State Government MCQ in Hindi for UPSC Prelims preparation. Practice Important Polity MCQs, PYQ, Objective Questions and Revision Quiz with detailed explanations for better exam performance.

This quiz contains 117 carefully selected multiple-choice questions (MCQ) with detailed explanations for each answer. Questions cover important topics from Polity.

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State Government MCQ in Hindi | UPSC Polity Important MCQ, PYQ & Prelims Questions

State Government MCQ in Hindi for UPSC Prelims preparation. Practice Important Polity MCQs, PYQ, Objective Questions and Revision Quiz with detailed explanations for better exam performance.

📊
Difficulty
Hard
❓
Num Questions
117
❓
Points Per Question
1
⏱️
Time Limit
100 minutes

All MCQ Questions with Answers and Explanations

प्रश्न 1: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन भारतीय राज्य शासन व्यवस्था के संबंध में सही है?

  • A. मुख्यमंत्री राज्य का वास्तविक कार्यपालिका प्रमुख होता है ✓
  • B. राज्यपाल राज्य का वास्तविक कार्यपालिका प्रमुख होता है
  • C. राज्यपाल का पद केवल औपचारिक होता है और कोई शक्ति नहीं होती
  • D. राज्य विधानमंडल केवल सलाहकारी संस्था है
सही उत्तर: A — मुख्यमंत्री राज्य का वास्तविक कार्यपालिका प्रमुख होता है
व्याख्या (Explanation):
संसदीय शासन प्रणाली में मुख्यमंत्री वास्तविक कार्यपालिका प्रमुख होता है जबकि राज्यपाल नाममात्र का प्रमुख होता है। राज्यपाल के पास कुछ संवैधानिक, विधायी और विवेकाधीन शक्तियाँ भी होती हैं। राज्य विधानमंडल एक पूर्ण विधायी संस्था है, न कि सलाहकारी निकाय।

प्रश्न 2: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) राज्यपाल कुछ विधेयकों को राष्ट्रपति के विचारार्थ सुरक्षित रख सकता है। (2) राष्ट्रपति ऐसे विधेयकों पर स्वीकृति दे सकता है, स्वीकृति रोक सकता है अथवा [जहाँ लागू हो] पुनर्विचार हेतु लौटा सकता है। (2) राज्यपाल राष्ट्रपति के निर्णय को अस्वीकार कर सकता है।

  • A. केवल 1 और 2 ✓
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
राज्यपाल कुछ विधेयकों को राष्ट्रपति के विचारार्थ सुरक्षित रख सकता है (अनुच्छेद 200)। राष्ट्रपति उन पर स्वीकृति, अस्वीकृति या पुनर्विचार का निर्देश दे सकता है। लेकिन राज्यपाल राष्ट्रपति के निर्णय को बदल नहीं सकता, इसलिए कथन 3 गलत है।

प्रश्न 3: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. विधान परिषद को विधानसभा भंग कर सकती है
  • B. विधान परिषद को राज्यपाल भंग कर सकता है
  • C. विधान परिषद एक अस्थायी सदन है
  • D. विधान परिषद एक स्थायी सदन है ✓
सही उत्तर: D — विधान परिषद एक स्थायी सदन है
व्याख्या (Explanation):
विधान परिषद एक स्थायी सदन है जिसे भंग नहीं किया जाता। इसके सदस्य क्रमिक रूप से सेवानिवृत्त होते हैं। इसलिए विकल्प D सही है, जबकि अन्य विकल्प गलत हैं।

प्रश्न 4: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) राज्यपाल विधानसभा के भंग होने की सिफारिश कर सकता है (2) राज्यपाल की सभी शक्तियाँ मंत्रिपरिषद की सलाह से बाध्य होती हैं (3) कुछ परिस्थितियों में राज्यपाल स्वतंत्र निर्णय ले सकता है

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 1 और 3 ✓
  • C. केवल 2
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: B — केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):
राज्यपाल विधानसभा भंग कर सकता है और कुछ परिस्थितियों में विवेकाधीन शक्तियों का प्रयोग कर सकता है। उसकी सभी शक्तियाँ पूर्णतः मंत्रिपरिषद की सलाह से बाध्य नहीं होतीं। इसलिए कथन 1 और 3 सही हैं।

प्रश्न 5: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. राज्य विधानमंडल राज्य सूची तथा समवर्ती सूची के विषयों पर कानून बना सकता है। ✓
  • B. राज्य विधानमंडल संघ सूची के सभी विषयों पर कानून बना सकता है।
  • C. राज्य विधानमंडल का समवर्ती सूची पर कोई अधिकार नहीं है।
  • D. राज्य विधानमंडल केवल राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति से ही कानून बना सकता है।
सही उत्तर: A — राज्य विधानमंडल राज्य सूची तथा समवर्ती सूची के विषयों पर कानून बना सकता है।
व्याख्या (Explanation):
राज्य विधानमंडल सामान्यतः राज्य सूची तथा समवर्ती सूची के विषयों पर कानून बना सकता है। संघ सूची पर कानून बनाने की शक्ति सामान्यतः संसद को प्राप्त है।

प्रश्न 6: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) मुख्यमंत्री मंत्रिपरिषद का प्रमुख होता है (2) मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से विधानसभा के प्रति उत्तरदायी होती है (3) राज्यपाल मंत्रिपरिषद के प्रति उत्तरदायी होता है

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. केवल 1 और 2 ✓
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: C — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
मुख्यमंत्री राज्य मंत्रिपरिषद का प्रमुख होता है और मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से विधानसभा के प्रति उत्तरदायी होती है (अनुच्छेद 164)। राज्यपाल मंत्रिपरिषद के प्रति उत्तरदायी नहीं होता, बल्कि संविधान के प्रति उत्तरदायी होता है। इसलिए केवल कथन 1 और 2 सही हैं।

प्रश्न 7: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. राज्यपाल को हटाने के लिए महाभियोग प्रक्रिया आवश्यक है
  • B. राज्यपाल केवल विधानसभा के बहुमत से हटाया जा सकता है
  • C. राज्यपाल का कार्यकाल निश्चित रूप से 5 वर्ष होता है
  • D. राज्यपाल राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद पर रहता है ✓
सही उत्तर: D — राज्यपाल राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद पर रहता है
व्याख्या (Explanation):
राज्यपाल का कार्यकाल अनुच्छेद 156 के अनुसार राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत होता है, अर्थात उसे किसी औपचारिक महाभियोग प्रक्रिया के बिना हटाया जा सकता है। इसलिए विकल्प D सही है, जबकि अन्य विकल्प संवैधानिक रूप से गलत हैं।

प्रश्न 8: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) राज्यपाल राज्य विधानमंडल का अभिन्न अंग है (2) राज्यपाल मतदान प्रक्रिया में भाग ले सकता है (3) राज्यपाल विधानमंडल के सत्र को संबोधित कर सकता है

  • A. केवल 1 और 3 ✓
  • B. केवल 2
  • C. केवल 1
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 168 के अनुसार राज्यपाल राज्य विधानमंडल का एक अंग है, किंतु वह किसी सदन का सदस्य नहीं होता और मतदान नहीं कर सकता। उसे विधानमंडल को संबोधित करने का अधिकार प्राप्त है। इसलिए कथन 1 और 3 सही हैं तथा कथन 2 गलत है।

प्रश्न 9: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन राज्यपाल की विवेकाधीन शक्तियों के संदर्भ में सही है?

  • A. सभी शक्तियाँ मंत्रिपरिषद की सलाह से बाध्य होती हैं
  • B. विवेकाधीन शक्तियाँ केवल अनुच्छेद 163 में स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध हैं
  • C. कुछ विवेकाधीन शक्तियाँ संविधान में प्रत्यक्ष तथा कुछ परंपरा से विकसित हैं ✓
  • D. राज्यपाल किसी भी परिस्थिति में विवेक का प्रयोग नहीं कर सकता
सही उत्तर: C — कुछ विवेकाधीन शक्तियाँ संविधान में प्रत्यक्ष तथा कुछ परंपरा से विकसित हैं
व्याख्या (Explanation):
राज्यपाल की विवेकाधीन शक्तियाँ केवल स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध नहीं हैं बल्कि कुछ संवैधानिक रूप से प्रत्यक्ष (जैसे राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजना) तथा कुछ परंपरा एवं परिस्थितियों से विकसित हुई हैं, जैसे त्रिशंकु विधानसभा में मुख्यमंत्री की नियुक्ति। इसलिए विकल्प C सही है।

प्रश्न 10: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) राज्यपाल की नियुक्ति में राज्य सरकार की कोई औपचारिक भूमिका नहीं होती। (2) राज्यपाल को हटाने का आधार संविधान में स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध है। (3) राज्यपाल राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 1 और 3 ✓
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: B — केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 155 के अनुसार राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और इसमें राज्य सरकार की कोई औपचारिक भूमिका नहीं होती। अनुच्छेद 156 के अनुसार राज्यपाल राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है, अर्थात उसे बिना कारण बताए भी हटाया जा सकता है। इसलिए कथन 1 और 3 सही हैं, जबकि कथन 2 गलत है क्योंकि हटाने के स्पष्ट आधार संविधान में सूचीबद्ध नहीं हैं।

प्रश्न 11: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) राज्यपाल की भूमिका केंद्र-राज्य संबंधों में महत्वपूर्ण होती है (2) राज्यपाल केवल राज्य सरकार का प्रतिनिधि होता है (3) राज्यपाल की नियुक्ति संघीय संरचना का हिस्सा है

  • A. केवल 1 और 3 ✓
  • B. केवल 2
  • C. केवल 1
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):
राज्यपाल केंद्र और राज्य के बीच संवैधानिक सेतु के रूप में कार्य करता है, विशेषकर अनुच्छेद 356 और विधायी प्रक्रियाओं में। वह केवल राज्य सरकार का प्रतिनिधि नहीं बल्कि राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त संवैधानिक पदाधिकारी है। इसलिए कथन 1 और 3 सही हैं जबकि कथन 2 गलत है।

प्रश्न 12: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) संविधान राज्यपाल द्वारा विधेयक पर निर्णय लेने हेतु कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं करता। (2) राज्यपाल किसी विधेयक को लंबित रख सकता है। (3) संविधान में राज्यपाल हेतु पॉकेट वीटो शब्द का प्रयोग किया गया है।

  • A. केवल 1 और 2 ✓
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
संविधान राज्यपाल द्वारा किसी विधेयक पर निर्णय लेने के लिए कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं करता। इसलिए व्यवहार में कोई विधेयक लंबित रखा जा सकता है। हालांकि संविधान में राज्यपाल के संदर्भ में "पॉकेट वीटो" शब्द का प्रयोग नहीं किया गया है। अतः कथन 1 और 2 सही हैं तथा कथन 3 गलत है।

प्रश्न 13: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. राज्यपाल का पद पूर्णतः राजनीतिक है
  • B. राज्यपाल का चयन राज्य विधानसभा करती है
  • C. राज्यपाल राज्य और केंद्र के बीच संवैधानिक कड़ी है ✓
  • D. राज्यपाल केवल राज्य प्रशासन का प्रमुख है
सही उत्तर: C — राज्यपाल राज्य और केंद्र के बीच संवैधानिक कड़ी है
व्याख्या (Explanation):
राज्यपाल केंद्र और राज्य के बीच संवैधानिक सेतु के रूप में कार्य करता है, विशेषकर अनुच्छेद 356, विधेयकों की स्वीकृति तथा राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजने के मामलों में। वह राजनीतिक पद नहीं बल्कि संवैधानिक पद है और उसकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा होती है।

प्रश्न 14: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) राज्यपाल राज्य विधानसभा को संबोधित कर सकता है (2) राज्यपाल विधान परिषद को संबोधित कर सकता है (3) राज्यपाल केवल विधानसभा को ही संबोधित करता है

  • A. केवल 1 और 2 ✓
  • B. केवल 1
  • C. केवल 2 और 3
  • D. केवल 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
राज्यपाल राज्य विधानसभा को संबोधित कर सकता है, विशेषकर सत्र की शुरुआत में। वह विधान परिषद को भी संबोधित कर सकता है यदि वह राज्य में अस्तित्व में हो। इसलिए कथन 1 और 2 सही हैं तथा कथन 3 गलत है। यह अनुच्छेद 176 से संबंधित है।

प्रश्न 15: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. राज्यपाल विधानसभा के प्रति उत्तरदायी होता है।
  • B. राज्यपाल राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त संवैधानिक पदाधिकारी होता है और विधानसभा के प्रति राजनीतिक रूप से उत्तरदायी नहीं होता। ✓
  • C. राज्यपाल न्यायपालिका के प्रति उत्तरदायी होता है।
  • D. राज्यपाल मंत्रिपरिषद के प्रति उत्तरदायी होता है।
सही उत्तर: B — राज्यपाल राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त संवैधानिक पदाधिकारी होता है और विधानसभा के प्रति राजनीतिक रूप से उत्तरदायी नहीं होता।
व्याख्या (Explanation):
राज्यपाल राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त संवैधानिक पदाधिकारी है और राज्य विधानसभा के प्रति राजनीतिक रूप से उत्तरदायी नहीं होता। वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है। इसलिए विकल्प B सही है।

प्रश्न 16: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) सामान्यतः विधानसभा में बहुमत प्राप्त दल या गठबंधन का नेता मुख्यमंत्री नियुक्त किया जाता है। (2) मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है। (3) मुख्यमंत्री की नियुक्ति में संसदीय परंपराएँ महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3 ✓
सही उत्तर: D — 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
यद्यपि संवैधानिक रूप से मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करता है, लेकिन व्यवहार में यह विधानसभा में बहुमत प्राप्त दल के नेता को ही दी जाती है। यह संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक मानदंडों पर आधारित है। इसलिए तीनों कथन सही हैं।

प्रश्न 17: विधान परिषद के सृजन अथवा उन्मूलन के संबंध में सही कथन कौन-सा है?

  • A. राज्यपाल द्वारा किया जाता है।
  • B. संसद द्वारा अनुच्छेद 169 के अंतर्गत कानून बनाकर किया जाता है। ✓
  • C. राष्ट्रपति अध्यादेश द्वारा करता है।
  • D. विधानसभा साधारण प्रस्ताव से स्वयं कर सकती है।
सही उत्तर: B — संसद द्वारा अनुच्छेद 169 के अंतर्गत कानून बनाकर किया जाता है।
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 169 के अनुसार, यदि राज्य विधानसभा विशेष बहुमत से संकल्प पारित करे, तो संसद कानून बनाकर उस राज्य में विधान परिषद का सृजन या उन्मूलन कर सकती है। अतः विकल्प B सही है।

प्रश्न 18: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) राज्यपाल राज्य विधानमंडल का अंग है, किंतु किसी सदन का सदस्य नहीं होता। (2) राज्यपाल विधानमंडल के किसी सदन में मतदान नहीं कर सकता। (3) राज्यपाल राजनीतिक रूप से विधानमंडल के प्रति उत्तरदायी नहीं होता।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3 ✓
सही उत्तर: D — 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
राज्यपाल राज्य विधानमंडल का एक अंग होता है, किंतु किसी सदन का सदस्य नहीं होता। इसलिए वह मतदान नहीं कर सकता। साथ ही वह विधानसभा या विधान परिषद के प्रति राजनीतिक रूप से उत्तरदायी नहीं होता। अतः तीनों कथन सही हैं।

प्रश्न 19: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन अनुच्छेद 356 के संबंध में सही है?

  • A. राष्ट्रपति शासन कभी न्यायिक समीक्षा के अधीन नहीं होता।
  • B. राष्ट्रपति शासन पूर्णतः राजनीतिक विषय है।
  • C. राष्ट्रपति शासन केवल संसद की मंजूरी से वैध होता है।
  • D. राष्ट्रपति शासन न्यायिक समीक्षा के अधीन है। ✓
सही उत्तर: D — राष्ट्रपति शासन न्यायिक समीक्षा के अधीन है।
व्याख्या (Explanation):
S. R. Bommai v. Union of India में सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अनुच्छेद 356 के अंतर्गत राष्ट्रपति शासन की घोषणा न्यायिक समीक्षा के अधीन है।

प्रश्न 20: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) राज्यपाल की विवेकाधीन शक्तियाँ संविधान में पूर्णतः स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध नहीं हैं। (2) राज्यपाल की विवेकाधीन शक्तियों के प्रयोग पर न्यायिक समीक्षा पूर्णतः वर्जित नहीं है। (3) त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में राज्यपाल की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3 ✓
सही उत्तर: D — 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
राज्यपाल की कुछ विवेकाधीन शक्तियाँ संविधान में प्रत्यक्ष रूप से तथा कुछ परिस्थितिजन्य रूप से विकसित हुई हैं। इन शक्तियों पर न्यायिक समीक्षा पूर्णतः निषिद्ध नहीं है। त्रिशंकु विधानसभा में मुख्यमंत्री की नियुक्ति एवं सरकार गठन के प्रश्न पर राज्यपाल की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

प्रश्न 21: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) राज्यपाल की शक्तियाँ केंद्र और राज्य के बीच संवैधानिक सेतु का कार्य करती हैं। (2) राज्यपाल की भूमिका केवल राज्य स्तर तक सीमित रहती है। (3) राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।

  • A. केवल 1 और 3 ✓
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 2
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):
राज्यपाल केंद्र और राज्य के बीच संवैधानिक कड़ी के रूप में कार्य करता है, विशेषकर राष्ट्रपति शासन और विधेयकों के संदर्भ में। उसकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। इसलिए कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि उसकी भूमिका केंद्र-राज्य संबंधों में भी महत्वपूर्ण है।

प्रश्न 22: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. विधान परिषद सभी राज्यों में अनिवार्य है।
  • B. राज्यसभा को समाप्त करने का अधिकार राज्यपाल को है।
  • C. विधान परिषद का गठन संसद द्वारा किया जा सकता है।
  • D. विधान परिषद की स्थापना/समाप्ति संसद द्वारा की जाती है। ✓
सही उत्तर: D — विधान परिषद की स्थापना/समाप्ति संसद द्वारा की जाती है।
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 169 के अनुसार राज्य विधानसभा के प्रस्ताव पर संसद कानून बनाकर विधान परिषद की स्थापना या समाप्ति कर सकती है। यह राज्य का विषय होते हुए भी अंतिम अधिकार संसद के पास है। यह भारतीय संघवाद की विशेष लचीली प्रकृति को दर्शाता है।

प्रश्न 23: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) राज्यपाल राज्य का वास्तविक कार्यपालिका प्रमुख होता है। (2) मुख्यमंत्री राज्य का वास्तविक कार्यपालिका प्रमुख होता है। (3) राज्यपाल मंत्रिपरिषद की सलाह से पूर्णतः बंधा होता है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 ✓
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: B — केवल 2
व्याख्या (Explanation):
संसदीय प्रणाली में राज्यपाल नाममात्र का प्रमुख होता है जबकि मुख्यमंत्री वास्तविक कार्यपालिका प्रमुख होता है। राज्यपाल सामान्यतः मंत्रिपरिषद की सलाह से बंधा होता है, लेकिन कुछ विवेकाधीन शक्तियाँ भी रखता है, इसलिए कथन 3 पूर्णतः सही नहीं है।

प्रश्न 24: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) राज्यपाल विधानसभा के सत्रावसान का आदेश दे सकता है। (2) राज्यपाल विधानसभा को भंग कर सकता है। (3) ये दोनों शक्तियाँ पूर्णतः राज्य मंत्रिपरिषद की सलाह पर निर्भर हैं।

  • A. केवल 1 और 2 ✓
  • B. केवल 2
  • C. केवल 1
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
राज्यपाल विधानसभा का सत्रावसान और विघटन कर सकता है, किंतु सामान्यतः वह मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करता है। हालांकि कुछ असाधारण परिस्थितियों में वह विवेकाधीन भूमिका निभा सकता है, इसलिए कथन 3 पूर्णतः सही नहीं है।

प्रश्न 25: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. राज्यसभा राज्य सूची के विषयों पर संसद को कानून बनाने का अधिकार प्रदान कर सकती है। ✓
  • B. संसद किसी भी परिस्थिति में राज्य सूची के विषयों पर कानून नहीं बना सकती।
  • C. राज्य विधानमंडल संघ सूची के विषयों पर कानून बना सकता है।
  • D. लोकसभा अकेले राज्य सूची के विषयों पर कानून बनाने की अनुमति दे सकती है।
सही उत्तर: A — राज्यसभा राज्य सूची के विषयों पर संसद को कानून बनाने का अधिकार प्रदान कर सकती है।
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 249 के अनुसार राज्यसभा उपस्थित एवं मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से राष्ट्रीय हित में प्रस्ताव पारित कर संसद को राज्य सूची के विषयों पर कानून बनाने की अनुमति दे सकती है। अन्य विकल्प गलत हैं।

प्रश्न 26: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) राज्यपाल किसी भी परिस्थिति में अपने विवेक का प्रयोग नहीं कर सकता। (2) संविधान राज्यपाल को कुछ परिस्थितियों में स्वतंत्र निर्णय लेने की अनुमति देता है। (3) राज्यपाल राष्ट्रपति के प्रतिनिधि के रूप में भी कार्य करता है।

  • A. केवल 2
  • B. केवल 1 और 3
  • C. केवल 2 और 3 ✓
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: C — केवल 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
राज्यपाल सामान्यतः मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करता है, किंतु कुछ परिस्थितियों में विवेकाधीन शक्तियों का प्रयोग कर सकता है। साथ ही राज्यपाल राज्य में राष्ट्रपति/केंद्र के संवैधानिक प्रतिनिधि के रूप में भी कार्य करता है। अतः कथन 2 और 3 सही हैं जबकि कथन 1 गलत है।

प्रश्न 27: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) राज्यपाल कुछ परिस्थितियों में किसी विधेयक पर निर्णय को अनिश्चितकाल तक लंबित रख सकता है। (2) राज्यपाल विधेयक को स्वीकृति दे सकता है, अस्वीकृत कर सकता है या राष्ट्रपति के पास भेज सकता है। (3) धन विधेयक को राज्यपाल पुनर्विचार हेतु वापस नहीं भेज सकता।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3 ✓
सही उत्तर: D — 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 200 के अनुसार राज्यपाल के पास चार विकल्प होते हैं—स्वीकृति देना, अस्वीकृत करना, पुनर्विचार हेतु लौटाना (धन विधेयक को छोड़कर) या राष्ट्रपति के विचारार्थ सुरक्षित रखना। धन विधेयक को वापस नहीं भेजा जा सकता। इसलिए तीनों कथन सही हैं।

प्रश्न 28: निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद राज्यपाल को अध्यादेश जारी करने की शक्ति प्रदान करता है?

  • A. अनुच्छेद 213 ✓
  • B. अनुच्छेद 200
  • C. अनुच्छेद 163
  • D. अनुच्छेद 174
सही उत्तर: A — अनुच्छेद 213
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 213 राज्यपाल को अध्यादेश जारी करने की शक्ति प्रदान करता है जब राज्य विधानमंडल सत्र में न हो और तत्काल कार्रवाई आवश्यक हो। यह शक्ति राष्ट्रपति की अध्यादेश शक्ति (अनुच्छेद 123) के समान है। अध्यादेश अस्थायी कानून होता है और उसे बाद में विधानसभा से अनुमोदन प्राप्त करना आवश्यक होता है।

प्रश्न 29: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) राज्यपाल की शक्तियाँ संविधान में स्पष्ट रूप से परिभाषित हैं और उनमें कोई निहित शक्ति नहीं होती। (2) राज्यपाल मंत्रिपरिषद की सलाह को कुछ परिस्थितियों में अनदेखा कर सकता है। (3) राज्यपाल की भूमिका संसदीय प्रणाली में पूर्णतः औपचारिक होती है।

  • A. केवल 1 और 3
  • B. केवल 1 और 2
  • C. केवल 2 ✓
  • D. केवल 2 और 3
सही उत्तर: C — केवल 2
व्याख्या (Explanation):
राज्यपाल की शक्तियाँ केवल स्पष्ट रूप से लिखित नहीं होतीं, बल्कि व्यवहार में कुछ निहित एवं परिस्थितिजन्य शक्तियाँ भी विकसित हुई हैं, विशेषकर त्रिशंकु विधानसभा में। अनुच्छेद 163 के अंतर्गत वह सामान्यतः मंत्रिपरिषद की सलाह से बंधा होता है, किंतु कुछ विवेकाधीन परिस्थितियों में सलाह को अनदेखा कर सकता है। इसलिए कथन 1 गलत, कथन 2 आंशिक रूप से सही, और कथन 3 पूर्णतः गलत है क्योंकि राज्यपाल की भूमिका पूरी तरह औपचारिक नहीं है।

प्रश्न 30: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) भारतीय संघवाद पूर्णतः सममित संघवाद का उदाहरण नहीं है। (2) केंद्र को कुछ परिस्थितियों में राज्यों पर अपेक्षाकृत अधिक अधिकार प्राप्त हैं। (3) राज्यपाल की संस्था केंद्र और राज्य के बीच संवैधानिक कड़ी के रूप में भी कार्य करती है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. 1, 2 और 3 ✓
  • C. केवल 2 और 3
  • D. केवल 1 और 3
सही उत्तर: B — 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
भारतीय संघवाद को प्रायः ‘मजबूत केंद्र वाला संघवाद’ कहा जाता है। संविधान संसद को कुछ विशेष परिस्थितियों में राज्य सूची के विषयों पर कानून बनाने की अनुमति देता है, जबकि राज्यपाल केंद्र और राज्य के मध्य संवैधानिक सेतु के रूप में भी कार्य करता है। इसी कारण भारत को पूर्णतः सममित संघीय व्यवस्था नहीं माना जाता। ________________________________________

प्रश्न 31: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय एस. आर. बोम्मई बनाम भारत संघ (1994) की संवैधानिक भावना के अनुरूप है?

  • A. राज्यपाल का निर्णय न्यायिक समीक्षा से पूर्णतः परे है।
  • B. अनुच्छेद 356 का प्रयोग पूर्णतः राजनीतिक विषय है।
  • C. राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद विधानसभा स्वतः समाप्त हो जाती है।
  • D. विधानसभा में बहुमत का परीक्षण सामान्यतः सदन के पटल पर होना चाहिए। ✓
सही उत्तर: D — विधानसभा में बहुमत का परीक्षण सामान्यतः सदन के पटल पर होना चाहिए।
व्याख्या (Explanation):
S. R. Bommai v. Union of India निर्णय में सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि बहुमत का परीक्षण सामान्यतः विधानसभा के पटल (फ्लोर टेस्ट) पर होना चाहिए, न कि केवल राज्यपाल की व्यक्तिपरक संतुष्टि के आधार पर। इस निर्णय ने अनुच्छेद 356 के दुरुपयोग पर महत्वपूर्ण संवैधानिक नियंत्रण स्थापित किया तथा न्यायिक समीक्षा की भूमिका को सुदृढ़ किया।

प्रश्न 32: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) अनुच्छेद 249 के अंतर्गत संसद राज्य सूची के विषयों पर कानून बना सकती है। (2) इसके लिए राज्यसभा का विशेष बहुमत आवश्यक होता है। (3) लोकसभा अकेले ऐसा अधिकार प्रदान नहीं कर सकती।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. 1, 2 और 3 ✓
  • D. केवल 1 और 3
सही उत्तर: C — 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 249 के अनुसार राज्यसभा उपस्थित एवं मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से राष्ट्रीय हित में प्रस्ताव पारित कर संसद को राज्य सूची के विषय पर कानून बनाने की अनुमति दे सकती है। यह विशेष अधिकार राज्यसभा को राज्यों के प्रतिनिधि सदन होने के कारण दिया गया है। अतः तीनों कथन सही हैं।

प्रश्न 33: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) राज्यपाल राज्य विधानसभा में एंग्लो-इंडियन सदस्य नामित कर सकता था। (2) यह प्रावधान 104वें संविधान संशोधन अधिनियम के पश्चात समाप्त हो गया। (3) वर्तमान में राज्यपाल को विधानसभा में एंग्लो-इंडियन सदस्य नामित करने की शक्ति नहीं है।

  • A. 1, 2 और 3 ✓
  • B. केवल 1 और 2
  • C. केवल 2 और 3
  • D. केवल 1 और 3
सही उत्तर: A — 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
पूर्व में अनुच्छेद 333 के अंतर्गत राज्यपाल को विधानसभा में एंग्लो-इंडियन समुदाय के प्रतिनिधि को नामित करने की शक्ति प्राप्त थी। 104वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 (प्रभावी 2020) के बाद यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई। इसलिए वर्तमान में ऐसी नामांकन शक्ति उपलब्ध नहीं है।

प्रश्न 34: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन अनुच्छेद 356 के संदर्भ में सही है?

  • A. इसे केवल मुख्यमंत्री की सलाह पर लागू किया जा सकता है।
  • B. इसे केवल सर्वोच्च न्यायालय लागू कर सकता है।
  • C. यह केवल वित्तीय आपातकाल से संबंधित है।
  • D. यह राज्य में संवैधानिक तंत्र की विफलता से संबंधित है। ✓
सही उत्तर: D — यह राज्य में संवैधानिक तंत्र की विफलता से संबंधित है।
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 356 राज्य में संवैधानिक तंत्र की विफलता की स्थिति से संबंधित है, जिसे सामान्यतः राष्ट्रपति शासन कहा जाता है। यह प्रावधान राज्यपाल की रिपोर्ट या अन्य स्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर लागू किया जा सकता है। वित्तीय आपातकाल अनुच्छेद 360 से संबंधित है।

प्रश्न 35: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) विधान परिषद किसी साधारण विधेयक को अधिकतम चार माह तक विलंबित कर सकती है। (2) विधान परिषद किसी साधारण विधेयक को स्थायी रूप से रोक सकती है। (3) विधानसभा की अंतिम प्रधानता साधारण विधेयकों पर भी बनी रहती है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 1 और 3 ✓
  • C. केवल 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: B — केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):
विधान परिषद साधारण विधेयक को प्रथम चरण में अधिकतम तीन माह तथा पुनः भेजे जाने पर एक माह तक विलंबित कर सकती है; कुल मिलाकर लगभग चार माह का विलंब संभव है। किंतु वह विधेयक को स्थायी रूप से अवरुद्ध नहीं कर सकती। अंततः विधानसभा की प्रधानता स्थापित रहती है। यही कारण है कि विधान परिषद को पुनर्विचारक सदन कहा जाता है, निर्णायक सदन नहीं।

प्रश्न 36: निम्नलिखित में से अनुच्छेद और विषय से कितने युग्म सही सुमेलित हैं? (1) 163 - राज्य मंत्रिपरिषद (2) 164 - मंत्रियों की नियुक्ति (3) 168 - राज्य विधानमंडल की संरचना (4) 171 - राज्यपाल की क्षमादान शक्ति

  • A. केवल एक
  • B. केवल दो
  • C. केवल तीन ✓
  • D. सभी चार
सही उत्तर: C — केवल तीन
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 163 राज्य मंत्रिपरिषद, अनुच्छेद 164 मंत्रियों की नियुक्ति एवं उत्तरदायित्व तथा अनुच्छेद 168 राज्य विधानमंडल की संरचना से संबंधित हैं। जबकि राज्यपाल की क्षमादान शक्ति अनुच्छेद 161 में निहित है, न कि अनुच्छेद 171 में। अतः चार में से तीन युग्म सही हैं।

प्रश्न 37: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) विधानसभा के विघटन के पश्चात मंत्रिपरिषद तत्काल समाप्त नहीं होती। (2) नई सरकार बनने तक कार्यवाहक सरकार कार्य कर सकती है। (3) कार्यवाहक सरकार प्रमुख नीतिगत निर्णय लेने से सामान्यतः बचती है।

  • A. 1, 2 और 3 ✓
  • B. केवल 1 और 2
  • C. केवल 2 और 3
  • D. केवल 1 और 3
सही उत्तर: A — 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
विधानसभा के विघटन के बाद भी प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने हेतु मंत्रिपरिषद कार्यवाहक रूप में कार्य करती है। नई सरकार के गठन तक यह व्यवस्था लागू रहती है। संवैधानिक परंपराओं के अनुसार कार्यवाहक सरकार सामान्यतः बड़े नीतिगत या विवादास्पद निर्णय लेने से बचती है।

प्रश्न 38: निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति राज्यपाल द्वारा विधेयक को राष्ट्रपति के विचारार्थ सुरक्षित रखने का उपयुक्त आधार मानी जाती है?

  • A. जब विधेयक विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित हुआ हो।
  • B. जब विधेयक निजी सदस्य द्वारा प्रस्तुत किया गया हो।
  • C. जब विधेयक साधारण प्रशासनिक विषय से संबंधित हो।
  • D. जब विधेयक उच्च न्यायालय की शक्तियों को प्रभावित करता हो। ✓
सही उत्तर: D — जब विधेयक उच्च न्यायालय की शक्तियों को प्रभावित करता हो।
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 200 के अनुसार यदि कोई विधेयक उच्च न्यायालय की संवैधानिक स्थिति या शक्तियों को प्रभावित करता है, तो राज्यपाल उसे राष्ट्रपति के विचारार्थ सुरक्षित रखने के लिए बाध्य हो सकता है। इसके अतिरिक्त कुछ अन्य संवेदनशील मामलों में भी ऐसा किया जा सकता है। यह प्रावधान न्यायपालिका की स्वतंत्रता और संवैधानिक संतुलन की रक्षा हेतु महत्वपूर्ण है।

प्रश्न 39: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) राज्यपाल की क्षमादान शक्ति अनुच्छेद 161 के अंतर्गत निहित है। (2) राज्यपाल मृत्युदंड को पूर्णतः क्षमा कर सकता है। (3) राज्यपाल संघीय कानूनों से संबंधित सभी अपराधों में क्षमादान दे सकता है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 1 और 2 ✓
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: B — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 161 के अंतर्गत राज्यपाल राज्य की कार्यपालिका शक्ति के क्षेत्राधिकार वाले मामलों में क्षमा, दंड-लघुकरण, दंड-परिवर्तन, स्थगन आदि की शक्ति रखता है। वह ऐसे मामलों में मृत्युदंड को भी क्षमा कर सकता है। किंतु संघीय कानूनों से संबंधित सभी अपराधों में क्षमादान देने की शक्ति उसे प्राप्त नहीं है।

प्रश्न 40: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन भारतीय संघवाद की विशेषता को सर्वाधिक उचित रूप से व्यक्त करता है?

  • A. संविधान विशेष परिस्थितियों में संसद को राज्य सूची के विषयों पर कानून बनाने की अनुमति देता है। ✓
  • B. राज्यों को संघ से पृथक होने का अधिकार है।
  • C. राज्य संविधान से ऊपर हैं।
  • D. संघ सूची पर राज्य विधानमंडल कानून बना सकता है।
सही उत्तर: A — संविधान विशेष परिस्थितियों में संसद को राज्य सूची के विषयों पर कानून बनाने की अनुमति देता है।
व्याख्या (Explanation):
भारतीय संघवाद एक मजबूत केंद्र वाला संघवाद है। संविधान कुछ विशेष परिस्थितियों जैसे राष्ट्रीय हित, आपातकाल अथवा राज्यों के अनुरोध में संसद को राज्य सूची के विषयों पर कानून बनाने की अनुमति देता है। यही भारतीय संघीय व्यवस्था की विशिष्ट लचीली प्रकृति को दर्शाता है। अन्य विकल्प संविधान की मूल संरचना और संघीय व्यवस्था के विपरीत हैं।

प्रश्न 41: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) राज्यपाल अध्यादेश जारी कर सकता है। (2) राज्य विधानमंडल का सत्र न चल रहा हो तो ही अध्यादेश जारी किया जा सकता है। (3) अध्यादेश को विधानमंडल के पुनः एकत्र होने के छह सप्ताह के भीतर अनुमोदित होना आवश्यक है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3 ✓
सही उत्तर: D — 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 213 के अनुसार राज्यपाल अध्यादेश तब जारी कर सकता है जब राज्य विधानमंडल का कोई सदन (या जहाँ द्विसदनीय व्यवस्था हो, दोनों सदन) सत्र में न हों तथा ऐसी परिस्थितियाँ हों जिनमें तत्काल कार्रवाई आवश्यक हो। अध्यादेश विधानमंडल के पुनः एकत्र होने के छह सप्ताह बाद स्वतः समाप्त हो जाता है यदि उसे अनुमोदित न किया जाए।

प्रश्न 42: निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति केंद्र-राज्य विधायी संबंधों से संबंधित है?

  • A. मुख्यमंत्री की नियुक्ति
  • B. राज्यपाल की शपथ
  • C. समवर्ती सूची में कानूनों का टकराव ✓
  • D. विधानसभा अध्यक्ष का निर्वाचन
सही उत्तर: C — समवर्ती सूची में कानूनों का टकराव
व्याख्या (Explanation):
समवर्ती सूची में राज्य और संसद दोनों कानून बना सकते हैं। यदि दोनों कानूनों में असंगति उत्पन्न हो तो अनुच्छेद 254 लागू होता है। यह केंद्र-राज्य विधायी संबंधों का प्रमुख पहलू है। अन्य विकल्प राज्य की आंतरिक संवैधानिक व्यवस्थाओं से संबंधित हैं, न कि केंद्र-राज्य विधायी संबंधों से।

प्रश्न 43: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) विधान परिषद की कुल सदस्य संख्या विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के एक-तिहाई से अधिक नहीं हो सकती। (2) विधान परिषद की सदस्य संख्या किसी भी स्थिति में 40 से कम नहीं हो सकती।

  • A. केवल 1
  • B. 1 और 2 दोनों ✓
  • C. केवल 2
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: B — 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 171 के अनुसार विधान परिषद की सदस्य संख्या विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के एक-तिहाई से अधिक नहीं हो सकती तथा सामान्यतः 40 से कम नहीं होती। इसलिए दोनों कथन सही हैं।

प्रश्न 44: निम्नलिखित में से किस स्थिति में राज्यपाल किसी विधेयक को पुनर्विचार हेतु लौटा सकता है?

  • A. धन विधेयक
  • B. संविधान संशोधन विधेयक
  • C. विनियोग विधेयक
  • D. साधारण विधेयक ✓
सही उत्तर: D — साधारण विधेयक
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 200 के अनुसार राज्यपाल साधारण विधेयक को पुनर्विचार हेतु लौटा सकता है। यदि विधानमंडल उसे पुनः पारित कर दे तो राज्यपाल सामान्यतः स्वीकृति देने के लिए बाध्य होता है। धन विधेयक को पुनर्विचार हेतु नहीं लौटाया जा सकता।

प्रश्न 45: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) राज्यपाल राज्य विधानमंडल का अंग होता है। (2) राज्यपाल विधानसभा का सदस्य होता है। (3) राज्यपाल विधानमंडल को संबोधित कर सकता है।

  • A. केवल 1 और 3 ✓
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 2
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 168 के अनुसार राज्यपाल राज्य विधानमंडल का एक अंग है, किंतु वह किसी सदन का सदस्य नहीं होता। उसे विधानसभा अथवा दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करने का अधिकार प्राप्त है। इसलिए पहला और तीसरा कथन सही हैं जबकि दूसरा कथन गलत है। यह प्रश्न राज्यपाल की विधायी भूमिका को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।

प्रश्न 46: निम्नलिखित में से किस अनुच्छेद में राज्य मंत्रिपरिषद का प्रावधान किया गया है?

  • A. अनुच्छेद 153
  • B. अनुच्छेद 155
  • C. अनुच्छेद 163 ✓
  • D. अनुच्छेद 168
सही उत्तर: C — अनुच्छेद 163
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 163 राज्यपाल को सहायता और सलाह देने के लिए मंत्रिपरिषद के प्रावधान से संबंधित है। अनुच्छेद 164 मंत्रियों की नियुक्ति और उत्तरदायित्व से संबंधित है।

प्रश्न 47: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) विधान परिषद विधानसभा से अधिक शक्तिशाली सदन है। (2) धन विधेयक के मामले में विधानसभा की स्थिति श्रेष्ठ होती है। (3) विधानसभा अविश्वास प्रस्ताव पारित कर मंत्रिपरिषद को पद से हटा सकती है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 और 3 ✓
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: B — केवल 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
विधान परिषद विधानसभा से कम शक्तिशाली सदन है। धन विधेयक पर विधानसभा का प्रभुत्व होता है तथा मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से विधानसभा के प्रति उत्तरदायी होती है। विधानसभा अविश्वास प्रस्ताव पारित करके सरकार को पदच्युत कर सकती है। इसलिए पहला कथन गलत तथा दूसरा और तीसरा कथन सही हैं।

प्रश्न 48: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) राज्यपाल किसी विधेयक को राष्ट्रपति के विचारार्थ सुरक्षित रख सकता है। (2) राष्ट्रपति के विचारार्थ सुरक्षित रखे जाने के बाद उस विधेयक पर अंतिम निर्णय राष्ट्रपति द्वारा लिया जाता है। (3) राष्ट्रपति ऐसे विधेयक को स्वीकृति दे सकता है या स्वीकृति रोक सकता है।

  • A. 1, 2 और 3 ✓
  • B. केवल 1 और 2
  • C. केवल 2 और 3
  • D. केवल 1 और 3
सही उत्तर: A — 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 200 एवं 201 के अनुसार राज्यपाल कुछ विधेयकों को राष्ट्रपति के विचारार्थ सुरक्षित रख सकता है। ऐसी स्थिति में विधेयक पर अंतिम निर्णय राष्ट्रपति का होता है। राष्ट्रपति स्वीकृति दे सकता है, स्वीकृति रोक सकता है तथा (धन विधेयक को छोड़कर) कुछ मामलों में पुनर्विचार हेतु वापस भी भेज सकता है।

प्रश्न 49: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) राज्य विधानमंडल राज्य सूची के विषयों पर कानून बना सकता है। (2) राज्य विधानमंडल समवर्ती सूची के विषयों पर भी कानून बना सकता है। (3) समवर्ती सूची के विषय पर राज्य कानून और संसद के कानून में टकराव होने पर सामान्यतः संसद का कानून प्रभावी होता है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. 1, 2 और 3 ✓
  • D. केवल 1 और 3
सही उत्तर: C — 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
राज्य विधानमंडल राज्य सूची तथा समवर्ती सूची दोनों के विषयों पर कानून बना सकता है। अनुच्छेद 254 के अनुसार समवर्ती सूची के विषयों पर राज्य और संसद के कानून में असंगति होने पर सामान्यतः संसद का कानून प्रभावी होता है, यद्यपि कुछ परिस्थितियों में राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त राज्य कानून को अपवादस्वरूप प्राथमिकता मिल सकती है। यह भारतीय संघीय व्यवस्था की एक अत्यंत महत्वपूर्ण संवैधानिक अवधारणा है।

प्रश्न 50: निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति राज्यपाल की विवेकाधीन शक्ति का उदाहरण मानी जाती है?

  • A. स्पष्ट बहुमत न होने पर मुख्यमंत्री की नियुक्ति ✓
  • B. मंत्रिपरिषद की सलाह पर मंत्रियों की नियुक्ति
  • C. विधानसभा में पारित प्रत्येक विधेयक को स्वीकृति देना
  • D. राज्य बजट प्रस्तुत करना
सही उत्तर: A — स्पष्ट बहुमत न होने पर मुख्यमंत्री की नियुक्ति
व्याख्या (Explanation):
त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में राज्यपाल को यह निर्णय करना पड़ सकता है कि किस नेता को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाए। यह उसकी प्रमुख विवेकाधीन शक्तियों में से एक है। जबकि मंत्रियों की नियुक्ति सामान्यतः मुख्यमंत्री की सलाह पर होती है और बजट राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत किया जाता है।

प्रश्न 51: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) विधानसभा धन विधेयक को अस्वीकार कर सकती है। (2) विधान परिषद धन विधेयक को अधिकतम 14 दिनों तक रोक सकती है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 ✓
  • C. दोनों
  • D. कोई नहीं
सही उत्तर: B — केवल 2
व्याख्या (Explanation):
धन विधेयक राज्य विधानसभा में प्रस्तुत किया जाता है और उसी का अंतिम निर्णय प्रभावी होता है। विधान परिषद धन विधेयक को अस्वीकार नहीं कर सकती; वह केवल सिफारिशें कर सकती है तथा अधिकतम 14 दिनों तक उसे रोक सकती है। यदि परिषद 14 दिनों के भीतर विधेयक वापस नहीं करती, तो उसे विधानसभा द्वारा पारित माना जाता है। इसलिए पहला कथन गलत और दूसरा सही है।

प्रश्न 52: निम्नलिखित में से कौन-सा विधान परिषद की संरचना के संबंध में सही नहीं है?

  • A. कुछ सदस्य स्थानीय निकायों द्वारा निर्वाचित होते हैं।
  • B. कुछ सदस्य स्नातकों द्वारा निर्वाचित होते हैं।
  • C. कुछ सदस्य शिक्षकों द्वारा निर्वाचित होते हैं।
  • D. सभी सदस्य राज्यपाल द्वारा नामित होते हैं। ✓
सही उत्तर: D — सभी सदस्य राज्यपाल द्वारा नामित होते हैं।
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 171 के अनुसार विधान परिषद की संरचना मिश्रित होती है। इसके कुछ सदस्य स्थानीय निकायों, स्नातकों और शिक्षकों द्वारा निर्वाचित होते हैं, कुछ विधानसभा के सदस्यों द्वारा चुने जाते हैं तथा केवल एक सीमित भाग राज्यपाल द्वारा नामित किया जाता है। इसलिए ‘सभी सदस्य राज्यपाल द्वारा नामित होते हैं’ कथन गलत है।

प्रश्न 53: निम्नलिखित में से किस स्थिति में संसद राज्य सूची के विषय पर कानून बना सकती है?

  • A. जब राज्यसभा राष्ट्रीय हित में विशेष प्रस्ताव पारित करे। ✓
  • B. जब लोकसभा साधारण बहुमत से प्रस्ताव पारित करे।
  • C. केवल राष्ट्रपति शासन की स्थिति में।
  • D. किसी भी परिस्थिति में नहीं।
सही उत्तर: A — जब राज्यसभा राष्ट्रीय हित में विशेष प्रस्ताव पारित करे।
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 249 के अनुसार यदि राज्यसभा उपस्थित एवं मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से यह घोषित करे कि राष्ट्रीय हित में संसद को राज्य सूची के किसी विषय पर कानून बनाना चाहिए, तो संसद ऐसा कर सकती है। यह भारतीय संघवाद की एक विशिष्ट विशेषता है।

प्रश्न 54: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है। (2) अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राज्यपाल मुख्यमंत्री की सलाह पर करता है। (3) यदि कोई मंत्री नियुक्ति के समय विधानमंडल का सदस्य न हो, तो उसे छह माह के भीतर विधानमंडल का सदस्य बनना आवश्यक है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. 1, 2 और 3 ✓
  • D. केवल 1 और 3
सही उत्तर: C — 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 164 के अनुसार मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करता है तथा अन्य मंत्रियों की नियुक्ति मुख्यमंत्री की सलाह पर होती है। कोई गैर-सदस्य भी मंत्री नियुक्त किया जा सकता है, किंतु उसे छह माह के भीतर राज्य विधानमंडल का सदस्य बनना आवश्यक है, अन्यथा वह मंत्री पद पर नहीं रह सकता। इसलिए तीनों कथन सही हैं।

प्रश्न 55: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन विधान परिषद के संबंध में सही है?

  • A. इसे किसी भी समय राज्यपाल भंग कर सकता है।
  • B. यह एक स्थायी सदन है। ✓
  • C. इसके सभी सदस्य प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा चुने जाते हैं।
  • D. इसका कार्यकाल विधानसभा के समान होता है।
सही उत्तर: B — यह एक स्थायी सदन है।
व्याख्या (Explanation):
विधान परिषद राज्य स्तर पर राज्यसभा के समान एक स्थायी सदन है और इसे भंग नहीं किया जाता। इसके सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष होता है तथा प्रत्येक दो वर्ष बाद लगभग एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं। इसके सदस्य विभिन्न निर्वाचन समूहों एवं नामांकन की प्रक्रिया से आते हैं। अतः केवल विकल्प B सही है।

प्रश्न 56: निम्नलिखित में से कौन-सा विधेयक राज्य विधानमंडल में राज्यपाल की पूर्व अनुशंसा के बिना प्रस्तुत नहीं किया जा सकता?

  • A. धन विधेयक ✓
  • B. साधारण विधेयक
  • C. निजी सदस्य विधेयक
  • D. संविधान संशोधन विधेयक
सही उत्तर: A — धन विधेयक
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 207 के अनुसार धन विधेयक राज्य विधानमंडल में केवल राज्यपाल की पूर्व अनुशंसा पर ही प्रस्तुत किया जा सकता है। यह प्रावधान वित्तीय मामलों में कार्यपालिका की प्राथमिक भूमिका को सुनिश्चित करता है। साधारण विधेयकों के लिए ऐसी अनिवार्य अनुशंसा आवश्यक नहीं होती।

प्रश्न 57: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है। (2) राज्यपाल सामान्यतः मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करता है। (3) राज्यपाल को संविधान द्वारा कुछ विवेकाधीन शक्तियाँ भी प्रदान की गई हैं।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. 1, 2 और 3 ✓
  • D. केवल 1 और 3
सही उत्तर: C — 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख है तथा अनुच्छेद 163 के अनुसार वह सामान्यतः मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करता है। हालांकि संविधान कुछ परिस्थितियों में उसे विवेकाधीन शक्तियाँ भी प्रदान करता है, जैसे त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में मुख्यमंत्री की नियुक्ति या कुछ विधेयकों को राष्ट्रपति के विचारार्थ सुरक्षित रखना। अतः तीनों कथन सही हैं।

प्रश्न 58: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन राज्य और केंद्र संबंधों के संदर्भ में सही है?

  • A. राज्य सूची पर संसद कभी कानून नहीं बना सकती।
  • B. संविधान कुछ परिस्थितियों में संसद को राज्य सूची के विषयों पर कानून बनाने की अनुमति देता है। ✓
  • C. समवर्ती सूची पर केवल राज्य कानून बना सकते हैं।
  • D. राज्य सूची और संघ सूची में कोई अंतर नहीं है।
सही उत्तर: B — संविधान कुछ परिस्थितियों में संसद को राज्य सूची के विषयों पर कानून बनाने की अनुमति देता है।
व्याख्या (Explanation):
सामान्यतः राज्य सूची के विषयों पर राज्य विधानमंडल कानून बनाता है, किंतु संविधान कुछ विशेष परिस्थितियों—जैसे राष्ट्रीय हित में राज्यसभा का प्रस्ताव (अनुच्छेद 249), राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 250), राज्यों के अनुरोध (अनुच्छेद 252) आदि—में संसद को भी राज्य सूची के विषयों पर कानून बनाने की अनुमति देता है। यह भारतीय संघवाद की लचीली प्रकृति को दर्शाता है और UPSC के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण अवधारणा है।

प्रश्न 59: निम्नलिखित में से किस स्थिति में राज्यपाल मुख्यमंत्री की नियुक्ति में अपेक्षाकृत अधिक विवेक का प्रयोग कर सकता है?

  • A. जब सत्तारूढ़ दल को स्पष्ट बहुमत प्राप्त हो।
  • B. जब मुख्यमंत्री पुनः निर्वाचित हो जाए।
  • C. जब मंत्रिपरिषद सर्वसम्मति से नेता चुन ले।
  • D. जब विधानसभा में किसी दल को स्पष्ट बहुमत न मिला हो। ✓
सही उत्तर: D — जब विधानसभा में किसी दल को स्पष्ट बहुमत न मिला हो।
व्याख्या (Explanation):
त्रिशंकु विधानसभा (Hung Assembly) की स्थिति में राज्यपाल को यह तय करना होता है कि किस नेता को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाए। ऐसी स्थिति में राज्यपाल की विवेकाधीन भूमिका अपेक्षाकृत अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। हालांकि यह विवेक भी संवैधानिक परंपराओं, न्यायिक दिशानिर्देशों तथा बहुमत परीक्षण की आवश्यकता से नियंत्रित रहता है।

प्रश्न 60: विधान परिषद के सदस्यों का कार्यकाल कितना होता है?

  • A. 4 वर्ष
  • B. 5 वर्ष
  • C. 6 वर्ष ✓
  • D. 7 वर्ष
सही उत्तर: C — 6 वर्ष
व्याख्या (Explanation):
विधान परिषद एक स्थायी सदन है जिसे भंग नहीं किया जाता। इसके प्रत्येक सदस्य का कार्यकाल 6 वर्ष होता है तथा प्रत्येक दो वर्ष बाद इसके लगभग एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं। यह व्यवस्था राज्य स्तर पर राज्यसभा के समान है।

प्रश्न 61: निम्नलिखित में से कौन-सा विषय राज्य सूची में सम्मिलित है?

  • A. लोक व्यवस्था ✓
  • B. नागरिकता
  • C. डाक एवं तार
  • D. परमाणु ऊर्जा
सही उत्तर: A — लोक व्यवस्था
व्याख्या (Explanation):
लोक व्यवस्था (Public Order) राज्य सूची का विषय है, जिस पर राज्य विधानमंडल कानून बना सकता है। नागरिकता, डाक एवं तार तथा परमाणु ऊर्जा संघ सूची के विषय हैं। सातवीं अनुसूची का ज्ञान केंद्र-राज्य संबंधों की समझ का मूल आधार है।

प्रश्न 62: निम्नलिखित में से कौन-सी शक्ति राज्यपाल की विधायी शक्तियों में शामिल नहीं है?

  • A. विधानसभा का सत्र बुलाना
  • B. विधानसभा को स्थगित करना
  • C. विधानसभा को संबोधित करना
  • D. उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति करना ✓
सही उत्तर: D — उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति करना
व्याख्या (Explanation):
राज्यपाल विधानसभा का सत्र बुला सकता है, स्थगित कर सकता है तथा उसे संबोधित कर सकता है, जो उसकी विधायी शक्तियों का भाग हैं। परंतु उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है; इसमें राज्यपाल की कोई नियुक्तिकर्ता भूमिका नहीं होती।

प्रश्न 63: राज्य मंत्रिपरिषद के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. इसका गठन राष्ट्रपति करता है।
  • B. इसका नेतृत्व मुख्यमंत्री करता है। ✓
  • C. यह विधानसभा के प्रति उत्तरदायी नहीं होती।
  • D. इसके सदस्य केवल विधानसभा से लिए जाते हैं।
सही उत्तर: B — इसका नेतृत्व मुख्यमंत्री करता है।
व्याख्या (Explanation):
राज्य मंत्रिपरिषद का नेतृत्व मुख्यमंत्री करता है और वही राज्य प्रशासन का वास्तविक प्रमुख होता है। मंत्रिपरिषद के सदस्य विधानसभा अथवा विधान परिषद दोनों में से किसी सदन के सदस्य हो सकते हैं। यह मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से विधानसभा के प्रति उत्तरदायी होती है। संसदीय शासन प्रणाली में मुख्यमंत्री की भूमिका केंद्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री के समान होती है।

प्रश्न 64: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) प्रत्येक राज्य में विधानसभा होती है। (2) प्रत्येक राज्य में विधान परिषद होती है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. केवल 1, 2 नहीं ✓
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: C — केवल 1, 2 नहीं
व्याख्या (Explanation):
संविधान के अनुसार प्रत्येक राज्य में विधानसभा का होना अनिवार्य है, जबकि विधान परिषद केवल कुछ राज्यों में ही होती है। इसलिए पहला कथन सही तथा दूसरा कथन गलत है। अनुच्छेद 168 राज्यों में एकसदनीय और द्विसदनीय विधानमंडल दोनों की व्यवस्था की अनुमति देता है।

प्रश्न 65: निम्नलिखित में से कौन राज्यपाल को शपथ दिलाता है?

  • A. संबंधित उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश ✓
  • B. मुख्यमंत्री
  • C. राष्ट्रपति
  • D. विधानसभा अध्यक्ष
सही उत्तर: A — संबंधित उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 159 के अनुसार राज्यपाल पद ग्रहण करने से पूर्व संबंधित राज्य के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अथवा उनकी अनुपस्थिति में उपलब्ध वरिष्ठतम न्यायाधीश के समक्ष शपथ लेता है। यह शपथ संविधान की रक्षा, संरक्षण और संवर्धन करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

प्रश्न 66: किसी व्यक्ति को राज्य का मुख्यमंत्री नियुक्त किए जाने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी शर्त आवश्यक है?

  • A. वह विधान परिषद का सदस्य होना चाहिए।
  • B. उसकी आयु कम-से-कम 30 वर्ष होनी चाहिए।
  • C. वह लोकसभा का सदस्य होना चाहिए।
  • D. वह राज्य विधानमंडल का सदस्य हो अथवा छह माह के भीतर सदस्य बन जाए। ✓
सही उत्तर: D — वह राज्य विधानमंडल का सदस्य हो अथवा छह माह के भीतर सदस्य बन जाए।
व्याख्या (Explanation):
मुख्यमंत्री नियुक्त किए जाने के समय व्यक्ति का राज्य विधानमंडल का सदस्य होना अनिवार्य नहीं है। यदि वह सदस्य नहीं है, तो उसे नियुक्ति की तिथि से छह माह के भीतर विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना होगा, अन्यथा उसे पद छोड़ना पड़ेगा।

प्रश्न 67: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन राज्यपाल के संबंध में सही है?

  • A. राज्यपाल राज्य का निर्वाचित प्रमुख होता है।
  • B. राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है। ✓
  • C. राज्यपाल केवल राष्ट्रपति के प्रति उत्तरदायी होता है।
  • D. राज्यपाल संसद का सदस्य होता है।
सही उत्तर: B — राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है।
व्याख्या (Explanation):
भारतीय संविधान के अनुसार राज्यपाल राज्य का संवैधानिक या नाममात्र का प्रमुख होता है, जबकि वास्तविक कार्यपालिका शक्ति मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद के माध्यम से संचालित होती है। राज्यपाल निर्वाचित नहीं बल्कि राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त होता है। संसदीय शासन प्रणाली की यह विशेषता केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर लागू होती है, जहाँ संवैधानिक प्रमुख और वास्तविक कार्यपालिका अलग-अलग होते हैं।

प्रश्न 68: संविधान के अनुसार किसी राज्य में विधान परिषद की स्थापना या समाप्ति के लिए अंतिम निर्णय कौन लेता है?

  • A. राज्यपाल
  • B. मुख्यमंत्री
  • C. राष्ट्रपति
  • D. संसद ✓
सही उत्तर: D — संसद
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 169 के अनुसार यदि राज्य विधानसभा विशेष बहुमत से प्रस्ताव पारित करे, तो संसद कानून बनाकर उस राज्य में विधान परिषद की स्थापना या समाप्ति कर सकती है। राज्य विधानसभा केवल अनुशंसा करती है, अंतिम संवैधानिक निर्णय संसद द्वारा लिया जाता है। यह संघीय ढाँचे में केंद्र और राज्य के बीच एक महत्वपूर्ण संवैधानिक व्यवस्था है।

प्रश्न 69: राज्य सूची का विषय होने के कारण निम्नलिखित में से किस पर सामान्यतः राज्य विधानमंडल कानून बनाता है?

  • A. पुलिस ✓
  • B. विदेश नीति
  • C. मुद्रा
  • D. रक्षा
सही उत्तर: A — पुलिस
व्याख्या (Explanation):
संविधान की सातवीं अनुसूची की राज्य सूची में पुलिस, लोक व्यवस्था, सार्वजनिक स्वास्थ्य तथा कृषि जैसे विषय शामिल हैं। विदेश नीति, मुद्रा तथा रक्षा संघ सूची के विषय हैं जिन पर केवल संसद कानून बना सकती है।

प्रश्न 70: राज्यपाल द्वारा राज्य विधानसभा को भंग करने की शक्ति किस प्रकृति की है?

  • A. न्यायिक शक्ति
  • B. कार्यपालिका शक्ति
  • C. वित्तीय शक्ति
  • D. विधायी शक्ति ✓
सही उत्तर: D — विधायी शक्ति
व्याख्या (Explanation):
संविधान के अनुच्छेद 174 के अनुसार राज्यपाल विधानसभा को बुला सकता है, सत्रावसान (Prorogation) कर सकता है तथा विधानसभा को भंग भी कर सकता है। इन शक्तियों को राज्यपाल की विधायी शक्तियों के अंतर्गत वर्गीकृत किया जाता है क्योंकि वे राज्य विधानमंडल के कार्यों से संबंधित हैं। यद्यपि इन शक्तियों का प्रयोग सामान्यतः मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद की सलाह पर किया जाता है, फिर भी संवैधानिक वर्गीकरण की दृष्टि से विधानसभा का विघटन राज्यपाल की विधायी शक्ति माना जाता है।

प्रश्न 71: राज्य मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से किसके प्रति उत्तरदायी होती है?

  • A. राज्यपाल
  • B. विधान परिषद
  • C. राष्ट्रपति
  • D. विधानसभा ✓
सही उत्तर: D — विधानसभा
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 164(2) के अनुसार राज्य मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से राज्य विधानसभा के प्रति उत्तरदायी होती है। यदि विधानसभा अविश्वास प्रस्ताव पारित कर दे तो संपूर्ण मंत्रिपरिषद को पद छोड़ना पड़ता है। यह संसदीय शासन प्रणाली का मूल सिद्धांत है। विधान परिषद या राज्यपाल के प्रति ऐसी सामूहिक उत्तरदायित्व की व्यवस्था नहीं है।

प्रश्न 72: निम्नलिखित में से किस राज्य में विधान परिषद विद्यमान है?

  • A. राजस्थान
  • B. पंजाब
  • C. बिहार ✓
  • D. हरियाणा
सही उत्तर: C — बिहार
व्याख्या (Explanation):
बिहार उन राज्यों में से एक है जहाँ द्विसदनीय विधानमंडल है और वहाँ विधान परिषद भी विद्यमान है। वर्तमान में आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना तथा उत्तर प्रदेश में विधान परिषदें हैं।

प्रश्न 73: निम्नलिखित में से कौन राज्य विधानमंडल का अनिवार्य सदन है?

  • A. विधानसभा ✓
  • B. विधान परिषद
  • C. दोनों
  • D. कोई नहीं
सही उत्तर: A — विधानसभा
व्याख्या (Explanation):
संविधान के अनुसार प्रत्येक राज्य में विधानसभा का होना अनिवार्य है, जबकि विधान परिषद केवल कुछ राज्यों में ही होती है। जिन राज्यों में दोनों सदन होते हैं, वहाँ विधानमंडल द्विसदनीय कहलाता है। अनुच्छेद 168 इस संबंध में प्रावधान करता है। अतः विधानसभा राज्य विधानमंडल का आवश्यक एवं अनिवार्य सदन है।

प्रश्न 74: मुख्यमंत्री की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती है?

  • A. राष्ट्रपति द्वारा
  • B. विधानसभा द्वारा
  • C. उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा
  • D. राज्यपाल द्वारा ✓
सही उत्तर: D — राज्यपाल द्वारा
व्याख्या (Explanation):
संविधान के अनुच्छेद 164 के अनुसार मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है। सामान्यतः विधानसभा में बहुमत प्राप्त दल या गठबंधन के नेता को मुख्यमंत्री नियुक्त किया जाता है। यदि स्पष्ट बहुमत न हो तो राज्यपाल को सीमित विवेकाधीन भूमिका प्राप्त होती है।

प्रश्न 75: निम्नलिखित में से कौन राज्य का वास्तविक कार्यपालिका प्रमुख होता है?

  • A. राज्यपाल
  • B. मुख्यमंत्री ✓
  • C. विधानसभा अध्यक्ष
  • D. मुख्य सचिव
सही उत्तर: B — मुख्यमंत्री
व्याख्या (Explanation):
संसदीय शासन प्रणाली में राज्यपाल नाममात्र का कार्यपालिका प्रमुख होता है, जबकि मुख्यमंत्री वास्तविक कार्यपालिका प्रमुख होता है। अनुच्छेद 163 एवं 164 के अनुसार मुख्यमंत्री राज्य मंत्रिपरिषद का प्रमुख होता है और राज्य प्रशासन का वास्तविक संचालन करता है। राज्यपाल सामान्यतः मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करता है। नाममात्र एवं वास्तविक कार्यपालिका के बीच अंतर एक मूलभूत अवधारणा है।

प्रश्न 76: किसी राज्य के राज्यपाल के पद की सामान्य अवधि कितनी होती है?

  • A. 4 वर्ष
  • B. 7 वर्ष
  • C. 5 वर्ष ✓
  • D. 6 वर्ष
सही उत्तर: C — 5 वर्ष
व्याख्या (Explanation):
संविधान के अनुच्छेद 156 के अनुसार राज्यपाल सामान्यतः 5 वर्ष की अवधि के लिए नियुक्त किया जाता है। हालांकि वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है, अर्थात राष्ट्रपति उसे कार्यकाल समाप्त होने से पहले भी हटा सकता है। इसलिए 5 वर्ष की अवधि निश्चित नहीं मानी जाती। ‘5 वर्ष का कार्यकाल’ और ‘राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत’ के बीच अंतर समझना महत्वपूर्ण है।

प्रश्न 77: राज्यपाल की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती है?

  • A. राष्ट्रपति द्वारा ✓
  • B. प्रधानमंत्री द्वारा
  • C. भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा
  • D. संसद द्वारा
सही उत्तर: A — राष्ट्रपति द्वारा
व्याख्या (Explanation):
संविधान के अनुच्छेद 155 के अनुसार राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है तथा राष्ट्रपति का प्रतिनिधि भी माना जाता है। यद्यपि राज्यपाल राज्य में कार्य करता है, उसकी नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा नहीं की जाती।

प्रश्न 78: कथन (A): किसी राज्य में विधान परिषद की स्थापना संविधान संशोधन द्वारा ही की जा सकती है। कारण (R): अनुच्छेद 169 के अंतर्गत संसद साधारण विधि द्वारा विधान परिषद का सृजन या उन्मूलन कर सकती है, यदि राज्य विधानसभा आवश्यक विशेष प्रस्ताव पारित करे।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A गलत है पर R सही है ✓
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A और R दोनों गलत हैं
सही उत्तर: B — A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):
विधान परिषद की स्थापना संविधान संशोधन द्वारा नहीं की जाती। अनुच्छेद 169 के अनुसार संबंधित राज्य विधानसभा विशेष बहुमत से प्रस्ताव पारित करे तो संसद साधारण कानून द्वारा परिषद का सृजन या उन्मूलन कर सकती है। ऐसा कानून संविधान संशोधन नहीं माना जाता। इसलिए कथन गलत तथा कारण सही है। तथ्य: जहाँ अनुच्छेद 169 लागू हो, वहाँ "संविधान संशोधन अनिवार्य है" जैसे कथन प्रायः गलत होते हैं।

प्रश्न 79: कथन (A): मुख्यमंत्री राज्य शासन का वास्तविक कार्यपालिका प्रमुख माना जाता है। कारण (R): राज्यपाल सामान्यतः अपने कार्य मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद की सलाह पर करता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
भारतीय संसदीय शासन प्रणाली में वास्तविक कार्यपालिका शक्ति मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के पास होती है। राज्यपाल सामान्यतः मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करता है, सिवाय उन मामलों के जहाँ संविधान उसे विवेकाधीन शक्ति प्रदान करता है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री को राज्य शासन का वास्तविक प्रमुख माना जाता है। अतः कारण कथन की सही व्याख्या करता है। तथ्य: मुख्यमंत्री को राज्य शासन का "Pivot of the State Administration" भी कहा जाता है।

प्रश्न 80: कथन (A): विधान परिषद धन विधेयक को अस्वीकार कर सकती है। कारण (R): धन विधेयक के संबंध में विधान परिषद की भूमिका केवल सलाहकारी है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):
विधान परिषद धन विधेयक को अस्वीकार नहीं कर सकती। वह केवल सुझाव दे सकती है और 14 दिनों के भीतर विधेयक वापस भेजती है। विधानसभा उन सुझावों को स्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं है। अतः कथन गलत तथा कारण सही है। अनुच्छेद 198 इस प्रक्रिया को नियंत्रित करता है। तथ्य: धन विधेयक के मामलों में विधानसभा की स्थिति अत्यंत शक्तिशाली होती है।

प्रश्न 81: कथन (A): राज्य सूची पर राज्य का विधायी अधिकार पूर्णतः अनन्य और अपवादरहित है। कारण (R): संविधान संसद को कुछ विशिष्ट परिस्थितियों में राज्य सूची के विषयों पर कानून बनाने की अनुमति देता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):
राज्य सूची पर सामान्यतः राज्य विधानमंडल को अधिकार प्राप्त है, परंतु यह अधिकार पूर्णतः अपवादरहित नहीं है। अनुच्छेद 249, 250, 252 और 253 जैसी परिस्थितियों में संसद राज्य सूची के विषयों पर भी कानून बना सकती है। इसलिए कथन गलत तथा कारण सही है। तथ्य: संघीय व्यवस्था में विधायी शक्तियों का विभाजन कठोर होने के बावजूद कुछ संवैधानिक अपवाद बनाए गए हैं।

प्रश्न 82: कथन (A): राज्य मंत्रिपरिषद का सामूहिक उत्तरदायित्व केवल राजनीतिक परंपरा नहीं बल्कि संवैधानिक सिद्धांत है। कारण (R): अनुच्छेद 164[2] मंत्रिपरिषद को विधानसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी घोषित करता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
सामूहिक उत्तरदायित्व भारतीय संसदीय शासन प्रणाली का मूल तत्व है। यह केवल राजनीतिक परंपरा नहीं बल्कि अनुच्छेद 164[2] द्वारा प्रदत्त संवैधानिक दायित्व है। यदि विधानसभा अविश्वास व्यक्त करती है तो पूरी मंत्रिपरिषद को पद छोड़ना पड़ता है। इसलिए कारण कथन की प्रत्यक्ष और पूर्ण व्याख्या करता है। तथ्य: सामूहिक उत्तरदायित्व मंत्रिमंडलीय एकता तथा नीतिगत समन्वय सुनिश्चित करता है।

प्रश्न 83: कथन (A): विधान परिषद के सभी सदस्य निर्वाचित होते हैं। कारण (R): विधान परिषद की संरचना में कुछ सदस्यों को राज्यपाल द्वारा नामित किया जाता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A गलत है पर R सही है ✓
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A और R दोनों गलत हैं
सही उत्तर: B — A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 171 के अनुसार विधान परिषद के सभी सदस्य निर्वाचित नहीं होते। परिषद के कुछ सदस्य साहित्य, विज्ञान, कला, सहकारिता एवं समाज सेवा के क्षेत्र में विशेष ज्ञान या अनुभव रखने वाले व्यक्तियों में से राज्यपाल द्वारा नामित किए जाते हैं। इसलिए कथन गलत तथा कारण सही है। तथ्य: यह नामांकन व्यवस्था विशेषज्ञता को विधायी प्रक्रिया में सम्मिलित करने हेतु बनाई गई थी।

प्रश्न 84: कथन (A): राज्यपाल अपने पद के निर्वहन में राज्य सरकार के अधीन कार्य करता है। कारण (R): राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):
राज्यपाल राज्य सरकार के नियंत्रण में नहीं होता। अनुच्छेद 155 एवं 156 के अनुसार उसकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है। अतः कथन गलत तथा कारण सही है। यही व्यवस्था राज्यपाल को संघ और राज्य के मध्य संवैधानिक कड़ी बनाती है। Trap: राज्य में कार्य करने वाला प्रत्येक संवैधानिक पद राज्य सरकार के अधीन हो, यह मान लेना गलत है।

प्रश्न 85: कथन (A): विधान परिषद की उपस्थिति राज्य विधानसभा की विधायी सर्वोच्चता को समाप्त कर देती है। कारण (R): साधारण विधेयकों के मामले में विधान परिषद को केवल विलंबकारी शक्ति प्राप्त है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):
विधान परिषद की स्थापना से विधानसभा की विधायी प्रधानता समाप्त नहीं होती। परिषद केवल पुनर्विचार और विलंब की भूमिका निभाती है। साधारण विधेयक को वह सीमित अवधि तक रोक सकती है, पर स्थायी रूप से अवरुद्ध नहीं कर सकती। इसलिए कथन गलत तथा कारण सही है। अनुच्छेद 197 राज्य स्तर पर दोनों सदनों के बीच विधायी गतिरोध की स्थिति का समाधान प्रदान करता है। तथ्य: राज्यों में संसद की भाँति संयुक्त बैठक का प्रावधान नहीं है।

प्रश्न 86: कथन (A): राज्यपाल द्वारा राष्ट्रपति के विचारार्थ सुरक्षित रखा गया प्रत्येक विधेयक अंततः कानून बन जाता है। कारण (R): राष्ट्रपति ऐसे विधेयक पर स्वीकृति देने, रोकने अथवा पुनर्विचार हेतु लौटाने जैसी संवैधानिक शक्तियाँ रखता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है क्योंकि राज्यपाल द्वारा राष्ट्रपति के विचारार्थ सुरक्षित रखा गया प्रत्येक विधेयक अनिवार्य रूप से कानून नहीं बनता। अनुच्छेद 201 के अंतर्गत राष्ट्रपति स्वीकृति दे सकता है, स्वीकृति रोक सकता है अथवा गैर-धन विधेयक को पुनर्विचार हेतु लौटा सकता है। इसलिए कारण सही है। तथ्य: राज्यपाल द्वारा आरक्षित विधेयक पर अंतिम संवैधानिक निर्णय राष्ट्रपति के स्तर पर लिया जाता है, जो संघीय नियंत्रण की एक महत्वपूर्ण संवैधानिक व्यवस्था है।

प्रश्न 87: कथन (A): यदि विधानसभा में किसी सरकार का बहुमत संदिग्ध हो जाए, तो बहुमत सिद्ध करने का सर्वोत्तम संवैधानिक माध्यम सदन का पटल माना जाता है। कारण (R): संसदीय उत्तरदायित्व का परीक्षण राज्यपाल के व्यक्तिगत संतोष के बजाय विधानसभा के विश्वास पर आधारित होता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
कथन और कारण दोनों सही हैं। भारतीय संसदीय शासन प्रणाली में सरकार की वैधता विधानसभा के विश्वास पर आधारित होती है। सर्वोच्च न्यायालय ने विभिन्न निर्णयों, विशेषकर S.R. Bommai तथा बाद के अनेक मामलों में स्पष्ट किया कि बहुमत का परीक्षण राजभवन में नहीं बल्कि सदन के पटल पर होना चाहिए। इसलिए यदि सरकार के बहुमत पर संदेह हो तो Floor Test ही संवैधानिक रूप से सर्वाधिक उपयुक्त माध्यम है। कारण कथन की सही व्याख्या करता है क्योंकि संसदीय उत्तरदायित्व का मूल सिद्धांत विधायिका का विश्वास है, न कि राज्यपाल का व्यक्तिपरक आकलन।

प्रश्न 88: कथन (A): राज्य मंत्रिपरिषद का अस्तित्व मुख्यमंत्री पर निर्भर करता है। कारण (R): मुख्यमंत्री के त्यागपत्र देने पर संपूर्ण मंत्रिपरिषद सामान्यतः पदत्याग करती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
मुख्यमंत्री मंत्रिपरिषद का प्रमुख होता है। उसके त्यागपत्र, मृत्यु अथवा पदच्युति की स्थिति में संपूर्ण मंत्रिपरिषद का अस्तित्व समाप्त माना जाता है और वह भी पद छोड़ती है। इसलिए कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सीधी व्याख्या करता है। तथ्य: मुख्यमंत्री को राज्य शासन की "Keystone of the Cabinet Arch" कहा जाता है।

प्रश्न 89: कथन (A): विधानसभा का विघटन केवल उसके कार्यकाल की समाप्ति पर ही संभव है। कारण (R): राज्यपाल मुख्यमंत्री की सलाह पर कार्यकाल समाप्त होने से पहले भी विधानसभा भंग कर सकता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A गलत है पर R सही है ✓
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A और R दोनों गलत हैं
सही उत्तर: B — A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):
विधानसभा का विघटन केवल कार्यकाल समाप्ति पर ही नहीं होता। मुख्यमंत्री की सलाह पर राज्यपाल पूर्वकालिक विघटन भी कर सकता है। अतः कथन गलत और कारण सही है। तथ्य: त्रिशंकु स्थिति या राजनीतिक अस्थिरता में भी विघटन का प्रश्न महत्वपूर्ण हो सकता है।

प्रश्न 90: कथन (A): संसद को राज्य सूची के विषयों पर कानून बनाने के लिए सदैव राष्ट्रीय आपातकाल लागू होना आवश्यक है। कारण (R): संविधान संसद को कुछ अन्य विशेष परिस्थितियों में भी राज्य सूची के विषयों पर कानून बनाने की अनुमति देता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):
संसद राज्य सूची के विषयों पर केवल आपातकाल में ही नहीं, बल्कि अनुच्छेद 249, 250, 252 और 253 जैसी परिस्थितियों में भी कानून बना सकती है। इसलिए कथन गलत है और कारण सही है। तथ्य: अनुच्छेद 249 के अंतर्गत राज्यसभा राष्ट्रीय हित में प्रस्ताव पारित कर संसद को यह शक्ति प्रदान कर सकती है।

प्रश्न 91: कथन (A): सामान्यतः राज्यपाल राज्य मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करता है। कारण (R): अनुच्छेद 163 के अंतर्गत राज्यपाल को केवल कुछ सीमित मामलों में ही विवेकाधीन शक्ति प्राप्त है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
भारतीय संसदीय शासन प्रणाली में राज्यपाल सामान्यतः मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करता है। अनुच्छेद 163 केवल कुछ विशेष परिस्थितियों में विवेकाधीन शक्ति प्रदान करता है। इसलिए कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

प्रश्न 92: कथन (A): किसी राज्य में विधान परिषद का सृजन या उन्मूलन संसद द्वारा किया जाता है। कारण (R): संबंधित राज्य विधानसभा को इस संबंध में विशेष बहुमत से प्रस्ताव पारित करना होता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 169 के अनुसार विधान परिषद का सृजन या उन्मूलन संसद द्वारा साधारण कानून से किया जाता है। किंतु इसके लिए संबंधित राज्य विधानसभा को कुल सदस्य संख्या के बहुमत तथा उपस्थित एवं मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पारित करना होता है। इसलिए कारण ही कथन का संवैधानिक आधार है। तथ्य: ऐसा कानून संविधान संशोधन नहीं माना जाता।

प्रश्न 93: कथन (A): विधान परिषद की सदस्यता के लिए न्यूनतम आयु 25 वर्ष है। कारण (R): विधान परिषद को अपेक्षाकृत अधिक परिपक्व एवं अनुभवी सदन के रूप में परिकल्पित किया गया है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A गलत है पर R सही है ✓
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A और R दोनों गलत हैं
सही उत्तर: B — A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):
विधान परिषद की सदस्यता के लिए न्यूनतम आयु 30 वर्ष है, 25 वर्ष नहीं। इसलिए कथन गलत है। कारण सही है क्योंकि उच्च सदन के रूप में परिषद की संरचना अपेक्षाकृत अनुभवी प्रतिनिधित्व की अवधारणा से जुड़ी मानी जाती है। तथ्य: विधानसभा सदस्य हेतु न्यूनतम आयु 25 वर्ष तथा विधान परिषद सदस्य हेतु 30 वर्ष है।

प्रश्न 94: कथन (A): विधानसभा अध्यक्ष धन विधेयक के संबंध में निर्णायक भूमिका नहीं निभाता। कारण (R): धन विधेयक है या नहीं, इसका अंतिम निर्णय विधानसभा अध्यक्ष करता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):
विधानसभा अध्यक्ष धन विधेयक के संबंध में अत्यंत महत्वपूर्ण संवैधानिक भूमिका निभाता है। धन विधेयक होने का अंतिम प्रमाणन अध्यक्ष द्वारा किया जाता है। इसलिए कथन गलत है जबकि कारण सही है। अनुच्छेद 199 राज्य स्तर पर धन विधेयक की परिभाषा प्रदान करता है। तथ्य: धन विधेयक संबंधी अध्यक्ष का निर्णय अत्यंत महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रभाव रखता है।

प्रश्न 95: कथन (A): संविधान अनुच्छेद 200 के अंतर्गत राज्यपाल द्वारा विधेयक पर निर्णय लेने के लिए कोई स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित नहीं करता। कारण (R): अनुच्छेद 200 राज्यपाल को विधेयक पर स्वीकृति, पुनर्विचार हेतु लौटाने अथवा राष्ट्रपति के विचारार्थ आरक्षित करने जैसे विकल्प प्रदान करता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है ✓
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: B — A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 200 राज्यपाल के लिए कोई निश्चित समय-सीमा निर्धारित नहीं करता, अतः कथन सही है। कारण भी सही है क्योंकि राज्यपाल को विधेयक पर विभिन्न संवैधानिक विकल्प प्राप्त हैं। किंतु ये विकल्प समय-सीमा के अभाव की व्याख्या नहीं करते, इसलिए कारण कथन की सही व्याख्या नहीं है।

प्रश्न 96: कथन (A): विधान परिषद राज्यसभा की भाँति राज्यों के हितों की संवैधानिक संरक्षक संस्था है। कारण (R): विधान परिषद राज्य विधानमंडल का उच्च सदन है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):
विधान परिषद राज्य स्तर का उच्च सदन अवश्य है, परंतु उसका कार्य राज्यों के हितों की रक्षा करना नहीं है। वह उसी राज्य की विधायी प्रक्रिया का भाग है। राज्यों के हितों का संघीय प्रतिनिधित्व मुख्यतः राज्यसभा के माध्यम से होता है। इसलिए कथन गलत तथा कारण सही है। Trap: "उच्च सदन" और "संघीय प्रतिनिधित्व" को समान समझना अक्सर त्रुटिपूर्ण होता है।

प्रश्न 97: कथन (A): यदि मुख्यमंत्री नियुक्ति के छह माह के भीतर राज्य विधानमंडल का सदस्य नहीं बनता, तो उसका पद संवैधानिक रूप से समाप्त हो जाएगा। कारण (R): संविधान गैर-विधायक को मुख्यमंत्री नियुक्त करने की अनुमति देता है, किंतु यह व्यवस्था स्थायी नहीं है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 164(4) के अनुसार कोई व्यक्ति मंत्री (जिसमें मुख्यमंत्री भी शामिल है) नियुक्त तो किया जा सकता है, भले ही वह विधानमंडल का सदस्य न हो, परंतु उसे छह माह के भीतर किसी सदन का सदस्य बनना होगा। ऐसा न होने पर वह पद पर बना नहीं रह सकता। अतः कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की संवैधानिक व्याख्या करता है। तथ्य: यह प्रावधान लोकतांत्रिक उत्तरदायित्व और राजनीतिक व्यावहारिकता के बीच संतुलन स्थापित करता है।

प्रश्न 98: कथन (A): राज्यपाल और राष्ट्रपति के बीच संबंध भारतीय संघीय व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण संवैधानिक कड़ी का कार्य करते हैं। कारण (R): राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा अनुच्छेद 155 के अंतर्गत की जाती है। यही व्यवस्था राज्यपाल को संघ और राज्य के मध्य संवैधानिक सेतु बनाती है। अतः कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की व्याख्या करता है। तथ्य: राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होने के साथ-साथ कुछ मामलों में संघ के प्रतिनिधि के रूप में भी कार्य करता है।

प्रश्न 99: कथन (A): विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पारित होने पर संपूर्ण मंत्रिपरिषद को पद छोड़ना पड़ता है। कारण (R): राज्य मंत्रिपरिषद विधानसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
अविश्वास प्रस्ताव मंत्रिपरिषद की सामूहिक उत्तरदायित्व की अवधारणा से जुड़ा है। अनुच्छेद 164(2) के अनुसार मंत्रिपरिषद विधानसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है। इसलिए यदि सदन का विश्वास समाप्त हो जाता है तो संपूर्ण मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना पड़ता है। कारण कथन की सीधी संवैधानिक व्याख्या करता है। तथ्य: अविश्वास प्रस्ताव व्यक्तिगत मंत्री के विरुद्ध नहीं बल्कि पूरी मंत्रिपरिषद के विरुद्ध माना जाता है।

प्रश्न 100: कथन (A): राज्य सूची के विषयों पर संसद कभी भी कानून नहीं बना सकती। कारण (R): संविधान कुछ विशेष परिस्थितियों में संसद को राज्य सूची के विषयों पर भी कानून बनाने की अनुमति देता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):
सामान्यतः राज्य सूची पर कानून बनाने का अधिकार राज्यों का होता है, किंतु कुछ विशेष परिस्थितियों में संसद भी राज्य सूची के विषयों पर कानून बना सकती है, जैसे राष्ट्रीय हित (अनुच्छेद 249), आपातकाल (अनुच्छेद 250), राज्यों के अनुरोध (अनुच्छेद 252) आदि। अतः कथन गलत तथा कारण सही है। में यह अत्यंत महत्वपूर्ण संघीय अवधारणा है।

प्रश्न 101: कथन (A): मुख्यमंत्री का विधानसभा का सदस्य होना नियुक्ति के समय अनिवार्य है। कारण (R): जो व्यक्ति छह माह के भीतर राज्य विधानमंडल का सदस्य नहीं बनता, वह मंत्री पद पर बना नहीं रह सकता।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):
नियुक्ति के समय मुख्यमंत्री का विधायक होना अनिवार्य नहीं है। कोई गैर-सदस्य भी मुख्यमंत्री नियुक्त किया जा सकता है, बशर्ते वह छह माह के भीतर राज्य विधानमंडल का सदस्य बन जाए। इसलिए कथन गलत है। कारण सही है और अनुच्छेद 164(4) इसी व्यवस्था का प्रावधान करता है। तथ्य: यही नियम अन्य मंत्रियों पर भी लागू होता है।

प्रश्न 102: कथन (A): राज्यपाल किसी विधेयक को राष्ट्रपति के विचारार्थ सुरक्षित रख सकता है। कारण (R): संविधान राज्यपाल को कुछ परिस्थितियों में विधेयकों के संबंध में विशेष संवैधानिक दायित्व प्रदान करता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 200 के अंतर्गत राज्यपाल किसी विधेयक को राष्ट्रपति के विचारार्थ सुरक्षित रख सकता है। कुछ मामलों में ऐसा करना अनिवार्य होता है तथा अन्य मामलों में राज्यपाल अपने संवैधानिक विवेक का प्रयोग कर सकता है। यह व्यवस्था संविधान द्वारा राज्यपाल को प्रदान किए गए विशेष संवैधानिक दायित्वों से संबंधित है। अतः कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की उचित व्याख्या करता है।

प्रश्न 103: कथन (A): विधान परिषद के सभी सदस्य अप्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा चुने जाते हैं। कारण (R): विधान परिषद में कुछ सदस्यों को राज्यपाल नामित करता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A गलत है पर R सही है ✓
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A और R दोनों गलत हैं
सही उत्तर: B — A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 171 के अनुसार विधान परिषद के सभी सदस्य निर्वाचित नहीं होते। परिषद के कुछ सदस्य साहित्य, विज्ञान, कला, सहकारिता आंदोलन तथा समाज सेवा में विशेष ज्ञान या अनुभव रखने वाले व्यक्तियों में से राज्यपाल द्वारा नामित किए जाते हैं। इसलिए कथन गलत है जबकि कारण सही है। तथ्य: विधान परिषद का अधिकतम आकार संबंधित विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के एक-तिहाई से अधिक नहीं हो सकता।

प्रश्न 104: कथन (A): विधानसभा का कार्यकाल संविधान द्वारा छह वर्ष निर्धारित किया गया है। कारण (R): विधानसभा का सामान्य कार्यकाल पाँच वर्ष होता है जब तक कि उसे पूर्व में भंग न कर दिया जाए।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 172 के अनुसार विधानसभा का सामान्य कार्यकाल पाँच वर्ष है, छह वर्ष नहीं। अतः कथन गलत है। कारण सही है क्योंकि विधानसभा को कार्यकाल समाप्ति से पूर्व भी भंग किया जा सकता है। तथ्य: राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान संसद विधानसभा के कार्यकाल में एक-एक वर्ष की वृद्धि कर सकती है, परंतु आपातकाल समाप्त होने के छह माह से अधिक नहीं।

प्रश्न 105: कथन (A): विधान परिषद किसी साधारण विधेयक को स्थायी रूप से रोक सकती है। कारण (R): राज्य विधानमंडल में विधानसभा को विधान परिषद पर अंतिम विधायी वरीयता प्राप्त है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):
विधान परिषद किसी साधारण विधेयक को स्थायी रूप से अवरुद्ध नहीं कर सकती। अनुच्छेद 197 के अनुसार वह किसी साधारण विधेयक को पहली बार अधिकतम 3 माह तथा पुनः भेजे जाने पर अधिकतम 1 माह तक विलंबित कर सकती है। इसके बाद विधानसभा द्वारा पुनः पारित विधेयक परिषद की स्वीकृति के बिना भी पारित माना जाता है। अतः कथन गलत है। दूसरी ओर, साधारण विधेयकों के संबंध में विधानसभा को विधान परिषद पर अंतिम विधायी वरीयता प्राप्त है। इसलिए कारण सही है।

प्रश्न 106: कथन (A): राज्य मंत्रिपरिषद की सलाह सामान्यतः राज्यपाल पर बाध्यकारी होती है। कारण (R): राज्यपाल राज्य का वास्तविक कार्यपालिका प्रमुख होता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है ✓
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: C — A सही है पर R गलत है
व्याख्या (Explanation):
संसदीय शासन प्रणाली के अंतर्गत राज्यपाल सामान्यतः मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करता है, अतः कथन सही है। परंतु वास्तविक कार्यपालिका प्रमुख मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद होते हैं, राज्यपाल नहीं। राज्यपाल संवैधानिक प्रमुख है। इसलिए कारण गलत है। अनुच्छेद 163 एवं 164 इस व्यवस्था का आधार प्रदान करते हैं। Elimination Technique: जहाँ "वास्तविक कार्यपालिका" शब्द आए, वहाँ सामान्यतः मुख्यमंत्री/मंत्रिपरिषद को प्राथमिकता दें।

प्रश्न 107: कथन (A): यदि किसी राज्य में विधानसभा में किसी दल को स्पष्ट बहुमत प्राप्त न हो, तो राज्यपाल मुख्यमंत्री की नियुक्ति में विवेकाधीन भूमिका निभा सकता है। कारण (R): संविधान मुख्यमंत्री की नियुक्ति की विस्तृत प्रक्रिया का निर्धारण नहीं करता तथा केवल यह कहता है कि मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करेगा।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 164(1) केवल यह प्रावधान करता है कि मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करेगा, परंतु त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में किसे आमंत्रित किया जाए इसकी विस्तृत प्रक्रिया संविधान में निर्धारित नहीं है। इसी कारण राज्यपाल सीमित विवेकाधीन शक्ति का प्रयोग कर सकता है और ऐसे व्यक्ति को आमंत्रित करता है जो सदन का विश्वास प्राप्त करने की संभावना रखता हो। अतः कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की उचित व्याख्या करता है। तथ्य: सर्वोच्च न्यायालय ने विभिन्न मामलों में बहुमत परीक्षण को वैधता का सर्वोत्तम आधार माना है।

प्रश्न 108: कथन (A): विधानसभा राज्य विधानमंडल का लोकप्रिय सदन है। कारण (R): विधानसभा के सदस्य प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा चुने जाते हैं।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
विधानसभा के सदस्य जनता द्वारा प्रत्यक्ष निर्वाचन से चुने जाते हैं, इसलिए इसे राज्य विधानमंडल का लोकप्रिय या निम्न सदन कहा जाता है। प्रत्यक्ष निर्वाचन ही इसकी लोकतांत्रिक वैधता का आधार है। अतः कारण कथन की सही व्याख्या करता है। तथ्य: विधानसभा का सामान्य कार्यकाल पाँच वर्ष होता है, जब तक कि उसे पहले भंग न कर दिया जाए।

प्रश्न 109: कथन (A): राज्य सूची के विषयों पर सामान्यतः राज्य विधानमंडल कानून बनाता है। कारण (R): संविधान की सातवीं अनुसूची में राज्य सूची पृथक रूप से दी गई है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
सातवीं अनुसूची में संघ सूची, राज्य सूची तथा समवर्ती सूची का विभाजन किया गया है। राज्य सूची के विषयों पर सामान्य विधायी अधिकार राज्यों को प्राप्त है। इसलिए कारण यह स्पष्ट करता है कि राज्य विधानमंडल को यह अधिकार संविधान द्वारा पृथक सूची के माध्यम से दिया गया है। अतः दोनों सही हैं और कारण कथन की उचित व्याख्या करता है। तथ्य: पुलिस, लोक व्यवस्था और सार्वजनिक स्वास्थ्य राज्य सूची के प्रमुख विषय हैं।

प्रश्न 110: कथन (A): राज्यपाल की नियुक्ति संबंधित राज्य की विधानसभा द्वारा की जाती है। कारण (R): राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 155 के अनुसार राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, न कि राज्य विधानसभा द्वारा। अतः कथन गलत तथा कारण सही है। तथ्य: राज्यपाल संघीय ढाँचे में केंद्र और राज्य के बीच संवैधानिक कड़ी माना जाता है।

प्रश्न 111: कथन (A): राज्यपाल को विधानसभा में एंग्लो-इंडियन सदस्य नामित करने की शक्ति प्राप्त थी। कारण (R): संविधान [104वाँ संशोधऩ] अधिनियम, 2019 द्वारा यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
संविधान के अनुच्छेद 333 के अंतर्गत राज्यपाल को विधानसभा में एंग्लो-इंडियन समुदाय के एक सदस्य को नामित करने की शक्ति प्राप्त थी। संविधान (104वाँ संशोधन) अधिनियम, 2019 द्वारा यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई। इसलिए कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की उचित व्याख्या करता है। तथ्य: 104वें संविधान संशोधन के बाद लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एंग्लो-इंडियन नामांकन की व्यवस्था समाप्त हो गई, जबकि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण की अवधि बढ़ाई गई।

प्रश्न 112: कथन (A): विधान परिषद राज्य विधानमंडल का स्थायी सदन है। कारण (R): विधान परिषद को विधानसभा की भाँति भंग नहीं किया जा सकता।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
विधान परिषद स्थायी सदन है तथा इसे भंग नहीं किया जा सकता। इसके एक-तिहाई सदस्य प्रत्येक दो वर्ष में सेवानिवृत्त होते हैं और प्रत्येक सदस्य का कार्यकाल छह वर्ष होता है। इसलिए कारण ही कथन का संवैधानिक आधार है और उसकी सही व्याख्या करता है।

प्रश्न 113: कथन (A): धन विधेयक राज्य विधान परिषद में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। कारण (R): धन विधेयक केवल विधानसभा में ही प्रस्तुत किया जा सकता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 198 के अनुसार राज्य का धन विधेयक केवल विधानसभा में प्रस्तुत किया जा सकता है। इसी कारण इसे विधान परिषद में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। अतः कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है। विधान परिषद धन विधेयक पर केवल सिफारिशें कर सकती है। और उसे 14 दिनों के भीतर विधेयक लौटाना होता है।

प्रश्न 114: कथन (A): सभी राज्यों में विधान परिषद का होना संवैधानिक रूप से अनिवार्य है। कारण (R): संविधान राज्यों को एकसदनीय या द्विसदनीय विधानमंडल अपनाने की अनुमति देता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 168 के अनुसार सभी राज्यों में विधान परिषद अनिवार्य नहीं है। कुछ राज्यों में केवल विधानसभा होती है जबकि कुछ राज्यों में विधानसभा और विधान परिषद दोनों होते हैं। इसलिए कथन गलत है। कारण सही है क्योंकि संविधान राज्यों में एकसदनीय तथा द्विसदनीय दोनों प्रकार की व्यवस्था की अनुमति देता है।

प्रश्न 115: कथन (A): राज्य मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से विधानसभा के प्रति उत्तरदायी होती है। कारण (R): राज्य मंत्रिपरिषद के सदस्य अपने पद पर राज्यपाल की प्रसन्नता तक बने रहते हैं।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है ✓
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: B — A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 164(2) के अनुसार मंत्रिपरिषद विधानसभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है, अतः कथन सही है। अनुच्छेद 164(1) में मंत्रियों के राज्यपाल के प्रसादपर्यंत पद धारण करने का उल्लेख है, अतः कारण भी सही है। किंतु सामूहिक उत्तरदायित्व का आधार संसदीय उत्तरदायित्व है, न कि Pleasure Doctrine। इसलिए कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता।

प्रश्न 116: कथन (A): मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है। कारण (R): मुख्यमंत्री का चयन सीधे जनता द्वारा पृथक निर्वाचन के माध्यम से किया जाता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है ✓
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: C — A सही है पर R गलत है
व्याख्या (Explanation):
अनुच्छेद 164 के अनुसार मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है, अतः कथन सही है। किंतु मुख्यमंत्री का चुनाव सीधे जनता द्वारा नहीं किया जाता; सामान्यतः विधानसभा में बहुमत प्राप्त दल या गठबंधन का नेता मुख्यमंत्री नियुक्त किया जाता है। इसलिए कारण गलत है।

प्रश्न 117: कथन (A): राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है। कारण (R): राज्य की कार्यपालिका शक्ति संविधान के अनुसार राज्यपाल में निहित होती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है
  • C. A सही है पर R गलत है
  • D. A गलत है पर R सही है
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
व्याख्या (Explanation):
कथन और कारण दोनों सही हैं। अनुच्छेद 153 राज्य में राज्यपाल के पद का प्रावधान करता है तथा अनुच्छेद 154 के अनुसार राज्य की कार्यपालिका शक्ति राज्यपाल में निहित होती है। यद्यपि वास्तविक शक्तियों का प्रयोग मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद की सलाह पर किया जाता है, फिर भी संवैधानिक दृष्टि से राज्यपाल ही राज्य का प्रमुख होता है। इसलिए कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

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