है। इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण क्षेत्रीय एवं क्षेत्र-विशिष्ट कमियों को पहचानने और नीतिगत हस्तक्षेप को दिशा देने में सहायता करना भी है। उच्च समग्र अंक का अर्थ यह नहीं कि प्रत्येक लक्ष्य में समान उपलब्धि है।
प्रश्न 43: वैश्विक खाद्य सुरक्षा सूचकांक के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त है?
-
A.
यह केवल कृषि उत्पादन का मापन है।
-
B.
यह खाद्य की सामर्थ्य, उपलब्धता, गुणवत्ता एवं सुरक्षा तथा स्थिरता एवं अनुकूलन जैसे व्यापक आयामों को देखता है।
✓
-
C.
यह केवल बाल कुपोषण पर आधारित है।
-
D.
यह केवल खाद्य आयात और निर्यात के आधार पर देशों को क्रम देता है।
सही उत्तर:
B
— यह खाद्य की सामर्थ्य, उपलब्धता, गुणवत्ता एवं सुरक्षा तथा स्थिरता एवं अनुकूलन जैसे व्यापक आयामों को देखता है।
व्याख्या (Explanation):वैश्विक खाद्य सुरक्षा सूचकांक खाद्य सुरक्षा को बहुआयामी रूप में देखता है। इसमें खाद्य की सामर्थ्य, उपलब्धता, गुणवत्ता एवं सुरक्षा तथा प्राकृतिक संसाधन एवं लचीलापन से संबंधित आयाम शामिल हैं। इसलिए इसे केवल कृषि उत्पादन या व्यापार का सूचकांक नहीं माना जा सकता।
प्रश्न 44: लैंगिक विकास सूचकांक और लैंगिक असमानता सूचकांक के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) लैंगिक विकास सूचकांक महिला और पुरुष मानव विकास उपलब्धियों में अंतर से संबंधित है। (2) लैंगिक असमानता सूचकांक में प्रजनन स्वास्थ्य, सशक्तिकरण और श्रम बाजार के आयाम शामिल हैं। (3) दोनों सूचकांक केवल महिलाओं की आय में अंतर को मापते हैं।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 2
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
केवल 1 और 2
✓
सही उत्तर:
D
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):कथन 1 सही है। लैंगिक विकास सूचकांक महिला और पुरुष मानव विकास उपलब्धियों की तुलना करता है। कथन 2 सही है क्योंकि लैंगिक असमानता सूचकांक तीन प्रमुख आयामों को सम्मिलित करता है। कथन 3 गलत है क्योंकि दोनों सूचकांक केवल आय-अंतर पर आधारित नहीं हैं।
प्रश्न 45: भारत के राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
-
A.
इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के तीन समान भार वाले आयाम तथा कुल बारह संकेतक हैं।
✓
-
B.
इसमें केवल आय और उपभोग व्यय को आयाम बनाया गया है।
-
C.
इसमें चार समान भार वाले आयाम हैं, जिनमें आय भी एक स्वतंत्र आयाम है।
-
D.
इसमें केवल स्वास्थ्य संबंधी संकेतकों के आधार पर गरीबी निर्धारित होती है।
सही उत्तर:
A
— इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के तीन समान भार वाले आयाम तथा कुल बारह संकेतक हैं।
व्याख्या (Explanation):भारत के राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक में स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर तीन समान भार वाले आयाम हैं। इनके अंतर्गत कुल बारह संकेतक शामिल किए गए हैं।
प्रश्न 46: असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) यह मानव विकास सूचकांक की प्रत्येक आयामी उपलब्धि के वितरण में असमानता को ध्यान में रखता है। (2) पूर्ण समानता की स्थिति में इसका मान मानव विकास सूचकांक के बराबर हो सकता है। (3) असमानता बढ़ने पर यह सामान्य मानव विकास सूचकांक से अधिक हो जाता है।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 1 और 2
✓
-
C.
केवल 2 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
B
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):कथन 1 और 2 सही हैं। असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक प्रत्येक आयाम में उपलब्धियों के वितरण को ध्यान में रखता है। पूर्ण समानता में असमानता की कोई हानि नहीं होती, इसलिए दोनों सूचकांकों के मान समान हो सकते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि असमानता बढ़ने पर समायोजित मान सामान्यतः घटता है।
प्रश्न 47: यदि दो देशों का मानव विकास सूचकांक समान है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष अनिवार्य रूप से सही नहीं है?
-
A.
दोनों देशों की समग्र मानव विकास उपलब्धि का संक्षिप्त मान समान है।
-
B.
दोनों देशों की स्वास्थ्य, शिक्षा और आय से संबंधित प्रत्येक उपलब्धि समान है।
✓
-
C.
दोनों देशों के विकास की आंतरिक संरचना अलग हो सकती है।
-
D.
उनके विभिन्न आयामों के प्रदर्शन में अंतर हो सकता है।
सही उत्तर:
B
— दोनों देशों की स्वास्थ्य, शिक्षा और आय से संबंधित प्रत्येक उपलब्धि समान है।
व्याख्या (Explanation):मानव विकास सूचकांक विभिन्न आयामों की उपलब्धियों को एक समग्र मान में संक्षेपित करता है। इसलिए समान समग्र मान का अर्थ प्रत्येक आयाम में समान उपलब्धि नहीं है। दो देशों में स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर की अलग-अलग उपलब्धियाँ हो सकती हैं और फिर भी संयुक्त सूचकांक समान हो सकता है।
प्रश्न 48: मानव विकास सूचकांक के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) यह मानव विकास की औसत उपलब्धियों को संक्षेप में व्यक्त करता है। (2) यह किसी देश में गरीबी और असमानता की पूरी तस्वीर प्रस्तुत करता है। (3) समान प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय वाले देशों में भी मानव विकास सूचकांक अलग हो सकता है।
-
A.
केवल 1 और 3
✓
-
B.
केवल 1 और 2
-
C.
केवल 2 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):मानव विकास सूचकांक स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर की औसत उपलब्धियों का संयुक्त मापन है। यह गरीबी, असमानता तथा सशक्तिकरण जैसे सभी पहलुओं को पूर्णतः नहीं दर्शाता। समान प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय वाले देशों में स्वास्थ्य और शिक्षा की उपलब्धियाँ अलग होने के कारण मानव विकास सूचकांक अलग हो सकता है।
प्रश्न 49: निम्नलिखित में से किस परिस्थिति में मानव विकास सूचकांक, बहुआयामी गरीबी सूचकांक और सतत विकास लक्ष्य सूचकांक को एक साथ देखने से नीति-निर्माण के लिए सर्वाधिक उपयोगी जानकारी प्राप्त होगी?
-
A.
केवल कुल राष्ट्रीय आय की तुलना करने पर
-
B.
केवल समग्र रैंकिंग देखने पर
-
C.
औसत मानव विकास, वंचनाओं और व्यापक सतत विकास लक्ष्यों की प्रगति को साथ-साथ देखने पर
✓
-
D.
केवल किसी एक सूचकांक में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले क्षेत्रों की पहचान करने पर
सही उत्तर:
C
— औसत मानव विकास, वंचनाओं और व्यापक सतत विकास लक्ष्यों की प्रगति को साथ-साथ देखने पर
व्याख्या (Explanation):मानव विकास सूचकांक औसत उपलब्धियों की जानकारी देता है, बहुआयामी गरीबी सूचकांक वंचनाओं की जानकारी देता है और सतत विकास लक्ष्य सूचकांक सामाजिक, आर्थिक तथा पर्यावरणीय लक्ष्यों की व्यापक प्रगति को देखने में सहायता करता है। तीनों को साथ देखने से नीति-निर्माण के लिए अधिक समग्र तस्वीर बन सकती है।
प्रश्न 50: किसी मानचित्र में दो देशों का क्षेत्रफल, जलवायु और कृषि संरचना समान दिखाई जाती है। इसके बावजूद देश ‘क’ का खाद्य सुरक्षा प्रदर्शन देश ‘ख’ से बेहतर है। निम्नलिखित में से कौन-सा स्पष्टीकरण सबसे उपयुक्त है?
-
A.
खाद्य सुरक्षा केवल प्राकृतिक परिस्थितियों पर निर्भर नहीं करती; सामर्थ्य, पहुँच, गुणवत्ता, संस्थागत क्षमता और लचीलापन भी महत्वपूर्ण हैं।
✓
-
B.
समान जलवायु होने पर खाद्य सुरक्षा अनिवार्य रूप से समान होगी।
-
C.
कृषि संरचना ही खाद्य सुरक्षा का एकमात्र निर्धारक है।
-
D.
क्षेत्रफल में समानता से खाद्य सुरक्षा में समानता सुनिश्चित होती है।
सही उत्तर:
A
— खाद्य सुरक्षा केवल प्राकृतिक परिस्थितियों पर निर्भर नहीं करती; सामर्थ्य, पहुँच, गुणवत्ता, संस्थागत क्षमता और लचीलापन भी महत्वपूर्ण हैं।
व्याख्या (Explanation):भौगोलिक समानता सामाजिक और आर्थिक परिणामों की समानता सुनिश्चित नहीं करती। खाद्य सुरक्षा पर आय, खाद्य कीमतें, बाजार तक पहुँच, संस्थागत व्यवस्थाएँ, गुणवत्ता तथा दीर्घकालिक लचीलापन जैसे कई कारक प्रभाव डालते हैं।
प्रश्न 51: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) लैंगिक विकास सूचकांक महिला और पुरुषों के मानव विकास स्तरों की तुलना करता है। (2) लैंगिक असमानता सूचकांक महिलाओं को होने वाले लैंगिक नुकसान के विशिष्ट आयामों पर केंद्रित है। (3) दोनों सूचकांकों के मान की दिशा समान प्रकार से पढ़ी जानी चाहिए।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 1 और 2
✓
-
C.
केवल 2 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
B
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):कथन 1 और 2 सही हैं। लैंगिक विकास सूचकांक महिला और पुरुष मानव विकास उपलब्धियों के अनुपात पर आधारित तुलना करता है, जबकि लैंगिक असमानता सूचकांक प्रजनन स्वास्थ्य, सशक्तिकरण और श्रम बाजार से संबंधित असमानताओं को देखता है। कथन 3 गलत है क्योंकि दोनों सूचकांकों की व्याख्या समान तरीके से नहीं की जाती।
प्रश्न 52: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म गलत सुमेलित है?
-
A.
मानव विकास सूचकांक — स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर
-
B.
बहुआयामी गरीबी सूचकांक — स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर में वंचना
-
C.
लैंगिक असमानता सूचकांक — प्रजनन स्वास्थ्य, सशक्तिकरण और श्रम बाजार
-
D.
वैश्विक भूख सूचकांक — खाद्य उत्पादन, कृषि निर्यात और खाद्य भंडारण
✓
सही उत्तर:
D
— वैश्विक भूख सूचकांक — खाद्य उत्पादन, कृषि निर्यात और खाद्य भंडारण
व्याख्या (Explanation):वैश्विक भूख सूचकांक में अल्पपोषण, बाल अवरुद्ध वृद्धि, बाल दुर्बलता और बाल मृत्यु दर जैसे संकेतक शामिल होते हैं। खाद्य उत्पादन, कृषि निर्यात और खाद्य भंडारण इसके चार मूल घटक नहीं हैं।
प्रश्न 53: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) किसी क्षेत्र में उच्च खाद्य उत्पादन का मानचित्र पर दिखाई देना वहाँ उच्च खाद्य सुरक्षा का पर्याप्त प्रमाण नहीं है। (2) खाद्य सुरक्षा में खाद्य की सामर्थ्य और पहुँच भी महत्वपूर्ण हैं। (3) इसलिए किसी देश की कृषि-प्रधान भौगोलिक पहचान के आधार पर उसकी खाद्य सुरक्षा का अंतिम आकलन किया जा सकता है।
-
A.
केवल 1 और 2
✓
-
B.
केवल 1 और 3
-
C.
केवल 2 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):कथन 1 और 2 सही हैं। खाद्य सुरक्षा केवल उत्पादन की मात्रा पर निर्भर नहीं करती। आर्थिक सामर्थ्य, भौतिक पहुँच, गुणवत्ता और स्थिरता भी महत्वपूर्ण हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि किसी देश की कृषि-प्रधानता अकेले खाद्य सुरक्षा का पर्याप्त मापक नहीं है।
प्रश्न 54: यदि विश्व मानचित्र पर दो देशों की स्थिति निम्न प्रकार हो— देश ‘क’ अत्यधिक उच्च मानव विकास वाले क्षेत्र में स्थित है, जबकि देश ‘ख’ मध्यम मानव विकास वाले क्षेत्र में स्थित है, लेकिन देश ‘क’ में विकास उपलब्धियों का वितरण अत्यधिक असमान और देश ‘ख’ में अपेक्षाकृत समान है। निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उचित है?
-
A.
देश ‘क’ का असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक अनिवार्य रूप से देश ‘ख’ से अधिक होगा।
-
B.
देश ‘ख’ का मानव विकास सूचकांक अनिवार्य रूप से देश ‘क’ से अधिक होगा।
-
C.
केवल मानचित्र पर क्षेत्रीय स्थिति देखकर दोनों के समायोजित सूचकांक की तुलना की जा सकती है।
-
D.
सामान्य मानव विकास में बढ़त होने के बावजूद देश ‘क’ की असमानता उसके समायोजित परिणाम को सीमित कर सकती है।
✓
सही उत्तर:
D
— सामान्य मानव विकास में बढ़त होने के बावजूद देश ‘क’ की असमानता उसके समायोजित परिणाम को सीमित कर सकती है।
व्याख्या (Explanation):मानचित्र केवल क्षेत्रीय संदर्भ प्रदान करता है। असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक के लिए वास्तविक मानव विकास उपलब्धियों और उनके वितरण की जानकारी आवश्यक होती है। इसलिए उच्च औसत मानव विकास के बावजूद अधिक असमानता समायोजित परिणाम को नीचे ला सकती है।
प्रश्न 55: विश्व के मानचित्र पर दक्षिण एशिया के देशों को देखते हुए किसी अभ्यर्थी को निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष निकालने से बचना चाहिए?
-
A.
देशों के मानव विकास स्तरों में अंतर हो सकता है।
-
B.
भौगोलिक निकटता के कारण सभी देशों का मानव विकास सूचकांक लगभग समान होगा।
✓
-
C.
समान क्षेत्र में स्थित देशों में भी स्वास्थ्य, शिक्षा और आय से संबंधित उपलब्धियाँ अलग हो सकती हैं।
-
D.
किसी क्षेत्र के भीतर भी सामाजिक एवं आर्थिक विकास में पर्याप्त विविधता हो सकती है।
सही उत्तर:
B
— भौगोलिक निकटता के कारण सभी देशों का मानव विकास सूचकांक लगभग समान होगा।
व्याख्या (Explanation):भौगोलिक निकटता किसी देश के मानव विकास सूचकांक को स्वतः समान नहीं बनाती। मानव विकास स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर सहित अनेक कारकों से प्रभावित होता है। अतः मानचित्र पर निकट स्थित देशों के विकास परिणामों में भी पर्याप्त अंतर हो सकता है।
प्रश्न 56: नीचे चार देश-समूहों को उनके प्रमुख विकास-परिप्रेक्ष्य से जोड़ा गया है। निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सबसे उपयुक्त है?
-
A.
केवल उच्च आय वाला समूह — अनिवार्य रूप से उच्च मानव विकास
-
B.
निम्न आय वाला समूह — अनिवार्य रूप से उच्च बहुआयामी गरीबी
-
C.
उच्च मानव विकास वाला समूह — आवश्यक नहीं कि उसमें असमानता भी न्यूनतम हो
✓
-
D.
उच्च खाद्य उपलब्धता वाला समूह — अनिवार्य रूप से उच्च खाद्य सुरक्षा
सही उत्तर:
C
— उच्च मानव विकास वाला समूह — आवश्यक नहीं कि उसमें असमानता भी न्यूनतम हो
व्याख्या (Explanation):किसी देश या क्षेत्र का उच्च औसत मानव विकास उसकी आंतरिक असमानता के निम्न होने की गारंटी नहीं देता। इसी प्रकार उच्च खाद्य उपलब्धता से स्वतः उच्च खाद्य सुरक्षा सिद्ध नहीं होती, क्योंकि पहुँच, सामर्थ्य, गुणवत्ता और स्थिरता भी महत्वपूर्ण हैं।
प्रश्न 57: सतत विकास लक्ष्य सूचकांक के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) किसी लक्ष्य में उच्च उपलब्धि दूसरे लक्ष्य में कमजोर प्रदर्शन की समस्या को स्वतः समाप्त नहीं करती। (2) विभिन्न सतत विकास लक्ष्य परस्पर संबंधित हो सकते हैं। (3) सूचकांक का उपयोग राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के बीच नीतिगत सीख एवं प्रतिस्पर्धी सुधार को बढ़ावा देने के लिए किया जा सकता है। (4) संयुक्त सूचकांक का उपयोग केवल अंतिम रैंक तय करने के लिए किया जाता है; लक्ष्य-विशिष्ट कमियों की पहचान इसमें संभव नहीं है।
-
A.
केवल 1 और 2
-
B.
केवल 2 और 4
-
C.
केवल 1, 3 और 4
-
D.
केवल 1, 2 और 3
✓
सही उत्तर:
D
— केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):कथन 1, 2 और 3 सही हैं। सतत विकास लक्ष्य परस्पर संबंधित हैं और नीति आयोग का सतत विकास लक्ष्य सूचकांक राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों की तुलना, लक्ष्य-विशिष्ट कमियों की पहचान और बेहतर नीतिगत अभ्यासों से सीखने के लिए उपयोग किया जाता है। कथन 4 गलत है क्योंकि सूचकांक संयुक्त स्कोर के साथ लक्ष्य-विशिष्ट प्रदर्शन की जानकारी भी देता है।
प्रश्न 58: किसी देश में मातृ स्वास्थ्य में सुधार, महिला संसद प्रतिनिधित्व में वृद्धि तथा महिला श्रम भागीदारी में वृद्धि होती है, लेकिन पुरुषों और महिलाओं के मानव विकास स्तरों में अंतर में बहुत कम परिवर्तन होता है। इन परिवर्तनों के आधार पर कौन-सा निष्कर्ष सर्वाधिक उचित है?
-
A.
केवल लैंगिक विकास सूचकांक में सुधार होगा और लैंगिक असमानता सूचकांक पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
-
B.
लैंगिक असमानता सूचकांक में सुधार की संभावना है, जबकि लैंगिक विकास सूचकांक की दिशा अलग हो सकती है क्योंकि दोनों की संरचना भिन्न है।
✓
-
C.
दोनों सूचकांकों में समान मात्रा में सुधार अनिवार्य है।
-
D.
किसी भी लैंगिक सूचकांक में सुधार संभव नहीं है।
सही उत्तर:
B
— लैंगिक असमानता सूचकांक में सुधार की संभावना है, जबकि लैंगिक विकास सूचकांक की दिशा अलग हो सकती है क्योंकि दोनों की संरचना भिन्न है।
व्याख्या (Explanation):लैंगिक असमानता सूचकांक में प्रजनन स्वास्थ्य, सशक्तिकरण और श्रम बाजार प्रमुख आयाम हैं। इसलिए इन क्षेत्रों में सुधार लैंगिक असमानता को कम कर सकते हैं। इसके विपरीत लैंगिक विकास सूचकांक महिला और पुरुषों की मानव विकास उपलब्धियों के अनुपात पर केंद्रित है। इसलिए दोनों सूचकांकों की दिशा समान होना आवश्यक नहीं है।
प्रश्न 59: लैंगिक असमानता सूचकांक के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) यह प्रजनन स्वास्थ्य, सशक्तिकरण और श्रम बाजार से संबंधित असमानता को समाहित करता है। (2) इसका निम्न मान बेहतर लैंगिक स्थिति का संकेत देता है। (3) यह महिला और पुरुषों की मानव विकास उपलब्धियों के अनुपात का ही दूसरा नाम है।
-
A.
केवल 1 और 2
✓
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):कथन 1 और 2 सही हैं। लैंगिक असमानता सूचकांक तीन आयामों में लैंगिक नुकसान को मापता है और कम मान बेहतर प्रदर्शन दर्शाता है। कथन 3 गलत है क्योंकि महिला और पुरुषों के मानव विकास उपलब्धियों के अनुपात से संबंधित अवधारणा लैंगिक विकास सूचकांक से जुड़ी है, लैंगिक असमानता सूचकांक से नहीं।
प्रश्न 60: यदि किसी राज्य का सतत विकास लक्ष्य सूचकांक स्कोर बढ़ता है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष अपने-आप नहीं निकाला जा सकता?
-
A.
राज्य में प्रत्येक सतत विकास लक्ष्य के अंतर्गत समान अनुपात में सुधार हुआ है।
✓
-
B.
समग्र स्तर पर चयनित संकेतकों के आधार पर प्रदर्शन में सुधार हुआ हो सकता है।
-
C.
कुछ लक्ष्य दूसरे लक्ष्यों की तुलना में कमजोर बने रह सकते हैं।
-
D.
सूचकांक के पीछे प्रयुक्त संकेतकों की जाँच किए बिना सभी क्षेत्रों में समान प्रगति मान लेना उचित नहीं होगा।
सही उत्तर:
A
— राज्य में प्रत्येक सतत विकास लक्ष्य के अंतर्गत समान अनुपात में सुधार हुआ है।
व्याख्या (Explanation):संयुक्त सूचकांक का कुल स्कोर विभिन्न लक्ष्यों और संकेतकों की समग्र स्थिति को संक्षेपित करता है। इसलिए कुल स्कोर बढ़ने से प्रत्येक लक्ष्य में समान सुधार होना आवश्यक नहीं है। नीति आयोग का सतत विकास लक्ष्य सूचकांक लक्ष्य-विशिष्ट और संयुक्त दोनों प्रकार की जानकारी प्रदान करता है, जिससे अलग-अलग क्षेत्रों की कमियों की पहचान की जा सकती है।
प्रश्न 61: वैश्विक खाद्य सुरक्षा सूचकांक में ‘प्राकृतिक संसाधन एवं लचीलापन’ को सम्मिलित करने का सबसे उपयुक्त तर्क क्या है?
-
A.
इससे केवल कृषि निर्यात की क्षमता मापी जाती है।
-
B.
खाद्य सुरक्षा को दीर्घकालिक पर्यावरणीय और संसाधन-संबंधी जोखिमों से जोड़कर देखा जाता है।
✓
-
C.
इससे केवल खाद्यान्न की कीमतों का मापन होता है।
-
D.
यह केवल वर्षा की मात्रा को खाद्य सुरक्षा का पर्याय मानता है।
सही उत्तर:
B
— खाद्य सुरक्षा को दीर्घकालिक पर्यावरणीय और संसाधन-संबंधी जोखिमों से जोड़कर देखा जाता है।
व्याख्या (Explanation):वैश्विक खाद्य सुरक्षा सूचकांक की पद्धति में प्राकृतिक संसाधन और लचीलापन एक पृथक आयाम के रूप में विकसित किया गया, ताकि खाद्य प्रणालियों को जलवायु तथा प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े दीर्घकालिक जोखिमों के संदर्भ में भी देखा जा सके। यह खाद्य सुरक्षा को केवल वर्तमान खाद्य उपलब्धता तक सीमित नहीं रखता।
प्रश्न 62: मानव विकास सूचकांक, बहुआयामी गरीबी सूचकांक और सतत विकास लक्ष्य सूचकांक के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त है?
-
A.
तीनों सूचकांक समान संकेतकों का प्रयोग करते हैं।
-
B.
तीनों मुख्यतः प्रति व्यक्ति आय की तुलना करते हैं।
-
C.
तीनों का मुख्य उद्देश्य वैश्विक देशों की आर्थिक शक्ति का क्रम निर्धारित करना है।
-
D.
तीनों विकास की व्यापक तस्वीर देते हैं, लेकिन उनके उद्देश्य, इकाई, संकेतक और विश्लेषण का स्तर अलग-अलग हो सकता है।
✓
सही उत्तर:
D
— तीनों विकास की व्यापक तस्वीर देते हैं, लेकिन उनके उद्देश्य, इकाई, संकेतक और विश्लेषण का स्तर अलग-अलग हो सकता है।
व्याख्या (Explanation):मानव विकास सूचकांक औसत मानव विकास उपलब्धियों पर केंद्रित है, बहुआयामी गरीबी सूचकांक वंचनाओं को पहचानता है, जबकि सतत विकास लक्ष्य सूचकांक सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में प्रगति का आकलन करता है। इसलिए समान विषय होने के बावजूद उनके उद्देश्य और संरचना अलग हैं।
प्रश्न 63: भारत के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) यह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में प्रगति को मापने का प्रयास करता है। (2) राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को प्रत्येक लक्ष्य के लिए तथा सभी लक्ष्यों के संयुक्त आधार पर भी आंका जा सकता है। (3) इसका उद्देश्य केवल राज्यों की आर्थिक वृद्धि की तुलना करना है। (4) यह नीतिगत कमियों की पहचान और लक्षित सुधार के लिए उपयोग किया जा सकता है।
-
A.
केवल 1 और 3
-
B.
केवल 2 और 4
-
C.
केवल 1, 2 और 4
✓
-
D.
1, 2, 3 और 4
सही उत्तर:
C
— केवल 1, 2 और 4
व्याख्या (Explanation):नीति आयोग के अनुसार सतत विकास लक्ष्य सूचकांक राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में प्रगति का संयुक्त मापन करता है। यह प्रत्येक लक्ष्य और समग्र लक्ष्यों के आधार पर तुलना तथा उन क्षेत्रों की पहचान में सहायता करता है जहाँ नीतिगत हस्तक्षेप की आवश्यकता है। इसका उद्देश्य केवल आर्थिक वृद्धि की तुलना करना नहीं है।
प्रश्न 64: बहुआयामी गरीबी सूचकांक के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) यह केवल यह नहीं बताता कि कितने लोग गरीब हैं, बल्कि गरीब व्यक्तियों द्वारा अनुभव की जाने वाली वंचनाओं की तीव्रता को भी महत्व देता है। (2) दो देशों में बहुआयामी गरीबी की व्यापकता समान होने पर भी गरीबी का समग्र स्तर अलग हो सकता है। (3) आय में सुधार होने पर बहुआयामी गरीबी अनिवार्य रूप से समान अनुपात में घटेगी।
-
A.
केवल 1 और 2
✓
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):कथन 1 और 2 सही हैं। बहुआयामी गरीबी की व्यापकता के साथ उसकी तीव्रता भी महत्वपूर्ण है। इसलिए समान गरीबी दर वाले देशों में वंचनाओं की औसत तीव्रता अलग होने पर समग्र स्थिति अलग हो सकती है। कथन 3 गलत है क्योंकि बहुआयामी गरीबी में आय के अतिरिक्त स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर से संबंधित अनेक वंचनाएँ शामिल होती हैं।
प्रश्न 65: निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक और मानव विकास सूचकांक के बीच बड़े अंतर की अधिक संभावना उत्पन्न करेगी?
-
A.
तीनों आयामों में उच्च उपलब्धि तथा लगभग समान वितरण
-
B.
तीनों आयामों में निम्न उपलब्धि तथा लगभग समान वितरण
-
C.
केवल आय में उच्च असमानता, जबकि स्वास्थ्य और शिक्षा का वितरण समान हो
-
D.
स्वास्थ्य, शिक्षा और आय की उपलब्धियों में व्यापक असमान वितरण
✓
सही उत्तर:
D
— स्वास्थ्य, शिक्षा और आय की उपलब्धियों में व्यापक असमान वितरण
व्याख्या (Explanation):असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक स्वास्थ्य, शिक्षा और आय की उपलब्धियों के वितरण में असमानता से होने वाली हानि को समाहित करता है। इसलिए यदि असमानता अनेक आयामों में व्यापक हो, तो सामान्य मानव विकास सूचकांक और उसके असमानता-समायोजित रूप के बीच अंतर अधिक हो सकता है।
प्रश्न 66: किसी देश के संदर्भ में निम्नलिखित स्थिति पर विचार कीजिए— मानव विकास सूचकांक में निरंतर सुधार हुआ है, लेकिन महिला और पुरुषों के मानव विकास स्तरों में अंतर अभी भी मौजूद है तथा महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और श्रम बाजार में भागीदारी अपेक्षाकृत कम है। इस स्थिति को समझने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सर्वाधिक उपयुक्त है?
-
A.
केवल मानव विकास सूचकांक से लैंगिक स्थिति का पूर्ण आकलन किया जा सकता है।
-
B.
मानव विकास के साथ लैंगिक विकास तथा लैंगिक असमानता के पृथक आयामों का भी परीक्षण आवश्यक है।
✓
-
C.
यदि मानव विकास सूचकांक बढ़ता है तो लैंगिक असमानता स्वतः समाप्त हो जाती है।
-
D.
लैंगिक विकास सूचकांक और लैंगिक असमानता सूचकांक समान अवधारणाएँ हैं।
सही उत्तर:
B
— मानव विकास के साथ लैंगिक विकास तथा लैंगिक असमानता के पृथक आयामों का भी परीक्षण आवश्यक है।
व्याख्या (Explanation):मानव विकास सूचकांक समग्र औसत मानव विकास उपलब्धियों को मापता है। लैंगिक विकास सूचकांक महिला और पुरुषों की मानव विकास उपलब्धियों के बीच अंतर को देखता है, जबकि लैंगिक असमानता सूचकांक प्रजनन स्वास्थ्य, सशक्तिकरण और श्रम बाजार जैसे आयामों में लैंगिक नुकसान को मापता है। इसलिए किसी देश के समग्र मानव विकास में सुधार के बावजूद लैंगिक असमानता बनी रह सकती है।
प्रश्न 67: सतत विकास लक्ष्य आधारित सूचकांकों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा दृष्टिकोण सबसे अधिक उचित है?
-
A.
किसी एक लक्ष्य में सुधार को संपूर्ण सतत विकास में सुधार के समान माना जाना चाहिए।
-
B.
सतत विकास केवल पर्यावरणीय संकेतकों का मापन है।
-
C.
सतत विकास के सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय आयामों को परस्पर संबंधित मानकर बहु-आयामी प्रगति का आकलन करना अधिक उपयुक्त है।
✓
-
D.
सतत विकास लक्ष्य केवल आर्थिक वृद्धि के वैकल्पिक मापन का साधन हैं।
सही उत्तर:
C
— सतत विकास के सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय आयामों को परस्पर संबंधित मानकर बहु-आयामी प्रगति का आकलन करना अधिक उपयुक्त है।
व्याख्या (Explanation):सतत विकास लक्ष्य परस्पर संबंधित सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय प्राथमिकताओं को समाहित करते हैं। इसलिए किसी एक क्षेत्र में सुधार को संपूर्ण सतत विकास का पूर्ण प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता। भारत में भी सतत विकास लक्ष्य आधारित सूचकांकों के माध्यम से राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की प्रगति का बहुआयामी आकलन किया जाता है।
प्रश्न 68: निम्नलिखित युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं? (1) मानव विकास सूचकांक — औसत मानव विकास उपलब्धियाँ (2) असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक — उपलब्धियों के वितरण में असमानता (3) लैंगिक विकास सूचकांक — महिला और पुरुष मानव विकास उपलब्धियों का अनुपात (4) लैंगिक असमानता सूचकांक — केवल महिला-पुरुष आय अंतर
-
A.
केवल 1 और 2
-
B.
केवल 2 और 4
-
C.
केवल 1, 2 और 4
-
D.
केवल 1, 2 और 3
✓
सही उत्तर:
D
— केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):पहले तीन युग्म सही हैं। लैंगिक विकास सूचकांक महिला और पुरुष मानव विकास सूचकांकों के अनुपात से लैंगिक अंतर को व्यक्त करता है। चौथा युग्म गलत है क्योंकि लैंगिक असमानता सूचकांक केवल आय-अंतर तक सीमित नहीं है; इसमें प्रजनन स्वास्थ्य, सशक्तिकरण और श्रम बाजार शामिल हैं।
प्रश्न 69: किसी देश में खाद्य उत्पादन पर्याप्त है, लेकिन गरीब परिवारों की क्रय क्षमता कम है, पौष्टिक भोजन की कीमत अपेक्षाकृत अधिक है तथा कुछ क्षेत्रों में स्वच्छ जल और सुरक्षित भोजन तक पहुँच सीमित है। इस स्थिति को समझने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा दृष्टिकोण सबसे अधिक उपयुक्त है?
-
A.
खाद्य उत्पादन पर्याप्त होने से खाद्य सुरक्षा स्वतः पूर्ण मानी जाएगी।
-
B.
खाद्य सुरक्षा का आकलन सामर्थ्य, उपलब्धता, गुणवत्ता एवं सुरक्षा तथा स्थिरता जैसे अनेक आयामों के साथ किया जाना चाहिए।
✓
-
C.
केवल वैश्विक भूख सूचकांक ऐसे सभी आर्थिक और संस्थागत पक्षों को पूरी तरह मापता है।
-
D.
खाद्य कीमतों का खाद्य सुरक्षा से कोई संबंध नहीं है।
सही उत्तर:
B
— खाद्य सुरक्षा का आकलन सामर्थ्य, उपलब्धता, गुणवत्ता एवं सुरक्षा तथा स्थिरता जैसे अनेक आयामों के साथ किया जाना चाहिए।
व्याख्या (Explanation):खाद्य सुरक्षा को केवल उत्पादन की मात्रा से नहीं समझा जा सकता। वैश्विक खाद्य सुरक्षा सूचकांक खाद्य की सामर्थ्य, उपलब्धता, गुणवत्ता एवं सुरक्षा तथा स्थिरता एवं अनुकूलन जैसे आयामों को सम्मिलित करता है। इसलिए उत्पादन पर्याप्त होने के बावजूद पहुँच और सामर्थ्य की समस्या खाद्य सुरक्षा को कमजोर कर सकती है।
प्रश्न 70: किसी देश में अल्पपोषण का प्रसार घटता है, लेकिन बाल अवरुद्ध वृद्धि और बाल दुर्बलता में अपेक्षित सुधार नहीं आता। वैश्विक भूख सूचकांक की दृष्टि से निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सबसे अधिक उचित है?
-
A.
केवल अल्पपोषण में सुधार होने से समग्र भूख स्थिति में सुधार हो सकता है, लेकिन बाल पोषण संबंधी अन्य घटक कमजोर रहने पर सुधार सीमित रह सकता है।
✓
-
B.
समग्र भूख स्थिति में सुधार होना असंभव है।
-
C.
अल्पपोषण ही सूचकांक का एकमात्र घटक है।
-
D.
बाल संकेतकों का सूचकांक पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
सही उत्तर:
A
— केवल अल्पपोषण में सुधार होने से समग्र भूख स्थिति में सुधार हो सकता है, लेकिन बाल पोषण संबंधी अन्य घटक कमजोर रहने पर सुधार सीमित रह सकता है।
व्याख्या (Explanation):वैश्विक भूख सूचकांक चार घटकों को सम्मिलित करता है—अल्पपोषण, बाल अवरुद्ध वृद्धि, बाल दुर्बलता और बाल मृत्यु दर। इसलिए केवल एक घटक में सुधार से पूरे सूचकांक की दिशा प्रभावित हो सकती है, लेकिन अन्य घटकों की स्थिति भी अंतिम परिणाम को प्रभावित करती है।
प्रश्न 71: बहुआयामी गरीबी और राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे अधिक उपयुक्त है?
-
A.
राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी हमेशा वैश्विक बहुआयामी गरीबी की हूबहू प्रतिकृति होती है।
-
B.
राष्ट्रीय सूचकांक में केवल आय-आधारित संकेतक होते हैं।
-
C.
राष्ट्रीय सूचकांक का उद्देश्य केवल राज्यों की आय की तुलना करना है।
-
D.
राष्ट्रीय स्तर पर बहुआयामी गरीबी के मापन में वैश्विक ढाँचे से निकटता बनाए रखते हुए राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप अतिरिक्त संकेतक जोड़े जा सकते हैं।
✓
सही उत्तर:
D
— राष्ट्रीय स्तर पर बहुआयामी गरीबी के मापन में वैश्विक ढाँचे से निकटता बनाए रखते हुए राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप अतिरिक्त संकेतक जोड़े जा सकते हैं।
व्याख्या (Explanation):भारत के राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक ने वैश्विक ढाँचे के दस मूल संकेतकों को बनाए रखते हुए मातृ स्वास्थ्य और बैंक खाते जैसे दो अतिरिक्त संकेतक जोड़े। तीन आयाम—स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर—समान भार रखते हैं तथा कुल बारह संकेतक सम्मिलित हैं।
प्रश्न 72: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) किसी देश में मानव विकास सूचकांक ऊँचा हो सकता है और फिर भी कुछ समूह बहुआयामी गरीबी का सामना कर सकते हैं। (2) किसी देश में औसत मानव विकास में सुधार के साथ-साथ असमानता भी बढ़ सकती है। (3) अतः केवल मानव विकास सूचकांक के आधार पर सामाजिक रूप से वंचित समूहों की स्थिति का पूर्ण आकलन किया जा सकता है।
-
A.
केवल 1 और 2
✓
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):कथन 1 सही है क्योंकि औसत मानव विकास और विशिष्ट समूहों की वंचना एक साथ मौजूद हो सकती है। कथन 2 भी सही है क्योंकि औसत उपलब्धि बढ़ने के साथ वितरणात्मक असमानता बढ़ सकती है। कथन 3 गलत है क्योंकि समग्र मानव विकास सूचकांक समूह-विशिष्ट वंचनाओं को पूर्ण रूप से नहीं दर्शाता। असमानता-समायोजित और बहुआयामी सूचकांक अतिरिक्त जानकारी प्रदान करते हैं।
प्रश्न 73: किसी देश में महिलाओं के स्वास्थ्य संकेतकों में उल्लेखनीय सुधार हुआ, महिला शिक्षा में भी वृद्धि हुई, लेकिन संसद तथा श्रम बाजार में महिलाओं की भागीदारी में सुधार बहुत सीमित रहा। निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस स्थिति की सबसे उपयुक्त व्याख्या करता है?
-
A.
मानव विकास के सभी सूचकांकों में अनिवार्य रूप से समान सुधार होगा।
-
B.
लैंगिक असमानता सूचकांक में सुधार सीमित रह सकता है, क्योंकि इसमें प्रजनन स्वास्थ्य के साथ सशक्तिकरण और श्रम बाजार भी सम्मिलित हैं।
✓
-
C.
लैंगिक असमानता सूचकांक केवल स्वास्थ्य पर आधारित है, इसलिए उसका मान तेजी से सुधरेगा।
-
D.
लैंगिक विकास सूचकांक और लैंगिक असमानता सूचकांक ऐसी स्थिति में समान परिणाम देंगे।
सही उत्तर:
B
— लैंगिक असमानता सूचकांक में सुधार सीमित रह सकता है, क्योंकि इसमें प्रजनन स्वास्थ्य के साथ सशक्तिकरण और श्रम बाजार भी सम्मिलित हैं।
व्याख्या (Explanation):लैंगिक असमानता सूचकांक में तीन प्रमुख आयाम हैं—प्रजनन स्वास्थ्य, सशक्तिकरण और श्रम बाजार। इसलिए स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार के बावजूद यदि राजनीतिक प्रतिनिधित्व तथा श्रम बाजार में लैंगिक अंतर बना रहता है, तो लैंगिक असमानता में कमी सीमित हो सकती है।
प्रश्न 74: एक देश में औसत स्कूली शिक्षा में वृद्धि, जीवन प्रत्याशा में वृद्धि तथा प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि होती है, लेकिन इन उपलब्धियों में क्षेत्रीय असमानता में भी वृद्धि होती है। इन परिवर्तनों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सबसे अधिक उचित है?
-
A.
सामान्य मानव विकास सूचकांक निश्चित रूप से घटेगा।
-
B.
असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक निश्चित रूप से सामान्य मानव विकास सूचकांक से अधिक होगा।
-
C.
सामान्य मानव विकास सूचकांक और असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक दोनों अनिवार्य रूप से समान गति से बढ़ेंगे।
-
D.
औसत उपलब्धियों में सुधार से सामान्य मानव विकास सूचकांक बढ़ सकता है, जबकि बढ़ती असमानता समायोजित सूचकांक में लाभ को सीमित कर सकती है।
✓
सही उत्तर:
D
— औसत उपलब्धियों में सुधार से सामान्य मानव विकास सूचकांक बढ़ सकता है, जबकि बढ़ती असमानता समायोजित सूचकांक में लाभ को सीमित कर सकती है।
व्याख्या (Explanation):सामान्य मानव विकास सूचकांक औसत उपलब्धियों पर केंद्रित है। इसलिए तीनों आयामों में औसत सुधार उसके मान को बढ़ा सकता है। परंतु असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक वितरण में असमानता को भी ध्यान में रखता है, इसलिए बढ़ती असमानता उसके सुधार को सीमित कर सकती है।
प्रश्न 75: निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति किसी देश में मानव विकास सूचकांक में सुधार तथा बहुआयामी गरीबी में एक साथ कमी के लिए सबसे अधिक अनुकूल होगी?
-
A.
जीवन प्रत्याशा, स्कूली शिक्षा तथा मूलभूत जीवन-स्तर सुविधाओं में व्यापक सुधार, विशेषकर वंचित परिवारों में
✓
-
B.
केवल उच्च-आय वर्ग की आय में तीव्र वृद्धि
-
C.
केवल शहरी क्षेत्रों में उच्च शिक्षा का विस्तार
-
D.
केवल निर्यात आय में वृद्धि, जबकि स्वास्थ्य एवं शिक्षा की स्थिति अपरिवर्तित रहे
सही उत्तर:
A
— जीवन प्रत्याशा, स्कूली शिक्षा तथा मूलभूत जीवन-स्तर सुविधाओं में व्यापक सुधार, विशेषकर वंचित परिवारों में
व्याख्या (Explanation):मानव विकास सूचकांक स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर की औसत उपलब्धियों को देखता है, जबकि बहुआयामी गरीबी स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर की वंचनाओं को पहचानती है। इसलिए वंचित समूहों में मूलभूत सेवाओं की व्यापक उपलब्धता दोनों आयामों में एक साथ सुधार कर सकती है। केवल आय या केवल एक समूह की उपलब्धि में वृद्धि दोनों सूचकांकों में समान सुधार सुनिश्चित नहीं करती।
प्रश्न 76: तीन देशों की स्थिति निम्नलिखित है— देश ‘क’ का मानव विकास सूचकांक उच्च है, लेकिन उपलब्धियों में असमानता भी अधिक है; देश ‘ख’ का मानव विकास सूचकांक ‘क’ के लगभग समान है, लेकिन उपलब्धियों का वितरण अधिक समान है; तथा देश ‘ग’ का मानव विकास सूचकांक दोनों से कम है, लेकिन उसकी उपलब्धियों में असमानता बहुत कम है। असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक के संदर्भ में कौन-सा निष्कर्ष सबसे अधिक उचित है?
-
A.
देश ‘क’ का समायोजित मान अनिवार्य रूप से सर्वाधिक होगा क्योंकि उसका मूल मानव विकास सूचकांक उच्च है।
-
B.
देश ‘ख’ का समायोजित मान अनिवार्य रूप से देश ‘ग’ से कम होगा क्योंकि उसका मूल मानव विकास सूचकांक समान है।
-
C.
देश ‘ख’ का समायोजित मान देश ‘क’ से अधिक हो सकता है, जबकि देश ‘ग’ के बारे में केवल मूल मानव विकास सूचकांक देखकर निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
✓
-
D.
असमानता का प्रभाव केवल आय पर पड़ता है, इसलिए स्वास्थ्य और शिक्षा का वितरण अप्रासंगिक है।
सही उत्तर:
C
— देश ‘ख’ का समायोजित मान देश ‘क’ से अधिक हो सकता है, जबकि देश ‘ग’ के बारे में केवल मूल मानव विकास सूचकांक देखकर निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
व्याख्या (Explanation):असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक स्वास्थ्य, शिक्षा और आय से संबंधित उपलब्धियों के वितरण में असमानता को ध्यान में रखता है। इसलिए समान या लगभग समान औसत मानव विकास के बावजूद अधिक समान वितरण वाला देश बेहतर समायोजित स्थिति प्राप्त कर सकता है। देश ‘ग’ के बारे में भी केवल मूल सूचकांक देखकर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता, क्योंकि उसकी कम असमानता उसके समायोजित परिणाम को प्रभावित करेगी।
प्रश्न 77: वैश्विक भूख सूचकांक के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) इसमें प्रयुक्त बाल अवरुद्ध वृद्धि और बाल दुर्बलता अलग-अलग प्रकार के कुपोषण को पकड़ते हैं। (2) सूचकांक में अल्पपोषण को शामिल करने से पूरी जनसंख्या की स्थिति के बारे में भी जानकारी मिलती है। (3) सूचकांक का उच्च अंक बेहतर स्थिति का संकेत देता है। (4) सूचकांक के सभी चार घटक समान भार रखते हैं।
-
A.
केवल 1 और 2
✓
-
B.
केवल 1 और 3
-
C.
केवल 2 और 4
-
D.
केवल 1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):कथन 1 और 2 सही हैं। बाल अवरुद्ध वृद्धि दीर्घकालिक तथा बाल दुर्बलता तीव्र कुपोषण को दर्शाती है, जबकि अल्पपोषण पूरी जनसंख्या से संबंधित है। कथन 3 गलत है क्योंकि वैश्विक भूख सूचकांक में कम अंक बेहतर स्थिति दर्शाते हैं। कथन 4 भी गलत है क्योंकि चार घटकों के भार समान नहीं हैं; अल्पपोषण और बाल मृत्यु दर का भार प्रत्येक एक-तिहाई है, जबकि बाल अवरुद्ध वृद्धि और बाल दुर्बलता का भार प्रत्येक एक-छठा है।
प्रश्न 78: यदि किसी देश में मानव विकास की औसत उपलब्धियाँ तेजी से सुधरती हैं, लेकिन यह सुधार मुख्यतः उच्च आय वाले समूहों तक सीमित रहता है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा सूचकांक इस वितरणात्मक समस्या को सामान्य मानव विकास सूचकांक की तुलना में बेहतर उजागर कर सकता है?
-
A.
वैश्विक भूख सूचकांक
-
B.
वैश्विक खाद्य सुरक्षा सूचकांक
-
C.
लैंगिक विकास सूचकांक
-
D.
असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक
✓
सही उत्तर:
D
— असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक
व्याख्या (Explanation):असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक औसत उपलब्धियों के साथ उनके वितरण में असमानता को भी ध्यान में रखता है। इसलिए समान औसत मानव विकास के पीछे मौजूद असमान वितरण को समझने में यह सामान्य मानव विकास सूचकांक की तुलना में अधिक उपयोगी है।
प्रश्न 79: किसी देश में खाद्य की कुल उपलब्धता पर्याप्त है, लेकिन निम्न-आय परिवारों की खरीद क्षमता कमजोर है, ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार तक पहुँच सीमित है तथा भोजन की गुणवत्ता और पोषण विविधता भी कमजोर है। उपरोक्त स्थिति से कौन-सा निष्कर्ष सबसे उचित रूप से निकाला जा सकता है?
-
A.
केवल खाद्य उपलब्धता पर्याप्त होने से खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित नहीं मानी जा सकती।
✓
-
B.
खाद्य उपलब्धता पर्याप्त होने पर खाद्य असुरक्षा असंभव है।
-
C.
ऐसी स्थिति केवल भूख सूचकांक को प्रभावित करेगी, खाद्य सुरक्षा को नहीं।
-
D.
खाद्य उत्पादन और खाद्य सुरक्षा में कोई अंतर नहीं है।
सही उत्तर:
A
— केवल खाद्य उपलब्धता पर्याप्त होने से खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित नहीं मानी जा सकती।
व्याख्या (Explanation):खाद्य सुरक्षा में केवल भोजन का उपलब्ध होना पर्याप्त नहीं है। भोजन तक आर्थिक और भौतिक पहुँच तथा भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा भी महत्त्वपूर्ण हैं। वैश्विक खाद्य सुरक्षा सूचकांक इसी व्यापक दृष्टिकोण को अपनाता है।
प्रश्न 80: निम्नलिखित युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं? (1) मानव विकास सूचकांक — औसत मानव विकास उपलब्धियाँ (2) असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक — उपलब्धियों के वितरण में असमानता (3) बहुआयामी गरीबी सूचकांक — अनेक आयामों में वंचना (4) वैश्विक भूख सूचकांक — केवल खाद्यान्न उत्पादन
-
A.
केवल 1 और 4
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1, 2 और 3
✓
-
D.
केवल 1, 3 और 4
सही उत्तर:
C
— केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):पहले तीन युग्म सही हैं। वैश्विक भूख सूचकांक केवल खाद्यान्न उत्पादन का सूचकांक नहीं है; इसमें अल्पपोषण, बाल अवरुद्ध वृद्धि, बाल दुर्बलता और बाल मृत्यु दर शामिल हैं।
प्रश्न 81: वैश्विक खाद्य सुरक्षा सूचकांक के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प इसकी व्यापक प्रकृति को सबसे बेहतर दर्शाता है?
-
A.
केवल कृषि उत्पादन और भंडारण
-
B.
केवल खाद्य की उपलब्धता और पोषण
-
C.
केवल खाद्य कीमतों और आय का संबंध
-
D.
खाद्य की सामर्थ्य, उपलब्धता, गुणवत्ता एवं सुरक्षा तथा स्थिरता एवं अनुकूलन से संबंधित आयाम
✓
सही उत्तर:
D
— खाद्य की सामर्थ्य, उपलब्धता, गुणवत्ता एवं सुरक्षा तथा स्थिरता एवं अनुकूलन से संबंधित आयाम
व्याख्या (Explanation):वैश्विक खाद्य सुरक्षा सूचकांक खाद्य सुरक्षा को बहुआयामी दृष्टि से देखता है। इसके ढाँचे में खाद्य की सामर्थ्य, उपलब्धता, गुणवत्ता एवं सुरक्षा तथा स्थिरता एवं अनुकूलन जैसे प्रमुख आयाम शामिल हैं।
प्रश्न 82: वैश्विक भूख सूचकांक के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
-
A.
इसमें केवल बच्चों से संबंधित संकेतक होते हैं।
-
B.
इसमें जनसंख्या-स्तरीय अल्पपोषण के साथ बाल पोषण और बाल मृत्यु से संबंधित संकेतकों को संयुक्त किया जाता है।
✓
-
C.
यह केवल खाद्य उत्पादन को मापता है।
-
D.
इसमें खाद्य की सामर्थ्य और बाजार तक पहुँच को प्रत्यक्ष रूप से मुख्य आयाम बनाया गया है।
सही उत्तर:
B
— इसमें जनसंख्या-स्तरीय अल्पपोषण के साथ बाल पोषण और बाल मृत्यु से संबंधित संकेतकों को संयुक्त किया जाता है।
व्याख्या (Explanation):वैश्विक भूख सूचकांक के चार घटक हैं—अल्पपोषण, बाल अवरुद्ध वृद्धि, बाल दुर्बलता और बाल मृत्यु दर। इस प्रकार इसमें पूरी जनसंख्या से संबंधित अल्पपोषण तथा बच्चों की पोषण स्थिति और मृत्यु दर दोनों शामिल हैं।
प्रश्न 83: वैश्विक भूख सूचकांक की संरचना के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) अल्पपोषण पूरे जनसंख्या समूह से संबंधित संकेतक है। (2) बाल अवरुद्ध वृद्धि दीर्घकालिक कुपोषण को प्रतिबिंबित करती है। (3) बाल दुर्बलता तीव्र कुपोषण से संबंधित है। (4) बाल मृत्यु दर केवल भोजन की मात्रा का प्रत्यक्ष मापन है।
-
A.
केवल 1 और 4
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1, 2 और 3
✓
-
D.
केवल 1, 3 और 4
सही उत्तर:
C
— केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):अल्पपोषण पूरी जनसंख्या में अपर्याप्त कैलोरी सेवन से संबंधित है। बाल अवरुद्ध वृद्धि दीर्घकालिक कुपोषण और बाल दुर्बलता तीव्र कुपोषण को दर्शाती है। बाल मृत्यु दर भूख और पोषण संबंधी गंभीर परिणामों के साथ-साथ अस्वस्थ पर्यावरण जैसी परिस्थितियों को भी प्रतिबिंबित कर सकती है; इसलिए इसे केवल भोजन की मात्रा का प्रत्यक्ष मापन कहना गलत है।
प्रश्न 84: निम्नलिखित में से किस स्थिति में दो देशों की बहुआयामी गरीबी दर समान हो सकती है, लेकिन उनके बहुआयामी गरीबी सूचकांक अलग हो सकते हैं?
-
A.
दोनों देशों में गरीब जनसंख्या का अनुपात समान हो, लेकिन गरीब व्यक्तियों द्वारा अनुभव की जाने वाली औसत वंचना अलग हो।
✓
-
B.
दोनों देशों में औसत वंचना समान हो, लेकिन गरीब जनसंख्या का अनुपात अलग हो।
-
C.
दोनों देशों में गरीबी की व्यापकता और तीव्रता दोनों अलग होने पर ही।
-
D.
ऐसी स्थिति संभव नहीं है।
सही उत्तर:
A
— दोनों देशों में गरीब जनसंख्या का अनुपात समान हो, लेकिन गरीब व्यक्तियों द्वारा अनुभव की जाने वाली औसत वंचना अलग हो।
व्याख्या (Explanation):गरीबी की व्यापकता गरीबों के अनुपात को दर्शाती है। यदि दो देशों में यह अनुपात समान है, लेकिन एक देश के गरीब लोग औसतन अधिक वंचनाएँ झेल रहे हैं, तो उसकी गरीबी की तीव्रता अधिक होगी और परिणामस्वरूप उसका समग्र बहुआयामी गरीबी सूचकांक अधिक हो सकता है।
प्रश्न 85: मानव विकास सूचकांक और असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सबसे अधिक उपयुक्त है?
-
A.
समान मानव विकास सूचकांक वाले दो देशों का असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक भी समान होगा।
-
B.
समान औसत मानव विकास के बावजूद अधिक असमान वितरण वाले देश का असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक कम हो सकता है।
✓
-
C.
असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक केवल आय के वितरण पर निर्भर करता है।
-
D.
यदि किसी देश की आय असमानता कम है, तो उसका असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक अनिवार्य रूप से उसके मानव विकास सूचकांक से अधिक होगा।
सही उत्तर:
B
— समान औसत मानव विकास के बावजूद अधिक असमान वितरण वाले देश का असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक कम हो सकता है।
व्याख्या (Explanation):असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक स्वास्थ्य, शिक्षा और आय में मानव विकास उपलब्धियों के वितरण को ध्यान में रखता है। इसलिए समान औसत उपलब्धियों वाले देशों में वितरण की असमानता अलग होने पर समायोजित परिणाम अलग हो सकते हैं। अधिक असमानता सामान्यतः समायोजित उपलब्धि में अधिक हानि पैदा करती है।
प्रश्न 86: मानव विकास सूचकांक और असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक के बीच संबंध के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) पहला औसत मानव विकास उपलब्धियों को मापता है। (2) दूसरा इन उपलब्धियों के वितरण में असमानता के प्रभाव को भी समाहित करता है। (3) पूर्ण समानता की स्थिति में दोनों के मान के बीच अंतर अधिकतम हो जाता है।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 1 और 3
-
C.
केवल 2 और 3
-
D.
केवल 1 और 2
✓
सही उत्तर:
D
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):कथन 1 और 2 सही हैं। मानव विकास सूचकांक औसत उपलब्धियों का सारांश है, जबकि असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक वितरण में असमानता को भी ध्यान में रखता है। कथन 3 गलत है; पूर्ण समानता की स्थिति में असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक और सामान्य मानव विकास सूचकांक समान हो सकते हैं।
प्रश्न 87: यदि किसी देश में बहुआयामी रूप से गरीब लोगों की संख्या में कमी आती है, लेकिन जो लोग अभी भी गरीब हैं उनकी औसत वंचना लगभग समान रहती है, तो निम्नलिखित में से कौन-सा परिवर्तन सबसे संभावित है?
-
A.
गरीबी की तीव्रता बढ़ेगी, पर व्यापकता समान रहेगी।
-
B.
व्यापकता और तीव्रता दोनों अनिवार्य रूप से बढ़ेंगी।
-
C.
गरीबी की व्यापकता घट सकती है, जबकि गरीबी की तीव्रता में बहुत कम परिवर्तन हो सकता है।
✓
-
D.
बहुआयामी गरीबी का मापन संभव नहीं रहेगा।
सही उत्तर:
C
— गरीबी की व्यापकता घट सकती है, जबकि गरीबी की तीव्रता में बहुत कम परिवर्तन हो सकता है।
व्याख्या (Explanation):गरीबी की व्यापकता गरीब व्यक्तियों की संख्या या अनुपात से संबंधित है। यदि गरीब लोगों की संख्या घटती है, तो व्यापकता कम हो सकती है। लेकिन शेष गरीब व्यक्तियों द्वारा अनुभव की जाने वाली औसत वंचना समान रहने पर तीव्रता लगभग अपरिवर्तित रह सकती है। भारत के राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक में भी व्यापकता, तीव्रता और दोनों के गुणनफल के रूप में सूचकांक को देखा जाता है।
प्रश्न 88: मानव विकास सूचकांक की तुलना में बहुआयामी गरीबी सूचकांक को समझने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे अधिक उपयुक्त है?
-
A.
दोनों केवल आय के वितरण को मापते हैं।
-
B.
पहला औसत मानव विकास उपलब्धियों पर केंद्रित है, जबकि दूसरा अनेक वंचनाओं के अनुभव को पहचानने का प्रयास करता है।
✓
-
C.
पहला केवल गरीबी को मापता है, जबकि दूसरा केवल आर्थिक वृद्धि को।
-
D.
दोनों की अवधारणा और उद्देश्य समान हैं, केवल नाम अलग हैं।
सही उत्तर:
B
— पहला औसत मानव विकास उपलब्धियों पर केंद्रित है, जबकि दूसरा अनेक वंचनाओं के अनुभव को पहचानने का प्रयास करता है।
व्याख्या (Explanation):मानव विकास सूचकांक किसी देश की औसत मानव विकास उपलब्धियों का सारांश देता है। बहुआयामी गरीबी सूचकांक दूसरी दिशा से गरीबी को देखता है और यह पहचानने का प्रयास करता है कि लोग स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर जैसे क्षेत्रों में कितनी वंचनाओं का सामना कर रहे हैं।
प्रश्न 89: लैंगिक असमानता सूचकांक के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सही है?
-
A.
इसका उच्च मान बेहतर लैंगिक समानता दर्शाता है।
-
B.
यह केवल महिलाओं की शिक्षा में उपलब्धि को मापता है।
-
C.
यह केवल पुरुषों की सामाजिक उपलब्धियों को मापता है।
-
D.
इसका निम्न मान कम लैंगिक असमानता का संकेत देता है।
✓
सही उत्तर:
D
— इसका निम्न मान कम लैंगिक असमानता का संकेत देता है।
व्याख्या (Explanation):लैंगिक असमानता सूचकांक में निम्न मान बेहतर स्थिति को दर्शाता है, अर्थात महिलाओं और पुरुषों के बीच लैंगिक असमानता अपेक्षाकृत कम है। इसके अंतर्गत प्रजनन स्वास्थ्य, सशक्तिकरण और श्रम बाजार के आयाम आते हैं।
प्रश्न 90: लैंगिक विकास सूचकांक और लैंगिक असमानता सूचकांक के बीच अंतर को समझने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त है?
-
A.
लैंगिक विकास सूचकांक महिला और पुरुषों की मानव विकास उपलब्धियों में अंतर पर केंद्रित है, जबकि लैंगिक असमानता सूचकांक लैंगिक असमानता से उत्पन्न वंचनाओं के व्यापक आयामों को मापता है।
✓
-
B.
दोनों सूचकांक केवल महिला श्रम भागीदारी को मापते हैं।
-
C.
लैंगिक विकास सूचकांक केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व को मापता है, जबकि लैंगिक असमानता सूचकांक केवल स्वास्थ्य को।
-
D.
दोनों सूचकांक समान संकेतकों और समान पद्धति से तैयार किए जाते हैं।
सही उत्तर:
A
— लैंगिक विकास सूचकांक महिला और पुरुषों की मानव विकास उपलब्धियों में अंतर पर केंद्रित है, जबकि लैंगिक असमानता सूचकांक लैंगिक असमानता से उत्पन्न वंचनाओं के व्यापक आयामों को मापता है।
व्याख्या (Explanation):लैंगिक विकास सूचकांक महिला और पुरुषों की मानव विकास उपलब्धियों की तुलना करता है। दूसरी ओर, लैंगिक असमानता सूचकांक प्रजनन स्वास्थ्य, सशक्तिकरण और श्रम बाजार जैसे तीन आयामों में लैंगिक नुकसान को मापता है। इसलिए दोनों का उद्देश्य और संरचना समान नहीं है।
प्रश्न 91: भारत के राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक में वैश्विक ढाँचे की तुलना में राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप अतिरिक्त संकेतकों को सम्मिलित किया गया है। निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म ऐसे अतिरिक्त संकेतकों को सही रूप से दर्शाता है?
-
A.
पोषण और विद्युत
-
B.
स्वच्छता और आवास
-
C.
मातृ स्वास्थ्य और बैंक खाता
✓
-
D.
पेयजल और विद्यालयी उपस्थिति
सही उत्तर:
C
— मातृ स्वास्थ्य और बैंक खाता
व्याख्या (Explanation):भारत के राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक ने वैश्विक ढाँचे के दस मूल संकेतकों के साथ दो अतिरिक्त संकेतक—मातृ स्वास्थ्य और बैंक खाता—जोड़े। इस प्रकार कुल बारह संकेतक बने।
प्रश्न 92: भारत के राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक की संरचना के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सही है?
-
A.
चार आयामों को समान भार दिया गया है।
-
B.
स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर तीन समान भार वाले आयाम हैं।
✓
-
C.
केवल स्वास्थ्य और शिक्षा को भार दिया गया है।
-
D.
आय को स्वतंत्र चौथे आयाम के रूप में सम्मिलित किया गया है।
सही उत्तर:
B
— स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर तीन समान भार वाले आयाम हैं।
व्याख्या (Explanation):भारत के राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक में स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर तीन आयाम हैं तथा प्रत्येक आयाम को एक-तिहाई भार दिया गया है। इन तीनों आयामों के अंतर्गत कुल बारह संकेतक हैं।
प्रश्न 93: बहुआयामी गरीबी सूचकांक के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) यह किसी व्यक्ति या परिवार की एकाधिक वंचनाओं को एक साथ देखने का प्रयास करता है। (2) इसमें केवल आय की कमी को गरीबी की पहचान के लिए पर्याप्त माना जाता है। (3) इसकी अवधारणा गरीबी की व्यापकता और गरीबी की तीव्रता, दोनों को समझने में सहायक है।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 2
-
D.
केवल 1 और 3
✓
सही उत्तर:
D
— केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):कथन 1 सही है क्योंकि बहुआयामी गरीबी विभिन्न आयामों में वंचनाओं को संयुक्त रूप से देखती है। कथन 2 गलत है क्योंकि यह केवल आय-आधारित दृष्टिकोण तक सीमित नहीं है। कथन 3 सही है क्योंकि बहुआयामी गरीबी के विश्लेषण में गरीब लोगों की संख्या तथा उनके द्वारा अनुभव की जाने वाली औसत वंचना दोनों महत्त्वपूर्ण हैं।
प्रश्न 94: दो देशों ‘क’ और ‘ख’ का मानव विकास सूचकांक समान है। देश ‘क’ में मानव विकास की उपलब्धियाँ अपेक्षाकृत समान रूप से वितरित हैं, जबकि देश ‘ख’ में उपलब्धियों का वितरण अधिक असमान है। असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक के संदर्भ में कौन-सा निष्कर्ष अधिक उपयुक्त है?
-
A.
देश ‘क’ का असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक देश ‘ख’ से अधिक हो सकता है।
✓
-
B.
दोनों देशों का असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक अनिवार्य रूप से समान होगा।
-
C.
देश ‘ख’ का असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक अधिक होगा क्योंकि उसकी असमानता अधिक है।
-
D.
दोनों देशों के सामान्य मानव विकास सूचकांक समान होने पर असमानता का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
सही उत्तर:
A
— देश ‘क’ का असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक देश ‘ख’ से अधिक हो सकता है।
व्याख्या (Explanation):सामान्य मानव विकास सूचकांक औसत उपलब्धियों को दर्शाता है, जबकि असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक उपलब्धियों के वितरण में असमानता को भी ध्यान में रखता है। समान औसत उपलब्धि के बावजूद अधिक असमानता वाले देश का समायोजित मान कम हो सकता है।
प्रश्न 95: किसी देश के संबंध में निम्नलिखित स्थिति पर विचार कीजिए— प्रति व्यक्ति आय अपेक्षाकृत उच्च है, जीवन प्रत्याशा अपेक्षाकृत कम है और औसत स्कूली शिक्षा के वर्ष भी कम हैं। मानव विकास सूचकांक की संरचना के आधार पर निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सर्वाधिक उचित है?
-
A.
उच्च आय के कारण देश का मानव विकास सूचकांक अनिवार्य रूप से उच्च होगा।
-
B.
केवल शिक्षा में सुधार करने से आय और स्वास्थ्य की स्थिति अप्रासंगिक हो जाएगी।
-
C.
उच्च आय के बावजूद कमजोर स्वास्थ्य और शिक्षा उपलब्धियाँ समग्र मानव विकास सूचकांक को सीमित कर सकती हैं।
✓
-
D.
मानव विकास सूचकांक में आय को सम्मिलित नहीं किया जाता।
सही उत्तर:
C
— उच्च आय के बावजूद कमजोर स्वास्थ्य और शिक्षा उपलब्धियाँ समग्र मानव विकास सूचकांक को सीमित कर सकती हैं।
व्याख्या (Explanation):मानव विकास सूचकांक स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर की उपलब्धियों को संयुक्त रूप से मापता है। इसलिए किसी एक आयाम में उच्च उपलब्धि अन्य आयामों की अत्यंत कमजोर उपलब्धि की पूरी भरपाई नहीं करती। उच्च आय के बावजूद कमजोर स्वास्थ्य एवं शिक्षा के कारण मानव विकास सूचकांक अपेक्षाकृत कम हो सकता है।
प्रश्न 96: बहुआयामी गरीबी के संदर्भ में ‘गरीबी की तीव्रता’ से क्या अभिप्राय है?
-
A.
बहुआयामी रूप से गरीब व्यक्तियों द्वारा सामना की जा रही औसत भारित वंचनाओं का अनुपात
✓
-
B.
गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या
-
C.
किसी देश की कुल जनसंख्या में गरीब व्यक्तियों का प्रतिशत
-
D.
गरीब परिवारों की औसत आय में कमी
सही उत्तर:
A
— बहुआयामी रूप से गरीब व्यक्तियों द्वारा सामना की जा रही औसत भारित वंचनाओं का अनुपात
व्याख्या (Explanation):बहुआयामी गरीबी में गरीबी की व्यापकता यह बताती है कि कितने लोग बहुआयामी रूप से गरीब हैं, जबकि गरीबी की तीव्रता यह बताती है कि गरीब व्यक्तियों को औसतन कितनी भारित वंचनाओं का सामना करना पड़ता है। बहुआयामी गरीबी सूचकांक इन दोनों को संयुक्त रूप से प्रतिबिंबित करता है।
प्रश्न 97: भारत के राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
-
A.
इसमें केवल दो आयाम होते हैं।
-
B.
यह केवल आय और उपभोग पर आधारित है।
-
C.
इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के तीन समान भार वाले आयामों के अंतर्गत बारह संकेतक सम्मिलित हैं।
✓
-
D.
इसमें केवल स्वास्थ्य और पोषण से संबंधित संकेतक होते हैं।
सही उत्तर:
C
— इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के तीन समान भार वाले आयामों के अंतर्गत बारह संकेतक सम्मिलित हैं।
व्याख्या (Explanation):भारत के राष्ट्रीय बहुआयामी गरीबी सूचकांक में तीन समान भार वाले आयाम—स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर—हैं तथा इनके अंतर्गत बारह संकेतक सम्मिलित किए गए हैं। राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए वैश्विक ढाँचे में दो अतिरिक्त संकेतक जोड़े गए हैं।
प्रश्न 98: वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक में निम्नलिखित में से कौन-सा समूह उसके तीन प्रमुख आयामों को सही ढंग से दर्शाता है?
-
A.
स्वास्थ्य, रोजगार, पर्यावरण
-
B.
स्वास्थ्य, शिक्षा, जीवन स्तर
✓
-
C.
आय, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा
-
D.
शिक्षा, आय, राजनीतिक भागीदारी
सही उत्तर:
B
— स्वास्थ्य, शिक्षा, जीवन स्तर
व्याख्या (Explanation):वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक के तीन प्रमुख आयाम स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर हैं। इन आयामों के अंतर्गत अनेक संकेतकों के माध्यम से वंचनाओं को मापा जाता है।
प्रश्न 99: बहुआयामी गरीबी सूचकांक की मूल अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
-
A.
यह गरीबी को केवल आय के आधार पर मापता है।
-
B.
यह केवल रोजगार की उपलब्धता को मापता है।
-
C.
यह केवल स्वास्थ्य संबंधी वंचनाओं को मापता है।
-
D.
यह स्वास्थ्य, शिक्षा तथा जीवन स्तर से संबंधित अनेक वंचनाओं को संयुक्त रूप से देखता है।
✓
सही उत्तर:
D
— यह स्वास्थ्य, शिक्षा तथा जीवन स्तर से संबंधित अनेक वंचनाओं को संयुक्त रूप से देखता है।
व्याख्या (Explanation):वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक गरीबी को केवल मौद्रिक आय से नहीं देखता। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के विभिन्न संकेतकों में वंचनाओं को संयुक्त रूप से मापा जाता है।
प्रश्न 100: असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक का मुख्य उद्देश्य क्या है?
-
A.
केवल आय असमानता को मापना
-
B.
केवल महिला-पुरुष असमानता को मापना
-
C.
मानव विकास की औसत उपलब्धियों को उनके वितरण में मौजूद असमानता के संदर्भ में समायोजित करना
✓
-
D.
केवल गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली जनसंख्या को मापना
सही उत्तर:
C
— मानव विकास की औसत उपलब्धियों को उनके वितरण में मौजूद असमानता के संदर्भ में समायोजित करना
व्याख्या (Explanation):असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक मानव विकास सूचकांक के प्रत्येक आयाम में उपलब्धियों के वितरण को ध्यान में रखता है। असमानता बढ़ने पर समायोजित मानव विकास सूचकांक सामान्य मानव विकास सूचकांक से नीचे चला जाता है। पूर्ण समानता की स्थिति में दोनों का मान समान हो सकता है।
प्रश्न 101: यदि दो देशों की प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय समान है, लेकिन एक देश स्वास्थ्य और शिक्षा में दूसरे से बेहतर प्रदर्शन करता है, तो मानव विकास सूचकांक के संदर्भ में क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है?
-
A.
दोनों देशों का मानव विकास सूचकांक अनिवार्य रूप से समान होगा।
✓
-
B.
अधिक आय वाला देश ही अनिवार्य रूप से आगे रहेगा।
-
C.
केवल स्वास्थ्य उपलब्धि मानव विकास सूचकांक निर्धारित करेगी।
-
D.
बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा उपलब्धियों वाला देश अधिक मानव विकास सूचकांक प्राप्त कर सकता है।
सही उत्तर:
A
— दोनों देशों का मानव विकास सूचकांक अनिवार्य रूप से समान होगा।
व्याख्या (Explanation):मानव विकास सूचकांक केवल आय पर आधारित नहीं है। स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर तीनों आयाम संयुक्त रूप से सूचकांक निर्धारित करते हैं। इसलिए समान आय वाले देशों के मानव विकास परिणाम अलग हो सकते हैं।
प्रश्न 102: मानव विकास सूचकांक के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) इसके तीन आयामों को मिलाकर अंतिम सूचकांक तैयार किया जाता है। (2) वर्तमान पद्धति में इन आयामों के सूचकांकों का ज्यामितीय माध्य लिया जाता है। (3) किसी एक आयाम में बहुत कम उपलब्धि को दूसरे आयाम में उच्च उपलब्धि द्वारा पूरी तरह संतुलित किया जा सकता है।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
केवल 1 और 2
✓
सही उत्तर:
D
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):कथन 1 सही है क्योंकि मानव विकास सूचकांक स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर के तीन आयामों को सम्मिलित करता है। कथन 2 सही है क्योंकि वर्तमान पद्धति में ज्यामितीय माध्य का प्रयोग होता है। कथन 3 गलत है क्योंकि ज्यामितीय माध्य किसी एक आयाम में कमजोर प्रदर्शन को दूसरे आयाम में उच्च प्रदर्शन से पूरी तरह समाप्त नहीं होने देता।
प्रश्न 103: मानव विकास सूचकांक में जीवन स्तर के आयाम को मापने के लिए निम्नलिखित में से किसका प्रयोग किया जाता है?
-
A.
सकल घरेलू उत्पाद प्रति व्यक्ति
-
B.
सकल राष्ट्रीय आय प्रति व्यक्ति
✓
-
C.
शुद्ध राष्ट्रीय आय प्रति व्यक्ति
-
D.
घरेलू उपभोग व्यय प्रति व्यक्ति
सही उत्तर:
B
— सकल राष्ट्रीय आय प्रति व्यक्ति
व्याख्या (Explanation):मानव विकास सूचकांक के जीवन स्तर आयाम में सकल राष्ट्रीय आय प्रति व्यक्ति का प्रयोग किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय तुलना के लिए इसे क्रय शक्ति समता के आधार पर व्यक्त किया जाता है। आय के प्रभाव को कम करने के लिए आय के लघुगणकीय रूप का प्रयोग किया जाता है।
प्रश्न 104: मानव विकास सूचकांक में शिक्षा आयाम को समझने के लिए निम्नलिखित में से किन संकेतकों का प्रयोग किया जाता है?
-
A.
साक्षरता दर और विद्यालयों की संख्या
-
B.
विद्यालयी उपस्थिति और शिक्षक-छात्र अनुपात
-
C.
वयस्कों के औसत स्कूली शिक्षा वर्ष तथा बच्चों के अपेक्षित स्कूली शिक्षा वर्ष
✓
-
D.
उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात तथा साक्षरता दर
सही उत्तर:
C
— वयस्कों के औसत स्कूली शिक्षा वर्ष तथा बच्चों के अपेक्षित स्कूली शिक्षा वर्ष
व्याख्या (Explanation):मानव विकास सूचकांक के शिक्षा आयाम में वयस्कों के औसत स्कूली शिक्षा वर्ष तथा विद्यालय में प्रवेश की आयु के बच्चों के अपेक्षित स्कूली शिक्षा वर्ष को सम्मिलित किया जाता है।
प्रश्न 105: मानव विकास सूचकांक के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
-
A.
यह मानव विकास को केवल प्रति व्यक्ति आय के आधार पर मापता है।
✓
-
B.
यह केवल स्वास्थ्य और शिक्षा को सम्मिलित करता है।
-
C.
यह स्वास्थ्य, शिक्षा तथा सम्मानजनक जीवन स्तर से संबंधित उपलब्धियों का संयुक्त मापन करता है।
-
D.
यह केवल आर्थिक असमानता को मापने वाला सूचकांक है।
सही उत्तर:
A
— यह मानव विकास को केवल प्रति व्यक्ति आय के आधार पर मापता है।
व्याख्या (Explanation):मानव विकास सूचकांक मानव विकास के तीन मूल आयामों—दीर्घ एवं स्वस्थ जीवन, ज्ञान तथा सम्मानजनक जीवन स्तर—में औसत उपलब्धि को मापता है। जीवन स्तर के लिए सकल राष्ट्रीय आय प्रति व्यक्ति का प्रयोग किया जाता है। इसलिए केवल आय को मानव विकास का पर्याय मानना उचित नहीं है।
प्रश्न 106: कथन (A): वैश्विक भूख सूचकांक में केवल अल्पपोषण की दर देखकर किसी देश की समग्र भूख स्थिति का पूर्ण निर्णय किया जा सकता है। कारण (R): वैश्विक भूख सूचकांक चार संकेतकों को मिलाकर भूख की बहुआयामी प्रकृति को पकड़ने का प्रयास करता है।
-
A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
-
B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
-
D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
✓
सही उत्तर:
D
— कथन गलत है पर कारण सही है।
व्याख्या (Explanation):कथन गलत है। अल्पपोषण केवल चार घटकों में से एक है। बाल अवरुद्ध वृद्धि, बाल दुर्बलता और बाल मृत्यु दर भी अंतिम वैश्विक भूख सूचकांक में शामिल होते हैं। इसलिए किसी एक घटक के आधार पर समग्र स्थिति का पूर्ण आकलन नहीं किया जा सकता।
प्रश्न 107: कथन (A): किसी देश में मानव विकास सूचकांक बढ़ने के बावजूद असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक में सुधार अपेक्षाकृत कम हो सकता है। कारण (R): सामान्य मानव विकास सूचकांक औसत उपलब्धियों में बदलाव को दर्शाता है, जबकि असमानता-समायोजित सूचकांक उपलब्धियों के वितरण में असमानता का प्रभाव भी समाहित करता है।
-
A.
कथन सही है पर कारण गलत है।
-
B.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
-
C.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
B
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):दोनों सही हैं। यदि औसत उपलब्धियाँ सुधरती हैं लेकिन उपलब्धियों का वितरण असमान बना रहता है या असमानता बढ़ती है, तो सामान्य मानव विकास सूचकांक में सुधार असमानता-समायोजित सूचकांक में अपेक्षाकृत कम दिखाई दे सकता है।
प्रश्न 108: कथन (A): किसी सूचकांक की उच्च रैंकिंग को बिना उसकी पद्धति जाने नीति-उपलब्धि का पूर्ण प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए। कारण (R): अलग-अलग सूचकांक अलग उद्देश्य, संकेतक, भार और मापन पद्धति का प्रयोग कर सकते हैं तथा एक ही देश की स्थिति अलग सूचकांकों में अलग दिखाई दे सकती है।
-
A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
-
D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):किसी सूचकांक की रैंक केवल उस विशिष्ट सूचकांक द्वारा मापे गए आयामों के संदर्भ में अर्थपूर्ण होती है। उदाहरण के लिए मानव विकास, लैंगिक असमानता, भूख और खाद्य सुरक्षा अलग-अलग पहलुओं पर केंद्रित हैं। इसलिए रैंक की व्याख्या उसकी कार्यप्रणाली के साथ ही करनी चाहिए।
प्रश्न 109: कथन (A): लैंगिक असमानता सूचकांक में महिलाओं की उपलब्धियों में सुधार होने पर सूचकांक का मान अनिवार्य रूप से उसी अनुपात में घटेगा। कारण (R): लैंगिक असमानता सूचकांक तीन आयामों में महिला और पुरुष उपलब्धियों से संबंधित असमानता को संयुक्त रूप से मापता है।
-
A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
-
B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन गलत है पर कारण सही है।
✓
-
D.
कथन सही है पर कारण गलत है।
सही उत्तर:
C
— कथन गलत है पर कारण सही है।
व्याख्या (Explanation):कारण सही है, लेकिन कथन अत्यधिक निश्चित है। किसी एक उपलब्धि में सुधार का प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि अन्य आयामों में महिला-पुरुष के बीच अंतर कितना है। सूचकांक तीन आयामों—प्रजनन स्वास्थ्य, सशक्तिकरण और श्रम बाजार—को संयुक्त रूप से समाहित करता है। इसलिए एक आयाम में सुधार से समग्र सूचकांक में समान अनुपात का परिवर्तन आवश्यक नहीं है।
प्रश्न 110: कथन (A): लैंगिक असमानता सूचकांक का मान शून्य के निकट होना बेहतर लैंगिक स्थिति को दर्शाता है। कारण (R): लैंगिक असमानता सूचकांक में शून्य महिला और पुरुषों के बीच मापी गई असमानता के अभाव का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि मान बढ़ने पर असमानता बढ़ती है।
-
A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
-
D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):लैंगिक असमानता सूचकांक की दिशा वैश्विक भूख सूचकांक जैसी नहीं, लेकिन निष्कर्ष का सिद्धांत समान रूप से महत्त्वपूर्ण है—कम मान बेहतर स्थिति दर्शाता है। सूचकांक शून्य से एक के बीच होता है; शून्य पूर्ण समानता का प्रतिनिधित्व करता है।
प्रश्न 111: कथन (A): वैश्विक भूख सूचकांक में अल्पपोषण का संकेतक केवल बच्चों की स्थिति को दर्शाता है। कारण (R): अल्पपोषण का संकेतक पूरी जनसंख्या में अपर्याप्त कैलोरी सेवन से संबंधित है, जबकि अन्य तीन संकेतक विशेष रूप से बच्चों से संबंधित हैं।
-
A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
-
B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
-
D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
✓
सही उत्तर:
D
— कथन गलत है पर कारण सही है।
व्याख्या (Explanation):कथन गलत है और कारण सही है। वैश्विक भूख सूचकांक में अल्पपोषण पूरी जनसंख्या से संबंधित संकेतक है। इसके विपरीत बाल अवरुद्ध वृद्धि, बाल दुर्बलता और बाल मृत्यु दर बच्चों की स्थिति पर केंद्रित हैं।
प्रश्न 112: कथन (A): वैश्विक भूख सूचकांक में बाल अवरुद्ध वृद्धि और बाल दुर्बलता को अलग-अलग रखना केवल सांख्यिकीय पुनरावृत्ति नहीं है। कारण (R): बाल अवरुद्ध वृद्धि दीर्घकालिक कुपोषण और बाल दुर्बलता तीव्र कुपोषण को प्रतिबिंबित करती है।
-
A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
-
D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):दोनों संकेतक बच्चों की पोषण स्थिति के अलग पहलुओं को पकड़ते हैं। अवरुद्ध वृद्धि कम ऊँचाई-के-लिए-आयु से जुड़ी है और दीर्घकालिक कुपोषण को प्रतिबिंबित करती है, जबकि दुर्बलता कम वजन-के-लिए-ऊँचाई से संबंधित है और तीव्र कुपोषण को दर्शाती है। इसलिए दोनों का अलग-अलग होना अवधारणात्मक रूप से आवश्यक है।
प्रश्न 113: कथन (A): वैश्विक भूख सूचकांक को खाद्य सुरक्षा का पूर्ण और सर्वसमावेशी सूचकांक मानना उचित नहीं है। कारण (R): वैश्विक भूख सूचकांक मुख्यतः अल्पपोषण, बाल अवरुद्ध वृद्धि, बाल दुर्बलता और बाल मृत्यु दर के माध्यम से भूख और कुपोषण के परिणामों को मापता है, जबकि खाद्य सुरक्षा का दायरा इससे व्यापक हो सकता है।
-
A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
-
D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):वैश्विक भूख सूचकांक का केंद्र भूख और अल्पपोषण के परिणाम हैं। इसके चार घटक पोषण-संबंधी स्थिति के महत्वपूर्ण पक्षों को मापते हैं, लेकिन खाद्य सुरक्षा में उपलब्धता, सामर्थ्य, पहुँच, गुणवत्ता, सुरक्षा तथा स्थिरता जैसे व्यापक पक्ष भी शामिल हो सकते हैं। इसलिए दोनों अवधारणाओं को समान नहीं माना जा सकता।
प्रश्न 114: कथन (A): वैश्विक भूख सूचकांक के विभिन्न वर्षों के अंकों की सीधे तुलना करना हमेशा उचित नहीं होता। कारण (R): सूचकांक के आँकड़ों और पद्धति में समय के साथ संशोधन हो सकते हैं, जिससे अलग-अलग वर्षों की प्रकाशित गणनाएँ पूरी तरह तुलनीय नहीं रह सकतीं।
-
A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
-
D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):वैश्विक भूख सूचकांक के वर्तमान पद्धति संबंधी निर्देशों के अनुसार प्रकाशित आँकड़ों में समय-समय पर मूल स्रोतों के संशोधन और पद्धति में परिवर्तन हो सकते हैं। इसलिए अलग-अलग संस्करणों के अंकों या क्रम को सीधे तुलना करके समय के साथ वास्तविक बदलाव का निष्कर्ष निकालना भ्रामक हो सकता है। वर्तमान संस्करण में विशेष रूप से २०००, २००८, २०१६ और २०२५ को तुलनीय संदर्भ वर्षों के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
प्रश्न 115: कथन (A): वैश्विक भूख सूचकांक में किसी देश का अंक कम होना बेहतर पोषण एवं भूख की स्थिति को दर्शाता है। कारण (R): इस सूचकांक में शून्य सर्वोत्तम संभावित स्थिति को दर्शाता है, जबकि अंक बढ़ने के साथ भूख की गंभीरता बढ़ती है।
-
A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
-
D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):कथन और कारण दोनों सही हैं। वैश्विक भूख सूचकांक शून्य से सौ के पैमाने पर व्यक्त किया जाता है, जिसमें कम अंक बेहतर स्थिति को दर्शाते हैं। शून्य ऐसी आदर्श स्थिति को दर्शाता है जिसमें चारों घटकों से संबंधित भूख की स्थिति अनुपस्थित हो।
प्रश्न 116: कथन (A): किसी समग्र विकास सूचकांक में सुधार होने पर भी नीतिगत हस्तक्षेप की आवश्यकता बनी रह सकती है। कारण (R): समग्र सूचकांक किसी जटिल सामाजिक वास्तविकता को सीमित संख्या में संकेतकों के माध्यम से संक्षेपित करता है और सभी स्थानीय या समूह-विशिष्ट अंतर को पूरी तरह प्रदर्शित नहीं कर सकता।
-
A.
कथन गलत है पर कारण सही है।
-
B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
-
D.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
सही उत्तर:
D
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):कथन और कारण दोनों सही हैं। सूचकांक नीति निर्माण के लिए उपयोगी सारांश प्रदान करते हैं, लेकिन वे जटिल सामाजिक वास्तविकता को पूरी तरह प्रतिस्थापित नहीं करते। इसलिए किसी सूचकांक में सुधार के साथ-साथ क्षेत्रीय, सामाजिक या समूह-विशिष्ट कमियों को अलग से देखना आवश्यक हो सकता है।
प्रश्न 117: कथन (A): किसी देश की मानव विकास सूचकांक की स्थिति और उसकी बहुआयामी गरीबी की स्थिति में हमेशा विपरीत संबंध पाया जाएगा। कारण (R): मानव विकास सूचकांक औसत उपलब्धियों को मापता है, जबकि बहुआयामी गरीबी सूचकांक विभिन्न वंचनाओं में गरीबी को मापता है।
-
A.
कथन गलत है पर कारण सही है।
✓
-
B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
-
D.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
सही उत्तर:
A
— कथन गलत है पर कारण सही है।
व्याख्या (Explanation):कारण सही है, लेकिन उससे कथन स्वतः सिद्ध नहीं होता। दोनों सूचकांक अलग दृष्टिकोण अपनाते हैं। उच्च औसत मानव विकास और कुछ समूहों में बहुआयामी वंचना एक साथ मौजूद हो सकती है। इसलिए इनके बीच कोई यांत्रिक या अनिवार्य विपरीत संबंध नहीं है।
प्रश्न 118: कथन (A): वैश्विक भूख सूचकांक में बाल अवरुद्ध वृद्धि और बाल दुर्बलता को एक ही संकेतक के रूप में नहीं माना जाता। कारण (R): दोनों अलग-अलग प्रकार की पोषण संबंधी समस्याओं को प्रतिबिंबित करते हैं और उनके समयगत स्वरूप में भी अंतर होता है।
-
A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
कथन सही है पर कारण गलत है।
-
C.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
D.
दोनों गलत हैं।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):बाल अवरुद्ध वृद्धि मुख्यतः दीर्घकालिक या बार-बार होने वाली पोषणीय कमी का संकेत है, जबकि बाल दुर्बलता अपेक्षाकृत तीव्र पोषणीय कमी से संबंधित है। इसलिए दोनों को अलग-अलग संकेतक रखा जाता है।
प्रश्न 119: कथन (A): बहुआयामी गरीबी सूचकांक में किसी व्यक्ति की केवल एक वंचना के आधार पर उसे स्वतः बहुआयामी गरीब घोषित कर दिया जाता है। कारण (R): बहुआयामी गरीबी की पहचान में विभिन्न संकेतकों में वंचनाओं के संयुक्त भार और निर्धारित गरीबी सीमा का उपयोग किया जाता है।
-
A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
-
B.
कथन सही है पर कारण गलत है।
-
C.
दोनों गलत हैं।
-
D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
✓
सही उत्तर:
D
— कथन गलत है पर कारण सही है।
व्याख्या (Explanation):कथन गलत है। बहुआयामी गरीबी की पहचान केवल किसी एक वंचना की उपस्थिति से नहीं होती। विभिन्न संकेतकों में वंचनाओं को उनके भार के साथ जोड़ा जाता है और निर्धारित सीमा के आधार पर व्यक्ति या परिवार की बहुआयामी गरीबी की स्थिति निर्धारित की जाती है।
प्रश्न 120: कथन (A): किसी देश में खाद्य की उपलब्धता बढ़ने के बावजूद खाद्य सुरक्षा में अपेक्षित सुधार नहीं हो सकता। कारण (R): खाद्य सुरक्षा का संबंध खाद्य की उपलब्धता के अतिरिक्त उसकी सामर्थ्य, पहुँच, गुणवत्ता तथा अन्य संबंधित परिस्थितियों से भी है।
-
A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
-
D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):खाद्य सुरक्षा केवल कुल खाद्य उपलब्धता का प्रश्न नहीं है। यदि भोजन महँगा हो, लोगों की क्रय क्षमता कम हो, भौतिक पहुँच बाधित हो या भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा कमजोर हो, तो पर्याप्त उपलब्धता के बावजूद खाद्य सुरक्षा में कमी रह सकती है।
प्रश्न 121: कथन (A): लैंगिक विकास सूचकांक और लैंगिक असमानता सूचकांक को किसी देश की लैंगिक स्थिति का समान मापन नहीं माना जाना चाहिए। कारण (R): लैंगिक विकास सूचकांक महिला और पुरुष मानव विकास उपलब्धियों की तुलना करता है, जबकि लैंगिक असमानता सूचकांक लैंगिक असमानता से संबंधित विशिष्ट आयामों में महिलाओं को होने वाले नुकसान को मापता है।
-
A.
कथन गलत है पर कारण सही है।
-
B.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
-
C.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
D.
कथन सही है पर कारण गलत है।
सही उत्तर:
B
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):दोनों सूचकांक लैंगिक स्थिति से संबंधित हैं, लेकिन उनकी संरचना और दृष्टिकोण अलग हैं। लैंगिक विकास सूचकांक महिला और पुरुषों के मानव विकास स्तरों की तुलना करता है, जबकि लैंगिक असमानता सूचकांक प्रजनन स्वास्थ्य, सशक्तिकरण तथा श्रम बाजार से संबंधित लैंगिक नुकसान को देखता है।
प्रश्न 122: कथन (A): मानव विकास सूचकांक में सुधार होने पर किसी देश में मानव विकास से संबंधित प्रत्येक समूह की स्थिति में समान सुधार हुआ है, ऐसा निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। कारण (R): मानव विकास सूचकांक एक समग्र औसत मापन है और यह उपलब्धियों के आंतरिक वितरण में मौजूद असमानताओं को प्रत्यक्ष रूप से नहीं दर्शाता।
-
A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन गलत है पर कारण सही है।
-
D.
कथन सही है पर कारण गलत है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):मानव विकास सूचकांक समग्र औसत उपलब्धि का सारांश देता है। इसलिए इसके बढ़ने से यह स्वतः सिद्ध नहीं होता कि समाज के सभी समूहों को समान लाभ मिला है। वितरणात्मक अंतर को समझने के लिए असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक जैसी अवधारणाएँ अधिक उपयोगी हो सकती हैं।
प्रश्न 123: कथन (A): वैश्विक भूख सूचकांक और वैश्विक खाद्य सुरक्षा सूचकांक एक ही अवधारणा को मापने वाले समान सूचकांक हैं। कारण (R): दोनों सूचकांकों में खाद्य उपलब्धता, पोषण, पहुँच और गुणवत्ता से संबंधित सभी संकेतकों का समान संयोजन किया जाता है।
-
A.
कथन गलत है पर कारण सही है।
✓
-
B.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
-
C.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
D.
कथन सही है पर कारण गलत है।
सही उत्तर:
A
— कथन गलत है पर कारण सही है।
व्याख्या (Explanation):कथन गलत है। दोनों सूचकांक खाद्य और पोषण से संबंधित व्यापक विषयों से जुड़े हैं, लेकिन उनके उद्देश्य, संरचना और संकेतक समान नहीं हैं। वैश्विक भूख सूचकांक भूख और पोषण परिणामों पर केंद्रित है, जबकि वैश्विक खाद्य सुरक्षा सूचकांक खाद्य की सामर्थ्य, उपलब्धता, गुणवत्ता एवं सुरक्षा तथा स्थिरता जैसे व्यापक आयामों को देखता है।
प्रश्न 124: कथन (A): दो देशों में बहुआयामी गरीबी की व्यापकता समान होने पर भी उनकी बहुआयामी गरीबी सूचकांक की स्थिति अलग हो सकती है। कारण (R): बहुआयामी गरीबी सूचकांक केवल गरीब लोगों की संख्या नहीं, बल्कि उनके द्वारा अनुभव की जाने वाली औसत वंचना की तीव्रता को भी सम्मिलित करता है।
-
A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
-
D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):दोनों कथन सही हैं और कारण कथन को स्पष्ट करता है। यदि दो देशों में गरीब लोगों का अनुपात समान है, लेकिन एक देश में गरीब व्यक्तियों को औसतन अधिक वंचनाओं का सामना करना पड़ता है, तो उसकी गरीबी की तीव्रता अधिक होगी और समग्र बहुआयामी गरीबी भी अधिक हो सकती है।
प्रश्न 125: कथन (A): असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक किसी देश के सामान्य मानव विकास सूचकांक से कम हो सकता है, भले ही देश की औसत मानव विकास उपलब्धियाँ ऊँची हों। कारण (R): असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक औसत उपलब्धियों के साथ-साथ उन उपलब्धियों के वितरण में असमानता से होने वाली हानि को भी प्रतिबिंबित करता है।
-
A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
-
D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):कथन और कारण दोनों सही हैं। सामान्य मानव विकास सूचकांक औसत उपलब्धियों को दर्शाता है, जबकि असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक वितरण में असमानता के कारण होने वाली हानि को समाहित करता है। इसलिए औसत उपलब्धि ऊँची होने पर भी असमान वितरण के कारण समायोजित मान कम हो सकता है।
प्रश्न 126: कथन (A): लैंगिक विकास सूचकांक का मान एक के जितना निकट होता है, महिला और पुरुषों के मानव विकास स्तरों के बीच अंतर उतना ही कम होता है। कारण (R): लैंगिक विकास सूचकांक महिला और पुरुषों के मानव विकास सूचकांकों के अनुपात पर आधारित होता है।
-
A.
कथन सही है पर कारण गलत है।
-
B.
कथन गलत है पर कारण सही है।
-
C.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
-
D.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
सही उत्तर:
C
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):लैंगिक विकास सूचकांक महिला और पुरुषों के मानव विकास सूचकांक के अनुपात से लैंगिक अंतर को व्यक्त करता है। अनुपात एक के जितना निकट होता है, मानव विकास उपलब्धियों में लैंगिक अंतर उतना ही कम होता है।
प्रश्न 127: कथन (A): सतत विकास का मूल्यांकन केवल वर्तमान आर्थिक वृद्धि के आधार पर किया जा सकता है। कारण (R): सतत विकास आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय आयामों के बीच संतुलन पर बल देता है।
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A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
-
B.
कथन गलत है पर कारण सही है।
✓
-
C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
-
D.
दोनों गलत हैं।
सही उत्तर:
B
— कथन गलत है पर कारण सही है।
व्याख्या (Explanation):कथन गलत है क्योंकि सतत विकास केवल वर्तमान आर्थिक वृद्धि तक सीमित नहीं है। कारण सही है। सतत विकास में आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक समावेशन तथा पर्यावरणीय स्थिरता को भी महत्व दिया जाता है।
प्रश्न 128: कथन (A): किसी देश में खाद्य उपलब्धता अधिक होने पर भी खाद्य असुरक्षा का अस्तित्व संभव है। कारण (R): खाद्य सुरक्षा केवल खाद्य की उपलब्धता पर निर्भर नहीं करती, बल्कि लोगों की उस खाद्य तक पहुँच और अन्य आवश्यक परिस्थितियाँ भी महत्त्वपूर्ण हैं।
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A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
-
D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):किसी देश में पर्याप्त खाद्य उत्पादन या उपलब्धता होने के बावजूद कुछ परिवार आर्थिक, भौगोलिक या सामाजिक कारणों से पर्याप्त भोजन तक पहुँच नहीं बना सकते। इसलिए खाद्य उपलब्धता और खाद्य सुरक्षा समान अवधारणाएँ नहीं हैं।
प्रश्न 129: कथन (A): लैंगिक असमानता सूचकांक केवल महिला और पुरुषों की आय में अंतर को मापता है। कारण (R): इसमें स्वास्थ्य, सशक्तिकरण और श्रम बाजार से संबंधित लैंगिक असमानताओं को भी ध्यान में रखा जाता है।
-
A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
-
B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
-
D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
✓
सही उत्तर:
D
— कथन गलत है पर कारण सही है।
व्याख्या (Explanation):कथन गलत है। लैंगिक असमानता सूचकांक केवल आय संबंधी अंतर तक सीमित नहीं है। इसके प्रमुख आयामों में प्रजनन स्वास्थ्य, सशक्तिकरण और श्रम बाजार शामिल हैं।
प्रश्न 130: कथन (A): लैंगिक विकास सूचकांक में महिला और पुरुष मानव विकास उपलब्धियों की तुलना की जाती है। कारण (R): इसका उद्देश्य केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति का स्वतंत्र मापन करना है।
-
A.
कथन सही है पर कारण गलत है।
✓
-
B.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
-
C.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— कथन सही है पर कारण गलत है।
व्याख्या (Explanation):लैंगिक विकास सूचकांक महिला और पुरुषों की मानव विकास उपलब्धियों के बीच अंतर पर केंद्रित है। यह केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति का स्वतंत्र सूचकांक नहीं है।
प्रश्न 131: कथन (A): गरीबी की व्यापकता और गरीबी की तीव्रता एक ही अवधारणा को व्यक्त करती हैं। कारण (R): व्यापकता मुख्यतः यह बताती है कि कितने लोग बहुआयामी रूप से गरीब हैं, जबकि तीव्रता गरीब लोगों द्वारा अनुभव की जाने वाली औसत वंचना को दर्शाती है।
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A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
-
B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
-
D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
✓
सही उत्तर:
D
— कथन गलत है पर कारण सही है।
व्याख्या (Explanation):कथन गलत है क्योंकि व्यापकता और तीव्रता अलग अवधारणाएँ हैं। कारण सही है। व्यापकता गरीब जनसंख्या के अनुपात से संबंधित है, जबकि तीव्रता गरीब व्यक्तियों द्वारा सामना की जाने वाली औसत भारित वंचनाओं से संबंधित है।
प्रश्न 132: कथन (A): बहुआयामी गरीबी में दो परिवार समान आय होने के बावजूद अलग-अलग स्तर की गरीबी का सामना कर सकते हैं। कारण (R): बहुआयामी गरीबी का आकलन आय के अतिरिक्त अनेक वंचनाओं को भी ध्यान में रखता है।
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A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
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B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
-
D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):समान आय वाले परिवारों में शिक्षा, पोषण, आवास, स्वच्छता या अन्य जीवन स्तर संबंधी स्थितियाँ अलग हो सकती हैं। बहुआयामी दृष्टिकोण इन वंचनाओं को पहचानता है।
प्रश्न 133: कथन (A): बहुआयामी गरीबी सूचकांक का प्रयोग मौद्रिक गरीबी के पूरक के रूप में किया जा सकता है। कारण (R): गरीबी केवल आय की कमी तक सीमित नहीं होती, बल्कि अनेक गैर-मौद्रिक वंचनाओं से भी जुड़ी हो सकती है।
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A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
-
D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):बहुआयामी गरीबी शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन स्तर जैसी गैर-मौद्रिक वंचनाओं को भी ध्यान में रखती है। इसलिए यह आय-आधारित गरीबी के साथ गरीबी की अधिक व्यापक तस्वीर प्रदान कर सकती है।
प्रश्न 134: कथन (A): असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक सामान्यतः मानव विकास सूचकांक से अधिक नहीं होता। कारण (R): यह मानव विकास की उपलब्धियों के वितरण में असमानता को ध्यान में रखता है।
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A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
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D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):असमानता-समायोजित मानव विकास सूचकांक औसत उपलब्धि पर असमानता के प्रभाव को शामिल करता है। इसलिए असमानता उपस्थित होने पर समायोजित मान सामान्य मानव विकास सूचकांक से कम होता है। पूर्ण समानता की स्थिति में दोनों समान हो सकते हैं।
प्रश्न 135: कथन (A): समान मानव विकास सूचकांक वाले दो देशों में विकास की आंतरिक संरचना समान होना आवश्यक नहीं है। कारण (R): मानव विकास सूचकांक अनेक आयामों की संयुक्त उपलब्धि को एक समग्र मान में व्यक्त करता है।
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A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
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B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
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C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
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D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):किसी समग्र सूचकांक का समान मान यह आवश्यक नहीं करता कि उसके सभी घटकों का स्तर भी समान हो। एक देश स्वास्थ्य में अपेक्षाकृत बेहतर और दूसरा शिक्षा में बेहतर हो सकता है, फिर भी संयुक्त उपलब्धि का मान समान हो सकता है।
प्रश्न 136: कथन (A): मानव विकास सूचकांक केवल किसी देश की आर्थिक समृद्धि का मापन नहीं करता। कारण (R): मानव विकास सूचकांक में स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर से संबंधित उपलब्धियों को सम्मिलित किया जाता है।
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A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
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B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
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C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
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D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):कथन सही है क्योंकि मानव विकास का आकलन केवल आय से नहीं किया जाता। कारण भी सही है और वही स्पष्ट करता है कि मानव विकास सूचकांक को व्यापक विकास मापन क्यों माना जाता है। इसके प्रमुख आयाम स्वास्थ्य, शिक्षा तथा जीवन स्तर हैं।