गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम (Poverty Alleviation Programmes) UPSC Notes in Hindi | MGNREGA, NRLM, NFSA, PMGKAY, AAY

भारत में गरीबी उन्मूलन (Poverty Alleviation) स्वतंत्रता के बाद से आर्थिक नीति का प्रमुख उद्देश्य रहा है। समय के साथ...

भारत में गरीबी उन्मूलन (Poverty Alleviation) स्वतंत्रता के बाद से आर्थिक नीति का प्रमुख उद्देश्य रहा है। समय के साथ भारत ने केवल आर्थिक विकास पर आधारित रणनीति से आगे बढ़कर रोजगार आधारित, अधिकार आधारित एवं लक्षित गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों को अपनाया। वर्तमान में MGNREGA, DAY-NRLM, NFSA, PMGKAY तथा AAY जैसी योजनाएँ गरीबी कम करने, खाद्य सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा एवं स्थायी आजीविका सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस नोट्स में इन सभी योजनाओं का इतिहास, उद्देश्य, प्रमुख विशेषताएँ, तुलना, UPSC ट्रैप, Quick Revision तथा परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य सरल हिंदी में दिए गए हैं।

भारत में गरीबी उन्मूलन स्वतंत्रता के बाद से आर्थिक नीति का एक प्रमुख लक्ष्य रहा है। प्रारंभिक वर्षों में सरकार का ध्यान आर्थिक विकास और औद्योगीकरण के माध्यम से गरीबी कम करने पर था, लेकिन बाद में यह स्पष्ट हुआ कि केवल आर्थिक वृद्धि पर्याप्त नहीं है।

गरीबी को कम करने के लिए आवश्यक है—

  • रोजगार सृजन
  • खाद्य सुरक्षा
  • सामाजिक सुरक्षा
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • वित्तीय समावेशन

इसलिए भारत ने समय के साथ विकास आधारित (Growth Oriented), रोजगार आधारित (Employment Oriented) और लक्षित गरीबी उन्मूलन (Targeted Poverty Alleviation) रणनीतियाँ अपनाईं।

Table of Contents

चरण–1 : आर्थिक विकास के माध्यम से गरीबी कम करना (1950–1970)

स्वतंत्रता के बाद सरकार का मानना था कि—

तेज आर्थिक विकास → रोजगार वृद्धि → आय वृद्धि → गरीबी में कमी

प्रमुख विशेषताएँ

  • पंचवर्षीय योजनाएँ
  • सार्वजनिक क्षेत्र का विकास
  • औद्योगीकरण
  • कृषि विकास

प्रथम पंचवर्षीय योजना (1951–1956)

मुख्य उद्देश्य—

  • कृषि विकास
  • सिंचाई
  • ग्रामीण विकास

पर जोर।

द्वितीय पंचवर्षीय योजना (1956–1961)

P. C. Mahalanobis मॉडल पर आधारित। मुख्य जोर—

  • भारी उद्योगों का विकास
  • औद्योगिक आधार मजबूत करना

इस रणनीति की सीमाएँ

हालांकि आर्थिक विकास हुआ, लेकिन—

  • आय असमानता बनी रही।
  • रोजगार पर्याप्त नहीं बढ़ा।
  • गरीबी में अपेक्षित कमी नहीं आई।

चरण–2 : गरीबी हटाओ रणनीति (1970 का दशक)

1970 के दशक में गरीबी एक प्रमुख राजनीतिक और आर्थिक मुद्दा बन गई।

“गरीबी हटाओ” नारा

इंदिरा गाँधी द्वारा 1971 के आम चुनावों में “गरीबी हटाओ” का नारा दिया गया।

उद्देश्य

  • गरीबों को सीधे सहायता देना।
  • आय और रोजगार के अवसर बढ़ाना।
  • कमजोर वर्गों का विकास करना।

प्रमुख कार्यक्रम

1. बीस सूत्रीय कार्यक्रम (Twenty Point Programme) 1975: गरीबी कम करना और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देना। प्रमुख क्षेत्र—

  • भूमि सुधार
  • ग्रामीण विकास
  • रोजगार
  • शिक्षा

चरण–3 : लक्षित गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम (1980–1990)

इस चरण में सरकार ने विशेष रूप से गरीब परिवारों को लक्षित योजनाएँ शुरू कीं।

1. समेकित ग्रामीण विकास कार्यक्रम (IRDP) Integrated Rural Development Programme: 1978–79 (पायलट) 1980 में देशव्यापी विस्तार। उद्देश्य: ग्रामीण गरीब परिवारों को—

  • ऋण
  • सब्सिडी
  • स्वरोजगार अवसर

प्रदान करना।

IRDP भारत के प्रारंभिक स्वरोजगार आधारित गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों में से एक था।

2. राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम (NREP): 1980 उद्देश्य: ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराना।

3. ग्रामीण भूमिहीन रोजगार गारंटी कार्यक्रम (RLEGP): 1983 उद्देश्य: भूमिहीन ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार प्रदान करना।

चरण–4 : रोजगार आधारित गरीबी उन्मूलन (1990–2005)

इस चरण में रोजगार को गरीबी कम करने का प्रमुख माध्यम माना गया।

1. जवाहर रोजगार योजना (JRY): 1989 उद्देश्य: ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आधारभूत संरचना निर्माण।

2. स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना (SGSY): 1999 उद्देश्य: ग्रामीण गरीबों को स्वरोजगार के लिए संगठित करना। बाद में इसे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) में शामिल किया गया।

चरण–5 : अधिकार आधारित गरीबी उन्मूलन (2005 के बाद)

इस चरण में गरीबों को अधिकार आधारित सहायता देने पर जोर दिया गया।

1. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA): 2005 उद्देश्य: ग्रामीण परिवारों को रोजगार का कानूनी अधिकार देना।

2. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA): 2013 उद्देश्य: खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना।

3. वित्तीय समावेशन: उद्देश्य: गरीबों को बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं से जोड़ना।

गरीबी उन्मूलन रणनीतियों की तुलना

चरणरणनीतिमुख्य लक्ष्य
1950–70आर्थिक विकासआय वृद्धि
1970sगरीबी हटाओलक्षित सहायता
1980sस्वरोजगारगरीब परिवारों की आय
1990sरोजगार कार्यक्रमरोजगार सृजन
2005 के बादअधिकार आधारितसामाजिक सुरक्षा

UPSC Perspective

प्रश्न 1 भारत में गरीबी उन्मूलन रणनीति में परिवर्तन का मुख्य कारण क्या था?

(A) गरीबी समाप्त हो गई थी

(B) केवल आर्थिक वृद्धि पर्याप्त नहीं थी

(C) कृषि समाप्त हो गई

(D) उद्योग बंद हो गए

उत्तर: (B)

प्रश्न 2 “गरीबी हटाओ” नारा किससे संबंधित है?

(A) जवाहरलाल नेहरू

(B) इंदिरा गांधी

(C) राजीव गांधी

(D) मनमोहन सिंह

उत्तर: (B)

UPSC Trap Areas

Trap 1 कथन: गरीबी उन्मूलन केवल आर्थिक विकास से संभव है। ❌ गलत

सामाजिक सुरक्षा और अवसर भी आवश्यक हैं।

Trap 2 कथन: सभी गरीबी उन्मूलन योजनाएँ केवल शहरी क्षेत्रों के लिए थीं। ❌ गलत

अधिकांश योजनाएँ ग्रामीण गरीबी पर केंद्रित थीं।

Trap 3 कथन: MGNREGA एक स्वरोजगार योजना है। ❌ गलत

यह मजदूरी रोजगार योजना है।

Quick Revision Box

तथ्ययाद रखें
प्रारंभिक रणनीतिविकास-आधारित विकास
गरीबी हटाओ1970 का दशक (1970s)
IRDP (समेकित ग्रामीण विकास कार्यक्रम)स्वरोजगार को बढ़ावा
JRY (जवाहर रोजगार योजना)ग्रामीण रोजगार सृजन
मनरेगा (MGNREGA)रोजगार का कानूनी अधिकार
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA)खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA)

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) भारत का एक ऐतिहासिक अधिकार आधारित रोजगार कार्यक्रम है। यह विश्व के सबसे बड़े ग्रामीण रोजगार कार्यक्रमों में से एक है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को आजीविका सुरक्षा प्रदान करना और गरीबी को कम करना है। यह योजना केवल रोजगार प्रदान नहीं करती, बल्कि—

  • ग्रामीण मांग बढ़ाती है।
  • परिसंपत्तियों (Assets) का निर्माण करती है।
  • सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देती है।

MGNREGA का इतिहास

प्रारंभ: अधिनियम पारित: 2005, लागू: 2 फरवरी 2006

प्रारंभिक नाम

इसका मूल नाम था National Rural Employment Guarantee Act (NREGA)

नाम परिवर्तन

वर्ष 2009 में इसका नाम बदलकर Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act (MGNREGA) कर दिया गया।

संबंधित मंत्रालय

MGNREGA का संचालन Ministry of Rural Development द्वारा किया जाता है।

MGNREGA का उद्देश्य

ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा प्रदान करना।

1. रोजगार उपलब्ध कराना: ग्रामीण परिवारों को मजदूरी रोजगार देना।

2. आय सुरक्षा: गरीब परिवारों की आय में स्थिरता लाना।

3. ग्रामीण परिसंपत्ति निर्माण: उपयोगी सार्वजनिक परिसंपत्तियों का निर्माण। उदाहरण—

  • तालाब
  • जल संरक्षण संरचनाएँ
  • ग्रामीण सड़कें
  • भूमि सुधार कार्य

4. सामाजिक समावेशन: महिलाओं और कमजोर वर्गों की भागीदारी बढ़ाना।

MGNREGA की प्रमुख विशेषताएँ

1. कानूनी अधिकार आधारित योजना: यह केवल सरकारी योजना नहीं बल्कि कानूनी अधिकार प्रदान करती है। यदि रोजगार नहीं दिया जाता है तो बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान है।

2. 100 दिन रोजगार की गारंटी: प्रत्येक ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्यों को एक वित्तीय वर्ष में 100 दिनों तक अकुशल शारीरिक श्रम आधारित रोजगार प्रदान करने की गारंटी दी जाती है।

UPSC Trap

❌ प्रत्येक व्यक्ति को 100 दिन रोजगार

❌ प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 100 दिन रोजगार (यह अधूरा कथन है और भ्रम पैदा कर सकता है)

प्रत्येक ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्यों को (परिवार के लिए कुल) प्रति वित्तीय वर्ष 100 दिन का अकुशल मजदूरी रोजगार

UPSC के लिए याद रखें

100 दिन किसके लिए?एक ग्रामीण परिवार के लिए कुल 100 दिन (प्रति वित्तीय वर्ष), न कि प्रत्येक वयस्क सदस्य के लिए 100-100 दिन।

अधिकार किसका? → ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्यों का।

3. मांग आधारित रोजगार (Demand Driven Programme): MGNREGA में रोजगार सरकार द्वारा थोपा नहीं जाता। व्यक्ति स्वयं रोजगार की मांग करता है।

प्रक्रिया: ग्रामीण व्यक्ति → ग्राम पंचायत में आवेदन → 15 दिनों के भीतर रोजगार → रोजगार उपलब्ध नहीं होने पर → बेरोजगारी भत्ता

4. ग्राम पंचायत की भूमिका: MGNREGA के क्रियान्वयन में ग्राम पंचायत की महत्वपूर्ण भूमिका है। कार्य—

  • आवेदन स्वीकार करना
  • कार्य योजना बनाना
  • रोजगार उपलब्ध कराना

5. महिलाओं की भागीदारी: MGNREGA में महिलाओं की भागीदारी को विशेष महत्व दिया गया है। कानून के अनुसार कम से कम एक-तिहाई (1/3) लाभार्थी महिलाएँ होनी चाहिए। कई राज्यों में महिला भागीदारी इससे अधिक रही है।

6. सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit): जनता द्वारा योजना के कार्यान्वयन की जांच। उद्देश्य: पारदर्शिता बढ़ाना, भ्रष्टाचार रोकना, जवाबदेही सुनिश्चित करना

Social Audit Process: योजना कार्य → रिकॉर्ड जांच → ग्राम सभा समीक्षा → अनियमितताओं की पहचान

MGNREGA के अंतर्गत कार्य

1. जल संरक्षण: तालाब, जल संचयन

2. भूमि विकास: भूमि सुधार, मिट्टी संरक्षण

3. ग्रामीण आधारभूत संरचना: सड़क, नाली, सामुदायिक कार्य

4. कृषि संबंधित कार्य: सिंचाई, भूमि सुधार

MGNREGA का वित्त पोषण

केंद्र सरकार की भूमिका: केंद्र सरकार वहन करती है अकुशल श्रम लागत का अधिकांश हिस्सा और सामग्री लागत का हिस्सा

राज्य सरकार की भूमिका: राज्य सरकार वहन करती है बेरोजगारी भत्ता और राज्य प्रशासनिक खर्च

MGNREGA और गरीबी उन्मूलन (प्रभाव)

1. ग्रामीण आय में वृद्धि: परिवारों को अतिरिक्त आय मिलती है।

2. ग्रामीण मांग में वृद्धि: अधिक आय से स्थानीय बाजार मजबूत होता है।

3. प्रवासन में कमी: ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार मिलने से मजबूरी में पलायन कम हो सकता है।

4. महिला सशक्तिकरण: महिलाओं की आय और निर्णय क्षमता बढ़ती है।

MGNREGA की चुनौतियाँ

1. भुगतान में देरी: कई क्षेत्रों में मजदूरी भुगतान में विलंब देखा गया है।

2. भ्रष्टाचार: समस्याएँ – फर्जी लाभार्थी , रिकॉर्ड में गड़बड़ी

3. परिसंपत्तियों की गुणवत्ता: कुछ स्थानों पर बनाए गए कार्यों की गुणवत्ता पर प्रश्न उठे हैं।

4. प्रशासनिक क्षमता: कुछ राज्यों में क्रियान्वयन कमजोर है।

MGNREGA में सुधार के उपाय

  • समय पर भुगतान
  • डिजिटल निगरानी
  • बेहतर सामाजिक अंकेक्षण
  • गुणवत्तापूर्ण परिसंपत्ति निर्माण

MGNREGA और COVID-19

COVID-19 महामारी के दौरान MGNREGA ने ग्रामीण रोजगार सुरक्षा और लौटे हुए प्रवासियों को रोजगार प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

MGNREGA बनाम अन्य रोजगार योजनाएँ

योजनाप्रारंभ वर्षमुख्य उद्देश्यप्रमुख विशेषताUPSC ट्रैप
IRDP (Integrated Rural Development Programme)1978-80ग्रामीण गरीबों को स्वरोजगार उपलब्ध करानाबैंक ऋण + सरकारी सब्सिडी❌ मजदूरी योजना नहीं, ✔ स्वरोजगार योजना
NREP (National Rural Employment Programme)1980ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरी रोजगारसार्वजनिक परिसंपत्तियों का निर्माणबाद में JRY में विलय
RLEGP (Rural Landless Employment Guarantee Programme)1983भूमिहीन ग्रामीणों को रोजगारमजदूरी रोजगारबाद में JRY में विलय
JRY (Jawahar Rozgar Yojana)1989ग्रामीण रोजगार सृजनNREP एवं RLEGP का विलय❌ कानूनी अधिकार नहीं
EAS (Employment Assurance Scheme)1993कृषि के ऑफ-सीजन में रोजगारसीमित रोजगार गारंटीMGNREGA से भिन्न
SGRY (Sampoorna Grameen Rozgar Yojana)2001रोजगार एवं खाद्य सुरक्षामजदूरी + खाद्यान्नबाद में MGNREGA ने स्थान लिया
MGNREGA (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम)2005 (लागू: 2006)ग्रामीण परिवारों को रोजगार की कानूनी गारंटीप्रति वित्तीय वर्ष प्रत्येक ग्रामीण परिवार के इच्छुक वयस्क सदस्यों के लिए 100 दिन का अकुशल मजदूरी रोजगारअधिकार-आधारित (Rights-based) योजना

UPSC Perspective

प्रश्न 1 MGNREGA की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता क्या है?

(A) यह केवल शहरी रोजगार योजना है।

(B) यह कानूनी रोजगार अधिकार प्रदान करती है।

(C) यह केवल कौशल प्रशिक्षण देती है।

(D) यह केवल किसानों के लिए है।

उत्तर: (B)

प्रश्न 2 MGNREGA में सामाजिक अंकेक्षण का उद्देश्य है—

(A) उत्पादन बढ़ाना

(B) पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना

(C) कर संग्रह करना

(D) निर्यात बढ़ाना

उत्तर: (B)

UPSC Trap Areas

Trap 1 MGNREGA = बेरोजगारी बीमा ❌ गलत

यह रोजगार उपलब्ध कराने का कार्यक्रम है।

Trap 2 MGNREGA केवल पुरुषों के लिए है। ❌ गलत

महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।

Trap 3 MGNREGA केवल आय सहायता देता है। ❌ गलत

यह परिसंपत्तियों का भी निर्माण करता है।

Quick Revision Box

तथ्ययाद रखें
अधिनियम2005
लागू2 फरवरी 2006
मूल नामNREGA
नाम परिवर्तन2009
रोजगार100 दिन
आधारकानूनी अधिकार
मंत्रालयग्रामीण विकास मंत्रालय

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) / दीनदयाल अंत्योदय योजना (DAY NRLM)

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (National Rural Livelihood Mission – NRLM) भारत सरकार का एक प्रमुख गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों को स्थायी आजीविका (Sustainable Livelihood) उपलब्ध कराना है। यह योजना केवल आर्थिक सहायता देने के बजाय गरीब परिवारों को संगठित करके—

  • स्वयं सहायता समूह (Self Help Groups)
  • वित्तीय समावेशन
  • कौशल विकास
  • स्वरोजगार
  • उद्यमिता

के माध्यम से गरीबी से बाहर निकालने का प्रयास करती है।

UPSC तथ्य: NRLM का दृष्टिकोण “गरीबों को सहायता देना” नहीं बल्कि “गरीबों को संगठित करके आत्मनिर्भर बनाना” है।

NRLM का इतिहास

प्रारंभ: 2011 मंत्रालय: Ministry of Rural Development पूर्ववर्ती योजना: NRLM ने स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना (SGSY) का स्थान लिया

DAY-NRLM नामकरण

वर्ष: 2015 में NRLM को पुनर्गठित करके दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) नाम दिया गया।

NRLM का मुख्य उद्देश्य

1. गरीब परिवारों को संगठित करना: ग्रामीण गरीबों को स्वयं सहायता समूहों और सामुदायिक संस्थाओं से जोड़ना।

2. स्थायी आजीविका प्रदान करना: गरीब परिवारों की आय के स्रोत बढ़ाना।

3. वित्तीय समावेशन: गरीबों को बैंकिंग सेवाएँ, ऋण सुविधा और बचत व्यवस्था से जोड़ना।

4. महिला सशक्तिकरण: महिलाओं को आर्थिक निर्णयों में भागीदारी देना।

स्वयं सहायता समूह (Self Help Group – SHG)

स्वयं सहायता समूह छोटे समूह होते हैं जिनमें सामान्यतः समान सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि वाले लोग मिलकर—

  • बचत करते हैं।
  • आंतरिक ऋण देते हैं।
  • सामूहिक गतिविधियाँ करते हैं।

SHG की प्रमुख विशेषताएँ

विशेषताविवरण
सदस्यसामान्यतः गरीब परिवार
संख्याप्रायः 10–20 सदस्य
उद्देश्यबचत एवं ऋण
आधारसामूहिक जिम्मेदारी
लाभआर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण

महिला स्वयं सहायता समूह और गरीबी उन्मूलन

महिला SHG ग्रामीण गरीबी कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रभाव-

1. आय में वृद्धि: महिलाएँ शुरू कर सकती हैं लघु उद्योग, पशुपालन, हस्तशिल्प और खाद्य प्रसंस्करण

2. वित्तीय स्वतंत्रता: महिलाओं की बैंकिंग और ऋण तक पहुंच बढ़ती है।

3. निर्णय क्षमता में वृद्धि: परिवार और समुदाय में महिलाओं की भूमिका मजबूत होती है।

NRLM के प्रमुख घटक

1. सामाजिक संगठन निर्माण (Social Mobilization): गरीब परिवारों को समूहों में संगठित करना।

2. वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion): बैंक खाता, ऋण सुविधा और वित्तीय सेवाएँ उपलब्ध कराना।

3. आजीविका संवर्धन (Livelihood Promotion): आय बढ़ाने के लिए कृषि आधारित गतिविधियाँ, गैर-कृषि गतिविधियाँ और कौशल विकास

4. कौशल विकास: ग्रामीण युवाओं को रोजगार योग्य बनाना।

NRLM और बैंक लिंकेज कार्यक्रम

NRLM का महत्वपूर्ण पहलू है SHG-Bank Linkage इसके अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों को बैंकों से जोड़ा जाता है।

SHG-Bank Linkage का महत्व
  • आसान ऋण उपलब्धता
  • साहूकारों पर निर्भरता में कमी
  • उद्यमिता विकास

NRLM और गरीबी उन्मूलन का प्रभाव

1. आय में विविधता: परिवार केवल एक आय स्रोत पर निर्भर नहीं रहते।

2. सामाजिक पूंजी निर्माण: समूहों के माध्यम से सहयोग और विश्वास बढ़ता है।

3. वित्तीय समावेशन: गरीब परिवार औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जुड़ते हैं।

4. महिला सशक्तिकरण: महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ती है।

NRLM की प्रमुख पहल

1. स्वयं सहायता समूह (SHG): गरीबों को संगठित करना।

2. आजीविका गतिविधियाँ: कृषि, पशुपालन, लघु उद्यम

3. कौशल विकास: ग्रामीण युवाओं को रोजगार योग्य बनाना।

4. डिजिटल वित्तीय सेवाएँ: ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल भुगतान और बैंकिंग को बढ़ावा देना।

NRLM और MGNREGA में अंतर

आधारNRLMMGNREGA
प्रकृतिआजीविका मिशनरोजगार गारंटी
शुरुआत20112005
मुख्य उद्देश्यस्थायी आयमजदूरी रोजगार
मॉडलSHG आधारितश्रम आधारित
लाभार्थीग्रामीण गरीबग्रामीण परिवार

NRLM की चुनौतियाँ

1. समूहों की स्थिरता: कुछ SHG लंबे समय तक सक्रिय नहीं रह पाते।

2. बाजार तक पहुंच: उत्पादों की बिक्री एक चुनौती है।

3. प्रशिक्षण की कमी: कौशल और प्रबंधन क्षमता की आवश्यकता होती है।

4. बैंकिंग समस्याएँ: कुछ क्षेत्रों में ऋण उपलब्धता सीमित है।

सुधार के उपाय

  • बेहतर प्रशिक्षण
  • बाजार से जोड़ना
  • डिजिटल प्लेटफॉर्म
  • वित्तीय सहायता बढ़ाना

UPSC Perspective

प्रश्न 1 DAY-NRLM का मुख्य उद्देश्य क्या है?

(A) केवल ग्रामीण सड़क निर्माण

(B) ग्रामीण गरीबों को संगठित कर स्थायी आजीविका प्रदान करना

(C) केवल कृषि उत्पादन बढ़ाना

(D) केवल शहरी रोजगार

उत्तर: (B)

प्रश्न 2 SHG मॉडल मुख्य रूप से किससे संबंधित है?

(A) सामूहिक बचत और ऋण

(B) बड़े उद्योग

(C) विदेशी व्यापार

(D) कर प्रणाली

उत्तर: (A)

UPSC Trap Areas

Trap 1 NRLM = केवल रोजगार योजना ❌ गलत

यह आजीविका और स्वरोजगार पर आधारित है।

Trap 2 SHG केवल सरकारी सहायता पर निर्भर होते हैं। ❌ गलत

इनका आधार बचत और सामूहिक प्रयास है।

Trap 3 NRLM केवल पुरुषों के लिए है। ❌ गलत

महिला SHG इसका महत्वपूर्ण भाग हैं।

Quick Revision Box

तथ्ययाद रखें
NRLM शुरुआत2011
नया नामDAY-NRLM (2015)
मंत्रालयग्रामीण विकास मंत्रालय
आधारSHG मॉडल
लक्ष्यस्थायी आजीविका
प्रमुख लाभार्थीग्रामीण गरीब

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (PMGKY)

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (Pradhan Mantri Garib Kalyan Yojana – PMGKY) भारत सरकार की एक प्रमुख सामाजिक सुरक्षा पहल है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सहायता प्रदान करना है। यह योजना विशेष रूप से आर्थिक संकट, आपदा और महामारी जैसी परिस्थितियों में गरीब एवं कमजोर वर्गों को राहत प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण रही है।

UPSC तथ्य: PMGKY को एकल योजना के रूप में नहीं बल्कि समय-समय पर शुरू किए गए विभिन्न राहत और कल्याणकारी उपायों के व्यापक ढांचे के रूप में समझा जाता है।

PMGKY का इतिहास

प्रारंभ वर्ष: 2016

प्रारंभिक उद्देश्य: वर्ष 2016 में शुरू की गई PMGKY का उद्देश्य था अघोषित आय को घोषित करने का अवसर देना। कर अनुपालन बढ़ाना। गरीब कल्याण योजनाओं के लिए संसाधन जुटाना।

COVID-19 के दौरान PMGKY

वर्ष 2020 में COVID-19 महामारी के दौरान सरकार ने गरीबों के लिए व्यापक राहत पैकेज घोषित किया। इसे भी प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (PMGKY) के अंतर्गत प्रस्तुत किया गया।

प्रमुख घटक

1. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY): यह PMGKY का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। उद्देश्य: गरीबों को अतिरिक्त खाद्यान्न उपलब्ध कराना। प्रमुख विशेषता: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत मिलने वाले खाद्यान्न के अतिरिक्त मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया।

2. प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT): कमजोर वर्गों के बैंक खातों में सीधे सहायता राशि भेजी गई। लाभार्थी: महिलाएँ, वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांग व्यक्ति, गरीब परिवार

3. उज्ज्वला योजना लाभार्थियों को सहायता: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को LPG सहायता प्रदान की गई।

4. मनरेगा सहायता: ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने के लिए MGNREGA के लिए अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराई गई।

5. स्वास्थ्य क्षेत्र सहायता: COVID-19 संकट के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों के लिए बीमा जैसी सहायता प्रदान की गई।

PMGKY के उद्देश्य

1. गरीबों को सामाजिक सुरक्षा देना: आर्थिक संकट के समय न्यूनतम सुरक्षा प्रदान करना।

2. खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना: गरीब परिवारों को भोजन उपलब्ध कराना।

3. आय सहायता प्रदान करना: कमजोर वर्गों की क्रय शक्ति बनाए रखना।

4. आर्थिक संकट का प्रभाव कम करना: महामारी जैसी परिस्थितियों में गरीबों की सहायता करना।

PMGKY और गरीबी उन्मूलन (गरीबी पर प्रभाव)

1. उपभोग सुरक्षा: खाद्यान्न सहायता से गरीब परिवारों का भोजन खर्च कम हुआ।

2. क्रय शक्ति संरक्षण: नकद सहायता से आवश्यक खर्चों में सहायता मिली।

3. खाद्य असुरक्षा में कमी: कम आय वाले परिवारों को राहत मिली।

4. सामाजिक सुरक्षा मजबूत करना: कमजोर वर्गों के लिए सुरक्षा जाल (Safety Net) विकसित हुआ।

PMGKY और अन्य योजनाओं का संबंध

PMGKY + NFSA: खाद्य सुरक्षा मजबूत करने में सहयोग।

PMGKY + MGNREGA: ग्रामीण आय सहायता।

PMGKY + DBT: सीधे लाभ हस्तांतरण।

PMGKY + PMJDY: बैंक खातों के माध्यम से सहायता पहुंचाना।

JAM Trinity और PMGKY

गरीबों तक सहायता पहुंचाने में JAM संरचना महत्वपूर्ण रही। JAM का अर्थ J – Jan Dhan, A – Aadhaar, M – Mobile

PMGKY की चुनौतियाँ

1. लाभार्थियों की पहचान: सही गरीब परिवारों तक लाभ पहुंचाना चुनौती है।

2. डिजिटल विभाजन: कुछ क्षेत्रों में डिजिटल पहुंच सीमित है।

3. अस्थायी राहत बनाम दीर्घकालीन समाधान: PMGKY संकट के समय राहत देता है, लेकिन गरीबी समाप्त करने के लिए रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे दीर्घकालीन उपाय आवश्यक हैं।

4. वित्तीय बोझ: ऐसी योजनाओं से सरकारी व्यय बढ़ता है।

PMGKY की सीमाएँ

सीमाप्रभाव
अस्थायी प्रकृतिस्थायी आय समाधान नहीं
पहचान समस्याकुछ पात्र लोग छूट सकते हैं
कार्यान्वयन अंतरराज्यों में अलग-अलग प्रभाव

UPSC Perspective

प्रश्न 1 प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

(A) केवल औद्योगिक विकास

(B) गरीब और कमजोर वर्गों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना

(C) केवल निर्यात बढ़ाना

(D) केवल कृषि सुधार

उत्तर: (B)

प्रश्न 2 JAM Trinity में निम्न में से कौन शामिल है?

(A) जनधन, आधार, मोबाइल

(B) जमीन, कृषि, मंडी

(C) जल, ऊर्जा, सड़क

(D) बैंक, बीमा, पेंशन

उत्तर: (A)

UPSC Trap Areas

Trap 1 PMGKY केवल 2016 की आय घोषणा योजना है। ❌ अधूरा उत्तर

COVID-19 के दौरान इसकी राहत भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।

Trap 2 PMGKY एक रोजगार गारंटी योजना है। ❌ गलत

यह सामाजिक सुरक्षा और राहत योजना है।

Trap 3 खाद्यान्न सहायता और रोजगार सहायता एक ही चीज है। ❌ गलत

दोनों अलग-अलग नीति उपकरण हैं।

Frequently Confused Concepts

योजनामुख्य उद्देश्य
MGNREGAग्रामीण रोजगार
NRLMआजीविका एवं SHG
PMGKYराहत एवं सामाजिक सुरक्षा
NFSAखाद्य सुरक्षा

Quick Revision Box

तथ्ययाद रखें
PMGKY शुरुआत2016
COVID राहत2020
उद्देश्यगरीब कल्याण
प्रमुख साधनखाद्य + DBT + सहायता
JAMDBT आधार

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013

खाद्य सुरक्षा गरीबी उन्मूलन का एक महत्वपूर्ण आधार है। केवल आय बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को पर्याप्त मात्रा में सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध होना भी आवश्यक है। भारत में गरीब और कमजोर वर्गों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013 लागू किया गया। यह अधिनियम खाद्य सहायता को सरकारी योजना से कानूनी अधिकार (Legal Entitlement) में बदलता है।

UPSC तथ्य: NFSA का प्रमुख उद्देश्य भूख और कुपोषण को कम करना तथा खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

संबंधित मंत्रालय: Ministry of Consumer Affairs, Food and Public Distribution

NFSA की आवश्यकता क्यों पड़ी?

भारत में लंबे समय तक गरीबी और खाद्य असुरक्षा प्रमुख समस्याएँ रही हैं। मुख्य कारण—

  • कम आय
  • बेरोजगारी
  • खाद्य कीमतों में वृद्धि
  • कुपोषण
  • ग्रामीण गरीबी

खाद्य सुरक्षा (Food Security) का अर्थ: जब प्रत्येक व्यक्ति को हर समय पर्याप्त मात्रा में सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध हो तथा वह भोजन प्राप्त करने में सक्षम हो, तो इसे खाद्य सुरक्षा कहते हैं।

खाद्य सुरक्षा के तीन प्रमुख आयाम

1. उपलब्धता (Availability): पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध होना। उदाहरण- कृषि उत्पादन, खाद्यान्न भंडार

2. पहुंच (Accessibility): लोगों तक भोजन पहुंच सके। उदाहरण- सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS)

3. वहनीयता (Affordability): लोग भोजन खरीदने में सक्षम हों।

NFSA के प्रमुख उद्देश्य

1. खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना: गरीब परिवारों को सस्ता खाद्यान्न उपलब्ध कराना।

2. भूख कम करना: भूख और खाद्य असुरक्षा को कम करना।

3. पोषण सुधार: विशेषकर बच्चों और महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार।

4. कमजोर वर्गों की सुरक्षा: गरीब और वंचित समूहों को सहायता देना।

NFSA की प्रमुख विशेषताएँ

1. जनसंख्या कवरेज: NFSA लगभग ग्रामीण आबादी का 75% और शहरी आबादी का 50% तक कवरेज प्रदान करता है। कुल मिलाकर लगभग 67% आबादी इसके अंतर्गत आती है।

2. खाद्यान्न अधिकार: पात्र परिवारों को 5 किलोग्राम खाद्यान्न प्रति व्यक्ति प्रति माह का अधिकार दिया गया।

3. खाद्यान्न की कीमत: मूल अधिनियम के अनुसार—

खाद्यान्नकीमत
चावल₹3 प्रति किग्रा
गेहूं₹2 प्रति किग्रा
मोटा अनाज₹1 प्रति किग्रा

4. अंत्योदय अन्न योजना (AAY): NFSA के अंतर्गत सबसे गरीब परिवारों के लिए अंत्योदय अन्न योजना को शामिल किया गया। AAY लाभार्थी: अत्यंत गरीब परिवार और कमजोर वर्ग

5. गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए प्रावधान: उन्हें पोषण सहायता और मातृत्व लाभ प्रदान करने का प्रावधान है।

6. बच्चों के लिए प्रावधान: बच्चों को पोषण आहार और स्कूल भोजन जैसी सुविधाएँ प्रदान की जाती हैं।

NFSA और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS)

PDS क्या है?

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से सरकार गरीबों को आवश्यक वस्तुएँ उपलब्ध कराती है। मुख्य वस्तुएँ: चावल, गेहूं, मोटा अनाज

PDS का कार्य

FCI द्वारा खरीद → भंडारण → राज्यों को वितरण → उचित मूल्य दुकान → लाभार्थी

भारतीय खाद्य निगम (FCI)

Food Corporation of India की भूमिका: खाद्यान्न खरीद, भंडारण, वितरण

NFSA और गरीबी उन्मूलन

योगदान

1. गरीबों का खाद्य खर्च कम करना: सस्ता खाद्यान्न उपलब्ध होता है।

2. पोषण सुधार: विशेषकर कमजोर वर्गों में।

3. खाद्य असुरक्षा में कमी: भूख की समस्या कम होती है।

4. सामाजिक सुरक्षा: गरीब परिवारों के लिए सुरक्षा कवच।

NFSA की चुनौतियाँ

1. लाभार्थी पहचान: सही पात्र लोगों की पहचान चुनौती है।

2. रिसाव (Leakages): PDS में कभी-कभी भ्रष्टाचार और कालाबाजारी की समस्या रहती है।

3. पोषण गुणवत्ता: केवल कैलोरी उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है। आवश्यक है प्रोटीन और सूक्ष्म पोषक तत्व को सुनिश्चत करना।

4. वित्तीय बोझ: खाद्य सब्सिडी सरकार के व्यय को बढ़ाती है।

सुधार के उपाय

  • डिजिटल राशन कार्ड
  • आधार आधारित प्रमाणीकरण
  • One Nation One Ration Card
  • बेहतर निगरानी

One Nation One Ration Card (ONORC)

प्रवासी श्रमिकों को देश के किसी भी हिस्से में राशन प्राप्त करने की सुविधा देना।

NFSA बनाम PMGKAY

आधारNFSAPMGKAY
प्रकृतिकानूनी अधिकारअतिरिक्त राहत
उद्देश्यखाद्य सुरक्षासंकट राहत
आधारअधिनियम 2013सरकारी पहल
लाभसब्सिडी खाद्यान्नअतिरिक्त मुफ्त खाद्यान्न

UPSC Perspective

प्रश्न 1 राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

(A) केवल कृषि उत्पादन बढ़ाना

(B) खाद्य सुरक्षा को कानूनी अधिकार बनाना

(C) केवल निर्यात बढ़ाना

(D) केवल किसानों को सहायता देना

उत्तर: (B)

प्रश्न 2 NFSA के अंतर्गत खाद्यान्न अधिकार किस आधार पर दिया गया?

(A) परिवार आधारित

(B) व्यक्ति आधारित

(C) आयकर आधारित

(D) क्षेत्र आधारित

उत्तर: (B)

UPSC Trap Areas

Trap 1 NFSA केवल गरीबों के लिए खाद्य उपलब्धता योजना है। ❌ अधूरा

इसमें पोषण और मातृत्व प्रावधान भी हैं।

Trap 2 NFSA में परिवार को 5 किग्रा खाद्यान्न मिलता है। ❌ गलत

प्रति व्यक्ति 5 किग्रा।

Trap 3 PDS और NFSA समान हैं। ❌ गलत

PDS वितरण प्रणाली है, NFSA कानूनी ढांचा है।

Quick Revision Box

तथ्ययाद रखें
अधिनियम2013
लागू10 सितंबर 2013
कवरेजलगभग 67% आबादी
अधिकार5 किग्रा प्रति व्यक्ति
उद्देश्यखाद्य सुरक्षा
आधारकानूनी अधिकार

अंत्योदय अन्न योजना (Antyodaya Anna Yojana – AAY)

अंत्योदय अन्न योजना (AAY) भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण खाद्य सुरक्षा योजना है, जिसका उद्देश्य समाज के सबसे गरीब और कमजोर परिवारों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करना है। “अंत्योदय” शब्द का अर्थ है— समाज के अंतिम व्यक्ति का उदय या कल्याण। यह योजना गरीबी उन्मूलन के लिए अपनाई गई लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (Targeted Public Distribution System – TPDS) का एक महत्वपूर्ण भाग है।

UPSC तथ्य: AAY का मुख्य लक्ष्य सामान्य गरीबों के बजाय सबसे गरीब परिवारों (Poorest of the Poor) तक खाद्य सुरक्षा पहुंचाना है।

प्रारंभ: 25 दिसंबर 2000

संबंधित मंत्रालय: Ministry of Consumer Affairs, Food and Public Distribution

AAY की आवश्यकता क्यों पड़ी?

भारत में गरीबी के कारण कई परिवार ऐसे थे जो सामान्य गरीबी रेखा से नीचे जीवन जी रहे थे और खाद्यान्न प्राप्त करने में भी कठिनाई महसूस करते थे। इनमें विशेष रूप से शामिल थे—

  • भूमिहीन मजदूर
  • वृद्ध गरीब व्यक्ति
  • विधवा महिलाएँ
  • दिव्यांग व्यक्ति
  • अत्यंत गरीब ग्रामीण परिवार

इन परिवारों के लिए विशेष खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता महसूस हुई।

AAY का उद्देश्य

1. अत्यंत गरीब परिवारों को खाद्य सुरक्षा देना: गरीबी के सबसे निचले स्तर पर रहने वाले परिवारों को सस्ता खाद्यान्न उपलब्ध कराना।

2. भूख और कुपोषण कम करना: कम आय वाले परिवारों में भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करना।

3. सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना: कमजोर वर्गों के लिए खाद्य सुरक्षा कवच बनाना।

AAY की प्रमुख विशेषताएँ

1. लक्षित योजना (Targeted Scheme): AAY सभी लोगों के लिए नहीं है। यह केवल सबसे गरीब परिवारों के लिए बनाई गई है।

2. सार्वजनिक वितरण प्रणाली से संबंध: AAY को Targeted Public Distribution System (TPDS) के अंतर्गत लागू किया गया।

3. अत्यधिक रियायती खाद्यान्न: AAY परिवारों को अत्यंत कम कीमत पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया।

4. सबसे गरीब परिवारों की पहचान: राज्य सरकारों द्वारा पात्र परिवारों की पहचान की जाती है।

AAY के लाभार्थी

प्रारंभिक रूप से AAY में शामिल किए गए गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले सबसे गरीब परिवार बाद में इसमें विभिन्न कमजोर समूहों को शामिल किया गया।

AAY में शामिल प्रमुख समूह

1. भूमिहीन ग्रामीण मजदूर: जिनके पास स्थायी आय का स्रोत नहीं है।

2. सीमांत किसान: छोटी भूमि वाले किसान।

3. वृद्ध एवं कमजोर व्यक्ति: जिनकी आय सीमित है।

4. विधवा महिलाएँ: आर्थिक रूप से कमजोर विधवा महिलाएँ।

5. दिव्यांग व्यक्ति: जिन्हें अतिरिक्त सामाजिक सुरक्षा की आवश्यकता होती है।

AAY और NFSA का संबंध

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013 के बाद AAY को NFSA के अंतर्गत शामिल किया गया।

NFSA के अंतर्गत AAY

AAY परिवारों को प्रति परिवार प्रति माह 35 किलोग्राम खाद्यान्न का प्रावधान जारी रहा।

AAY बनाम NFSA सामान्य लाभार्थी

आधारAAYNFSA सामान्य श्रेणी
लक्षित समूहसबसे गरीब परिवारपात्र परिवार
आधारअत्यधिक गरीबीखाद्य अधिकार
खाद्यान्न35 किग्रा/परिवार/माह5 किग्रा/व्यक्ति/माह
प्रकृतिलक्षित सहायताकानूनी अधिकार

AAY और TPDS

Targeted Public Distribution System (TPDS)

प्रारंभ: 1997 उद्देश्य: गरीब परिवारों को लक्षित करके खाद्यान्न उपलब्ध कराना।

TPDS Structure: FCI → राज्य सरकार → उचित मूल्य दुकान (Fair Price Shop) → लाभार्थी

AAY का गरीबी उन्मूलन में योगदान

1. खाद्य खर्च में कमी: गरीब परिवारों का भोजन पर खर्च कम होता है।

2. खाद्य सुरक्षा: भूख और खाद्य असुरक्षा में कमी आती है।

3. कमजोर वर्गों की सुरक्षा: सबसे गरीब लोगों को प्राथमिकता मिलती है।

4. पोषण सुधार: नियमित खाद्यान्न उपलब्धता से पोषण स्तर बेहतर हो सकता है।

AAY की चुनौतियाँ

1. सही लाभार्थियों की पहचान: सबसे गरीब परिवारों की पहचान कठिन होती है।

2. बहिष्करण त्रुटि (Exclusion Error): कुछ पात्र परिवार योजना से बाहर रह सकते हैं।

3. वितरण व्यवस्था की समस्या:

  • राशन में अनियमितता
  • भ्रष्टाचार
  • रिसाव

4. पोषण की सीमाएँ: केवल अनाज उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है। आवश्यक है—

  • दाल
  • प्रोटीन
  • सूक्ष्म पोषक तत्व

सुधार के उपाय

  • डिजिटल राशन कार्ड
  • आधार आधारित प्रमाणीकरण
  • One Nation One Ration Card
  • बेहतर निगरानी व्यवस्था

UPSC Perspective

प्रश्न 1 अंत्योदय अन्न योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

(A) किसानों को ऋण देना

(B) सबसे गरीब परिवारों को खाद्य सुरक्षा देना

(C) उद्योगों को सहायता देना

(D) निर्यात बढ़ाना

उत्तर: (B)

प्रश्न 2 AAY किससे संबंधित है?

(A) ग्रामीण रोजगार

(B) खाद्य सुरक्षा

(C) स्वास्थ्य बीमा

(D) कौशल विकास

उत्तर: (B)

UPSC Trap Areas

Trap 1 AAY सभी गरीबों के लिए है। ❌ गलत

यह सबसे गरीब परिवारों के लिए है।

Trap 2 AAY और NFSA अलग-अलग खाद्य प्रणाली हैं। ❌ गलत

AAY NFSA के अंतर्गत शामिल है।

Trap 3 AAY रोजगार योजना है। ❌ गलत

यह खाद्य सुरक्षा योजना है।

Frequently Confused Concepts

योजनामुख्य उद्देश्य
मनरेगा (MGNREGA)ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराना
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM)गरीब परिवारों की आजीविका एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देना
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA)पात्र लोगों को खाद्य सुरक्षा का कानूनी अधिकार प्रदान करना
अंत्योदय अन्न योजना (AAY)अत्यंत गरीब परिवारों को रियायती दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराना

Quick Revision Box

तथ्ययाद रखें
शुरुआत25 दिसंबर 2000
उद्देश्यसबसे गरीब परिवारों को खाद्य सुरक्षा
आधारTPDS
NFSA में शामिल2013
खाद्यान्न35 किग्रा/परिवार/माह

📚 गरीबी (Poverty) UPSC Notes – इस अध्याय के सभी भाग

यदि आप UPSC Prelims Economy की पूरी तैयारी करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए सभी भाग क्रमवार पढ़ें।

✅ 1. गरीबी की अवधारणा (पूरा पढ़ें)

  • गरीबी का अर्थ
  • निरपेक्ष गरीबी
  • सापेक्ष गरीबी
  • अत्यधिक गरीबी
  • बहुआयामी गरीबी

👉 पढ़ें: गरीबी UPSC Notes in Hindi | Poverty Concepts & Schemes

✅ 2. भारत में गरीबी का मापन (पूरा पढ़ें)

  • गरीबी का मापन
  • गरीबी रेखा
  • कैलोरी आधारित दृष्टिकोण
  • लकड़ावाला समिति
  • तेंदुलकर समिति
  • रंगराजन समिति
  • World Bank Poverty Line
  • PPP
  • MPI
  • HDI

👉 पढ़ें: भारत में गरीबी का मापन (Poverty Measurement in India) UPSC Notes in Hindi | लकड़ावाला, तेंदुलकर, रंगराजन समिति, MPI, HDI

✅ 3. गरीबी मापन के संकेतक (पूरा पढ़ें)

  • गरीबी अनुपात (Head Count Ratio)
  • Poverty Gap
  • Poverty Severity
  • उपभोग व्यय आधारित मापन

👉 पढ़ें: गरीबी मापन के संकेतक (Indicators of Poverty Measurement) | HCR, Poverty Gap, Poverty Severity, MPCE Notes in Hindi

✅ 4. गरीबी के कारण (पूरा पढ़ें)

  • बेरोजगारी
  • अशिक्षा
  • निम्न आय
  • मुद्रास्फीति
  • जनसंख्या वृद्धि
  • कृषि पर अत्यधिक निर्भरता
  • क्षेत्रीय असमानता
  • सामाजिक असमानता

👉 पढ़ें: गरीबी के कारण एवं समाधान | UPSC Economy Notes in Hindi

📖 5. गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम (आप अभी यही पोस्ट पढ़ रहे हैं)

  • महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा)
  • राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन
  • प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना
  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम
  • अंत्योदय अन्न योजना

👉 यह पोस्ट पढ़ें → जल्द उपलब्ध होगा

➜ 6. भूख एवं कुपोषण

  • कुपोषण
  • अल्पपोषण
  • बौनापन (Stunting)
  • क्षीणता (Wasting)
  • कम वजन
  • एनीमिया
  • वैश्विक भूख सूचकांक

👉 यह पोस्ट पढ़ें → जल्द उपलब्ध होगा


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. भारत में गरीबी उन्मूलन का प्रमुख उद्देश्य क्या है?

भारत में गरीबी उन्मूलन का मुख्य उद्देश्य गरीबी को कम करना, रोजगार के अवसर बढ़ाना, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना, सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना तथा कमजोर एवं वंचित वर्गों के जीवन स्तर में सुधार करना है।

2. MGNREGA क्या है?

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) एक अधिकार-आधारित रोजगार गारंटी कानून है। इसके तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार के इच्छुक वयस्क सदस्यों को प्रति वित्तीय वर्ष 100 दिनों तक अकुशल मजदूरी रोजगार की कानूनी गारंटी प्रदान की जाती है।

3. NRLM का मुख्य उद्देश्य क्या है?

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों को स्वयं सहायता समूह (SHG) के माध्यम से संगठित कर उन्हें स्थायी आजीविका, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

4. NFSA, 2013 क्यों महत्वपूर्ण है?

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013 पात्र लोगों को खाद्य सुरक्षा का कानूनी अधिकार प्रदान करता है। इसके अंतर्गत लगभग 67% भारतीय आबादी को रियायती दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है तथा भूख और कुपोषण को कम करने का प्रयास किया जाता है।

5. AAY किसके लिए शुरू की गई थी?

अंत्योदय अन्न योजना (AAY) समाज के सबसे गरीब एवं अत्यंत कमजोर परिवारों (Poorest of the Poor) को रियायती दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। वर्तमान में यह NFSA के अंतर्गत संचालित की जाती है।

6. UPSC परीक्षा के लिए गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम क्यों महत्वपूर्ण हैं?

UPSC प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा में MGNREGA, NRLM, NFSA, PMGKAY, AAY जैसी योजनाओं से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं। इनके उद्देश्य, विशेषताएँ, लाभार्थी, मंत्रालय, अधिकार-आधारित प्रावधान तथा योजनाओं के बीच अंतर परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

7. MGNREGA और NRLM में क्या अंतर है?

MGNREGA ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों के मजदूरी रोजगार की कानूनी गारंटी प्रदान करता है, जबकि DAY-NRLM स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से स्थायी आजीविका, स्वरोजगार और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देता है।

8. NFSA और AAY में क्या अंतर है?

NFSA पात्र आबादी को खाद्य सुरक्षा का कानूनी अधिकार प्रदान करता है, जबकि AAY विशेष रूप से सबसे गरीब परिवारों के लिए लक्षित खाद्य सुरक्षा योजना है, जिसे NFSA के अंतर्गत शामिल किया गया है।


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