UPSC Prelims के लिए विश्व भूगोल (World Geography) MCQ in Hindi का सबसे अच्छा संग्रह। महाद्वीप, महासागर, प्रमुख पर्वत, नदियाँ, झीलें, विश्व की जलवायु, प्राकृतिक वनस्पति, कृषि, संसाधन, उद्योग, मानचित्र एवं प्रमुख क्षेत्रों पर 200+ महत्वपूर्ण MCQs उत्तर एवं विस्तृत व्याख्या सहित। NCERT आधारित Free Practice Quiz।

This quiz contains 207 carefully selected multiple-choice questions (MCQ) with detailed explanations for each answer. Questions cover important topics from Geography.

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200+ विश्व भूगोल MCQ in Hindi | Questions with Answers for UPSC Prelims

UPSC Prelims के लिए विश्व भूगोल (World Geography) MCQ in Hindi का सबसे अच्छा संग्रह। महाद्वीप, महासागर, प्रमुख पर्वत, नदियाँ, झीलें, विश्व की जलवायु, प्राकृतिक वनस्पति, कृषि, संसाधन, उद्योग, मानचित्र एवं प्रमुख क्षेत्रों पर 200+ महत्वपूर्ण MCQs उत्तर एवं विस्तृत व्याख्या सहित। NCERT आधारित Free Practice Quiz।

📊
Difficulty
Hard
❓
Num Questions
207
❓
Points Per Question
1
⏱️
Time Limit
150 minutes

All MCQ Questions with Answers and Explanations

प्रश्न 1: यदि किसी क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन के कारण वर्षा की तीव्रता बढ़े, किन्तु कुल वार्षिक वर्षा लगभग समान रहे, तो निम्नलिखित में से कौन-सा प्रभाव अधिक संभावित है?

  • A. सभी नदियाँ बारहमासी हो जाएँगी।
  • B. सूखा पूर्णतः समाप्त हो जाएगा।
  • C. बाढ़ एवं सतही अपवाह की घटनाएँ बढ़ सकती हैं। ✓
  • D. भूजल पुनर्भरण अनिवार्य रूप से बढ़ेगा।
सही उत्तर: C — बाढ़ एवं सतही अपवाह की घटनाएँ बढ़ सकती हैं।
व्याख्या (Explanation):
कम समय में तीव्र वर्षा होने पर सतही अपवाह और बाढ़ बढ़ सकती है, जबकि भूजल पुनर्भरण अपेक्षाकृत कम भी हो सकता है।

प्रश्न 2: किसी नदी के डेल्टा का सिकुड़ना निम्नलिखित में से किन कारणों से संबंधित हो सकता है? (1) ऊपरी धारा में बड़े बाँध (2) समुद्र-स्तर वृद्धि (3) अवसाद आपूर्ति में कमी

  • A. 1, 2 और 3 ✓
  • B. केवल 1 और 2
  • C. केवल 2 और 3
  • D. केवल 1
सही उत्तर: A — 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
बाँध अवसाद रोकते हैं, समुद्र-स्तर वृद्धि तटीय क्षरण बढ़ा सकती है तथा अवसाद आपूर्ति में कमी डेल्टा निर्माण को कमजोर करती है।

प्रश्न 3: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) अधिकांश रिफ्ट घाटियाँ पृथ्वी की पर्पटी में प्रसारण से संबंधित होती हैं। (2) पूर्वी अफ्रीकी रिफ्ट प्रणाली अभी भी सक्रिय विवर्तनिक क्षेत्र है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. 1 और 2 दोनों ✓
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):
रिफ्ट घाटियाँ सामान्यतः पर्पटी के प्रसारण के कारण विकसित होती हैं। पूर्वी अफ्रीकी रिफ्ट प्रणाली आज भी सक्रिय विवर्तनिक क्षेत्र है जहाँ भविष्य में नया महासागर बनने की संभावना मानी जाती है। अतः दोनों कथन सही हैं।

प्रश्न 4: विश्व मानचित्र में निम्नलिखित में से कौन-सा देश भूमध्य रेखा (Equator) से नहीं गुजरता?

  • A. इंडोनेशिया
  • B. ब्राज़ील
  • C. केन्या
  • D. दक्षिण अफ्रीका ✓
सही उत्तर: D — दक्षिण अफ्रीका
व्याख्या (Explanation):
भूमध्य रेखा इंडोनेशिया, ब्राज़ील और केन्या सहित अनेक देशों से गुजरती है, जबकि दक्षिण अफ्रीका इससे काफी दक्षिण में स्थित है।

प्रश्न 5: यदि किसी मानचित्र पर ग्रेट रिफ्ट वैली को चिह्नित किया जाए, तो उसका सर्वाधिक विस्तार किस महाद्वीप में पाया जाता है?

  • A. अफ्रीका ✓
  • B. एशिया
  • C. यूरोप
  • D. ऑस्ट्रेलिया
सही उत्तर: A — अफ्रीका
व्याख्या (Explanation):
ग्रेट रिफ्ट वैली लाल सागर से लेकर पूर्वी अफ्रीका तक विस्तृत है और अनेक रिफ्ट झीलों एवं ज्वालामुखीय क्षेत्रों से जुड़ी है।

प्रश्न 6: यदि किसी विश्व क्षेत्र में लगातार बढ़ते तापमान, वर्षा की अनिश्चितता तथा भूमिगत जल के अत्यधिक दोहन के कारण कृषि प्रभावित हो रही हो, तो सबसे उपयुक्त विश्लेषण क्या होगा?

  • A. समस्या केवल जलवायु परिवर्तन की है।
  • B. यह जलवायु, जल संसाधन तथा भूमि उपयोग के संयुक्त प्रभाव का उदाहरण है। ✓
  • C. इसका संबंध केवल जनसंख्या वृद्धि से है।
  • D. इसका संबंध केवल मृदा अपरदन से है।
सही उत्तर: B — यह जलवायु, जल संसाधन तथा भूमि उपयोग के संयुक्त प्रभाव का उदाहरण है।
व्याख्या (Explanation):
कृषि पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण केवल एक कारण से नहीं किया जा सकता। लगातार बढ़ता तापमान फसलों की वृद्धि, वाष्पोत्सर्जन तथा जल की मांग को प्रभावित करता है; वर्षा की अनिश्चितता सिंचाई, बुआई और उत्पादन में अस्थिरता लाती है; जबकि भूमिगत जल का अत्यधिक दोहन सिंचाई के प्रमुख स्रोत को कमजोर कर देता है। इसके साथ ही भूमि उपयोग, जल संसाधन प्रबंधन तथा स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियाँ भी कृषि उत्पादकता को प्रभावित करती हैं। इसलिए यह स्थिति जलवायु, जल संसाधन और भूमि उपयोग के संयुक्त प्रभाव का उदाहरण है, न कि केवल जलवायु परिवर्तन, जनसंख्या वृद्धि या मृदा अपरदन का। यही कारण है कि विकल्प (B) सही उत्तर है।

प्रश्न 7: मानचित्र में दो समान ऊँचाई वाले क्षेत्रों में समोच्च रेखाओं का पैटर्न भिन्न है। इससे कौन-सा निष्कर्ष निकालना सबसे अधिक उपयुक्त होगा?

  • A. ढाल, जलनिकासी एवं स्थलरूप में अंतर हो सकता है। ✓
  • B. दोनों क्षेत्रों का तापमान समान होगा।
  • C. दोनों क्षेत्रों की वर्षा समान होगी।
  • D. दोनों क्षेत्रों की मृदा अनिवार्य रूप से समान होगी।
सही उत्तर: A — ढाल, जलनिकासी एवं स्थलरूप में अंतर हो सकता है।
व्याख्या (Explanation):
समोच्च रेखाओं का विन्यास स्थलाकृति का दर्पण है। समान ऊँचाई पर भी घाटियाँ, जल-विभाजक, रिज तथा ढाल अलग-अलग हो सकते हैं।

प्रश्न 8: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) सभी नदी प्रणालियाँ समय के साथ Dynamic Equilibrium प्राप्त कर लेती हैं। (2) विवर्तनिकी, जलवायु परिवर्तन तथा मानव हस्तक्षेप नदी के संतुलन को बाधित कर सकते हैं।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 ✓
  • C. 1 और 2 दोनों
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: B — केवल 2
व्याख्या (Explanation):
पहला कथन गलत है क्योंकि Dynamic Equilibrium एक आदर्श अवधारणा है तथा सभी नदियाँ इसे प्राप्त नहीं करतीं। विवर्तनिकी, जलवायु परिवर्तन तथा मानव हस्तक्षेप नदी की ऊर्जा, अवसाद परिवहन और प्रवाह व्यवस्था को प्रभावित कर उसके संतुलन को बाधित कर सकते हैं। अतः केवल कथन (2) सही है।

प्रश्न 9: किसी पर्वतीय क्षेत्र में समान ऊँचाई पर स्थित दो ढालों में एक पर घना वन तथा दूसरी पर विरल वनस्पति हो। यदि वर्षा लगभग समान हो, तो सबसे उपयुक्त कारण क्या होगा?

  • A. दोनों ढालों का अक्षांश अलग है।
  • B. दोनों का देशांतर अलग है।
  • C. पृथ्वी की घूर्णन गति अलग है।
  • D. ढाल की अभिमुखता तथा प्राप्त सौर विकिरण में अंतर। ✓
सही उत्तर: D — ढाल की अभिमुखता तथा प्राप्त सौर विकिरण में अंतर।
व्याख्या (Explanation):
अभिमुखता के कारण तापमान, वाष्पीकरण तथा मृदा की नमी बदलती है, जिससे समान ऊँचाई और वर्षा होने पर भी वनस्पति भिन्न हो सकती है।

प्रश्न 10: यदि किसी क्षेत्र में वनावरण घटने के साथ-साथ अभेद्य सतहों (Impervious Surfaces) का विस्तार हो, तो सबसे संभावित परिणाम क्या होगा?

  • A. सतही अपवाह बढ़ेगा तथा भूजल पुनर्भरण घटेगा। ✓
  • B. वाष्पीकरण पूर्णतः समाप्त हो जाएगा।
  • C. सभी नदियाँ बारहमासी हो जाएँगी।
  • D. वर्षा स्वतः दोगुनी हो जाएगी।
सही उत्तर: A — सतही अपवाह बढ़ेगा तथा भूजल पुनर्भरण घटेगा।
व्याख्या (Explanation):
वनावरण की कमी एवं कंक्रीटीकरण से जल का अवशोषण घटता है, सतही अपवाह बढ़ता है और भूजल पुनर्भरण कम होता है। यही शहरी बाढ़ का प्रमुख कारण भी है।

प्रश्न 11: यदि किसी देश का औद्योगिक विकास मुख्यतः डिजिटल सेवाओं, कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा अनुसंधान-आधारित उत्पादन पर आधारित हो, तो निम्नलिखित में से कौन-सा कारक अपेक्षाकृत कम महत्त्वपूर्ण होगा?

  • A. विश्वविद्यालय एवं अनुसंधान संस्थान
  • B. लौह-अयस्क खदानों की निकटता ✓
  • C. उच्च कौशलयुक्त मानव संसाधन
  • D. डिजिटल अवसंरचना
सही उत्तर: B — लौह-अयस्क खदानों की निकटता
व्याख्या (Explanation):
ज्ञान-आधारित उद्योगों में संसाधन-आधारित अवस्थिति की तुलना में नवाचार, प्रतिभा और डिजिटल नेटवर्क अधिक महत्त्वपूर्ण होते हैं।

प्रश्न 12: निम्नलिखित में से कौन-सा कारक किसी पर्वतीय नदी में आकस्मिक बाढ़ (Flash Flood) की तीव्रता को सबसे कम प्रभावित करेगा?

  • A. ढाल की तीव्रता
  • B. वर्षा की तीव्रता
  • C. स्थानीय समय क्षेत्र ✓
  • D. भूमि आवरण
सही उत्तर: C — स्थानीय समय क्षेत्र
व्याख्या (Explanation):
ढाल, वर्षा और भूमि आवरण सतही अपवाह तथा बाढ़ की तीव्रता को प्रभावित करते हैं। स्थानीय समय क्षेत्र का जलवैज्ञानिक प्रक्रियाओं से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।

प्रश्न 13: विश्व के अनेक शुष्क क्षेत्रों में भूजल का अत्यधिक दोहन निम्नलिखित में से किस समस्या को सबसे अधिक बढ़ा सकता है?

  • A. भूमि धँसाव एवं जलभृत की दीर्घकालीन क्षति। ✓
  • B. हिमनद विस्तार।
  • C. महासागरीय अपवेलिंग।
  • D. ज्वालामुखीय उद्गार।
सही उत्तर: A — भूमि धँसाव एवं जलभृत की दीर्घकालीन क्षति।
व्याख्या (Explanation):
अत्यधिक भूजल दोहन से जलभृत का दाब घट सकता है जिससे भूमि धँसाव तथा स्थायी जलभृत क्षति हो सकती है। यह समकालीन भूगोल एवं पर्यावरण का महत्त्वपूर्ण विषय है।

प्रश्न 14: यदि किसी तटीय क्षेत्र में समुद्र-स्तर वृद्धि, भू-धँसाव, मैंग्रोव क्षरण तथा अवसाद आपूर्ति में कमी एक साथ हो, तो निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सर्वाधिक उपयुक्त होगा?

  • A. तटीय स्थिरता बढ़ेगी।
  • B. डेल्टा का क्षेत्रफल स्वतः बढ़ जाएगा।
  • C. समुद्री लवणता समाप्त हो जाएगी।
  • D. तटीय भू-आकृति तीव्र परिवर्तन के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हो सकती है। ✓
सही उत्तर: D — तटीय भू-आकृति तीव्र परिवर्तन के प्रति अत्यधिक संवेदनशील हो सकती है।
व्याख्या (Explanation):
ये चारों प्रक्रियाएँ मिलकर तटीय सुरक्षा, भूमि निर्माण तथा पारिस्थितिक संतुलन को कमजोर करती हैं। यही कारण है कि कई विश्व डेल्टा जलवायु परिवर्तन के प्रति अत्यधिक संवेदनशील माने जाते हैं।

प्रश्न 15: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) यदि किसी नदी बेसिन में अवसाद का उत्पादन बढ़े तथा नीचे की ओर बाँध भी हों, तो डेल्टा तक पहुँचने वाला अवसाद अनिवार्य रूप से बढ़ जाएगा। (2) किसी नदी बेसिन में अवसाद का उत्पादन और अवसाद का परिवहन दो भिन्न प्रक्रियाएँ हैं।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 ✓
  • C. 1 और 2 दोनों
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: B — केवल 2
व्याख्या (Explanation):
पहला कथन गलत है क्योंकि बाँध बड़ी मात्रा में अवसाद को जलाशयों में रोक सकते हैं। दूसरा कथन सही है; अवसाद का उत्पादन, परिवहन और निक्षेपण तीन अलग-अलग प्रक्रियाएँ हैं।

प्रश्न 16: यदि किसी मानचित्र में समान ऊँचाई वाले दो क्षेत्रों में समोच्च रेखाओं का पैटर्न अलग-अलग हो, तो इसका सबसे उपयुक्त अर्थ क्या होगा?

  • A. दोनों क्षेत्रों की वर्षा अलग होगी।
  • B. दोनों क्षेत्रों की शैल संरचना समान होगी।
  • C. स्थलाकृति एवं ढाल की प्रकृति भिन्न हो सकती है। ✓
  • D. दोनों क्षेत्रों का अक्षांश अलग होगा।
सही उत्तर: C — स्थलाकृति एवं ढाल की प्रकृति भिन्न हो सकती है।
व्याख्या (Explanation):
समान ऊँचाई होने पर भी समोच्च रेखाओं का विन्यास ढाल, घाटियों, जल विभाजकों और स्थलरूपों में अंतर दर्शा सकता है।

प्रश्न 17: निम्नलिखित में से कौन-सा परिवर्तन किसी बड़े महानगरीय क्षेत्र में स्थानीय जलचक्र को सर्वाधिक प्रभावित कर सकता है?

  • A. अभेद्य सतहों का विस्तार, हरित क्षेत्र में कमी तथा भूजल पुनर्भरण में गिरावट। ✓
  • B. पृथ्वी की धुरी का झुकाव।
  • C. महासागरीय धाराओं का वैश्विक पुनर्गठन।
  • D. चंद्रमा की कक्षा में परिवर्तन।
सही उत्तर: A — अभेद्य सतहों का विस्तार, हरित क्षेत्र में कमी तथा भूजल पुनर्भरण में गिरावट।
व्याख्या (Explanation):
शहरीकरण स्थानीय स्तर पर अपवाह, भूजल पुनर्भरण, सतही तापमान और वर्षाजल निकासी को प्रभावित करता है।

प्रश्न 18: निम्नलिखित कथनों में सही उत्तर चुनिए। (1) समोच्च रेखाएँ सड़क, रेल तथा नहर परियोजनाओं की योजना बनाने में उपयोगी होती हैं। (2) केवल ऊँचाई ज्ञात करने के लिए ही समोच्च मानचित्रों का उपयोग किया जाता है।

  • A. केवल 2
  • B. केवल 1 ✓
  • C. 1 और 2 दोनों
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: B — केवल 1
व्याख्या (Explanation):
समोच्च मानचित्र इंजीनियरिंग, जल संसाधन, रक्षा, मार्ग चयन तथा भूमि उपयोग नियोजन में व्यापक रूप से प्रयुक्त होते हैं। दूसरा कथन गलत है।

प्रश्न 19: यदि किसी पर्वतीय क्षेत्र में तापमान वृद्धि के कारण हिमरेखा ऊपर चली जाए, तो निम्नलिखित में से कौन-सा प्रभाव दीर्घकाल में सबसे अधिक संभावित है?

  • A. सभी नदियों का प्रवाह स्थायी रूप से बढ़ जाएगा।
  • B. पर्वतों की ऊँचाई बढ़ जाएगी।
  • C. हिमनदों का विस्तार होगा।
  • D. हिमपोषित नदियों के प्रवाह की मौसमीता बढ़ सकती है। ✓
सही उत्तर: D — हिमपोषित नदियों के प्रवाह की मौसमीता बढ़ सकती है।
व्याख्या (Explanation):
दीर्घकाल में हिमनद सिकुड़ने से शुष्क मौसम में जल की उपलब्धता घट सकती है, जबकि वर्षा-आधारित प्रवाह का महत्व बढ़ सकता है।

प्रश्न 20: उच्च-प्रौद्योगिकी औद्योगिक क्लस्टरों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता मुख्यतः किस पर आधारित होती है?

  • A. नवाचार, अनुसंधान, कुशल मानव संसाधन तथा ज्ञान नेटवर्क। ✓
  • B. केवल लौह अयस्क की उपलब्धता।
  • C. केवल कोयला भंडार।
  • D. केवल सस्ती कृषि भूमि।
सही उत्तर: A — नवाचार, अनुसंधान, कुशल मानव संसाधन तथा ज्ञान नेटवर्क।
व्याख्या (Explanation):
आधुनिक औद्योगिक भूगोल में नवाचार पारितंत्र, विश्वविद्यालय, स्टार्टअप नेटवर्क, वित्त एवं कौशल पारंपरिक संसाधनों की तुलना में अधिक निर्णायक हो सकते हैं।

प्रश्न 21: निम्नलिखित में से कौन-सा संयोजन किसी तटीय पारिस्थितिकी तंत्र को जलवायु परिवर्तन के प्रति सर्वाधिक संवेदनशील बना सकता है? (1) समुद्र-स्तर वृद्धि (2) मैंग्रोव का विनाश (3) भू-धँसाव (4) अवसाद आपूर्ति में कमी

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. 1, 2, 3 और 4 ✓
  • D. केवल 1, 3 और 4
सही उत्तर: C — 1, 2, 3 और 4
व्याख्या (Explanation):
ये चारों कारक मिलकर तटीय तंत्र की प्राकृतिक अनुकूलन क्षमता कम कर देते हैं।

प्रश्न 22: यदि किसी नदी के मध्य प्रवाह में तीव्र निक्षेपण हो रहा हो जबकि ऊपरी प्रवाह में तीव्र अपरदन जारी हो, तो यह किसका संकेत है?

  • A. नदी पूर्ण संतुलन में है।
  • B. नदी की ऊर्जा तथा अवसाद भार के बीच असंतुलन है। ✓
  • C. नदी मृत बन चुकी है।
  • D. नदी का प्रवाह केवल भूजल से हो रहा है।
सही उत्तर: B — नदी की ऊर्जा तथा अवसाद भार के बीच असंतुलन है।
व्याख्या (Explanation):
नदी की ऊर्जा और अवसाद भार में संतुलन न होने पर अलग-अलग भागों में अपरदन एवं निक्षेपण की तीव्रता बदल जाती है।

प्रश्न 23: किसी बड़े नदी बेसिन में ऊपरी भाग में वनों की कटाई, मध्य भाग में बड़े बाँध तथा निचले भाग में समुद्र-स्तर वृद्धि एक साथ हो रही हो। निम्नलिखित में से कौन-सा परिणाम सर्वाधिक युक्तिसंगत है?

  • A. डेल्टा में अवसाद की मात्रा अनिवार्य रूप से बढ़ जाएगी।
  • B. तटीय कटाव पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
  • C. नदी का जलग्रहण क्षेत्र समाप्त हो जाएगा।
  • D. डेल्टा तंत्र पर बहु-दिशात्मक दबाव उत्पन्न होगा, जिससे उसका संतुलन प्रभावित हो सकता है। ✓
सही उत्तर: D — डेल्टा तंत्र पर बहु-दिशात्मक दबाव उत्पन्न होगा, जिससे उसका संतुलन प्रभावित हो सकता है।
व्याख्या (Explanation):
वनों की कटाई से अपरदन बढ़ सकता है, बाँध अवसाद रोक सकते हैं तथा समुद्र-स्तर वृद्धि तटीय क्षरण बढ़ा सकती है। तीनों प्रक्रियाओं का संयुक्त प्रभाव डेल्टा की स्थिरता को प्रभावित करता है।

प्रश्न 24: यदि किसी महाद्वीप के पश्चिमी तट पर शीत महासागरीय धारा प्रवाहित हो, साथ ही उपोष्ण उच्च दाब का प्रभाव भी हो और तटीय पर्वत श्रृंखला आर्द्र पवनों को अवरुद्ध कर दे, तो सबसे संभावित परिणाम क्या होगा?

  • A. अत्यधिक शुष्क तटीय मरुस्थलीय परिस्थितियाँ विकसित हो सकती हैं। ✓
  • B. विषुवतीय सदाबहार वन विकसित होंगे।
  • C. वर्षभर संवहनीय वर्षा होगी।
  • D. समुद्री प्रभाव समाप्त हो जाएगा।
सही उत्तर: A — अत्यधिक शुष्क तटीय मरुस्थलीय परिस्थितियाँ विकसित हो सकती हैं।
व्याख्या (Explanation):
यह तीन प्रमुख जलवायवीय नियंत्रणों—शीत धारा, अवरोही वायु तथा स्थलाकृतिक अवरोध का संयुक्त प्रभाव है।

प्रश्न 25: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) किसी नदी के डेल्टा का आकार केवल नदी द्वारा लाए गए अवसाद की मात्रा पर निर्भर नहीं करता। (2) यदि समुद्री तरंगों की ऊर्जा नदी द्वारा लाए गए अवसाद से अधिक हो, तो डेल्टा का विकास सीमित हो सकता है। (3) यदि ज्वारीय धाराएँ अत्यधिक प्रबल हों, तो डेल्टा की आकृति परिवर्तित हो सकती है।

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 2 और 3
  • C. 1, 2 और 3 ✓
  • D. केवल 1 और 3
सही उत्तर: C — 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
डेल्टा का विकास नदी, तरंग एवं ज्वारीय प्रक्रियाओं के संतुलन पर निर्भर करता है। यही कारण है कि विश्व में पक्षी-पाद, चापाकार तथा ज्वारीय-प्रभावित डेल्टा जैसी विभिन्न आकृतियाँ विकसित होती हैं।

प्रश्न 26: यदि किसी क्षेत्र में भूजल का दोहन उसकी पुनर्भरण क्षमता से लगातार अधिक हो, तो निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सर्वाधिक युक्तिसंगत है?

  • A. भूजल स्तर स्थिर रहेगा।
  • B. सभी नदियाँ सूख जाएँगी।
  • C. वर्षा बढ़ जाएगी।
  • D. दीर्घकाल में जलभृत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ✓
सही उत्तर: D — दीर्घकाल में जलभृत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
व्याख्या (Explanation):
अत्यधिक दोहन से जलस्तर गिरता है, जलभृत की उत्पादकता कम हो सकती है तथा कुछ क्षेत्रों में भूमि धँसाव भी हो सकता है।

प्रश्न 27: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) सभी उष्ण महासागरीय धाराएँ तटीय क्षेत्रों में वर्षा बढ़ाती हैं। (2) यदि किसी तट के समानांतर शीत महासागरीय धारा बहती हो, तो अन्य परिस्थितियाँ अनुकूल होने पर तटीय मरुस्थलीकरण की संभावना बढ़ सकती है। (3) महासागरीय धाराओं का प्रभाव स्थानीय स्थलाकृति से पूर्णतः स्वतंत्र होता है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 2 ✓
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: C — केवल 2
व्याख्या (Explanation):
पहला कथन गलत है क्योंकि वर्षा पर अनेक कारकों का संयुक्त प्रभाव होता है। दूसरा कथन सही है। तीसरा कथन गलत है क्योंकि स्थलाकृति महासागरीय प्रभाव को संशोधित कर सकती है।

प्रश्न 28: यदि किसी क्षेत्र में तापमान बढ़े, हिमनद सिकुड़ें तथा वर्षा की मौसमीता बदल जाए, तो निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सर्वाधिक युक्तिसंगत है?

  • A. सभी नदियाँ बारहमासी हो जाएँगी।
  • B. सभी क्षेत्रों में बाढ़ समाप्त हो जाएगी।
  • C. जल संसाधनों की उपलब्धता एवं प्रवाह व्यवस्था में परिवर्तन संभव है। ✓
  • D. भूजल पुनर्भरण अनिवार्य रूप से बढ़ेगा।
सही उत्तर: C — जल संसाधनों की उपलब्धता एवं प्रवाह व्यवस्था में परिवर्तन संभव है।
व्याख्या (Explanation):
जलवायु परिवर्तन जल संसाधनों को अनेक स्तरों पर प्रभावित करता है—हिमनद, वर्षा, अपवाह, भूजल एवं नदी प्रवाह सभी प्रभावित हो सकते हैं।

प्रश्न 29: यदि किसी नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर वनों की कटाई हो तथा मध्य भाग में बहुउद्देशीय बाँध निर्मित किए जाएँ, तो निम्नलिखित में से कौन-सा प्रभाव सबसे अधिक संभावित है?

  • A. डेल्टा में अवसाद अनिवार्य रूप से बढ़ जाएगा।
  • B. नदी का प्रवाह समाप्त हो जाएगा।
  • C. नदी प्रणाली में अवसाद वितरण का स्वरूप बदल सकता है। ✓
  • D. समुद्री ज्वार समाप्त हो जाएगा।
सही उत्तर: C — नदी प्रणाली में अवसाद वितरण का स्वरूप बदल सकता है।
व्याख्या (Explanation):
वनों की कटाई अपरदन बढ़ा सकती है, जबकि बाँध अवसाद रोक सकते हैं। परिणामस्वरूप अवसाद का स्थानिक वितरण बदल जाता है।

प्रश्न 30: निम्नलिखित कथनों में से कौन-से सही हैं? (1) शीत महासागरीय धाराएँ प्रायः तटीय क्षेत्रों में कोहरे (Fog) की संभावना बढ़ा सकती हैं। (2) जहाँ शीत एवं उष्ण महासागरीय धाराओं का संगम होता है, वहाँ मत्स्य उत्पादन प्रायः अधिक पाया जाता है। (3) सभी शीत महासागरीय धाराएँ तटीय मरुस्थलों का निर्माण करती हैं।

  • A. केवल 1 और 3
  • B. केवल 1 और 2 ✓
  • C. केवल 2 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: B — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
पहला कथन सही है क्योंकि शीत महासागरीय धारा के ऊपर बहने वाली अपेक्षाकृत गर्म एवं आर्द्र वायु के ठंडी होने से तटीय कोहरा बनने की संभावना बढ़ जाती है। दूसरा कथन भी सही है क्योंकि उष्ण एवं शीत धाराओं के संगम क्षेत्रों में पोषक तत्वों और प्लवकों की प्रचुरता के कारण मत्स्य संसाधन समृद्ध होते हैं। तीसरा कथन गलत है क्योंकि तटीय मरुस्थलों का निर्माण केवल शीत महासागरीय धाराओं से नहीं, बल्कि उपोष्ण उच्च दाब, वायुमंडलीय परिसंचरण तथा स्थानीय स्थलाकृति जैसे अनेक कारकों के संयुक्त प्रभाव से होता है।

प्रश्न 31: यदि विश्व मानचित्र पर पामीर गाँठ को चिह्नित किया जाए, तो वह मुख्यतः किस क्षेत्र से संबंधित है?

  • A. पश्चिमी यूरोप
  • B. उत्तरी अफ्रीका
  • C. मध्य एशिया ✓
  • D. दक्षिण अमेरिका
सही उत्तर: C — मध्य एशिया
व्याख्या (Explanation):
पामीर गाँठ मध्य एशिया का पर्वतीय संगम क्षेत्र है जहाँ हिमालय, काराकोरम, कुनलुन, तियान शान और हिन्दूकुश जैसी प्रमुख पर्वत प्रणालियाँ मिलती हैं।

प्रश्न 32: यदि विश्व मानचित्र पर क्यूरोशियो धारा को चिह्नित किया जाए, तो यह मुख्यतः किस महासागर से संबंधित है?

  • A. प्रशांत महासागर ✓
  • B. अटलांटिक महासागर
  • C. हिन्द महासागर
  • D. दक्षिणी महासागर
सही उत्तर: A — प्रशांत महासागर
व्याख्या (Explanation):
क्यूरोशियो धारा जापान के पूर्वी तट के निकट बहने वाली गर्म महासागरीय धारा है। इसे "Japan Current" भी कहा जाता है।

प्रश्न 33: विश्व मानचित्र में निम्नलिखित पर्वत-श्रेणियों में से कौन-सी यूरोप के उत्तर से दक्षिण तक फैली प्रमुख जल-विभाजक प्रणाली का भाग नहीं है?

  • A. स्कैंडिनेवियाई पर्वत
  • B. आल्प्स
  • C. ड्रैकेंसबर्ग ✓
  • D. कार्पेथियन
सही उत्तर: C — ड्रैकेंसबर्ग
व्याख्या (Explanation):
ड्रैकेंसबर्ग पर्वत दक्षिणी अफ्रीका में स्थित हैं, जबकि स्कैंडिनेवियाई पर्वत, आल्प्स और कार्पेथियन यूरोप की प्रमुख पर्वत प्रणालियाँ हैं।

प्रश्न 34: मानचित्र पर निम्नलिखित में से कौन-सा पर्वतीय क्षेत्र दक्षिण अमेरिका में स्थित नहीं है?

  • A. एंडीज़
  • B. पटागोनियन एंडीज़
  • C. अल्टीप्लानो क्षेत्र
  • D. रॉकी पर्वत ✓
सही उत्तर: D — रॉकी पर्वत
व्याख्या (Explanation):
रॉकी पर्वत उत्तर अमेरिका में स्थित हैं, जबकि अन्य सभी दक्षिण अमेरिका से संबंधित हैं।

प्रश्न 35: मानचित्र विश्लेषण में यदि किसी क्षेत्र में समोच्च रेखाएँ एक ओर अत्यधिक सघन तथा दूसरी ओर विरल हों, तो सबसे उपयुक्त निष्कर्ष क्या होगा?

  • A. दोनों ओर ऊँचाई समान है।
  • B. ढाल की तीव्रता दोनों ओर अलग-अलग है, जिससे जल अपवाह की प्रकृति भी भिन्न हो सकती है। ✓
  • C. दोनों ओर वर्षा समान होगी।
  • D. दोनों ओर शैल संरचना अनिवार्य रूप से समान होगी।
सही उत्तर: B — ढाल की तीव्रता दोनों ओर अलग-अलग है, जिससे जल अपवाह की प्रकृति भी भिन्न हो सकती है।
व्याख्या (Explanation):
समोच्च रेखाओं की दूरी ढाल की तीव्रता का संकेत देती है। ढाल में अंतर सतही अपवाह, अपरदन और जल निकासी प्रणाली को प्रभावित कर सकता है।

प्रश्न 36: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) सभी नदी मुहानों में लवणता वर्षभर समान रहती है। (2) नदी प्रवाह, ज्वार तथा ऋतु परिवर्तन मुहाने की लवणता को प्रभावित करते हैं।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 ✓
  • C. 1 और 2 दोनों
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: B — केवल 2
व्याख्या (Explanation):
पहला कथन गलत है क्योंकि मुहानों की लवणता नदी प्रवाह, ज्वार, वर्षा तथा ऋतु के अनुसार बदलती रहती है। दूसरा कथन सही है।

प्रश्न 37: किसी पर्वतीय क्षेत्र में समान ऊँचाई पर स्थित दो ढालों पर वनस्पति में स्पष्ट अंतर पाया जाता है। इसका सबसे उपयुक्त कारण क्या हो सकता है?

  • A. पृथ्वी का घूर्णन
  • B. केवल अक्षांश
  • C. ढाल की अभिमुखता, सूर्यप्रकाश तथा नमी में अंतर ✓
  • D. केवल देशांतर
सही उत्तर: C — ढाल की अभिमुखता, सूर्यप्रकाश तथा नमी में अंतर
व्याख्या (Explanation):
सूर्यप्रकाश, तापमान, नमी और वाष्पीकरण की मात्रा ढाल की दिशा के अनुसार बदलती है। परिणामस्वरूप समान ऊँचाई पर भी वनस्पति में अंतर विकसित हो सकता है।

प्रश्न 38: यदि किसी नदी के मध्य भाग में कृत्रिम रूप से चैनल सीधा कर दिया जाए, तो दीर्घकाल में सबसे संभावित परिणाम क्या होगा?

  • A. प्रवाह वेग बढ़ने से निम्न भागों में अपरदन एवं बाढ़ जोखिम बढ़ सकता है। ✓
  • B. नदी का प्रवाह स्थायी रूप से समाप्त हो जाएगा।
  • C. नदी में निक्षेपण पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
  • D. नदी का उद्गम स्थान बदल जाएगा।
सही उत्तर: A — प्रवाह वेग बढ़ने से निम्न भागों में अपरदन एवं बाढ़ जोखिम बढ़ सकता है।
व्याख्या (Explanation):
चैनल सीधा करने से नदी की लंबाई कम होती है, ढाल प्रभावी रूप से बढ़ती है और प्रवाह वेग बढ़ सकता है। इससे डाउनस्ट्रीम अपरदन तथा बाढ़ का जोखिम बढ़ सकता है।

प्रश्न 39: विश्व के कई उच्च-प्रौद्योगिकी औद्योगिक क्लस्टरों का विकास पारंपरिक संसाधन-आधारित औद्योगिक क्षेत्रों से भिन्न क्यों है?

  • A. उन्हें किसी परिवहन सुविधा की आवश्यकता नहीं होती।
  • B. उनका प्रमुख आधार ज्ञान, नवाचार, पूँजी तथा कुशल मानव संसाधन होता है। ✓
  • C. वे केवल पर्वतीय क्षेत्रों में विकसित होते हैं।
  • D. उनका विकास केवल सरकारी स्वामित्व पर निर्भर करता है।
सही उत्तर: B — उनका प्रमुख आधार ज्ञान, नवाचार, पूँजी तथा कुशल मानव संसाधन होता है।
व्याख्या (Explanation):
ज्ञान-आधारित उद्योग अनुसंधान, विश्वविद्यालय, नवाचार, वित्त तथा कुशल श्रम पर आधारित होते हैं। इसलिए उनका स्थान निर्धारण लौह-अयस्क या कोयला जैसे संसाधनों पर निर्भर नहीं रहता।

प्रश्न 40: यदि किसी क्षेत्र में महासागरीय अपवेलिंग अचानक कई वर्षों तक कमजोर पड़ जाए, तो निम्नलिखित में से कौन-सा प्रभाव सबसे पहले दिखाई देने की संभावना है?

  • A. महासागर की गहराई कम हो जाएगी।
  • B. समुद्री लवणता तुरंत आधी हो जाएगी।
  • C. महाद्वीपीय मग्न तट समाप्त हो जाएगा।
  • D. प्लवक उत्पादन तथा मत्स्य संसाधनों में गिरावट आ सकती है। ✓
सही उत्तर: D — प्लवक उत्पादन तथा मत्स्य संसाधनों में गिरावट आ सकती है।
व्याख्या (Explanation):
अपवेलिंग पोषक तत्वों को सतह पर लाती है। इसके कमजोर होने से प्लवक उत्पादन घटता है, जिससे समुद्री खाद्य शृंखला और मत्स्य उद्योग प्रभावित होते हैं।

प्रश्न 41: निम्नलिखित में से कौन-सा संयोजन किसी क्षेत्र में मरुस्थलीकरण की संभावना को सर्वाधिक बढ़ा सकता है? (1) अत्यधिक चराई (2) वनों की कटाई (3) अनियंत्रित सिंचाई से लवणीकरण (4) समोच्च कृषि

  • A. केवल 1 और 4
  • B. केवल 2 और 4
  • C. केवल 1, 2 और 3 ✓
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: C — केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
अत्यधिक चराई, वनों की कटाई तथा लवणीकरण भूमि की उत्पादकता घटाते हैं। इसके विपरीत समोच्च कृषि संरक्षणात्मक तकनीक है जो मरुस्थलीकरण कम करने में सहायक हो सकती है।

प्रश्न 42: किसी तटीय क्षेत्र में समुद्र-स्तर वृद्धि, भू-धँसाव तथा मैंग्रोव विनाश एक साथ हो रहे हों, तो सबसे पहले किस प्रकार की भौगोलिक प्रणाली पर संयुक्त प्रभाव पड़ने की संभावना है?

  • A. तटीय आर्द्रभूमि एवं मुहाना तंत्र ✓
  • B. महाद्वीपीय हिमचादर
  • C. अंतर्देशीय मरुस्थल
  • D. कार्स्ट स्थलरूप
सही उत्तर: A — तटीय आर्द्रभूमि एवं मुहाना तंत्र
व्याख्या (Explanation):
तटीय आर्द्रभूमियाँ समुद्र-स्तर, अवसादन, वनस्पति और ज्वारीय प्रक्रियाओं के संतुलन पर निर्भर करती हैं। मैंग्रोव हटने से तटीय सुरक्षा भी घटती है।

प्रश्न 43: यदि किसी पर्वतीय क्षेत्र में हिमनद तेजी से पीछे हट रहे हों, तो निम्नलिखित में से कौन-सी घटना प्रारम्भिक दशकों में अधिक संभावित है?

  • A. सभी हिमानी झीलें समाप्त हो जाएँगी।
  • B. नदी का प्रवाह तुरंत समाप्त हो जाएगा।
  • C. समुद्र-स्तर घट जाएगा।
  • D. हिमानी झीलों के बनने तथा उनके फटने (GLOF) का जोखिम बढ़ सकता है। ✓
सही उत्तर: D — हिमानी झीलों के बनने तथा उनके फटने (GLOF) का जोखिम बढ़ सकता है।
व्याख्या (Explanation):
पीछे हटते हिमनदों के अग्रभाग पर जल भरकर हिमानी झीलें बन सकती हैं। यदि प्राकृतिक बाँध टूट जाएँ तो GLOF (Glacial Lake Outburst Flood) जैसी घटनाएँ हो सकती हैं।

प्रश्न 44: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) यदि किसी नदी पर ऊपरी भाग में बड़े बाँधों की श्रृंखला बना दी जाए, तो निम्न प्रवाह में डेल्टा तक पहुँचने वाले अवसाद की मात्रा घट सकती है। (2) दीर्घकाल में इससे डेल्टा के तटीय कटाव की संभावना बढ़ सकती है।

  • A. केवल 1
  • B. 1 और 2 दोनों ✓
  • C. केवल 2
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: B — 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):
बाँध नदी द्वारा लाए जाने वाले अवसाद को जलाशय में रोक लेते हैं। परिणामस्वरूप डेल्टा तक अवसाद की आपूर्ति कम हो जाती है। यदि समुद्री तरंगें एवं समुद्र-स्तर वृद्धि साथ हों तो डेल्टा का क्षरण तेज हो सकता है।

प्रश्न 45: मानचित्र पर दो संभावित सड़क मार्गों का चयन करना हो। दोनों की सीधी दूरी समान है, पर एक मार्ग में समोच्च रेखाएँ अत्यधिक सघन हैं जबकि दूसरे में विरल। निर्माण लागत न्यूनतम रखने हेतु कौन-सा मार्ग अधिक उपयुक्त होगा?

  • A. जहाँ समोच्च रेखाएँ अपेक्षाकृत दूर-दूर हों। ✓
  • B. जहाँ समोच्च रेखाएँ अत्यधिक सघन हों।
  • C. दोनों समान होंगे।
  • D. केवल अक्षांश देखकर निर्णय लिया जा सकता है।
सही उत्तर: A — जहाँ समोच्च रेखाएँ अपेक्षाकृत दूर-दूर हों।
व्याख्या (Explanation):
सघन समोच्च रेखाएँ तीव्र ढाल का संकेत देती हैं, जहाँ कटिंग, सुरंग, पुल और स्थिरीकरण की आवश्यकता अधिक हो सकती है। विरल समोच्च रेखाओं वाले मार्ग पर निर्माण सामान्यतः कम लागत वाला होता है।

प्रश्न 46: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) सभी बड़े डेल्टा उच्च जैव विविधता वाले आर्द्रभूमि तंत्र विकसित करते हैं। (2) डेल्टा में मीठे और खारे जल का मिश्रण विशिष्ट पारिस्थितिक तंत्र बना सकता है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 ✓
  • C. 1 और 2 दोनों
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: B — केवल 2
व्याख्या (Explanation):
पहला कथन गलत है क्योंकि सभी डेल्टा समान जैव विविधता वाले नहीं होते। दूसरा कथन सही है क्योंकि जहाँ मीठे और खारे जल का मिश्रण होता है, वहाँ विशिष्ट एस्टुअरीन एवं आर्द्रभूमि पारिस्थितिक तंत्र विकसित होते हैं।

प्रश्न 47: यदि किसी महाद्वीप में आंतरिक भाग अत्यधिक शुष्क हो लेकिन तटीय क्षेत्र आर्द्र हों, तो निम्नलिखित में से कौन-सा कारक सबसे कम उत्तरदायी होगा?

  • A. समुद्री प्रभाव का सीमित होना।
  • B. महाद्वीपीयता।
  • C. पर्वतीय अवरोध।
  • D. पृथ्वी का दैनिक घूर्णन। ✓
सही उत्तर: D — पृथ्वी का दैनिक घूर्णन।
व्याख्या (Explanation):
महाद्वीपीयता, समुद्री प्रभाव की कमी तथा पर्वतीय अवरोध आंतरिक शुष्कता के प्रमुख कारण हो सकते हैं। पृथ्वी का दैनिक घूर्णन इस प्रकार के क्षेत्रीय वर्षा वितरण का प्रत्यक्ष कारण नहीं है।

प्रश्न 48: किसी नदी के मध्य प्रवाह में अत्यधिक निक्षेपण तथा ऊपरी प्रवाह में तीव्र अपरदन हो रहा हो। यह स्थिति मुख्यतः किसका संकेत हो सकती है?

  • A. नदी पूरी तरह संतुलन अवस्था में है।
  • B. नदी की ऊर्जा एवं अवसाद भार के बीच असंतुलन है। ✓
  • C. नदी का प्रवाह रुक गया है।
  • D. नदी हिमनदीय बन चुकी है।
सही उत्तर: B — नदी की ऊर्जा एवं अवसाद भार के बीच असंतुलन है।
व्याख्या (Explanation):
नदी का व्यवहार उसकी ऊर्जा और अवसाद भार के संतुलन पर निर्भर करता है। जहाँ ऊर्जा कम और अवसाद अधिक होगा, वहाँ निक्षेपण बढ़ेगा।

प्रश्न 49: विश्व के अनेक उच्च-प्रौद्योगिकी औद्योगिक क्षेत्रों का विकास निम्नलिखित में से किस संयोजन पर सर्वाधिक निर्भर करता है? (1) अनुसंधान संस्थान (2) कुशल मानव संसाधन (3) नवाचार पारितंत्र (4) लौह अयस्क की निकटता

  • A. केवल 1 और 4
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1, 2 और 3 ✓
  • D. 1, 2, 3 और 4
सही उत्तर: C — केवल 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
आधुनिक उच्च-प्रौद्योगिकी उद्योग ज्ञान, नवाचार और मानव पूंजी पर आधारित होते हैं। लौह अयस्क की निकटता इन उद्योगों के लिए अनिवार्य कारक नहीं है।

प्रश्न 50: यदि किसी क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन के कारण हिमरेखा ऊपर की ओर खिसक जाए, तो निम्नलिखित में से कौन-सा प्रभाव दीर्घकाल में सर्वाधिक संभावित है?

  • A. हिमनदों का संकुचन तथा नदी प्रवाह की मौसमी प्रकृति में परिवर्तन। ✓
  • B. सभी नदियाँ बारहमासी हो जाएँगी।
  • C. पर्वतों की ऊँचाई बढ़ जाएगी।
  • D. समुद्री लवणता तुरंत घट जाएगी।
सही उत्तर: A — हिमनदों का संकुचन तथा नदी प्रवाह की मौसमी प्रकृति में परिवर्तन।
व्याख्या (Explanation):
हिमरेखा ऊपर जाने का अर्थ है कि स्थायी हिम क्षेत्र सिकुड़ रहा है। इससे हिमनदों का द्रव्यमान घट सकता है और हिमपोषित नदियों के दीर्घकालीन प्रवाह में परिवर्तन संभव है।

प्रश्न 51: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) अपवेलिंग क्षेत्र सामान्यतः उच्च समुद्री जैव उत्पादकता वाले होते हैं। (2) यदि अपवेलिंग घट जाए तो इसका प्रभाव केवल मत्स्य उत्पादन पर पड़ेगा, समुद्री खाद्य जाल पर नहीं।

  • A. केवल 1 ✓
  • B. केवल 2
  • C. 1 और 2 दोनों
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: A — केवल 1
व्याख्या (Explanation):
पहला कथन सही है क्योंकि अपवेलिंग गहरे जल से पोषक तत्व सतह पर लाती है, जिससे फाइटोप्लवक एवं समुद्री जैव उत्पादकता बढ़ती है। दूसरा कथन गलत है क्योंकि अपवेलिंग में कमी पूरे समुद्री खाद्य जाल को प्रभावित करती है, केवल मत्स्य उत्पादन को नहीं।

प्रश्न 52: निम्नलिखित में से किस परिस्थिति में किसी नदी का Base Level सबसे अधिक परिवर्तित हो सकता है?

  • A. केवल नदी के उद्गम पर हिमपात बढ़ने से।
  • B. केवल जलग्रहण क्षेत्र के विस्तार से।
  • C. केवल नदी की लंबाई बढ़ने से।
  • D. समुद्र-स्तर परिवर्तन अथवा विवर्तनिक उत्थान/अवनमन से। ✓
सही उत्तर: D — समुद्र-स्तर परिवर्तन अथवा विवर्तनिक उत्थान/अवनमन से।
व्याख्या (Explanation):
Base Level वह न्यूनतम स्तर है जहाँ तक नदी अपरदन कर सकती है। समुद्र-स्तर परिवर्तन, विवर्तनिक उत्थान अथवा अवनमन Base Level को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे नदी का अपरदन एवं निक्षेपण संतुलन बदल जाता है।

प्रश्न 53: यदि किसी महाद्वीप के पश्चिमी तट पर शीत महासागरीय धारा प्रवाहित हो तथा तट के समानांतर ऊँची पर्वतमाला भी स्थित हो, तो निम्नलिखित में से कौन-सा परिणाम सर्वाधिक संभावित होगा?

  • A. तटीय क्षेत्र में अत्यधिक शुष्कता तथा पर्वत की पवन-विमुख ढाल पर वर्षाछाया प्रभाव। ✓
  • B. वर्षभर अत्यधिक संवहनीय वर्षा।
  • C. केवल हिमानी जलवायु का विकास।
  • D. पूरे क्षेत्र में समान वर्षा।
सही उत्तर: A — तटीय क्षेत्र में अत्यधिक शुष्कता तथा पर्वत की पवन-विमुख ढाल पर वर्षाछाया प्रभाव।
व्याख्या (Explanation):
शीत महासागरीय धारा वायुमंडलीय स्थिरता बढ़ाकर वर्षा कम करती है, जबकि पर्वत आर्द्र वायु के मार्ग को भी प्रभावित कर सकते हैं। यदि दोनों कारक साथ हों, तो शुष्कता और भी अधिक हो सकती है। यह बहु-कारकीय विश्लेषण UPSC की विशिष्ट शैली है।

प्रश्न 54: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) किसी नदी का डेल्टा समुद्र-स्तर वृद्धि के बावजूद स्थिर रह सकता है, यदि अवसाद की आपूर्ति पर्याप्त हो। (2) डेल्टा का भू-धँसाव समुद्र-स्तर वृद्धि के प्रभाव को और अधिक बढ़ा सकता है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. 1 और 2 दोनों ✓
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):
डेल्टा एक गतिशील निक्षेपण तंत्र है। यदि नदी पर्याप्त अवसाद लाती रहे, तो डेल्टा समुद्र-स्तर वृद्धि की आंशिक भरपाई कर सकता है। इसके विपरीत भू-धँसाव होने पर सापेक्ष समुद्र-स्तर वृद्धि अधिक प्रभावी हो जाती है। यही कारण है कि सभी डेल्टा समान रूप से संवेदनशील नहीं होते।

प्रश्न 55: निम्नलिखित कथनों में सही उत्तर चुनिए। (1) समान अक्षांश पर स्थित सभी तटीय क्षेत्रों की जलवायु समान होती है। (2) महासागरीय धाराएँ एवं प्रचलित पवनें तटीय जलवायु में अंतर उत्पन्न कर सकती हैं।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 गलत है
  • C. केवल 2 ✓
  • D. 1 और 2 दोनों
सही उत्तर: C — केवल 2
व्याख्या (Explanation):
समान अक्षांश होने पर भी महासागरीय धाराएँ, पवनें, स्थलाकृति और समुद्री प्रभाव जलवायु में महत्वपूर्ण अंतर उत्पन्न कर सकते हैं।

प्रश्न 56: निम्नलिखित कथनों में सही उत्तर चुनिए। (1) उच्च-प्रौद्योगिकी उद्योगों के लिए कुशल मानव संसाधन महत्त्वपूर्ण है। (2) अनुसंधान एवं विकास आधुनिक औद्योगिक प्रतिस्पर्धा को प्रभावित करता है। (3) डिजिटल संपर्क आधुनिक उद्योगों के लिए उपयोगी हो सकता है।

  • A. 1, 2 और 3 ✓
  • B. केवल 1 और 2
  • C. केवल 2 और 3
  • D. केवल 1
सही उत्तर: A — 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):
आधुनिक उद्योग ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार तथा डिजिटल अवसंरचना पर आधारित होते हैं।

प्रश्न 57: निम्नलिखित कथनों में सही उत्तर चुनिए। (1) किसी क्षेत्र की प्राकृतिक वनस्पति केवल तापमान पर निर्भर करती है। (2) वर्षा, मृदा, ऊँचाई तथा मानव हस्तक्षेप भी वनस्पति को प्रभावित कर सकते हैं।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 ✓
  • C. 1 और 2 दोनों
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: B — केवल 2
व्याख्या (Explanation):
वनस्पति अनेक भौतिक एवं मानवीय कारकों का परिणाम है। इसलिए पहला कथन गलत तथा दूसरा सही है।

प्रश्न 58: निम्नलिखित कथनों में सही उत्तर चुनिए। (1) समान अक्षांश पर स्थित सभी क्षेत्रों की जलवायु समान होती है। (2) महासागरीय प्रभाव, स्थलाकृति एवं महासागरीय धाराएँ जलवायु में अंतर उत्पन्न कर सकती हैं।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 ✓
  • C. 1 और 2 दोनों
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: B — केवल 2
व्याख्या (Explanation):
समान अक्षांश होने पर भी ऊँचाई, समुद्री प्रभाव, महासागरीय धाराएँ और वायुदाब प्रणालियाँ जलवायु को बदल सकती हैं। इसलिए दूसरा कथन सही है।

प्रश्न 59: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन औद्योगिक अवस्थिति के आधुनिक सिद्धांतों के अनुरूप है?

  • A. उच्च-प्रौद्योगिकी उद्योगों के लिए ज्ञान, नवाचार एवं कुशल मानव संसाधन का महत्त्व अत्यधिक है। ✓
  • B. सभी उद्योगों को कोयला क्षेत्रों के निकट ही स्थापित होना चाहिए।
  • C. आधुनिक उद्योगों में परिवहन का कोई महत्त्व नहीं है।
  • D. डिजिटल अवसंरचना का उद्योगों से कोई संबंध नहीं है।
सही उत्तर: A — उच्च-प्रौद्योगिकी उद्योगों के लिए ज्ञान, नवाचार एवं कुशल मानव संसाधन का महत्त्व अत्यधिक है।
व्याख्या (Explanation):
आधुनिक औद्योगिक अवस्थिति संसाधनों के साथ-साथ ज्ञान, नवाचार, वैश्विक संपर्क एवं डिजिटल नेटवर्क पर आधारित है।

प्रश्न 60: निम्नलिखित कथनों में सही उत्तर चुनिए। (1) किसी क्षेत्र का कृषि प्रतिरूप केवल प्राकृतिक कारकों से निर्धारित होता है। (2) बाजार, परिवहन एवं तकनीक कृषि प्रणाली को प्रभावित कर सकते हैं।

  • A. केवल 1
  • B. 1 और 2 दोनों
  • C. दोनों गलत
  • D. केवल 2 ✓
सही उत्तर: D — केवल 2
व्याख्या (Explanation):
आधुनिक कृषि प्राकृतिक एवं मानवीय दोनों कारकों का परिणाम है। इसलिए पहला कथन गलत तथा दूसरा सही है।

प्रश्न 61: निम्नलिखित कथनों में सही उत्तर चुनिए। (1) महासागरीय धाराएँ वैश्विक ऊष्मा के पुनर्वितरण में योगदान देती हैं। (2) महासागरीय धाराएँ समुद्री जैव उत्पादकता को प्रभावित कर सकती हैं। (3) महासागरीय धाराओं का विश्व जलवायु पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

  • A. केवल 1 और 2 ✓
  • B. केवल 2 और 3
  • C. केवल 1 और 3
  • D. 1, 2 और 3
सही उत्तर: A — केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):
पहले दो कथन सही हैं। तीसरा कथन स्पष्टतः गलत है क्योंकि महासागरीय धाराएँ वैश्विक जलवायु प्रणाली का महत्त्वपूर्ण भाग हैं।

प्रश्न 62: यदि विश्व मानचित्र पर सुंडा गर्त को चिह्नित किया जाए, तो यह मुख्यतः किस विवर्तनिक क्षेत्र से संबंधित है?

  • A. अटलांटिक मध्य महासागरीय रिज
  • B. पूर्वी अफ्रीकी रिफ्ट
  • C. इंडो-ऑस्ट्रेलियाई प्लेट एवं यूरेशियाई प्लेट के अभिसरण क्षेत्र ✓
  • D. सैन एंड्रियास भ्रंश
सही उत्तर: C — इंडो-ऑस्ट्रेलियाई प्लेट एवं यूरेशियाई प्लेट के अभिसरण क्षेत्र
व्याख्या (Explanation):
सुंडा गर्त इंडो-ऑस्ट्रेलियाई प्लेट के यूरेशियाई प्लेट के नीचे धँसने से बना है। यह विश्व के सबसे सक्रिय भूकंपीय एवं सुनामी-प्रवण क्षेत्रों में से एक है।

प्रश्न 63: विश्व मानचित्र में अमेज़न बेसिन का अधिकांश भाग किस देश में स्थित है?

  • A. ब्राज़ील ✓
  • B. पेरू
  • C. कोलंबिया
  • D. बोलिविया
सही उत्तर: A — ब्राज़ील
व्याख्या (Explanation):
अमेज़न बेसिन कई देशों में फैला है, किन्तु इसका सबसे बड़ा भाग ब्राज़ील में स्थित है।

प्रश्न 64: यदि विश्व मानचित्र पर साहेल क्षेत्र को चिह्नित किया जाए, तो वह निम्नलिखित में से किसके दक्षिण में स्थित संक्रमण क्षेत्र है?

  • A. सहारा मरुस्थल ✓
  • B. कालाहारी मरुस्थल
  • C. गोबी मरुस्थल
  • D. अटाकामा मरुस्थल
सही उत्तर: A — सहारा मरुस्थल
व्याख्या (Explanation):
साहेल सहारा के दक्षिण में स्थित अर्द्ध-शुष्क संक्रमण क्षेत्र है। यह जलवायु परिवर्तन, मरुस्थलीकरण और खाद्य सुरक्षा के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण है।

प्रश्न 65: विश्व मानचित्र में निम्नलिखित में से किस जलडमरूमध्य का संबंध काला सागर को भूमध्य सागर से जोड़ने वाली समुद्री प्रणाली से है?

  • A. मलक्का जलडमरूमध्य
  • B. बॉस्फोरस जलडमरूमध्य ✓
  • C. जिब्राल्टर जलडमरूमध्य
  • D. बेरिंग जलडमरूमध्य
सही उत्तर: B — बॉस्फोरस जलडमरूमध्य
व्याख्या (Explanation):
काला सागर → बॉस्फोरस → मरमरा सागर → डार्डानेल्स → एजियन सागर → भूमध्य सागर।

प्रश्न 66: मानचित्र पर निम्नलिखित में से किस झील का संबंध पूर्वी अफ्रीकी रिफ्ट प्रणाली से नहीं है?

  • A. टैंगानिका
  • B. मलावी
  • C. सुपीरियर ✓
  • D. तुर्काना
सही उत्तर: C — सुपीरियर
व्याख्या (Explanation):
सुपीरियर झील उत्तर अमेरिका की महान झीलों (Great Lakes) में से एक है, जबकि टैंगानिका, मलावी और तुर्काना पूर्वी अफ्रीकी रिफ्ट प्रणाली से संबंधित हैं।

प्रश्न 67: यदि विश्व मानचित्र पर हम्बोल्ट (पेरू) महासागरीय धारा को चिह्नित किया जाए, तो वह मुख्यतः किस तट के समानांतर बहती है?

  • A. पूर्वी ऑस्ट्रेलिया
  • B. पश्चिमी अफ्रीका
  • C. पूर्वी उत्तर अमेरिका
  • D. पश्चिमी दक्षिण अमेरिका ✓
सही उत्तर: D — पश्चिमी दक्षिण अमेरिका
व्याख्या (Explanation):
हम्बोल्ट (पेरू) धारा दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट के साथ उत्तर की ओर बहने वाली शीत महासागरीय धारा है। यह अटाकामा मरुस्थल और समृद्ध मत्स्य संसाधनों से जुड़ी है।

प्रश्न 68: मानचित्र अध्ययन में यदि किसी मार्ग का चयन केवल सीधी दूरी के आधार पर किया जाए, तो कौन-सी महत्वपूर्ण जानकारी की उपेक्षा हो सकती है?

  • A. केवल अक्षांश।
  • B. केवल देशांतर।
  • C. स्थलाकृति, परिवहन अवरोध तथा वास्तविक यात्रा परिस्थितियाँ। ✓
  • D. केवल दिशा सूचक।
सही उत्तर: C — स्थलाकृति, परिवहन अवरोध तथा वास्तविक यात्रा परिस्थितियाँ।
व्याख्या (Explanation):
योजना निर्माण में केवल सीधी दूरी पर्याप्त नहीं होती। पर्वत, नदियाँ, घाटियाँ, सड़क नेटवर्क, सुरंगें तथा अन्य भौतिक एवं मानवीय अवरोध वास्तविक यात्रा दूरी और लागत को प्रभावित करते हैं।

प्रश्न 69: यदि किसी क्षेत्र में प्राकृतिक घासभूमि को बड़े पैमाने पर शहरी क्षेत्र में परिवर्तित कर दिया जाए, तो निम्नलिखित में से कौन-सा प्रभाव सर्वाधिक संभावित है?

  • A. सतही अपवाह में वृद्धि एवं स्थानीय जलचक्र में परिवर्तन। ✓
  • B. पृथ्वी की धुरी का झुकाव बदल जाएगा।
  • C. महासागरीय धाराओं की दिशा बदल जाएगी।
  • D. वैश्विक अक्षांशीय स्थिति बदल जाएगी।
सही उत्तर: A — सतही अपवाह में वृद्धि एवं स्थानीय जलचक्र में परिवर्तन।
व्याख्या (Explanation):
शहरीकरण से अभेद्य सतहें बढ़ती हैं, जिससे जल का भूगर्भ में रिसाव कम और सतही अपवाह अधिक होता है। इससे स्थानीय बाढ़, भूजल पुनर्भरण तथा सूक्ष्म जलवायु प्रभावित हो सकती है।

प्रश्न 70: महाद्वीपीय मग्न तट के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त है?

  • A. यह महासागर का सबसे गहरा भाग है।
  • B. यह केवल ध्रुवीय क्षेत्रों में पाया जाता है।
  • C. इसका मत्स्य संसाधनों से कोई संबंध नहीं है।
  • D. यह उथला समुद्री क्षेत्र है जो जैव उत्पादकता की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण होता है। ✓
सही उत्तर: D — यह उथला समुद्री क्षेत्र है जो जैव उत्पादकता की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण होता है।
व्याख्या (Explanation):
महाद्वीपीय मग्न तट उथले समुद्री क्षेत्र होते हैं जहाँ सूर्य का प्रकाश और पोषक तत्व अपेक्षाकृत अधिक उपलब्ध होते हैं। इसलिए ये विश्व के प्रमुख मत्स्य क्षेत्रों में शामिल हैं।

प्रश्न 71: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) सभी भूकंप ज्वालामुखीय गतिविधि के कारण आते हैं। (2) प्लेट सीमाओं पर तनाव का संचय भूकंप का प्रमुख कारण है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 ✓
  • C. 1 और 2 दोनों
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: B — केवल 2
व्याख्या (Explanation):
अधिकांश भूकंप प्लेटों के बीच तनाव के अचानक मुक्त होने से आते हैं। ज्वालामुखीय भूकंप भी होते हैं, परंतु सभी भूकंप ज्वालामुखीय नहीं होते। अतः केवल दूसरा कथन सही है।

प्रश्न 72: औद्योगिक अवस्थिति के संदर्भ में यदि किसी उद्योग में तैयार उत्पाद का भार कच्चे माल से अधिक हो, तो उद्योग का स्थान सामान्यतः कहाँ अधिक उपयुक्त माना जाएगा?

  • A. उपभोक्ता बाजार के निकट। ✓
  • B. कच्चे माल के स्रोत के निकट।
  • C. केवल खनन क्षेत्र में।
  • D. केवल पर्वतीय क्षेत्रों में।
सही उत्तर: A — उपभोक्ता बाजार के निकट।
व्याख्या (Explanation):
यदि तैयार उत्पाद का भार अधिक हो या उत्पाद नाशवान हो, तो परिवहन लागत कम करने के लिए उद्योग बाजार के निकट स्थापित करना अधिक उपयुक्त होता है। यह उद्योग अवस्थिति सिद्धांत का मूल सिद्धांत है।

प्रश्न 73: यदि किसी क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन के कारण वर्षा की तीव्रता बढ़ जाए, किंतु वर्षा वाले दिनों की संख्या घट जाए, तो निम्नलिखित में से कौन-सा प्रभाव अधिक संभावित है?

  • A. सभी नदियाँ बारहमासी हो जाएँगी।
  • B. बाढ़ और सूखे दोनों की संभावना घट जाएगी।
  • C. अचानक बाढ़ तथा जल उपलब्धता की अनिश्चितता बढ़ सकती है। ✓
  • D. मृदा अपरदन स्वतः समाप्त हो जाएगा।
सही उत्तर: C — अचानक बाढ़ तथा जल उपलब्धता की अनिश्चितता बढ़ सकती है।
व्याख्या (Explanation):
कम दिनों में अत्यधिक वर्षा होने से तीव्र सतही अपवाह, आकस्मिक बाढ़ तथा मृदा अपरदन बढ़ सकता है। वहीं लंबे शुष्क अंतराल के कारण जल उपलब्धता अधिक अनिश्चित हो जाती है। जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में यह एक महत्त्वपूर्ण समकालीन भौगोलिक एवं पर्यावरणीय विषय है।

प्रश्न 74: निम्नलिखित में से किस परिस्थिति में नदी का पार्श्व अपरदन सर्वाधिक प्रभावी होने की संभावना है?

  • A. पर्वतीय क्षेत्र में तीव्र ढाल।
  • B. मध्य एवं निम्न प्रवाह में अपेक्षाकृत मंद ढाल। ✓
  • C. हिमनद के उद्गम क्षेत्र में।
  • D. जलप्रपात के शीर्ष पर।
सही उत्तर: B — मध्य एवं निम्न प्रवाह में अपेक्षाकृत मंद ढाल।
व्याख्या (Explanation):
मध्य एवं निम्न प्रवाह में नदी की ऊर्जा मुख्यतः पार्श्व दिशा में कार्य करती है, जिससे विसर्प, बाढ़ मैदान तथा चौड़ी घाटियाँ विकसित होती हैं।

प्रश्न 75: किसी महाद्वीप के पश्चिमी तट पर समान अक्षांश वाले पूर्वी तट की तुलना में अधिक शुष्कता पाई जाती है। इसका सबसे उपयुक्त कारण क्या हो सकता है?

  • A. केवल पृथ्वी का घूर्णन।
  • B. केवल महाद्वीप का आकार।
  • C. केवल पर्वतों की ऊँचाई।
  • D. शीत महासागरीय धाराओं एवं वायुमंडलीय परिसंचरण का संयुक्त प्रभाव। ✓
सही उत्तर: D — शीत महासागरीय धाराओं एवं वायुमंडलीय परिसंचरण का संयुक्त प्रभाव।
व्याख्या (Explanation):
लगभग 20°–35° अक्षांशों पर पश्चिमी तटों के साथ बहने वाली शीत महासागरीय धाराएँ तथा उपोष्ण उच्च दाब पट्टी की अवरोही वायु मिलकर शुष्क परिस्थितियाँ उत्पन्न करती हैं। अटाकामा एवं नामीब इसके प्रमुख उदाहरण हैं।

प्रश्न 76: यदि किसी क्षेत्र में वर्षभर पर्याप्त वर्षा हो, किंतु मिट्टी अत्यधिक रेतीली एवं जलधारण क्षमता कम हो, तो कृषि के संदर्भ में कौन-सा निष्कर्ष सबसे उपयुक्त होगा?

  • A. जल प्रबंधन एवं मृदा संरक्षण की आवश्यकता बनी रह सकती है। ✓
  • B. सिंचाई या जल प्रबंधन की कभी आवश्यकता नहीं होगी।
  • C. सभी फसलें समान उत्पादकता देंगी।
  • D. मिट्टी की बनावट का कृषि पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
सही उत्तर: A — जल प्रबंधन एवं मृदा संरक्षण की आवश्यकता बनी रह सकती है।
व्याख्या (Explanation):
रेतीली मिट्टी में जल शीघ्र नीचे चला जाता है, इसलिए पर्याप्त वर्षा होने पर भी फसलों को नमी की कमी हो सकती है। जल संरक्षण, जैविक पदार्थों का उपयोग तथा उपयुक्त फसल चयन आवश्यक हो सकता है।

प्रश्न 77: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) सभी डेल्टा समुद्र-स्तर में वृद्धि के प्रति समान रूप से संवेदनशील होते हैं। (2) डेल्टा में अवसाद की निरंतर आपूर्ति घटने पर तटीय कटाव की संभावना बढ़ सकती है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 ✓
  • C. 1 और 2 दोनों
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: B — केवल 2
व्याख्या (Explanation):
पहला कथन गलत है क्योंकि विभिन्न डेल्टाओं की संवेदनशीलता उनकी ऊँचाई, अवसाद आपूर्ति, भू-धँसाव, समुद्र-स्तर वृद्धि तथा मानवीय हस्तक्षेप पर निर्भर करती है। दूसरा कथन सही है क्योंकि अवसाद की आपूर्ति घटने से तटीय कटाव बढ़ सकता है।

प्रश्न 78: यदि किसी क्षेत्र में समुद्री तट के समानांतर ऊँची पर्वतमाला स्थित हो, तो निम्नलिखित में से कौन-सा प्रभाव सर्वाधिक संभावित है?

  • A. पवनाभिमुख ढाल पर अधिक वर्षा तथा विपरीत ढाल पर वर्षाछाया का विकास। ✓
  • B. दोनों ढालों पर समान वर्षा।
  • C. केवल समुद्र में वर्षा होगी।
  • D. पर्वतमाला का वर्षा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
सही उत्तर: A — पवनाभिमुख ढाल पर अधिक वर्षा तथा विपरीत ढाल पर वर्षाछाया का विकास।
व्याख्या (Explanation):
समुद्र से आने वाली आर्द्र वायु पर्वत से टकराकर ऊपर उठती है और पवनाभिमुख ढाल पर वर्षा करती है। विपरीत ढाल पर अवरोही शुष्क वायु के कारण वर्षाछाया क्षेत्र विकसित होता है।

प्रश्न 79: किसी क्षेत्र में यदि समोच्च रेखाएँ एक स्थान पर बहुत पास तथा दूसरे स्थान पर अपेक्षाकृत दूर-दूर हों, तो इसका सबसे उपयुक्त अर्थ क्या होगा?

  • A. पहले स्थान पर ऊँचाई कम है और दूसरे पर अधिक।
  • B. पहले स्थान पर वर्षा अधिक है।
  • C. पहले स्थान पर तापमान कम है।
  • D. पहले स्थान पर ढाल तीव्र तथा दूसरे स्थान पर मंद है। ✓
सही उत्तर: D — पहले स्थान पर ढाल तीव्र तथा दूसरे स्थान पर मंद है।
व्याख्या (Explanation):
समोच्च रेखाओं की निकटता ढाल की तीव्रता को दर्शाती है, न कि ऊँचाई, वर्षा या तापमान को। ऊँचाई समोच्च मानों से ज्ञात होती है, उनकी दूरी से नहीं।

प्रश्न 80: यदि किसी क्षेत्र में तापमान अनुकूल हो लेकिन वर्षा अत्यंत अनियमित हो, तो कृषि पर सबसे प्रत्यक्ष प्रभाव क्या होगा?

  • A. सभी फसलें समान रूप से प्रभावित होंगी।
  • B. सिंचाई की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।
  • C. उत्पादन में अनिश्चितता बढ़ सकती है। ✓
  • D. मृदा का निर्माण रुक जाएगा।
सही उत्तर: C — उत्पादन में अनिश्चितता बढ़ सकती है।
व्याख्या (Explanation):
अनियमित वर्षा से बोआई, फसल वृद्धि तथा उत्पादन प्रभावित होते हैं। ऐसी परिस्थितियों में सिंचाई, जल प्रबंधन एवं सूखा-सहिष्णु कृषि पद्धतियों का महत्व बढ़ जाता है।

प्रश्न 81: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) सभी ज्वालामुखी पर्वत प्लेट सीमाओं पर ही स्थित हैं। (2) प्लेटों के भीतर भी हॉटस्पॉट ज्वालामुखीय गतिविधि संभव है।

  • A. केवल 1
  • B. 1 और 2 दोनों
  • C. केवल 1 नहीं, दोनों गलत
  • D. केवल 2 ✓
सही उत्तर: D — केवल 2
व्याख्या (Explanation):
हवाई द्वीपसमूह जैसे उदाहरण बताते हैं कि प्लेट के भीतर स्थित हॉटस्पॉट भी ज्वालामुखीय गतिविधि उत्पन्न कर सकते हैं। इसलिए पहला कथन गलत तथा दूसरा सही है।

प्रश्न 82: यदि किसी क्षेत्र में समुद्री प्रभाव घटने लगे, तो सामान्यतः कौन-सी प्रवृत्ति विकसित होने की संभावना अधिक होगी?

  • A. वार्षिक तापांतर में वृद्धि ✓
  • B. तापमान वर्षभर लगभग समान रहेगा
  • C. आर्द्रता सदैव बढ़ेगी
  • D. वर्षा अनिवार्य रूप से दोगुनी हो जाएगी
सही उत्तर: A — वार्षिक तापांतर में वृद्धि
व्याख्या (Explanation):
समुद्री प्रभाव कम होने पर महाद्वीपीयता बढ़ती है। भूमि शीघ्र गर्म और ठंडी होती है, जिसके कारण वार्षिक तापांतर बढ़ जाता है।

प्रश्न 83: निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति किसी क्षेत्र में भूमि अवनयन को सर्वाधिक बढ़ा सकती है?

  • A. नियंत्रित चराई एवं फसल चक्र
  • B. अत्यधिक चराई एवं निरंतर एकल भूमि उपयोग ✓
  • C. समोच्च जुताई एवं वनीकरण
  • D. वर्षा जल संचयन
सही उत्तर: B — अत्यधिक चराई एवं निरंतर एकल भूमि उपयोग
व्याख्या (Explanation):
अत्यधिक चराई, मृदा का निरंतर दोहन तथा एकल भूमि उपयोग से मृदा संरचना कमजोर होती है, अपरदन बढ़ता है और भूमि अवनयन होता है।

प्रश्न 84: यदि किसी नदी के ऊपरी भाग में बड़े पैमाने पर हिमनदों का तीव्र पिघलाव प्रारंभ हो जाए, तो अल्पकाल में सबसे संभावित प्रभाव क्या होगा?

  • A. नदी का प्रवाह तुरंत समाप्त हो जाएगा।
  • B. नदी का डेल्टा समाप्त हो जाएगा।
  • C. नदी का जलग्रहण क्षेत्र छोटा हो जाएगा।
  • D. नदी के प्रवाह एवं बाढ़ की संभावना बढ़ सकती है। ✓
सही उत्तर: D — नदी के प्रवाह एवं बाढ़ की संभावना बढ़ सकती है।
व्याख्या (Explanation):
अल्पकाल में अधिक हिमपिघलन से नदी में जल की मात्रा बढ़ सकती है, जिससे प्रवाह और बाढ़ का जोखिम बढ़ता है। दीर्घकाल में यदि हिमनद सिकुड़ते रहें तो स्थिति भिन्न हो सकती है।

प्रश्न 85: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) सभी उष्ण मरुस्थलों का निर्माण केवल उपोष्ण उच्च दाब पट्टी के कारण हुआ है। (2) किसी मरुस्थल के निर्माण में महासागरीय धाराएँ, स्थलाकृति तथा महाद्वीपीयता भी योगदान दे सकती हैं।

  • A. केवल 2 ✓
  • B. केवल 1
  • C. 1 और 2 दोनों
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: A — केवल 2
व्याख्या (Explanation):
पहला कथन गलत है क्योंकि मरुस्थलों का निर्माण बहु-कारकीय प्रक्रिया है। उपोष्ण उच्च दाब के अतिरिक्त शीत महासागरीय धाराएँ (अटाकामा, नामीब), वर्षाछाया (गोबी के कुछ भाग) तथा महाद्वीपीयता भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। दूसरा कथन सही है।

प्रश्न 86: मानचित्र अध्ययन में यदि किसी क्षेत्र की समोच्च रेखाएँ अत्यंत पास-पास हों, तो सामान्यतः इसका क्या अर्थ होगा?

  • A. क्षेत्र पूर्णतः समतल है।
  • B. वहाँ समुद्र तल स्थित है।
  • C. वहाँ नदी का डेल्टा है।
  • D. वहाँ ढाल अत्यधिक तीव्र है। ✓
सही उत्तर: D — वहाँ ढाल अत्यधिक तीव्र है।
व्याख्या (Explanation):
समोच्च रेखाओं का पास-पास होना तीव्र ढाल को दर्शाता है, जबकि दूर-दूर होना मंद ढाल का संकेत देता है।

प्रश्न 87: विश्व के अनेक प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों का बंदरगाहों के निकट विकसित होने का एक प्रमुख कारण क्या है?

  • A. वहाँ सदैव सबसे उपजाऊ मिट्टी मिलती है।
  • B. कच्चे माल एवं तैयार माल के आयात-निर्यात में सुविधा। ✓
  • C. वहाँ भूकंप नहीं आते।
  • D. वहाँ वर्षभर समान तापमान रहता है।
सही उत्तर: B — कच्चे माल एवं तैयार माल के आयात-निर्यात में सुविधा।
व्याख्या (Explanation):
बंदरगाह आयातित कच्चे माल एवं निर्यातित तैयार माल के परिवहन को सरल और सस्ता बनाते हैं। इसलिए अनेक औद्योगिक क्षेत्र समुद्री तटों के निकट विकसित हुए।

प्रश्न 88: यदि किसी नदी के निचले प्रवाह में अत्यधिक अवसाद जमा होने लगे, तो सबसे पहले किस प्रक्रिया पर प्रभाव पड़ सकता है?

  • A. नदी की धारा का मार्ग एवं बाढ़ की प्रवृत्ति। ✓
  • B. पृथ्वी की घूर्णन गति।
  • C. महासागरीय धाराओं की दिशा।
  • D. पर्वत निर्माण।
सही उत्तर: A — नदी की धारा का मार्ग एवं बाढ़ की प्रवृत्ति।
व्याख्या (Explanation):
अत्यधिक निक्षेपण से नदी का तल ऊँचा हो सकता है, धारा का मार्ग बदल सकता है तथा बाढ़ की संभावना बढ़ सकती है।

प्रश्न 89: प्लेट विवर्तनिकी के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त है?

  • A. सभी महासागरीय गर्त अपसारी प्लेट सीमाओं पर बनते हैं।
  • B. सभी पर्वत केवल अपसारी सीमाओं पर बनते हैं।
  • C. महासागरीय गर्त सामान्यतः अभिसारी प्लेट सीमाओं से संबंधित होते हैं। ✓
  • D. प्लेट सीमाओं का भूकंपों से कोई संबंध नहीं है।
सही उत्तर: C — महासागरीय गर्त सामान्यतः अभिसारी प्लेट सीमाओं से संबंधित होते हैं।
व्याख्या (Explanation):
महासागरीय गर्त प्रायः अभिसारी प्लेट सीमाओं पर बनते हैं जहाँ एक प्लेट दूसरी के नीचे धँसती है। अन्य विकल्प तथ्यात्मक रूप से गलत हैं।

प्रश्न 90: यदि किसी क्षेत्र में खनिज संसाधनों की उपलब्धता कम हो जाए, तो निम्नलिखित में से किस उद्योग पर सबसे प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ने की संभावना है?

  • A. पर्यटन उद्योग।
  • B. सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग।
  • C. बैंकिंग सेवाएँ।
  • D. धातु आधारित भारी उद्योग। ✓
सही उत्तर: D — धातु आधारित भारी उद्योग।
व्याख्या (Explanation):
धातु आधारित भारी उद्योगों की कच्चे खनिजों पर सीधी निर्भरता होती है। संसाधनों की कमी से उनकी लागत एवं उत्पादन दोनों प्रभावित हो सकते हैं।

प्रश्न 91: यदि किसी महासागरीय क्षेत्र में लवणता बढ़ जाए और तापमान घट जाए, तो उस जल का घनत्व सामान्यतः—

  • A. बढ़ेगा। ✓
  • B. घटेगा।
  • C. अपरिवर्तित रहेगा।
  • D. केवल ज्वार पर निर्भर करेगा।
सही उत्तर: A — बढ़ेगा।
व्याख्या (Explanation):
कम तापमान और अधिक लवणता दोनों ही समुद्री जल का घनत्व बढ़ाते हैं। यही सिद्धांत थर्मोहेलाइन परिसंचरण का आधार है।

प्रश्न 92: किसी नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में व्यापक वनों की कटाई होने पर निम्नलिखित में से कौन-सा प्रभाव सबसे अधिक संभावित है?

  • A. नदी में अवसाद कम हो जाएगा।
  • B. नदी में अवसाद की मात्रा एवं बाढ़ की संभावना बढ़ सकती है। ✓
  • C. नदी का उद्गम बदल जाएगा।
  • D. नदी स्वतः बारहमासी बन जाएगी।
सही उत्तर: B — नदी में अवसाद की मात्रा एवं बाढ़ की संभावना बढ़ सकती है।
व्याख्या (Explanation):
वनों की कटाई से सतही अपवाह बढ़ता है, मृदा अपरदन तीव्र होता है और नदी में अधिक अवसाद पहुँचता है। इससे बाढ़ एवं निक्षेपण की समस्याएँ बढ़ सकती हैं।

प्रश्न 93: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) किसी क्षेत्र में वर्षा की मात्रा समान होने पर भी विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक वनस्पति विकसित हो सकती है। (2) तापमान, वर्षा का मौसमी वितरण तथा मृदा की विशेषताएँ प्राकृतिक वनस्पति को प्रभावित करती हैं।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. 1 सही है, 2 गलत है।
  • D. 1 और 2 दोनों सही हैं। ✓
सही उत्तर: D — 1 और 2 दोनों सही हैं।
व्याख्या (Explanation):
समान वार्षिक वर्षा होने पर भी यदि उसका मौसमी वितरण, तापमान, मृदा अथवा ऊँचाई अलग हो, तो प्राकृतिक वनस्पति भी अलग हो सकती है। इसलिए दोनों कथन सही हैं तथा पहला कथन दूसरे से समर्थित है।

प्रश्न 94: मानचित्र पर समान ऊँचाई वाले बिंदुओं को जोड़ने वाली रेखाएँ किसी क्षेत्र के किस पहलू का विश्लेषण करने में सबसे अधिक सहायक होती हैं?

  • A. समुद्री लवणता।
  • B. स्थलाकृति एवं ढाल। ✓
  • C. वार्षिक वर्षा।
  • D. जनसंख्या घनत्व।
सही उत्तर: B — स्थलाकृति एवं ढाल।
व्याख्या (Explanation):
समोच्च रेखाएँ समान ऊँचाई वाले बिंदुओं को जोड़ती हैं। इनके माध्यम से ढाल, पर्वतीय स्वरूप, घाटियाँ तथा स्थलरूपों का विश्लेषण किया जाता है।

प्रश्न 95: किसी महाद्वीप के पश्चिमी तट पर लगभग 30° अक्षांश के आसपास शीत महासागरीय धारा प्रवाहित हो रही हो, तो वहाँ निम्नलिखित में से कौन-सी स्थिति सबसे अधिक संभावित है?

  • A. शुष्क या अर्ध-शुष्क तटीय जलवायु। ✓
  • B. वर्षभर अत्यधिक वर्षा।
  • C. घने विषुवतीय वन।
  • D. ध्रुवीय टुण्ड्रा।
सही उत्तर: A — शुष्क या अर्ध-शुष्क तटीय जलवायु।
व्याख्या (Explanation):
30° अक्षांश के आसपास उपोष्ण उच्च दाब क्षेत्र तथा शीत महासागरीय धाराओं का संयुक्त प्रभाव शुष्क परिस्थितियाँ उत्पन्न कर सकता है। अटाकामा और नामीब इसके प्रमुख उदाहरण हैं।

प्रश्न 96: यदि किसी क्षेत्र का वार्षिक तापमान अपेक्षाकृत समान रहे, लेकिन वर्षा अत्यधिक मौसमी हो, तो प्राकृतिक वनस्पति मुख्यतः किस कारक से अधिक प्रभावित होगी?

  • A. केवल अक्षांश।
  • B. केवल समुद्र तल से ऊँचाई।
  • C. वर्षा के मौसमी वितरण से। ✓
  • D. केवल पृथ्वी के घूर्णन से।
सही उत्तर: C — वर्षा के मौसमी वितरण से।
व्याख्या (Explanation):
वनस्पति पर केवल कुल वर्षा ही नहीं बल्कि उसका मौसमी वितरण भी अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यही कारण है कि समान तापमान वाले क्षेत्रों में भी अलग-अलग वनस्पति प्रकार मिल सकते हैं।

प्रश्न 97: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) सभी ज्वालामुखीय द्वीप अभिसारी प्लेट सीमाओं पर ही बनते हैं। (2) हॉटस्पॉट गतिविधि भी महासागरीय द्वीपों के निर्माण का कारण हो सकती है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 ✓
  • C. 1 और 2 दोनों
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: B — केवल 2
व्याख्या (Explanation):
पहला कथन गलत है क्योंकि हवाई द्वीपसमूह जैसे अनेक महासागरीय द्वीप प्लेट के मध्य स्थित हॉटस्पॉट गतिविधि से बने हैं। दूसरा कथन सही है।

प्रश्न 98: औद्योगिक अवस्थिति के संदर्भ में यदि कच्चा माल भारी हो लेकिन तैयार उत्पाद अपेक्षाकृत हल्का हो, तो उद्योग का स्थान सामान्यतः कहाँ अधिक उपयुक्त माना जाएगा?

  • A. कच्चे माल के स्रोत के निकट। ✓
  • B. उपभोक्ता बाजार के निकट।
  • C. केवल बंदरगाह पर।
  • D. किसी भी स्थान पर, क्योंकि स्थान का महत्व नहीं है।
सही उत्तर: A — कच्चे माल के स्रोत के निकट।
व्याख्या (Explanation):
यदि उत्पादन प्रक्रिया में कच्चे माल का भार काफी कम हो जाता है, तो परिवहन लागत कम करने के लिए उद्योग कच्चे माल के स्रोत के निकट स्थापित किए जाते हैं।

प्रश्न 99: यदि किसी क्षेत्र में प्राकृतिक वनस्पति हटाकर बड़े पैमाने पर एक ही फसल उगाई जाए, तो दीर्घकाल में कौन-सा प्रभाव अधिक संभावित है?

  • A. जैव विविधता में वृद्धि।
  • B. पारिस्थितिकीय संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव। ✓
  • C. सभी कीटों का पूर्णतः समाप्त हो जाना।
  • D. वर्षा में स्वतः वृद्धि।
सही उत्तर: B — पारिस्थितिकीय संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव।
व्याख्या (Explanation):
एकल फसल प्रणाली से जैव विविधता घट सकती है, कीटों एवं रोगों की संवेदनशीलता बढ़ सकती है तथा पारिस्थितिकीय संतुलन प्रभावित हो सकता है।

प्रश्न 100: विश्व के अनेक विशाल नदी डेल्टा समुद्र-स्तर वृद्धि के प्रति संवेदनशील क्यों माने जाते हैं?

  • A. क्योंकि वे केवल कठोर आग्नेय चट्टानों से बने होते हैं।
  • B. क्योंकि वहाँ भूकंप कभी नहीं आते।
  • C. क्योंकि वे निम्न-स्थित, अवसादी एवं गतिशील भू-भाग होते हैं। ✓
  • D. क्योंकि वे सदैव पर्वतीय क्षेत्रों में स्थित होते हैं।
सही उत्तर: C — क्योंकि वे निम्न-स्थित, अवसादी एवं गतिशील भू-भाग होते हैं।
व्याख्या (Explanation):
डेल्टा सामान्यतः निम्न ऊँचाई वाले, अवसादी एवं निरंतर परिवर्तित होने वाले क्षेत्र होते हैं। समुद्र-स्तर वृद्धि, तटीय कटाव एवं लवणीय जल के प्रवेश के कारण ये अधिक संवेदनशील होते हैं।

प्रश्न 101: निम्नलिखित में से कौन-सी परिस्थिति किसी क्षेत्र में वर्षाछाया बनने के लिए आवश्यक है?

  • A. आर्द्र पवनों का पर्वत से टकराकर ऊपर उठना तथा विपरीत ढाल पर अवरोही वायु का विकसित होना। ✓
  • B. केवल उच्च तापमान का होना।
  • C. केवल शीत महासागरीय धारा का प्रवाह।
  • D. केवल उच्च अक्षांश पर स्थिति।
सही उत्तर: A — आर्द्र पवनों का पर्वत से टकराकर ऊपर उठना तथा विपरीत ढाल पर अवरोही वायु का विकसित होना।
व्याख्या (Explanation):
वर्षाछाया का निर्माण तब होता है जब आर्द्र वायु पर्वत की पवनाभिमुख ढाल पर वर्षा कर देती है और दूसरी ओर उतरते समय शुष्क हो जाती है। यही कारण है कि पर्वत की विपरीत ढाल अपेक्षाकृत शुष्क रहती है।

प्रश्न 102: यदि किसी तटीय क्षेत्र में प्रबल अपवेलिंग बंद हो जाए, तो सबसे पहले किस क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना होगी?

  • A. ज्वालामुखीय गतिविधि
  • B. तटीय पर्वत निर्माण
  • C. मरुस्थल विस्तार
  • D. समुद्री मत्स्य उत्पादन ✓
सही उत्तर: D — समुद्री मत्स्य उत्पादन
व्याख्या (Explanation):
अपवेलिंग से गहराई का पोषक तत्वों से समृद्ध जल सतह पर आता है। इसके समाप्त होने पर प्लवकों की संख्या घटती है, जिससे मत्स्य उत्पादन प्रभावित होता है। अन्य विकल्पों से इसका प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।

प्रश्न 103: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? 1. किसी नदी का जलप्रवाह केवल उसके जलग्रहण क्षेत्र के आकार पर निर्भर करता है। 2. समान क्षेत्रफल वाले दो जलग्रहण क्षेत्रों की नदियों का वार्षिक जलप्रवाह भिन्न हो सकता है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 ✓
  • C. 1 और 2 दोनों
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: B — केवल 2
व्याख्या (Explanation):
पहला कथन गलत है क्योंकि नदी का जलप्रवाह वर्षा, हिमपात, वाष्पोत्सर्जन, भूगर्भीय संरचना, वनस्पति, मिट्टी तथा मानवीय हस्तक्षेप जैसे अनेक कारकों पर निर्भर करता है। दूसरा कथन सही है क्योंकि समान आकार के जलग्रहण क्षेत्रों में भी जलवायु एवं स्थलाकृति भिन्न होने से जलप्रवाह अलग हो सकता है।

प्रश्न 104: मानचित्र विश्लेषण में यदि दो स्थानों के बीच सीधी दूरी कम हो, किंतु वास्तविक यात्रा दूरी अधिक हो, तो इसका सबसे संभावित कारण क्या है?

  • A. पृथ्वी का घूर्णन
  • B. केवल मानचित्र का पैमाना
  • C. स्थलाकृति एवं परिवहन मार्गों की बाधाएँ ✓
  • D. अक्षांशों का अस्तित्व
सही उत्तर: C — स्थलाकृति एवं परिवहन मार्गों की बाधाएँ
व्याख्या (Explanation):
सीधी दूरी और वास्तविक यात्रा दूरी अलग हो सकती है क्योंकि सड़कें, पर्वत, नदियाँ, घाटियाँ एवं अन्य भौतिक बाधाएँ मार्ग को लंबा बना देती हैं। इसलिए मानचित्र विश्लेषण में स्थलाकृति और परिवहन नेटवर्क दोनों महत्त्वपूर्ण होते हैं।

प्रश्न 105: निम्नलिखित में से किस परिस्थिति में समुद्री जैव उत्पादकता सर्वाधिक होने की संभावना है?

  • A. अत्यधिक गहरे एवं पोषक तत्वों से रहित जल में
  • B. केवल भूमध्य रेखा पर
  • C. अत्यधिक लवणता वाले बंद समुद्र में
  • D. जहाँ पोषक तत्वों का ऊपर उठना होता हो ✓
सही उत्तर: D — जहाँ पोषक तत्वों का ऊपर उठना होता हो
व्याख्या (Explanation):
अपवेलिंग के दौरान गहराई से पोषक तत्वों से भरपूर जल सतह पर आता है, जिससे प्लवकों की वृद्धि होती है और मत्स्य संसाधन अत्यधिक समृद्ध हो जाते हैं।

प्रश्न 106: यदि किसी नदी पर ऊपरी धारा में बड़े पैमाने पर बाँधों का निर्माण किया जाए, तो निम्न प्रवाह में कौन-सा प्रभाव संभावित है?

  • A. नदी का जलग्रहण क्षेत्र समाप्त हो जाएगा।
  • B. अवसाद की उपलब्धता कम हो सकती है। ✓
  • C. नदी का उद्गम स्थान बदल जाएगा।
  • D. नदी का प्रवाह सदैव दोगुना हो जाएगा।
सही उत्तर: B — अवसाद की उपलब्धता कम हो सकती है।
व्याख्या (Explanation):
बाँध अवसाद को रोक लेते हैं, जिससे नीचे की ओर अवसाद की मात्रा घट सकती है। इसका प्रभाव डेल्टा, तटीय निक्षेपण तथा नदी की भू-आकृतिक प्रक्रियाओं पर पड़ सकता है।

प्रश्न 107: किसी क्षेत्र में प्राकृतिक घासभूमि के स्थान पर व्यापक कृषि विस्तार होने का सबसे प्रत्यक्ष प्रभाव क्या होगा?

  • A. प्राकृतिक पारितंत्र एवं जैव विविधता में परिवर्तन ✓
  • B. पृथ्वी की घूर्णन गति में परिवर्तन
  • C. समुद्री धाराओं का दिशा परिवर्तन
  • D. पर्वत निर्माण की प्रक्रिया में तेजी
सही उत्तर: A — प्राकृतिक पारितंत्र एवं जैव विविधता में परिवर्तन
व्याख्या (Explanation):
भूमि उपयोग परिवर्तन से स्थानीय पारितंत्र, वनस्पति, जीव-जंतु तथा मृदा प्रक्रियाओं पर सीधा प्रभाव पड़ता है। अन्य विकल्प भौगोलिक दृष्टि से असंबंधित हैं।

प्रश्न 108: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत के संदर्भ में सर्वाधिक उपयुक्त है?

  • A. प्लेटें केवल क्षैतिज दिशा में चलती हैं, ऊर्ध्वाधर प्रभाव नहीं उत्पन्न करतीं।
  • B. प्लेट गति का प्रभाव केवल महासागरों तक सीमित रहता है।
  • C. प्लेटों की पारस्परिक क्रियाओं से पर्वत, भूकंप एवं ज्वालामुखीय गतिविधियाँ उत्पन्न हो सकती हैं। ✓
  • D. प्लेटों की गति का जलवायु से कोई अप्रत्यक्ष संबंध नहीं है।
सही उत्तर: C — प्लेटों की पारस्परिक क्रियाओं से पर्वत, भूकंप एवं ज्वालामुखीय गतिविधियाँ उत्पन्न हो सकती हैं।
व्याख्या (Explanation):
प्लेट विवर्तनिकी पृथ्वी की अनेक प्रमुख भू-आकृतिक प्रक्रियाओं का आधार है। पर्वत निर्माण, भूकंप, ज्वालामुखीय गतिविधियाँ तथा दीर्घकालिक भू-आकृतिक परिवर्तन इसी से जुड़े हैं।

प्रश्न 109: निम्नलिखित में से किस परिस्थिति में भूमध्यसागरीय प्रकार की कृषि विकसित होने की संभावना सर्वाधिक होगी?

  • A. वर्षभर समान वर्षा और उच्च तापमान
  • B. शीत ऋतु में वर्षा तथा ग्रीष्म ऋतु में शुष्क दशाएँ ✓
  • C. वर्षभर हिमाच्छादित स्थिति
  • D. अत्यधिक आर्द्र विषुवतीय जलवायु
सही उत्तर: B — शीत ऋतु में वर्षा तथा ग्रीष्म ऋतु में शुष्क दशाएँ
व्याख्या (Explanation):
भूमध्यसागरीय जलवायु में शीत ऋतु में वर्षा तथा ग्रीष्म ऋतु में शुष्क एवं गर्म मौसम होता है। इसी कारण जैतून, अंगूर, खट्टे फल एवं बागवानी आधारित कृषि विकसित होती है।

प्रश्न 110: यदि किसी पर्वतीय क्षेत्र में हिमरेखा समान अक्षांश पर स्थित दूसरे पर्वत की तुलना में अधिक ऊँचाई पर हो, तो इसका सबसे उपयुक्त कारण क्या हो सकता है?

  • A. वहाँ केवल चट्टानों का प्रकार भिन्न है।
  • B. वहाँ पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण कम है।
  • C. वहाँ केवल वनों का अभाव है।
  • D. वहाँ का तापमान अपेक्षाकृत अधिक या वर्षा कम है। ✓
सही उत्तर: D — वहाँ का तापमान अपेक्षाकृत अधिक या वर्षा कम है।
व्याख्या (Explanation):
हिमरेखा का स्तर तापमान और हिमपात दोनों से प्रभावित होता है। गर्म अथवा अपेक्षाकृत शुष्क क्षेत्रों में हिमरेखा ऊँचाई पर स्थित होती है, जबकि ठंडे एवं अधिक हिमपात वाले क्षेत्रों में नीचे आ जाती है।

प्रश्न 111: किसी नदी का जलग्रहण क्षेत्र बढ़ जाने पर निम्नलिखित में से कौन-सा प्रभाव सबसे अधिक संभावित है?

  • A. नदी के जल प्रवाह में मौसमी एवं स्थानिक विविधता बढ़ सकती है। ✓
  • B. नदी सदैव बारहमासी हो जाएगी।
  • C. नदी का अपरदन पूर्णतः समाप्त हो जाएगा।
  • D. नदीमुख पर डेल्टा का निर्माण असंभव हो जाएगा।
सही उत्तर: A — नदी के जल प्रवाह में मौसमी एवं स्थानिक विविधता बढ़ सकती है।
व्याख्या (Explanation):
बड़े जलग्रहण क्षेत्र में विभिन्न जलवायु एवं स्थलाकृतियों से जल प्राप्त होता है, जिससे प्रवाह का स्वरूप अधिक जटिल हो जाता है। इससे नदी का व्यवहार प्रभावित होता है, परंतु अन्य विकल्प अनिवार्य परिणाम नहीं हैं।

प्रश्न 112: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) सभी शीत महासागरीय धाराएँ तटीय क्षेत्रों में मरुस्थलों के निर्माण को प्रोत्साहित करती हैं। (2) यदि किसी तटीय क्षेत्र पर प्रबल आर्द्र पवनें लगातार प्रवाहित हों, तो शीत महासागरीय धारा का शुष्क प्रभाव कम हो सकता है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2 ✓
  • C. 1 और 2 दोनों
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: B — केवल 2
व्याख्या (Explanation):
पहला कथन गलत है क्योंकि सभी शीत महासागरीय धाराएँ अपने-आप मरुस्थल नहीं बनातीं। मरुस्थलीकरण में वायुदाब, प्रचलित पवनें, स्थलाकृति तथा महाद्वीपीयता जैसे अन्य कारक भी महत्त्वपूर्ण होते हैं। दूसरा कथन सही है क्योंकि यदि प्रबल आर्द्र पवनें निरंतर नमी उपलब्ध कराएँ, तो शीत महासागरीय धारा का शुष्क प्रभाव काफी हद तक कम हो सकता है।

प्रश्न 113: निम्नलिखित कथनों में सही उत्तर चुनिए। (1) महासागरीय धाराएँ समुद्री जैव विविधता के वितरण को प्रभावित कर सकती हैं। (2) महासागरीय धाराएँ वैश्विक ऊष्मा पुनर्वितरण में योगदान देती हैं।

  • A. 1 और 2 दोनों ✓
  • B. केवल 1
  • C. केवल 2
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: A — 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):
महासागरीय धाराएँ समुद्री पारिस्थितिकी और वैश्विक जलवायु दोनों को प्रभावित करती हैं। यही कारण है कि उनका अध्ययन भौतिक एवं जैविक भूगोल दोनों में महत्वपूर्ण है।

प्रश्न 114: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त है?

  • A. सभी पर्वत हिमालय जैसे वलित पर्वत हैं।
  • B. पर्वतों की उत्पत्ति विभिन्न भू-वैज्ञानिक प्रक्रियाओं से हो सकती है। ✓
  • C. सभी पर्वत ज्वालामुखीय मूल के होते हैं।
  • D. पर्वतों का जलवायु से कोई संबंध नहीं है।
सही उत्तर: B — पर्वतों की उत्पत्ति विभिन्न भू-वैज्ञानिक प्रक्रियाओं से हो सकती है।
व्याख्या (Explanation):
विश्व में वलित, भ्रंशित, अवशिष्ट तथा ज्वालामुखीय पर्वत पाए जाते हैं। उनकी उत्पत्ति अलग-अलग प्रक्रियाओं से होती है।

प्रश्न 115: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सबसे उपयुक्त है?

  • A. सभी मरुस्थल अत्यधिक उच्च तापमान वाले होते हैं।
  • B. मरुस्थल का मूल निर्धारक कम वर्षा है, तापमान नहीं। ✓
  • C. मरुस्थल केवल उपोष्ण कटिबंध में पाए जाते हैं।
  • D. सभी मरुस्थलों में वनस्पति का पूर्ण अभाव होता है।
सही उत्तर: B — मरुस्थल का मूल निर्धारक कम वर्षा है, तापमान नहीं।
व्याख्या (Explanation):
मरुस्थल की प्रमुख विशेषता अत्यंत कम वार्षिक वर्षा (आमतौर पर 250 मिमी से कम) है, न कि उच्च तापमान। इसी कारण अंटार्कटिका तथा ग्रीनलैंड के कुछ भाग भी शीत मरुस्थल माने जाते हैं।

प्रश्न 116: निम्नलिखित में से कौन-सा संयोजन किसी क्षेत्र में वर्षा की मात्रा को प्रभावित कर सकता है? (1) अक्षांश (2) महासागरीय धारा (3) स्थलाकृति (4) प्रमुख पवनें

  • A. केवल 1 और 2
  • B. केवल 3 और 4
  • C. केवल 1, 2 और 3
  • D. 1, 2, 3 और 4 ✓
सही उत्तर: D — 1, 2, 3 और 4
व्याख्या (Explanation):
वर्षा का वितरण अनेक कारकों से प्रभावित होता है। अक्षांश, महासागरीय धाराएँ, स्थलाकृति (विशेषकर पर्वतीय अवरोध), प्रचलित पवनें तथा वायुदाबीय प्रणालियाँ सभी वर्षा की मात्रा एवं वितरण को प्रभावित करती हैं। इसलिए सभी कथन सही हैं।

प्रश्न 117: निम्नलिखित में से कौन-सा जलडमरूमध्य एशिया और उत्तरी अमेरिका को अलग करता है?

  • A. मलक्का
  • B. बेरिंग ✓
  • C. जिब्राल्टर
  • D. बॉस्फोरस
सही उत्तर: B — बेरिंग
व्याख्या (Explanation):
बेरिंग जलडमरूमध्य रूस और अलास्का के बीच स्थित है तथा एशिया और उत्तरी अमेरिका को अलग करता है।

प्रश्न 118: विश्व मानचित्र में केप ऑफ गुड होप किस महाद्वीप में स्थित है?

  • A. अफ्रीका ✓
  • B. दक्षिण अमेरिका
  • C. ऑस्ट्रेलिया
  • D. यूरोप
सही उत्तर: A — अफ्रीका
व्याख्या (Explanation):
केप ऑफ गुड होप दक्षिण अफ्रीका में स्थित है और ऐतिहासिक समुद्री व्यापार मार्गों के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण है।

प्रश्न 119: मानचित्र पर निम्नलिखित में से कौन-सी झील उत्तरी अमेरिका की महान झीलों का भाग है?

  • A. बैकाल
  • B. मिशिगन ✓
  • C. टैंगानिका
  • D. विक्टोरिया
सही उत्तर: B — मिशिगन
व्याख्या (Explanation):
सुपीरियर, मिशिगन, ह्यूरॉन, ईरी और ओंटारियो मिलकर Great Lakes बनाती हैं।

प्रश्न 120: विश्व मानचित्र में निम्नलिखित में से कौन-सी नदी कैस्पियन सागर में गिरती है?

  • A. डेन्यूब
  • B. डॉन
  • C. राइन
  • D. वोल्गा ✓
सही उत्तर: D — वोल्गा
व्याख्या (Explanation):
वोल्गा यूरोप की सबसे लंबी नदी है और कैस्पियन सागर में गिरती है।

प्रश्न 121: विश्व मानचित्र में निम्नलिखित में से किस नदी का अपवाह आर्कटिक महासागर में होता है?

  • A. मिसिसिपी
  • B. ओब ✓
  • C. नाइजर
  • D. डेन्यूब
सही उत्तर: B — ओब
व्याख्या (Explanation):
ओब नदी साइबेरिया से बहते हुए कारा सागर (आर्कटिक महासागर) में गिरती है।

प्रश्न 122: विश्व मानचित्र में निम्नलिखित में से कौन-सा देश भूमिबद्ध (Landlocked) है?

  • A. वियतनाम
  • B. थाईलैंड
  • C. मंगोलिया ✓
  • D. नॉर्वे
सही उत्तर: C — मंगोलिया
व्याख्या (Explanation):
मंगोलिया रूस और चीन के बीच स्थित पूर्णतः भूमिबद्ध देश है।

प्रश्न 123: विश्व मानचित्र में निम्नलिखित में से कौन-सी नदी विषुवत रेखा को दो बार पार करती है?

  • A. कांगो ✓
  • B. नील
  • C. अमेज़न
  • D. यांग्त्सी
सही उत्तर: A — कांगो
व्याख्या (Explanation):
कांगो नदी विश्व की उन विशिष्ट नदियों में है जो विषुवत रेखा को दो बार पार करती है।

प्रश्न 124: विश्व मानचित्र में निम्नलिखित में से कौन-सा पर्वत तंत्र यूरोप और एशिया के पारंपरिक भौगोलिक विभाजन का भाग माना जाता है?

  • A. एंडीज़
  • B. यूराल पर्वत ✓
  • C. एटलस पर्वत
  • D. ग्रेट डिवाइडिंग रेंज
सही उत्तर: B — यूराल पर्वत
व्याख्या (Explanation):
यूराल पर्वत यूरोप और एशिया के बीच पारंपरिक भौगोलिक सीमा माने जाते हैं। UPSC मानचित्र-आधारित प्रश्नों में पर्वत, नदियाँ और सीमाएँ एक साथ पूछ सकता है।

प्रश्न 125: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. सभी बड़े डेल्टा समुद्र में अवसाद निक्षेपण की प्रक्रिया से बनते हैं। ✓
  • B. सभी नदीमुख में विशाल डेल्टा पाए जाते हैं।
  • C. डेल्टा केवल हिमनदीय नदियों द्वारा बनते हैं।
  • D. डेल्टा बनने के लिए नदी द्वारा अवसाद लाना आवश्यक नहीं है।
सही उत्तर: A — सभी बड़े डेल्टा समुद्र में अवसाद निक्षेपण की प्रक्रिया से बनते हैं।
व्याख्या (Explanation):
डेल्टा का निर्माण तब होता है जब नदी अपने साथ लाए गए पर्याप्त अवसादों का निक्षेप अपेक्षाकृत शांत समुद्री अथवा झीलीय तट पर करती है। जहाँ ज्वारीय क्रिया या महासागरीय धाराएँ अधिक प्रबल होती हैं, वहाँ डेल्टा के स्थान पर एस्ट्यूरी विकसित होने की संभावना अधिक होती है।

प्रश्न 126: महाद्वीपीय जलवायु की तुलना में समुद्री जलवायु में तापमान अपेक्षाकृत संतुलित क्यों रहता है?

  • A. समुद्र की सतह सदैव हिम से ढकी रहती है।
  • B. समुद्र सूर्य का विकिरण परावर्तित नहीं करता।
  • C. समुद्री क्षेत्रों में वर्षा नहीं होती।
  • D. जल की विशिष्ट ऊष्मा अधिक होने के कारण। ✓
सही उत्तर: D — जल की विशिष्ट ऊष्मा अधिक होने के कारण।
व्याख्या (Explanation):
जल की विशिष्ट ऊष्मा अधिक होने से वह धीरे-धीरे गर्म और ठंडा होता है। इससे तटीय क्षेत्रों में तापमान का उतार-चढ़ाव कम रहता है।

प्रश्न 127: विश्व के अधिकांश बड़े लौह एवं इस्पात उद्योग ऐतिहासिक रूप से किन संसाधनों की उपलब्धता से जुड़े रहे हैं?

  • A. कपास एवं जूट
  • B. चाय एवं कॉफी
  • C. लौह अयस्क एवं कोयला ✓
  • D. रबर एवं गन्ना
सही उत्तर: C — लौह अयस्क एवं कोयला
व्याख्या (Explanation):
पारंपरिक इस्पात उद्योग के लिए लौह अयस्क और कोकिंग कोयला अत्यंत महत्वपूर्ण रहे हैं। इसी कारण अनेक इस्पात क्षेत्र खनिज पट्टियों के निकट विकसित हुए।

प्रश्न 128: यदि किसी क्षेत्र में वर्षा मुख्यतः ग्रीष्म ऋतु में होती है और शीत ऋतु अपेक्षाकृत शुष्क रहती है, तो इसका सबसे संभावित कारण क्या हो सकता है?

  • A. मौसमी पवनों का प्रभाव ✓
  • B. केवल हिमनदों का पिघलना
  • C. केवल महासागरीय ज्वार
  • D. केवल ज्वालामुखीय गतिविधि
सही उत्तर: A — मौसमी पवनों का प्रभाव
व्याख्या (Explanation):
मौसमी पवनों के कारण ग्रीष्मकाल में आर्द्र वायु भूमि की ओर आती है और वर्षा कराती है, जबकि शीत ऋतु में शुष्क परिस्थितियाँ विकसित हो सकती हैं।

प्रश्न 129: किस प्रकार की जलवायु में वार्षिक तापांतर सामान्यतः सबसे कम होता है?

  • A. महाद्वीपीय आंतरिक क्षेत्र
  • B. उपध्रुवीय क्षेत्र
  • C. विषुवतीय क्षेत्र ✓
  • D. मरुस्थलीय क्षेत्र
सही उत्तर: C — विषुवतीय क्षेत्र
व्याख्या (Explanation):
विषुवतीय क्षेत्रों में सूर्य की किरणें वर्षभर लगभग समान कोण पर पड़ती हैं, जिससे तापमान में वार्षिक परिवर्तन बहुत कम होता है। महाद्वीपीय और उपध्रुवीय क्षेत्रों में तापांतर अधिक होता है।

प्रश्न 130: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) पृथ्वी पर सभी सक्रिय पर्वत-निर्माण क्षेत्र प्लेट विवर्तनिकी से संबंधित हैं। (2) अभिसारी प्लेट सीमाओं पर सामान्यतः पर्वत निर्माण की संभावना अधिक होती है।

  • A. 1 और 2 दोनों ✓
  • B. केवल 1
  • C. केवल 2
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: A — 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):
आधुनिक प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत के अनुसार वर्तमान सक्रिय पर्वत-निर्माण मुख्यतः प्लेटों की परस्पर क्रिया से संबंधित है। विशेषकर अभिसारी प्लेट सीमाओं पर प्लेटों के टकराव से वलित पर्वतों का निर्माण होता है। इसलिए दोनों कथन सही हैं।

प्रश्न 131: मानचित्र पर किसी स्थान की स्थिति को सर्वाधिक सटीक रूप से व्यक्त करने के लिए किसका उपयोग किया जाता है?

  • A. केवल दिशा संकेत
  • B. अक्षांश एवं देशांतर निर्देशांक ✓
  • C. केवल पैमाना
  • D. केवल रंग योजना
सही उत्तर: B — अक्षांश एवं देशांतर निर्देशांक
व्याख्या (Explanation):
अक्षांश एवं देशांतर किसी भी स्थान की वैश्विक स्थिति को अद्वितीय रूप से निर्धारित करते हैं। पैमाना, दिशा एवं संकेत चिह्न मानचित्र पढ़ने में सहायक हैं, लेकिन स्थान का सटीक निर्धारण निर्देशांकों से ही होता है।

प्रश्न 132: विश्व के अधिकांश पेट्रोलियम भंडारों का आर्थिक महत्व मुख्यतः किस कारण है?

  • A. वे केवल पर्वतीय क्षेत्रों में पाए जाते हैं।
  • B. उनका उपयोग केवल बिजली उत्पादन में होता है।
  • C. वे ऊर्जा, परिवहन तथा पेट्रो-रसायन उद्योगों के आधार हैं। ✓
  • D. वे नवीकरणीय संसाधन हैं।
सही उत्तर: C — वे ऊर्जा, परिवहन तथा पेट्रो-रसायन उद्योगों के आधार हैं।
व्याख्या (Explanation):
पेट्रोलियम आधुनिक अर्थव्यवस्था का प्रमुख ऊर्जा स्रोत है तथा परिवहन, रासायनिक उद्योग और अनेक औद्योगिक उत्पादों का आधार है। यह नवीकरणीय संसाधन नहीं है।

प्रश्न 133: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन महासागरों के संबंध में सही है?

  • A. सभी महासागरों की औसत लवणता समान होती है।
  • B. लवणता केवल वर्षा से निर्धारित होती है।
  • C. लवणता का समुद्री जल के घनत्व से कोई संबंध नहीं है।
  • D. वाष्पीकरण और मीठे जल की आपूर्ति लवणता को प्रभावित करते हैं। ✓
सही उत्तर: D — वाष्पीकरण और मीठे जल की आपूर्ति लवणता को प्रभावित करते हैं।
व्याख्या (Explanation):
महासागरीय लवणता वाष्पीकरण, वर्षा, नदियों द्वारा मीठे जल की आपूर्ति तथा हिम के पिघलने जैसे कारकों से प्रभावित होती है। लवणता समुद्री जल के घनत्व को भी प्रभावित करती है।

प्रश्न 134: निम्नलिखित में से कौन-सा कारक विश्व में समुद्री परिवहन के विकास का प्रमुख कारण है?

  • A. समुद्र में स्थायी सड़क नेटवर्क
  • B. बड़े पैमाने पर कम लागत में भारी माल का परिवहन ✓
  • C. केवल यात्री परिवहन की सुविधा
  • D. महासागरीय धाराओं का पूर्ण अभाव
सही उत्तर: B — बड़े पैमाने पर कम लागत में भारी माल का परिवहन
व्याख्या (Explanation):
समुद्री परिवहन भारी एवं थोक माल को लंबी दूरी तक कम लागत पर पहुँचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। यही कारण है कि वैश्विक व्यापार का अधिकांश भाग समुद्री मार्ग से होता है।

प्रश्न 135: यदि किसी पर्वतीय क्षेत्र में ऊँचाई लगातार बढ़ती जाए, तो सामान्यतः तापमान—

  • A. बढ़ता है।
  • B. पहले बढ़ता है, फिर घटता है।
  • C. अपरिवर्तित रहता है।
  • D. घटता है। ✓
सही उत्तर: D — घटता है।
व्याख्या (Explanation):
ऊँचाई बढ़ने पर वायुदाब कम होता है, वायु का प्रसार होता है और उसका तापमान घटता है। यही कारण है कि ऊँचे पर्वतों पर हिम रेखा विकसित होती है।

प्रश्न 136: निम्नलिखित में से किस प्रकार की प्राकृतिक वनस्पति में वृक्षों की अपेक्षा घासों का प्रभुत्व होता है?

  • A. विषुवतीय सदाबहार वन
  • B. टैगा वन
  • C. समशीतोष्ण घासभूमि ✓
  • D. भूमध्यसागरीय सदाबहार वन
सही उत्तर: C — समशीतोष्ण घासभूमि
व्याख्या (Explanation):
समशीतोष्ण घासभूमियों में मध्यम वर्षा के कारण घासें प्रमुख होती हैं। अन्य विकल्पों में वृक्ष प्रधान वनस्पति पाई जाती है।

प्रश्न 137: यदि किसी क्षेत्र में शीत महासागरीय धारा किसी तट के समानांतर बहती है, तो सामान्यतः उस तटीय क्षेत्र में—

  • A. वर्षा अत्यधिक बढ़ जाती है।
  • B. सदाबहार वर्षावन विकसित हो जाते हैं।
  • C. केवल हिमनद बनते हैं।
  • D. शुष्कता बढ़ सकती है। ✓
सही उत्तर: D — शुष्कता बढ़ सकती है।
व्याख्या (Explanation):
शीत महासागरीय धाराएँ वायुमंडल की निचली परत को स्थिर बनाती हैं, जिससे बादलों का विकास सीमित होता है और वर्षा कम हो सकती है। इसी कारण नामीब एवं अटाकामा जैसे तटीय मरुस्थल विकसित हुए हैं।

प्रश्न 138: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) सभी सक्रिय प्लेट सीमाएँ भूकंप उत्पन्न करती हैं। (2) सभी भूकंप केवल प्लेट सीमाओं पर ही आते हैं।

  • A. केवल 1 ✓
  • B. केवल 2
  • C. 1 और 2 दोनों
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: A — केवल 1
व्याख्या (Explanation):
सक्रिय प्लेट सीमाओं पर प्लेटों की परस्पर गति के कारण सामान्यतः भूकंप उत्पन्न होते हैं, इसलिए पहला कथन सही माना जाता है। दूसरा कथन गलत है क्योंकि कुछ भूकंप प्लेटों के भीतर भी आते हैं, जैसे भारत का लातूर भूकंप (1993)। इसलिए केवल कथन (1) सही है।

प्रश्न 139: मानचित्र अध्ययन में बड़े पैमाने का प्रमुख लाभ क्या है?

  • A. संपूर्ण विश्व को एक ही पृष्ठ पर दर्शाना।
  • B. केवल महासागरों का अध्ययन करना।
  • C. छोटे क्षेत्र का अधिक विस्तृत विवरण प्रस्तुत करना। ✓
  • D. किसी भी प्रकार की विकृति समाप्त कर देना।
सही उत्तर: C — छोटे क्षेत्र का अधिक विस्तृत विवरण प्रस्तुत करना।
व्याख्या (Explanation):
बड़े पैमाने के मानचित्र छोटे क्षेत्र का अत्यधिक विस्तृत चित्रण करते हैं। छोटे पैमाने के मानचित्र बड़े क्षेत्रों को कम विवरण के साथ दर्शाते हैं। कोई भी मानचित्र विकृति से पूर्णतः मुक्त नहीं होता।

प्रश्न 140: विश्व के अधिकांश विशाल मरुस्थल किस अक्षांशीय पट्टी में पाए जाते हैं?

  • A. लगभग 20°–35° उत्तर एवं दक्षिण अक्षांश ✓
  • B. केवल विषुवत रेखा पर
  • C. केवल 60°–90° अक्षांशों के बीच
  • D. केवल आर्कटिक वृत्त के भीतर
सही उत्तर: A — लगभग 20°–35° उत्तर एवं दक्षिण अक्षांश
व्याख्या (Explanation):
उपोष्ण उच्च दाब पट्टी (लगभग 20°–35°) में अवरोही शुष्क वायु के कारण सहारा, अरब, कालाहारी, ऑस्ट्रेलियाई आदि मरुस्थल विकसित हुए हैं।

प्रश्न 141: निम्नलिखित में से किस उद्योग का स्थान चयन बाजार की निकटता से अपेक्षाकृत अधिक प्रभावित होता है?

  • A. लौह अयस्क खनन
  • B. दुग्ध प्रसंस्करण उद्योग ✓
  • C. बॉक्साइट उत्खनन
  • D. ताँबा खनन
सही उत्तर: B — दुग्ध प्रसंस्करण उद्योग
व्याख्या (Explanation):
दुग्ध उत्पाद शीघ्र खराब हो सकते हैं, इसलिए उनका प्रसंस्करण एवं वितरण बाजार और उपभोक्ताओं के निकट होना लाभदायक होता है। खनन उद्योग मुख्यतः संसाधन आधारित होते हैं।

प्रश्न 142: यदि किसी क्षेत्र में लाखों वर्षों तक हिमनद सक्रिय रहे हों, तो वहाँ निम्नलिखित में से किस प्रकार की स्थलाकृतियाँ मिलने की संभावना अधिक होगी?

  • A. प्रवाल भित्तियाँ
  • B. बालुका स्तूप
  • C. डेल्टा
  • D. यू-आकार की घाटियाँ ✓
सही उत्तर: D — यू-आकार की घाटियाँ
व्याख्या (Explanation):
हिमनदों द्वारा व्यापक अपरदन से यू-आकार की घाटियाँ, सर्क तथा मोरेन जैसी स्थलाकृतियाँ बनती हैं। डेल्टा नदियों से, बालुका स्तूप पवन से तथा प्रवाल भित्तियाँ समुद्री जीवों से बनती हैं।

प्रश्न 143: किसी पर्वत की पवनाभिमुख ढाल पर सामान्यतः अधिक वर्षा क्यों होती है?

  • A. वायु ऊपर उठकर ठंडी होती है और संघनन होता है। ✓
  • B. वायु नीचे उतरते समय ठंडी हो जाती है।
  • C. समुद्र का जल सीधे पर्वत पर जम जाता है।
  • D. पृथ्वी का घूर्णन वर्षा को केवल उसी ओर सीमित कर देता है।
सही उत्तर: A — वायु ऊपर उठकर ठंडी होती है और संघनन होता है।
व्याख्या (Explanation):
पर्वत से टकराकर आर्द्र वायु ऊपर उठती है, प्रसारित होकर ठंडी होती है और संघनन के कारण वर्षा होती है। दूसरी ओर वर्षाछाया क्षेत्र अपेक्षाकृत शुष्क रहता है।

प्रश्न 144: विश्व के अधिकांश बड़े मत्स्य क्षेत्र सामान्यतः कहाँ विकसित होते हैं?

  • A. महासागर के अत्यधिक गहरे भागों में
  • B. विषुवतीय महासागर के मध्य भाग में
  • C. महाद्वीपीय मग्न तट के निकट ✓
  • D. केवल ध्रुवीय समुद्रों में
सही उत्तर: C — महाद्वीपीय मग्न तट के निकट
व्याख्या (Explanation):
महाद्वीपीय मग्न तट उथले, पोषक तत्वों से समृद्ध तथा सूर्य के प्रकाश से युक्त होते हैं, जिससे प्लवक की वृद्धि होती है और मत्स्य संसाधन प्रचुर मिलते हैं।

प्रश्न 145: निम्नलिखित में से कौन-सा कारक मरुस्थलों के निर्माण का प्रमुख कारण नहीं है?

  • A. उपोष्ण उच्च दाब क्षेत्र
  • B. अत्यधिक उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी ✓
  • C. शीत महासागरीय धाराएँ
  • D. वर्षाछाया प्रभाव
सही उत्तर: B — अत्यधिक उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी
व्याख्या (Explanation):
उपोष्ण उच्च दाब, शीत महासागरीय धाराएँ तथा वर्षाछाया प्रभाव मरुस्थलीकरण के प्रमुख प्राकृतिक कारण हैं। उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी का मरुस्थल निर्माण से प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।

प्रश्न 146: निम्नलिखित में से किस स्थिति में अपरदन की अपेक्षा निक्षेपण अधिक होने की संभावना है?

  • A. तीव्र ढाल एवं तीव्र वेग वाली नदी
  • B. संकीर्ण पर्वतीय घाटी
  • C. जलप्रपात का ऊपरी भाग
  • D. विस्तृत समतल मैदान में धीमा नदी प्रवाह ✓
सही उत्तर: D — विस्तृत समतल मैदान में धीमा नदी प्रवाह
व्याख्या (Explanation):
जब नदी का वेग कम हो जाता है तो उसकी अवसाद वहन क्षमता घटती है और निक्षेपण होने लगता है। पर्वतीय क्षेत्रों में ढाल अधिक होने से अपरदन प्रमुख प्रक्रिया होती है।

प्रश्न 147: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) प्रत्येक महासागर में मध्य-महासागरीय पर्वतमालाएँ पाई जाती हैं। (2) ये पर्वतमालाएँ मुख्यतः अपसारी प्लेट सीमाओं से संबंधित होती हैं।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. 1 और 2 दोनों ✓
  • D. न तो 1, न ही 2
सही उत्तर: C — 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):
मध्य-महासागरीय पर्वतमालाएँ विश्व के प्रमुख महासागरों (अटलांटिक, हिंद, प्रशांत तथा आर्कटिक) में पाई जाती हैं। इनका निर्माण मुख्यतः अपसारी प्लेट सीमाओं पर समुद्री तल के प्रसार के कारण होता है। अतः दोनों कथन सही हैं।

प्रश्न 148: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन विश्व मानचित्र अध्ययन के संदर्भ में सही है?

  • A. सभी मानचित्र समान प्रक्षेप का उपयोग करते हैं।
  • B. किसी भी प्रक्षेप में पृथ्वी का आकार, क्षेत्रफल और दूरी सभी पूर्णतः सही दर्शाए जा सकते हैं।
  • C. केवल बड़े पैमाने के मानचित्रों में विकृति होती है।
  • D. प्रत्येक मानचित्र प्रक्षेप किसी न किसी प्रकार का समझौता करता है। ✓
सही उत्तर: D — प्रत्येक मानचित्र प्रक्षेप किसी न किसी प्रकार का समझौता करता है।
व्याख्या (Explanation):
गोलाकार पृथ्वी को समतल पर प्रदर्शित करते समय किसी न किसी गुण—जैसे क्षेत्रफल, आकार, दिशा या दूरी—में विकृति अनिवार्य होती है। इसलिए सभी प्रक्षेप किसी न किसी प्रकार का समझौता करते हैं।

प्रश्न 149: किसी नदी के डेल्टा बनने के लिए कौन-सी स्थिति सर्वाधिक अनुकूल होती है?

  • A. नदी द्वारा पर्याप्त अवसाद का वहन एवं शांत समुद्री तट ✓
  • B. तीव्र ज्वारीय क्रिया
  • C. अत्यधिक गहरे समुद्री तट
  • D. अत्यधिक तीव्र महासागरीय धाराएँ
सही उत्तर: A — नदी द्वारा पर्याप्त अवसाद का वहन एवं शांत समुद्री तट
व्याख्या (Explanation):
डेल्टा वहाँ विकसित होता है जहाँ नदी पर्याप्त अवसाद लाती है और समुद्र अपेक्षाकृत शांत हो ताकि निक्षेपण हो सके। तीव्र धाराएँ एवं ज्वार निक्षेप को हटाते हैं।

प्रश्न 150: निम्नलिखित में से कौन-सा उद्योग स्थान चयन में कच्चे माल की उपलब्धता से सर्वाधिक प्रभावित होता है?

  • A. सॉफ्टवेयर उद्योग
  • B. पर्यटन उद्योग
  • C. लौह एवं इस्पात उद्योग ✓
  • D. वित्तीय सेवाएँ
सही उत्तर: C — लौह एवं इस्पात उद्योग
व्याख्या (Explanation):
लौह एवं इस्पात उद्योग भारी मात्रा में लौह अयस्क, कोयला, ऊर्जा तथा परिवहन पर निर्भर करता है। इसलिए इसका स्थान चयन कच्चे माल से गहराई से जुड़ा होता है।

प्रश्न 151: विश्व के अधिकांश सक्रिय ज्वालामुखी किस क्षेत्र से संबद्ध हैं?

  • A. सहारा मरुस्थल
  • B. साइबेरिया
  • C. अमेज़न बेसिन
  • D. प्रशांत महासागर की परिधि ✓
सही उत्तर: D — प्रशांत महासागर की परिधि
व्याख्या (Explanation):
अधिकांश सक्रिय ज्वालामुखी प्लेट सीमाओं के साथ, विशेषकर प्रशांत महासागर की परिधि में स्थित हैं।

प्रश्न 152: कृषि के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  • A. सिंचाई की आवश्यकता केवल वर्षा की मात्रा पर निर्भर नहीं करती। ✓
  • B. जहाँ वर्षा अधिक हो वहाँ सिंचाई कभी आवश्यक नहीं होती।
  • C. सभी नगदी फसलों को समान जल की आवश्यकता होती है।
  • D. तापमान का कृषि पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
सही उत्तर: A — सिंचाई की आवश्यकता केवल वर्षा की मात्रा पर निर्भर नहीं करती।
व्याख्या (Explanation):
सिंचाई की आवश्यकता वर्षा के वितरण, मिट्टी, फसल के प्रकार, तापमान तथा वाष्पोत्सर्जन सहित अनेक कारकों पर निर्भर करती है। अन्य कथन अत्यधिक सामान्यीकृत या तथ्यात्मक रूप से गलत हैं।

प्रश्न 153: यदि किसी देश का अधिकांश भाग 30°–35° अक्षांश के उपोष्ण उच्च दाब क्षेत्र में स्थित हो, तो वहाँ सामान्यतः कौन-सी प्राकृतिक परिस्थिति अपेक्षित होगी?

  • A. वर्षभर अत्यधिक वर्षा
  • B. शुष्क या अर्ध-शुष्क दशाएँ ✓
  • C. ध्रुवीय जलवायु
  • D. मानसूनी वर्षा
सही उत्तर: B — शुष्क या अर्ध-शुष्क दशाएँ
व्याख्या (Explanation):
उपोष्ण उच्च दाब क्षेत्रों में अवरोही वायु के कारण बादल कम बनते हैं और शुष्क परिस्थितियाँ विकसित होती हैं। सहारा, अरब तथा कालाहारी जैसे मरुस्थल इसी अक्षांशीय पट्टी में स्थित हैं।

प्रश्न 154: निम्नलिखित में से किस कारक का महासागरीय धाराओं के निर्माण में प्रत्यक्ष योगदान नहीं माना जाता?

  • A. प्रचलित पवनें
  • B. पृथ्वी का घूर्णन
  • C. चन्द्रमा के कलात्मक चरण ✓
  • D. तापमान एवं लवणता का अंतर
सही उत्तर: C — चन्द्रमा के कलात्मक चरण
व्याख्या (Explanation):
महासागरीय धाराएँ मुख्यतः प्रचलित पवनों, पृथ्वी के घूर्णन (कोरिऑलिस प्रभाव) तथा तापमान एवं लवणता के अंतर से प्रभावित होती हैं। चन्द्रमा के कलात्मक चरण नहीं, बल्कि चन्द्रमा एवं सूर्य का गुरुत्वाकर्षण ज्वार-भाटा उत्पन्न करता है। इसलिए विकल्प (C) महासागरीय धाराओं के प्रमुख नियंत्रकों में शामिल नहीं है।

प्रश्न 155: विश्व की अधिकांश बड़ी नदियाँ किस कारण अपने निचले भागों में अधिक चौड़ी एवं मंद प्रवाह वाली हो जाती हैं?

  • A. ढाल कम हो जाने के कारण ✓
  • B. हिमनदों के पिघलने के कारण
  • C. वर्षा की कमी के कारण
  • D. महासागरीय ज्वार के कारण
सही उत्तर: A — ढाल कम हो जाने के कारण
व्याख्या (Explanation):
नदी के निम्न प्रवाह क्षेत्र में ढाल कम हो जाती है, जिससे प्रवाह वेग घटता है और नदी चौड़ी होकर अधिक अवसाद निक्षेपित करती है। अन्य विकल्प सामान्य कारण नहीं हैं।

प्रश्न 156: यदि किसी क्षेत्र में वर्षभर ऊँचा तापमान तथा अत्यधिक वर्षा होती है, तो वहाँ सर्वाधिक संभावना किस प्राकृतिक वनस्पति की होगी?

  • A. टैगा वन
  • B. समशीतोष्ण घासभूमि
  • C. टुण्ड्रा
  • D. विषुवतीय सदाबहार वन ✓
सही उत्तर: D — विषुवतीय सदाबहार वन
व्याख्या (Explanation):
विषुवतीय क्षेत्रों में वर्षभर उच्च तापमान और प्रचुर वर्षा के कारण सदाबहार घने वन विकसित होते हैं। टैगा ठंडे क्षेत्रों में, टुण्ड्रा ध्रुवीय क्षेत्रों में तथा समशीतोष्ण घासभूमि अपेक्षाकृत कम वर्षा वाले क्षेत्रों में मिलती है।

प्रश्न 157: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) सभी महाद्वीप किसी न किसी महासागर से घिरे हुए हैं। (2) यूरोप और एशिया का विभाजन पूर्णतः समुद्री सीमाओं पर आधारित है।

  • A. केवल 1
  • B. केवल 2
  • C. 1 और 2 दोनों
  • D. न तो 1, न ही 2 ✓
सही उत्तर: D — न तो 1, न ही 2
व्याख्या (Explanation):
कथन (1) गलत है क्योंकि सभी महाद्वीप पूर्णतः महासागरों से पृथक नहीं हैं। उदाहरण के लिए यूरोप और एशिया एक ही स्थलखंड (यूरेशिया) का भाग हैं। कथन (2) भी गलत है क्योंकि यूरोप-एशिया की सीमा यूराल पर्वत, यूराल नदी, कैस्पियन सागर, कॉकस क्षेत्र तथा काला सागर जैसे स्थल एवं जल दोनों तत्वों पर आधारित है। इसलिए दोनों कथन गलत हैं।

प्रश्न 158: कथन (A): समुद्र-स्तर वृद्धि का प्रभाव सभी तटीय क्षेत्रों में समान होगा। कारण (R): तटीय स्थलाकृति, अवसाद आपूर्ति, भू-धँसाव, मैंग्रोव एवं मानव हस्तक्षेप विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग होते हैं।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है। ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
समुद्र-स्तर वृद्धि एक वैश्विक प्रक्रिया है, किन्तु उसका प्रभाव स्थानीय तटीय स्थलाकृति, अवसाद आपूर्ति, भू-धँसाव, पारिस्थितिक तंत्र तथा मानव हस्तक्षेप के कारण विभिन्न क्षेत्रों में भिन्न-भिन्न होता है।

प्रश्न 159: कथन (A): किसी महानगर में अभेद्य सतहों के विस्तार से भूजल पुनर्भरण बढ़ जाता है। कारण (R): अभेद्य सतहें सतही अपवाह को बढ़ाकर भूमि में जल के रिसाव को कम करती हैं।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A गलत है पर R सही है। ✓
  • D. A सही है पर R गलत है।
सही उत्तर: C — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
कंक्रीटीकरण एवं अन्य अभेद्य सतहों के विस्तार से वर्षाजल का भूमि में अवशोषण कम हो जाता है तथा सतही अपवाह बढ़ जाता है। परिणामस्वरूप भूजल पुनर्भरण सामान्यतः घटता है। इसलिए कथन (A) गलत तथा कारण (R) सही है।

प्रश्न 160: कथन (A): समोच्च रेखाएँ केवल ऊँचाई का संकेत नहीं देतीं, बल्कि ढाल एवं स्थलरूपों का भी विश्लेषण संभव बनाती हैं। कारण (R): समोच्च रेखाओं के अंतराल एवं विन्यास से ढाल, जल-विभाजक, घाटियाँ तथा इंजीनियरिंग योजना का आकलन किया जा सकता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
समोच्च रेखाओं का विश्लेषण स्थलाकृतिक अध्ययन, मार्ग चयन, सिंचाई, जल संसाधन विकास तथा इंजीनियरिंग योजनाओं के लिए अत्यंत उपयोगी होता है।

प्रश्न 161: कथन (A): समान ऊँचाई पर स्थित दो पर्वतीय ढालों पर समान प्रकार की वनस्पति का विकास अनिवार्य है। कारण (R): ढाल की अभिमुखता, सूर्यप्रकाश तथा मृदा-नमी की उपलब्धता वनस्पति को प्रभावित करती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A गलत है पर R सही है। ✓
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A और R दोनों गलत हैं।
सही उत्तर: B — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
ढाल की अभिमुखता के कारण समान ऊँचाई पर भी सूक्ष्म जलवायु भिन्न हो सकती है, जिससे वनस्पति में अंतर उत्पन्न होता है।

प्रश्न 162: कथन (A): सभी नदी मुहानों में वर्षभर समान लवणता रहती है। कारण (R): नदी प्रवाह, ज्वार, वर्षा तथा समुद्री जल का अनुपात समय के साथ बदलता रहता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A सही है पर R गलत है।
  • C. A और R दोनों गलत हैं।
  • D. A गलत है पर R सही है। ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
नदी मुहानों में लवणता अत्यधिक परिवर्तनशील होती है। यह नदी प्रवाह, ज्वार, वर्षा तथा ऋतुजन्य परिवर्तनों से प्रभावित होती है।

प्रश्न 163: कथन (A): आधुनिक उच्च-प्रौद्योगिकी उद्योगों की अवस्थिति में मानव पूंजी एवं अनुसंधान संस्थानों की भूमिका अत्यधिक महत्त्वपूर्ण होती है। कारण (R): ऐसे उद्योग प्रायः ज्ञान, नवाचार, डिजिटल अवसंरचना तथा कौशल-आधारित अर्थव्यवस्था पर निर्भर करते हैं।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था में उच्च-प्रौद्योगिकी उद्योगों की अवस्थिति पारंपरिक प्राकृतिक संसाधनों की अपेक्षा मानव पूंजी, अनुसंधान, नवाचार एवं डिजिटल अवसंरचना पर अधिक निर्भर करती है।

प्रश्न 164: कथन (A): हिमनदों के पीछे हटने से सभी हिमपोषित नदियों का दीर्घकालीन प्रवाह बढ़ जाएगा। कारण (R): हिमनदों का द्रव्यमान घटने पर भविष्य में शुष्क ऋतु के दौरान जल उपलब्धता कम हो सकती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A गलत है पर R सही है। ✓
  • D. A सही है पर R गलत है।
सही उत्तर: C — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
हिमनदों के पिघलने के प्रारंभिक चरण में प्रवाह बढ़ सकता है, किन्तु दीर्घकाल में हिमनदों के सिकुड़ने से हिमपोषित जल की उपलब्धता कम हो सकती है।

प्रश्न 165: कथन (A): किसी क्षेत्र की जलवायु का सटीक निर्धारण केवल अक्षांश से किया जा सकता है। कारण (R): महासागरीय धाराएँ, स्थलाकृति, ऊँचाई, महाद्वीपीयता एवं वायुदाब प्रणालियाँ भी जलवायु को प्रभावित करती हैं।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A गलत है पर R सही है। ✓
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A और R दोनों गलत हैं।
सही उत्तर: B — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
अक्षांश जलवायु का महत्त्वपूर्ण नियंत्रक है, किंतु अकेला नहीं। जलवायु अनेक वैश्विक एवं स्थानीय कारकों के संयुक्त प्रभाव से निर्धारित होती है।

प्रश्न 166: कथन (A): सभी महासागरीय अपवेलिंग क्षेत्र समान मात्रा में मत्स्य संसाधन उपलब्ध कराते हैं। कारण (R): अपवेलिंग की तीव्रता, मौसमीता, समुद्री परिसंचरण तथा स्थानीय पारिस्थितिकी विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग होती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है। ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
यद्यपि अपवेलिंग सामान्यतः समुद्री उत्पादकता बढ़ाती है, परन्तु सभी क्षेत्रों में उसकी तीव्रता एवं पारिस्थितिक प्रतिक्रिया समान नहीं होती। इसलिए सभी अपवेलिंग क्षेत्रों में मत्स्य संसाधन समान नहीं होते।

प्रश्न 167: कथन (A): किसी नदी डेल्टा की दीर्घकालीन स्थिरता केवल नदी द्वारा लाए गए अवसाद की मात्रा पर निर्भर नहीं करती। कारण (R): समुद्र-स्तर परिवर्तन, तटीय धाराएँ, ज्वारीय ऊर्जा, भू-धँसाव तथा मानव हस्तक्षेप डेल्टा के निर्माण और क्षरण को प्रभावित करते हैं।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
डेल्टा एक गतिशील प्रणाली है जिसमें नदी, समुद्र तथा स्थलमंडलीय प्रक्रियाएँ परस्पर कार्य करती हैं। अतः केवल अवसाद की मात्रा से डेल्टा की दीर्घकालीन स्थिरता निर्धारित नहीं की जा सकती।

प्रश्न 168: कथन (A): सभी तटीय क्षेत्रों में समुद्र-स्तर वृद्धि का प्रभाव समान होगा। कारण (R): तटीय स्थलाकृति, अवसाद आपूर्ति, भू-धँसाव तथा मानव हस्तक्षेप विभिन्न क्षेत्रों में भिन्न होते हैं।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है। ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
समुद्र-स्तर वृद्धि का प्रभाव स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों पर निर्भर करता है। इसलिए सभी तटीय क्षेत्रों में इसका प्रभाव समान नहीं होता।

प्रश्न 169: कथन (A): भूमि उपयोग परिवर्तन किसी क्षेत्र के स्थानीय जलचक्र को प्रभावित कर सकता है। कारण (R): शहरीकरण, वनों की कटाई तथा अभेद्य सतहों की वृद्धि से सतही अपवाह और भूजल पुनर्भरण में परिवर्तन हो सकता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
भूमि उपयोग परिवर्तन स्थानीय जल संतुलन, वाष्पोत्सर्जन, सतही अपवाह और भूजल पुनर्भरण को प्रभावित करता है। यही कारण है कि शहरीकरण का जल विज्ञान पर गहरा प्रभाव पड़ता है।

प्रश्न 170: कथन (A): किसी क्षेत्र में समोच्च रेखाओं का विश्लेषण केवल ऊँचाई बताने के लिए उपयोगी है। कारण (R): समोच्च रेखाओं से ढाल, जल निकासी, मार्ग चयन तथा इंजीनियरिंग योजना का भी विश्लेषण किया जा सकता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A गलत है पर R सही है। ✓
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A और R दोनों गलत हैं।
सही उत्तर: B — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
समोच्च रेखाएँ स्थलाकृतिक विश्लेषण का आधार हैं। उनसे ढाल, जल विभाजक, सड़क योजना तथा जल संसाधन विकास जैसे अनेक निष्कर्ष निकाले जाते हैं।

प्रश्न 171: कथन (A): किसी पर्वतीय क्षेत्र की दोनों ढालों पर समान प्रकार की वनस्पति अनिवार्य रूप से विकसित होगी। कारण (R): ढाल की अभिमुखता सूर्यप्रकाश, तापमान एवं नमी को प्रभावित कर सकती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A गलत है पर R सही है। ✓
  • D. A सही है पर R गलत है।
सही उत्तर: C — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
पहला कथन गलत है क्योंकि पर्वतीय ढालों की अभिमुखता के कारण सूर्यप्रकाश, तापमान तथा आर्द्रता में अंतर उत्पन्न होता है। परिणामस्वरूप समान ऊँचाई पर भी दोनों ढालों पर भिन्न प्रकार की वनस्पति विकसित हो सकती है। अतः कारण सही है तथा कथन गलत।

प्रश्न 172: कथन (A): सभी नदी मुहाने में लवणता वर्षभर स्थिर रहती है। कारण (R): नदी प्रवाह, ज्वार तथा ऋतु परिवर्तन मुहाने की लवणता को प्रभावित करते हैं।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A सही है पर R गलत है।
  • C. A और R दोनों गलत हैं।
  • D. A गलत है पर R सही है। ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
मुहानों में मीठे एवं खारे जल का अनुपात लगातार बदलता रहता है। ज्वार, नदी प्रवाह एवं मौसमी वर्षा इसके प्रमुख नियंत्रक हैं।

प्रश्न 173: कथन (A): आधुनिक उद्योगों के स्थान निर्धारण में ज्ञान एवं नवाचार का महत्व कई बार कच्चे माल से अधिक हो सकता है। कारण (R): सूचना प्रौद्योगिकी एवं जैव-प्रौद्योगिकी जैसे उद्योग मुख्यतः कुशल मानव संसाधन और अनुसंधान संस्थानों पर आधारित होते हैं।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
ज्ञान-आधारित उद्योगों में मानव पूंजी, नवाचार, अनुसंधान एवं डिजिटल अवसंरचना की भूमिका संसाधन-आधारित उद्योगों से अधिक होती है। इसलिए कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

प्रश्न 174: कथन (A): सभी हिमनदों के पीछे हटने से प्रत्येक नदी का वार्षिक प्रवाह स्थायी रूप से बढ़ जाएगा। कारण (R): हिमनदों के सिकुड़ने से दीर्घकाल में हिमपोषित जल की उपलब्धता घट सकती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A गलत है पर R सही है। ✓
  • D. A सही है पर R गलत है।
सही उत्तर: C — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
पहला कथन गलत है क्योंकि सभी नदियों का वार्षिक प्रवाह स्थायी रूप से नहीं बढ़ता। कई हिमपोषित नदियों में प्रारंभिक अवधि में हिमपिघलन के कारण प्रवाह बढ़ सकता है, किंतु दीर्घकाल में हिमनदों के सिकुड़ने से जल की उपलब्धता घट सकती है। इसलिए कारण सही है और कथन गलत।

प्रश्न 175: कथन (A): किसी क्षेत्र की जलवायु का निर्धारण केवल अक्षांश से किया जा सकता है। कारण (R): महासागरीय धाराएँ, ऊँचाई, स्थलाकृति तथा महाद्वीपीयता भी जलवायु को प्रभावित करते हैं।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A गलत है पर R सही है। ✓
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A और R दोनों गलत हैं।
सही उत्तर: B — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
अक्षांश एक महत्त्वपूर्ण नियंत्रक है, परंतु जलवायु पर महासागरीय धाराएँ, ऊँचाई, पर्वतीय अवरोध, महाद्वीपीयता तथा पवन प्रणाली का भी प्रभाव पड़ता है। इसलिए पहला कथन गलत है।

प्रश्न 176: कथन (A): सभी अपवेलिंग क्षेत्रों में समुद्री जैव विविधता समान होती है। कारण (R): अपवेलिंग की तीव्रता, अवधि तथा स्थानीय महासागरीय परिस्थितियाँ विभिन्न क्षेत्रों में भिन्न होती हैं।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है। ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
अपवेलिंग जैव उत्पादकता बढ़ाती है, किंतु सभी क्षेत्रों में उसकी तीव्रता, मौसमीता और पारिस्थितिक प्रतिक्रिया समान नहीं होती। इसलिए पहला कथन गलत तथा दूसरा सही है।

प्रश्न 177: कथन (A): किसी डेल्टा का दीर्घकालीन अस्तित्व केवल नदी द्वारा लाए गए अवसाद पर निर्भर नहीं करता। कारण (R): समुद्र-स्तर परिवर्तन, तटीय धाराएँ, ज्वारीय क्रिया तथा भू-धँसाव भी डेल्टा के विकास एवं क्षरण को प्रभावित करते हैं।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
डेल्टा एक गतिशील तटीय-नदीय प्रणाली है। इसका संतुलन अवसाद आपूर्ति, समुद्र-स्तर, ज्वार, तरंग, तटीय धाराओं तथा भू-धँसाव के संयुक्त प्रभाव से निर्धारित होता है। इसलिए कारण, कथन की पूर्ण व्याख्या करता है।

प्रश्न 178: कथन (A): समोच्च रेखाओं से किसी क्षेत्र की ढाल का अनुमान लगाया जा सकता है। कारण (R): समोच्च रेखाओं के बीच की दूरी ढाल की तीव्रता का संकेत देती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
समोच्च रेखाएँ स्थलाकृति के अध्ययन का मूल आधार हैं। इनके बीच कम दूरी तीव्र ढाल तथा अधिक दूरी मंद ढाल को दर्शाती है। इसलिए कारण कथन, कथन की सही व्याख्या करता है।

प्रश्न 179: कथन (A): प्राकृतिक घासभूमियाँ केवल कम वर्षा वाले क्षेत्रों में ही पाई जाती हैं। कारण (R): तापमान, आग, चराई तथा मृदा भी घासभूमियों के विकास को प्रभावित करते हैं।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A गलत है पर R सही है। ✓
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A और R दोनों गलत हैं।
सही उत्तर: B — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
घासभूमियों का विकास केवल वर्षा पर निर्भर नहीं करता। तापमान, आग की आवृत्ति, चराई और मृदा की प्रकृति भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रश्न 180: कथन (A): सभी नदी घाटियाँ समान प्रकार की होती हैं। कारण (R): घाटियों का स्वरूप अपरदन, शैल संरचना तथा नदी की अवस्था पर निर्भर करता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A सही है पर R गलत है।
  • C. A गलत है पर R सही है। ✓
  • D. A और R दोनों गलत हैं।
सही उत्तर: C — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
युवा, प्रौढ़ और वृद्ध अवस्था की नदियों की घाटियाँ भिन्न होती हैं। शैल संरचना एवं अपरदन की प्रकृति भी घाटी के आकार को प्रभावित करती है।

प्रश्न 181: कथन (A): औद्योगिक अवस्थिति समय के साथ बदल सकती है। कारण (R): ऊर्जा स्रोत, परिवहन, प्रौद्योगिकी तथा बाजार की भूमिका समय के साथ बदलती रहती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
औद्योगिक क्रांति के समय कोयला प्रमुख कारक था, जबकि आज सूचना, लॉजिस्टिक्स, कौशल एवं वैश्विक आपूर्ति शृंखलाएँ भी निर्णायक हैं। अतः कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

प्रश्न 182: कथन (A): सभी महाद्वीपीय मग्न तट समान चौड़ाई के होते हैं। कारण (R): महाद्वीपीय मग्न तट की चौड़ाई विवर्तनिक एवं भू-आकृतिक परिस्थितियों पर निर्भर करती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A सही है पर R गलत है।
  • C. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • D. A गलत है पर R सही है। ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
महाद्वीपीय मग्न तट की चौड़ाई विभिन्न स्थानों पर अत्यधिक भिन्न होती है। इसका निर्धारण विवर्तनिकी, अवसादन और समुद्री प्रक्रियाओं से होता है।

प्रश्न 183: कथन (A): किसी क्षेत्र में उच्च वर्षा होने का अर्थ यह नहीं कि वहाँ मृदा अपरदन नहीं होगा। कारण (R): तीव्र वर्षा, ढाल तथा वनस्पति की कमी होने पर मृदा अपरदन बढ़ सकता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
अधिक वर्षा होने से स्वतः मृदा संरक्षण नहीं होता। यदि वर्षा तीव्र हो, भूमि पर ढाल अधिक हो तथा वनस्पति आवरण कम हो, तो मृदा अपरदन तीव्र हो सकता है। इसलिए कारण कथन, कथन की सही व्याख्या करता है।

प्रश्न 184: कथन (A): शीत महासागरीय धाराओं वाले कुछ तटीय क्षेत्रों में घना कोहरा पाया जा सकता है। कारण (R): अपेक्षाकृत गर्म एवं आर्द्र वायु जब शीत सतही जल के ऊपर से गुजरती है, तो संघनन होकर कोहरा बन सकता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
कैलिफ़ोर्निया तट तथा पेरू (हम्बोल्ट) धारा से प्रभावित क्षेत्रों में शीत महासागरीय धाराओं के कारण घना कोहरा विकसित हो सकता है। गर्म एवं आर्द्र वायु के शीत जल के ऊपर से गुजरने पर संघनन होता है, इसलिए कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

प्रश्न 185: कथन (A): सभी अभिसारी प्लेट सीमाओं पर महाद्वीपीय पर्वतों का निर्माण होता है। कारण (R): कुछ अभिसारी सीमाओं पर महासागरीय प्लेट का सबडक्शन होकर द्वीपीय चाप बनता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A सही है पर R गलत है।
  • C. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • D. A गलत है पर R सही है। ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
महाद्वीपीय पर्वत केवल महाद्वीप–महाद्वीप टक्कर से बनते हैं। महासागर–महासागर अभिसरण पर द्वीपीय चाप बनते हैं। इसलिए पहला कथन गलत तथा दूसरा सही है।

प्रश्न 186: कथन (A): सभी हिमनदों के पिघलने से प्रत्येक नदी का प्रवाह समान रूप से बढ़ जाएगा। कारण (R): सभी नदियाँ हिमनदों से पोषित नहीं होतीं।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A गलत है पर R सही है। ✓
  • D. A सही है पर R गलत है।
सही उत्तर: C — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
विश्व की अनेक नदियाँ वर्षा-आधारित हैं तथा उनका हिमनदों से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। इसलिए सभी नदियों के प्रवाह पर समान प्रभाव नहीं पड़ेगा।

प्रश्न 187: कथन (A): अधिकांश प्रमुख मरुस्थल लगभग 20°–35° अक्षांशों के बीच स्थित हैं। कारण (R): इन अक्षांशों पर उपोष्ण उच्च दाब क्षेत्र की अवरोही वायु बादलों के विकास को बाधित करती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
विश्व के अधिकांश उष्ण मरुस्थल उपोष्ण उच्च दाब पट्टी के प्रभाव वाले क्षेत्रों में विकसित हुए हैं। यहाँ अवरोही, शुष्क एवं स्थिर वायु बादलों के निर्माण और वर्षा को सीमित करती है। यही मरुस्थलीय परिस्थितियों का प्रमुख वैश्विक कारण है। अतः कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

प्रश्न 188: कथन (A): समोच्च रेखाओं के बीच अधिक दूरी होने का अर्थ है कि क्षेत्र का ढाल तीव्र है। कारण (R): समोच्च रेखाओं के बीच कम दूरी तीव्र ढाल का संकेत देती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A गलत है पर R सही है। ✓
  • D. A सही है पर R गलत है।
सही उत्तर: C — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
समोच्च रेखाओं का अधिक अंतराल मंद ढाल तथा कम अंतराल तीव्र ढाल को दर्शाता है। इसलिए कथन गलत जबकि कारण सही है।

प्रश्न 189: कथन (A): महाद्वीपीय मग्न तट विश्व के प्रमुख मत्स्य क्षेत्रों में गिने जाते हैं। कारण (R): ये क्षेत्र उथले होने के कारण सूर्य के प्रकाश एवं पोषक तत्वों की उपलब्धता के लिए अनुकूल होते हैं।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
महाद्वीपीय मग्न तट उथले होते हैं, जहाँ प्रकाश, पोषक तत्व और प्लवकों की प्रचुरता रहती है। यही कारण है कि ये विश्व के सबसे उत्पादक मत्स्य क्षेत्रों में शामिल हैं।

प्रश्न 190: कथन (A): बड़े समतल खेतों में कृषि यंत्रीकरण अपेक्षाकृत अधिक प्रभावी होता है। कारण (R): बड़े एवं नियमित आकार के खेतों में मशीनों का संचालन अधिक सुगम होता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
यंत्रीकरण का सफल उपयोग खेतों के आकार, ढाल और संरचना पर निर्भर करता है। बड़े एवं समतल खेत मशीनों के संचालन को आसान बनाते हैं, इसलिए कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

प्रश्न 191: कथन (A): सभी ज्वालामुखी केवल अभिसारी प्लेट सीमाओं पर पाए जाते हैं। कारण (R): हॉटस्पॉट गतिविधि प्लेटों के मध्य भाग में भी ज्वालामुखीयता उत्पन्न कर सकती है। विकल्प

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है। ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
हवाई द्वीपसमूह जैसे उदाहरण दर्शाते हैं कि प्लेटों के मध्य भी हॉटस्पॉट के कारण ज्वालामुखी बन सकते हैं। अतः पहला कथन गलत तथा दूसरा सही है।

प्रश्न 192: कथन (A): सभी नदी डेल्टा अत्यधिक उपजाऊ होते हैं। कारण (R): डेल्टा क्षेत्रों में नदी द्वारा लाए गए अवसाद का निक्षेपण होता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A गलत है पर R सही है। ✓
  • D. A सही है पर R गलत है।
सही उत्तर: C — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
डेल्टा क्षेत्रों में सामान्यतः अवसाद का निक्षेपण होता है, इसलिए वे प्रायः उपजाऊ होते हैं। किंतु सभी डेल्टा समान रूप से अत्यधिक उपजाऊ नहीं होते। लवणता, जलभराव, अवसाद की प्रकृति तथा जल निकास जैसी परिस्थितियाँ उर्वरता को प्रभावित करती हैं। अतः A गलत तथा R सही है।

प्रश्न 193: कथन (A): महाद्वीपीय क्षेत्रों में वार्षिक तापांतर सामान्यतः तटीय क्षेत्रों की तुलना में अधिक होता है। कारण (R): स्थल की ऊष्मा धारण क्षमता समुद्र की तुलना में कम होती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
भूमि शीघ्र गर्म और शीघ्र ठंडी होती है, जबकि समुद्र धीरे-धीरे ताप ग्रहण और उत्सर्जित करता है। इसी कारण समुद्री प्रभाव वाले क्षेत्रों में तापांतर कम तथा महाद्वीपीय क्षेत्रों में अधिक होता है।

प्रश्न 194: कथन (A): सभी पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षाछाया का विकास होता है। कारण (R): वर्षाछाया केवल तब बनती है जब आर्द्र पवनें पर्वत से टकराकर वर्षा कराती हैं।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है। ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
हर पर्वतीय क्षेत्र में वर्षाछाया नहीं बनती। इसके लिए उपयुक्त दिशा से आने वाली आर्द्र पवनों का पर्वत से टकराना आवश्यक है। यदि ऐसी पवनें न हों तो वर्षाछाया प्रभाव विकसित नहीं होता।

प्रश्न 195: कथन (A): डेल्टा निर्माण के लिए केवल नदी द्वारा लाया गया अवसाद पर्याप्त नहीं होता। कारण (R): समुद्री तरंगों, ज्वारों तथा तटीय धाराओं की तीव्रता भी डेल्टा निर्माण को प्रभावित करती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
डेल्टा का निर्माण नदी द्वारा लाए गए अवसाद और समुद्री प्रक्रियाओं के संतुलन पर निर्भर करता है। यदि तरंगें एवं ज्वार अत्यधिक शक्तिशाली हों, तो अवसाद हट सकते हैं और डेल्टा का विकास बाधित हो सकता है। अतः कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

प्रश्न 196: कथन (A): सभी शीत महासागरीय धाराएँ तटीय क्षेत्रों में मरुस्थल का निर्माण करती हैं। कारण (R): शीत महासागरीय धाराएँ वायुमंडल की निचली परत को अपेक्षाकृत स्थिर बनाकर वर्षा की संभावना कम कर सकती हैं।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है। ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
सभी शीत महासागरीय धाराएँ मरुस्थल का निर्माण नहीं करतीं। मरुस्थल बनने के लिए उपोष्ण उच्च दाब, प्रचलित पवनें, स्थलाकृति तथा अन्य जलवायवीय कारक भी महत्त्वपूर्ण होते हैं। हालांकि शीत महासागरीय धाराएँ वायुमंडल को स्थिर बनाकर संवहन एवं वर्षा की संभावना कम कर सकती हैं। इसलिए A गलत तथा R सही है।

प्रश्न 197: कथन (A): विषुवतीय क्षेत्रों में वर्षभर उच्च तापमान और पर्याप्त वर्षा के कारण घने सदाबहार वन विकसित होते हैं। कारण (R): इन क्षेत्रों में तीव्र संवहन के कारण बार-बार वर्षा होती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
विषुवतीय क्षेत्रों में सूर्य की ऊँची स्थिति के कारण वर्षभर तीव्र ताप प्राप्त होता है। इससे संवहन धाराएँ विकसित होती हैं और दैनिक संवहनीय वर्षा होती है। यही निरंतर आर्द्रता एवं उच्च तापमान सदाबहार वनों के विकास का आधार है। अन्य विकल्प इसलिए गलत हैं क्योंकि कारण, कथन की प्रत्यक्ष व्याख्या करता है।

प्रश्न 198: कथन (A): मानचित्र प्रक्षेप में पृथ्वी के आकार, क्षेत्रफल, दूरी और दिशा सभी को पूर्णतः सही दर्शाया जा सकता है। कारण (R): गोलाकार पृथ्वी की सतह को समतल पर प्रदर्शित करने में कुछ-न-कुछ विकृति अनिवार्य होती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है। ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
किसी भी मानचित्र प्रक्षेप में पृथ्वी के आकार, क्षेत्रफल, दूरी और दिशा सभी को एक साथ पूर्णतः सही नहीं दर्शाया जा सकता। गोलाकार सतह को समतल पर निरूपित करने के कारण किसी-न-किसी गुण में विकृति अनिवार्य होती है। अतः कथन गलत तथा कारण सही है।

प्रश्न 199: कथन (A): निर्वाह कृषि का मुख्य उद्देश्य किसान परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति करना होता है। कारण (R): इस प्रकार की कृषि में उत्पादन का अधिकांश भाग स्थानीय उपभोग में ही प्रयुक्त होता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
निर्वाह कृषि का प्रमुख उद्देश्य बाजार हेतु उत्पादन करना नहीं, बल्कि किसान परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति करना होता है। इसलिए उत्पादित फसल का अधिकांश भाग स्थानीय अथवा पारिवारिक उपभोग में प्रयुक्त होता है। अतः कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।

प्रश्न 200: कथन (A): समुद्री जल की लवणता सभी महासागरों में समान होती है। कारण (R): लवणता वाष्पीकरण, वर्षा, नदियों द्वारा मीठे जल की आपूर्ति तथा हिम के पिघलने जैसे कारकों से प्रभावित होती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A गलत है पर R सही है। ✓
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A और R दोनों गलत हैं।
सही उत्तर: B — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
महासागरों में लवणता समान नहीं होती। यह वाष्पीकरण, वर्षा, नदियों द्वारा मीठे जल की आपूर्ति, हिम के पिघलने तथा महासागरीय परिसंचरण जैसे कारकों से प्रभावित होती है। अतः कथन गलत एवं कारण सही है।

प्रश्न 201: कथन (A): ऊँचाई बढ़ने पर सामान्यतः तापमान घटता है। कारण (R): ऊँचाई पर वायुदाब बढ़ जाता है, जिससे वायु अधिक गर्म हो जाती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है। ✓
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: C — A सही है पर R गलत है।
व्याख्या (Explanation):
ऊँचाई बढ़ने पर वायुदाब घटता है। इससे वायु का प्रसार होता है और वह ऐडियाबैटिक रूप से ठंडी होती है। इसलिए कथन सही है, जबकि कारण गलत है।

प्रश्न 202: कथन (A): सभी सक्रिय ज्वालामुखी केवल अभिसारी प्लेट सीमाओं पर पाए जाते हैं। कारण (R): अपसारी प्लेट सीमाओं पर भी ज्वालामुखीय गतिविधि हो सकती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है। ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
ज्वालामुखीय गतिविधि अभिसारी तथा अपसारी दोनों प्रकार की प्लेट सीमाओं पर होती है। मध्य-महासागरीय पर्वतमालाएँ अपसारी प्लेट सीमाओं पर ज्वालामुखीय गतिविधि का प्रमुख उदाहरण हैं। अतः कथन गलत तथा कारण सही है।

प्रश्न 203: कथन (A): महाद्वीपीय मग्न तट मत्स्य संसाधनों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। कारण (R): ये क्षेत्र उथले होने के कारण सूर्य का प्रकाश तथा पोषक तत्व अपेक्षाकृत अधिक उपलब्ध कराते हैं।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
महाद्वीपीय मग्न तट उथले होते हैं, जहाँ सूर्य का प्रकाश पर्याप्त मात्रा में पहुँचता है तथा पोषक तत्वों की उपलब्धता अधिक रहती है। इससे प्लवकों की वृद्धि होती है, जो समुद्री खाद्य श्रृंखला का आधार हैं। इसलिए ये विश्व के प्रमुख मत्स्य क्षेत्रों के रूप में विकसित हुए हैं। अतः कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।

प्रश्न 204: कथन (A): सभी बड़ी नदियाँ विशाल डेल्टा बनाती हैं। कारण (R): यदि नदीमुख पर ज्वारीय क्रिया एवं समुद्री धाराएँ अत्यधिक प्रबल हों, तो डेल्टा बनने में बाधा आ सकती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है। ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
सभी बड़ी नदियाँ डेल्टा नहीं बनातीं। यदि नदीमुख पर ज्वारीय धाराएँ अथवा समुद्री तरंगें एवं धाराएँ अत्यधिक प्रबल हों, तो वे नदी द्वारा लाए गए अवसादों को हटाती रहती हैं और एस्ट्यूरी का निर्माण हो सकता है। अतः कथन गलत तथा कारण सही है।

प्रश्न 205: कथन (A): महाद्वीपीय जलवायु वाले क्षेत्रों में वार्षिक तापांतर सामान्यतः अधिक होता है। कारण (R): इन क्षेत्रों पर समुद्र का तापमान-संतुलन प्रभाव अपेक्षाकृत कम होता है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
महाद्वीपों के आंतरिक भागों में समुद्री प्रभाव कम होने के कारण भूमि शीघ्र गर्म एवं शीघ्र ठंडी होती है। परिणामस्वरूप ग्रीष्म एवं शीत ऋतु के तापमान में अधिक अंतर पाया जाता है। इसलिए कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।

प्रश्न 206: कथन (A): विश्व के सभी मरुस्थल उपोष्ण उच्च दाब पट्टी में ही स्थित हैं। कारण (R): मरुस्थलों के निर्माण में वर्षाछाया प्रभाव, शीत महासागरीय धाराएँ तथा महाद्वीपीयता भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है। ✓
सही उत्तर: D — A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):
सभी मरुस्थल उपोष्ण उच्च दाब पट्टी में स्थित नहीं हैं। उदाहरण के लिए गोबी मरुस्थल मुख्यतः महाद्वीपीयता एवं वर्षाछाया प्रभाव के कारण विकसित हुआ है, जबकि अटाकामा और नामीब मरुस्थलों के निर्माण में शीत महासागरीय धाराओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। अतः कथन गलत तथा कारण सही है।

प्रश्न 207: कथन (A): विषुवतीय क्षेत्रों में प्राकृतिक वनस्पति सामान्यतः सदाबहार एवं अत्यधिक सघन होती है। कारण (R): इन क्षेत्रों में वर्षभर उच्च तापमान तथा प्रचुर वर्षा उपलब्ध रहती है।

  • A. A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है। ✓
  • B. A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
  • C. A सही है पर R गलत है।
  • D. A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर: A — A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):
विषुवतीय क्षेत्रों में वर्षभर लगभग समान रूप से उच्च तापमान तथा प्रचुर वर्षा होती है। ये परिस्थितियाँ निरंतर प्रकाश संश्लेषण एवं वनस्पति वृद्धि के लिए अनुकूल होती हैं, जिसके कारण यहाँ बहु-स्तरीय, सदाबहार तथा अत्यधिक जैव-विविधता वाले वन विकसित होते हैं। अतः कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।

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