UPSC Prelims की तैयारी के लिए सतत विकास (Sustainable Development) के महत्वपूर्ण MCQ हिंदी में हल करें। SDGs, Green Economy, Circular Economy, Renewable Energy, Smart City, EPR, Carbon Footprint, नीति आयोग एवं SDG India Index पर आधारित प्रश्न उत्तर और विस्तृत समाधान।

This quiz contains 162 carefully selected multiple-choice questions (MCQ) with detailed explanations for each answer. Questions cover important topics from Economics.

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सतत विकास (Sustainable Development) MCQ हिंदी में | UPSC Prelims आर्थिक एवं सामाजिक विकास प्रश्न उत्तर

UPSC Prelims की तैयारी के लिए सतत विकास (Sustainable Development) के महत्वपूर्ण MCQ हिंदी में हल करें। SDGs, Green Economy, Circular Economy, Renewable Energy, Smart City, EPR, Carbon Footprint, नीति आयोग एवं SDG India Index पर आधारित प्रश्न उत्तर और विस्तृत समाधान।

📊
Difficulty
Hard
Num Questions
162
Points Per Question
1
⏱️
Time Limit
150 minutes

All MCQ Questions with Answers and Explanations

प्रश्न 1: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) नेट ज़ीरो लक्ष्य की प्राप्ति के लिए केवल नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार पर्याप्त नहीं है। (2) ऊर्जा दक्षता, कार्बन सिंक, स्वच्छ प्रौद्योगिकी तथा व्यवहारगत परिवर्तन भी महत्त्वपूर्ण हैं। (3) नेट ज़ीरो रणनीति में ऊर्जा, उद्योग, परिवहन तथा कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों का योगदान आवश्यक हो सकता है।

  • A. (1), (2) एवं (3)
  • B. केवल (1) एवं (2)
  • C. केवल (2) एवं (3)
  • D. केवल (1) एवं (3)
सही उत्तर: A — (1), (2) एवं (3)
व्याख्या (Explanation):
नेट ज़ीरो एक बहु-क्षेत्रीय रणनीति है जिसमें केवल नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार पर्याप्त नहीं होता। इसके लिए ऊर्जा दक्षता, स्वच्छ प्रौद्योगिकी, कार्बन सिंक, व्यवहारगत परिवर्तन तथा ऊर्जा, उद्योग, परिवहन और कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में समन्वित प्रयास आवश्यक होते हैं।

प्रश्न 2: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) किसी शहर में सार्वजनिक परिवहन का विस्तार प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत को कम करने में सहायक हो सकता है। (2) परिवहन-उन्मुख विकास सतत शहरी विकास की अवधारणा से संबंधित है। (3) निजी वाहनों पर बढ़ती निर्भरता सामान्यतः सतत शहरी गतिशीलता को प्रोत्साहित करती है।

  • A. केवल 1 एवं 2
  • B. केवल 2 एवं 3
  • C. केवल 1 एवं 3
  • D. 1, 2 एवं 3
सही उत्तर: A — केवल 1 एवं 2
व्याख्या (Explanation):
सार्वजनिक परिवहन एवं परिवहन-उन्मुख विकास ऊर्जा दक्षता, भूमि उपयोग की सुव्यवस्था तथा उत्सर्जन में कमी को बढ़ावा देते हैं। इसके विपरीत निजी वाहनों पर अत्यधिक निर्भरता यातायात, प्रदूषण तथा ऊर्जा खपत में वृद्धि कर सतत शहरी गतिशीलता के विपरीत प्रभाव डालती है।

प्रश्न 3: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) ड्रिप सिंचाई सामान्यतः वाष्पीकरण से होने वाली जल हानि को कम करती है। (2) सूक्ष्म सिंचाई सभी क्षेत्रों एवं सभी फसलों के लिए समान रूप से उपयुक्त होती है। (3) जल उपयोग दक्षता बढ़ाना सतत कृषि का एक महत्त्वपूर्ण उद्देश्य है।

  • A. केवल 1 एवं 3
  • B. केवल 2 एवं 3
  • C. केवल 1 एवं 2
  • D. 1, 2 एवं 3
सही उत्तर: A — केवल 1 एवं 3
व्याख्या (Explanation):
ड्रिप सिंचाई में जल सीधे पौधों की जड़ों तक पहुँचाया जाता है, जिससे वाष्पीकरण एवं अपव्यय कम होता है। सूक्ष्म सिंचाई की उपयुक्तता फसल, मिट्टी तथा जलवायु पर निर्भर करती है, इसलिए यह सभी परिस्थितियों के लिए समान रूप से उपयुक्त नहीं होती।

प्रश्न 4: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) कार्बन-तटस्थता तथा नेट ज़ीरो शब्द सदैव पूर्णतः समानार्थी नहीं होते। (2) नेट ज़ीरो की रणनीति में उत्सर्जन में कमी के साथ कार्बन निष्कासन भी सम्मिलित हो सकता है। (3) कार्बन-तटस्थता की दिशा में वास्तविक उत्सर्जन में कमी को सामान्यतः प्राथमिकता दी जाती है।

  • A. 1, 2 एवं 3
  • B. केवल 1 एवं 2
  • C. केवल 2 एवं 3
  • D. केवल 1 एवं 3
सही उत्तर: A — 1, 2 एवं 3
व्याख्या (Explanation):
कार्बन-तटस्थता और नेट ज़ीरो संबंधित किंतु समान अवधारणाएँ नहीं हैं। नेट ज़ीरो में सभी प्रमुख ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में व्यापक कमी के साथ शेष उत्सर्जनों की पूर्ति कार्बन निष्कासन द्वारा की जा सकती है। कार्बन-तटस्थता की दिशा में भी वास्तविक उत्सर्जन में कमी को प्राथमिकता दी जाती है तथा ऑफ़सेट का उपयोग पूरक उपाय के रूप में किया जाता है।

प्रश्न 5: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) रन-ऑफ-द-रिवर जलविद्युत परियोजनाओं में सामान्यतः बड़े जलाशय का निर्माण आवश्यक नहीं होता। (2) लघु जलविद्युत परियोजनाएँ विकेन्द्रीकृत ऊर्जा उपलब्ध कराने में उपयोगी हो सकती हैं। (3) लघु जलविद्युत परियोजनाओं का पर्यावरणीय प्रभाव सामान्यतः बड़े बहुउद्देशीय बाँधों के समान होता है।

  • A. केवल 1 एवं 2
  • B. केवल 2 एवं 3
  • C. केवल 1 एवं 3
  • D. 1, 2 एवं 3
सही उत्तर: A — केवल 1 एवं 2
व्याख्या (Explanation):
रन-ऑफ-द-रिवर परियोजनाएँ सामान्यतः नदी के प्राकृतिक प्रवाह का उपयोग करती हैं और बड़े जलाशय की आवश्यकता नहीं होती। लघु जलविद्युत परियोजनाएँ स्थानीय स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने में सहायक होती हैं तथा उनका पर्यावरणीय प्रभाव सामान्यतः बड़े बाँधों की तुलना में कम होता है।

प्रश्न 6: निम्नलिखित में से कौन-से उपाय किसी क्षेत्र की वहन क्षमता को बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं? (1) प्राकृतिक संसाधनों का सतत उपयोग (2) भूमि उपयोग की वैज्ञानिक योजना (3) जल संरक्षण (4) संसाधनों का अनियंत्रित दोहन

  • A. केवल 1, 2 एवं 3
  • B. केवल 2, 3 एवं 4
  • C. केवल 1 एवं 4
  • D. 1, 2, 3 एवं 4
सही उत्तर: A — केवल 1, 2 एवं 3
व्याख्या (Explanation):
वहन क्षमता किसी क्षेत्र द्वारा प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग की अधिकतम सीमा को दर्शाती है। संसाधनों का वैज्ञानिक प्रबंधन, भूमि उपयोग की उचित योजना तथा जल संरक्षण वहन क्षमता बनाए रखने में सहायक होते हैं, जबकि अनियंत्रित दोहन इसके क्षरण का कारण बनता है।

प्रश्न 7: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) अपतटीय पवन ऊर्जा परियोजनाएँ सामान्यतः स्थलीय पवन ऊर्जा परियोजनाओं की तुलना में अधिक क्षमता गुणांक प्राप्त कर सकती हैं। (2) अपतटीय पवन ऊर्जा परियोजनाओं के विकास में समुद्री पारिस्थितिकी का मूल्यांकन आवश्यक नहीं होता। (3) अपतटीय पवन ऊर्जा विद्युत प्रणाली के कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में योगदान दे सकती है।

  • A. केवल 1 एवं 3
  • B. केवल 2 एवं 3
  • C. केवल 1 एवं 2
  • D. 1, 2 एवं 3
सही उत्तर: A — केवल 1 एवं 3
व्याख्या (Explanation):
अपतटीय क्षेत्रों में पवन की गति अधिक स्थिर एवं तीव्र होने के कारण क्षमता गुणांक सामान्यतः अधिक होता है। ऐसी परियोजनाओं के लिए समुद्री जैव विविधता एवं पारिस्थितिकी का विस्तृत आकलन आवश्यक होता है, जबकि स्वच्छ विद्युत उत्पादन के माध्यम से ये ऊर्जा क्षेत्र के कार्बन उत्सर्जन को कम करने में सहायता करती हैं।

प्रश्न 8: यदि किसी देश में निम्नलिखित स्थिति दिखाई दे, तो यह किस स्थिति का उदाहरण होगा? (1) GDP वृद्धि तेज हो (2) आय असमानता बढ़ रही हो (3) प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन हो रहा हो (4) कार्बन उत्सर्जन बढ़ रहा हो

  • A. सतत विकास
  • B. हरित अर्थव्यवस्था
  • C. समावेशी विकास
  • D. असतत विकास मॉडल
सही उत्तर: D — असतत विकास मॉडल
व्याख्या (Explanation):
केवल GDP वृद्धि सतत विकास का प्रमाण नहीं है। यदि आर्थिक विकास के साथ सामाजिक असमानता और पर्यावरणीय क्षति बढ़ती है, तो वह असतत विकास कहलाता है।

प्रश्न 9: निम्नलिखित में से कौन-सा संकेतक संसाधन उपयोग की दक्षता को बेहतर तरीके से दर्शाता है?

  • A. कुल ऊर्जा उपभोग
  • B. प्रति इकाई GDP पर संसाधन उपयोग
  • C. कुल औद्योगिक उत्पादन
  • D. कुल निर्यात
सही उत्तर: B — प्रति इकाई GDP पर संसाधन उपयोग
व्याख्या (Explanation):
संसाधन दक्षता का आकलन केवल कुल संसाधन उपयोग से नहीं किया जाता, बल्कि यह देखा जाता है कि कितने संसाधनों से कितना आर्थिक उत्पादन प्राप्त हो रहा है।

प्रश्न 10: यदि किसी नीति का उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक समावेशन और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाना हो, तो वह किस दृष्टिकोण पर आधारित होगी?

  • A. एकीकृत सतत विकास योजना
  • B. केवल आर्थिक विकास योजना
  • C. केवल पर्यावरणीय नियंत्रण
  • D. केवल सामाजिक कल्याण योजना
सही उत्तर: A — एकीकृत सतत विकास योजना
व्याख्या (Explanation):
सतत विकास का उद्देश्य आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय तीनों आयामों में संतुलन स्थापित करना है।

प्रश्न 11: प्रकृति आधारित समाधान के संदर्भ में कौन-सा कथन सबसे उपयुक्त है?

  • A. यह केवल वन संरक्षण तक सीमित अवधारणा है।
  • B. इसका उद्देश्य केवल जैव विविधता संरक्षण करना है।
  • C. इसका उपयोग केवल जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए किया जाता है।
  • D. यह प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्रों के संरक्षण, पुनर्स्थापन और सतत प्रबंधन द्वारा सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय समस्याओं का समाधान करने का तरीका है।
सही उत्तर: D — यह प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्रों के संरक्षण, पुनर्स्थापन और सतत प्रबंधन द्वारा सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय समस्याओं का समाधान करने का तरीका है।
व्याख्या (Explanation):
प्रकृति आधारित समाधान एक बहुउद्देश्यीय दृष्टिकोण है, जो जलवायु परिवर्तन से निपटने, जैव विविधता संरक्षण, आपदा जोखिम कम करने, आजीविका सुधार में सहायता करता है।

प्रश्न 12: यदि किसी देश में निम्नलिखित परिवर्तन एक साथ दिखाई दें तो निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सबसे उपयुक्त होगा? (1) प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि (2) कार्बन तीव्रता में कमी (3) नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी में वृद्धि (4) कुल ऊर्जा मांग में वृद्धि

  • A. अर्थव्यवस्था कम-कार्बन विकास की दिशा में आगे बढ़ रही हो सकती है।
  • B. देश ने Carbon Neutrality प्राप्त कर ली है।
  • C. जीवाश्म ईंधनों का पूर्णतः समाप्त हो जाना।
  • D. ऊर्जा दक्षता में निश्चित रूप से कमी आई है।
सही उत्तर: A — अर्थव्यवस्था कम-कार्बन विकास की दिशा में आगे बढ़ रही हो सकती है।
व्याख्या (Explanation):
कार्बन तीव्रता कम होने का अर्थ है कि प्रति इकाई आर्थिक उत्पादन पर उत्सर्जन कम हो रहा है। नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ना कम-कार्बन अर्थव्यवस्था की दिशा में संकेत देता है। हालांकि ऊर्जा मांग बढ़ना विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में सामान्य हो सकता है।

प्रश्न 13: निम्नलिखित कथनों में सही उत्तर चुनिए— (1) संसाधन दक्षता बढ़ाने से आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने में सहायता मिल सकती है। (2) संसाधन उत्पादकता बढ़ने से हमेशा कुल संसाधन उपयोग में कमी आ जाती है। (3) पुनर्प्रत्यास्थ प्रभाव (Rebound Effect) के कारण संसाधन दक्षता बढ़ने के बाद भी कुल संसाधन उपयोग में वृद्धि हो सकती है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 1 और 2
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: C — केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):
दक्षता बढ़ने से हमेशा संसाधन उपयोग कम नहीं होता, क्योंकि कम लागत के कारण उपयोग बढ़ भी सकता है।

प्रश्न 14: निम्नलिखित में से कौन-सा मॉडल सतत विकास, समावेशी विकास, जलवायु लचीलापन और संसाधन दक्षता को एक साथ बढ़ावा देगा?

  • A. केवल GDP वृद्धि आधारित विकास मॉडल।
  • B. हरित अवसंरचना, स्वच्छ ऊर्जा, प्रकृति आधारित समाधान, संसाधन दक्ष उद्योग और सहभागी शासन वाला मॉडल।
  • C. केवल जीवाश्म ईंधन आधारित औद्योगिकीकरण।
  • D. केवल पर्यावरण संरक्षण, बिना आर्थिक विकास के।
सही उत्तर: B — हरित अवसंरचना, स्वच्छ ऊर्जा, प्रकृति आधारित समाधान, संसाधन दक्ष उद्योग और सहभागी शासन वाला मॉडल।
व्याख्या (Explanation):
सतत विकास के लिए आर्थिक विकास, सामाजिक भागीदारी और पर्यावरण संरक्षण का संतुलन आवश्यक है।

प्रश्न 15: यदि किसी अर्थव्यवस्था में पूर्ण विच्छेदन प्राप्त हो जाए, तो इसका क्या अर्थ होगा?

  • A. सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि रुक जाएगी।
  • B. संसाधनों का उपयोग सकल घरेलू उत्पाद की तुलना में अधिक तीव्र गति से बढ़ेगा।
  • C. आर्थिक वृद्धि के साथ-साथ कुल संसाधन उपयोग अथवा कुल उत्सर्जन में वास्तविक कमी आएगी।
  • D. सकल घरेलू उत्पाद और संसाधनों का उपयोग समान दर से बढ़ेंगे।
सही उत्तर: C — आर्थिक वृद्धि के साथ-साथ कुल संसाधन उपयोग अथवा कुल उत्सर्जन में वास्तविक कमी आएगी।
व्याख्या (Explanation):
पूर्ण विच्छेदन वह स्थिति है, जिसमें अर्थव्यवस्था का विकास निरंतर जारी रहता है, जबकि कुल संसाधन उपयोग, ऊर्जा खपत अथवा ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन जैसी पर्यावरणीय दबावों में वास्तविक कमी आने लगती है। यह सतत विकास की दृष्टि से आदर्श स्थिति मानी जाती है, क्योंकि इसमें आर्थिक प्रगति और पर्यावरणीय संरक्षण साथ-साथ संभव होते हैं।

प्रश्न 16: यदि किसी नीति का उद्देश्य संसाधन उत्पादकता बढ़ाना है, तो इसका क्या परिणाम होगा?

  • A. समान संसाधनों से अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त करना और पर्यावरण पर कम दबाव डालना।
  • B. संसाधनों का अधिकतम उपयोग करना।
  • C. केवल उत्पादन बढ़ाना।
  • D. आर्थिक गतिविधियों को समाप्त करना।
सही उत्तर: A — समान संसाधनों से अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त करना और पर्यावरण पर कम दबाव डालना।
व्याख्या (Explanation):
संसाधन उत्पादकता का अर्थ है कम संसाधनों का उपयोग करके अधिक उत्पादन या आर्थिक मूल्य प्राप्त करना।

प्रश्न 17: निम्नलिखित कथनों में सही उत्तर चुनिए— (1) सतत विकास के लिए नीति सुसंगतता (PCSD) का उद्देश्य विभिन्न नीतियों के बीच होने वाले टकराव को कम करना है। (2) सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के बीच सकारात्मक तथा नकारात्मक दोनों प्रकार के संबंध हो सकते हैं। (3) सतत विकास के लिए नीति सुसंगतता (PCSD) केवल पर्यावरण संबंधी नीतियों पर ही लागू होती है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 1 और 2
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: B — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
कथन (1) और (2) सही हैं। कथन (3) गलत है, क्योंकि PCSD केवल पर्यावरणीय नीतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सभी प्रमुख नीतिगत क्षेत्रों में सुसंगतता सुनिश्चित करने का प्रयास करती है।

प्रश्न 18: प्राकृतिक पूंजी लेखांकन (Natural Capital Accounting) की प्रमुख सीमा क्या है?

  • A. NCA केवल वनों का मूल्यांकन करता है।
  • B. NCA में किसी भी पारिस्थितिक सेवा का मूल्यांकन नहीं किया जा सकता।
  • C. अनेक पारिस्थितिक सेवाओं का आर्थिक मूल्य निर्धारित करना कठिन होने के कारण इसमें अनिश्चितता बनी रहती है।
  • D. NCA केवल विकसित देशों में ही लागू किया जा सकता है।
सही उत्तर: C — अनेक पारिस्थितिक सेवाओं का आर्थिक मूल्य निर्धारित करना कठिन होने के कारण इसमें अनिश्चितता बनी रहती है।
व्याख्या (Explanation):
प्राकृतिक पूंजी लेखांकन (NCA) का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों एवं पारिस्थितिक सेवाओं के आर्थिक मूल्य को राष्ट्रीय लेखांकन प्रणाली में सम्मिलित करना है। किंतु अनेक पारिस्थितिक सेवाओं जैसे जैव विविधता संरक्षण, परागण, सांस्कृतिक एवं सौंदर्यात्मक मूल्य तथा पारिस्थितिक संतुलन का आर्थिक मूल्य सटीक रूप से निर्धारित करना अत्यंत कठिन होता है। यही कारण है कि NCA में कुछ स्तर तक अनिश्चितता बनी रहती है। फिर भी, यह प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन एवं नीतिगत निर्णयों के लिए एक महत्त्वपूर्ण और उपयोगी उपकरण है।

प्रश्न 19: यदि किसी देश का Ecological Footprint लगातार बढ़ रहा है, जबकि Carbon Footprint घट रहा है, तो इसका सबसे उपयुक्त निष्कर्ष क्या होगा?

  • A. देश ने कार्बन उत्सर्जन कम किया है, लेकिन अन्य प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव अभी भी बढ़ सकता है।
  • B. दोनों संकेतकों में हमेशा समान दिशा में परिवर्तन होना आवश्यक है।
  • C. Ecological Footprint और Carbon Footprint एक ही चीज हैं।
  • D. Carbon Footprint घटने पर Ecological Footprint स्वतः समाप्त हो जाता है।
सही उत्तर: A — देश ने कार्बन उत्सर्जन कम किया है, लेकिन अन्य प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव अभी भी बढ़ सकता है।
व्याख्या (Explanation):
Carbon Footprint केवल ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को दर्शाता है, जबकि Ecological Footprint भूमि, जल और अन्य प्राकृतिक संसाधनों पर कुल दबाव को दर्शाता है।

प्रश्न 20: निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति Green Economy, Circular Economy और Blue Economy तीनों के साझा उद्देश्यों को सबसे अच्छी तरह दर्शाती है?

  • A. समुद्री खनिजों का अधिकतम दोहन करना।
  • B. अधिक मछली उत्पादन के लिए सभी पर्यावरणीय प्रतिबंध हटा देना।
  • C. पर्यावरणीय नियमों के बिना तटीय पर्यटन को बढ़ावा देना।
  • D. समुद्री संसाधनों का कम प्रदूषण, कम कार्बन उत्सर्जन और संतुलित उपयोग करना।
सही उत्तर: D — समुद्री संसाधनों का कम प्रदूषण, कम कार्बन उत्सर्जन और संतुलित उपयोग करना।
व्याख्या (Explanation):
Green Economy, Circular Economy और Blue Economy तीनों का उद्देश्य है संसाधनों का कुशल उपयोग, पर्यावरण संरक्षण, दीर्घकालिक आर्थिक विकास।

प्रश्न 21: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) सतत विकास की अवधारणा में वर्तमान पीढ़ी के बीच समानता तथा भविष्य की पीढ़ियों के प्रति समानता दोनों शामिल हैं। (2) यदि कोई नीति वर्तमान पीढ़ी के जीवन स्तर को बेहतर बनाती है, लेकिन भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को कम कर देती है, तो वह सतत विकास के अनुरूप नहीं मानी जाएगी। (3) ब्रंटलैंड रिपोर्ट ने पहली बार "साझी लेकिन अलग-अलग जिम्मेदारियों" के सिद्धांत को प्रस्तुत किया था।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 1 और 2
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: B — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
सतत विकास वर्तमान और भविष्य दोनों पीढ़ियों के हितों में संतुलन स्थापित करने पर बल देता है। भविष्य के संसाधनों को नुकसान पहुँचाने वाली नीतियाँ सतत विकास के विरुद्ध होती हैं। CBDR सिद्धांत को औपचारिक रूप से 1992 के रियो घोषणा में स्वीकार किया गया था, ब्रंटलैंड रिपोर्ट में नहीं।

प्रश्न 22: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) सतत शहरी परिवहन का उद्देश्य केवल यातायात की गति बढ़ाना नहीं, बल्कि पर्यावरणीय प्रभाव को भी कम करना है। (2) सार्वजनिक परिवहन, गैर-मोटर चालित परिवहन तथा स्वच्छ ईंधन आधारित परिवहन सतत शहरी विकास के महत्त्वपूर्ण घटक हैं। (3) निजी वाहनों की संख्या में निरंतर वृद्धि सतत परिवहन का प्रमुख उद्देश्य है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
कथन (1) एवं (2) सही हैं। जबकि कथन (3) गलत है क्योंकि सतत परिवहन निजी वाहनों पर निर्भरता कम कर सार्वजनिक एवं गैर-मोटर चालित परिवहन को बढ़ावा देने पर बल देता है।

प्रश्न 23: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) किसी देश द्वारा नेट शून्य उत्सर्जन का लक्ष्य घोषित कर देना, यह आवश्यक नहीं है कि उस समय उसके सभी ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन समाप्त हो जाएँ। (2) नेट शून्य उत्सर्जन प्राप्त करने में कार्बन हटाने तथा कार्बन सिंक दोनों की भूमिका हो सकती है। (3) केवल वृक्षारोपण ही नेट शून्य उत्सर्जन प्राप्त करने का एकमात्र उपाय है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
कथन (1) और (2) सही है जबकि कथन (3) गलत है क्योंकि नेट शून्य प्राप्त करने के लिए ऊर्जा दक्षता, नवीकरणीय ऊर्जा, कार्बन पकड़ एवं भंडारण, कार्बन हटाने की तकनीकें तथा वनीकरण सहित अनेक उपाय अपनाए जाते हैं।

प्रश्न 24: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) बायोगैस संयंत्र ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ जैविक अपशिष्ट प्रबंधन में भी सहायक हो सकते हैं। (2) बायोगैस उत्पादन के बाद प्राप्त अवशेषों का उपयोग जैव उर्वरक के रूप में किया जा सकता है। (3) बायोगैस का उत्पादन केवल शहरी ठोस अपशिष्ट से ही संभव है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
कथन (1) एवं (2) सही हैं क्योंकि बायोगैस संयंत्र जैविक अपशिष्टों से ऊर्जा उत्पन्न करते हैं तथा अवशिष्ट पदार्थ का उपयोग जैव उर्वरक के रूप में किया जा सकता है। कथन (3) गलत है क्योंकि बायोगैस पशु अपशिष्ट, कृषि अवशेष, खाद्य अपशिष्ट तथा अन्य जैविक पदार्थों से भी उत्पादित की जा सकती है।

प्रश्न 25: निम्नलिखित में से कौन-से उपाय कार्बन-तटस्थ अर्थव्यवस्था की दिशा में सहायक हो सकते हैं? (1) ऊर्जा दक्षता में वृद्धि (2) वनीकरण एवं पुनर्वनीकरण (3) कार्बन पकड़ एवं भंडारण प्रौद्योगिकी (4) जीवाश्म ईंधन आधारित विद्युत उत्पादन में वृद्धि

  • A. केवल 1, 2 और 3
  • B. केवल 2, 3 और 4
  • C. केवल 1 और 4
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: A — केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
ऊर्जा दक्षता, वनीकरण तथा कार्बन पकड़ एवं भंडारण जैसी तकनीकें कार्बन उत्सर्जन कम करने अथवा उसे संतुलित करने में सहायक हो सकती हैं। इसके विपरीत जीवाश्म ईंधन आधारित विद्युत उत्पादन में वृद्धि कार्बन उत्सर्जन बढ़ाती है, इसलिए कथन (4) उपयुक्त नहीं है।

प्रश्न 26: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) किसी क्षेत्र की वहन क्षमता का अतिक्रमण प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव बढ़ा सकता है। (2) वहन क्षमता केवल जनसंख्या की संख्या पर निर्भर करती है। (3) उपलब्ध जल, भूमि तथा पारिस्थितिकी तंत्र की उत्पादकता वहन क्षमता को प्रभावित करती है।

  • A. केवल 1 और 3
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 2
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):
कथन (1) और (3) सही है जबकि कथन (2) गलत है क्योंकि वहन क्षमता केवल जनसंख्या पर नहीं, बल्कि संसाधनों की उपलब्धता, प्रौद्योगिकी, उपभोग स्तर तथा पारिस्थितिकी तंत्र की उत्पादकता पर भी निर्भर करती है।

प्रश्न 27: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) सार्वजनिक परिवहन प्रणाली का विस्तार प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन को कम करने में सहायक हो सकता है। (2) स्वच्छ परिवहन का अर्थ केवल विद्युत चालित वाहनों का उपयोग है। (3) पैदल एवं साइकिल आधारित परिवहन भी सतत शहरी परिवहन का हिस्सा हैं।

  • A. केवल 1 और 3
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 2
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):
कथन (1) और (3) सही है जबकि कथन (2) गलत है क्योंकि स्वच्छ परिवहन में सार्वजनिक परिवहन, गैर-मोटर चालित परिवहन, स्वच्छ ईंधन आधारित वाहन तथा विद्युत वाहन सभी सम्मिलित हैं।

प्रश्न 28: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) ड्रिप सिंचाई सामान्यतः जल उपयोग दक्षता को बढ़ाती है। (2) स्प्रिंकलर सिंचाई सभी प्रकार की फसलों एवं सभी भौगोलिक परिस्थितियों के लिए समान रूप से सर्वोत्तम है। (3) सूक्ष्म सिंचाई भूजल संरक्षण में योगदान दे सकती है।

  • A. केवल 1 और 3
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 2
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):
कथन (1) और (3) सही है वही कथन (2) गलत है क्योंकि विभिन्न फसलों, मिट्टी एवं भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार सिंचाई पद्धति का चयन किया जाता है।

प्रश्न 29: निम्नलिखित में से नेट शून्य उत्सर्जन लक्ष्य की प्राप्ति हेतु कौन-से उपाय उपयुक्त हैं? (1) ऊर्जा दक्षता में वृद्धि (2) कार्बन सिंक का संरक्षण एवं विस्तार (3) नवीकरणीय ऊर्जा का व्यापक उपयोग (4) जीवाश्म ईंधनों की खपत में निरंतर वृद्धि

  • A. केवल 1, 2 और 3
  • B. केवल 1 और 4
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: A — केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
ऊर्जा दक्षता बढ़ाना, कार्बन सिंक का संरक्षण एवं विस्तार तथा नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग नेट शून्य उत्सर्जन लक्ष्य की प्राप्ति में सहायक हैं। इसके विपरीत जीवाश्म ईंधनों की खपत में निरंतर वृद्धि ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन बढ़ाती है, इसलिए कथन (4) उपयुक्त नहीं है।

प्रश्न 30: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) सभी लघु जलविद्युत परियोजनाओं में बड़े जलाशयों का निर्माण अनिवार्य होता है। (2) नदी-प्रवाह आधारित जलविद्युत परियोजनाएँ अपेक्षाकृत कम जल भंडारण के साथ भी संचालित हो सकती हैं। (3) लघु जलविद्युत परियोजनाएँ दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में विकेन्द्रीकृत ऊर्जा उपलब्ध कराने में सहायक हो सकती हैं।

  • A. केवल 2 और 3
  • B. केवल 1 और 2
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
कथन (1) गलत है क्योंकि अनेक लघु जलविद्युत परियोजनाएँ बड़े जलाशय के बिना भी संचालित होती हैं। वही कथन (2) और (3) सही है।

प्रश्न 31: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) बायोमास ऊर्जा कृषि अवशेषों के खुले दहन को कम करने में सहायक हो सकती है। (2) उचित प्रबंधन की स्थिति में बायोमास ऊर्जा परिपत्र अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दे सकती है। (3) बायोमास ऊर्जा उत्पादन के लिए केवल वनों से प्राप्त लकड़ी का ही उपयोग किया जाता है।

  • A. केवल 1 एवं 2
  • B. केवल 2 एवं 3
  • C. केवल 1 एवं 3
  • D. 1, 2 एवं 3
सही उत्तर: A — केवल 1 एवं 2
व्याख्या (Explanation):
कथन (1) और (2) सही है जबकि कथन (3) गलत है क्योंकि बायोमास ऊर्जा के लिए कृषि अवशेष, पशु अपशिष्ट, जैविक कचरा तथा अन्य जैविक पदार्थों का भी उपयोग किया जाता है।

प्रश्न 32: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) अपतटीय पवन ऊर्जा परियोजनाएँ सामान्यतः स्थल-आधारित पवन ऊर्जा परियोजनाओं की तुलना में अधिक स्थिर पवन प्रवाह का लाभ प्राप्त करती हैं। (2) अपतटीय पवन ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना एवं रखरखाव लागत सामान्यतः अधिक होती है। (3) अपतटीय पवन ऊर्जा परियोजनाओं का समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

  • A. केवल 1 एवं 2
  • B. केवल 2 एवं 3
  • C. केवल 1 एवं 3
  • D. 1, 2 एवं 3
सही उत्तर: A — केवल 1 एवं 2
व्याख्या (Explanation):
कथन (1) और (2) सही है जबकि कथन (3) गलत है क्योंकि इन परियोजनाओं का समुद्री जैव विविधता, मत्स्य संसाधनों तथा समुद्री आवासों पर संभावित प्रभाव हो सकता है, इसलिए पर्यावरणीय प्रभाव आकलन आवश्यक होता है।

प्रश्न 33: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सतत विकास लक्ष्यों की शासन संबंधी प्रकृति को सर्वाधिक उपयुक्त रूप से स्पष्ट करता है?

  • A. SDGs की सफलता केवल अंतरराष्ट्रीय संगठनों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि बहु-स्तरीय शासन, स्थानीय निकायों, निजी क्षेत्र और नागरिक समाज की सक्रिय भागीदारी पर भी निर्भर करती है।
  • B. SDGs का कार्यान्वयन केवल राष्ट्रीय सरकारों द्वारा ही किया जा सकता है।
  • C. SDGs केवल विकासशील देशों के लिए लागू होते हैं।
  • D. SDGs का मूल्यांकन केवल संयुक्त राष्ट्र महासभा (UN General Assembly) द्वारा किया जाता है।
सही उत्तर: A — SDGs की सफलता केवल अंतरराष्ट्रीय संगठनों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि बहु-स्तरीय शासन, स्थानीय निकायों, निजी क्षेत्र और नागरिक समाज की सक्रिय भागीदारी पर भी निर्भर करती है।
व्याख्या (Explanation):
सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए बहु-स्तरीय शासन की आवश्यकता होती है, जिसमें विभिन्न स्तरों और क्षेत्रों के हितधारकों की भागीदारी शामिल होती है। SDGs के प्रभावी कार्यान्वयन में राष्ट्रीय सरकारें, राज्य सरकारें, स्थानीय स्वशासी संस्थाएँ, निजी क्षेत्र, नागरिक समाज संगठन, शैक्षणिक संस्थान तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग तंत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रश्न 34: यदि किसी देश का पारिस्थितिक पदचिह्न उसकी जैव क्षमता से लगातार अधिक बना रहता है, तो इस स्थिति का सर्वाधिक उपयुक्त निष्कर्ष क्या होगा?

  • A. देश ने कार्बन तटस्थता प्राप्त कर ली है।
  • B. देश की वहन क्षमता स्वतः बढ़ जाएगी।
  • C. देश पारिस्थितिक घाटे की स्थिति में है।
  • D. देश का मानव विकास सूचकांक अनिवार्य रूप से कम हो जाएगा।
सही उत्तर: C — देश पारिस्थितिक घाटे की स्थिति में है।
व्याख्या (Explanation):
जब किसी देश का Ecological Footprint > Biocapacity होता है, तो इसका अर्थ है कि उस देश द्वारा प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग और पर्यावरण पर दबाव, प्रकृति की पुनः संसाधन उत्पन्न करने तथा अपशिष्ट अवशोषित करने की क्षमता से अधिक हो गया है। इस स्थिति को पारिस्थितिक घाटा कहा जाता है।

प्रश्न 35: अपशिष्ट से ऊर्जा, अनिवार्य सामग्री पुनर्प्राप्ति, 'Right to Repair' नीति और विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व जैसी नीतियों का संयुक्त उद्देश्य मुख्य रूप से क्या है?

  • A. केवल ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि करना।
  • B. संसाधन चक्र को लंबा करना तथा प्राथमिक कच्चे संसाधनों पर निर्भरता को कम करना।
  • C. केवल शहरी स्वच्छता में सुधार करना।
  • D. केवल औद्योगिक उत्पादन को बढ़ावा देना।
सही उत्तर: B — संसाधन चक्र को लंबा करना तथा प्राथमिक कच्चे संसाधनों पर निर्भरता को कम करना।
व्याख्या (Explanation):
उपरोक्त सभी नीतियाँ परिपत्र अर्थव्यवस्था के मूल सिद्धांतों कम उपयोग, पुनः उपयोग, मरम्मत, पुनर्प्राप्ति और पुनर्चक्रण को बढ़ावा देती हैं

प्रश्न 36: निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सतत विकास के लिए नीति समन्वय की अवधारणा को सर्वाधिक उपयुक्त रूप से दर्शाता है?

  • A. ऊर्जा, कृषि, उद्योग, जल एवं पर्यावरण जैसी विभिन्न क्षेत्रों की नीतियों में समन्वय स्थापित करना, ताकि किसी एक क्षेत्र की नीति अन्य क्षेत्रों के सतत विकास लक्ष्यों को नकारात्मक रूप से प्रभावित न करे।
  • B. प्रत्येक मंत्रालय द्वारा अपने-अपने स्तर पर स्वतंत्र रूप से सतत विकास लक्ष्यों का निर्धारण करना।
  • C. सतत विकास लक्ष्यों के कार्यान्वयन की संपूर्ण जिम्मेदारी केवल पर्यावरण मंत्रालय को सौंप देना।
  • D. केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा अलग-अलग सतत विकास संकेतकों का उपयोग करना।
सही उत्तर: A — ऊर्जा, कृषि, उद्योग, जल एवं पर्यावरण जैसी विभिन्न क्षेत्रों की नीतियों में समन्वय स्थापित करना, ताकि किसी एक क्षेत्र की नीति अन्य क्षेत्रों के सतत विकास लक्ष्यों को नकारात्मक रूप से प्रभावित न करे।
व्याख्या (Explanation):
सतत विकास के लिए नीति समन्वय का उद्देश्य विभिन्न नीतियों और क्षेत्रों के बीच समन्वय एवं सामंजस्य स्थापित करना है। इसके अंतर्गत यह सुनिश्चित किया जाता है कि ऊर्जा, कृषि, जल, उद्योग, पर्यावरण आदि क्षेत्रों की नीतियाँ एक-दूसरे के विपरीत कार्य न करें तथा सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायक हों।

प्रश्न 37: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) पूर्ण पृथक्करण की स्थिति में आर्थिक वृद्धि होने के बावजूद कुल संसाधन उपयोग अथवा कुल कार्बन उत्सर्जन में कमी आ सकती है। (2) सापेक्ष पृथक्करण में संसाधन उपयोग सकल घरेलू उत्पाद की तुलना में धीमी गति से बढ़ता है। (3) सतत विकास के दीर्घकालिक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए केवल सापेक्ष पृथक्करण पर्याप्त माना जाता है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
कथन (1) और (2) सही है। जबकि कथन (3) गलत है, क्योंकि दीर्घकालिक सतत विकास, नेट-ज़ीरो उत्सर्जन तथा पृथ्वी की पारिस्थितिक सीमाओं को बनाए रखने के लिए केवल सापेक्ष पृथक्करण पर्याप्त नहीं माना जाता; इसके लिए पूर्ण पृथक्करण, संसाधन दक्षता और उत्सर्जन में वास्तविक कमी आवश्यक होती है।

प्रश्न 38: सतत शहरी विकास के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा संकेतक सबसे उपयुक्त माना जाएगा?

  • A. केवल शहर का क्षेत्रफल
  • B. सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता, हरित क्षेत्र, स्वच्छ जल एवं अपशिष्ट प्रबंधन की गुणवत्ता
  • C. केवल ऊँची इमारतों की संख्या
  • D. केवल जनसंख्या घनत्व
सही उत्तर: B — सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता, हरित क्षेत्र, स्वच्छ जल एवं अपशिष्ट प्रबंधन की गुणवत्ता
व्याख्या (Explanation):
सतत शहर का मूल्यांकन बहुआयामी संकेतकों से किया जाता है।

प्रश्न 39: निम्नलिखित में से कौन-सा उपाय जलवायु शमन तथा जलवायु अनुकूलन दोनों में एक साथ योगदान दे सकता है?

  • A. केवल वातानुकूलन के उपयोग में वृद्धि करना।
  • B. केवल समुद्री तटबंधों का निर्माण करना।
  • C. कृषि वानिकी।
  • D. केवल भूजल का अत्यधिक दोहन करना।
सही उत्तर: C — कृषि वानिकी।
व्याख्या (Explanation):
कृषि वानिकी जलवायु शमन और जलवायु अनुकूलन दोनों में योगदान देती है। यह पेड़ों और फसलों के संयुक्त प्रबंधन द्वारा कार्बन अवशोषण को बढ़ाती है, जिससे जलवायु परिवर्तन को कम करने में सहायता मिलती है। साथ ही, यह मृदा संरक्षण, नमी संरक्षण, जैव विविधता में वृद्धि तथा किसानों की आय में सुधार के माध्यम से जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति कृषि प्रणाली की अनुकूलन क्षमता बढ़ाती है।

प्रश्न 40: निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति पृथक्करण की अवधारणा को सर्वाधिक उचित रूप से दर्शाती है?

  • A. सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि के साथ संसाधनों का उपयोग समान अनुपात में बढ़ना।
  • B. संसाधनों का उपयोग बढ़े, जबकि सकल घरेलू उत्पाद स्थिर रहे।
  • C. सकल घरेलू उत्पाद स्थिर रहे, जबकि संसाधनों का उपयोग बढ़े।
  • D. सकल घरेलू उत्पाद बढ़े, जबकि प्रति इकाई उत्पादन पर संसाधनों का उपयोग एवं उत्सर्जन घटे।
सही उत्तर: D — सकल घरेलू उत्पाद बढ़े, जबकि प्रति इकाई उत्पादन पर संसाधनों का उपयोग एवं उत्सर्जन घटे।
व्याख्या (Explanation):
पृथक्करण की अवधारणा का अर्थ आर्थिक विकास को संसाधनों की खपत एवं पर्यावरणीय क्षति से अलग करना है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि होती रहे, जबकि प्रति इकाई उत्पादन पर प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग, ऊर्जा की खपत तथा ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन कम होता जाए।

प्रश्न 41: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) दुर्बल सततता के अनुसार प्राकृतिक पूंजी का काफी सीमा तक मानव-निर्मित पूंजी द्वारा प्रतिस्थापन संभव माना जाता है। (2) सशक्त सततता के अनुसार कुछ प्राकृतिक संसाधनों एवं पारिस्थितिक तंत्रों का प्रतिस्थापन संभव नहीं है। (3) सशक्त सततता की अवधारणा जैव विविधता के संरक्षण पर अधिक बल देती है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. 1, 2 और 3
  • D. केवल 1 और 3
सही उत्तर: C — 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
दुर्बल सततता के अनुसार अनेक परिस्थितियों में प्राकृतिक पूंजी का प्रतिस्थापन मानव-निर्मित पूंजी द्वारा किया जा सकता है। इसके विपरीत, सशक्त सततता यह मानती है कि कुछ महत्त्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन एवं पारिस्थितिक तंत्र ऐसे हैं जिनका प्रभावी प्रतिस्थापन संभव नहीं है, इसलिए उनका संरक्षण अनिवार्य है। इसी कारण सशक्त सततता जैव विविधता, पारिस्थितिक तंत्रों तथा प्राकृतिक पूंजी के संरक्षण पर विशेष बल देती है।

प्रश्न 42: निम्नलिखित में से कौन-सी नीति हरित अर्थव्यवस्था, परिपत्र अर्थव्यवस्था तथा सतत विकास लक्ष्य-12, तीनों के उद्देश्यों के साथ सर्वाधिक संगत है?

  • A. संसाधनों की खपत को अधिकतम करना।
  • B. उत्पादों के डिज़ाइन में प्रारंभ से ही पुनः उपयोग, मरम्मत, पुनर्निर्माण तथा पुनर्चक्रण को शामिल करना।
  • C. लैंडफिल आधारित अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देना।
  • D. एकल-उपयोग (सिंगल-यूज़) उत्पादों के उपयोग को प्रोत्साहित करना।
सही उत्तर: B — उत्पादों के डिज़ाइन में प्रारंभ से ही पुनः उपयोग, मरम्मत, पुनर्निर्माण तथा पुनर्चक्रण को शामिल करना।
व्याख्या (Explanation):
उत्पादों का ऐसा डिज़ाइन, जिसमें प्रारंभ से ही पुनः उपयोग, मरम्मत, पुनर्निर्माण और पुनर्चक्रण की व्यवस्था हो, संसाधनों के कुशल उपयोग और अपशिष्ट में कमी को बढ़ावा देता है। यह हरित अर्थव्यवस्था के संसाधन-दक्ष विकास, परिपत्र अर्थव्यवस्था के उत्पादों के जीवन-चक्र को बढ़ाने तथा सतत विकास लक्ष्य-12 के उद्देश्यों के अनुरूप है।

प्रश्न 43: निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति पारिस्थितिक फुटप्रिंट को कम करेगी, किंतु आवश्यक रूप से मानव विकास को कम नहीं करेगी?

  • A. ऊर्जा एवं संसाधनों का अक्षम उपयोग।
  • B. अनियंत्रित शहरी विस्तार।
  • C. ऊर्जा-दक्ष भवन, सार्वजनिक परिवहन तथा संसाधन-दक्ष उत्पादन।
  • D. प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन।
सही उत्तर: C — ऊर्जा-दक्ष भवन, सार्वजनिक परिवहन तथा संसाधन-दक्ष उत्पादन।
व्याख्या (Explanation):
ऊर्जा-दक्ष भवन, सार्वजनिक परिवहन तथा संसाधन-दक्ष उत्पादन जैसे उपाय ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधनों की खपत को कम करते हैं, जिससे पारिस्थितिक पदचिह्न घटता है। साथ ही, ये उपाय जीवन की गुणवत्ता, आर्थिक उत्पादकता तथा मानव कल्याण को बनाए रखते हुए सतत विकास को प्रोत्साहित करते हैं।

प्रश्न 44: सतत कृषि के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त है?

  • A. कृषि उत्पादकता, मृदा स्वास्थ्य, जल दक्षता एवं किसानों की आय चारों के बीच संतुलन आवश्यक है।
  • B. केवल अधिक उत्पादन ही सफलता का मापदंड है।
  • C. केवल रासायनिक उर्वरक प्रतिबंधित करना पर्याप्त है।
  • D. प्राकृतिक खेती अपनाने से सभी कृषि समस्याएँ समाप्त हो जाती हैं।
सही उत्तर: A — कृषि उत्पादकता, मृदा स्वास्थ्य, जल दक्षता एवं किसानों की आय चारों के बीच संतुलन आवश्यक है।
व्याख्या (Explanation):
सतत कृषि एक बहुआयामी अवधारणा है जिसमें आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय तीनों आयाम सम्मिलित हैं।

प्रश्न 45: यदि किसी नदी घाटी में जलवायु परिवर्तन के कारण वर्षा की अनिश्चितता बढ़ रही हो, तो निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सर्वाधिक उपयुक्त अनुकूलन रणनीति होगा?

  • A. केवल बड़े बाँधों का निर्माण
  • B. जलागम प्रबंधन, वर्षा जल संचयन, सूक्ष्म सिंचाई एवं फसल विविधीकरण
  • C. केवल भूजल दोहन
  • D. केवल अंतर-नदी जोड़ परियोजना
सही उत्तर: B — जलागम प्रबंधन, वर्षा जल संचयन, सूक्ष्म सिंचाई एवं फसल विविधीकरण
व्याख्या (Explanation):
जलवायु अनिश्चितता के लिए स्थानीय एवं बहुआयामी जल प्रबंधन रणनीतियाँ अधिक प्रभावी होती हैं।

प्रश्न 46: निम्नलिखित युग्मों (अवधारणा - प्रमुख विशेषता) में सही उत्तर चुनिए— (1) हरित अर्थव्यवस्था - कम कार्बन एवं संसाधन-दक्ष विकास (2) परिपत्र अर्थव्यवस्था - उत्पादों के जीवन-चक्र का विस्तार (3) जैव अर्थव्यवस्था - केवल जैव ईंधन का उत्पादन

  • A. केवल 1
  • B. केवल 1 और 3
  • C. केवल 1 और 2
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: C — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
युग्म (1) और (2) भी सही है। जबकि जैव अर्थव्यवस्था केवल जैव ईंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कृषि, वानिकी, मत्स्य पालन, जैव-प्रौद्योगिकी, जैव-आधारित उत्पाद, जैव-औषधियाँ तथा अन्य जैव संसाधनों पर आधारित आर्थिक गतिविधियाँ भी शामिल हैं। इसलिए युग्म (3) गलत है।

प्रश्न 47: निम्नलिखित में से कौन-सी नीति कार्बन तटस्थता प्राप्त करने की दिशा में सर्वाधिक व्यापक मानी जाएगी?

  • A. ऊर्जा संक्रमण, कार्बन सिंक, ऊर्जा दक्षता तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी का संयुक्त दृष्टिकोण।
  • B. केवल वृक्षारोपण।
  • C. केवल नवीकरणीय ऊर्जा।
  • D. केवल कार्बन कर।
सही उत्तर: A — ऊर्जा संक्रमण, कार्बन सिंक, ऊर्जा दक्षता तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी का संयुक्त दृष्टिकोण।
व्याख्या (Explanation):
कार्बन तटस्थता प्राप्त करने के लिए केवल एक उपाय पर्याप्त नहीं होता। इसके लिए ऊर्जा संक्रमण, ऊर्जा दक्षता में वृद्धि, ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी तथा कार्बन सिंक का समन्वित उपयोग आवश्यक होता है।

प्रश्न 48: यदि किसी देश की विकास रणनीति तीव्र जीडीपी वृद्धि, प्राकृतिक पूंजी के तीव्र क्षरण तथा बढ़ती आय असमानता पर आधारित हो, तो सतत विकास की दृष्टि से इसका मूल्यांकन कैसे किया जाएगा?

  • A. पूर्णतः सतत विकास
  • B. केवल सामाजिक दृष्टि से सतत
  • C. केवल पर्यावरणीय दृष्टि से सतत
  • D. यह सतत विकास की अवधारणा के अनुरूप नहीं है।
सही उत्तर: D — यह सतत विकास की अवधारणा के अनुरूप नहीं है।
व्याख्या (Explanation):
सतत विकास केवल जीडीपी वृद्धि नहीं है। यदि प्राकृतिक पूंजी का क्षरण तथा असमानता बढ़ रही है, तो विकास दीर्घकाल में टिकाऊ नहीं माना जाएगा।

प्रश्न 49: निम्नलिखित कथनों में सही उत्तर चुनिए— (1) वहन क्षमता का निर्धारण केवल किसी क्षेत्र की जनसंख्या पर निर्भर करता है। (2) प्रौद्योगिकी, संसाधनों के उपयोग की दक्षता तथा उपभोग का स्वरूप वहन क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। (3) वहन क्षमता एक स्थिर अवधारणा नहीं है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: B — केवल 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
वहन क्षमता का निर्धारण केवल किसी क्षेत्र की जनसंख्या से नहीं होता, बल्कि उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों, पारिस्थितिक तंत्र, प्रौद्योगिकी, संसाधनों के उपयोग की दक्षता तथा उपभोग के स्वरूप जैसे अनेक कारकों पर निर्भर करता है। इसलिए कथन (1) गलत है। कथन (2) और (3) सही हैं।

प्रश्न 50: निम्नलिखित कथनों में सही उत्तर चुनिए— (1) कार्बन पदचिह्न केवल औद्योगिक गतिविधियों से संबंधित है। (2) किसी व्यक्ति की जीवनशैली भी कार्बन पदचिह्न को प्रभावित करती है। (3) नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग कार्बन पदचिह्न को कम करने में सहायक हो सकता है।

  • A. केवल 2 और 3
  • B. केवल 1
  • C. केवल 1 और 2
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
कार्बन पदचिह्न केवल औद्योगिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि परिवहन, ऊर्जा की खपत, भोजन की आदतों, उपभोग के स्वरूप तथा अन्य मानवीय गतिविधियों से भी प्रभावित होता है। इसलिए कथन (1) गलत है। वही कथन (2) और (3) सही है।

प्रश्न 51: यदि किसी क्षेत्र में भूजल का अत्यधिक दोहन, वन क्षेत्र में कमी, वर्षा की बढ़ती अनिश्चितता तथा वर्षा-आधारित कृषि की स्थिति हो, तो सबसे उपयुक्त नीति विकल्प कौन-सा होगा?

  • A. केवल सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार
  • B. केवल अधिक भूजल दोहन
  • C. जलागम विकास, सूक्ष्म सिंचाई, वनीकरण एवं जल संरक्षण का समेकित दृष्टिकोण
  • D. केवल फसल बीमा
सही उत्तर: C — जलागम विकास, सूक्ष्म सिंचाई, वनीकरण एवं जल संरक्षण का समेकित दृष्टिकोण
व्याख्या (Explanation):
यह एक बहुआयामी पर्यावरणीय समस्या है, जिसमें जल, वन, कृषि और जलवायु परस्पर जुड़े हुए हैं। इसलिए इसका प्रभावी समाधान समेकित जल संसाधन प्रबंधन तथा भूदृश्य-आधारित दृष्टिकोण अपनाकर ही संभव है। ये दोनों उपाय जल संरक्षण, पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण, कृषि की जलवायु-लचीलापन क्षमता बढ़ाने तथा प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन को सुनिश्चित करते हैं।

प्रश्न 52: निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति पारिस्थितिक फुटप्रिंट में वृद्धि करेगी, जबकि सकल घरेलू उत्पाद भी बढ़ सकता है?

  • A. संसाधन-दक्ष उत्पादन
  • B. पुनर्चक्रण आधारित उद्योग
  • C. ऊर्जा-दक्ष परिवहन
  • D. संसाधनों का अत्यधिक दोहन एवं उच्च अपशिष्ट उत्पादन
सही उत्तर: D — संसाधनों का अत्यधिक दोहन एवं उच्च अपशिष्ट उत्पादन
व्याख्या (Explanation):
सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि हमेशा सतत विकास का संकेत नहीं होती। यदि आर्थिक विकास प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन, अधिक ऊर्जा एवं सामग्री की खपत तथा उच्च मात्रा में अपशिष्ट और प्रदूषण के उत्पादन पर आधारित हो, तो पारिस्थितिक पदचिह्न बढ़ जाता है। इसके विपरीत, संसाधन-दक्ष उत्पादन, पुनर्चक्रण आधारित उद्योग तथा ऊर्जा-दक्ष परिवहन संसाधनों की खपत और पर्यावरणीय दबाव को कम करने में सहायक होते हैं।

प्रश्न 53: यदि किसी देश में निम्नलिखित चार नीतियाँ अपनाई जाएँ तो इनमें से कौन-सा संयोजन निम्न-कार्बन अर्थव्यवस्था की दिशा में सबसे प्रभावी माना जाएगा? (1) कार्बन मूल्य निर्धारण (2) ऊर्जा दक्षता मानक (3) नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार (4) हरित सार्वजनिक परिवहन

  • A. 1, 2, 3 और 4
  • B. केवल 1 और 2
  • C. केवल 3 और 4
  • D. केवल 2, 3 और 4
सही उत्तर: A — 1, 2, 3 और 4
व्याख्या (Explanation):
निम्न-कार्बन अर्थव्यवस्था की दिशा में ये चारों नीतियाँ परस्पर पूरक भूमिका निभाती हैं। कार्बन मूल्य निर्धारण कार्बन उत्सर्जन को कम करने हेतु आर्थिक प्रोत्साहन प्रदान करता है, ऊर्जा दक्षता मानक ऊर्जा की खपत और उत्सर्जन में कमी लाते हैं, नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटाकर स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देता है तथा हरित सार्वजनिक परिवहन परिवहन क्षेत्र से होने वाले ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करता है। इसलिए इन चारों उपायों का संयुक्त क्रियान्वयन निम्न-कार्बन अर्थव्यवस्था की दिशा में सबसे प्रभावी माना जाता है।

प्रश्न 54: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) सतत विकास लक्ष्य विधिक रूप से बाध्यकारी नहीं हैं। (2) प्रत्येक देश अपने राष्ट्रीय संदर्भ के अनुसार सतत विकास लक्ष्यों के कार्यान्वयन की रणनीति निर्धारित कर सकता है। (3) सतत विकास लक्ष्यों की प्रगति का मूल्यांकन केवल संयुक्त राष्ट्र द्वारा किया जाता है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
कथन (1) और 2 सही है। जबकि कथन (3) गलत है, क्योंकि सतत विकास लक्ष्यों की प्रगति का मूल्यांकन केवल संयुक्त राष्ट्र ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सरकारों, सांख्यिकीय संस्थाओं, भारत में नीति आयोग जैसी संस्थाओं तथा अन्य संबंधित एजेंसियों द्वारा भी विभिन्न स्तरों पर किया जाता है।

प्रश्न 55: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) कार्बन-तटस्थ अर्थव्यवस्था की दिशा में ऊर्जा दक्षता बढ़ाना एक महत्त्वपूर्ण उपाय है। (2) वनों का संरक्षण कार्बन सिंक के रूप में कार्य कर सकता है। (3) जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता बढ़ाने से नेट ज़ीरो लक्ष्य शीघ्र प्राप्त किया जा सकता है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
ऊर्जा दक्षता में वृद्धि से ऊर्जा की खपत और उत्सर्जन कम किए जा सकते हैं तथा वन कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण करके महत्त्वपूर्ण कार्बन सिंक के रूप में कार्य करते हैं। इसके विपरीत, जीवाश्म ईंधनों पर अधिक निर्भरता ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन बढ़ाती है, जिससे नेट ज़ीरो लक्ष्य की प्राप्ति कठिन हो जाती है।

प्रश्न 56: निम्नलिखित में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं? (1) ड्रिप सिंचाई - जल सीधे पौधों की जड़ों तक पहुँचाना (2) स्प्रिंकलर सिंचाई - कृत्रिम वर्षा के समान सिंचाई (3) पवन ऊर्जा - नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत

  • A. केवल 1 एवं 2
  • B. केवल 2 एवं 3
  • C. केवल 1 एवं 3
  • D. 1, 2 एवं 3
सही उत्तर: D — 1, 2 एवं 3
व्याख्या (Explanation):
ड्रिप सिंचाई में जल सीधे पौधों की जड़ों तक पहुँचाया जाता है, स्प्रिंकलर प्रणाली कृत्रिम वर्षा के समान जल का छिड़काव करती है तथा पवन ऊर्जा नवीकरणीय ऊर्जा का एक प्रमुख स्रोत है। इसलिए तीनों युग्म सही सुमेलित हैं।

प्रश्न 57: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) भारत ने दीर्घकालिक नेट ज़ीरो लक्ष्य घोषित किया है। (2) नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार नेट ज़ीरो लक्ष्य की प्राप्ति में सहायक हो सकता है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. 1 और 2 दोनों
  • D. न तो 1 और न ही 2
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):
भारत ने वर्ष २०७० तक नेट ज़ीरो उत्सर्जन का लक्ष्य घोषित किया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सौर, पवन तथा अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का विस्तार, ऊर्जा दक्षता में वृद्धि तथा स्वच्छ प्रौद्योगिकियों का विकास महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रश्न 58: किसी क्षेत्र की वहन क्षमता का निर्धारण मुख्यतः किस पर निर्भर करता है?

  • A. उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों एवं पारिस्थितिक संतुलन पर
  • B. केवल क्षेत्रफल पर
  • C. केवल जनसंख्या घनत्व पर
  • D. केवल औद्योगिक विकास पर
सही उत्तर: A — उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों एवं पारिस्थितिक संतुलन पर
व्याख्या (Explanation):
वहन क्षमता से आशय किसी क्षेत्र द्वारा उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों और पारिस्थितिक तंत्र की सीमाओं के भीतर दीर्घकाल तक वहन की जा सकने वाली जनसंख्या अथवा गतिविधियों की अधिकतम सीमा से है। इसका निर्धारण केवल क्षेत्रफल या जनसंख्या घनत्व से नहीं किया जा सकता।

प्रश्न 59: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) विद्युत वाहन स्थानीय वायु प्रदूषण को कम करने में सहायक हो सकते हैं। (2) स्वच्छ परिवहन केवल विद्युत वाहनों तक सीमित है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. 1 और 2 दोनों
  • D. न तो 1 और न ही 2
सही उत्तर: A — केवल 1
व्याख्या (Explanation):
विद्युत वाहन उपयोग के दौरान स्थानीय स्तर पर उत्सर्जन नहीं करते, जिससे शहरी वायु प्रदूषण कम करने में सहायता मिल सकती है। स्वच्छ परिवहन की अवधारणा में विद्युत वाहनों के अतिरिक्त सार्वजनिक परिवहन, साइकिल, पैदल परिवहन तथा हरित ईंधन आधारित परिवहन भी सम्मिलित हैं।

प्रश्न 60: निम्नलिखित में से कौन-सा उपाय सतत शहरी परिवहन को सर्वाधिक बढ़ावा देता है?

  • A. सार्वजनिक परिवहन प्रणाली का विस्तार
  • B. निजी मोटर वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहन
  • C. जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता बढ़ाना
  • D. पार्किंग सुविधाओं का अधिकतम विस्तार
सही उत्तर: A — सार्वजनिक परिवहन प्रणाली का विस्तार
व्याख्या (Explanation):
सतत शहरी परिवहन का उद्देश्य ऊर्जा दक्षता बढ़ाना, वायु प्रदूषण एवं ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करना तथा यातायात को अधिक सुगम बनाना है। सार्वजनिक परिवहन प्रणाली का विस्तार इन उद्देश्यों की प्राप्ति का सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है।

प्रश्न 61: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) ड्रिप सिंचाई में जल सीधे पौधों की जड़ों तक पहुँचाया जाता है। (2) सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली जल उपयोग दक्षता बढ़ाने में सहायक होती है। (3) सूक्ष्म सिंचाई केवल धान की खेती में उपयोगी होती है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 एवं 3
  • D. 1, 2 एवं 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
ड्रिप सिंचाई में जल सीधे पौधों की जड़ों तक नियंत्रित मात्रा में पहुँचाया जाता है तथा सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियाँ जल की बचत और जल उपयोग दक्षता बढ़ाने में सहायक होती हैं। इनका उपयोग अनेक फसलों में किया जाता है, इसलिए इन्हें केवल धान की खेती तक सीमित नहीं माना जा सकता।

प्रश्न 62: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) कार्बन-तटस्थता का अर्थ है कि किसी संस्था या देश द्वारा किए गए कुल कार्बन उत्सर्जन की पूर्ति समतुल्य कार्बन अवशोषण अथवा कार्बन ऑफ़सेट द्वारा कर दी जाए। (2) नेट ज़ीरो केवल कार्बन डाइऑक्साइड तक सीमित है तथा अन्य ग्रीनहाउस गैसों को शामिल नहीं करता।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. 1 और 2 दोनों
  • D. न तो 1 और न ही 2
सही उत्तर: A — केवल 1
व्याख्या (Explanation):
कार्बन-तटस्थता का उद्देश्य कुल कार्बन उत्सर्जन और कार्बन अवशोषण के बीच संतुलन स्थापित करना है, जबकि नेट ज़ीरो की अवधारणा सामान्यतः कार्बन डाइऑक्साइड सहित सभी प्रमुख ग्रीनहाउस गैसों के शुद्ध उत्सर्जन को संतुलित करने से संबंधित है।

प्रश्न 63: निम्नलिखित में से लघु जलविद्युत परियोजनाओं का प्रमुख लाभ कौन-सा है?

  • A. बड़े बाँधों की तुलना में अपेक्षाकृत कम पर्यावरणीय प्रभाव
  • B. केवल बड़े जलाशयों पर निर्भरता
  • C. जीवाश्म ईंधन पर आधारित विद्युत उत्पादन
  • D. केवल बाढ़ नियंत्रण के लिए उपयोग
सही उत्तर: A — बड़े बाँधों की तुलना में अपेक्षाकृत कम पर्यावरणीय प्रभाव
व्याख्या (Explanation):
लघु जलविद्युत परियोजनाओं में सामान्यतः बड़े बाँधों की अपेक्षा कम भूमि अधिग्रहण, सीमित विस्थापन तथा अपेक्षाकृत कम पर्यावरणीय प्रभाव होता है। ये स्थानीय स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

प्रश्न 64: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) बायोमास ऊर्जा कृषि अवशेषों एवं जैविक अपशिष्टों से प्राप्त की जा सकती है। (2) बायोमास ऊर्जा के उपयोग से खुले में कृषि अवशेष जलाने की आवश्यकता कम हो सकती है। (3) बायोमास ऊर्जा उत्पादन में किसी भी प्रकार का कार्बन उत्सर्जन नहीं होता।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
बायोमास ऊर्जा कृषि अवशेषों, वन अवशेषों तथा अन्य जैविक अपशिष्टों से प्राप्त की जा सकती है और इसके उपयोग से पराली जैसे कृषि अवशेषों को खुले में जलाने की आवश्यकता कम हो सकती है। यद्यपि बायोमास के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन होता है, फिर भी सतत प्रबंधन की स्थिति में इसे अपेक्षाकृत कार्बन-तटस्थ ऊर्जा स्रोत माना जाता है।

प्रश्न 65: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) अपतटीय पवन ऊर्जा परियोजनाएँ सामान्यतः स्थल-आधारित पवन ऊर्जा परियोजनाओं की तुलना में अधिक स्थिर एवं तीव्र पवन प्रवाह का लाभ प्राप्त कर सकती हैं। (2) अपतटीय पवन ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना एवं रखरखाव की लागत सामान्यतः स्थल-आधारित परियोजनाओं की तुलना में कम होती है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. 1 और 2 दोनों
  • D. न तो 1 और न ही 2
सही उत्तर: A — केवल 1
व्याख्या (Explanation):
अपतटीय क्षेत्रों में पवन की गति सामान्यतः अधिक तीव्र तथा अपेक्षाकृत स्थिर होती है, जिससे विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ सकती है। इसके विपरीत समुद्री परिस्थितियों के कारण इन परियोजनाओं की स्थापना, संचालन एवं रखरखाव की लागत सामान्यतः अधिक होती है।

प्रश्न 66: पारिस्थितिक फुटप्रिंट के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. यह केवल भूमि उपयोग का मापन करता है।
  • B. यह केवल कार्बन उत्सर्जन का संकेतक है।
  • C. यह केवल जैव विविधता का संकेतक है।
  • D. यह मानव गतिविधियों द्वारा जैव-उत्पादक भूमि एवं जल संसाधनों पर पड़ने वाली कुल मांग का संकेतक है।
सही उत्तर: D — यह मानव गतिविधियों द्वारा जैव-उत्पादक भूमि एवं जल संसाधनों पर पड़ने वाली कुल मांग का संकेतक है।
व्याख्या (Explanation):
पारिस्थितिक फुटप्रिंट एक ऐसा संकेतक है जो यह मापता है कि मानव की गतिविधियों और उपभोग की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए जैव-उत्पादक भूमि एवं जल संसाधनों की कितनी आवश्यकता होती है। यह संसाधनों की खपत तथा अपशिष्ट, विशेषकर कार्बन उत्सर्जन, को अवशोषित करने के लिए आवश्यक जैव-उत्पादक क्षेत्र की कुल मांग को दर्शाता है।

प्रश्न 67: निम्नलिखित कथनों में सही उत्तर चुनिए— (1) कार्बन तटस्थता का अर्थ यह नहीं है कि किसी देश का कुल कार्बन उत्सर्जन पूर्णतः शून्य हो। (2) कार्बन तटस्थता उत्सर्जन और कार्बन अवशोषण (निष्कासन) के बीच संतुलन स्थापित करके भी प्राप्त की जा सकती है। (3) कार्बन तटस्थता केवल वनों की संख्या बढ़ाकर ही प्राप्त की जा सकती है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 2
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: C — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
कथन (1) और (2) सही हैं। जबकि कथन (3) गलत है, क्योंकि कार्बन तटस्थता केवल वनों के विस्तार से ही प्राप्त नहीं की जा सकती, बल्कि नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, कार्बन कैप्चर एवं भंडारण, स्वच्छ प्रौद्योगिकी, प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्रों के संरक्षण तथा अन्य नीतिगत एवं तकनीकी उपायों के माध्यम से भी प्राप्त की जा सकती है।

प्रश्न 68: निम्नलिखित कथनों में सही उत्तर चुनिए— (1) हरित अर्थव्यवस्था का उद्देश्य आर्थिक विकास के साथ पर्यावरणीय जोखिमों को कम करना है। (2) नीली अर्थव्यवस्था समुद्री एवं तटीय संसाधनों के सतत उपयोग पर बल देती है। (3) जैव अर्थव्यवस्था केवल जैव ईंधनों तक सीमित है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 2
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: C — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
कथन (1) और (2) सही है। जबकि कथन (3) गलत है, क्योंकि जैव अर्थव्यवस्था केवल जैव ईंधनों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जैव-प्रौद्योगिकी, कृषि, वानिकी, मत्स्य पालन, जैव-आधारित उत्पाद, जैव-औषधियाँ तथा अन्य जैव संसाधनों पर आधारित उद्योग भी शामिल हैं।

प्रश्न 69: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) सतत विकास का उद्देश्य केवल प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना है। (2) आर्थिक वृद्धि, यदि संसाधन दक्षता और सामाजिक समावेशन के साथ हो, तो सतत विकास के अनुरूप हो सकती है। (3) पर्यावरणीय संरक्षण और आर्थिक विकास परस्पर अनिवार्य रूप से विरोधी नहीं हैं।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: C — केवल 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
सतत विकास का उद्देश्य केवल प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण नहीं है, बल्कि आर्थिक विकास, सामाजिक समावेशन और पर्यावरणीय संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना है। इसलिए कथन (1) गलत है। कथन (2) और (3) सही है।

प्रश्न 70: निम्नलिखित युग्मों संस्था - मुख्यालय में सही उत्तर चुनिए— (1) संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) – नैरोबी (2) संयुक्त राष्ट्र मानव बस्तियाँ कार्यक्रम (यूएन-हैबिटैट) - नैरोबी (3) संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) - पेरिस

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 2
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: D — 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
तीनों युग्म सही सुमेलित हैं। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम तथा संयुक्त राष्ट्र मानव बस्तियाँ कार्यक्रम का मुख्यालय नैरोबी (केन्या) में स्थित है, जबकि संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) का मुख्यालय पेरिस (फ्रांस) में स्थित है।

प्रश्न 71: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?

  • A. पृथ्वी सम्मेलन (1992) - रियो डी जेनेरियो
  • B. विश्व सतत विकास शिखर सम्मेलन (2002) – जोहान्सबर्ग
  • C. रियो+20 सम्मेलन (2012) - रियो डी जेनेरियो
  • D. मानव पर्यावरण पर स्टॉकहोम सम्मेलन (1972) - जेनेवा
सही उत्तर: D — मानव पर्यावरण पर स्टॉकहोम सम्मेलन (1972) - जेनेवा
व्याख्या (Explanation):
मानव पर्यावरण पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (स्टॉकहोम सम्मेलन) वर्ष 1972 में स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में आयोजित किया गया था, जेनेवा में नहीं।

प्रश्न 72: सतत विकास से संबंधित प्रमुख वैश्विक सम्मेलनों के निम्नलिखित स्थानों को कालानुक्रमिक क्रम में व्यवस्थित कीजिए। (1) जोहान्सबर्ग (2) रियो डी जेनेरियो (3) न्यूयॉर्क

  • A. 3 – 2 – 1
  • B. 2 – 1 – 3
  • C. 1 – 2 – 3
  • D. 2 – 3 – 1
सही उत्तर: B — 2 – 1 – 3
व्याख्या (Explanation):
सतत विकास से संबंधित प्रमुख वैश्विक सम्मेलनों का सही कालानुक्रमिक क्रम 1992 का रियो पृथ्वी सम्मेलन, 2002 का जोहान्सबर्ग विश्व सतत विकास शिखर सम्मेलन तथा 2015 में न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र सतत विकास शिखर सम्मेलन है, जहाँ 2030 सतत विकास एजेंडा और 17 सतत विकास लक्ष्यों को औपचारिक रूप से अंगीकृत किया गया।

प्रश्न 73: यदि किसी राज्य ने सतत विकास लक्ष्य आधारित जिला योजनाएँ, जल संरक्षण, जलवायु-अनुकूल कृषि, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा तथा नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग जैसे उपाय अपनाए हों, तो इनका संयुक्त प्रभाव क्या होगा?

  • A. अनेक सतत विकास लक्ष्यों की एक साथ प्रगति।
  • B. केवल सतत विकास लक्ष्य-13 की प्राप्ति।
  • C. केवल कृषि विकास।
  • D. केवल ऊर्जा सुरक्षा।
सही उत्तर: A — अनेक सतत विकास लक्ष्यों की एक साथ प्रगति।
व्याख्या (Explanation):
ये सभी उपाय सतत विकास लक्ष्यों के एकीकृत दृष्टिकोण को दर्शाते हैं तथा भूखमुक्ति, स्वच्छ जल एवं स्वच्छता, सस्ती एवं स्वच्छ ऊर्जा, सतत शहर एवं समुदाय, जलवायु कार्रवाई तथा स्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण सहित अनेक लक्ष्यों की एक साथ प्राप्ति में योगदान देते हैं। इसलिए इन उपायों का संयुक्त प्रभाव अनेक सतत विकास लक्ष्यों की समवर्ती प्रगति के रूप में दिखाई देता है।

प्रश्न 74: निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प निम्न-कार्बन एवं संसाधन-दक्ष अर्थव्यवस्था की दिशा में सबसे उपयुक्त नीति-पैकेज को दर्शाता है?

  • A. जीवाश्म ईंधनों पर अधिक निर्भरता तथा रैखिक उत्पादन प्रणाली
  • B. केवल वृक्षारोपण कार्यक्रम
  • C. केवल ऊर्जा दक्षता कार्यक्रम
  • D. नवीकरणीय ऊर्जा, परिपत्र अर्थव्यवस्था, ऊर्जा दक्षता, हरित वित्त तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी
सही उत्तर: D — नवीकरणीय ऊर्जा, परिपत्र अर्थव्यवस्था, ऊर्जा दक्षता, हरित वित्त तथा कार्बन उत्सर्जन में कमी
व्याख्या (Explanation):
वास्तविक सतत विकास एकल नीति से नहीं बल्कि बहुआयामी नीति-पैकेज से प्राप्त होता है।

प्रश्न 75: निम्नलिखित में से कौन-सा उपाय सतत उपभोग का सर्वोत्तम उदाहरण है?

  • A. उत्पादों का बार-बार प्रतिस्थापन करना
  • B. केवल सस्ते उत्पाद खरीदना
  • C. टिकाऊ, मरम्मत योग्य एवं संसाधन-दक्ष उत्पादों का चयन करना
  • D. अधिकाधिक उपभोग करना
सही उत्तर: C — टिकाऊ, मरम्मत योग्य एवं संसाधन-दक्ष उत्पादों का चयन करना
व्याख्या (Explanation):
सतत उपभोग का उद्देश्य संसाधनों पर दबाव कम करना है। टिकाऊ एवं मरम्मत योग्य उत्पाद अपशिष्ट और संसाधन उपयोग दोनों कम करते हैं।

प्रश्न 76: यदि किसी नदी बेसिन में जल की उपलब्धता से अधिक दोहन लगातार जारी रहे, तो सबसे उपयुक्त दीर्घकालिक परिणाम क्या होगा?

  • A. नदी की वहन क्षमता स्वतः बढ़ जाएगी।
  • B. भूजल स्तर स्वतः स्थिर हो जाएगा।
  • C. वर्षा की मात्रा स्वतः बढ़ जाएगी।
  • D. जल सुरक्षा, पारिस्थितिकी एवं आजीविका तीनों प्रभावित होंगे।
सही उत्तर: D — जल सुरक्षा, पारिस्थितिकी एवं आजीविका तीनों प्रभावित होंगे।
व्याख्या (Explanation):
अत्यधिक जल दोहन से जल सुरक्षा, नदी पारिस्थितिकी, कृषि एवं आजीविका प्रभावित होती है।

प्रश्न 77: निम्नलिखित में से निम्न-कार्बन अर्थव्यवस्था के संबंध में कौन-सा कथन सही है?

  • A. इसका उद्देश्य आर्थिक गतिविधियों को जारी रखते हुए प्रति इकाई उत्पादन पर कार्बन उत्सर्जन को कम करना है।
  • B. इसमें सभी जीवाश्म ईंधनों पर तत्काल पूर्ण प्रतिबंध आवश्यक है।
  • C. इसका संबंध केवल विद्युत क्षेत्र से है।
  • D. यह केवल विकसित देशों के लिए उपयुक्त मॉडल है।
सही उत्तर: A — इसका उद्देश्य आर्थिक गतिविधियों को जारी रखते हुए प्रति इकाई उत्पादन पर कार्बन उत्सर्जन को कम करना है।
व्याख्या (Explanation):
निम्न-कार्बन अर्थव्यवस्था का उद्देश्य आर्थिक विकास और कार्बन उत्सर्जन में कमी के बीच संतुलन स्थापित करना है। इसके अंतर्गत ऊर्जा दक्षता बढ़ाने, स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करने तथा प्रति इकाई उत्पादन पर कार्बन उत्सर्जन को कम करने पर बल दिया जाता है।

प्रश्न 78: निम्नलिखित में से कौन-सी नीति खनिज संसाधनों के सतत प्रबंधन के सबसे अधिक अनुरूप होगी?

  • A. अधिकतम खनन कर शीघ्र आर्थिक लाभ प्राप्त करना
  • B. निम्न-गुणवत्ता वाले खनिजों का परित्याग करना
  • C. संसाधन दक्षता, पुनर्चक्रण, वैकल्पिक पदार्थों के उपयोग तथा वैज्ञानिक खनन को प्रोत्साहित करना
  • D. सभी प्रकार के खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना
सही उत्तर: C — संसाधन दक्षता, पुनर्चक्रण, वैकल्पिक पदार्थों के उपयोग तथा वैज्ञानिक खनन को प्रोत्साहित करना
व्याख्या (Explanation):
सतत खनिज प्रबंधन में संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग, पुनर्चक्रण और वैज्ञानिक खनन शामिल है।

प्रश्न 79: यदि किसी देश में ऊर्जा संरक्षण तथा ऊर्जा दक्षता दोनों को समान रूप से बढ़ावा दिया जाए, तो निम्नलिखित में से कौन-सा परिणाम सबसे अधिक संभावित होगा?

  • A. कुल ऊर्जा मांग तथा ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन दोनों में कमी आ सकती है।
  • B. केवल ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा।
  • C. जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता स्वतः बढ़ जाएगी।
  • D. ऊर्जा की प्रति इकाई लागत अनिवार्य रूप से बढ़ जाएगी।
सही उत्तर: A — कुल ऊर्जा मांग तथा ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन दोनों में कमी आ सकती है।
व्याख्या (Explanation):
ऊर्जा संरक्षण तथा ऊर्जा दक्षता दोनों मिलकर ऊर्जा मांग और उत्सर्जन कम कर सकते हैं।

प्रश्न 80: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन हरित भवन की अवधारणा के संबंध में सर्वाधिक उपयुक्त है?

  • A. इसका उद्देश्य केवल भवन की ऊँचाई बढ़ाना है।
  • B. इसमें केवल सौर ऊर्जा का उपयोग अनिवार्य होता है।
  • C. यह केवल सरकारी भवनों पर लागू होती है।
  • D. इसका उद्देश्य ऊर्जा, जल एवं अन्य संसाधनों के कुशल उपयोग के साथ पर्यावरणीय प्रभाव को न्यूनतम करना है।
सही उत्तर: D — इसका उद्देश्य ऊर्जा, जल एवं अन्य संसाधनों के कुशल उपयोग के साथ पर्यावरणीय प्रभाव को न्यूनतम करना है।
व्याख्या (Explanation):
हरित भवन ऐसे भवन होते हैं जिनका निर्माण, संचालन और रखरखाव इस प्रकार किया जाता है कि ऊर्जा, जल एवं अन्य प्राकृतिक संसाधनों का कुशल उपयोग हो, अपशिष्ट और प्रदूषण कम उत्पन्न हो तथा पर्यावरण पर न्यूनतम प्रतिकूल प्रभाव पड़े।

प्रश्न 81: निम्नलिखित कथनों के संबंध में सही उत्तर चुनिए— (1) सतत विकास लक्ष्यों में प्रत्येक लक्ष्य को अलग-अलग प्राप्त किया जा सकता है, भले ही अन्य लक्ष्यों की उपेक्षा हो। (2) SDGs का एक प्रमुख उद्देश्य आर्थिक, सामाजिक तथा पर्यावरणीय नीतियों के बीच समन्वय स्थापित करना है।

  • A. केवल 1 सही है।
  • B. केवल 2 सही है।
  • C. 1 और 2 दोनों सही हैं।
  • D. न तो 1, न ही 2 सही है।
सही उत्तर: B — केवल 2 सही है।
व्याख्या (Explanation):
सतत विकास लक्ष्य एक-दूसरे से परस्पर जुड़े और अविभाज्य हैं, इसलिए किसी एक लक्ष्य को अन्य लक्ष्यों की उपेक्षा करके प्रभावी रूप से प्राप्त नहीं किया जा सकता। अतः कथन (1) गलत है। वहीं कथन (2) सही है।

प्रश्न 82: अमृत मिशन के उद्देश्य के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त है?

  • A. इसका मुख्य उद्देश्य केवल औद्योगिक नगरों का विकास करना है।
  • B. यह केवल स्मार्ट सिटी मिशन का एक उपभाग है।
  • C. इसका मुख्य उद्देश्य केवल मेट्रो रेल नेटवर्क का विस्तार करना है।
  • D. इसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में जलापूर्ति, सीवरेज, हरित क्षेत्र तथा अन्य बुनियादी नागरिक सुविधाओं में सुधार करना है।
सही उत्तर: D — इसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में जलापूर्ति, सीवरेज, हरित क्षेत्र तथा अन्य बुनियादी नागरिक सुविधाओं में सुधार करना है।
व्याख्या (Explanation):
अमृत मिशन का प्रमुख उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में जलापूर्ति, सीवरेज एवं सेप्टेज प्रबंधन, वर्षा जल निकासी, हरित क्षेत्र एवं उद्यानों के विकास तथा अन्य बुनियादी नागरिक सुविधाओं में सुधार करके नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है।

प्रश्न 83: निम्नलिखित में से कौन-सा उपाय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के पदानुक्रम के अनुरूप है?

  • A. अपशिष्ट उत्पादन को कम करना, पुनः उपयोग करना तथा अंत में पुनर्चक्रण करना
  • B. पहले लैंडफिल, फिर पुनर्चक्रण
  • C. पहले अपशिष्ट का दहन, फिर पुनः उपयोग
  • D. सभी प्रकार के अपशिष्ट को मिश्रित रूप में एकत्रित करना
सही उत्तर: A — अपशिष्ट उत्पादन को कम करना, पुनः उपयोग करना तथा अंत में पुनर्चक्रण करना
व्याख्या (Explanation):
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पदानुक्रम का मूल सिद्धांत अपशिष्ट के उत्पादन को सबसे पहले कम करना, उसके बाद पुनः उपयोग करना, फिर पुनर्चक्रण करना, आवश्यकता होने पर ऊर्जा या संसाधन की पुनर्प्राप्ति करना तथा अंत में निपटान करना है।

प्रश्न 84: स्मार्ट सिटी मिशन का प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित में से कौन-सा है?

  • A. केवल ऊँची इमारतों का निर्माण
  • B. केवल सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग
  • C. प्रौद्योगिकी, आधारभूत संरचना एवं नागरिक-केंद्रित सेवाओं के माध्यम से जीवन-गुणवत्ता में सुधार करना
  • D. केवल महानगरों का विस्तार करना
सही उत्तर: C — प्रौद्योगिकी, आधारभूत संरचना एवं नागरिक-केंद्रित सेवाओं के माध्यम से जीवन-गुणवत्ता में सुधार करना
व्याख्या (Explanation):
स्मार्ट सिटी मिशन का उद्देश्य केवल डिजिटल तकनीक नहीं, बल्कि बेहतर शासन, परिवहन, जल, ऊर्जा एवं जीवन-गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।

प्रश्न 85: शून्य बजट प्राकृतिक खेती के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त है?

  • A. इसका उद्देश्य केवल कृषि उत्पादन बढ़ाना है।
  • B. इसका उद्देश्य स्थानीय संसाधनों के उपयोग द्वारा बाहरी कृषि निवेश पर निर्भरता कम करना है।
  • C. इसमें रासायनिक उर्वरकों का नियंत्रित उपयोग अनिवार्य है।
  • D. यह केवल सिंचित क्षेत्रों में ही अपनाई जा सकती है।
सही उत्तर: B — इसका उद्देश्य स्थानीय संसाधनों के उपयोग द्वारा बाहरी कृषि निवेश पर निर्भरता कम करना है।
व्याख्या (Explanation):
शून्य बजट प्राकृतिक खेती का मुख्य उद्देश्य स्थानीय रूप से उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करके बाहरी कृषि निवेश पर निर्भरता कम करना, खेती की लागत घटाना तथा टिकाऊ एवं पर्यावरण-अनुकूल कृषि को बढ़ावा देना है।

प्रश्न 86: निम्नलिखित में से कौन-सा उपाय मृदा स्वास्थ्य को दीर्घकाल में सबसे अधिक सुधार सकता है?

  • A. फसल चक्र, जैविक पदार्थों का उपयोग तथा संतुलित पोषक प्रबंधन
  • B. केवल नाइट्रोजन उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग
  • C. निरंतर एक ही फसल उगाना
  • D. बार-बार गहरी जुताई करना
सही उत्तर: A — फसल चक्र, जैविक पदार्थों का उपयोग तथा संतुलित पोषक प्रबंधन
व्याख्या (Explanation):
फसल चक्र, जैविक खाद एवं संतुलित पोषण मृदा की संरचना एवं उर्वरता बनाए रखते हैं। B, C एवं D दीर्घकाल में मृदा क्षरण बढ़ा सकते हैं।

प्रश्न 87: निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए सर्वाधिक प्रभावी दीर्घकालिक रणनीति मानी जाएगी?

  • A. जीवाश्म ईंधनों के उपयोग में वृद्धि
  • B. एकल उपयोग वाले उत्पादों की खपत बढ़ाना
  • C. ऊर्जा दक्षता, नवीकरणीय ऊर्जा एवं स्वच्छ परिवहन का समन्वित विस्तार
  • D. केवल वृक्षारोपण पर निर्भर रहना
सही उत्तर: C — ऊर्जा दक्षता, नवीकरणीय ऊर्जा एवं स्वच्छ परिवहन का समन्वित विस्तार
व्याख्या (Explanation):
कार्बन उत्सर्जन में कमी के लिए बहुआयामी रणनीति आवश्यक है। D उपयोगी है, परंतु अकेले पर्याप्त नहीं। A एवं B उत्सर्जन बढ़ाते हैं।

प्रश्न 88: निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति नीली अर्थव्यवस्था तथा हरित अर्थव्यवस्था दोनों के सिद्धांतों के अनुरूप मानी जाएगी?

  • A. समुद्री पवन ऊर्जा के विकास के साथ समुद्री जैव विविधता का संरक्षण करना।
  • B. समुद्री संसाधनों का अनियंत्रित दोहन करना।
  • C. तटीय क्षेत्रों में प्रदूषणकारी उद्योगों को बढ़ावा देना।
  • D. समुद्री मत्स्य संसाधनों का अत्यधिक दोहन करना।
सही उत्तर: A — समुद्री पवन ऊर्जा के विकास के साथ समुद्री जैव विविधता का संरक्षण करना।
व्याख्या (Explanation):
नीली अर्थव्यवस्था और हरित अर्थव्यवस्था दोनों का उद्देश्य आर्थिक विकास को पर्यावरणीय संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग के साथ संतुलित करना है। इसलिए समुद्री पवन ऊर्जा के विकास के साथ समुद्री जैव विविधता का संरक्षण इन दोनों अवधारणाओं के सिद्धांतों के अनुरूप है। जबकि समुद्री संसाधनों का अनियंत्रित या अत्यधिक दोहन तथा तटीय क्षेत्रों में प्रदूषणकारी उद्योगों को बढ़ावा देना सतत विकास के सिद्धांतों के विपरीत है।

प्रश्न 89: सतत विकास लक्ष्य भारत सूचकांक के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए— (1) इसका उद्देश्य राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के बीच प्रतिस्पर्धी एवं सहकारी संघवाद को प्रोत्साहित करना है। (2) इसका निर्माण केवल प्रति व्यक्ति आय के आधार पर किया जाता है।

  • A. केवल 1 सही है।
  • B. केवल 2 सही है।
  • C. 1 और 2 दोनों सही हैं।
  • D. न तो 1, न ही 2 सही हैं।
सही उत्तर: A — केवल 1 सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन (1) सही है। जबकि कथन (2) गलत है, क्योंकि यह सूचकांक केवल प्रति व्यक्ति आय पर आधारित नहीं है, बल्कि सामाजिक, आर्थिक एवं पर्यावरणीय क्षेत्रों से संबंधित अनेक संकेतकों के आधार पर तैयार किया जाता है।

प्रश्न 90: निम्नलिखित कथनों के संबंध में सही उत्तर चुनिए— (1) सतत विकास लक्ष्यों का मूल सिद्धांत "Leave No One Behind" है। (2) यह सिद्धांत विकास की प्रक्रिया में समाज के सबसे कमजोर एवं वंचित वर्गों को प्राथमिकता देने पर बल देता है।

  • A. केवल 1 सही है।
  • B. केवल 2 सही है।
  • C. न तो 1, न ही 2 सही है।
  • D. 1 और 2 दोनों सही हैं।
सही उत्तर: D — 1 और 2 दोनों सही हैं।
व्याख्या (Explanation):
दोनों कथन सही हैं। "Leave No One Behind" संयुक्त राष्ट्र के 2030 Agenda for Sustainable Development का केंद्रीय सिद्धांत है, जिसका उद्देश्य विकास के लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाना, विशेषकर सबसे कमजोर एवं वंचित समुदायों को प्राथमिकता देना है।

प्रश्न 91: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन संसाधन दक्षता के संबंध में सही है?

  • A. कम संसाधनों का उपयोग कर अधिक मूल्य एवं उत्पादन प्राप्त करना
  • B. संसाधनों की अधिकतम खपत करना
  • C. केवल पुनर्चक्रण पर निर्भर रहना
  • D. केवल नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग करना
सही उत्तर: A — कम संसाधनों का उपयोग कर अधिक मूल्य एवं उत्पादन प्राप्त करना
व्याख्या (Explanation):
संसाधन दक्षता का उद्देश्य कम संसाधनों से अधिक उत्पादन एवं मूल्य प्राप्त करना है। Recycling इसका केवल एक भाग है।

प्रश्न 92: कृषि वानिकी का प्रमुख लाभ क्या है?

  • A. कृषि उत्पादन के साथ वृक्षारोपण द्वारा आय, जैव विविधता एवं मृदा संरक्षण को बढ़ावा देना
  • B. कृषि भूमि को केवल वन क्षेत्र में बदल देना
  • C. केवल लकड़ी उत्पादन बढ़ाना
  • D. कृषि गतिविधियों को समाप्त कर देना
सही उत्तर: A — कृषि उत्पादन के साथ वृक्षारोपण द्वारा आय, जैव विविधता एवं मृदा संरक्षण को बढ़ावा देना
व्याख्या (Explanation):
वानिकी कृषि एवं वृक्षारोपण का एकीकृत मॉडल है। इससे आय विविधीकरण, कार्बन अवशोषण और मृदा संरक्षण होता है। अन्य विकल्प गलत हैं।

प्रश्न 93: प्राकृतिक खेती तथा जैविक खेती के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त है?

  • A. दोनों पूर्णतः समान अवधारणाएँ हैं।
  • B. प्राकृतिक खेती में बाहरी जैविक इनपुट का व्यापक उपयोग किया जाता है।
  • C. जैविक खेती में किसी भी प्रकार के जैविक इनपुट का उपयोग नहीं किया जाता।
  • D. प्राकृतिक खेती बाहरी इनपुट पर न्यूनतम निर्भरता तथा स्थानीय संसाधनों के उपयोग पर बल देती है।
सही उत्तर: D — प्राकृतिक खेती बाहरी इनपुट पर न्यूनतम निर्भरता तथा स्थानीय संसाधनों के उपयोग पर बल देती है।
व्याख्या (Explanation):
प्राकृतिक खेती स्थानीय संसाधनों तथा न्यूनतम बाहरी इनपुट पर आधारित होती है, जबकि जैविक खेती में प्रमाणित जैविक इनपुट का उपयोग किया जा सकता है।

प्रश्न 94: निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति जलवायु-स्मार्ट कृषि के सिद्धांतों के सर्वाधिक अनुरूप है?

  • A. केवल रासायनिक उर्वरकों के उपयोग में वृद्धि करना।
  • B. केवल सिंचाई की मात्रा बढ़ाना।
  • C. कृषि उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ जलवायु जोखिमों के प्रति अनुकूलन तथा ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी पर बल देना।
  • D. केवल पारंपरिक कृषि पद्धतियों को अपनाना।
सही उत्तर: C — कृषि उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ जलवायु जोखिमों के प्रति अनुकूलन तथा ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी पर बल देना।
व्याख्या (Explanation):
जलवायु-स्मार्ट कृषि का उद्देश्य कृषि उत्पादकता एवं किसानों की आय में वृद्धि करना, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति कृषि प्रणाली की अनुकूलन क्षमता बढ़ाना तथा ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करना है।

प्रश्न 95: यदि किसी क्षेत्र में भूमि क्षरण लगातार बढ़ता रहे, तो निम्नलिखित में से सबसे उपयुक्त दीर्घकालिक प्रभाव क्या होगा?

  • A. जल उपयोग दक्षता स्वतः बढ़ जाएगी।
  • B. कृषि उत्पादकता एवं पारिस्थितिक संतुलन दोनों प्रभावित होंगे।
  • C. जैव विविधता स्वतः बढ़ जाएगी।
  • D. मृदा की उर्वरता स्थायी रूप से बढ़ जाएगी।
सही उत्तर: B — कृषि उत्पादकता एवं पारिस्थितिक संतुलन दोनों प्रभावित होंगे।
व्याख्या (Explanation):
भूमि क्षरण से मृदा की गुणवत्ता घटती है, जैव विविधता कम होती है तथा कृषि उत्पादकता प्रभावित होती है।

प्रश्न 96: सतत शहरी विकास के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा उपाय दीर्घकाल में सर्वाधिक प्रभावी माना जाएगा?

  • A. सार्वजनिक परिवहन एवं मिश्रित भूमि उपयोग को बढ़ावा देना
  • B. केवल निजी वाहनों के लिए सड़कें चौड़ी करना
  • C. शहरी विस्तार को अनियंत्रित छोड़ देना
  • D. केवल बहुमंजिला भवनों का निर्माण करना
सही उत्तर: A — सार्वजनिक परिवहन एवं मिश्रित भूमि उपयोग को बढ़ावा देना
व्याख्या (Explanation):
इससे यातायात, ऊर्जा खपत और प्रदूषण में कमी आती है। अन्य विकल्प असंतुलित शहरीकरण को बढ़ावा देते हैं।

प्रश्न 97: निम्नलिखित में से हरित हाइड्रोजन के संबंध में कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त है?

  • A. इसका उत्पादन कोयले के गैसीकरण द्वारा किया जाता है।
  • B. इसका उत्पादन प्राकृतिक गैस से बिना कार्बन उत्सर्जन नियंत्रण के किया जाता है।
  • C. इसका उत्पादन नवीकरणीय ऊर्जा से संचालित जल के विद्युत अपघटन द्वारा किया जाता है।
  • D. इसका उपयोग केवल अंतरिक्ष कार्यक्रमों तक सीमित है।
सही उत्तर: C — इसका उत्पादन नवीकरणीय ऊर्जा से संचालित जल के विद्युत अपघटन द्वारा किया जाता है।
व्याख्या (Explanation):
हरित हाइड्रोजन का उत्पादन जल के विद्युत अपघटन द्वारा किया जाता है, जिसमें प्रयुक्त विद्युत सौर, पवन अथवा अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से प्राप्त होती है। इस प्रक्रिया में कार्बन उत्सर्जन नगण्य या लगभग शून्य होता है। इसके विपरीत, कोयले के गैसीकरण से प्राप्त हाइड्रोजन सामान्यतः भूरा/काला हाइड्रोजन कहलाता है, जबकि प्राकृतिक गैस से बिना कार्बन उत्सर्जन नियंत्रण के उत्पादित हाइड्रोजन धूसर हाइड्रोजन कहलाता है। इसके अतिरिक्त, हरित हाइड्रोजन का उपयोग केवल अंतरिक्ष कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि ऊर्जा, परिवहन, उर्वरक, इस्पात तथा अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी किया जा रहा है।

प्रश्न 98: निम्नलिखित में से कौन-सी नीति सतत कृषि के साथ सर्वाधिक संगत मानी जाएगी?

  • A. रासायनिक उर्वरकों पर पूर्ण निर्भरता
  • B. भूजल दोहन को अधिकतम करना
  • C. एकल फसल को हर परिस्थिति में प्रोत्साहित करना
  • D. मृदा स्वास्थ्य, जल दक्षता तथा फसल विविधीकरण को एकीकृत रूप से बढ़ावा देना
सही उत्तर: D — मृदा स्वास्थ्य, जल दक्षता तथा फसल विविधीकरण को एकीकृत रूप से बढ़ावा देना
व्याख्या (Explanation):
सतत कृषि एकीकृत दृष्टिकोण अपनाती है। A, B और C दीर्घकालीन कृषि स्थिरता के विपरीत हैं।

प्रश्न 99: यदि किसी क्षेत्र का पारिस्थितिक फुटप्रिंट उसकी जैव क्षमता से अधिक हो जाए, तो इसका क्या अर्थ होगा?

  • A. संसाधनों का उपयोग उनकी पुनर्भरण क्षमता से अधिक हो रहा है।
  • B. उस क्षेत्र में जैव विविधता स्वतः बढ़ जाएगी।
  • C. उस क्षेत्र की वहन क्षमता बढ़ जाएगी।
  • D. संसाधनों की उपलब्धता असीमित हो जाएगी।
सही उत्तर: A — संसाधनों का उपयोग उनकी पुनर्भरण क्षमता से अधिक हो रहा है।
व्याख्या (Explanation):
जब किसी क्षेत्र का पारिस्थितिक फुटप्रिंट उसकी जैव क्षमता से अधिक हो जाता है, तो इस स्थिति को पारिस्थितिक घाटा कहा जाता है। इसका अर्थ है कि उस क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों की खपत उनकी प्राकृतिक पुनर्भरण क्षमता से अधिक हो रही है, जिससे संसाधनों पर दीर्घकालिक दबाव बढ़ता है और पर्यावरणीय असंतुलन उत्पन्न हो सकता है।

प्रश्न 100: यदि कोई देश आर्थिक वृद्धि तो प्राप्त कर रहा हो, परंतु प्राकृतिक पूंजी का निरंतर क्षरण हो रहा हो, तो दीर्घकाल में इसका सबसे उपयुक्त निष्कर्ष क्या होगा?

  • A. ऐसी वृद्धि को सतत विकास नहीं माना जाएगा।
  • B. आर्थिक वृद्धि अपने-आप पर्यावरणीय क्षति की भरपाई कर देगी।
  • C. प्राकृतिक संसाधनों का क्षरण विकास से असंबंधित है।
  • D. केवल GDP में वृद्धि सतत विकास का पर्याप्त संकेतक है।
सही उत्तर: A — ऐसी वृद्धि को सतत विकास नहीं माना जाएगा।
व्याख्या (Explanation):
प्राकृतिक पूंजी का क्षरण भविष्य की उत्पादन क्षमता एवं पारिस्थितिक संतुलन को प्रभावित करता है।

प्रश्न 101: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन ब्रंटलैंड रिपोर्ट के मूल दर्शन को सर्वोत्तम रूप से व्यक्त करता है?

  • A. आर्थिक विकास के लिए पर्यावरणीय मानकों में ढील आवश्यक है।
  • B. प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण केवल संरक्षित क्षेत्रों तक सीमित होना चाहिए।
  • C. भविष्य की पीढ़ियों के हितों की रक्षा के लिए वर्तमान विकास को पूर्णतः रोक देना चाहिए।
  • D. विकास और पर्यावरण संरक्षण परस्पर विरोधी न होकर एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं।
सही उत्तर: D — विकास और पर्यावरण संरक्षण परस्पर विरोधी न होकर एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं।
व्याख्या (Explanation):
ब्रंटलैंड रिपोर्ट का मुख्य संदेश यही है कि विकास और पर्यावरण को संतुलित किया जा सकता है। A विकास को पर्यावरण पर प्राथमिकता देता है। B अत्यधिक सीमित दृष्टिकोण है। C सतत विकास का उद्देश्य नहीं है।

प्रश्न 102: निम्नलिखित कथनों में सही उत्तर चुनिए। (1) सतत विकास केवल प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तक सीमित नहीं है। (2) सामाजिक समानता तथा आर्थिक समावेशन भी सतत विकास के अभिन्न अंग हैं।

  • A. केवल 1 सही है।
  • B. 1 और 2 दोनों सही हैं।
  • C. केवल 2 सही है।
  • D. न तो 1, न ही 2 सही है।
सही उत्तर: B — 1 और 2 दोनों सही हैं।
व्याख्या (Explanation):
कथन 1 सही है। सतत विकास केवल पर्यावरण संरक्षण नहीं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय तीनों आयामों का संतुलन है। कथन 2 भी सही है। समावेशी विकास, सामाजिक न्याय और अवसरों की समानता सतत विकास की मूल अवधारणाएँ हैं।

प्रश्न 103: निम्नलिखित में से पवन ऊर्जा की एक प्रमुख विशेषता कौन-सी है?

  • A. इसका उत्पादन पवन की उपलब्धता एवं गति पर निर्भर करता है।
  • B. इसमें कोयले की आवश्यकता होती है।
  • C. यह केवल रात्रि में कार्य करती है।
  • D. इससे रेडियोधर्मी अपशिष्ट उत्पन्न होता है।
सही उत्तर: A — इसका उत्पादन पवन की उपलब्धता एवं गति पर निर्भर करता है।
व्याख्या (Explanation):
पवन ऊर्जा एक परिवर्ती नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है, क्योंकि इसका उत्पादन पवन की गति एवं उपलब्धता पर निर्भर करता है।

प्रश्न 104: निम्नलिखित में से कौन-सा उपाय कार्बन-तटस्थ अर्थव्यवस्था की दिशा में सर्वाधिक सहायक है?

  • A. नवीकरणीय ऊर्जा का अधिक उपयोग।
  • B. कोयले की खपत बढ़ाना।
  • C. वनों की कटाई बढ़ाना।
  • D. ऊर्जा दक्षता को कम करना।
सही उत्तर: A — नवीकरणीय ऊर्जा का अधिक उपयोग।
व्याख्या (Explanation):
कार्बन-तटस्थ अर्थव्यवस्था की दिशा में नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार, ऊर्जा दक्षता में वृद्धि, कार्बन सिंक का संरक्षण तथा स्वच्छ प्रौद्योगिकियों का उपयोग महत्वपूर्ण हैं। इनमें नवीकरणीय ऊर्जा का अधिक उपयोग प्रमुख उपायों में से एक है।

प्रश्न 105: निम्नलिखित में से कौन-सा जैव ऊर्जा का उदाहरण है?

  • A. बायोगैस
  • B. परमाणु ऊर्जा
  • C. ज्वारीय ऊर्जा
  • D. भू-तापीय ऊर्जा
सही उत्तर: A — बायोगैस
व्याख्या (Explanation):
बायोगैस जैविक पदार्थों के अवायवीय अपघटन से प्राप्त होने वाली जैव ऊर्जा का प्रमुख उदाहरण है।

प्रश्न 106: स्वच्छ परिवहन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  • A. जीवाश्म ईंधन की खपत बढ़ाना।
  • B. ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करना।
  • C. निजी वाहनों की संख्या बढ़ाना।
  • D. केवल सड़क निर्माण करना। उत्तर: B सही व्याख्या: स्वच्छ परिवहन का उद्देश्य ग्रीनहाउस गैसों एवं वायु प्रदूषकों के उत्सर्जन को कम करना, ऊर्जा दक्षता बढ़ाना तथा स्वच्छ ईंधनों एवं सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहित करना है। ________________________________________ 238. वहन क्षमता से आशय है— A. किसी क्षेत्र की वह अधिकतम जनसंख्या अथवा जैविक भार जिसे उपलब्ध संसाधनों के आधार पर दीर्घकाल तक बनाए रखा जा सके। B. किसी देश की कुल जनसंख्या। C. किसी शहर की सड़क क्षमता। D. किसी उद्योग की उत्पादन क्षमता।
सही उत्तर: A — जीवाश्म ईंधन की खपत बढ़ाना।
व्याख्या (Explanation):
वहन क्षमता किसी पारिस्थितिकी तंत्र की वह अधिकतम सीमा है, जहाँ उपलब्ध संसाधनों के आधार पर जनसंख्या अथवा अन्य जैविक भार को दीर्घकाल तक बिना संसाधनों के क्षय के बनाए रखा जा सकता है।

प्रश्न 107: निम्नलिखित में से कौन-सा सार्वजनिक परिवहन का उदाहरण है?

  • A. निजी कार
  • B. मेट्रो रेल
  • C. निजी हेलीकॉप्टर
  • D. व्यक्तिगत मोटरसाइकिल
सही उत्तर: B — मेट्रो रेल
व्याख्या (Explanation):
मेट्रो रेल एक सार्वजनिक परिवहन प्रणाली है, जो बड़ी संख्या में यात्रियों को ऊर्जा-कुशल एवं अपेक्षाकृत कम प्रदूषणकारी परिवहन सुविधा प्रदान करती है।

प्रश्न 108: सूक्ष्म सिंचाई का मुख्य उद्देश्य क्या है?

  • A. जल की अधिकतम बर्बादी करना।
  • B. कम जल में अधिक सिंचाई दक्षता प्राप्त करना।
  • C. केवल वर्षा जल का उपयोग करना।
  • D. केवल बड़े किसानों को लाभ पहुँचाना।
सही उत्तर: B — कम जल में अधिक सिंचाई दक्षता प्राप्त करना।
व्याख्या (Explanation):
सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप एवं स्प्रिंकलर प्रणाली) का उद्देश्य कम जल में अधिक सिंचाई दक्षता प्राप्त करना, जल संरक्षण करना तथा फसल उत्पादकता बढ़ाना है।

प्रश्न 109: 'नेट ज़ीरो' का अर्थ है—

  • A. सभी प्रकार के ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को पूर्णतः समाप्त कर देना।
  • B. उत्सर्जित तथा हटाई गई ग्रीनहाउस गैसों के बीच संतुलन स्थापित करना।
  • C. केवल औद्योगिक उत्सर्जन को समाप्त करना।
  • D. केवल ऊर्जा क्षेत्र में उत्सर्जन समाप्त करना।
सही उत्तर: B — उत्सर्जित तथा हटाई गई ग्रीनहाउस गैसों के बीच संतुलन स्थापित करना।
व्याख्या (Explanation):
नेट ज़ीरो का अर्थ यह है कि कुल ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन और वातावरण से हटाई गई ग्रीनहाउस गैसों के बीच संतुलन स्थापित हो जाए, जिससे शुद्ध उत्सर्जन शून्य के बराबर हो।

प्रश्न 110: लघु जलविद्युत परियोजनाओं का प्रमुख लाभ क्या है?

  • A. इनमें विशाल जलाशय बनाना अनिवार्य होता है।
  • B. इनका पर्यावरणीय प्रभाव सामान्यतः बड़े बाँधों की तुलना में कम होता है।
  • C. इनमें जीवाश्म ईंधन का उपयोग किया जाता है।
  • D. इनका उपयोग केवल सिंचाई के लिए होता है।
सही उत्तर: B — इनका पर्यावरणीय प्रभाव सामान्यतः बड़े बाँधों की तुलना में कम होता है।
व्याख्या (Explanation):
लघु जलविद्युत परियोजनाओं में सामान्यतः बड़े जलाशयों की आवश्यकता नहीं होती तथा बड़े बाँधों की तुलना में पर्यावरणीय एवं सामाजिक प्रभाव अपेक्षाकृत कम होते हैं।

प्रश्न 111: बायोमास ऊर्जा का प्रमुख स्रोत क्या है?

  • A. कृषि अवशेष एवं अन्य जैविक अपशिष्ट
  • B. यूरेनियम
  • C. प्राकृतिक गैस
  • D. कोयला
सही उत्तर: A — कृषि अवशेष एवं अन्य जैविक अपशिष्ट
व्याख्या (Explanation):
बायोमास ऊर्जा कृषि अवशेष, पशु अपशिष्ट, लकड़ी, खाद्य अपशिष्ट तथा अन्य जैविक पदार्थों से प्राप्त होती है। यह एक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है।

प्रश्न 112: निम्नलिखित में से पवन ऊर्जा के संबंध में कौन-सा कथन सही है?

  • A. पवन ऊर्जा उत्पादन के लिए जीवाश्म ईंधन का उपयोग आवश्यक होता है।
  • B. पवन ऊर्जा एक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है।
  • C. पवन ऊर्जा केवल समुद्री क्षेत्रों में ही उत्पन्न की जा सकती है।
  • D. पवन ऊर्जा के संचालन के दौरान ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन जीवाश्म ईंधनों के समान होता है।
सही उत्तर: B — पवन ऊर्जा एक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है।
व्याख्या (Explanation):
पवन ऊर्जा एक नवीकरणीय एवं स्वच्छ ऊर्जा स्रोत है। इसके संचालन के दौरान ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन अत्यंत कम होता है। इसका उत्पादन स्थल-आधारित तथा अपतटीय दोनों प्रकार की परियोजनाओं में किया जा सकता है।

प्रश्न 113: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) सतत विकास का लक्ष्य आर्थिक विकास को रोकना नहीं, बल्कि उसे अधिक संसाधन-दक्ष एवं समावेशी बनाना है। (2) सतत विकास की अवधारणा वर्तमान एवं भावी पीढ़ियों दोनों के हितों पर बल देती है। (3) सतत विकास के अंतर्गत पर्यावरणीय संरक्षण का कोई महत्व नहीं है यदि आर्थिक विकास तीव्र गति से हो।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. केवल 1 और 3
  • D. केवल 1 और 2
सही उत्तर: D — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
कथन 1 और 2 सही है। जबकि कथन (3) गलत है, क्योंकि पर्यावरणीय संरक्षण सतत विकास के तीन प्रमुख स्तंभों आर्थिक विकास, सामाजिक समावेशन और पर्यावरणीय संरक्षण में से एक है, अतः तीव्र आर्थिक विकास के नाम पर इसकी उपेक्षा नहीं की जा सकती।

प्रश्न 114: निम्नलिखित कथनों में सही उत्तर चुने— (1) सतत विकास लक्ष्य सार्वभौमिक हैं। (2) सभी देशों के लिए सतत विकास लक्ष्यों के कार्यान्वयन की रणनीति समान होना आवश्यक है। (3) सतत विकास लक्ष्यों के क्रियान्वयन में प्रत्येक देश की राष्ट्रीय परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाता है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: C — केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):
कथन 1 और 3 सही है। किंतु इन लक्ष्यों के कार्यान्वयन के लिए सभी देशों द्वारा एक समान रणनीति अपनाना आवश्यक नहीं है, क्योंकि प्रत्येक देश की आर्थिक, सामाजिक, पर्यावरणीय तथा संस्थागत परिस्थितियाँ भिन्न होती हैं। इसलिए कथन (2) गलत है।

प्रश्न 115: निम्नलिखित में से प्राकृतिक पूंजी (नेचुरल कैपिटल) के संबंध में कौन-सा कथन सही है?

  • A. इसमें वन, जल, भूमि, जैव विविधता तथा अन्य प्राकृतिक संसाधन शामिल होते हैं।
  • B. इसमें केवल खनिज संसाधन शामिल होते हैं।
  • C. इसका उपयोग केवल पर्यावरणीय लेखांकन में होता है।
  • D. इसका आर्थिक विकास से कोई संबंध नहीं है।
सही उत्तर: A — इसमें वन, जल, भूमि, जैव विविधता तथा अन्य प्राकृतिक संसाधन शामिल होते हैं।
व्याख्या (Explanation):
प्राकृतिक पूंजी में सभी प्रमुख प्राकृतिक परिसंपत्तियाँ शामिल होती हैं जो आर्थिक एवं पारिस्थितिक सेवाएँ प्रदान करती हैं।

प्रश्न 116: निम्नलिखित में से संयुक्त राष्ट्र का मुख्यालय कहाँ स्थित है?

  • A. न्यूयॉर्क
  • B. जेनेवा
  • C. वियना
  • D. नैरोबी
सही उत्तर: A — न्यूयॉर्क
व्याख्या (Explanation):
संयुक्त राष्ट्र का मुख्यालय न्यूयॉर्क में स्थित है।

प्रश्न 117: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सतत विकास की समेकित प्रकृति को सर्वाधिक उपयुक्त रूप से व्यक्त करता है?

  • A. आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण को अलग-अलग नीतियों के माध्यम से आगे बढ़ाना पर्याप्त है।
  • B. आर्थिक वृद्धि, सामाजिक समावेशन तथा पर्यावरणीय संरक्षण के बीच संतुलित समन्वय सतत विकास की आधारशिला है।
  • C. सतत विकास का मुख्य उद्देश्य केवल कार्बन उत्सर्जन कम करना है।
  • D. सतत विकास केवल विकासशील देशों के लिए प्रासंगिक है।
सही उत्तर: B — आर्थिक वृद्धि, सामाजिक समावेशन तथा पर्यावरणीय संरक्षण के बीच संतुलित समन्वय सतत विकास की आधारशिला है।
व्याख्या (Explanation):
सतत विकास का वास्तविक स्वरूप बहुआयामी एवं समेकित है। इसमें आर्थिक समृद्धि, सामाजिक न्याय, पर्यावरणीय संतुलन, संस्थागत सुशासन सभी का संतुलन आवश्यक है।

प्रश्न 118: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) सतत विकास का मूल उद्देश्य वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं की पूर्ति करते हुए भावी पीढ़ियों की आवश्यकताओं से समझौता न करना है। (2) सतत विकास केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित अवधारणा है। (3) सतत विकास लक्ष्यों में सामाजिक न्याय, आर्थिक समावेशन तथा पर्यावरणीय संरक्षण तीनों का समावेश है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 1 और 3
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: B — केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):
कथन 1 और 3 सही है। कथन 2 गलत है, क्योंकि सतत विकास केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि आर्थिक विकास, सामाजिक समावेशन तथा पर्यावरणीय संरक्षण इन तीनों स्तंभों के संतुलित समन्वय पर आधारित है।

प्रश्न 119: कार्बन फुटप्रिंट मुख्यतः किसका मापन करता है?

  • A. किसी देश का वन क्षेत्र
  • B. जल संसाधनों की उपलब्धता
  • C. जैव विविधता की स्थिति
  • D. किसी व्यक्ति, संस्था या गतिविधि से उत्पन्न कुल ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन
सही उत्तर: D — किसी व्यक्ति, संस्था या गतिविधि से उत्पन्न कुल ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन
व्याख्या (Explanation):
कार्बन फुटप्रिंट किसी व्यक्ति, संस्था, उत्पाद अथवा गतिविधि से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से उत्पन्न कुल ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का मापन करता है।

प्रश्न 120: निम्नलिखित में से कौन-सा जैव अर्थव्यवस्था का सर्वोत्तम उदाहरण है?

  • A. जीवाश्म ईंधन आधारित उद्योग
  • B. कोयला आधारित ताप विद्युत संयंत्र
  • C. जैव संसाधनों का उपयोग कर मूल्यवर्धित उत्पादों का निर्माण
  • D. केवल परमाणु ऊर्जा उत्पादन
सही उत्तर: C — जैव संसाधनों का उपयोग कर मूल्यवर्धित उत्पादों का निर्माण
व्याख्या (Explanation):
जैव अर्थव्यवस्था, जैविक संसाधनों पर आधारित उत्पादन एवं नवाचार को बढ़ावा देती है। अन्य विकल्प जैव संसाधनों पर आधारित नहीं हैं।

प्रश्न 121: निम्नलिखित में से सतत विकास लक्ष्य संकेतकों के संबंध में कौन-सा कथन सही है?

  • A. ये केवल विकसित देशों पर लागू होते हैं।
  • B. ये केवल आर्थिक विकास का मापन करते हैं।
  • C. इनमें केवल संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिवर्ष संशोधन किया जाता है।
  • D. ये सतत विकास लक्ष्यों की प्रगति का आकलन करने के लिए विकसित किए गए मापन मानदंड हैं।
सही उत्तर: D — ये सतत विकास लक्ष्यों की प्रगति का आकलन करने के लिए विकसित किए गए मापन मानदंड हैं।
व्याख्या (Explanation):
सतत विकास लक्ष्य संकेतक ऐसे मापन मानदंड हैं, जिन्हें संयुक्त राष्ट्र द्वारा सतत विकास लक्ष्यों तथा उनके अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति का आकलन करने के लिए विकसित किया गया है। इन संकेतकों के माध्यम से विभिन्न देशों में सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय विकास की दिशा में हुई प्रगति का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन किया जाता है।

प्रश्न 122: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन हरित अर्थव्यवस्था के संबंध में सही है?

  • A. इसका उद्देश्य केवल औद्योगिक उत्पादन बढ़ाना है।
  • B. इसमें पर्यावरण संरक्षण का कोई स्थान नहीं है।
  • C. यह केवल विकसित देशों के लिए उपयुक्त मॉडल है।
  • D. इसका उद्देश्य आर्थिक विकास के साथ पर्यावरणीय जोखिमों और संसाधन क्षरण को कम करना है।
सही उत्तर: D — इसका उद्देश्य आर्थिक विकास के साथ पर्यावरणीय जोखिमों और संसाधन क्षरण को कम करना है।
व्याख्या (Explanation):
हरित अर्थव्यवस्था कम-कार्बन, संसाधन-दक्ष एवं समावेशी विकास को प्रोत्साहित करती है। अन्य विकल्प इसकी अवधारणा के विपरीत हैं।

प्रश्न 123: भारत में सतत विकास लक्ष्यों के कार्यान्वयन के समन्वय में प्रमुख भूमिका किस संस्था की है?

  • A. नीति आयोग
  • B. भारतीय रिज़र्व बैंक
  • C. वित्त आयोग
  • D. पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
सही उत्तर: A — नीति आयोग
व्याख्या (Explanation):
भारत में सतत विकास लक्ष्यों के कार्यान्वयन, राज्यों के साथ समन्वय, प्रगति की निगरानी तथा एसडीजी भारत सूचकांक जारी करने की प्रमुख जिम्मेदारी नीति आयोग की है। जबकि भारतीय रिज़र्व बैंक, वित्त आयोग तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय अपनी-अपनी विशिष्ट भूमिकाएँ निभाते हैं, परंतु एसडीजी के समग्र समन्वय की प्रमुख जिम्मेदारी नीति आयोग के पास है।

प्रश्न 124: एजेंडा-21 का मुख्य स्वरूप क्या है?

  • A. बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय संधि
  • B. जलवायु परिवर्तन पर कानूनी समझौता
  • C. सतत विकास हेतु स्वैच्छिक कार्ययोजना
  • D. जैव विविधता पर वित्तीय समझौता
सही उत्तर: C — सतत विकास हेतु स्वैच्छिक कार्ययोजना
व्याख्या (Explanation):
एजेंडा-21 एक व्यापक, स्वैच्छिक कार्ययोजना है। यह बाध्यकारी संधि नहीं है।

प्रश्न 125: रियो पृथ्वी सम्मेलन (1992) का प्रमुख महत्व क्या था?

  • A. SDGs को अपनाया गया।
  • B. पेरिस समझौते पर हस्ताक्षर हुए।
  • C. कार्बन टैक्स लागू किया गया।
  • D. पर्यावरण और विकास पर वैश्विक सहयोग की व्यापक रूपरेखा को संस्थागत स्वरूप मिला।
सही उत्तर: D — पर्यावरण और विकास पर वैश्विक सहयोग की व्यापक रूपरेखा को संस्थागत स्वरूप मिला।
व्याख्या (Explanation):
रियो पृथ्वी सम्मेलन (1992) ने सतत विकास की वैश्विक अवधारणा को संस्थागत आधार प्रदान किया। इसी सम्मेलन में रियो घोषणा, एजेंडा-21 तथा जलवायु परिवर्तन एवं जैव विविधता संबंधी प्रमुख अभिसमयों के लिए आधार तैयार हुआ।

प्रश्न 126: सतत विकास की अवधारणा में "अंतर-पीढ़ी समानता" का अर्थ है—

  • A. भविष्य की पीढ़ियों के हितों की रक्षा करना
  • B. सभी देशों को समान आर्थिक सहायता देना
  • C. सभी उद्योगों पर समान कर लगाना
  • D. प्रत्येक व्यक्ति को समान आय प्रदान करना
सही उत्तर: A — भविष्य की पीढ़ियों के हितों की रक्षा करना
व्याख्या (Explanation):
वर्तमान पीढ़ी को संसाधनों का ऐसा उपयोग करना चाहिए कि भविष्य की पीढ़ियाँ भी उनका लाभ उठा सकें।

प्रश्न 127: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन 'Our Common Future' के संबंध में सही है?

  • A. यह रियो सम्मेलन (1992) की अंतिम घोषणा है।
  • B. यह ब्रंटलैंड आयोग की रिपोर्ट है।
  • C. यह एजेंडा-21 का दूसरा नाम है।
  • D. यह SDGs का आधिकारिक दस्तावेज है।
सही उत्तर: B — यह ब्रंटलैंड आयोग की रिपोर्ट है।
व्याख्या (Explanation):
Our Common Future (1987) ब्रंटलैंड आयोग की रिपोर्ट है।

प्रश्न 128: ब्रंटलैंड आयोग का गठन मुख्यतः किस उद्देश्य से किया गया था?

  • A. वैश्विक पर्यावरणीय समस्याओं एवं विकास के बीच संबंधों का अध्ययन करना
  • B. जैव विविधता संरक्षण हेतु वैश्विक कोष स्थापित करना
  • C. परमाणु ऊर्जा के सुरक्षित उपयोग का अध्ययन करना
  • D. पर्यावरण एवं विकास के बीच संतुलन हेतु दीर्घकालिक रणनीति सुझाना
सही उत्तर: D — पर्यावरण एवं विकास के बीच संतुलन हेतु दीर्घकालिक रणनीति सुझाना
व्याख्या (Explanation):
विश्व पर्यावरण एवं विकास आयोग का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच समन्वित एवं दीर्घकालिक रणनीति प्रस्तुत करना था।

प्रश्न 129: निम्नलिखित में से सतत विकास का प्रमुख उद्देश्य कौन-सा है?

  • A. केवल पर्यावरण संरक्षण
  • B. केवल सामाजिक समानता
  • C. आर्थिक विकास, सामाजिक न्याय और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना
  • D. प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग समाप्त करना
सही उत्तर: C — आर्थिक विकास, सामाजिक न्याय और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना
व्याख्या (Explanation):
सतत विकास तीन स्तंभों आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय के संतुलन पर आधारित है।

प्रश्न 130: सतत विकास की सर्वाधिक स्वीकृत परिभाषा किस सिद्धांत पर आधारित है?

  • A. वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं की पूर्ति करते हुए भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं से समझौता न करना
  • B. केवल आर्थिक वृद्धि को प्राथमिकता देना
  • C. प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना
  • D. औद्योगिकीकरण को सीमित करना
सही उत्तर: A — वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं की पूर्ति करते हुए भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं से समझौता न करना
व्याख्या (Explanation):
A सही है। क्योंकि यही ब्रंटलैंड रिपोर्ट (1987) द्वारा दी गई सतत विकास की मानक परिभाषा है।

प्रश्न 131: कथन (A): बायोमास आधारित ऊर्जा प्रणाली परिपत्र अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित कर सकती है। कारण (R): इसमें कृषि एवं जैविक अपशिष्टों का संसाधन के रूप में पुनः उपयोग किया जा सकता है।

  • A. A तथा R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A तथा R दोनों सही हैं, किन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, किन्तु R गलत है।
  • D. A गलत है, किन्तु R सही है।
सही उत्तर: A — A तथा R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
परिपत्र अर्थव्यवस्था का उद्देश्य अपशिष्ट को संसाधन के रूप में पुनः उपयोग करना है। बायोमास आधारित ऊर्जा प्रणालियाँ कृषि एवं जैविक अवशेषों का उपयोग ऊर्जा उत्पादन में करती हैं, जिससे संसाधनों की दक्षता बढ़ती है और अपशिष्ट में कमी आती है।

प्रश्न 132: कथन (A): केवल विद्युत चालित वाहनों के उपयोग से ही किसी शहर में सतत परिवहन सुनिश्चित नहीं किया जा सकता। कारण (R): सतत परिवहन में सार्वजनिक परिवहन, पैदल मार्ग, साइकिल अवसंरचना तथा समेकित शहरी नियोजन भी महत्त्वपूर्ण हैं।

  • A. A तथा R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A तथा R दोनों सही हैं, किन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, किन्तु R गलत है।
  • D. A गलत है, किन्तु R सही है।
सही उत्तर: A — A तथा R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
सतत परिवहन केवल वाहन के ईंधन पर निर्भर नहीं करता, बल्कि समग्र परिवहन व्यवस्था, सार्वजनिक परिवहन, गैर-मोटर चालित परिवहन तथा सुव्यवस्थित शहरी नियोजन पर भी आधारित होता है। इसलिए कारण, कथन की उचित व्याख्या करता है।

प्रश्न 133: कथन (A): बायोमास ऊर्जा को पूर्णतः कार्बन-मुक्त ऊर्जा स्रोत नहीं माना जाता। कारण (R): बायोमास के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन हो सकता है, किन्तु सतत जैव संसाधन प्रबंधन के अंतर्गत इसे अपेक्षाकृत कार्बन-तटस्थ माना जा सकता है।

  • A. A तथा R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A तथा R दोनों सही हैं, किन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, किन्तु R गलत है।
  • D. A गलत है, किन्तु R सही है।
सही उत्तर: A — A तथा R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
बायोमास के दहन से कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन होता है, इसलिए इसे कार्बन-मुक्त नहीं कहा जा सकता। यदि जैव संसाधनों का सतत प्रबंधन किया जाए तथा उतनी ही मात्रा में पुनर्वनीकरण अथवा जैविक पुनर्जनन हो, तो इसे अपेक्षाकृत कार्बन-तटस्थ माना जा सकता है।

प्रश्न 134: कथन (A): किसी देश द्वारा नेट ज़ीरो लक्ष्य घोषित कर देने का अर्थ यह नहीं है कि भविष्य में उसके द्वारा किसी भी प्रकार का ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन नहीं होगा। कारण (R): नेट ज़ीरो की अवधारणा में शेष उत्सर्जनों की पूर्ति कार्बन सिंक अथवा अन्य कार्बन निष्कासन उपायों द्वारा की जा सकती है।

  • A. A तथा R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A तथा R दोनों सही हैं, किन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, किन्तु R गलत है।
  • D. A गलत है, किन्तु R सही है।
सही उत्तर: A — A तथा R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
नेट ज़ीरो का अर्थ शून्य उत्सर्जन नहीं, बल्कि कुल उत्सर्जन और कुल कार्बन निष्कासन के बीच संतुलन स्थापित करना है। इसलिए कुछ अवशिष्ट उत्सर्जन बने रह सकते हैं, जिन्हें कार्बन सिंक, वनीकरण अथवा अन्य कार्बन निष्कासन तकनीकों द्वारा संतुलित किया जाता है।

प्रश्न 135: कथन (A): Natural Capital Accounting सभी पारिस्थितिक सेवाओं का सटीक एवं निर्विवाद आर्थिक मूल्य निर्धारित कर सकती है। कारण (R): अनेक पारिस्थितिक सेवाओं का मौद्रिक मूल्यांकन पद्धतिगत एवं व्यावहारिक चुनौतियों से प्रभावित होता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: D — A गलत है, पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है। कारण सही है। कई Ecosystem Services का आर्थिक मूल्यांकन अनुमानाधारित होता है।

प्रश्न 136: कथन (A): Planetary Boundaries Framework केवल जलवायु परिवर्तन से संबंधित वैज्ञानिक ढाँचा है। कारण (R): इस Framework में जैव विविधता, जैव-भू-रासायनिक चक्र, भूमि उपयोग परिवर्तन आदि अनेक पृथ्वी-प्रणाली प्रक्रियाएँ सम्मिलित हैं।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: D — A गलत है, पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है। Planetary Boundaries Framework बहुआयामी है। कारण सही है।

प्रश्न 137: कथन (A): Policy Coherence for Sustainable Development (PCSD) विभिन्न मंत्रालयों एवं क्षेत्रों के बीच नीति-समन्वय को प्रोत्साहित करती है। कारण (R): SDGs के अनेक लक्ष्य परस्पर जुड़े हुए हैं तथा एक क्षेत्र की नीति दूसरे क्षेत्र को प्रभावित कर सकती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
दोनों कथन सही हैं। SDGs की अंतर्संबद्ध प्रकृति ही PCSD की आवश्यकता को स्पष्ट करती है।

प्रश्न 138: कथन (A): यदि किसी देश की Carbon Intensity घट रही है, तो उसका कुल कार्बन उत्सर्जन भी अनिवार्य रूप से घट रहा होगा। कारण (R): Carbon Intensity प्रति इकाई GDP पर होने वाले कार्बन उत्सर्जन को व्यक्त करती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A गलत है, पर R सही है।
  • D. A सही है, पर R गलत है।
सही उत्तर: C — A गलत है, पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
Carbon Intensity घटने का अर्थ है कि प्रति इकाई GDP पर उत्सर्जन कम हो रहा है। यदि GDP बहुत तेज़ी से बढ़े, तो कुल कार्बन उत्सर्जन फिर भी बढ़ सकता है। इसलिए कथन गलत है। कारण सही है क्योंकि Carbon Intensity की यही परिभाषा है।

प्रश्न 139: कथन (A): Nature-based Solutions केवल जैव विविधता संरक्षण हेतु अपनाई जाती हैं। कारण (R): NbS जलवायु परिवर्तन शमन, अनुकूलन, आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं आजीविका सुधार में भी योगदान दे सकती हैं।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: B — A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है। NbS बहुउद्देशीय दृष्टिकोण है। इसलिए कारण सही है।

प्रश्न 140: कथन (A): Jevons Paradox के अनुसार संसाधन दक्षता में वृद्धि होने पर कुल संसाधन उपयोग अनिवार्य रूप से घट जाता है। कारण (R): दक्षता बढ़ने से संसाधन का उपयोग सस्ता हो सकता है, जिससे उसकी कुल मांग बढ़ सकती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: D — A गलत है, पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है। Jevons Paradox ठीक इसका विपरीत बताता है। कारण सही है। दक्षता बढ़ने से उपयोग बढ़ सकता है।

प्रश्न 141: कथन (A): Multi-level Governance सतत विकास लक्ष्यों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए आवश्यक मानी जाती है। कारण (R): SDGs का क्रियान्वयन केवल राष्ट्रीय सरकार द्वारा नहीं, बल्कि राज्य सरकारों, स्थानीय निकायों, निजी क्षेत्र, नागरिक समाज तथा अन्य हितधारकों की सहभागिता से अधिक प्रभावी होता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
Multi-level Governance का आधार विभिन्न स्तरों की सरकारों तथा अन्य हितधारकों के बीच समन्वित सहभागिता है। SDGs के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए Whole-of-Government एवं Whole-of-Society दृष्टिकोण आवश्यक माना जाता है। इसलिए R, A की सही व्याख्या करता है।

प्रश्न 142: कथन (A): Ecological Footprint तथा Biocapacity दोनों पर्यावरणीय स्थिरता के आकलन में प्रयुक्त संकेतक हैं। कारण (R): यदि किसी क्षेत्र का Ecological Footprint उसकी Biocapacity से अधिक हो, तो वह क्षेत्र Ecological Deficit की स्थिति में माना जाता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
Ecological Footprint और Biocapacity दोनों का उपयोग पर्यावरणीय स्थिरता का आकलन करने के लिए किया जाता है। दोनों की तुलना से यह ज्ञात किया जाता है कि कोई क्षेत्र पारिस्थितिक अधिशेष (Ecological Reserve) में है या पारिस्थितिक घाटे (Ecological Deficit) में। अतः R, A की सही व्याख्या करता है।

प्रश्न 143: कथन (A): Policy Coherence for Sustainable Development के अंतर्गत प्रत्येक मंत्रालय अपने-अपने SDGs का स्वतंत्र रूप से कार्यान्वयन करता है। कारण (R): SDGs की अंतर्संबद्ध प्रकृति के कारण विभिन्न क्षेत्रों के बीच समन्वय आवश्यक होता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: D — A गलत है, पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है। PCSD का उद्देश्य स्वतंत्र नहीं, बल्कि समन्वित नीति-निर्माण है। कारण सही है। SDGs परस्पर जुड़े हुए हैं।

प्रश्न 144: कथन (A): Natural Capital Accounting का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों एवं पारिस्थितिक सेवाओं का व्यवस्थित लेखांकन उपलब्ध कराना है ताकि नीति-निर्माण में उनका बेहतर उपयोग किया जा सके। कारण (R): Natural Capital Accounting, प्राकृतिक संसाधनों एवं पारिस्थितिक सेवाओं की आर्थिक उपयोगिता का व्यवस्थित लेखांकन उपलब्ध कराती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
Natural Capital Accounting का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों एवं पारिस्थितिक सेवाओं का व्यवस्थित लेखांकन तैयार करना है, जिससे आर्थिक निर्णयों एवं नीति-निर्माण में पर्यावरणीय पहलुओं को बेहतर ढंग से सम्मिलित किया जा सके। इसका उद्देश्य GDP में सीधे जोड़ना नहीं है।

प्रश्न 145: कथन (A): Absolute Decoupling सतत विकास के दीर्घकालिक उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए Relative Decoupling की तुलना में अधिक प्रभावी मानी जाती है। कारण (R): Absolute Decoupling में आर्थिक वृद्धि के साथ कुल संसाधन उपयोग अथवा कुल कार्बन उत्सर्जन में वास्तविक कमी लाई जाती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है। दीर्घकालीन Net Zero एवं Planetary Boundaries के संदर्भ में Absolute Decoupling अधिक प्रभावी मानी जाती है। कारण सही है। इसमें कुल संसाधन उपयोग या उत्सर्जन में वास्तविक कमी होती है। इसलिए R, A की सही व्याख्या करता है।

प्रश्न 146: कथन (A): SDG Indicators सभी देशों के लिए समान विकास परिणाम सुनिश्चित करते हैं। कारण (R): SDG Indicators प्रगति के मापन का सामान्य ढाँचा प्रदान करते हैं, जबकि देशों की उपलब्धियाँ उनके राष्ट्रीय संदर्भ एवं नीतियों पर निर्भर करती हैं।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: D — A गलत है, पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है। Indicators केवल मापन का ढाँचा देते हैं, परिणाम की गारंटी नहीं। कारण सही है।

प्रश्न 147: कथन (A): Circular Economy में Recycling सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। कारण (R): Circular Economy का उद्देश्य उत्पादों, सामग्रियों एवं संसाधनों के उपयोगी जीवन को अधिकतम करना है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: D — A गलत है, पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है। Recycling महत्वपूर्ण है, पर सबसे महत्वपूर्ण या एकमात्र तत्व नहीं। Circular Economy में Reduce, Reuse, Repair, Refurbish, Remanufacture भी समान रूप से महत्त्वपूर्ण हैं। कारण सही है। यही Circular Economy का मूल उद्देश्य है.

प्रश्न 148: कथन (A): Strong Sustainability के अनुसार कुछ प्राकृतिक पूंजी का स्थान मानव-निर्मित पूंजी पूर्णतः नहीं ले सकती। कारण (R): कुछ पारिस्थितिक तंत्र ऐसी जीवन-समर्थन सेवाएँ प्रदान करते हैं जिनका पूर्ण विकल्प वर्तमान तकनीक से उपलब्ध नहीं है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
Strong Sustainability का मूल सिद्धांत है कि Critical Natural Capital का पूर्ण प्रतिस्थापन संभव नहीं। पारिस्थितिक तंत्र द्वारा प्रदत्त सेवाएँ जैसे जल चक्र, परागण, जलवायु विनियमन अप्रतिस्थापनीय हो सकती हैं। इसलिए R, A की सही व्याख्या करता है।

प्रश्न 149: कथन (A): हरित हाइड्रोजन का उत्पादन मुख्यतः प्राकृतिक गैस से किया जाता है। कारण (R): हरित हाइड्रोजन का उत्पादन नवीकरणीय ऊर्जा द्वारा संचालित जल के विद्युत अपघटन से किया जाता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A गलत है, पर R सही है।
  • D. A सही है, पर R गलत है।
सही उत्तर: C — A गलत है, पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है। प्राकृतिक गैस से उत्पादित हाइड्रोजन सामान्यतः Grey Hydrogen कहलाता है। Green Hydrogen नवीकरणीय ऊर्जा आधारित Electrolysis द्वारा निर्मित होता है।

प्रश्न 150: कथन (A): Extended Producer Responsibility (EPR) के अंतर्गत उत्पादक की जिम्मेदारी केवल उत्पादन चरण तक सीमित रहती है। कारण (R): EPR के अंतर्गत उत्पादक उत्पाद के उपयोग के बाद उसके संग्रहण, पुनर्चक्रण तथा पर्यावरणीय रूप से सुरक्षित निपटान के लिए भी उत्तरदायी होता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: D — A गलत है, पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है। EPR उत्पाद के संपूर्ण जीवन-चक्र, विशेषकर उपयोगोपरांत (Post-consumer) चरण तक विस्तृत होता है। कारण सही है।

प्रश्न 151: कथन (A): Ecological Footprint किसी व्यक्ति, समुदाय अथवा समाज द्वारा प्रकृति पर डाले गए संसाधन-उपयोग के दबाव का एक संकेतक है। कारण (R): यह जैव-उत्पादक भूमि एवं जल क्षेत्र की उस मात्रा का अनुमान लगाता है जो संसाधनों की पूर्ति तथा अपशिष्ट के अवशोषण के लिए आवश्यक होती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
दोनों कथन सही हैं। कारण Ecological Footprint की वैज्ञानिक अवधारणा को स्पष्ट करता है तथा कथन की उचित व्याख्या करता है।

प्रश्न 152: कथन (A): संसाधन दक्षता सतत उपभोग एवं उत्पादन का एक महत्वपूर्ण आधार है। कारण (R): कम संसाधनों से अधिक उत्पादन एवं मूल्य प्राप्त करने से प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव कम किया जा सकता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
दोनों कथन सही हैं। Resource Efficiency, SDG-12 की प्रमुख अवधारणा है। अतः R, A की सही व्याख्या करता है।

प्रश्न 153: कथन (A): Energy Efficiency और Energy Conservation दोनों का उद्देश्य ऊर्जा उपयोग को अधिक सतत बनाना है। कारण (R): Energy Efficiency का अर्थ समान कार्य कम ऊर्जा में करना है, जबकि Energy Conservation का अर्थ अनावश्यक ऊर्जा उपयोग को कम करना है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
दोनों कथन सही हैं। कारण दोनों अवधारणाओं के बीच का अंतर स्पष्ट करता है तथा यह बताता है कि दोनों का उद्देश्य ऊर्जा उपयोग को अधिक सतत बनाना है।

प्रश्न 154: कथन (A): Green Buildings का उद्देश्य केवल बिजली की बचत करना है। कारण (R): Green Buildings जल, ऊर्जा, निर्माण सामग्री तथा अपशिष्ट प्रबंधन सहित संसाधन दक्षता पर बल देती हैं।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A गलत है, पर R सही है।
  • D. A सही है, पर R गलत है।
सही उत्तर: C — A गलत है, पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है। Green Buildings का उद्देश्य केवल ऊर्जा संरक्षण नहीं, बल्कि जल, ऊर्जा, सामग्री एवं अपशिष्ट सहित समग्र संसाधन दक्षता सुनिश्चित करना है।

प्रश्न 155: कथन (A): Agroforestry में कृषि भूमि पर वृक्षों का कोई स्थान नहीं होता। कारण (R): Agroforestry कृषि एवं वृक्षारोपण के एकीकृत मॉडल पर आधारित है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: D — A गलत है, पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है। Agroforestry में कृषि फसलों एवं वृक्षों को एक ही भूमि पर योजनाबद्ध रूप से उगाया जाता है। कारण सही है।

प्रश्न 156: कथन (A): Circular Economy में Recycling एक महत्वपूर्ण घटक है। कारण (R): Circular Economy का उद्देश्य केवल Recycling तक सीमित है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: C — A सही है, पर R गलत है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है। Recycling Circular Economy का एक महत्वपूर्ण भाग है, किन्तु इसका दायरा केवल Recycling तक सीमित नहीं है। इसमें Reduce, Reuse, Repair, Refurbish, Remanufacture तथा Recover जैसी अवधारणाएँ भी सम्मिलित हैं।

प्रश्न 157: कथन (A): SDG India Index संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रकाशित किया जाता है। कारण (R): भारत में SDGs के कार्यान्वयन की निगरानी एवं समन्वय में नीति आयोग प्रमुख भूमिका निभाता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है, पर R गलत है।
  • D. A गलत है, पर R सही है।
सही उत्तर: D — A गलत है, पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है। SDG India Index का प्रकाशन नीति आयोग द्वारा किया जाता है, न कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा। कारण सही है।

प्रश्न 158: कथन (A): जैविक खेती में रासायनिक उर्वरकों एवं रासायनिक कीटनाशकों के उपयोग को न्यूनतम या समाप्त करने का प्रयास किया जाता है। कारण (R): क्योंकि जैविक खेती का उद्देश्य मृदा स्वास्थ्य, जैव विविधता तथा पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखना है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
जैविक खेती में रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के स्थान पर जैविक संसाधनों का उपयोग किया जाता है, जिससे मृदा की उर्वरता, जैव विविधता एवं पारिस्थितिक संतुलन सुरक्षित रहता है। इसलिए R, A की उचित व्याख्या करता है।

प्रश्न 159: कथन (A): SDGs केवल विकासशील देशों पर लागू होते हैं। कारण (R): SDGs का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर समावेशी एवं सतत विकास को बढ़ावा देना है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है। SDGs सभी देशों पर समान रूप से लागू होते हैं। कारण सही है। इनका उद्देश्य सार्वभौमिक एवं समावेशी विकास है।

प्रश्न 160: कथन (A): Agenda-21 एक व्यापक कार्ययोजना है। कारण (R): Agenda-21 सभी देशों पर बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय संधि है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: C — A सही है पर R गलत है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है। Agenda-21 सतत विकास हेतु एक व्यापक कार्ययोजना है। कारण गलत है। यह कानूनी रूप से बाध्यकारी संधि नहीं, बल्कि स्वैच्छिक कार्ययोजना है.

प्रश्न 161: कथन (A): ब्रंटलैंड आयोग ने सतत विकास की अवधारणा प्रस्तुत की। कारण (R): ब्रंटलैंड आयोग ने 1992 के रियो पृथ्वी सम्मेलन का आयोजन किया।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: C — A सही है पर R गलत है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है। आयोग की रिपोर्ट Our Common Future ने सतत विकास की मानक परिभाषा दी। कारण गलत है। रियो सम्मेलन संयुक्त राष्ट्र द्वारा आयोजित किया गया था; ब्रंटलैंड आयोग ने उसका आयोजन नहीं किया।

प्रश्न 162: कथन (A): सतत विकास का उद्देश्य आर्थिक विकास, सामाजिक न्याय तथा पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना है। कारण (R): क्योंकि दीर्घकालीन विकास तभी संभव है जब प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग उनकी पुनर्भरण क्षमता को ध्यान में रखकर किया जाए।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
सतत विकास आर्थिक, सामाजिक एवं पर्यावरणीय तीनों आयामों के संतुलन पर आधारित है। प्राकृतिक संसाधनों का उनकी पुनर्भरण क्षमता के अनुरूप उपयोग इस संतुलन का मूल आधार है। इसलिए R, A की उचित व्याख्या करता है।

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