प्रश्न 1: भारतीय संविधान में संवैधानिक निकायों को विशेष संरक्षण प्रदान करने का मूल उद्देश्य क्या है?
-
A.
कार्यपालिका की शक्तियों का विस्तार करना
-
B.
संसद की सर्वोच्चता स्थापित करना
-
C.
संस्थागत निष्पक्षता, शक्ति-संतुलन तथा लोकतांत्रिक शासन को सुदृढ़ करना
✓
-
D.
न्यायपालिका के अधिकारों को सीमित करना
सही उत्तर:
C
— संस्थागत निष्पक्षता, शक्ति-संतुलन तथा लोकतांत्रिक शासन को सुदृढ़ करना
व्याख्या (Explanation):भारतीय संविधान निर्वाचन आयोग, संघ लोक सेवा आयोग, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक, वित्त आयोग तथा अन्य संवैधानिक निकायों को आवश्यक स्वतंत्रता एवं संस्थागत सुरक्षा प्रदान करता है ताकि वे राजनीतिक अथवा प्रशासनिक दबाव से मुक्त होकर निष्पक्ष रूप से अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन कर सकें। इससे लोकतांत्रिक शासन में Checks and Balances, पारदर्शिता, निष्पक्षता तथा उत्तरदायित्व को सुदृढ़ किया जाता है।
प्रश्न 2: निम्नलिखित में से किस संवैधानिक निकाय के संबंध में निम्नलिखित कथन सर्वाधिक उपयुक्त है? (1) यह निकाय स्वयं निर्णय लागू नहीं करता, बल्कि अपनी रिपोर्टों एवं सिफारिशों के माध्यम से लोकतांत्रिक शासन में पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व को सुदृढ़ करता है।
-
A.
निर्वाचन आयोग
-
B.
वित्त आयोग
-
C.
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक
✓
-
D.
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग
सही उत्तर:
C
— नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक
व्याख्या (Explanation):नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्टें स्वयं दंडात्मक प्रभाव नहीं रखतीं, किन्तु वे संसद, लोक लेखा समिति तथा सार्वजनिक विमर्श के माध्यम से सरकार की वित्तीय जवाबदेही एवं पारदर्शिता को सुदृढ़ करती हैं।
प्रश्न 3: संवैधानिक निकायों की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित में से कौन-कौन से उपाय अपनाए गए हैं? (1) निश्चित कार्यकाल (2) सेवा-शर्तों में अलाभकारी परिवर्तन पर रोक (3) हटाने की विशेष प्रक्रिया (4) व्यय का भारत की संचित निधि पर भारित होना
-
A.
केवल 1, 2 और 3
-
B.
केवल 2, 3 और 4
-
C.
केवल 1, 3 और 4
-
D.
1, 2, 3 और 4
✓
सही उत्तर:
D
— 1, 2, 3 और 4
व्याख्या (Explanation):विभिन्न संवैधानिक निकायों की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने हेतु संविधान में निश्चित कार्यकाल, सेवा-शर्तों में अलाभकारी परिवर्तन पर रोक, हटाने की विशेष प्रक्रिया तथा कुछ निकायों के व्यय को भारत की संचित निधि पर भारित करने जैसे विभिन्न सुरक्षा-उपबंध प्रदान किए गए हैं। यद्यपि ये सभी उपाय प्रत्येक संवैधानिक निकाय पर समान रूप से लागू नहीं होते, फिर भी समष्टिगत रूप से ये संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को सुदृढ़ करते हैं।
प्रश्न 4: निम्नलिखित कथनों में से सही कथन का चयन करें: (1) प्रत्येक संवैधानिक निकाय की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए हटाने की प्रक्रिया समान होती है। (2) प्रत्येक संवैधानिक निकाय की शक्तियाँ सीधे संविधान से प्राप्त होती हैं। (3) संविधान सभी संवैधानिक निकायों की संरचना का पूर्ण विवरण प्रदान करता है।
-
A.
केवल 2
✓
-
B.
केवल 1 और 2
-
C.
केवल 2 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 2
व्याख्या (Explanation):संवैधानिक निकायों की मूल शक्तियाँ संविधान से प्राप्त होती हैं। किन्तु उनकी हटाने की प्रक्रिया समान नहीं है तथा संविधान प्रत्येक निकाय की संरचना, सेवा-शर्तों और कार्यप्रणाली का पूर्ण विवरण नहीं देता; अनेक विषयों का विनियमन संसद द्वारा बनाए गए कानूनों के माध्यम से किया जाता है।
प्रश्न 5: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से सही कथन का चयन करें: (1) सरकार UPSC की सलाह से भिन्न निर्णय ले सकती है। (2) यदि सरकार UPSC की सलाह स्वीकार नहीं करती, तो उसे कारणों सहित यह मामला संसद के समक्ष प्रस्तुत करना होता है। (3) UPSC का प्रमुख उद्देश्य लोक सेवाओं में योग्यता-आधारित एवं राजनीतिक रूप से निष्पक्ष भर्ती सुनिश्चित करना है।
-
A.
केवल 1 और 3
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 2
-
D.
1, 2 और 3
✓
सही उत्तर:
D
— 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):UPSC की सलाह सामान्यतः बाध्यकारी नहीं होती। यदि सरकार उसकी सलाह स्वीकार नहीं करती, तो संविधान के अनुसार UPSC की वार्षिक रिपोर्ट तथा अस्वीकृति के कारणों सहित एक ज्ञापन संसद के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है। UPSC का उद्देश्य योग्यता-आधारित तथा राजनीतिक रूप से निष्पक्ष लोक सेवा भर्ती सुनिश्चित करना है।
प्रश्न 6: निम्नलिखित में से किन संवैधानिक निकायों का कार्य मुख्यतः कार्यपालिका की जवाबदेही सुनिश्चित करना है? (1) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (2) निर्वाचन आयोग (3) राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 1 और 3
✓
-
C.
केवल 2 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
B
— केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक सार्वजनिक व्यय का लेखा परीक्षण कर वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करता है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग संवैधानिक सुरक्षा उपायों के क्रियान्वयन की निगरानी करता है और अपनी रिपोर्टों एवं सिफारिशों के माध्यम से कार्यपालिका को उत्तरदायी बनाता है। निर्वाचन आयोग का मुख्य कार्य स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराना है, न कि कार्यपालिका की जवाबदेही सुनिश्चित करना। इसलिए यह इस श्रेणी में शामिल नहीं है।
प्रश्न 7: नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से सही कथन का चयन करें: (1) CAG द्वारा किया गया लेखा परीक्षण स्वयं किसी व्यय को अवैध घोषित नहीं करता। (2) CAG की रिपोर्टों की जाँच संसद की लोक लेखा समिति (PAC) द्वारा की जाती है। (3) CAG को किसी सरकारी निर्णय की नीतिगत उपयुक्तता का निर्णय करने का अधिकार है।
-
A.
केवल 1 और 2
✓
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):CAG सार्वजनिक व्यय का लेखा परीक्षण करता है, परन्तु वह न्यायिक निकाय नहीं है। वह किसी व्यय को स्वयं अवैध घोषित नहीं कर सकता तथा न ही सरकारी नीतियों की उपयुक्तता का निर्णय करता है। उसकी रिपोर्टों की जाँच संसद की लोक लेखा समिति (PAC) द्वारा की जाती है।
प्रश्न 8: निम्नलिखित कथनों में से सही कथन का चयन करें: (1) अनुच्छेद 324 निर्वाचन आयोग को उन परिस्थितियों में भी कार्य करने की शक्ति देता है जहाँ विधि मौन हो। (2) निर्वाचन आयोग संसद द्वारा बनाए गए किसी विधि के विपरीत आदेश जारी नहीं कर सकता। (3) सर्वोच्च न्यायालय ने अनुच्छेद 324 की शक्तियों को असीमित माना है।
-
A.
केवल 1 और 2
✓
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि अनुच्छेद 324 के अंतर्गत निर्वाचन आयोग को अवशिष्ट शक्तियाँ प्राप्त हैं, जिससे वह उन परिस्थितियों में भी कार्य कर सकता है जहाँ विधि मौन हो। किन्तु ये शक्तियाँ संसद द्वारा बनाए गए कानून के अधीन हैं; अतः आयोग किसी प्रचलित कानून के विपरीत आदेश जारी नहीं कर सकता।
प्रश्न 9: निम्नलिखित संवैधानिक निकायों के संबंध किन-किन निकायों पर लागू होते हैं? (1) इनके सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। (2) इनके व्यय भारत की संचित निधि पर भारित होते हैं। (3) इनकी स्वतंत्रता सुनिश्चित करने हेतु संविधान में विशेष सुरक्षा-उपबंध दिए गए हैं।
-
A.
केवल निर्वाचन आयोग एवं संघ लोक सेवा आयोग
-
B.
केवल नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक एवं वित्त आयोग
-
C.
निर्वाचन आयोग, संघ लोक सेवा आयोग तथा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक
✓
-
D.
निर्वाचन आयोग, वित्त आयोग, संघ लोक सेवा आयोग तथा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक
सही उत्तर:
C
— निर्वाचन आयोग, संघ लोक सेवा आयोग तथा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक
व्याख्या (Explanation):निर्वाचन आयोग, संघ लोक सेवा आयोग तथा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने हेतु संविधान में विशेष सुरक्षा-उपबंध दिए गए हैं तथा इनके व्यय भारत की संचित निधि पर भारित होते हैं। वित्त आयोग के सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, किन्तु उसे निर्वाचन आयोग, संघ लोक सेवा आयोग तथा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक जैसी संवैधानिक स्वतंत्रता एवं वित्तीय संरक्षण प्राप्त नहीं है।
प्रश्न 10: निम्नलिखित संवैधानिक निकायों में से कौन-से अपने कार्यों के निर्वहन में मुख्यतः सलाहकारी भूमिका निभाते हैं? (1) वित्त आयोग (2) संघ लोक सेवा आयोग (3) राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग
-
A.
केवल 1 और 2
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
✓
सही उत्तर:
D
— 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):वित्त आयोग राष्ट्रपति को वित्तीय विषयों पर सिफारिशें देता है। संघ लोक सेवा आयोग भर्ती तथा सेवा-संबंधी मामलों में सरकार को सलाह देता है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग भी जाँच, प्रतिवेदन तथा सिफारिशों के माध्यम से सरकार को सुझाव देता है। यद्यपि इन निकायों के कार्य एवं शक्तियाँ भिन्न हैं, तथापि इनकी अधिकांश भूमिका सलाहकारी प्रकृति की है।
प्रश्न 11: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) निर्वाचन आयोग तथा संघ लोक सेवा आयोग दोनों स्वतंत्र संवैधानिक निकाय हैं। (2) दोनों निकायों के व्यय भारत की संचित निधि पर भारित होते हैं। (3) दोनों निकाय संसद के प्रति उत्तरदायी हैं।
-
A.
केवल 1 और 2
✓
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):दोनों स्वतंत्र संवैधानिक निकाय हैं तथा इनके व्यय भारत की संचित निधि पर भारित होते हैं। वे संसद के प्रति उत्तरदायी नहीं हैं; वे संविधान के अंतर्गत स्वतंत्र रूप से कार्य करते हैं।
प्रश्न 12: निम्नलिखित में से [निकाय - संबंधित अनुच्छेद] कौन-सा युग्म सही सुमेलित है? (1) निर्वाचन आयोग – अनुच्छेद 324 (2) वित्त आयोग - अनुच्छेद 280 (3) संघ लोक सेवा आयोग - अनुच्छेद 315 (4) राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग - अनुच्छेद 338
-
A.
केवल 1, 2 और 3
✓
-
B.
केवल 2, 3 और 4
-
C.
केवल 1 और 4
-
D.
1, 2, 3 और 4
सही उत्तर:
A
— केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग संविधान के अनुच्छेद 338A के अंतर्गत स्थापित है, न कि अनुच्छेद 338 के अंतर्गत।
प्रश्न 13: निम्नलिखित संवैधानिक निकायों में से किनके प्रमुख अथवा सदस्यों को हटाने के लिए संविधान विशेष प्रक्रिया अथवा विशेष सुरक्षा प्रदान करता है? (1) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (2) मुख्य निर्वाचन आयुक्त (3) संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष
-
A.
केवल 1 और 2
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
✓
सही उत्तर:
D
— 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान प्रक्रिया द्वारा हटाया जाता है। संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के अध्यक्ष एवं सदस्यों को राष्ट्रपति संविधान के अनुच्छेद 317 में निर्दिष्ट प्रक्रिया एवं आधारों के अनुसार हटाते हैं। अतः तीनों पदों को विशेष संवैधानिक सुरक्षा प्राप्त है।
प्रश्न 14: निम्नलिखित संवैधानिक निकायों में से किनकी वार्षिक रिपोर्ट राष्ट्रपति के माध्यम से संसद के समक्ष प्रस्तुत की जाती है? (1) संघ लोक सेवा आयोग (2) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (3) राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग
-
A.
केवल 1 और 2
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
✓
सही उत्तर:
D
— 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):इन तीनों संवैधानिक निकायों की रिपोर्ट राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत की जाती है, जो उन्हें संसद के समक्ष रखवाते हैं। संघ लोक सेवा आयोग तथा राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग की रिपोर्ट के साथ सरकार द्वारा की गई कार्रवाई का ज्ञापन भी प्रस्तुत किया जाता है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट भी राष्ट्रपति द्वारा संसद के समक्ष रखी जाती है।
प्रश्न 15: राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग तथा राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) दोनों आयोगों को जाँच के दौरान दीवानी न्यायालय के समान शक्तियाँ प्राप्त हैं। (2) दोनों आयोग राष्ट्रपति को प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हैं। (3) दोनों आयोग बाध्यकारी आदेश जारी कर सकते हैं।
-
A.
केवल 1 और 2
✓
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):दोनों आयोगों को जाँच के दौरान दीवानी न्यायालय के समान शक्तियाँ प्राप्त हैं तथा वे राष्ट्रपति को प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हैं। हालांकि, वे बाध्यकारी न्यायिक आदेश जारी नहीं कर सकते।
प्रश्न 16: नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) वेतन एवं भत्ते भारत की संचित निधि पर भारित होते हैं। (2) नियुक्ति के पश्चात उसकी सेवा-शर्तों में उसके प्रतिकूल परिवर्तन नहीं किया जा सकता। (3) सेवानिवृत्ति के पश्चात वह भारत सरकार अथवा किसी राज्य सरकार के अधीन किसी पद पर नियुक्त नहीं हो सकता।
-
A.
केवल 1 और 2
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
✓
सही उत्तर:
D
— 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए संविधान में ये सभी सुरक्षा-उपबंध प्रदान किए गए हैं।
प्रश्न 17: संघ लोक सेवा आयोग के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति करता है। (2) अपने कार्यकाल की समाप्ति के बाद संघ लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष किसी भी राज्य लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष नियुक्त नहीं किया जा सकता। (3) संघ लोक सेवा आयोग का सदस्य अपने कार्यकाल के पश्चात संघ लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष या किसी राज्य लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया जा सकता है।
-
A.
केवल 1 और 2
-
B.
केवल 1 और 3
-
C.
केवल 2 और 3
-
D.
1, 2 और 3
✓
सही उत्तर:
D
— 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति करता है। अनुच्छेद 319 के अनुसार UPSC के अध्यक्ष को किसी अन्य सरकारी पद पर नियुक्त नहीं किया जा सकता, जबकि UPSC का सदस्य बाद में UPSC अध्यक्ष या राज्य लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया जा सकता है।
प्रश्न 18: वित्त आयोग के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) संविधान वित्त आयोग की संरचना, सदस्यों की योग्यताओं एवं सेवा-शर्तों का विस्तृत विवरण प्रदान करता है। (2) वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं अन्य सदस्यों की योग्यताओं का निर्धारण संसद द्वारा किया जाता है। (3) राष्ट्रपति वित्त आयोग को अनुच्छेद 280 के अंतर्गत अतिरिक्त विषयों पर भी सिफारिश करने का निर्देश दे सकता है।
-
A.
केवल 1 और 2
-
B.
केवल 2 और 3
✓
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
B
— केवल 2 और 3
व्याख्या (Explanation):संविधान (अनुच्छेद 280) केवल वित्त आयोग की स्थापना का प्रावधान करता है, उसकी संरचना, योग्यताएँ एवं सेवा-शर्तें संसद द्वारा कानून के माध्यम से निर्धारित की जाती हैं। राष्ट्रपति आयोग को अतिरिक्त विषयों पर भी सिफारिश करने का निर्देश दे सकता है।
प्रश्न 19: निर्वाचन आयोग के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उसी प्रक्रिया द्वारा हटाया जाता है, जिस प्रक्रिया द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है। (2) अन्य निर्वाचन आयुक्तों को केवल मुख्य निर्वाचन आयुक्त की अनुशंसा पर ही हटाया जा सकता है। (3) संविधान अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति की संख्या निश्चित करता है।
-
A.
केवल 1 और 2
✓
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान है। अन्य निर्वाचन आयुक्तों को राष्ट्रपति केवल मुख्य निर्वाचन आयुक्त की अनुशंसा पर हटा सकता है। संविधान निर्वाचन आयुक्तों की संख्या निर्धारित नहीं करता; यह राष्ट्रपति द्वारा समय-समय पर निर्धारित की जाती है।
प्रश्न 20: निम्नलिखित युग्मों [संवैधानिक निकाय - प्रमुख कार्य] में से कितने युग्म गलत सुमेलित हैं? (1) निर्वाचन आयोग - स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराना (2) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक - सार्वजनिक व्यय का लेखा परीक्षण (3) संघ लोक सेवा आयोग - उच्च न्यायपालिका में नियुक्ति (4) वित्त आयोग - करों के वितरण पर सिफारिश
-
A.
केवल एक
✓
-
B.
केवल दो
-
C.
केवल तीन
-
D.
सभी चार
सही उत्तर:
A
— केवल एक
व्याख्या (Explanation):युग्म (1), (2) एवं (4) सही सुमेलित हैं। निर्वाचन आयोग स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराता है, CAG सार्वजनिक व्यय का लेखा परीक्षण करता है तथा वित्त आयोग केंद्र एवं राज्यों के बीच करों के वितरण पर सिफारिश करता है। युग्म (3) गलत है क्योंकि संघ लोक सेवा आयोग का कार्य केंद्रीय सेवाओं में भर्ती, परीक्षाओं का आयोजन तथा सेवा संबंधी मामलों में सरकार को सलाह देना है। उच्च न्यायपालिका में नियुक्ति इसका कार्य नहीं है। इस प्रकार केवल एक युग्म गलत सुमेलित है।
प्रश्न 21: निम्नलिखित संवैधानिक निकायों में से किनके वेतन एवं प्रशासनिक व्यय भारत की संचित निधि पर भारित होते हैं? (1) निर्वाचन आयोग (2) संघ लोक सेवा आयोग (3) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक
-
A.
केवल 1 और 2
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
✓
सही उत्तर:
D
— 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):निर्वाचन आयोग, संघ लोक सेवा आयोग तथा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक जैसे स्वतंत्र संवैधानिक निकायों के वेतन एवं प्रशासनिक व्यय भारत की संचित निधि पर भारित होते हैं, जिससे उनकी संस्थागत स्वतंत्रता सुनिश्चित की जा सके।
प्रश्न 22: निम्नलिखित में से किस संवैधानिक निकाय का प्रमुख उद्देश्य केंद्र एवं राज्यों के मध्य वित्तीय संघवाद को सुदृढ़ करना है?
-
A.
निर्वाचन आयोग
-
B.
UPSC
-
C.
वित्त आयोग
✓
-
D.
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक
सही उत्तर:
C
— वित्त आयोग
व्याख्या (Explanation):वित्त आयोग का प्रमुख कार्य केंद्र एवं राज्यों के मध्य करों के वितरण तथा अनुदानों के संबंध में सिफारिश करना है, जिससे वित्तीय संघवाद को सुदृढ़ किया जा सके।
प्रश्न 23: राज्य लोक सेवा आयोग के संबंध में निम्नलिखित में से सही कथन कौन-सा है?
-
A.
इसके अध्यक्ष की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं।
-
B.
इसकी वार्षिक रिपोर्ट राज्यपाल को प्रस्तुत की जाती है।
✓
-
C.
इसका क्षेत्राधिकार सभी राज्यों में समान होता है।
-
D.
यह संसद के प्रति उत्तरदायी होता है।
सही उत्तर:
B
— इसकी वार्षिक रिपोर्ट राज्यपाल को प्रस्तुत की जाती है।
व्याख्या (Explanation):राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल करते हैं। आयोग अपनी वार्षिक रिपोर्ट राज्यपाल को प्रस्तुत करता है, जो उसे राज्य विधानमंडल के समक्ष रखवाते हैं।
प्रश्न 24: राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) इसे दीवानी न्यायालय के समान कुछ शक्तियाँ प्राप्त हैं। (2) यह अनुसूचित जातियों से संबंधित शिकायतों की जाँच कर सकता है। (3) यह न्यायालय की भाँति अंतिम निर्णय दे सकता है।
-
A.
केवल 1 और 2
✓
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):आयोग को जाँच के दौरान दीवानी न्यायालय जैसी कुछ शक्तियाँ प्राप्त हैं, किंतु यह न्यायालय नहीं है और बाध्यकारी न्यायिक निर्णय नहीं देता।
प्रश्न 25: निम्नलिखित में से कौन-सा संवैधानिक निकाय है?
-
A.
नीति आयोग
-
B.
केंद्रीय सतर्कता आयोग
-
C.
वित्त आयोग
✓
-
D.
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो
सही उत्तर:
C
— वित्त आयोग
व्याख्या (Explanation):वित्त आयोग संविधान के अनुच्छेद 280 के अंतर्गत स्थापित संवैधानिक निकाय है। नीति आयोग कार्यपालिका द्वारा स्थापित निकाय है, जबकि केंद्रीय सतर्कता आयोग वैधानिक निकाय तथा CBI कार्यपालिका द्वारा स्थापित अन्वेषण एजेंसी है।
प्रश्न 26: नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक भारत सरकार तथा राज्य सरकारों के खातों का लेखा परीक्षण करता है। (2) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक संसद के प्रति उत्तरदायी होता है। (3) नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट राष्ट्रपति अथवा राज्यपाल के माध्यम से संबंधित विधानमंडल के समक्ष रखी जाती है।
-
A.
केवल 1 और 2
-
B.
केवल 1 और 3
✓
-
C.
केवल 2 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
B
— केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):कथन 1 एवं 3 सही हैं। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक भारत सरकार एवं राज्य सरकारों के खातों का लेखा परीक्षण करता है तथा उसकी रिपोर्ट राष्ट्रपति अथवा राज्यपाल के माध्यम से संसद/राज्य विधानमंडल के समक्ष रखी जाती है। कथन 2 गलत है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक संसद के प्रति उत्तरदायी नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र संवैधानिक प्राधिकारी है।
प्रश्न 27: संघ लोक सेवा आयोग के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) संघ लोक सेवा आयोग भर्ती संबंधी परीक्षाएँ आयोजित करता है। (2) यह भर्ती नियमों एवं पदोन्नति से संबंधित मामलों में सरकार को सलाह देता है। (3) इसकी सलाह को केंद्र सरकार प्रत्येक स्थिति में मानने के लिए बाध्य है।
-
A.
केवल 1 और 2
✓
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):संघ लोक सेवा आयोग भर्ती परीक्षाएँ आयोजित करता है तथा भर्ती, नियुक्ति, पदोन्नति एवं सेवा संबंधी मामलों में सरकार को सलाह देता है। इसकी सलाह सामान्यतः स्वीकार की जाती है, किंतु वह सरकार पर विधिक रूप से बाध्यकारी नहीं होती।
प्रश्न 28: वित्त आयोग के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) इसका गठन प्रत्येक पाँच वर्ष के भीतर किया जाता है। (2) इसकी सभी सिफारिशें सरकार के लिए बाध्यकारी होती हैं। (3) यह केंद्र एवं राज्यों के मध्य करों के वितरण पर सिफारिश करता है।
-
A.
केवल 1 और 2
-
B.
केवल 1 और 3
✓
-
C.
केवल 2 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
B
— केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):राष्ट्रपति अनुच्छेद 280 के अंतर्गत प्रत्येक पाँच वर्ष के भीतर (या आवश्यक होने पर उससे पहले) वित्त आयोग का गठन करते हैं। इसकी सिफारिशें सलाहकारी होती हैं, बाध्यकारी नहीं।
प्रश्न 29: निर्वाचन आयोग के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) निर्वाचन आयोग को निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन करने की शक्ति प्राप्त है। (2) निर्वाचन आयोग मतदाता सूचियों की तैयारी तथा उनका पर्यवेक्षण करता है। (3) निर्वाचन आयोग संसद, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति तथा राज्य विधानसभाओं के चुनावों का अधीक्षण, निर्देशन एवं नियंत्रण करता है।
-
A.
केवल 2 और 3
✓
-
B.
केवल 1 और 2
-
C.
केवल 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 2 और 3
व्याख्या (Explanation):कथन 1 गलत है। निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन परिसीमन आयोग द्वारा किया जाता है। कथन 2 एवं 3 सही हैं। अनुच्छेद 324 के अंतर्गत निर्वाचन आयोग मतदाता सूचियों की तैयारी तथा संसद, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति एवं राज्य विधानसभाओं के चुनावों का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण करता है।
प्रश्न 30: नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक अपनी रिपोर्ट किसे प्रस्तुत करता है?
-
A.
प्रधानमंत्री
-
B.
राष्ट्रपति
✓
-
C.
संसद का कोई सदस्य
-
D.
मुख्य न्यायाधीश
सही उत्तर:
B
— राष्ट्रपति
व्याख्या (Explanation):संविधान के अनुच्छेद 151 के अनुसार नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति को प्रस्तुत करता है। इसके बाद राष्ट्रपति उस रिपोर्ट को संसद के दोनों सदनों के समक्ष रखवाते हैं। इसी प्रकार राज्यों के संबंध में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक अपनी रिपोर्ट राज्यपाल को प्रस्तुत करता है, जो उसे राज्य विधानमंडल के समक्ष रखवाते हैं।
प्रश्न 31: संघ लोक सेवा आयोग का कार्य क्या है?
-
A.
भर्ती करना
✓
-
B.
कानून बनाना
-
C.
न्याय देना
-
D.
बजट बनाना
सही उत्तर:
A
— भर्ती करना
व्याख्या (Explanation):संघ लोक सेवा आयोग केंद्र सरकार की विभिन्न सिविल सेवाओं एवं अन्य पदों पर भर्ती के लिए परीक्षाओं का आयोजन करता है तथा भर्ती, पदोन्नति एवं सेवा संबंधी विषयों पर सरकार को सलाह देता है।
प्रश्न 32: वित्त आयोग की नियुक्ति कौन करता है?
-
A.
प्रधानमंत्री
-
B.
संसद
-
C.
सर्वोच्च न्यायालय
-
D.
राष्ट्रपति
✓
सही उत्तर:
D
— राष्ट्रपति
व्याख्या (Explanation):संविधान के अनुच्छेद 280 के अनुसार वित्त आयोग का गठन राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है। सामान्यतः इसका गठन प्रत्येक पाँच वर्ष में अथवा आवश्यकता होने पर उससे पहले भी किया जा सकता है।
प्रश्न 33: निर्वाचन आयोग का प्रमुख कार्य क्या है?
-
A.
कानून बनाना
-
B.
कर वसूली करना
-
C.
स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराना
✓
-
D.
बजट बनाना
सही उत्तर:
C
— स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराना
व्याख्या (Explanation):निर्वाचन आयोग का मुख्य कार्य संसद, राज्य विधानसभाओं, राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति के चुनावों का स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संचालन करना है। यह संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत कार्य करता है।
प्रश्न 34: राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग किस अनुच्छेद के अंतर्गत आता है?
-
A.
अनुच्छेद 338
✓
-
B.
अनुच्छेद 324
-
C.
अनुच्छेद 280
-
D.
अनुच्छेद 148
सही उत्तर:
A
— अनुच्छेद 338
व्याख्या (Explanation):राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग का प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 338 में किया गया है। इसका मुख्य कार्य अनुसूचित जातियों के संवैधानिक एवं विधिक अधिकारों की रक्षा करना तथा उनके हितों से संबंधित मामलों की निगरानी करना है।
प्रश्न 35: राज्य लोक सेवा आयोग किसके लिए भर्ती करता है?
-
A.
केंद्र सरकार
-
B.
राज्य सरकार
✓
-
C.
न्यायपालिका
-
D.
संसद
सही उत्तर:
B
— राज्य सरकार
व्याख्या (Explanation):राज्य लोक सेवा आयोग राज्य सरकार की सेवाओं एवं पदों पर भर्ती के लिए उत्तरदायी होता है। इसका गठन संविधान के अनुच्छेद 315 के अंतर्गत किया गया है।
प्रश्न 36: नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक का मुख्य कार्य क्या है?
-
A.
कानून बनाना
-
B.
चुनाव कराना
-
C.
सरकारी खातों का लेखा परीक्षण करना
✓
-
D.
नीति निर्धारण करना
सही उत्तर:
C
— सरकारी खातों का लेखा परीक्षण करना
व्याख्या (Explanation):नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक का प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 148 में किया गया है। इसका मुख्य कार्य केंद्र एवं राज्य सरकारों तथा अन्य निर्धारित निकायों के खातों का लेखा परीक्षण करना तथा सार्वजनिक वित्त में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
प्रश्न 37: संघ लोक सेवा आयोग किस अनुच्छेद से संबंधित है?
-
A.
अनुच्छेद 315
✓
-
B.
अनुच्छेद 324
-
C.
अनुच्छेद 280
-
D.
अनुच्छेद 110
सही उत्तर:
A
— अनुच्छेद 315
व्याख्या (Explanation):संघ लोक सेवा आयोग का संवैधानिक प्रावधान अनुच्छेद 315 से 323 के अंतर्गत किया गया है। यह केंद्र सरकार की सिविल सेवाओं एवं अन्य पदों पर भर्ती के लिए परीक्षाओं का आयोजन करता है तथा भर्ती संबंधी विषयों पर सरकार को सलाह देता है।
प्रश्न 38: वित्त आयोग का मुख्य कार्य क्या है?
-
A.
न्यायिक निर्णय देना
-
B.
कानून बनाना
-
C.
चुनाव कराना
-
D.
केंद्र और राज्यों के बीच वित्तीय वितरण पर सिफारिश करना
✓
सही उत्तर:
D
— केंद्र और राज्यों के बीच वित्तीय वितरण पर सिफारिश करना
व्याख्या (Explanation):वित्त आयोग का गठन संविधान के अनुच्छेद 280 के अंतर्गत किया जाता है। इसका मुख्य कार्य केंद्र और राज्यों के बीच करों के वितरण, राज्यों को अनुदान तथा अन्य वित्तीय विषयों पर राष्ट्रपति को सिफारिश करना है। इसकी सिफारिशें सामान्यतः सलाहकारी होती हैं और संवैधानिक रूप से बाध्यकारी नहीं हैं।
प्रश्न 39: भारत में निर्वाचन आयोग की स्थापना किस अनुच्छेद के अंतर्गत की गई है?
-
A.
अनुच्छेद 280
-
B.
अनुच्छेद 324
✓
-
C.
अनुच्छेद 315
-
D.
अनुच्छेद 148
सही उत्तर:
B
— अनुच्छेद 324
व्याख्या (Explanation):भारत में निर्वाचन आयोग की स्थापना संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत की गई है। यह संसद, राज्य विधानसभाओं, राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति के चुनावों के अधीक्षण, निर्देशन एवं नियंत्रण का दायित्व निभाता है। यह एक स्वतंत्र संवैधानिक निकाय है, जिसका उद्देश्य स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं विश्वसनीय चुनाव सुनिश्चित करना है।
प्रश्न 40: कथन (A): राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग अनुच्छेद 338A के अंतर्गत स्थापित एक संवैधानिक एवं सलाहकारी निकाय है। कारण (R): इसकी सिफारिशें सरकार के लिए बाध्यकारी होती हैं क्योंकि यह एक वैधानिक प्राधिकरण है।
-
A.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या है।
-
B.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परन्तु कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन (A) सही है, किन्तु कारण (R) गलत है।
✓
-
D.
कथन (A) गलत है, किन्तु कारण (R) सही है।
सही उत्तर:
C
— कथन (A) सही है, किन्तु कारण (R) गलत है।
व्याख्या (Explanation):राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग अनुच्छेद 338A के अंतर्गत स्थापित एक संवैधानिक निकाय है। इसकी भूमिका मुख्यतः सलाहकारी एवं सिफारिशात्मक है तथा इसकी सिफारिशें सरकार पर बाध्यकारी नहीं होतीं। इसके अतिरिक्त यह वैधानिक नहीं, बल्कि संवैधानिक निकाय है। इसलिए कथन (A) सही तथा कारण (R) गलत है।
प्रश्न 41: कथन (A): नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक केवल सरकारी व्यय की वैधता की जाँच करता है, प्रदर्शन लेखा परीक्षा नहीं करता। कारण (R): अनुच्छेद 149 के अंतर्गत नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक केंद्र तथा राज्यों के लेखों का स्वतंत्र लेखा-परीक्षण करता है।
-
A.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या है।
-
B.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परन्तु कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन (A) सही है, किन्तु कारण (R) गलत है।
-
D.
कथन (A) गलत है, किन्तु कारण (R) सही है।
✓
सही उत्तर:
D
— कथन (A) गलत है, किन्तु कारण (R) सही है।
व्याख्या (Explanation):नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक केवल नियमितता अथवा वैधता लेखा-परीक्षण तक सीमित नहीं है। वह वित्तीय, अनुपालन तथा प्रदर्शन लेखा परीक्षा भी करता है। अतः कथन (A) गलत है। कारण (R) सही है क्योंकि अनुच्छेद 149 के अंतर्गत नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक केंद्र एवं राज्यों के लेखों का स्वतंत्र लेखा-परीक्षण करता है।
प्रश्न 42: कथन (A): संसद साधारण कानून द्वारा संघ लोक सेवा आयोग के कार्यों में बिना किसी संवैधानिक सीमा के परिवर्तन कर सकती है। कारण (R): अनुच्छेद 320 संघ लोक सेवा आयोग के संवैधानिक कार्यों का निर्धारण करता है, जबकि अनुच्छेद 321 के अंतर्गत संसद कानून द्वारा आयोग को अतिरिक्त कार्य सौंप सकती है।
-
A.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या है।
-
B.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परन्तु कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन (A) सही है, किन्तु कारण (R) गलत है।
-
D.
कथन (A) गलत है, किन्तु कारण (R) सही है।
✓
सही उत्तर:
D
— कथन (A) गलत है, किन्तु कारण (R) सही है।
व्याख्या (Explanation):अनुच्छेद 320 संघ लोक सेवा आयोग के संवैधानिक कार्यों का निर्धारण करता है। साथ ही, अनुच्छेद 321 संसद को कानून द्वारा आयोग को अतिरिक्त कार्य सौंपने का अधिकार देता है। किन्तु संसद साधारण कानून द्वारा आयोग के संविधान-निर्धारित कार्यों में बिना किसी संवैधानिक सीमा के परिवर्तन नहीं कर सकती। अतः कथन (A) गलत है, जबकि कारण (R) सही है।
प्रश्न 43: कथन (A): वित्त आयोग की सिफारिशें राष्ट्रपति तथा संसद के लिए बाध्यकारी होती हैं। कारण (R): वित्त आयोग एक संवैधानिक निकाय है जिसका प्रमुख कार्य केंद्र और राज्यों के मध्य वित्तीय संसाधनों के न्यायसंगत वितरण के संबंध में सिफारिश करना है।
-
A.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
-
B.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परन्तु कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन (A) सही है, किन्तु कारण (R) गलत है।
-
D.
कथन (A) गलत है, किन्तु कारण (R) सही है।
✓
सही उत्तर:
D
— कथन (A) गलत है, किन्तु कारण (R) सही है।
व्याख्या (Explanation):अनुच्छेद 280 के अंतर्गत गठित वित्त आयोग एक संवैधानिक निकाय है। इसकी सिफारिशें सलाहकारी प्रकृति की होती हैं, बाध्यकारी नहीं। इसलिए कथन (A) गलत है, जबकि कारण (R) सही है।
प्रश्न 44: कथन (A): निर्वाचन आयोग की शक्तियाँ केवल अनुच्छेद 324 में स्पष्ट रूप से परिभाषित हैं। कारण (R): निर्वाचन आयोग की अनेक शक्तियाँ न्यायिक व्याख्या तथा वैधानिक प्रावधानों/आदेशों के माध्यम से विकसित हुई हैं।
-
A.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
-
B.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परन्तु कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन (A) सही है, किन्तु कारण (R) गलत है।
-
D.
कथन (A) गलत है, किन्तु कारण (R) सही है।
✓
सही उत्तर:
D
— कथन (A) गलत है, किन्तु कारण (R) सही है।
व्याख्या (Explanation):अनुच्छेद 324 निर्वाचन आयोग को व्यापक संवैधानिक शक्तियाँ प्रदान करता है, किन्तु आयोग की सभी शक्तियाँ केवल इसी अनुच्छेद में सीमित रूप से परिभाषित नहीं हैं। आयोग की शक्तियों का विकास न्यायालयों की व्याख्याओं तथा वैधानिक प्रावधानों एवं आदेशों (जैसे चुनाव चिन्ह (आरक्षण एवं आवंटन) आदेश) के माध्यम से भी हुआ है। अतः कथन (A) गलत तथा कारण (R) सही है।
प्रश्न 45: कथन (A): राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग तथा राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग दोनों का गठन 89वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा किया गया था। कारण (R): 89वें संविधान संशोधन द्वारा अनुच्छेद 338A जोड़ा गया, जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की स्थापना का प्रावधान किया गया।
-
A.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण, कथन (A) की सही व्याख्या है।
-
B.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परन्तु कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन (A) सही है, परन्तु कारण (R) गलत है।
-
D.
कथन (A) गलत है, परन्तु कारण (R) सही है।
✓
सही उत्तर:
D
— कथन (A) गलत है, परन्तु कारण (R) सही है।
व्याख्या (Explanation):89वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा पूर्ववर्ती संयुक्त आयोग को विभाजित कर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (अनुच्छेद 338) और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (अनुच्छेद 338A) को पृथक किया गया। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग का संवैधानिक प्रावधान पहले से विद्यमान था; 89वें संशोधन ने उसके लिए नया आयोग स्थापित नहीं किया, बल्कि अनुसूचित जनजाति आयोग के लिए पृथक अनुच्छेद 338A जोड़ा। इसलिए कथन (A) गलत तथा कारण (R) सही है।
प्रश्न 46: कथन (A): नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक केवल सरकारी व्यय की वैधता की जांच करता है। कारण (R): अनुच्छेद 149 नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के कर्तव्यों एवं शक्तियों का संवैधानिक आधार प्रदान करता है।
-
A.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण, कथन (A) की सही व्याख्या है।
-
B.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परन्तु कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन (A) सही है, परन्तु कारण (R) गलत है।
-
D.
कथन (A) गलत है, परन्तु कारण (R) सही है।
✓
सही उत्तर:
D
— कथन (A) गलत है, परन्तु कारण (R) सही है।
व्याख्या (Explanation):नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) केवल सरकारी व्यय की वैधता (Regularity Audit) की जांच तक सीमित नहीं है। वह केंद्र एवं राज्यों के खातों, राजस्व प्राप्तियों, सरकारी उपक्रमों तथा अन्य निकायों की लेखा परीक्षा भी करता है, जैसा कि संसद द्वारा बनाए गए नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कर्तव्य, शक्तियाँ एवं सेवा की शर्तें) अधिनियम, 1971 के अंतर्गत निर्धारित है। इसलिए कथन (A) गलत है। अनुच्छेद 149 नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के कर्तव्यों एवं शक्तियों का संवैधानिक आधार प्रदान करता है, जबकि उनके विस्तृत कर्तव्यों का निर्धारण संसद द्वारा बनाए गए कानून के माध्यम से किया जाता है। अतः कारण (R) सही है।
प्रश्न 47: कथन (A): संघ लोक सेवा आयोग के कार्यों में संसद साधारण कानून द्वारा परिवर्तन कर सकती है। कारण (R): अनुच्छेद 320 संघ लोक सेवा आयोग के कार्यों का उल्लेख करता है।
-
A.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण, कथन (A) की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परन्तु कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन (A) सही है, परन्तु कारण (R) गलत है।
-
D.
कथन (A) गलत है, परन्तु कारण (R) सही है।
सही उत्तर:
A
— कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण, कथन (A) की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):अनुच्छेद 320 संघ लोक सेवा आयोग के कार्यों का उल्लेख करता है। साथ ही, अनुच्छेद 320(3) के प्रावधानों के अनुसार संसद साधारण कानून बनाकर ऐसे मामलों का निर्धारण कर सकती है जिनमें संघ लोक सेवा आयोग से परामर्श आवश्यक नहीं होगा। इस प्रकार संसद साधारण कानून के माध्यम से आयोग के कार्यों एवं परामर्श के दायरे में परिवर्तन कर सकती है। अतः कथन (A) एवं कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 48: कथन (A): वित्त आयोग केवल करों के वितरण पर सिफारिश करता है, अनुदानों पर नहीं। कारण (R): वित्त आयोग अनुच्छेद 280 के अंतर्गत केंद्र और राज्यों के मध्य वित्तीय संबंधों से संबंधित विषयों पर राष्ट्रपति को सिफारिशें देता है।
-
A.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण, कथन (A) की सही व्याख्या है।
-
B.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परन्तु कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन (A) सही है, परन्तु कारण (R) गलत है।
-
D.
कथन (A) गलत है, परन्तु कारण (R) सही है।
✓
सही उत्तर:
D
— कथन (A) गलत है, परन्तु कारण (R) सही है।
व्याख्या (Explanation):अनुच्छेद 280 के अनुसार वित्त आयोग करों के वितरण के अतिरिक्त अनुच्छेद 275 के अंतर्गत राज्यों को दिए जाने वाले अनुदानों के सिद्धांतों पर भी सिफारिश करता है। इसलिए कथन (A) गलत है। कारण (R) सही है क्योंकि वित्त आयोग केंद्र-राज्य वित्तीय संबंधों से संबंधित मामलों पर राष्ट्रपति को सिफारिशें देता है।
प्रश्न 49: कथन (A): निर्वाचन आयोग द्वारा लागू की जाने वाली आदर्श आचार संहिता संवैधानिक रूप से बाध्यकारी है। कारण (R): अनुच्छेद 324 निर्वाचन आयोग को चुनावों के संचालन, निर्देशन एवं नियंत्रण के लिए व्यापक शक्तियाँ प्रदान करता है।
-
A.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
-
B.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परन्तु कारण (R), कथन (A) की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन (A) सही है, परन्तु कारण (R) गलत है।
-
D.
कथन (A) गलत है, परन्तु कारण (R) सही है।
✓
सही उत्तर:
D
— कथन (A) गलत है, परन्तु कारण (R) सही है।
व्याख्या (Explanation):आदर्श आचार संहिता कोई संवैधानिक अथवा वैधानिक प्रावधान नहीं है, बल्कि निर्वाचन आयोग द्वारा विकसित एक नैतिक एवं प्रशासनिक आचार-संहिता है। अतः कथन (A) गलत है। वहीं अनुच्छेद 324 निर्वाचन आयोग को चुनावों के स्वतंत्र एवं निष्पक्ष संचालन हेतु व्यापक शक्तियाँ प्रदान करता है, जिनके आधार पर आयोग आदर्श आचार संहिता का प्रवर्तन करता है। अतः कारण (R) सही है।
प्रश्न 50: कथन (A): राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग अनुच्छेद 338A के अंतर्गत स्थापित है। कारण (R): यह अनुसूचित जनजातियों के अधिकारों की सुरक्षा हेतु सरकार को सिफारिशें देता है।
-
A.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
दोनों सही हैं, पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है, पर कारण गलत है।
-
D.
कथन गलत है, पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग अनुच्छेद 338A के अंतर्गत स्थापित एक संवैधानिक निकाय है। इसका प्रमुख कार्य अनुसूचित जनजातियों के हितों की रक्षा करना, उनके अधिकारों की निगरानी करना तथा सरकार को आवश्यक सिफारिशें देना है। इसलिए दोनों कथन सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 51: कथन (A): नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक केवल व्यय की वैधता की जांच करता है। कारण (R): नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक भारत सरकार तथा राज्य सरकारों के साथ-साथ अन्य निकायों के खातों का भी लेखा परीक्षण करता है।
-
A.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
-
B.
दोनों सही हैं, पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है, पर कारण गलत है।
-
D.
कथन गलत है, पर कारण सही है।
✓
सही उत्तर:
D
— कथन गलत है, पर कारण सही है।
व्याख्या (Explanation):नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) का कार्य केवल व्यय की वैधता की जांच तक सीमित नहीं है। वह संविधान तथा संबंधित कानूनों के अनुसार केंद्र सरकार, राज्य सरकारों तथा अन्य निर्धारित निकायों के खातों का लेखा परीक्षण करता है। अतः कथन गलत है, जबकि कारण सही है।
प्रश्न 52: कथन (A): संघ लोक सेवा आयोग की स्वतंत्रता संविधान द्वारा संरक्षित है। कारण (R): इसके सदस्यों को निश्चित कार्यकाल तथा सीमित परिस्थितियों में हटाए जाने का संवैधानिक प्रावधान प्राप्त है।
-
A.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
दोनों सही हैं, पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है, पर कारण गलत है।
-
D.
कथन गलत है, पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):संघ लोक सेवा आयोग की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए संविधान में उसके सदस्यों के निश्चित कार्यकाल, सेवा-शर्तों की सुरक्षा तथा सीमित परिस्थितियों में हटाने की प्रक्रिया का प्रावधान किया गया है। इसलिए दोनों कथन सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 53: कथन (A): वित्त आयोग की सिफारिशें सरकार के लिए बाध्यकारी होती हैं। कारण (R): वित्त आयोग एक सलाहकारी संवैधानिक निकाय है।
-
A.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
-
B.
दोनों सही हैं, पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है, पर कारण गलत है।
-
D.
कथन गलत है, पर कारण सही है।
✓
सही उत्तर:
D
— कथन गलत है, पर कारण सही है।
व्याख्या (Explanation):वित्त आयोग एक संवैधानिक निकाय है, परंतु इसकी सिफारिशें सरकार के लिए विधिक रूप से बाध्यकारी नहीं होतीं। सरकार इन्हें स्वीकार, संशोधित या आंशिक रूप से लागू कर सकती है। अतः कथन गलत है, जबकि कारण सही है।
प्रश्न 54: कथन (A): निर्वाचन आयोग चुनाव चिन्हों का आवंटन राजनीतिक दलों की मान्यता तथा चुनाव चिन्ह [आरक्षण और आवंटऩ] आदेश, 1968 के प्रावधानों के अनुसार करता है। कारण (R): चुनाव चिन्ह [आरक्षण और आवंटन] आदेश, 1968 निर्वाचन आयोग को इस संबंध में वैधानिक अधिकार प्रदान करता है।
-
A.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
दोनों सही हैं, पर कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन सही है, पर कारण गलत है।
-
D.
कथन गलत है, पर कारण सही है।
सही उत्तर:
A
— कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):निर्वाचन आयोग चुनाव चिन्हों का आवंटन चुनाव चिन्ह (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के अनुसार करता है। इस प्रक्रिया में राजनीतिक दल की मान्यता एक महत्वपूर्ण आधार होती है। अतः दोनों कथन सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 55: कथन (A): राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग अनुच्छेद 338 के अंतर्गत स्थापित है। कारण (R): यह अनुसूचित जातियों के अधिकारों की सुरक्षा हेतु शिकायतों की जांच करता है तथा सरकार को सिफारिशें देता है।
-
A.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
-
B.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
✓
-
C.
कथन (A) सही है, पर कारण (R) गलत है।
-
D.
कथन (A) गलत है, पर कारण (R) सही है।
सही उत्तर:
B
— कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
व्याख्या (Explanation):राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग संविधान के अनुच्छेद 338 के अंतर्गत स्थापित एक संवैधानिक निकाय है। इसका कार्य अनुसूचित जातियों के अधिकारों की सुरक्षा, शिकायतों की जांच तथा सरकार को सिफारिशें देना है। दोनों कथन सही हैं, किंतु आयोग के कार्य यह स्पष्ट नहीं करते कि उसका संवैधानिक आधार अनुच्छेद 338 है। अतः कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता।
प्रश्न 56: कथन (A): नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक केवल केंद्र सरकार के व्यय का लेखा परीक्षण करता है। कारण (R): यह केंद्र और राज्यों दोनों के वित्तीय लेन-देन की लेखा परीक्षा करता है।
-
A.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
-
B.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
कथन (A) सही है, पर कारण (R) गलत है।
-
D.
कथन (A) गलत है, पर कारण (R) सही है।
✓
सही उत्तर:
D
— कथन (A) गलत है, पर कारण (R) सही है।
व्याख्या (Explanation):नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक केवल केंद्र सरकार तक सीमित नहीं है। यह केंद्र एवं राज्य सरकारों सहित विभिन्न सरकारी निकायों के लेखों का परीक्षण करता है। इसलिए कथन गलत है, जबकि कारण सही है।
प्रश्न 57: कथन (A): संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। कारण (R): यह आयोग केंद्र सरकार की सिविल सेवाओं में नियुक्तियों के लिए सिफारिश करता है।
-
A.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
-
B.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
✓
-
C.
कथन (A) सही है, पर कारण (R) गलत है।
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D.
कथन (A) गलत है, पर कारण (R) सही है।
सही उत्तर:
B
— कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
व्याख्या (Explanation):संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। आयोग का प्रमुख कार्य संघ की सिविल सेवाओं में भर्ती हेतु परीक्षाएँ आयोजित करना तथा नियुक्तियों के संबंध में सरकार को सलाह एवं सिफारिश देना है। दोनों कथन सही हैं, परंतु कारण नियुक्ति की संवैधानिक व्यवस्था की व्याख्या नहीं करता। इसलिए सही उत्तर B है।
प्रश्न 58: कथन (A): वित्त आयोग का गठन राष्ट्रपति द्वारा सामान्यतः प्रत्येक पाँच वर्ष में किया जाता है। कारण (R): यह केंद्र और राज्यों के बीच करों के वितरण तथा अनुदानों के संबंध में सिफारिश करता है।
-
A.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
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B.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
✓
-
C.
कथन (A) सही है, पर कारण (R) गलत है।
-
D.
कथन (A) गलत है, पर कारण (R) सही है।
सही उत्तर:
B
— कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
व्याख्या (Explanation):संविधान के अनुच्छेद 280 के अनुसार राष्ट्रपति सामान्यतः प्रत्येक पाँच वर्ष में वित्त आयोग का गठन करते हैं। इसका प्रमुख कार्य केंद्र और राज्यों के बीच करों के वितरण तथा अनुदानों के संबंध में सिफारिश करना है। दोनों कथन सही हैं, किंतु आयोग के कार्य उसके गठन की अवधि या राष्ट्रपति द्वारा उसके गठन की संवैधानिक व्यवस्था की व्याख्या नहीं करते। इसलिए कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
प्रश्न 59: कथन (A): निर्वाचन आयोग अनुच्छेद 324 के अंतर्गत स्थापित एक संवैधानिक निकाय है। कारण (R): यह लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनावों का संचालन, निर्देशन और नियंत्रण करता है।
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A.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है।
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B.
कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
✓
-
C.
कथन (A) सही है, पर कारण (R) गलत है।
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D.
कथन (A) गलत है, पर कारण (R) सही है।
सही उत्तर:
B
— कथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, परंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
व्याख्या (Explanation):निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत स्थापित एक संवैधानिक निकाय है, अतः कथन सही है। कारण भी सही है क्योंकि निर्वाचन आयोग लोकसभा तथा राज्य विधानसभाओं के चुनावों का संचालन, निर्देशन और नियंत्रण करता है। किन्तु यही तथ्य यह स्पष्ट नहीं करता कि निर्वाचन आयोग संवैधानिक निकाय क्यों है; उसका संवैधानिक स्वरूप अनुच्छेद 324 द्वारा स्थापित होने के कारण है, न कि उसके कार्यों के कारण। इसलिए कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता।