UPSC Economics MCQ in Hindi के 191 महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास करें। नीति आयोग, NSO, RBI, वित्त आयोग, UN, UNDP, World Bank, IMF, WHO, FAO, ILO, UNICEF, WFP और IFAD से जुड़े UPSC Prelims प्रश्न, उत्तर एवं व्याख्या।

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UPSC Economics MCQ in Hindi: प्रमुख संस्थाएँ के 191 प्रश्न

UPSC Economics MCQ in Hindi के 191 महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास करें। नीति आयोग, NSO, RBI, वित्त आयोग, UN, UNDP, World Bank, IMF, WHO, FAO, ILO, UNICEF, WFP और IFAD से जुड़े UPSC Prelims प्रश्न, उत्तर एवं व्याख्या।

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Difficulty
Expert
Num Questions
191
Points Per Question
1
⏱️
Time Limit
160 minutes

All MCQ Questions with Answers and Explanations

प्रश्न 1: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन भारत में स्थित संस्थाओं और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के मानचित्रण के संदर्भ में सही है?

  • A. नीति आयोग, वित्त आयोग और राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के मुख्य संस्थागत केंद्र भारत में हैं, जबकि विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का मुख्यालय भारत के बाहर है।
  • B. विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष दोनों का मुख्यालय नई दिल्ली में है।
  • C. संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम का मुख्यालय मुंबई में और विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्यालय नई दिल्ली में है।
  • D. अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष का मुख्यालय भारत में है।
सही उत्तर: A — नीति आयोग, वित्त आयोग और राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के मुख्य संस्थागत केंद्र भारत में हैं, जबकि विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का मुख्यालय भारत के बाहर है।
व्याख्या (Explanation):
दिए गए भारतीय संस्थान भारत की राष्ट्रीय संस्थागत व्यवस्था का हिस्सा हैं। इसके विपरीत विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के मुख्यालय वॉशिंगटन डी.सी. में हैं। यह प्रश्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थागत भूगोल के बीच अंतर को परखता है।

प्रश्न 2: निम्नलिखित में से कौन-सा मानचित्र-आधारित निष्कर्ष सही है?

  • A. जिनेवा मुख्यतः अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं का प्रमुख केंद्र है।
  • B. रोम मुख्यतः वैश्विक मौद्रिक नीति निर्धारित करने वाली संस्थाओं का केंद्र है।
  • C. न्यूयॉर्क में खाद्य एवं कृषि संगठन, विश्व खाद्य कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष का मुख्यालय है।
  • D. वॉशिंगटन डी.सी. अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में जाना जाता है।
सही उत्तर: D — वॉशिंगटन डी.सी. अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में जाना जाता है।
व्याख्या (Explanation):
वॉशिंगटन डी.सी. विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के मुख्यालय के कारण महत्वपूर्ण है। रोम खाद्य और कृषि क्षेत्र की संस्थाओं के लिए तथा जिनेवा स्वास्थ्य और श्रम सहित अनेक अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण केंद्र है।

प्रश्न 3: यदि मानचित्र पर वॉशिंगटन डी.सी. और न्यूयॉर्क को दो अलग बिंदुओं के रूप में दिखाया गया हो, तो निम्नलिखित में से कौन-सा संस्थागत युग्म सही होगा?

  • A. वॉशिंगटन डी.सी. — विश्व बैंक; न्यूयॉर्क — संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम
  • B. वॉशिंगटन डी.सी. — विश्व स्वास्थ्य संगठन; न्यूयॉर्क — अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष
  • C. वॉशिंगटन डी.सी. — अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन; न्यूयॉर्क — खाद्य एवं कृषि संगठन
  • D. वॉशिंगटन डी.सी. — विश्व खाद्य कार्यक्रम; न्यूयॉर्क — अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष
सही उत्तर: A — वॉशिंगटन डी.सी. — विश्व बैंक; न्यूयॉर्क — संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम
व्याख्या (Explanation):
विश्व बैंक का मुख्यालय वॉशिंगटन डी.सी. में है, जबकि संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम का मुख्यालय न्यूयॉर्क में है। यह प्रश्न दो महत्त्वपूर्ण संस्थागत केंद्रों का तुलनात्मक मानचित्रण कराता है।

प्रश्न 4: निम्नलिखित में से कौन-सा समूह रोम स्थित प्रमुख खाद्य एवं ग्रामीण विकास संस्थाओं को सही रूप से दर्शाता है?

  • A. विश्व स्वास्थ्य संगठन, अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन, यूनिसेफ
  • B. खाद्य एवं कृषि संगठन, विश्व खाद्य कार्यक्रम, अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष
  • C. विश्व बैंक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम
  • D. नीति आयोग, वित्त आयोग, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय
सही उत्तर: B — खाद्य एवं कृषि संगठन, विश्व खाद्य कार्यक्रम, अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष
व्याख्या (Explanation):
खाद्य एवं कृषि संगठन, विश्व खाद्य कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष—तीनों का मुख्यालय रोम में है। यह भौगोलिक संकेंद्रण उनके खाद्य, कृषि और ग्रामीण विकास संबंधी कार्यों के कारण अध्ययन की दृष्टि से विशेष रूप से उपयोगी है।

प्रश्न 5: निम्नलिखित में से किस विकल्प में संस्थाओं को उनके मुख्यालय के अनुसार सही क्रम में रखा गया है?

  • A. खाद्य एवं कृषि संगठन — रोम; अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष — रोम
  • B. विश्व खाद्य कार्यक्रम — जिनेवा; यूनिसेफ — पेरिस
  • C. विश्व बैंक — जिनेवा; अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष — न्यूयॉर्क
  • D. अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन — रोम; विश्व स्वास्थ्य संगठन — वियना
सही उत्तर: A — खाद्य एवं कृषि संगठन — रोम; अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष — रोम
व्याख्या (Explanation):
खाद्य एवं कृषि संगठन और अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष दोनों का मुख्यालय रोम, इटली में है। विश्व खाद्य कार्यक्रम का मुख्यालय भी रोम में है। अतः खाद्य-संबंधी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का रोम में उल्लेखनीय संस्थागत संकेंद्रण है।

प्रश्न 6: निम्नलिखित संस्थाओं में से कौन-सी संस्था जिनेवा में स्थित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संस्थागत समूह का हिस्सा है? 1. विश्व स्वास्थ्य संगठन 2. अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन 3. खाद्य एवं कृषि संगठन 4. संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम

  • A. केवल 1 और 3
  • B. केवल 2 और 4
  • C. केवल 1 और 4
  • D. केवल 1 और 2
सही उत्तर: D — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
विश्व स्वास्थ्य संगठन और अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन दोनों का मुख्यालय जिनेवा में है। खाद्य एवं कृषि संगठन का मुख्यालय रोम में तथा संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम का मुख्यालय न्यूयॉर्क में है।

प्रश्न 7: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म मुख्यालय-स्थान के संबंध में सही सुमेलित है?

  • A. विश्व स्वास्थ्य संगठन — न्यूयॉर्क
  • B. विश्व स्वास्थ्य संगठन — जिनेवा
  • C. संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम — पेरिस
  • D. अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन — रोम
सही उत्तर: B — विश्व स्वास्थ्य संगठन — जिनेवा
व्याख्या (Explanation):
विश्व स्वास्थ्य संगठन का मुख्यालय जिनेवा, स्विट्जरलैंड में है। न्यूयॉर्क संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय का प्रमुख स्थान है, जबकि अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन का मुख्यालय जिनेवा में और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम का मुख्यालय न्यूयॉर्क में है।

प्रश्न 8: एक जिले में ग्रामीण गरीबी, महिलाओं की कम आय, बाल कुपोषण और विद्यालयी सीखने की समस्या एक साथ दिखाई देती है। इस परिस्थिति में निम्नलिखित में से कौन-सा दृष्टिकोण संस्थागत रूप से सबसे उपयुक्त है?

  • A. केवल वित्त आयोग के माध्यम से सभी समस्याओं का समाधान करना।
  • B. केवल राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय को समस्या-समाधान संस्था मानना।
  • C. संबंधित मंत्रालयों और संस्थाओं की विशिष्ट भूमिकाओं को बनाए रखते हुए समन्वित बहु-क्षेत्रीय नीति अपनाना।
  • D. केवल किसी एक अंतरराष्ट्रीय संस्था को पूरी समस्या सौंप देना।
सही उत्तर: C — संबंधित मंत्रालयों और संस्थाओं की विशिष्ट भूमिकाओं को बनाए रखते हुए समन्वित बहु-क्षेत्रीय नीति अपनाना।
व्याख्या (Explanation):
यह बहुआयामी सामाजिक समस्या है। ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास, पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा अलग-अलग संस्थागत क्षेत्रों से संबंधित हैं। इसलिए संबंधित मंत्रालयों तथा आवश्यकतानुसार अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की पूरक भूमिकाओं के बीच समन्वय अधिक उपयुक्त होगा। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ऐसी नीति के लिए प्रमाण उपलब्ध करा सकता है, लेकिन वह स्वयं सभी समस्याओं का कार्यान्वयनकर्ता नहीं है।

प्रश्न 9: एक राज्य में बैंक खातों की संख्या तेजी से बढ़ी, लेकिन निम्न-आय वाले परिवारों में औपचारिक बचत, बीमा और ऋण सेवाओं का उपयोग कम रहा। इस स्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सबसे उपयुक्त है?

  • A. वित्तीय पहुँच बढ़ी हो सकती है, लेकिन प्रभावी वित्तीय समावेशन अभी भी अधूरा हो सकता है।
  • B. वित्तीय समावेशन पूर्णतः प्राप्त हो गया है।
  • C. बैंक खातों की संख्या वित्तीय समावेशन से अप्रासंगिक है।
  • D. यह स्थिति केवल मौद्रिक नीति की विफलता सिद्ध करती है।
सही उत्तर: A — वित्तीय पहुँच बढ़ी हो सकती है, लेकिन प्रभावी वित्तीय समावेशन अभी भी अधूरा हो सकता है।
व्याख्या (Explanation):
खातों की संख्या में वृद्धि वित्तीय पहुँच के विस्तार का संकेत दे सकती है। लेकिन वित्तीय समावेशन की गहराई के लिए वास्तविक उपयोग, वहनीयता, उपयुक्तता और विभिन्न वित्तीय सेवाओं तक प्रभावी पहुँच भी आवश्यक है। इसलिए केवल खातों की संख्या पर्याप्त निष्कर्ष नहीं देती।

प्रश्न 10: निम्नलिखित में से कौन-सा समूह सही सुमेलित है?

  • A. विश्व स्वास्थ्य संगठन — रोम; खाद्य एवं कृषि संगठन — जिनेवा
  • B. विश्व बैंक — वॉशिंगटन डी.सी.; अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष — वॉशिंगटन डी.सी.
  • C. संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम — जिनेवा; अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन — न्यूयॉर्क
  • D. विश्व खाद्य कार्यक्रम — वॉशिंगटन डी.सी.; अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष — न्यूयॉर्क
सही उत्तर: B — विश्व बैंक — वॉशिंगटन डी.सी.; अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष — वॉशिंगटन डी.सी.
व्याख्या (Explanation):
विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष दोनों का मुख्यालय वॉशिंगटन डी.सी. में है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन जिनेवा में, जबकि खाद्य एवं कृषि संगठन, विश्व खाद्य कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष रोम में स्थित हैं। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम का मुख्यालय न्यूयॉर्क में है।

प्रश्न 11: अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) इसका संबंध श्रम मानकों और सामाजिक न्याय से है। (2) इसकी विशिष्टता त्रिपक्षीय संरचना से जुड़ी है। (3) इसमें सरकारों के साथ श्रमिकों और नियोक्ताओं का प्रतिनिधित्व होता है। (4) यह मुख्यतः वैश्विक मौद्रिक नीति निर्धारित करता है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 4
  • C. केवल 1, 2 और 3
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: C — केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
कथन 1, 2 और 3 सही हैं। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन श्रम मानकों और सामाजिक न्याय से संबंधित है तथा इसकी त्रिपक्षीय संरचना में सरकार, श्रमिक और नियोक्ता शामिल होते हैं। कथन 4 गलत है; वैश्विक मौद्रिक स्थिरता से संबंधित प्रमुख संस्था अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष है।

प्रश्न 12: खाद्य एवं कृषि संगठन, विश्व खाद्य कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. तीनों खाद्य-सुरक्षा पारिस्थितिकी से जुड़े होने पर भी उनके प्रमुख कार्यक्षेत्र अलग हैं।
  • B. तीनों का प्रमुख कार्य अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक स्थिरता है।
  • C. तीनों मुख्यतः श्रम मानकों का निर्धारण करते हैं।
  • D. तीनों का मुख्यालय वॉशिंगटन डी.सी. में है।
सही उत्तर: A — तीनों खाद्य-सुरक्षा पारिस्थितिकी से जुड़े होने पर भी उनके प्रमुख कार्यक्षेत्र अलग हैं।
व्याख्या (Explanation):
तीनों संस्थाएँ व्यापक खाद्य एवं ग्रामीण विकास क्षेत्र से जुड़ सकती हैं, लेकिन उनके विशिष्ट अधिदेश अलग हैं। खाद्य एवं कृषि संगठन कृषि एवं खाद्य प्रणालियों, विश्व खाद्य कार्यक्रम खाद्य सहायता और अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष ग्रामीण एवं कृषि निवेश पर अधिक केंद्रित है।

प्रश्न 13: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ दोनों स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़े विषयों में कार्य कर सकते हैं। (2) यूनिसेफ का विशेष केंद्र बाल अधिकार और बाल कल्याण है। (3) विश्व स्वास्थ्य संगठन का अधिदेश केवल बच्चों के स्वास्थ्य तक सीमित है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 2
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: C — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
कथन 1 सही है क्योंकि दोनों स्वास्थ्य और पोषण से संबंधित क्षेत्रों में कार्य कर सकते हैं। कथन 2 सही है क्योंकि यूनिसेफ का विशेष केंद्र बाल अधिकार और बाल कल्याण है। कथन 3 गलत है क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन का अधिदेश व्यापक वैश्विक स्वास्थ्य से संबंधित है।

प्रश्न 14: विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) दोनों संस्थाएँ आर्थिक समस्याओं से संबंधित हो सकती हैं। (2) विश्व बैंक का मुख्य जोर दीर्घकालिक विकास और विकास-वित्त पर अधिक होता है। (3) अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का मुख्य जोर व्यापक आर्थिक एवं मौद्रिक स्थिरता पर अधिक होता है। (4) इसलिए दोनों संस्थाओं का अधिदेश समान है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 1, 2 और 3
  • C. केवल 2 और 4
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: B — केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
कथन 1, 2 और 3 सही हैं। दोनों का आर्थिक मामलों से संबंध हो सकता है, लेकिन उनके प्रमुख अधिदेश अलग हैं। कथन 4 गलत है। विश्व बैंक का जोर विकास-वित्त और दीर्घकालिक विकास पर, जबकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का जोर व्यापक आर्थिक तथा मौद्रिक स्थिरता पर अधिक है।

प्रश्न 15: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?

  • A. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय — मौद्रिक नीति निर्धारण
  • B. वित्त आयोग — वैश्विक श्रम मानक
  • C. नीति आयोग — बैंकिंग विनियमन
  • D. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय — आधिकारिक सांख्यिकीय आँकड़ों की व्यवस्था
सही उत्तर: D — राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय — आधिकारिक सांख्यिकीय आँकड़ों की व्यवस्था
व्याख्या (Explanation):
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय आधिकारिक सांख्यिकीय व्यवस्था का महत्वपूर्ण भाग है। मौद्रिक नीति और बैंकिंग विनियमन भारतीय रिज़र्व बैंक से संबंधित हैं, जबकि वित्त आयोग का संबंध संघ–राज्य वित्तीय संबंधों और नीति आयोग का विकासात्मक नीति-संबंधी कार्यों से है।

प्रश्न 16: वित्तीय समावेशन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) औपचारिक वित्तीय सेवा तक पहुँच वित्तीय समावेशन का एक महत्वपूर्ण घटक है। (2) केवल बैंक खाता होना पूर्ण वित्तीय समावेशन का पर्याप्त प्रमाण है। (3) वित्तीय सेवाओं की वहनीयता और वास्तविक उपयोग भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

  • A. केवल 1 और 3
  • B. केवल 1 और 2
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):
कथन 1 और 3 सही हैं। वित्तीय समावेशन में औपचारिक सेवाओं तक पहुँच के साथ उनकी वहनीयता, उपयुक्तता और वास्तविक उपयोग भी महत्वपूर्ण हैं। केवल खाता खुल जाना पूर्ण समावेशन का पर्याप्त प्रमाण नहीं है।

प्रश्न 17: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) नीति आयोग और वित्त आयोग दोनों केंद्र–राज्य संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। (2) वित्त आयोग का संवैधानिक आधार है, जबकि नीति आयोग का गठन संविधान में किसी विशिष्ट अनुच्छेद के अंतर्गत नहीं किया गया है। (3) राज्यों के बीच कर-संसाधनों के वितरण का संवैधानिक दायित्व नीति आयोग के पास है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 2
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: C — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
कथन 1 सही है। दोनों संस्थाएँ केंद्र–राज्य संबंधों के अलग-अलग पहलुओं से जुड़ी हैं। कथन 2 भी सही है—वित्त आयोग का संवैधानिक आधार है, जबकि नीति आयोग संवैधानिक निकाय नहीं है। कथन 3 गलत है क्योंकि कर-संसाधनों के वितरण से संबंधित संवैधानिक सिफारिशें वित्त आयोग के कार्यक्षेत्र में आती हैं।

प्रश्न 18: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) किसी अंतरराष्ट्रीय संस्था का मुख्यालय, उसका अधिदेश और उसकी वित्तीय या संस्थागत संरचना अलग-अलग आयाम हैं। (2) केवल मुख्यालय याद रखने से संस्था की भूमिका पूरी तरह समझी जा सकती है। (3) यूपीएससी शैली में एक ही संस्था से जुड़े प्रश्न को स्थान, अधिदेश, संरचना और कार्य-पद्धति के अलग-अलग संयोजन से पूछा जा सकता है।

  • A. केवल 1 और 3
  • B. केवल 1 और 2
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):
कथन 1 और 3 सही हैं। किसी संस्था को समझने के लिए उसका स्थान, अधिदेश, संरचना, वित्तीय साधन और कार्य-पद्धति अलग-अलग आयाम हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि केवल मुख्यालय से संस्था की संस्थागत प्रकृति नहीं समझी जा सकती।

प्रश्न 19: यदि किसी वर्तमान नीति-बहस में वित्तीय समावेशन की सफलता का दावा केवल इस आधार पर किया जाए कि नए बैंक खातों की संख्या बढ़ी है, तो यूपीएससी दृष्टिकोण से सबसे उपयुक्त प्रश्न कौन-सा होगा?

  • A. क्या इन खातों की कुल संख्या दस करोड़ से अधिक है?
  • B. क्या सभी खाते एक ही बैंक में खोले गए हैं?
  • C. क्या खातों की उपलब्धता के साथ सक्रिय उपयोग, उपयुक्त वित्तीय सेवाओं तक पहुँच, वहनीयता और वित्तीय साक्षरता में भी सुधार हुआ है?
  • D. क्या खातों का रंग और आकार समान है?
सही उत्तर: C — क्या खातों की उपलब्धता के साथ सक्रिय उपयोग, उपयुक्त वित्तीय सेवाओं तक पहुँच, वहनीयता और वित्तीय साक्षरता में भी सुधार हुआ है?
व्याख्या (Explanation):
यह स्थिर वित्तीय समावेशन अवधारणा को समसामयिक नीति-दावे पर लागू करता है। खाता संख्या एक संकेतक है, लेकिन प्रभावी समावेशन के लिए उपयोग, उपयुक्तता, वहनीयता और वित्तीय साक्षरता जैसे अन्य आयामों का आकलन भी आवश्यक है।

प्रश्न 20: मान लीजिए कि किसी अंतरराष्ट्रीय संस्था के बारे में समाचार में यह कहा जाता है कि वह किसी विकासशील देश को एक नई वित्तीय सहायता व्यवस्था उपलब्ध करा रही है। इस सूचना से सीधे यह निष्कर्ष निकालना क्यों उचित नहीं होगा कि वह संस्था विश्व बैंक ही है?

  • A. क्योंकि विश्व बैंक कभी भी विकासशील देशों को वित्तीय सहायता नहीं देता।
  • B. क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक और अन्य संस्थाएँ अलग-अलग अधिदेशों के अंतर्गत विभिन्न प्रकार का वित्तीय सहयोग दे सकती हैं।
  • C. क्योंकि केवल संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम ही विकासशील देशों को सहायता दे सकता है।
  • D. क्योंकि सभी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की वित्तीय सहायता समान होती है।
सही उत्तर: B — क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक और अन्य संस्थाएँ अलग-अलग अधिदेशों के अंतर्गत विभिन्न प्रकार का वित्तीय सहयोग दे सकती हैं।
व्याख्या (Explanation):
वित्तीय सहायता प्रदान करना केवल विश्व बैंक की विशिष्ट पहचान नहीं है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष व्यापक आर्थिक स्थिरता और भुगतान-संतुलन संबंधी आवश्यकताओं में वित्तीय सहायता दे सकता है, जबकि विश्व बैंक का जोर विकास-वित्त और दीर्घकालिक विकास पर अधिक होता है। संस्था की पहचान उसके अधिदेश और सहायता के उद्देश्य से करनी चाहिए।

प्रश्न 21: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन स्थिर अवधारणा और समसामयिक नीति-चर्चा के बीच सही संबंध को दर्शाता है?

  • A. किसी संस्था से संबंधित वर्तमान समाचार पढ़ना ही उसकी पूरी अवधारणा समझने के लिए पर्याप्त है।
  • B. समसामयिक घटना का नाम याद होना संस्था के अधिदेश की समझ का प्रमाण है।
  • C. वर्तमान घटना से जुड़े किसी संस्थागत निर्णय को बिना उसके मूल अधिदेश समझे हल किया जा सकता है।
  • D. समसामयिक घटनाओं का उपयोग तब अधिक उपयोगी है जब उन्हें संस्था के स्थिर अधिदेश, कार्यक्षेत्र और संस्थागत सीमाओं से जोड़ा जाए।
सही उत्तर: D — समसामयिक घटनाओं का उपयोग तब अधिक उपयोगी है जब उन्हें संस्था के स्थिर अधिदेश, कार्यक्षेत्र और संस्थागत सीमाओं से जोड़ा जाए।
व्याख्या (Explanation):
यूपीएससी में समसामयिक घटनाएँ अक्सर स्थिर अवधारणाओं की पृष्ठभूमि में अधिक उपयोगी होती हैं। इसलिए संस्था से जुड़े वर्तमान निर्णय को उसके मूल अधिदेश, कार्यक्षेत्र और सीमाओं के साथ जोड़कर पढ़ना अधिक प्रभावी है।

प्रश्न 22: किसी विकासशील देश में निम्नलिखित तीन परिस्थितियाँ हैं बाहरी भुगतान संकट, ग्रामीण निवेश की कमी और बाल कुपोषण। इनसे निपटने के लिए संस्थागत दृष्टि से कौन-सा संयोजन सबसे उपयुक्त है?

  • A. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष और यूनिसेफ
  • B. विश्व स्वास्थ्य संगठन, वित्त आयोग और अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन
  • C. विश्व खाद्य कार्यक्रम, भारतीय रिज़र्व बैंक और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद
  • D. विश्व बैंक, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय और अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन
सही उत्तर: A — अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष और यूनिसेफ
व्याख्या (Explanation):
बाहरी भुगतान संकट के संदर्भ में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष अधिक प्रासंगिक है। ग्रामीण निवेश के लिए अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष और बाल अधिकार, पोषण एवं कल्याण के लिए यूनिसेफ अधिक प्रत्यक्ष रूप से संबंधित हैं। यह प्रश्न समस्या-विशिष्ट संस्थागत चयन की क्षमता पर आधारित है।

प्रश्न 23: विश्व स्वास्थ्य संगठन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) विश्व स्वास्थ्य संगठन का कार्यक्षेत्र केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है। (2) सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज उसके व्यापक स्वास्थ्य दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। (3) विश्व स्वास्थ्य संगठन के मार्गदर्शन का अर्थ यह नहीं है कि वह प्रत्येक देश की स्वास्थ्य प्रशासनिक व्यवस्था का प्रत्यक्ष स्थानापन्न है। (4) विश्व स्वास्थ्य संगठन के सभी निर्णय प्रत्येक सदस्य देश के घरेलू कानून पर स्वतः बाध्यकारी होते हैं।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 1, 2 और 3
  • C. केवल 2 और 4
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: B — केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
विश्व स्वास्थ्य संगठन का कार्यक्षेत्र स्वास्थ्य संवर्धन, रोग-नियंत्रण, स्वास्थ्य प्रणालियों, आपात स्थितियों और सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज तक विस्तृत है। यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रशासन का स्थानापन्न नहीं है। कथन 4 अत्यधिक व्यापक है क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन की प्रत्येक पहल या निर्णय को सभी देशों के घरेलू कानून पर स्वतः बाध्यकारी नहीं माना जा सकता।

प्रश्न 24: विश्व स्वास्थ्य संगठन की संस्थागत संरचना के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. विश्व स्वास्थ्य सभा विश्व स्वास्थ्य संगठन का सर्वोच्च निर्णयकारी निकाय है।
  • B. विश्व स्वास्थ्य सभा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक समिति है।
  • C. विश्व स्वास्थ्य संगठन केवल अपने मुख्यालय वाले देश की स्वास्थ्य नीति बनाता है।
  • D. विश्व स्वास्थ्य संगठन में सदस्य देशों की कोई संस्थागत भागीदारी नहीं होती।
सही उत्तर: A — विश्व स्वास्थ्य सभा विश्व स्वास्थ्य संगठन का सर्वोच्च निर्णयकारी निकाय है।
व्याख्या (Explanation):
विश्व स्वास्थ्य सभा विश्व स्वास्थ्य संगठन का सर्वोच्च निर्णयकारी निकाय है और इसमें सदस्य देशों के प्रतिनिधि भाग लेते हैं। यह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की समिति नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग का अंतरराष्ट्रीय संस्थागत ढाँचा प्रदान करता है।

प्रश्न 25: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की निगरानी व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष सदस्य देशों की व्यापक आर्थिक और वित्तीय नीतियों की निगरानी कर सकता है। (2) अनुच्छेद चार परामर्श सदस्य देशों की अर्थव्यवस्थाओं के नियमित मूल्यांकन से संबंधित हैं। (3) इस निगरानी का अर्थ यह है कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष प्रत्येक सदस्य देश की घरेलू आर्थिक नीति का प्रत्यक्ष नियंत्रण करता है। (4) निगरानी का उद्देश्य व्यापक आर्थिक स्थिरता से संबंधित जोखिमों की पहचान और नीतिगत संवाद को बढ़ावा देना हो सकता है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1, 2 और 4
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: C — केवल 1, 2 और 4
व्याख्या (Explanation):
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की निगरानी व्यवस्था सदस्य देशों की व्यापक आर्थिक और वित्तीय नीतियों का आकलन करने से संबंधित है। अनुच्छेद चार परामर्श इसी प्रक्रिया का प्रमुख हिस्सा हैं। इसका उद्देश्य जोखिमों की पहचान और नीतिगत संवाद है, न कि किसी देश की घरेलू आर्थिक नीति पर प्रत्यक्ष नियंत्रण स्थापित करना।

प्रश्न 26: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के विशेष आहरण अधिकार के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) विशेष आहरण अधिकार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष द्वारा निर्मित एक अंतरराष्ट्रीय आरक्षित परिसंपत्ति है। (2) इसे किसी एक देश की राष्ट्रीय मुद्रा के समान नहीं माना जाता। (3) इसका मूल्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं की एक टोकरी पर आधारित होता है। (4) विशेष आहरण अधिकार स्वयं एक स्वतंत्र देश की मुद्रा है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 1, 2 और 3
  • C. केवल 2 और 4
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: B — केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
विशेष आहरण अधिकार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष द्वारा निर्मित एक अंतरराष्ट्रीय आरक्षित परिसंपत्ति है। यह स्वयं किसी देश की मुद्रा नहीं है। इसका मूल्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं की टोकरी पर आधारित होता है और इसे केंद्रीय भंडारों तथा अंतरराष्ट्रीय तरलता के संदर्भ में उपयोग किया जाता है।

प्रश्न 27: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की कोटा व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) सदस्य देश का कोटा उसकी वित्तीय प्रतिबद्धता से संबंधित है। (2) कोटा का संबंध सदस्य देश की मतदान शक्ति से भी होता है। (3) कोटा का संबंध अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से उपलब्ध वित्तीय संसाधनों तक पहुँच से भी हो सकता है। (4) कोटा का निर्धारण केवल देश की जनसंख्या के आधार पर किया जाता है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 4
  • C. केवल 1, 3 और 4
  • D. केवल 1, 2 और 3
सही उत्तर: D — केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष में कोटा सदस्यता की केंद्रीय संस्थागत अवधारणा है। यह सदस्य की वित्तीय प्रतिबद्धता, मतदान शक्ति और कुछ वित्तीय सुविधाओं तक पहुँच से संबंधित हो सकता है। कोटा केवल जनसंख्या पर आधारित नहीं होता; इसकी गणना में अनेक आर्थिक चर शामिल होते हैं।

प्रश्न 28: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन अंतरराष्ट्रीय विकास संघ की भूमिका को अन्य संस्थाओं से अलग करता है?

  • A. इसका विशेष संबंध अत्यंत गरीब देशों को रियायती विकास-वित्त उपलब्ध कराने से है।
  • B. इसका मुख्य कार्य वैश्विक मौद्रिक नीति बनाना है।
  • C. यह मुख्यतः अंतरराष्ट्रीय श्रम मानकों को निर्धारित करता है।
  • D. यह संयुक्त राष्ट्र महासभा की एक समिति है।
सही उत्तर: A — इसका विशेष संबंध अत्यंत गरीब देशों को रियायती विकास-वित्त उपलब्ध कराने से है।
व्याख्या (Explanation):
अंतरराष्ट्रीय विकास संघ विश्व बैंक समूह का वह भाग है जो विशेष रूप से निम्न-आय और सबसे गरीब देशों के लिए रियायती वित्तीय सहायता पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य विकासात्मक आवश्यकताओं के लिए अपेक्षाकृत अनुकूल शर्तों पर वित्त उपलब्ध कराना है।

प्रश्न 29: अंतरराष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक तथा अंतरराष्ट्रीय विकास संघ के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. दोनों संस्थाएँ केवल मौद्रिक नीति बनाती हैं।
  • B. दोनों विश्व खाद्य कार्यक्रम के अंग हैं।
  • C. दोनों विश्व बैंक समूह का हिस्सा हैं, लेकिन उनके लक्षित देश और वित्तीय सहायता की प्रकृति में अंतर हो सकता है।
  • D. दोनों संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की समितियाँ हैं।
सही उत्तर: C — दोनों विश्व बैंक समूह का हिस्सा हैं, लेकिन उनके लक्षित देश और वित्तीय सहायता की प्रकृति में अंतर हो सकता है।
व्याख्या (Explanation):
अंतरराष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक और अंतरराष्ट्रीय विकास संघ दोनों विश्व बैंक समूह के प्रमुख भाग हैं, लेकिन उनकी वित्तीय सहायता और लक्षित देशों की प्रकृति अलग हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय विकास संघ विशेष रूप से सबसे गरीब देशों के लिए रियायती वित्तपोषण से जुड़ा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक अपेक्षाकृत व्यापक सदस्य समूह के लिए विकास-वित्त प्रदान करता है।

प्रश्न 30: विश्व बैंक समूह के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे अधिक उपयुक्त है?

  • A. “विश्व बैंक” और “विश्व बैंक समूह” समानार्थी शब्द हैं और दोनों में केवल एक ही संस्था शामिल है।
  • B. विश्व बैंक समूह केवल अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक स्थिरता के लिए उत्तरदायी है।
  • C. विश्व बैंक समूह का पूरा कार्य केवल मानवीय खाद्य सहायता है।
  • D. विश्व बैंक समूह में विकास-वित्त और निजी क्षेत्र से संबंधित विभिन्न संस्थाएँ शामिल हैं, जिनकी भूमिकाएँ एक-दूसरे से अलग हो सकती हैं।
सही उत्तर: D — विश्व बैंक समूह में विकास-वित्त और निजी क्षेत्र से संबंधित विभिन्न संस्थाएँ शामिल हैं, जिनकी भूमिकाएँ एक-दूसरे से अलग हो सकती हैं।
व्याख्या (Explanation):
विश्व बैंक समूह एक व्यापक संस्थागत समूह है। इसमें ऐसी संस्थाएँ शामिल हैं जो सार्वजनिक क्षेत्र के विकास-वित्त के साथ-साथ निजी क्षेत्र के निवेश और अन्य विकासात्मक कार्यों से संबंधित हैं। इसलिए “विश्व बैंक” और “विश्व बैंक समूह” को पूर्णतः समान मानना उचित नहीं है।

प्रश्न 31: संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम और मानव विकास संबंधी कार्य के बीच संबंध के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) मानव विकास केवल आय में वृद्धि तक सीमित अवधारणा नहीं है। (2) मानव विकास के व्यापक दृष्टिकोण में लोगों की क्षमताओं और अवसरों को महत्व दिया जाता है। (3) संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम का विकास संबंधी कार्य इस व्यापक मानव-केंद्रित दृष्टिकोण से जुड़ सकता है। (4) इसलिए मानव विकास का अर्थ केवल सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 1, 2 और 3
  • C. केवल 2 और 4
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: B — केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
मानव विकास की अवधारणा लोगों के जीवन, क्षमताओं और अवसरों को व्यापक रूप से देखती है। इसलिए केवल आय या सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि पर्याप्त नहीं है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम का मानव-केंद्रित विकास दृष्टिकोण इसी व्यापक विचार से जुड़ा है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की मानव विकास रिपोर्ट परंपरा इसी अवधारणा को वैश्विक विमर्श में महत्व देती है।

प्रश्न 32: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की संस्थागत प्रकृति को सबसे बेहतर दर्शाता है?

  • A. यह संयुक्त राष्ट्र का एक संवैधानिक प्रमुख अंग है।
  • B. यह अंतरराष्ट्रीय न्यायालय की प्रशासनिक शाखा है।
  • C. यह विकास संबंधी कार्यों पर केंद्रित संयुक्त राष्ट्र प्रणाली का एक कार्यक्रम है।
  • D. यह विश्व बैंक समूह की एक सदस्य संस्था है।
सही उत्तर: C — यह विकास संबंधी कार्यों पर केंद्रित संयुक्त राष्ट्र प्रणाली का एक कार्यक्रम है।
व्याख्या (Explanation):
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र प्रणाली का विकास-केंद्रित कार्यक्रम है। इसका कार्यक्षेत्र गरीबी उन्मूलन, शासन, संस्थागत क्षमता, संकट से उबरने और सतत विकास जैसे व्यापक विषयों से जुड़ सकता है। इसे संयुक्त राष्ट्र के छह प्रमुख अंगों में शामिल नहीं किया जाता।

प्रश्न 33: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) संयुक्त राष्ट्र की महासभा और सुरक्षा परिषद दोनों प्रमुख अंग हैं, लेकिन उनकी भूमिकाएँ समान नहीं हैं। (2) महासभा व्यापक बहुपक्षीय विचार-विमर्श का मंच है, जबकि सुरक्षा परिषद की प्राथमिक जिम्मेदारी अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा से जुड़ी है। (3) इसलिए महासभा के सभी निर्णय सुरक्षा परिषद के निर्णयों के समान प्रकृति के होते हैं।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 2
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: C — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
कथन 1 और 2 सही हैं। महासभा और सुरक्षा परिषद दोनों प्रमुख अंग हैं, पर उनके कार्य और संस्थागत भूमिकाएँ अलग हैं। कथन 3 अत्यधिक व्यापक है; दोनों अंगों के निर्णयों की प्रकृति और प्रभाव समान नहीं माने जा सकते।

प्रश्न 34: वित्त आयोग के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) संसद कानून द्वारा वित्त आयोग के सदस्यों की योग्यताएँ निर्धारित कर सकती है। (2) संसद आयोग के सदस्यों के चयन की विधि भी निर्धारित कर सकती है। (3) वित्त आयोग अपने कार्यों के निष्पादन की प्रक्रिया स्वयं निर्धारित कर सकता है। (4) इसलिए वित्त आयोग की संरचना और कार्यप्रणाली का पूरा विवरण संविधान के अनुच्छेद 280 में ही लिखा हुआ है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1, 2 और 4
  • D. केवल 1, 2 और 3
सही उत्तर: D — केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
कथन 1 और 2 सही हैं। अनुच्छेद 280 संसद को सदस्यों की योग्यताएँ तथा चयन की विधि निर्धारित करने की शक्ति देता है। कथन 3 भी सही है; आयोग अपने कार्यों की प्रक्रिया निर्धारित कर सकता है। कथन 4 गलत है, क्योंकि संविधान व्यापक ढाँचा देता है और कई विस्तृत प्रावधान संसद के कानून तथा संबंधित नियमों से निर्धारित होते हैं।

प्रश्न 35: वित्त आयोग और राज्य वित्त आयोग के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे अधिक उपयुक्त है?

  • A. दोनों पूर्णतः समान संवैधानिक निकाय हैं और दोनों का कार्य केवल केंद्र–राज्य कर-वितरण है।
  • B. वित्त आयोग संघ–राज्य वित्तीय संबंधों से संबंधित है, जबकि राज्य वित्त आयोग राज्य के भीतर स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति से संबंधित सिफारिशें करता है।
  • C. राज्य वित्त आयोग भारतीय रिज़र्व बैंक का एक विभाग है।
  • D. वित्त आयोग केवल नगरपालिकाओं के लिए तथा राज्य वित्त आयोग केवल पंचायतों के लिए कार्य करता है।
सही उत्तर: B — वित्त आयोग संघ–राज्य वित्तीय संबंधों से संबंधित है, जबकि राज्य वित्त आयोग राज्य के भीतर स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति से संबंधित सिफारिशें करता है।
व्याख्या (Explanation):
संघीय स्तर का वित्त आयोग संघ और राज्यों के बीच वित्तीय संबंधों से संबंधित है। दूसरी ओर, राज्य वित्त आयोग राज्य के भीतर पंचायतों और नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति तथा स्थानीय निकायों से संबंधित संसाधनों के वितरण पर सिफारिश करता है। दोनों को एक ही संस्थागत स्तर पर रखना गलत होगा। संविधान के अनुच्छेद 280 में भी राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर पंचायतों के संसाधन बढ़ाने के उपायों का उल्लेख है।

प्रश्न 36: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) वित्त आयोग स्वयं राज्यों के बजट पारित नहीं करता। (2) वित्त आयोग की भूमिका सिफारिशात्मक है, जिसमें संवैधानिक रूप से निर्दिष्ट वित्तीय विषयों पर राष्ट्रपति को सिफारिशें दी जाती हैं। (3) वित्त आयोग की रिपोर्ट राष्ट्रपति के माध्यम से संसद के समक्ष रखी जाती है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 1 और 2
  • C. 1, 2 और 3
  • D. केवल 2 और 3
सही उत्तर: C — 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
तीनों कथन सही हैं। वित्त आयोग कर-वितरण, अनुदान-सहायता तथा अन्य निर्दिष्ट वित्तीय विषयों पर राष्ट्रपति को सिफारिशें करता है। यह स्वयं बजट पारित करने वाला निकाय नहीं है। संविधान के अनुच्छेद 281 के अनुसार आयोग की सिफारिशों के साथ कार्रवाई संबंधी विवरण संसद के दोनों सदनों के समक्ष रखा जाता है।

प्रश्न 37: वित्त आयोग के सदस्यों की योग्यता के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. अध्यक्ष के लिए लोक कार्यों का अनुभव तथा अन्य सदस्यों के लिए विधि, सरकारी वित्त एवं लेखा, वित्तीय प्रशासन या अर्थशास्त्र जैसे क्षेत्रों की उपयुक्त विशेषज्ञता का प्रावधान किया जा सकता है।
  • B. सभी सदस्यों के लिए केवल न्यायाधीश होना अनिवार्य है।
  • C. सभी सदस्य केवल भारतीय रिज़र्व बैंक से लिए जाते हैं।
  • D. संविधान स्वयं प्रत्येक सदस्य की शैक्षणिक उपाधि निर्धारित करता है।
सही उत्तर: A — अध्यक्ष के लिए लोक कार्यों का अनुभव तथा अन्य सदस्यों के लिए विधि, सरकारी वित्त एवं लेखा, वित्तीय प्रशासन या अर्थशास्त्र जैसे क्षेत्रों की उपयुक्त विशेषज्ञता का प्रावधान किया जा सकता है।
व्याख्या (Explanation):
संविधान संसद को वित्त आयोग के सदस्यों की आवश्यक योग्यताएँ और चयन की विधि निर्धारित करने की शक्ति देता है। वित्त आयोग संबंधी कानून में अध्यक्ष के लिए लोक कार्यों का अनुभव और अन्य सदस्यों के लिए उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में योग्य होने, सरकारी वित्त एवं लेखा, वित्तीय मामलों और प्रशासन या अर्थशास्त्र से संबंधित विशेषज्ञता जैसी योग्यताओं का प्रावधान है।

प्रश्न 38: राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के संस्थागत विकास के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की स्थापना के बाद भी सांख्यिकीय व्यवस्था का कोई पुनर्गठन नहीं हुआ।
  • B. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय केवल केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय का नया नाम है।
  • C. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय का गठन केवल जनगणना संबंधी कार्यों के लिए किया गया था।
  • D. 2019 में केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय और राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय के विलय ने राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की वर्तमान संस्थागत संरचना को जन्म दिया।
सही उत्तर: D — 2019 में केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय और राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय के विलय ने राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की वर्तमान संस्थागत संरचना को जन्म दिया।
व्याख्या (Explanation):
2019 में केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय और राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय का विलय कर राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय बनाया गया। हाल की संस्थागत पुनर्रचनाओं में सर्वेक्षण से संबंधित कार्यों को भी पुनर्गठित किया गया है। इसलिए इसे केवल नाम परिवर्तन या केवल जनगणना संस्था मानना गलत होगा।

प्रश्न 39: राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) आधिकारिक सांख्यिकी नीति के प्रभाव का आकलन करने में उपयोगी हो सकती है। (2) सांख्यिकीय आँकड़ों का उत्पादन और उनके आधार पर नीति का अंतिम निर्णय दो अलग संस्थागत प्रक्रियाएँ हो सकती हैं। (3) इसलिए सांख्यिकीय संस्था द्वारा आँकड़े जारी किया जाना स्वयं किसी नीति की सफलता का प्रमाण है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 1 और 2
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: B — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
कथन 1 और 2 सही हैं। आधिकारिक आँकड़े नीति के परिणामों का आकलन करने में प्रमाण दे सकते हैं, लेकिन आँकड़ा जारी होना अपने-आप नीति की सफलता सिद्ध नहीं करता। नीति के परिणाम का मूल्यांकन अनेक संकेतकों और संदर्भों के आधार पर किया जाता है।

प्रश्न 40: राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय और राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग के बीच अंतर को देखते हुए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन अधिक उपयुक्त है?

  • A. सांख्यिकीय कार्यों के प्रशासनिक और परिचालन पक्ष तथा सांख्यिकीय मानकों एवं व्यापक संस्थागत मार्गदर्शन को एक ही भूमिका नहीं माना जाना चाहिए।
  • B. दोनों संस्थाएँ समान निकाय हैं और केवल नाम अलग हैं।
  • C. राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग भारत की मौद्रिक नीति बनाता है।
  • D. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय केवल वित्त आयोग के अधीन कार्य करता है।
सही उत्तर: A — सांख्यिकीय कार्यों के प्रशासनिक और परिचालन पक्ष तथा सांख्यिकीय मानकों एवं व्यापक संस्थागत मार्गदर्शन को एक ही भूमिका नहीं माना जाना चाहिए।
व्याख्या (Explanation):
राष्ट्रीय सांख्यिकीय व्यवस्था में प्रशासनिक और सांख्यिकीय कार्यों के निष्पादन तथा व्यापक मानक एवं पर्यवेक्षण की भूमिकाओं में अंतर किया जा सकता है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय सांख्यिकीय उत्पादन एवं सर्वेक्षण व्यवस्था से जुड़ा है, जबकि राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग की भूमिका व्यापक सांख्यिकीय व्यवस्था से संबंधित संस्थागत मार्गदर्शन और मानकों से जुड़ती है।

प्रश्न 41: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) किसी संस्था का नाम उसके अधिदेश का पूर्ण और पर्याप्त वर्णन आवश्यक रूप से नहीं करता। (2) समान व्यापक विकास लक्ष्य रखने वाली संस्थाओं के साधन और संस्थागत दायित्व अलग हो सकते हैं। (3) किसी संस्था की सही पहचान के लिए उसके कार्यक्षेत्र के साथ उसकी संस्थागत प्रकृति को भी समझना आवश्यक है। (4) इसलिए किसी संस्था से संबंधित प्रश्न हल करते समय केवल उसका मुख्यालय याद रखना पर्याप्त है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 1, 2 और 3
  • C. केवल 2 और 4
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: B — केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
कथन 1, 2 और 3 सही हैं। संस्थागत प्रश्नों में केवल नाम या मुख्यालय पर्याप्त नहीं होते। संस्था की प्रकृति, अधिदेश, साधन और अन्य संस्थाओं से अंतर समझना आवश्यक है। कथन 4 गलत है क्योंकि मुख्यालय एक गौण तथ्य हो सकता है; संस्थागत अधिदेश अधिक महत्वपूर्ण है।

प्रश्न 42: एक ग्रामीण जिले में महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए आजीविका कार्यक्रम, बच्चों में कुपोषण घटाने के लिए पोषण हस्तक्षेप तथा विद्यालयी शिक्षा सुधार कार्यक्रम एक साथ चलाए जाने हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा दृष्टिकोण इस समस्या की संस्थागत प्रकृति को सबसे अच्छी तरह दर्शाता है?

  • A. सभी कार्यों को एक ही मंत्रालय को सौंप देना क्योंकि लक्ष्य “सामाजिक विकास” है।
  • B. केवल राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय को कार्यान्वयन संस्था बनाना।
  • C. केवल वित्त आयोग से संसाधन माँगना और क्षेत्रीय संस्थागत भूमिकाओं की उपेक्षा करना।
  • D. संबंधित मंत्रालयों के विशिष्ट अधिदेशों को बनाए रखते हुए उनके बीच समन्वय स्थापित करना।
सही उत्तर: D — संबंधित मंत्रालयों के विशिष्ट अधिदेशों को बनाए रखते हुए उनके बीच समन्वय स्थापित करना।
व्याख्या (Explanation):
ग्रामीण आजीविका, पोषण और शिक्षा अलग-अलग विशिष्ट क्षेत्र हैं। इनके लिए संबंधित मंत्रालयों और संस्थाओं की विशेषज्ञ भूमिकाओं को बनाए रखते हुए समन्वित नीति दृष्टिकोण अधिक उपयुक्त है। यही बहु-क्षेत्रीय सामाजिक नीति की संस्थागत आवश्यकता को दर्शाता है।

प्रश्न 43: किसी राज्य में यह पाया गया कि गरीब परिवारों के बैंक खाते तो हैं, लेकिन उनमें नियमित बचत नहीं हो रही, औपचारिक ऋण का उपयोग कम है और बीमा कवरेज भी सीमित है। इस स्थिति की सबसे उपयुक्त संस्थागत व्याख्या क्या होगी?

  • A. वित्तीय पहुँच में कुछ सुधार हुआ है, पर वित्तीय समावेशन की गहराई और प्रभावशीलता अभी सीमित हो सकती है।
  • B. वित्तीय समावेशन पूरी तरह प्राप्त हो चुका है।
  • C. बैंक खातों की उपस्थिति का वित्तीय समावेशन से कोई संबंध नहीं है।
  • D. ऐसी स्थिति केवल मौद्रिक नीति की विफलता को दर्शाती है।
सही उत्तर: A — वित्तीय पहुँच में कुछ सुधार हुआ है, पर वित्तीय समावेशन की गहराई और प्रभावशीलता अभी सीमित हो सकती है।
व्याख्या (Explanation):
बैंक खाते उपलब्ध होना वित्तीय पहुँच में विस्तार दिखा सकता है। लेकिन सक्रिय बचत, उपयुक्त ऋण, बीमा और अन्य सेवाओं का उपयोग कम होने पर वित्तीय समावेशन की गुणवत्ता सीमित रह सकती है। यह उदाहरण पहुँच और प्रभावी समावेशन के बीच अंतर को स्पष्ट करता है।

प्रश्न 44: अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सबसे अधिक उचित है?

  • A. त्रिपक्षीयता केवल औपचारिक प्रतिनिधित्व है और इसका नीतिगत महत्व नहीं है।
  • B. त्रिपक्षीयता का अर्थ है कि सभी श्रमिक संगठनों को समान नीति-निर्णय अधिकार प्राप्त हैं।
  • C. त्रिपक्षीय संरचना श्रम नीति और मानकों पर सरकार, श्रमिक तथा नियोक्ता हितों को संस्थागत रूप से सम्मिलित करने की विशिष्ट व्यवस्था प्रदान करती है।
  • D. त्रिपक्षीयता का अर्थ है कि संगठन किसी भी सरकार की नीतियों को लागू करने के लिए बाध्य है।
सही उत्तर: C — त्रिपक्षीय संरचना श्रम नीति और मानकों पर सरकार, श्रमिक तथा नियोक्ता हितों को संस्थागत रूप से सम्मिलित करने की विशिष्ट व्यवस्था प्रदान करती है।
व्याख्या (Explanation):
अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन की त्रिपक्षीय संरचना उसकी विशिष्ट संस्थागत पहचान है। इसमें सरकारों के साथ श्रमिक और नियोक्ता प्रतिनिधि भी शामिल होते हैं। इसका उद्देश्य श्रम संबंधी नीतियों और मानकों पर विभिन्न हितों को संस्थागत स्थान देना है।

प्रश्न 45: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन खाद्य एवं कृषि संगठन, विश्व खाद्य कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष के बीच संबंध को सबसे अधिक गहराई से स्पष्ट करता है?

  • A. खाद्य सुरक्षा से संबंधित सभी संस्थाएँ एक ही प्रकार की सहायता प्रदान करती हैं।
  • B. इन तीनों की भूमिकाओं में कोई संस्थागत विभाजन नहीं है।
  • C. विश्व खाद्य कार्यक्रम कृषि नीति-निर्माण का एकमात्र वैश्विक संगठन है।
  • D. खाद्य संकट के तत्काल मानवीय पक्ष, कृषि-खाद्य प्रणाली के संरचनात्मक पक्ष और ग्रामीण निवेश के दीर्घकालिक पक्ष के लिए अलग-अलग संस्थागत क्षमताएँ प्रासंगिक हो सकती हैं।
सही उत्तर: D — खाद्य संकट के तत्काल मानवीय पक्ष, कृषि-खाद्य प्रणाली के संरचनात्मक पक्ष और ग्रामीण निवेश के दीर्घकालिक पक्ष के लिए अलग-अलग संस्थागत क्षमताएँ प्रासंगिक हो सकती हैं।
व्याख्या (Explanation):
तीनों संस्थाएँ व्यापक खाद्य-संबंधी समस्याओं से जुड़ी हो सकती हैं, लेकिन उनकी प्राथमिकताएँ अलग हैं। विश्व खाद्य कार्यक्रम तत्काल खाद्य सहायता तथा मानवीय जरूरतों पर अधिक केंद्रित है; खाद्य एवं कृषि संगठन कृषि एवं खाद्य प्रणालियों के ज्ञान, नीति और तकनीकी सहयोग से; तथा अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष ग्रामीण एवं कृषि निवेश से अधिक संबंधित है।

प्रश्न 46: संयुक्त राष्ट्र प्रणाली से संबंधित निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) संयुक्त राष्ट्र के छह प्रमुख अंगों की पहचान उसके व्यापक तंत्र के सभी घटकों पर लागू नहीं होती। (2) संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम और विश्व स्वास्थ्य संगठन को केवल इस आधार पर एक ही संस्थागत श्रेणी में रखना उचित नहीं है कि दोनों संयुक्त राष्ट्र प्रणाली से जुड़े हैं। (3) विशिष्ट एजेंसियाँ अपने-अपने अधिदेश के अनुसार कार्य कर सकती हैं। (4) संयुक्त राष्ट्र प्रणाली के प्रत्येक घटक का प्रशासनिक नियंत्रण सीधे महासभा के पास होता है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 1, 2 और 3
  • C. केवल 2 और 4
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: B — केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
कथन 1, 2 और 3 सही हैं। संयुक्त राष्ट्र प्रणाली में अलग-अलग प्रकार के संस्थागत घटक हैं। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम एक कार्यक्रम है, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन एक विशिष्ट एजेंसी है। कथन 4 गलत है क्योंकि सभी घटकों को महासभा का प्रत्यक्ष प्रशासनिक विभाग मानना संस्थागत विविधता की उपेक्षा करता है।

प्रश्न 47: विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के बीच संस्थागत अंतर को देखते हुए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. विश्व बैंक का मुख्य दायित्व सदस्य देशों की मौद्रिक नीति तय करना है।
  • B. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की भूमिका केवल दीर्घकालिक ग्रामीण अवसंरचना में निवेश तक सीमित है।
  • C. दोनों संस्थाएँ आर्थिक समस्याओं से संबंधित हो सकती हैं, लेकिन एक का प्रमुख झुकाव विकास-वित्त की ओर और दूसरे का व्यापक आर्थिक एवं मौद्रिक स्थिरता की ओर होता है।
  • D. दोनों संस्थाओं का अंतर केवल उनके भौगोलिक कार्यक्षेत्र में है।
सही उत्तर: C — दोनों संस्थाएँ आर्थिक समस्याओं से संबंधित हो सकती हैं, लेकिन एक का प्रमुख झुकाव विकास-वित्त की ओर और दूसरे का व्यापक आर्थिक एवं मौद्रिक स्थिरता की ओर होता है।
व्याख्या (Explanation):
दोनों संस्थाओं के कार्यक्षेत्र में आर्थिक मुद्दे साझा हो सकते हैं, लेकिन उनका मूल फोकस अलग है। विश्व बैंक दीर्घकालिक विकास और विकास-वित्त से, जबकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष व्यापक आर्थिक एवं मौद्रिक स्थिरता से अधिक संबंधित है।

प्रश्न 48: राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आँकड़ों का उपयोग करते समय निम्नलिखित में से कौन-सा दृष्टिकोण सबसे कम उपयुक्त होगा?

  • A. एक ही सांख्यिकीय संकेतक के आधार पर किसी जटिल सामाजिक समस्या का अंतिम कारण निर्धारित कर देना।
  • B. विभिन्न संकेतकों की प्रवृत्तियों का परस्पर परीक्षण करना।
  • C. विभिन्न समूहों के बीच परिणामों में अंतर का अध्ययन करना।
  • D. समय के साथ किसी कार्यक्रम के परिणामों में परिवर्तन का आकलन करना।
सही उत्तर: A — एक ही सांख्यिकीय संकेतक के आधार पर किसी जटिल सामाजिक समस्या का अंतिम कारण निर्धारित कर देना।
व्याख्या (Explanation):
एक जटिल सामाजिक समस्या सामान्यतः अनेक कारणों से प्रभावित हो सकती है। इसलिए केवल एक संकेतक के आधार पर उसके अंतिम कारण का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। विभिन्न संकेतकों, समय-श्रृंखलाओं और समूहगत अंतर का संयुक्त अध्ययन अधिक विश्वसनीय विश्लेषण प्रदान करता है।

प्रश्न 49: वित्तीय समावेशन की गहराई को मापने के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा संयोजन सबसे अधिक सार्थक होगा?

  • A. केवल बैंक शाखाओं की संख्या
  • B. केवल नए बैंक खातों की संख्या
  • C. केवल डिजिटल भुगतान की संख्या
  • D. पहुँच, सक्रिय उपयोग, वहनीयता और विभिन्न वित्तीय सेवाओं के वास्तविक उपयोग का संयुक्त आकलन
सही उत्तर: D — पहुँच, सक्रिय उपयोग, वहनीयता और विभिन्न वित्तीय सेवाओं के वास्तविक उपयोग का संयुक्त आकलन
व्याख्या (Explanation):
वित्तीय समावेशन बहुआयामी अवधारणा है। केवल शाखाओं, खातों या डिजिटल लेनदेन की संख्या किसी व्यवस्था की गहराई को पूर्णतः नहीं दर्शाती। यह भी देखना आवश्यक है कि लोगों को सेवाओं तक वास्तविक पहुँच है या नहीं, सेवाएँ वहनीय हैं या नहीं और वे बचत, ऋण, भुगतान, बीमा जैसी सेवाओं का प्रभावी उपयोग कर रहे हैं या नहीं।

प्रश्न 50: नीति आयोग और वित्त आयोग के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) दोनों संस्थाएँ संघवाद के प्रभावी संचालन के लिए अलग-अलग प्रकार के संस्थागत तंत्र उपलब्ध कराती हैं। (2) नीति आयोग का सहकारी संघवाद संबंधी दृष्टिकोण मुख्यतः नीति-संवाद और सहभागिता से जुड़ा है। (3) वित्त आयोग का संघवाद संबंधी दृष्टिकोण मुख्यतः कर-वितरण और अनुदान-सहायता जैसे वित्तीय तत्वों से जुड़ा है। (4) दोनों संस्थाओं की सिफारिशें समान संवैधानिक प्रक्रिया के अंतर्गत बाध्यकारी होती हैं।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 1, 2 और 3
  • C. केवल 2 और 4
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: B — केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
कथन 1, 2 और 3 सही हैं। नीति आयोग संघवाद को मुख्यतः नीतिगत सहयोग और केंद्र–राज्य सहभागिता के माध्यम से मजबूत करता है, जबकि वित्त आयोग वित्तीय संघवाद के लिए संवैधानिक तंत्र प्रदान करता है। कथन 4 गलत है, क्योंकि दोनों संस्थाओं की संवैधानिक स्थिति और सिफारिशों की प्रकृति समान नहीं है।

प्रश्न 51: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन प्रमुख संस्थाओं के अधिदेश और साधन के बीच अंतर को सबसे अच्छी तरह दर्शाता है?

  • A. किसी संस्था का व्यापक लक्ष्य ही उसके सभी कार्यों और साधनों को निर्धारित करता है।
  • B. विकास से संबंधित सभी संस्थाएँ मुख्यतः ऋण देती हैं।
  • C. समान व्यापक लक्ष्य रखने वाली संस्थाएँ अलग-अलग साधनों और संस्थागत अधिदेशों के माध्यम से कार्य कर सकती हैं।
  • D. किसी संस्था की प्रकृति समझने के लिए केवल उसका नाम पर्याप्त है।
सही उत्तर: C — समान व्यापक लक्ष्य रखने वाली संस्थाएँ अलग-अलग साधनों और संस्थागत अधिदेशों के माध्यम से कार्य कर सकती हैं।
व्याख्या (Explanation):
यह अध्याय संस्थागत तुलना का मूल सिद्धांत है। “विकास”, “गरीबी उन्मूलन”, “खाद्य सुरक्षा” या “स्वास्थ्य” जैसे व्यापक लक्ष्य कई संस्थाओं में साझा हो सकते हैं। लेकिन उनकी भूमिका, साधन और संस्थागत अधिदेश अलग हो सकते हैं। उदाहरणतः विश्व बैंक, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष आर्थिक एवं विकास संबंधी विषयों से जुड़े होने पर भी समान साधनों से कार्य नहीं करते।

प्रश्न 52: एक राज्य सरकार चाहती है कि उसके विकास कार्यक्रम में ग्रामीण आय, महिलाओं की आर्थिक भागीदारी, बच्चों का पोषण और शिक्षा—चारों में सुधार हो। निम्नलिखित में से कौन-सा संस्थागत दृष्टिकोण इस समस्या के लिए सबसे अधिक उपयुक्त होगा?

  • A. संबंधित मंत्रालयों की विशेषज्ञ भूमिका को एकीकृत कर बहु-क्षेत्रीय नीति तैयार करना।
  • B. सभी कार्यक्रमों को केवल वित्त आयोग को सौंप देना।
  • C. केवल शिक्षा मंत्रालय को पूरी नीति का कार्यान्वयनकर्ता बनाना।
  • D. केवल राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय से आँकड़े प्राप्त करना और किसी विभागीय समन्वय की आवश्यकता न मानना।
सही उत्तर: A — संबंधित मंत्रालयों की विशेषज्ञ भूमिका को एकीकृत कर बहु-क्षेत्रीय नीति तैयार करना।
व्याख्या (Explanation):
यह समस्या बहुआयामी है। ग्रामीण आय के लिए ग्रामीण विकास, महिलाओं और बच्चों के लिए महिला एवं बाल विकास, शिक्षा के लिए शिक्षा मंत्रालय तथा आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य और वित्तीय संस्थाओं की भूमिका हो सकती है। ऐसे मामलों में बहु-क्षेत्रीय समन्वय अधिक उपयुक्त दृष्टिकोण है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय प्रमाण दे सकता है, लेकिन वह स्वयं सभी कार्यक्रमों का कार्यान्वयनकर्ता नहीं है।

प्रश्न 53: अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन की त्रिपक्षीय संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) यह श्रम संबंधी विषयों में विभिन्न हितधारकों की भागीदारी का संस्थागत रूप है। (2) इसमें सरकारों के अतिरिक्त श्रमिकों और नियोक्ताओं का प्रतिनिधित्व होता है। (3) यह व्यवस्था संगठन को केवल सरकारी प्रशासनिक निकाय में परिवर्तित कर देती है। (4) त्रिपक्षीयता श्रम मानकों और सामाजिक न्याय से संबंधित विमर्श में विशिष्ट महत्व रखती है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 1, 2 और 4
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: B — केवल 1, 2 और 4
व्याख्या (Explanation):
कथन 1, 2 और 4 सही हैं। त्रिपक्षीयता अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन की विशिष्ट संस्थागत पहचान है, जिसमें सरकार, श्रमिक और नियोक्ता प्रतिनिधित्व करते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि इस व्यवस्था का उद्देश्य संगठन को केवल सरकारी निकाय बनाना नहीं, बल्कि विभिन्न हितधारकों को संस्थागत स्थान देना है।

प्रश्न 54: निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प खाद्य सुरक्षा संबंधी संस्थाओं की समय-आधारित कार्यप्रणाली को सबसे बेहतर दर्शाता है?

  • A. तत्काल खाद्य संकट, कृषि उत्पादकता और ग्रामीण निवेश—तीनों के लिए समान संस्था समान प्रकार का हस्तक्षेप करेगी।
  • B. खाद्य एवं कृषि संगठन केवल आपातकालीन राहत और विश्व खाद्य कार्यक्रम केवल दीर्घकालिक कृषि निवेश करता है।
  • C. अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष का मुख्य कार्य वैश्विक मौद्रिक स्थिरता है।
  • D. तत्काल खाद्य सहायता, दीर्घकालिक कृषि-खाद्य प्रणाली सुधार और ग्रामीण निवेश अलग-अलग संस्थागत भूमिकाओं की माँग कर सकते हैं।
सही उत्तर: D — तत्काल खाद्य सहायता, दीर्घकालिक कृषि-खाद्य प्रणाली सुधार और ग्रामीण निवेश अलग-अलग संस्थागत भूमिकाओं की माँग कर सकते हैं।
व्याख्या (Explanation):
एक खाद्य संकट में तत्काल राहत और दीर्घकालिक संरचनात्मक सुधार अलग-अलग नीति आवश्यकताएँ हैं। विश्व खाद्य कार्यक्रम खाद्य सहायता में अधिक प्रत्यक्ष भूमिका निभा सकता है; खाद्य एवं कृषि संगठन कृषि-खाद्य प्रणालियों और तकनीकी सहयोग से तथा अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष ग्रामीण और कृषि निवेश से अधिक संबंधित है।

प्रश्न 55: विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ के बीच संस्थागत संबंधों को समझते हुए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे अधिक उपयुक्त है?

  • A. दोनों का सहयोग संभव है क्योंकि स्वास्थ्य और बाल कल्याण में क्षेत्रीय अंतर्संबंध हैं, पर उनका मूल अधिदेश समान नहीं है।
  • B. यूनिसेफ वैश्विक स्वास्थ्य के सभी प्रश्नों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन के समान व्यापक अधिकार रखता है।
  • C. विश्व स्वास्थ्य संगठन का कार्य केवल संक्रामक रोगों तक सीमित है।
  • D. यूनिसेफ का कार्य केवल खाद्य वितरण तक सीमित है।
सही उत्तर: A — दोनों का सहयोग संभव है क्योंकि स्वास्थ्य और बाल कल्याण में क्षेत्रीय अंतर्संबंध हैं, पर उनका मूल अधिदेश समान नहीं है।
व्याख्या (Explanation):
स्वास्थ्य, पोषण और बाल कल्याण पर काम करते समय दोनों संस्थाएँ सहयोग कर सकती हैं। फिर भी विश्व स्वास्थ्य संगठन का व्यापक केंद्र वैश्विक स्वास्थ्य है, जबकि यूनिसेफ का विशेष केंद्र बच्चों के अधिकार और कल्याण से संबंधित है। अतः सहयोग का अर्थ संस्थागत समानता नहीं है।

प्रश्न 56: संयुक्त राष्ट्र प्रणाली की संस्थागत प्रकृति के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) संयुक्त राष्ट्र के छह प्रमुख अंग और संयुक्त राष्ट्र प्रणाली के अन्य घटक एक ही संस्थागत श्रेणी में नहीं आते। (2) किसी संस्था का संयुक्त राष्ट्र के साथ औपचारिक संबंध होना उसे स्वतः प्रमुख अंग का दर्जा नहीं देता। (3) किसी विशिष्ट एजेंसी का अपना स्वतंत्र संस्थागत अधिदेश हो सकता है। (4) संयुक्त राष्ट्र से संबंधित सभी संस्थाओं की जवाबदेही की व्यवस्था बिल्कुल समान होती है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 1, 2 और 3
  • C. केवल 2 और 4
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: B — केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
कथन 1, 2 और 3 सही हैं। संयुक्त राष्ट्र के छह प्रमुख अंगों के अतिरिक्त कार्यक्रम, कोष और विशिष्ट एजेंसियाँ भी व्यापक संयुक्त राष्ट्र प्रणाली का हिस्सा हो सकती हैं, लेकिन उनकी संस्थागत स्थिति और अधिदेश अलग हो सकते हैं। कथन 4 अत्यधिक व्यापक है; सभी संस्थाओं की जवाबदेही और संस्थागत व्यवस्थाओं को बिल्कुल समान नहीं माना जा सकता।

प्रश्न 57: निम्नलिखित में से कौन-सा परिदृश्य अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की भूमिकाओं के बीच सबसे सूक्ष्म अंतर को दर्शाता है?

  • A. दोनों संस्थाएँ किसी भी आर्थिक समस्या में समान प्रकार की सहायता देती हैं।
  • B. एक देश तत्काल व्यापक आर्थिक अस्थिरता से निपटने के साथ-साथ दीर्घकालिक विकास परियोजनाओं के लिए भी अलग-अलग प्रकार के अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता महसूस कर सकता है।
  • C. विश्व बैंक केवल मौद्रिक नीति पर और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष केवल शिक्षा पर ध्यान देता है।
  • D. दोनों संस्थाओं के बीच कोई भी कार्यात्मक संपर्क संभव नहीं है।
सही उत्तर: B — एक देश तत्काल व्यापक आर्थिक अस्थिरता से निपटने के साथ-साथ दीर्घकालिक विकास परियोजनाओं के लिए भी अलग-अलग प्रकार के अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता महसूस कर सकता है।
व्याख्या (Explanation):
एक ही देश में व्यापक आर्थिक स्थिरता और दीर्घकालिक विकास की आवश्यकताएँ एक साथ उत्पन्न हो सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का प्रमुख संबंध मौद्रिक एवं व्यापक आर्थिक स्थिरता से है, जबकि विश्व बैंक का जोर दीर्घकालिक विकास और विकास-वित्त पर अधिक है। इसलिए उनके कार्य अलग होते हुए भी पूरक हो सकते हैं।

प्रश्न 58: राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की भूमिका और प्रमाण-आधारित शासन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सबसे अधिक उपयुक्त है?

  • A. सांख्यिकीय आँकड़े नीति-निर्णय को पूर्णतः यांत्रिक बना देते हैं।
  • B. आँकड़ों की विश्वसनीयता महत्वहीन है यदि नीति का उद्देश्य सामाजिक कल्याण हो।
  • C. केवल समष्टिगत आर्थिक आँकड़े ही विकास-नीति के लिए उपयोगी होते हैं।
  • D. विश्वसनीय और तुलनीय आँकड़े नीति-निर्माताओं को समस्या के परिमाण, प्रवृत्ति और विभिन्न समूहों पर प्रभाव को समझने में सहायता दे सकते हैं।
सही उत्तर: D — विश्वसनीय और तुलनीय आँकड़े नीति-निर्माताओं को समस्या के परिमाण, प्रवृत्ति और विभिन्न समूहों पर प्रभाव को समझने में सहायता दे सकते हैं।
व्याख्या (Explanation):
आधिकारिक सांख्यिकी का मूल्य इस बात में है कि वह किसी समस्या के परिमाण, समय के साथ परिवर्तन और विभिन्न समूहों के बीच अंतर को समझने में सहायता कर सकती है। इससे नीति-निर्माण अधिक प्रमाण-आधारित हो सकता है। लेकिन आँकड़े स्वयं नीति का अंतिम निर्णय नहीं करते।

प्रश्न 59: वित्तीय समावेशन की अवधारणा को अधिक व्यापक रूप से समझने के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) वित्तीय समावेशन में औपचारिक वित्तीय व्यवस्था तक पहुँच का तत्व शामिल है। (2) किसी सेवा की उपलब्धता, उसकी वहनीयता और उपयोग की वास्तविक क्षमता से स्वतंत्र रूप से पूर्ण समावेशन सिद्ध करती है। (3) वित्तीय समावेशन में विभिन्न समूहों की अलग-अलग आवश्यकताओं के अनुरूप वित्तीय उत्पादों की उपयुक्तता महत्वपूर्ण हो सकती है। (4) वित्तीय साक्षरता और उपभोक्ता संरक्षण वित्तीय समावेशन की प्रभावशीलता को प्रभावित कर सकते हैं।

  • A. केवल 1, 3 और 4
  • B. केवल 1 और 2
  • C. केवल 2 और 4
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: A — केवल 1, 3 और 4
व्याख्या (Explanation):
कथन 1, 3 और 4 सही हैं। वित्तीय समावेशन केवल पहुँच का प्रश्न नहीं है; सेवा की उपयुक्तता, वहनीयता, उपयोग, वित्तीय साक्षरता और उपभोक्ता संरक्षण भी इसके प्रभावी स्वरूप से जुड़े हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि केवल उपलब्धता पूर्ण समावेशन सिद्ध नहीं करती।

प्रश्न 60: भारत में नीति-निर्माण और वित्तीय संघवाद के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) नीति आयोग की भूमिका में केंद्र और राज्यों के बीच नीतिगत सहयोग का तत्व शामिल है। (2) वित्त आयोग का संवैधानिक कार्यक्षेत्र संघ–राज्य वित्तीय संबंधों से संबंधित है। (3) नीति आयोग की सिफारिशें और वित्त आयोग की सिफारिशें समान संवैधानिक आधार तथा समान विधिक प्रकृति रखती हैं। (4) दोनों संस्थाओं के कार्यों में संघवाद का तत्व होने के बावजूद उनके संस्थागत उद्देश्य अलग हैं।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1, 2 और 4
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: C — केवल 1, 2 और 4
व्याख्या (Explanation):
कथन 1, 2 और 4 सही है। वही कथन 3 गलत है क्योंकि दोनों की संवैधानिक स्थिति और संस्थागत प्रकृति समान नहीं है।

प्रश्न 61: अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) इसका संबंध श्रम मानकों और सामाजिक न्याय से है। (2) त्रिपक्षीयता इसकी विशिष्ट संस्थागत विशेषताओं में से एक है। (3) इसके कार्यक्षेत्र का संबंध गरिमापूर्ण कार्य और सामाजिक सुरक्षा जैसे व्यापक विषयों से भी हो सकता है। (4) इसका प्रमुख संस्थागत उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय मुद्रा स्थिरता को नियंत्रित करना है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 4
  • C. केवल 1, 2 और 3
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: C — केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन श्रम मानकों, सामाजिक न्याय और गरिमापूर्ण कार्य से संबंधित है। इसकी त्रिपक्षीय संरचना इसकी विशिष्ट विशेषता है। सामाजिक सुरक्षा और श्रम अधिकार भी इसके व्यापक कार्यक्षेत्र से जुड़े हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा स्थिरता इसका प्रमुख उद्देश्य नहीं है।

प्रश्न 62: यूनिसेफ की संस्थागत स्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे अधिक उपयुक्त है?

  • A. यह संयुक्त राष्ट्र का न्यायिक अंग है।
  • B. यह बच्चों के अधिकार और कल्याण पर केंद्रित संयुक्त राष्ट्र प्रणाली की संस्था है।
  • C. यह विश्व बैंक समूह की सदस्य संस्था है।
  • D. यह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की बाल-कल्याण शाखा है।
सही उत्तर: B — यह बच्चों के अधिकार और कल्याण पर केंद्रित संयुक्त राष्ट्र प्रणाली की संस्था है।
व्याख्या (Explanation):
यूनिसेफ का विशेष केंद्र बच्चों के अधिकार, स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, संरक्षण तथा जल एवं स्वच्छता जैसे क्षेत्र हैं। इसे संयुक्त राष्ट्र के छह प्रमुख अंगों, विश्व बैंक समूह या अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की शाखा के रूप में नहीं समझना चाहिए।

प्रश्न 63: न्यायिक कार्य और संयुक्त राष्ट्र के संस्थागत ढाँचे के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा सही सुमेलित है?

  • A. अंतरराष्ट्रीय न्यायालय — संयुक्त राष्ट्र का प्रमुख न्यायिक अंग
  • B. आर्थिक एवं सामाजिक परिषद — प्रमुख न्यायिक अंग
  • C. सुरक्षा परिषद — संयुक्त राष्ट्र की न्यायिक शाखा
  • D. सचिवालय — अंतरराष्ट्रीय विवादों का न्यायिक निपटारा
सही उत्तर: A — अंतरराष्ट्रीय न्यायालय — संयुक्त राष्ट्र का प्रमुख न्यायिक अंग
व्याख्या (Explanation):
अंतरराष्ट्रीय न्यायालय संयुक्त राष्ट्र का प्रमुख न्यायिक अंग है। इसका मुख्यालय द हेग, नीदरलैंड में है। सुरक्षा परिषद का प्राथमिक कार्य अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा से संबंधित है, जबकि सचिवालय प्रशासनिक तथा संगठनात्मक कार्यों से जुड़ा है।

प्रश्न 64: संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक एवं सामाजिक परिषद के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे अधिक उपयुक्त है?

  • A. यह संयुक्त राष्ट्र की न्यायिक शाखा है।
  • B. यह केवल अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा से संबंधित निर्णय लेती है।
  • C. यह केवल संयुक्त राष्ट्र के बजट का लेखा-परीक्षण करती है।
  • D. यह आर्थिक, सामाजिक और संबंधित क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग एवं समन्वय का प्रमुख मंच है।
सही उत्तर: D — यह आर्थिक, सामाजिक और संबंधित क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग एवं समन्वय का प्रमुख मंच है।
व्याख्या (Explanation):
आर्थिक एवं सामाजिक परिषद आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक और स्वास्थ्य संबंधी अंतरराष्ट्रीय सहयोग तथा समन्वय के लिए महत्वपूर्ण मंच है। न्यायिक कार्य अंतरराष्ट्रीय न्यायालय तथा अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी सुरक्षा परिषद से संबंधित है।

प्रश्न 65: संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख अंगों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) आर्थिक एवं सामाजिक परिषद संयुक्त राष्ट्र का एक प्रमुख अंग है। (2) सचिवालय संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख अंगों में शामिल है। (3) न्यास परिषद संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख अंगों में से एक है। (4) संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम इन प्रमुख अंगों में शामिल है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 1, 2 और 3
  • C. केवल 2, 3 और 4
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: D — 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
आर्थिक एवं सामाजिक परिषद, सचिवालय और न्यास परिषद संयुक्त राष्ट्र के छह प्रमुख अंगों में शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम प्रमुख अंग नहीं, बल्कि संयुक्त राष्ट्र प्रणाली का एक कार्यक्रम है। छह प्रमुख अंगों में महासभा, सुरक्षा परिषद, आर्थिक एवं सामाजिक परिषद, न्यास परिषद, अंतरराष्ट्रीय न्यायालय और सचिवालय शामिल हैं।

प्रश्न 66: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. यह संयुक्त राष्ट्र का वह प्रमुख अंग है जिसे अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने की प्राथमिक जिम्मेदारी दी गई है।
  • B. यह संयुक्त राष्ट्र की न्यायिक शाखा है।
  • C. यह केवल आर्थिक और सामाजिक मुद्दों पर सलाह देता है।
  • D. इसका मुख्यालय रोम में है।
सही उत्तर: A — यह संयुक्त राष्ट्र का वह प्रमुख अंग है जिसे अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने की प्राथमिक जिम्मेदारी दी गई है।
व्याख्या (Explanation):
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने की प्राथमिक जिम्मेदारी दी गई है। न्यायिक भूमिका अंतरराष्ट्रीय न्यायालय की है, जबकि आर्थिक और सामाजिक मुद्दों के लिए आर्थिक एवं सामाजिक परिषद महत्वपूर्ण अंग है।

प्रश्न 67: निम्नलिखित युग्मों में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं? (1) महासभा — व्यापक विचार-विमर्श का प्रमुख मंच (2) सुरक्षा परिषद — अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा (3) अंतरराष्ट्रीय न्यायालय — न्यायिक कार्य (4) आर्थिक एवं सामाजिक परिषद — आर्थिक एवं सामाजिक सहयोग

  • A. केवल एक
  • B. केवल दो
  • C. तीनों सही
  • D. चारों सही
सही उत्तर: D — चारों सही
व्याख्या (Explanation):
चारों युग्म सही हैं। महासभा व्यापक बहुपक्षीय विचार-विमर्श का मंच है; सुरक्षा परिषद अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा से संबंधित है; अंतरराष्ट्रीय न्यायालय संयुक्त राष्ट्र का प्रमुख न्यायिक अंग है; तथा आर्थिक एवं सामाजिक परिषद आर्थिक और सामाजिक मुद्दों पर समन्वय एवं सहयोग से संबंधित है।

प्रश्न 68: शिक्षा मंत्रालय की भूमिका और मानव पूंजी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) शिक्षा मानव पूंजी निर्माण का एक महत्वपूर्ण साधन है। (2) शिक्षा की गुणवत्ता और सीखने के परिणाम केवल नामांकन की संख्या से अलग अवधारणाएँ हैं। (3) मानव पूंजी केवल विद्यालयों में बिताए वर्षों की संख्या से निर्धारित होती है। (4) शिक्षा का प्रभाव दीर्घकालिक आर्थिक और सामाजिक विकास तक जा सकता है।

  • A. केवल 1, 2 और 4
  • B. केवल 1 और 3
  • C. केवल 2 और 4
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: A — केवल 1, 2 और 4
व्याख्या (Explanation):
कथन 1, 2 और 4 सही हैं। मानव पूंजी में ज्ञान और कौशल की गुणवत्ता महत्वपूर्ण है, इसलिए केवल शिक्षा के वर्षों या नामांकन से इसकी पूर्ण स्थिति नहीं मापी जा सकती। शिक्षा उत्पादकता, रोजगार क्षमता और सामाजिक विकास को प्रभावित कर सकती है।

प्रश्न 69: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) इसका कार्यक्षेत्र सार्वजनिक स्वास्थ्य और राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति से संबंधित हो सकता है। (2) स्वास्थ्य नीति केवल उपचारात्मक सेवाओं तक सीमित नहीं होती। (3) स्वास्थ्य परिणामों पर पोषण, स्वच्छता और रोग-निवारण जैसे कारकों का भी प्रभाव पड़ सकता है। (4) मंत्रालय विश्व के सभी देशों के स्वास्थ्य संबंधी प्रशासनिक निर्णय स्वयं लेता है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 4
  • C. केवल 1, 2 और 3
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: C — केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
स्वास्थ्य नीति में उपचार के साथ-साथ रोग-निवारण, स्वास्थ्य संवर्धन, पोषण, स्वच्छता और स्वास्थ्य प्रणाली की क्षमता जैसे व्यापक आयाम शामिल हो सकते हैं। भारत का स्वास्थ्य प्रशासन भारत की अपनी संस्थागत व्यवस्था से संचालित होता है; कोई भारतीय मंत्रालय अन्य देशों के स्वास्थ्य प्रशासनिक निर्णय नहीं लेता।

प्रश्न 70: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा किए जाने वाले सर्वेक्षणों का उपयोग सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के आकलन में किया जा सकता है। (2) सर्वेक्षण आधारित आँकड़ों का उपयोग केवल शिक्षा संबंधी नीतियों के लिए किया जा सकता है। (3) विभिन्न प्रकार के सर्वेक्षण नीति-निर्माण के लिए प्रमाण उपलब्ध कराने में सहायक हो सकते हैं।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: C — केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):
कथन 1 और 3 सही हैं। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की सर्वेक्षण व्यवस्था विभिन्न सामाजिक और आर्थिक विषयों पर सूचना उपलब्ध करा सकती है। इसका उपयोग रोजगार, उपभोग, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग और अन्य क्षेत्रों के विश्लेषण में किया जा सकता है। कथन 2 अत्यधिक सीमित है।

प्रश्न 71: राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की सांख्यिकीय भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे अधिक उपयुक्त है?

  • A. इसका कार्य केवल जनगणना तक सीमित है।
  • B. इसका मुख्य कार्य राज्यों के बीच करों का वितरण करना है।
  • C. यह केवल कृषि संबंधी आँकड़े तैयार करता है।
  • D. यह राष्ट्रीय आय, औद्योगिक उत्पादन और अन्य सामाजिक-आर्थिक संकेतकों से संबंधित आधिकारिक सांख्यिकीय कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सही उत्तर: D — यह राष्ट्रीय आय, औद्योगिक उत्पादन और अन्य सामाजिक-आर्थिक संकेतकों से संबंधित आधिकारिक सांख्यिकीय कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
व्याख्या (Explanation):
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की भूमिका व्यापक है। आधिकारिक सांख्यिकीय व्यवस्था में राष्ट्रीय आय, औद्योगिक उत्पादन, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक तथा विभिन्न सर्वेक्षणों से संबंधित कार्य शामिल हैं। इसलिए इसे केवल जनगणना या किसी एक क्षेत्र के आँकड़ों तक सीमित करना गलत होगा।

प्रश्न 72: राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की सांख्यिकीय व्यवस्था का प्रमुख भाग है। (2) केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय और राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय के विलय से 2019 में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय का गठन हुआ। (3) राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय भारत की मौद्रिक नीति निर्धारित करता है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 1 और 2
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: B — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
कथन 1 सही है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय भारत की आधिकारिक सांख्यिकीय व्यवस्था का महत्वपूर्ण भाग है। कथन 2 भी सही है; 2019 में केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय और राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय का विलय कर राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय बनाया गया। कथन 3 गलत है क्योंकि मौद्रिक नीति भारतीय रिज़र्व बैंक के कार्यक्षेत्र से संबंधित है।

प्रश्न 73: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) वित्त आयोग का संवैधानिक कार्यक्षेत्र केवल संघ और राज्यों के बीच कर-वितरण तक सीमित नहीं है। (2) इसमें अनुदान-सहायता और स्थानीय निकायों से संबंधित वित्तीय सिफारिशों के आयाम भी शामिल हो सकते हैं। (3) इसलिए वित्त आयोग को केवल “कर-वितरण आयोग” कहना उसके संवैधानिक कार्यक्षेत्र को पूर्ण रूप से व्यक्त नहीं करता।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 1 और 2
  • C. 1, 2 और 3
  • D. केवल 2 और 3
सही उत्तर: C — 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
तीनों कथन सही हैं। वित्त आयोग का संवैधानिक कार्यक्षेत्र व्यापक है। कर-वितरण के अतिरिक्त अनुदान-सहायता और स्थानीय निकायों के संसाधनों को सुदृढ़ करने संबंधी सिफारिशें भी उसके दायरे में आती हैं। इसलिए उसे केवल कर-वितरण तक सीमित करना अधूरा वर्णन होगा।

प्रश्न 74: वित्त आयोग के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. संविधान के अनुसार वित्त आयोग स्थानीय निकायों के संसाधनों को बढ़ाने के लिए राज्य की संचित निधि को बढ़ाने के उपायों के संबंध में भी सिफारिश कर सकता है।
  • B. वित्त आयोग केवल केंद्र के करों का संग्रह करता है।
  • C. वित्त आयोग राज्य सरकारों के लिए मौद्रिक नीति बनाता है।
  • D. वित्त आयोग केवल ग्रामीण क्षेत्रों को अनुदान देता है।
सही उत्तर: A — संविधान के अनुसार वित्त आयोग स्थानीय निकायों के संसाधनों को बढ़ाने के लिए राज्य की संचित निधि को बढ़ाने के उपायों के संबंध में भी सिफारिश कर सकता है।
व्याख्या (Explanation):
वित्त आयोग के संवैधानिक कार्यक्षेत्र में राज्यों के संचित कोष को पंचायतों और नगरपालिकाओं के संसाधनों के पूरक हेतु बढ़ाने के उपायों से संबंधित सिफारिशें भी शामिल हैं। इसलिए इसकी भूमिका केवल केंद्र–राज्य कर-वितरण तक सीमित नहीं है।

प्रश्न 75: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वित्त आयोग की सिफारिशों और संसद के बीच संबंध को सबसे बेहतर दर्शाता है?

  • A. वित्त आयोग सीधे केंद्रीय बजट लागू करता है।
  • B. वित्त आयोग की रिपोर्ट राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत की जाती है और उसे संसद के समक्ष रखे जाने की संवैधानिक व्यवस्था है।
  • C. वित्त आयोग राज्यों के बजट स्वयं पारित करता है।
  • D. वित्त आयोग संसद की एक स्थायी समिति है।
सही उत्तर: B — वित्त आयोग की रिपोर्ट राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत की जाती है और उसे संसद के समक्ष रखे जाने की संवैधानिक व्यवस्था है।
व्याख्या (Explanation):
वित्त आयोग अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति को प्रस्तुत करता है। संविधान में इस रिपोर्ट तथा सरकार द्वारा उस पर की गई कार्रवाई से संबंधित विवरण को संसद के समक्ष रखे जाने की व्यवस्था है। वित्त आयोग स्वयं बजट पारित या लागू नहीं करता।

प्रश्न 76: वित्त आयोग के कार्यक्षेत्र के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) यह संघ और राज्यों के बीच करों के शुद्ध आगम के वितरण से संबंधित सिफारिश करता है। (2) यह राज्यों के बीच ऐसे संसाधनों के वितरण से भी संबंधित हो सकता है। (3) यह राज्यों को अनुदान-सहायता से संबंधित सिद्धांतों पर सिफारिश कर सकता है। (4) यह भारत की मौद्रिक नीति निर्धारित करता है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 4
  • C. केवल 1, 2 और 3
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: C — केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
वित्त आयोग का संवैधानिक कार्यक्षेत्र संघ–राज्य कर-वितरण, राज्यों के मध्य वितरण तथा अनुदान-सहायता से संबंधित है। मौद्रिक नीति का निर्धारण वित्त आयोग का कार्य नहीं है।

प्रश्न 77: वित्त आयोग के गठन के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) वित्त आयोग का गठन राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है। (2) इसका गठन सामान्यतः प्रत्येक पाँच वर्ष पर या उससे पहले किया जा सकता है। (3) इसके गठन की व्यवस्था संविधान के अनुच्छेद 280 में है। (4) इसका गठन भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा किया जाता है।

  • A. केवल 1, 2 और 3
  • B. केवल 1 और 4
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: A — केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
वित्त आयोग का गठन राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है और संविधान के अनुच्छेद 280 के अनुसार सामान्यतः प्रत्येक पाँच वर्ष पर या उससे पहले इसका गठन किया जा सकता है। भारतीय रिज़र्व बैंक का इसके गठन से संबंध नहीं है।

प्रश्न 78: किसी जिले में आधिकारिक आँकड़ों से पता चलता है कि बैंक खातों की संख्या बढ़ी है, लेकिन कम-आय वाले परिवारों द्वारा औपचारिक बचत, बीमा और ऋण सेवाओं का उपयोग बहुत कम है। इस स्थिति से निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सबसे उचित रूप से निकाला जा सकता है?

  • A. बैंक खातों की संख्या बढ़ना वित्तीय समावेशन की पूर्ण सफलता सिद्ध करता है।
  • B. वित्तीय बहिष्करण पूरी तरह समाप्त हो चुका है।
  • C. वित्तीय पहुँच में सुधार हुआ हो सकता है, लेकिन प्रभावी वित्तीय समावेशन अभी अधूरा हो सकता है।
  • D. खातों की संख्या का वित्तीय समावेशन से कोई संबंध नहीं है।
सही उत्तर: C — वित्तीय पहुँच में सुधार हुआ हो सकता है, लेकिन प्रभावी वित्तीय समावेशन अभी अधूरा हो सकता है।
व्याख्या (Explanation):
यहाँ बैंक खातों की संख्या में वृद्धि वित्तीय पहुँच के विस्तार का संकेत दे सकती है। लेकिन यदि वास्तविक उपयोग—जैसे बचत, बीमा और ऋण—कम है, तो वित्तीय समावेशन की गुणवत्ता और प्रभावशीलता पर प्रश्न बना रहता है। यह प्रश्न पहुँच बनाम प्रभावी उपयोग के बीच अंतर को परखता है।

प्रश्न 79: अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन की भूमिका को अन्य विकास संस्थाओं से अलग समझने के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) इसका संबंध श्रम मानकों और सामाजिक न्याय से है। (2) इसकी त्रिपक्षीय संरचना सरकार, श्रमिक और नियोक्ता हितों को संस्थागत रूप से स्थान देती है। (3) इसका मुख्य कार्य अंतरराष्ट्रीय वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करना है। (4) इसका श्रम-केंद्रित अधिदेश सामाजिक और आर्थिक विकास के व्यापक विमर्श से जुड़ सकता है।

  • A. केवल 1, 2 और 4
  • B. केवल 1 और 3
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: A — केवल 1, 2 और 4
व्याख्या (Explanation):
कथन 1, 2 और 4 सही हैं। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन श्रम मानकों और सामाजिक न्याय से संबंधित है तथा इसकी त्रिपक्षीय संरचना इसकी विशिष्टता है। श्रम, रोजगार और सामाजिक न्याय का संबंध व्यापक आर्थिक एवं सामाजिक विकास से हो सकता है। कथन 3 गलत है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय स्थिरता का प्रमुख संबंध अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से है।

प्रश्न 80: निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ की भूमिकाओं के बीच अधिक सटीक अंतर प्रस्तुत करता है?

  • A. विश्व स्वास्थ्य संगठन केवल वयस्क स्वास्थ्य से और यूनिसेफ केवल शिक्षा से संबंधित है।
  • B. विश्व स्वास्थ्य संगठन खाद्य सहायता और यूनिसेफ मौद्रिक स्थिरता पर केंद्रित है।
  • C. दोनों का अधिदेश पूरी तरह समान है क्योंकि दोनों स्वास्थ्य से संबंधित हैं।
  • D. विश्व स्वास्थ्य संगठन का केंद्र व्यापक वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग है, जबकि यूनिसेफ का विशेष केंद्र बाल अधिकार और बाल कल्याण है।
सही उत्तर: D — विश्व स्वास्थ्य संगठन का केंद्र व्यापक वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग है, जबकि यूनिसेफ का विशेष केंद्र बाल अधिकार और बाल कल्याण है।
व्याख्या (Explanation):
विश्व स्वास्थ्य संगठन का कार्यक्षेत्र वैश्विक स्वास्थ्य, स्वास्थ्य प्रणालियों, स्वास्थ्य आपात स्थितियों और स्वास्थ्य संबंधी सहयोग तक विस्तृत है। यूनिसेफ का विशेष केंद्र बच्चों के अधिकार, स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और संरक्षण जैसे विषय हैं। दोनों के कार्यक्षेत्रों में स्वास्थ्य का संपर्क हो सकता है, लेकिन उनका संस्थागत फोकस समान नहीं है।

प्रश्न 81: शिक्षा मंत्रालय और मानव पूंजी के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) शिक्षा मानव पूंजी निर्माण का महत्वपूर्ण साधन हो सकती है। (2) मानव पूंजी की गुणवत्ता केवल शिक्षा के वर्षों से निर्धारित होती है। (3) शिक्षा के परिणाम उत्पादकता और सामाजिक विकास पर प्रभाव डाल सकते हैं। (4) शिक्षा नीति का प्रभाव केवल विद्यालयी क्षेत्र तक सीमित रहता है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 1 और 3
  • C. केवल 2 और 4
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: B — केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):
कथन 1 सही है। कथन 2 गलत है क्योंकि मानव पूंजी की गुणवत्ता केवल शिक्षा के वर्षों से नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता, कौशल और अन्य मानवीय क्षमताओं से भी प्रभावित होती है। कथन 3 सही है। कथन 4 गलत है क्योंकि शिक्षा के प्रभाव रोजगार, उत्पादकता, सामाजिक गतिशीलता और आर्थिक विकास तक जा सकते हैं।

प्रश्न 82: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के कार्यक्षेत्र को ध्यान में रखते हुए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन अधिक उपयुक्त है?

  • A. महिलाओं और बच्चों से संबंधित नीतियों में पोषण, संरक्षण और विकास जैसे परस्पर जुड़े आयाम शामिल हो सकते हैं।
  • B. इसका पूरा कार्यक्षेत्र केवल महिला रोजगार तक सीमित है।
  • C. बच्चों से संबंधित विषय इसके कार्यक्षेत्र का हिस्सा नहीं हैं।
  • D. यह केवल अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के लिए नीति बनाता है।
सही उत्तर: A — महिलाओं और बच्चों से संबंधित नीतियों में पोषण, संरक्षण और विकास जैसे परस्पर जुड़े आयाम शामिल हो सकते हैं।
व्याख्या (Explanation):
महिला एवं बाल विकास का दृष्टिकोण बहुआयामी है। महिलाओं और बच्चों के पोषण, संरक्षण, विकास और कल्याण से जुड़े अनेक विषय इसके कार्यक्षेत्र में आ सकते हैं। इसलिए इसे केवल महिला रोजगार तक सीमित करना सही नहीं है।

प्रश्न 83: एक विकासशील देश खाद्य संकट का सामना कर रहा है। संकट की प्रकृति में तत्काल खाद्य सहायता, कृषि उत्पादन की दीर्घकालिक क्षमता और ग्रामीण निवेश—तीनों शामिल हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा संस्थागत विभाजन इस स्थिति को सबसे बेहतर दर्शाता है?

  • A. केवल विश्व खाद्य कार्यक्रम
  • B. केवल खाद्य एवं कृषि संगठन
  • C. विश्व खाद्य कार्यक्रम के माध्यम से तत्काल खाद्य सहायता, खाद्य एवं कृषि संगठन के माध्यम से कृषि-खाद्य प्रणाली संबंधी सहयोग और अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष के माध्यम से ग्रामीण निवेश
  • D. केवल अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व स्वास्थ्य संगठन
सही उत्तर: C — विश्व खाद्य कार्यक्रम के माध्यम से तत्काल खाद्य सहायता, खाद्य एवं कृषि संगठन के माध्यम से कृषि-खाद्य प्रणाली संबंधी सहयोग और अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष के माध्यम से ग्रामीण निवेश
व्याख्या (Explanation):
यह प्रश्न एक ही संकट के अलग-अलग समय-आयामों को पहचानने पर आधारित है। तत्काल खाद्य संकट में विश्व खाद्य कार्यक्रम की भूमिका अधिक प्रत्यक्ष हो सकती है; कृषि-खाद्य प्रणालियों के ज्ञान एवं तकनीकी सहयोग में खाद्य एवं कृषि संगठन; तथा ग्रामीण और कृषि विकास निवेश में अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष अधिक प्रासंगिक है।

प्रश्न 84: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम और विश्व बैंक दोनों विकास संबंधी कार्य करते हैं। (2) इसलिए दोनों संस्थाओं की वित्तीय एवं संस्थागत संरचना समान है। (3) संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम शासन और संस्थागत क्षमता जैसे पहलुओं पर कार्य कर सकता है। (4) विश्व बैंक विकास-वित्त और परियोजनागत सहायता के लिए अधिक प्रत्यक्ष रूप से जाना जाता है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 1, 3 और 4
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: B — केवल 1, 3 और 4
व्याख्या (Explanation):
कथन 1 सही है। कथन 2 गलत है क्योंकि दोनों संस्थाओं की संस्थागत प्रकृति और कार्य-पद्धति अलग हैं। कथन 3 सही है और कथन 4 भी सही है। इसलिए B सही विकल्प है।

प्रश्न 85: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय से संबंधित सांख्यिकीय तटस्थता की अवधारणा को सबसे बेहतर दर्शाता है?

  • A. सांख्यिकीय आँकड़ों का उद्देश्य सरकार की नीतियों को सही सिद्ध करना होना चाहिए।
  • B. केवल सकारात्मक आर्थिक आँकड़े ही नीति-निर्माण के लिए उपयोगी होते हैं।
  • C. सांख्यिकीय आँकड़ों का महत्व तभी है जब वे किसी विशेष नीति को उचित ठहराएँ।
  • D. विश्वसनीय आँकड़े स्थिति के अनुकूल और प्रतिकूल दोनों प्रकार के प्रमाण प्रस्तुत कर सकते हैं, जिनका नीति-निर्माण में स्वतंत्र रूप से उपयोग किया जा सकता है।
सही उत्तर: D — विश्वसनीय आँकड़े स्थिति के अनुकूल और प्रतिकूल दोनों प्रकार के प्रमाण प्रस्तुत कर सकते हैं, जिनका नीति-निर्माण में स्वतंत्र रूप से उपयोग किया जा सकता है।
व्याख्या (Explanation):
आधिकारिक सांख्यिकी का उद्देश्य वस्तुनिष्ठ सूचना उपलब्ध कराना है। आँकड़े किसी नीति के पक्ष या विपक्ष दोनों संकेत दे सकते हैं। उनका मूल्य इसी में है कि वे नीति-निर्माताओं को वास्तविक स्थिति का प्रमाण-आधारित आकलन करने में सहायता दें।

प्रश्न 86: भारतीय रिज़र्व बैंक और वित्तीय समावेशन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सबसे अधिक उपयुक्त है?

  • A. वित्तीय समावेशन में नियामकीय वातावरण, संस्थागत पहुँच और वित्तीय सेवाओं के उपयोग की क्षमता परस्पर संबंधित हो सकते हैं।
  • B. वित्तीय समावेशन केवल बैंक शाखाओं की संख्या पर निर्भर करता है।
  • C. वित्तीय समावेशन का मुख्य उद्देश्य सभी ऋणों पर ब्याज दर समाप्त करना है।
  • D. वित्तीय समावेशन होने पर वित्तीय बहिष्करण स्वतः स्थायी रूप से समाप्त हो जाता है।
सही उत्तर: A — वित्तीय समावेशन में नियामकीय वातावरण, संस्थागत पहुँच और वित्तीय सेवाओं के उपयोग की क्षमता परस्पर संबंधित हो सकते हैं।
व्याख्या (Explanation):
वित्तीय समावेशन बहुआयामी अवधारणा है। वित्तीय संस्थाओं तक पहुँच, उपयुक्त उत्पाद, वहनीयता, उपभोक्ता संरक्षण, वित्तीय साक्षरता और प्रभावी उपयोग जैसे तत्व इससे जुडेो हो सकते हैं। केवल शाखाओं की संख्या से इसका पूरा आकलन नहीं किया जा सकता।

प्रश्न 87: वित्त आयोग की भूमिका के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) इसका संवैधानिक आधार केंद्र–राज्य वित्तीय संबंधों को संस्थागत रूप प्रदान करता है। (2) इसका कार्यक्षेत्र केवल केंद्र के कर राजस्व के संग्रह तक सीमित है। (3) राज्यों को अनुदान-सहायता से संबंधित सिफारिशें इसके व्यापक कार्यक्षेत्र का हिस्सा हो सकती हैं। (4) इसकी भूमिका नीति आयोग की विकासात्मक रणनीति संबंधी भूमिका के समान है।

  • A. केवल 1 और 3
  • B. केवल 2 और 4
  • C. केवल 1, 2 और 3
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: A — केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):
कथन 1 सही है। वित्त आयोग का संवैधानिक आधार संघ–राज्य वित्तीय संबंधों को संस्थागत रूप देता है। कथन 2 गलत है क्योंकि इसका कार्य केवल कर संग्रह तक सीमित नहीं है। कथन 3 सही है; राज्यों को अनुदान-सहायता से संबंधित सिफारिशें इसके कार्यक्षेत्र में आती हैं। कथन 4 गलत है क्योंकि नीति आयोग और वित्त आयोग की संस्थागत भूमिकाएँ अलग हैं।

प्रश्न 88: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन खाद्य एवं कृषि संगठन, विश्व खाद्य कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष के बीच सबसे सूक्ष्म अंतर को दर्शाता है?

  • A. तीनों संस्थाएँ खाद्य सुरक्षा से संबंधित होने के कारण समान प्रकार का कार्य करती हैं।
  • B. खाद्य एवं कृषि संगठन ज्ञान और कृषि-खाद्य प्रणालियों, विश्व खाद्य कार्यक्रम खाद्य सहायता, तथा अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष ग्रामीण एवं कृषि निवेश के अलग-अलग आयामों पर अधिक केंद्रित हैं।
  • C. अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष खाद्य आपातकालीन सहायता और विश्व खाद्य कार्यक्रम ग्रामीण निवेश के लिए मुख्य संस्था है।
  • D. खाद्य एवं कृषि संगठन केवल मानवीय राहत, जबकि विश्व खाद्य कार्यक्रम केवल कृषि अनुसंधान से संबंधित है।
सही उत्तर: B — खाद्य एवं कृषि संगठन ज्ञान और कृषि-खाद्य प्रणालियों, विश्व खाद्य कार्यक्रम खाद्य सहायता, तथा अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष ग्रामीण एवं कृषि निवेश के अलग-अलग आयामों पर अधिक केंद्रित हैं।
व्याख्या (Explanation):
तीनों संस्थाएँ व्यापक खाद्य सुरक्षा पारिस्थितिकी से संबंधित हो सकती हैं, लेकिन उनकी प्राथमिक भूमिकाएँ अलग हैं। खाद्य एवं कृषि संगठन कृषि, खाद्य प्रणालियों और तकनीकी/नीतिगत सहयोग पर, विश्व खाद्य कार्यक्रम खाद्य सहायता एवं मानवीय खाद्य जरूरतों पर और अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष ग्रामीण क्षेत्रों तथा कृषि विकास में निवेश पर अधिक केंद्रित है।

प्रश्न 89: यदि किसी राज्य में ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने, बच्चों के पोषण में सुधार करने और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने के लिए संयुक्त नीति बनाई जाए, तो निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे उपयुक्त है?

  • A. केवल शिक्षा मंत्रालय इस पूरी समस्या को संस्थागत रूप से संबोधित कर सकता है।
  • B. केवल वित्त आयोग ऐसी नीति को क्रियान्वित कर सकता है।
  • C. केवल भारतीय रिज़र्व बैंक ऐसी नीति के सभी आयामों को संबोधित कर सकता है।
  • D. ग्रामीण विकास मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के साथ अन्य संबंधित क्षेत्रीय संस्थाओं के समन्वय की आवश्यकता हो सकती है।
सही उत्तर: D — ग्रामीण विकास मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के साथ अन्य संबंधित क्षेत्रीय संस्थाओं के समन्वय की आवश्यकता हो सकती है।
व्याख्या (Explanation):
समस्या बहुआयामी है। ग्रामीण आजीविका और ग्रामीण विकास के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय, जबकि महिलाओं और बच्चों के पोषण एवं कल्याण के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय प्रासंगिक हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्तीय पहुँच और कौशल जैसे अतिरिक्त आयामों के अनुसार अन्य संस्थाओं की भी भूमिका हो सकती है।

प्रश्न 90: निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प एक सही संस्थागत क्रम प्रस्तुत करता है, जिसमें पहली संस्था अपेक्षाकृत दीर्घकालिक विकास निवेश, दूसरी मानवीय खाद्य सहायता और तीसरी बाल-केंद्रित कल्याण से अधिक संबंधित है?

  • A. विश्व बैंक — विश्व खाद्य कार्यक्रम — यूनिसेफ
  • B. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष — खाद्य एवं कृषि संगठन — अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन
  • C. संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम — विश्व स्वास्थ्य संगठन — विश्व खाद्य कार्यक्रम
  • D. अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष — विश्व बैंक — यूनिसेफ
सही उत्तर: A — विश्व बैंक — विश्व खाद्य कार्यक्रम — यूनिसेफ
व्याख्या (Explanation):
विश्व बैंक दीर्घकालिक विकास-वित्त और विकास परियोजनाओं से संबंधित है। विश्व खाद्य कार्यक्रम खाद्य सहायता एवं मानवीय खाद्य जरूरतों पर केंद्रित है। यूनिसेफ बाल अधिकार, स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और संरक्षण जैसे क्षेत्रों में कार्य करता है।

प्रश्न 91: संयुक्त राष्ट्र प्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) संयुक्त राष्ट्र का कोई कार्यक्रम या कोष होना उसे स्वतः संयुक्त राष्ट्र के छह प्रमुख अंगों में शामिल नहीं करता। (2) किसी विशिष्ट एजेंसी का संयुक्त राष्ट्र प्रणाली से संबंध होना और उसका संयुक्त राष्ट्र सचिवालय का विभाग होना एक ही बात नहीं है। (3) सभी संयुक्त राष्ट्र-संबद्ध संस्थाओं के पास समान अधिदेश होता है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 2
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: C — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
कथन 1 और 2 सही हैं। संयुक्त राष्ट्र प्रणाली में प्रमुख अंगों के अलावा विभिन्न कार्यक्रम, कोष और विशिष्ट एजेंसियाँ हैं, जिनकी संस्थागत स्थिति अलग-अलग हो सकती है। कथन 3 गलत है क्योंकि प्रत्येक संस्था का अपना विशिष्ट अधिदेश होता है।

प्रश्न 92: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) विश्व बैंक और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम दोनों विकास संबंधी विषयों से जुड़ सकते हैं। (2) दोनों की संस्थागत प्रकृति और कार्य करने की पद्धति समान है। (3) संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की भूमिका में शासन तथा संस्थागत क्षमता जैसे क्षेत्र आ सकते हैं। (4) विश्व बैंक की भूमिका में विकास-वित्त का महत्वपूर्ण स्थान है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 1, 3 और 4
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: B — केवल 1, 3 और 4
व्याख्या (Explanation):
कथन 1 सही है। दोनों विकास संबंधी कार्यों में योगदान कर सकते हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि उनकी संस्थागत प्रकृति और कार्यपद्धति अलग है। कथन 3 सही है और कथन 4 भी सही है। इसीलिए B सही विकल्प है।

प्रश्न 93: किसी निम्न-आय वाले देश में एक साथ तीन समस्याएँ उत्पन्न होती हैं—बाहरी भुगतान संकट, ग्रामीण गरीबी तथा बाल कुपोषण। निम्नलिखित में से कौन-सा संस्थागत समूह इन तीनों समस्याओं के अलग-अलग आयामों का सबसे उपयुक्त प्रतिनिधित्व करता है?

  • A. अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन, खाद्य एवं कृषि संगठन और वित्त आयोग
  • B. विश्व स्वास्थ्य संगठन, नीति आयोग और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष
  • C. विश्व बैंक, अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन और राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय
  • D. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष और यूनिसेफ
सही उत्तर: D — अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष और यूनिसेफ
व्याख्या (Explanation):
बाहरी भुगतान संकट के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, ग्रामीण गरीबी तथा ग्रामीण निवेश के लिए अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष और बाल स्वास्थ्य, पोषण एवं कल्याण के लिए यूनिसेफ विशेष रूप से प्रासंगिक हैं। अन्य विकल्पों में संबंधित समस्या के लिए अधिक प्रत्यक्ष संस्थागत मेल नहीं बैठता।

प्रश्न 94: निम्नलिखित युग्मों में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं? (1) नीति आयोग — विकास रणनीति और नीति-संबंधी सहयोग (2) वित्त आयोग — संघ–राज्य वित्तीय वितरण (3) राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय — आधिकारिक सांख्यिकीय व्यवस्था (4) भारतीय रिज़र्व बैंक — श्रम मानकों का अंतरराष्ट्रीय निर्धारण

  • A. केवल एक
  • B. केवल दो
  • C. केवल तीन
  • D. सभी चार
सही उत्तर: C — केवल तीन
व्याख्या (Explanation):
पहले तीन युग्म सही हैं। नीति आयोग नीति और विकास रणनीति से, वित्त आयोग वित्तीय संघवाद से तथा राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय आधिकारिक सांख्यिकीय व्यवस्था से संबंधित है। चौथा युग्म गलत है; अंतरराष्ट्रीय श्रम मानकों से संबंधित प्रमुख संस्था अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन है।

प्रश्न 95: वित्तीय समावेशन के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) किसी व्यक्ति को औपचारिक वित्तीय सेवा उपलब्ध होना और उसका उस सेवा का प्रभावी उपयोग कर पाना अलग-अलग बातें हैं। (2) वित्तीय समावेशन में ऋण तक पहुँच महत्वपूर्ण हो सकती है, लेकिन केवल ऋण उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है। (3) वित्तीय समावेशन का अंतिम उद्देश्य सभी व्यक्तियों को समान वित्तीय उत्पाद उपलब्ध कराना है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
कथन 1 सही है क्योंकि वास्तविक वित्तीय समावेशन में उपयोग की क्षमता और व्यवहारिक पहुँच भी महत्त्वपूर्ण हैं। कथन 2 सही है क्योंकि ऋण के साथ बचत, भुगतान, बीमा तथा अन्य उपयुक्त सेवाओं की आवश्यकता हो सकती है। कथन 3 गलत है। वित्तीय समावेशन का उद्देश्य सभी को समान उत्पाद देना नहीं, बल्कि आवश्यकताओं के अनुरूप उपयुक्त और वहनीय सेवाएँ उपलब्ध कराना है।

प्रश्न 96: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय और नीति-निर्माण के बीच संबंध को सबसे अधिक सटीक रूप से दर्शाता है?

  • A. आधिकारिक आँकड़े नीति के राजनीतिक विकल्पों को स्वतः समाप्त कर देते हैं।
  • B. आधिकारिक आँकड़ों का उपयोग केवल आर्थिक नीतियों तक सीमित होता है।
  • C. आँकड़ों की उपलब्धता नीति के परिणामों का पूर्ण मूल्यांकन बिना किसी अन्य सूचना के संभव बना देती है।
  • D. आधिकारिक आँकड़े समस्या के परिमाण और प्रवृत्तियों को समझने में आधार दे सकते हैं, पर नीति-निर्णय के लिए व्यापक संदर्भ आवश्यक हो सकता है।
सही उत्तर: D — आधिकारिक आँकड़े समस्या के परिमाण और प्रवृत्तियों को समझने में आधार दे सकते हैं, पर नीति-निर्णय के लिए व्यापक संदर्भ आवश्यक हो सकता है।
व्याख्या (Explanation):
आँकड़े नीति-निर्माण में प्रमाण का महत्वपूर्ण आधार हैं, लेकिन किसी नीति का निर्णय केवल आँकड़ों के अस्तित्व से स्वतः नहीं हो जाता। संस्थागत क्षमता, संसाधन, प्रशासनिक व्यवहार्यता, सामाजिक परिस्थितियाँ और नीति-लक्ष्य भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इसलिए आँकड़ा नीति-निर्माण का आधार है, उसका पूर्ण विकल्प नहीं।

प्रश्न 97: भारतीय सामाजिक क्षेत्र की संस्थाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) ग्रामीण विकास मंत्रालय का कार्यक्षेत्र ग्रामीण गरीबी और आजीविका से संबंधित हो सकता है। (2) महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का कार्यक्षेत्र केवल महिलाओं तक सीमित है। (3) स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का संबंध राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति और सार्वजनिक स्वास्थ्य से है। (4) शिक्षा मंत्रालय की भूमिका मानव पूंजी निर्माण से जोड़ी जा सकती है।

  • A. केवल 1 और 3
  • B. केवल 1, 3 और 4
  • C. केवल 2 और 4
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: B — केवल 1, 3 और 4
व्याख्या (Explanation):
कथन 1 सही है क्योंकि ग्रामीण विकास मंत्रालय का कार्यक्षेत्र ग्रामीण गरीबी, आजीविका और ग्रामीण विकास से संबंधित है। कथन 2 गलत है क्योंकि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का कार्यक्षेत्र महिलाओं के साथ-साथ बच्चों के विकास, पोषण, संरक्षण और कल्याण तक विस्तृत है। कथन 3 सही है। कथन 4 भी सही है क्योंकि शिक्षा मानव पूंजी के निर्माण का प्रमुख साधन है।

प्रश्न 98: एक नीति-निर्माता कहता है: “यदि किसी जिले में बैंक खातों की संख्या तेजी से बढ़ गई है, तो यह अपने-आप सिद्ध करता है कि उस जिले में वित्तीय समावेशन सफल हो गया है।” इस निष्कर्ष के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सबसे उपयुक्त है?

  • A. निष्कर्ष अधूरा है, क्योंकि खातों की संख्या के अतिरिक्त सेवाओं के वास्तविक उपयोग, पहुँच की गुणवत्ता, वहनीयता और वित्तीय साक्षरता जैसे पहलू भी महत्त्वपूर्ण हैं।
  • B. निष्कर्ष सही है, क्योंकि वित्तीय समावेशन की एकमात्र शर्त बैंक खाते की उपलब्धता है।
  • C. निष्कर्ष गलत है, क्योंकि वित्तीय समावेशन का बैंकिंग से कोई संबंध नहीं है।
  • D. निष्कर्ष सही है, लेकिन केवल ग्रामीण क्षेत्रों के लिए।
सही उत्तर: A — निष्कर्ष अधूरा है, क्योंकि खातों की संख्या के अतिरिक्त सेवाओं के वास्तविक उपयोग, पहुँच की गुणवत्ता, वहनीयता और वित्तीय साक्षरता जैसे पहलू भी महत्त्वपूर्ण हैं।
व्याख्या (Explanation):
बैंक खाता वित्तीय समावेशन का एक महत्वपूर्ण साधन है, लेकिन अंतिम परिणाम नहीं। वास्तविक समावेशन के लिए खाते का उपयोग, उपयुक्त वित्तीय सेवाओं तक पहुँच, वहनीयता, वित्तीय साक्षरता और उपयोगकर्ता की वास्तविक क्षमता जैसे आयाम भी महत्वपूर्ण हैं।

प्रश्न 99: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन विश्व बैंक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के बीच सबसे उपयुक्त संस्थागत अंतर प्रस्तुत करता है?

  • A. तीनों मुख्यतः एक ही प्रकार की वित्तीय सहायता देने वाली संस्थाएँ हैं।
  • B. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष मुख्यतः बाल अधिकारों पर, विश्व बैंक श्रम मानकों पर और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम खाद्य सहायता पर केंद्रित है।
  • C. विश्व बैंक विकास-वित्त, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष व्यापक आर्थिक एवं मौद्रिक स्थिरता, तथा संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम व्यापक विकास-सहयोग और संस्थागत क्षमता जैसे क्षेत्रों से संबंधित है।
  • D. संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम ही एकमात्र संस्था है जो विकास से संबंधित है।
सही उत्तर: C — विश्व बैंक विकास-वित्त, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष व्यापक आर्थिक एवं मौद्रिक स्थिरता, तथा संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम व्यापक विकास-सहयोग और संस्थागत क्षमता जैसे क्षेत्रों से संबंधित है।
व्याख्या (Explanation):
तीनों संस्थाओं में विकास-संबंधी संपर्क हो सकता है, लेकिन उनका प्राथमिक फोकस अलग है। विश्व बैंक दीर्घकालिक विकास-वित्त और परियोजनागत समर्थन से, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष व्यापक आर्थिक और मौद्रिक स्थिरता से तथा संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम विकास-सहयोग, शासन, गरीबी और संस्थागत क्षमता जैसे क्षेत्रों से जुड़ा है।

प्रश्न 100: निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति बहु-संस्थागत नीति-निर्माण का बेहतर उदाहरण प्रस्तुत करती है?

  • A. ग्रामीण कुपोषण को केवल कृषि उत्पादन की समस्या मानकर केवल कृषि संबंधी संस्था को शामिल करना।
  • B. ग्रामीण कुपोषण में खाद्य, स्वास्थ्य, बाल कल्याण और आजीविका आयामों को अलग-अलग संबंधित संस्थाओं से जोड़कर देखना।
  • C. सभी सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए केवल वित्त आयोग पर निर्भर रहना।
  • D. केवल सांख्यिकीय आँकड़े एकत्र करना और किसी नीति की आवश्यकता न मानना।
सही उत्तर: B — ग्रामीण कुपोषण में खाद्य, स्वास्थ्य, बाल कल्याण और आजीविका आयामों को अलग-अलग संबंधित संस्थाओं से जोड़कर देखना।
व्याख्या (Explanation):
ग्रामीण कुपोषण बहुआयामी समस्या है। इसमें खाद्य उपलब्धता, स्वास्थ्य, बाल कल्याण, पोषण व्यवहार और आय/आजीविका जैसे तत्व जुड़े हो सकते हैं। इसलिए ग्रामीण विकास मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, स्वास्थ्य संस्थाएँ और आवश्यकता के अनुसार अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ अपने-अपने क्षेत्र में योगदान कर सकती हैं।

प्रश्न 101: खाद्य और ग्रामीण विकास से संबंधित निम्नलिखित संस्थागत भूमिकाओं के आधार पर कौन-से कथन सही हैं? (1) खाद्य एवं कृषि संगठन कृषि और खाद्य प्रणालियों से संबंधित ज्ञान तथा तकनीकी सहयोग दे सकता है। (2) विश्व खाद्य कार्यक्रम मुख्यतः खाद्य सहायता और मानवीय खाद्य जरूरतों के संदर्भ में कार्य करता है। (3) अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे कृषकों से संबंधित विकास निवेश पर केंद्रित है। (4) इसलिए किसी भी खाद्य-संबंधी संकट में इन तीनों संस्थाओं की भूमिका अनिवार्यतः समान होगी।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 4
  • D. केवल 1, 2 और 3
सही उत्तर: D — केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
कथन 1, 2 और 3 सही हैं। तीनों संस्थाएँ खाद्य प्रणालियों के व्यापक क्षेत्र से जुड़ सकती हैं, लेकिन उनका दृष्टिकोण अलग है—ज्ञान एवं कृषि-खाद्य प्रणाली, मानवीय खाद्य सहायता और ग्रामीण विकास निवेश। कथन 4 गलत है क्योंकि किसी संकट की प्रकृति के अनुसार उनकी भूमिका अलग-अलग हो सकती है।

प्रश्न 102: निम्नलिखित में से किस स्थिति में अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन की विशिष्ट संस्थागत प्रकृति को सबसे अधिक स्पष्ट किया जा सकता है?

  • A. जब श्रम नीतियों पर सरकार, नियोक्ता और श्रमिक प्रतिनिधि तीनों संस्थागत रूप से भाग लेते हैं।
  • B. जब केवल सरकारें किसी अंतरराष्ट्रीय श्रम मानक को स्वीकार करती हैं।
  • C. जब कृषि ऋण देने वाली संस्थाएँ रोजगार कार्यक्रम चलाती हैं।
  • D. जब किसी देश का केंद्रीय बैंक श्रम बाजार के आँकड़े प्रकाशित करता है।
सही उत्तर: A — जब श्रम नीतियों पर सरकार, नियोक्ता और श्रमिक प्रतिनिधि तीनों संस्थागत रूप से भाग लेते हैं।
व्याख्या (Explanation):
अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन की विशिष्ट पहचान उसकी त्रिपक्षीय संरचना है, जिसमें सरकारों के साथ नियोक्ताओं और श्रमिकों का प्रतिनिधित्व होता है। यह श्रम मानकों और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में इसकी संस्थागत भूमिका को विशेष बनाता है।

प्रश्न 103: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) संयुक्त राष्ट्र प्रणाली से संबंधित होना और संयुक्त राष्ट्र के छह प्रमुख अंगों में से एक होना समान बात नहीं है। (2) संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम का विकासात्मक कार्यक्षेत्र होने के बावजूद वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अंग नहीं है। (3) विश्व स्वास्थ्य संगठन का संयुक्त राष्ट्र से संस्थागत संबंध होने के कारण वह महासभा के एक विभाग के रूप में कार्य करता है। (4) विभिन्न संयुक्त राष्ट्र-संबद्ध संस्थाओं के अधिदेश अलग-अलग हो सकते हैं।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 1, 2 और 4
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: B — केवल 1, 2 और 4
व्याख्या (Explanation):
कथन 1 सही है। संयुक्त राष्ट्र प्रणाली में प्रमुख अंगों के अलावा कार्यक्रम, कोष और विशिष्ट एजेंसियाँ भी हैं। कथन 2 सही है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम सुरक्षा परिषद का प्रमुख अंग नहीं है। कथन 3 गलत है। विश्व स्वास्थ्य संगठन एक विशिष्ट एजेंसी है; उसे महासभा के विभाग के रूप में देखना संस्थागत रूप से गलत है। कथन 4 सही है क्योंकि विभिन्न संस्थाओं के अपने-अपने अधिदेश होते हैं।

प्रश्न 104: एक देश में बाह्य क्षेत्रीय संकट के कारण विदेशी मुद्रा की कमी, भुगतान संतुलन पर दबाव और व्यापक आर्थिक अस्थिरता उत्पन्न होती है। उसी देश को दूसरी ओर दीर्घकालिक ग्रामीण अवसंरचना और गरीबी उन्मूलन के लिए निवेश की भी आवश्यकता है। इस परिस्थिति में निम्नलिखित में से कौन-सा संस्थागत विभाजन अधिक उपयुक्त है?

  • A. दोनों समस्याओं के लिए केवल विश्व स्वास्थ्य संगठन
  • B. बाह्य आर्थिक स्थिरता के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और दीर्घकालिक विकास के लिए विश्व बैंक
  • C. बाह्य आर्थिक स्थिरता के लिए विश्व खाद्य कार्यक्रम और ग्रामीण निवेश के लिए अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन
  • D. दोनों समस्याओं के लिए केवल संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम
सही उत्तर: B — बाह्य आर्थिक स्थिरता के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और दीर्घकालिक विकास के लिए विश्व बैंक
व्याख्या (Explanation):
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का संबंध अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक सहयोग, व्यापक आर्थिक स्थिरता और वित्तीय सहायता से है। विश्व बैंक का प्रमुख जोर दीर्घकालिक विकास, गरीबी उन्मूलन, विकास-वित्त और परियोजनागत निवेश पर है। इसलिए एक ही देश में दोनों प्रकार की समस्याएँ होने पर इन दोनों संस्थाओं की भूमिकाएँ परस्पर पूरक हो सकती हैं।

प्रश्न 105: किसी सरकार के पास गरीबी, रोजगार और पोषण से संबंधित अनेक सांख्यिकीय संकेतक उपलब्ध हैं। इन आँकड़ों के संस्थागत उपयोग के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सबसे उपयुक्त है?

  • A. आँकड़ों की उपलब्धता अपने-आप यह निर्धारित कर देती है कि कौन-सी नीति अपनानी ही होगी।
  • B. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा उत्पन्न आँकड़े नीति-निर्माण की राजनीतिक प्राथमिकताओं का स्थान ले सकते हैं।
  • C. अलग-अलग संकेतकों को मिलाकर नीति-निर्माता समस्या की प्रकृति, वितरण और परिणामों का अधिक समग्र आकलन कर सकते हैं।
  • D. सामाजिक संकेतकों का उपयोग केवल सामाजिक मंत्रालय कर सकते हैं।
सही उत्तर: C — अलग-अलग संकेतकों को मिलाकर नीति-निर्माता समस्या की प्रकृति, वितरण और परिणामों का अधिक समग्र आकलन कर सकते हैं।
व्याख्या (Explanation):
सांख्यिकीय आँकड़े नीति-निर्माण के लिए प्रमाण उपलब्ध कराते हैं, लेकिन वे स्वयं नीति-निर्णय नहीं करते। गरीबी, रोजगार और पोषण जैसे संकेतकों को साथ देखने से समस्या के विभिन्न आयाम स्पष्ट हो सकते हैं और लक्षित नीति निर्माण अधिक सक्षम हो सकता है। विकल्प A अत्यधिक निरपेक्ष है, B संस्थागत सीमा को नकारता है और D आँकड़ों के बहु-क्षेत्रीय उपयोग को अस्वीकार करता है।

प्रश्न 106: वित्तीय समावेशन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) किसी व्यक्ति के पास बैंक खाता होना वित्तीय समावेशन का आवश्यक संकेत हो सकता है, परंतु यह अपने-आप पर्याप्त नहीं है। (2) यदि वित्तीय सेवा उपलब्ध है, लेकिन उसकी लागत या शर्तें लक्षित समूह के लिए अनुपयुक्त हैं, तो केवल उपलब्धता को पूर्ण वित्तीय समावेशन नहीं माना जा सकता। (3) वित्तीय समावेशन का विस्तार वित्तीय जोखिमों की समाप्ति को सुनिश्चित करता है। (4) वित्तीय साक्षरता वित्तीय समावेशन के प्रभावी उपयोग से संबंधित हो सकती है।

  • A. केवल 1, 2 और 4
  • B. केवल 1 और 3
  • C. केवल 2 और 4
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: A — केवल 1, 2 और 4
व्याख्या (Explanation):
कथन 1 सही है—खाता वित्तीय पहुँच का महत्वपूर्ण माध्यम है, पर पूर्ण समावेशन का अकेला प्रमाण नहीं। कथन 2 भी सही है, क्योंकि वहनीयता और उपयुक्तता वित्तीय पहुँच की गुणवत्ता निर्धारित करती हैं। कथन 3 गलत है। वित्तीय समावेशन से जोखिम समाप्त नहीं होते; बल्कि उचित वित्तीय साधनों और साक्षरता के माध्यम से उनका बेहतर प्रबंधन संभव हो सकता है। कथन 4 सही है, क्योंकि वित्तीय सेवाओं की उपलब्धता के साथ उनका समझदारीपूर्ण उपयोग भी महत्वपूर्ण है।

प्रश्न 107: भारतीय संघीय व्यवस्था में नीति आयोग और वित्त आयोग की भूमिकाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) वित्त आयोग का प्रमुख संवैधानिक कार्य संघ और राज्यों के बीच कुछ वित्तीय संसाधनों के वितरण से संबंधित है। (2) नीति आयोग राज्यों के बीच करों के संवैधानिक बँटवारे के लिए बाध्यकारी सिफारिशें करता है। (3) नीति आयोग के माध्यम से केंद्र–राज्य सहयोग का स्वरूप मुख्यतः नीतिगत और रणनीतिक है, जबकि वित्त आयोग का स्वरूप मुख्यतः वित्तीय-संवैधानिक है। (4) दोनों संस्थाएँ राज्यों को संसाधन उपलब्ध कराने के समान साधन के रूप में कार्य करती हैं।

  • A. केवल 1 और 3
  • B. केवल 2 और 4
  • C. केवल 1, 3 और 4
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: A — केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):
कथन 1 सही है। वित्त आयोग का संवैधानिक दायित्व संघ और राज्यों के बीच करों के वितरण तथा राज्यों को अनुदान-सहायता से संबंधित सिफारिशें करना है। कथन 2 गलत है, क्योंकि नीति आयोग कर-वितरण करने वाला संवैधानिक निकाय नहीं है। कथन 3 सही है—नीति आयोग का जोर नीति, रणनीति, सहयोग और अनुवीक्षण पर है, जबकि वित्त आयोग का केंद्र वित्तीय संघवाद है। कथन 4 गलत है क्योंकि दोनों की संस्थागत प्रकृति और संसाधन-संबंधी भूमिका समान नहीं है।

प्रश्न 108: संयुक्त राष्ट्र के छह प्रमुख अंगों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) महासभा संयुक्त राष्ट्र का एक प्रमुख अंग है। (2) सुरक्षा परिषद संयुक्त राष्ट्र का एक प्रमुख अंग है। (3) अंतरराष्ट्रीय न्यायालय संयुक्त राष्ट्र का एक प्रमुख अंग है। (4) संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम इन छह प्रमुख अंगों में से एक है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 3 और 4
  • C. केवल 1, 2 और 4
  • D. केवल 1, 2 और 3
सही उत्तर: D — केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
महासभा, सुरक्षा परिषद और अंतरराष्ट्रीय न्यायालय संयुक्त राष्ट्र के छह प्रमुख अंगों में शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम प्रमुख अंग नहीं, बल्कि संयुक्त राष्ट्र प्रणाली के अंतर्गत एक कार्यक्रम है।

प्रश्न 109: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के कार्यक्षेत्रों के बीच अंतर के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन अधिक उपयुक्त है?

  • A. दोनों का कार्यक्षेत्र पूरी तरह समान है।
  • B. दोनों के कुछ क्षेत्रों में अंतर्संबंध हो सकते हैं, लेकिन एक का केंद्र महिला एवं बाल विकास तथा दूसरे का व्यापक स्वास्थ्य व्यवस्था से संबंधित है।
  • C. स्वास्थ्य मंत्रालय केवल बच्चों के लिए कार्य करता है।
  • D. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय केवल अस्पतालों का संचालन करता है।
सही उत्तर: B — दोनों के कुछ क्षेत्रों में अंतर्संबंध हो सकते हैं, लेकिन एक का केंद्र महिला एवं बाल विकास तथा दूसरे का व्यापक स्वास्थ्य व्यवस्था से संबंधित है।
व्याख्या (Explanation):
पोषण, मातृ स्वास्थ्य और बाल स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में दोनों मंत्रालयों के कार्य आपस में जुड़ सकते हैं। फिर भी महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का व्यापक केंद्र महिला और बाल कल्याण, पोषण तथा संरक्षण है, जबकि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का केंद्र व्यापक स्वास्थ्य व्यवस्था है।

प्रश्न 110: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) इसका कार्यक्षेत्र महिलाओं और बच्चों दोनों से संबंधित है। (2) बाल पोषण इसके कार्यक्षेत्र का एक महत्वपूर्ण आयाम हो सकता है। (3) महिला एवं बाल कल्याण की समस्याओं का समाधान केवल आय हस्तांतरण से किया जा सकता है। (4) बाल संरक्षण और विकास इसके व्यापक सामाजिक दायित्व से जुड़े हो सकते हैं।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1, 2 और 4
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: C — केवल 1, 2 और 4
व्याख्या (Explanation):
कथन 1, 2 और 4 सही हैं। महिला एवं बाल विकास का क्षेत्र पोषण, संरक्षण, विकास और कल्याण जैसे अनेक आयामों को समाहित कर सकता है। कथन 3 गलत है क्योंकि महिला एवं बाल कल्याण बहुआयामी है और केवल आय हस्तांतरण से इसका पूर्ण समाधान नहीं हो सकता।

प्रश्न 111: ग्रामीण विकास और ग्रामीण आजीविका के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे उपयुक्त है?

  • A. ग्रामीण विकास में आय और आजीविका के साथ सामाजिक सेवाओं एवं बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
  • B. ग्रामीण विकास का अर्थ केवल कृषि भूमि का विस्तार है।
  • C. ग्रामीण आजीविका का शिक्षा और स्वास्थ्य से कोई संबंध नहीं है।
  • D. ग्रामीण विकास केवल शहरी क्षेत्रों से होने वाले निवेश पर निर्भर करता है।
सही उत्तर: A — ग्रामीण विकास में आय और आजीविका के साथ सामाजिक सेवाओं एवं बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
व्याख्या (Explanation):
ग्रामीण विकास में केवल आय या कृषि उत्पादन नहीं, बल्कि आजीविका, रोजगार, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी सुविधाएँ और सामाजिक सुरक्षा जैसे विभिन्न आयाम जुड़े हो सकते हैं। इसलिए इसका दृष्टिकोण बहुआयामी होता है।

प्रश्न 112: ग्रामीण विकास मंत्रालय की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) इसका कार्यक्षेत्र ग्रामीण गरीबी और आजीविका से जुड़े कार्यक्रमों तक विस्तृत हो सकता है। (2) ग्रामीण विकास को केवल कृषि उत्पादन बढ़ाने के समान मानना उचित नहीं है। (3) ग्रामीण विकास के अंतर्गत रोजगार, आवास और आजीविका जैसे विभिन्न सामाजिक-आर्थिक आयाम आ सकते हैं। (4) ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत की मौद्रिक नीति निर्धारित करता है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 4
  • C. केवल 1, 2 और 3
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: C — केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
ग्रामीण विकास बहुआयामी है। इसमें ग्रामीण रोजगार, आजीविका, आवास, सामाजिक सुरक्षा तथा ग्रामीण अवसंरचना जैसे अनेक आयाम हो सकते हैं। इसे केवल कृषि उत्पादन तक सीमित नहीं किया जा सकता। मौद्रिक नीति का संबंध भारतीय रिज़र्व बैंक से है।

प्रश्न 113: नीति आयोग और वित्त आयोग के बीच अंतर को समझने के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सबसे अधिक उपयुक्त है?

  • A. नीति आयोग राज्यों को कर-साझेदारी के संवैधानिक अधिकार देता है, जबकि वित्त आयोग विकास-नीति बनाता है।
  • B. दोनों का मूल कार्य समान है, केवल उनके नाम अलग हैं।
  • C. नीति आयोग का संबंध मुख्यतः नीतिगत एवं रणनीतिक सहयोग से है, जबकि वित्त आयोग का संबंध संवैधानिक वित्तीय संघवाद से है।
  • D. वित्त आयोग नीति आयोग का वित्तीय प्रभाग है।
सही उत्तर: C — नीति आयोग का संबंध मुख्यतः नीतिगत एवं रणनीतिक सहयोग से है, जबकि वित्त आयोग का संबंध संवैधानिक वित्तीय संघवाद से है।
व्याख्या (Explanation):
दोनों संस्थाओं में संघवाद का तत्व है, लेकिन उनका मूल उद्देश्य अलग है। नीति आयोग विकास नीति और रणनीतिक सहयोग से संबंधित है, जबकि वित्त आयोग का संवैधानिक अधिदेश संघ–राज्य वित्तीय संबंधों से जुड़ा है।

प्रश्न 114: नीति आयोग की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा क्षेत्र उसकी विकासात्मक भूमिका को अन्य संस्थाओं से अलग पहचानने में सबसे अधिक सहायक है?

  • A. संघ और राज्यों के बीच करों के अंतिम संवैधानिक वितरण का निर्णय
  • B. राज्यों के साथ नीति-संबंधी संवाद, रणनीतिक सुझाव और विकास परिणामों का अनुवीक्षण
  • C. मौद्रिक नीति के लिए नीतिगत ब्याज दर निर्धारित करना
  • D. आधिकारिक सांख्यिकीय आँकड़ों का समस्त संकलन करना
सही उत्तर: B — राज्यों के साथ नीति-संबंधी संवाद, रणनीतिक सुझाव और विकास परिणामों का अनुवीक्षण
व्याख्या (Explanation):
नीति आयोग विकास संबंधी नीति, रणनीति, केंद्र–राज्य संवाद तथा अनुवीक्षण से जुड़ा है। कर-वितरण वित्त आयोग, मौद्रिक नीति भारतीय रिज़र्व बैंक और आधिकारिक सांख्यिकीय व्यवस्था राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय से संबंधित है।

प्रश्न 115: नीति आयोग की प्रकृति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) नीति आयोग संविधान में किसी विशिष्ट अनुच्छेद के अंतर्गत स्थापित संवैधानिक निकाय है। (2) इसका गठन केंद्र सरकार के कार्यपालिका संबंधी निर्णय के माध्यम से हुआ। (3) इसके कार्यों में विकास संबंधी नीति और रणनीतिक परामर्श शामिल हैं।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 1 और 3
  • C. केवल 2
  • D. केवल 2 और 3
सही उत्तर: D — केवल 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
नीति आयोग संवैधानिक निकाय नहीं है। इसका गठन केंद्र सरकार के कार्यपालिका निर्णय के माध्यम से हुआ। इसका उद्देश्य विकास संबंधी नीति, रणनीति, सहयोग, अनुवीक्षण और केंद्र–राज्य सहभागिता को बढ़ावा देना है।

प्रश्न 116: नीति आयोग के संदर्भ में “सहकारी संघवाद” और “प्रतिस्पर्धी संघवाद” की अवधारणाओं को समझते हुए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे उपयुक्त है?

  • A. दोनों में राज्यों की भूमिका को अलग-अलग तरीकों से विकास प्रक्रिया से जोड़ा जा सकता है।
  • B. सहकारी संघवाद का अर्थ राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा समाप्त करना है।
  • C. प्रतिस्पर्धी संघवाद का अर्थ केंद्र द्वारा राज्यों की नीतियाँ सीधे निर्धारित करना है।
  • D. दोनों अवधारणाओं का वित्त आयोग के कर-वितरण से कोई संबंध नहीं होने के कारण नीति आयोग की भूमिका भी समान नहीं रहती।
सही उत्तर: A — दोनों में राज्यों की भूमिका को अलग-अलग तरीकों से विकास प्रक्रिया से जोड़ा जा सकता है।
व्याख्या (Explanation):
सहकारी संघवाद केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग तथा साझा नीति-निर्माण पर जोर देता है, जबकि प्रतिस्पर्धी संघवाद राज्यों के बीच बेहतर प्रदर्शन के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित कर सकता है। दोनों में राज्यों की सक्रिय भूमिका बनी रहती है।

प्रश्न 117: नीति आयोग के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) नीति आयोग का शासी परिषद ढाँचा केंद्र और राज्यों के बीच उच्च-स्तरीय नीतिगत संवाद का मंच प्रदान करता है। (2) शासी परिषद में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की भूमिका होती है। (3) शासी परिषद वित्त आयोग की तरह कर-वितरण का संवैधानिक निर्णय लेती है। (4) इसका उद्देश्य राज्यों की भागीदारी को विकास संबंधी नीति-निर्माण से जोड़ना है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1, 2 और 4
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: C — केवल 1, 2 और 4
व्याख्या (Explanation):
नीति आयोग की शासी परिषद केंद्र और राज्यों के बीच नीतिगत संवाद तथा सहभागिता के लिए महत्वपूर्ण मंच है। इसमें राज्यों के मुख्यमंत्रियों की भागीदारी होती है। इसका कार्य कर-वितरण करना नहीं है; वह वित्त आयोग के संवैधानिक कार्यक्षेत्र से संबंधित है। इसलिए 1, 2 और 4 सही हैं।

प्रश्न 118: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन शिक्षा मंत्रालय और मानव विकास के संबंध को सबसे उचित रूप से व्यक्त करता है?

  • A. शिक्षा मानव पूंजी निर्माण के माध्यम से उत्पादकता और दीर्घकालिक विकास को प्रभावित कर सकती है।
  • B. शिक्षा का प्रभाव केवल विद्यालयी नामांकन तक सीमित रहता है।
  • C. मानव पूंजी केवल भौतिक अवसंरचना पर निर्भर करती है।
  • D. शिक्षा नीति का आर्थिक और सामाजिक विकास से कोई आवश्यक संबंध नहीं है।
सही उत्तर: A — शिक्षा मानव पूंजी निर्माण के माध्यम से उत्पादकता और दीर्घकालिक विकास को प्रभावित कर सकती है।
व्याख्या (Explanation):
शिक्षा ज्ञान, कौशल और क्षमताओं के विकास में योगदान देती है, जिससे मानव पूंजी मजबूत होती है। बेहतर मानव पूंजी उत्पादकता, रोजगार क्षमता और दीर्घकालिक आर्थिक एवं सामाजिक विकास को प्रभावित कर सकती है। इसलिए शिक्षा को केवल नामांकन की संख्या तक सीमित करना उचित नहीं है।

प्रश्न 119: किसी विकास कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं की आजीविका, बच्चों के पोषण और ग्रामीण स्वास्थ्य—तीनों को साथ लेकर चलने की आवश्यकता है। निम्नलिखित में से कौन-सा संस्थागत संयोजन इस समस्या के विभिन्न आयामों को सबसे बेहतर ढंग से संबोधित कर सकता है?

  • A. वित्त आयोग, भारतीय रिज़र्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष
  • B. शिक्षा मंत्रालय, वित्त आयोग और अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन
  • C. ग्रामीण विकास मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
  • D. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, विश्व बैंक और वित्त आयोग
सही उत्तर: C — ग्रामीण विकास मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
व्याख्या (Explanation):
ग्रामीण आजीविका के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय, महिलाओं और बच्चों के पोषण एवं कल्याण के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय तथा स्वास्थ्य संबंधी आयाम के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय प्रासंगिक हैं। समस्या के तीनों आयामों के लिए यह संयोजन सबसे प्रत्यक्ष राष्ट्रीय संस्थागत मेल प्रदान करता है।

प्रश्न 120: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) खाद्य एवं कृषि संगठन कृषि और खाद्य प्रणालियों से संबंधित वैश्विक सहयोग में भूमिका निभाता है। (2) विश्व खाद्य कार्यक्रम खाद्य असुरक्षा और मानवीय खाद्य जरूरतों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। (3) अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष का प्रमुख जोर ग्रामीण क्षेत्रों में निवेश से संबंधित है। (4) तीनों संस्थाओं के कार्यक्षेत्र पूरी तरह एक-दूसरे के समान हैं।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 4
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: D — 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
पहले तीनों कथन सही हैं। खाद्य एवं कृषि संगठन कृषि और खाद्य प्रणालियों, विश्व खाद्य कार्यक्रम खाद्य सहायता एवं भूख, तथा अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष ग्रामीण और कृषि विकास में निवेश से संबंधित है। कथन 4 गलत है क्योंकि तीनों की भूमिकाएँ अलग-अलग लेकिन परस्पर संबंधित हैं।

प्रश्न 121: विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) दोनों संस्थाएँ आर्थिक विकास से संबंधित विषयों पर कार्य कर सकती हैं। (2) दोनों का मूल अधिदेश पूरी तरह समान है। (3) अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की भूमिका व्यापक आर्थिक और मौद्रिक स्थिरता से अधिक निकटता से जुड़ी है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 1 और 3
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: B — केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):
कथन 1 सही है क्योंकि दोनों संस्थाएँ आर्थिक मुद्दों से संबंधित हो सकती हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि दोनों की संस्थागत प्राथमिकताएँ अलग हैं। कथन 3 सही है; अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का प्रमुख संबंध अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक सहयोग, व्यापक आर्थिक स्थिरता और वित्तीय सहायता से है।

प्रश्न 122: राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय से संबंधित निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) आधिकारिक सांख्यिकीय आँकड़े आर्थिक गतिविधियों के आकलन में उपयोगी होते हैं। (2) सामाजिक संकेतक नीति के परिणामों का आकलन करने में उपयोगी हो सकते हैं। (3) सांख्यिकीय आँकड़ों का उपयोग तभी किया जा सकता है जब वे किसी मंत्रालय की नीतियों के समर्थन में हों।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 1 और 3
  • C. केवल 2 और 3
  • D. केवल 1 और 2
सही उत्तर: D — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
कथन 1 और 2 सही हैं। आधिकारिक आँकड़े आर्थिक गतिविधियों तथा सामाजिक परिस्थितियों को समझने और नीतियों के प्रभाव का आकलन करने में उपयोगी हो सकते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि सांख्यिकीय आँकड़ों का उद्देश्य किसी नीति के समर्थन में प्रमाण तैयार करना नहीं, बल्कि वस्तुनिष्ठ सूचना उपलब्ध कराना है।

प्रश्न 123: एक विकासशील देश में बाल कुपोषण कम करने के लिए सरकार को स्वास्थ्य, पोषण, बाल संरक्षण और खाद्य सहायता—इन सभी आयामों को ध्यान में रखना है। निम्नलिखित में से कौन-सा संस्थागत संयोजन इस बहुआयामी समस्या को समझने के लिए सबसे उपयुक्त होगा?

  • A. केवल अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष
  • B. केवल अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन
  • C. केवल विश्व बैंक
  • D. यूनिसेफ, विश्व स्वास्थ्य संगठन और विश्व खाद्य कार्यक्रम
सही उत्तर: D — यूनिसेफ, विश्व स्वास्थ्य संगठन और विश्व खाद्य कार्यक्रम
व्याख्या (Explanation):
बाल कुपोषण केवल भोजन की उपलब्धता का प्रश्न नहीं है। इसमें स्वास्थ्य, पोषण, बाल कल्याण और खाद्य सुरक्षा के परस्पर जुड़े आयाम होते हैं। यूनिसेफ बाल-केंद्रित क्षेत्रों में, विश्व स्वास्थ्य संगठन स्वास्थ्य के क्षेत्र में और विश्व खाद्य कार्यक्रम खाद्य सहायता एवं भूख संबंधी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए यह संयोजन समस्या के विभिन्न आयामों को बेहतर ढंग से दर्शाता है।

प्रश्न 124: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) विश्व स्वास्थ्य संगठन का कार्य केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है। (2) सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज जैसे विषय उसके व्यापक कार्यक्षेत्र से जुड़े हैं। (3) विश्व स्वास्थ्य संगठन भारत के स्वास्थ्य संबंधी सभी प्रशासनिक निर्णय स्वयं लेता है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 1
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
विश्व स्वास्थ्य संगठन का कार्य वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग, स्वास्थ्य प्रणालियों, रोग-नियंत्रण, स्वास्थ्य आपात स्थितियों और सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज जैसे व्यापक क्षेत्रों तक फैला है। भारत की राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीतियों और प्रशासनिक निर्णयों का अंतिम दायित्व भारत की अपनी संस्थाओं का है।

प्रश्न 125: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के बीच अंतर को सबसे अधिक स्पष्ट करता है?

  • A. विश्व बैंक केवल मानवीय सहायता देता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष केवल कृषि सहायता देता है।
  • B. विश्व बैंक का जोर अपेक्षाकृत दीर्घकालिक विकास पर, जबकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का जोर व्यापक आर्थिक और मौद्रिक स्थिरता पर अधिक होता है।
  • C. दोनों संस्थाएँ समान प्रकार की परियोजनाओं के लिए समान प्रकार की सहायता देती हैं।
  • D. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष केवल शिक्षा क्षेत्र और विश्व बैंक केवल स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्य करता है।
सही उत्तर: B — विश्व बैंक का जोर अपेक्षाकृत दीर्घकालिक विकास पर, जबकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का जोर व्यापक आर्थिक और मौद्रिक स्थिरता पर अधिक होता है।
व्याख्या (Explanation):
विश्व बैंक विकास-वित्त, गरीबी उन्मूलन, अवसंरचना और दीर्घकालिक विकास चुनौतियों से अधिक जुड़ा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का केंद्र अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक सहयोग, व्यापक आर्थिक स्थिरता, नीतिगत निगरानी और वित्तीय सहायता है। दोनों में क्षेत्रीय संपर्क हो सकता है, लेकिन उनके मूल अधिदेश अलग हैं।

प्रश्न 126: निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के आँकड़ों की नीति-निर्माण में भूमिका को सबसे बेहतर दर्शाती है?

  • A. आँकड़े उपलब्ध होते ही किसी योजना को स्वचालित रूप से सफल घोषित कर देना।
  • B. केवल सकल घरेलू उत्पाद के आँकड़े के आधार पर सभी सामाजिक समस्याओं का निर्धारण करना।
  • C. विभिन्न सामाजिक और आर्थिक संकेतकों का उपयोग करके किसी कार्यक्रम की स्थिति तथा परिणामों का आकलन करना।
  • D. आधिकारिक आँकड़ों के स्थान पर केवल निजी अनुमान का उपयोग करना।
सही उत्तर: C — विभिन्न सामाजिक और आर्थिक संकेतकों का उपयोग करके किसी कार्यक्रम की स्थिति तथा परिणामों का आकलन करना।
व्याख्या (Explanation):
नीति-निर्माण में एकल संकेतक पर्याप्त नहीं होता। गरीबी, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, उत्पादन और अन्य सामाजिक-आर्थिक संकेतकों के संयोजन से किसी कार्यक्रम या नीति के प्रभाव का अधिक सम्यक आकलन किया जा सकता है।

प्रश्न 127: वित्त आयोग के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? (1) इसका गठन संविधान के अनुच्छेद 280 के अंतर्गत होता है। (2) यह संघ और राज्यों के बीच करों के वितरण से संबंधित सिफारिश करता है। (3) यह भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति के निर्णयों को अनुमोदित करता है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. केवल 1 और 3
  • D. केवल 1 और 2
सही उत्तर: D — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
कथन 1 और 2 सही हैं। वित्त आयोग संविधान के अनुच्छेद 280 के अंतर्गत गठित होता है और संघ–राज्य वित्तीय संबंधों, विशेषकर करों के वितरण तथा अनुदान-सहायता संबंधी सिफारिशों से जुड़ा है। कथन 3 गलत है; मौद्रिक नीति से संबंधित निर्णय भारतीय रिज़र्व बैंक की व्यवस्था का विषय है।

प्रश्न 128: राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय और नीति आयोग के बीच कार्य-विभाजन को समझने के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय आधिकारिक आँकड़ों के उत्पादन और प्रसार से संबंधित है। (2) नीति आयोग विकास संबंधी नीति-निर्माण और रणनीतिक परामर्श से संबंधित है। (3) राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा तैयार प्रत्येक आँकड़ा नीति आयोग के निर्णय को अनिवार्य रूप से निर्धारित करता है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 1 और 2
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: B — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
कथन 1 और 2 सही हैं। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय आधिकारिक सांख्यिकीय व्यवस्था का महत्वपूर्ण भाग है, जबकि नीति आयोग विकास संबंधी नीतियों और रणनीतियों से जुड़ा है। कथन 3 गलत है क्योंकि आँकड़े नीति-निर्माण के लिए महत्वपूर्ण प्रमाण हो सकते हैं, परंतु वे किसी एक संस्था के निर्णय को अपने-आप बाध्यकारी नहीं बनाते।

प्रश्न 129: निम्नलिखित में से किस विकल्प में संस्थाओं को उनके प्रमुख कार्यक्षेत्र के अनुसार सही क्रम में रखा गया है?

  • A. विश्व स्वास्थ्य संगठन — श्रम; अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन — स्वास्थ्य; विश्व खाद्य कार्यक्रम — कृषि निवेश
  • B. विश्व स्वास्थ्य संगठन — स्वास्थ्य; अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन — श्रम मानक; विश्व खाद्य कार्यक्रम — खाद्य सहायता
  • C. विश्व स्वास्थ्य संगठन — ग्रामीण निवेश; अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन — बाल अधिकार; विश्व खाद्य कार्यक्रम — मौद्रिक स्थिरता
  • D. विश्व स्वास्थ्य संगठन — कर-वितरण; अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन — कृषि; विश्व खाद्य कार्यक्रम — शिक्षा
सही उत्तर: B — विश्व स्वास्थ्य संगठन — स्वास्थ्य; अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन — श्रम मानक; विश्व खाद्य कार्यक्रम — खाद्य सहायता
व्याख्या (Explanation):
विश्व स्वास्थ्य संगठन वैश्विक स्वास्थ्य, अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन श्रम मानकों एवं सामाजिक न्याय तथा विश्व खाद्य कार्यक्रम खाद्य सहायता एवं भूख से संबंधित कार्यों के लिए जाना जाता है। अन्य विकल्पों में संस्थागत भूमिकाएँ जानबूझकर उलट दी गई हैं।

प्रश्न 130: यदि किसी देश की समस्या मुख्यतः दीर्घकालिक विकास-वित्त, अवसंरचना और गरीबी उन्मूलन से संबंधित हो, तो निम्नलिखित में से कौन-सी संस्था अपेक्षाकृत अधिक प्रासंगिक होगी?

  • A. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष
  • B. अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन
  • C. विश्व बैंक
  • D. विश्व स्वास्थ्य संगठन
सही उत्तर: C — विश्व बैंक
व्याख्या (Explanation):
विश्व बैंक का प्रमुख कार्यक्षेत्र दीर्घकालिक विकास, गरीबी उन्मूलन, विकास-वित्त, अवसंरचना और विभिन्न विकास परियोजनाओं से जुड़ा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्राथमिकता अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक एवं व्यापक आर्थिक स्थिरता से अधिक संबंधित होती है।

प्रश्न 131: निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति नीति आयोग की भूमिका के अधिक अनुकूल है?

  • A. किसी राज्य को संविधान के तहत उसका कर-अंश हस्तांतरित करना।
  • B. बैंकिंग क्षेत्र में नियामकीय निर्देश जारी करना।
  • C. देश में आधिकारिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक तैयार करना।
  • D. राज्यों के साथ नीति-संबंधी संवाद करके विकास रणनीतियों को अधिक प्रभावी बनाना।
सही उत्तर: D — राज्यों के साथ नीति-संबंधी संवाद करके विकास रणनीतियों को अधिक प्रभावी बनाना।
व्याख्या (Explanation):
नीति आयोग का प्रमुख जोर नीति-निर्माण, रणनीतिक सुझाव, केंद्र–राज्य सहयोग, अनुवीक्षण और विकास संबंधी ज्ञान-साझाकरण पर है। कर-वितरण वित्त आयोग, बैंकिंग विनियमन भारतीय रिज़र्व बैंक और आधिकारिक सांख्यिकीय उत्पादन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय से संबंधित क्षेत्र हैं।

प्रश्न 132: वित्त आयोग और नीति आयोग के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) दोनों संस्थाएँ केंद्र और राज्यों के संबंधों से जुड़ी हो सकती हैं। (2) वित्त आयोग का संवैधानिक आधार है, जबकि नीति आयोग ऐसा संवैधानिक निकाय नहीं है। (3) दोनों का प्रमुख कार्य राज्यों को कर-संसाधनों का वितरण करना है।

  • A. केवल 1 और 3
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 2
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: C — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
कथन 1 सही है क्योंकि दोनों संस्थाएँ केंद्र–राज्य संबंधों के अलग-अलग पहलुओं से जुड़ती हैं। कथन 2 भी सही है—वित्त आयोग का आधार संविधान का अनुच्छेद 280 है, जबकि नीति आयोग एक कार्यपालिका द्वारा गठित संस्थागत निकाय है। कथन 3 गलत है क्योंकि राज्यों को कर-संसाधनों के वितरण से संबंधित सिफारिश वित्त आयोग करता है; यह नीति आयोग का प्रमुख कार्य नहीं है।

प्रश्न 133: संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम का मुख्य संबंध निम्नलिखित में से किससे अधिक है?

  • A. केवल अंतरराष्ट्रीय मुद्रा विनिमय दरों से
  • B. केवल कृषि वस्तुओं के व्यापार नियंत्रण से
  • C. केवल सैन्य सुरक्षा से
  • D. विकास, गरीबी उन्मूलन, सुशासन और संस्थागत क्षमता जैसे क्षेत्रों से
सही उत्तर: D — विकास, गरीबी उन्मूलन, सुशासन और संस्थागत क्षमता जैसे क्षेत्रों से
व्याख्या (Explanation):
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम विकास संबंधी व्यापक विषयों पर कार्य करता है, जिनमें गरीबी उन्मूलन, शासन, संस्थागत क्षमता, संकट से उबरना और सतत विकास जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इसे अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष या विश्व बैंक के समान अधिदेश वाला नहीं माना जाना चाहिए।

प्रश्न 134: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन नीति आयोग और राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के बीच संबंध को सबसे अच्छी तरह दर्शाता है?

  • A. दोनों संस्थाएँ भारत की मौद्रिक नीति निर्धारित करती हैं।
  • B. दोनों का मुख्य कार्य संघ और राज्यों के बीच करों का वितरण करना है।
  • C. सांख्यिकीय आँकड़े नीति-निर्माण के लिए आधार प्रदान कर सकते हैं, जबकि नीति आयोग उन आँकड़ों सहित विभिन्न प्रमाणों का उपयोग नीति-सम्बंधी कार्य में कर सकता है।
  • D. दोनों संस्थाएँ केवल जनगणना के आयोजन के लिए उत्तरदायी हैं।
सही उत्तर: C — सांख्यिकीय आँकड़े नीति-निर्माण के लिए आधार प्रदान कर सकते हैं, जबकि नीति आयोग उन आँकड़ों सहित विभिन्न प्रमाणों का उपयोग नीति-सम्बंधी कार्य में कर सकता है।
व्याख्या (Explanation):
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय आधिकारिक आँकड़ों के उत्पादन और प्रसार की सांख्यिकीय व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नीति आयोग विकास संबंधी नीति और रणनीति से जुड़ा है। इसलिए आँकड़े और नीति-निर्माण परस्पर संबंधित हो सकते हैं, लेकिन दोनों संस्थाओं की मूल भूमिकाएँ अलग हैं।

प्रश्न 135: यदि किसी देश में भुगतान संतुलन से जुड़ी गंभीर बाहरी वित्तीय कठिनाइयाँ उत्पन्न हों, तो निम्नलिखित में से कौन-सी संस्था अपनी भूमिका के कारण सबसे अधिक प्रासंगिक हो सकती है?

  • A. यूनिसेफ
  • B. खाद्य एवं कृषि संगठन
  • C. अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन
  • D. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष
सही उत्तर: D — अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष
व्याख्या (Explanation):
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का कार्यक्षेत्र अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक सहयोग, व्यापक आर्थिक स्थिरता तथा सदस्य देशों को वित्तीय कठिनाइयों की स्थिति में सहायता से जुड़ा है। इसलिए भुगतान संतुलन संबंधी गंभीर बाहरी संकटों में इसकी भूमिका विशेष रूप से प्रासंगिक हो सकती है।

प्रश्न 136: खाद्य एवं कृषि संगठन, विश्व खाद्य कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष के बीच अंतर को समझने के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे उपयुक्त है?

  • A. तीनों संस्थाएँ समान प्रकार की मानवीय खाद्य सहायता प्रदान करती हैं।
  • B. तीनों का मूल कार्य वैश्विक मौद्रिक स्थिरता सुनिश्चित करना है।
  • C. इनके अधिदेश क्रमशः कृषि एवं खाद्य प्रणालियों, खाद्य सहायता तथा ग्रामीण एवं कृषि निवेश से जुड़े व्यापक अलग-अलग क्षेत्रों पर केंद्रित हैं।
  • D. तीनों संस्थाएँ केवल बाल स्वास्थ्य से संबंधित हैं।
सही उत्तर: C — इनके अधिदेश क्रमशः कृषि एवं खाद्य प्रणालियों, खाद्य सहायता तथा ग्रामीण एवं कृषि निवेश से जुड़े व्यापक अलग-अलग क्षेत्रों पर केंद्रित हैं।
व्याख्या (Explanation):
खाद्य एवं कृषि संगठन कृषि, खाद्य और खाद्य प्रणालियों के क्षेत्र में ज्ञान, नीति और तकनीकी सहयोग से जुड़ा है। विश्व खाद्य कार्यक्रम का प्रमुख क्षेत्र खाद्य सहायता और भूख से निपटना है। अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे कृषकों सहित ग्रामीण विकास में निवेश पर केंद्रित है।

प्रश्न 137: निम्नलिखित में से कौन-सा कार्य वित्त आयोग के संवैधानिक दायरे से सबसे अधिक संबंधित है?

  • A. देश की बैंकिंग प्रणाली के लिए नीतिगत ब्याज दर निर्धारित करना।
  • B. संघ और राज्यों के बीच वित्तीय संसाधनों के वितरण से संबंधित सिफारिश करना।
  • C. ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम का प्रत्यक्ष संचालन करना।
  • D. वैश्विक श्रम मानकों का निर्धारण करना।
सही उत्तर: B — संघ और राज्यों के बीच वित्तीय संसाधनों के वितरण से संबंधित सिफारिश करना।
व्याख्या (Explanation):
वित्त आयोग का प्रमुख संवैधानिक कार्य संघ और राज्यों के बीच करों के बँटवारे तथा राज्यों को अनुदान-सहायता से संबंधित सिफारिशें करना है। नीतिगत ब्याज दर भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति से संबंधित है, जबकि ग्रामीण कार्यक्रम और वैश्विक श्रम मानक अलग संस्थागत क्षेत्रों में आते हैं।

प्रश्न 138: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय से संबंधित अवधारणा को सही ढंग से दर्शाता है?

  • A. आधिकारिक आँकड़े नीति-निर्माण के लिए प्रमाण-आधारित आधार उपलब्ध कराने में सहायक हो सकते हैं।
  • B. सांख्यिकीय आँकड़े केवल अकादमिक शोध के लिए उपयोगी होते हैं।
  • C. सांख्यिकी कार्यालय का कार्य केवल जनगणना कराना है।
  • D. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय आर्थिक नीतियों को अनिवार्य रूप से निर्धारित करता है।
सही उत्तर: A — आधिकारिक आँकड़े नीति-निर्माण के लिए प्रमाण-आधारित आधार उपलब्ध कराने में सहायक हो सकते हैं।
व्याख्या (Explanation):
विश्वसनीय आधिकारिक आँकड़े अर्थव्यवस्था और समाज की स्थिति को समझने, नीति निर्माण, कार्यक्रमों की निगरानी तथा परिणामों के आकलन के लिए आधार प्रदान करते हैं। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय का कार्य केवल जनगणना तक सीमित नहीं है और आँकड़े उपलब्ध कराना तथा नीति तय करना दो अलग-अलग भूमिकाएँ हैं।

प्रश्न 139: नीति आयोग और वित्त आयोग के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा अंतर सबसे अधिक उपयुक्त है?

  • A. दोनों संविधान के अंतर्गत समान प्रकार के संवैधानिक निकाय हैं।
  • B. नीति आयोग का मुख्य कार्य कर-वितरण करना है, जबकि वित्त आयोग नीति-निर्देशन करता है।
  • C. नीति आयोग मुख्यतः मौद्रिक स्थिरता से जुड़ा है, जबकि वित्त आयोग बैंकिंग विनियमन करता है।
  • D. नीति आयोग विकास संबंधी नीति और संघवाद पर केंद्रित है, जबकि वित्त आयोग संघ–राज्य वित्तीय संबंधों से संबंधित संवैधानिक सिफारिशें करता है।
सही उत्तर: D — नीति आयोग विकास संबंधी नीति और संघवाद पर केंद्रित है, जबकि वित्त आयोग संघ–राज्य वित्तीय संबंधों से संबंधित संवैधानिक सिफारिशें करता है।
व्याख्या (Explanation):
नीति आयोग विकास संबंधी नीति-निर्माण, राज्यों के साथ सहयोग और संघवाद को मजबूत करने पर केंद्रित है। इसके विपरीत वित्त आयोग संविधान के अनुच्छेद 280 के अंतर्गत संघ और राज्यों के बीच करों तथा अनुदानों से संबंधित वित्तीय वितरण पर सिफारिशें करता है। दोनों की संस्थागत प्रकृति और कार्यक्षेत्र अलग हैं।

प्रश्न 140: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म उसके प्रमुख कार्यक्षेत्र के साथ सही सुमेलित है?

  • A. यूनिसेफ — बाल अधिकार, पोषण और बाल कल्याण
  • B. विश्व खाद्य कार्यक्रम — मौद्रिक नीति
  • C. अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष — वैश्विक मौद्रिक स्थिरता
  • D. विश्व स्वास्थ्य संगठन — संघीय कर-वितरण
सही उत्तर: A — यूनिसेफ — बाल अधिकार, पोषण और बाल कल्याण
व्याख्या (Explanation):
यूनिसेफ का प्रमुख ध्यान बच्चों के अधिकार, स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, सुरक्षा तथा जल एवं स्वच्छता जैसे क्षेत्रों पर है। विश्व खाद्य कार्यक्रम खाद्य सहायता और भूख से निपटने से संबंधित है। अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष ग्रामीण और कृषि विकास में निवेश से जुड़ा है, जबकि संघीय कर-वितरण वित्त आयोग से संबंधित है।

प्रश्न 141: विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के बीच अंतर को समझने के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन अधिक उपयुक्त है?

  • A. विश्व बैंक का प्रमुख जोर विकास संबंधी वित्त और दीर्घकालिक विकास चुनौतियों पर होता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का प्रमुख ध्यान अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक एवं वित्तीय स्थिरता पर होता है।
  • B. दोनों संस्थाएँ मुख्यतः एक ही प्रकार के विकासात्मक ऋण प्रदान करती हैं।
  • C. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष केवल कृषि क्षेत्र से संबंधित परियोजनाओं को वित्त देता है।
  • D. विश्व बैंक मुख्यतः देशों की मौद्रिक नीति तय करता है।
सही उत्तर: A — विश्व बैंक का प्रमुख जोर विकास संबंधी वित्त और दीर्घकालिक विकास चुनौतियों पर होता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का प्रमुख ध्यान अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक एवं वित्तीय स्थिरता पर होता है।
व्याख्या (Explanation):
विश्व बैंक का कार्य गरीबी उन्मूलन, विकास परियोजनाओं, अवसंरचना, मानव विकास और अन्य दीर्घकालिक विकास आवश्यकताओं से जुड़ा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का केंद्र अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक सहयोग, व्यापक आर्थिक स्थिरता, नीतिगत निगरानी और वित्तीय सहायता है।

प्रश्न 142: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?

  • A. वित्त आयोग — मौद्रिक नीति
  • B. नीति आयोग — सहकारी संघवाद
  • C. भारतीय रिज़र्व बैंक — अंतरराष्ट्रीय श्रम मानक
  • D. अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन — संघ और राज्यों के बीच कर-वितरण
सही उत्तर: B — नीति आयोग — सहकारी संघवाद
व्याख्या (Explanation):
नीति आयोग सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने वाली प्रमुख संस्थाओं में से एक है। भारतीय रिज़र्व बैंक मौद्रिक तथा बैंकिंग क्षेत्र से संबंधित कार्य करता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन श्रम मानकों और सामाजिक न्याय से संबंधित है। संघ और राज्यों के बीच कर-वितरण वित्त आयोग के संवैधानिक कार्यक्षेत्र से जुड़ा है।

प्रश्न 143: वित्त आयोग के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. इसका गठन संसद द्वारा प्रत्येक वर्ष किया जाता है।
  • B. यह भारत की मौद्रिक नीति निर्धारित करता है।
  • C. यह संघ और राज्यों के बीच कुछ प्रमुख वित्तीय संसाधनों के वितरण से संबंधित सिफारिशें करता है।
  • D. यह राज्यों की विकास योजनाओं को सीधे लागू करता है।
सही उत्तर: C — यह संघ और राज्यों के बीच कुछ प्रमुख वित्तीय संसाधनों के वितरण से संबंधित सिफारिशें करता है।
व्याख्या (Explanation):
वित्त आयोग संविधान के अनुच्छेद 280 के अंतर्गत गठित एक संवैधानिक निकाय है। इसका प्रमुख कार्य संघ और राज्यों के बीच करों के वितरण तथा राज्यों को अनुदान-सहायता से संबंधित सिफारिशें करना है। यह मौद्रिक नीति निर्धारित नहीं करता और राज्य सरकारों की विकास योजनाओं को स्वयं लागू नहीं करता।

प्रश्न 144: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन नीति आयोग की भूमिका को सबसे उपयुक्त रूप से स्पष्ट करता है?

  • A. यह मुख्यतः राज्यों के बीच कर-राजस्व के संवैधानिक वितरण का निर्धारण करता है।
  • B. यह विकास संबंधी नीतियों के लिए केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग तथा नीति-निर्देशन को बढ़ावा देता है।
  • C. यह भारत की मौद्रिक नीति का निर्धारण करता है।
  • D. यह संसद द्वारा स्वीकृत बजट की लेखा-परीक्षा करता है।
सही उत्तर: B — यह विकास संबंधी नीतियों के लिए केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग तथा नीति-निर्देशन को बढ़ावा देता है।
व्याख्या (Explanation):
नीति आयोग का प्रमुख कार्य विकास संबंधी नीति-निर्माण में केंद्र और राज्यों की भागीदारी बढ़ाना तथा सहकारी और प्रतिस्पर्धी संघवाद को प्रोत्साहित करना है। यह मौद्रिक नीति नहीं बनाता और न ही करों के संवैधानिक वितरण का निर्णय करता है। कर-वितरण से संबंधित प्रमुख संवैधानिक संस्था वित्त आयोग है।

प्रश्न 145: कथन (A): सामाजिक क्षेत्र में बहु-मंत्रालयी समन्वय का अर्थ यह नहीं है कि प्रत्येक मंत्रालय अपनी विशिष्ट जिम्मेदारी खो देता है। कारण (R): एक जटिल सामाजिक समस्या में अलग-अलग मंत्रालय उसी समस्या के अलग-अलग आयामों पर अपनी विशेषज्ञ भूमिका बनाए रखते हुए समन्वित रूप से कार्य कर सकते हैं।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: A — दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
बहु-मंत्रालयी समन्वय का उद्देश्य संस्थागत भूमिकाओं को समाप्त करना नहीं, बल्कि उन्हें परस्पर पूरक बनाना है। उदाहरणतः ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े मंत्रालय अपने-अपने क्षेत्र में विशेषज्ञ भूमिका रखते हुए किसी व्यापक सामाजिक समस्या पर साथ काम कर सकते हैं।

प्रश्न 146: कथन (A): खाद्य सहायता और ग्रामीण विकास निवेश को एक-दूसरे का पूर्ण विकल्प नहीं माना जा सकता। कारण (R): खाद्य सहायता का उद्देश्य तात्कालिक खाद्य जरूरतों को संबोधित करना हो सकता है, जबकि ग्रामीण विकास निवेश दीर्घकालिक आय, उत्पादकता और आजीविका क्षमता को मजबूत कर सकता है।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: A — दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
दोनों सही हैं और कारण कथन की उचित व्याख्या करता है। आपातकालीन खाद्य सहायता और दीर्घकालिक ग्रामीण निवेश अलग समय-क्षितिज तथा अलग नीति-उद्देश्यों को संबोधित कर सकते हैं। इन्हें परस्पर प्रतिस्थाप्य मानना संस्थागत भूमिका को गलत ढंग से सरल बनाना होगा।

प्रश्न 147: कथन (A): अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन की त्रिपक्षीयता श्रम नीति के विमर्श को केवल सरकारों के बीच अंतरराष्ट्रीय वार्ता तक सीमित नहीं रखती। कारण (R): श्रमिकों और नियोक्ताओं के प्रतिनिधित्व को भी संस्थागत रूप से स्थान दिया जाता है।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: A — दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
त्रिपक्षीयता का अर्थ ही है कि सरकारों के साथ श्रमिकों और नियोक्ताओं की भागीदारी भी संस्थागत रूप से मौजूद हो। इसलिए श्रम-संबंधी विमर्श केवल अंतर-सरकारी वार्ता तक सीमित नहीं रहता। कारण कथन की सीधी व्याख्या करता है।

प्रश्न 148: कथन (A): खाद्य एवं कृषि संगठन, विश्व खाद्य कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष के बीच सहयोग संभव है क्योंकि खाद्य सुरक्षा एक बहुआयामी विषय है। कारण (R): खाद्य सुरक्षा में कृषि उत्पादन, खाद्य उपलब्धता, पहुँच और ग्रामीण आजीविका जैसे परस्पर जुड़े तत्व शामिल हो सकते हैं।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: B — दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
व्याख्या (Explanation):
दोनों सही हैं। कारण खाद्य सुरक्षा की बहुआयामी प्रकृति स्पष्ट करता है, जिससे विभिन्न संस्थाओं की पूरक भूमिकाओं की आवश्यकता समझ में आती है। लेकिन इन तीनों संस्थाओं के बीच सहयोग केवल खाद्य सुरक्षा के व्यापक अर्थ से नहीं, बल्कि उनके विशिष्ट संस्थागत अधिदेशों और कार्यक्षेत्रों से भी जुड़ा है। इसलिए कारण अकेले कथन की पूर्ण व्याख्या नहीं करता।

प्रश्न 149: कथन (A): विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ के बीच बाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग संभव है, लेकिन इससे दोनों संस्थाओं के अधिदेश समान नहीं हो जाते। कारण (R): यूनिसेफ का विशेष केंद्र बच्चों के अधिकार और कल्याण पर है, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन का अधिदेश व्यापक वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग तक फैला है।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: C — कथन सही है पर कारण गलत है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है और कारण भी सही है। लेकिन प्रश्न में कारण संस्थाओं के अलग-अलग अधिदेशों को बताता है; यह सहयोग की संभावना को पूरी तरह स्पष्ट नहीं करता। सहयोग के लिए साझा कार्यक्षेत्र और पूरक क्षमता का विचार भी आवश्यक है। इसलिए कारण कथन की पूर्ण व्याख्या नहीं है।

प्रश्न 150: कथन (A): संयुक्त राष्ट्र प्रणाली में संस्थागत संबद्धता और संस्थागत अधीनता को एक ही अवधारणा नहीं माना जा सकता। कारण (R): संयुक्त राष्ट्र प्रणाली में कार्यक्रमों, कोषों और विशिष्ट एजेंसियों की संस्थागत प्रकृति और कार्यपद्धति अलग हो सकती है।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: A — दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
संयुक्त राष्ट्र प्रणाली एक व्यापक संस्थागत व्यवस्था है। उसके सभी घटक समान प्रशासनिक स्थिति नहीं रखते। कार्यक्रम, कोष और विशिष्ट एजेंसियाँ अलग-अलग अधिदेश और व्यवस्थाओं के साथ काम कर सकती हैं। इसलिए कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

प्रश्न 151: कथन (A): विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के बीच कार्यात्मक पूरकता का अर्थ उनके अधिदेशों की समानता नहीं है। कारण (R): एक ही देश में व्यापक आर्थिक स्थिरता तथा दीर्घकालिक विकास-वित्त की अलग-अलग आवश्यकताएँ उत्पन्न हो सकती हैं।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: B — दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
व्याख्या (Explanation):
दोनों सही हैं। कारण यह समझाता है कि दोनों संस्थाएँ एक ही देश में अलग-अलग आवश्यकताओं के कारण पूरक हो सकती हैं। लेकिन उनके अधिदेश अलग होने का मूल कारण उनके संस्थागत अधिदेश और कार्यक्षेत्र हैं, केवल एक देश की दोहरी आवश्यकता नहीं।

प्रश्न 152: कथन (A): राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त आधिकारिक आँकड़ों की नीति-निर्माण में उपयोगिता उनकी विश्वसनीयता और तुलनीयता से जुड़ी होती है। कारण (R): नीति-निर्माण में अलग-अलग समय, क्षेत्रों और सामाजिक समूहों की स्थितियों की तुलना करने के लिए सुसंगत आँकड़े आवश्यक हो सकते हैं।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: D — कथन गलत है पर कारण सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन और कारण दोनों तथ्यात्मक रूप से सही हैं। पर कारण यह स्पष्ट करता है कि तुलनीय आँकड़ों की आवश्यकता क्यों होती है, जबकि कथन में “विश्वसनीयता और तुलनीयता से उपयोगिता जुड़ी होती है” का व्यापक विचार है। कारण कथन की पूरी व्याख्या नहीं करता।

प्रश्न 153: कथन (A): वित्तीय समावेशन की सफलता का आकलन केवल खाते खोलने की दर से करना अपर्याप्त हो सकता है। कारण (R): वित्तीय समावेशन में वित्तीय सेवाओं की सक्रियता, उपयुक्तता, वहनीयता और वास्तविक उपयोग जैसे आयाम भी महत्त्वपूर्ण हो सकते हैं।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: A — दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
केवल खाता खोलना वित्तीय पहुँच का संकेत हो सकता है, लेकिन प्रभावी समावेशन के लिए उस खाते तथा अन्य वित्तीय सेवाओं का वास्तविक उपयोग भी आवश्यक है। वहनीयता और उपयुक्तता यह निर्धारित कर सकती हैं कि उपलब्ध सेवा वास्तव में उपयोगी है या नहीं।

प्रश्न 154: कथन (A): नीति आयोग और वित्त आयोग दोनों को भारत में सहकारी संघवाद के लिए समान संस्थागत साधन नहीं माना जा सकता। कारण (R): नीति आयोग मुख्यतः नीतिगत संवाद, विकास रणनीति और केंद्र–राज्य सहयोग से जुड़ा है, जबकि वित्त आयोग का संवैधानिक अधिदेश संघ–राज्य वित्तीय संबंधों से संबंधित है।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: A — दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
कथन और कारण दोनों सही हैं। दोनों संस्थाएँ संघवाद के अलग-अलग आयामों को संबोधित करती हैं। नीति आयोग का प्रमुख क्षेत्र नीति-सहयोग और विकास रणनीति है, जबकि वित्त आयोग संविधान आधारित वित्तीय संघवाद का तंत्र है। इसलिए कारण कथन की प्रत्यक्ष व्याख्या करता है।

प्रश्न 155: कथन (A): किसी सामाजिक समस्या के लिए अनेक मंत्रालयों की भूमिका होना आवश्यक रूप से संस्थागत कार्यों के अनावश्यक दोहराव को नहीं दर्शाता। कारण (R): जटिल सामाजिक समस्याओं में अलग-अलग मंत्रालय समस्या के अलग-अलग आयामों पर विशेषज्ञ भूमिका निभा सकते हैं और उनके बीच समन्वय आवश्यक हो सकता है।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: A — दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
ग्रामीण गरीबी, पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला सशक्तीकरण जैसी समस्याएँ एक-दूसरे से जुड़ी होती हैं। अलग-अलग मंत्रालय अपने विशिष्ट अधिदेश के आधार पर अलग आयामों को संबोधित कर सकते हैं। इसलिए बहु-मंत्रालयी भूमिका का अर्थ स्वतः अनावश्यक दोहराव नहीं है।

प्रश्न 156: कथन (A): तत्काल खाद्य सहायता और दीर्घकालिक ग्रामीण विकास को एक ही नीति-आवश्यकता मानना संस्थागत दृष्टि से अपर्याप्त हो सकता है। कारण (R): खाद्य संकट का तात्कालिक समाधान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की उत्पादक क्षमता बढ़ाना अलग-अलग समय-आधारित नीति उद्देश्यों से संबंधित हो सकते हैं।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: A — दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
तत्काल खाद्य सहायता मुख्यतः मानवीय आवश्यकता को संबोधित करती है, जबकि ग्रामीण विकास निवेश उत्पादन, आय और दीर्घकालिक आजीविका क्षमता को मजबूत करने की दिशा में जा सकता है। इसलिए दोनों को एक ही नीति-उद्देश्य मानना अपर्याप्त होगा।

प्रश्न 157: कथन (A): अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन की त्रिपक्षीय संरचना को केवल संगठनात्मक औपचारिकता मानना उसके संस्थागत महत्व को कम करके आँकना है। कारण (R): सरकारों, श्रमिकों और नियोक्ताओं की भागीदारी श्रम-संबंधी हितों को संस्थागत विमर्श में स्थान देती है।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: A — दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
त्रिपक्षीयता अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन की विशिष्ट विशेषता है। इसका उद्देश्य श्रम-संबंधी मुद्दों में सरकार, श्रमिक और नियोक्ता हितों को संस्थागत रूप से स्थान देना है। इसलिए कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

प्रश्न 158: कथन (A): खाद्य एवं कृषि संगठन, विश्व खाद्य कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष की भूमिकाएँ एक-दूसरे से पूरी तरह अलग-थलग नहीं हैं। कारण (R): खाद्य प्रणालियाँ, मानवीय खाद्य सहायता और ग्रामीण कृषि निवेश व्यापक खाद्य सुरक्षा के परस्पर जुड़े हुए आयाम हो सकते हैं।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: D — कथन गलत है पर कारण सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन और कारण दोनों के मूल विचार सही हैं, लेकिन कारण कथन की पूर्ण व्याख्या नहीं करता। केवल यह कि खाद्य सुरक्षा के आयाम परस्पर जुड़े हैं, इससे यह निर्धारित नहीं होता कि इन तीन संस्थाओं की भूमिकाएँ कैसे विभाजित हैं। उनके कार्यक्षेत्रों का वास्तविक अंतर उनके विशिष्ट अधिदेश से आता है।

प्रश्न 159: कथन (A): विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ की संस्थागत भूमिकाओं में कुछ क्षेत्रों में परस्पर पूरकता हो सकती है। कारण (R): विश्व स्वास्थ्य संगठन वैश्विक स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दों पर कार्य करता है, जबकि यूनिसेफ बच्चों के अधिकारों, स्वास्थ्य और कल्याण पर केंद्रित है।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: A — दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
WHO और UNICEF के कार्यक्षेत्र अलग होते हुए भी बाल स्वास्थ्य, टीकाकरण, पोषण तथा मातृ-शिशु कल्याण जैसे क्षेत्रों में एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं। कारण इसी तथ्य को स्पष्ट करता है।

प्रश्न 160: कथन (A): संयुक्त राष्ट्र प्रणाली में किसी संस्था की उपस्थिति अपने-आप यह नहीं बताती कि वह संयुक्त राष्ट्र का प्रमुख अंग है। कारण (R): संयुक्त राष्ट्र प्रणाली में प्रमुख अंगों के अतिरिक्त कार्यक्रम, कोष और विशिष्ट एजेंसियाँ भी अलग-अलग संस्थागत आधार पर कार्य कर सकती हैं।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: A — दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
संयुक्त राष्ट्र के छह प्रमुख अंग एक विशिष्ट संस्थागत श्रेणी हैं। इसके अतिरिक्त व्यापक संयुक्त राष्ट्र प्रणाली में कार्यक्रम, कोष और विशिष्ट एजेंसियाँ भी हैं। इसलिए किसी संस्था का संयुक्त राष्ट्र प्रणाली का हिस्सा होना उसे स्वतः प्रमुख अंग नहीं बनाता।

प्रश्न 161: कथन (A): विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की भूमिकाएँ पूरक हो सकती हैं, लेकिन उनकी मूल संस्थागत प्राथमिकताएँ अलग रहती हैं। कारण (R): किसी देश को एक ही समय में व्यापक आर्थिक स्थिरता और दीर्घकालिक विकास-वित्त दोनों की आवश्यकता हो सकती है।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: B — दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
व्याख्या (Explanation):
कथन और कारण दोनों सही हैं। लेकिन कारण यह बताता है कि दोनों संस्थाओं की भूमिकाएँ किसी देश में एक-दूसरे के पूरक क्यों हो सकती हैं; यह उनकी मूल संस्थागत प्राथमिकताएँ अलग क्यों हैं, इसकी पूर्ण व्याख्या नहीं करता। उनका मूल अंतर उनके अलग-अलग अधिदेश से आता है—अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का जोर व्यापक आर्थिक एवं मौद्रिक स्थिरता पर और विश्व बैंक का दीर्घकालिक विकास-वित्त पर अधिक है।

प्रश्न 162: कथन (A): राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त आधिकारिक आँकड़े नीति-निर्माण में महत्वपूर्ण हो सकते हैं, लेकिन वे किसी नीति का स्वतः औचित्य सिद्ध नहीं करते। कारण (R): नीति का निर्णय सांख्यिकीय प्रमाण के अतिरिक्त उद्देश्यों, संसाधनों, प्रशासनिक व्यवहार्यता और संभावित परिणामों पर भी निर्भर कर सकता है।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: A — दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
सांख्यिकीय प्रमाण नीति-निर्माण का महत्वपूर्ण आधार हैं, पर नीति-निर्णय बहु-आयामी प्रक्रिया है। किसी नीति की व्यवहार्यता, लागत, लक्ष्य तथा प्रशासनिक क्षमता भी महत्वपूर्ण हैं। इसलिए कारण कथन की उचित व्याख्या करता है।

प्रश्न 163: कथन (A): वित्तीय समावेशन में मात्र वित्तीय पहुँच बढ़ाना पर्याप्त नहीं माना जा सकता। कारण (R): किसी वित्तीय सेवा की उपलब्धता का वास्तविक समावेशनकारी प्रभाव उसकी वहनीयता, उपयुक्तता और उपयोग की क्षमता पर भी निर्भर कर सकता है।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: A — दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
वित्तीय समावेशन की अवधारणा पहुँच से आगे जाती है। यदि सेवा उपलब्ध है, लेकिन महँगी, अनुपयुक्त या व्यवहार में उपयोग करना कठिन है, तो उसका वास्तविक लाभ सीमित रह सकता है। इसलिए कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

प्रश्न 164: कथन (A): नीति आयोग और वित्त आयोग संघवाद को मजबूत करने में योगदान दे सकते हैं, फिर भी दोनों की संस्थागत भूमिकाएँ परस्पर प्रतिस्थाप्य नहीं हैं। कारण (R): नीति आयोग का प्रमुख जोर विकास संबंधी नीति, रणनीति और केंद्र–राज्य सहयोग पर है, जबकि वित्त आयोग का संवैधानिक दायित्व संघ–राज्य वित्तीय संबंधों से संबंधित है।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: A — दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
दोनों सही हैं और कारण कथन को सीधे स्पष्ट करता है। दोनों संस्थाएँ संघवाद के अलग-अलग आयामों से संबंधित हैं। नीति आयोग नीतिगत सहभागिता और विकास-रणनीति पर केंद्रित है, जबकि वित्त आयोग संवैधानिक वित्तीय संघवाद से संबंधित सिफारिशें करता है। इसलिए एक की भूमिका दूसरे का विकल्प नहीं है।

प्रश्न 165: कथन (A): सामाजिक क्षेत्र की किसी जटिल समस्या के समाधान में एक से अधिक भारतीय मंत्रालयों की भूमिका आवश्यक हो सकती है। कारण (R): ग्रामीण आजीविका, स्वास्थ्य, पोषण, महिला एवं बाल कल्याण तथा शिक्षा जैसे मुद्दे अलग-अलग मंत्रालयों के अधिदेशों से संबंधित होने के बावजूद एक-दूसरे से अंतर्संबंधित हो सकते हैं।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: A — दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
सामाजिक क्षेत्र की समस्याएँ प्रायः बहुआयामी और परस्पर जुड़ी होती हैं। उदाहरण के लिए, ग्रामीण गरीबी का संबंध आजीविका, स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा तथा महिला सशक्तीकरण से हो सकता है। इन क्षेत्रों का प्रशासनिक दायित्व अलग-अलग मंत्रालयों या विभागों में विभाजित हो सकता है, लेकिन समस्या के प्रभावी समाधान के लिए उनके बीच समन्वय आवश्यक हो सकता है। इसलिए कारण कथन की सीधी और तार्किक व्याख्या करता है।

प्रश्न 166: कथन (A): किसी देश में खाद्य सहायता की आवश्यकता समाप्त हो जाने से ग्रामीण गरीबी या कृषि निवेश की आवश्यकता भी अनिवार्य रूप से समाप्त नहीं होती। कारण (R): खाद्य सहायता तत्काल या मानवीय जरूरतों को संबोधित कर सकती है, जबकि ग्रामीण गरीबी और कृषि उत्पादकता में सुधार के लिए दीर्घकालिक निवेश की आवश्यकता हो सकती है।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: A — दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
खाद्य सहायता और दीर्घकालिक ग्रामीण विकास एक ही नीति उद्देश्य नहीं हैं। खाद्य सहायता संकट या तत्काल खाद्य असुरक्षा को संबोधित कर सकती है, जबकि ग्रामीण गरीबी में कमी, कृषि उत्पादकता, सिंचाई, ग्रामीण अवसंरचना और छोटे किसानों की क्षमता बढ़ाने के लिए दीर्घकालिक निवेश की आवश्यकता हो सकती है। इसलिए खाद्य सहायता की आवश्यकता कम होने पर भी कृषि एवं ग्रामीण विकास संबंधी आवश्यकताएँ बनी रह सकती हैं। कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

प्रश्न 167: कथन (A): अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन की त्रिपक्षीय संरचना केवल औपचारिक प्रतिनिधित्व का प्रश्न नहीं है। कारण (R): श्रमिकों, नियोक्ताओं और सरकारों की भागीदारी श्रम नीतियों और मानकों पर विभिन्न हितों को संस्थागत रूप से अभिव्यक्त करने में सहायक होती है।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: A — दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की त्रिपक्षीय संरचना उसकी विशिष्ट संस्थागत विशेषताओं में से एक है। इसमें सरकारों के साथ-साथ नियोक्ताओं और श्रमिकों के प्रतिनिधियों की भागीदारी होती है। इससे श्रम नीतियों, श्रम मानकों और कार्य की परिस्थितियों से संबंधित विभिन्न हितों को संस्थागत रूप से व्यक्त करने का अवसर मिलता है। इसलिए कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

प्रश्न 168: कथन (A): खाद्य एवं कृषि संगठन, विश्व खाद्य कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष खाद्य-संबंधी व्यापक मुद्दों में एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं। कारण (R): इन तीनों संस्थाओं के अधिदेश पूरी तरह समान हैं और इसलिए इनके बीच कार्य-विभाजन की आवश्यकता नहीं होती।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: C — कथन सही है पर कारण गलत है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है, लेकिन कारण गलत है। खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO), विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) और अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष (IFAD) खाद्य सुरक्षा, कृषि और ग्रामीण विकास के व्यापक क्षेत्र में एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं। लेकिन उनके अधिदेश पूरी तरह समान नहीं हैं। FAO कृषि, खाद्य प्रणालियों और खाद्य एवं कृषि संबंधी ज्ञान तथा नीतिगत सहयोग पर केंद्रित है; WFP मुख्यतः मानवीय खाद्य सहायता और खाद्य सुरक्षा से संबंधित कार्य करता है; जबकि IFAD ग्रामीण गरीबी कम करने और छोटे किसानों तथा ग्रामीण समुदायों में निवेश को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इसलिए इनके बीच कार्य-विभाजन महत्वपूर्ण है।

प्रश्न 169: कथन (A): विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनिसेफ की भूमिकाएँ कुछ क्षेत्रों में एक-दूसरे से जुड़ सकती हैं, फिर भी दोनों को समान अधिदेश वाली संस्था नहीं माना जा सकता। कारण (R): विश्व स्वास्थ्य संगठन का व्यापक केंद्र वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग है, जबकि यूनिसेफ का विशेष केंद्र बाल अधिकार और बाल कल्याण है।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: A — दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
कथन और कारण दोनों सही हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का व्यापक अधिदेश वैश्विक स्वास्थ्य, स्वास्थ्य प्रणालियों, स्वास्थ्य मानकों और स्वास्थ्य आपात स्थितियों से संबंधित है। यूनिसेफ (UNICEF) का विशेष ध्यान बच्चों के अधिकारों, स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और कल्याण पर है। इसलिए दोनों के कार्यक्षेत्रों में स्वास्थ्य और पोषण जैसे क्षेत्रों में समानता हो सकती है, लेकिन उनके मूल संस्थागत अधिदेश समान नहीं हैं। कारण कथन की सीधी व्याख्या करता है।

प्रश्न 170: कथन (A): संयुक्त राष्ट्र प्रणाली के अंतर्गत आने वाली सभी संस्थाओं को संयुक्त राष्ट्र के छह प्रमुख अंगों के समान संस्थागत दर्जा देना उचित नहीं है। कारण (R): संयुक्त राष्ट्र प्रणाली में प्रमुख अंगों के अतिरिक्त कार्यक्रम, कोष और विशिष्ट एजेंसियाँ जैसी विभिन्न संस्थागत व्यवस्थाएँ भी शामिल हैं।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: A — दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
संयुक्त राष्ट्र के छह प्रमुख अंग—महासभा, सुरक्षा परिषद, आर्थिक और सामाजिक परिषद, अंतरराष्ट्रीय न्यायालय, सचिवालय तथा न्यासिता परिषद—संयुक्त राष्ट्र की औपचारिक संस्थागत संरचना का हिस्सा हैं। इसके अतिरिक्त व्यापक UN system में विभिन्न कार्यक्रम, कोष तथा विशिष्ट एजेंसियाँ भी शामिल हैं, जिनकी अपनी अलग संस्थागत संरचना और अधिदेश हो सकते हैं। इसलिए इन सभी को छह प्रमुख अंगों के समान दर्जा देना उचित नहीं है और कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

प्रश्न 171: कथन (A): विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के बीच सहयोग की संभावना होने के बावजूद दोनों की मूल संस्थागत भूमिकाएँ अलग हैं। कारण (R): एक ही देश विकास-वित्त की आवश्यकता और व्यापक आर्थिक स्थिरता की आवश्यकता एक साथ महसूस कर सकता है।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: B — दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
व्याख्या (Explanation):
कथन और कारण दोनों सही हैं। विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष दोनों की भूमिकाएँ अलग-अलग होने के बावजूद किसी देश के साथ एक ही समय में कार्य कर सकती हैं, क्योंकि किसी देश को विकास-वित्त तथा व्यापक आर्थिक और वित्तीय स्थिरता दोनों की आवश्यकता हो सकती है। लेकिन यह तथ्य अपने-आप दोनों संस्थाओं की मूल संस्थागत भूमिकाओं के अंतर की व्याख्या नहीं करता। यह अंतर उनके अलग-अलग अधिदेश से निर्धारित होता है। विश्व बैंक मुख्यतः दीर्घकालिक विकास और गरीबी उन्मूलन से संबंधित वित्तीय एवं तकनीकी सहायता पर केंद्रित है, जबकि IMF का प्रमुख ध्यान अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक सहयोग तथा व्यापक आर्थिक और वित्तीय स्थिरता पर है।

प्रश्न 172: कथन (A): आधिकारिक सांख्यिकीय आँकड़ों का उपयोग नीति-निर्माण में किया जाना उन्हें नीति का अंतिम निर्णायक नहीं बना देता। कारण (R): सांख्यिकीय आँकड़े परिस्थितियों के बारे में प्रमाण उपलब्ध करा सकते हैं, जबकि नीति-निर्णय में उद्देश्यों, संसाधनों और प्रशासनिक व्यवहार्यता जैसे अन्य तत्व भी शामिल हो सकते हैं।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: A — दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
आधिकारिक आँकड़े नीति-निर्माण के लिए महत्वपूर्ण प्रमाण और सूचना उपलब्ध कराते हैं, लेकिन वे अपने-आप नीति का अंतिम निर्णय निर्धारित नहीं करते। नीति-निर्माण में उपलब्ध संसाधन, प्रशासनिक क्षमता, सामाजिक प्राथमिकताएँ, संस्थागत परिस्थितियाँ और नीतिगत उद्देश्य भी महत्वपूर्ण होते हैं। अतः कारण कथन की उचित व्याख्या करता है।

प्रश्न 173: कथन (A): वित्तीय समावेशन में केवल वित्तीय सेवाओं की उपलब्धता पर्याप्त नहीं मानी जा सकती। कारण (R): वित्तीय सेवा उपलब्ध होने पर भी यदि वह महँगी, अनुपयुक्त या व्यवहार में उपयोग करने योग्य नहीं है, तो उसका वास्तविक समावेशनकारी प्रभाव सीमित रह सकता है।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: A — दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
वित्तीय समावेशन का अर्थ केवल बैंक खाता या वित्तीय सेवा उपलब्ध कराना नहीं है। सेवाओं की वहनीयता, उपयुक्तता, पहुँच और उनका वास्तविक उपयोग भी महत्वपूर्ण हैं। यदि कोई वित्तीय सेवा उपलब्ध तो है, लेकिन उसकी लागत अधिक है या वह उपयोगकर्ता की आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं है, तो उसका समावेशनकारी प्रभाव सीमित हो सकता है। इसलिए कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

प्रश्न 174: कथन (A): नीति आयोग और वित्त आयोग को एक ही प्रकार की संघीय संस्था मानना उचित नहीं है। कारण (R): वित्त आयोग का संवैधानिक अधिदेश मुख्यतः संघ–राज्य वित्तीय संबंधों से जुड़ा है, जबकि नीति आयोग का कार्यक्षेत्र विकास संबंधी नीति, रणनीति और केंद्र–राज्य सहयोग तक विस्तृत है।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: A — दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
कथन और कारण दोनों सही हैं। वित्त आयोग संविधान के अनुच्छेद 280 के तहत गठित एक संवैधानिक निकाय है, जिसका प्रमुख कार्य संघ और राज्यों के बीच करों के वितरण तथा अन्य वित्तीय मामलों के संबंध में सिफारिश करना है। इसके विपरीत, नीति आयोग केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग, विकास रणनीति तथा नीति-निर्माण के लिए एक कार्यपालिका-आधारित संस्थागत मंच है। इसलिए कारण कथन की सीधी और पर्याप्त व्याख्या करता है।

प्रश्न 175: कथन (A): अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन की त्रिपक्षीय संरचना का अर्थ है कि संगठन में केवल तीन देशों की सरकारों का प्रतिनिधित्व होता है। कारण (R): अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन की संस्थागत संरचना में सरकारों के साथ श्रमिकों और नियोक्ताओं के प्रतिनिधित्व की भी व्यवस्था है।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: D — कथन गलत है पर कारण सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है। ILO की त्रिपक्षीय संरचना का अर्थ तीन हितधारक समूहों—सरकार, नियोक्ता और श्रमिक—का प्रतिनिधित्व है, न कि केवल तीन देशों की सरकारों का प्रतिनिधित्व। कारण सही है और ILO की tripartite structure को स्पष्ट करता है।

प्रश्न 176: कथन (A): अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष की भूमिका विश्व खाद्य कार्यक्रम की तुलना में अधिक विकास-वित्त और निवेश-केंद्रित मानी जा सकती है। कारण (R): अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे किसानों सहित ग्रामीण समुदायों में दीर्घकालिक विकास के लिए ऋण और अनुदान के माध्यम से निवेश करता है, जबकि विश्व खाद्य कार्यक्रम मुख्यतः खाद्य सहायता और मानवीय खाद्य जरूरतों से संबंधित कार्य करता है।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: A — दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
दोनों सही हैं और कारण कथन की सीधी व्याख्या करता है। IFAD ग्रामीण गरीबी और खाद्य असुरक्षा को कम करने के लिए ग्रामीण विकास में निवेश करता है तथा ऋण और अनुदान के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान करता है। इसके विपरीत, WFP खाद्य सहायता और मानवीय खाद्य जरूरतों में अधिक प्रत्यक्ष भूमिका निभाता है।

प्रश्न 177: कथन (A): खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) और विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) दोनों मुख्यतः मानवीय खाद्य सहायता के प्रत्यक्ष वितरण के लिए उत्तरदायी हैं। कारण (R): खाद्य एवं कृषि संगठन कृषि, खाद्य प्रणालियों, नीति समर्थन तथा तकनीकी सहयोग से जुड़ा है, जबकि विश्व खाद्य कार्यक्रम खाद्य सहायता एवं मानवीय खाद्य जरूरतों पर विशेष ध्यान देता है।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: D — कथन गलत है पर कारण सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है क्योंकि FAO और WFP की संस्थागत भूमिकाएँ समान नहीं हैं। FAO का प्रमुख कार्य कृषि विकास, खाद्य सुरक्षा, नीति समर्थन, तकनीकी सहयोग तथा खाद्य प्रणालियों को सुदृढ़ करना है। इसके विपरीत, WFP संयुक्त राष्ट्र की वह एजेंसी है जो खाद्य सहायता, आपातकालीन राहत तथा मानवीय खाद्य आवश्यकताओं की पूर्ति में प्रत्यक्ष भूमिका निभाती है। इसलिए कारण सही है और कथन गलत है।

प्रश्न 178: कथन (A): विश्व स्वास्थ्य संगठन की भूमिका केवल किसी एक रोग के उन्मूलन तक सीमित नहीं है। कारण (R): इसका कार्यक्षेत्र स्वास्थ्य प्रणालियों, स्वास्थ्य आपात स्थितियों, सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज और वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग जैसे व्यापक क्षेत्रों तक फैला है।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: A — दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
दोनों सही हैं और कारण कथन की सीधी व्याख्या करता है। WHO का कार्यक्षेत्र रोग नियंत्रण के अतिरिक्त स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने, स्वास्थ्य आपात स्थितियों, सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज और वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग जैसे व्यापक क्षेत्रों तक फैला है।

प्रश्न 179: कथन (A): विश्व बैंक की भूमिका को केवल अल्पकालिक भुगतान-संतुलन संकटों के समाधान तक सीमित करना उसके अधिदेश का सही वर्णन नहीं है। कारण (R): विश्व बैंक का प्रमुख कार्य सदस्य देशों की मौद्रिक नीति निर्धारित करना है।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: C — कथन सही है पर कारण गलत है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है। विश्व बैंक की भूमिका दीर्घकालिक विकास, गरीबी में कमी, विकास-वित्त और संबंधित तकनीकी सहयोग से जुड़ी है; इसे केवल अल्पकालिक भुगतान-संतुलन संकटों तक सीमित नहीं किया जा सकता। कारण गलत है क्योंकि विश्व बैंक सदस्य देशों की मौद्रिक नीति निर्धारित नहीं करता।

प्रश्न 180: कथन (A): वित्त आयोग और भारतीय रिज़र्व बैंक दोनों का प्रमुख कार्य मौद्रिक नीति निर्धारित करना है। कारण (R): वित्त आयोग संघ–राज्य वित्तीय संबंधों से जुड़ा है, जबकि भारतीय रिज़र्व बैंक मौद्रिक नीति और बैंकिंग व्यवस्था से संबंधित कार्य करता है।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: D — कथन गलत है पर कारण सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है क्योंकि वित्त आयोग का प्रमुख कार्य मौद्रिक नीति निर्धारित करना नहीं है। वित्त आयोग संघ और राज्यों के बीच वित्तीय संसाधनों के वितरण तथा अनुदान से संबंधित सिफारिशें करता है। कारण सही है क्योंकि यह दोनों संस्थाओं के वास्तविक कार्यक्षेत्र को स्पष्ट करता है।

प्रश्न 181: कथन (A): वित्तीय समावेशन को केवल बैंकिंग अवसंरचना के विस्तार तक सीमित मानना अपर्याप्त है। कारण (R): बैंकिंग अवसंरचना के विस्तार से वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिल सकता है, लेकिन यह अपने-आप में वित्तीय सेवाओं के प्रभावी उपयोग की गारंटी नहीं देता।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: A — दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
दोनों सही हैं और कारण कथन की व्याख्या करता है। बैंक शाखाओं, खातों और अन्य वित्तीय अवसंरचना का विस्तार वित्तीय पहुँच बढ़ा सकता है, लेकिन वित्तीय समावेशन के लिए सेवाओं की वहनीयता, उपयुक्तता, पहुँच और प्रभावी उपयोग भी आवश्यक हैं।

प्रश्न 182: कथन (A): राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) द्वारा तैयार अथवा संकलित आधिकारिक आँकड़े स्वयं किसी सरकारी नीति को बाध्यकारी नहीं बनाते। कारण (R): आँकड़ों का प्रमुख कार्य नीति-निर्माण हेतु तथ्यात्मक एवं सांख्यिकीय आधार उपलब्ध कराना है, जबकि नीति-निर्णय संबंधित सक्षम प्राधिकारी द्वारा किया जाता है।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: A — दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
दोनों कथन सही हैं। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा प्रकाशित आँकड़े सरकार, नीति-निर्माताओं और शोधकर्ताओं को तथ्यात्मक आधार उपलब्ध कराते हैं। हालांकि आँकड़ों का संकलन या प्रकाशन अपने-आप किसी नीति को अनिवार्य या बाध्यकारी नहीं बना देता। अंतिम नीति-निर्णय संबंधित सरकार या सक्षम प्राधिकारी द्वारा लिया जाता है। इसलिए कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।

प्रश्न 183: कथन (A): नीति आयोग और वित्त आयोग दोनों ही संविधान के अनुच्छेद 280 के तहत गठित होते हैं। कारण (R): नीति आयोग विकास संबंधी नीति और रणनीतिक परामर्श पर केंद्रित है, जबकि वित्त आयोग का संवैधानिक दायित्व संघ और राज्यों के बीच वित्तीय संसाधनों के वितरण से संबंधित है।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: D — कथन गलत है पर कारण सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है। वित्त आयोग संविधान के अनुच्छेद 280 के तहत गठित संवैधानिक निकाय है, जबकि नीति आयोग संविधान के अनुच्छेद 280 के तहत गठित नहीं है। कारण सही है क्योंकि दोनों संस्थाओं के प्रमुख कार्यक्षेत्रों के बीच महत्वपूर्ण अंतर को स्पष्ट करता है।

प्रश्न 184: कथन (A): अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन की संस्थागत संरचना में केवल सरकारों के प्रतिनिधियों को औपचारिक स्थान दिया जाता है। कारण (R): अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन की संरचना में सरकारों के साथ श्रमिकों और नियोक्ताओं के प्रतिनिधित्व की भी व्यवस्था है।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: D — कथन गलत है पर कारण सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है। ILO की विशिष्ट त्रिपक्षीय संरचना में सरकारों के साथ नियोक्ताओं और श्रमिकों के प्रतिनिधियों को भी संस्थागत स्थान दिया जाता है। कारण सही है।

प्रश्न 185: कथन (A): विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अधिदेशों में कोई महत्वपूर्ण अंतर नहीं है। कारण (R): दोनों संस्थाएँ सदस्य देशों को विभिन्न परिस्थितियों में आर्थिक सहायता या सहयोग प्रदान कर सकती हैं।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: D — कथन गलत है पर कारण सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है क्योंकि विश्व बैंक और IMF के उद्देश्य तथा कार्यक्षेत्र अलग-अलग हैं। IMF मुख्यतः अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक सहयोग, विनिमय दर स्थिरता तथा भुगतान-संतुलन संकटों में सहायता प्रदान करता है। इसके विपरीत, विश्व बैंक का प्रमुख उद्देश्य दीर्घकालिक विकास, गरीबी उन्मूलन तथा विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय एवं तकनीकी सहायता प्रदान करना है। कारण सही है क्योंकि दोनों संस्थाएँ सदस्य देशों को आर्थिक सहयोग प्रदान करती हैं, परंतु उनका अधिदेश समान नहीं है।

प्रश्न 186: कथन (A): भारतीय रिज़र्व बैंक और वित्त आयोग दोनों मुख्यतः संघ और राज्यों के बीच कर-साझाकरण से संबंधित संस्थाएँ हैं। कारण (R): वित्त आयोग संघ–राज्य वित्तीय संबंधों से संबंधित सिफारिशें करता है, जबकि भारतीय रिज़र्व बैंक मौद्रिक नीति, मुद्रा प्रबंधन तथा बैंकिंग व्यवस्था से संबंधित कार्य करता है।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: D — कथन गलत है पर कारण सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है क्योंकि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और वित्त आयोग दोनों का प्रमुख कार्य संघ–राज्य कर-साझाकरण नहीं है। वित्त आयोग संविधान के अनुच्छेद 280 के अंतर्गत संघ और राज्यों के बीच वित्तीय संसाधनों के वितरण तथा अनुदानों से संबंधित सिफारिशें करता है। दूसरी ओर, RBI का प्रमुख कार्य मौद्रिक नीति का संचालन, मुद्रा प्रबंधन, बैंकिंग प्रणाली का विनियमन तथा वित्तीय स्थिरता बनाए रखना है। अतः कारण सही है और कथन गलत है।

प्रश्न 187: कथन (A): केवल औपचारिक बैंक खाता उपलब्ध होना किसी व्यक्ति के पूर्ण वित्तीय समावेशन को सुनिश्चित करता है। कारण (R): वित्तीय समावेशन में वित्तीय सेवाओं तक प्रभावी, वहनीय और उपयुक्त पहुँच तथा उनका उपयोग भी महत्वपूर्ण है।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: D — कथन गलत है पर कारण सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है क्योंकि केवल बैंक खाता उपलब्ध होना पूर्ण वित्तीय समावेशन सुनिश्चित नहीं करता। कारण सही है। वित्तीय समावेशन में उपयुक्त वित्तीय सेवाओं तक वास्तविक, प्रभावी और वहनीय पहुँच तथा उनका उपयोग भी महत्वपूर्ण है।

प्रश्न 188: कथन (A): नीति आयोग और वित्त आयोग दोनों ही केंद्र–राज्य संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण हैं, लेकिन उनकी संस्थागत भूमिकाएँ भिन्न हैं। कारण (R): वित्त आयोग संविधान के अंतर्गत संघ और राज्यों के बीच वित्तीय संसाधनों के वितरण तथा अनुदान से संबंधित सिफारिशें करता है, जबकि नीति आयोग मुख्यतः विकास संबंधी नीति, रणनीतिक परामर्श और सहकारी संघवाद से जुड़ा है।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर: A — दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
दोनों सही हैं और कारण कथन की सीधी व्याख्या करता है। वित्त आयोग का संवैधानिक कार्यक्षेत्र संघ–राज्य वित्तीय संबंधों से संबंधित है, जबकि नीति आयोग विकास संबंधी नीति, रणनीतिक परामर्श और सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इसलिए दोनों संस्थाएँ केंद्र–राज्य संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण होते हुए भी अलग-अलग संस्थागत भूमिकाएँ निभाती हैं।

प्रश्न 189: कथन (A): विश्व स्वास्थ्य संगठन और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय एक ही संस्थागत एवं प्रशासनिक स्तर पर कार्य करते हैं। कारण (R): विश्व स्वास्थ्य संगठन एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जबकि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार का एक केंद्रीय मंत्रालय है।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं, पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन गलत है, पर कारण सही है।
  • D. कथन सही है, पर कारण गलत है।
सही उत्तर: C — कथन गलत है, पर कारण सही है।
व्याख्या (Explanation):
कथन गलत है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है, जो वैश्विक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और समन्वय को बढ़ावा देता है, जबकि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार का एक केंद्रीय मंत्रालय है, जो भारत की स्वास्थ्य संबंधी नीतियों और कार्यक्रमों से संबंधित है। इसलिए दोनों की संस्थागत प्रकृति और प्रशासनिक स्तर अलग-अलग हैं। कारण सही है और यही स्पष्ट करता है कि दोनों एक ही संस्थागत एवं प्रशासनिक स्तर पर कार्य क्यों नहीं करते। अतः C सही उत्तर है।________________________________________

प्रश्न 190: कथन (A): वित्त आयोग संघ और राज्यों के बीच वित्तीय संसाधनों के वितरण से संबंधित है। कारण (R): वित्त आयोग का गठन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 280 के अंतर्गत किया जाता है।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं, पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है, पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है, पर कारण सही है।
सही उत्तर: B — दोनों सही हैं, पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है। संविधान के अनुच्छेद 280 के तहत गठित वित्त आयोग संघ और राज्यों के बीच करों की शुद्ध आय के वितरण तथा राज्यों के बीच ऐसे करों के हिस्सों के आवंटन से संबंधित सिफारिशें करता है। कारण भी सही है, क्योंकि वित्त आयोग का गठन संविधान के अनुच्छेद 280 के अंतर्गत किया जाता है। हालांकि, अनुच्छेद 280 वित्त आयोग के संवैधानिक गठन का आधार बताता है; केवल यह तथ्य कथन में वर्णित उसके वित्तीय वितरण संबंधी कार्य की तार्किक व्याख्या नहीं करता। अतः दोनों सही हैं, लेकिन कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता। इसलिए B सही उत्तर है।

प्रश्न 191: कथन (A): नीति आयोग को राज्यों की भागीदारी के साथ विकास संबंधी नीतियों को आगे बढ़ाने वाली संस्था के रूप में देखा जाता है। कारण (R): नीति आयोग सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच संवाद तथा सहभागिता को प्रोत्साहित करता है।

  • A. दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
  • B. दोनों सही हैं, पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. कथन सही है, पर कारण गलत है।
  • D. कथन गलत है, पर कारण सही है।
सही उत्तर: A — दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
कथन सही है। नीति आयोग का एक प्रमुख उद्देश्य विकास प्रक्रिया में राज्यों की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देना तथा राज्यों के साथ मिलकर विकास संबंधी नीतियों और रणनीतियों को आगे बढ़ाना है। कारण भी सही है, क्योंकि सहकारी संघवाद के माध्यम से नीति आयोग केंद्र और राज्यों के बीच संवाद, परामर्श तथा सहभागिता को बढ़ावा देता है। इस प्रकार, कारण स्पष्ट करता है कि नीति आयोग राज्यों की भागीदारी के साथ विकास संबंधी नीतियों को आगे बढ़ाने वाली संस्था के रूप में क्यों कार्य करता है। अतः A सही उत्तर है।

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