प्रश्न 1: एक ग्रामीण क्षेत्र में यदि निम्नलिखित स्थितियाँ पाई जाती हैं तो कौन-सा निष्कर्ष सबसे उचित है? (1) बैंक खाते बड़ी संख्या में खोले गए हैं। (2) इंटरनेट संपर्क उपलब्ध है। (3) डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध है। (4) महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है। (5) लेकिन डिजिटल साक्षरता कम है, औपचारिक ऋण का उपयोग सीमित है और स्थानीय बाजारों तक पहुँच कमजोर है।
-
A.
क्षेत्र पूर्ण वित्तीय और डिजिटल रूप से समावेशी है, क्योंकि आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
-
B.
केवल डिजिटल साक्षरता बढ़ाने से समावेशन से संबंधित सभी समस्याएँ समाप्त हो जाएँगी।
-
C.
स्वयं सहायता समूहों की उपस्थिति के कारण आर्थिक बहिष्करण समाप्त हो चुका है।
-
D.
आधारभूत पहुँच में सुधार हुआ है, लेकिन प्रभावी समावेशन के लिए उपयोग, कौशल, औपचारिक ऋण और बाजार तक पहुँच जैसी शेष बाधाओं को संबोधित करना आवश्यक है।
✓
सही उत्तर:
D
— आधारभूत पहुँच में सुधार हुआ है, लेकिन प्रभावी समावेशन के लिए उपयोग, कौशल, औपचारिक ऋण और बाजार तक पहुँच जैसी शेष बाधाओं को संबोधित करना आवश्यक है।
व्याख्या (Explanation):विकल्प D सबसे उचित है। क्षेत्र में बैंकिंग, इंटरनेट, डिजिटल भुगतान और स्वयं सहायता समूह जैसी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हुआ है, लेकिन इससे अपने आप पूर्ण वित्तीय, डिजिटल या आर्थिक समावेशन सिद्ध नहीं होता। कम डिजिटल साक्षरता डिजिटल सेवाओं के प्रभावी और सुरक्षित उपयोग को सीमित कर सकती है। औपचारिक ऋण का सीमित उपयोग वित्तीय समावेशन को अधूरा रखता है, जबकि कमजोर बाजार संपर्क उत्पादक गतिविधियों और आय-सृजन के अवसरों को सीमित कर सकता है।
प्रश्न 2: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) किसी योजना में लक्षित समूह की पहचान करना और उस समूह का वास्तविक सशक्तीकरण अलग-अलग चरण हो सकते हैं। (2) वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाला व्यक्ति आवश्यक रूप से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो जाता है। (3) समावेशी नीतियों के मूल्यांकन में केवल पहुँच ही नहीं, बल्कि उपयोग और परिणामों की गुणवत्ता को भी देखना चाहिए।
-
A.
केवल 1 और 2
-
B.
केवल 1 और 3
✓
-
C.
केवल 2 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
B
— केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है। वित्तीय सहायता किसी व्यक्ति की तत्काल आर्थिक कठिनाई को कम कर सकती है, लेकिन आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए कौशल, रोजगार, उत्पादक संपत्ति, बाजार तक पहुँच और अन्य अवसरों की भी आवश्यकता हो सकती है।
प्रश्न 3: निम्नलिखित में से कौन-सा नीति-संयोजन डिजिटल समावेशन को केवल डिजिटल संपर्क के विस्तार से आगे ले जाता है?
-
A.
डिजिटल संपर्क, उपकरणों की वहनीयता, डिजिटल कौशल और उपयोगकर्ता-अनुकूल सेवाएँ
✓
-
B.
केवल मोबाइल टावरों की संख्या में वृद्धि
-
C.
केवल सरकारी वेबसाइटों की संख्या में वृद्धि
-
D.
केवल डिजिटल भुगतान को अनिवार्य बनाना
सही उत्तर:
A
— डिजिटल संपर्क, उपकरणों की वहनीयता, डिजिटल कौशल और उपयोगकर्ता-अनुकूल सेवाएँ
व्याख्या (Explanation):डिजिटल समावेशन केवल नेटवर्क या इंटरनेट की उपलब्धता से निर्धारित नहीं होता। उपकरणों की वहनीयता, डिजिटल साक्षरता, भाषा, उपयोगकर्ता-अनुकूलता, पहुँच की सुगमता और सुरक्षित उपयोग की क्षमता भी आवश्यक हैं। इसलिए विकल्प A अधिक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।
प्रश्न 4: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सामाजिक समावेशन और आर्थिक समावेशन के बीच संबंध को सबसे बेहतर स्पष्ट करता है?
-
A.
सामाजिक समावेशन मुख्यतः सामाजिक भागीदारी से संबंधित है, जबकि आर्थिक समावेशन केवल बैंक खाते की उपलब्धता से संबंधित है।
-
B.
सामाजिक और आर्थिक समावेशन एक-दूसरे से पूर्णतः स्वतंत्र अवधारणाएँ हैं।
-
C.
सामाजिक बाधाओं और भेदभाव को कम करने से शिक्षा, कौशल, रोजगार तथा वित्तीय अवसरों तक पहुँच मजबूत हो सकती है।
✓
-
D.
आर्थिक समावेशन प्राप्त हो जाने पर सामाजिक बहिष्करण स्वतः समाप्त हो जाता है।
सही उत्तर:
C
— सामाजिक बाधाओं और भेदभाव को कम करने से शिक्षा, कौशल, रोजगार तथा वित्तीय अवसरों तक पहुँच मजबूत हो सकती है।
व्याख्या (Explanation):सामाजिक और आर्थिक समावेशन अलग-अलग आयामों से संबंधित होते हुए भी परस्पर जुड़े हैं। सामाजिक बहिष्करण, भेदभाव और अवसरों तक असमान पहुँच व्यक्ति की शिक्षा, कौशल, रोजगार तथा वित्तीय सेवाओं तक पहुँच को प्रभावित कर सकती है। इसलिए सामाजिक बाधाओं को कम करना आर्थिक भागीदारी और अवसरों को भी मजबूत कर सकता है।
प्रश्न 5: स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और वित्तीय समावेशन के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) समूह आधारित बचत वित्तीय अनुशासन और सामूहिक वित्तीय क्षमता को मजबूत कर सकती है। (2) स्वयं सहायता समूहों की भूमिका केवल ऋण उपलब्ध कराने तक सीमित होना आवश्यक नहीं है। (3) समूह आधारित आर्थिक गतिविधियाँ बाजार, कौशल और आजीविका के अवसरों से जुड़ाव को बढ़ा सकती हैं। (4) किसी स्वयं सहायता समूह की सफलता के लिए उसके प्रत्येक सदस्य की आय समान होना आवश्यक है।
-
A.
केवल 1 और 2
-
B.
केवल 1, 2 और 3
✓
-
C.
केवल 2 और 4
-
D.
1, 2, 3 और 4
सही उत्तर:
B
— केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):कथन 1, 2 और 3 सही हैं। कथन 4 गलत है। किसी समूह की सफलता का अर्थ यह नहीं है कि उसके सभी सदस्यों की आय समान हो। महत्वपूर्ण यह है कि समूह आर्थिक अवसरों, क्षमता और सामूहिक भागीदारी को मजबूत करे।
प्रश्न 6: डिजिटल समावेशन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) डिजिटल संपर्क की उपलब्धता आवश्यक हो सकती है, लेकिन वह अपने आप डिजिटल समावेशन की गारंटी नहीं देती। (2) डिजिटल सेवाओं की भाषा, सुलभता और उपयोगकर्ता-अनुकूलता उनके वास्तविक उपयोग को प्रभावित कर सकती है। (3) डिजिटल समावेशन का अंतिम लक्ष्य केवल इंटरनेट की भौगोलिक पहुँच का विस्तार करना है। (4) डिजिटल सेवाओं की पहुँच बढ़ने के बावजूद डिजिटल कौशल में असमानता बनी रह सकती है।
-
A.
केवल 1 और 2
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1, 2 और 4
✓
-
D.
1, 2, 3 और 4
सही उत्तर:
C
— केवल 1, 2 और 4
व्याख्या (Explanation):कथन 1, 2 और 4 सही हैं। कथन 3 गलत है, क्योंकि इंटरनेट की भौगोलिक पहुँच डिजिटल समावेशन का केवल एक आयाम है; वास्तविक और प्रभावी उपयोग भी आवश्यक है।
प्रश्न 7: निम्नलिखित में से कौन-सा क्रम वित्तीय समावेशन से समावेशी विकास तक पहुँचने वाली संभावित कारण-श्रृंखला को सबसे बेहतर दर्शाता है?
-
A.
वित्तीय सेवाओं तक पहुँच → बचत, भुगतान और ऋण की बेहतर क्षमता → उत्पादक गतिविधियों के अवसर → आय एवं आर्थिक अवसरों में वृद्धि
✓
-
B.
बैंक खाता खुलना → स्वतः आय में वृद्धि → स्वतः गरीबी का उन्मूलन → पूर्ण आर्थिक समावेशन
-
C.
डिजिटल भुगतान की सुविधा → स्वतः उपभोग में वृद्धि → स्वतः रोजगार विस्तार → आय असमानता का उन्मूलन
-
D.
बैंक शाखाओं का विस्तार → सरकारी लाभों की प्राप्ति → स्वतः उद्यमिता → सार्वभौमिक आर्थिक सशक्तीकरण
सही उत्तर:
A
— वित्तीय सेवाओं तक पहुँच → बचत, भुगतान और ऋण की बेहतर क्षमता → उत्पादक गतिविधियों के अवसर → आय एवं आर्थिक अवसरों में वृद्धि
व्याख्या (Explanation):विकल्प A एक संभावित और तार्किक कारण-श्रृंखला प्रस्तुत करता है। वित्तीय सेवाओं तक बेहतर पहुँच बचत, भुगतान और ऋण की क्षमता को मजबूत कर सकती है। उपयुक्त परिस्थितियों में इससे निवेश, स्वरोजगार, उद्यमिता और अन्य उत्पादक गतिविधियों के अवसर बढ़ सकते हैं, जो आय तथा आर्थिक अवसरों में वृद्धि में योगदान दे सकते हैं।
प्रश्न 8: वित्तीय समावेशन के संदर्भ में निम्नलिखित स्थितियों में से कौन-सी यह दर्शाती हैं कि किसी वित्तीय सुविधा का होना और उसका प्रभावी वित्तीय समावेशन में परिणत होना एक ही बात नहीं है? (1) किसी ग्रामीण परिवार का बैंक खाता है, लेकिन वह अपनी ऋण आवश्यकताओं के लिए नियमित रूप से अनौपचारिक ऋणदाताओं पर निर्भर रहता है। (2) किसी महिला के नाम पर बैंक खाता है, लेकिन खाते पर उसका स्वयं प्रभावी नियंत्रण या उसका स्वतंत्र उपयोग बहुत सीमित है। (3) किसी व्यक्ति के पास डिजिटल भुगतान की सुविधा है, लेकिन वह डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के लिए आवश्यक सावधानियों और प्रक्रियाओं से पर्याप्त रूप से परिचित नहीं है। (4) किसी व्यक्ति को औपचारिक वित्तीय सेवाओं तक पहुँच है और वह अपनी आवश्यकता के अनुरूप उनका नियमित एवं सुरक्षित उपयोग करता है।
-
A.
केवल 1 और 2
-
B.
केवल 1, 2 और 3
✓
-
C.
केवल 3 और 4
-
D.
1, 2, 3 और 4
सही उत्तर:
B
— केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):कथन 1, 2 और 3 सही हैं। ये दर्शाते हैं कि केवल खाता, सुविधा या तकनीकी पहुँच उपलब्ध होना प्रभावी वित्तीय समावेशन के लिए पर्याप्त नहीं है। वित्तीय समावेशन में सेवाओं की वास्तविक पहुँच, उपयोग, उपयुक्तता, सुरक्षा और उपयोगकर्ता की क्षमता भी महत्त्वपूर्ण हैं।
प्रश्न 9: समावेशी विकास के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा नीति-संयोजन सबसे व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है?
-
A.
केवल आर्थिक वृद्धि और बड़े बुनियादी ढाँचे में निवेश
-
B.
आर्थिक अवसर, वित्तीय पहुँच, डिजिटल क्षमता, कौशल, सामाजिक सुरक्षा और कमजोर समूहों की सार्थक भागीदारी का संयोजन
✓
-
C.
केवल प्रत्यक्ष लाभ अंतरण का विस्तार
-
D.
केवल डिजिटल भुगतान का विस्तार
सही उत्तर:
B
— आर्थिक अवसर, वित्तीय पहुँच, डिजिटल क्षमता, कौशल, सामाजिक सुरक्षा और कमजोर समूहों की सार्थक भागीदारी का संयोजन
व्याख्या (Explanation):समावेशी विकास में आर्थिक अवसरों का विस्तार, वित्तीय सेवाओं तक पहुँच, डिजिटल क्षमता, कौशल विकास, सामाजिक सुरक्षा और वंचित समूहों की वास्तविक भागीदारी जैसे अनेक आयाम शामिल होते हैं। ये उपाय एक-दूसरे के पूरक हो सकते हैं। इसलिए किसी एक नीति या साधन की तुलना में इनका समन्वित दृष्टिकोण अधिक व्यापक है।
प्रश्न 10: समावेशी विकास के संदर्भ में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तथा स्वचालन जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के प्रभाव का मूल्यांकन करते समय निम्नलिखित में से कौन-सा दृष्टिकोण अधिक उपयुक्त है?
-
A.
उत्पादकता में संभावित वृद्धि के साथ कौशल आवश्यकताओं, रोजगार संक्रमण, डिजिटल पहुँच और लाभों के वितरण पर संभावित प्रभावों का भी आकलन करना।
✓
-
B.
केवल प्रौद्योगिकी अपनाने की गति को समावेशी विकास की सफलता का प्रमुख संकेतक मानना।
-
C.
केवल उच्च-कौशल वाले श्रमिकों पर प्रौद्योगिकी के प्रभाव का अध्ययन करना।
-
D.
प्रौद्योगिकी के विस्तार को समावेशी विकास से मूलतः असंबंधित मानना।
सही उत्तर:
A
— उत्पादकता में संभावित वृद्धि के साथ कौशल आवश्यकताओं, रोजगार संक्रमण, डिजिटल पहुँच और लाभों के वितरण पर संभावित प्रभावों का भी आकलन करना।
व्याख्या (Explanation):AI और स्वचालन उत्पादकता, दक्षता और नए आर्थिक अवसरों को बढ़ा सकते हैं, लेकिन इनके लाभ सभी समूहों में समान रूप से वितरित हों, यह आवश्यक नहीं है। कौशल-असंगति, रोजगार संक्रमण, पुनःकौशल की आवश्यकता, डिजिटल पहुँच और तकनीकी लाभों के वितरण जैसे कारक यह निर्धारित कर सकते हैं कि तकनीकी परिवर्तन कितना समावेशी होगा। इसलिए केवल तकनीक अपनाने की गति पर्याप्त मूल्यांकन-मानदंड नहीं है।
प्रश्न 11: भारत के उत्तर-पूर्वी तथा अन्य दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में डिजिटल समावेशन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त है?
-
A.
कठिन भू-आकृति का डिजिटल अवसंरचना के विस्तार और रखरखाव पर कोई महत्त्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ता।
-
B.
केवल जनसंख्या का आकार किसी क्षेत्र में डिजिटल संपर्क की व्यवहार्यता निर्धारित करता है।
-
C.
कठिन भू-आकृति और बिखरी हुई बस्तियाँ डिजिटल अवसंरचना के विस्तार की लागत, रखरखाव और तकनीकी व्यवहार्यता को प्रभावित कर सकती हैं।
✓
-
D.
डिजिटल संपर्क की समस्या मुख्यतः निम्न आय के कारण उत्पन्न होती है और इसका भौगोलिक कारकों से सीमित संबंध है।
सही उत्तर:
C
— कठिन भू-आकृति और बिखरी हुई बस्तियाँ डिजिटल अवसंरचना के विस्तार की लागत, रखरखाव और तकनीकी व्यवहार्यता को प्रभावित कर सकती हैं।
व्याख्या (Explanation):दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में कठिन भू-आकृति, कम जनसंख्या घनत्व तथा बिखरी हुई बस्तियाँ नेटवर्क अवसंरचना के विस्तार और रखरखाव को चुनौतीपूर्ण बना सकती हैं। ऐसे क्षेत्रों में प्रति-उपयोगकर्ता या प्रति-बस्ती अवसंरचना लागत अपेक्षाकृत अधिक हो सकती है। इसलिए डिजिटल समावेशन में केवल आय या जनसंख्या ही नहीं, बल्कि भौगोलिक परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना आवश्यक है।
प्रश्न 12: समावेशी विकास की दृष्टि से निम्नलिखित में से कौन-सा नीति-संयोजन सबसे अधिक व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है?
-
A.
केवल आर्थिक वृद्धि पर ध्यान देना
-
B.
केवल आय अंतरण पर ध्यान देना
-
C.
केवल डिजिटल बुनियादी ढाँचे का विस्तार करना
-
D.
आर्थिक अवसरों, मानव पूंजी, वित्तीय पहुँच, सामाजिक सुरक्षा और डिजिटल पहुँच का समन्वय
✓
सही उत्तर:
D
— आर्थिक अवसरों, मानव पूंजी, वित्तीय पहुँच, सामाजिक सुरक्षा और डिजिटल पहुँच का समन्वय
व्याख्या (Explanation):समावेशी विकास बहुआयामी प्रक्रिया है। आर्थिक अवसर आय-सृजन की क्षमता बढ़ाते हैं; मानव पूंजी उत्पादकता और अवसरों को मजबूत करती है; वित्तीय पहुँच आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी को आसान बनाती है; सामाजिक सुरक्षा जोखिमों को कम करती है; और डिजिटल पहुँच सेवाओं तथा बाजारों तक पहुँच का विस्तार कर सकती है। इसलिए इनका समन्वित दृष्टिकोण किसी एक साधन की तुलना में अधिक व्यापक है।
प्रश्न 13: अल्पसंख्यकों के सामाजिक-आर्थिक समावेशन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे अधिक उपयुक्त है?
-
A.
समावेशन का अर्थ केवल आय में समानता स्थापित करना है।
-
B.
समावेशन का अर्थ केवल सरकारी नौकरियों में प्रतिनिधित्व बढ़ाना है।
-
C.
शिक्षा, कौशल, वित्त, रोजगार और संस्थागत अवसरों तक समान एवं प्रभावी पहुँच सामाजिक-आर्थिक समावेशन को मजबूत कर सकती है।
✓
-
D.
समावेशन का संबंध मुख्यतः धार्मिक संस्थाओं तक पहुँच से है।
सही उत्तर:
C
— शिक्षा, कौशल, वित्त, रोजगार और संस्थागत अवसरों तक समान एवं प्रभावी पहुँच सामाजिक-आर्थिक समावेशन को मजबूत कर सकती है।
व्याख्या (Explanation):सामाजिक-आर्थिक समावेशन बहुआयामी अवधारणा है। शिक्षा, कौशल, वित्तीय सेवाओं, रोजगार तथा संस्थागत अवसरों तक समान और प्रभावी पहुँच व्यक्तियों की आर्थिक एवं सामाजिक भागीदारी को मजबूत कर सकती है।
प्रश्न 14: वरिष्ठ नागरिकों के आर्थिक एवं सामाजिक समावेशन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा दृष्टिकोण सर्वाधिक व्यापक है?
-
A.
केवल पेंशन उपलब्ध कराना
-
B.
केवल स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना
-
C.
केवल परिवार-आधारित सहायता पर निर्भर रहना
-
D.
सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, वित्तीय पहुँच, सुगम सेवाओं और सामाजिक भागीदारी को एक साथ देखना
✓
सही उत्तर:
D
— सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, वित्तीय पहुँच, सुगम सेवाओं और सामाजिक भागीदारी को एक साथ देखना
व्याख्या (Explanation):वरिष्ठ नागरिकों का समावेशन केवल आय सहायता या स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित नहीं है। सामाजिक सुरक्षा, वित्तीय सेवाओं तक पहुँच, सुगम सार्वजनिक सुविधाएँ, स्वास्थ्य सेवाएँ और सामाजिक भागीदारी भी उनके व्यापक समावेशन के महत्त्वपूर्ण आयाम हैं।
प्रश्न 15: दिव्यांगजन के समावेशन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) केवल वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना पूर्ण सामाजिक समावेशन सुनिश्चित नहीं करता। (2) सुगम्य भौतिक एवं डिजिटल वातावरण समावेशन में योगदान कर सकता है। (3) शिक्षा और रोजगार तक पहुँच दिव्यांगजनों के आर्थिक एवं सामाजिक समावेशन से संबंधित हो सकती है।
-
A.
केवल 1
-
B.
1, 2 और 3
✓
-
C.
केवल 1 और 2
-
D.
केवल 2 और 3
सही उत्तर:
B
— 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):तीनों कथन सही हैं। दिव्यांगजनों का समावेशन बहुआयामी है। वित्तीय सहायता सामाजिक सुरक्षा का साधन हो सकती है, लेकिन सुगम्यता, शिक्षा, कौशल, रोजगार, सार्वजनिक सेवाओं और डिजिटल माध्यमों तक पहुँच भी महत्त्वपूर्ण हैं।
प्रश्न 16: अनुसूचित जनजातियों के समावेशन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा दृष्टिकोण सबसे अधिक उपयुक्त है?
-
A.
आर्थिक विकास के साथ अधिकारों, आजीविका, बुनियादी सेवाओं और स्थानीय सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भों को ध्यान में रखना
✓
-
B.
केवल आय अंतरण पर ध्यान देना
-
C.
केवल शहरी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना
-
D.
केवल डिजिटल सेवाओं तक पहुँच बढ़ाना
सही उत्तर:
A
— आर्थिक विकास के साथ अधिकारों, आजीविका, बुनियादी सेवाओं और स्थानीय सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भों को ध्यान में रखना
व्याख्या (Explanation):अनुसूचित जनजातियों का समावेशन केवल आय बढ़ाने तक सीमित नहीं है। शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, बुनियादी सेवाएँ, संस्थागत पहुँच, अधिकारों की सुरक्षा तथा स्थानीय सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भों को ध्यान में रखना आवश्यक है। इसलिए बहुआयामी दृष्टिकोण अधिक उपयुक्त है।
प्रश्न 17: सामाजिक समावेशन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) सामाजिक समावेशन का उद्देश्य वंचित समूहों की अवसरों, संस्थाओं और सार्वजनिक सेवाओं तक पहुँच में सुधार करना हो सकता है। (2) केवल आय में वृद्धि सामाजिक बहिष्करण की सभी समस्याओं को समाप्त कर देती है। (3) भेदभाव, सामाजिक बाधाएँ और सार्वजनिक सेवाओं तक असमान पहुँच सामाजिक बहिष्करण को बनाए रख सकती हैं।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
✓
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
C
— केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है, क्योंकि आय में वृद्धि के बावजूद भेदभाव, सामाजिक बाधाएँ तथा शिक्षा, स्वास्थ्य या अन्य सेवाओं तक असमान पहुँच बनी रह सकती है।
प्रश्न 18: डिजिटल भुगतान के विस्तार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) डिजिटल भुगतान का विस्तार लेन-देन की सुविधा और गति बढ़ा सकता है। (2) डिजिटल भुगतान के विस्तार मात्र से डिजिटल विभाजन समाप्त हो जाता है। (3) डिजिटल भुगतान के प्रभावी उपयोग में कनेक्टिविटी, उपयुक्त उपकरण, डिजिटल कौशल और उपयोगकर्ता का विश्वास जैसे कारक महत्त्वपूर्ण हो सकते हैं।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 1 और 3
✓
-
C.
केवल 2 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
B
— केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है, क्योंकि डिजिटल भुगतान का विस्तार अपने आप डिजिटल विभाजन को समाप्त नहीं करता।
प्रश्न 19: आधार, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) और वित्तीय समावेशन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे अधिक उपयुक्त है?
-
A.
आधार स्वयं एक बैंकिंग सेवा है और इसलिए यह वित्तीय समावेशन का प्रत्यक्ष पर्याय है।
-
B.
प्रत्यक्ष लाभ अंतरण केवल डिजिटल भुगतान की व्यवस्था है और इसका वित्तीय समावेशन से कोई संबंध नहीं है।
-
C.
वित्तीय समावेशन के लिए केवल विश्वसनीय पहचान की स्थापना पर्याप्त है।
-
D.
पहचान, बैंकिंग पहुँच और लाभ अंतरण की व्यवस्थाएँ उचित परिस्थितियों में मिलकर वित्तीय समावेशन को मजबूत कर सकती हैं।
✓
सही उत्तर:
D
— पहचान, बैंकिंग पहुँच और लाभ अंतरण की व्यवस्थाएँ उचित परिस्थितियों में मिलकर वित्तीय समावेशन को मजबूत कर सकती हैं।
व्याख्या (Explanation):आधार पहचान संबंधी अवसंरचना उपलब्ध कराता है, बैंक खाता वित्तीय लेन-देन का माध्यम प्रदान करता है और DBT सरकारी लाभों को निर्धारित बैंकिंग माध्यम से लाभार्थियों तक पहुँचाने में सहायता करता है। इन व्यवस्थाओं का उचित संयोजन वित्तीय समावेशन को मजबूत कर सकता है। हालांकि, इनमें से कोई एक तत्व अकेले पूर्ण वित्तीय समावेशन का पर्याय नहीं है।
प्रश्न 20: प्रधानमंत्री जन-धन योजना (PMJDY) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) इसका एक प्रमुख उद्देश्य औपचारिक बैंकिंग सेवाओं तक पहुँच का विस्तार करना है। (2) केवल बैंक खाता खोल देना अपने आप पूर्ण वित्तीय समावेशन सुनिश्चित करता है। (3) वित्तीय समावेशन को प्रभावी बनाने के लिए बैंकिंग पहुँच के साथ वित्तीय सेवाओं का वास्तविक और नियमित उपयोग भी महत्त्वपूर्ण है।
-
A.
केवल 1 और 3
✓
-
B.
केवल 2
-
C.
केवल 1 और 2
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है, क्योंकि निष्क्रिय या अनुपयोगी बैंक खाता अपने आप पूर्ण वित्तीय समावेशन का प्रमाण नहीं है।
प्रश्न 21: समावेशी विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों से कौन-से कथन सही हैं? (1) आर्थिक वृद्धि समावेशी विकास के लिए आवश्यक हो सकती है, लेकिन अकेले पर्याप्त नहीं है। (2) समावेशी विकास में विकास के लाभों तक व्यापक पहुँच के साथ-साथ उत्पादक अवसरों तक पहुँच भी महत्त्वपूर्ण है। (3) यदि किसी अर्थव्यवस्था में बेरोजगारी घट रही हो, तो यह अपने आप सिद्ध करता है कि विकास समावेशी है। (4) समावेशी विकास का संबंध केवल आय-वितरण से है।
-
A.
केवल 1 और 2
✓
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 3 और 4
-
D.
केवल 1, 2 और 4
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):कथन 1 और 2 सही हैं। कथन 3 गलत है, क्योंकि बेरोजगारी में कमी समावेशन का सकारात्मक संकेत हो सकती है, लेकिन यह अकेले पर्याप्त प्रमाण नहीं है। कथन 4 भी गलत है, क्योंकि समावेशी विकास में आय के साथ-साथ रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्तीय पहुँच, सामाजिक अवसर और संस्थागत भागीदारी जैसे अनेक आयाम शामिल होते हैं।
प्रश्न 22: स्टैंड-अप इंडिया जैसी लक्षित उद्यमिता पहलों के समावेशी विकास में योगदान का मूल्यांकन करते समय निम्नलिखित में से कौन-सा दृष्टिकोण सबसे उपयुक्त होगा?
-
A.
यह आकलन करना कि लक्षित सामाजिक समूहों को औपचारिक वित्त तथा उद्यमिता के अवसरों तक वास्तविक पहुँच कितनी मिली और इससे उनकी आर्थिक भागीदारी किस सीमा तक बढ़ी।
✓
-
B.
केवल स्वीकृत ऋणों की संख्या देखना।
-
C.
केवल योजना के प्रचार-प्रसार की मात्रा देखना।
-
D.
केवल कुल बैंक शाखाओं की संख्या देखना।
सही उत्तर:
A
— यह आकलन करना कि लक्षित सामाजिक समूहों को औपचारिक वित्त तथा उद्यमिता के अवसरों तक वास्तविक पहुँच कितनी मिली और इससे उनकी आर्थिक भागीदारी किस सीमा तक बढ़ी।
व्याख्या (Explanation):किसी समावेशी उद्यमिता योजना का मूल्यांकन केवल इनपुट, स्वीकृत ऋणों या प्रचार-प्रसार जैसे संकेतकों से नहीं किया जाना चाहिए। यह देखना अधिक महत्त्वपूर्ण है कि लक्षित समूहों को वास्तविक वित्तीय पहुँच मिली या नहीं, उद्यम स्थापित या विस्तारित हुए या नहीं तथा उनकी आर्थिक गतिविधियों और अवसरों में वास्तविक सुधार हुआ या नहीं।
प्रश्न 23: स्टार्टअप-आधारित आर्थिक समावेशन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों से कौन-से कथन सही हैं? (1) उद्यमिता नए आर्थिक अवसर और रोजगार के अवसर उत्पन्न कर सकती है। (2) स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र का विस्तार अपने आप समाज के सभी वर्गों की उद्यमिता में समान भागीदारी सुनिश्चित करता है। (3) पूंजी, कौशल, बाजार, नेटवर्क और डिजिटल संसाधनों तक असमान पहुँच उद्यमिता के अवसरों को प्रभावित कर सकती है।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 1 और 2
-
C.
केवल 2 और 3
-
D.
केवल 1 और 3
✓
सही उत्तर:
D
— केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):कथन 1 और 3 सही हैं। उद्यमिता नए व्यवसाय, आर्थिक अवसर और रोजगार उत्पन्न कर सकती है। लेकिन केवल स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के विस्तार से समाज के सभी वर्गों की समान भागीदारी सुनिश्चित नहीं होती। पूंजी, कौशल, बाजार, नेटवर्क, डिजिटल संसाधनों और अन्य उत्पादक संसाधनों तक असमान पहुँच उद्यमिता के अवसरों को प्रभावित कर सकती है।
प्रश्न 24: समावेशी विकास में स्वयं सहायता समूहों और डिजिटल वित्तीय सेवाओं के संयोजन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों से कौन-से कथन सही हैं? 1. डिजिटल भुगतान समूहों के वित्तीय लेन-देन को अधिक सुविधाजनक बना सकते हैं। 2. डिजिटल माध्यम समूहों को व्यापक वित्तीय सेवाओं से जोड़ने में सहायक हो सकते हैं। 3. डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने के लिए समूह के सदस्यों की डिजिटल क्षमता महत्त्वहीन है।
-
A.
केवल 1 और 2
✓
-
B.
केवल 1 और 3
-
C.
केवल 2 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):कथन 1 और 2 सही हैं। डिजिटल वित्तीय सेवाएँ स्वयं सहायता समूहों के भुगतान, बचत और अन्य वित्तीय गतिविधियों को सुविधाजनक बना सकती हैं तथा उन्हें व्यापक वित्तीय प्रणाली से जोड़ने में सहायता कर सकती हैं। लेकिन इन सेवाओं के प्रभावी उपयोग के लिए सदस्यों की डिजिटल क्षमता महत्त्वपूर्ण है। इसलिए कथन 3 गलत है।
प्रश्न 25: महिलाओं के आर्थिक समावेशन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों से कौन-से कथन सही हैं? (1) महिलाओं की बैंकिंग सेवाओं तक पहुँच आर्थिक समावेशन का एक महत्त्वपूर्ण घटक है। (2) महिलाओं की श्रमबल भागीदारी आर्थिक समावेशन से संबंधित हो सकती है। (3) केवल महिलाओं के नाम पर बैंक खाता होना उनकी पूर्ण आर्थिक स्वतंत्रता का प्रमाण है।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 2
-
C.
केवल 1 और 2
✓
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
C
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):कथन 1 और 2 सही हैं। बैंकिंग सेवाओं तक पहुँच तथा श्रमबल में भागीदारी महिलाओं के आर्थिक समावेशन के महत्त्वपूर्ण पहलू हो सकते हैं। लेकिन केवल महिला के नाम पर बैंक खाता होना उसकी पूर्ण आर्थिक स्वतंत्रता या वित्तीय सशक्तीकरण का प्रमाण नहीं है। खाते का सक्रिय उपयोग, आय, संपत्ति पर नियंत्रण, ऋण तक पहुँच तथा आर्थिक निर्णय लेने की क्षमता भी महत्त्वपूर्ण हो सकती है।
प्रश्न 26: डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष समावेशी विकास की दृष्टि से सबसे उचित है?
-
A.
डिजिटल भुगतान बढ़ने से नकद-आधारित अर्थव्यवस्था तुरंत समाप्त हो जाती है।
-
B.
डिजिटल भुगतान मुख्यतः उच्च आय वाले व्यक्तियों के लिए ही उपयोगी है।
-
C.
डिजिटल भुगतान लेन-देन की सुविधा बढ़ा सकता है, लेकिन इसके समावेशी प्रभाव के लिए पहुँच, वहनीयता, सुरक्षा और डिजिटल क्षमता भी महत्त्वपूर्ण हैं।
✓
-
D.
डिजिटल भुगतान की उपलब्धता से वित्तीय साक्षरता की आवश्यकता समाप्त हो जाती है।
सही उत्तर:
C
— डिजिटल भुगतान लेन-देन की सुविधा बढ़ा सकता है, लेकिन इसके समावेशी प्रभाव के लिए पहुँच, वहनीयता, सुरक्षा और डिजिटल क्षमता भी महत्त्वपूर्ण हैं।
व्याख्या (Explanation):डिजिटल भुगतान लेन-देन को अधिक सुविधाजनक और औपचारिक बना सकता है तथा वित्तीय सेवाओं के उपयोग को बढ़ावा दे सकता है। किंतु कमजोर या वंचित समूहों के लिए इसका वास्तविक समावेशी प्रभाव तभी व्यापक हो सकता है जब उपकरण और कनेक्टिविटी वहनीय हों, उपयोगकर्ता डिजिटल रूप से सक्षम हों तथा भुगतान प्रणाली सुरक्षित, विश्वसनीय और सुगम हो।
प्रश्न 27: भारत में डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (Digital Public Infrastructure—DPI) के विस्तार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों से कौन-से कथन सही हैं? (1) डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना का उपयोग वित्तीय सेवाओं तक पहुँच को व्यापक बनाने में किया जा सकता है। (2) डिजिटल अवसंरचना की उपलब्धता अपने आप सभी व्यक्तियों के लिए डिजिटल समावेशन सुनिश्चित करती है। (3) डिजिटल सेवाओं के प्रभावी उपयोग के लिए डिजिटल साक्षरता और वहनीय उपकरण भी महत्त्वपूर्ण हो सकते हैं।
-
A.
केवल 1 और 2
-
B.
केवल 1 और 3
✓
-
C.
केवल 2 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
B
— केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):कथन 1 और 3 सही हैं। डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना वित्तीय तथा अन्य डिजिटल सेवाओं की पहुँच को व्यापक बनाने में सहायक हो सकती है। लेकिन केवल डिजिटल अवसंरचना की उपलब्धता पर्याप्त नहीं है। डिजिटल कौशल, उपकरणों की वहनीयता, कनेक्टिविटी, भाषा तथा सेवाओं की सुगम्यता जैसे कारक भी वास्तविक डिजिटल समावेशन को प्रभावित करते हैं। इसलिए कथन 2 गलत है।
प्रश्न 28: भारत में डिजिटल समावेशन के संदर्भ में निम्नलिखित में से किन क्षेत्रों में भौगोलिक परिस्थितियाँ डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए विशेष चुनौती उत्पन्न कर सकती हैं? (1) दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्र (2) द्वीपीय क्षेत्र (3) घने वन क्षेत्रों में स्थित दूरस्थ बस्तियाँ (4) महानगरीय क्षेत्र
-
A.
केवल 1 और 2
-
B.
केवल 1, 2 और 3
✓
-
C.
केवल 3 और 4
-
D.
1, 2, 3 और 4
सही उत्तर:
B
— केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):दूरस्थ पर्वतीय, द्वीपीय तथा घने वन क्षेत्रों में कठिन भू-आकृति, अधिक दूरी, बिखरी हुई बस्तियाँ और अपेक्षाकृत कम जनसंख्या घनत्व जैसी परिस्थितियाँ डिजिटल अवसंरचना के विस्तार को चुनौतीपूर्ण बना सकती हैं। महानगरीय क्षेत्रों में डिजिटल विभाजन की समस्याएँ हो सकती हैं, लेकिन प्रश्न में उल्लिखित भौगोलिक परिस्थितियों से उत्पन्न अवसंरचनात्मक चुनौती सामान्यतः वहाँ प्रमुख नहीं होती।
प्रश्न 29: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन समावेशी विकास में कौशल विकास की भूमिका को सबसे बेहतर स्पष्ट करता है?
-
A.
कौशल विकास मुख्यतः शिक्षित और उच्च आय वर्ग के लिए ही उपयोगी है।
-
B.
कौशल विकास का रोजगार और आय के अवसरों से कोई महत्त्वपूर्ण संबंध नहीं है।
-
C.
कौशल विकास उत्पादकता और रोजगार-योग्यता बढ़ा सकता है, जिससे आर्थिक अवसरों तक पहुँच मजबूत हो सकती है।
✓
-
D.
कौशल विकास का उद्देश्य मुख्यतः सरकारी नौकरियों की संख्या बढ़ाना है।
सही उत्तर:
C
— कौशल विकास उत्पादकता और रोजगार-योग्यता बढ़ा सकता है, जिससे आर्थिक अवसरों तक पहुँच मजबूत हो सकती है।
व्याख्या (Explanation):कौशल विकास व्यक्ति की उत्पादक क्षमता और रोजगार-योग्यता को बढ़ा सकता है। इससे वेतन रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसरों तक पहुँच बढ़ सकती है। इस प्रकार कौशल विकास आर्थिक समावेशन और समावेशी विकास के बीच एक महत्त्वपूर्ण कड़ी बन सकता है।
प्रश्न 30: स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा क्रम आर्थिक समावेशन की दिशा में सबसे अधिक तार्किक है?
-
A.
सरकारी सहायता → निष्क्रिय बचत → आर्थिक निर्भरता
-
B.
व्यक्तिगत ऋण → सामाजिक अलगाव → बाजार से दूरी
-
C.
डिजिटल भुगतान → केवल उपभोग → वित्तीय बहिष्करण
-
D.
सामूहिक बचत → ऋण तक पहुँच → आय-सृजन गतिविधि → आर्थिक भागीदारी
✓
सही उत्तर:
D
— सामूहिक बचत → ऋण तक पहुँच → आय-सृजन गतिविधि → आर्थिक भागीदारी
व्याख्या (Explanation):स्वयं सहायता समूहों में सामूहिक बचत वित्तीय आधार तैयार कर सकती है। इससे सदस्यों की ऋण एवं अन्य वित्तीय सेवाओं तक पहुँच मजबूत हो सकती है। ऋण और अन्य संसाधनों का उपयोग आजीविका या आय-सृजन गतिविधियों में किया जा सकता है, जिससे आर्थिक भागीदारी के अवसर बढ़ सकते हैं।
प्रश्न 31: भारतनेट जैसी डिजिटल बुनियादी संरचना का समावेशन पर संभावित प्रभाव निम्नलिखित में से किसके माध्यम से सबसे उचित रूप से समझा जा सकता है?
-
A.
ग्रामीण क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड डिजिटल कनेक्टिविटी की आधारभूत पहुँच को मजबूत करके डिजिटल सेवाओं के उपयोग की संभावनाएँ बढ़ाना
✓
-
B.
केवल ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक शाखाएँ खोलना
-
C.
केवल कृषि उत्पादन की मात्रा बढ़ाना
-
D.
केवल सरकारी कर्मचारियों को इंटरनेट उपलब्ध कराना
सही उत्तर:
A
— ग्रामीण क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड डिजिटल कनेक्टिविटी की आधारभूत पहुँच को मजबूत करके डिजिटल सेवाओं के उपयोग की संभावनाएँ बढ़ाना
व्याख्या (Explanation):भारतनेट का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी की आधारभूत संरचना को मजबूत करना है। बेहतर डिजिटल संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य, शासन, वित्तीय सेवाओं और अन्य डिजिटल सेवाओं तक पहुँच की संभावनाएँ बढ़ सकती हैं। हालांकि, डिजिटल अवसंरचना की उपलब्धता और वास्तविक डिजिटल समावेशन समान नहीं हैं; वहनीयता, डिजिटल कौशल, उपकरणों की उपलब्धता और सेवाओं का प्रभावी उपयोग भी महत्त्वपूर्ण हैं।
प्रश्न 32: डिजिटल समावेशन के संदर्भ में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच अंतर को समझने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा दृष्टिकोण अधिक उपयुक्त है?
-
A.
केवल इंटरनेट की गति की तुलना करना
-
B.
केवल मोबाइल फोन की संख्या की तुलना करना
-
C.
पहुँच, वहनीयता, डिजिटल साक्षरता, कौशल और उपयोग की गुणवत्ता जैसे अनेक आयामों का आकलन करना
✓
-
D.
केवल सरकारी डिजिटल सेवाओं की संख्या की तुलना करना
सही उत्तर:
C
— पहुँच, वहनीयता, डिजिटल साक्षरता, कौशल और उपयोग की गुणवत्ता जैसे अनेक आयामों का आकलन करना
व्याख्या (Explanation):डिजिटल विभाजन केवल इंटरनेट या उपकरण की उपलब्धता से निर्धारित नहीं होता। कनेक्टिविटी की गुणवत्ता, सेवा की लागत, उपकरणों की वहनीयता, डिजिटल कौशल, भाषा, डिजिटल साक्षरता और उपलब्ध सेवाओं का प्रभावी उपयोग भी डिजिटल समावेशन को प्रभावित करते हैं।
प्रश्न 33: महिलाओं के वित्तीय एवं आर्थिक समावेशन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा संयोजन सबसे अधिक उपयुक्त है?
-
A.
केवल बैंक खाता
-
B.
केवल ऋण तक पहुँच
-
C.
केवल कौशल प्रशिक्षण
-
D.
बैंकिंग सुविधा, कौशल, वित्तीय अवसर, बाजार तक पहुँच और आर्थिक निर्णय लेने की क्षमता
✓
सही उत्तर:
D
— बैंकिंग सुविधा, कौशल, वित्तीय अवसर, बाजार तक पहुँच और आर्थिक निर्णय लेने की क्षमता
व्याख्या (Explanation):महिलाओं का वास्तविक आर्थिक समावेशन बहुआयामी है। बैंकिंग सेवाओं तक पहुँच महत्त्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ कौशल, ऋण एवं अन्य वित्तीय सेवाओं तक पहुँच, बाजार से जुड़ाव, आय-सृजन के अवसर और आर्थिक निर्णयों में भागीदारी भी महत्त्वपूर्ण हो सकती है।
प्रश्न 34: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वित्तीय समावेशन और गरीबी के बीच संबंध को सबसे उचित रूप से व्यक्त करता है?
-
A.
वित्तीय समावेशन से प्रत्येक स्थिति में गरीबी स्वतः समाप्त हो जाती है।
-
B.
वित्तीय समावेशन का गरीबी से कोई संबंध नहीं है।
-
C.
वित्तीय सेवाओं तक पहुँच बचत, भुगतान, ऋण और आर्थिक अवसरों के माध्यम से गरीबी कम करने में योगदान कर सकती है।
✓
-
D.
वित्तीय समावेशन मुख्यतः उच्च आय वाले परिवारों के लिए उपयोगी है।
सही उत्तर:
C
— वित्तीय सेवाओं तक पहुँच बचत, भुगतान, ऋण और आर्थिक अवसरों के माध्यम से गरीबी कम करने में योगदान कर सकती है।
व्याख्या (Explanation):वित्तीय समावेशन कम आय वाले और वंचित परिवारों को सुरक्षित बचत, औपचारिक ऋण, भुगतान व्यवस्था, बीमा तथा कुछ आर्थिक अवसरों तक पहुँच प्रदान कर सकता है। इससे उनकी आर्थिक क्षमता और जोखिमों से निपटने की क्षमता मजबूत हो सकती है। हालांकि, वित्तीय समावेशन गरीबी उन्मूलन का अकेला साधन नहीं है।
प्रश्न 35: निम्नलिखित में से कौन-सा वित्तीय बहिष्करण का सबसे उपयुक्त उदाहरण है?
-
A.
किसी व्यक्ति के पास बैंक खाता होने के बावजूद आवश्यक ऋण, बीमा या अन्य उपयुक्त वित्तीय सेवाओं तक प्रभावी पहुँच न होना
✓
-
B.
किसी व्यक्ति द्वारा बैंक खाते में नियमित रूप से बचत जमा करना
-
C.
किसी व्यक्ति द्वारा डिजिटल माध्यम से भुगतान करना
-
D.
किसी व्यक्ति को उसकी आवश्यकता के अनुरूप औपचारिक ऋण प्राप्त होना
सही उत्तर:
A
— किसी व्यक्ति के पास बैंक खाता होने के बावजूद आवश्यक ऋण, बीमा या अन्य उपयुक्त वित्तीय सेवाओं तक प्रभावी पहुँच न होना
व्याख्या (Explanation):वित्तीय बहिष्करण केवल बैंक खाते के अभाव तक सीमित नहीं है। यदि कोई व्यक्ति औपचारिक वित्तीय प्रणाली में मौजूद होने के बावजूद अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप ऋण, बीमा, बचत या भुगतान जैसी वित्तीय सेवाओं तक प्रभावी, वहनीय और नियमित पहुँच नहीं बना पाता, तो वित्तीय समावेशन अधूरा रह सकता है।
प्रश्न 36: निम्नलिखित में से कौन-सा उदाहरण समावेशन के बहुआयामी स्वरूप को सबसे अच्छी तरह दर्शाता है?
-
A.
किसी व्यक्ति को केवल सरकारी सहायता प्राप्त होना
-
B.
किसी गाँव में केवल इंटरनेट सेवा उपलब्ध होना
-
C.
किसी महिला को बैंकिंग सुविधा, डिजिटल भुगतान, कौशल प्रशिक्षण और बाजार से जुड़ी आजीविका के अवसर प्राप्त होना
✓
-
D.
किसी जिले में केवल बैंक शाखाओं की संख्या बढ़ना
सही उत्तर:
C
— किसी महिला को बैंकिंग सुविधा, डिजिटल भुगतान, कौशल प्रशिक्षण और बाजार से जुड़ी आजीविका के अवसर प्राप्त होना
व्याख्या (Explanation):विकल्प C में वित्तीय, डिजिटल और आर्थिक समावेशन के विभिन्न आयाम एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। बैंकिंग सुविधा वित्तीय पहुँच प्रदान करती है, डिजिटल भुगतान लेन-देन की क्षमता बढ़ाता है, कौशल प्रशिक्षण उत्पादक क्षमता को मजबूत करता है और बाजार से जुड़ी आजीविका आर्थिक भागीदारी का अवसर प्रदान करती है।
प्रश्न 37: डिजिटल विभाजन को केवल इंटरनेट की उपलब्धता के आधार पर मापना क्यों अपर्याप्त हो सकता है?
-
A.
क्योंकि इंटरनेट की उपलब्धता का आर्थिक गतिविधियों से कोई संबंध नहीं है।
-
B.
क्योंकि पहुँच के साथ उपकरणों की वहनीयता, डिजिटल साक्षरता, कौशल और सेवाओं के प्रभावी उपयोग की क्षमता भी महत्त्वपूर्ण हो सकती है।
✓
-
C.
क्योंकि डिजिटल विभाजन केवल ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद होता है।
-
D.
क्योंकि डिजिटल सेवाएँ वित्तीय समावेशन को प्रभावित नहीं करतीं।
सही उत्तर:
B
— क्योंकि पहुँच के साथ उपकरणों की वहनीयता, डिजिटल साक्षरता, कौशल और सेवाओं के प्रभावी उपयोग की क्षमता भी महत्त्वपूर्ण हो सकती है।
व्याख्या (Explanation):डिजिटल विभाजन बहुआयामी हो सकता है। किसी क्षेत्र में इंटरनेट उपलब्ध होने के बावजूद यदि व्यक्ति के पास उपयुक्त उपकरण, वहनीय कनेक्टिविटी, पर्याप्त डिजिटल कौशल या डिजिटल सेवाओं का प्रभावी उपयोग करने की क्षमता नहीं है, तो वास्तविक डिजिटल समावेशन सीमित रह सकता है।
प्रश्न 38: निम्नलिखित में से कौन-सा संबंध समावेशन और मानव पूंजी के बीच सबसे अधिक उपयुक्त रूप से व्यक्त करता है?
-
A.
शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल तक व्यापक पहुँच मानव पूंजी को मजबूत कर सकती है तथा उत्पादक भागीदारी के अवसर बढ़ा सकती है।
✓
-
B.
मानव पूंजी का समावेशन से कोई महत्त्वपूर्ण संबंध नहीं है।
-
C.
मानव पूंजी मुख्यतः उच्च आय वर्ग के लिए ही महत्त्वपूर्ण है।
-
D.
मानव पूंजी में वृद्धि का अर्थ केवल वित्तीय संपत्ति में वृद्धि है।
सही उत्तर:
A
— शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल तक व्यापक पहुँच मानव पूंजी को मजबूत कर सकती है तथा उत्पादक भागीदारी के अवसर बढ़ा सकती है।
व्याख्या (Explanation):शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल और क्षमताएँ मानव पूंजी के प्रमुख आधार हैं। इन तक व्यापक और गुणवत्तापूर्ण पहुँच व्यक्तियों की उत्पादक क्षमता को बढ़ा सकती है तथा रोजगार, उद्यमिता और अन्य आर्थिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी के अवसरों को मजबूत कर सकती है।
प्रश्न 39: सामाजिक समावेशन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति वास्तविक समावेशन को सबसे बेहतर दर्शाती है?
-
A.
सभी समूहों को समान नीति उपलब्ध कराना, चाहे उनकी प्रारंभिक स्थिति कुछ भी हो।
-
B.
केवल आर्थिक रूप से सक्रिय लोगों को सार्वजनिक सेवाओं में प्राथमिकता देना।
-
C.
वंचित समूहों को केवल आय सहायता प्रदान करना।
-
D.
वंचित समूहों की विशिष्ट बाधाओं को ध्यान में रखते हुए अवसरों और सेवाओं तक उनकी प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करना।
✓
सही उत्तर:
D
— वंचित समूहों की विशिष्ट बाधाओं को ध्यान में रखते हुए अवसरों और सेवाओं तक उनकी प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करना।
व्याख्या (Explanation):सामाजिक समावेशन केवल सभी के लिए समान औपचारिक व्यवस्था उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। विभिन्न समूहों की प्रारंभिक परिस्थितियाँ, संसाधनों तक पहुँच और बाधाएँ अलग-अलग हो सकती हैं। इसलिए वास्तविक समावेशन के लिए इन बाधाओं को ध्यान में रखते हुए अवसरों और सेवाओं तक प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करना आवश्यक हो सकता है।
प्रश्न 40: प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? (1) यह सरकारी लाभों के वितरण में औपचारिक वित्तीय माध्यमों की भूमिका बढ़ा सकता है। (2) यह वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दे सकता है, यदि लक्षित लाभार्थियों की वित्तीय पहुँच सुनिश्चित हो। (3) प्रत्यक्ष लाभ अंतरण की व्यवस्था अपने आप प्रत्येक व्यक्ति के वित्तीय समावेशन को सुनिश्चित करती है।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 2
✓
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
C
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):कथन 1 और 2 सही हैं। DBT के माध्यम से सरकारी लाभ औपचारिक बैंकिंग एवं भुगतान प्रणाली के माध्यम से पहुँचाए जा सकते हैं और इससे वित्तीय सेवाओं के उपयोग को प्रोत्साहन मिल सकता है। किंतु केवल DBT की व्यवस्था होना प्रत्येक व्यक्ति के वित्तीय समावेशन की गारंटी नहीं देता। वित्तीय खाते की उपलब्धता, सक्रिय उपयोग, पहचान, डिजिटल पहुँच और वित्तीय साक्षरता जैसी स्थितियाँ भी महत्त्वपूर्ण हो सकती हैं।
प्रश्न 41: निम्नलिखित में से कौन-सा क्रम वित्तीय समावेशन की प्रक्रिया को सबसे व्यापक और तार्किक रूप से दर्शाता है?
-
A.
डिजिटल भुगतान → बैंक खाता → वित्तीय साक्षरता → आर्थिक बहिष्करण
-
B.
वित्तीय पहुँच एवं खाता → उपयुक्त वित्तीय सेवाओं की उपलब्धता → उपयोग की क्षमता → आर्थिक भागीदारी
✓
-
C.
ऋण → बचत → बैंकिंग पहुँच → वित्तीय साक्षरता
-
D.
सरकारी लाभ → कर संग्रह → बैंक खाता → आर्थिक बहिष्करण
सही उत्तर:
B
— वित्तीय पहुँच एवं खाता → उपयुक्त वित्तीय सेवाओं की उपलब्धता → उपयोग की क्षमता → आर्थिक भागीदारी
व्याख्या (Explanation):वित्तीय समावेशन केवल बैंक खाता खोलने तक सीमित नहीं है। इसमें औपचारिक वित्तीय प्रणाली तक पहुँच, उपयुक्त वित्तीय सेवाओं की उपलब्धता, उनका प्रभावी एवं सुरक्षित उपयोग तथा अंततः आर्थिक गतिविधियों में अधिक प्रभावी भागीदारी शामिल हो सकती है। यह कोई कठोर या अनिवार्य सार्वभौमिक क्रम नहीं है, लेकिन दिए गए विकल्पों में B सबसे व्यापक संबंध प्रस्तुत करता है।
प्रश्न 42: किसी ग्रामीण क्षेत्र में बैंकिंग सेवाओं की पहुँच, महिलाओं को समूह-आधारित ऋण, डिजिटल भुगतान तथा कौशल प्रशिक्षण के बाद स्वरोजगार के अवसर बढ़ने जैसे परिवर्तनों को समावेशन के किस व्यापक दृष्टिकोण से सबसे उचित रूप से समझा जा सकता है?
-
A.
वित्तीय, डिजिटल और आर्थिक समावेशन का परस्पर सुदृढ़ीकरण
✓
-
B.
केवल सामाजिक सुरक्षा के विस्तार के रूप में
-
C.
केवल डिजिटल बुनियादी ढाँचे के विस्तार के रूप में
-
D.
केवल आय पुनर्वितरण की प्रक्रिया के रूप में
सही उत्तर:
A
— वित्तीय, डिजिटल और आर्थिक समावेशन का परस्पर सुदृढ़ीकरण
व्याख्या (Explanation):बैंकिंग सेवाओं की पहुँच वित्तीय समावेशन, डिजिटल भुगतान डिजिटल समावेशन, समूह-आधारित ऋण वित्तीय एवं आर्थिक समावेशन तथा कौशल प्रशिक्षण के बाद स्वरोजगार आर्थिक समावेशन से संबंधित है। इनका संयुक्त प्रभाव दर्शाता है कि समावेशन विभिन्न आयामों में परस्पर जुड़ी हुई प्रक्रिया हो सकता है।
प्रश्न 43: समावेशी विकास के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त है?
-
A.
आर्थिक वृद्धि जितनी अधिक होगी, विकास उतना ही अनिवार्य रूप से समावेशी होगा।
-
B.
समावेशी विकास केवल आय असमानता को समाप्त करने का प्रयास है।
-
C.
समावेशी विकास में आर्थिक अवसरों के विस्तार के साथ-साथ विभिन्न समूहों की विकास प्रक्रिया में प्रभावी भागीदारी और अवसरों तक पहुँच भी महत्त्वपूर्ण है।
✓
-
D.
समावेशी विकास का मुख्य उद्देश्य केवल सरकारी सब्सिडी का विस्तार करना है।
सही उत्तर:
C
— समावेशी विकास में आर्थिक अवसरों के विस्तार के साथ-साथ विभिन्न समूहों की विकास प्रक्रिया में प्रभावी भागीदारी और अवसरों तक पहुँच भी महत्त्वपूर्ण है।
व्याख्या (Explanation):समावेशी विकास आर्थिक वृद्धि को व्यापक अवसरों और भागीदारी से जोड़ता है। इसमें रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल, वित्तीय सेवाओं, सामाजिक सुरक्षा तथा उत्पादक अवसरों तक विभिन्न सामाजिक और आर्थिक समूहों की पहुँच महत्त्वपूर्ण होती है। इसलिए यह केवल आय असमानता या सरकारी सब्सिडी तक सीमित अवधारणा नहीं है।
प्रश्न 44: निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति वित्तीय समावेशन में डिजिटल विभाजन (Digital Divide) की समस्या को सबसे बेहतर दर्शाती है?
-
A.
सभी व्यक्तियों के पास समान डिजिटल पहुँच और कौशल होना
-
B.
बैंक शाखाओं की संख्या में वृद्धि होना
-
C.
डिजिटल वित्तीय सेवाएँ उपलब्ध होने के बावजूद कुछ समूहों के पास इंटरनेट, उपकरण या आवश्यक डिजिटल कौशल का अभाव होना
✓
-
D.
केवल नकद लेन-देन में वृद्धि होना
सही उत्तर:
C
— डिजिटल वित्तीय सेवाएँ उपलब्ध होने के बावजूद कुछ समूहों के पास इंटरनेट, उपकरण या आवश्यक डिजिटल कौशल का अभाव होना
व्याख्या (Explanation):डिजिटल वित्तीय सेवाओं की उपलब्धता अपने आप में डिजिटल समावेशन सुनिश्चित नहीं करती। इंटरनेट कनेक्टिविटी, उपकरणों की उपलब्धता, डिजिटल कौशल, भाषा, सुगम्यता और सेवा पर भरोसा जैसे कारक भी डिजिटल वित्तीय समावेशन को प्रभावित करते हैं।
प्रश्न 45: यदि किसी क्षेत्र में बैंक खाते बड़ी संख्या में उपलब्ध हों, लेकिन उनका नियमित उपयोग बहुत कम हो, तो निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सर्वाधिक उचित है?
-
A.
वित्तीय समावेशन पूरी तरह प्राप्त हो चुका है।
-
B.
केवल खातों की संख्या के आधार पर वित्तीय समावेशन की सफलता निर्धारित नहीं की जा सकती।
✓
-
C.
बैंक खाते वित्तीय समावेशन से संबंधित नहीं हैं।
-
D.
निष्क्रिय खातों की अधिक संख्या वित्तीय समावेशन की पूर्ण सफलता का प्रमाण है।
सही उत्तर:
B
— केवल खातों की संख्या के आधार पर वित्तीय समावेशन की सफलता निर्धारित नहीं की जा सकती।
व्याख्या (Explanation):वित्तीय समावेशन केवल खाते खोलने तक सीमित नहीं है। वित्तीय सेवाओं तक वास्तविक पहुँच, उनका नियमित और सुरक्षित उपयोग, उपयुक्तता, वहनीयता तथा वित्तीय साक्षरता भी महत्त्वपूर्ण हैं। इसलिए केवल खातों की संख्या वित्तीय समावेशन का पर्याप्त मापदंड नहीं है।
प्रश्न 46: निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में वित्तीय समावेशन के लिए भौतिक बैंक शाखाओं के साथ डिजिटल माध्यमों का संयोजन विशेष रूप से उपयोगी हो सकता है?
-
A.
केवल अत्यधिक विकसित महानगरीय केंद्रीय व्यापार क्षेत्र
-
B.
कम बैंकिंग पहुँच वाले दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र
✓
-
C.
केवल बड़े बंदरगाहों के आसपास के क्षेत्र
-
D.
केवल विशेष औद्योगिक गलियारे
सही उत्तर:
B
— कम बैंकिंग पहुँच वाले दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र
व्याख्या (Explanation):कम बैंकिंग पहुँच वाले दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल माध्यम भौतिक शाखाओं की सीमित उपलब्धता को आंशिक रूप से पूरक कर सकते हैं। हालांकि डिजिटल माध्यम तभी प्रभावी होंगे जब इंटरनेट संपर्क, उपकरणों की उपलब्धता, डिजिटल कौशल और विश्वसनीय भुगतान व्यवस्था भी मौजूद हो।
प्रश्न 47: भारतनेट (BharatNet) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा भौगोलिक उद्देश्य इसके साथ सबसे अधिक सीधे जुड़ा है?
-
A.
केवल महानगरों के बीच उच्च गति संपर्क स्थापित करना
-
B.
केवल अंतरराष्ट्रीय समुद्री इंटरनेट मार्गों का विस्तार करना
-
C.
केवल निजी औद्योगिक क्षेत्रों को डिजिटल संपर्क देना
-
D.
ग्रामीण क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड संपर्क के लिए डिजिटल अवसंरचना उपलब्ध कराना
✓
सही उत्तर:
D
— ग्रामीण क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड संपर्क के लिए डिजिटल अवसंरचना उपलब्ध कराना
व्याख्या (Explanation):भारतनेट का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड संपर्क के लिए आधारभूत डिजिटल नेटवर्क का विस्तार करना है। इसका महत्त्व विशेष रूप से उन ग्रामीण क्षेत्रों के लिए है जहाँ पारंपरिक बाजार-आधारित डिजिटल अवसंरचना का विस्तार पर्याप्त नहीं रहा है।
प्रश्न 48: कौशल विकास और समावेशी विकास के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे उपयुक्त है?
-
A.
कौशल प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल सरकारी रोजगार प्राप्त कराना होना चाहिए।
-
B.
कौशल प्रशिक्षण का रोजगार से कोई संबंध नहीं है।
-
C.
कौशल प्रशिक्षण का प्रभाव अधिक समावेशी हो सकता है जब प्रशिक्षण बाजार की माँग, स्थानीय अवसरों और रोजगार या स्वरोजगार से जुड़ा हो।
✓
-
D.
प्रशिक्षण प्राप्त करने वाला प्रत्येक व्यक्ति समान आय प्राप्त करता है।
सही उत्तर:
C
— कौशल प्रशिक्षण का प्रभाव अधिक समावेशी हो सकता है जब प्रशिक्षण बाजार की माँग, स्थानीय अवसरों और रोजगार या स्वरोजगार से जुड़ा हो।
व्याख्या (Explanation):कौशल प्रशिक्षण की उपयोगिता इस बात पर निर्भर करती है कि विकसित कौशल की बाजार में माँग है या नहीं और प्रशिक्षण के बाद रोजगार या स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हैं या नहीं। स्थानीय आर्थिक संरचना, उद्योगों की माँग और रोजगार की संभावनाएँ भी महत्त्वपूर्ण हैं।
प्रश्न 49: दिव्यांगजनों के डिजिटल समावेशन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा उपाय सबसे अधिक समावेशी दृष्टिकोण को दर्शाता है?
-
A.
केवल इंटरनेट की गति बढ़ाना
-
B.
डिजिटल सेवाओं को सुगम, सहायक-तकनीक अनुकूल और विभिन्न क्षमताओं वाले उपयोगकर्ताओं के लिए सुलभ बनाना
✓
-
C.
केवल स्मार्टफोन की संख्या बढ़ाना
-
D.
केवल डिजिटल भुगतान के प्रचार पर ध्यान देना
सही उत्तर:
B
— डिजिटल सेवाओं को सुगम, सहायक-तकनीक अनुकूल और विभिन्न क्षमताओं वाले उपयोगकर्ताओं के लिए सुलभ बनाना
व्याख्या (Explanation):दिव्यांगजनों के लिए डिजिटल समावेशन में केवल इंटरनेट या उपकरणों की उपलब्धता पर्याप्त नहीं है। डिजिटल सेवाओं की सुगम्यता, सहायक तकनीकों के साथ अनुकूलता तथा विभिन्न प्रकार की अक्षमताओं को ध्यान में रखकर सेवा डिजाइन करना भी आवश्यक है।
प्रश्न 50: रुपे (RuPay) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त है?
-
A.
यह केवल अंतरराष्ट्रीय मुद्रा विनिमय के लिए बनाया गया है।
-
B.
यह केवल सरकारी कर्मचारियों को जारी किया जाता है।
-
C.
यह भारत की घरेलू कार्ड भुगतान प्रणाली से संबंधित है।
✓
-
D.
यह केवल किसानों को कृषि ऋण देने की व्यवस्था है।
सही उत्तर:
C
— यह भारत की घरेलू कार्ड भुगतान प्रणाली से संबंधित है।
व्याख्या (Explanation):रुपे भारत की घरेलू कार्ड भुगतान प्रणाली से संबंधित है। इसका संबंध कार्ड-आधारित भुगतान और लेन-देन के बुनियादी ढाँचे से है। इसे किसी विशेष पेशे या केवल ऋण वितरण व्यवस्था तक सीमित नहीं किया जा सकता।
प्रश्न 51: निम्नलिखित में से कौन-सा वित्तीय समावेशन में वित्तीय साक्षरता की भूमिका को सबसे बेहतर स्पष्ट करता है?
-
A.
यह व्यक्तियों को उपलब्ध वित्तीय सेवाओं, उनकी शर्तों, जोखिमों और उचित उपयोग के संबंध में निर्णय लेने में सक्षम बनाती है।
✓
-
B.
यह केवल सरकार को कर संग्रह बढ़ाने में सहायता करती है।
-
C.
यह केवल बैंकों की शाखाओं की संख्या बढ़ाती है।
-
D.
यह केवल डिजिटल उपकरणों का निर्माण करती है।
सही उत्तर:
A
— यह व्यक्तियों को उपलब्ध वित्तीय सेवाओं, उनकी शर्तों, जोखिमों और उचित उपयोग के संबंध में निर्णय लेने में सक्षम बनाती है।
व्याख्या (Explanation):वित्तीय समावेशन केवल वित्तीय सेवाओं की उपलब्धता पर निर्भर नहीं करता। लोगों को बचत, ऋण, बीमा, भुगतान और अन्य वित्तीय साधनों की शर्तों तथा जोखिमों को समझना भी आवश्यक है। वित्तीय साक्षरता इस प्रकार उपलब्ध सेवाओं के विवेकपूर्ण उपयोग की क्षमता को मजबूत करती है।
प्रश्न 52: वित्तीय समावेशन के संदर्भ में बैंकिंग संवाददाता (Business Correspondent) व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य क्या है?
-
A.
केवल बड़े उद्योगों को बैंकिंग सेवाएँ उपलब्ध कराना
-
B.
केवल विदेशी बैंकों का ग्रामीण विस्तार करना
-
C.
केवल केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति को लागू करना
-
D.
जहाँ पारंपरिक बैंक शाखाओं की पहुँच सीमित है, वहाँ लोगों तक बैंकिंग सेवाएँ पहुँचाने में सहायता करना
✓
सही उत्तर:
D
— जहाँ पारंपरिक बैंक शाखाओं की पहुँच सीमित है, वहाँ लोगों तक बैंकिंग सेवाएँ पहुँचाने में सहायता करना
व्याख्या (Explanation):बैंकिंग संवाददाता व्यवस्था बैंकिंग संस्थाओं की पहुँच को उन क्षेत्रों और लोगों तक विस्तारित करने में सहायता करती है जहाँ शाखा-आधारित बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता सीमित है। इसलिए यह वित्तीय समावेशन को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।
प्रश्न 53: स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन समावेशन के दृष्टिकोण से सबसे उपयुक्त है?
-
A.
वे केवल बड़े उद्योगों को वित्त उपलब्ध कराने के लिए बनाए जाते हैं।
-
B.
वे केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए बचत व्यवस्था हैं।
-
C.
वे सामूहिक बचत, ऋण तक पहुँच और आजीविका गतिविधियों के माध्यम से, विशेषकर महिलाओं सहित वंचित समूहों की आर्थिक भागीदारी बढ़ा सकते हैं।
✓
-
D.
वे केवल विदेशी निवेश को ग्रामीण क्षेत्रों में आकर्षित करने का माध्यम हैं।
सही उत्तर:
C
— वे सामूहिक बचत, ऋण तक पहुँच और आजीविका गतिविधियों के माध्यम से, विशेषकर महिलाओं सहित वंचित समूहों की आर्थिक भागीदारी बढ़ा सकते हैं।
व्याख्या (Explanation):स्वयं सहायता समूह सामूहिक बचत और आंतरिक ऋण जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से वित्तीय पहुँच को मजबूत कर सकते हैं। इनके माध्यम से सदस्य, विशेषकर महिलाएँ और कम आय वाले समूह, आजीविका तथा छोटे आर्थिक कार्यों में अधिक सक्रिय भागीदारी कर सकते हैं। इस प्रकार SHGs वित्तीय और आर्थिक समावेशन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बन सकते हैं।
प्रश्न 54: निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति समावेशी विकास की अवधारणा के सर्वाधिक निकट है?
-
A.
आर्थिक वृद्धि का लाभ मुख्यतः उच्च आय वर्ग तक सीमित रहना
-
B.
रोजगार और उत्पादक अवसरों का विस्तार विभिन्न सामाजिक एवं आर्थिक समूहों तक होना
✓
-
C.
केवल सरकारी व्यय में वृद्धि होना
-
D.
केवल शहरी क्षेत्रों में उत्पादकता का बढ़ना
सही उत्तर:
B
— रोजगार और उत्पादक अवसरों का विस्तार विभिन्न सामाजिक एवं आर्थिक समूहों तक होना
व्याख्या (Explanation):समावेशी विकास में विकास के अवसरों और लाभों का व्यापक वितरण महत्त्वपूर्ण है। रोजगार, कौशल, बाजार, शिक्षा, वित्त और अन्य उत्पादक अवसरों तक विभिन्न समूहों की पहुँच बढ़ना इसके प्रमुख तत्वों में शामिल है।
प्रश्न 55: सामाजिक समावेशन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा दृष्टिकोण सर्वाधिक उपयुक्त है?
-
A.
सभी व्यक्तियों को समान परिणाम प्राप्त होना अनिवार्य है।
-
B.
केवल आर्थिक रूप से सक्षम व्यक्तियों को अवसर देना पर्याप्त है।
-
C.
सामाजिक पहचान के आधार पर अवसरों में अंतर बनाए रखना आवश्यक है।
-
D.
विभिन्न सामाजिक समूहों को अवसरों, सेवाओं और संस्थाओं में सार्थक भागीदारी का अवसर मिलना चाहिए।
✓
सही उत्तर:
D
— विभिन्न सामाजिक समूहों को अवसरों, सेवाओं और संस्थाओं में सार्थक भागीदारी का अवसर मिलना चाहिए।
व्याख्या (Explanation):सामाजिक समावेशन का केंद्र व्यापक सामाजिक भागीदारी है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सामाजिक या आर्थिक वंचना के कारण कोई समूह शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सार्वजनिक सेवाओं या संस्थागत भागीदारी से व्यवस्थित रूप से बाहर न रह जाए।
प्रश्न 56: प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) व्यवस्था वित्तीय समावेशन में किस प्रकार योगदान कर सकती है?
-
A.
यह मुख्यतः मुद्रा आपूर्ति को नियंत्रित करती है।
-
B.
यह मुख्यतः निजी बैंकों के लाभ को बढ़ाती है।
-
C.
यह पात्र लाभार्थियों तक सरकारी लाभ को बैंक खातों जैसे औपचारिक वित्तीय माध्यमों से पहुँचाने में सहायता कर सकती है।
✓
-
D.
यह मुख्यतः विदेशी निवेश को बढ़ावा देती है।
सही उत्तर:
C
— यह पात्र लाभार्थियों तक सरकारी लाभ को बैंक खातों जैसे औपचारिक वित्तीय माध्यमों से पहुँचाने में सहायता कर सकती है।
व्याख्या (Explanation):प्रत्यक्ष लाभ अंतरण का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को सरकारी लाभ सीधे उनके बैंक खातों जैसे निर्धारित औपचारिक वित्तीय माध्यमों के माध्यम से पहुँचाने की व्यवस्था को मजबूत करना है। इससे बिचौलियों पर निर्भरता कम करने तथा लाभ वितरण में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने में सहायता मिल सकती है।
प्रश्न 57: निम्नलिखित में से कौन-सा वित्तीय समावेशन को मजबूत करने की दिशा में सबसे अधिक उपयुक्त संयोजन है?
-
A.
बैंक खाता, भुगतान सुविधा, उपयुक्त ऋण तक पहुँच और वित्तीय साक्षरता
✓
-
B.
केवल बैंक खाता और नकद लेन-देन
-
C.
केवल कर भुगतान और बचत
-
D.
केवल सरकारी अनुदान और डिजिटल उपकरणों की उपलब्धता
सही उत्तर:
A
— बैंक खाता, भुगतान सुविधा, उपयुक्त ऋण तक पहुँच और वित्तीय साक्षरता
व्याख्या (Explanation):वित्तीय समावेशन बहुआयामी अवधारणा है। केवल बैंक खाता खोलना पर्याप्त नहीं है। वित्तीय सेवाओं का वास्तविक उपयोग, भुगतान सुविधा, उपयुक्त ऋण, बचत, बीमा तथा वित्तीय साक्षरता भी इसके महत्वपूर्ण घटक हैं।
प्रश्न 58: प्रधानमंत्री जन-धन योजना का वित्तीय समावेशन में प्रमुख योगदान निम्नलिखित में से किससे संबंधित है?
-
A.
केवल बड़े उद्योगों को ऋण उपलब्ध कराना
-
B.
बैंकिंग सेवाओं से वंचित या कम पहुँच वाले लोगों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ना
✓
-
C.
केवल सरकारी कर्मचारियों को डिजिटल भुगतान उपलब्ध कराना
-
D.
केवल निर्यातकों को विदेशी मुद्रा उपलब्ध कराना
सही उत्तर:
B
— बैंकिंग सेवाओं से वंचित या कम पहुँच वाले लोगों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ना
व्याख्या (Explanation):प्रधानमंत्री जन-धन योजना का प्रमुख उद्देश्य बैंकिंग सुविधाओं से वंचित या कम पहुँच वाले लोगों को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ना है। इस प्रकार यह वित्तीय समावेशन की दिशा में आधारभूत बैंकिंग पहुँच को व्यापक बनाने का प्रयास करती है।
प्रश्न 59: वित्तीय समावेशन का सबसे व्यापक अर्थ निम्नलिखित में से क्या है?
-
A.
प्रत्येक व्यक्ति को केवल बैंक खाता उपलब्ध कराना
-
B.
केवल गरीब परिवारों को सरकारी सहायता प्रदान करना
-
C.
केवल डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना
-
D.
विभिन्न वर्गों को उचित लागत पर उपयोगी और उपयुक्त औपचारिक वित्तीय सेवाओं तक पहुँच उपलब्ध कराना
✓
सही उत्तर:
D
— विभिन्न वर्गों को उचित लागत पर उपयोगी और उपयुक्त औपचारिक वित्तीय सेवाओं तक पहुँच उपलब्ध कराना
व्याख्या (Explanation):वित्तीय समावेशन केवल बैंक खाता खोलने तक सीमित नहीं है। इसका व्यापक उद्देश्य व्यक्तियों और परिवारों को बचत, भुगतान, ऋण, बीमा तथा अन्य उपयुक्त औपचारिक वित्तीय सेवाओं तक पहुँच और उनका प्रभावी उपयोग करने की क्षमता उपलब्ध कराना है।
प्रश्न 60: निम्नलिखित में से कौन-सा समावेशी विकास का एक महत्वपूर्ण संकेतक माना जा सकता है?
-
A.
वंचित समूहों की उत्पादक अवसरों तक बढ़ती पहुँच
✓
-
B.
केवल उच्च आय वर्ग की आय में वृद्धि
-
C.
केवल बड़े उद्योगों के मुनाफे में वृद्धि
-
D.
केवल पूंजी बाजार के आकार में वृद्धि
सही उत्तर:
A
— वंचित समूहों की उत्पादक अवसरों तक बढ़ती पहुँच
व्याख्या (Explanation):समावेशी विकास में यह महत्वपूर्ण है कि विकास के अवसर केवल पहले से सक्षम वर्गों तक सीमित न रहें। रोजगार, शिक्षा, कौशल, ऋण, बाजार और अन्य उत्पादक अवसरों तक वंचित समूहों की पहुँच बढ़ना समावेशन का महत्वपूर्ण संकेत है।
प्रश्न 61: यदि किसी अर्थव्यवस्था में सकल घरेलू उत्पाद तेजी से बढ़ रहा हो, लेकिन विकास के अवसरों तक गरीब और वंचित वर्गों की पहुँच सीमित बनी रहे, तो निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सर्वाधिक उचित है?
-
A.
अर्थव्यवस्था में निश्चित रूप से समावेशी विकास हो रहा है।
-
B.
उच्च आर्थिक वृद्धि अपने आप सामाजिक समावेशन सुनिश्चित करती है।
-
C.
आर्थिक वृद्धि और समावेशी विकास के बीच अंतर हो सकता है।
✓
-
D.
समावेशी विकास केवल सामाजिक क्षेत्र के सरकारी व्यय पर निर्भर करता है।
सही उत्तर:
C
— आर्थिक वृद्धि और समावेशी विकास के बीच अंतर हो सकता है।
व्याख्या (Explanation):आर्थिक वृद्धि मुख्यतः उत्पादन या आय में वृद्धि को दर्शाती है, जबकि समावेशी विकास यह भी देखता है कि विकास के अवसर और लाभ विभिन्न वर्गों तक किस सीमा तक पहुँच रहे हैं। इसलिए उच्च आर्थिक वृद्धि के बावजूद यदि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्तीय सेवाओं या अन्य उत्पादक अवसरों तक पहुँच में व्यापक असमानता बनी रहे, तो उसे स्वतः समावेशी विकास नहीं कहा जा सकता।
प्रश्न 62: समावेशी विकास के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इसके मूल उद्देश्य को सर्वाधिक उपयुक्त रूप से व्यक्त करता है?
-
A.
केवल राष्ट्रीय आय की वृद्धि को अधिकतम करना
-
B.
विकास के अवसरों और लाभों को व्यापक जनसंख्या तक पहुँचाना
✓
-
C.
केवल निर्धन व्यक्तियों की आय में प्रत्यक्ष वृद्धि करना
-
D.
केवल सरकारी व्यय में वृद्धि करके आर्थिक गतिविधि को बढ़ाना
सही उत्तर:
B
— विकास के अवसरों और लाभों को व्यापक जनसंख्या तक पहुँचाना
व्याख्या (Explanation):समावेशी विकास का उद्देश्य केवल आर्थिक वृद्धि प्राप्त करना नहीं है, बल्कि विकास की प्रक्रिया में व्यापक जनसंख्या की भागीदारी सुनिश्चित करना और उसके लाभों को विभिन्न सामाजिक तथा आर्थिक वर्गों तक पहुँचाना है। इसमें रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्तीय सेवाओं, कौशल और सामाजिक सुरक्षा जैसे आयाम शामिल हो सकते हैं।
प्रश्न 63: कथन (A): यदि किसी क्षेत्र में बैंकिंग, इंटरनेट और डिजिटल भुगतान की आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध हैं, तो वहाँ समावेशन की समस्या मूलतः समाप्त मानी जा सकती है। कारण (R): समावेशन का अंतिम उद्देश्य केवल सेवाओं की उपलब्धता नहीं, बल्कि लोगों की उन सेवाओं तक प्रभावी पहुँच और उनके उपयोग से उत्पादक एवं सामाजिक अवसरों में भागीदारी है।
-
A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
-
B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन गलत है पर कारण सही है।
✓
-
D.
दोनों गलत हैं।
सही उत्तर:
C
— कथन गलत है पर कारण सही है।
व्याख्या (Explanation):कथन गलत है, क्योंकि बैंकिंग, इंटरनेट और डिजिटल भुगतान जैसी आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता समावेशन की दिशा में प्रगति दर्शाती है, लेकिन इससे समावेशन की समस्या समाप्त नहीं मानी जा सकती। वित्तीय एवं डिजिटल समावेशन में वहनीयता, सुगम्यता, डिजिटल और वित्तीय कौशल, सुरक्षा, सेवाओं का प्रभावी उपयोग तथा वास्तविक आर्थिक अवसरों तक पहुँच भी महत्त्वपूर्ण हैं। कारण सही है। समावेशन का उद्देश्य केवल सेवाओं की उपलब्धता नहीं, बल्कि लोगों की उन सेवाओं तक प्रभावी पहुँच और उनके उपयोग के माध्यम से आर्थिक एवं सामाजिक अवसरों में सार्थक भागीदारी सुनिश्चित करना है।
प्रश्न 64: कथन (A): समावेशी विकास की नीति में लक्षित सहायता और सार्वभौमिक सार्वजनिक सेवाएँ परस्पर विरोधी अवधारणाएँ आवश्यक रूप से नहीं हैं। कारण (R): कुछ समूहों को विशिष्ट बाधाओं के कारण लक्षित सहायता की आवश्यकता हो सकती है, जबकि व्यापक सार्वजनिक सेवाएँ सभी के लिए अवसरों का आधार प्रदान कर सकती हैं।
-
A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
-
D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):समावेशी नीति में सार्वभौमिक सार्वजनिक सेवाएँ जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाएँ सभी के लिए अवसरों का आधार प्रदान कर सकती हैं। साथ ही, विशिष्ट बाधाओं का सामना करने वाले समूहों के लिए लक्षित सहायता आवश्यक हो सकती है। इसलिए सार्वभौमिक और लक्षित दोनों प्रकार की नीतियाँ एक-दूसरे की पूरक हो सकती हैं।
प्रश्न 65: कथन (A): कौशल विकास समावेशी विकास में योगदान कर सकता है, लेकिन प्रत्येक कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम से स्वतः स्थायी रोजगार सुनिश्चित नहीं होता। कारण (R): रोजगार परिणाम कौशल की बाजार-प्रासंगिकता, स्थानीय मांग, आर्थिक अवसरों और प्रशिक्षण के बाद रोजगार से जुड़ाव जैसी परिस्थितियों पर भी निर्भर करते हैं।
-
A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
-
D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):कौशल प्रशिक्षण व्यक्ति की उत्पादक क्षमता और रोजगार-योग्यता बढ़ा सकता है, लेकिन प्रशिक्षण और स्थायी रोजगार के बीच स्वतः संबंध नहीं बनता। रोजगार के परिणाम कौशल की बाजार-प्रासंगिकता, स्थानीय एवं क्षेत्रीय मांग, उपलब्ध आर्थिक अवसर, प्रशिक्षण की गुणवत्ता तथा प्रशिक्षण के बाद रोजगार से जुड़ाव पर भी निर्भर करते हैं। इसलिए केवल प्रशिक्षण प्रदान करना स्थायी रोजगार की गारंटी नहीं है।
प्रश्न 66: कथन (A): डिजिटल भुगतान का विस्तार वित्तीय समावेशन को बढ़ा सकता है, लेकिन डिजिटल भुगतान का अस्तित्व ही वित्तीय समावेशन का पर्याप्त प्रमाण नहीं है। कारण (R): डिजिटल भुगतान की उपलब्धता के बावजूद कुछ लोग उपकरण, इंटरनेट कनेक्टिविटी, डिजिटल कौशल या आर्थिक क्षमता की कमी के कारण इसका प्रभावी उपयोग नहीं कर सकते।
-
A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
-
D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):डिजिटल भुगतान वित्तीय सेवाओं तक पहुँच, लेन-देन की सुविधा और औपचारिक वित्तीय प्रणाली के उपयोग को बढ़ा सकता है। लेकिन केवल डिजिटल भुगतान की उपलब्धता यह सिद्ध नहीं करती कि सभी लोग उसका प्रभावी उपयोग कर रहे हैं। उपकरण, इंटरनेट कनेक्टिविटी, डिजिटल कौशल, वहनीयता और आर्थिक क्षमता जैसी बाधाएँ उपयोग को प्रभावित कर सकती हैं। अतः उपलब्धता और प्रभावी उपयोग अलग-अलग आयाम हैं।
प्रश्न 67: कथन (A): सामाजिक समावेशन और आर्थिक समावेशन एक-दूसरे को प्रभावित कर सकते हैं। कारण (R): सामाजिक बहिष्करण शिक्षा, कौशल, रोजगार और वित्तीय अवसरों तक पहुँच को प्रभावित कर सकता है।
-
A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
-
D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):सामाजिक और आर्थिक समावेशन के बीच परस्पर संबंध हो सकता है। यदि किसी समूह को शिक्षा, कौशल, रोजगार, बाजार या वित्तीय संस्थाओं तक पहुँच में संरचनात्मक बाधाओं का सामना करना पड़ता है, तो उसका आर्थिक समावेशन प्रभावित हो सकता है। इसी प्रकार बेहतर आर्थिक अवसर सामाजिक भागीदारी को भी मजबूत कर सकते हैं। इसलिए कारण कथन की उचित व्याख्या करता है।
प्रश्न 68: कथन (A): स्वयं सहायता समूह आर्थिक समावेशन को मजबूत कर सकते हैं, भले ही उनका प्राथमिक कार्य केवल बैंक ऋण उपलब्ध कराना न हो। कारण (R): सामूहिक बचत और आर्थिक गतिविधियाँ सदस्यों की वित्तीय क्षमता तथा सामूहिक सौदेबाजी की क्षमता को मजबूत कर सकती हैं।
-
A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
-
D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):स्वयं सहायता समूहों (SHGs) का महत्त्व केवल बैंक ऋण तक पहुँच तक सीमित नहीं है। नियमित बचत, सामूहिक आर्थिक गतिविधियाँ, वित्तीय अनुशासन और समूह-आधारित निर्णय लेने से सदस्यों की वित्तीय क्षमता तथा सामूहिक सौदेबाजी की क्षमता मजबूत हो सकती है। इसलिए SHGs आर्थिक समावेशन को व्यापक रूप से बढ़ावा दे सकते हैं।
प्रश्न 69: कथन (A): समावेशी विकास के लिए आय में वृद्धि आवश्यक हो सकती है, लेकिन केवल औसत आय में वृद्धि से समावेशी विकास सिद्ध नहीं होता। कारण (R): औसत आय बढ़ सकती है, जबकि कुछ समूहों की उत्पादक अवसरों और मूलभूत सेवाओं तक पहुँच सीमित बनी रहे।
-
A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
-
D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की उचित व्याख्या करता है। समावेशी विकास केवल औसत आय या आर्थिक वृद्धि में वृद्धि से निर्धारित नहीं होता। यदि आय में वृद्धि के बावजूद कुछ समूहों की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, वित्तीय सेवाओं और उत्पादक अवसरों तक पहुँच सीमित रहती है, तो विकास का लाभ व्यापक रूप से वितरित नहीं माना जा सकता। इसलिए औसत आय में वृद्धि अपने आप समावेशी विकास का प्रमाण नहीं है।
प्रश्न 70: कथन (A): डिजिटल समावेशन में केवल तकनीकी अवसंरचना का विस्तार सामाजिक रूप से वंचित समूहों की डिजिटल भागीदारी सुनिश्चित नहीं करता। कारण (R): डिजिटल सेवाओं का प्रभावी उपयोग आर्थिक क्षमता, डिजिटल कौशल, भाषा, सुगम्यता और सामाजिक परिस्थितियों से भी प्रभावित हो सकता है।
-
A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
-
D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):डिजिटल समावेशन बहुआयामी अवधारणा है। इंटरनेट, नेटवर्क और डिजिटल अवसंरचना की उपलब्धता आधारभूत शर्त हो सकती है, लेकिन प्रभावी डिजिटल भागीदारी के लिए उपकरणों की उपलब्धता, वहनीयता, डिजिटल कौशल, भाषा, सुगम्यता और सामाजिक परिस्थितियाँ भी महत्त्वपूर्ण हैं। इसलिए केवल तकनीकी अवसंरचना का विस्तार पर्याप्त नहीं है।
प्रश्न 71: कथन (A): प्रत्यक्ष लाभ अंतरण वित्तीय समावेशन को समर्थन दे सकता है, लेकिन यह अपने आप वित्तीय समावेशन की सभी बाधाओं को समाप्त नहीं करता। कारण (R): प्रत्यक्ष लाभ अंतरण का प्रभाव प्राप्तकर्ता की बैंकिंग पहुँच, पहचान संबंधी व्यवस्था, डिजिटल क्षमता और अन्य संस्थागत परिस्थितियों पर भी निर्भर कर सकता है।
-
A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
-
D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) सरकारी लाभ को सीधे लाभार्थी तक पहुँचाने की प्रक्रिया को अधिक प्रत्यक्ष और पारदर्शी बना सकता है तथा वित्तीय प्रणाली के उपयोग को बढ़ावा दे सकता है। लेकिन इसकी प्रभावशीलता बैंकिंग पहुँच, सही पहचान, भुगतान अवसंरचना, डिजिटल क्षमता और लाभार्थी की वास्तविक पहुँच जैसी परिस्थितियों पर निर्भर कर सकती है। अतः DBT वित्तीय समावेशन को समर्थन दे सकता है, लेकिन अकेले सभी बाधाओं को समाप्त नहीं करता।
प्रश्न 72: कथन (A): वित्तीय समावेशन की सफलता का आकलन केवल बैंक खातों की संख्या के आधार पर करना पर्याप्त नहीं है। कारण (R): वित्तीय समावेशन में वित्तीय सेवाओं तक पहुँच के साथ-साथ उनका नियमित, सुरक्षित और उपयोगी प्रयोग भी महत्त्वपूर्ण है।
-
A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
-
D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):कथन और कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की उचित व्याख्या करता है। बैंक खाता खोलना वित्तीय प्रणाली में प्रवेश का एक साधन है, लेकिन वास्तविक वित्तीय समावेशन में बचत, भुगतान, ऋण, बीमा जैसी सेवाओं तक प्रभावी पहुँच और उनका उचित उपयोग भी शामिल होता है। इसलिए केवल खातों की संख्या समावेशन की पूर्ण तस्वीर प्रस्तुत नहीं करती।
प्रश्न 73: कथन (A): समावेशी विकास में सामाजिक सुरक्षा और उत्पादक अवसरों को परस्पर पूरक माना जा सकता है। कारण (R): सामाजिक सुरक्षा आर्थिक जोखिमों को कम कर सकती है, जबकि उत्पादक अवसर व्यक्ति की दीर्घकालीन आय-सृजन क्षमता को बढ़ा सकते हैं।
-
A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
दोनों सही हैं, पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है, पर कारण गलत है।
-
D.
कथन गलत है, पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):दोनों कथन सही हैं और कारण, कथन की उचित व्याख्या करता है। सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ बीमारी, बेरोजगारी, आय-हानि या अन्य आर्थिक झटकों से उत्पन्न जोखिमों को कम करने में सहायता कर सकती हैं। दूसरी ओर, शिक्षा, कौशल, वित्तीय पहुँच और रोजगार जैसे उत्पादक अवसर व्यक्ति की दीर्घकालीन आय-सृजन क्षमता को मजबूत कर सकते हैं। इस प्रकार सामाजिक सुरक्षा और उत्पादक अवसरों का संयोजन अधिक व्यापक और टिकाऊ समावेशन को समर्थन दे सकता है।
प्रश्न 74: कथन (A): डिजिटल वित्तीय सेवाओं का विस्तार वित्तीय समावेशन को बढ़ा सकता है, लेकिन इससे नई प्रकार की बहिष्करण संबंधी चुनौतियाँ भी उत्पन्न हो सकती हैं। कारण (R): डिजिटल माध्यमों पर निर्भरता उन लोगों के लिए बाधा बन सकती है जिनके पास उपयुक्त उपकरण, पर्याप्त इंटरनेट संपर्क, डिजिटल कौशल या डिजिटल सेवाओं के उपयोग का आवश्यक विश्वास नहीं है।
-
A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
दोनों सही हैं, पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है, पर कारण गलत है।
-
D.
कथन गलत है, पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):दोनों कथन सही हैं और कारण, कथन की उचित व्याख्या करता है। डिजिटल वित्तीय सेवाएँ दूरस्थ क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं तक पहुँच बढ़ाने, लेन-देन को सुविधाजनक बनाने और लागत कम करने में सहायता कर सकती हैं। लेकिन यदि किसी व्यक्ति के पास उपयुक्त उपकरण, विश्वसनीय नेटवर्क, डिजिटल कौशल या डिजिटल सेवाओं पर पर्याप्त विश्वास नहीं है, तो डिजिटल माध्यम स्वयं एक नई बाधा बन सकता है। इसलिए डिजिटल विस्तार के साथ डिजिटल साक्षरता, सुगम्यता और उपयोगकर्ता सुरक्षा पर भी ध्यान देना आवश्यक है।
प्रश्न 75: कथन (A): कौशल विकास को समावेशी विकास की रणनीति में शामिल किया जा सकता है क्योंकि यह व्यक्तियों को विभिन्न उत्पादक अवसरों से जोड़ने में सहायता कर सकता है। कारण (R): समावेशी विकास का अर्थ केवल सरकारी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराना है।
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A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
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B.
कथन सही है, पर कारण गलत है।
✓
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C.
कथन गलत है, पर कारण सही है।
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D.
दोनों गलत हैं।
सही उत्तर:
B
— कथन सही है, पर कारण गलत है।
व्याख्या (Explanation):कथन सही है, जबकि कारण गलत है। कौशल विकास व्यक्ति को रोजगार, स्वरोजगार, उद्यमिता और अन्य आय-सृजन गतिविधियों से जोड़ने में सहायता कर सकता है। समावेशी विकास केवल सरकारी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। निजी क्षेत्र में रोजगार, स्वरोजगार, उद्यमिता और अन्य उत्पादक अवसर भी समावेशी विकास का हिस्सा हो सकते हैं।
प्रश्न 76: कथन (A): दिव्यांगजनों के लिए सुगम्यता बढ़ाना सामाजिक समावेशन की दिशा में एक संरचनात्मक उपाय है। कारण (R): सुगम्य परिवहन, भवन और डिजिटल सेवाएँ भागीदारी में आने वाली कुछ भौतिक एवं तकनीकी बाधाओं को कम कर सकती हैं।
-
A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
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B.
दोनों सही हैं, पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
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C.
कथन सही है, पर कारण गलत है।
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D.
कथन गलत है, पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):दोनों कथन सही हैं और कारण, कथन की उचित व्याख्या करता है। सुगम्यता का उद्देश्य ऐसी भौतिक, तकनीकी और सूचना संबंधी बाधाओं को कम करना है जो दिव्यांगजनों की स्वतंत्र भागीदारी को सीमित कर सकती हैं। सुगम्य परिवहन, भवन, सूचना एवं डिजिटल सेवाएँ शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जीवन में उनकी भागीदारी को बढ़ाने में सहायता कर सकती हैं।
प्रश्न 77: कथन (A): स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की आर्थिक भूमिका केवल सदस्यों को छोटे ऋण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। कारण (R): सामूहिक संगठन बचत, वित्तीय अनुशासन, आजीविका गतिविधियों और बाजार से जुड़ाव को भी मजबूत कर सकता है।
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A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
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B.
दोनों सही हैं, पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
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C.
कथन सही है, पर कारण गलत है।
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D.
कथन गलत है, पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):दोनों कथन सही हैं और कारण, कथन की उचित व्याख्या करता है। स्वयं सहायता समूहों की भूमिका केवल ऋण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं होती। सामूहिक बचत, नियमित वित्तीय व्यवहार, ऋण तक पहुँच, आय-सृजन गतिविधियों, कौशल विकास तथा बाजार से जुड़ाव के माध्यम से SHGs आर्थिक और वित्तीय समावेशन को मजबूत कर सकते हैं।
प्रश्न 78: कथन (A): सामाजिक समावेशन के लिए केवल सभी के साथ समान व्यवहार करना पर्याप्त नहीं हो सकता; वास्तविक और सार्थक समान अवसर सुनिश्चित करना भी आवश्यक हो सकता है। कारण (R): विभिन्न सामाजिक समूहों की प्रारंभिक परिस्थितियाँ, संसाधनों तक पहुँच और सामाजिक बाधाएँ समान नहीं हो सकती हैं।
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A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
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B.
दोनों सही हैं, पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
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C.
कथन सही है, पर कारण गलत है।
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D.
कथन गलत है, पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):दोनों कथन सही हैं और कारण, कथन की उचित व्याख्या करता है। सामाजिक समावेशन के संदर्भ में केवल औपचारिक रूप से सभी के साथ समान व्यवहार करना पर्याप्त नहीं हो सकता, क्योंकि विभिन्न समूहों की प्रारंभिक सामाजिक, आर्थिक और भौतिक परिस्थितियाँ अलग हो सकती हैं। इसलिए ऐसी बाधाओं को कम करना आवश्यक हो सकता है जो कुछ समूहों की शिक्षा, रोजगार, वित्तीय सेवाओं या अन्य अवसरों तक पहुँच को सीमित करती हैं।
प्रश्न 79: कथन (A): डिजिटल समावेशन की समस्या केवल इंटरनेट संपर्क उपलब्ध कराने से हल नहीं होती। कारण (R): डिजिटल सेवाओं के प्रभावी उपयोग के लिए उपकरणों की वहनीयता, डिजिटल कौशल, भाषा और उपयोगकर्ता की क्षमता जैसी बाधाएँ भी महत्त्वपूर्ण हो सकती हैं।
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A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
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B.
दोनों सही हैं, पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
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C.
कथन सही है, पर कारण गलत है।
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D.
कथन गलत है, पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):दोनों सही हैं और कारण, कथन की उचित व्याख्या करता है। इंटरनेट कनेक्टिविटी डिजिटल समावेशन का एक महत्त्वपूर्ण आधार है, लेकिन यह अपने आप में पर्याप्त नहीं है। यदि व्यक्ति के पास स्मार्टफोन या कंप्यूटर जैसे उपयुक्त उपकरण नहीं हैं, उपकरण या इंटरनेट सेवा वहन करने योग्य नहीं है, अथवा डिजिटल कौशल और भाषा संबंधी बाधाएँ हैं, तो उपलब्ध डिजिटल संपर्क का वास्तविक लाभ सीमित रह सकता है।
प्रश्न 80: कथन (A): निष्क्रिय बैंक खातों की बड़ी संख्या अपने आप में उच्च स्तर के वित्तीय समावेशन का प्रमाण नहीं है। कारण (R): वित्तीय समावेशन में वित्तीय सेवाओं की प्रभावी और उपयुक्त उपयोग भी महत्त्वपूर्ण होता है।
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A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
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B.
दोनों सही हैं, पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
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C.
कथन सही है, पर कारण गलत है।
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D.
कथन गलत है, पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):दोनों कथन सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है। बैंक खाता होना वित्तीय प्रणाली तक पहुँच का एक संकेत हो सकता है, लेकिन केवल खाता खोलना ही पूर्ण वित्तीय समावेशन सुनिश्चित नहीं करता। यदि खाते का नियमित एवं प्रभावी उपयोग नहीं हो रहा है या व्यक्ति बचत, ऋण, बीमा, भुगतान जैसी आवश्यक वित्तीय सेवाओं का उपयुक्त लाभ नहीं उठा पा रहा है, तो वित्तीय समावेशन अधूरा रह सकता है।
प्रश्न 81: कथन (A): समावेशी विकास में केवल आर्थिक वृद्धि की गति की तुलना में विकास के अवसरों की व्यापक पहुँच अधिक महत्त्वपूर्ण हो सकती है। कारण (R): तेज आर्थिक वृद्धि के बावजूद यदि कुछ सामाजिक या आर्थिक समूह उत्पादक अवसरों से लगातार बाहर रहें, तो विकास का स्वरूप समावेशी नहीं माना जा सकता।
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A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
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B.
दोनों सही हैं, पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
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C.
कथन सही है, पर कारण गलत है।
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D.
कथन गलत है, पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):दोनों कथन सही हैं और कारण, कथन की उचित व्याख्या करता है। समावेशी विकास केवल उच्च आर्थिक वृद्धि दर प्राप्त करने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना भी है कि विभिन्न सामाजिक और आर्थिक समूहों को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्तीय सेवाओं तथा अन्य उत्पादक अवसरों तक व्यापक और प्रभावी पहुँच प्राप्त हो। यदि आर्थिक वृद्धि का लाभ लगातार कुछ समूहों तक सीमित रहे, तो केवल उच्च वृद्धि दर को समावेशी विकास का पर्याप्त प्रमाण नहीं माना जा सकता।
प्रश्न 82: कथन (A): कौशल विकास समावेशी विकास में योगदान कर सकता है, भले ही वह स्वयं प्रत्यक्ष आय अंतरण न हो। कारण (R): कौशल में सुधार व्यक्ति की उत्पादक क्षमता और रोजगार-योग्यता को बढ़ा सकता है।
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A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
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दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
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C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
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कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):कथन और कारण दोनों सही हैं। कौशल विकास प्रत्यक्ष आय अंतरण नहीं है, लेकिन यह व्यक्ति की उत्पादक क्षमता और रोजगार-योग्यता को बढ़ाकर रोजगार, आय तथा आर्थिक अवसरों तक पहुँच में योगदान कर सकता है। इस प्रकार कौशल विकास लोगों को आर्थिक गतिविधियों में अधिक प्रभावी ढंग से भाग लेने में सक्षम बना सकता है। इसलिए कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 83: कथन (A): वित्तीय समावेशन और डिजिटल समावेशन एक-दूसरे को मजबूत कर सकते हैं। कारण (R): डिजिटल माध्यमों के विस्तार से भुगतान और कुछ वित्तीय सेवाओं तक पहुँच आसान हो सकती है।
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A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
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दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
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कथन सही है पर कारण गलत है।
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D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):डिजिटल माध्यमों के विस्तार से डिजिटल भुगतान तथा कुछ वित्तीय सेवाओं तक पहुँच आसान हो सकती है, जिससे वित्तीय सेवाओं के उपयोग का विस्तार संभव है। दूसरी ओर, वित्तीय सेवाओं की डिजिटल उपलब्धता लोगों को डिजिटल साधनों का उपयोग करने के लिए भी प्रोत्साहित कर सकती है। इसलिए दोनों एक-दूसरे को सुदृढ़ कर सकते हैं और कारण कथन की उचित व्याख्या करता है।
प्रश्न 84: कथन (A): क्षेत्रीय असमानता को कम करना समावेशी विकास के लिए महत्त्वपूर्ण है। कारण (R): किसी देश की राष्ट्रीय आय बढ़ने पर उसके सभी क्षेत्रों में विकास का स्तर अनिवार्य रूप से समान हो जाता है।
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A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
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B.
दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
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C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
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कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
C
— कथन सही है पर कारण गलत है।
व्याख्या (Explanation):कथन सही है क्योंकि यदि आर्थिक अवसर, बुनियादी ढाँचा, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर कुछ क्षेत्रों में अधिक केंद्रित हों, तो समावेशी विकास बाधित हो सकता है। कारण गलत है। राष्ट्रीय आय में वृद्धि अपने आप क्षेत्रीय असमानताओं को समाप्त नहीं करती। विभिन्न क्षेत्रों में मानव पूँजी, बुनियादी ढाँचे, उत्पादकता और रोजगार के अवसरों की स्थिति अलग-अलग हो सकती है।
प्रश्न 85: कथन (A): महिलाओं का वित्तीय समावेशन उनके आर्थिक सशक्तीकरण में योगदान कर सकता है। कारण (R): वित्तीय सेवाओं तक पहुँच महिलाओं की बचत, ऋण और आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी की क्षमता को बढ़ा सकती है।
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दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
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दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
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कथन सही है पर कारण गलत है।
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कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):वित्तीय सेवाओं तक पहुँच महिलाओं को बचत, भुगतान, ऋण और अन्य आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी के अधिक अवसर प्रदान कर सकती है। इससे उनकी आर्थिक स्वायत्तता तथा वित्तीय निर्णय लेने की क्षमता को समर्थन मिल सकता है। इसलिए कारण कथन की उचित व्याख्या करता है।
प्रश्न 86: कथन (A): डिजिटल बुनियादी ढाँचे का विस्तार अपने आप पूर्ण डिजिटल समावेशन सुनिश्चित नहीं करता। कारण (R): डिजिटल सेवाओं के उपयोग में वहनीयता, उपकरणों की उपलब्धता और डिजिटल कौशल जैसी बाधाएँ बनी रह सकती हैं।
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A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
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दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
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कथन सही है पर कारण गलत है।
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कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):डिजिटल बुनियादी ढाँचा डिजिटल समावेशन की आवश्यक आधारशिला है, लेकिन वह अकेले पर्याप्त नहीं है। यदि इंटरनेट या डिजिटल सेवाएँ महँगी हों, उपयुक्त उपकरण उपलब्ध न हों या व्यक्ति के पास आवश्यक डिजिटल कौशल न हो, तो डिजिटल सेवाओं का प्रभावी उपयोग सीमित रह सकता है। इसलिए कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 87: कथन (A): समावेशी विकास में अवसरों की समानता को महत्त्व देना आवश्यक है। कारण (R): समान अवसर उपलब्ध होने पर भी सभी व्यक्तियों के परिणाम हमेशा समान होना आवश्यक नहीं है।
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दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
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दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
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कथन सही है पर कारण गलत है।
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कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
B
— दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
व्याख्या (Explanation):कथन और कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण कथन की प्रत्यक्ष व्याख्या नहीं करता। समावेशी विकास में शिक्षा, कौशल, रोजगार, वित्तीय सेवाओं तथा अन्य उत्पादक अवसरों तक व्यापक और प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करना महत्त्वपूर्ण है। दूसरी ओर, समान अवसर उपलब्ध होने के बावजूद व्यक्तिगत परिस्थितियों, क्षमताओं, प्राथमिकताओं और चुनावों के कारण परिणाम अलग-अलग हो सकते हैं। अतः कारण अवसरों की समानता और परिणामों की समानता के बीच अंतर स्पष्ट करता है, लेकिन यह सीधे यह नहीं बताता कि समावेशी विकास में अवसरों की समानता क्यों आवश्यक है।
प्रश्न 88: कथन (A): स्वयं सहायता समूह आर्थिक समावेशन का माध्यम बन सकते हैं। कारण (R): सामूहिक संगठन सदस्यों की बचत, ऋण और आजीविका संबंधी गतिविधियों तक पहुँच को मजबूत कर सकता है।
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दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
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दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
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कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):स्वयं सहायता समूह सामूहिक बचत और ऋण व्यवस्था के माध्यम से सदस्यों की वित्तीय पहुँच को बढ़ा सकते हैं। इनके माध्यम से सदस्य छोटे आर्थिक कार्यों और आजीविका संबंधी गतिविधियों से भी जुड़ सकते हैं। इसलिए कारण कथन की उचित व्याख्या करता है।
प्रश्न 89: कथन (A): डिजिटल समावेशन में डिजिटल साक्षरता की भूमिका केवल उपकरण चलाने की क्षमता तक सीमित नहीं है। कारण (R): डिजिटल सेवाओं का सुरक्षित और प्रभावी उपयोग करने के लिए जानकारी का मूल्यांकन तथा उचित निर्णय लेने की क्षमता भी आवश्यक हो सकती है।
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A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
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दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
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कथन सही है पर कारण गलत है।
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कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):कथन और कारण दोनों सही हैं। डिजिटल साक्षरता केवल डिजिटल उपकरणों को संचालित करने की तकनीकी क्षमता तक सीमित नहीं होती। डिजिटल सेवाओं और सूचनाओं को समझना, उनकी विश्वसनीयता का आकलन करना, जोखिमों को पहचानना तथा उचित और सुरक्षित निर्णय लेना भी डिजिटल साक्षरता का महत्त्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है। इसलिए कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 90: कथन (A): वित्तीय समावेशन में केवल बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता पर्याप्त नहीं है। कारण (R): वित्तीय सेवाओं का उपयोग करने के लिए वहनीयता, पहुँच, उपयुक्तता और वित्तीय समझ भी महत्त्वपूर्ण हो सकती है।
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A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
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दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
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कथन सही है पर कारण गलत है।
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कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):कथन और कारण दोनों सही हैं। किसी व्यक्ति के क्षेत्र में बैंक या अन्य वित्तीय सेवाएँ उपलब्ध होने के बावजूद यदि वे महँगी हों, व्यक्ति उन सेवाओं को समझता न हो या उनका प्रभावी उपयोग न कर सके, तो वास्तविक वित्तीय समावेशन अधूरा रह सकता है। इसलिए वित्तीय सेवाओं की केवल उपलब्धता पर्याप्त नहीं है। कारण कथन की उचित व्याख्या करता है।
प्रश्न 91: कथन (A): वित्तीय समावेशन सामाजिक समावेशन को भी मजबूत कर सकता है। कारण (R): वित्तीय सेवाओं तक पहुँच व्यक्तियों की आर्थिक गतिविधियों और औपचारिक संस्थाओं में भागीदारी की क्षमता बढ़ा सकती है।
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A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
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दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
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कथन सही है पर कारण गलत है।
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कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):कथन और कारण दोनों सही हैं। वित्तीय सेवाओं तक पहुँच से व्यक्ति बचत, भुगतान, ऋण और अन्य आर्थिक गतिविधियों में अधिक प्रभावी ढंग से भाग ले सकता है। इससे आर्थिक अवसरों तक पहुँच बढ़ सकती है और औपचारिक संस्थाओं में भागीदारी को भी समर्थन मिल सकता है। इस प्रकार वित्तीय समावेशन व्यापक सामाजिक समावेशन को मजबूत करने में योगदान दे सकता है। इसलिए कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 92: कथन (A): स्वयं सहायता समूह आर्थिक समावेशन में योगदान कर सकते हैं। कारण (R): सामूहिक बचत और आंतरिक ऋण व्यवस्था के माध्यम से स्वयं सहायता समूह अपने सदस्यों की औपचारिक वित्तीय सेवाओं तक पहुँच को मजबूत कर सकते हैं।
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दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
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दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
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कथन सही है पर कारण गलत है।
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कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):कथन सही है क्योंकि स्वयं सहायता समूह अपने सदस्यों को बचत, ऋण और अन्य वित्तीय गतिविधियों से जोड़कर आर्थिक समावेशन को बढ़ावा दे सकते हैं। सामूहिक बचत और आंतरिक ऋण व्यवस्था सदस्यों की वित्तीय क्षमता को मजबूत करती है तथा कई मामलों में उन्हें औपचारिक बैंकिंग एवं ऋण सेवाओं से जुड़ने में सहायता करती है। इसलिए कारण यह स्पष्ट करता है कि स्वयं सहायता समूह आर्थिक समावेशन में किस प्रकार योगदान कर सकते हैं।
प्रश्न 93: कथन (A): डिजिटल समावेशन केवल इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। कारण (R): डिजिटल सेवाओं का प्रभावी उपयोग करने के लिए पहुँच के साथ डिजिटल साक्षरता और उपयोग की क्षमता भी आवश्यक हो सकती है।
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A.
दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
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दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
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C.
कथन सही है पर कारण गलत है।
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कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):कथन और कारण दोनों सही हैं। डिजिटल समावेशन का उद्देश्य केवल इंटरनेट या डिजिटल अवसंरचना तक भौतिक पहुँच उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि लोगों को डिजिटल सेवाओं का प्रभावी और सुरक्षित उपयोग करने में सक्षम बनाना भी है। इसके लिए डिजिटल साक्षरता, कौशल और उपयोग की क्षमता महत्त्वपूर्ण हो सकती है। इसलिए कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 94: कथन (A): समावेशी विकास के लिए केवल आर्थिक वृद्धि पर्याप्त नहीं है। कारण (R): आर्थिक वृद्धि से उत्पन्न अवसरों और लाभों तक व्यापक पहुँच तथा उनका अपेक्षाकृत न्यायसंगत वितरण समावेशी विकास का महत्त्वपूर्ण पक्ष है।
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दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
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दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
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कथन सही है पर कारण गलत है।
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D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):कथन सही है क्योंकि केवल आर्थिक वृद्धि होने से यह आवश्यक नहीं है कि उसके लाभ समाज के सभी वर्गों तक समान रूप से पहुँचें। यदि आर्थिक वृद्धि से उत्पन्न अवसरों और लाभों तक वंचित एवं कमजोर वर्गों की पर्याप्त पहुँच नहीं है, तो विकास समावेशी नहीं माना जा सकता। कारण सीधे स्पष्ट करता है कि केवल आर्थिक वृद्धि क्यों पर्याप्त नहीं है। इसलिए दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 95: कथन (A): वित्तीय समावेशन केवल बैंक खाता खोलने तक सीमित नहीं है। कारण (R): वित्तीय समावेशन में वित्तीय सेवाओं की उपलब्धता के साथ-साथ उनका प्रभावी और उपयुक्त उपयोग भी महत्त्वपूर्ण है।
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दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
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दोनों सही हैं पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
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कथन सही है पर कारण गलत है।
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D.
कथन गलत है पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):कथन सही है क्योंकि केवल बैंक खाता उपलब्ध होने से यह सुनिश्चित नहीं होता कि व्यक्ति बचत, भुगतान, ऋण, बीमा और अन्य वित्तीय सेवाओं का प्रभावी उपयोग कर रहा है। वित्तीय समावेशन में वित्तीय सेवाओं तक पहुँच के साथ-साथ उनका उपयोग, वहनीयता, उपयुक्तता और प्रभावी पहुँच भी महत्त्वपूर्ण होती है। इसलिए कारण कथन की सही व्याख्या करता है।