प्रश्न 1: निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प भारतीय संविधान के महत्वपूर्ण संशोधनों की समग्र प्रवृत्ति को सर्वाधिक उचित रूप से व्यक्त करता है?
-
A.
सभी प्रमुख संशोधन संसद की शक्तियाँ बढ़ाने के उद्देश्य से किए गए।
-
B.
सभी प्रमुख संशोधन न्यायपालिका की शक्तियाँ सीमित करने के लिए किए गए।
-
C.
सभी प्रमुख संशोधन केवल संघीय ढाँचे से संबंधित हैं।
-
D.
विभिन्न प्रमुख संशोधन समय-समय पर लोकतांत्रिक शासन, संघवाद, सामाजिक न्याय, स्थानीय स्वशासन तथा संवैधानिक संतुलन जैसी विभिन्न आवश्यकताओं के अनुसार किए गए।
✓
सही उत्तर:
D
— विभिन्न प्रमुख संशोधन समय-समय पर लोकतांत्रिक शासन, संघवाद, सामाजिक न्याय, स्थानीय स्वशासन तथा संवैधानिक संतुलन जैसी विभिन्न आवश्यकताओं के अनुसार किए गए।
व्याख्या (Explanation):भारतीय संविधान के प्रमुख संशोधन एक ही उद्देश्य से प्रेरित नहीं रहे हैं। 42वाँ संशोधन व्यापक संवैधानिक पुनर्गठन, 44वाँ नागरिक स्वतंत्रताओं और लोकतांत्रिक संतुलन, 73वाँ–74वाँ स्थानीय स्वशासन, 101वाँ सहकारी संघवाद तथा 103वाँ सामाजिक न्याय के नए आयाम से संबंधित है। अतः विकल्प D सबसे व्यापक और संवैधानिक दृष्टि से उचित निष्कर्ष प्रस्तुत करता है।
प्रश्न 2: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) 42वाँ, 44वाँ और 101वाँ संविधान संशोधन, तीनों भारतीय संवैधानिक विकास के महत्वपूर्ण चरणों का प्रतिनिधित्व करते हैं। (2) इन तीनों संशोधनों का प्रत्यक्ष संबंध केवल मौलिक अधिकारों से है। (3) तीनों संशोधनों ने संविधान के भिन्न-भिन्न आयामों में संस्थागत परिवर्तन किए।
-
A.
केवल 1 और 3
✓
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 2
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):पहला और तीसरा कथन सही हैं। 42वाँ संशोधन व्यापक संवैधानिक पुनर्संरचना, 44वाँ लोकतांत्रिक संतुलन और 101वाँ राजकोषीय संघवाद से संबंधित है। इनका संबंध केवल मौलिक अधिकारों तक सीमित नहीं है।
प्रश्न 3: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन 44वें संविधान संशोधन के प्रभाव को सर्वाधिक उपयुक्त रूप से व्यक्त करता है?
-
A.
इसने संसद की सर्वोच्चता को न्यायपालिका से ऊपर स्थापित किया।
-
B.
इसने मूल अधिकारों का महत्व कम कर दिया।
-
C.
इसने आपातकालीन व्यवस्था में उत्तरदायित्व और नागरिक स्वतंत्रताओं के संरक्षण को अधिक सुदृढ़ किया।
✓
-
D.
इसने संघीय ढाँचे को एकात्मक व्यवस्था में परिवर्तित कर दिया।
सही उत्तर:
C
— इसने आपातकालीन व्यवस्था में उत्तरदायित्व और नागरिक स्वतंत्रताओं के संरक्षण को अधिक सुदृढ़ किया।
व्याख्या (Explanation):44वें संशोधन ने आपातकाल संबंधी प्रावधानों में सुधार कर नागरिक स्वतंत्रताओं की सुरक्षा और कार्यपालिका पर संवैधानिक नियंत्रण को मजबूत किया। अन्य विकल्प या तो अतिशयोक्तिपूर्ण हैं या तथ्यात्मक रूप से गलत।
प्रश्न 4: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) 97वें संविधान संशोधन के सभी प्रावधान आज भी बिना किसी परिवर्तन के लागू हैं। (2) सर्वोच्च न्यायालय ने संघवाद के सिद्धांत के आधार पर इस संशोधन के कुछ प्रावधानों की वैधता पर विचार किया। (3) बहु-राज्यीय सहकारी समितियों से संबंधित प्रभाव बना रहा।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 2
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
केवल 2 और 3
✓
सही उत्तर:
D
— केवल 2 और 3
व्याख्या (Explanation):पहला कथन गलत है क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय ने राज्यों से संबंधित कुछ प्रावधानों को राज्यों के अनुमोदन के अभाव में असंवैधानिक माना। दूसरा और तीसरा कथन सही हैं। यह प्रश्न संघवाद और संवैधानिक संशोधन के संबंध को परखता है।
प्रश्न 5: निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष 103वें संविधान संशोधन की संवैधानिक प्रकृति को सर्वाधिक उपयुक्त रूप से व्यक्त करता है?
-
A.
इसने सामाजिक न्याय की संवैधानिक अवधारणा के अंतर्गत आर्थिक मानदंड को भी स्थान दिया।
✓
-
B.
इसने सभी प्रकार के आरक्षणों का आधार केवल आर्थिक स्थिति बना दिया।
-
C.
इसने मौजूदा आरक्षण व्यवस्था को समाप्त कर नई व्यवस्था लागू की।
-
D.
इसने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के संवैधानिक प्रावधानों को प्रतिस्थापित कर दिया।
सही उत्तर:
A
— इसने सामाजिक न्याय की संवैधानिक अवधारणा के अंतर्गत आर्थिक मानदंड को भी स्थान दिया।
व्याख्या (Explanation):103वें संशोधन द्वारा EWS के लिए विशेष प्रावधान किए गए, जिससे आर्थिक आधार को भी संवैधानिक रूप से मान्यता मिली। इसने पूर्ववर्ती आरक्षण व्यवस्था को समाप्त या प्रतिस्थापित नहीं किया।
प्रश्न 6: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) 91वें संविधान संशोधन का उद्देश्य केवल मंत्रिपरिषद का आकार सीमित करना था। (2) इस संशोधन का संबंध दल-बदल निरोधक व्यवस्था को सुदृढ़ करने से भी है।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 2
✓
-
C.
1 और 2 दोनों
-
D.
न तो 1, न ही 2
सही उत्तर:
B
— केवल 2
व्याख्या (Explanation):पहला कथन गलत है क्योंकि 91वें संशोधन का उद्देश्य केवल मंत्रिपरिषद का आकार सीमित करना नहीं था; इसने दल-बदल निरोधक कानून को भी अधिक प्रभावी बनाया। दूसरा कथन सही है।
प्रश्न 7: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) 101वें संविधान संशोधन ने भारत में सहकारी संघवाद की एक नई संस्थागत व्यवस्था विकसित की। (2) GST परिषद का प्रत्येक निर्णय संविधान के अनुसार सभी सरकारों पर स्वतः बाध्यकारी होता है। (3) GST परिषद में केंद्र और राज्यों दोनों का प्रतिनिधित्व है।
-
A.
केवल 1 और 3
✓
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 2
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):पहला और तीसरा कथन सही हैं। GST परिषद सहकारी संघवाद का महत्वपूर्ण उदाहरण है और इसमें केंद्र व राज्यों दोनों का प्रतिनिधित्व होता है। दूसरा कथन गलत है क्योंकि परिषद की भूमिका मुख्यतः सिफारिशात्मक मानी जाती है; उसके प्रत्येक निर्णय स्वतः बाध्यकारी नहीं होते।
प्रश्न 8: 73वें एवं 74वें संविधान संशोधनों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सर्वाधिक उपयुक्त है?
-
A.
इन संशोधनों ने राज्यों से स्थानीय स्वशासन संबंधी सभी विधायी शक्तियाँ वापस ले लीं।
-
B.
इन संशोधनों के बाद स्थानीय निकायों को वित्तीय स्वायत्तता स्वतः प्राप्त हो गई।
-
C.
इन संशोधनों ने स्थानीय निकायों को संघीय ढाँचे में राज्यों के समान संवैधानिक दर्जा प्रदान किया।
-
D.
इन संशोधनों ने लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण का संवैधानिक आधार निर्मित किया, परंतु वास्तविक सशक्तिकरण का स्तर राज्यों की नीतियों पर निर्भर रहा।
✓
सही उत्तर:
D
— इन संशोधनों ने लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण का संवैधानिक आधार निर्मित किया, परंतु वास्तविक सशक्तिकरण का स्तर राज्यों की नीतियों पर निर्भर रहा।
व्याख्या (Explanation):73वें और 74वें संशोधनों ने स्थानीय स्वशासन को संवैधानिक आधार दिया, किंतु कार्य, वित्त एवं कर्मियों (3F) का वास्तविक हस्तांतरण राज्यों के विवेक और विधायी व्यवस्था पर निर्भर रहा। इसलिए संवैधानिक दर्जा मिलने का अर्थ पूर्ण स्वायत्तता नहीं है।
प्रश्न 9: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) 42वें संविधान संशोधन ने संसद की संशोधन शक्ति का विस्तार करते हुए संविधान संशोधनों को न्यायिक पुनरावलोकन से बाहर रखने का प्रयास किया। (2) 44वें संविधान संशोधन ने 42वें संशोधन के सभी प्रावधानों को पूर्णतः निरस्त कर दिया। (3) वर्तमान संवैधानिक व्यवस्था में संसद की संशोधन शक्ति संविधान की मूल संरचना के अधीन मानी जाती है।
-
A.
केवल 1 और 2
-
B.
केवल 1 और 3
✓
-
C.
केवल 2 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
B
— केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):पहला कथन सही है क्योंकि 42वें संशोधन द्वारा संसद की संशोधन शक्ति को अत्यधिक व्यापक बनाने तथा न्यायिक पुनरावलोकन को सीमित करने का प्रयास किया गया था। दूसरा कथन गलत है; 44वें संशोधन ने 42वें संशोधन के प्रत्येक प्रावधान को निरस्त नहीं किया। तीसरा कथन सही है क्योंकि संसद की संशोधन शक्ति आज भी मूल संरचना सिद्धांत से सीमित है।
प्रश्न 10: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) 42वाँ, 44वाँ और 101वाँ संविधान संशोधन तीनों का भारतीय संघीय या संवैधानिक संरचना पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ा। (2) इन तीनों संशोधनों का मूल उद्देश्य एक-दूसरे के समान था। (3) इन तीनों संशोधनों ने संविधान के अलग-अलग आयामों में संस्थागत परिवर्तन किए।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
✓
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
C
— केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):पहला और तीसरा कथन सही हैं। 42वें संशोधन ने व्यापक संवैधानिक परिवर्तन किए, 44वें संशोधन ने लोकतांत्रिक संतुलन एवं नागरिक स्वतंत्रताओं को सुदृढ़ किया और 101वें संशोधन ने संघीय कर व्यवस्था को पुनर्गठित किया। तीनों के उद्देश्य समान नहीं थे, अतः दूसरा कथन गलत है।
प्रश्न 11: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन 97वें संविधान संशोधन के संदर्भ में सही है?
-
A.
इसके सभी प्रावधान बिना किसी न्यायिक हस्तक्षेप के पूर्णतः लागू हैं।
-
B.
इसके कुछ प्रावधानों पर सर्वोच्च न्यायालय ने संघवाद के आधार पर निर्णय दिया।
✓
-
C.
इसका संबंध केवल बहु-राज्यीय सहकारी समितियों से है।
-
D.
इसने सहकारी समितियों को न्यायपालिका के नियंत्रण में ला दिया।
सही उत्तर:
B
— इसके कुछ प्रावधानों पर सर्वोच्च न्यायालय ने संघवाद के आधार पर निर्णय दिया।
व्याख्या (Explanation):97वें संविधान संशोधन द्वारा सहकारी समितियों से संबंधित संवैधानिक प्रावधान जोड़े गए। बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने Union of India v. Rajendra N. Shah (2021) में निर्णय दिया कि राज्यों की सहकारी समितियों से संबंधित संशोधन राज्यों के अनुसमर्थन के अभाव में वैध नहीं हैं। हालांकि बहु-राज्यीय सहकारी समितियों से संबंधित प्रावधान प्रभावी बने रहे। इसलिए विकल्प B सही है। यह निर्णय केवल राज्यों की सहकारी समितियों पर लागू भाग-IXB के प्रावधानों तक सीमित था; बहु-राज्यीय सहकारी समितियों से संबंधित प्रावधान अप्रभावित रहे।
प्रश्न 12: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) 44वें संविधान संशोधन ने राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा को अधिक उत्तरदायी बनाने का प्रयास किया। (2) इस संशोधन के बाद "आंतरिक अशांति" के स्थान पर "सशस्त्र विद्रोह" शब्द का प्रयोग किया गया। (3) 44वें संशोधन ने राष्ट्रीय आपातकाल की संवैधानिक व्यवस्था समाप्त कर दी।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
केवल 1 और 2
✓
सही उत्तर:
D
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):पहला और दूसरा कथन सही हैं। 44वें संशोधन ने आपातकाल की घोषणा के लिए "आंतरिक अशांति" के स्थान पर "सशस्त्र विद्रोह" शब्द का प्रयोग किया तथा प्रक्रिया को अधिक उत्तरदायी बनाया। तीसरा कथन गलत है क्योंकि आपातकाल की व्यवस्था समाप्त नहीं की गई।
प्रश्न 13: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) 91वें संविधान संशोधन के बाद दल-बदल के आधार पर अयोग्य घोषित व्यक्ति को पुनः निर्वाचित हुए बिना मंत्री नियुक्त नहीं किया जा सकता। (2) 91वें संविधान संशोधन ने केंद्र एवं राज्यों में मंत्रिपरिषद के आकार पर संवैधानिक सीमा निर्धारित की।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 2
-
C.
1 और 2 दोनों
✓
-
D.
न तो 1, न ही 2
सही उत्तर:
C
— 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):दोनों कथन सही हैं। 91वें संविधान संशोधन द्वारा दल-बदल विरोधी कानून को और कठोर बनाया गया। इसके अनुसार दल-बदल के आधार पर अयोग्य घोषित व्यक्ति, जब तक पुनः निर्वाचित न हो जाए अथवा उसकी अयोग्यता की अवधि समाप्त न हो जाए, मंत्री नियुक्त नहीं किया जा सकता। इसी संशोधन द्वारा केंद्र एवं राज्यों में मंत्रिपरिषद के आकार पर संबंधित सदन की कुल सदस्य संख्या के 15% की संवैधानिक सीमा भी निर्धारित की गई।
प्रश्न 14: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) 101वें संविधान संशोधन ने GST परिषद की स्थापना का प्रावधान किया। (2) GST परिषद में केवल राज्यों के प्रतिनिधि होते हैं। (3) GST परिषद की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री करते हैं।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 1 और 2
-
C.
केवल 2 और 3
-
D.
केवल 1 और 3
✓
सही उत्तर:
D
— केवल 1 और 3
व्याख्या (Explanation):पहला और तीसरा कथन सही हैं। अनुच्छेद 279क के अंतर्गत गठित GST परिषद की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री करते हैं तथा इसमें केंद्र और राज्यों दोनों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। इसलिए दूसरा कथन गलत है।
प्रश्न 15: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन 73वें संविधान संशोधन के संबंध में सर्वाधिक उपयुक्त है?
-
A.
इसने पंचायती राज संस्थाओं के लिए एक समान संवैधानिक ढाँचा उपलब्ध कराया, जबकि राज्यों को विधायी विवरण निर्धारित करने का पर्याप्त अधिकार भी दिया।
✓
-
B.
इसने सभी राज्यों में त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था को बिना किसी अपवाद के अनिवार्य बना दिया।
-
C.
इसने पंचायतों को कराधान की समान एवं अनिवार्य शक्तियाँ प्रदान कीं।
-
D.
इसने पंचायतों को राज्य सरकारों से पूर्णतः स्वतंत्र संवैधानिक निकाय बना दिया।
सही उत्तर:
A
— इसने पंचायती राज संस्थाओं के लिए एक समान संवैधानिक ढाँचा उपलब्ध कराया, जबकि राज्यों को विधायी विवरण निर्धारित करने का पर्याप्त अधिकार भी दिया।
व्याख्या (Explanation):73वें संशोधन ने पंचायती राज संस्थाओं के लिए एक न्यूनतम संवैधानिक ढाँचा निर्धारित किया, परंतु उनकी वास्तविक शक्तियाँ, वित्तीय अधिकार और अनेक प्रशासनिक पहलू राज्य विधानमंडलों पर छोड़े गए।
प्रश्न 16: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) 42वें संविधान संशोधन द्वारा संविधान में भाग-4क जोड़ा गया। (2) 42वें संविधान संशोधन द्वारा प्रस्तावना में "समाजवादी", "पंथनिरपेक्ष" तथा "अखंडता" शब्द जोड़े गए। (3) 42वें संविधान संशोधन द्वारा संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकारों से हटा दिया गया।
-
A.
केवल 1 और 2
✓
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):पहला और दूसरा कथन सही हैं। 42वें संशोधन (1976) द्वारा भाग-4क (मौलिक कर्तव्य) जोड़ा गया तथा प्रस्तावना में "समाजवादी", "पंथनिरपेक्ष" और "अखंडता" शब्द सम्मिलित किए गए। तीसरा कथन गलत है क्योंकि संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकारों से 44वें संविधान संशोधन (1978) द्वारा हटाकर अनुच्छेद 300क के अंतर्गत वैधानिक अधिकार बनाया गया।
प्रश्न 17: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) 42वाँ संशोधन, 44वाँ संशोधन और 101वाँ संशोधन, तीनों ने भारतीय संवैधानिक व्यवस्था के विभिन्न आयामों में संरचनात्मक परिवर्तन किए। (2) इन तीनों संशोधनों का संबंध केवल मौलिक अधिकारों से है।
-
A.
केवल 2
-
B.
केवल 1 गलत है
-
C.
1 और 2 दोनों सही हैं
-
D.
केवल 1
✓
सही उत्तर:
D
— केवल 1
व्याख्या (Explanation):पहला कथन सही है क्योंकि 42वें संशोधन ने संवैधानिक ढाँचे के अनेक पक्षों में व्यापक परिवर्तन किए, 44वें संशोधन ने लोकतांत्रिक संतुलन एवं अधिकारों की रक्षा को सुदृढ़ किया तथा 101वें संशोधन ने संघीय कर व्यवस्था में संरचनात्मक परिवर्तन किया। दूसरा कथन गलत है क्योंकि इनका विषय केवल मौलिक अधिकार नहीं है।
प्रश्न 18: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) 97वें संविधान संशोधन का उद्देश्य सहकारी समितियों में लोकतांत्रिक, स्वायत्त एवं व्यावसायिक प्रबंधन को बढ़ावा देना था। (2) सर्वोच्च न्यायालय ने 97वें संविधान संशोधन के राज्यों की सहकारी समितियों से संबंधित कुछ प्रावधानों को असंवैधानिक घोषित किया, जबकि बहु-राज्यीय सहकारी समितियों से संबंधित प्रावधान अप्रभावित रहे।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 2
-
C.
1 और 2 दोनों
✓
-
D.
न तो 1, न ही 2
सही उत्तर:
C
— 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):दोनों कथन सही हैं। 97वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2011 का उद्देश्य सहकारी समितियों में लोकतांत्रिक, स्वायत्त एवं व्यावसायिक प्रबंधन को बढ़ावा देना था। इसके तहत संविधान में भाग-9ख जोड़ा गया तथा सहकारी समितियों से संबंधित प्रावधान किए गए। बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने राज्यों की सहकारी समितियों पर लागू भाग-9ख के प्रावधानों को, राज्यों के अनुसमर्थन के अभाव में, असंवैधानिक घोषित किया; किंतु बहु-राज्यीय सहकारी समितियों से संबंधित प्रावधान अप्रभावित रहे। इसलिए दोनों कथन सही हैं।
प्रश्न 19: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन 44वें संविधान संशोधन की संवैधानिक भावना को सर्वाधिक उचित रूप से व्यक्त करता है?
-
A.
संसद को असीमित संशोधन शक्ति प्रदान करना।
-
B.
न्यायपालिका को संसद के अधीन करना।
-
C.
आपातकाल के अनुभवों के बाद नागरिक स्वतंत्रताओं और संवैधानिक संतुलन को पुनर्स्थापित करना।
✓
-
D.
स्थानीय स्वशासन को संवैधानिक दर्जा देना।
सही उत्तर:
C
— आपातकाल के अनुभवों के बाद नागरिक स्वतंत्रताओं और संवैधानिक संतुलन को पुनर्स्थापित करना।
व्याख्या (Explanation):44वाँ संशोधन आपातकाल के बाद लोकतांत्रिक संस्थाओं के बीच संतुलन पुनर्स्थापित करने और नागरिक स्वतंत्रताओं की रक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लाया गया। अन्य विकल्प क्रमशः 42वें तथा 73वें/74वें संशोधनों से संबंधित हैं।
प्रश्न 20: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है? (1) भाग-9 — पंचायती राज (2) भाग-9क — नगरपालिकाएँ (3) भाग-9ख — सहकारी समितियाँ
-
A.
केवल 1 और 2
-
B.
1, 2 और 3
✓
-
C.
केवल 2 और 3
-
D.
केवल 1 और 3
सही उत्तर:
B
— 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):तीनों युग्म सही हैं। 73वें संशोधन द्वारा भाग-9, 74वें द्वारा भाग-9क तथा 97वें द्वारा भाग-9ख जोड़ा गया।
प्रश्न 21: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) 102वें संविधान संशोधन ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया। (2) 105वें संविधान संशोधन ने राज्यों की पिछड़े वर्गों की सूची तैयार करने की शक्ति को स्पष्ट किया। (3) 105वें संशोधन ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को समाप्त कर दिया।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
केवल 1 और 2
✓
सही उत्तर:
D
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):102वें संशोधन द्वारा राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया। 105वें संशोधन ने राज्यों की SEBC सूची तैयार करने की शक्ति को पुनः स्पष्ट किया। आयोग को समाप्त नहीं किया गया, अतः तीसरा कथन गलत है।
प्रश्न 22: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) 101वें संविधान संशोधन ने GST परिषद का प्रावधान किया। (2) GST परिषद सहकारी संघवाद का एक संस्थागत उदाहरण मानी जाती है। (3) परिषद की प्रत्येक सिफारिश राज्यों पर स्वतः बाध्यकारी होती है।
-
A.
केवल 1 और 2
✓
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):101वें संविधान संशोधन द्वारा अनुच्छेद 279A के अंतर्गत GST परिषद का प्रावधान किया गया। इसे सहकारी संघवाद का एक महत्वपूर्ण संस्थागत मंच माना जाता है। सर्वोच्च न्यायालय ने Union of India v. Mohit Minerals Pvt. Ltd. (2022) में स्पष्ट किया कि GST परिषद की सिफारिशें विधिक रूप से बाध्यकारी नहीं हैं, बल्कि उनका प्रेरक महत्व है। अतः पहला एवं दूसरा कथन सही तथा तीसरा कथन गलत है।
प्रश्न 23: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन 103वें संविधान संशोधन के संबंध में सही नहीं है?
-
A.
इसने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए विशेष प्रावधान का संवैधानिक आधार प्रदान किया।
-
B.
इसने अनुच्छेद 15 तथा 16 दोनों में नए उपबंध जोड़े।
-
C.
इसने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के आरक्षण की सीमा बढ़ा दी।
✓
-
D.
इसका संबंध आर्थिक आधार पर आरक्षण से है।
सही उत्तर:
C
— इसने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के आरक्षण की सीमा बढ़ा दी।
व्याख्या (Explanation):103वें संशोधन ने EWS के लिए अनुच्छेद 15(6) एवं 16(6) जोड़े, परंतु अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के आरक्षण प्रतिशत में कोई परिवर्तन नहीं किया।
प्रश्न 24: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) 52वें संविधान संशोधन ने दल-बदल के आधार पर अयोग्यता का प्रावधान किया। (2) 91वें संविधान संशोधन ने दल-बदल की स्थिति में विभाजन के आधार पर मिलने वाली छूट को समाप्त कर दिया। (3) 91वें संविधान संशोधन ने दसवीं अनुसूची को निरस्त कर दिया।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 1 और 2
✓
-
C.
केवल 2 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
B
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):52वें संशोधन द्वारा दसवीं अनुसूची जोड़ी गई और दल-बदल विरोधी कानून लागू हुआ। 91वें संशोधन ने एक-तिहाई सदस्यों के आधार पर विभाजन की छूट समाप्त कर दी तथा केवल विलय की व्यवस्था को बनाए रखा। दसवीं अनुसूची समाप्त नहीं की गई।
प्रश्न 25: निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प 73वें और 74वें संविधान संशोधनों के संबंध में सर्वाधिक उपयुक्त है?
-
A.
दोनों संशोधनों ने स्थानीय निकायों को पूर्ण वित्तीय स्वायत्तता प्रदान कर दी।
-
B.
दोनों संशोधनों ने स्थानीय निकायों को संविधान के अधीन संसद के प्रत्यक्ष नियंत्रण में ला दिया।
-
C.
दोनों संशोधनों ने स्थानीय निकायों को न्यायिक निकाय का दर्जा दिया।
-
D.
दोनों संशोधनों ने स्थानीय स्वशासन के लिए संवैधानिक ढाँचा प्रदान किया, परंतु वास्तविक शक्तियों का हस्तांतरण मुख्यतः राज्य विधानमंडलों पर निर्भर रखा।
✓
सही उत्तर:
D
— दोनों संशोधनों ने स्थानीय स्वशासन के लिए संवैधानिक ढाँचा प्रदान किया, परंतु वास्तविक शक्तियों का हस्तांतरण मुख्यतः राज्य विधानमंडलों पर निर्भर रखा।
व्याख्या (Explanation):73वें और 74वें संशोधनों ने पंचायती राज एवं नगरीय निकायों को संवैधानिक दर्जा दिया, किंतु वास्तविक शक्तियों, वित्तीय अधिकारों और कार्यों का हस्तांतरण राज्यों के विधायी एवं प्रशासनिक निर्णयों पर निर्भर है। इसलिए स्थानीय निकायों को स्वतः पूर्ण स्वायत्तता प्राप्त नहीं होती।
प्रश्न 26: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) 42वें संविधान संशोधन द्वारा अनुच्छेद 368 में ऐसे उपबंध जोड़े गए जिनका उद्देश्य संविधान संशोधन अधिनियमों को न्यायिक पुनरावलोकन से बाहर करना था। (2) सर्वोच्च न्यायालय ने बाद में ऐसे उपबंधों को संविधान की मूल संरचना के सिद्धांत के आधार पर असंवैधानिक घोषित किया। (3) 44वें संविधान संशोधन ने न्यायिक पुनरावलोकन की संवैधानिक व्यवस्था समाप्त कर दी।
-
A.
केवल 1 और 2
✓
-
B.
केवल 2 और 3
-
C.
केवल 1 और 3
-
D.
1, 2 और 3
सही उत्तर:
A
— केवल 1 और 2
व्याख्या (Explanation):पहला कथन सही है क्योंकि 42वें संविधान संशोधन द्वारा संसद की संशोधन शक्ति को अत्यधिक व्यापक बनाने तथा न्यायिक पुनरावलोकन को सीमित करने का प्रयास किया गया। दूसरा कथन भी सही है; सर्वोच्च न्यायालय ने Minerva Mills (1980) में अनुच्छेद 368 के ऐसे उपबंधों को संविधान की मूल संरचना के विरुद्ध मानते हुए असंवैधानिक घोषित कर दिया। तीसरा कथन गलत है क्योंकि 44वें संशोधन ने न्यायिक पुनरावलोकन समाप्त नहीं किया, बल्कि संवैधानिक संतुलन को मजबूत किया।
प्रश्न 27: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) 102वें संविधान संशोधन ने अनुच्छेद 342क जोड़ा। (2) 105वें संविधान संशोधन का उद्देश्य राज्यों की सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों की पहचान संबंधी शक्ति को स्पष्ट करना था।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 2
-
C.
न तो 1, न ही 2
-
D.
1 और 2 दोनों
✓
सही उत्तर:
D
— 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):दोनों कथन सही हैं। 102वें संविधान संशोधन द्वारा अनुच्छेद 342क जोड़ा गया, जो सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों की सूची से संबंधित है। इसके बाद उत्पन्न संवैधानिक विवाद और सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के परिप्रेक्ष्य में 105वें संविधान संशोधन द्वारा राज्यों की अपनी SEBC सूची तैयार करने की शक्ति को स्पष्ट रूप से पुनर्स्थापित किया गया।
प्रश्न 28: निम्नलिखित में से कौन-सा संशोधन प्रत्यक्ष रूप से संविधान में अनुच्छेद 15(6) और 16(6) जोड़ने से संबंधित है?
-
A.
102वाँ संविधान संशोधन
-
B.
105वाँ संविधान संशोधन
-
C.
103वाँ संविधान संशोधन
✓
-
D.
91वाँ संविधान संशोधन
सही उत्तर:
C
— 103वाँ संविधान संशोधन
व्याख्या (Explanation):103वें संविधान संशोधन द्वारा अनुच्छेद 15(6) एवं 16(6) जोड़े गए, जिनके माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए आरक्षण का संवैधानिक आधार प्रदान किया गया। 102वाँ संशोधन NCBC, 105वाँ राज्यों की SEBC सूची तथा 91वाँ मंत्रिपरिषद एवं दल-बदल से संबंधित है।
प्रश्न 29: 44वें संविधान संशोधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त है?
-
A.
इसने आपातकाल संबंधी कुछ प्रावधानों में संशोधन कर नागरिक स्वतंत्रताओं को अधिक संरक्षण प्रदान किया।
✓
-
B.
इसने संविधान में मौलिक कर्तव्यों को जोड़ा।
-
C.
इसने पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा दिया।
-
D.
इसने GST व्यवस्था लागू की।
सही उत्तर:
A
— इसने आपातकाल संबंधी कुछ प्रावधानों में संशोधन कर नागरिक स्वतंत्रताओं को अधिक संरक्षण प्रदान किया।
व्याख्या (Explanation):44वें संविधान संशोधन का प्रमुख उद्देश्य आपातकाल के दौरान उत्पन्न अनुभवों के आधार पर नागरिक स्वतंत्रताओं की रक्षा को सुदृढ़ करना था। मौलिक कर्तव्य 42वें संशोधन से, पंचायती राज 73वें संशोधन से तथा GST 101वें संशोधन से संबंधित हैं।
प्रश्न 30: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) 104वें संविधान संशोधन ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए लोकसभा और विधानसभाओं में आरक्षण की अवधि बढ़ाई। (2) इसी संशोधन ने आंग्ल-भारतीय समुदाय के नामांकन का प्रावधान समाप्त किया।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 2
-
C.
न तो 1, न ही 2
-
D.
1 और 2 दोनों
✓
सही उत्तर:
D
— 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):दोनों कथन सही हैं। 104वें संविधान संशोधन (2020) द्वारा अनुच्छेद 334 में संशोधन कर लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जातियों तथा अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण की अवधि अगले दस वर्षों के लिए बढ़ाई गई। साथ ही लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं में आंग्ल-भारतीय समुदाय के नामांकन का प्रावधान समाप्त कर दिया गया।
प्रश्न 31: निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
-
A.
73वाँ संशोधन — भाग-9
-
B.
74वाँ संशोधन — ग्यारहवीं अनुसूची
✓
-
C.
52वाँ संशोधन — दसवीं अनुसूची
-
D.
97वाँ संशोधन — भाग-9ख
सही उत्तर:
B
— 74वाँ संशोधन — ग्यारहवीं अनुसूची
व्याख्या (Explanation):74वें संविधान संशोधन द्वारा बारहवीं अनुसूची जोड़ी गई, न कि ग्यारहवीं अनुसूची। ग्यारहवीं अनुसूची 73वें संशोधन से संबंधित है। अन्य सभी युग्म सही हैं।
प्रश्न 32: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) 97वें संविधान संशोधन द्वारा सहकारी समितियों के संबंध में भाग-9ख जोड़ा गया। (2) सर्वोच्च न्यायालय ने बाद में इस संशोधन के कुछ प्रावधानों को राज्यों से संबंधित विषय होने के कारण निरस्त किया।
-
A.
केवल 1
-
B.
केवल 2
-
C.
1 और 2 दोनों
✓
-
D.
न तो 1, न ही 2
सही उत्तर:
C
— 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):दोनों कथन सही हैं। 97वें संविधान संशोधन द्वारा सहकारी समितियों से संबंधित भाग-IXB जोड़ा गया। बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय दिया कि राज्यों के अधिकार क्षेत्र की सहकारी समितियों पर लागू प्रावधानों के लिए अनुच्छेद 368(2) के अनुसार राज्यों के आधे विधानमंडलों की पुष्टि आवश्यक थी, जो नहीं ली गई थी। इसलिए संशोधन के वे प्रावधान, जो राज्य सहकारी समितियों पर लागू होते थे, असंवैधानिक घोषित किए गए; जबकि बहु-राज्यीय सहकारी समितियों पर इसका प्रभाव बना रहा।
प्रश्न 33: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) 42वें संविधान संशोधन द्वारा मौलिक कर्तव्यों को संविधान में जोड़ा गया। (2) 86वें संविधान संशोधन द्वारा मौलिक कर्तव्यों की संख्या में वृद्धि की गई।
-
A.
केवल 1
-
B.
1 और 2 दोनों
✓
-
C.
केवल 2
-
D.
न तो 1, न ही 2
सही उत्तर:
B
— 1 और 2 दोनों
व्याख्या (Explanation):दोनों कथन सही हैं। 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा संविधान के भाग-4क में अनुच्छेद 51क के अंतर्गत प्रारंभिक 10 मौलिक कर्तव्य जोड़े गए। 86वें संविधान संशोधन (2002) द्वारा एक अतिरिक्त मौलिक कर्तव्य जोड़ा गया, जिसके अनुसार 6 से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराना माता-पिता या अभिभावकों का कर्तव्य है।
प्रश्न 34: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) 44वें संविधान संशोधन ने संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकारों से हटाया। (2) इसके बाद भी संपत्ति का अधिकार संविधान के अंतर्गत पूर्णतः समाप्त हो गया।
-
A.
केवल 2
-
B.
1 और 2 दोनों
-
C.
केवल 1
✓
-
D.
न तो 1, न ही 2
सही उत्तर:
C
— केवल 1
व्याख्या (Explanation):पहला कथन सही है। 44वें संविधान संशोधन द्वारा संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकारों से हटाकर अनुच्छेद 300A के अंतर्गत एक संवैधानिक अधिकार के रूप में रखा गया। इसलिए संपत्ति का अधिकार समाप्त नहीं हुआ, बल्कि उसका स्वरूप बदल गया। दूसरा कथन गलत है।
प्रश्न 35: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) 103वें संविधान संशोधन ने अनुच्छेद 15 और 16 दोनों में नए उपबंध जोड़े। (2) यह संशोधन केवल सरकारी नौकरियों में आरक्षण से संबंधित था।
-
A.
केवल 2
-
B.
दोनों सही हैं
-
C.
दोनों गलत हैं
-
D.
केवल 1
✓
सही उत्तर:
D
— केवल 1
व्याख्या (Explanation):पहला कथन सही है क्योंकि 103वें संशोधन द्वारा अनुच्छेद 15(6) और 16(6) जोड़े गए। दूसरा कथन गलत है क्योंकि यह संशोधन केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं था; इसने शैक्षणिक संस्थानों में भी EWS आरक्षण का प्रावधान किया।
प्रश्न 36: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) 73वें संविधान संशोधन के अंतर्गत ग्राम सभा को संवैधानिक मान्यता प्राप्त हुई। (2) 74वें संविधान संशोधन का संबंध केवल महानगरपालिकाओं से है।
-
A.
केवल 2
-
B.
केवल 1
✓
-
C.
1 और 2 दोनों
-
D.
न तो 1, न ही 2
सही उत्तर:
B
— केवल 1
व्याख्या (Explanation):पहला कथन सही है क्योंकि 73वें संशोधन ने ग्राम सभा को संवैधानिक आधार प्रदान किया। दूसरा कथन गलत है क्योंकि 74वाँ संशोधन केवल महानगरपालिकाओं तक सीमित नहीं है; यह नगर पंचायत, नगरपालिका परिषद तथा नगर निगम सहित सभी प्रमुख शहरी स्थानीय निकायों से संबंधित है।
प्रश्न 37: 86वें संविधान संशोधन के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
-
A.
केवल अनुच्छेद 21क जोड़ा गया।
-
B.
केवल अनुच्छेद 45 में संशोधन किया गया।
-
C.
केवल मौलिक कर्तव्यों में संशोधन किया गया।
-
D.
अनुच्छेद 21क जोड़ा गया, अनुच्छेद 45 में संशोधन किया गया तथा अनुच्छेद 51क में एक नया कर्तव्य जोड़ा गया।
✓
सही उत्तर:
D
— अनुच्छेद 21क जोड़ा गया, अनुच्छेद 45 में संशोधन किया गया तथा अनुच्छेद 51क में एक नया कर्तव्य जोड़ा गया।
व्याख्या (Explanation):86वाँ संशोधन बहुआयामी था। इसके अंतर्गत अनुच्छेद 21क जोड़ा गया, अनुच्छेद 45 में संशोधन किया गया तथा अनुच्छेद 51क में माता-पिता/अभिभावकों का यह कर्तव्य जोड़ा गया कि वे 6 से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराएँ। केवल एक परिवर्तन बताने वाले विकल्प अधूरे हैं।
प्रश्न 38: निम्नलिखित में से (संशोधन - प्रमुख विषय) कौन-सा युग्म सही सुमेलित है? (1) 52वाँ - दल-बदल निरोधक कानून (2) 91वाँ - मंत्रिपरिषद के आकार पर सीमा (3) 101वाँ - वस्तु एवं सेवा कर
-
A.
1, 2 और 3
✓
-
B.
केवल 1 और 2
-
C.
केवल 2 और 3
-
D.
केवल 1 और 3
सही उत्तर:
A
— 1, 2 और 3
व्याख्या (Explanation):तीनों युग्म सही हैं। 52वें संशोधन द्वारा दसवीं अनुसूची जोड़ी गई, 91वें संशोधन ने मंत्रिपरिषद के आकार को सीमित किया तथा दल-बदल संबंधी प्रावधानों को कठोर बनाया, जबकि 101वें संशोधन ने GST की संवैधानिक व्यवस्था स्थापित की।
प्रश्न 39: निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से सही है? (1) 42वें संविधान संशोधन द्वारा संसद की संविधान संशोधन शक्ति को व्यापक बनाने का प्रयास किया गया। (2) 44वें संविधान संशोधन द्वारा न्यायिक पुनरावलोकन की अवधारणा समाप्त कर दी गई।
-
A.
केवल 1
✓
-
B.
केवल 2
-
C.
1 और 2 दोनों
-
D.
न तो 1, न ही 2
सही उत्तर:
A
— केवल 1
व्याख्या (Explanation):42वें संविधान संशोधन ने संसद की संशोधन शक्ति को अधिक व्यापक बनाने तथा न्यायिक समीक्षा पर कुछ सीमाएँ लगाने का प्रयास किया। किंतु 44वें संविधान संशोधन ने न्यायिक पुनरावलोकन को समाप्त नहीं किया। न्यायिक पुनरावलोकन संविधान की मूल संरचना का अभिन्न अंग है। अतः कथन 1 सही तथा कथन 2 गलत है।
प्रश्न 40: संविधान (एक सौ चौथा) संशोधन अधिनियम, 2020 के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
-
A.
इसने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया।
-
B.
इसने GST लागू किया।
-
C.
इसने सहकारी समितियों को संवैधानिक संरक्षण दिया।
-
D.
इसने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में आंग्ल-भारतीय समुदाय के नामांकन की व्यवस्था समाप्त कर दी।
✓
सही उत्तर:
D
— इसने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में आंग्ल-भारतीय समुदाय के नामांकन की व्यवस्था समाप्त कर दी।
व्याख्या (Explanation):104वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2020 द्वारा लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण की अवधि 25 जनवरी 2030 तक बढ़ाई गई तथा आंग्ल-भारतीय समुदाय के नामांकन का प्रावधान समाप्त कर दिया गया।
प्रश्न 41: संविधान (एक सौ पाँचवाँ) संशोधन अधिनियम, 2021 का मुख्य उद्देश्य क्या था?
-
A.
GST परिषद की स्थापना करना
-
B.
शिक्षा के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाना
-
C.
राज्यों की सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों की पहचान करने की शक्ति को स्पष्ट रूप से पुनर्स्थापित करना
✓
-
D.
आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण देना
सही उत्तर:
C
— राज्यों की सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों की पहचान करने की शक्ति को स्पष्ट रूप से पुनर्स्थापित करना
व्याख्या (Explanation):105वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा राज्यों को सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों (SEBC) की अपनी सूची तैयार करने और बनाए रखने की शक्ति स्पष्ट रूप से पुनः प्रदान की गई। यह संशोधन सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद लाया गया। अन्य विकल्प क्रमशः 101वें, 86वें और 103वें संशोधनों से संबंधित हैं।
प्रश्न 42: राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा किस संविधान संशोधन द्वारा प्रदान किया गया?
-
A.
102वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
✓
-
B.
103वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
-
C.
105वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
-
D.
104वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
सही उत्तर:
A
— 102वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
व्याख्या (Explanation):102वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2018 द्वारा राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया तथा 102वें संविधान संशोधन द्वारा अनुच्छेद 338ख, 342क तथा अनुच्छेद 366(26ग) जोड़े गए। 103वाँ संशोधन EWS आरक्षण से तथा 105वाँ संशोधन राज्यों की पिछड़ा वर्ग सूची संबंधी शक्तियों से जुड़ा है।
प्रश्न 43: संविधान (सत्तानवें) संशोधन अधिनियम, 2011 मुख्यतः किससे संबंधित था?
-
A.
मतदान की आयु में कमी
-
B.
आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण
-
C.
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग
-
D.
सहकारी समितियों को संवैधानिक संरक्षण
✓
सही उत्तर:
D
— सहकारी समितियों को संवैधानिक संरक्षण
व्याख्या (Explanation):97वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2011 का उद्देश्य सहकारी समितियों के लोकतांत्रिक, स्वायत्त एवं पेशेवर संचालन को प्रोत्साहित करना था। इसके द्वारा अनुच्छेद 19(1)(ग) में संशोधन, अनुच्छेद 43ख का समावेश तथा संविधान में भाग-9ख जोड़ा गया। बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने राज्यों की सहकारी समितियों से संबंधित भाग-9ख के कुछ प्रावधानों को राज्यों के अनुसमर्थन के अभाव में सीमित रूप से अमान्य घोषित किया, किंतु बहु-राज्यीय सहकारी समितियों पर इसका प्रभाव नहीं पड़ा।
प्रश्न 44: संविधान (इक्यानवें) संशोधन अधिनियम, 2003 का प्रमुख उद्देश्य क्या था?
-
A.
पंचायतों को संवैधानिक दर्जा प्रदान करना
-
B.
मंत्रिपरिषद के आकार को सीमित करना तथा दल-बदल निरोधक प्रावधानों को सुदृढ़ करना
✓
-
C.
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देना
-
D.
वस्तु एवं सेवा कर की व्यवस्था लागू करना
सही उत्तर:
B
— मंत्रिपरिषद के आकार को सीमित करना तथा दल-बदल निरोधक प्रावधानों को सुदृढ़ करना
व्याख्या (Explanation):91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 का उद्देश्य राजनीतिक स्थिरता एवं सुशासन को बढ़ावा देना था। इसके अंतर्गत केंद्र एवं राज्यों में मंत्रिपरिषद का आकार संबंधित सदन की कुल सदस्य संख्या के 15% तक सीमित किया गया तथा दल-बदल निरोधक कानून को और प्रभावी बनाया गया। अन्य विकल्प क्रमशः 73वें, 102वें और 101वें संशोधनों से संबंधित हैं।
प्रश्न 45: आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 10% आरक्षण का प्रावधान किस संविधान संशोधन द्वारा किया गया?
-
A.
102वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
-
B.
104वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
-
C.
105वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
-
D.
103वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
✓
सही उत्तर:
D
— 103वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
व्याख्या (Explanation):103वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 द्वारा अनुच्छेद 15(6) और 16(6) जोड़े गए तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 10% आरक्षण का संवैधानिक प्रावधान किया गया। 102वाँ संशोधन राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग से, 104वाँ आंग्ल-भारतीय नामांकन से तथा 105वाँ राज्यों की पिछड़ा वर्ग सूची संबंधी शक्तियों से जुड़ा है।
प्रश्न 46: वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू करने के लिए संविधान में कौन-सा संशोधन किया गया?
-
A.
101वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
✓
-
B.
102वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
-
C.
103वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
-
D.
105वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
सही उत्तर:
A
— 101वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
व्याख्या (Explanation):101वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2016 द्वारा वस्तु एवं सेवा कर (GST) की संवैधानिक व्यवस्था की गई तथा जीएसटी परिषद के गठन का प्रावधान किया गया। 102वाँ संशोधन राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग से, 103वाँ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) आरक्षण से तथा 105वाँ राज्यों की शक्तियों से संबंधित है।
प्रश्न 47: शिक्षा का अधिकार 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए मौलिक अधिकार किस संशोधन द्वारा बनाया गया?
-
A.
97वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
-
B.
86वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
✓
-
C.
44वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
-
D.
101वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
सही उत्तर:
B
— 86वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
व्याख्या (Explanation):86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा अनुच्छेद 21क जोड़ा गया, जिसके अंतर्गत 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का मौलिक अधिकार प्रदान किया गया। इसी संशोधन से अनुच्छेद 45 तथा अनुच्छेद 51क में भी परिवर्तन हुए।
प्रश्न 48: संविधान में दल-बदल निरोधक कानून को किस संशोधन द्वारा जोड़ा गया?
-
A.
91वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
-
B.
42वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
-
C.
44वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
-
D.
52वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
✓
सही उत्तर:
D
— 52वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
व्याख्या (Explanation):52वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1985 द्वारा संविधान में दसवीं अनुसूची जोड़ी गई, जिसमें दल-बदल निरोधक कानून का प्रावधान किया गया। 91वें संशोधन ने बाद में इस कानून को और कठोर बनाया, परंतु इसकी शुरुआत 52वें संशोधन से हुई।
प्रश्न 49: संविधान में मौलिक कर्तव्यों को किस संशोधन द्वारा जोड़ा गया?
-
A.
44वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
-
B.
86वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
-
C.
42वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
✓
-
D.
52वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
सही उत्तर:
C
— 42वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
व्याख्या (Explanation):42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा संविधान में भाग-4क जोड़कर अनुच्छेद 51क के अंतर्गत प्रारंभ में 10 मौलिक कर्तव्य जोड़े गए। बाद में 86वें संशोधन द्वारा एक अतिरिक्त कर्तव्य जोड़ा गया। 44वाँ एवं 52वाँ संशोधन इस विषय से संबंधित नहीं हैं।
प्रश्न 50: नगरपालिकाओं को संवैधानिक दर्जा किस संविधान संशोधन द्वारा प्रदान किया गया?
-
A.
74वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
✓
-
B.
73वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
-
C.
91वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
-
D.
101वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
सही उत्तर:
A
— 74वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
व्याख्या (Explanation):74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा नगरपालिकाओं को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया तथा संविधान में भाग-9क और बारहवीं अनुसूची जोड़ी गई। 73वाँ संशोधन ग्रामीण स्थानीय शासन के लिए है। 91वाँ और 101वाँ संशोधन अन्य विषयों से संबंधित हैं।
प्रश्न 51: भारतीय संविधान में पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा किस संशोधन द्वारा प्रदान किया गया?
-
A.
42वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
-
B.
74वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
-
C.
97वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
-
D.
73वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
✓
सही उत्तर:
D
— 73वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
व्याख्या (Explanation):73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा दिया गया तथा संविधान में भाग-9 और ग्यारहवीं अनुसूची जोड़ी गई। 74वाँ संशोधन नगर निकायों से संबंधित है, जबकि 97वाँ सहकारी समितियों से संबंधित है।
प्रश्न 52: लोकसभा तथा राज्य विधानसभाओं के चुनाव में मतदान की आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष किस संशोधन द्वारा की गई?
-
A.
44वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
-
B.
61वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
✓
-
C.
74वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
-
D.
91वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
सही उत्तर:
B
— 61वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
व्याख्या (Explanation):61वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1988 द्वारा मतदान की न्यूनतम आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दी गई। इसका उद्देश्य युवाओं की लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ाना था। अन्य विकल्प भिन्न विषयों से संबंधित हैं।
प्रश्न 53: संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकारों की सूची से हटाकर वैधानिक अधिकार किस संशोधन द्वारा बनाया गया?
-
A.
42वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
-
B.
61वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
-
C.
44वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
✓
-
D.
73वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
सही उत्तर:
C
— 44वाँ संविधान संशोधन अधिनियम
व्याख्या (Explanation):44वें संविधान संशोधन द्वारा संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकारों से हटाकर अनुच्छेद 300क के अंतर्गत संवैधानिक वैधानिक अधिकार बनाया गया। 42वाँ संशोधन इससे संबंधित नहीं था, 61वाँ संशोधन मतदान आयु से तथा 73वाँ संशोधन पंचायती राज से संबंधित है।
प्रश्न 54: भारतीय संविधान की प्रस्तावना में 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' तथा 'अखंडता' शब्द किस संवैधानिक संशोधन द्वारा जोड़े गए?
-
A.
42वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1976
✓
-
B.
44वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1978
-
C.
52वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1985
-
D.
73वाँ संशोधन अधिनियम, 1992
सही उत्तर:
A
— 42वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1976
व्याख्या (Explanation):1976 के 42वें संशोधन को 'लघु संविधान' कहा जाता है। इसने प्रस्तावना में 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' और 'अखंडता' शब्द जोड़े तथा मौलिक कर्तव्य (अनुच्छेद 51A) भी जोड़े। 44वाँ, 1978 के इस संशोधन ने संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकारों से हटाया और आपातकाल संबंधी प्रावधान बदले। 52वाँ, 1985 के इस संशोधन से दल-बदल विरोधी कानून (10वीं अनुसूची) जुड़ा। 73वाँ, 1992 के इस संशोधन ने पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा दिया।
प्रश्न 55: कथन (A): महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधनों का अध्ययन केवल संशोधित अनुच्छेदों को याद करने तक सीमित नहीं होना चाहिए। कारण (R): UPSC प्रारंभिक परीक्षा में संवैधानिक संशोधनों से संबंधित प्रश्न केवल संशोधित अनुच्छेदों और संशोधन संख्या पर आधारित तथ्यात्मक जानकारी तक ही सीमित रहते हैं; उनके संवैधानिक प्रभाव या न्यायिक व्याख्या पर प्रश्न नहीं पूछे जाते।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
A सही है पर R गलत है।
✓
-
D.
A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर:
C
— A सही है पर R गलत है।
व्याख्या (Explanation):कथन (A) सही है क्योंकि महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधनों को समझने के लिए केवल संशोधित अनुच्छेदों या संशोधन संख्या को याद करना पर्याप्त नहीं होता; उनके उद्देश्य, संवैधानिक प्रभाव, न्यायिक व्याख्या तथा संघीय एवं संस्थागत परिणामों को भी समझना आवश्यक है। कारण (R) गलत है।
प्रश्न 56: कथन (A): 104वें संविधान संशोधन ने प्रतिनिधित्व की संवैधानिक संरचना में परिवर्तन किया। कारण (R): इस संशोधन ने अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों के आरक्षण की अवधि बढ़ाने के साथ लोकसभा और विधानसभाओं में आंग्ल-भारतीय समुदाय के नामांकन की व्यवस्था समाप्त कर दी।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
A सही है पर R गलत है।
-
D.
A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):दोनों कथन सही हैं तथा कारण, कथन की प्रत्यक्ष व्याख्या करता है। यह संशोधन प्रतिनिधित्व की संरचना में दो महत्वपूर्ण परिवर्तन लेकर आया—आरक्षण की अवधि का विस्तार तथा आंग्ल-भारतीय नामांकन का अंत।
प्रश्न 57: कथन (A): 101वें संविधान संशोधन ने भारत में सहकारी संघवाद की नई वित्तीय संरचना विकसित की। कारण (R): जीएसटी परिषद ऐसी संस्था है जिसमें संघ और राज्यों दोनों की सहभागिता संवैधानिक रूप से सुनिश्चित की गई है।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
A सही है पर R गलत है।
-
D.
A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):दोनों कथन सही हैं। जीएसटी परिषद संघ एवं राज्यों के बीच कर नीति पर सहयोगात्मक निर्णय प्रक्रिया का संवैधानिक मंच है। यही व्यवस्था 101वें संशोधन को सहकारी संघवाद का महत्वपूर्ण उदाहरण बनाती है।
प्रश्न 58: कथन (A): 73वें और 74वें संविधान संशोधनों ने स्थानीय स्वशासन को संवैधानिक दर्जा दिया, परंतु वास्तविक विकेंद्रीकरण की सीमा राज्यों के विधायी एवं प्रशासनिक निर्णयों पर निर्भर रहती है। कारण (R): संविधान की ग्यारहवीं और बारहवीं अनुसूचियाँ केवल संभावित विषयों की सूची देती हैं; शक्तियों का वास्तविक हस्तांतरण राज्य कानूनों से होता है।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
A सही है पर R गलत है।
-
D.
A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):दोनों कथन सही हैं। ग्यारहवीं एवं बारहवीं अनुसूचियाँ विषयों का संकेत देती हैं, लेकिन शक्तियों, वित्त एवं कार्यों का वास्तविक हस्तांतरण राज्यों द्वारा बनाए गए कानूनों पर निर्भर करता है। इसलिए संवैधानिक दर्जा मिलने के बावजूद राज्यों के बीच विकेंद्रीकरण का स्तर भिन्न हो सकता है।
प्रश्न 59: कथन (A): 44वें संविधान संशोधन ने कार्यपालिका की आपातकाल संबंधी शक्तियों पर संस्थागत नियंत्रण बढ़ाया। कारण (R): इस संशोधन ने संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकारों की सूची से हटाकर संवैधानिक अधिकार के रूप में पुनर्स्थापित किया।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
✓
-
C.
A सही है पर R गलत है।
-
D.
A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर:
B
— A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
व्याख्या (Explanation):दोनों कथन सही हैं। 44वें संविधान संशोधन ने आपातकालीन प्रावधानों में अनेक सुरक्षा उपाय जोड़े, जैसे राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा के लिए मंत्रिपरिषद की लिखित सलाह की अनिवार्यता, संसदीय अनुमोदन की प्रक्रिया को अधिक कठोर बनाना तथा कुछ मौलिक अधिकारों की बेहतर सुरक्षा, जिससे कार्यपालिका की आपातकाल संबंधी शक्तियों पर संस्थागत नियंत्रण बढ़ा। दूसरी ओर, इसी संशोधन द्वारा संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकारों की सूची से हटाकर अनुच्छेद 300A के अंतर्गत संवैधानिक (वैधानिक संरक्षण प्राप्त) अधिकार बनाया गया। यह तथ्य सही है, परंतु इसका कार्यपालिका की आपातकाल संबंधी शक्तियों पर संस्थागत नियंत्रण बढ़ने से प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। इसलिए कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता।
प्रश्न 60: कथन (A): 42वें संविधान संशोधन द्वारा संसद की संशोधन शक्ति को विस्तृत करने का प्रयास किया गया, परंतु इससे संविधान की मूल संरचना का सिद्धांत अप्रभावी नहीं हुआ। कारण (R): मूल संरचना सिद्धांत संविधान के पाठ में नहीं, बल्कि न्यायिक व्याख्या से विकसित हुआ है।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
✓
-
C.
A सही है पर R गलत है।
-
D.
A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर:
B
— A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
व्याख्या (Explanation):दोनों कथन सही हैं। 42वें संशोधन ने संसद की संशोधन शक्ति को अधिक व्यापक बनाने का प्रयास किया, किंतु मूल संरचना सिद्धांत, जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने न्यायिक व्याख्या के माध्यम से विकसित किया, संसद की शक्ति पर संवैधानिक सीमा बना रहा। कारण सही है, पर यह इस बात की प्रत्यक्ष व्याख्या नहीं करता कि 42वें संशोधन के बावजूद मूल संरचना क्यों प्रभावी रही; उसके लिए न्यायिक समीक्षा और बाद के निर्णयों की भूमिका भी आवश्यक है।
प्रश्न 61: कथन (A): 73वें और 74वें संविधान संशोधनों ने स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को वित्तीय रूप से पूर्णतः स्वायत्त बना दिया। कारण (R): इन संशोधनों ने प्रत्येक राज्य में राज्य वित्त आयोग की व्यवस्था की।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
A सही है पर R गलत है।
-
D.
A गलत है पर R सही है।
✓
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):कथन गलत है क्योंकि इन संशोधनों ने स्थानीय निकायों को पूर्ण वित्तीय स्वायत्तता नहीं दी; वित्तीय सुदृढ़ीकरण हेतु संस्थागत व्यवस्था प्रदान की। कारण सही है क्योंकि राज्य वित्त आयोग का प्रावधान किया गया।
प्रश्न 62: कथन (A): 44वें संविधान संशोधन ने राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा के आधार को अधिक कठोर बनाया। कारण (R): इस संशोधन ने "आंतरिक अशांति" के स्थान पर "सशस्त्र विद्रोह" को राष्ट्रीय आपातकाल का आधार बनाया।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
A सही है पर R गलत है।
-
D.
A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):दोनों कथन सही हैं। 44वें संविधान संशोधन ने राष्ट्रीय आपातकाल लगाने की शर्तों को अधिक कठोर बनाया। "आंतरिक अशांति" के स्थान पर "सशस्त्र विद्रोह" को आधार बनाने से आपातकाल की घोषणा की सीमा संकीर्ण हुई। इसलिए कारण कथन, कथन की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 63: कथन (A): 42वें संविधान संशोधन ने संसद की संविधान संशोधन शक्ति को अधिक सुदृढ़ करने तथा न्यायपालिका की भूमिका को सीमित करने का प्रयास किया। कारण (R): 42वें संविधान संशोधन द्वारा संविधान की प्रस्तावना में "समाजवादी", "पंथनिरपेक्ष" तथा "अखंडता" शब्द जोड़े गए।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
✓
-
C.
A सही है पर R गलत है।
-
D.
A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर:
B
— A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
व्याख्या (Explanation):दोनों कथन सही हैं। 42वें संविधान संशोधन ने संसद की संशोधन शक्ति को सुदृढ़ करने तथा न्यायिक नियंत्रण को सीमित करने का प्रयास किया। इसी संशोधन द्वारा प्रस्तावना में "समाजवादी", "पंथनिरपेक्ष" और "अखंडता" शब्द भी जोड़े गए। किंतु प्रस्तावना में ये शब्द जोड़े जाने का संबंध न्यायिक नियंत्रण को सीमित करने के प्रयास की प्रत्यक्ष व्याख्या नहीं करता। इसलिए A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
प्रश्न 64: कथन (A): 97वें संविधान संशोधन ने सहकारी समितियों से संबंधित सभी प्रावधानों को सभी राज्यों में पूर्णतः लागू कर दिया। कारण (R): बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य सहकारी समितियों से संबंधित संशोधन के कुछ भागों को संघवाद के आधार पर अमान्य घोषित किया।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
A सही है पर R गलत है।
-
D.
A गलत है पर R सही है।
✓
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):कथन गलत है। 97वें संशोधन के राज्य सहकारी समितियों से जुड़े कुछ प्रावधानों को सर्वोच्च न्यायालय ने आवश्यक राज्यों की पुष्टि (Ratification) के अभाव में संघवाद के सिद्धांत के आधार पर अमान्य ठहराया, जबकि बहुराज्यीय सहकारी समितियों से जुड़े प्रावधान प्रभावी रहे। कारण सही है।
प्रश्न 65: कथन (A): 86वें संविधान संशोधन ने केवल मौलिक अधिकारों में परिवर्तन किया। कारण (R): इसी संशोधन ने अनुच्छेद 45 तथा अनुच्छेद 51क में भी परिवर्तन किए।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
A सही है पर R गलत है।
-
D.
A गलत है पर R सही है।
✓
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):कथन गलत है क्योंकि 86वें संशोधन ने केवल अनुच्छेद 21क (मौलिक अधिकार) ही नहीं जोड़ा, बल्कि अनुच्छेद 45 में संशोधन तथा अनुच्छेद 51क में माता-पिता/अभिभावकों का मूल कर्तव्य भी जोड़ा। कारण सही है।
प्रश्न 66: कथन (A): 74वें संविधान संशोधन के बाद सभी नगरपालिकाओं को समान शक्तियाँ और उत्तरदायित्व अनिवार्य रूप से प्राप्त हो गए। कारण (R): संविधान राज्यों को विधि द्वारा नगरपालिकाओं की शक्तियाँ निर्धारित करने का अधिकार देता है।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
A सही है पर R गलत है।
-
D.
A गलत है पर R सही है।
✓
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):कथन गलत है क्योंकि 74वें संशोधन ने नगरपालिकाओं को संवैधानिक दर्जा दिया, पर उनकी शक्तियाँ एवं उत्तरदायित्व राज्यों द्वारा बनाए गए कानूनों पर निर्भर रहते हैं; सभी नगरपालिकाओं को समान शक्तियाँ स्वतः प्राप्त नहीं होतीं। कारण सही है क्योंकि संविधान यही व्यवस्था करता है।
प्रश्न 67: कथन (A): 73वें संविधान संशोधन के अंतर्गत ग्राम पंचायतों के नियमित निर्वाचन सुनिश्चित करने हेतु राज्य निर्वाचन आयोग की व्यवस्था की गई। कारण (R): स्वतंत्र एवं नियमित स्थानीय निकाय चुनावों के लिए पृथक संवैधानिक निर्वाचन तंत्र आवश्यक माना गया।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
A सही है पर R गलत है।
-
D.
A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):दोनों कथन सही हैं। 73वें संशोधन द्वारा राज्य निर्वाचन आयोग का गठन स्थानीय निकायों के स्वतंत्र, निष्पक्ष और नियमित चुनाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया। कारण सीधे कथन का औचित्य स्पष्ट करता है।
प्रश्न 68: कथन (A): 44वें संविधान संशोधन द्वारा राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा केवल प्रधानमंत्री की सलाह पर की जा सकती है। कारण (R): 44वें संशोधन ने यह अनिवार्य किया कि राष्ट्रपति को मंत्रिपरिषद की लिखित सलाह प्राप्त हो।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
A सही है पर R गलत है।
-
D.
A गलत है पर R सही है।
✓
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):कथन गलत है क्योंकि राष्ट्रीय आपातकाल राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद की लिखित सलाह पर घोषित करते हैं, केवल प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत सलाह पर नहीं। कारण सही है क्योंकि 44वें संशोधन ने लिखित सलाह की संवैधानिक अनिवार्यता स्थापित की। UPSC का सामान्य ट्रैप "प्रधानमंत्री" और "मंत्रिपरिषद" के बीच अंतर को अनदेखा करना होता है।
प्रश्न 69: कथन (A): 42वें संविधान संशोधन ने नीति-निर्देशक सिद्धांतों (डीपीएसपी) की संवैधानिक स्थिति को सुदृढ़ करने का प्रयास किया। कारण (R): इसी संशोधन द्वारा कुछ नए नीति-निर्देशक सिद्धांत जोड़े गए तथा मौलिक अधिकारों और नीति-निर्देशक सिद्धांतों के संबंध में परिवर्तन किए गए।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
A सही है पर R गलत है।
-
D.
A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):दोनों कथन सही हैं। 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा समान न्याय एवं निःशुल्क विधिक सहायता (अनुच्छेद 39A), उद्योगों के प्रबंधन में श्रमिकों की भागीदारी (अनुच्छेद 43A) तथा पर्यावरण संरक्षण (अनुच्छेद 48A) जैसे नए नीति-निर्देशक सिद्धांत जोड़े गए। साथ ही अनुच्छेद 31C का विस्तार कर नीति-निर्देशक सिद्धांतों को अधिक संरक्षण देने का प्रयास किया गया। ये सभी परिवर्तन डीपीएसपी की संवैधानिक स्थिति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किए गए थे। इसलिए कारण कथन की उचित व्याख्या करता है।
प्रश्न 70: कथन (A): 86वें संविधान संशोधन द्वारा शिक्षा का अधिकार केवल नीति-निर्देशक तत्व के रूप में जोड़ा गया। कारण (R): 86वें संविधान संशोधन द्वारा अनुच्छेद 21क (21A) जोड़ा गया।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
A सही है पर R गलत है।
-
D.
A गलत है पर R सही है।
✓
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):कथन गलत है। 86वें संविधान संशोधन (2002) द्वारा 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों के लिए शिक्षा का अधिकार अनुच्छेद 21A के अंतर्गत मौलिक अधिकार बनाया गया। कारण सही है।
प्रश्न 71: कथन (A): 74वें संविधान संशोधन द्वारा नगरपालिकाओं को संवैधानिक दर्जा दिया गया। कारण (R): इस संशोधन द्वारा ग्राम सभा को संवैधानिक मान्यता दी गई।
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A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
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B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
A सही है पर R गलत है।
✓
-
D.
A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर:
C
— A सही है पर R गलत है।
व्याख्या (Explanation):कथन सही है। 74वें संविधान संशोधन द्वारा नगरपालिकाओं को संवैधानिक दर्जा दिया गया तथा संविधान में भाग-IXA जोड़ा गया। कारण गलत है क्योंकि ग्राम सभा का प्रावधान 73वें संविधान संशोधन से संबंधित है।
प्रश्न 72: कथन (A): 73वें संविधान संशोधन ने पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया। कारण (R): इस संशोधन द्वारा संविधान में भाग-IX जोड़ा गया।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
A सही है पर R गलत है।
-
D.
A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):दोनों कथन सही हैं। 73वें संविधान संशोधन (1992) द्वारा संविधान में भाग-IX जोड़ा गया, जिसके माध्यम से पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया। इसलिए कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 73: कथन (A): 61वें संविधान संशोधन द्वारा लोकसभा की अवधि पाँच वर्ष से छह वर्ष कर दी गई। कारण (R): 61वें संविधान संशोधन द्वारा मतदान की आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष की गई।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
A सही है पर R गलत है।
-
D.
A गलत है पर R सही है।
✓
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है।
व्याख्या (Explanation):कथन गलत है। लोकसभा की अवधि छह वर्ष करना 42वें संविधान संशोधन से संबंधित था, जिसे बाद में 44वें संशोधन द्वारा पुनः पाँच वर्ष कर दिया गया। कारण सही है क्योंकि 61वें संविधान संशोधन (1988) द्वारा मतदान की आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दी गई।
प्रश्न 74: कथन (A): 52वें संविधान संशोधन द्वारा दल-बदल निरोधक प्रावधान जोड़े गए। कारण (R): इसी संशोधन द्वारा संविधान में दसवीं अनुसूची जोड़ी गई।
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A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
✓
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
A सही है पर R गलत है।
-
D.
A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):दोनों कथन सही हैं। 52वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1985 द्वारा दल-बदल विरोधी कानून लागू किया गया और इसी उद्देश्य से संविधान में दसवीं अनुसूची (Tenth Schedule) जोड़ी गई। दसवीं अनुसूची ही दल-बदल निरोधक प्रावधानों का संवैधानिक आधार है। अतः कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
प्रश्न 75: कथन (A): 44वें संविधान संशोधन द्वारा संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकार बनाए रखा गया। कारण (R): 44वें संविधान संशोधन के बाद संपत्ति का अधिकार अनुच्छेद 300क के अंतर्गत वैधानिक (कानूनी) अधिकार के रूप में संरक्षित किया गया।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
-
B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
A सही है पर R गलत है।
-
D.
A गलत है पर R सही है.
✓
सही उत्तर:
D
— A गलत है पर R सही है.
व्याख्या (Explanation):कथन गलत है। 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकारों से हटाकर अनुच्छेद 300क के अंतर्गत वैधानिक (संवैधानिक-वैधानिक) अधिकार बनाया गया। कारण सही है। इसलिए सही उत्तर D है।
प्रश्न 76: कथन (A): 42वें संविधान संशोधन द्वारा संविधान की प्रस्तावना में "समाजवादी", "पंथनिरपेक्ष" तथा "अखंडता" शब्द जोड़े गए। कारण (R): 42वें संविधान संशोधन का उद्देश्य संविधान के कुछ मूल वैचारिक तत्वों को प्रस्तावना में स्पष्ट रूप से अभिव्यक्त करना भी था।
-
A.
A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
✓
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B.
A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं है।
-
C.
A सही है पर R गलत है।
-
D.
A गलत है पर R सही है।
सही उत्तर:
A
— A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या है।
व्याख्या (Explanation):दोनों कथन सही हैं। 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा प्रस्तावना में "समाजवादी", "पंथनिरपेक्ष" तथा "राष्ट्र की अखंडता" से संबंधित शब्द जोड़े गए। इसका उद्देश्य संविधान की वैचारिक प्रतिबद्धताओं को अधिक स्पष्ट रूप से अभिव्यक्त करना था। अतः कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।